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पानी-पानी झज्जर: महिलाओं का विरोध, बादली रोड पर लगाया ताला

झज्जर  झज्जर की लाल सिंह कॉलोनी में तीन दिन से हो रहे जल भराव से परेशान महिलाओं का सब्र शनिवार को टूट गया। कॉलोनी की दर्जनों महिलाओं ने झज्जर-बादली रोड पर उतरकर प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे लगातार तीन दिन से डीसी कार्यालय जाकर शिकायत कर रही हैं, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जाम के कारण करीब आधे घंटे तक झज्जर-बादली रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। स्थिति को गंभीर होता देख पुलिस ने नगर परिषद के कर्मचारियों को तत्काल मौके पर बुलाया। नगर परिषद की टीम ने जल निकासी के लिए पंप सेट लगाए और पानी निकालने का कार्य शुरू किया। इसके बाद महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया गया। जाम हटने के बाद झज्जर-बादली रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य हो सकी।महिलाओं का कहना है कि कॉलोनी में जल भराव के कारण घरों में घुटनों तक पानी भरा है। बच्चों और बुजुर्गों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कई घरों में नालियों का गंदा पानी भर गया है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।

ड्रग माफिया पर बड़ी कार्रवाई, मुंबई में 12 गिरफ्तार और 12 हजार करोड़ का खुलासा

मुंबई  मुंबई से सटे मिरा-भायंदर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए हैदराबाद में चल रही अब तक की सबसे बड़ी एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस फैक्ट्री से 32,000 लीटर ड्रग्स का कच्चा माल, खतरनाक केमिकल, और मशीनें भी जब्त की है। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा जब्त की गई इस खेप की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 12 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। 12 हजार करोड़ का माल बरामद पुलिस ने दावा किया है कि ड्रग्स का ये बड़ा नेटवर्क महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से ऑपरेट किया जा रहा था। इस नेटवर्क का पर्दाफाश होने से देश भर में ड्रग्स की सप्लाई चेन को तगड़ा झटका लगेगा। बता दें कि पुलिस मिरा रोड में दर्ज एक मामले की जांच में जुटी थी, महज 25 लाख कीमत के 200 ग्राम ड्रग्स की जड़ें जब खंगाली गई तो पुलिस इसके सुराग तलाशते हुए हैदराबाद की इस फैक्ट्री तक जा पहुंची और 32 हजार लीटर का कच्चा माल आदि बरामद किया। पुलिस ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 12 हजार करोड़ रुपए है। फल बेचने की आड़ में तस्‍करी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुछ दिनों पहले बांद्रा इलाके में केले बेचने की आड़ में ठेले पर एमडी ड्रग्स बेचने के आरोप में एक बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है. इस आरोपी की पहचान 60 वर्ष के मोहम्मद अली अब्दुल गफ्फार शेख के रूप में हुई है और आरोपी के पास से 35 लाख रुपये कीमत की 153 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई है. इसके बाद मोहम्मद अली अब्दुल के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लियागया था. नेवी को मिली थी बड़ी सफलता इस साल भारतीय नौसेना के अग्रणी युद्धपोत आइएनएस तरकश ने पश्चिमी हिंद महासागर में 2,500 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त की थी. 