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Iran Retaliates: US हमले के बाद ईरान का पलटवार, कुवैत, बहरीन और खाड़ी देशों में हाई अलर्ट; क्या बंद होगा होर्मुज?

तेहरान  अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए. अमेरिकी सेना ने इन हमलों को शक्तिशाली बताया है. अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई. इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया था. इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ ठिकानों पर हमले किए. इन सैन्य हमलों से कुछ ही समय पहले अमेरिका ने ईरान को दी गई एक अस्थायी प्रतिबंध छूट भी वापस ले ली. इस छूट के तहत ईरान को जून में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के आधार पर कच्चे तेल का उत्पादन, बिक्री और आपूर्ति करने की अनुमति मिली हुई थी. यह छूट 21 अगस्त तक लागू रहने वाली थी, लेकिन अमेरिका ने इसे समय से पहले ही समाप्त कर दिया।  अब तक क्या-क्या हुआ?     होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन जहाजों, जिनमें कतर और सऊदी अरब के तेल टैंकर भी शामिल हैं, पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर शक्तिशाली सैन्य हमले शुरू कर दिए।      ईरानी मीडिया के मुताबिक ईरान के सीरिक बंदरगाह शहर, बंदर अब्बास और केश्म द्वीप में कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं।      अमेरिका ने 17 जून को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के तहत ईरान को तेल बेचने की दी गई विशेष छूट (वेवर) भी रद्द कर दी है।  इजरायली लड़ाकू विमानों ने किए लेबनान में हमले लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों ने रात के दौरान दक्षिणी लेबनान में तीन चरणों में हवाई हमले किए. रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमले बिंत जुबैल जिले के बैत याहून, कुनिन और ब्राचीत कस्बों के बीच के इलाकों को निशाना बनाकर किए गए. फिलहाल इन हमलों में हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।  होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को खतरा, यूएस ने किया अलर्ट तनाव बढ़ने के बाद अमेरिकी नौसेना की निगरानी में काम करने वाले जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर बढ़ा दिया है. जहाजों को ज्यादा सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं. समुद्री एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस इलाके में नौसैनिक गश्त और सुरक्षा जांच और बढ़ सकती है।  ईरान पहले भी कहता रहा है कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाज उसके तय किए गए रास्ते का ही इस्तेमाल करें. जिन जहाजों पर हमला हुआ, वे ओमान और यूएई के पास वाले वैकल्पिक मार्ग से गुजर रहे थे. इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि यह हमला दूसरे जहाजों को चेतावनी देने के लिए किया गया हो. हालांकि, ईरान ने अब तक इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।  कतर ने अपने टैंकर पर हुए हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है. वहीं बहरीन ने भी सऊदी अरब और कतर के जहाजों पर हमलों की निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।  इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज को लेकर चल रही बातचीत भी फिलहाल रुकती हुई नजर आ रही है. दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने से पूरे खाड़ी क्षेत्र में फिर से अनिश्चितता का माहौल बन गया है. हालांकि, अली खामेनेई के जनाजे के बीच दोनों देशों की बातचीत आधिकारिक रूप से रुकी हुई है।  बहरीन में तीसरी बार बजे एयर रेड सायरन, ईरान अमेरिकी मिलिट्री बेस पर कर रहा हमले बहरीन में को तीसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. इसके बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. इसी बीच, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया है कि बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने मिसाइल हमलों का एक नया दौर शुरू कर दिया है. IRIB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा- बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के नए मिसाइल हमले शुरू हो गए हैं. हालांकि, ईरान के इस दावे की अभी तक अमेरिका या बहरीन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।   ईरान के बुशेहर शहर के आसपास सुने गए धमाके ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, बुधवार सुबह दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशेहर और उसके आसपास के इलाकों में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं. हालांकि, एजेंसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित खार्ग द्वीप पर हमले की खबरों को खारिज कर दिया है. मेहर ने अपने स्थानीय संवाददाता के हवाले से कहा कि खार्ग द्वीप पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है. फिलहाल धमाकों के कारण और किसी संभावित नुकसान को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।  IRGC ने किया दावा- बहरीन के शेख ईसा एयर बेस को बनाया निशाना ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया है. ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान पर अमेरिका के ताजा हवाई हमलों के जवाब में की गई. ईरानी सेना ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. सेना ने चेतावनी दी कि अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब ईरान के सैन्य ड्रोन के वैध लक्ष्य होंगे. यह बयान ऐसे समय आया है, जब बहरीन में आज सुबह दूसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए. गृह मंत्रालय ने लोगों से शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना के 85 सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों में निशाना बनाया है।   बहरीन में फिर बजे एयर रेड सायरन बहरीन में आज सुबह दूसरी बार एयर रेड सायरन बजाए गए हैं. इसके … Read more

कश्मीर में लश्कर कमांडर जाकिर गनई का एनकाउंटर, 5 दिन बाद ऑपरेशन सफल; पुलिस का सख्त संदेश

