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रेस्टोरेंट की रसोई में गंदगी, आटे में मिले कीड़े; 10 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई

लखनऊ  यूपी में शुद्ध ही शुभ है अभियान के तहत 38 टीमों ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर 52 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में प्रदेश की खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की ओर से सोमवार को कानपुर समेत प्रदेश के पांच जिलों में अधिकारियों की विशेष टीम ने व्यापक छापेमारी की। इस दौरान मॉल और रेस्टोरेंट में गंदगी का अंबार मिला। कानपुर में खाद्य विभाग ने रेव मोती मॉल के फूड कोर्ट में छापेमारी की। जहां अत्यंत खराब हाइजीन एवं सैनिटरी कंडीशन, अत्यधिक गंदगी, क्षतिग्रस्त दीवारें और खाद्य सामग्री फर्श पर रखे जाने की स्थिति पाई गई। इसके तहत फूड कोर्ट में संचालित सभी 10 प्रतिष्ठानों को सुधार होने तक बंद रखने की कार्रवाई की गई। टीम ने ला पीनोज पिज्जा (सप्पायर मॉल) में इंसेक्ट इन्फेक्शन, एक्सपायर सॉस/ड्रेसिंग्स, वेज एवं नॉन वेज खाद्य पदार्थों के लिए एक ही बर्तनों के इस्तेमाल व खराब गुणवत्ता का पनीर पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई। स्क्वायर मॉल के फूड कोर्ट में भी मिली खामियां स्वरूप नगर स्थित वेलफेल सैम/केशव राज एंड संस में प्रोपराइटरी फूड्स पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायर डेट एवं इंग्रेडिएंट्स का विवरण अंकित नहीं पाया गया। उपभोक्ताओं को आवश्यक खाद्य संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराने के कारण सुधार होने तक कारोबार बंद करने की संस्तुति की गई। स्क्वॉयर मॉल में नी हाउ में चोक्ड ड्रेनेज, अत्यंत खराब हाइजीन एवं सैनिटरी कंडीशन तथा वेज एवं नॉन वेज खाद्य पदार्थों के लिए एक ही बर्तनों के प्रयोग की स्थिति मिली। बिरयानी क्वीन के आटे में कीड़े इन कमियों के दृष्टिगत सुधार होने तक कारोबार बंद करने की संस्तुति की गई। बिरयानी क्वीन में आटे में कीड़े, निर्माण स्थल पर अत्यधिक गंदगी तथा खाद्य तेल के बार-बार इस्तेमाल के साथ तेल में अत्यधिक गंदगी पाई गई। किदवई नगर एम ब्लॉक स्थित स्पाइसी फास्ट फूड रेस्टोरेंट में खुले नाले के समीप प्रतिष्ठान का संचालन और किचन एरिया में दुर्गंध पाई गई। सोमवार को फूड विभाग की टीम ने छापेमारी कर सैंपल भरे। रेस्टोरेंटों की रसोई में नहीं मिली पर्याप्त साफ-सफाई उधर, वाराणसी में खाद्य विभाग की 20 टीमों ने फास्ट फूड रिटेल चेन और रेस्टोरेंट इकाइयों के खिलाफ अभियान चलाकर 40 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीमों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ रसोई की स्वच्छता, खाद्य भंडारण, कीट नियंत्रण और साफ-सफाई की जांच की। इस दौरान कहीं स्टोर में गंदगी मिली तो कहीं कीड़े मिले। एक रेस्टोरेंट में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों की तैयारी के लिए अलग-अलग पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। महमूरगंज स्थित कैफे कॉफी डे ग्लोबल लिमिटेड के निरीक्षण में प्रतिष्ठान के बुनियादी ढांचे की स्थिति खराब मिली। फॉल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त थी। उसके हिस्से टूटकर खाद्य पदार्थों में गिरने और उनके दूषित होने की आशंका सामने आई। स्टोरेज एरिया में अत्यधिक गंदगी मिली। टॉयलेट में भी साफ-सफाई नहीं थी। अर्दली बाजार के मियां महल स्थित ला पीनोज के निरीक्षण में डस्टबिन के आसपास कीटों का संक्रमण पाया गया। वहीं, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों की तैयारी के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं थी। विभाग की टीमों ने केवल तैयार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता नहीं देखी, बल्कि रसोई की स्वच्छता, सेनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, ड्रेनेज, खाद्य भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता, शाकाहारी-मांसाहारी खाद्य पदार्थों के अलगाव और खाद्य लेबलिंग की भी जांच की। अ

