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डॉ. तीजन बाई श्रद्धांजलि समारोह की तैयारियां तेज, शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण

रायपुर. प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव पद्म विभूषण से सम्मानित, विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमूल्य धरोहर स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम गनियारी स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा इस दुःख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार 14 जुलाई को आयोजित होने वाले दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में परिवारजनों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक व्यवस्थाओं की चर्चा की। यादव ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई का निधन केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ और देश की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी विलक्षण पंडवानी गायन शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका सांस्कृतिक योगदान, व्यक्तित्व और कला सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिवंगत डॉ. तीजन बाई के प्रशंसकों, कला जगत से जुड़े लोगों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति को देखते हुए बैठक, भोजन, आवागमन सहित सभी व्यवस्थाएं गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने परिवारजनों से आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आश्वस्त किया कि राज्य शासन इस अवसर पर हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। इस अवसर पर महापौर निर्मल कोसरे, ग्रामवासी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Iran Retaliates: US हमले के बाद ईरान का पलटवार, कुवैत, बहरीन और खाड़ी देशों में हाई अलर्ट; क्या बंद होगा होर्मुज?

तेहरान  अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए. अमेरिकी सेना ने इन हमलों को शक्तिशाली बताया है. अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई. इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया था. इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ ठिकानों पर हमले किए. इन सैन्य हमलों से कुछ ही समय पहले अमेरिका ने ईरान को दी गई एक अस्थायी प्रतिबंध छूट भी वापस ले ली. इस छूट के तहत ईरान को जून में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के आधार पर कच्चे तेल का उत्पादन, बिक्री और आपूर्ति करने की अनुमति मिली हुई थी. यह छूट 21 अगस्त तक लागू रहने वाली थी, लेकिन अमेरिका ने इसे समय से पहले ही समाप्त कर दिया।  अब तक क्या-क्या हुआ?     होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन जहाजों, जिनमें कतर और सऊदी अरब के तेल टैंकर भी शामिल हैं, पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर शक्तिशाली सैन्य हमले शुरू कर दिए।      ईरानी मीडिया के मुताबिक ईरान के सीरिक बंदरगाह शहर, बंदर अब्बास और केश्म द्वीप में कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं।      अमेरिका ने 17 जून को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के तहत ईरान को तेल बेचने की दी गई विशेष छूट (वेवर) भी रद्द कर दी है।  इजरायली लड़ाकू विमानों ने किए लेबनान में हमले लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों ने रात के दौरान दक्षिणी लेबनान में तीन चरणों में हवाई हमले किए. रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमले बिंत जुबैल जिले के बैत याहून, कुनिन और ब्राचीत कस्बों के बीच के इलाकों को निशाना बनाकर किए गए. फिलहाल इन हमलों में हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।  होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को खतरा, यूएस ने किया अलर्ट तनाव बढ़ने के बाद अमेरिकी नौसेना की निगरानी में काम करने वाले जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर बढ़ा दिया है. जहाजों को ज्यादा सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं. समुद्री एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस इलाके में नौसैनिक गश्त और सुरक्षा जांच और बढ़ सकती है।  ईरान पहले भी कहता रहा है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाज उसके तय किए गए रास्ते का ही इस्तेमाल करें. जिन जहाजों पर हमला हुआ, वे ओमान और यूएई के पास वाले वैकल्पिक मार्ग से गुजर रहे थे. इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि यह हमला दूसरे जहाजों को चेतावनी देने के लिए किया गया हो. हालांकि, ईरान ने अब तक इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।  कतर ने अपने टैंकर पर हुए हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है. वहीं बहरीन ने भी सऊदी अरब और कतर के जहाजों पर हमलों की निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।  इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज को लेकर चल रही बातचीत भी फिलहाल रुकती हुई नजर आ रही है. दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से पूरे खाड़ी क्षेत्र में फिर से अनिश्चितता का माहौल बन गया है. हालांकि, अली खामेनेई के जनाजे के बीच दोनों देशों की बातचीत आधिकारिक रूप से रुकी हुई है।  बहरीन में तीसरी बार बजे एयर रेड सायरन, ईरान अमेरिकी मिलिट्री बेस पर कर रहा हमले बहरीन में को तीसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. इसके बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. इसी बीच, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया है कि बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने मिसाइल हमलों का एक नया दौर शुरू कर दिया है. IRIB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा- बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के नए मिसाइल हमले शुरू हो गए हैं. हालांकि, ईरान के इस दावे की अभी तक अमेरिका या बहरीन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।   ईरान के बुशेहर शहर के आसपास सुने गए धमाके ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, बुधवार सुबह दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशेहर और उसके आसपास के इलाकों में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. हालांकि, एजेंसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित खार्ग द्वीप पर हमले की खबरों को खारिज कर दिया है. मेहर ने अपने स्थानीय संवाददाता के हवाले से कहा कि खार्ग द्वीप पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है. फिलहाल धमाकों के कारण और किसी संभावित नुकसान को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।  IRGC ने किया दावा- बहरीन के शेख ईसा एयर बेस को बनाया निशाना ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया है. ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान पर अमेरिका के ताजा हवाई हमलों के जवाब में की गई. ईरानी सेना ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. सेना ने चेतावनी दी कि अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब ईरान के सैन्य ड्रोन के वैध लक्ष्य होंगे. यह बयान ऐसे समय आया है, जब बहरीन में आज सुबह दूसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए. गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना के 85 सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों में निशाना बनाया है।   बहरीन में फिर बजे एयर रेड सायरन बहरीन में आज सुबह दूसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. इसके … Read more