31 मार्च को नौसेना को कुछ जहाजों की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी. इसके बाद अभियान चलाकर ये ड्रग्स जब्त किए गए थे. इस ड्रग्स में 2,386 किलोग्राम हशीश और 121 किलोग्राम हेरोइन था. यह सीलबंद पैकेटों में भरी हुई थी. पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क का कनेक्शन अंडरवर्ल्ड के किसी गैंग या पड़ोसी मुल्क समेत किसी इंटरनेशनल माफिया से जुड़ा हो सकता है। इस जड़ें खंगाली जा रही है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। बता दें कि पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मुंबई भेजे जाते थे ड्रग्स यह ड्रग्स फैक्ट्री में तैयार किए जाते थे और फिर स्थानीय आरोपियों और एजेंट्स के द्वारा यह ड्रग्स मुंबई भेजे जाते थे। कैमिकल फैक्ट्री के नामपर इस जगह बड़े पैमाने पर ड्रग्स का कारोबार हो रहा था। 1 महीने की निगरानी के बाद छापेमारी अनुमान के अनुसार, अब तक हजारों किलोग्राम मेफेड्रोन नामक ड्रग्स बनाकर बाजार में सप्लाई किए जा चुके हैं। मुंबई पुलिस ने टिप के आधार पर मिया भयंदर पुलिस, वसाई विरार पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर पिछले 1 महीने से इस पूरे प्रकरण पर नजर रखी थी। जानकारी पुख्ता होने के बाद पुलिस ने 60 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की। 12 लोग हिरासत में पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। महिला का नाम फातिमा मुराद शेख अलियास मोल्लाह है, जिसकी उम्र 23 वर्ष के आसपास है। आरोपी महिला के पास 24 लाख रुपये के ड्रग्स भी बरामद हुए हैं। कौन है मुख्य आरोपी? वहीं, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी एक आईटी एक्सपर्ट है, जो कैमिकल फैक्ट्री के नाम पर इसका दुरुपयोग कर रहा था। इस ड्रग रैकेट में विदेशियों के भी शामिल होने की आशंका है। पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। कैसे हुआ ड्रग फैक्ट्री का खुलासा पुलिस को पिछले कई दिनों से जानकारी मिल रही थी कि मीरा-भायंदर इलाके में बड़ी मात्रा में ड्रग्स तैयार की जा रही है. इसके बाद पुलिस की एक टीम ने जाल बिछाकर छापेमारी की. पुलिस की गाड़ी देखते ही वहां मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर 12 लोगों को धर दबोचा. 32,000 लीटर कच्ची ड्रग्स बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस को करीब 32,000 लीटर कच्ची ड्रग्स मिली. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन ड्रग्स को प्रोसेस करके अंतरराष्ट्रीय बाजार साथ-साथ देश के दूसरे हिस्सों में बेचने की तैयारी की जा रही थी. बरामद ड्रग्स की कीमत करीब ₹12,000 करोड़ आंकी गई है. जोकि ड्रग्स बहुत बड़ी खेप है. मीरा-भायंदर पुलिस ने कहा कि यह हाल के समय की सबसे बड़ी कार्रवाई है. ₹12,000 करोड़ की ड्रग्स जब्त करना बड़ी सफलता है. उन्होंने बताया कि जांच अभी जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े और लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा. ड्रग्स के खिलाफ सरकार सख्त पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र पुलिस और एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने कई जगहों पर बड़ी ड्रग्स फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है. महाराष्ट्र सरकार भी लगातार कह रही है कि ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी. ये ड्रग्स माफिया अक्सर युवाओं को अपना शिकार बनाते है. जिसको लेकर सरकार लगातार एक्शन मोड में है. पहले भी पकड़ी जा चुकी है ड्रग्स की खेप बता दें बीते अप्रैल के महीने में साकीनाका पुलिस ने वसई की एमके ग्रीन फैक्ट्री में छापेमारी कर 8 करोड़ रुपये का 4 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की थी. इस मामले में 3 आरोपियों सादिक शेख, सिराज पंजवानी और सय्यद ईरानी की गिरफ्तारी हुई थी. वहीं बार्शी में भी ड्रग्स रैकेट पकड़ा गया था, जिसमें 7 लोगों को हिरासत में लिया गया था.  

छात्रों के लिए मेडिकल कॉलेज रायपुर में 65 करोड़ की लागत से बनेगा छात्रावास : मुख्यमंत्री साय

