samacharsecretary.com

योगी राज में बेटी और व्यापारी हुए सुरक्षित, तो दिखने लगा प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर

विकसित यूपी @2047 :  आत्मनिर्भर हो रही नारी, बम्पर हुआ व्यापार'  यूपी ले रहा नया अवतार : लक्ष्मी हुईं सुरक्षित तो बढ़ने लगा अर्थ-व्यापार  – योगी राज में बेटी और व्यापारी हुए सुरक्षित, तो दिखने लगा प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर – 2017 से पहले महिला श्रम भागीदारी दर सिर्फ 13.5%, आज बढ़कर 34.5% – औद्योगिक ऋण 3.54 लाख करोड़ से बढ़कर 9.24 लाख करोड़ पहुंचा  – 2047 तक महिला भागीदारी दर पुरुषों के बराबर लाने का योगी सरकार का लक्ष्य – विनिर्माण निर्यात और एफडीआई में देश में नंबर-1 बनेगा यूपी – 2047 तक यूपी की जीडीपी 6 ट्रिलियन डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य, देश की अर्थव्यवस्था में देगा 20% का योगदान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बीते साढ़े आठ साल में किये गये लगातार प्रयासों के फलीभूत प्रदेश में आज बेटी और व्यापारी दोनों सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यही वजह है कि लक्ष्मी स्वरूप महिलाएं स्वयं को तेजी से सशक्त बना रही हैं, साथ ही प्रदेश में उद्योग-व्यापार का माहौल स्थापित होने लगा है। इसी सोच के साथ अब सीएम योगी ने "विकसित यूपी @2047" का विजन सामने रखा है, जिसमें आत्मनिर्भर नारी और बम्पर व्यापार को राज्य की प्रगति का मूल आधार माना गया है। 2017 से पहले की स्थिति साल 2017 से पहले प्रदेश कई चुनौतियों से घिरा हुआ था। गुंडाराज, माफिया तंत्र और अपराध ने प्रदेश में सबसे ज्यादा परेशान महिलाओं और उद्यमियों तथा व्यापारियों को कर रखा था। बेटियां स्कूल-कॉलेज जाने से भी डरती थीं, तो वहीं व्यापारी या तो गुंडा टैक्स और रंगदारी देने के मजबूर थे या प्रदेश से पलायन करने को बाध्य। बेरोजगारी दर 6.2 प्रतिशत थी और लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (एलएफपीआर) मात्र 44.6 प्रतिशत रह गया था। सबसे बड़ी चिंता महिला श्रम भागीदारी दर की थी, जो सिर्फ 13.5 प्रतिशत पर अटकी हुई थी। निवेशक प्रदेश में आने से हिचकिचा रहे थे और कई फैक्ट्रियां बंद होने के कगार पर पहुंच चुकी थीं। औद्योगिक गतिविधियां ठप पड़ने लगी थीं और रोजगार का संकट गहराता जा रहा था। 2017 से 2025 : बदलाव की नई इबारत योगी सरकार ने बीते साढ़े आठ साल में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। अपराधी या तो जेल की सलाखों के पीछे नजर आने लगे या परलोक सिधार गये, बचे खुचे अपनी जान की परवाह करते हुए प्रदेश छोड़कर भाग खड़े हुए। इसके बाद महिला सुरक्षा के साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण के द्वार तो खुले ही निवेश के क्षेत्र में भी व्यापक तौर पर बुनियादी बदलाव दिखने शुरू हो गये। प्रदेश का एलएफपीआर 44.6 प्रतिशत से बढ़कर 56.9 प्रतिशत हो गया। महिला श्रम भागीदारी दर में भी ऐतिहासिक उछाल आया और यह 13.5 से बढ़कर सीधे 34.5 प्रतिशत तक पहुंच गई। बेरोजगारी दर घटकर 3 प्रतिशत पर आ गई और अकेले एमएसएमई सेक्टर से 1.65 करोड़ रोजगार सृजित हुए। औद्योगिक ऋण 3.54 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 9.24 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा। इसी दौरान 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर समझौते हुए, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर उतर भी चुकी हैं। उद्योग और व्यापार को मिली नई पहचान योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को नया जीवन मिला है। पंजीकृत फैक्ट्रियों की संख्या 14,169 से बढ़कर 27,295 तक हो गई हैं। 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत 77 उत्पादों को जीआई टैग मिला है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर पहले स्थान पर पहुंच गया है। एमएसएमई इकाइयों की संख्या 96 लाख हो गई, जो पूरे देश में सबसे अधिक है। यह न सिर्फ रोजगार सृजन का बड़ा जरिया बना, बल्कि वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश की पहचान भी मजबूत हुई है। 2047 का विजन : आत्मनिर्भर नारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि 'विकसित यूपी @2047' का सबसे अहम स्तंभ महिला सशक्तिकरण है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक प्रदेश में महिला श्रम भागीदारी दर 50 प्रतिशत हो और 2047 तक यह पुरुषों के बराबर पहुंचे। इसके लिए महिलाओं को 'स्टेम' (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स) शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। किशोरी कल्याण, पोषण व स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त किया जाएगा। महिला श्रमिकों के लिए 2030 और 2047 तक उनकी जरूरत के हिसाब से हर शहर में हॉस्टल की व्यवस्था की जाएगी। 2047 का विजन : बम्पर व्यापार और निवेश सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक विनिर्माण निर्यात में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक बने और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के मामले में भी शीर्ष पर पहुंचे। प्रदेश की पांच औद्योगिक कंपनियों को फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की सूची में शामिल कराने का रोडमैप तैयार है। इसके लिए एयरोस्पेस, डिफेंस प्रोडक्शन, अपैरल्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल और सेमीकंडक्टर को रणनीतिक स्तंभ बनाया गया है। ग्रीन और टेक्नोलॉजी आधारित विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में भविष्य का उद्योग केवल रोजगार नहीं देगा, बल्कि सतत विकास का मॉडल भी बनेगा। इसी दिशा में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत ढांचा, टेक्नोलॉजी एडॉप्शन और एमएसएमई को ग्लोबल वैल्यू चेन में शामिल करने पर खास जोर दिया जा रहा है। 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य 'विकसित यूपी @2047' के तहत राज्य ने 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए 2025 से 2047 तक औसतन 16 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखनी होगी। वर्तमान में प्रदेश की जीडीपी 353 बिलियन डॉलर है, जो 2030 तक 1000 बिलियन, 2036 तक 2000 बिलियन और 2047 तक 6000 बिलियन डॉलर तक पहुंचाई जाएगी। उस समय प्रति व्यक्ति आय 26 लाख रुपये तक होगी और यूपी देश की कुल जीडीपी में 20 प्रतिशत योगदान देगा।  

