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डोंगरगढ़ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत, सुरक्षा के लिए बाइपास तक बनाया गया सेफ कॉरिडोर

भिलाई नगर. नवरात्रि पर्व के दौरान दुर्ग पुलिस ने डोंगरगढ़ दर्शन के लिए जाने वाले पैदल श्रद्धालुओं तथा वाहन चालकों के सुगम व सुरक्षित आवागमन हेतु कुम्हारी से अंजोरा बाईपास तक विशेष रूट निर्धारित कर कॉरिडोर बनाया गया है। इस दौरान 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक 03 पेट्रोलिंग वाहन लगातार 24 घंटे मार्ग पर तैनात रहेंगे। जो पेट्रोलिंग वाहन लाउडस्पीकर के माध्यम से पदयात्रियों को बाएं चलने और यातायात सुचारू रखने के निर्देश देंगे। पदयात्रियों की सुविधा व सुरक्षा हेतु मार्ग में अस्थायी पुलिस सहायता केंद्र भी बनाये जा रहे है। कुम्हारी टोल प्लाजा सिरसा गेट चौक डबरापारा तिराहा – खुर्सीपार तिराहा- पावर हाउस अंडरब्रिज मुर्गा चौक सेंट्रल एवेन्यू सेक्टर- 09 चौक -ठगड़ा बांध ओवरब्रिज जेल तिराहा गौरव पथ – गांधी पुतला – पटेल चौक गंजपारा पुलगांव चौक – शिवनाथ नदी ब्रिज -अंजोरा बाइपास – राजनांदगांव होते हुए डोंगरगढ़ जाएंगे। वहीं दुर्ग शहर एवं सेक्टर एरिया की यातायात व डायवर्शन व्यवस्था की है। पावर हाउस अंडरब्रिज से मुर्गा चौक / सेंट्रल एवेन्यू की ओर जाने वाले सभी चार पहिया वाहनों को फॉरेस्ट एवेन्यू एवं गैरेज रोड की ओर डायवर्ट किया जाएगा और दुर्ग से सेंट्रल एवेन्यू की ओर आने वाले चार पहिया वाहनों को भी सेक्टर 09 चौक से फॉरेस्ट एवेन्यू एवं गैरेज रोड में डायवर्ट किया जाएगे। वहीं दुर्ग शहर (रात्रि नो एंट्री एवं बस, डायवर्शन भी किया है। भारी / मध्यम वाहन प्रतिबंधितः रात्रि के समय शहर के भीतर मध्यम एवं भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रतिबंधित क्षेत्र पुलगांव चौक, पोटिया चौक, महाराजा चौक, जेल तिराहा, गुरुद्वारा तिराहा, धमधा रोड, नयापारा से दुर्ग शहर की ओर ) गंजपारा दुर्गा पंडाल व्यवस्था में गंजपारा दुर्गा पंडाल के पास रात्रि में पुलिस लाइन एवं गंजपारा से आने वाले सभी दो पहिया व चार पहिया वाहनों को गंज मंडी के पीछे से डायवर्ट किया जाएगा। वहीं बस डायवर्जन में रात्रि के समय पुलगांव चौक से आने वाली सभी बसों को महाराजा चौक- जेल तिराहा होते हुए बस स्टैंड की ओर डायवर्ट किया जाएगा। इसी प्रकार दुर्ग बस स्टैंड से पुलगांव की ओर जाने वाले बस इसी मार्ग का उपयोग करेंगे।

नेपाल में भीषण बाढ़ से मची तबाही, सल्लेरी और जगत बाजार में सैलाब का कहर; घर-पुल बह गए

