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6 फ्लैग स्टाफ रोड बनेगा दिल्ली का पहला स्टेट गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर

नई दिल्ली दिल्ली में 'शीशमहल' के नाम से चर्चित पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के सरकारी बंगले को अब रेखा गुप्ता सरकार ने नया रूप में देने का फैसला लिया है। अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास 6, फ्लैग स्टाफ रोड सिविल लाइंस स्थित सरकारी बंगले को दिल्ली गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर बनाने का फैसला लिया गया है। विवादों में रहे इस बंगले में राज्य के CIP गेस्ट के ठहरने की व्यवस्था होने के साथ-साथ सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी जगह उपलब्ध कराएगी। 2023 में भाजपा ने बंगले के कथित 45 करोड़ रुपये के सौंदर्यीकरण और लग्जरी सुविधाओं को लेकर इसे 'शीशमहल' करार किया था। सरकार जल्द ही इसे लेकर औपचारिक घोषणा कर सकती है।     केजरीवाल के इस्तीफे और बंगले के निर्माण को लेकर शुरू हुई जांच के बाद से ही यह बंगला खाली पड़ा है।     खाली पड़े इस बंगले का इस्तेमाल कैसे हो, इसे लेकर सरकार में लंबे समय से चर्चा चल रही थी।     पहले चर्चा थी कि इसे आधिकारिक तौर पर सीएम आवास घोषित किया जाएगा, लेकिन सीएम रेखा गुप्ता ने इसमें रहने से इनकार कर दिया।     उसके बाद इसे म्यूजियम बनाने को लेकर भी योजना बनाई गई, लेकिन अब उस योजना को भी खारिज कर करके दिल्ली सरकार ने गेस्ट हाउस बनाने का फैसला किया है दिल्ली को मिलेगा पहला स्टेट गेस्ट हाउस     दिल्ली में सरकार का अभी तक अपना कोई स्टेट गेस्ट हाउस नहीं है।     द्वारका में एक स्टेट गेस्ट हाउस बनाने की योजना है, लेकिन अभी तक उस पर काम शुरू नहीं हो पाया है।     इसलिए सरकार ने फैसला किया है कि राज्य के जो भी VVIP गेस्ट होंगे वह इस बंगले में रुकेंगे।     देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधिमंडल, विशिष्ट अतिथियों और उच्चस्तरीय अधिकारियों की मेजबानी इस बंगले में की जाएगी।     सरकारी बंगले को VIP मेहमानों के लिए गेस्ट हाउस के साथ-साथ कला और संस्कृति केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा।     यहां एक सभागार और आधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम भी विकसित किया जाएगा।     परिसर में प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, साहित्यिक आयोजन और सरकारी समारोह का भी आयोजन किया जाएगा। क्योंकि इसके अंदर एक बड़ा परिसर भी है जहां इस तरह के आयोजन किए जा सकते हैं।

बाबा मक्खन शाह और लक्खी शाह जयंती पर सीएम की बड़ी घोषणा, धर्मशाला को मिलेंगे 31 लाख

 चंडीगढ़ हरियाणा में बंजारा समाज की सभी छह मांगों को सरकार पूरा करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को संत कबीर कुटीर में संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत आयोजित बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा के राज्य स्तरीय जयंती समारोह में यह भरोसा दिलाया। साथ ही पेहवा में मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला और दतौली के सामुदायिक केंद्र के लिए 31-31 लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा इतिहास के दो अमर अध्याय हैं। उन्होंने त्याग को धर्म, सेवा को संस्कार और बलिदान को अपनी पहचान बनाया। ऐसी दोनों महान विभूतियों के चरणों में वे श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। उन्होंने पेहवा में मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला के लिए दी गई जमीन से संबंधित कार्रवाई तेजी से पूरी करने का वादा करते हुए कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना के नाम पर किसी संस्थान का नाम भी रखा जाएगा।  6300 परिवारों को 100-100 गज के प्लॉट नायब ने कहा कि बाबा मक्खन शाह और बाबा लक्खी शाह का जीवन सेवा, समानता और समर्पण का संदेश देता है। इसी भावना के साथ प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से प्रत्येक परिवार को पहचान दी गई है। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15 हजार 250 परिवारों को आवास तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 6300 परिवारों को 100-100 गज के प्लाट तथा घर निर्माण के लिए एक लाख रुपये की सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख 56 हजार गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं। डा. भीमराव आंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के अंतर्गत सहायता राशि 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 80 हजार रुपये की गई है। अब तक 85 हजार 815 परिवारों को 416 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 55 हजार से अधिक जरूरतमंदों को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है। 13 लाख 43 हजार परिवारों को प्रतिमाह 500 रुपये में गैस सिलिंडर दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के माध्यम से परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर 74 हजार 245 परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा 13 लाख 43 हजार परिवारों को प्रतिमाह 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। विद्यार्थियों को 12वीं तक मुफ्त किताबें, वर्दी और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग के साथ-साथ डा. आंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत आठ हजार से 12 हजार रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। कार्यक्रम में बंजारा समाज के पुरोहित हुकुम सिंह, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग और अतिरिक्त निदेशक मनीष लोहान सहित प्रदेशभर से आए लुबाना और बंजारा समाज के गण्यमान्य लोग मौजूद थे।

