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IMF से पाकिस्तान को मिला बड़ा सहारा: 1.3 अरब डॉलर की मदद से बढ़ी उम्मीदें

करांची  आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहे पाकिस्तान को आईएमएफ यानी इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड से बड़ी राहत मिली है. पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने बुधवार को जानकारी दी कि देश को IMF से कुल 1.3 अरब डॉलर की फंडिंग मिल गई है. यह रकम दो अलग-अलग वित्तीय कार्यक्रमों के तहत जारी की गई है।  पाकिस्तान के स्टेट बैंक के मुताबिक, IMF ने एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी यानी EFF के तहत 1.1 अरब डॉलर और रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी यानी RSF के तहत करीब 22 करोड़ डॉलर जारी किए हैं. यह राशि 12 मई को पाकिस्तान को ट्रांसफर की गई।  दरअसल, IMF ने सितंबर 2024 में पाकिस्तान के लिए 37 महीनों की अवधि वाला 7 अरब डॉलर का EFF पैकेज मंजूर किया था. इसके अलावा जलवायु और पर्यावरण से जुड़े जोखिमों से निपटने के लिए RSF के तहत 1.4 अरब डॉलर की अतिरिक्त मदद देने का भी फैसला किया गया था।  पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि IMF के एग्जीक्यूटिव बोर्ड ने 8 मई को हुई बैठक में EFF की तीसरी समीक्षा पूरी की और पाकिस्तान के लिए 76 करोड़ स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स यानी SDR जारी करने को मंजूरी दी. साथ ही RSF के तहत दूसरी किस्त के रूप में 15.4 करोड़ SDR भी मंजूर किए गए।  इन दोनों रकम को मिलाकर पाकिस्तान को कुल 91.4 करोड़ SDR मिले हैं, जिसकी कीमत करीब 1.3 अरब डॉलर बताई जा रही है. स्टेट बैंक ने कहा कि इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी होगी और 15 मई को खत्म होने वाले सप्ताह के रिजर्व आंकड़ों में इसका असर दिखाई देगा।  पिछले हफ्ते भी IMF ने पाकिस्तान के लिए करीब 1 अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता को मंजूरी दी थी. अब तक पाकिस्तान IMF से कुल 8.4 अरब डॉलर के दो बड़े पैकेजों में से लगभग 4.5 अरब डॉलर हासिल कर चुका है।  IMF की यह मंजूरी ऐसे समय आई है, जब पाकिस्तान सरकार ने वित्तीय और मॉनेटरी गोल पर कुछ हद तक बेहतर प्रदर्शन दिखाया है. हालांकि देश की अर्थव्यवस्था अब भी भारी दबाव में है और विशेषज्ञों के बीच इस बात को लेकर अलग-अलग राय है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के बाकी महीनों में हालात कितने सुधर पाएंगे।  फिलहाल पाकिस्तान के लिए यह फंडिंग बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि देश लंबे समय से विदेशी मुद्रा संकट, महंगाई और कमजोर आर्थिक वृद्धि जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। 