आश्विन कृष्ण चतुर्थी, गुरुवार को महंत अवेद्यनाथ जी की स्मृति में होगी श्रद्धांजलि सभा

सामाजिक समरसता और राम मंदिर के लिए युगों तक याद रहेंगे राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ आश्विन कृष्ण चतुर्थी, गुरुवार को महंत अवेद्यनाथ जी की स्मृति में होगी श्रद्धांजलि सभा गोरखनाथ मंदिर में जारी श्रद्धांजलि सप्ताह का होगा समापन, सीएम योगी सहित कई संतजन रहेंगे मौजूद गोरखपुर  गोरक्षपीठ में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि पर जारी साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह गुरुवार (11 सितंबर) को संपन्न हो जाएगा। आश्विन कृष्ण चतुर्थी, गुरुवार को वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूज्य गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के विराट व्यक्तित्व का स्मरण कर उन्हें शब्दों और भावों की श्रद्धांजलि दी जाएगी। सामाजिक समरसता को ही आजीवन ध्येय मानने वाले श्रीराम मंदिर आंदोलन के नायक ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ का स्मरण सदैव एक ऐसे संत के रूप में होता है जिनमें समूचे राष्ट्र के सनातनियों की आस्था है।  नाथपंथ की लोक कल्याण की परंपरा को धर्म के साथ राजनीति से भी संबद्ध कर महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने पांच बार मानीराम विधानसभा और चार बार गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी किया।  श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए हुए आंदोलन को निर्णायक पड़ाव देने के लिए इस राष्ट्रसंत को निश्चित ही युगों-युगों तक याद किया जाएगा। 18 मई 1919 को गढ़वाल (उत्तराखंड) के ग्राम कांडी में जन्में महंत अवेद्यनाथ का बचपन से ही धर्म, अध्यात्म के प्रति गहरा झुकाव था। उनके इस जुड़ाव को विस्तृत आयाम नाथपंथ के विश्वविख्यात गोरक्षपीठ में महंत दिग्विजयनाथ के सानिध्य में मिला। गोरक्षपीठ में उनकी विधिवत दीक्षा 8 फरवरी 1942 को हुई और वर्ष 1969 में महंत दिग्विजयनाथ की आश्विन तृतीया को चिर समाधि के बाद 29 सितंबर को वह गोरखनाथ मंदिर के महंत व पीठाधीश्वर बने। योग व दर्शन के मर्मज्ञ पीठाधीश्वर के रूप में उन्होंने अपने गुरुदेव के लोक कल्याणकारी व सामाजिक समरसता के आदर्शों का फलक और विस्तारित किया। यह सिलसिला 2014 में आश्विन कृष्ण चतुर्थी को उनके चिर समाधिस्थ होने तक अनवरत जारी रहा। अयोध्या में प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए गोरक्षपीठ की तीन पीढ़ियों का योगदान स्वर्णाक्षरों में अंकित है। महंत दिग्विजयनाथ ने अपने जीवनकाल में मंदिर आंदोलन में क्रांतिकारी नवसंचार किया तो उनके बाद इसकी कमान संभाली महंत अवेद्यनाथ ने। नब्बे के दशक में उनके ही नेतृत्व में श्रीराम मंदिर आंदोलन को समग्र, व्यापक और निर्णायक मोड़ मिला। आंदोलन की ज्वाला गांव-गांव तक प्रज्वलित हुई। महंत