Punjab Weather Update: मानसून की धीमी चाल, गर्मी से राहत नहीं; मोहाली समेत 6 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट

चंडीगढ़  पंजाब में मानसून अगले दो से तीन दिनों में फाजिल्का और मुक्तसर के शेष हिस्सों तक पहुंच जाएगा। इसके साथ ही पूरा पंजाब मानसून की चपेट में आ जाएगा। विभाग ने 12 जुलाई तक राज्य में बारिश की अच्छी गतिविधियों का पूर्वानुमान जताया है। मंगलवार को अधिकतर स्थानों पर मौसम शुष्क रहा, हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश सीमित रहने के कारण गर्मी का असर बना रहा और राज्य में अधिकतम तापमान 1.3 डिग्री बढ़ गया। फरीदकोट में पारा 42.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने अगले 48 घंटे अहम बताते हुए आज और 9 जुलाई के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। आज पंजाब के 21 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें 6 जिलों पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर और पटियाला में कई स्थानों पर, जबकि तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा और बठिंडा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। आसमान में बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग की तरफ से पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, पटियाला, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा और बठिंडा में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।  मौसम विभाग का कहना है कि फाजिल्का और मुक्तसर के कुछ हिस्सों को छोड़कर तीन जुलाई तक मानसून राज्य के अधिकतर इलाकों में पहुंच चुका है। आगामी दिनों में बारिश का दायरा बढ़ने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।  बिजली की मांग 15 हजार मेगावाट गर्मी अधिक होने की वजह से मंगलवार को बिजली की मांग 15,003 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान राज्य का अपना बिजली उत्पादन 4,673 मेगावाट रहा, जबकि केंद्रीय पूल से 10,578 मेगावाट बिजली निर्धारित कराई गई। वहीं, ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 50.05 हर्ट्ज दर्ज की गई। बांधों में जलस्तर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के मुताबिक 7 जुलाई को भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,567.02 फीट दर्ज किया गया। बांध में 38,018 क्यूसेक पानी आया, जबकि 23,229 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, पौंग बांध का जलस्तर 1,318.71 फीट रहा। इसमें 17,875 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज हुई, जबकि 15,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सारे हिस्सों में पहुंच जाएगा मानसून मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पंजाब के बाकी हिस्सों में भी पूरी तरह फैलने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। अब केवल दो जिले ही शेष हैं। मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और इसके असर से राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इसके चलते लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। साथ ही, एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिससे मानसून को मजबूती मिलेगी और अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रह सकता है।

भोपाल की शत्रु संपत्ति पर नया खुलासा! पाकिस्तान में रहते हुए बेची गई 30.55 एकड़ जमीन, EOW ने शुरू की जांच

