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AI चैटबॉट से बदतमीजी करने पर लग सकता है अकाउंट पर प्रतिबंध? जानें Anthropic की नई पॉलिसी

 नई दिल्ली ChatGPT या Claude से जवाब पसंद नहीं आया तो क्या आप उसे गाली दे सकते हैं? AI कंपनी Anthropic ने अपने चैटबॉट Claude के लिए ऐसा नियम बनाया है, जिसके बाद सवाल उठ रहा है कि क्या AI को अपशब्द कहने पर अकाउंट बैन हो सकता है. कंपनी का कहना है कि बार-बार बिना किसी वजह के AI के साथ क्रूर या अपमानजनक व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई हो सकती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि AI के जवाब से नाराज होने या उसकी आलोचना करने पर आपका अकाउंट बंद हो जाएगा।  आम तौर पर देखा गया है कि लोग AI बॉट से मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलने पर गलत भाषा का इस्तेमाल करते हैं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऐसा करने से यूजर्सा का ही नुकसान हो सकता है. लेकिन कैसे? आइए जानते हैं।  सोचिए, आपने AI से कोई जरूरी काम करने को कहा. उसने गलत जवाब दे दिया. आपने दोबारा पूछा, फिर भी सही जवाब नहीं मिला. गुस्से में आपने उसे गाली दे दी. अब सवाल है कि क्या AI कंपनी आपके इस व्यवहार के लिए आपका अकाउंट बंद कर सकती है?. यह सवाल इन दिनों इसलिए चर्चा में है, क्योंकि Claude AI बनाने वाली कंपनी Anthropic ने अपनी यूज पॉलिसी में AI मॉडल के साथ बार-बार बेवजह अपमानजनक या क्रूर व्यवहार करने पर रोक लगाई है. कंपनी ने 8 अक्टूबर 2026 को अपनी नई पॉलिसी का एलान किया. यह नियम 12 नवंबर से लागू होगा।  क्या AI को गाली देने पर अकाउंट बैन हो जाएगा? Anthropic ने अपनी पॉलिसी में 'सस्टेन्ड एंड नीडलेस एब्यूसिव ऑर क्रूएल बिहेवियर' यानी लगातार और बेवजह अपमानजनक या क्रूर व्यवहार पर रोक लगाई है. कंपनी के मुताबिक, यह नियम सिर्फ बेहद गंभीर मामलों के लिए है, जहां यूजर बार-बार ऐसा करता है और उसके पीछे कोई साफ मकसद नजर नहीं आता।  इसका मतलब है कि अगर Claude कोई गलत जानकारी देता है और आप उसे बताते हैं कि उसका जवाब गलत है, तो इसे अपने आप नियम का उल्लंघन नहीं माना जाएगा. आप उससे असहमत हो सकते हैं, उसके जवाब पर सवाल उठा सकते हैं और उसे बेहतर जवाब देने के लिए कह सकते हैं. यहां तक कि मॉडल की जांच करने या किसी कहानी के लिए गंभीर और अंधेरे विषयों पर लिखने को कहना भी इस नियम के दायरे से बाहर रखा गया है।  जब AI को दर्द नहीं होता, तो उसे गाली देने पर रोक क्यों? यही इस पूरे मामले का सबसे दिलचस्प सवाल है. इंसान को गाली देने से उसे दुख हो सकता है, उसका अपमान महसूस हो सकता है और रिश्ते खराब हो सकते हैं. लेकिन आज के AI चैटबॉट इंसानों की तरह भावनाएं महसूस करते हैं, इसका कोई पक्का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. वे भाषा और डेटा के पैटर्न के आधार पर जवाब बनाते हैं।  Claude भी इंसान की तरह नाराज होकर जवाब नहीं देता. वह ऐसा जवाब बना सकता है, जिससे लगे कि उसे बुरा लगा है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि वह सचमुच दुखी हुआ है. Anthropic ने भी माना है कि AI के किसी तरह के अंदरूनी अनुभव या चेतना होने का सवाल अभी पूरी तरह हल नहीं हुआ है।  