अवेद्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति और श्रीराम जन्मभूमि निर्माण उच्चाधिकार समिति के अध्यक्ष के रूप में आंदोलन में संतो, राजनीतिज्ञों और आमजन को एकसूत्र में पिरोया। यह भी सुखद संयोग है कि पांच सदी के इंतजार के बाद अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण उनके शिष्य योगी आदित्यनाथ की देखरेख में हुआ है। महंत अवेद्यनाथ वास्तविक अर्थों में धर्माचार्य थे। धर्म के मूल मर्म सामाजिक समरसता को उन्होंने अपने जीवनपथ का उद्देश्य बनाया। आजीवन उन्होंने हिन्दू समाज से छुआछूत और ऊंच-नीच के भेदभाव को समाप्त करने के लिए वृहद अभियान चलाया। अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बरहपंथ योगी महासभा के अध्यक्ष के रूप में महंतजी ने देशभर के संतों को भी अपने इसी अभियान से जोड़ा। अपने स्पष्ट विचारों के चलते पूरे देश के संत समाज में अति सम्माननीय रहे महंत अवेद्यनाथ दक्षिण भारत के मीनाक्षीपुरम में दलित समाज के सामूहिक धर्मांतरण की घटना से बहुत दुखी हुए। इस तरह की पुनरावृत्ति उत्तर भारत में न हो, इसी कारण से धर्म के साथ उन्होंने राजनीति की भी राह चुनी। उनका ध्येय हिन्दू समाज की कुरीतियों को दूर कर पूरे समाज को एकजुट करना था। इसे लेकर उन्होंने दलित बस्तियों में सहभोज अभियान शुरू किया जहां जातिगत विभेद से परे सभी लोग एक पंगत में भोजन करते। काशी में डोमराजा के घर संत समाज के साथ भोजन कर महंतजी ने सामाजिक समरसता का देशव्यापी संदेश दिया। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने दलित कामेश्वर चौपाल के हाथों राम मंदिर के भूमिपूजन की पहली ईंट रखवाई। महंत अवेद्यनाथ सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए प्रभु श्रीराम और देवी दुर्गा के उद्धरणों से संदेश देते थे। ऐसे संदेश उनकी दिनचर्या में शामिल थे। महंतलोगों को व्यावहारिक रूप में समझाते थे कि प्रभु श्रीराम ने शबरी के जूठे बेर खाए, निषादराज को गले लगाया, गिद्धराज जटायु का अंतिम संस्कार अपने हाथों किया, वनवास के दौरान वनवासियों से मित्रता की तो इसके पीछे उनकी सोच समरस समाज की स्थापना ही थी। वह बताते थे कि देवी दुर्गा की आठ भुजाएं समाज के चारों वर्णों से दो-दो भुजाओं की प्रतीक हैं। समाज के ये चारों वर्ण एकजुट हो जाएंगे तो वह भी देवी दुर्गा की भांति इतने सशक्त होंगे कि किसी भी शक्तिशाली पर नियंत्रण पा लेंगे। ठीक वैसे ही जैसे अष्टभुजी देवी दुर्गा सबसे तेज तर्रार और शक्तिशाली जीव शेर पर सवारी करती हैं।  महंत अवेद्यनाथ के नाम राजनीति के क्षेत्र में भी अनूठा रिकार्ड है। उन्होंने पांच बार (1962, 1967, 1969, 1974 व 1977) मानीराम विधानसभा सीट और चार बार (1970, 1989,1991 व 1996) गोरखपुर सदर संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व किया था। वह अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के उपाध्यक्ष व महासचिव के रूप में भी प्रतिष्ठित रहे।