वन भूमि विवाद पर हाई कोर्ट सख्त, सबूतों के अभाव में CBI जांच की मांग खारिज

 रांची झारखंड हाई कोर्ट ने कथित 450 एकड़ वन भूमि की अवैध बिक्री और कब्जे के मामले में दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए सीबीआइ और ईडी से जांच कराने की मांग ठुकरा दी। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता शिव शंकर शर्मा के आरोप अधिकांशतः अतिरंजित और अपुष्ट है। साथ ही उनकी विश्वसनीयता पर भी पहले से सवाल उठ चुका है। इसलिए केवल आरोपों के आधार पर सीबीआई या ईडी जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि वन विभाग और अन्य सक्षम प्राधिकारियों ने याचिका दायर होने से पहले ही कथित अतिक्रमण और वन भूमि के हस्तांतरण की जांच शुरू कर दी थी तथा जहां अनियमितताएं मिली, वहां कार्रवाई भी की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि याचिकाकर्ता द्वारा 450 एकड़ वन भूमि के अवैध हस्तांतरण का दावा सही नहीं है। खंडपीठ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता वन अधिकारियों और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोपों का कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट हुआ कि कथित बिक्री विलेखों में वन विभाग द्वारा कोई एनओसी जारी नहीं किया गया था। अदालत ने कहा कि इस मामले में जांच एजेंसियों की निष्क्रियता या पक्षपात का कोई प्रमाण नहीं है, इसलिए सीबीआइ या ईडी जांच का कोई औचित्य नहीं बनता। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश किसी भी आरोपित को क्लीन चिट नहीं है और लंबित कानूनी कार्रवाई कानून के अनुसार जारी रहेगी। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की साख और मंशा पर गंभीर सवाल उठाया है। सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान नहीं होने पर मांडर कालेज के प्राचार्य तलब झारखंड हाई कोर्ट ने व्याख्याता की मृत्यु के पांच वर्ष बाद भी मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मांडर कालेज की ओर से लगातार दो सुनवाई में कोई पक्ष नहीं रखे जाने और भुगतान संबंधी जानकारी नहीं देने पर कॉलेज के प्राचार्य को सात अगस्त को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि उनके पति मांडर कालेज में व्याख्याता थे और वर्ष 2021 में उनका निधन हो गया था। हाई कोर्ट ने वर्ष 2024 में पंचम, छठे और सप्तम वेतनमान सहित सभी बकाया लाभ देने का आदेश दिया था। बाद में उच्च शिक्षा विभाग ने वेतनमान संबंधी बकाया राशि का भुगतान कर दिया, लेकिन मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ अब तक नहीं दिया गया। इस पर अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए प्राचार्य की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

CM योगी ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री योगी ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में की पूजा-अर्चना प्रवेश द्वार पर सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने चुनरी ओढ़ाकर किया सीएम का स्वागत मीरजापुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचे। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच मां विंध्यवासिनी का विधिवत दर्शन पूजन किया और उनकी आरती उतारी। सीएम करीब 10 मिनट मंदिर में रहे।  मुख्यमंत्री माता के दर्शन के लिए करीब सवा बारह बजे पहुंचे। मंदिर के प्रवेश द्वार पर सदर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने चुनरी ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में सभी देवी-देवताओं के दर्शन करने के बाद हवन कुंड की परिक्रमा की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। सीएम को देखने के लिए मंदिर परिसर के आसपास गलियों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। सीएम ने हाथ उठाकर सभी का अभिवादन किया।

