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पीएम मोदी का बड़ा फैसला, अब नहीं जाएंगे अमेरिका की यूनाइटेड नेशंस मीटिंग में

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल के अंत में होने जा रही संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे. उनकी जगह विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका जाएंगे. बैठक के वक्ताओं की संशोधित सूची जारी होने के बाद यह जानकारी सामने आई है. इस फैसले से भारत ने राष्ट्रपति ट्रंप को एक और बड़ा मैसेज देने की कोशिश की है. पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की सालाना बैठक से किनारा कर लिया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा का 80वां सत्र नौ सितंबर से शुरू होगा. इसके बाद उच्चस्तरीय बैठक 23 से 29 सितंबर तक चलेगी. इस बैठक में पहला वक्ता ब्राजील होगा जबकि इसके बाद अमेरिका महासभा को संबोधित करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 23 सितंबर को यूएनजीए पोडियम से वैश्विक नेताओं को संबोधित करेंगे. राष्ट्रपति के तौर पर उनके दूसरे कार्यकाल में वह पहली बार संयुक्त राष्ट्र सत्र को संबोधित करेंगे.  भारत की ओर से विदेश मंत्री जयशंकर 27 सितंबर को सत्र को संबोधित करेंगे. लेकिन इससे पहले जुलाई में जारी की गई वक्ताओं की सूची में पीएम मोदी का नाम शामिल था. उस लिस्ट के मुताबिक पीएम मोदी 26 सितंबर को यूएनजीए को संबोधित करने वाले थे. हालांकि, वक्ताओं की इस सूची में आगे भी संशोधन हो सकता है.  बता दें कि चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश और इजरायल के राष्ट्राध्यक्ष 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे. यह सत्र 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर एक बैठक के साथ शुरू होगा. संयुक्त राष्ट्र की ओर से बताया गया है कि यह बैठक बीजिंग में 1995 के ऐतिहासिक सम्मेलन के बाद से हुई प्रगति पर भी विचार करेगी. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 24 सितंबर को जलवायु शिखर सम्मेलन आयोजित करेंगे, जो वैश्विक नेताओं के लिए अपनी नई राष्ट्रीय जलवायु कार्य योजनाओं को पेश करने का मंच होगा. बता दें कि यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया के कई मुल्क ट्रंप के टैरिफ वॉर, रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में तनाव जैसे हालात से जूझ रही है.

दो साल से काम कर रही कंपनी पर संकट, इंदौर में पेस्ट कंट्रोल ठेका बदलने की कवायद

इंदौर इंदौर के एमवाय अस्पताल में दो नवजात बच्चियों के शरीर चूहों द्वारा कुतरे जाने और उनकी मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन पेस्ट कंट्रोल कंपनी पर जिम्मेदारी डाल रहा है। कंपनी से पेस्ट कंट्रोल का ठेका छीनने की तैयारी की जा रही है। एलाइजा कंपनी को नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इस बार अस्पताल के बजट में कंपनी को 11 करोड़ रुपये देने की तैयारी थी, लेकिन अब उस पर भी संकट गहरा गया है। आमतौर पर काम प्रभावित न हो, इसलिए अलग-अलग एजेंसियों को हायर किया जाता है, लेकिन एमवाय अस्पताल प्रबंधन एक ही कंपनी पर मेहरबान था। उसे सफाई, पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। बताया जाता है कि कंपनी ने स्टाफ भी काफी कम रखा था, जिसके कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही थीं। डेटा एंट्री ऑपरेटर कम होने से कई बार पर्चियां बनाने के लिए अस्पताल में लंबी कतारें लग जाती थीं। कंपनी अस्पताल बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में ही पेस्ट कंट्रोल करती थी, जबकि परिसर में हजारों की संख्या में चूहों के बिल हैं। परिसर से चूहों को भगाने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। पेस्ट कंट्रोल से पहले कंपनी ने कभी वार्डों को भी खाली नहीं कराया। आपको बता दें कि "चूहाकांड" के बाद एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने अधीक्षक और डीन को हटाने की मांग की है।  

