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बाबरी ढांचे पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले दे रहे आस्था पर उपदेश, राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास: सीएम योगी

रामभक्तों के सहयोग से भव्य राममंदिर निर्माण सहन नहीं हो रहा सपा व कांग्रेस से: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुल्तानपुर को दी ₹819 करोड़ से अधिक की 99 विकास परियोजनाओं की सौगात बाबरी ढांचे पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले दे रहे आस्था पर उपदेश, राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास सपा-कांग्रेस चाहती हैं कि वक्फ की लूट जारी रहे और वे आस्था से खिलवाड़ करते रहें सुल्तानपुर,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम और राम जन्मभूमि मंदिर को लेकर विपक्ष के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रामभक्तों के सहयोग से प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनना समाजवादी पार्टी व कांग्रेस से सहन नहीं हो रहा है। रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले और बाबरी ढांचे के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले आस्था पर उपदेश दे रहे हैं। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बावजूद अयोध्या को टारगेट किया जा रहा है। ये लोग चाहते हैं कि वक्फ के नाम पर लूट मची रहे और वे मंदिरों को बदनाम करते रहें। यह दोहरा चरित्र जनता को स्वीकार नहीं। मुख्यमंत्री मंगलवार को जनपद सुल्तानपुर में ₹819 करोड़ से अधिक लागत वाली 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सुल्तानपुर व इसौली विधानसभा क्षेत्रों समेत पूरे जनपद के नागरिकों को इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। रामायण कालीन स्मृतियों से जुड़ी सुल्तानपुर की पावन धरा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नया उत्तर प्रदेश 'विरासत और विकास' के अद्भुत समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और भारी बारिश के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में जनता का उमड़ना इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास की राजनीति के साथ मजबूती से खड़े हैं। राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास सीएम ने कहा कि अयोध्या में एक घटना घटित हुई। ट्रस्ट के विनम्र अनुरोध पर एसआईटी गठित की गई। जब तक यह नहीं गठित हुई थी, सपा-कांग्रेस व अन्य सेक्युलर दल इसकी मांग करते थे। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, लेकिन सपा-कांग्रेस ने पावन धाम आयोध्या को बदमान करने की मुहिम चला रखी है। राम जन्मभूमि को बदमान करने और आस्था पर प्रहार करने का कार्य किया जा रहा है। सपा के लोग कह रहे हैं कि अयोध्या की घटना से आस्था आहत हुई है। जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाई हों, वे किस मुंह से आस्था की बात करते हैं? तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार सीएम ने तुष्टिकरण की राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा-कांग्रेस ने वक्फ कानून का विरोध किया, नागरिकता कानून का विरोध किया। ये लोग विकास का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के निर्माण में खर्च करते थे, जबकि आज वही पैसा बथुआ धाम (बिजेथुआ महावीरन धाम) जैसे पवित्र मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विकास पर खर्च हो रहा है। पहले 'चाचा-भतीजे' की जोड़ी युवाओं की नियुक्तियों और जमीनों पर डकैती डालती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने बिना भेदभाव पूरी पारदर्शिता के साथ 9 वर्षों में 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरियां दी हैं। गत वर्ष पुलिस भर्ती में सुल्तानपुर के भी सैकड़ों युवाओं को भी नौकरी मिली है। माफिया राज बनाम मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कोई भी सार्वजनिक जमीन दिखने पर सपा का गुंडा पार्टी का झंडा लगाकर कब्जा कर लेता था। हमारी सरकार आई तो गुंडों के कब्जे से 64 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई। पिछली सरकार हर जनपद में एक माफिया और हर थाना क्षेत्र में गुंडा पालती थी, जो गरीबों, व्यापारियों और बेटियों को प्रताड़ित करते थे। लेकिन हमारी डबल इंजन सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज दे रही है। सुल्तानपुर में अब अपना मेडिकल कॉलेज संचालित हो चुका है और आज यहां नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए शिलान्यास भी किया गया है, जो बेटियों के लिए शत-प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी बनेगा।   शानदार कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल क्लस्टर 2017 से पहले की बदहाल कानून-व्यवस्था और ठप पड़े विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सुल्तानपुर बेहतरीन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, अयोध्या फोर-लेन, और प्रयागराज-वाराणसी मार्गों के सुदृढ़ीकरण से सुल्तानपुर की दूरी अब अयोध्या एयरपोर्ट से मात्र 45 मिनट और लखनऊ-प्रयागराज से महज डेढ़ घंटे की रह गई है। इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय नौजवानों को उनके गृह जनपद में ही रोजगार और नौकरी के पर्याप्त अवसर मिलेंगे।     खेल और युवा शक्ति को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि ओलंपिक में मेडल जीतने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल को सीधे डिप्टी एसपी पद पर नियुक्त किया गया है। राज्य में इंडोर स्टेडियम, ग्रामीण स्टेडियम और खेल के मैदानों का निर्माण कर युवाओं को एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया जा रहा है।   डबल इंजन सरकार ही करेगी विकास मुख्यमंत्री ने इसौली विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां डबल इंजन सरकार का प्रतिनिधि नहीं है, वहां विकास कार्यों में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। उन्होंने सुल्तानपुर की जनता से आह्वान किया कि सुरक्षित, समृद्ध और सुशासन युक्त व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर अपना आशीर्वाद और विश्वास इसी तरह बनाए रखें। इस सरकार ने बेटी-बहन, व्यापारी, आम नागरिक सबको समान सुरक्षा उपलब्ध कराई है। सुरक्षा का वातावरण बना तो निवेश आया, विकास के काम हुए, रेलवे लाइन-फ्लाइओवर बने। हाईवे, ब्रिज, फोर-सिक्स लेन सड़कें व बाईपास आदि बन रहे हैं। मासूम बच्ची ने छुए सीएम के पैर कार्यक्रम की शुरूआत में सीएम ने महिलाओं को पोषण पोटली दी और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। इस दौरान मां के साथ मौजूद एक बच्ची ने सीएम के हाथ से चॉकलेट मिलने पर उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। सीएम ने यहां आयोजित प्रदर्शनी में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, निषाद राज वोट सब्सिडी योजना समेत कई स्टॉल्स पर जाकर जानकारी ली। उन्होंने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर मौजूद छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्हें चॉकलेट व स्कूल बैग किट भी प्रदान की। इस … Read more

बंगाल में रेप आरोपी एनकाउंटर में ढेर, महुआ मोइत्रा भड़कीं; पुलिस कार्रवाई पर छिड़ी सियासी बहस