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी जाकिर गनई (Zakir Ganai) को मार गिराया है। यह आतंकवादी पिछले पांच दिनों से सुरक्षा बलों के कड़े चक्रव्यूह में फंसा हुआ था। सुरक्षा बलों ने सैदपोरा इलाके के मुठभेड़ स्थल से आतंकी का शव बरामद कर लिया है। इसके साथ ही मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस सफलता की जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, 'तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते! SOG शोपियां ने राष्ट्रीय राइफल और सीआरपीएफ के साथ मिलकर चलाए एक जॉइंट ऑपरेशन में लश्कर के एक आतंकवादी को मार गिराया।' आपको बता दें कि यह पूरा ऑपरेशन पांच दिन पहले शुरू हुआ था। सुरक्षा बलों के निगरानी कैमरों ने इस इलाके के एक घने बाग में दो संदिग्ध आतंकवादियों की हलचल को रिकॉर्ड किया था। इसके तुरंत बाद ये आतंकवादी सुरक्षा बलों के रडार पर आ गए। CCTV में कैद हुए थे आतंकी सुरक्षाबलों को इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जाकिर गनई और उसके सहयोगी लतीफ भट (Latief Bhat) की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली थी। ये दोनों सैदपोरा के छन्नापोरा इलाके में घूमते हुए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गए थे। आतंकियों की लाइव लोकेशन मिलते ही बिना वक्त गंवाए सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और एक बड़ा सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया। विक्टर फोर्स के चक्रव्यूह में फंसे आतंकी इस ऑपरेशन का नेतृत्व भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से किया। आतंकवादियों को भागने का कोई मौका न मिले इसके लिए सेना की विशिष्ट काउंटर इंसर्जेंसी यूनिट विक्टर फोर्स (Victor Force) को मैदान में उतारा गया। विक्टर फोर्स के जवानों ने भागने के सभी संभावित रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया। ऑपरेशन पांच दिनों तक खिंच गया, इसलिए रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकियों के भागने के प्रयास को विफल करने के लिए पूरे इलाके को फ्लड लाइट्स से रोशन किया गया था। हर पल निगरानी की जा रही थी। जैसे ही सुरक्षा बल बाग के भीतर आतंकियों के बिल्कुल करीब पहुंचे खुद को घिरा देख आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। इस आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया।

बंगाल में रेप आरोपी एनकाउंटर में ढेर, महुआ मोइत्रा भड़कीं; पुलिस कार्रवाई पर छिड़ी सियासी बहस

 बारुईपुर  पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का एक आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। कहा जा रहा है कि भागने की कोशिश के दौरान वह मारा गया। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। इस वारदात में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। खबरें थीं कि अधिकारियों को चौथे संदिग्ध की भी तलाश थी। बुधवार को बारुईपुर एसपी ने जानकारी दी, 'बारुईपुर दुष्कर्म और मर्डर केस का आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। जब क्राइम सीन रीक्रिएट किया जा रहा था, तब उसने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की और गोलियां भी चला दी थीं। इसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और प्रभास को मार गिराया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।' अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच जारी है। 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को इस केस की रिपोर्ट तलब की थी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता को इसके लिए 72 घंटों का समय दिया था। इससे पहले मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पीड़िता के परिवार से कहा था कि आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। वह मंगलवार को परिवार से मिलने पहुंचीं थीं। आरोपियों ने कर रखी थी प्लानिंग पीटीआई भाषा से बातचीत में अधिकारियों ने मंगलवार को बताया था कि आशंका है कि आरोपियों में से एक बच्ची को एक झोपड़ी में ले गया था, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे और इसके बाद कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया, 'प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि ये चोटें कैसे लगीं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।' शव को ठिकाने लगाने की हुई कोशिश जांच दल के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर शनिवार देर रात पीड़िता को ठिकाने लगाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, 'आशंका है कि ठिकाने लगाने से पहले पीड़िता को झोपड़ी में रखा गया था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि आरोपियों ने उसे प्लास्टिक की बोरी में भरकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन बोरी फट जाने पर उसे पास के एक तालाब में फेंक दिया।' इस बीच, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 'एंटे-मॉर्टम डूबने' के संकेत मिले हैं जिसका अर्थ है कि तालाब में फेंके जाने के समय बच्ची जीवित थी। एनकाउंटर पर भड़कीं महुआ मोइत्रा  बारुईपुर में एक लड़की से दुष्कर्म और उसके बाद हत्या करने के मामले का आरोपी प्रभाष मंडल बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इस एनकाउंटर के बाद राजनीति तेज हो गई है। ममता बनर्जी की करीबी और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने पश्चिम बंगाल को उत्तर प्रदेश 2.O करार दिया है। महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, ''बारुईपुर रेप और मर्डर केस का आरोपी प्रभाष मंडल एनकाउंटर में मारा गया। पश्चिम बंगाल पुलिस यह क्या हो रहा है? बंगाल के लोगों नए बंगाल यानी कि उत्तर प्रदेश 2.0 का स्वागत करें। बंगाल भाजपा यह कोई सरकार नहीं है, यह जंगल राज है।'' न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए आरोपी को मंगलवार रात बारुईपुर के सूर्यपुर ले जाया गया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि उसने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोलियां भी चलाईं, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने बताया कि इस दौरान गोली लगने से आरोपी घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक था और लड़की से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या से पहले आरोपी को सीसीटीवी फुटेज में लड़की के साथ देखा गया था। शुभेंदु ने 72 घंटे में मांगी थी रिपोर्ट इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता को बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ ष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। शुभेंदु ने कहा कि घटना के बाद भीड़ हत्या का शिकार हुआ व्यक्ति बेकसूर था। उन्होंने कहा कि बीते रविवार को पीड़िता का शव मिलने के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ करने और पुलिस वाहन तथा रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात के बाद शुभेंदु ने कहा, “हमने पूरे मामले की जांच की है। मैंने शुरुआती विश्लेषण किया है। मैंने डीजीपी को 72 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। हम उसी के हिसाब से सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर शिकायत दर्ज होने के बाद उचित कदम उठाने में कोई देरी या लापरवाही हुई है, भले ही वह एक प्रतिशत ही क्यों न हो, तो कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने कहा, "भीड़ हत्या के शिकार हुए इंद्रजीत मंडल बेकसूर थे। पुलिस ने मुझे यही बताया; ये मेरे शब्द नहीं हैं। मंडल को भी न्याय मिलेगा। मैंने उनके परिवार वालों से भी मुलाकात की है।" बोरी में मिला था लड़की का शव आपको बता दें कि लड़की का शव रविवार को सुर्ज्यपुर हाट इलाके में एक बोरी में मिला था, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बारुईपुर-जयनगर मार्ग अवरुद्ध किया, टायर जलाए और पुलिस के कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की। शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने लड़की की मौत में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामले के सिलसिले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। राज्य सरकार ने घटना की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच … Read more

US Airstrike on Iran: होर्मुज में फिर भड़की जंग, कमांड सेंटर, रडार और मिसाइल साइट्स समेत 80 ठिकाने तबाह