झुग्गी-झोपड़ी पर बुलडोजर कार्रवाई: रांची में भाकपा माले ने जताया विरोध

रांची झारखंड में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी- लेनिनवादी) की रांची नगर कमेटी के सुहैल अंसारी ने कहा कि रांची के हटिया में एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाने के नाम पर 30-40 वर्षों से रह रहे लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाकर 100 से अधिक घरों को तोड़ जाने की घटना को गलत बताया और कड़ा रोष व्यक्त किया है। भाकपा माले ने कहा कि रांची राज्य की राजधानी है और रोजगार की संभावनाओं से भरा शहर है इसलिए विभिन्न जिलों से लोग सुनहरे भविष्य की तलाश में यहां आते हैं। इनमें असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, घरेलू काम करने वाली महिलाएं, निर्माण मजदूरों और सफाई कर्मियों के लिए ये झुग्गियां जीवन का आधार हैं, उनके बिना वैकल्पिक रहने की व्यवस्था किए बुलडोजर चलाना अनुचित है। भाकपा माले ने सरकार से मांग की है कि जिन लोगों के घर उजड़े हैं, उनके लिए तुरंत रहने की व्यवस्था की जाए। साथ ही, जहां ये झुग्गियां थीं, वहां की सड़क, बिजली, पानी और राशन जैसी बुनियादी सुविधाएं पुन: बहाल कराई जाएं। भाकपा माले ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के नफरती एजेंडे को बाबूलाल मरांडी बढ़ावा दे रहे हैं। भाजपा के विधानसभा क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई हुई, जिसमें सैकड़ों लोग बेघर हुए, लेकिन भाजपा ने ध्यान नहीं दिया। भाजपा केवल बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर जनता को भ्रमित कर रही है। भाकपा माले रांची नगर कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया तो उनका आंदोलन और तेज होगा।  

कलेक्टर का सख्त आदेश: छिंदवाड़ा में ई-अटेंडेंस में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, शिक्षक होंगे जिम्मेदार