 बारुईपुर  पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का एक आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। कहा जा रहा है कि भागने की कोशिश के दौरान वह मारा गया। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। इस वारदात में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। खबरें थीं कि अधिकारियों को चौथे संदिग्ध की भी तलाश थी। बुधवार को बारुईपुर एसपी ने जानकारी दी, 'बारुईपुर दुष्कर्म और मर्डर केस का आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। जब क्राइम सीन रीक्रिएट किया जा रहा था, तब उसने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की और गोलियां भी चला दी थीं। इसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और प्रभास को मार गिराया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।' अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच जारी है। 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को इस केस की रिपोर्ट तलब की थी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता को इसके लिए 72 घंटों का समय दिया था। इससे पहले मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पीड़िता के परिवार से कहा था कि आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। वह मंगलवार को परिवार से मिलने पहुंचीं थीं। आरोपियों ने कर रखी थी प्लानिंग पीटीआई भाषा से बातचीत में अधिकारियों ने मंगलवार को बताया था कि आशंका है कि आरोपियों में से एक बच्ची को एक झोपड़ी में ले गया था, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे और इसके बाद कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया, 'प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि ये चोटें कैसे लगीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।' शव को ठिकाने लगाने की हुई कोशिश जांच दल के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर शनिवार देर रात पीड़िता को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, 'आशंका है कि ठिकाने लगाने से पहले पीड़िता को झोपड़ी में रखा गया था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि आरोपियों ने उसे प्लास्टिक की बोरी में भरकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन बोरी फट जाने पर उसे पास के एक तालाब में फेंक दिया।' इस बीच, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 'एंटे-मॉर्टम डूबने' के संकेत मिले हैं जिसका अर्थ है कि तालाब में फेंके जाने के समय बच्ची जीवित थी। एनकाउंटर पर भड़कीं महुआ मोइत्रा  बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद हत्या करने के मामले का आरोपी प्रभाष मंडल बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इस एनकाउंटर के बाद राजनीति तेज हो गई है। ममता बनर्जी की करीबी और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को उत्तर प्रदेश 2.O करार दिया है। महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, ''बारुईपुर रेप और मर्डर केस का आरोपी प्रभाष मंडल एनकाउंटर में मारा गया। पश्चिम बंगाल पुलिस यह क्या हो रहा है? बंगाल के लोगों नए बंगाल यानी कि उत्तर प्रदेश 2.0 का स्वागत करें। बंगाल भाजपा यह कोई सरकार नहीं है, यह जंगल राज है।'' न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए आरोपी को मंगलवार रात बारुईपुर के सूर्यपुर ले जाया गया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि उसने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोलियां भी चलाईं, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने बताया कि इस दौरान गोली लगने से आरोपी घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। शुभेंदु ने 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता को बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ ष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। शुभेंदु ने कहा कि घटना के बाद भीड़ हत्या का शिकार हुआ व्यक्ति बेकसूर था। उन्होंने कहा कि बीते रविवार को पीड़िता का शव मिलने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करने और पुलिस वाहन तथा रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद शुभेंदु ने कहा, “हमने पूरे मामले की जांच की है। मैंने शुरुआती विश्लेषण किया है। मैंने डीजीपी को 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। हम उसी के हिसाब से सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर शिकायत दर्ज होने के बाद उचित कदम उठाने में कोई देरी या लापरवाही हुई है, भले ही वह एक प्रतिशत ही क्यों न हो, तो कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने कहा, "भीड़ हत्या के शिकार हुए इंद्रजीत मंडल बेकसूर थे। पुलिस ने मुझे यही बताया; ये मेरे शब्द नहीं हैं। मंडल को भी न्याय मिलेगा। मैंने उनके परिवार वालों से भी मुलाकात की है।" बोरी में मिला था लड़की का शव आपको बता दें कि लड़की का शव रविवार को सुर्ज्यपुर हाट इलाके में एक बोरी में मिला था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बारुईपुर-जयनगर मार्ग अवरुद्ध किया, टायर जलाए और पुलिस के कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की। शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने लड़की की मौत में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामले के सिलसिले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। राज्य सरकार ने घटना की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच … Read more

US-Iran जंग और महंगे तेल का असर, खुलते ही धड़ाम हुआ Stock Market, निवेशकों में मचा डर

मुंबई  शेयर बाजार में फिर से खौफ देखने को मिल रहा है और खुलने के साथ ही बड़ी गिरावट आई है. बुधवार को कारोबार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 550 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी करीब 150 अंक फिसल गया. इससे पहले बीते कारोबारी दिन भी दोनों रेड जोन में बंद हुए थे। Stock Market में इस गिरावट की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी और इसका कनेक्शन सीधे होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा हुआ है, जो दुनिया की कुल तेल जरूरत के करीब 20 फीसदी को पूरा करने के लिए अहम है. यहां फिर से अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं और दोनों ओर से हमले किए जा रहे हैं. इससे न सिर्फ भारत, बल्कि जापान-कोरिया समेत अन्य एशियाई देशों के शेयर बाजार बुरी तरह टूटे हैं।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही धड़ाम  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,180 की तुलना में गिरावट के साथ खुला और महज पांच मिनट के कारोबार के दौरान ही ये 550 अंक से ज्यादा फिसलकर 77,611 के लेवल पर आ गया।  सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी इंडेक्स में भी गिरावट बढ़ती हुई नजर आई. ये इंडेक्स 24,398 के अपने पिछले बंद के मुकाबले खुलते ही गिरकर 24,259 पर आ गया और फिर सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलते हुए 150 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 24,229 पर ट्रेड करता हुआ दिखा।  बाजार में इसलिए फिर खौफ  शेयर बाजार फिर से खौफ में नजर आ रहा है और इसके तार सीधे मिडिल ईस्ट से जुड़े हुए हैं. पहला कारण अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ना है. पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर मिसाइल अटैक किए, तो पलटवार करते हुए अमेरिक की ओर से भी तगड़ी स्ट्राइक ईरानी ठिकानों पर शुरू कर दी गई।  दूसरे कारण की बात करें, तो दोनों देशों के बीच फिर तनातनी ने दुनियाभर के शेयर मार्केट में हलचल बढ़ा दी और US-Japan से South Korea तक के शेयर बाजार गिरावट में कारोबार करते हुए नजर आए, जिनसे भारतीय बाजार का सेंटीमेंट खराब हुआ. जापान का निक्केई खुलते ही 500 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो साउथ कोरिया का कोस्पी भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं Gift Nifty भी रेड जोन में था।  फिर से डराने लगा कच्चा तेल बाजार में गिरावट का तीसरा कारण देखें, तो US-Iran Attacks की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर असर डाला और अचानक इसमें तेज उछाल आ गया. Brent Crude Oil Price 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 76 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया, तो वहीं WTI Crude Oil Price भी 72 डॉलर के पार कारोबार कर रहा था. तेल की कीमतों में फिर से लगी आग ने दुनिया में महंगाई का जोखिम बढ़ाने का डर पैदा किया है और शेयर बाजार भी इसके दबाव में नजर आ रहे हैं।  हर ओर मची दिखी भगदड़ शेयर बाजार में इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो BSE की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल IndiGo Share (2.50%), Asian Paints Share (2.42%), Reliance Share (2.10%), Bajaj Finance Share (1.70%), ITC Share (1.60%), M&M Share (1.50%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Hindustan Petroleum Share (3.60%), Ashok Leyland Share (2.60%) की गिरावट में कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप लिस्ट में NBCC Share (2.20%), PNB Housing Finance Share (2.10%) टूटकर कारोबार करता दिखा। 