वाशिंगटन/ तेहरान  होर्मुज में एक दिन पहले तीन जहाजों पर हुए हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए अमेरिका ने ईरान को गंभीरत नतीजे भुगतने की चेतावनी दी थी. होर्मुज में हुए इन हमलों ने पश्चिम एशिया में जंग की आग फिर से भड़का दी है. अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप, बंदर अब्बास और सीरिक में हवाई हमले किए हैं।  ईरानी मीडिया के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप और बंदर अब्बास में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक सीरिक में भी सात विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं. ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक दक्षिणी पोर्ट सिटी सीरिक में कई धमाके हुए हैं. सीरिक के ताहेरुई पियर इलाके में छह् प्रोजेक्टाइल गिरे हैं।  अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमलों की पुष्टि की है. सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू कर दिए गए हैं. सेंटकॉम ने इन हमलों की वजह होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमले को बताया है. सेंटकॉम ने कहा है कि होर्मुज से गुजर रहे तीन जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में ये हमले किए जा रहे हैं।  सेंटकॉम ने ईरान की ओर से जहाजों पर हुए हमलों को अनुचित, खतरनाक और सीजफायर का उल्लंघन बताया है. वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका हमलों को इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के प्रावधानों का उल्लंघन बताया है. ईरानी विदेश मंज्ञालय ने इसके लिए अमेरिकी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।  ईरान ने कहा है कि हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे. गौरतलब है कि होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरानी तेल के उत्पादन और बिक्री के लिए जारी किया जनरल लाइसेंस रद्द कर दिया था।  US ने ईरान में 80 ठिकानों पर बरसाए बम एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए की गई. इन ताजा हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार करने की चेतावनी दी है।  अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, तटीय रडार स्टेशन, एंटी-शिप मिसाइल लॉन्चर, ड्रोन लॉन्च साइट और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से ज्यादा तेज स्पीड बोट्स को निशाना बनाया गया. इसके अलावा बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और सीरिक के आसपास मौजूद कई सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए. बंदर अब्बास में शहीद हक्कानी पोर्ट पर भी हमला किया गया है।  अमेरिका का कहना है कि कुछ घंटे पहले हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कॉमर्शियल जहाजों, मार्शल आइलैंड्स के एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के एम/टी वेदयान और लाइबेरिया के एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी पर हमला किया गया था. वॉशिंगटन ने इन हमलों के लिए सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराया और इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना।  ईरान में अमेरिका ने कहां-कहां किए हमले? हमलों के दौरान एक टैंकर में आग लग गई, जबकि बाकी दो जहाजों को भी नुकसान पहुंचा. हालांकि, किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, सभी हमले ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास हुए।  उधर, ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास, केश्म और सीरिक में जोरदार धमाकों की पुष्टि की है. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरिम समझौते का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस कार्रवाई के परिणामों की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी।  अमेरिका ने फिर ईरान के तेल बेचने पर लगाया बैन तनाव बढ़ने के साथ ही अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री से जुड़ी अस्थायी अनुमति भी रद्द कर दी है, जिसे युद्धविराम समझौते के तहत दिया गया था. इसके अलावा अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र (JMIC) ने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर बढ़ाकर 'सीवियर' कर दिया है।  इस पूरी घटनी के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे का कार्यक्रम भी जारी है. उनका पार्थिव शरीर तेहरान से क़ोम और फिर इराक के नजफ ले जाया गया, जहां हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. अंतिम संस्कार में ईरान और इराक के कई शीर्ष नेता शामिल हुए. ईरान की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, फॉरेन मिनिस्टर अब्बास अराकची, मरहूम लीडर के बेटे मुस्तफा खामेनेई, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के ससुर घोलामाली हद्दाद अदेल और सुप्रीम लीडर के एडवाइजर मोहसेन रेजाई शामिल थे।   

PF Balance बढ़ने वाला है! EPFO जल्द ट्रांसफर करेगा ब्याज, 8 करोड़ सदस्यों को मिलेगा फायदा