फिर कंपनी यह नियम क्यों ला रही है? इसकी एक वजह यह हो सकती है कि AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला टूल नहीं रहा. लोग उससे लंबे समय तक बातचीत करते हैं, काम करवाते हैं और कई बार उसे इंसान की तरह संबोधित भी करते हैं. ऐसे में कंपनियां यह तय करना चाहती हैं कि उनके प्लेटफॉर्म पर किस तरह का व्यवहार स्वीकार किया जाएगा।  हालांकि, AI के साथ अच्छे व्यवहार की बात करना और यह दावा करना कि AI को इंसानों जैसी भावनाएं होती हैं, दो अलग बातें हैं. किसी कंपनी का अपने चैटबॉट के लिए व्यवहार के नियम बनाना यह साबित नहीं करता कि उस चैटबॉट को इंसान की तरह दर्द या अपमान महसूस होता है।  क्या AI से बदतमीजी करना गलत है? इस सवाल का जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे किस नजरिए से देखते हैं. अगर बात सिर्फ AI की भावनाओं की है, तो अभी यह साबित नहीं है कि चैटबॉट को इंसान की तरह अपमान महसूस होता है. इसलिए उसे गाली देने की तुलना किसी इंसान को गाली देने से सीधे नहीं की जा सकती।  लेकिन दूसरी तरफ, यह भी सवाल है कि क्या AI से बात करते समय हमारी भाषा और आदतों का कोई महत्व नहीं है. मान लीजिए कोई व्यक्ति रोज अपने चैटबॉट से बेहद आक्रामक तरीके से बात करता है. क्या इससे उसके इंसानों के साथ व्यवहार पर भी असर पड़ सकता है? इसका जवाब अभी आसान नहीं है. यह कहना भी गलत होगा कि AI को गाली देने वाला हर व्यक्ति असल जिंदगी में भी दूसरों से बदतमीजी करता है।  फिर भी, भाषा की आदतें मायने रखती हैं. अगर आप AI से नाराज हैं, तो उसे साफ-साफ बता सकते हैं कि जवाब गलत है, जानकारी अधूरी है या उसे दोबारा जांचने की जरूरत है. गाली देने के बजाय निर्देश स्पष्ट करने से बातचीत काम की दिशा में आगे बढ़ सकती है।  AI से विनम्रता से बात करना जरूरी नहीं कि उसके लिए हो. यह आपके संवाद करने के तरीके का हिस्सा भी हो सकता है. वहीं, हर बार 'प्लीज' और 'थैंक यू' कहना भी जरूरी नहीं है. कई कामों में छोटा और स्पष्ट निर्देश ही काफी होता है।  क्या गाली देने से AI का जवाब खराब हो जाता है? यह कहना सही नहीं होगा कि गाली देने पर हर AI जानबूझकर खराब जवाब देगा या विनम्र होने पर हर बार बेहतर जवाब देगा. AI का जवाब मॉडल, सवाल, दिए गए संदर्भ और निर्देशों पर निर्भर करता है. अलग-अलग रिसर्च में भाषा के लहजे का असर अलग पाया गया है. कुछ मामलों में विनम्र या विस्तार से दिए गए निर्देश जवाब के स्वरूप को बदल सकते हैं, लेकिन सिर्फ 'प्लीज' लिखने से जवाब सही होने की गारंटी नहीं मिलती।  इसलिए बेहतर तरीका है कि आप AI को बताएं कि उससे क्या चाहिए. अगर उसने गलती की है, तो गलती का हिस्सा दिखाकर सुधार मांगें. अगर … Read more

Apple iPhone Duo की भारत में प्री-बुकिंग शुरू, कीमत ₹2.99 लाख से, मिलेंगे शानदार ऑफर्स

