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कर्स्टन ने याद किया किस्सा, क्यों था ईशांत को बल्लेबाजी के लिए बुलाना मुश्किल

जोहांसबर्ग भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच और दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज क्रिकेटर रहे गैरी कर्स्टन ने कहा है कि अपने कार्यकाल के दौरान उनके लिए सबसे कठिन काम ईशान शर्मा को बल्लेबाजी के लिए तैयार करना था। कर्स्टन से जब एक कार्यक्रम में पूछा गया कि भारतीय टीम के कोच के तौर प उनके लिए सबसे कठिन क्या था तो उनके जवाब से भी हैरान रह रहे। सभी को अंदाजा था कि वह विश्वकप की बात करेंगे पर कर्स्टन ने कहा कि उनके लिए सभी कठिन चुनौती इशांत शर्मा को नेट्स में बल्लेबाजी करने के लिए बुलाना होता था।  कर्स्टन ने कहा, ‘सबसे बड़ी चुनौती इशांत को उनके बैट और पैड के साथ नेट्स में लाना होता था.। उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में वीवीएस लक्ष्मण के साथ विजयी साझेदारी के लिए भी तैयार करना था। यह मेरे लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था कि उनकी बल्लेबाजी पर काम किया जाये। ईशांत सोचते थे कि वह अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर सकते हैं, लेकिन हमने उन्हें उस टेस्ट मैच में मदद की और उन्होंने उसमें बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।’ इशांत ने इस साझेदारी में 48 गेंदों का सामना किया था। कर्स्टन जिस मैच की बात कर रहे थे वह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1 से 5 अक्टूबर 2010 को मोहाली में खेला गया था। उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को जीत के लिए 216 रन का लक्ष्य दिया था। इसके जवाब में भारतीय टीम ने 124 रन पर 8 विकेट खो दिये थे पर इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण ने 73 आरे इशांत ने 31 रन बनाकर भारतीय टीम को जीत दिला दी।   

मैथ्यू फोर्ड बाहर, जोहान बने वेस्टइंडीज की वनडे टीम के नए सदस्य

नई दिल्ली वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार से तीन वनडे मैचों की सीरीज शुरू हो रही है। वेस्टइंडीज को सीरीज की शुरुआत से पहले ही बड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज मैथ्यू फोर्ड पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। 22 साल के मैथ्यू फोर्ड बुधवार को अभ्यास सत्र के दौरान कैच पकड़ने की कोशिश में अपना कंधा चोटिल कर बैठे। उनकी इंजरी गंभीर है और उन्हें वनडे सीरीज से बाहर होना पड़ा है। इसकी पुष्टि क्रिकेट वेस्टइंडीज ने की है। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने अपने बयान में मैथ्यू फोर्ड के इंजरी की वजह से वनडे सीरीज से बाहर होने और उनकी जगह ऑलराउंडर जोहान लेने को टीम में जगह दिए जाने की पुष्टि की है। 21 साल के जोहान लेने का प्रदर्शन साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ अच्छा रहा था। उसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका दिया गया है। वह तेज गेंदबाजी के बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। वेस्टइंडीज का हालिया प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। वेस्टइंडीज को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में 0-3 से करारी हार झेलने के बाद टी20 सीरीज में भी 0-5 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद पाकिस्तान से भी टीम टी20 सीरीज 1-2 से हारी। पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम कैसा प्रदर्शन करती है। इस पर वेस्टइंडीज टीम मैनेजमेंट की नजर है। वेस्टइंडीज टीम के मुख्य कोच डैरन सैमी का मानना है कि पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी की दिशा में अहम है। उन्होंने कहा, “2027 विश्व कप के लिए स्वतः क्वालीफाई करने के हमारे प्रयासों के बीच पाकिस्तान एक अलग तरह की परीक्षा और चुनौती पेश करेगा। क्वालीफाई करना हमारा तात्कालिक लक्ष्य है, लेकिन दीर्घकालिक सफलता के लिए विजयी मानसिकता और टीम एकजुटता बनाए रखना आवश्यक है। उच्च रैंकिंग वाली पाकिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ आगामी मैच विश्व कप से पहले हमारी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अहम है।” वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, त्रिनिदाद में खेली जाएगी। मैच 8, 10, और 12 अगस्त को होंगे। वेस्टइंडीज वनडे टीम: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जेडिया ब्लेड्स, कीसी कार्टी, रोस्टन चेज, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, ब्रैंडन किंग, जोहान लेने, एविन लुईस, गुडाकेश मोटी, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स, रोमारियो शेफर्ड।  