 गोरखा नेपाल में आई भीषण बाढ़ को अभी दो महीने भी नहीं बीते हैं कि एक और जल प्रलय आ गई है। गोरखा जिले में रविवार को बूढ़ी गंडक नदी में आचनाक बाढ़ आ गई। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से अचानक नदी में सैलाब चला आ रहा है। नदी का पानी आसपास के गांवों में घुस गया और कई घर और पुल भी बह गए। इसके अलावा चार लोग लापता हैं। प्रशासन उनकी तलाश में जुटा है। जानकारी के मुताबिक गंडकी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने की वजह से कुछ उपकरण बह गए हैं। सुबह 4 बजे के करीब ही पानी गांवों में घुसने लगा और इसके बाद लोग ऊंचे स्थानों की ओर भागे। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ऊंचाई वाले इलाकों में चुन्चुब्री स्यारी नदी का पानी बंद हो गया था। इसके बाद यहां एक झील बनने लगी थी। यही पानी तेजी से बहाव के साथ नीचे आया है। 'काठमांडू पोस्ट' की खबर के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड संख्या तीन के अध्यक्ष राम कुमार गुरुंग ने बताया कि बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ से सल्लेरी, पायूका और जगत में नदी किनारे स्थित मकान बह गए। बाढ़ में वार्ड को जोड़ने वाला एक पुल भी बह गया। गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि शुरुआती खबरों के अनुसार, सिउरीबास के ऊपरी इलाके में भूस्खलन हुआ था। उन्होंने कहा कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों को संदेह है कि चुमनुब्री-6 में लोकपा और चुमलिंग के बीच बूढ़ी गंडकी की सहायक नदी स्यार का प्रवाह बाधित हो गया होगा, जिससे बाढ़ आई। अधिकारियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ से उत्तरी गोरखा के कई इलाकों में 35 से अधिक मकान बह गए। समाचार पोर्टल 'ऑनलाइन खबर' के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष लक्ष्मी गुरुंग ने कहा कि रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ ने उन्हें रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की याद दिला दी। उन्होंने कहा, ''बूढ़ी गंडकी में आई बाढ़ ने भोटेकोशी की बाढ़ की याद दिला दी। इसमें दर्जनों मकान बह गए हैं। फिलहाल नुकसान का सही आकलन करना संभव नहीं है।'' भोटेकोशी नदी में बाढ़ में मारे गए थे 1455 लोग 26 अगस्त को त्रिशूली और भोटेकोशी नदी में ऐसी भीषण बाढ़ आई थी कि गांव के गांव साफ हो गए। इस आपदा में कम से कम 1455 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई थी। अब बी 5 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। नदी किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट जारी चुमनुब्री गांवपालिका के अध्यक्ष निमा लामा के मुताबिक, गांवपालिका स्थित चुम्के खोला में भूस्खलन के कारण नदी का बहाव रुक गया था. इसके बाद अचानक बाढ़ आ गई. बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा ने लोगों को सतर्क करने के लिए SMS अलर्ट जारी किया है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. चुमनुब्री गांवपालिका की उपाध्यक्ष लक्ष्मी गुरुड़ के मुताबिक, बाढ़ से दोभान, घट्टेखोला, जगत और सल्लेरी गांवों में भारी तबाही मची है. कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह बुढ़ीगंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद स्वास्थ्य आपातकालीन केंद्र को सक्रिय कर दिया गया है. स्वास्थ्य और खाद्य स्वच्छता मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं, इमरजेंसी ट्रीटमेंट और दूसरी मेडिकल हेल्प मुहैया कराने के लिए तैयारी की जा रही है. मंत्रालय ने स्वास्थ्य संबंधी सहायता की जरूरत होने पर हेल्पलाइन नंबर 1115 पर संपर्क करने को कहा है. नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने बुढ़ीगंडकी नदी के किनारे और निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है. फेसबुक पर जारी अपने मैसेज में उन्होंने खासतौर पर सिर्दिबास, जगत, सल्लेरी, खोलाबेसी, माछाखोला, सोती, आर्खेत और आरुघाट के निवासियों को अलर्ट रहने की सलाह दी है. गृहमंत्री ने कहा कि नेपाल को एक बार फिर भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र गोरखा के चुमनुब्री गांवपालिका स्थित न्याकचेत और फिलिम बाजार को जोड़ने वाला पुल बहने और घट्टेखोला के कुछ मकानों में मलबे के साथ पानी घुसने की खबरों पर चिंता जताई. उन्होंने ये भी बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. गृहमंत्री के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन को राहत और बचाव में जुटी है. प्रभावित क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की तैनाती की प्रक्रिया भी शुरू की गई है. जगत में लैंडस्लाइड का खतरा, 6 लोग एयरलिफ्ट वहीं, नेपाल के PM बालेन शाह ने भी बताया कि बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ के बाद, नेपाली सेना की एक टुकड़ी को सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हवाई और जमीनी रास्तों से तैनात किया गया है. उन्होंने कहा, 'जगत इलाके से 6 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया है, जहां लैंडस्लाइड का खतरा है. काठमांडू में तैनात कम्पोजिट क्विक रिएक्शन टीम को भी हवाई ट्रांसपोर्ट के जरिए बताए गए इलाके में तैनात किया गया है.

Navratri Special: मध्य प्रदेश में विराजित हैं मां दुर्गा की प्राचीन द्वादशभुजी प्रतिमा, जानें उदयगिरी गुफाओं का इतिहास