छिंदवाड़ा  ई-अटेंडेंस (e-attendance) नहीं लगाने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई तय है, ई अटेंडेंस नहीं भरने वाले वि‌द्यालय इंचार्ज की सूची मांगते हुए छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा है कि उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की उपस्थिति एवं समय पालन शिक्षा की गुणवत्ता का मूल आधार है, इसलिए इस व्यवस्था में ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट में हुई बैठक कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने  कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी जीएस बघेल, सहायक संचालक शिक्षा जनजातीय कार्य विभाग उमेश सातनकर, डीपीसी जगदीश इड़पाचे, जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, एपीसी, बीआरसीसी उपस्थित रहे।  जेईई एवं नीट परीक्षा की तैयारी जेईई एवं नीट (JEE-NEET Exam) की तैयारी तेज समीक्षा बैठक के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी जीएस बघेल ने सरकारी स्कूलों में संचालित जेईई एवं नीट कक्षाओं की वार्षिक कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी विकासखंडों में शिक्षक-विद्यार्थियों के वॉट्सएप ग्रुप बनाकर ऑनलाइन टेस्ट लिए जाएंगे। उनका रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा। विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार नया पाठ्यक्रम कक्षा 11 वीं और 12 वीं के साथ जोड़ा गया है। पालकों के घरों में होगी पेरेंट-टीचर मीटिंग कलेक्टर ने नवाचार करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं शिक्षकों को निर्देश दिए कि अब पेरेंट-टीचर मीटिंग (Parent-teacher meeting) सीधे पालकों के घरों में आयोजित होगी। प्रत्येक 15 दिन में कम से कम एक पालक के घर में बैठक की व्यवस्था की जाएगी, ताकि अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। कलेक्टर ने शिक्षकों से आत्ममंथन करते हुए वेतन अनुरूप कार्य करने की उमीद की है। उन्होंने कहा कि हर शिक्षक को स्वयं से यह प्रश्न करना चाहिए कि उन्हें जो वेतन और सुविधाएं मिलती हैं, क्या वे उसके अनुरुप अपने कर्तव्यों का इमानदारी से निर्वहन कर रहे हैं। नियमित संचालित हों रेमेडियल कक्षाएं कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने रेमेडियल कक्षाएं लगातार संचालित करने के निर्देश देते हुए कमजोर वि‌द्यार्थियों की कमियों को दूर करने के निर्देश दिए ताकि वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन नहीं करने वाले अतिथि शिक्षकों पर कार्यवाही करने के दिए निर्देश भी दिए हैं, उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिथि शिक्षक यदि अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन नहीं कर रहे हैं तो उन्हें तत्काल हटाया जाए। उन्होंने अतिथि शिक्षकों को नियमित और समय पर कक्षाएं नहीं लेने पर सेवाएं समाप्त करने की हिदादयत दी। 

शिक्षा में उत्कृष्टता की पहचान: प्रो. नम्रता वडेरा सम्मानित

समराला  पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के समाज विज्ञान विषय की प्रो. डॉ. नम्रता वडेरा को कर्नाटक के बेंगलुरु में डॉ. एस. राधाकृष्णन शिक्षक कल्याण संघ की ओर से ‘भारत शिक्षा रत्न अवॉर्ड’ दिए जाने पर कुलपति डॉ. जगदीप सिंह ने सम्मानित किया। डॉ. नम्रता विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान एवं सामाजिक मानव विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। कुलपति डॉ. जगदीप सिंह ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि शिक्षकों को सम्मान मिलने से संस्थान की गरिमा में वृद्धि होती है। डॉ. नम्रता वडेरा ने बताया कि देशभर के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से 22 शिक्षकों को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि डॉ. एस. राधाकृष्णन शिक्षक कल्याण संघ भारत का अपनी तरह का सबसे बड़ा राष्ट्रीय संगठन है, जिसमें सभी राज्यों से सदस्य शामिल होते हैं। यह संघ शिक्षा क्षेत्र में कुशलता एवं पेशेवर दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने के लिए यह अवॉर्ड प्रदान करता है। उल्लेखनीय है कि डॉ. नम्रता वडेरा को इससे पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