बिहार राजनीति: तेजस्वी यादव ने जनता को दिया संदेश, भाजपा-जदयू से पूछें ये अहम सवाल

पटना नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी पर फिर से निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया इन दोनों नेताओं की तस्वीर का इस्तेमाल कर एक पोस्टर के जरिए 10 सवाल पूछे। जनता से अपील करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जनता अगर वोट मांगने आए तो यह 10 सवाल जरूर पूछिएगा। तेजस्वी ने कहा कि दो पीढ़ियों का जीवन बर्बाद करने वाली 20 वर्षों की नीतीश-मोदी और 11 वर्षों की डबल इंजन सरकार से ये महत्वपूर्ण सवाल जरूर पूछना। उन्होंने सवालों के नीचे यह भी लिखा कि इन सवालों में से एक का भी जवाब नीतीश सरकार के विधायक या मंत्री नहीं दे पाएंगे। तेजस्वी ने पूछे यह सवाल…     बिहार सबसे गरीब राज्य क्यों है?     बिहार में महिलाएं असुरक्षित क्यों हैं?     बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था बेकार क्यों है?     बिहार में इतना अपराध क्यों है?     बिहार में इतना भ्रष्टाचार क्यों है?     बिहार में इतनी बेरोज़गारी क्यों है?     बिहार में पलायन की मजबूरी क्यों है?     बिहार में स्कूल भवन क्यों नहीं बने?     बिहार में नए उद्योग-धंधे क्यों स्थापित नहीं हुए?     बिहार की शिक्षा व्यवस्था चौपट क्यों है?

पुराने केस की गुत्थी: शारिक मछली और क्लीन चिट देने वाला टीआई अब जांच के दायरे में

भोपाल  भोपाल में लव और ड्रग्स जिहाद के आरोपों में घिरे मछली कारोबारी शारिक मछली के खिलाफ नौ साल पुराने मारपीट के मामले में पुलिस पूरक चालान पेश करने जा रही है। वर्ष 2016 में अशोका गार्डन निवासी राजेश तिवारी की शिकायत पर शारिक मछली, तारिक मछली, रिजवान और शोएब के खिलाफ धारदार हथियार से हमला, मारपीट और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी ने दी थी क्लीन चिट इस मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी अनूप उइके ने की थी। उन्होंने शारिक और तारिक मछली को क्लीन चिट देते हुए सिर्फ रिजवान और शोएब के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। पुलिस ने चालान पेश करने में दो साल का समय लगा दिया। वहीं, जिन दो आरोपियों पर चालान पेश हुआ, वे भी करीब आठ साल से पेशी पर नहीं जा रहे हैं। न्यायालय द्वारा कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी करने के बावजूद थाना पुलिस शारिक मछली के दबाव में आरोपियों को कोर्ट में पेश नहीं कर रही थी। इस मामले में लापरवाही और आरोपियों को बचाने के आरोपों को लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय ने अनूप उइके को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो विभागीय जांच की जाएगी। पीड़ित ने लगाए नए आरोप, दोबारा शुरू हुई जांच पीड़ित राजेश तिवारी ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर शारिक मछली पर अपहरण, फार्महाउस में बंधक बनाने, मारपीट और अड़ीबाजी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त और अशोका गार्डन थाना में भी की थी। पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने इस पर पुरानी फाइलों की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। थाना पुलिस ने अब वर्ष 2016 के केस की पुरानी फाइल खंगालना शुरू कर दी है और जल्द ही शारिक मछली के खिलाफ पूरक चार्जशीट कोर्ट में पेश की जाएगी।

रायपुर रेलवे स्टेशन: पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान अफसर, बिना लाइसेंस फीस के चल रहा ठेका