भोपाल. भोपाल से करीब 60-65 किमी दूर विदिशा जिले की ऐतिहासिक उदयगिरी गुफाओं में शक्ति पूजा के सबसे पुराने पुरातात्विक साक्ष्य मौजूद हैं। यहां महिषासुर का वध करती देवी दुर्गा यानी "महिषासुरमर्दिनी" की ऐसी प्रतिमा है, जिसके 12 हाथ हैं। गुप्तकाल के दौरान चौथी-पांचवी शताब्दी में बनी यह प्रतिमा मध्य भारत में मिली देवी की सबसे प्राचीन प्रतिमा है। उकेरा गया देवी का स्पष्ट स्वरूप देश के चुनिंदा हिस्सों से जो प्रतिमाएं इससे पहले मिली हैं, उनमें देवी का यह स्वरूप इतना स्पष्ट नहीं है। उदयगिरी में गुफा की उत्तरी दीवार पर बनी इस प्रतिमा में उन्होंने महिषासुर की गर्दन दबोच रखी है। दाहिना पैर राक्षस की पीठ पर है और बायां पैर एक आधार पर टिका है, जिसे कुछ लोग उनके वाहन शेर के तौर पर पहचानते हैं। 1700 साल प्राचीन होने का दावा दाहिनी ओर के एक हाथ में त्रिशूल है, जिससे उन्होंने राक्षस को बींध रखा है। दूसरे हाथों में तलवार, ढाल, धनुश-बाण, गदा, पानपात्र, खप्पर जैसे अस्त्र-शस्त्र दिखाए गए हैं। करीब 1700 साल पहले उकेरी गई यह प्रतिमा इस क्षेत्र में शक्ति पूजा की सबसे समृद्ध परंपरा की पुष्टि है। गुफाओं का गुप्त काल में निर्माण – मंदिर रूपी गुफाओं का निर्माण गुप्त काल में चौथी शताब्दी के उत्तरार्द्ध और पांचवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में मालवा विजय के उपलक्ष्य में हुआ था। यहां बनी महिषासुरमर्दिनी की प्रतिमा मध्य भारत में मिली सबसे प्राचीन देवी प्रतिमा है। देश में भी ऐसी गिनी-चुनी प्रतिमाएं ही हैं। दूसरी प्रतिमाओं में देवी के आठ, 10 या कहीं कहीं 20 हाथ दिखाए गए हैं, लेकिन यहां देवी के 12 हाथ हैं। – डॉ. नारायण व्यास, पुरातत्वविद्

छत्तीसगढ़: बिलासपुर में छात्राओं का प्रदर्शन लाया रंग, प्राचार्य और दो व्याख्याताओं पर गिरी गाज

बिलासपुर. मल्हार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण को बिगाड़ने, छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार करने और गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. कलेक्टर के अनुमोदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राचार्य सहित तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से अन्य संस्थाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है. इसके साथ ही छात्राओं की जीत हुई है. मल्हार स्कूल में विद्यालयीन प्रशासनिक व्यवस्था और छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार को लेकर जनप्रतिनिधियों और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से लगातार शिकायतें मिल रही थीं. एक अक्टूबर को विद्यालय की छात्राओं ने सीधे कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर प्राचार्य एवं अन्य शिक्षकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. मामले की गंभीरता को देख जिला प्रशासन द्वारा एक त्रिस्तरीय जांच दल का गठन किया गया था. जांच दल ने 7 अक्टूबर को अपना विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें कई गंभीर खुलासे हुए. इसमें पाया गया कि स्कूल के प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार, सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने में अनियमितता, शाला शुल्क के नाम पर प्रति छात्र 500 रूपए की अतिरिक्त अवैध वसूली और शैक्षणिक दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मिली. इसी तरह व्याख्याता संजय दुबे छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार और अन्य प्रशासनिक व शैक्षणिक अनियमितताएं के आरोप सही पाए गए. व्याख्याता अर्थशास्त्र रश्मि गुप्ता छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार तथा उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन व अध्यापन कार्य भृत्य से कराए जाने जैसी गंभीर लापरवाही पाया गया. विद्यार्थियों के भविष्य, विद्यालय में स्वच्छ शैक्षणिक माहौल और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शासन के आगामी आदेश तक तीनों प्राचार्य और दोनों व्याख्याताओं को अन्य संस्थाओं में अस्थायी रूप से कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है. इसमें प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला को मल्हार से स्थानांतरित कर शासकीय हाई स्कूल कुकुदीर्केरा विकासखंड मस्तूरी भेजा गया है. व्याख्याता संजय दुबे को मल्हार से स्थानांतरित कर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओखर विकासखंड मस्तूरी और व्याख्याता रश्मि गुप्ता को मल्हार से स्थानांतरित कर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पचपेड़ी विकासखंड मस्तूरी भेजा गया है. जहां शासन के आगामी आदेश तक काम करेंगे. इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान वकीलों को हिरासत में लेने का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जान और आजादी की सुरक्षा समान