ट्रंप-शी जिनपिंग बैठक से बढ़ी हलचल: जानिए चीन दौरे के पीछे की बड़ी वजह

बीजिंग  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 8 साल बाद चीन दौरे पर जा रहे हैं, जहां उनकी मुलाकात शी जिनपिंग से होगी. दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर, चिप टेक्नोलॉजी और ईरान जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में रहेंगे. दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब व्यापार, टेक्नोलॉजी और ईरान जैसे कई बड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच खींचतान जारी है।  ट्रंप ने साफ कहा है कि इस यात्रा का सबसे बड़ा एजेंडा व्यापार होगा. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ईरान पर शी जिनपिंग के साथ लंबी बातचीत हो सकती है. ट्रंप ने कहा कि वह शी को अपना "दोस्त" मानते हैं और उन्हें उम्मीद है कि इस बैठक से अच्छी चीजें निकलकर आएंगी. चीन दौरे पर जाने से पहले उन्होंने यह भी कहा कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए उन्हें शी जिनपिंग की जरूरत नहीं है।  दरअसल, अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही शुरू हो गया था. लेकिन पिछले साल इसमें बड़ा उछाल आया, जब ट्रंप ने चीन के सभी सामानों पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया. इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर जवाबी शुल्क लगा दिए और रेयर अर्थ एक्सपोर्ट पर पाबंदियां बढ़ा दीं. देखते ही देखते टैरिफ 145 प्रतिशत तक पहुंच गए।  हालांकि बाद में दोनों देशों ने समझा कि इतना बड़ा आर्थिक टकराव लंबे समय तक नहीं चल सकता. इसके बाद व्यापारिक संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने के लिए समझौता हुआ. चीन ने अमेरिकी किसानों से सोयाबीन खरीदने का वादा किया, जबकि अमेरिका ने कई टैरिफ कम कर दिए. लेकिन इससे मूल विवाद खत्म नहीं हुआ।  सबसे बड़ा विवाद अब टेक्नोलॉजी और चिप इंडस्ट्री को लेकर है. अमेरिका लगातार चीन पर एडवांस कंप्यूटर चिप्स और उनसे जुड़ी टेक्नोलॉजी के एक्सपोर्ट पर रोक लगाता रहा है. अमेरिका को डर है कि चीन इन तकनीकों का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैन्य ताकत बढ़ाने में कर सकता है।  वहीं चीन अब खुद की चिप इंडस्ट्री को मजबूत करने पर जोर दे रहा है ताकि उसे अमेरिकी तकनीक पर निर्भर न रहना पड़े. यही वजह है कि यह मुद्दा ट्रंप-शी बैठक में अहम रहने वाला है।  इसके अलावा ईरान का मुद्दा भी बातचीत में शामिल हो सकता है. अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान पर दबाव डाले, खासकर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर. वह कई बार कह भी चुके हैं कि होर्मुज पर सामान्य ट्रैफिक में चीन मदद कर सकता है लेकिन राष्ट्रपति जिनपिंग ने इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाए हैं. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में कहा था कि चीन ईरानी तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से तेहरान की मदद कर रहा है।  हालांकि चीन ने अब तक इस मामले में सावधानी भरा रुख अपनाया है. बीजिंग खुलकर अमेरिका का समर्थन करने से बच रहा है और खुद को एक संतुलित ताकत के तौर पर पेश करना चाहता है।  राष्ट्रपति ट्रंप की यह चीन यात्रा सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं है. यह वैश्विक व्यापार, टेक्नोलॉजी और मध्य पूर्व की राजनीति से जुड़े कई बड़े सवालों को प्रभावित कर सकती है. दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ट्रंप और शी जिनपिंग की यह मुलाकात तनाव कम करेगी या नए टकराव की शुरुआत बनेगी। 

फेक ऐप, फ्रॉड कॉल और मोबाइल चोरी पर Google का बड़ा वार, यूजर्स को मिलेगी ट्रिपल सुरक्षा