रायपुर रायपुर रेलवे स्टेशन के गुढ़ियारी का नया पार्किंग ठेका हुआ है. लेकिन ठेका अलॉट होने और हेंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी ठेकेदार ने अब तक लाइसेंस फीस जमा नहीं की है. जबकि नियमों के मुताबिक पहले लाइसेंस फीस और एडवांस जमा किए जाने का प्रावधान है. सूत्रों के मुताबिक टेंडर नियमों में तीन महीने का एडवांस लाईसेंस फीस जमा किया जाना है, लेकिन बिना टेंडर फीस के रेलवे अधिकारियों ने पार्किंग हेंडओवर कर दी. नया पार्किंग ठेका अनुराग साहू विनायक इंटरप्राइजेस को अलॉट हुआ है. ठेकादर के मुताबिक उसका जीएसटी डीबार हो गया था, इसलिए उन्होंने लाईसेंस फीस जमा नहीं कराई है, ये लाईसेंस फीस कितनी है ये पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी गोपनीय है और वे नहीं दे सकते. रेलवे के सूत्र बताते है कि उक्त ठेकेदार द्वारा 4 लाख रूपए एडवांस जमा कराया गया है और सिर्फ उसी के आधार पर टेंडर शर्तों से बाहर जाकर रेलवे अफसर पार्किंग ठेकेदार पर मेहरबान नजर आ रहे है. इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से उनका पक्ष लेने फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.   बता दें कि इससे पहले भी रेलवे का पार्किंग ठेका लेने के बाद ठेकेदार ने लाईसेंस फीस रेलवे की नहीं दी, जिससे रेलवे के राजस्व को नुकसान हो चुका है.

कर्मचारियों की पदोन्नति याचिकाएं खारिज, हाईकोर्ट का अहम फैसला

बिलासपुर सचिवालय सेवा भर्ती नियम 2012 में किए गए संशोधन को संवैधानिक मानते हुए कर्मचारियों की ओर से दाखिल सभी याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति कर्मचारियों का मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह केवल विचार किए जाने का अवसर है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल की डीबी में हुई। दरअसल, राज्य सरकार ने 14 जून 2021 को अधिसूचना जारी कर संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव और अनुभाग अधिकारी के पदों पर पदोन्नति के लिए स्नातक डिग्री अनिवार्य कर दी थी। इस संशोधन को मंत्रालय में कार्यरत अनुभाग अधिकारी, असिस्टेंट ग्रेड-1 समेत अन्य कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में यह कहते हुए चुनौती दी कि सेवा के अंतिम चरण में नियम बदलना अनुचित है। वे वर्षों से फीडर पदों पर काम कर रहे हैं, कई तो सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। उनका तर्क था कि यह संशोधन संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है और सरकार ने अतिरिक्त योग्यता अनिवार्य करने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब में कहा कि उच्च पदों पर अधिक जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए स्नातक डिग्री जैसी न्यूनतम योग्यता जरूरी है। पदोन्नति कर्मचारियों का अधिकार नहीं है, बल्कि केवल नियमों के आधार पर अवसर है। नियमों में संशोधन करना उसका विशेषाधिकार है और यह न तो मनमाना है और न ही अवैध। कोर्ट ने सरकार के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत कठिनाई से कोई कानून असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता। पदोन्नति का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। स्नातक डिग्री को अनिवार्य करने वाला संशोधन न भेदभावपूर्ण है और न ही संविधान का उल्लंघन।