नई दिल्ली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट रविवार को भी खुला। इसपर कोर्ट ने कहा कि वह हमेशा देश की सेवा में है। आपको बता दें कि शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो स्टेशन बंद करने और ट्रेनें रद्द करने को चुनौती देने वाली अवमानना ​​याचिका पर सुनवाई की जा रही है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है। इसमें नेताओं को हिरासत में लिए जाने को चुनौती दी गई है। दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान लोगों को हिरासत में लेने और पाबंदियां लगाने के मामले में सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारियों, वकीलों और आम नागरिकों की जान और आजादी की सुरक्षा को लेकर उसकी चिंता एक जैसी है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा, "अदालत के लिए व्यक्ति की पहचान मायने नहीं रखती, चाहे वह पुलिस अधिकारी हो, वकील हो या आम नागरिक। जान और आजादी की सुरक्षा को लेकर अदालत का रुख और चिंता एक जैसी संवेदनशील होती है। ठीक है? इसलिए चिंता न करें।" लॉ एंड ऑर्डर पर पुलिस के पास स्वतंत्र अधिकार नहीं जस्टिस बागची ने कहा कि अदालत कार्रवाई के पैमाने को लेकर जताई जा रही चिंताओं को समझती है और प्रतिवादियों का पक्ष सुनना चाहती है। हालांकि, जज ने वकील से यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मामले में पुलिस अधिकारियों को सरकार के रुख से अलग कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं है और उन्होंने वकील से सॉलिसिटर जनरल की मदद करने को कहा। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेच में सामने याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े पेश हुए। उन्होंने कहा कि न्याय तक पहुंच का मतलब वकीलों तक पहुंच भी है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि शनिवार के विरोध प्रदर्शनों के दौरान वकीलों को पुलिस स्टेशनों में अपने मुवक्किलों से मिलने से रोका गया। हेगड़े ने कहा, "यह कोर्ट अपने एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के माध्यम से काम करता है। न्याय तक पहुंच का मतलब वकीलों तक पहुंच भी है। अगर वकीलों को अपना काम करने से रोका जाता है तो इससे सीधे तौर पर इस कोर्ट की गरिमा प्रभावित होती है।" वकीलों को घंटों तक हिरासत में रखा संजय हेगड़े ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जो वकील शनिवार को मैदान गढ़ी के संजय कॉलोनी पुलिस स्टेशन गए थे, उन्हें घंटों तक हिरासत में रखा गया और कथित तौर पर उनकी पिटाई की गई। हेगड़े ने कहा, "उनमें से कुछ ने मेरे साथ काम किया है। पुलिसकर्मियों ने वकीलों को FIR की धमकी दी।" एक अन्य वकील ने कोर्ट को बताया कि शनिवार को पूरे दिन इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

Agniveer Update: 4 साल की सेवा के बाद क्या मिलेगा? पूर्व अग्निवीरों के लिए बीमा, आर्थिक मदद और नौकरी में आरक्षण

नई दिल्ली सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखने वाले युवाओं के मन में अग्निवीर योजना को लेकर तरह-तरह के सवाल रहते हैं. चार साल की सेवा पूरी होने के बाद आगे क्या होगा, क्या दोबारा सेना में नौकरी का मौका मिलेगा और अगर नियमित सेवा में चयन नहीं हुआ तो रोजगार के कौन से विकल्प होंगे? ये ऐसे सवाल हैं जिनकी चिंता अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं और उनके परिवारों को भी रहती है।  सरकार ने सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए सेवा निधि, दूसरी सरकारी भर्तियों में आरक्षण और रोजगार के अवसरों से जुड़े प्रावधान किए हैं. लेकिन इन सुविधाओं का लाभ किसे मिलेगा, कितनी आर्थिक मदद मिलती है और इसके लिए क्या नियम हैं? आइए, आधिकारिक नियमों के आधार पर समझते हैं।  सेवा पूरी होने के बाद क्या?  चार साल की सेवा पूरी करने के बाद जब अग्निवीर बाहर आएंगे तो सरकार उनको कई सुविधाएं देंगी. इसमें सेवा निधि पैकेज, जीवन बीमा कवर और स्किल सर्टिफिकेट शामिल है. लेकिन पहले समझते हैं कि इनमें क्या-क्या सुविधा होगी।  सेवा निधि पैकेज  रिटायर हो रहे अग्निवीर को एकमुश्त करीब 10.04 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलेगा. खास बात यह है कि यह रकम टैक्स फ्री होगी. इसमें युवाओं का योगदान, सरकार का बराबर का हिस्सा और इसपर मिलने वाले ब्याज शामिल होते हैं।  जीवन बीमा कवर   सेवा काल के दौरान अग्निवीरों को 48 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाता है, जो उनके और उनके परिवार के लिए एक सुरक्षित रकम होती है।  स्किल सर्टिफिकेट रिटायर होने वाले अग्निवीरों को स्किल सर्टिफिकेट भी दिया जाता है. इससे उन्हें आगे प्राइवेट या सरकारी नौकरी में इंटरव्यू के समय पर प्राथमिकता मिलेगी।  नौकरी के लिए क्या है सरकार का प्लान?  सरकार ने चार साल की सेवा पूरी करने वाले उम्मीदवारों के लिए नौकरी के लिए भी सुविधाएं रखी है।  गृह मंत्रालय का नया पोर्टल  इसके लिए सरकार की ओर से कॉरपोरेट और सरकारी सेक्टर में आसानी से एडजस्ट करने के लिए गृह मंत्रालय विशेष पोर्टल तैयार कर रहा है. इसके  जरिए उन्होंने नौकरी के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना होगा और उन्हें जॉब्स के लिए कई सारे विकल्प मिलेंगे।  50 प्रतिशत का आरक्षण  बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और असम राइफल्स जैसी सुरक्षा बलों में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित कर दी गई हैं।  फिजिकल और लिखित परीक्षा से छूट इन सुरक्षा बलों में भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) और लिखित परीक्षा में भी छूट दी जाएगी।  कोटा और एज में भी मिलेगी छूट  उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की सरकारों ने पुलिस और अन्य विभागों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 से 20 प्रतिशत तक पद रिजर्व किए हैं. साथ ही, आयु सीमा में 3 से 5 साल तक की छूट का ऐलान भी किया गया है जिससे वह आसानी से सरकारी नौकरी पा सकें। 