भोपाल तत्कालीन भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्ला खां की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम ने पाकिस्तान में रहते हुए 1994 में भोपाल के बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि बेच दी थी।समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को साक्ष्यों सहित शिकायत देकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शत्रु संपत्ति अधिनियम लागू होने के बावजूद पाकिस्तान निवासी होने का तथ्य छिपाकर करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि का सौदा किया गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि भी हो सकती है। सहकारी आवासीय संस्था को बेची जमीन शिकायत में दावा किया है कि 31 मई 1994 को आफताब जहां बेगम ने बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को मात्र 30.55 लाख रुपये में बेच दी। सौदे के समय केवल 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए, जबकि शेष 29 लाख रुपये चार किस्तों में लेने का अनुबंध किया गया था।वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों के अनुसार आफताब जहां बेगम के नाम बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। चार किश्तों में लेने का अनुबंध किया गया था अमिताभ अग्निहोत्री ने दावा किया है कि 31 मई 1994 को आफताब जहां बेगम ने बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपये में बेच दी। शिकायत के अनुसार सौदे के समय केवल 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए, जबकि शेष 29 लाख रुपये चार किश्तों में लेने का अनुबंध किया गया था। स्वीकृतियों की वैधता की जांच की जानी चाहिए वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों के अनुसार आफताब जहां बेगम के नाम बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान निवासी होने के कारण यह संपत्ति शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ सकती थी। इसलिए इसकी खरीद-बिक्री, नामांतरण, भवन अनुमति और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियों की वैधता की जांच की जानी चाहिए। शिकायत में यह भी मांग की गई है कि बिक्री के समय आफताब जहां बेगम भारत में मौजूद थीं या नहीं, उनके पासपोर्ट और यात्रा अभिलेखों का सत्यापन किया जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि भूमि सौदे में काले धन का इस्तेमाल या स्टाम्प ड्यूटी की चोरी तो नहीं हुई। शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कस्टोडियन विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व, कलेक्टर और एडीएम भोपाल को भी भेजी गई है। शिकायत में उठाए गए प्रमुख सवाल     क्या पाकिस्तान निवासी होने के बावजूद भूमि की बिक्री वैध थी?     क्या संबंधित जमीन शत्रु संपत्ति घोषित की जानी चाहिए थी?     क्या नामांतरण और भवन अनुमति नियमों के अनुरूप जारी हुई?     क्या सरकार को स्टाम्प ड्यूटी का नुकसान हुआ?     क्या भूमि सौदे में ब्लैक मनी का इस्तेमाल हुआ? क्या है शत्रु संपत्ति कानून? भारत में शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत उन व्यक्तियों की संपत्तियां, जिन्होंने शत्रु देश की नागरिकता ग्रहण कर ली, केंद्र सरकार के कस्टोडियन के नियंत्रण में लाई जा सकती हैं। हालांकि किसी विशेष संपत्ति पर यह कानून लागू होता है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी और न्यायालय उपलब्ध अभिलेखों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर करते हैं। शिकायत में यह आरोप उनका आरोप है कि पाकिस्तान निवासी होने के कारण यह संपत्ति शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ सकती थी, इसलिए इसकी खरीद-बिक्री, नामांतरण, भवन अनुमति और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियों की वैधता की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि बिक्री के समय आफताब जहां बेगम भारत में मौजूद थीं या नहीं, उनके पासपोर्ट और यात्रा अभिलेखों का सत्यापन किया जाए। यह भी देखा जाए कि भूमि सौदे में काले धन का इस्तेमाल या स्टांप ड्यूटी की चोरी तो नहीं हुई। शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कस्टोडियन विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व, कलेक्टर और एडीएम भोपाल को भी भेजी गई है। यह है शत्रु संपत्ति कानून भारत में शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत उन व्यक्तियों की संपत्तियां, जिन्होंने शत्रु देश की नागरिकता ग्रहण कर ली, केंद्र सरकार के कस्टोडियन के नियंत्रण में लाई जा सकती है। हालांकि, किसी विशेष संपत्ति पर यह कानून लागू होता है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी और न्यायालयों द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है।  

MP Rain: उमरिया में भारी बारिश के बाद जोहिला बांध लबालब, दो गेट खोले गए; मनमोहक नजारा देखने पहुंचे सैकड़ों लोग

उमरिया  उमरिया में बीते कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से नाले और नद‍ियां लगातार उफान पर होने को आतुर हैं. शहडोल संभाग के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी खासी बारिश के चलते संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र स्थित जोहिला बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. स्थिति को देखते हुए मंगलवार को बांध के दो गेट लगभग दो-दो मीटर तक खोल दिए गए।  जोहिला बांध के दो गेट खोले उमरिया में भी झमाझम बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. इसका असर अब नदी नालों पर भी दिख रहा है. नदी नाले उफान पर आ रहे हैं, उमरिया के संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र स्थित जोहिला बांध का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, मंगलवार को जोहिला बांध के दो गेट लगभग एक-एक मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा गया है।  सुरक्षा के कड़े इंतेजाम ताप विद्युत केंद्र के अधिकारी मनोज त्रिपाठी ने कहा, "बढ़ते जल स्तर को देखते हुए दो गेट खोले गए हैं. स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. बांध से पानी छोड़े जाने के बाद अब जिला प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है. प्रशासन ने आम जनता को नदी नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्र के नजदीक न जाने की सलाह दी है. अनावश्यक रिस्क लेने से भी मना किया है।  पुलिस बल और बांध कर्मचारियों की तैनात जोहिला बांध के जो दो गेट खोले गए हैं. यह कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने जलस्तर को कंट्रोल करने के मकसद से उठाया गया है. लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है, गेट खोलने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग बांध का नजारा देखने पहुंचने लगे, इस दौरान कई लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो तस्वीर बनाते भी देखे गए।  सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बांध परिसर में बैरिकेडिंग की गई है. इसके साथ पुलिस बल और बांध कर्मचारियों को भी तैनात किया गया था, जिससे किसी भी तरह के अप्रिय घटना से बचा जा सके. अधिकारियों ने बताया कि अगर बारिश का दौर जारी रहता है और बांध के जलस्तर में और वृद्धि होती है तो और भी गेट खोले जा सकते हैं।  उमरिया में अधीक्षक भू अभिलेख ने बताया है कि, बीते 24 घंटे में 51.8 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है. जिले में 1 जून से लेकर के 7 जुलाई तक 215.8 मिली मीटर वर्षा रिकार्ड की गई है।  मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में मानसून की शुरुआती जोरदार बारिश ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के दावों की जमीनी हकीकत सामने ला दी है. मंगलवार रात को हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई मुख्य मार्ग और चौराहे जलमग्न हो गए. ड्रेनेज सिस्टम की नाकामी के चलते सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  पहली ही बारिश में नगर पालिका के दावे फेल विदिशा शहर के बीचों-बीच स्थित सड़कों पर पानी का भराव इतना ज्यादा है कि, नीचे के गहरे गड्ढे वाहन चालकों को नजर नहीं आ रहे हैं. साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पानी से लबालब भरी सड़कों पर गाड़ियां और मोटरसाइकिलें अनियंत्रित होकर कूद रही हैं. कई दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों के कारण संतुलन खो रहे हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। 