बस्तर–सरगुजा सहित दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस कैंसर के शोध, रोकथाम और इलाज में उपयोगी साबित होगी एरोकॉन 2025 संगोष्ठी रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में वित्तीय संसाधन कभी बाधा नहीं बनेंगे। मुख्यमंत्री  साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश चैप्टर के दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ कर विशेषज्ञों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज रायपुर के छात्रों के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से नए छात्रावास निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों मरीज आज विशेषज्ञ चिकित्सकों के परिश्रम और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों के कारण संजीवनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए शोध से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश में अनेक मरीजों का इलाज संभव हुआ है। जीएसटी में कैंसर की दवाइयों और उपकरणों को सस्ता किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है।  साय ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया जा रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकारी अस्पताल नवीनतम तकनीक अपनाने में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कैंसर की पहचान में बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसे तेजी से शामिल कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर रही है और नये मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार हर विकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नये अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एरोकॉन 2025 संगोष्ठी कैंसर की रोकथाम और उपचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एरोकॉन 2025 के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। इससे इस बीमारी के इलाज में नये आयाम खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यभारत के अन्य राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनों के माध्यम से यहां चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रायपुर राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिकतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ होंगे, मानसिक रोगियों के लिए पृथक चिकित्सालय और नेचुरोपैथी कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा में 232 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों की वृद्धि की जाएगी तथा रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी नवीनतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ चिकित्सकगण, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

कोर्ट ने रेप केस में आशीष कपूर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा

मुंबई  रेप के आरोप में अरेस्ट टीवी एक्टर आशीष कपूर की मुश्क‍िलें बढ़ गई हैं. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने आशीष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. दिल्ली पुलिस ने एक्टर को पुणे से गिरफ्तार किया था. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि अगस्त में दिल्ली में एक हाउस पार्टी हुई ती. इस दौरान आशीष ने वॉशरूम में उनके साथ रेप किया. एक्टर का हुआ पोटेंसी टेस्ट वहीं बीते दिन यानी शुक्रवार को एक्टर आशीष कपूर का एक मेडिकल पोटेंसी टेस्ट  AIIMS में कराया गया है. जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि यह रिपोर्ट कथित रेप मामले में बहुत ही महत्वपूर्ण सबूत के रूप में काम करेगी. क्या होता है पोटेंसी टेस्ट? दरअसल रेप के मामलों में पुलिस ये टेस्ट तब करवाती है, जब आरोपी खुद को नपुंसक बता कर बचने की कोशिश करता है. ऐसे में ये टेस्ट रेप के मामलों में अहम सबूत के तौर पर माना जाता है. ये टेस्ट तीन चरणों में हो सकता है. पहला सीमन एनालिसिस या वीर्य की जांच. इस दौरान स्पर्म काउंट और मोबिलिटी देखी जाती है. दूसरा पीनाइल डॉपलर अल्ट्रासाउंड में पुरुषों के प्राइवेट पार्ट के अंदर ब्लड फ्लो को देखा जाता है. ये अल्ट्रासाउंड की मदद से होता है. इससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन का पता लगता है. इसके अलावा विजुअल इरेक्शन एग्जामिशनेशन भी किया जाता है.  आखिर क्या है पूरा मामला आशीष कपूर ने अगस्त के महीने में दोस्तों के साथ हाउस पार्टी की थी. पुलिस के मुताबिक पीड़िता की आशीष कपूर के साथ इंस्टाग्राम पर मुलाकात हुई और दोनों दोस्त बने थे. बाद में पार्टी का प्लान बना, जिसमें पीड़िता भी शामिल हुई. पीड़िता ने ये भी दावा किया कि घटना की वीडियोग्राफी हुई थी, लेकिन पुलिस को अब तक वीडियो नहीं मिला है.  कौन हैं एक्टर आशीष कपूर? आशीष कपूर टीवी के फेमस एक्टर हैं. इसके अलावा इन्होंने फिल्मों में भी काम किया है. जिसमें 'कुर्बान', 'टेबल नंबर 21', 'इनकार' जैसी फिल्में शामिल हैं. इसके अलावा 'शश्श… फिर कोई है', 'ससुराल सिमर का 2', 'ये रिश्ता क्या कहलाता है', 'साथ फेरे' जैसे टीवी शो में नजर आ चुके हैं.

