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पंचकूला में स्मृति ईरानी का दो दिवसीय दौरा, सीएम नायब सैनी समेत बड़े नेताओं से होगा संवाद

चंडीगढ़  हरियाणा भाजपा में संगठनात्मक गतिविधियां तेज होने जा रही हैं। पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और सह प्रभारी डॉ. भोला सिंह 22 और 23 अक्टूबर को दो दिवसीय प्रवास पर हरियाणा पहुंच रहे हैं। पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय में लगातार होने वाली बैठकों के जरिये दोनों नेता सरकार और संगठन के बीच तालमेल, संगठनात्मक तैयारियों तथा आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता, केंद्रीय मंत्रियों, राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। हरियाणा और छत्तीसगढ़ की प्रभारी नियुक्त होने के बाद पहला दौरा हरियाणा और छत्तीसगढ़ की प्रभारी नियुक्त होने के बाद स्मृति ईरानी का यह पहला औपचारिक संगठनात्मक दौरा होगा। इससे पहले वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ गुरुग्राम में प्रधानमंत्री के सेवा सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुई थीं, लेकिन उस दौरान प्रदेश भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक संवाद नहीं हुआ था। अब पंचकूला में होने वाली बैठकों को प्रदेश संगठन की गतिविधियों और सरकार के साथ समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 22 अक्टूबर को सुबह करीब 10 बजे स्मृति ईरानी और डॉ. भोला सिंह पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचेंगे। सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, संगठन महामंत्री पवन राणा और प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक होगी। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों, जिला प्रभारियों और जिला अध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें निर्धारित हैं। पहले दिन का कार्यक्रम यहीं तक सीमित नहीं रहेगा। वर्ष 2009, 2014 और 2019 में विधायक रह चुके पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ भी दोनों नेता संवाद करेंगे। इसके अलावा तीन बार प्रदेश पदाधिकारी रह चुके नेताओं की बैठक और बोर्ड-निगमों के चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैनों के साथ चर्चा होगी। इन बैठकों के माध्यम से प्रदेश में संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जा सकता  दूसरे दिन कोर ग्रुप से लेकर नायब सरकार तक मंथन, जनप्रतिनिधियों की बैठक भी अहम 23 अक्टूबर को भाजपा कोर ग्रुप की बैठक से दिन की शुरुआत होगी। इसकी व्यवस्था पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल संभालेंगी। इसके बाद स्मृति ईरानी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल, कृष्णपाल गुर्जर और राव इंद्रजीत सिंह तथा हरियाणा सरकार के मंत्रियों के साथ संवाद करेंगी। इस बैठक की जिम्मेदारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को सौंपी गई है। इसके बाद करीब एक घंटे की जनप्रतिनिधि बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक शामिल होंगे। इसकी व्यवस्था खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम संभालेंगे। दोपहर के भोजन के बाद विचार परिवार की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संगठन महामंत्री पवन राणा को दी गई है। दो दिनों के इस विस्तृत कार्यक्रम में संगठन और सरकार के प्रमुख चेहरों की भागीदारी तय की गई है। बैठकों का क्रम संकेत देता है कि भाजपा नेतृत्व प्रदेश संगठन की स्थिति से लेकर सरकार के कामकाज और राजनीतिक प्राथमिकताओं तक विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करना चाहता है। ऐसे में स्मृति ईरानी का यह दौरा हरियाणा भाजपा के संगठनात्मक संवाद और भावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।

हरियाणा पुलिस की वाहन चालकों को चेतावनी, ढकी या फर्जी नंबर प्लेट पर होगी कार्रवाई

 चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जल्द विशेष जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाएगी। निर्धारित मानकों के अनुरूप प्लेट नहीं लगाने वाले वाहनों की जांच होगी। नंबर प्लेट ढकी, अस्पष्ट या अनधिकृत होने पर भी लागू कानूनी प्रविधानों के तहत चालान और कार्रवाई की जा सकती है। डीजीपी अजय सिंघल ने यातायात नियमों का पालन करने की अपील की अभियान का उद्देश्य सड़क सुरक्षा मजबूत करना, वाहनों की पहचान सुनिश्चित करना और प्लेट के दुरुपयोग पर रोक लगाना है। पुलिस वाहन चालकों को एचएसआरपी के सुरक्षा लाभ और अधिकृत माध्यमों से इसे लगवाने की जानकारी देगी। हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने वाहन मालिकों से मानकों के अनुरूप एचएसआरपी लगवाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्लेट पहचान और वाहन चोरी जैसे अपराधों की जांच में सहायक है। एडीजीपी ट्रैफिक अमिताभ ढिल्लों के अनुसार, इसके सुरक्षा फीचर पंजीकरण विवरण के सत्यापन और छेड़छाड़ रोकने में मददगार हैं। नियम केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 50, मोटर वाहन (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) आदेश, 2018 और हरियाणा सरकार के निर्देशों में निर्धारित हैं। पुराने वाहनों के मालिक अधिकृत डीलर या पंजीकरण प्राधिकारी से प्लेट लगवाएं।  