नवरात्रि से दीपावली तक भोपाल के बाजारों में रहेगी रौनक, कारोबारियों ने की बंपर तैयारियां

भोपाल शारदीय नवरात्रि के साथ भोपाल के बाजारों में त्योहारी खरीदारी का दौर शुरू हो गया है। न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, बिट्टन मार्केट, चौक बाजार, करोंद और बैरागढ़ सहित शहर के प्रमुख बाजारों में कारोबारियों ने त्योहारों की मांग को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। पूजा सामग्री, फूल-फल और चुनरी से शुरू होने वाली खरीदारी गरबा के पारंपरिक परिधानों, दशहरा, करवा चौथ और दीपावली के सामान तक पहुंचेगी। इसके बाद छठ तक कई श्रेणियों में मांग बनी रहने की उम्मीद है। ऐसे में व्यापारियों के लिए अगले डेढ़ महीने बिक्री बढ़ाने के साथ छोटे कारोबारियों और स्थानीय कारीगरों को काम देने का अवसर भी होंगे।नवरात्रि के दौरान कलश, नारियल, चुनरी, मौली, रोली, कपूर, धूप-अगरबत्ती और पूजा पात्रों की मांग बढ़ती है। नौ दिनों तक घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना होने से इन वस्तुओं की बिक्री बनी रहती है। प्रमुख बाजारों के अलावा कालोनियों और चौराहों पर अस्थायी दुकानें लगाने वाले छोटे दुकानदारों को भी इस दौरान अतिरिक्त कमाई की उम्मीद रहती है। गरबा-डांडिया से कपड़ा और एक्सेसरीज बाजार को मिलेगा सहारा नवरात्रि में गरबा और डांडिया आयोजनों के कारण पारंपरिक परिधानों की मांग बढ़ती है। चनिया-चोली, लहंगा, कुर्ते, पगड़ी और पारंपरिक आभूषणों के साथ मैचिंग ज्वेलरी, चूड़ियां, जूती और अन्य एक्सेसरीज की खरीदारी होती है। इसका फायदा कपड़ा कारोबारियों के साथ दर्जियों, कढ़ाई करने वालों और छोटे विक्रेताओं को भी मिलता है। दशहरा-दीपावली में बढ़ेगा खरीदारी का दायरा नवरात्रि के बाद दशहरा और फिर करवा चौथ के लिए खरीदारी होगी। दीपावली के दौरान कपड़ों, जूते-चप्पल, मोबाइल, इलेक्ट्रानिक्स, घरेलू उपकरण, फर्नीचर, सजावटी सामान, मिठाई, उपहार और ज्वेलरी की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है। कई परिवार त्योहारों के लिए पहले से खरीदारी करते हैं, जबकि कुछ लोग बजट और आफर देखकर खरीदारी का समय तय करते हैं। इससे अलग-अलग बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बनी रह सकती है। फूल, मिठाई और सजावट से जुड़े कारोबार को भी मिलेगा काम मंगलम इलेक्ट्रोनिक के डायरेक्टर श्याम बंसल ने बताया कि त्योहारों के दौरान फूल-मालाओं, फलों, मिठाइयों और पूजा सामग्री की मांग बढ़ती है। दुर्गा पूजा पंडालों और धार्मिक आयोजनों के लिए बांस, कपड़े, रंग, लाइट, बिजली की झालर और साउंड सिस्टम की जरूरत होती है। इससे सजावट कारोबारियों, कारीगरों, मजदूरों और इलेक्ट्रिशियन को भी काम मिलता है। चौक बाजार में पारंपरिक खरीदारी और ज्वेलरी, जबकि न्यू मार्केट, 10 नंबर और बैरागढ़ में कपड़े, फुटवियर और घरेलू जरूरत के सामान का कारोबार महत्वपूर्ण रहता है। छोटे दुकानदारों को भी सीजन से उम्मीद किराना व्यापारी महासंघ महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि त्योहारी कारोबार का लाभ बड़े शोरूम तक सीमित नहीं रहता। फूल और फल विक्रेता, मिठाई दुकानदार, दर्जी, कारीगर और अस्थायी स्टाल लगाने वाले भी इस सीजन पर निर्भर रहते हैं। नवरात्रि से शुरू होने वाली खरीदारी यदि दशहरा और दीपावली तक गति बनाए रखती है, तो बाजार में बिक्री के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। कारोबारियों की नजर अब इसी बात पर है कि शुरुआती रौनक दीपावली तक कितनी मजबूत बनी रहती है। छठ तक जारी रहने वाली मांग इस कारोबारी सीजन को और विस्तार दे सकती है।