EOU ने किया बड़ा खुलासा, बिहार में पकड़ा गया आधार फर्जीवाड़ा गिरोह, 3 साइबर अपराधी गिरफ्तार

पटना बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आधार फर्जीवाड़ा के मामले में साइबर अपराधियों के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मधेपुरा जिले से 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि 09 सितम्बर 2025 को आर्थिक अपराध इकाई, पटना के निर्देशन व मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने मधेपुरा जिले में छापेमारी की। इस दौरान राम प्रवेश कुमार,नितीश कुमार और विकास कुमार को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्तगण नकली वेबसाइटें (जैसे – ayushman.site, UCL इत्यादि) बनाकर, ECMP Software व UCL Source Code का दुरुपयोग करते थे। इन वेबसाइटों के माध्यम से लोगों के आधार और बायोमेट्रिक डेटा की चोरी की जाती थी और फिर उसका उपयोग कर फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए जाते थे। अभियुक्तों द्वारा बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से बचने के लिए सिलिकॉन फिंगर प्रिंट का इस्तेमाल करते थे, जिससे उन्हें आसानी से ECMP को एक्सेस करने का रास्ता मिल जाता था। इसके बाद यह लोग आधार डाटा में हेरफेर कर सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग करते थे। गिरोह न सिर्फ़ आधार से जुड़ी सेवाओं में सेंध लगाता था बल्कि आम नागरिकों की पहचान व निजी जानकारी से खिलवाड़ कर राष्ट्रीय सुरक्षा व डेटा संरक्षण के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा था। इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई में आईटी एक्ट 2000 की विभिन्न धाराओं एवं IPC की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं और अन्य शामिल व्यक्तियों व नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।  

Asia Cup में सूर्या ब्रिगेड को UAE कैसे देगी मात? कप्तान ने खोला राज़

नई दिल्ली  भारत और पाकिस्तान के बीच आज एशिया कप 2025 में मैच होने वाला है। टीम इंडिया इस मैच को जीतने की प्रबल दावेदार लग रही है। हालांकि, UAE के कप्तान ने अब हुंकार भरते हुए बताया है कि कैसे वो टीम इंडिया को हरा सकते हैं। उन्होंने अपना गेम प्लान सामने रखा और ये भी कहा कि टीम इंडिया के खिलाफ मैच को वो बड़ा नहीं मान रहे हैं। ‘कोई बड़ा मैच नहीं’ UAE के कप्तान मुहम्मद वसीम का एक इंटरव्यू हुआ। इसमें उनसे टीम इंडिया से मैच के बारे में पूछा गया, जहां उन्होंने कहा कि वो सभी मैचों को बराबरी का मानते हैं। वसीम ने कहा, ‘हम इस मैच को बड़ी बात नहीं मानेंगे, क्योंकि सभी टीमें अच्छी हैं। सभी मैच सेम ही होंगे लेकिन जिस गर्मी में और जैसे हम मेहनत कर रहे हैं, हम अपने प्लान के साथ जाएंगे। हमने जो चीजें सीखी हैं, उस दिन हमें करना है। नतीजा मैच के ऊपर है।’   सूर्या ब्रिगेड को कैसे रोकेंगे? मुहम्मद ने इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने पूरी भारतीय टीम के खिलाफ प्लान बनाया हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमने किसी एक खिलाड़ी के खिलाफ प्लान तैयार नहीं किया है। हमने सभी 6-7 बल्लेबाजों के लिए प्लान बनाया है। उनकी जो ताकत है, हम उसे नहीं, बल्कि कमजोरी को निशाना बनाकर उन्हें आउट करने की कोशिश करेंगे। कुछ खिलाड़ियों के खिलाफ हम ध्यान से खेलेंगे और जिनपर हमला करना है, उन्हें निशाना बनाएंगे। हमने कुछ ऐसा प्लान बनाया है।’ होम कंडीशन का मिलेगा फायदा UAE के कप्तान ने इंटरव्यू में कहा कि वो हर बल्लेबाज के हिसाब से प्लान बदलेंगे और होम कंडीशन का फायदा उठाएंगे। उन्होंने कहा, ‘जब भी ड्यू होती है, तो स्पिनर्स का उतना प्रभाव नहीं होता। मौसम कैसा रहता है, उसपर चीजें निर्भर होंगी। जैसा मैंने आपको बताया कि जैसा गेंदबाज है, उसे वैसा खेलेंगे और जैसा बल्लेबाज होगा, उसे वैसी गेंदबाजी की जाएगी। हम यहां बहुत क्रिकेट खेलते हैं। ये भी बोल सकते हैं कि भारत और पाकिस्तान भी यहां बहुत खेले हैं। हालांकि, यह हमारा घर है और हम कोशिश करेंगे कि ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाकर अच्छी क्रिकेट खेले।’