हरियाणा के 74 सरकारी विभागों का डेटा होगा सुरक्षित, 469 करोड़ से बनेगा आधुनिक डेटा सेंटर

 चंडीगढ़ हरियाणा में सरकारी डेटा की सुरक्षा मजबूत करने, साइबर हमलों से निपटने और डिजिटल सेवाओं को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए 738 करोड़ रुपये की दो प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय सूचना प्रौद्योगिकी संचालन समिति (आइटी प्रिज्म) की 51वीं बैठक में 269 करोड़ रुपये की हरियाणा डिजिटल कवच-सुरक्षा संचालन केंद्र (एच-एसओसी) और 469 करोड़ रुपये की हरियाणा राज्य डेटा केंद्र 2.0 (एचएसडीसी 2.0) परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनका उद्देश्य प्रदेश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुरक्षित, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना है। बैठक में नागरिक सेवाओं के लिए प्रस्तावित सरल 2.0 के विकास एवं क्रियान्वयन पर भी विचार किया गया। इस अगली पीढ़ी के सेवा वितरण मंच का उद्देश्य सरकारी सेवाओं की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और नागरिकों तक उनकी पहुंच बेहतर बनाना है। 24 घंटे रहेगी निगरानी नागरिक संसाधन सूचना विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन ने बैठक में बताया कि हरियाणा डिजिटल कवच के तहत केंद्रीकृत सुरक्षा संचालन केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह सरकारी नेटवर्क, एप्लीकेशन, डेटाबेस और महत्वपूर्ण डिजिटल प्रणालियों पर 24 घंटे निगरानी रखेगा। संभावित साइबर हमलों की पहचान, जांच और उनसे निपटने के लिए समन्वित कार्रवाई की जाएगी। ‘एक राज्य-एक सुरक्षा संचालन केंद्र’ की अवधारणा पर आधारित यह व्यवस्था विभिन्न विभागों की अलग-अलग साइबर सुरक्षा प्रणालियों को एकीकृत करेगी। इसमें सुरक्षा सूचना एवं घटना प्रबंधन, स्वचालित प्रतिक्रिया, उपकरणों पर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और साइबर खतरा सूचना जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। 269 करोड़ रुपये की इस परियोजना को नौ माह में लागू करने और इसके बाद पांच वर्ष तक संचालित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए हरियाणा एआई विकास परियोजना के तहत विश्व बैंक से 25 करोड़ रुपये की सहायता प्रस्तावित है, जबकि शेष 244 करोड़ रुपये राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। 74 विभागों को सेवाएं देने वाले डेटा सेंटर का होगा कायाकल्प 469 करोड़ रुपये की हरियाणा राज्य डेटा केंद्र 2.0 परियोजना के तहत पुराने उपकरणों और प्रणालियों को बदलकर अगली पीढ़ी का डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। चंडीगढ़ स्थित नए सचिवालय में अगस्त 2012 से संचालित राज्य डेटा केंद्र लगभग 74 सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों को सेवाएं देता है। सीमित कंप्यूटिंग क्षमता, पुरानी नेटवर्किंग प्रणालियों और समर्पित आपदा रिकवरी सुविधा के अभाव को देखते हुए इसका आधुनिकीकरण किया जाएगा। नई व्यवस्था में उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग, उन्नत डेटा भंडारण, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) आधारित कंप्यूटिंग, आधुनिक नेटवर्किंग और मजबूत साइबर सुरक्षा नियंत्रण शामिल होंगे।  

राखीगढ़ी में सात दिवसीय महोत्सव की तैयारियां तेज, हेरिटेज वॉक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आयोजित

नारनौल  राखीगढ़ी महोत्सव 19 से 25 अक्तूबर तक आयोजित होगा। यह सात दिवसीय महोत्सव इतिहास, पुरातत्व, शिक्षा, ग्रामीण जीवन और हरियाणवी लोक संस्कृति का संगम होगा। महोत्सव की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक अमित खत्री ने वीरवार को डीसी राहुल नरवाल के साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। राखीगढ़ी स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य पर्यटकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी से बचाना है। महोत्सव के दौरान हड़प्पा सभ्यता से संबंधित प्रदर्शनी और हेरिटेज वॉक आयोजित होगी। शैक्षणिक गतिविधियां, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी इसमें शामिल होंगी। इनसे विद्यार्थियों और युवा पीढ़ी को राखीगढ़ी के ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया जाएगा। स्थानीय कला और पर्यटन को बढ़ावा ग्रामीण खेलों और हरियाणवी लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय हस्तशिल्प और ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। बैठक में निदेशक अमित खत्री ने साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर चर्चा की। डीसी राहुल नरवाल ने विभिन्न विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियों की जानकारी दी।  