 नई दिल्ली गूगल ने एंड्रॉयड शो:आईओ एडिशन का लाइवस्ट्रीम किया है, जो कंपनी के एनुअल कॉन्फ्रेंस गूगल आईओ 2026 से करीब एक सप्ताह पहले किया है. गूगल ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए आने वाले अपकमिंग फीचर और टूल्स की जानकारी दी है. गूगल की एनुअल कॉन्फ्रेंस 19-20 मई को होगी।  गूगल अब बैंकिंग स्कैम कॉल्स से बचाने के लिए न्यू फीचर तैयार कर रहा है. बैंकिंग स्कैम  में साइबर ठग खुद की पहचान बैंक का कर्मचारी बताकर लोगों से अकाउंट की जानकारी हासिल करते हैं, ताकि उनके पैसे चुरा सकें. स्पूफिंग टेक्नोलॉजी की मदद से अक्सर लोगों को लगता है कि शायद बैंक से ही कॉल है।  गूगल ने अपने टूल को बेहतर करने के लिए कुछ चुनिंदा बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है. बैंकिंग फ्रॉड को रोकने के लिए कंपनी स्पूफिंग प्रोटेक्शन फीचर लेकर आ रही है।  फर्जी कॉल्स को खुद का काट देगा  यह फीचर पार्टनर बैंक के नाम पर यूज होने वाले फर्जी कॉल्स को अपने आप काट देगा. साथ ही यूजर्स को एक नोटिफिकेशन भी मिलेगा कि वह संभवतः एक स्कैम कॉल्स थी।   गूगल का यह न्यू फीचर सिर्फ उन यूजर्स को मिलेगा, जिनका स्मार्टफोन एंड्रॉयड 11 और उससे ऊपर के डिवाइसों के लिए रोलआउट किया जाएगा. कंपनी ने बताया है कि इस साल के अंत तक कई बैंकों को शामिल कर लिया जाएगा।  लाइव थ्रेड डिटेक्शन फीचर  गूगल अपने लाइव थ्रेड डिटेक्शन फीचर को भी एक्सपेंड करने का ऐलान कर चुका है. यह फीचर ऐप्स के व्यवहार को एनालाइज करेगा और अगर कोई संदिग्ध एक्टिविटी मिलेगी तो उसे पकड़ा जा सकेगा. ऐसे में साइबर ठगों के ऐप्स पर लगाम लगेगी।  गूगल इसके लिए डाइनेमिक सिग्नल मॉनिटरिंग नाम की तकनीक का इस्तेमाल करती हैं. ये टेक्नोलॉजी किसी भी ऐप के द्वारा किए गए संदिग्ध पैटर्न और गतिविधियों को पहचान सकता है. साथ ही SMS फॉरवर्डिंग जैसी एक्टिविटी को भी देखता है।  डिवाइस चोरी होने से बचाएगा  गूगल एक और नया फीचर लेकर आ रहा है, जिसकी मदद से डिवाइस को चोरी से बचाया जा सकेगा. एक बार फोन को लोस्ट मार्क कर दिया गया तो चोर तब तक फोन का यूज नहीं कर पाएंगे जब तक उसको बायोमेट्रिक तरीके से अनलॉक नहीं किया जाता है. यह फीचर Android 17 डिवाइसों में डिफॉल्ट रूप से ऑन मिलेगा।  ऐप परमिशन और लोकेशन कंट्रोल करेगा  गूगल एक नया प्राइवेसी फीचर भी ला रहा है, जिसमें एक बटन होगा, जिसकी मदद से यूजर किसी ऐप को केबल तक अपनी सटीक लोकेशन देगा जब तक वह ऐप ओपन रहेगा। 

इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को बूस्ट: 503 करोड़ की योजना से EV मालिकों की होगी बल्ले-बल्ले

 नई दिल्ली देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ी है, लेकिन चुनौतियां अभी कम नहीं हुई है. भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी तक पहुंच गई है. हालांकि, अभी भी लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी खत्म नहीं हुई है. ऐसे में सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे ईवी वालों की बड़ी चिंता दूर हो जाएगी।  भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय ने चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल करने का ऐलान किया है. मंत्रालय देशभर में 4,874 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाएगा. इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार 503.86 करोड़ रुपये खर्च करेगी. ये प्रोजेक्ट पीएम ई-ड्राइव स्कीम का हिस्सा है.   कई राज्यों में लगेंगे EV चार्जिंग स्टेशन 12 मई को बेंगलुरू में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने इस बारे में जानकारी दी है. इस कदम का उद्देश्य लोगों के मन में बैठी रेंज एंजाइटी को कम करना है. इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना चाहती है. इससे जब भी लोगों को जरूरत होगी वे अपने व्हीकल को चार्ज कर पाएंगे।  इन चार्जिंग स्टेशन पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, थ्री व्हीलर्स, पैंसेजर कार, बस और हैवी ड्यूटी ट्रक्स को भी चार्ज किया जा सकेगा. सरकार की मानें तो इन चार्जिंग स्टेशन को प्लानिंग के तहत अलग-अलग राज्यों में लगाया जाएगा. इसमें कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु शामिल हैं।  बढ़ रहा ईवी का दबदबा इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा कर्नाटक में खर्च होगा. रिपोर्ट्स की मानें, तो राज्य में 1243 चार्जिंग स्टेशन इंस्टॉल किए जाएंगे, जिसें लगभग 123.66 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस प्रोजेक्टर को पूरा करने में प्रमुख पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइसेस का भी योगदान होगा. प्रमुख तेल कंपनियां (जिनके नाम से आप पेट्रोल पंप देखते हैं) इस इंस्टॉलेशन प्रोजेक्ट को लीड करेंगी।  मौजूदा स्थिति की बात करें, तो पैसेंजर व्हीकल कैटेगरी में ईवी की हिस्सेदारी 5.77 फीसदी की है. वहीं टू-व्हीलर कैटेगरी में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी 7.76 फीसदी तक पहुंच गई है. कमर्शियल व्हीकल कैटेगरी में ईवी का शेयर 2.26 फीसदी है. थ्री व्हीलर कैटेगरी में ईवी का दबदबा है. यहां इलेक्ट्रिक व्हीकल की हिस्सेदारी 60.38 फीसदी की है. ये आंकड़े अप्रैल 2026 में हुई सेल के हैं। 