टीम ने डब्ल्यूटीसी सफलता से बढ़कर ICC चैंपियनशिप को बनाया लक्ष्य: रबाडा

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का खिताब जीता था। 1998 के बाद साउथ अफ्रीका की यह पहली आईसीसी ट्रॉफी थी। टीम के खिलाड़ियों ने जोरदार तरीके से इस जीत का जश्न मनाया। लेकिन, टीम के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने साथी खिलाड़ियों से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खिताब से आगे बढ़ने और अहम आईसीसी खिताबों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है। रबाडा ने कहा, “डब्ल्यूटीसी फाइनल में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को हराने की खुशी अपार थी। लेकिन साथियों को अब उस ऐतिहासिक जीत से आगे बढ़कर आगामी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और आगामी प्रमुख आईसीसी खिताबों पर ध्यान देना चाहिए, जिसमें 2026 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप और 2027 वनडे विश्व कप शामिल हैं।” आईसीसी ने रबाडा के हवाले से कहा, “जीत राहत की बात थी, लेकिन टी20 विश्व कप नजदीक आ रहा है। मुझे लगता है अब हमारा दृष्टिकोण थोड़ा अलग होगा। अब किसी चीज का डर नहीं है।” साउथ अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टी20 और तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। इसकी शुरुआत रविवार से हो रही है। रबाडा का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए काफी अहम होगी। रबाडा ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच हमेशा जोरदार टक्कर देखने को मिलती रही है। हम जब भी ऑस्ट्रेलिया से खेलते हैं, तो हमेशा रोमांचक क्रिकेट खेला जाता है। ऐसा हमेशा लगता है कि वे हमसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाते हैं। मुझे यह पसंद है।” कगिसो रबाडा की साउथ अफ्रीका को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का खिताब दिलाने में अहम भूमिका रही थी। उन्होंने फाइनल में 9 विकेट लिए थे। कगिसो रबाडा की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में होती है। 30 साल के इस गेंदबाज ने 2014 में डेब्यू किया था। वह 71 टेस्ट में 336, 106 वनडे में 168 और 65 टी20 में 71 विकेट ले चुके हैं।  

मोइन अली ने की सिराज की तारीफ, बताया जांबाज़ खिलाड़ी

लंदन इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली भी भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज से बेहद प्रभावित दिखे हैं। मोइन ने सिराज की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह जूझारु है और कठिन हालातों में भी झुकता नहीं है। यही जुनून और जज्बा उसे दूसरे क्रिकेटरों से अलग करता है। इसलिए किसी भी बल्लेबाज के लिए उसका सामना करना आसान नहीं रहता। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला 2-2 से ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाने वाले सिराज ने 23 विकेट लिए। मोईन ने कहा, ‘सिराज का प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में शानदार रहा है। उसकी ऊर्जा, आक्रामकता और निरंतरता शानदार रही है। वह भारत के लिए मैच विजेता है और बल्लेबाजों के लिए उसका सामना करना हमेशा कठिन रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात उनका गेंद पर नियंत्रण रहना है। वह बेहद जुझार हैं और कठिन हालातों में भी हार नहीं मानते हैं। अपनी इसी खूबी के कारण वह अन्य खिलाड़ियों से अलग नजर आता है।   

सचिन तेंदुलकर की कप्तानी का पहला दिन: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में खास तारीख