धान खरीद में पारदर्शिता पर जोर, हरियाणा में 1.52 लाख किसानों का सत्यापन पूरा

चंडीगढ़  हरियाणा में धान खरीद के दौरान सरकार का जोर केवल मंडियों में फसल खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि चावल मिलों की गतिविधियों, किसानों के सत्यापन और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश की 1,433 चावल मिलों का आनलाइन पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि 1,215 मिलों का जियो-फेंसिंग आधारित भौतिक सत्यापन पूरा हो गया है। मिलिंग प्रक्रिया पर निगरानी मजबूत करने के लिए मिलों की बिजली खपत और बिजली बिलों पर भी नजर रखी जा रही है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने खरीफ खरीद सीजन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और मंडियों में व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए। बैठक में डिजिटल सत्यापन, गेट पास जारी करने, तुलाई, नमी की जांच और खरीद से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार खरीद प्रक्रिया में आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन का इस्तेमाल भी कर रही है। मुख्य सचिव की बैठक में बताया गया कि अब तक 1,52,136 किसानों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। आनलाइन राइस मिल पंजीकरण और जियो-फेंसिंग के जरिये मिलों के भौतिक सत्यापन से संबंधित रिकार्ड को वास्तविक स्थिति से जोड़ने में मदद मिलेगी। बिजली खपत और बिलों की निगरानी भी मिलिंग गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था का हिस्सा है। बैठक में मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों, ढुलाईकर्ताओं और चावल मिल मालिकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा, ताकि खरीद और उठान के दौरान आने वाली बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सके। प्रदेश में धान खरीद 15 नवंबर तक जारी रहेगी।

ध्रुव राठी की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें? साकेत कोर्ट के समन को घर के गेट पर चिपकाया

  गुरुग्राम     यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि के मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट का समन गुरुग्राम में उनके घर के मेन गेट पर चिपका दिया गया है. घर सेक्टर-56 की केंद्रीय विहार सोसाइटी में है. यह केस भाजपा आईटी सेल के सदस्य विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे ने दायर किया है. मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होनी है।  कोर्ट ने शिकायतकर्ता को अदालती स्टाफ के साथ जाकर समन तामील कराने की अनुमति दी थी. इसके बाद ही यह नोटिस ध्रुव राठी के घर पर लगाया गया. यानी समन उन्हें हाथ में देने की जगह घर के गेट पर चिपकाकर कोर्ट की सूचना उन तक पहुंचाई गई है।  पूरा विवाद साल 2018 में अपलोड हुए एक वीडियो से जुड़ा है. वीडियो का नाम 'BJP IT Cell Part-2' है. शिकायतकर्ता विकास पांडे का आरोप है कि इस वीडियो में भाजपा आईटी सेल और उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए. वीडियो में दावा किया गया था कि विकास पांडे के जरिए महावीर प्रसाद नाम के व्यक्ति को रिश्वत देने की कोशिश हुई थी. यह भी कहा गया था कि ध्रुव राठी को बदनाम करने के लिए 50 लाख रुपये की पेशकश की गई थी. विकास पांडे का कहना है कि ये सभी बातें झूठी और मनगढ़ंत हैं. उनके मुताबिक इनसे उनकी निजी और सामाजिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा है।  शिकायतकर्ता पक्ष के मुताबिक जुलाई 2019 में पहली बार समन जारी हुआ था. तब से यह समन तामील नहीं हो पा रहा था. वजह यह बताई गई कि ध्रुव राठी ऑस्ट्रिया में रहते हैं और सीधे नोटिस लेने से इनकार करते रहे. हाल ही में सूचना मिली कि वे भारत में, यानी दिल्ली एनसीआर में मौजूद हैं. इसके बाद कोर्ट ने नया समन जारी किया।  यह समन ऐसे समय चिपकाया गया है जब कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी की तरफ से दिल्ली के सेंट्रल पार्क में झंडा फहराने की प्रोटेस्ट कॉल चर्चा में है. इस कार्यक्रम में ध्रुव राठी के शामिल होने की भी चर्चाएं हैं. अब सबकी नजर 17 अक्टूबर की सुनवाई पर है, जब कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई होनी है। 