बच्चों की सेहत से खिलवाड़! सैकरीन और गंदे पानी से तैयार आइस कैंडी पर छापा

 इंदौर  शहर में मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सैकरीन से आइस कैंडी का निर्माण किया जा रहा था, जिसे खाद्य विभाग की टीम ने जब्त किया। टीम द्वारा राजाराम नगर स्थित डायमंड पेप्सी का औचक निरीक्षण किया गया। मौके पर मालिक मनोज कुशवाहा उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान विभिन्न फ्लेवर जैसे मैंगो, ऑरेंज, काला खट्टा, कोकोनट एवं चॉकलेट फ्लेवर की आइस कैंडी का निर्माण एवं पैकिंग किया जाना पाया गया। बच्चों की सेहत से खिलवाड़ और सैंपलिंग मौके पर निर्माण कार्य में बोरिंग के पानी का उपयोग किया जाना पाया गया। जांच के दौरान निर्माण में सैकरीन का उपयोग किया जाना पाया गया, जो छोटे बच्चों के सेवन के लिए हानिकारक होता है। मौके से मैंगो आइस कैंडी, ऑरेंज कैंडी एवं सैकरीन के तीन सैंपल जांच के लिए गए। साथ ही मौके पर संग्रहित लगभग 300 लीटर आइस कैंडी जब्त की है। डेयरी उत्पादों और अन्य दुकानों पर जांच इसके अलावा तिलक नगर स्थित एफसी इंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया गया। मौके पर प्रोपराइटर जिग्नेश मेहता मिले। यहां से टोन्ड मिल्क, कंडेंस्ड मिल्क, क्रीम, हनी एवं फ्लेवर्ड मिल्क के पांच सैंपल लिए। इसी प्रकार डेल्टा मार्केटिंग ओल्ड पलासिया का निरीक्षण किया गया, यहां प्रभारी पुष्पेंद्र चतुर्वेदी मिले। फ्लेवर्ड मिल्क, डेयरी बेस्ड ड्रिंक, लैक्टोज फ्री मिल्क, कुकीज एवं रस्क के कुल पांच सैंपल जांच के लिए गए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर कार्रवाई वहीं सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत के आधार पर जेल रोड स्थित विजय श्री सैंडविच से बेक समोसे का सैंपल लिया।