US Airstrike on Iran: होर्मुज में फिर भड़की जंग, कमांड सेंटर, रडार और मिसाइल साइट्स समेत 80 ठिकाने तबाह

वाशिंगटन/ तेहरान  होर्मुज में एक दिन पहले तीन जहाजों पर हुए हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए अमेरिका ने ईरान को गंभीरत नतीजे भुगतने की चेतावनी दी थी. होर्मुज में हुए इन हमलों ने पश्चिम एशिया में जंग की आग फिर से भड़का दी है. अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप, बंदर अब्बास और सीरिक में हवाई हमले किए हैं।  ईरानी मीडिया के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप और बंदर अब्बास में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक सीरिक में भी सात विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं. ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक दक्षिणी पोर्ट सिटी सीरिक में कई धमाके हुए हैं. सीरिक के ताहेरुई पियर इलाके में छह् प्रोजेक्टाइल गिरे हैं।  अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमलों की पुष्टि की है. सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू कर दिए गए हैं. सेंटकॉम ने इन हमलों की वजह होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमले को बताया है. सेंटकॉम ने कहा है कि होर्मुज से गुजर रहे तीन जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में ये हमले किए जा रहे हैं।  सेंटकॉम ने ईरान की ओर से जहाजों पर हुए हमलों को अनुचित, खतरनाक और सीजफायर का उल्लंघन बताया है. वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका हमलों को इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के प्रावधानों का उल्लंघन बताया है. ईरानी विदेश मंज्ञालय ने इसके लिए अमेरिकी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।  ईरान ने कहा है कि हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे. गौरतलब है कि होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरानी तेल के उत्पादन और बिक्री के लिए जारी किया जनरल लाइसेंस रद्द कर दिया था।  US ने ईरान में 80 ठिकानों पर बरसाए बम एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए की गई. इन ताजा हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार करने की चेतावनी दी है।  अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, तटीय रडार स्टेशन, एंटी-शिप मिसाइल लॉन्चर, ड्रोन लॉन्च साइट और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से ज्यादा तेज स्पीड बोट्स को निशाना बनाया गया. इसके अलावा बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और सीरिक के आसपास मौजूद कई सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए. बंदर अब्बास में शहीद हक्कानी पोर्ट पर भी हमला किया गया है।  अमेरिका का कहना है कि कुछ घंटे पहले हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कॉमर्शियल जहाजों, मार्शल आइलैंड्स के एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के एम/टी वेदयान और लाइबेरिया के एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी पर हमला किया गया था. वॉशिंगटन ने इन हमलों के लिए सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराया और इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना।  ईरान में अमेरिका ने कहां-कहां किए हमले? हमलों के दौरान एक टैंकर में आग लग गई, जबकि बाकी दो जहाजों को भी नुकसान पहुंचा. हालांकि, किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, सभी हमले ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास हुए।  उधर, ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास, केश्म और सीरिक में जोरदार धमाकों की पुष्टि की है. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरिम समझौते का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस कार्रवाई के परिणामों की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी।  अमेरिका ने फिर ईरान के तेल बेचने पर लगाया बैन तनाव बढ़ने के साथ ही अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री से जुड़ी अस्थायी अनुमति भी रद्द कर दी है, जिसे युद्धविराम समझौते के तहत दिया गया था. इसके अलावा अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र (JMIC) ने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर बढ़ाकर 'सीवियर' कर दिया है।  इस पूरी घटनी के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे का कार्यक्रम भी जारी है. उनका पार्थिव शरीर तेहरान से क़ोम और फिर इराक के नजफ ले जाया गया, जहां हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. अंतिम संस्कार में ईरान और इराक के कई शीर्ष नेता शामिल हुए. ईरान की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, फॉरेन मिनिस्टर अब्बास अराकची, मरहूम लीडर के बेटे मुस्तफा खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के ससुर घोलामाली हद्दाद अदेल और सुप्रीम लीडर के एडवाइजर मोहसेन रेजाई शामिल थे।   

Love Jihad पर सख्त कदम! गैर-मुस्लिम से शादी के लिए वक्फ बोर्ड से लेनी होगी मंजूरी, जानें पूरा मामला

रायपुर  छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने निकाह व्यवस्था में पारदर्शिता लिए एक नई पहल करने जा रहा है, जिसमें अगर कोई मुस्लिम युवक या युवती किसी गैर-मुस्लिम से निकाह करना चाहता है, तो पहले वक्फ बोर्ड से अनुमति लेना अनिवार्य होगा. इसके लिए दोनों पक्षों की सहमति, आवश्यक दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. बिना अनुमति निकाह पढ़ाने वाले मौलानाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है. इसके अलावा मौलानाओं का रजिस्ट्रेशन भी होगा. नई व्यवस्था के तहत प्रदेश में निकाह कराने वाले सभी मौलानाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. केवल रजिस्टर्ड मौलाना ही निकाह करा सकेंगे।  बोर्ड का कहना है कि इससे फर्जी पहचान, दस्तावेज छिपाकर विवाह कराने और विवादित मामलों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी. हर निकाह का पूरा रिकॉर्ड वक्फ बोर्ड के पास सुरक्षित रखा जाएगा. निकाह के बाद जारी होने वाला प्रमाणपत्र भी बोर्ड के माध्यम से जारी किया जाएगा. वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों का कहना है कि आदिवासी क्षेत्रों से महिलाओं को बहला-फुसलाकर विवाह करने और संपत्ति विवाद से जुड़े कुछ मामलों की शिकायतें मिली हैं, इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे मामलों की निगरानी बढ़ाने और सभी निकाह का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की योजना बनाई गई है।  वक्फ बोर्ड के पास रहेगा रिकॉर्ड बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के अनुसार, वर्तमान में कई स्थानों पर निकाह का कोई केंद्रीकृत रिकॉर्ड नहीं रखा जाता, जिससे बाद में वैवाहिक स्थिति, पहचान और कानूनी मामलों में विवाद पैदा होते हैं. नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रत्येक निकाह का रिकॉर्ड वक्फ बोर्ड के पास सुरक्षित रहेगा और प्रमाणपत्र भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी किया जाएंगे।  वक्फ बोर्ड क्या होता है? वक्फ बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जो मुस्लिम समुदाय द्वारा धार्मिक, सामाजिक या जनकल्याण के उद्देश्य से दान की गई संपत्तियों का प्रबंधन और संरक्षण करती है. इसका गठन वक्फ अधिनियम, 1995 (बाद में संशोधित) के तहत किया जाता है।  भारत में वक्फ बोर्ड लगभग हर राज्य का अपना राज्य वक्फ बोर्ड होता है.इनके अलावा एक केंद्रीय वक्फ परिषद भी है, जो केंद्र सरकार के अधीन सलाहकार निकाय के रूप में कार्य करती है। 