सीएम नायब सैनी के स्वीडन दौरे पर 4,000 करोड़ के LOI साइन, गुरुग्राम-स्टॉकहोम में सहयोग

पंचकुला  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वीडन दौरे से राज्य के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य को बड़ी मजबूती मिली है। इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान कुल ₹4,000 करोड़ के लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) साइन किए गए हैं। इसके तहत गुरुग्राम और स्टॉकहोम के बीच स्पेशल 'सिटी टू सिटी कोलेबोरेशन' का समझौता हुआ है। इसके अलावा रिटेल और वेयरहाउसिंग सेक्टर में ₹1,000 करोड़ तथा आत्मनिर्भर भारत के तहत ₹3,000 करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिससे हरियाणा के कुशल युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। सीएम ने स्वीडिश उद्योगपतियों को दिया न्योता मुख्यमंत्री सैनी और मंत्री ने स्वीडिश उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि सरकार नए उद्योगों की स्थापना, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक साझेदारी के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को 2027 में होने वाली हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान और स्वीडन की तकनीकी विशेषज्ञता को जोड़कर ‘मेड विद स्वीडन’ साझेदारी को नई दिशा दी जा सकती है। प्वाइंट्स में समझे पूरा समझौता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वीडन दौरे पर साइन हुए 4000 करोड़ के LOI। गुरुग्राम और स्टॉकहोम शहरों के बीच हुआ City to City Collaboration। सशक्त भारत आत्मनिर्भर भारत के क्षेत्र में हरियाणा सरकार ने साइन किया 3000 करोड़ का LOI। रिटेल सेक्टर, वेयर हाउसिंग सेक्टर में 1000 करोड़ के LOI हुए साइन। हरियाणा और स्वीडन के बीच व्यापार बढ़ाने और आर्थिक सहयोग के लिए भी हुआ समझौता। हरियाणा के स्किलड युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएंगी स्वीडिश कंपनियां।

हिसार से सोहना-पलवल तक सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, शहरों में घटेगा ट्रैफिक का दबाव

 पानीपत  हरियाणा के पांच शहरों में यातायात का दबाव कम करने के लिए बाईपास और बाहरी रिंग रोड बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार, कुरुक्षेत्र-लाडवा, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल बाईपास परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर करीब 9700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार का उद्देश्य शहरों के भीतर से गुजरने वाले यातायात का दबाव कम करना और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने 12 सितंबर को चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों के बाहर रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की योजना पर चर्चा की। बैठक में केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप राज्य की वित्तीय भागीदारी का मॉडल तैयार करने पर भी विचार किया गया। इसके लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। हिसार और कुरुक्षेत्र बाईपास की डीपीआर तैयार हिसार बाईपास को एनएच-52 के हिसार-राजगढ़ रोड से हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ने की योजना है। इससे शहर में वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने में मदद मिलेगी। कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। इस परियोजना पर जल्द काम शुरू करने की योजना है। नारनौल में 11, सोहना-पलवल में 24 किलोमीटर लंबी सड़क नारनौल में करीब 11 किलोमीटर लंबा सिटी बाईपास बनाया जाएगा। इसे एनएच-148बी से जोड़ा जाएगा। जींद में एनएच-352 पर चार लेन की बाहरी रिंग रोड और बाईपास विकसित किया जाएगा। वहीं, एनएच-919 से सोहना-पलवल बाईपास को जोड़ने वाली सड़क का पुनर्निर्माण और नए सिरे से डिजाइन तैयार किया जाएगा। यह सड़क करीब 24 किलोमीटर लंबी होगी और चार लेन की बनाई जाएगी। करनाल और अंबाला में भी रिंग रोड पर काम सरकार ने डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास को केएमपी लिंक के माध्यम से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने की योजना भी बताई है। करनाल रिंग रोड के लिए भूमि हिस्सेदारी की राशि जमा कराई जा चुकी है। अंबाला शहर और अंबाला कैंट को जोड़ने वाली रिंग रोड का निर्माण भी जारी है, जिसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य है। बैठक में सिरसा में सिविल स्टेशन रोड पर रेलवे अंडरपास के निर्माण सहित महेंद्रगढ़ क्षेत्र की कई सड़कों के कार्यों को भी मंजूरी दी गई।

दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर लगाम की तैयारी, हरियाणा में 17.5 लाख वाहनों पर प्रतिबंध