गणेश विसर्जन 2025: भोपाल में चल समारोह के साथ बदल रही ट्रैफिक व्यवस्था

भोपाल राजधानी भोपाल में शनिवार को छोटी बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा इसके साथ ही शहर में चल समारोह भी निकलेगा। शनिवार सुबह 9 बजे से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रेमपुरा घाट, कमलापति घाट, बैरागढ़ और हथाईखेड़ा डैम पर किया जाएगा। शाम 7 बजे से मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होगा और रानी कमलापति घाट पर पहुंचकर संपन्न होगा। जुलूस इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमेराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई मार्गों से गुजरेगा। इसी के चलते पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया है। शनिवार सुबह 8 बजे से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। खजूरी सड़क, लालघाटी, करोंद, भानपुर, एयरपोर्ट, इस्लाम नगर, रत्नागिरी समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट से बड़े वाहन शहर नहीं आ पाएंगे। शाम 5 बजे से भारत टॉकीज, नादरा बस स्टैंड, अल्पना तिराहा क्षेत्र में सिटी बस और मैजिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। प्रेमपुरा घाट, खटलापुरा घाट, शाहपुरा, बैरागढ़, हथाईखेड़ा डैम, रानी कमलापति घाट शहर के प्रमुख घाट हैं। जहां सुरक्षा के खास इंतेजाम किए गए हैं। मुख्य चल समारोह का रूट शाम 7 बजे से मुख्य बल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होकर इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमेराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। इस दौरान आसपास के सभी मार्गों को बंद कर दिया जाएगा। रेतघाट क्षेत्र में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। भारत माता बौक पर जुलूस पहुंचने पर भदभदा पुल से सिटी डिपो की और यातायात बंद कर दिया जाएगा। यातायात पुलिस ने अपील की है कि नागरिक असुविधा से बचने के लिए निर्धारित मार्गों का पालन करें। आज ऐसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था, रास्ते डायवर्ट रहेंगे सुबह 8 बजे से भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खजूरी सड़क, लालघाटी, करोंद, भानपुर, एयरपोर्ट, जगदीशपुर रत्नागिरी समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट से बड़े वाहन शहर नहीं आ पाएंगे। शाम 5 बजे से भारत टॉकीज, नादरा बस स्टैंड और अल्पना तिराहा क्षेत्र में सिटी बस और मैजिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। शाम 6 बजे से मंगलवारा, दयानंद चौक और जुमेराती क्षेत्र से किसी भी वाहन को बस स्टैंड की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। रात 8 बजे से तीन मोहरा से भारत टॉकीज की ओर जाने वाले वाहन इस्लामी गेट और सिंधी कॉलोनी होकर ही निकल सकेंगे। अल्पना टॉकीज से नादरा की ओर जाने वाले वाहन संगम टॉकीज मार्ग से डायवर्ट होंगे। बैरागढ़ क्षेत्र में विसर्जन जुलूस सीहोर रोड से निकलेगा। इस दौरान भोपाल-इंदौर मार्ग पर डायवर्जन रहेगा। इंदौर- देवास की ओर जाने वाले वाहनों को लालघाटी से एयरपोर्ट तिराहा होते हुए बायपास का उपयोग करना होगा। वहीं, रेलवे स्टेशन, रोशनपुरा और न्यू मार्केट की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम, जेल मुख्यालय, कोर्ट चौराहा, मैदा मिल, सुभाष नगर ओवरब्रिज से होकर यातायात को डायवर्ट किया जाएगा। उधर, इंदौर और सीहोर से आने वाली बसें हलालपुरा बस स्टैंड पर ही समाप्त होंगी। आईएसबीटी से चलने वाली बसें भारत टॉकीज और प्रभात चौराहा मार्ग से नहीं गुजर पाएंगी, उन्हें बायपास से निकाला जाएगा। गुना और ग्वालियर की बसों का संचालन भी हलालपुरा से ही होगा। बैरसिया की बसें बेस्ट प्राइज तिराहा तक ही आ पाएंगी। रात 7 बजे से मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होकर इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमैराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। इस दौरान आसपास के सभी मार्गों को बंद कर दिया जाएगा। रेत घाट क्षेत्र में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। भारत माता चौक पर जुलूस पहुंचने पर भदभदा पुल से सिटी डिपो की ओर यातायात बंद कर दिया जाएगा। 