बागेश्वर धाम से बड़ी खबर: 11 अक्टूबर से शुरू होगी धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा 3.0

 छतरपुर  छतरपुर जिले के गढ़ा में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं कथावाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0 का मार्ग तय हो गया है। करीब 500 किलोमीटर लंबी यह यात्रा आज 11 अक्टूबर से बागेश्वर धाम से शुरू होगी और पांच दिन बाद 15 अक्टूबर को वापस छतरपुर पहुंचेगी। यात्रा का रूट गढ़ा से शुरू होकर अजयगढ़, पन्ना, अमानगंज, पवई, सागर, दमोह, हटा और टीकमगढ़ होते हुए छतरपुर तक रहेगा। यात्रा के दौरान करीब हर 20 किलोमीटर पर पड़ाव निर्धारित किए जाएंगे। रात्रि विश्राम वाले स्थानों पर धार्मिक आयोजन होंगे। इनमें हनुमान चालीसा, हवन और लोगों को हिंदू राष्ट्र की शपथ दिलाने का कार्यक्रम शामिल रहेगा। यात्रा की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ और राष्ट्रगान के साथ होगी। यात्रा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के लिए विशेष रूप से तैयार वैनिटी वैन और बालाजी महाराज का रथ शामिल रहेगा। आयोजकों के मुताबिक, यात्रा में करीब 5 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय, चित्रलेखा और गुरु मीमा जी ने वीडियो जारी कर यात्रा में शामिल होने की बात कही है। यात्रा से पहले दैनिक भास्कर ने बागेश्वर धाम पहुंचकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से तैयारियों, रथयात्रा के उद्देश्य और बुंदेलखंड के पांच जिलों को चुनने के कारणों पर बातचीत की। संत-महंत और सुंदरकांड मंडल भी होंगे शामिल पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यात्रा के रूट और तैयारियों की जानकारी साझा करते हुए देशभर के सनातनियों से इसमें शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यात्रा जिन क्षेत्रों से गुजरेगी, वहां आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर आयोजनों में सहभागिता करें। यात्रा में श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए बसों की व्यवस्था भी रहेगी। संत-महंत, बागेश्वर शिष्य और विभिन्न सुंदरकांड मंडलों के सदस्य भी यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा के दौरान आयोजित सभाओं में राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा और सात वचनों की शपथ दिलाई जाएगी। पीले चावल देकर घर-घर पहुंचाया जाएगा न्योता यात्रा को लेकर बागेश्वर धाम के शिष्य, भक्त और सुंदरकांड मंडल के सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से संपर्क करेंगे। इसके लिए पीले चावल देकर सनातनियों को यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने बुंदेली भाषा में हाथ जोड़कर लोगों से यात्रा में शामिल होने और इसे सफल बनाने में सहभागिता की अपील की है। उनका कहना है कि यात्रा का उद्देश्य धर्म, संस्कृति और हिंदू एकता का संदेश लोगों तक पहुंचाना है। दो यात्राएं निकाल चुके हैं धीरेंद्र शास्त्री यह पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीसरी बड़ी यात्रा होगी। इससे पहले नवंबर 2024 में बागेश्वर धाम से ओरछा तक करीब 160 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली गई थी। यात्रा के दौरान 'जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई' का संदेश दिया गया था। इसके बाद नवंबर 2025 में दिल्ली से मथुरा-वृंदावन तक करीब 170 किलोमीटर की यात्रा 2.0 निकाली गई। इसमें यमुना शुद्धि, ब्रजधाम की रक्षा, सामाजिक समरसता, हिंदू राष्ट्र, लव जिहाद और गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने जैसे मुद्दे उठाए गए थे। अब तीसरे चरण में 500 किलोमीटर लंबी रथ यात्रा के जरिए बुंदेलखंड के कई जिलों में हिंदू एकता और सनातन संस्कृति का संदेश पहुंचाने की तैयारी है। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री: यात्रा के दौरान हर 20 किलोमीटर पर छोटा आयोजन होगा। इसमें लोगों को 7 संकल्प दिलाए जाएंगे। इनमें सनातन एकता के लिए जोर दिया जाएगा। ये सात संकल्प दिलाएंगे     भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना     जातिवाद और छुआछूत का खात्मा करना     गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना     अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद पर रोक लगाना     हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों की मुक्ति और संरक्षण     आने वाली पीढ़ी को सनातन धर्म के संस्कारों से जोड़ना     प्रत्येक हिंदू को एकजुट करना (हिंदू एकता) एक महीने से चल रही तैयारियां सनातन हिन्दू एकता रथ यात्रा को लेकर बागेश्वर धाम में एक महीने से तैयारियां चल रही हैं। बागेश्वर धाम समिति के सदस्य, मंडल यात्रा के रूट, किस पड़ाव पर कहां रुकेगी, क्या व्यवस्था होगी, सभी की निगरानी में लगे हैं। खुद पंडित धीरेन्द्र शास्त्री 5 जिलों के प्रत्येक मंडलों और प्रभारियों से मुलाकात करके मीटिंग कर रहे हैं। इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पांचों जिलों समेत विभिन्न क्षेत्रों में बागेश्वर सरकार और सनातन से जुड़े प्रचार-प्रसार करने वाले सोशल मीडिया वॉरियर्स से संवाद भी कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने ने सभी से रथ यात्रा का आमंत्रण जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी लोग स्वयं यात्रा में शामिल हों, यात्रा से संबंधित ब्लॉक न्यूज, वीडियो व सोशल मीडिया कंटेंट तैयार कर लोगों तक जानकारी पहुंचाएं। यात्रा के पहले धाम परिसर और नेशनल हाईवे पर बैनर-पोस्टर लगाए जा रहे हैं। हाइड्रोलिक लिफ्ट वाली वैनिटी वैन बनेगी रथ पंडित धीरेंद्र शास्त्री वैनिटी वैन पर सवार होंगे, जिसमें समर्थकों की भीड़ को देखते हुए रथ को विशेष सुरक्षा मानकों पर तैयार किया गया है। इसमें हाइड्रोलिक लिफ्ट लगी है, जिससे धीरेंद्र शास्त्री रथ के ऊपर आकर संबोधित कर सकेंगे। वैन पर भगवान हनुमान जी, गदा और सनातन धर्म के प्रतीकों की नक्काशी की जा रही है। साथ ही वैन के दोनों तरफ सीसीटीवी भी लगाए जा गए हैं। ड्राेन से निगरानी होगी, बम डिस्पोजल दस्ता भी चलेगा छतरपुर एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि यात्रा में भीड़ को देखते हुए सागर जोन से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस मुख्यालय से भी बल लिया जाएगा। ड्रोन, सीसीटीवी व्हीकल, रेडियो कम्युनिकेशन, सादा कपड़ों में सिविल पुलिस और बम डिस्पोजल दस्ता भी तैनात रहेगा। पंडित धीरेंद्र शास्त्री की श्रेणी के अनुसार मल्टी-लेयर सुरक्षा, कारकेड और ट्रैफिक डायवर्जन का प्लान आयोजकों के साथ फाइनल किया जा रहा है। इसमें शामिल होने वाले अन्य साधु-संतों को भी उनकी श्रेणी के हिसाब से सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। हर पड़ाव पर हनुमान चालीसा और राष्ट्रगान यात्रा प्रभारी धीरज गौर ने बताया कि यात्रा में पहले दिन कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय शामिल होंगे। उनकी उपस्थिति में धर्म ध्वजा लेकर यात्रा की शुरुआत होगी। साथ ही प्रत्येक पड़ाव पर यात्रा शुरू होने के पहले हनुमान चालीसा पाठ और राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रध्वज भी फहराया जाएगा। यात्रा में करीब पांच हजार लोग साथ चलेंगे। … Read more