हरियाली की छांव में होगा सिंहस्थ, उज्जैन बनेगा देश का पहला ‘ग्रीन कुंभ’ मॉडल

उज्जैन  सिंहस्थ-2028 को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की नई पहचान देने की दिशा में उज्जैन प्रशासन ने व्यापक हरित अभियान शुरू कर दिया है। पहली बार सिंहस्थ महापर्व को 'ग्रीन कुंभ' की अवधारणा के साथ आयोजित किया जाएगा। इसके तहत पूरे शहर और सिंहस्थ क्षेत्र में 10 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जबकि 114 किलोमीटर लंबी सड़कों को हरित कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रशासन ने इस महाअभियान की शुरुआत कर दी है और अब तक तीन लाख से अधिक गड्ढों की खुदाई पूरी की जा चुकी है। लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 से पहले पूरे क्षेत्र को हरियाली से आच्छादित कर श्रद्धालुओं को स्वच्छ, छायादार और पर्यावरण अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए। 84 हजार बड़े छायादार पेड़ों से सजेगा सिंहस्थ मार्ग योजना के तहत सिंहस्थ क्षेत्र की प्रमुख सड़कों के दोनों ओर 84 हजार बड़े और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से नीम, करंज, जामुन सहित ऐसी प्रजातियों को शामिल किया गया है, जिनकी ऊंचाई 10 से 12 फीट होगी और जो कम समय में तेजी से विकसित होकर पर्याप्त छाया प्रदान कर सकें। प्रशासन का मानना है कि बढ़ते तापमान और हीटवेव की चुनौती को देखते हुए यह पहल केवल सुंदरीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण अनुकूल अधोसंरचना तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है। नीम, करंज और जामुन के 10 से 12 फीट ऊंचे पौधे श्रद्धालुओं को देंगे प्राकृतिक छाया इनमें मुख्य रूप से नीम, करंज, जामुन और अन्य छायादार प्रजातियों के 10 से 12 फीट ऊंचे पौधे लगाए जाएंगे। इन प्रजातियों का चयन इसलिए किया गया है कि ये कम समय में अच्छी वृद्धि कर सकें और सिंहस्थ-2028 तक श्रद्धालुओं को प्राकृतिक छाया उपलब्ध करा सकें। बढ़ते तापमान और हीटवेव को देखते हुए यह चयन केवल सुंदरीकरण के लिए नहीं, बल्कि जलवायु अनुकूल अधोसंरचना विकसित करने की रणनीति का हिस्सा है। कितने हेक्टेयर मे फैलेगा वन क्षेत्र उज्जैन की पहचान अब सिर्फ महाकाल नगरी तक सीमित नहीं रहेगी.शहर के नवलखी आरक्षित वन क्षेत्र में करीब 200 हेक्टेयर में विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू विकसित किया जाएगा. यह आधुनिक जू पर्यटकों को वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में बेहद करीब से देखने का अनूठा अनुभव देगा. उज्जैन वन मंडल के डीएफओ अनुराग तिवारी के अनुसार, यहां 300 से अधिक वन्यजीव प्रजातियों को बसाने की योजना है.परियोजना को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से मंजूरी मिल चुकी है, जबकि प्रशासनिक के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है. पहला चरण सिंहस्थ 2028 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।  पहले चरण में लगभग 60 हेक्टेयर क्षेत्र काम यह फॉरेस्ट जू दो चरणों में तैयार होगा. पहले चरण में करीब 60 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष ‘इंडिया ज़ोन’ विकसित किया जाएगा, जहां केवल भारत में पाए जाने वाले वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास जैसे माहौल में रखा जाएगा. यहां विशाल ड्राइव-थ्रू सफारी, खुले प्राकृतिक बाड़े और अत्याधुनिक विजिटर सुविधाएं होंगी. पर्यटक बिना जंगल जैसा रोमांचक अनुभव ले सकेंगे, जिससे वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।  दूसरे चरण मे दिखेंगे दुर्लभ वन्यजीव फॉरेस्ट जू के दूसरे चरण में इसे ‘फॉरेस्ट ऑफ द वर्ल्ड’ थीम के आधार पर विकसित किया जाएगा. इस चरण में अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया के दुर्लभ वन्यजीवों को शामिल करने की योजना है. उद्देश्य यह है कि उज्जैन का यह फॉरेस्ट जू केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने।  अनोखी डिजाइन मे दिखेगा जू  उज्जैन में बनने वाला विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू अपनी अनोखी डिजाइन के कारण खास होगा. जू का क्षेत्र फोरलेन और पंचकोशी मार्ग से दो हिस्सों में बंटा होने के बावजूद, 35 मीटर चौड़ा ग्रीन ओवरब्रिज और अंडरपास दोनों हिस्सों को जोड़ेंगे. ओवरब्रिज पर बैटरी संचालित इलेक्ट्रिक सफारी और पैदल पर्यटकों के लिए अलग रास्ते होंगे, जबकि घने पेड़-पौधे वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण का एहसास कराएंगे. परियोजना के पहले चरण में 60 हेक्टेयर में ‘इंडिया ज़ोन’ विकसित होगा, जहां केवल भारत के वन्यजीव प्राकृतिक आवास जैसे खुले वातावरण में नजर आएंगे. ड्राइव-थ्रू सफारी और आधुनिक सुविधाएं पर्यटकों को असली जंगल जैसा रोमांचक अनुभव देंगी।  घाट, उद्यान और जलाशय भी होंगे अभियान का हिस्सा निर्माणाधीन 29 किलोमीटर लंबे घाटों और संपर्क मार्गों के किनारे भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। इसके अलावा शहर के 400 से अधिक उद्यान, प्रमुख जलाशयों के तट, शासकीय परिसरों और विभिन्न संस्थागत क्षेत्रों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। पौधों की जियो-टैगिंग की जाएगी, ताकि उनके संरक्षण, देखभाल और जीवित रहने की नियमित निगरानी की जा सके। आस्था और प्रकृति संरक्षण का साझा संकल्प सनातन परंपरा में पीपल, बरगद, नीम और बेल जैसे वृक्षों को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। धार्मिक ग्रंथों में पौधारोपण को पुण्य और यज्ञ के समान बताया गया है। ऐसे में सिंहस्थ-2028 के लिए प्रस्तावित यह 10 लाख पौधों का अभियान केवल हरियाली बढ़ाने की योजना नहीं, बल्कि आस्था, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर प्राकृतिक विरासत तैयार करने का सामूहिक संकल्प भी माना जा रहा है। प्रशासन निर्माणाधीन 29 किलोमीटर लंबे घाटों और मार्गों के किनारे भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण करेगा। इसके अलावा शहर के 400 से अधिक उद्यान, प्रमुख जलाशयों के किनारे, शासकीय परिसरों और संस्थागत क्षेत्रों को भी इस हरित अभियान से जोड़ा गया है। पौधों की होगी जियो-टैगिंग, सनातन परंपरा और प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प पौधों की जियो-टैगिंग की जाएगी, ताकि संरक्षण और जीवित रहने की भी लगातार निगरानी की जा सके। सनातन परंपरा में पीपल, बरगद, नीम और बेल जैसे पेड़ों को देवतुल्य माना गया है। पुराणों में पौधारोपण को यज्ञ और पुण्य का कार्य बताया गया है। ऐसे में सिंहस्थ-2028 के लिए 10 लाख पौधों का अभियान केवल हरियाली बढ़ाने की योजना नहीं, बल्कि आस्था, प्रकृति संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण का सामूहिक संकल्प भी है। फैक्ट फाइल     3 लाख से ज्यादा गड्ढों की खोदाई पूरी।     10 से 12 फीट ऊंचे होंगे लगाए जाने वाले पौधे।      29 किमी निर्माणाधीन घाट और मार्गों पर भी पौधारोपण होगा।      400 से ज्यादा उद्यान भी हरित अभियान से जुड़ेंगे।   