Punjab Congress Crisis: बघेल की दोटूक- प्रधान नहीं बदलेगा, चन्नी गुट ने फिर किया बैठक का बहिष्कार; हाईकमान से मुलाकात की तैयारी

लुधियाना पंजाब कांग्रेस में बगावत जारी है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदलने की जिद पर अड़े हैं। इस विवाद को सुलझाने के लिए पंजाब प्रभारी एवं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया मगर चन्नी पहले हाईकमान से मिलना चाहते हैं। लिहाजा मंगलवार को उन्होंने बघेल की बैठक से दूरी बनाई रखी। उनके समर्थक विधायक, पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक भी प्रदेश प्रभारी की बैठक में नहीं गए। पार्टी सूत्र बताते हैं कि चन्नी दिल्ली से लौट आए हैं और वे मंगलवार को चंडीगढ़ में ही रहे मगर बघेल से मिलने नहीं पहुंचे। उनके समर्थकों ने यही बताया कि चन्नी जरूरी काम के चलते दो दिन बाद बघेल से मिलेंगे। उधर, सूत्र बताते हैं कि मंगलवार शाम को कांग्रेसी नेता राहुल गांधी की टीम ने पूर्व सीएम चन्नी से संपर्क साधा है। उनकी मुलाकात जल्द राहुल गांधी से हो सकती है जबकि प्रियंका गांधी की ओर से भेजी गई टीम चन्नी से मिलकर जा चुकी है। हालांकि इस मुलाकात के बाद से पूर्व सीएम चन्नी और उनके समर्थक फिलहाल शांत हैं मगर पंजाब कांग्रेस में जिस तरह से अंदरूनी हालात चल रहे हैं, उस देखते हुए हाईकमान को पार्टी में टूट का डर सता रहा है। चन्नी के एक समर्थक विधायक ने बताया कि मोरिंडा में हुई बैठक में सभी नेताओं ने पूर्व सीएम चन्नी को इस मसले पर हाईकमान से बात करने के लिए अधिकृत किया था, इसलिए सभी नेता चाहते हैं कि प्रदेश प्रभारी से पहले पूर्व सीएम चन्नी राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के समक्ष पंजाब के नाराज नेताओं की बात रखें। उनके अनुसार अधिकतर नेता वड़िंग का नेतृत्व स्वीकार नहीं कर रहे हैं। एक कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष, छह जिला प्रधान नहीं पहुंचे मंगलवार को बघेल ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया जोकि देर शाम तक जारी रहा। पहले प्रदेश प्रभारी बघेल ने नवनियुक्त प्रदेश कार्यवाहक प्रधानों सुखजिंदर सिंह डैनी, राजकुमार वेरका और संगत सिंह गिलजियां को बुलाया था मगर गिलिजियां नहीं पहुंचे। इसी तरह उन्होंने सभी जिला प्रधानों को भी बैठक के लिए बुलाया था, उसमें भी छह जिलाध्यक्ष नहीं पहुंचे।  इससे पहले बघेल ने कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा, चुनाव घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह, चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति के अध्यक्ष विजय इंदर सिंगला, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता राणा केपी सिंह, चुनाव प्रचार समिति के सह अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैहरा, घोषणा पत्र समिति के सह-अध्यक्ष हरदयाल कंबोज, चुनाव प्रबंधन समिति के सह अध्यक्ष कुलजीत नागरा, ब्रह्म मोहिंद्रा, बलबीर सिंह सिद्धू, शमशेर सिंह दूलों सहित अन्य नेताओं के साथ बैठक की। नेताओं, कार्यकर्ताओं में एकजुटता   पंजाब प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं में एकजुटता है और सभी मिलकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जल्द जुटेंगे। जिनके जो गिले-शिकवे हैं, वे जल्द दूर कर लिए जाएंगे। वे एक-एक कर सभी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। बघेल ने कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उद्देश्य और मिशन को लेकर पूरी एकजुटता है। बघेल ने कहा, बैठक में चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।  बदलाव न होने के संकेत पर बढ़ी नाराजगी बघेल ने पंजाब कांग्रेस मुख्यालय में जिलाध्यक्षों की बैठक के दौरान मौजूदा नेतृत्व में बदलाव न होने के संकेत दिए। जिसके बाद पूर्व सीएम चन्नी के समर्थक और नाराज हो गए हैं। उनका कहना है कि अधिकतर नेता यही मांग कर रहे हैं कि मौजूदा नेतृत्व बदला जाए, यदि ऐसा नहीं होता तो नाराजगी और बढ़ेगी। चन्नी गुट ने आरोप लगाया है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं ने हाईकमान को गुमराह कर ऐसी नियुक्तियां करवाई हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस पर कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष राज कुमार वेरका ने कहा, बघेल सभी से मुलाकात कर रहे हैं, फिर भी यदि कुछ नेताओं को लगता है कि फिर भी अपनी बात हाईकमान के सामने ही रखनी है, तो भी कोई बात नहीं। उनके अनुसार जल्द सारा विवाद सुलझ जाएगा।  चन्नी को मनाने के बघेल के 3 दांव फेल:-     बाजवा के जरिए कोशिश, बात नहीं बनी: चंडीगढ़ पहुंचते ही भूपेश बघेल ने सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से मुलाकात की। माना गया कि बाजवा के जरिए चन्नी और उनके समर्थकों तक संदेश पहुंचाया जाएगा। बाजवा ने मीडिया में भी विवाद सुलझने की बात कही, लेकिन चन्नी गुट अपने रुख पर कायम रहा।     वेरका ने भी की पहल, फिर भी नहीं हुई मुलाकात: इसके बाद कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार वेरका ने भी चन्नी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बघेल से मिलने से पहले वेरका ने चन्नी के साथ बंद कमरे में चर्चा की। राजनीतिक हलकों में इसे दोनों पक्षों के बीच संवाद की कोशिश माना गया, लेकिन इसके बाद भी चन्नी गुट का कोई नेता बघेल से मिलने नहीं पहुंचा।     चाय पर बुलाने का ऑफर, वह भी बेकार: इस बीच प्रभारी भूपेश बघेल ने मीडिया से यह संदेश भी दिया कि "अगर कोई मुझे चाय पर बुलाएगा तो मैं जरूर जाऊंगा।" इसके बावजूद दौरे के दूसरे दिन भी चन्नी गुट ने दूरी बनाए रखी। नए कार्यकारी अध्यक्षों की जिम्मेदारियां तय…     सुखविंदर सिंह डैनी: AICC सचिव सूरज ठाकुर के साथ मिलकर काम करेंगे। वह उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी होंगे जहां वर्तमान में ठाकुर प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं, साथ ही उनके पास वही अग्रिम संगठन और विभाग भी होंगे। इनके पास 42 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी है।     संगत सिंह गिलजियां: वह AICC सचिव रवींद्र दलवी के साथ मिलकर काम करेंगे। वह उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी होंगे जहां वर्तमान में दलवी प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं, साथ ही उनके पास वही अग्रिम संगठन और विभाग भी होंगे। 45 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी रहेगी।     राजकुमार वेरका: वह AICC सचिव हिना कावरे के साथ मिलकर काम करेंगे। वह उन्हीं विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी होंगे जहां वर्तमान में हिना कावरे प्रभारी के रूप में कार्य कर रही हैं, साथ ही उनके पास वही अग्रिम संगठन और विभाग भी होंगे। 30 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी रहेगी। 2 दिन… मीटिंग पर मीटिंग, … Read more

कश्मीर में लश्कर कमांडर जाकिर गनई का एनकाउंटर, 5 दिन बाद ऑपरेशन सफल; पुलिस का सख्त संदेश