Apple ने सितंबर में अपने ‘Surprise and Shine’ इवेंट के दौरान iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max, नए AirPods और Apple Watch मॉडल्स के साथ अपने पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo को लॉन्च किया था। जहां बाकी डिवाइसेज पहले ही बिक्री के लिए उपलब्ध हो चुके हैं, वहीं कंपनी का ये पहला फोल्डेबल आईफोन अब तक बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं था। आज वह इंतजार खत्म हो रहा है, क्योंकि Apple भारत और कई ग्लोबल मार्केट्स में iPhone Duo के प्री-ऑर्डर्स शुरू कर रहा है। ये हैंडसेट Apple के फ्लैगशिप लाइनअप में एक फोल्डेबल डिजाइन, दो डिस्प्ले और लेटेस्ट A20 Pro चिपसेट लेकर आया है, साथ ही बायर्स के लिए कई स्टोरेज ऑप्शन्स और लॉन्च ऑफर्स भी पेश किए गए हैं। iPhone Duo की भारत में कीमत और ऑफर्स भारत में iPhone Duo की कीमत 256GB स्टोरेज वेरिएंट के लिए 2,99,900 रुपये से शुरू होती है। इसके 512GB मॉडल की कीमत 3,24,900 रुपये है, जबकि 1TB और 2TB कॉन्फिगरेशन की कीमत क्रमशः 3,74,900 रुपये और 4,49,900 रुपये रखी गई है। येफोल्डेबल फोन स्टार व्हाइट और नाइट स्काई कलर ऑप्शन्स में उपलब्ध है। Apple आज शाम 5:30 बजे (IST) अपनी ऑफिशियल वेबसाइट और Apple Store एप के जरिए भारत में iPhone Duo के प्री-ऑर्डर लेना शुरू करेगा। ये हैंडसेट 23 अक्टूबर से Apple के ऑनलाइन स्टोर और चुनिंदा पार्टनर रिटेलर्स के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। iPhone Duo खरीदने वाले ग्राहक Apple के ट्रेड-इन प्रोग्राम के तहत एलिजिबल iPhone 13 या उससे नए मॉडल को एक्सचेंज करके 81,500 रुपये तक का क्रेडिट हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा Apple ज्यादातर मेजर बैंकों के जरिए 12 महीने तक की No Cost EMI भी ऑफर कर रहा है। बायर्स एलिजिबल American Express, Axis Bank और ICICI Bank कार्ड्स के जरिए 7,000 रुपये तक का इंस्टेंट कैशबैक भी पा सकते हैं। इसके अलावा, iPhone Duo की खरीदारी पर तीन महीने का Apple Music, तीन महीने का Apple TV+ और Apple Arcade का मुफ्त एक्सेस भी मिलेगा। iPhone Duo के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स iPhone Duo एक बुक-स्टाइल डिजाइन के साथ आता है, जिसमें 7.6-इंच का Super Retina XDR फोल्डिंग इनर डिस्प्ले और 5.4-इंच का आउटर Super Retina XDR डिस्प्ले दिया गया है। दोनों स्क्रीन्स ProMotion टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करती हैं, जबकि अंदरूनी पैनल गेमिंग, वीडियो देखने और मल्टीटास्किंग के लिए एक बड़ा व्यूइंग एरिया देता है। Apple का कहना है कि इसका इनर डिस्प्ले iPhone 18 Pro Max की स्क्रीन से 50 परसेंट बड़ा है। ये हैंडसेट Apple के A20 Pro चिपसेट पर काम करता है, जिसे 2nm प्रोसेस पर तैयार किया गया है। iPhone Duo iOS 27.1 पर चलता है और Siri AI समेत सभी Apple Intelligence फीचर्स को सपोर्ट करता है। कैमरे की बात करें तो iPhone Duo में 48-मेगापिक्सल का Dual Fusion रियर कैमरा सिस्टम दिया गया है, जिसमें एक मेन सेंसर और एक अल्ट्रा-वाइड-एंगल कैमरा शामिल है। फोन में 12-मेगापिक्सल का Center Stage फ्रंट कैमरा भी मिलता है, साथ ही डिवाइस को अनफोल्ड करने पर वीडियो कॉलिंग के लिए एक अंडर-डिस्प्ले फेसटाइम कैमरा दिया गया है। कनेक्टिविटी के मामले में ये MagSafe वायरलेस चार्जिंग, USB Type-C पोर्ट, Wi-Fi 7 और Bluetooth 6 को सपोर्ट करता है। iPhone Duo डुअल-बैटरी आर्किटेक्चर का इस्तेमाल करता है, जिसको लेकर Apple का दावा है कि ये इनर डिस्प्ले पर 31 घंटे तक और आउटर स्क्रीन पर 44 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक टाइम देता है।