अनाजों के भंडारण में क्षति कम करने भारतीय प्रबंध संस्थान मुंबई में प्रशिक्षण की पहल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खाद्य विभाग अन्य विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित कर उपभोक्ता हित में कार्य करे। खाद्य विभाग ने अनेक नवाचार किए हैं जिनका लाभ उपभोक्ताओं को मिल रहा है। नवाचारों और उपभोक्ता हित का कार्य निरंतर किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य विभाग ने उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण मार्ट के रूप में उन्नयन किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मोबाइल पर संदेश भेजकर राशन प्रदाय और वितरण की सूचना देने का प्रावधान किया गया है। यह नवाचार उपभोक्ताओं के कल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के परिवहनकर्ता के रूट ऑप्टिमाइजेशन के कार्य से परिवहन लागत में सरकार को 42 लाख रुपए प्रति माह की बचत हुई। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमांड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग व्यवस्था की गई। इसी तरह सिविल सप्लाई कारपोरेशन ने सभी स्तरों पर ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने गोदाम में स्कंध के भंडारण की क्षति को कम करने के लिए वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के अमले को भारतीय प्रबंध संस्थान मुंबई में प्रशिक्षण दिलवाने की पहल की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निगम कर्मियों के कौशल उन्नयन की गतिविधियां जारी रखी जाएं।इसी तरह उपार्जन, मिलिंग और परिवहन के लिए उपयोग में लिए जा रहे वाहनों का यूलिप (ULIP) सॉफ्टवेयर से सत्यापन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन के लिए जूट कमिश्नर से खाली बारदाने क्रय करने के लिए सीसी लिमिट से भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है। यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश, उड़ीसा और पंजाब के पश्चात तीसरा प्रांत है। इस प्रणाली से 18 करोड़ रुपए की ब्याज राशि की बचत करने में सफलता मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन कार्य की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ऐसा मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए जिससे गेहूं की जींस की प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग आदि के कार्य लघु मध्यम और सूक्ष्म विभाग के सहयोग से किए जा सकें। इस कार्य में स्व-सहायता समूह की भूमिका भी हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शहरी गैस वितरण, नेटवर्क विकास और विस्तार नीति 2025 लागू करने, पीडीएस के हितग्राहियों का ई-केवाईसी किए जाने के कार्य और उपभोक्ता हित में किए गए अन्य प्रयासों की जानकारी भी प्रदान की गई। बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव  अनुराग जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

बच्चों की सेहत से खिलवाड़! सैकरीन और गंदे पानी से तैयार आइस कैंडी पर छापा

 इंदौर  शहर में मिलावटखोर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सैकरीन से आइस कैंडी का निर्माण किया जा रहा था, जिसे खाद्य विभाग की टीम ने जब्त किया। टीम द्वारा राजाराम नगर स्थित डायमंड पेप्सी का औचक निरीक्षण किया गया। मौके पर मालिक मनोज कुशवाहा उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान विभिन्न फ्लेवर जैसे मैंगो, ऑरेंज, काला खट्टा, कोकोनट एवं चॉकलेट फ्लेवर की आइस कैंडी का निर्माण एवं पैकिंग किया जाना पाया गया। बच्चों की सेहत से खिलवाड़ और सैंपलिंग मौके पर निर्माण कार्य में बोरिंग के पानी का उपयोग किया जाना पाया गया। जांच के दौरान निर्माण में सैकरीन का उपयोग किया जाना पाया गया, जो छोटे बच्चों के सेवन के लिए हानिकारक होता है। मौके से मैंगो आइस कैंडी, ऑरेंज कैंडी एवं सैकरीन के तीन सैंपल जांच के लिए गए। साथ ही मौके पर संग्रहित लगभग 300 लीटर आइस कैंडी जब्त की है। डेयरी उत्पादों और अन्य दुकानों पर जांच इसके अलावा तिलक नगर स्थित एफसी इंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया गया। मौके पर प्रोपराइटर जिग्नेश मेहता मिले। यहां से टोन्ड मिल्क, कंडेंस्ड मिल्क, क्रीम, हनी एवं फ्लेवर्ड मिल्क के पांच सैंपल लिए। इसी प्रकार डेल्टा मार्केटिंग ओल्ड पलासिया का निरीक्षण किया गया, यहां प्रभारी पुष्पेंद्र चतुर्वेदी मिले। फ्लेवर्ड मिल्क, डेयरी बेस्ड ड्रिंक, लैक्टोज फ्री मिल्क, कुकीज एवं रस्क के कुल पांच सैंपल जांच के लिए गए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर कार्रवाई वहीं सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत के आधार पर जेल रोड स्थित विजय श्री सैंडविच से बेक समोसे का सैंपल लिया।