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी जाकिर गनई (Zakir Ganai) को मार गिराया है। यह आतंकवादी पिछले पांच दिनों से सुरक्षा बलों के कड़े चक्रव्यूह में फंसा हुआ था। सुरक्षा बलों ने सैदपोरा इलाके के मुठभेड़ स्थल से आतंकी का शव बरामद कर लिया है। इसके साथ ही मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस सफलता की जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, 'तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते! SOG शोपियां ने राष्ट्रीय राइफल और सीआरपीएफ के साथ मिलकर चलाए एक जॉइंट ऑपरेशन में लश्कर के एक आतंकवादी को मार गिराया।' आपको बता दें कि यह पूरा ऑपरेशन पांच दिन पहले शुरू हुआ था। सुरक्षा बलों के निगरानी कैमरों ने इस इलाके के एक घने बाग में दो संदिग्ध आतंकवादियों की हलचल को रिकॉर्ड किया था। इसके तुरंत बाद ये आतंकवादी सुरक्षा बलों के रडार पर आ गए। CCTV में कैद हुए थे आतंकी सुरक्षाबलों को इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जाकिर गनई और उसके सहयोगी लतीफ भट (Latief Bhat) की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली थी। ये दोनों सैदपोरा के छन्नापोरा इलाके में घूमते हुए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गए थे। आतंकियों की लाइव लोकेशन मिलते ही बिना वक्त गंवाए सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और एक बड़ा सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया। विक्टर फोर्स के चक्रव्यूह में फंसे आतंकी इस ऑपरेशन का नेतृत्व भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से किया। आतंकवादियों को भागने का कोई मौका न मिले इसके लिए सेना की विशिष्ट काउंटर इंसर्जेंसी यूनिट विक्टर फोर्स (Victor Force) को मैदान में उतारा गया। विक्टर फोर्स के जवानों ने भागने के सभी संभावित रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया। ऑपरेशन पांच दिनों तक खिंच गया, इसलिए रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकियों के भागने के प्रयास को विफल करने के लिए पूरे इलाके को फ्लड लाइट्स से रोशन किया गया था। हर पल निगरानी की जा रही थी। जैसे ही सुरक्षा बल बाग के भीतर आतंकियों के बिल्कुल करीब पहुंचे खुद को घिरा देख आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। इस आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया।

सीएम नायब सैनी बोले, हरियाणा में मजबूत खेल संस्कृति बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है