अब WhatsApp इस्तेमाल नहीं करने वालों को भी कर सकेंगे कॉल, आया नया Guest Call फीचर

नई दिल्ली WhatsApp ने एक कमाल का फीचर लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम गेस्ट कॉल है. इस फीचर्स की मदद से वॉट्सऐप यूजर्स उन मोबाइल यूजर्स के साथ भी वॉट्सऐप कॉल कर सकेंगे, जिनके फोन में वॉट्सऐप का ऐप इंस्टॉल नहीं है और उनका वॉट्सऐप पर अकाउंट भी नहीं है. यह कॉल पूरी तरह से फ्री, सिक्योर और इसमें कोई भी टाइम लिमिट नहीं है।  WhatsApp के गेस्ट कॉल फीचर्स की टेस्टिंग की जानकारी हाल ही में सामने आई थी और अब कुछ सप्ताह के बाद इस फीचर्स को लॉन्च कर दिया है. टेस्टिंग के दौरान बताया जा चुका है कि गेस्ट यूजर्स को एक लिंक भेजा जाएगा, जिसकी मदद से वह कॉल पर शामिल हो सकेगा. इसके लिए वॉट्सऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी।  प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए कंपनी ने अप्रूवल का प्रोसेस शामिल किया है. इसका मतलब है कि हर किसी को उसकी मर्जी के बिना वॉट्सऐप गेस्ट कॉल में शामिल नहीं किया जा सकेगा. गेस्ट कॉल का एक लिंक जनरेट होगा और गेस्ट यूजर्स चाहें तो कॉल पर शामिल हो सकता है, अन्यथा वह लिंक मैसेज को इग्नोर कर सकेंगे. गेस्ट कॉल का लिंक जनरेट करने वाले यूजर्स को हर बार हर एक यूजर्स के लिए अप्रूवल देना जरूरी होगा।  WhatsApp गेस्ट कॉल में कोई टाइम लिमिट नहीं  WhatsApp ने अपने ब्लॉगपोस्ट के जरिए जानकारी दी है कि गेस्ट कॉलिंग फीचर शुरू होने जा रहा है. यह पूरी तरह से फ्री होगा और इसमें कोई भी टाइम लिमिट नहीं दी जाएगी. साथ ही इसमें एंड एंड इनक्रिप्शन की सुविधा दी जाएगी।  सिर्फ वॉट्सऐप यूजर्स की गेस्ट कॉल का लिंक जनरेट कर सकेगा, जिसके बाद उस लिंक की मदद से कोई भी यूजर उस कॉल को जॉइन कर सकेंगे।  वॉट्सऐप गेस्ट कॉल कैसे करें? WhatsApp की मदद से गेस्ट कॉल फीचर का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है. इसके लिए हर एक यूजर्स को एक सिंपल का प्रोसेस फॉलो करना होगा।      गेस्ट कॉल के लिए कॉल्स टैब पर जाएं.      फिर यूजर्स को '+' पर क्लिक करें.      एक कॉल लिंक जनरेट होगा, जिसे शेयर करना होगा.      नॉन वॉट्सऐप यूजर्स भी गेस्ट कॉल से जुड़ सकेंगे.      वॉट्सऐप का ग्रुप कॉल ग्रुप में भी सपोर्ट करेगा  WhatsApp का गेस्ट कॉल्स फीचर्स बड़े ही काम का साबित होगा. गेस्ट कॉल्स फीचर इंडिविजुअल और ग्रुप दोनों में ही काम करेगा।  गेस्ट कॉल्स के यूजर्स को क्या-क्या फीचर्स मिलेंगे  वॉट्सऐप में गेस्ट कॉल्स के जरिए जुड़ने वाले यूजर्स को वे सभी फीचर्स मिलेंगे, जो मैसेजिंग ऐप अपनी स्टैंडर्ड कॉल्स में देता है. उदाहरण के तौर पर देखें तो वह स्क्रीन शेयरिंग फीचर का भी इस्तेमाल कर सकेंगे. साथ ही यूजर्स कॉल्स पर इमोजी की मदद से रिएक्ट कर सकेंगे।  गेस्ट कॉल में कभी भी कर सकेंगे रिमूव  वॉट्सऐप पर जो यूजर कॉल लिंक जनरेट करता है, उसको हर एक गेस्ट को कॉल में शामिल करने से पहले उसका अप्रूवल देना होगा. यह रेस्ट्रिक्शन हर एक उस यूजर्स पर लागू होगी, जो वॉट्सऐप को डाउनलोड किए बिना का कॉल में शामिल हो रहे हैं. गेस्ट कॉल्स के तहत शामिल होने वाले किसी भी गेस्ट को कॉल के दौरान रिमूव भी किया जा सकता है। 