CM मोहन यादव 11 अक्टूबर को जारी करेंगे ₹502 करोड़ की RTE फीस प्रतिपूर्ति राशि, हजारों स्कूलों को फायदा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 11 अक्टूबर को करेंगे 502 करोड़ रुपये की आरटीई फीस प्रतिपूर्ति राशि अंतरित प्रदेश के 20 हजार 456 अशासकीय स्कूलों को राशि होगी अंतरित 8 लाख 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा नि:शुल्क शिक्षा का लाभ नरसिंहपुर में सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के नवीन भवन का होगा लोकार्पण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 अक्टूबर को नरसिंहपुर जिले में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2024-25 की फीस प्रतिपूर्ति राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण करेंगे। इसके अंतर्गत प्रदेश के 20 हजार 456 अशासकीय स्कूलों के खातों में 502 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। इससे 8 लाख 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा नरसिंहपुर जिले में 45 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण भी करेंगे। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, स्थानीय जन प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ ही बडी संख्या विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के सांदीपनी विद्यालय बेहतर शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेश सरकार द्वारा गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में अशासकीय स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति की राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पात्र विद्यार्थियों की नि:शुल्क शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। अब तक 3,600 करोड़ रुपये की राशि हो चुकी है जारी शिक्षा के अधिकार से प्रदेश का कोई भी बच्चा वंचित न रहे, इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) अंतर्गत निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 8वीं तक गरीब एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को नि:शुल्क प्रवेश दिलाया जा रहा है। इन विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा सीधे संबंधित निजी स्कूलों को दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2011 से अब तक 16 लाख 85 हजार से अधिक विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के रूप में 3,600 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है, जिससे जरूरतमंद बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का मार्ग आसान हुआ है। विद्यार्थियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा सांदीपनि विद्यालय योजना अंतर्गत प्रथम चरण में नरसिंहपुर जिले में शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का सर्वसुविधायुक्त नवीन भवन का निर्माण कराया गया है। केजी-1 से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक, शारीरिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए एक आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार किया गया है। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के लिए सुसज्जित डिजिटल क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, समृद्ध पुस्तकालय, मल्टीपर्पज हॉल एवं ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही, विद्यार्थियों की बाह्य शारीरिक गतिविधियों एवं खेलकूद को प्रोत्साहन देने के लिए खेल मैदान, सुगम एवं सुरक्षित आवागमन के लिए परिवहन सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इस आधुनिक शैक्षणिक वातावरण के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इसी विद्यालय की मेधावी छात्रा कु. माही साहू ने कक्षा-12वीं की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त कर विद्यालय एवं क्षेत्र का मान बढ़ाया है।  