नई दिल्ली क्रिकेट के मैदान पर सचिन तेंदुलकर की चमक किसी भी बल्लेबाज से कहीं ज्यादा है। अपने करियर में तेंदुलकर ने बल्लेबाजी में ऐसे कीर्तिमान रचे, जो उनसे पूर्व के खिलाड़ियों ने सोचे भी नहीं थे। संन्यास के एक दशक बाद भी तेंदुलकर के कई रिकॉर्ड आज भी अटूट हैं। लेकिन, बतौर कप्तान तेंदुलकर को वैसी सफलता नहीं मिली। सचिन तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल की उम्र में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था। डेब्यू के सात साल बाद 23 साल की उम्र में 9 अगस्त 1996 को उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई। 23 साल 169 दिन की उम्र में वह मंसूर अली खान पटौदी के बाद भारत के दूसरे सबसे युवा कप्तान बने थे। लगभग एक साल तक वह भारतीय टीम के कप्तान रहे, लेकिन इस दौरान टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। दिसंबर 1997 में उन्होंने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। 1999 वनडे विश्व कप में अजहरुद्दीन भारतीय टीम के कप्तान थे। टीम इंडिया का विश्व कप में खराब प्रदर्शन रहा था। इसलिए 1999 में तेंदुलकर को दूसरी बार भारतीय टीम की कमान सौंपी गई। इस बार भी उनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा। टीम की लगातार हार की वजह से 2000 में सचिन ने बीसीसीआई के सामने कप्तानी छोड़ने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद सौरव गांगुली ने टीम की कमान संभाली। सचिन ने दो छोटे-छोटे कार्यकाल में भारत के लिए 25 टेस्ट और 73 वनडे मैचों की कप्तानी की। भारतीय टीम 4 टेस्ट और 23 वनडे जीतने में कामयाब रही। आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि तेंदुलकर बतौर कप्तान प्रभावी नहीं रहे। हालांकि, सचिन तेंदुलकर डेब्यू से लेकर संन्यास तक भारतीय बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ रहे। 1989 से 2013 के बीच सचिन ने भारतीय टीम के लिए 200 टेस्ट मैचों की 329 पारी में 51 शतक और 68 अर्धशतक लगाते हुए 15,921 रन बनाए। 463 वनडे में 49 शतक और 96 अर्धशतक लगाते हुए 18,426 रन बनाए। वहीं, एकमात्र टी20 में उन्होंने 10 रन बनाए। सचिन के नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक मैच खेलने और सर्वाधिक रन और शतक बनाने का रिकॉर्ड है। ये ऐसे रिकॉर्ड हैं जो निकट भविष्य में टूटते नहीं दिखते।  

इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर बोले – राहुल का खेल है विश्वस्तरीय

नई दिल्ली शुभमन गिल की कप्तानी में भारत का इंग्लैंड दौरा यादगार रहा है। 5 टेस्ट मैच की सीरीज 2-2 से बराबरी पर रही। दोनों ही टीमों ने हर मैच में अपना सब कुछ झोंक दिया था। भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी सीरीज में जैसा प्रदर्शन किया वो अविश्वसनीय था। भारत के तीन बल्लेबाजों ने सीरीज में 500 से ज्यादा रन बनाए। गिल ने तो रिकॉर्ड 754 रन ठोक डाले। सीरीज के सबसे सफल बल्लेबाजों में दूसरे नंबर पर जो रूट 537 रन, तीसरे पर केएल राहुल 532 रन और चौथे पर स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा 516 रन रहे। 33 साल के ओपनर केएल राहुल ने 53.2 के शानदार औसत से रन बनाए जिनमें 2 शतक और 2 अर्धशतक शामिल रहे। इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली ने उन्होंने 'दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक' करार दिया है। अली ने यूट्यूब पर 'बर्ड बिफोर विकेट' पॉडकास्ट में भारतीय ओपनर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि लोगों को महसूस ही नहीं होता कि केएल राहुल ओपनर के तौर पर कितने अच्छे हैं। इंग्लैंड के पिछले दौरे पर भी वह शानदार रहे थे और इस सीरीज में वह एक बार फिर जबरदस्त रहे हैं। शुभमन ने सबसे ज्यादा रन बनाए और वह अद्भुत दिखे लेकिन मुझे लगता है कि केएल ने भारतीय टीम में जो भूमिका निभाई, वह बेस्ट था, मैं वर्षों से उन्हें देख रहा हूं।’ मोईन अली ने आगे कहा, 'वह इतने अच्छे खिलाड़ी हैं और मुझे वाकई ये लगता है कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं और मैं यह बात कह भी चुका हूं…मैं तो यही कहूंगा कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं।' केएल राहुल इंग्लैंड के पिछले दौरे पर भी 205 रन बनाए थे। इस बार उन्होंने लीड्स में खेले पहले टेस्ट और लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में शानदार शतक लगाए। वह लॉर्ड्स में एक से ज्यादा शतक लगाने वाले दिलीप वेंगसरकर के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन चुके हैं। इससे पहले 2021 में भी उन्होंने लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाया था।  