बिहार में MSME को बड़ा बढ़ावा, निवेशकों को 5 करोड़ तक सब्सिडी मिलेगी

पटना  बिहार एमएसएमई नीति-2026 का प्रारूप (मसौदा) जारी कर दिया गया है। इसके अंतर्गत अगले पांच वर्षों में एक करोड़ एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग) इकाइयों का पंजीकरण, एक करोड़ से अधिक रोजगार सृजन के साथ 500 एमएसएमई इकाइयों को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ने का लक्ष्य है। कोसी, भागलपुर, मुंगेर और पूर्णिया परिक्षेत्र में चार टेक्नोलॉजी एवं एक्सटेंशन सेंटर स्थापित होंगे। इसके साथ ही प्रतिवर्ष एक लाख उद्यमियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति इस मसौदा पर 15 दिनों के भीतर अपना सुझाव ई-मेल से दे सकते हैं। सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। बिहार को पूर्वी भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाना उद्देश्य इस नीति का मूल उद्देश्य बिहार को पूर्वी भारत का प्रमुख औद्योगिक और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) केंद्र बनाना है। इसमें निवेशकों के लिए अनुदान का विशेष प्रविधान है। उद्यमियों को ए श्रेणी के जिलों में 25 प्रतिशत और बी श्रेणी के जिलों में 30 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी मिलेगी। सूक्ष्म उद्यमों को अधिकतम 25 लाख, लघु उद्यमों को 1.5 करोड़ और मध्यम उद्यमों को अधिकतम पांच करोड़ रुपये तक की पूंजी सब्सिडी मिलेगी। महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा, अति-पिछड़ा, दिव्यांग और मंगलामुखी उद्यमियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त पूंजी अनुदान मिलेगा। नैनो और मेगा एमएसएमई पार्क बनेंगे   प्रत्येक जिले में नैनो और मेगा एमएसएमई पार्क बनाए जाएंगे। 10 से 20 एकड़ क्षेत्र में नैनो पार्क तथा 20 एकड़ से अधिक क्षेत्र में मेगा पार्क होंगे। इसके अलावा कामन फैसिलिटी सेंटर, हेरिटेज क्लस्टर, परीक्षण प्रयोगशालाएं और प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक ढांचा विकसित किया जाएगा। एक्सपोर्ट सेल बनेगा   बिहार के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए एक्सपोर्ट सेल, खरीदार-विक्रेता सम्मेलन और ई-कॉमर्स नेटवर्क भी मजबूत होगा। एमएसएमई मित्र और उद्योग सलाहकार नियुक्त होंगे प्रत्येक जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) में एमएसएमई केंद्र स्थापित होंगे। प्रखंड स्तर पर एमएसएमई मित्र और पंचायत स्तर पर उद्योग सलाहकार नियुक्त होंगे। ये उद्यमियों को उद्योग स्थापना, वित्तीय सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। एमएसएमई हेल्पलाइन, डिजिटल पोर्टल, मोबाइल ऐप और चैटबॉट डेवलप होंगे। महत्वपूर्ण प्रविधान     नई इकाइयों को पहले तीन वर्षों तक कर्मचारियों के ईपीएफ में नियोक्ता अंशदान की प्रतिपूर्ति     तीन वर्ष तक बिजली शुल्क पर 20 प्रतिशत अनुदान     रूफटॉप सोलर संयंत्र पर 25 प्रतिशत (अधिकतम पांच लाख रुपये), ऊर्जा एवं जल आडिट पर 75 प्रतिशत (अधिकतम एक लाख रुपये) तथा स्टाम्प ड्यूटी की शत प्रतिशत प्रतिपूर्ति     एसजीएसटी की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति छह वर्षों तक     निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रति वर्ष अधिकतम 20 लाख रुपये की सहायता  