24 जुलाई को राज्यसभा चुनाव, बंगाल की 3 सीटों पर BJP-TMC में कांटे की टक्कर; दो-तिहाई बहुमत पर नजर

कलकत्ता पश्चिम बंगाल की सत्ता परिवर्तन के बाद अब तीन राज्यसभा पर चुनाव की बारी है. निर्वाचन आयोग ने तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है. ये तीनों सीटें बंगाल के सत्ता बदलने के बाद टीएमसी के तीन राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे से खाली हुई हैं. अब सवाल है कि बीजेपी क्या टीएमसी के बागियों पर दांव खेलेगी या फिर अपने किसी नए चेहरों पर जताएगी भरोसा?  ममता बनर्जी के सत्ता से बाहर होते ही टीएमसी के तीन राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुस्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाईक ने इस्तीफा दे दिया था. राज्यसभा सदस्यता के साथ टीएमसी को भी अलविदा कह दिया था, जिसके चलते खाली हुई तीनों राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव आयोग ने 24 जुलाई को मतदान कराने का फैसला किया है।  बंगाल के बदले हुए सियासी समीकरण के बाद राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं. बीजेपी के पास 207 विधायक हैं तो टीएमसी दो गुटों में बंट चुकी है. इस लिहाज से बीजेपी तीनों राज्यसभा सीटें ममता बनर्जी के हाथों से छीन लेगी, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव में ममता बनर्जी को उनके ही बागियों के जरिए मात देगी या फिर नए चेहरों को सांसद भेजेगी? बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. चुनाव आयोग के मुताबिक राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है और 14 जुलाई तक नॉमिनेशन किए जाएंगे. इसके बाद नामांकन पत्रों की  स्क्रूटनी 15 जुलाई को होगी और 17 जुलाई नाम वापस लेने की आखिरी तारीख है. इसके बाद अगर सीटों की संख्या से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में रहते हैं तो फिर 24 जुलाई को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी और उसी दिन पांच बजे के बाद नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।  राज्यसभा की ये तीन सीटें सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे के बाद खाली हुई हैं, लेकिन तीनों सीटों का कार्यकाल अलग-अलग हैं. सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक का कार्यकाल 18 अगस्त 2029 तक था तो सुष्मिता देव का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक था. इस लिहाज से दो सीटें के एक साथ मतदान होंगे तो एक सीट के लिए अलग से वोटिंग होगी।  ममता बनर्जी से तीनों सीटें छीन लेगी बीजेपी राज्यसभा की तीनों ही सीटों पर टीएमसी का कब्जा था, लेकिन अब ममता बनर्जी के हाथों से तीनों ही राज्यसभा सीटें बीजेपी छीन लेगी. बंगाल विधानसभा की कुल 294 सीटों में से बीजेपी के पास इस समय 207 विधायक हैं, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी महज 80 विधायक हैं, लेकिन दो गुटों में बंटे हुए हैं. टीएमसी के 80 में से 60 से 65 विधायक ऋतब्रत बनर्जी के साथ हैं और 15 विधायक ममता बनर्जी के साथ हैं।   राज्यसभा उपचुनाव के लिए अलग-अलग वोटिंग होनी, इसलिए बहुमत के आंकड़े के लिहाज से बीजेपी बिना किसी अड़चन के तीनों राज्यसभा सीटों पर कब्जा करने की स्थिति में है. यह ममता बनर्जी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि उच्च सदन में उनकी पार्टी की ताकत सीधे तौर पर कम होने जा रही है. यही नहीं टीएमसी के विधायक अगर एकजुट भी हो जाते हैं तो भी नहीं जीत पाएंगे. इसकी वजह यह है कि प्रथम वारियता के आधार पर भी बीजेपी की संख्या टीएमसी से ज्यादा हो रही है।    टीएमसी के 'बागियों' पर दांव खेलेगी भाजपा? राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि जिन तीन नेताओं ने टीएमसी नेतृत्व से नाराज होकर राज्यसभा से इस्तीफा दिया है, क्या बीजेपी उन्हें ही राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाएगी. सुखेंदु शेखर रॉय टीएमसी का एक बड़ा और अनुभवी चेहरा रहे हैं तो सुस्मिता देव असम की कद्दावर महिला नेता के रूप में जानी जाती हैं. माना जा रहा है कि जिस तरह से टीएमसी के नेताओं ने बीच कार्यकाल में इस्तीफा दिया है, उसके चलते माना जा रहा है कि बीजेपी बागियों पर भरोसा जता सकती है।  सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक ने टीएमसी छोड़ दी है, लेकिन अधिकारिक तौर पर बीजेपी का दामन नहीं थामा है. ऐसे में अब सभी की निगाहें लगी हुई हैं कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव में किसे उम्मीदवार बनाएगी. सूत्रों की माने तो सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक पर बीजेपी दांव खेल सकती है, लेकिन सुष्मिता देव को राज्यसभा के बजाय असम से लोकसभा उपचुनाव लड़ाया जा सकता है।   बीजेपी क्या नए और युवा चेहरों को देगी मौका बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से बीजेपी के हौसले बुलंद है. बीजेपी ने आलाकमान का एक धड़ा यह मान रहा है कि विधानसभा चुनाव में मिली बंपर जीत के बाद अब पार्टी को किसी बैसाखी या बाहरी नेताओं की जरूरत नहीं है. ऐसे में बीजेपी किसी स्थानीय नेताओं को मौका दे सकती है. सूत्रों के मुताबिक आरएसएस और भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी इस पक्ष में है कि जिन्होंने संकट के दिनों में बंगाल में भाजपा का झंडा थामे रखा, उन्हें पुरस्कृत किया जाए।   पार्टी उत्तर बंगाल से किसी मजबूत राजवंशी या आदिवासी चेहरे और दक्षिण बंगाल से किसी मतुआ समुदाय या सांगठनिक पृष्ठभूमि के नेता को मौका दे सकती है. इस तरह बीजेपी नए चेहरों को उतारकर 2029 के आम चुनाव के लिए राज्य में अपनी एक नई और कड़क लीडरशिप लाइन तैयार करना चाहती है. अब देखना है कि बीजेपी अपनी जीत के लिए कन्फर्म है, लेकिन किस चेहरे पर दांव खेलती है, यह देखना होगा?  दो-तिहाई बहुमत के कितनी दूर बीजेपी राज्यसभा की इन तीन सीटें जीतने के बाद मॉनसून सत्र के बीच में यानी जुलाई के आखिरी सप्ताह में ही उच्च सदन में बीजेपी की संख्या में इजाफा हो जाएगा. सरकार यदि मॉनसून सत्र में फिर से महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक लाती है तो राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत हासिल करने में आसानी रहेगी. जुलाई के आखिरी सप्ताह में राज्यसभा में 245 सदस्यों के सदन में दो तिहाई बहुमत के लिए 162 सांसदों की जरूरत होगी।  बीजेपी तीन राज्यसभा सीटें जीतने के बाद उसका आंकड़ा 117 हो जाएगा. एनजीए के पास राज्यसभा सांसदों … Read more