टैक्स विवाद के बाद ब्रिटेन की उप-प्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने छोड़ा पद

लंदन  ब्रिटेन की उप-प्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने संपत्ति कर यानी टैक्स से जुड़ी गलती स्वीकार करने के बाद शुक्रवार को अपना इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की लेबर सरकार के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है। रेनर ने कहा कि उन्होंने एक स्वतंत्र जाँच की रिपोर्ट मिलने के बाद इस्तीफा देने का फैसला किया है। इस रिपोर्ट में यह पाया गया कि उन्होंने कानूनी सलाह की पूरी सावधानी नहीं बरती और मंत्रिस्तरीय संहिता का उल्लंघन किया। क्या है मामला एंजेला रेनर पर यह आरोप था कि उन्होंने संपत्ति कर का भुगतान सही तरीके से नहीं किया। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने कई बार सफाई दी थी, लेकिन स्वतंत्र जांच में उनके खिलाफ पाया गया कि उन्होंने प्राप्त कानूनी सलाह को ठीक से नहीं समझा और उसका पालन नहीं किया। इस कारण वे मंत्रिस्तरीय संहिता के नियमों के उल्लंघन में शामिल मानी गईं। लेबर सरकार के लिए बड़ा झटका रेनर का इस्तीफा ब्रिटेन की लेबर सरकार के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। वे सरकार की दूसरी सबसे बड़ी नेता थीं और उनके इस्तीफे से सरकार की छवि पर असर पड़ा है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है और कहा है कि वे स्थिति को संभालने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। 

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने धनबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मांगी राय, जिला अध्यक्ष चयन पर चर्चा

  धनबाद  झारखंड के धनबाद में कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्ष चयन की प्रक्रिया चल रही है. राहुल गाँधी के निर्देशानुसार धनबाद में जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर नियुक्त मुख्य पर्यवेक्षक सह कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और पर्यवेक्षक विधायक दिनेश गुजर कांग्रेस पार्टी के एक एक कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी राय ले रहे हैं. तीन सदस्यीय टीम अब तक धनबाद के दस प्रखंडों का दौरा भी कर चुकी है. 8 सितंबर तक टीम धनबाद में प्रवास करेगी. कृषि मंत्री ने सर्किट हाउस में संयुक्त प्रेसवार्ता कर कहा कि कांग्रेस पार्टी संगठन को गांव गांव तक मजबूती देने के लिए संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत अपनी कवायद तेज कर दी है. इसी संगठन सृजन कार्यक्रम की कड़ी में धनबाद जिला अध्यक्ष के चयन की भी प्रक्रिया जारी है. जिला अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस पार्टी से27दावेदार सामने आए हैं और इस बार जिला अध्यक्ष का चयन संगठन के छोटे छोटे कार्यकर्ताओं की राय से होगी. धनबाद में दो दिनों से कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी कार्यकर्ताओं के बीच जाकर रायशुमारी कर रही हैं. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से देश में वोट चोरी की जा रही है, ऐसे में बूथ अध्यक्ष को वोट चोरी कैसे रोकें, इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी.

इंडिया ए की कमान श्रेयस अय्यर को, ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ मुकाबलों के लिए पूरी टीम हुई घोषित

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ वाले दो बहु-दिवसीय मैचों के लिए सीनियर पुरुष चयन समिति ने शनिवार को इंडिया ए टीम का ऐलान किया है। आगामी सीरीज के लिए अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को टीम का कप्तान चुना गया है। ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ वाले दो बहु-दिवसीय मैचों के लिए सीनियर पुरुष चयन समिति ने शनिवार को इंडिया ए टीम का ऐलान किया है। आगामी सीरीज के लिए अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को टीम का कप्तान चुना गया है। इंडिया ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच सीरीज 16 सितंबर से शुरू होगी। दूसरा बहु-दिवसीय मैच 23 सितंबर, 2025 को शुरू होगा। दोनों मैच लखनऊ में होंगे।   आगामी एशिया कप से बाहर रहने के बाद श्रेयस अय्यर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 सितंबर से लखनऊ में खेले जाने वाले दो बहु-दिवसीय मैचों के लिए भारत ए टीम में शामिल किया गया है। मुंबई का यह बल्लेबाज उस टीम की कप्तानी करेगा जिसमें साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे कुछ अन्य नए टेस्ट खिलाड़ी भी शामिल हैं। केएल राहुल और मोहम्मद सिराज को 23 सितंबर से ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे मैच के लिए दो अन्य खिलाड़ियों की जगह ए टीम में शामिल किया जाएगा। यह 2 अक्टूबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली घरेलू टेस्ट सीरीज से पहले अभ्यास के तौर पर होगा। दोनों खिलाड़ी को एशिया कप के लिए आराम दिया गया है। दो बहु-दिवसीय मैचों के बाद, भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए 30 सितंबर, 3 अक्टूबर और 5 अक्टूबर को कानपुर में तीन वनडे मैच खेलेंगे। इंडिया ए टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिमन्यु ईश्वरन, एन जगदीसन (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (उपकप्तान और विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, हर्ष दुबे, आयुष बडोनी, नितीश कुमार रेड्डी, तनुष कोटियन, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, खलील अहमद, मानव सुथार, यश ठाकुर