राहुल गांधी वापस जाओ! रायबरेली पहुंचते ही विरोध, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने संभाला मोर्चा

रायबरेली लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। उनके दौरे का प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने विरोध किया। लखनऊ प्रयागराज हाईवे पर बैठकर राहुल के काफिले को रोक दिया। हाईवे पर समर्थकों के साथ मंत्री दिनेश हाईवे पर बैठ गए। इस दौरान नारेबाजी होने लगी है। राहुल गांधी वापस जाओ के नारे लगाए। करीब 20 मिनट तक का काफिला रुका रहा। इस दौरान पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। सांसद राहुल गांधी बुधवार को दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे। लखनऊ से रायबरेली आते समय हरचंदपुर क्षेत्र के गुलुपुर के पास उनका विरोध किया गया। प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और कार्यकर्ता लखनऊ प्रयागराज हाईवे पर बैठ गए। राहुल गांधी वापस जाओ के नारे लगाए। करीब 20 मिनट तक राहुल गांधी का काफिला रुका रहा। इस दौरान कार्यकर्ता उत्तेजित हो गए। हालांकि मंत्री ने उन्हें समझाया तब जाकर समर्थक शांत हुए। मंत्री दिनेश सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। बिहार में उनकी मौजूदगी में प्रधानमंत्री की मां को गाली दी गई। यह किसी तरह से समाज के लिए ठीक नहीं है। प्रदेश सरकार के मंत्री के विरोध के चलते पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। काफी देर तक वहां अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस को हालात सामान्य करने में काफी समय लगा। किसी तरह राहुल के काफिले को आगे बढ़ाया गया। इससे पहले राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट पहुचे थे। लखनऊ एयरपोर्ट पर कोंग्रेसियों ने भव्य स्वागत किया।. राहुल लखनऊ एयरपोर्ट से रायबरेली के लिए रवाना हुए थे। राहुल गांधी सड़क मार्ग से रायबरेली पहुंचे थे।  

कोर्ट ने लिया कड़ा फैसला: पृथ्वी शॉ को लड़की से छेड़छाड़ मामले में लगाया जुर्माना