 नई दिल्ली 8 करोड़ लोगों के लिए गुड न्यूज आई है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ (EPFO) के सदस्यों के पीएफ खातों में जमा रकम (PF Account Balance) में बढ़ोतरी होने वाली है. दरअसल, ताजा अपडेट की बात करें, तो ईपीएफओ ने संगठन के सदस्यों के खातों में 8.25% ब्याज क्रेडिट करने का आदेश दिया है. क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश जारी किए गए हैं, इसके अलााव नए सिस्टम अपग्रेड के साथ ट्रांसफर प्रोसेस तेजी से होने की संभावना है।  8 करोड़ लोगों को फायदा ईपीएफ के करीब 8 करोड़ सदस्यों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भविष्य निधि अंशदान पर 8.25% ब्याज दर की आधिकारिक घोषणा करने के बाद क्षेत्रीय कार्यालयों को PF Interest Money सदस्य खातों में जमा करने का निर्देश दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, EPF Scheme के अनुच्छेद 60(1) के तहत केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल गई है कि 2025-26 के लिए ईपीएफ योजना के प्रत्येक सदस्य के खाते में इस दर से ब्याज का पैसा जमा किया जाएगा. EPFO के हाल ही में जारी एक सर्कुलर ये सामने आया है।  तेजी से ट्रांसफर होगा PF का पैसा  EPFO से जुड़ा ये बड़ा अपडेट ऐसे समय में सामने आया है, जबकि रिटायरमेंट फंड मैनेजर ने बीते एक सप्ताह में डेटाबेस के एकीकरण और सॉफ्टवेयर अपग्रेड का एक बड़ा काम पूरा कर लिया है. इससे उम्मीद है कि करोड़ों सदस्यों के खातों में पीएफ ब्याज का भुगतान पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से ट्रांसफर किया जाएगा. यानी अब यह प्रोसेस पहले की तरह धीमा नहीं होगा, जिसमें सभी सदस्यों के लिए भुगतान पूरा होने में एक या दो महीने का समय लग जाता था।  गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में लिए गए फैसले के बाद से ईपीएफओ सदस्य अपने पीएफ खातों में ब्याज जमा होने का इंतजार कर रहे हैं. EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने इस साल मार्च में 8 करोड़ से अधिक ईपीएफओ ग्राहकों के लिए वित्त वर्ष 2026 के लिए 8.25% की ब्याज दर को मंजूरी दी थी. बता दें कि यह लगातार तीसरा वर्ष है जब इस PF Interest Rate को इस दर को बरकरार रखा गया है. ईपीएफओ द्वारा मंजूरी के बाद, प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा जाता है, जो इसे अनुमोदित करता है, वित्त मंत्रालय ने इस साल जून में ब्याज दर को अपनी मंजूरी दे दी थी।  इन तरीकों से जानें, जमा हुआ ब्याज EPF खाते में जमा राशि को आप कई तरह से चेक कर सकते हैं. अगर आपका UAN और मोबाइल नंबर EPFO के साथ रजिस्टर्ड है, तो आप सिर्फ एक SMS भेजकर अपने खाते की जानकारी हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा उमंग ऐप (Umang App), ईपीएफओ सदस्य ई-सेवा पोर्टल (EPFO E-Service Portal), मिस्ड कॉल सेवा (Missed Call Service) के जरिए स्टेटस जांच सकते हैं।  SMS भेजकर जानें बैलेंस: एसएमएस के जरिए पीएफ खाते का बैलेंस चेक करने के लिए आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के मैसेज बॉक्स में जाकर EPFOHO और UAN फिर भाषा लिखकर मोबाइल नंबर 7738299899 पर SMS करना होगा. इसके तरीके को उदाहरण के तौर पर समझें, तो आप इंग्लिश में अपने EPF की खाते की डिटेल्स पाने के लिए EPFOHO UAN ENG टाइप करेंगे. इसके बाद मैसेज के जरिए आपके पीएफ खाते के बैलेंस की जानकारी आपको मिल जाएगी।  ऑनलाइन बैलेंस चेक: ऑनलाइन पीएफ बैलेंस चेक के लिए https://passbook.epfindia.gov.in/MemberPassBook/Login को अपने मोबाइल या लैपटॉप के ब्राउजर में ओपन करें. इसके बाद अब UAN नंबर और पासवर्ड डाले. फिर कैप्चा कोड भरें. अब आपके सामने एक नया पेज खुलकर आएगा. इस पेज पर ड्रॉप डाउन लिस्ट से अपना पीएफ नंबर सेलेक्ट करें. इसके बाद आपके सामने पीएफ अकाउंट की डिटेल्स खुल जाएगी।  UMANG App में चेक करें: इसके लिए सबसे पहले UMANG App डाउनलोड करना होगा. लॉगइन करके ऑल सर्विस सेक्शन में जाएं. अब EPFO सर्च करके, एम्प्लॉई सेंट्रिक सर्विसेस ऑप्शन चुनें, इसके बाद दिख रहे View Passbook विकल्प पर क्लिक करें, इसके बाद अपना UAN भरें और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को डालें, फिर बैलेंस सामने दिख जाएगा।  मिस्ड कॉल से PF बैलेंस: अगर मिस्ड कॉल करके भी पीएफ खाते में मौजद रकम के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं. इसके लिए आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 नंबर मिलाएं, दो घंटी के बाद ऑटोमटिक कॉल कट हो जाएगी और इस मिस्ड कॉल प्रोसेस के बाद आपके फोन पर SMS के जरिए पीएफ खाते का बैलेंस बता दिया जाएगा। 

होर्मुज के बाद अब मलक्का पर भारत की नजर, सबांग पोर्ट से मजबूत होगी समुद्री रणनीति