चंबल नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी, राजस्थान के 5 जिलों में आज रेड अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप में नजर आ रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान की सीमा पर बने वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम के कारण राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि चित्तौड़गढ़, राजसमंद, झालावाड़, सिरोही और जालोर में ऑरेंज अलर्ट और कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। राजधानी जयपुर में शुक्रवार रात भर रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। शहर में कई जगह मुख्य चौराहों पर सड़क धंस गई जिससे लोगों को आवा जाही में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।भीलवाड़ा में नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। अजमेर में बोराज तालाब की पाल टूटने से शहर के कई इलाकों में पानी घुस गया। करीब 1000 घरों में पानी भर गया, जिससे लोगों को छतों पर जाकर जान बचानी पड़ी। मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। धौलपुर में चंबल नदी खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर बह रही है, वहीं दौसा के लालसोट में एनीकट की पक्की दीवार टूटने से जलप्रलय जैसे हालात हैं। उदयपुर में सेल्फी लेते समय एक युवक उदयसागर झील में गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ फिलहाल जैसलमेर से बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है, जिससे 8 सितंबर तक उदयपुर, जोधपुर, कोटा और आसपास के जिलों में भारी से अति भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने प्रभावित जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं और बचाव दल अलर्ट पर हैं। जनता से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से जलमग्न इलाकों में न जाएं। 1155 व्यक्तियों का सकुशल रेस्क्यू एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें दिन-रात सक्रिय रहकर प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं। मानसून के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने अब तक 1155 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया है। वर्तमान में पूरे राज्य में एसडीआरएफ की 62 टीमें, एनडीआरएफ की 7 टीमें और सिविल डिफेंस की टीमें कार्यरत हैं। साथ ही, 21,000 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की तैनाती की गई। वायुसेना के हेलिकॉप्टर से जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित आश्रय तक पहुंचाया भी जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ जल और दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। फसल नुकसान के आकलन के लिए गिरदावरी प्रदेश में खरीफ 2025 में अतिवृष्टि से हुए फसल नुकसान के आकलन के लिए 1 अगस्त, 2025 से गिरदावरी शुरू की गई है। सरकार का कहना है कि गिरदावरी के उपरांत जिन जिलों में 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल खराब हुई है, वहां प्रभावित किसानों को केन्द्र सरकार के एसडीआरएफ नॉर्म्स के अनुसार कृषि आदान-अनुदान सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार द्वारा क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत हेतु एसडीआरएफ नॉर्म्स के अंतर्गत विभिन्न जिलों से मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त किए गए हैं। इन कार्यों में सड़क, पुल, विद्यालय भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के कार्य शामिल हैं। प्रदेश के 12 जिलों में अब तक 180.67 करोड़ रुपए के 8,867 कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 4,183 विद्यालय भवनों के लिए 83.66 करोड़ रुपए, 930 आंगनबाड़ी भवनों के लिए 21.89 करोड़ रुपए, 165 पंचायत भवनों के लिए 3.57 करोड़ रुपए, 106 चिकित्सालय भवनों के लिए 2.08 करोड़ रुपए, 170 लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 3.94 करोड़ रुपए, 3,128 सड़कों के लिए 64.34 करोड़ रुपए और 184 पुलियों के लिए 1.14 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।  इसी तरह, राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी जिलों को बचाव उपकरणों के लिए 19.45 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। सभी संभागीय मुख्यालय वाले जिलों को 20-20 लाख रुपए तथा अन्य जिलों को 10-10 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। साथ ही, अतिवृष्टि के दौरान जिलों की मांग के अनुसार अतिरिक्त आवंटन किए जा रहे हैं। सामान्य से 62.50 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज राज्य में दक्षिण-पश्चिमी मानसून में अब तक वास्तविक वर्षा 608.65 मिमी रही, जो सामान्य से 62.50 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में प्रदेश के 22 जिलों में वर्षा असामान्य श्रेणी में दर्ज की गई, जिनमें अजमेर, बूंदी, कोटा, टोंक, नागौर, सवाई माधोपुर, सीकर, धौलपुर, श्रीगंगानगर, जयपुर, जोधपुर और करौली जैसे जिले प्रमुख रूप से शामिल हैं। जनता के लिए अपील मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, बहते हुए पानी और जलाशयों के निकट न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें। प्रशासन की टीमें सजग और तत्पर हैं।