नई दिल्ली  भारतीय टीम से दूर चल रहे पृथ्वी शॉ इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। पृथ्वी शॉ को कोर्ट से झटका लगा है। मुंबई की डिंडोशी सेशंस कोर्ट ने उन्हें जवाब ना दाखिल करने के मामले में 100 रुपए का जुर्माना लगाया है। फरवरी 2023 में शॉ का विवाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सपना गिल के साथ हुआ था। अब इस मामले पर कोर्ट ने शॉ पर जुर्माना ठोका है। अदालत ने ठोका जुर्माना पृथ्वी शॉ कोर्ट को जवाब नहीं दे रहे थे। ऐसे में अब कोर्ट ने उनसे नाराजगी जताते हुए 100 रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत की ओर से शॉ को 13 जून 2025 को आखिरी जवाब देने का मौका दिया गया था। लेकिन स्टार खिलाड़ी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 9 सितंबर को 100 रुपये का जुर्माना लगाते हुए उन्हें जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है। क्या था विवाद? फरवरी 2023 में मुंबई के एक होटल में पृथ्वी शॉ और सपना गिल के बीच विवाद हुआ था, जिसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। शॉ और सपना के बीच सेल्फी को लेकर विवाद हुआ था। इस घटना के बाद सपना गिल ने पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की। लेकिन उस वक्त केस दर्ज नहीं हुआ था। इसके बाद सपना गिल ने मजिस्ट्रेट कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।   4 साल से भारतीय टीम से दूर शॉ 4 साल से भारतीय टीम से दूर चल रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए आखिरी मुकाबला साल 2021 में खेला था। इसके बाद वह लगातार भारतीय टीम से दूर हैं। शॉ को आईपीएल 2025 के लिए भी कोई खरीदार नहीं मिला था। वह मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड रहे थे। अब तक भारत के लिए शॉ ने 5 टेस्ट मैच में 339 रन बनाए हैं। इसके अलावा उन्होंने 6 वनडे मैच में 31.50 की औसत के साथ 189 रन बनाए हैं। वहीं 1 टी-20 में शॉ ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। लेकिन बल्लेबाजी में उन्हें मौका नहीं मिला था। आईपीएल करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक स्टार बल्लेबाज ने 79 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 1892 रन बनाने के अलावा 14 अर्धशतक बनाए हैं।  

विधायक भाटी का साफ संदेश- पर्यावरण बचाओ, खेजड़ी और ऑक्सीजन के लिए ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लाओ

जयपुर राजस्थान विधानसभा के युवा और तेजतर्रार चेहरे शिव विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी ने अमर उजाला से खास बातचीत में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने की जितनी घोषणाएं की गईं, वे सब केवल कागजों तक सीमित हैं, धरातल पर स्थिति बेहद निराशाजनक है। भाटी ने कहा कि खेजड़ी बचाओ आंदोलन लंबे समय से चल रहा है और इसे पूरे प्रदेश के लोगों, व्यापारियों और समाज का व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि वर्तमान सरकार वह करे, जो पहले किसी सरकार ने नहीं किया। ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लागू कर खेजड़ी और अन्य पेड़ों को कानूनी सुरक्षा दे। यह सरकार के खाते में बड़ी उपलब्धि होगी। सरकार का दावा है कि पिछले दो साल में 17-18 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं। इस पर सवाल उठाते हुए भाटी ने कहा कि जब इतने करोड़ पेड़ लगाए गए तो धरातल पर क्यों नहीं दिखते? एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत करोड़ों पौधे लगाने का दावा हुआ, लेकिन जमीन पर स्थिति अलग है। वास्तव में ये पेड़ सिर्फ कागजों पर लगे हैं। विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि अगर पिछले पांच साल में जितने पेड़ लगाने की बातें हुईं, उतने पेड़ सचमुच लग गए होते तो राजस्थान हरा-भरा होता। करोड़ों रुपये का फंड खर्च हुआ, लेकिन असलियत शून्य है। सरकार पहले लगे पेड़ों को बचाए, नए लगाने की जल्दबाजी न करे। भाटी ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा की मांग रखी थी, परंतु पक्ष-विपक्ष के हंगामे में विषय दब गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सदन के अंदर बैठे लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं? ग्लोबल वार्मिंग पर दुनिया चर्चा कर रही है, ऐसे में हमारी विरासत खेजड़ी को बचाना आवश्यक है। केर-सांगरी की सब्जी के बढ़ते फैशन का उदाहरण देते हुए भाटी बोले कि खेजड़ी सबको चाहिए, पर इसे बचाने की बात करने में नेताओं की सांस फूल रही है। मैं बड़े नेताओं से कहना चाहूंगा कि यह केवल जैसलमेर-बाड़मेर का मुद्दा नहीं, पूरे राजस्थान की जरूरत है। जो इस पर बोलेंगे, जनता उन्हें सर माथे पर बिठाएगी। भाटी ने स्पष्ट कहा कि यह कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को ऑक्सीजन देने का संघर्ष है। उन्होंने सरकार को दो-टूक संदेश दिया कि जल्द से जल्द ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।