 नई दिल्ली 32 किलोमीटर का एक समुद्री पैसेज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की राजनीति और कूटनीति में कैसे उथल-पुथल मचा सकता है. ईरान वॉर के दौरान इसे पूरी दुनिया ने देख लिया. ईरानी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर के मुल्कों का ईंधन सप्लाई चोक कर दिया. कच्चे तेल की कीमतें दनादन बढ़ने लगी. आखिर दुनिया की 20 फीसदी इंधन सप्लाई इसी होर्मुज से होती है।  अब भारत और इंडोनेशिया मिलकर हिंद महासागर में अपना 'होर्मुज' बनाएंगे. ये 'होर्मुज' स्ट्रेट ऑफ मलक्का के एंट्री पॉइंट पर स्थित है. यहां से भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह में स्थित इंदिरा पॉइंट मात्र 100 मील की दूरी पर है. इस कदम के साथ भारत और इंडोनेशिया हिंद महासागर में चीन का सारा गेम प्लान बदल देंगे।  दरअसल हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी समुद्री रणनीति को नई धार देते हुए भारत और इंडोनेशिया ने सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है.  सूत्रों के अनुसार दोनों देशों ने इंडोनेशिया के सबांग बंदरगाह को विकसित करने पर सहमति बनाई है. इसे आधुनिक रूप दिया जाएगा और इस द्वाप पर भारत का दखल बढ़ेगा।  इंडोनेशिया दौरे पर गए पीएम नरेंद्र मोदी ने वहां के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किया है। सबांग बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के प्रवेश द्वार पर स्थित है.खास बात यह है कि सबांग पोर्ट भारत के महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से लगभग 100 मील की दूरी पर है।  आइए मलक्का स्ट्रेट को थोड़ा विस्तार से समझें और इसकी अहमियत को जानें चन्नई से दक्षिण पूर्व में आगे बढ़ते चले जाएं. एकदम आगे. चेन्नई के तट से समुद्री रास्ते पर आगे बढ़ें, तो जहाज पहले बंगाल की खाड़ी पार करता है, फिर अंडमान सागर की ओर जाता हुआ मलक्का जलडमरूमध्य तक पहुंचता है।  हजारों साल पहले, जब भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच मसालों की खुशबू समुद्री हवाओं के साथ फैल रही थी, तब नाविकों ने एक संकरे लेकिन बेहद अहम समुद्री रास्ते को पहचानना शुरू किया. यह स्ट्रेट यानी कि जलडमरूमध्य हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ता है।  आज यहां से दुनिया का लगभग 25 प्रतिशत व्यापार होता है. इसमें तेल, चीनी सामान, कोयला और पाम ऑयल अहम है. सिंगापुर इसके दक्षिणी छोर पर स्थित विश्व का प्रमुख बंदरगाह है।  सबांग पोर्ट मलक्का स्ट्रेट के मुहाने पर स्थित है. भारत के लिए इसका महत्व अत्यंत रणनीतिक और आर्थिक है. भारत का पूर्वी एशिया जैसे चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ होने वाला बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है. भारत के पेट्रोलियम उत्पादों, कोयले, मशीनरी और कंटेनर व्यापार के लिए यह समुद्री जीवनरेखा जैसा है. साथ ही “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया से संपर्क मजबूत करने में भी इसकी अहम भूमिका है।  वैश्विक स्तर पर यह स्ट्रेट ऊर्जा आपूर्ति की प्रमुख धमनियों में गिना जाता है. पश्चिम एशिया से निकलने वाला कच्चा तेल और गैस बड़ी मात्रा में इसी रास्ते से पूर्वी एशियाई देशों तक पहुंचता है।  Strait of Malacca से हर साल करीब 2.8 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 2,800 अरब डॉलर का माल हर वर्ष गुजरता है. चीन के लिए क्या अहमियत है? चीन के लिए मलक्का जलडमरूमध्य उसकी अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा की सबसे अहम समुद्री लाइफलाइन है. हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर को जोड़ने वाला यह संकरा समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त व्यापारिक रास्तों में से एक है. चीन के आयातित तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया और अफ्रीका से इसी रास्ते होकर चीन पहुंचता है. इसके अलावा चीन के निर्यात-आधारित व्यापार का भी बड़ा हिस्सा मलक्का स्ट्रेट पर निर्भर है।   पूर्व चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने 2003 में "मलक्का दुविधा" का जिक्र करते हुए कहा था कि यदि किसी संकट या युद्ध की स्थिति में यह मार्ग बाधित हो जाए, तो चीन की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।  अब समझिए इसी मलक्का स्ट्रेट के मुहाने पर सबांग द्वीप है और इसकी द्वीप को भारत इंडोनेशिया के साथ मिलकर विकसित करेगा।  रणनीतिक दृष्टि से देखें तो यह समझौता केवल एक बंदरगाह विकास परियोजना नहीं, बल्कि हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती समुद्री उपस्थिति का संकेत है।  सबांग पोर्ट इंडोनेशिया के आचेह प्रांत में स्थित है और मलक्का जलडमरूमध्य के पश्चिमी मुहाने पर नजर रखता है. यहां से गुजरने वाले जहाजों की गतिविधियों पर निगरानी रखना अपेक्षाकृत आसान है. भारत लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. 2018 में भी भारत और इंडोनेशिया के बीच सबांग पोर्ट को लेकर सहयोग की रूपरेखा बनी थी, लेकिन अब दोनों देशों के संबंधों और इंडो-पैसिफिक की बदलती भू-राजनीति को देखते हुए इस परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है।  एक और ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट दूसरी ओर सबांग बंदरगाह बता दें कि भारत अंडमान निकोबार में ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है. यह भारत की एक महत्वाकांक्षी बहु-आयामी विकास योजना है, इसमें एक अंतरराष्ट्रीय ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, बिजली संयंत्र और आधुनिक टाउनशिप का निर्माण शामिल है, ताकि भारत मलक्का जलडमरूमध्य के पास एक प्रमुख समुद्री और लॉजिस्टिक्स हब बन सके।   यह परियोजना भारत की व्यापारिक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उसकी रणनीतिक मौजूदगी को भी मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।  अब भारत ने इंडोनेशिया के साथ मिलकर सबांग पोर्ट को डेवलप करने की योजना बनाई है।  विशेषज्ञों का मानना है कि सबांग और ग्रेट निकोबार परियोजनाओं का संयुक्त प्रभाव भारत को मलक्का जलडमरूमध्य के दोनों ओर रणनीतिक पहुंच प्रदान कर सकता है.  ग्रेट निकोबार द्वीप भारत के अंडमान-निकोबार समूह का सबसे दक्षिणी हिस्सा है और वहां विकसित हो रहा ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट भारत की समुद्री महत्वाकांक्षाओं का अहम हिस्सा माना जाता है. दूसरी ओर सबांग पोर्ट में भारत की भागीदारी उसे इंडोनेशिया के साथ मिलकर क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों में बड़ी भूमिका निभाने का अवसर देगी।  चीन के स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स को भारत का जवाब इस समझौते का एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक पहलू भी है. पिछले एक दशक में चीन ने "बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव" और "स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स" रणनीति के … Read more

Microsoft ने फिर की बड़ी छंटनी, 4,800 कर्मचारियों की नौकरी पर गिरी गाज; AI बना बड़ी वजह