मुख्यमंत्री ने किया परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभए डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास

लखनऊए  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ और डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि परिवहन विभाग प्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा माध्यम है और इसे विकसित भारत की परिकल्पना का सारथी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पास देश में सबसे बड़ा बेड़ा है। इतनी बड़ी संख्या में सेवाएं देना अपने आप में एक उपलब्धि हैए लेकिन इसके साथ ही चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उन्होंने रक्षाबंधन पर बहनों को तीन दिनों तक मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध कराने की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि विभाग भविष्य में इस तरह की सेवाओं का प्रचार.प्रसार और प्रभावी तरीके से करे। समय की रफ्तार से कदम मिलाना जरूरीमुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्तिए समाज या राष्ट्र यदि समय की गति से पीछे जाता है तो हमेशा के लिए पीछे रह जाता है। लेकिन यदि वह समय की गति से दो कदम आगे चलने की क्षमता रखता हैए तो विजयश्री का ध्वज फहराता है। उन्होंने परिवहन विभाग से अल्पकालिक ;3 वर्षद्धए मध्यम अवधि ;10 वर्षद्ध और दीर्घकालिक ;22 वर्षद्ध योजनाएं तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि फाइल को लटकाने की आदत बंद करनी पड़ेगी। जनसुनवाई को तेजी से आगे बढ़ाना पड़ेगा। विभाग में टीम वर्क को और सशक्त बनाना पड़ेगा तो परिणाम आने में देर नहीं लगेगी।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग ने समय.समय पर अपनी सेवाओं से मिसाल पेश की है। 2019 के प्रयागराज कुंभ और 2020 की वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान जब करोड़ों कामगार और श्रमिक अपने.अपने राज्यों और गांवों की ओर लौट रहे थेए तब विभाग ने उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि बिहारए झारखंडए ओडिशाए असमए पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड तक प्रवासियों को सुरक्षित पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।  उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है। यदि किसी यात्री की जान बचती है तो यह विभाग की सकारात्मक छवि बनाता हैए लेकिन लापरवाही से जान जाने पर न केवल विभाग की बदनामी होती हैए बल्कि आर्थिक क्षति भी होती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बस चालकों का नियमित मेडिकल और फिजिकल फिटनेस टेस्ट हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से कराया जाए। विशेष रूप से आंखों की जांच जरूरी है ताकि दृष्टि दोष के कारण दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि सड़क पर अंदाजे से गाड़ी चलाने की छूट नहीं दी जा सकती। जागरूकता और समन्वय से ही समाधानमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन.जागरूकता अभियान चलाना होगा। इसके लिए आईआईटी खड़गपुर जैसी संस्थाओं की तकनीकी मददए पुलिस और अन्य विभागों का समन्वयए साथ ही स्कूलों में ट्रैफिक नियमों पर शिक्षा जरूरी है। उन्होंने हेलमेटए सीट बेल्टए नशे में ड्राइविंगए ओवरस्पीडिंग जैसी स्थितियों पर कड़े नियम लागू करने और मीडियाकृडिजिटलए प्रिंटए सोशल व विजुअलकृके माध्यम से प्रचार.प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून कभी.कभी कठोर लगता हैए लेकिन यही कानून अंततः आपकी सुरक्षा और जीवन की गारंटी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित एक ऐप के जरिए अत्यधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों की पहचान की गईए जिससे कई स्थानों पर हादसों की संख्या घटकर महीने में 18 से घटकर 3 तक हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के साथ.साथ हमें प्रकृति के अनुरूप विकास करना होगा।  आधुनिक बस स्टेशनए इलेक्ट्रिक बसें और स्क्रैपिंग नीतिमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग को समय की मांग के अनुसार अपनी सेवाओं को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा। बस स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होंए बसें सड़कों पर अव्यवस्थित खड़ी न रहें और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित माहौल मिलेकृइसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवा से पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर यात्रा अनुभव भी संभव है। चार्जिंग स्टेशनों के लिए निजी क्षेत्र को जोड़ा जा सकता है। साथ हीए पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग को बढ़ावा देना होगा ताकि प्रदूषण और सड़क हादसों का खतरा कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को और सुदृढ़ किया जाए और विभाग जवाबदेही के साथ काम करे। प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों में भी परिवहन विभाग ने लाखों यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाकर अपनी क्षमता साबित की है। अब जरूरत है कि शॉर्ट टर्मए मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्लानिंग के जरिए विभाग प्रदेश के विकास का सारथी बने। इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंहए महापौर सुषमा खर्कवालए विधायक जय देवीए अमरेश कुमारए ओपी श्रीवास्तवए योगेश शुक्लए विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधानए मुकेश शर्माए प्रमुख सचिव ;परिवहनद्ध अमित गुप्ताए परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंहए परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरवर आदि मौजूद रहे।  