पूर्वी चंपारण में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश

पूर्वी चंपारण बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने जिल में एक करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। जाली नोट मिलने से पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। दरअसल पुलिस ने यहां कोटपा प्रखंड में भोपतपुर थाने के वीरती टोला गांव में छापा मारा था। इस रेड में डीआईयू टीम के साथ पांच थानों की पुलिस शामिल थी। पुलिस की दबिश के बाद यहां से भारी मात्रा में जाली नोट मिले। छापेमारी में जाली नोट के साथ-साथ सोना के 38 बिस्किट और 13 लाख रुपए नकदी भी बरामद कि है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मौके से अवैध हथियार, कारतूस और गाड़ी भी जब्त की है। पुलिस की इस रेड से इलाके में हड़कंप मच गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रेड से पहले भोपतपुर कल्याणपुर इलाके की पुलिस ने घेराबंदी कर दी थी ताकि कोई भी वहां से भाग नहीं सके। इसके बाद पुलिस ने 5 संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लिया। इन सभी से पुलिस फिलहाल पूछताछ कर रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस रेड के बाद पुलिस ने जाली नोट के मुख्य सरगना सुलेमान अंसारी को भी पकड़ा है। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि वो जाली नोट के धंधे के साथ-साथ असली और नकली सोने के फेरबदल के धंधे में भी शामिल था। यह भी कहा जा रहा है कि जांच टीम इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर भी जांच कर रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जाली नोट का सोर्स क्या है? मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई SDPO सदर-1 एवं सदर-2 जितेश पांडेय के नेतृत्व में की गई थी। अभियान में दो प्रशिक्षु डीएसपी, पांच थानों की पुलिस, जिला आसूचना इकाई (DIU) और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम ने कई घंटों तक अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली और संदिग्ध सामान को अपने कब्जे में लिया। पुलिस इसकी जांच-पड़ताल मेें जुटी है। यह भी कहा जा रहा है कि जाली नोट के धंधे से जुड़े लोग आम तौर पर लोगों का भरोसा पहले जीतते थे। इसके बाद वो कथित तौर पर पहली बार लोगों को नकली की जगह असली नोट दिया करते थे। जब कोई शख्स इन शातिरों पर भरोसा कर लेता था तब वो उसे असली नोट के बदले जाली नोट दे दिया करते थे। हालांकि, पुलिस अभी इसकी जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।

‘बहू गर्म रोटी न दे तो मेरे पास आ जाना’, SDM की मजेदार बात का वीडियो हुआ वायरल

जयपुर सरकारी कार्यक्रमों की तस्वीर दिमाग में लाइए. मंच पर अफसर, सामने कुर्सियों पर बैठे लोग, फाइलें, भाषण और औपचारिक बातें. लेकिन जयपुर के चौमू में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान ऐसा डायलॉग सुनने को मिला कि पूरा माहौल ही बदल गया. मौका था पट्टा वितरण शिविर का. एक बुजुर्ग महिला अपनी जमीन बेटे के नाम कर रही थीं. सारी कागजी प्रक्रिया पूरी हुई, दस्तावेज सौंपे गए और तभी चौमू के एसडीएम आशीष शर्मा ने मुस्कुराते हुए महिला से कहा- अब जमीन दे दी… बहू गर्म रोटी नहीं दे तो मेरे पास आ जाना. बस… इतना सुनना था कि पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा. खुद बुजुर्ग महिला भी मुस्कुरा दीं. सबसे मजेदार बात ये रही कि उस समय उनका बेटा और बहू भी वहीं खड़े थे और उन्होंने भी इस बात को हंसी-मजाक में ही लिया. दरअसल, अक्सर यह कहा जाता है कि कई बुजुर्ग अपनी सारी संपत्ति बच्चों के नाम कर देते हैं और बाद में उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ता है. एसडीएम ने इसी सामाजिक धारणा को हल्के-फुल्के अंदाज में छेड़ते हुए यह कमेंट किया था. वहां मौजूद लोगों ने इसे मजाक के तौर पर लिया और माहौल खुशगवार हो गया. VIDEO सोशल मीडिया पर छा गया कार्यक्रम में मौजूद किसी शख्स ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लोग एसडीएम के इस अंदाज की तारीफ कर रहे हैं. कई यूजर्स लिख रहे हैं कि सरकारी कार्यक्रमों में ऐसे हल्के पल कम ही देखने को मिलते हैं. वहीं कुछ लोग इस कमेंट के पीछे छिपे मैसेज की भी चर्चा कर रहे हैं. उनका कहना है कि मजाक के जरिए बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान जैसी बात भी सामने आ गई. हालांकि, यह वीडियो सिर्फ इसलिए वायरल नहीं हो रहा कि एसडीएम ने मजेदार बात कही, बल्कि इसलिए भी कि एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम में कुछ पल के लिए माहौल बिल्कुल घरेलू हो गया. और यही वजह है कि चौमू का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है.