सिनसिनाटी ओपन के पहले दौर में हारीं पूर्व नंबर-1 टेनिस स्टार वीनस विलियम्स

सिनसिनाटी करीब एक साल से अधिक समय बाद पिछले महीने कोर्ट पर लौटी पूर्व नंबर-1 टेनिस स्टार वीनस विलियम्स सिनसिनाटी ओपन के पहले दौर में स्पेन की जेसिका बोजास मानेइरो से 6-4, 6-4 से हार गईं। यह मुकाबला गुरुवार (भारतीय समयानुसार शुक्रवार) को खेला गया। सात बार की ग्रैंड स्लैम सिंगल्स चैंपियन वीनस अब अगले टूर्नामेंट यूएस ओपन की तैयारी करेंगी, जहां उन्हें रायली ओपेल्का के साथ मिक्स्ड डबल्स के लिए वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली है। यह मुकाबले 19 अगस्त से शुरू होंगे। वीनस 14 ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब अपनी बहन सेरेना विलियम्स के साथ और दो मिक्स्ड डबल्स खिताब जीत चुकी हैं। विश्व रैंकिंग में 51वीं पायदान पर काबिज 22 वर्षीय बोजास मानेइरो ने पिछले हफ्ते मॉन्ट्रियल में अपना पहला डब्ल्यूटीए 1000 क्वार्टरफाइनल खेला था। दिलचस्प बात यह है कि जब वीनस ने अपने पहले चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीते थे, तब मानेइरो का जन्म भी नहीं हुआ था। घरेलू दर्शकों के समर्थन के बावजूद वीनस को सर्विस गेम में संघर्ष करना पड़ा। वीनस ने पिछले महीने डीसी ओपन में पेटन स्टर्न्स को हराकर दो दशक से अधिक समय में WTA मैच जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला का रिकॉर्ड बनाया था। यह उनका 16 महीने बाद पहला टूर्नामेंट और 2023 सिनसिनाटी ओपन के बाद पहली जीत थी। सिनसिनाटी ओपन में यह वीनस की 11वीं उपस्थिति थी, जहां वह 2012 में सेमीफाइनल और 2019 में क्वार्टरफाइनल तक पहुंची थीं। अपने करियर में वह कुल 11 हफ्ते विश्व नंबर-1 की रैंकिंग पर रह चुकी हैं।  

‘द हंड्रेड’ में क्रॉली-ब्रूक का T20 जलवा, गेंदबाजों की कर दी छुट्टी

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस इंग्लैंड टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने तुरंद अपनी देसी द हंड्रेड क्रिकेट लीग में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है। जैक क्रॉली और हैरी ब्रूक ने तो तुरंत टी20 अवतार भी अपना लिया है। भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी इन दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए कमाल की बल्लेबाजी की थी। वेल्श फायर के खिलाफ हुए मुकाबले में जैक क्रॉली और हैरी ब्रूक की शानदार बल्लेबाजी के दम पर नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स ने 8 विकेट से मैच जीता और सीजन का आगाज जीत के साथ किया।   टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी वेल्श फायर की टीम ने निर्धारित 100 गेंदों पर 9 विकेट के नुकसान पर 143 रन बोर्ड पर लगाए। जॉनी बेयरस्टो 42 रनों के साथ टीम के हाईएस्ट स्कोरर रहे। इस पारी के दौरान हैरी ब्रूक ने सुपरमैन अंदाज में हवा में डाइव लगाते हुए सैफ जैब का एक शानदार कैच भी पकड़ा। 144 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स को जैक क्रॉली ने तूफानी शुरुआत दी। उनका बखूबी साथ साथी सलामी बल्लेबाज डेविड मलान ने 41 रनों की पारी खेलकर दिया। जैक क्रॉली 38 गेंदों पर 5 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के लगाकर 67 रन पर नाबाद रहे। वहीं चौथे नंबर पर उतरे हैरी ब्रूक ने 15 गेंदों पर 1 चौका और 2 छक्के लगाकर 25 रनों के साथ पारी का अंत किया। नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स ने यह मैच 11 गेंदें शेष रहते ही जीत लिया।  

बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के सत्यापन के लिए निविदाएं आमंत्रित कीं