चंडीगढ़. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा सरकार ने पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने की पहल की है। सरकार ने वाहन मालिकों से 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है। पुराने वाहनों से होने वाला प्रदूषण पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इनके रखरखाव का खर्च अधिक होने के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं हैं। सरकार ने वाहन मालिकों से पुराने वाहन अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों (आरवीएसएफ) पर ही स्क्रैप कराने की अपील की है। यहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत वाहनों को नष्ट कर उपयोगी धातुओं और अन्य सामग्रियों का पुनर्चक्रण किया जाता है। इससे अनधिकृत तरीके से वाहन काटने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलती है। एनसीआर में शामिल हैं हरियाणा के 14 जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड के अनुसार, हरियाणा के 14 जिले एनसीआर में शामिल हैं। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद और करनाल हैं। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की राष्ट्रीय हरित अधिकरण में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 तक एनसीआर में 10 साल से पुराने 6,11,097 डीजल और 15 साल से पुराने 11,45,645 पेट्रोल वाहन दर्ज थे। इनकी कुल संख्या 17,56,742 थी। इनमें से जनवरी 2025 तक 4,160 डीजल और 2,377 पेट्रोल वाहनों का पंजीकरण रद किया गया था। एनसीआर में नहीं चलाए जा सकते ऐसे वाहन एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत आयु सीमा पार कर चुके डीजल और पेट्रोल वाहन एनसीआर में नहीं चलाए जा सकते। नियम तोड़ने पर चालान और वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई हो सकती है। दिसंबर 2025 में संसद में पेश संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में 21 वाहन स्क्रैपिंग केंद्र संचालित हैं। वाहन स्क्रैपिंग का कोई एक समान सरकारी शुल्क निर्धारित नहीं है। भुगतान वाहन की स्थिति, वजन और कबाड़ सामग्री के मूल्य के आधार पर तय हो सकता है। वाहन मालिक को स्क्रैप की कीमत मिल सकती है और प्रक्रिया पूरी होने पर प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। पात्रता के अनुसार, इसके आधार पर नए वाहन की खरीद पर प्रोत्साहन मिल सकता है। नए वाहन लेने पर मिल सकती है छूट हरियाणा ने 2022 में वाहन स्क्रैपिंग नीति अधिसूचित की थी। स्क्रैपिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग एवं रीसाइक्लिंग सुविधा प्रोत्साहन नीति-2024 में भी प्रावधान हैं। केंद्र सरकार की व्यवस्था के तहत नए वाहन पर मोटर वाहन कर में छूट मिल सकती है। गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए यह अधिकतम 25 प्रतिशत और व्यावसायिक वाहनों के लिए अधिकतम 15 प्रतिशत तक हो सकती है।

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारियों को 15 हजार रुपये एडवांस; 24 अक्टूबर तक करें आवेदन

चंडीगढ़  त्योहारों के बीच चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रदेश सरकार ने राहत दी है। सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों और स्वायत्त संस्थानों में स्थायी या अस्थायी आधार पर लगे नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 15 हजार रुपये का ब्याजमुक्त एडवांस दिया जाएगा। पात्र कर्मचारी 24 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। धनराशि 30 अक्टूबर 2026 तक स्वीकृत और वितरित की जा सकेगी। यह सुविधा नियमित स्थायी और अस्थायी राज्य सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी, जिनकी अगले 10 महीने तक सेवा में बने रहने की संभावना है। संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) एडवांस स्वीकृत करेंगे। अस्थायी कर्मचारी को किसी स्थायी राज्य सरकारी कर्मचारी की जमानत देनी होगी। 10 मासिक किस्तों में वसूली जाएगी राशि यह राशि 10 समान मासिक किस्तों में वसूली जाएगी। पति-पत्नी के दोनों सरकारी कर्मचारी होने पर उनमें से केवल एक को यह सुविधा मिलेगी। कार्यभारित, आकस्मिक वेतनभोगी, दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारी एडवांस के पात्र नहीं होंगे। दूसरे सरकारी विभागों, निगमों या स्थानीय निकायों में प्रतिनियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मूल विभाग से एडवांस नहीं मिलेगा। निलंबित कर्मचारियों और हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम 2016 के नियम-7 के तहत कार्रवाई का सामना कर रहे कर्मचारियों के आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। अपात्र कर्मचारी को एडवांस देने पर डीडीओ जिम्मेदार होंगे और नियमानुसार कार्रवाई होगी। दुरुपयोग पर कर्मचारी से 10 प्रतिशत दंडात्मक ब्याज वसूला जाएगा। विभागों को वसूली का विस्तृत रिकॉर्ड रखना होगा। हर महीने प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) के कार्यालय से मिलान करने के साथ ही हर बिल के साथ विवरण देना होगा। कुल खर्च की जानकारी नवंबर अंत तक निर्धारित प्रारूप में वित्त विभाग को भेजनी होगी।