चिरमिरी-नागपुर रेल परियोजना: छह ग्रामों में भूमि अधिग्रहण सर्वेक्षण 8 सितम्बर से शुरू

एमसीबी कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा०) मनेंद्रगढ़ द्वारा सर्वसाधारण आमजनता, ग्रामीणजन और कृषकजनों को सूचित किया गया है कि चिरमिरी-नागपुर रोड हाल्ट रेल परियोजना (17 किलोमीटर) हेतु प्रस्तावित ग्राम बंजी, चिरईपानी, चित्ताझोर (तहसील चिरमिरी), खैरबना, सरोला और सरभोका में भूमि अधिग्रहण के संबंध में धारा 20E का प्रकाशन किया जा चुका है। अधिसूचना के उपरांत रेल अधिनियम 1989 की धारा 20(च) अंतर्गत मुआवजा निर्धारण हेतु आवश्यक सर्वेक्षण कार्य संपन्न किया जाएगा। इस सर्वेक्षण में प्रस्तावित भूमि पर स्थित संरचनाओं, भूमि उपयोग प्रवर्ग, पेड़, कुआं, नलकूप आदि का पंचनामा, फोटोग्राफ और अक्षांश-देशांतर सहित प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। संयुक्त सर्वे टीम द्वारा यह सर्वेक्षण 08 सितम्बर 2025, सोमवार को प्रातः 11 बजे ग्राम बंजी से प्रारंभ किया जाएगा। सर्वेक्षण में लगने वाला समय प्रत्येक ग्राम में प्रभावित खसरों और उनमें निर्मित संरचनाओं की संख्या पर निर्भर करेगा। ग्राम बंजी की 56 प्रभावित खसरा और सरोला की 11 प्रभावित खसरा का सर्वेक्षण 08 से 12 सितम्बर 2025 तक होगा। इसके साथ ग्राम चिरई पानी की 45 प्रभावित खसरा एवं सरभोका की 14 प्रभावित खसरा का सर्वेक्षण 15 से 20 सितम्बर 2025 तक होगा। वहीं ग्राम खैरबना की 57 प्रभावित खसरा एवं चित्ताझोर की 23 प्रभावित खसरा का सर्वेक्षण 22 से 26 सितम्बर 2025 तक किया जाएगा। कुल मिलाकर इन छह ग्रामों में 206 खसरे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में प्रभावित होंगे। इस संबंध में सभी भूमि स्वामी, सह-स्वामी और कृषकगण को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने भूमि संबंधी दस्तावेज जैसे खसरा, बी-1, ऋण पुस्तिका, विक्रय पत्र, नामांतरण, डायवर्जन, न्यायालयीन प्रकरणों से संबंधित जानकारी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों सहित स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर सहयोग प्रदान करें। यदि कोई भूमिस्वामी सर्वेक्षण के समय अनुपस्थित रहता है और आवश्यक तथ्य प्रस्तुत नहीं करता तो भविष्य में वादबहुल्यता की स्थिति में उसकी स्वयं की जिम्मेदारी होगी। ऐसे मामलों में आगे की कार्यवाही स्थल जांच और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर ही की जाएगी।