पंचकूला  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं है, बल्कि ऐसी सशक्त खेल संस्कृति का निर्माण करना है, जहां प्रतिभा को अवसर मिले. परिश्रम को सम्मान मिले और प्रत्येक युवा को अपने सपनों को साकार करने का भरोसा हो. उन्होंने कहा कि "सरकार केवल पुरस्कार प्रदान नहीं कर रही, बल्कि विकसित भारत के लिए खेल शक्ति की मजबूत नींव तैयार कर रही है." मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र के लिए यह सभी बातें उस समय कही, जब वह सेक्टर 1 के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, पंचकूला के ऑडिटोरियम में राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित नकद पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम भी उपस्थित रहे. 20.59 करोड़ की इनाम राशि से सम्मान मुख्यमंत्री ने राज्य के अंर्तराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले व प्रतिभागिता करने वाले 198 खिलाड़ियों को 20.59 करोड़ रुपये की नकद इनाम राशि देकर सम्मानित किया. इसमें विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं के 117 खिलाड़ियों को 13.75 करोड़ रुपये, पैरा एशियन खेल 2022 के 3 खिलाड़ियों को 2.32 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय स्तर के 78 खिलाड़ियों को 4.52 करोड़ रुपये की ईनाम राशि शामिल है. उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में प्रदेश के 16 हजार 984 खिलाड़ियों को 709 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई है. वर्तमान राशि जोड़कर यह लगभग 730 करोड़ रुपये है. मुख्यमंत्री ने सम्मानित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि "पदक जीतने का क्षण भले ही कुछ मिनटों का होता है लेकिन उस क्षण तक पहुंचने की यात्रा वर्षों की तपस्या से होकर गुजरती है." हरियाणा में खेल संस्कृति मजबूत करने पर जोर चुनौतियां विजेता बनने की निशानी: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की मिट्टी ने ऐसे खिलाड़ी पैदा किए हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया को सिखाया कि हालात चाहे कितने भी कठिन हों, यदि इरादे बुलंद हों तो इतिहास बदला जा सकता है. उन्होंने फलाईंग सिख, मिल्खा सिंह, मुरलीकांत पेटकर और मैरी काॅम का उदाहरण देते हुए कहा कि "इन तीनों की जीवन-यात्रा एक ही बात सिखाती है कि चुनौतियां हर किसी के जीवन में आती हैं लेकिन विजेता वही बनता है जो चुनौतियों के सामने झुकता नहीं लड़ता है." सीएम ने कहा कि "उन्हें गर्व है कि हरियाणा ने हमेशा देश को ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने भारत का सिर दुनिया के सामने ऊंचा किया है. देश की आबादी में हरियाणा का हिस्सा भले ही लगभग दो प्रतिशत हो लेकिन भारत के लिए जीते गए पदकों में हरियाणा का योगदान एक-तिहाई से भी अधिक है. पेरिस ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स हों या कॉमनवेल्थ गेम्स, हर मंच पर हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ी वही होंगे. एआई से खिलाड़ियों की फिटनेस मुख्यमंत्री ने कहा कि "वर्तमान में दुनिया एआई के युग में प्रवेश कर रही है, जिससे खेल भी इससे अछूता नहीं है. आज एआई खिलाड़ियों की फिटनेस का विश्लेषण कर रही है, चोट की संभावना का पहले से अनुमान लगा रही है, विपक्षी टीम की रणनीति समझने में मदद कर रही है और प्रशिक्षण को अधिक वैज्ञानिक बना रही है." उन्होंने कहा कि एआई गति माप सकती है, हृदय गति बता सकती है, तकनीक का विश्लेषण कर सकती है लेकिन जुनून और देशभक्ति को नहीं समझ सकती. एआई कभी उस भावना को नहीं बता सकती, जो तिरंगा कंधों पर लेकर विजय मंच पर खड़े खिलाड़ी की आंखों में दिखाई देती है. मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि "तकनीक का उपयोग अवश्य करें लेकिन भीतर के इंसान को जीवित रखें, क्योंकि भविष्य उन्हीं का होगा, जो तकनीक और मानवीय मूल्यों, दोनों को साथ लेकर चलेंगे." 260 खिलाड़ियों को नौकरियां और खेल ग्रेडेशन प्रदेश में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण कदमों बारे मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत 260 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं. हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया है, जिससे अब हरियाणा स्टेट गेम्स के खिलाड़ियों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा. इसके अलावा अवार्ड विजेता खिलाड़ियों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की है, जिसके तहत खेलरत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद और तेनजिंग नोर्गे विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये, और भीम अवॉर्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय मिल रहा है. 