 नई दिल्ली Microsoft ने एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर करीब 4,800 कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने का ऐलान किया है। यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 2.1 प्रतिशत है. सबसे ज्यादा असर कंपनी के कमर्शियल सेल्स और Xbox डिवीजन पर पड़ा है. माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि यह फैसला कंपनी को तेजी से बदल रही AI दुनिया के हिसाब से तैयार करने के लिए लिया गया है।  इस छंटनी के बाद भारतीय मूल की टेक लीडर आशा शर्मा भी चर्चा में हैं. आशा शर्मा फिलहाल Xbox की CEO हैं. उन्होंने कर्मचारियों को भेजे गए एक इंटरनल मैसेज में कहा कि Xbox अपने इतिहास के सबसे बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. उन्होंने माना कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन कंपनी को लंबे समय के लिए मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है।  माइक्रोसॉफ्ट की चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने कर्मचारियों को भेजे मैसेज में कहा कि टेक्नोलॉजी की दुनिया तेजी से बदल रही है. आर्टिफिशियल इंटेेलिजेंस की वजह से काम करने का तरीका बदल रहा है और इसी के हिसाब से कंपनी को अपने संसाधन, निवेश और टीम की प्रायॉरिटी बदलनी पड़ रही हैं।  कंपनी का कहना है कि यह सिर्फ लागत कम करने का मामला नहीं है, बल्कि आने वाले समय की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार करने की प्रक्रिया है।  Xbox डिवीजन पर इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पड़ा है. आशा शर्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 तक Xbox में करीब 3,200 पद पोस्ट खत्म किए जाएंगे. इनमें से लगभग 1,600 कर्मचारियों की छंटनी अभी की गई है. साथ ही Xbox के चार स्टूडियो नए मैनेजमेंट के तहत काम करेंगे।  कंपनी का कहना है कि उसका मकसद गेमिंग बिजनेस को फिर से मजबूत करना और निवेश को उन प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित करना है जिनसे भविष्य में बेहतर कमाई हो सकती है।  हाल के महीनों में माइक्रोसॉफ्ट ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर का निवेश किया है. कंपनी Copilot और दूसरे AI प्रोडक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है. इसी वजह से कंपनी अपने कई पुराने बिजनेस और टीमों की फिर से रिव्यू कर रही है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट निवेश को AI की तरफ शिफ्ट कर रहा है, जबकि कई दूसरे टेक दिग्गज भी इसी तरह की स्ट्रैटिजी अपना रहे हैं।   आशा शर्मा का नाम भारत से भी जुड़ा है. वह भारतीय मूल की टेक एग्जीक्यूटिव हैं और इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट में AI, क्लाउड और प्रोडक्ट से जुड़े कई बड़े पदों पर काम कर चुकी हैं।  हाल ही में उन्हें Xbox की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अब उनके नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट का गेमिंग डिविजन Xbox अपने इतिहास के सबसे बड़े बदलाव से गुजर रहा है, इसलिए पूरी टेक इंडस्ट्री की नजर इस फैसले पर है।    बता दें कि ये माइक्रोसॉफ्ट की पहली बड़ी छंटनी नहीं है. पिछले कुछ सालों में भी कंपनी कई बार हजारों कर्मचारियों की नौकरी खत्म कर चुकी है. हालांकि इस बार कंपनी का साफ कहना है कि उसका फोकस AI, नए  बिजनेस मॉडल और भविष्य की तकनीकों पर निवेश बढ़ाने का है। 

PM मोदी का इंडोनेशिया संसद में संबोधन, ‘भारत का रास्ता विकासवाद का, विस्तारवाद का नहीं’