यूपी का लक्ष्य : 2030 तक फसल उत्पादकता में देश में नंबर एक, 2047 तक दुनिया में अग्रणी

‘विकसित यूपी @2047’ योगी सरकार का संकल्प, 2047 तक यूपी बनेगा कृषि उत्पादकता में वैश्विक लीडर यूपी का लक्ष्य : 2030 तक फसल उत्पादकता में देश में नंबर एक, 2047 तक दुनिया में अग्रणी  कृषि निर्यात में भी यूपी दिखाएगा दम, 2030 तक भारत में नंबर 1 और 2047 तक वैश्विक स्तर पर शीर्ष देशों में – भंडारण, प्रोसेसिंग, फूड पार्क और कोल्ड चेन इंफ्रा से किसानों को मिलेगा अधिक लाभ – पीएसीएस, एफपीओ और मेगा फूड पार्क से बदलेगा यूपी का कृषि परिदृश्य – नवाचार और वैज्ञानिक तकनीकों से योगी सरकार बना रही है ‘सस्टेनेबल एग्रीकल्चर’ का मॉडल – फसल विविधीकरण और शोध पर जोर, यूपी कृषि शिक्षा और रिसर्च का हब बनने की ओर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को “विकसित यूपी @2047” बनाने का संकल्प लिया है, जिसके तहत आने वाले 22 वर्षों में कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बड़ी रणनीति बनाई गई है। इस विजन का सबसे अहम हिस्सा है कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार और तकनीक आधारित विकास। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि कृषि और औद्योगिक विकास मिलकर यूपी को विकसित भारत के ग्रोथ इंजन में बदलेंगे। आने वाले समय में प्रदेश न केवल भारत के किसानों के लिए, बल्कि वैश्विक कृषि जगत के लिए भी रोल मॉडल बनकर उभरेगा। भविष्य का लक्ष्य (विजन 2047) योगी सरकार ने 2030 तक यूपी को देश में फसल उत्पादकता में नंबर-1 बनाने का लक्ष्य तय किया है, जबकि 2047 तक प्रदेश दुनिया के अग्रणी देशों, मैक्सिको, चीन, फ्रांस और अमेरिका के बराबर खड़ा होगा। यही नहीं, कृषि निर्यात के क्षेत्र में भी यूपी 2030 तक भारत में प्रथम स्थान पर पहुँचेगा और 2047 तक रूस, ऑस्ट्रेलिया व कनाडा जैसे वैश्विक कृषि निर्यातकों की श्रेणी में शामिल होने का संकल्प ले चुका है। इसके लिए राज्य सरकार ने फोकस एरिया तय किए हैं, जिनमें भंडारण और मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर (PACS, FPOs, मेगा फूड पार्क, कोल्ड चेन), कृषि शिक्षा, नवाचार और रिसर्च, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, वैज्ञानिक तकनीकों का विस्तार और फसल विविधीकरण प्रमुख हैं। बीते साढ़े आठ साल में हुए बड़े बदलाव 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति बेहद पिछड़ी हुई थी। कृषि उत्पादन सीमित था, वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग नगण्य था और किसान अपनी उपज का सही मूल्य नहीं पा पाते थे। कोल्ड चेन और फूड प्रोसेसिंग जैसी सुविधाएं लगभग न के बराबर थीं। लेकिन पिछले साढ़े आठ साल में तस्वीर बदल चुकी है। योगी सरकार ने किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, मंडी व्यवस्था को मजबूत करने, स्टोरेज और कोल्ड चेन सुविधाओं को बढ़ाने और एफपीओ मॉडल को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया। परिणामस्वरूप आज प्रदेश कृषि उत्पादकता और विविधता दोनों में नई ऊंचाइयां छू रहा है।