बेतवा नदी को बचाने का बड़ा अभियान, 2053 तक सफाई के लिए 30 साल का ब्लूप्रिंट तैयार

भोपाल  बेतवा नदी पुनर्जीवन परियोजना को दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ तैयार किया जा रहा है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) केवल वर्तमान आवश्यकताओं पर आधारित नहीं होगी, बल्कि वर्ष 2053 तक की अनुमानित आबादी, सीवेज उत्पादन और शहरी विस्तार को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी। इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ती आबादी और नई कॉलोनियों के बावजूद नदी को प्रदूषण से मुक्त रखना और बार-बार नई परियोजनाओं की आवश्यकता को कम करना है। डीपीआर में इंटरसेप्शन नेटवर्क, सीवर लाइन, पंपिंग स्टेशन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता भविष्य की जरूरतों के अनुसार तय की जाएगी। इसके साथ ही अतिरिक्त क्षमता और विस्तार की व्यवस्था भी डिजाइन का हिस्सा होगी, ताकि आने वाले वर्षों में सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। नदी में मिलने से पहले रोका जाएगा हर गंदा नाला परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इंटरसेप्शन और डायवर्जन सिस्टम होगा। इसके तहत बेतवा नदी में मिलने वाले सभी नालों की पहचान और मैपिंग की जाएगी। प्रत्येक नाले के प्रवाह का आकलन करने के बाद नदी में मिलने से पहले इंटरसेप्शन स्ट्रक्चर बनाकर गंदे पानी को रोक लिया जाएगा। इसके बाद सीवेज को सीवर नेटवर्क या राइजिंग मेन के माध्यम से एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। जहां गुरुत्वाकर्षण आधारित प्रवाह संभव नहीं होगा, वहां पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। वहीं, बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए अलग बायपास सिस्टम बनाया जाएगा, जिससे एसटीपी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। मंडीदीप और विदिशा बने प्रमुख प्रदूषण स्रोत प्रस्तुति में बेतवा नदी की मौजूदा स्थिति का भी विस्तृत विश्लेषण किया गया है। इसके अनुसार मंडीदीप क्षेत्र से घरेलू सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और खुले नालों का गंदा पानी सीधे नदी में पहुंच रहा है। मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में अभी तक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) नहीं होने से प्रदूषण की समस्या और गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा विदिशा के तीन प्रमुख नालों का बिना उपचार किया गया सीवेज भी सीधे बेतवा नदी में छोड़ा जा रहा है। कोलार जलशोधन संयंत्र का बैकवॉश पानी भी नदी की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है। कई स्थानों पर जलकुंभी (वाटर हायसिंथ) और अत्यधिक जैविक प्रदूषण (यूट्रोफिकेशन) की स्थिति भी सामने आई है। 15 वर्ष तक संचालन और ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था परियोजना में केवल निर्माण ही नहीं, बल्कि 15 वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) की जिम्मेदारी भी शामिल की जाएगी। एससीएडीए (SCADA) और ऑनलाइन कंटीन्यूअस एफ्लुएंट मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) के माध्यम से संयंत्रों के प्रदर्शन और जल गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। सर्वे से लागत तक हर चरण होगा तय डीपीआर चरणबद्ध तरीके से तैयार होगी। सबसे पहले नदी, नालों, जलग्रहण क्षेत्र, मिट्टी और भू-आकृति का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। इसके बाद सीवेज की मात्रा का आकलन, उपचार तकनीक का चयन, इंजीनियरिंग डिजाइन, ड्रॉइंग, परियोजना लागत, वित्तीय व्यवहार्यता और पर्यावरणीय स्वीकृतियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। परियोजना लागत का निर्धारण नवीनतम शेड्यूल ऑफ रेट (एसओआर) के आधार पर किया जाएगा। प्रस्तुति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृति के बाद लागत बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त वित्तीय भार परियोजना लागू करने वाली एजेंसी को उठाना पड़ सकता है, इसलिए प्रारंभिक लागत का सटीक आकलन किया जाएगा। दीर्घकालिक नदी संरक्षण पर रहेगा फोकस बेतवा नदी पुनर्जीवन परियोजना को केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे दीर्घकालिक नदी संरक्षण योजना के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के चार प्रमुख आधार—पर्यावरण संरक्षण, वित्तीय स्थिरता, संस्थागत जवाबदेही और सामाजिक भागीदारी—रहेंगे। परियोजना का उद्देश्य नदी की जल गुणवत्ता में सुधार, प्रदूषण भार को कम करना, स्थानीय निकायों के लिए संचालन को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना तथा आम लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पूरी योजना को वर्ष 2053 तक प्रभावी बनाए रखने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। .