दिल्ली में 70 लाख पौधे लगाए जाएंगे, रिज क्षेत्र में लगेंगे पीपल, नीम और बरगद

नई दिल्ली  तीन-चार वर्षों में दिल्ली के रिज क्षेत्र की सूरत बदलने वाली है। यहां से विलायती कीकर और बबूल जैसे पेड़ों को हटाकर उनकी जगह पर्यावरण के अनुकूल और ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, जामुन जैसे देसी प्रजाति के पेड़ लगाए जाएंगे। इस तरह पूरे रिज क्षेत्र को 'दिल्ली का लंग्स' यानी फेफड़ा बनाया जाएगा, जो शहर को स्वच्छ हवा मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाएगा। आम लोगों को प्रकृति से जोड़ने के लिए रिज एरिया में खास तरह के 8 वन भी बनाए जाएंगे और उनमें अलग-अलग तरह के देसी प्रजाति के पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही रिज एरिया में मौजूद वॉटर बॉडीज और पुरातात्विक संरचनाओं का संरक्षण भी किया जाएगा। यहां 70 से अधिक छोटे तालाब और कुछ छोटे रेस्तरां भी बनाए जाएंगे। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली में पौधरोपण महाअभियान की शुरुआत करते हुए ये जानकारियां साझा कीं। इस अभियान के तहत दिल्ली में 70 लाख पौधे लगाए जाएंगे। प्रदूषण कम करने पर जोर अभियान के तहत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सरकारी विभागों, स्कूलों, स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। इसका उद्देश्य सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना भी है। सरकार का कहना है कि इससे राजधानी का हरित क्षेत्र बढ़ेगा, वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और आने वाले वर्षों में दिल्ली को प्रदूषण से राहत दिलाने में मदद मिलेगी।

पारा शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, 7304 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन इसी महीने संभव

रांची  राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) के लिए आरक्षित 7304 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी. इसके लिए मंगलवार को कार्मिक विभाग ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को अधियाचना भेज दी. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग इस माह के अंत तक नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा. सितंबर तक परीक्षा और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में पारा शिक्षकों के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित हैं. शिक्षकों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले माह राज्य सरकार को पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित रिक्त पदों पर नियुक्ति करने का आदेश दिया था. 50% पदों पर सिर्फ पारा शिक्षकों से आवेदन अदालत ने राज्य में सहायक शिक्षकों और सहायक आचार्यों के कुल रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पद विशेष रूप से पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित करते हुए चार सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया था. अदालत ने स्पष्ट किया था कि इन पदों के लिए केवल पारा शिक्षकों से ही आवेदन आमंत्रित किए जाए. वरिष्ठता नहीं, परीक्षा के आधार पर होगी बहाली दरअसल पारा शिक्षकों ने वरिष्ठता के आधार पर अपनी सेवाओं को सरकारी शिक्षक के रूप में नियमित करने की मांग की थी. शीर्ष अदालत ने उनकी सेवाओं को नियमित करने संबंधी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि ऐसा करना भर्ती का एक नया तरीका तैयार करना होगा, जो कानूनन सही नहीं होगा. हालांकि, न्यायालय ने शिक्षा विभाग को रिक्त पदों पर पारा शिक्षकों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया था. इसके बाद विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है. नियुक्ति के लिए पारा शिक्षकों को सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली, 2022 के तहत परीक्षा देनी होगी. नियमावली के अनुरूप उन्हें आयु सीमा में भी छूट दी जायेगी. परीक्षा कुल 400 अंकों की होगी. नियुक्ति के लिए पद श्रेणी    सीधी नियुक्ति    बैकलॉग नियुक्ति कक्षा 1 से 5    1,909    847 कक्षा 6 से 8    4,197    351 कौन शामिल हो सकेंगे परीक्षा में? परीक्षा में वही पारा शिक्षक शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटीइटी) उत्तीर्ण की है. कक्षा एक से पांच और छह से आठ के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित की जायेंगी. कक्षा छह से आठ के लिए तीन विषयों में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति होगी. इनमें गणित एवं विज्ञान, भाषा तथा सामाजिक विज्ञान विषय शामिल हैं. अब तक 13 हजार पारा शिक्षक बन चुके हैं सरकारी शिक्षक राज्य में अब तक लगभग 13 हजार पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक बन चुके हैं. राज्य में 26 हजार सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. इनमें 13 हजार पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित हैं. वर्तमान नियुक्ति प्रक्रिया में अब तक लगभग सात हजार पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक बने हैं. इनमें गैर-पारा शिक्षक श्रेणी के पदों पर चयनित अभ्यर्थी भी शामिल हैं.