तिहाड़ जेल में बवाल! सांसद इंजीनियर रशीद को किन्नरों ने बनाया निशाना

नई दिल्ली टेरर फंडिंग केस में जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर रशीद पर तिहाड़ में हमले का आरोप लगाया गया है। इंजीनियर रशीद का दावा है कि जेल में किन्नरों के एक गुट ने उन पर घातक हमला कर दिया। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक सांसद को मामूली चोटें आईं। बारामूला के सांसद इंजीनियर रशीद 2019 से ही तिहाड़ जेल में बंद हैं। तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। इंजीनियर रशीद की पार्टी आवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) ने सांसद पर हमले को लेकर चिंता और आक्रोश जाहिर किया है। पार्टी का कहना है कि इंजीनियर रशीद ने अपने वकील जावेद हूब्बी से मुलाकात के दौरान उन पर हुए हमले की बात कही है। वकील के मुताबिक रशीद ने बताया कि तिहाड़ जेल प्रशासन ने कश्मीरी कैदियों को प्रताड़ित करने के लिए नए तरीके अपनाए हैं। जानबूझकर किन्नरों को उनके साथ बंद कर दिया गया है। उन्हें हमले के लिए उकसाया जाता है। वकील ने रशीद के हवाले से आरोप लगाया कि पुरुष किन्नरों के एक हमले में रशीद बाल-बाल बच गए। दावा किया गया कि रशीद को किन्नरों के एक समूह ने धक्का दिया और एक गेट उनके ऊपर फेंका। यह एक चमत्कारिक बचाव था। अगर यह सीधा लगता तो जानलेवा हो सकता था। इंजीनियर रशीद का आरोप है कि उनसे पहले कश्मीरी कैदियों अयूब पठान, बिलाल मीर और अमीर गोजरी पर भी किन्नर हमला कर चुके हैं। रशीद का कहना है कि ये किन्नर एचआईवी पॉजिटिव घोषित हैं और जानबूझकर उन्हें कश्मीरी कैदियों के साथ रखा गया है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान इंजीनियर रशीद ने जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सज्जाद गनी लोन को बारामूला सीट पर हराया। 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीतने वाले सांसद को हाल ही में मॉनसून सत्र में हिस्सा लेने के कस्टडी पेरोल पर भेजा गया था। इंजीनियर रशीद पर आरोप है कि उन्होंने आतंकियों और अलगाववादियों के लिए धन जुटाया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पंच परिवर्तन सहित आरएसएस की समन्वय बैठक का दूसरा दिन

जोधपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक जोधपुर में जारी है। आज बैठक के दूसरे दिन विभिन्न अहम विषयों पर चर्चा होनी है। गौरतलब है कि कल से शुरू हुई बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक विकास और पंच परिवर्तन पर विशेष सत्र आयोजित किए गए थे। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के साथ विश्व हिंदू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राष्ट्र सेविका समिति, सक्षम, पूर्व सैनिक सेवा परिषद, वनवासी कल्याण आश्रम और सीमा जागरण मंच सहित 32 संगठनों के अखिल भारतीय पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। कल उद्घाटन सत्र में भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ था। परिसर में रानी अबक्का द्वार और हल्दीघाटी द्वार की ऐतिहासिक झलकियों के साथ सभागार का निर्माण किया गया है। मीरा बाई और अमृता देवी बिश्नोई के बलिदान को रंगोली और चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। बैठक के पहले दिन संघ ने जाति, भाषा और प्रांत के नाम पर भेदभाव की प्रवृत्तियों को देश की एकता के लिए खतरनाक बताते हुए समाज से इनसे दूर रहने का आह्वान किया। यह समन्वय बैठक 7 सितंबर को अनुभवों के आदान-प्रदान और आगामी कार्ययोजना तय करने के साथ संपन्न होगी।