PF Balance बढ़ने वाला है! EPFO जल्द ट्रांसफर करेगा ब्याज, 8 करोड़ सदस्यों को मिलेगा फायदा

 नई दिल्ली 8 करोड़ लोगों के लिए गुड न्यूज आई है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ (EPFO) के सदस्यों के पीएफ खातों में जमा रकम (PF Account Balance) में बढ़ोतरी होने वाली है. दरअसल, ताजा अपडेट की बात करें, तो ईपीएफओ ने संगठन के सदस्यों के खातों में 8.25% ब्याज क्रेडिट करने का आदेश दिया है. क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश जारी किए गए हैं, इसके अलााव नए सिस्टम अपग्रेड के साथ ट्रांसफर प्रोसेस तेजी से होने की संभावना है।  8 करोड़ लोगों को फायदा ईपीएफ के करीब 8 करोड़ सदस्यों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भविष्य निधि अंशदान पर 8.25% ब्याज दर की आधिकारिक घोषणा करने के बाद क्षेत्रीय कार्यालयों को PF Interest Money सदस्य खातों में जमा करने का निर्देश दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, EPF Scheme के अनुच्छेद 60(1) के तहत केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल गई है कि 2025-26 के लिए ईपीएफ योजना के प्रत्येक सदस्य के खाते में इस दर से ब्याज का पैसा जमा किया जाएगा. EPFO के हाल ही में जारी एक सर्कुलर ये सामने आया है।  तेजी से ट्रांसफर होगा PF का पैसा  EPFO से जुड़ा ये बड़ा अपडेट ऐसे समय में सामने आया है, जबकि रिटायरमेंट फंड मैनेजर ने बीते एक सप्ताह में डेटाबेस के एकीकरण और सॉफ्टवेयर अपग्रेड का एक बड़ा काम पूरा कर लिया है. इससे उम्मीद है कि करोड़ों सदस्यों के खातों में पीएफ ब्याज का भुगतान पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से ट्रांसफर किया जाएगा. यानी अब यह प्रोसेस पहले की तरह धीमा नहीं होगा, जिसमें सभी सदस्यों के लिए भुगतान पूरा होने में एक या दो महीने का समय लग जाता था।  गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में लिए गए फैसले के बाद से ईपीएफओ सदस्य अपने पीएफ खातों में ब्याज जमा होने का इंतजार कर रहे हैं. EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने इस साल मार्च में 8 करोड़ से अधिक ईपीएफओ ग्राहकों के लिए वित्त वर्ष 2026 के लिए 8.25% की ब्याज दर को मंजूरी दी थी. बता दें कि यह लगातार तीसरा वर्ष है जब इस PF Interest Rate को इस दर को बरकरार रखा गया है. ईपीएफओ द्वारा मंजूरी के बाद, प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा जाता है, जो इसे अनुमोदित करता है, वित्त मंत्रालय ने इस साल जून में ब्याज दर को अपनी मंजूरी दे दी थी।  इन तरीकों से जानें, जमा हुआ ब्याज EPF खाते में जमा राशि को आप कई तरह से चेक कर सकते हैं. अगर आपका UAN और मोबाइल नंबर EPFO के साथ रजिस्टर्ड है, तो आप सिर्फ एक SMS भेजकर अपने खाते की जानकारी हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा उमंग ऐप (Umang App), ईपीएफओ सदस्य ई-सेवा पोर्टल (EPFO E-Service Portal), मिस्ड कॉल सेवा (Missed Call Service) के जरिए स्टेटस जांच सकते हैं।  SMS भेजकर जानें बैलेंस: एसएमएस के जरिए पीएफ खाते का बैलेंस चेक करने के लिए आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के मैसेज बॉक्स में जाकर EPFOHO और UAN फिर भाषा लिखकर मोबाइल नंबर 7738299899 पर SMS करना होगा. इसके तरीके को उदाहरण के तौर पर समझें, तो आप इंग्लिश में अपने EPF की खाते की डिटेल्स पाने के लिए EPFOHO UAN ENG टाइप करेंगे. इसके बाद मैसेज के जरिए आपके पीएफ खाते के बैलेंस की जानकारी आपको मिल जाएगी।  ऑनलाइन बैलेंस चेक: ऑनलाइन पीएफ बैलेंस चेक के लिए https://passbook.epfindia.gov.in/MemberPassBook/Login को अपने मोबाइल या लैपटॉप के ब्राउजर में ओपन करें. इसके बाद अब UAN नंबर और पासवर्ड डाले. फिर कैप्चा कोड भरें. अब आपके सामने एक नया पेज खुलकर आएगा. इस पेज पर ड्रॉप डाउन लिस्ट से अपना पीएफ नंबर सेलेक्ट करें. इसके बाद आपके सामने पीएफ अकाउंट की डिटेल्स खुल जाएगी।  UMANG App में चेक करें: इसके लिए सबसे पहले UMANG App डाउनलोड करना होगा. लॉगइन करके ऑल सर्विस सेक्शन में जाएं. अब EPFO सर्च करके, एम्प्लॉई सेंट्रिक सर्विसेस ऑप्शन चुनें, इसके बाद दिख रहे View Passbook विकल्प पर क्लिक करें, इसके बाद अपना UAN भरें और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को डालें, फिर बैलेंस सामने दिख जाएगा।  मिस्ड कॉल से PF बैलेंस: अगर मिस्ड कॉल करके भी पीएफ खाते में मौजद रकम के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं. इसके लिए आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 नंबर मिलाएं, दो घंटी के बाद ऑटोमटिक कॉल कट हो जाएगी और इस मिस्ड कॉल प्रोसेस के बाद आपके फोन पर SMS के जरिए पीएफ खाते का बैलेंस बता दिया जाएगा। 

होर्मुज के बाद अब मलक्का पर भारत की नजर, सबांग पोर्ट से मजबूत होगी समुद्री रणनीति