वजन घटाने के लिए खाएं हाई प्रोटीन सोया पराठा, स्वाद भी और सेहत भी भरपूर

 वजन घटाने के सफर में सबसे बड़ी चुनौती होती है एक ऐसा खाना ढूंढना, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखे और प्रोटीन से भरपूर हो. अगर आप रोज-रोज वही उबला हुआ खाना या फीका सलाद खाकर बोर हो चुके हैं, तो सोया पराठा आपके लिए एक परफेक्ट ऑप्शन है. यह खाने में काफी टेस्टी होता है और इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है. सही तरीके से बनाया गया सोया पराठा नाश्ते, लंच या डिनर में आसानी से शामिल किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसकी (High Protein Soya Paratha Recipe) आसान रेसिपी. सोया पराठा बनाने के लिए जरूरी सामग्री     सोया चंक्स: 1 कप (उबले और पिसे हुए)     गेहूं का आटा (या मल्टीग्रेन आटा): 1 कप     बारीक कटा प्याज: 1 छोटा     हरी मिर्च: 1-2 (बारीक कटी हुई)     अदरक-लहसुन का पेस्ट: 1 छोटा चम्मच     मसाले: आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच गरम मसाला, और आधा चम्मच अजवाइन     बारीक कटा हरा धनिया: आधा कप     नमक: स्वादानुसार     तेल या घी: पराठा सेकने के लिए (बिल्कुल कम मात्रा में) पराठा बनाने की आसान विधि स्टेप 1: सोया कीमा तैयार करें सबसे पहले सोया चंक्स को गर्म पानी में थोड़ा सा नमक डालकर 10 मिनट के लिए भिगो दें. जब ये सॉफ्ट हो जाएं, तो इनका सारा पानी अच्छी तरह निचोड़ लें. अब इन्हें मिक्सी में डालकर हल्का दरदरा (कीमा जैसा) पीस लें. स्टेप 2: चटपटी स्टफिंग बनाएं एक पैन में बस आधा चम्मच तेल गर्म करें. इसमें अजवाइन, अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर भूनें. अब बारीक कटा प्याज डालें और हल्का गुलाबी होने तक पकाएं. इसके बाद पिसा हुआ सोया, हल्दी, लाल मिर्च, गरम मसाला और नमक डालें. सब कुछ 3-4 मिनट तक भूनें और आखिर में हरा धनिया मिलाकर गैस बंद कर दें. आपकी हाई-प्रोटीन स्टफिंग तैयार है. स्टेप 3: आटा गूंथें और पराठा बेलें गेहूं के आटे में थोड़ा सा नमक और पानी डालकर एक सॉफ्ट डो (आटा) गूंथ लें. अब आटे की एक लोई लें, उसे थोड़ा सा बेलें और बीच में 2 चम्मच सोया की स्टफिंग भरें. इसे चारों तरफ से बंद करके पोटली जैसा बना लें और सूखे आटे की मदद से हल्के हाथों से गोल पराठा बेल लें. लॉस में क्यों फायदेमंद है सोया पराठा?     प्रोटीन का पावरहाउस: सोयाबीन को शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. यह मांसपेशियों (Muscles) को मजबूत बनाता है और फैट बर्न करने में मदद करता है.     लंबे समय तक नहीं लगेगी भूख: इसमें फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जिससे इसे खाने के बाद दोपहर के लंच तक आपको बार-बार भूख नहीं लगती और आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं.     मेटाबॉलिज्म बूस्ट करता है: हाई प्रोटीन डाइट लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है.