2 हजार खेल नर्सरी और मासिक मानदेय मुख्यमंत्री ने कहा कि "हर चैंपियन की शुरुआत गांव की मिट्टी और स्कूल के मैदान से होती है. इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार ने 2 हजार खेल नर्सरियां खोली हैं, जिनमें 8 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 से 2 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति दी है, और 25 आवासीय खेल अकादमियों में 500 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी दी जा रही है. खेल बुनियादी ढांचे पर 12 वर्षों में 1100 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और खेल विभाग का बजट 2013-14 के 163 करोड़ रुपये से बढ़कर आज 668 करोड़ 42 लाख रुपये है." उन्होंने कहा कि "पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में 10 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर भारत का पहला ए-स्टार वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किया गया है." 'हरियाणा खेलों के हब के रूप में उभरा ह इस अवसर पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि "मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा खेलों के हब के रूप में उभरा है. बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ताकि खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश-प्रदेश का नाम रोशन कर सकें. मिशन 2036 का लक्ष्य खेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मिशन-2036 शुरू किया गया है, जिसके तहत हरियाणा ने 36 पदक जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके मद्देनजर खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से खेल स्टेडियमों के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को सुदृढ़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की खेल नीति की पूरे देश में सराहना हो … Read more

‘मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी’ अभियान से बदलेगा मध्यप्रदेश, CM डॉ. यादव बोले- देश का अग्रणी राज्य बनेगा MP

मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी के संकल्प से मध्यप्रदेश बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश के जागरूक नागरिकों के अमूल्य और अनुकरणीय सहयोग से राज्य ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित की हैं। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026' को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नवीन नियम केवल नगरीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें राज्य के सभी शासकीय विभागों में समान रूप से लागू किया गया है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से निकलने वाले कचरे को भी समेकित कर वैज्ञानिक पद्धति से प्रबंधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दूरगामी नियम का सफल क्रियान्वयन केवल शासकीय प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए राज्य के प्रत्येक नागरिक, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को आगे आकर अपनी महती भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य को रेखांकित करते हुए प्रदेशवासियों से अपनी दैनिक दिनचर्या में विशेष आदतों को सम्मिलित करने के लिए कहा कि पर्यावरण को अक्षुण्ण रखने के लिए हमें यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि हम किसी भी प्रकार का कचरा न तो खुले में फेंकेंगे और न ही उसे जलाएंगे। अपने घर, गली, मोहल्ले और नगर को कचरा मुक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि नागरिक अपने घरों से निकलने वाले अपशिष्ट को चार श्रेणियों— 'गीला, सूखा, सैनिटरी एवं स्पेशल केयर' में अनिवार्य रूप से अलग-अलग करके ही अधिकृत कचरा संग्रहण वाहन को सौंपें। कचरे को संपदा में बदलने और पुनर्चक्रण के सिद्धांतों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से गृह-स्तर पर जैविक खाद निर्माण (होम कम्पोस्टिंग) अपनाने की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया कि पुराने कपड़े, पुस्तकें और अन्य उपयोगी वस्तुओं को फेंकने के बजाय स्थानीय 'रिड्यूस, रियूस, रिसाईकल' (आरआरआर) केंद्रों में जमा करें। इसके साथ ही, पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली विकसित करने के लिए बाजार जाते समय हमेशा अपना कपड़े का झोला और पानी की व्यक्तिगत बोतल साथ रखने की आदत डालें, जिससे एकल-उपयोग प्लास्टिक और अपशिष्ट की उत्पत्ति को प्राथमिक स्तर पर ही न्यूनतम किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के समस्त नगरीय निकायों को प्रदेश के प्रत्येक घर, व्यावसायिक दुकान और झुग्गी बस्तियों से नियमित, समयबद्ध और निर्बाध रूप से कचरे का संग्रहण करने के निर्देश दिए। इस जन-सरोकार के कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छता हमारे सामूहिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संतुलन और जीवन की समग्र गुणवत्ता का आधार स्तंभ है। हम आज यदि पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ कार्य करेंगे, तभी अपनी भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ, समृद्ध और सुरक्षित मध्यप्रदेश सौंप पाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर "मेरा कचरा – मेरी जिम्मेदारी" के मंत्र को आत्मसात करें और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के सफल क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराकर मध्यप्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ, सुंदर और संवहनीय (सस्टेनेबल) राज्य बनाएं।  