 नई दिल्ली 32 किलोमीटर का एक समुद्री पैसेज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की राजनीति और कूटनीति में कैसे उथल-पुथल मचा सकता है. ईरान वॉर के दौरान इसे पूरी दुनिया ने देख लिया. ईरानी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर के मुल्कों का ईंधन सप्लाई चोक कर दिया. कच्चे तेल की कीमतें दनादन बढ़ने लगी. आखिर दुनिया की 20 फीसदी इंधन सप्लाई इसी होर्मुज से होती है।  अब भारत और इंडोनेशिया मिलकर हिंद महासागर में अपना 'होर्मुज' बनाएंगे. ये 'होर्मुज' स्ट्रेट ऑफ मलक्का के एंट्री पॉइंट पर स्थित है. यहां से भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह में स्थित इंदिरा पॉइंट मात्र 100 मील की दूरी पर है. इस कदम के साथ भारत और इंडोनेशिया हिंद महासागर में चीन का सारा गेम प्लान बदल देंगे।  दरअसल हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी समुद्री रणनीति को नई धार देते हुए भारत और इंडोनेशिया ने सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है.  सूत्रों के अनुसार दोनों देशों ने इंडोनेशिया के सबांग बंदरगाह को विकसित करने पर सहमति बनाई है. इसे आधुनिक रूप दिया जाएगा और इस द्वाप पर भारत का दखल बढ़ेगा।  इंडोनेशिया दौरे पर गए पीएम नरेंद्र मोदी ने वहां के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किया है। सबांग बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के प्रवेश द्वार पर स्थित है.खास बात यह है कि सबांग पोर्ट भारत के महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से लगभग 100 मील की दूरी पर है।  आइए मलक्का स्ट्रेट को थोड़ा विस्तार से समझें और इसकी अहमियत को जानें चन्नई से दक्षिण पूर्व में आगे बढ़ते चले जाएं. एकदम आगे. चेन्नई के तट से समुद्री रास्ते पर आगे बढ़ें, तो जहाज पहले बंगाल की खाड़ी पार करता है, फिर अंडमान सागर की ओर जाता हुआ मलक्का जलडमरूमध्य तक पहुंचता है।  हजारों साल पहले, जब भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच मसालों की खुशबू समुद्री हवाओं के साथ फैल रही थी, तब नाविकों ने एक संकरे लेकिन बेहद अहम समुद्री रास्ते को पहचानना शुरू किया. यह स्ट्रेट यानी कि जलडमरूमध्य हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ता है।  आज यहां से दुनिया का लगभग 25 प्रतिशत व्यापार होता है. इसमें तेल, चीनी सामान, कोयला और पाम ऑयल अहम है. सिंगापुर इसके दक्षिणी छोर पर स्थित विश्व का प्रमुख बंदरगाह है।  सबांग पोर्ट मलक्का स्ट्रेट के मुहाने पर स्थित है. भारत के लिए इसका महत्व अत्यंत रणनीतिक और आर्थिक है. भारत का पूर्वी एशिया जैसे चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ होने वाला बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है. भारत के पेट्रोलियम उत्पादों, कोयले, मशीनरी और कंटेनर व्यापार के लिए यह समुद्री जीवनरेखा जैसा है. साथ ही “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया से संपर्क मजबूत करने में भी इसकी अहम भूमिका है।  वैश्विक स्तर पर यह स्ट्रेट ऊर्जा आपूर्ति की प्रमुख धमनियों में गिना जाता है. पश्चिम एशिया से निकलने वाला कच्चा तेल और गैस बड़ी मात्रा में इसी रास्ते से पूर्वी एशियाई देशों तक पहुंचता है।  Strait of Malacca से हर साल करीब 2.8 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 2,800 अरब डॉलर का माल हर वर्ष गुजरता है. चीन के लिए क्या अहमियत है? चीन के लिए मलक्का जलडमरूमध्य उसकी अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा की सबसे अहम समुद्री लाइफलाइन है. हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर को जोड़ने वाला यह संकरा समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त व्यापारिक रास्तों में से एक है. चीन के आयातित तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया और अफ्रीका से इसी रास्ते होकर चीन पहुंचता है. इसके अलावा चीन के निर्यात-आधारित व्यापार का भी बड़ा हिस्सा मलक्का स्ट्रेट पर निर्भर है।   पूर्व चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने 2003 में "मलक्का दुविधा" का जिक्र करते हुए कहा था कि यदि किसी संकट या युद्ध की स्थिति में यह मार्ग बाधित हो जाए, तो चीन की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।  अब समझिए इसी मलक्का स्ट्रेट के मुहाने पर सबांग द्वीप है और इसकी द्वीप को भारत इंडोनेशिया के साथ मिलकर विकसित करेगा।  रणनीतिक दृष्टि से देखें तो यह समझौता केवल एक बंदरगाह विकास परियोजना नहीं, बल्कि हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती समुद्री उपस्थिति का संकेत है।  सबांग पोर्ट इंडोनेशिया के आचेह प्रांत में स्थित है और मलक्का जलडमरूमध्य के पश्चिमी मुहाने पर नजर रखता है. यहां से गुजरने वाले जहाजों की गतिविधियों पर निगरानी रखना अपेक्षाकृत आसान है. भारत लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. 2018 में भी भारत और इंडोनेशिया के बीच सबांग पोर्ट को लेकर सहयोग की रूपरेखा बनी थी, लेकिन अब दोनों देशों के संबंधों और इंडो-पैसिफिक की बदलती भू-राजनीति को देखते हुए इस परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है।  एक और ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट दूसरी ओर सबांग बंदरगाह बता दें कि भारत अंडमान निकोबार में ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है. यह भारत की एक महत्वाकांक्षी बहु-आयामी विकास योजना है, इसमें एक अंतरराष्ट्रीय ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, बिजली संयंत्र और आधुनिक टाउनशिप का निर्माण शामिल है, ताकि भारत मलक्का जलडमरूमध्य के पास एक प्रमुख समुद्री और लॉजिस्टिक्स हब बन सके।   यह परियोजना भारत की व्यापारिक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसकी रणनीतिक मौजूदगी को भी मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।  अब भारत ने इंडोनेशिया के साथ मिलकर सबांग पोर्ट को डेवलप करने की योजना बनाई है।  विशेषज्ञों का मानना है कि सबांग और ग्रेट निकोबार परियोजनाओं का संयुक्त प्रभाव भारत को मलक्का जलडमरूमध्य के दोनों ओर रणनीतिक पहुंच प्रदान कर सकता है.  ग्रेट निकोबार द्वीप भारत के अंडमान-निकोबार समूह का सबसे दक्षिणी हिस्सा है और वहां विकसित हो रहा ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट भारत की समुद्री महत्वाकांक्षाओं का अहम हिस्सा माना जाता है. दूसरी ओर सबांग पोर्ट में भारत की भागीदारी उसे इंडोनेशिया के साथ मिलकर क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों में बड़ी भूमिका निभाने का अवसर देगी।  चीन के स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स को भारत का जवाब इस समझौते का एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक पहलू भी है. पिछले एक दशक में चीन ने "बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव" और "स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स" रणनीति के … Read more