मध्यप्रदेश में ग्रामीणों को बड़ी राहत, 82 लोगों को मिला अपनी जमीन का मालिकाना अधिकार

भोपाल  प्रदेश में ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराने की दिशा में स्वामित्व योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को प्रदेश के 17 जिलों के 82 हितग्राहियों को संपत्ति के मालिकाना हक के दस्तावेज प्रदान किए गए। डिजिटल तकनीक के माध्यम से पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाकर ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा लाभार्थी स्वामित्व योजना के तहत छिंदवाड़ा जिले में 34, हरदा में 10 और सिंगरौली में छह हितग्राहियों के संपत्ति दस्तावेजों का पंजीयन पूर्ण किया गया है। डिंडौरी, मंडला और रायसेन में पांच-पांच, जबकि अनूपपुर, उमरिया और नरसिंहपुर में तीन-तीन हितग्राहियों के दस्तावेजों का पंजीयन पूर्ण हुआ है। इसी प्रकार अशोकनगर, आलीराजपुर, कटनी, ग्वालियर, बालाघाट, श्योपुर, सागर और सीधी में एक-एक हितग्राही के दस्तावेजों का पंजीयन पूर्ण किया गया है। ड्रोन तकनीक से सर्वे स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी भूमि पर स्थित मकानों एवं भूखंडों का ड्रोन तकनीक से सर्वेक्षण कर संपत्ति संबंधी अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से पात्र हितग्राहियों को संपत्ति के स्वामित्व के वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं। इन दस्तावेजों से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर अधिकार का प्रमाण मिलने के साथ बैंक ऋण सहित अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ लेने में भी मदद मिलती है। संपत्ति के अधिकार के साथ ऋण लेने में भी मिलेगी मदद स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित मकानों और भूखंडों का ड्रोन तकनीक से सर्वेक्षण कर संपत्ति संबंधी अभिलेख तैयार किए जाते हैं। इसके आधार पर पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व के वैधानिक दस्तावेज दिए जाते हैं। इन दस्तावेजों से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर अधिकार का प्रमाण मिलता है। साथ ही, बैंक ऋण सहित अन्य वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने में भी मदद मिल सकती है।  सारा ऐप से पंजीयन, संपदा 2.0 से सत्यापन डिजिटल प्रक्रिया का प्रदर्शन छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड की ग्राम पंचायत जमुनिया कला में आयोजित जनविश्वास शिविर में किया गया। यहां पटवारी सुनील गागड़े ने ‘सारा ऐप’ के माध्यम से संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया समझाई। इसके बाद ‘संपदा 2.0’ के जरिए ऑनलाइन सत्यापन किया गया। योजना के तहत संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप देने के साथ पंजीयन और सत्यापन की प्रक्रिया को सुगम व पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को संपत्ति के अधिकार से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।  छिंदवाड़ा में पटवारी ने प्रदर्शित की डिजिटल पंजीयन प्रक्रिया छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड की ग्राम पंचायत जमुनिया कला में आयोजित जनविश्वास शिविर में पटवारी सुनील गागड़े ने ‘सारा एप’ के माध्यम से संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इसके बाद ‘संपदा 2.0’ के माध्यम से ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। स्वामित्व योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप देने और शासकीय सेवाओं को अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है।