सोना-चांदी खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले! 3 दिन में ₹8,400 सस्ती हुई चांदी, देखें आज का Gold Price

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) का सिलसिला थम नहीं रहा है. साल की शुरुआत में जहां इनके भाव गदर मचा रहे थे, तो अब हाल ये हैं कि हर रोज ये कीमती धातुएं सस्ती होती जा रही हैं. बुधवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही गोल्ड-सिल्वर रेट फिसल गए।  चांदी का तो मानो बुलबुला सा फूटता (Silver Bubble Burst) जा रहा है. जनवरी महीने में 4 लाख के पार निकलकर गदर मचा रही चांदी की कीमत करीब आधी 2.28 लाख रुपये प्रति किलो रह गई है. वहीं सोना भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर फिसलता जा रहा है।  चांदी की कीमत में जारी गिरावट एमसीएक्स पर चांदी की कीमत के ताजा हाल की बात करें, तो वायदा कारोबार में 4 सितंबर की एक्सपायरी वाली चांदी का दाम बीते कारोबारी दिन मंगलवार को 2,30,857 रुपये पर क्लोज हुआ था और बुधवार को ओपनिंग के साथ ही ये फिसलकर 2,28,925 रुपये प्रति किलो पर आ गया. वहीं इस सप्ताह की तीन कारोबारी दिनों में अब तक ये 8,485 रुपये सस्ती हो गई है. बता दें कि बीते शुक्रवार को 1 Kg Silver Price 2,37,410 रुपये था।  तीन दिन में सोना इतना सस्ता चांदी ही नहीं, बल्कि वायदा कारोबार में सोने की कीमत भी फिसलती जा रही है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाली ये कीमती पीली धातु इस सप्ताह के तीन कारोबारी दिनों में अब तक 2578 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ती हो चुकी है. दरअसल, बीते सप्ताह शुक्रवार को 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,47,378 रुपये था, जो बुधवार को गिरावट के साथ 1,44,800 रुपये के लेवल पर आ गया।  सोना भी अपने हाई लेवल से लगातार फिसला है. चांदी की तरह Gold Rate ने भी एमसीएक्स पर बीते जनवरी महीने में ही अपना लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और पहली बार 2 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया था. लेकिन अपने हाई को छूने के बाद ये लगातार टूटा है और अब इसकी कीमत में करीब 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।  घरेलू मार्केट में सोना-चांदी के दाम MCX Gold-Silver Rates अपडेट के बाद अगर बात करें, घरेलू बाजारों में इन कीमती धातुओं के भाव के बारे में, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक, बीते कारोबारी दिन मंगलवार तक ही 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,46,344 रुपये से गिरकर 1,44,083 रुपये पर आ गया है यानी सोना दो दिन में 2261 रुपये सस्ता हुआ है. वहीं इस अवधि में चांदी की कीमत 6658 रुपये प्रति किलो घट गई है. इसका भाव बीते शुक्रवार के 2,33,858 रुपये से 2,27,200 रुपये प्रति किलो पर आ गया है।  सोना-चांदी की ज्वेलरी खरीदते समय इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि आईबीजेए के अपडेटेड रेट देशभर में समान होते हैं, लेकिन आभूषण खरीदने पर ग्राहकों को इन पर लागू जीएसटी के साथ ही मेकिंग चार्ज भी देना होता है, जिससे इनकी कीमत बढ़ जाती है।  (नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ खरीदने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)