भोपाल शहर में संपर्क अभियान 2026’ के तहत होगा बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा “संपर्क अभियान 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत 14 मई को शहर वृत्त भोपाल अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करना और उन्हें बिजली संबंधित विभिन्न सेवाओं और योजनाओं की जानकारी देना है। उपभोक्ताओं को शिविरों में मिलेंगी त्वरित सेवाएँ संपर्क अभियान के दौरान आयोजित किये जाने वाले शिविरों में उपभोक्ताओं को त्रुटिपूर्ण बिल, मीटर रीडिंग और अन्य बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाएगा। साथ ही मात्र 5 रुपये में नवीन ग्रामीण घरेलू एवं कृषि पम्प कनेक्शन प्रदान किये जाएंगे साथ ही भार वृद्धि, नाम परिवर्तन, श्रेणी परिवर्तन, स्थाई कनेक्शन विच्छेदन, अस्थायी कनेक्शन, ई-केवायसी और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC), बंद/खराब मीटर बदलना, स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतें, सर्विस केबल सुधार, वोल्टेज की समस्या और ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों, बिजली बिलों का आंशिक एवं पूर्ण भुगतान, अग्रिम भुगतान पर छूट, बकाया राशि भुगतान, समाधान योजना तथा अन्य जनहितैषी योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रदान करने की सुविधाएं मिलेंगी।    उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए चार अलग-अलग काउंटर रहेंगे उपलब्ध  संपर्क अभियान के दौरान आयोजित किये जाने वाले शिविरों में उपभोक्ताओं की सुविधा और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली के लिए शिविरों में चार अलग-अलग काउंटर होंगे।              काउंटर नंबर 1 (हेल्प डेस्क): यहाँ उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे और टोकन प्राप्त करेंगे।            काउंटर नंबर 2 (बिलिंग सुधार): यहाँ बिजली बिल से संबंधित सभी शिकायतों (जैसे गलत रीडिंग, सुधार आदि) का तत्काल निराकरण किया जाएगा।            काउंटर नंबर 3 (नया कनेक्शन व अन्य सेवाएं): यहाँ ₹5 में नवीन कनेक्शन, भार वृद्धि और नाम परिवर्तन जैसे कार्यों के लिए आवेदन लिए जाएंगे।            काउंटर नंबर 4 (तकनीकी सेवाएं एवं भुगतान की सुविधा): बंद मीटर बदलने, वोल्टेज की समस्या और बकाया राशि के भुगतान/वसूली के लिए यह काउंटर कार्य करेगा। इन स्थानों पर लगेंगे शिविर  भोपाल शहर के विभिन्न वितरण केन्द्र/जोन में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें अयोध्या जोन में अयोध्या नगर, आनंद नगर जोन में पीएमएवाय मल्टी, भानपुर जोन में शंकर नगर नगर निगम ऑफिस, चांदबड़ जोन में राजेन्द्र नगर, इंडस्ट्रियल गेट वितरण केन्द्र में रूपनगर, करोंद जोन में संजीव नगर, बैरागढ़ जोन में वॉटर वर्क्स, ईमामीगेट जोन में बारेला गांव, बस स्टैंड जोन में रेतघाट, छोला जोन में नारियल खेड़ा, सिटी कोतवाली जोन में हाथीखाना स्क्वेयर, इंद्रविहार जोन में गांधीनगर बस स्टैंड, सुल्तानिया जोन में संजय नगर, बैरागढ़ चीचली सिटी जोन में सुमित्रा परिसर, दानिशकुंज सिटी जोन में दानिश हिल्स व्यू-1, मिसरोद शहर जोन में हिनौतिया डीएलएफ, अरेरा कॉलोनी वितरण केन्द्र में श्याम नगर, भदभदा जोन में सेवा सदन, कोटरा जोन में शबरी नगर, एम.पी. नगर जोन में गायत्री नगर, टी.टी. नगर जोन में टीटीआईटी, जहांगीराबाद जोन में न्यू भीम नगर, शक्तिनगर जोन में बरखेड़ा पठानी वार्ड ऑफिस, विद्या नगर जोन में राम फीडर, कटारा हिल्स वितरण केन्द्र में एमरॉल्ड-1, शाहपुरा जोन में यशोदा नगर एंव वल्लभ नगर जोन में लक्ष्मीपति क्षेत्र शामिल हैं, जहां उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। क्या करना होगा उपभोक्ताओं को  संपर्क अभियान के दौरान आयोजित होने वाले शिविरों में मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को बिल सुधार के लिए अपना नवीनतम बिजली बिल लेकर आना होगा। शिकायत दर्ज कराने केलिए अपना मोबाइल नंबर और उपभोक्ता क्रमांक (IVRS) उपलब्ध कराना होगा ताकि निराकरण की सूचना प्राप्त हो सके। नए कनेक्शन के लिए समग्र आईडी, स्वामित्व दस्तावेज एवं पासपोर्ट साइज फोटो लाना होगा। काउंटर पर संबंधित अधिकारी से मिलने पर शिकायतों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इन शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी शिकायतों का निराकरण कराएं और कंपनी की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं। बिजली उपभोक्ता संपर्क अभियान 2026 संबंधी किसी भी जानकारी के लिए नजदीकी बिजली वितरण केन्द्र/जोन अथवा कॉल सेन्टर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।  