जाकर्ता  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया की संसद को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इं​डोनेशिया की संसद में आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. मैं यहां मिले भव्य स्वागत से अभिभूत हूं. पीएम मोदी ने कहा, 'मेरे लिए आप सभी के बीच उपस्थित होना बहुत बड़े सौभाग्य की बात है. 140 करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि के रूप में, लोकतंत्र की जननी भारत के एक सौभाग्यशाली नागरिक के रूप में, मैं आप सभी को समस्त भारतवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।  पीएम मोदी ने कहा' 'इंडोनेशिया के लोगों, यहां के प्यारे बच्चों, युवाओं और मातृशक्ति ने आज के इस दिन को मेरे जीवन के सबसे यादगार दिनों में से एक बना दिया है. आज सुबह इंडोनेशिया के लोगों ने जिस तरह मुझ पर स्नेह और प्रेम बरसाया, जिस आत्मीयता के साथ मेरा स्वागत और अभिनंदन किया, उसे मैं जीवन भर कभी नहीं भूल पाऊंगा।  भारत की नीति विस्तारवाद नहीं विकासवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपने प्रगाढ़ संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, 'राष्ट्रपति प्रबोवो ने कॉपीराइट की बात की. मैं कहना चाहता हूं कि सम्मान पर किसी का कॉपीराइट नहीं हो सकता. राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ मेरी मित्रता भी किसी कॉपीराइट की सीमाओं में बंधी नहीं है.' उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का वह देश है, जो विस्तारवाद नहीं, बल्कि विकासवाद की नीति में विश्वास रखता है. इसलिए भारत का मंत्र है, 'सबका साथ, सबका विकास है. इसी मंत्र और इसी भावना के साथ मैं आज इंडोनेशिया की संसद के सभी सम्मानित सदस्यों के बीच उपस्थित हुआ हूं।  इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान पाना सौभाग्य इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक व सैन्य सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा' से सम्मानित किया. राष्ट्रपति प्रबोवो  ने उन्हें यह सम्मान दिया. पीएम मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए कहा, 'आज सुबह मुझे इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करने का भी सौभाग्य मिला. मैं करोड़ों भारतीयों की ओर से इंडोनेशिया के लोगों के इस स्नेह और सम्मान को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं. यह सम्मान हमारे दोनों देशों के लोकतांत्रिक मूल्यों, हमारी साझा विरासत और भारत-इंडोनेशिया के बीच लगातार मजबूत होते संबंधों का सम्मान है. मैं आप सभी साथियों, इंडोनेशिया की सरकार और यहां की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।  समुद्र भारत-इंडोनेशिया के बीच सेतु का प्रतीक पीएम मोदी ने कहा कि भले ही हमारी राजधानियों के बीच हजारों किलोमीटर की दूरी हो, लेकिन समुद्र के रास्ते हमारे बीच की दूरी महज 150 किलोमीटर है. दुनिया के कई देशों में समुद्र, सीमाओं और दूरियों का प्रतीक रहा है, लेकिन भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्र कभी दूरी का नहीं, बल्कि एक सेतु का प्रतीक रहा है. यही समुद्र हमारे साझा भविष्य का भी केंद्र है. भारत और इंडोनेशिया केवल समुद्र ही साझा नहीं करते, बल्कि हमारा इतिहास भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है. हमारे रिश्तों की जड़ें रामायण और महाभारत की विरासत में हैं. सदियों पहले नालंदा के ज्ञान से भी हमारा जुड़ाव रहा है. हमारा संबंध वायांग की नृत्य और संगीत परंपरा से भी जुड़ा है. हम बोरोबुदुर और प्रम्बानन जैसे भव्य स्मारकों से जुड़े हैं. हम इंडोनेशिया के राष्ट्रीय प्रतीक गरुड़ से जुड़े हैं. हम बाली की यात्राओं और वहां के उत्सवों की उमंग से भी जुड़े हुए हैं।  इंडोनेशियाई संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर स्वाद की बात करें, तो यहां केरुपुक है और भारत में पापड़. यह कहना मुश्किल है कि दोनों में ज्यादा कुरकुरापन किसमें है, लेकिन इतना तय है कि भारत के मसाले और इंडोनेशिया के बुम्बु (मसाला मिश्रण) दोनों ही हमारे जीवन में स्वाद घोलते हैं. पिछले दो दशकों में इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ी है और करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आए हैं. आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है. पिछले एक दशक में हमारे यहां 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं. जब भारत और इंडोनेशिया साथ खड़े होते हैं, तो दुनिया का यह विश्वास और मजबूत होता है कि लोकतंत्र अवसर देता है, लोकतंत्र विश्वास देता है और लोकतंत्र भविष्य का निर्माण करता है।  भारत और इंडोनेशिया प्रमुख समुद्री शक्तियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और लोकतंत्र की जननी है, जबकि इंडोनेशिया दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा लोकतंत्र है. भारत में सैकड़ों भाषाएं और अनेक परंपराएं हैं, ठीक उसी तरह इंडोनेशिया भी सैकड़ों भाषाओं और विविध सांस्कृतिक परंपराओं का देश है. भारत का मंत्र 'वसुधैव कुटुंबकम्' है, जबकि इंडोनेशिया का राष्ट्रीय दर्शन 'भिन्नेका तुंग्गल इका' (विविधता में एकता) है. हम दोनों ने अपनी इस विविधता को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत और एकता का आधार बनाया है. हम दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले समाजों में शामिल हैं. हम दोनों प्रमुख समुद्री शक्तियां हैं. हम दोनों ग्लोबल साउथ की सशक्त आवाज हैं. हम प्राचीन सभ्यताएं हैं और भविष्य के लिए स्वाभाविक साझेदार भी हैं।  दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम कर रहे पीएम मोदी ने बताया कि पिछले वर्ष भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 25 अरब डॉलर तक पहुंच गया. आज 100 से अधिक भारतीय कंपनियां इंडोनेशिया में कार्यरत हैं. हम साथ मिलकर लगातार आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमारे सामने सहयोग की अभी भी असीम संभावनाएं मौजूद हैं. भारत स्वतंत्र, खुला और समावेशी इंडो-पैसिफिक का प्रबल समर्थक है. भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता का समर्थन करता है. इसके लिए हमने आसियान (ASEAN) को केंद्र में रखा है. हमारी एक्ट ईस्ट नीति (Act East Policy) भी आसियान-केंद्रित है. आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत और इंडोनेशिया हमेशा एक साथ खड़े रहे हैं. पिछले वर्ष भारत के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद इंडोनेशिया ने मजबूती से भारत का समर्थन किया. इसके लिए मैं इंडोनेशिया का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. हमारे दोनों देश संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम कर रहे हैं।  भारत-इंडोनेशिया सभ्यता संवाद शुरू करने का प्रस्ताव पिछले वर्ष इंडोनेशिया ब्रिक्स (BRICS) का पूर्ण सदस्य बना और इस वर्ष भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. हम दोनों मिलकर ब्रिक्स के इस मंच को और अधिक व्यावहारिक, अधिक … Read more

अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी समय से पहले हुए अंतर्ध्यान, 5 दिन में पूरी तरह पिघली हिम शिवलिंग

श्रीनगर  अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु गुफा में दर्शन कर चुके हैं। हिमलिंग के इतनी जल्दी पिघलने के बाद अमरनाथ श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।अमरनाथ यात्रियों के लिए दुख वाली खबर सामने आई है. यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु गुफा तक पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं. अमरनाथ यात्रा इस बार 3 जुलाई से शुरू हुई थी और 7 जुलाई को बाबा बर्फानी पूरी तरह से अंतर्ध्यान हो गए. हर वर्ष 57 दिन तक चलने वाली बाबा अमरनाथ यात्रा का रक्षाबंधन के दिन यानी सावन पूर्णिमा पर समापन होता है. लेकिन महज पांच दिन में ही बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने से अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड पर सवाल खड़े हो रहे हैं।  3 जुलाई से शुरू हुई थी यात्रा इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी। बताया जा रहा है कि 7 जुलाई तक प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया। जबकि यह यात्रा हर साल 57 दिनों तक चलती है और इस बार इसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन (सावन पूर्णिमा) के दिन होना है। श्राइन बोर्ड ने क्या कहा? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि हिमलिंग का बनना और पिघलना पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है। उन्होंने इसे मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़ी सामान्य घटना बताया है।अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों से जब इस बारे में बात कई गई तो उन्होने इस स्थिति को प्राकृतिय प्रकिया का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया. लेकिन कश्मीर के पर्यावरणविदों का मानना है कि क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति देना इसका सबसे बड़ा कारण है. उनका कहना है कि लाखों भक्तों की गर्म सांस हिमलिंग सहन नहीं कर पा रहा है और श्राइन बोर्ड के अधिकारी भी यह मानते हैं लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की. साथ ही हिमलिंग के पिघलने से रोकने के लिए किए गए सभी उपाय भी इनको नाकाफी साबित हुए।  पर्यावरणविदों ने जताई चिंता कश्मीर के कुछ पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से गुफा के आसपास का तापमान बढ़ता है, जिससे हिमलिंग तेजी से पिघल सकता है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या और पर्यावरणीय परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। हालांकि, इस दावे पर सभी विशेषज्ञों की एक जैसी राय नहीं है और हिमलिंग के जल्दी पिघलने के पीछे मौसम और जलवायु भी अहम कारण माने जाते हैं। मौसम और तापमान का भी असर विशेषज्ञों के अनुसार, अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग हर साल तापमान, बर्फबारी और मौसम की स्थिति के अनुसार आकार लेता है। ऊंचाई वाले इलाकों में बढ़ता तापमान, कम बर्फबारी और जलवायु परिवर्तन जैसी स्थितियां इसके बनने और पिघलने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।  अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड ने झाड़ा पल्ला अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने इसके पिघलने की प्रक्रिया से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि यह प्राकृतिक प्रक्रिया है। हालांकि कश्मीर के पर्यावरणविद इसे मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना था कि क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को यात्रा में शामिल होने की अनुमति देने से ऐसा हुआ है।  भक्तों की गर्म सांसों से पिघल रहा है हिमलिंग! पिछले कई सालों से जिस तेजी से हिमलिंग पिघल रहा है उसे रोकने की खातिर किए जाने वाले उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। दरअसल गुफा में क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने से हिमलिंग को नुकसान पहुंच रहा है क्योंकि लाखों भक्तों की गर्म सांसों को हिमलिंग सहन नहीं कर पा रहा है। श्राइन बोर्ड के अधिकारी अप्रत्यक्ष तौर पर भक्तों की सांसों की थ्योरी को मानते हैं पर प्रत्यक्ष तौर पर वे इसे कुदरती प्रक्रिया करार देते थे।  पहले भी जल्दी पिघल चुका है हिमलिंग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 मई को हिमलिंग की ऊंचाई करीब 7 फीट थी। 29 जून तक यह घटकर करीब 5 फीट रह गई और अब इसके पूरी तरह पिघलने की जानकारी सामने आई है। यह पहली बार नहीं है जब हिमलिंग यात्रा के दौरान जल्दी पिघला हो। वर्ष 2016 में यात्रा शुरू होने के करीब 10 दिन बाद ही हिमलिंग पिघल गया था। वहीं, 2013 में भी यात्रा समाप्त होने से पहले ही हिमलिंग अंतर्ध्यान हो गया था। 28 अगस्त तक चलेगी अमरनाथ यात्रा इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमरनाथ गुफा वही स्थान है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। इसी वजह से यह हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक मानी जाती है।