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने खिलाड़ियों के पंजीकरण की सत्यापन सेवाओं के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं और दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 22 अगस्त तय की है। बोर्ड ने मीडिया विज्ञप्ति में कहा, ''बीसीसीआई निविदा प्रक्रिया के माध्यम से खिलाड़ियों के पंजीकरण के लिए सत्यापन सेवाओं के प्रावधान सहित सेवाएं प्रदान करने के अधिकार और दायित्व हासिल करने के लिए प्रतिष्ठित संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करता है।'' बीसीसीआई ने निविदा के लिए अनुरोध (आरएफपी) जारी किया है जिसमें इससे संबंधित विस्तृत नियम और शर्तें दी गई हैं। बोर्ड ने कहा, ''एक लाख रुपये की गैर-वापसी योग्य फीस और लागू वस्तु एवं सेवा कर का भुगतान प्राप्त होने पर आरएफपी उपलब्ध कराया जाएगा।''   

तिलक वर्मा ने हैम्पशायर की जीत में निभाई अहम भूमिका

साउथम्पटन भारत के टी 20 स्पेशलिस्ट तिलक वर्मा ने गुरुवार को साउथंप्टन में खेले गए वनडे कप के ग्रुप-ए मुकाबले में अपनी टीम हैम्पशायर के लिए एसेक्स के खिलाफ 54 रन की पारी खेली। तिलक ने जो वीदरली के साथ 98 रन की अहम साझेदारी भी निभाई, वीदरली ने इस मैच में नाबाद शतक जड़ा। एसेक्स के खिलाफ इस जीत के बाद अंक तालिका में हैम्पशायर टॉप पर पहुंच गई है, जबकि दो मैचों में दो हार के साथ एसेक्स फिलहाल आठवें स्थान पर है। इससे पहले हैम्पशायर के कप्तान निक गबिन्स ने टॉस जीतकर एसेक्स को बल्लेबाजी का न्योता दिया था। एसेक्स ने चार्ली एलिसन, टॉम वेस्ले और रॉबिन दास के अर्धशतकों की बदौलत स्कोर बोर्ड पर 285 रन बना दिए थे। एलिसन ने 80, वेस्ले ने 61 जबकि दास ने 50 रन बनाए थे। हैम्पशायर की ओर से काइल एबॉट, एडी जैक, डॉमिनिक केली और एंड्र्यू नील को दो-दो सफलता हाथ लगी थी। 286 रनों का पीछा करते हुए हैम्पशायर को कप्तान गबिन्स और अली ओर ने अच्छा आग़ाज़ दिलाया था। पहले विकेट के लिए दोनों ने 58 रन की साझेदारी निभाई, अली के रूप में हैम्पशायर को पहला झटका लगा। अली के आउट होने के बाद नंबर-3 पर तिलक बल्लेबाज़ी करने आए, उन्होंने आते ही कुछ अच्छे शॉट्स लगाए लेकिन 80 रन के योग पर हैम्पशायर को गबिन्स के तौर पर दूसरा झटका लग गया था। तिलक ने यहां से सूझ-बूझ की पारी खेलते हुए वीदरली के सााथ अच्छी साझेदारी निभाई। तिलक ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था और अच्छी लय में नज़र आ रहे थे लेकिन 54 रन के निजी योग पर वह वेस्ले की गेंद पर बोल्ड हो गए। तिलक ने अपनी पारी में पांच चौके और दो छक्के भी लगाए। तिलक और वीदरली के बीच हुई 98 रनों की साझेदारी ने एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म सेट कर दिया था। तिलक के आउट होने के बाद वीदरली ने ज़िम्मेदारी उठाई और अंत तक नाबाद शतकीय पारी खेलते हुए हैम्पशायर को जीत की मंज़िल तक पहुंचा दिया। हैम्पशायर ने ये मुक़ाबला 22 गेंद शेष रहते हुए पांच विकेट से अपने नाम किया। तिलक के लिए वनडे कप में शानदार वापसी रही, क्योंकि पिछले मुक़ाबले में वह ग्लमॉर्गन के ख़िलाफ़ बिना खाता खोले ही आउट हो गए थे। हालांकि इससे पहले लाल गेंद से उन्होंने हैम्पशायर के लिए चार मैचों में दो शतक और एक अर्धशतक भी जड़ा था। तिलक इसी महीने दलीप ट्रॉफ़ी में खेलते नज़र आएंगे. जहां उनके कंधों पर साउथ ज़ोन की कमान भी होगी।