कई पेट्रोल पंपों पर खत्म हुआ ईंधन स्टॉक, घबराहट में लोगों की लंबी कतारें

रायपुर पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव और ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर कृत्रिम संकट की स्थिति बन गई है। बालोद, जगदलपुर, गुरुर और धमतरी समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया। कुछ पंपों पर तो 'नो डीजल' और 'पेट्रोल नहीं है' के पोस्टर तक लगाने पड़े हैं। बालोद और बस्तर में गंभीर हुए हालात बालोद जिले में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। जिले के 76 पेट्रोल पंपों में से 10 पंपों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। जिला मुख्यालय के संतोष पेट्रोल पंप और झलमला स्थित पंपों पर “डीजल नहीं है” के बोर्ड लगा दिए गए हैं। हालात ऐसे हैं कि ट्रक और बस चालक ईंधन के लिए भटक रहे हैं, जबकि कई मालवाहक वाहन सड़कों किनारे खड़े होने को मजबूर हैं। पंप संचालकों ने केन, डिब्बों और ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक लगा दी है। वहीं बस्तर संभाग के जगदलपुर में भी अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने वाहनों की टंकियां फुल कराने के साथ अतिरिक्त ईंधन जमा करना शुरू कर दिया। हाईवे स्थित सोढ़ी पेट्रोल पंप के मैनेजर सुंदरलाल के मुताबिक सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री दोगुनी से अधिक रही और एक दिन में साढ़े चार हजार लीटर से ज्यादा ईंधन बिक गया। गुरुर और धमतरी में अफरा-तफरी का माहौल गुरुर तहसील के बोहारडीह पेट्रोल पंप में भी बुधवार को अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुबह से ही दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच गईं। बड़ी संख्या में लोग प्लास्टिक के केन और ड्रम में ईंधन भरवाते नजर आए। घंटों इंतजार के बावजूद लोग लाइन छोड़ने को तैयार नहीं थे। पंप कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रित करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। इधर धमतरी जिले में भी सप्लाई प्रभावित होने लगी है। शहर के रत्नाबांधा रोड और नगरी-धमतरी मार्ग स्थित कुछ पेट्रोल पंपों पर “पेट्रोल-डीजल नहीं है” के बोर्ड लगाए गए। पंप संचालकों का कहना है कि मांग के मुकाबले कम सप्लाई मिल रही है। तीन टैंकर की मांग पर सिर्फ एक टैंकर ही उपलब्ध हो पा रहा है। प्रशासनिक निर्देश और खाद्य विभाग का दावा कुछ पंप संचालकों ने बताया कि 200 लीटर से अधिक डीजल देने पर भी अनौपचारिक रोक जैसी स्थिति है। वहीं सरकारी वाहनों के लिए अलग से स्टॉक सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच धमतरी के महापौर रामू रोहरा ई-रिक्शा से नगर निगम कार्यालय पहुंचे, जिसकी शहर में काफी चर्चा रही। हालांकि खाद्य विभाग ने दावा किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बालोद जिले में तेल कंपनियों के पास बुधवार तक 13 लाख 42 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध था। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों के कारण अस्थायी दबाव बना है। रायपुर ऑयल डिपो से लगातार टैंकर रवाना किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही ईंधन खरीदें।  

योगी सरकार ने मंत्री व अधिकारियों की फ्लीट में 50% कमी का निर्देश दिया

लखनऊ पेट्रोल और डीजल कम खर्च करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद विधानसभा की विभिन्न संसदीय समितियों के पूर्व निर्धारित अध्ययन भ्रमण कार्यक्रमों को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के निर्देश के बाद प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे ने इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी किया। इसके मुताबिक देशहित व वर्तमान परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए संसदीय समितियों के सभी अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए विधानसभा की ओर से यह निर्णय लिया गया है, ताकि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी संसाधनों एवं व्यवस्थाओं का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। जनप्रतिनिधियों व संस्थाओं की यह जिम्मेदारी है कि वे राष्ट्रहित के प्रत्येक आह्वान में सहभागी बनें और परिस्थितियों के अनुरूप संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का परिचय दें। मुख्यमंत्री, मंत्रियों आदि की फ्लीट में 50 प्रतिशत की कमी करें: योगी इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ने की मंगलवार को अपील की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कहा कि ईंधन की खपत कम करें और अनावश्यक सोने की खरीद न करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को प्रदेश में व्यावहारिक रूप से अपनाए जाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव की बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री व मंत्रियों आदि की फ्लीट में तत्काल 50 प्रतिशत की कमी की जाए। काफिले से अनावश्यक वाहनों को हटाया जाए। वर्क फ्राम होम को दें प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को भी प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों आदि के उपयोग पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री जी का सरकारी बैठकों, सेमिनारों, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप आदि के वर्चुअली आयोजन पर जोर रहा। औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जाए। वहीं जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए। मंत्री सांसद एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें मुख्यमंत्री ने वैश्विक हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री के आह्वान से प्रदेशवासियों को जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया में उथल-पुथल है, ऐसे में सभी को सावधानी बरतनी होगी। प्रधानमंत्री के आह्वान का पालन करने के लिए राज्यों को तैयार रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए। इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें।