कोलकाता में ED की ताबड़तोड़ रेड, TMC फंड केस में 5 ठिकानों पर कार्रवाई; अभिषेक बनर्जी की फ्लाइट पर उठे सवाल

कोलकाता  तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों और चुनावी चंदे में मचे घमासान के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमें कोलकाता और उसके आसपास सॉल्ट लेक, राजारहाट और राधाबाजार समेत पांच ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। ईडी के अधिकारी केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों को साथ लेकर एक चार्टर्ड एविएशन कंपनी के डायरेक्टरों के घर और दफ्तरों को खंगाल रहे हैं। पूरा मामला टीएमसी के खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। अभिषेक बनर्जी की चार्टर्ड फ्लाइट्स जांच के दायरे में मंगलवार की सुबह ईडी की टीम सबसे पहले 'केयरवेल एविएशन' नाम की कंपनी के निदेशकों के घर पहुंची। जांच में यह बात सामने आई है कि इसी कंपनी के प्राइवेट विमानों और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल टीएमसी के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और पार्टी के अन्य बड़े नेता दौरों के लिए करते रहे हैं। सॉल्ट लेक में रहने वाले कंपनी के दो निदेशकों, पवन जाजू और राजेश जाजू के घर पर टीम मौजूद है और उनसे बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही राजारहाट और राधाबाजार स्थित केयरवेल एविएशन के दफ्तरों पर भी छापेमारी चल रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या नेताओं के लिए बुक होने वाले इन महंगे चार्टर्ड विमानों का भुगतान टीएमसी के उन्हीं खातों से किया जा रहा था, जिन्हें लेकर शिकायत दर्ज है। पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने खुद की थी बैंक खाते फ्रीज करने की मांग दरअसल, टीएमसी के इन बैंक खातों को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने खुद बैंक अधिकारियों को एक चिट्ठी भेजी थी। इस चिट्ठी में उन्होंने खुद को पार्टी का अधिकृत कोषाध्यक्ष बताते हुए इन खातों से होने वाले लेन-देन पर रोक लगाने और इन्हें फ्रीज करने का अनुरोध किया था। इसके अलावा साइबर क्राइम ब्रांच में भी वित्तीय गबन को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से ही ये खाते केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आ गए थे। भाजपा विधायक की शिकायत पर पुलिस ने की थी कार्रवाई इस मामले में राजनीतिक मोड़ तब आया जब जयनगर से भाजपा विधायक ने निजी बैंक के तीन खातों में भारी गड़बड़ी और संदिग्ध लेन-देन का आरोप लगाते हुए बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में साफ कहा गया था कि इन खातों के जरिए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग का खेल चल रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने बैंक को पत्र लिखकर तीनों खातों को तुरंत फ्रीज करवा दिया था, जिसकी कड़ियां जोड़ते हुए अब ईडी ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है। "चार्टर्ड फ्लाइट का किराया इसी संदिग्ध पैसे से दिया गया" पार्टी के भीतर और बाहर इस भारी खर्च को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रीतब्रत बनर्जी ने इस पूरे विवाद पर तीखा दावा करते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी की चार्टर्ड फ्लाइट्स के लिए जो मोटी रकम पानी की तरह बहाई गई, वह इसी फंड से निकली थी। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा, "हमारे लिए अब यह साबित कर पाना नामुमकिन है कि इस खाते में जमा किया गया करोड़ों रुपया किसी घोटाले, डकैती, जबरन वसूली या भ्रष्टाचार की कमाई का हिस्सा नहीं है। साफ दिख रहा है कि वीआईपी चार्टर्ड फ्लाइट्स का लाखों-करोड़ों का किराया इसी संदिग्ध पैसे से चुकाया जा रहा था।" फिलहाल ईडी की टीमें दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाने में लगी हैं, जिससे आने वाले दिनों में टीएमसी के कई बड़े नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।