पश्चिम, दक्षिण और पूर्व राजस्थान में भीषण गर्मी, मौसम विभाग ने सतर्क रहने को कहा

 जयपुर राजस्थान में गर्मी तेजी से बढ़ती जा रही है. वहीं मौसम विभाग ने अब हीटवेब का अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के बड़े हिस्से में हीटवेब का असर दिखने वाला है. ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है. मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है. साथ ही कहा जा रहा है कि पारा 48 डिग्री के पार जा सकता है. मौसम विभाग ने बताया है कि राजस्थान के पश्चिमी और दक्षिण क्षेत्र में तेज हीटवेब का अनुमान है. कहां-कहां बढ़ रहा तापमान मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में अधिकतम तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है. पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 48.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में अगले 4 से 5 दिनों तक तीव्र हीटवेव और ऊष्णरात्री की स्थिति बनी रह सकती है. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भी तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है. यहां भी कुछ स्थानों पर हीटवेव और गर्म रातें दर्ज हो सकती हैं. कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की भी संभावना हालांकि भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में राहत की संभावना भी जताई है. अगले 48 घंटों के दौरान बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त पानी पीने और गर्म हवाओं से बचाव करने की सलाह दी है.

जेलों की खाली जमीन पर पेट्रोल पंप, कैदियों को मिलेगी पारिश्रमिक

पटना बिहार की जेलों के कैदी पेट्रोल पंप चलाएंगे। गृह (कारा) विभाग ने इसे लेकर विस्तृत प्रारूप तैयार किया है। जेल प्रशासन की खाली पड़ी जमीन पर पेट्रोल पंप स्थापित किए जाएंगे। इन पेट्रोल पंपों के संचालन का दायित्व उस जेल में रहने वाले कैदियों को दिया जाएगा। गृह (कारा) विभाग ने प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा है। इसके बाद विधि विभाग से भी मंजूरी ली जाएगी। राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद यह लागू होगा। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद गृह (कारा) विभाग पेट्रोलियम कंपनियों के साथ पेट्रोल पंप संचालन के लिए समझौता (एमओयू) करेगा। कारा विभाग ने हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के साथ पहले ही करार करने का निर्णय लिया है। पेट्रोल पंप आवंटन के बाद उसे जेलों की खाली भूमि पर लगाया जाएगा। सुधार प्रक्रिया से जुड़े कैदी संभालेंगे दायित्व जेलों में लंबे समय से सजा भुगतने वाले वैसे कैदी जो सुधार प्रक्रिया में शामिल हैं, उन्हें इसके संचालन का दायित्व दिया जाएगा। जेलों में सजायाफ्ता या विचाराधीन खूंखार एवं गंभीर अपराध के आरोपी कैदियों को संचालन का दायित्व नहीं दिया जाएगा। इन पेट्रोल पंपों पर होने वाली पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की निगरानी के लिए भी तंत्र विकसित किया जाएगा। 59 जेलों में करीब 60 हजार है कैदी बिहार में आठ केंद्रीय कारागारों समेत कुल 59 जेलों की क्षमता 47,750 है, लेकिन इन जेलों में 61,891 कैदी हैं। इसका मतलब यह हुआ कि जेलों में क्षमता के मुकाबले 30 फीसदी अधिक कैदी हैं। जेलों में उद्यमिता के विकास, योग, ध्यान एवं सुधार के भी कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कैदियों को पारिश्रमिक मिलेगा पेट्रोल पंप के संचालन का दायित्व संभालने वाले कैदियों को पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। कैदियों को जेल मैनुअल के अनुसार ही राशि मिलेगी। वर्तमान में, जेलों में विभिन्न प्रकार के उत्पादन कार्यों में जुड़े कैदियों को पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है। जानकारी के अनुसार, बिहार की जेलों में सजायाफ्ता कैदियों को उनके कौशल के आधार पर प्रतिदिन ₹147 से ₹397 रुपए तक का पारिश्रमिक मिलता है। इन्हें 4 श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें अकुशल (4 घंटे कार्य) को ₹147 रुपये, अकुशल को ₹294, अर्द्ध कुशल को ₹309 और कुशल कैदियों को ₹397 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है।