WhatsApp में आने वाला है Schedule Message फीचर, बिना ऑनलाइन हुए तय समय पर भेज सकेंगे मैसेज

मुंबई  WhatsApp पर किसी को जन्मदिन की बधाई देना भूल जाते हैं या फिर जरूरी मैसेज भेजने के लिए सही समय का इंतजार करना पड़ता है, तो जल्द ही आपकी यह परेशानी दूर हो सकती है. WhatsApp एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है कि, जिसकी मदद से यूजर्स पहले से मैसेज लिखकर उसका समय तय कर सकेंगे. इसके बाद मैसेज अपने आप तय टाइम पर भेज दिया जागा. खास खास बात यह है कि इस फीचर से सिर्फ टेक्स्ट ही नहीं, बल्कि फोटो और वीडियो भी शेड्यूल किए जा सकेंगे. यानी मैसेज भेजने के लिए उस वक्त फोन हाथ में रखने या ऑनलाइन रहने की जरूरत नहीं होगी।  कुछ Android यूजर्स के लिए शुरू हुई टेस्टिंग रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp फिलहाल इस फीचर की टेस्टिंग कुछ Android बीटा यूजर्स के साथ कर रहा है. WABetaInfo की रिपोर्ट में बताया गया है कि यह सुविधा WhatsApp के Android बीटा वर्जन 2.26.40.7 इस्तेमाल करने वाले कुछ यूजर्स को मिल रही है. आने वाले हफ्तों में इसे और यूजर्स के लिए जारी किया जा सकता है. हालांकि, कंपनी ने अभी तक सभी यूजर्स के लिए इसके रोलआउट की कोई तय तारीख नहीं बताई है।  कैसे काम करेगा मैसेज शेड्यूल करने वाला फीचर? इस फीचर का इस्तेमला करना काफी आसान हो सकता है. यूजर को सबसे पहले WhatsApp की किसी चैट में जाकर मैसेज लिखना होगा. इसके बाद सेंड बटन को दबाकर रखने पर, अगर उसके अकाउंट में यह सुविधा उपलब्ध है, तो मैसेज भेजने की तारीख और समय चुनने का ऑप्शन दिखाई दे सकता है. टाइम फिक्स करने के बाद मैसेज शेड्यूल हो जाएगा और चुने गए समय पर अपने आप भेज दिया जाएगा।  टेक्स्ट के साथ फोटो और वीडियो भी कर सकेंगे शेड्यूल इस फीचर में यूजर्स को सिर्फ टेक्स्ट मैसेज शेड्यूल करने की सुविधा नहीं मिलेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, लिंक, फोटो और वीडियो को भी तय समय पर भेजने के लिए शेड्यूल किया जा सकेगा. हालांकि, एक बार में केवल एक फोटो या वीडियो शेड्यूल करने का विकल्प मिल सकता है. फोटो भेजने से पहले यूजर्स उसमें बदलाव कर सकेंगे और जरूरत के हिसाब से कैप्शन भी जोड़ सकेंगे।  10 मिनट से लेकर दो हफ्ते तक का समय चुनने का विकल्प रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स मैसेज को कम से कम 10 मिनट बाद और ज्यादा से ज्यादा दो हफ्ते तक के लिए शेड्यूल कर सकेंगे. इसका फायदा यह होगा कि जन्मदिन, सालगिरह या किसी जरूरी काम से जुड़ा मैसेज पहले ही तैयार करके रखा जा सकेगा. तय समय आने पर मैसेज अपने आप चला जाएगा. इसके लिए ऐप को खुला रखना या फोन को ऑनलाइन रखना भी जरूरी नहीं होगा।  प्राइवेट और ग्रुप चैट, दोनों में करेगा काम यह फीचर सिर्फ किसी एक व्यक्ति को मैसेज भेजने तक सीमित नहीं रह सकता. रिपोर्ट के मुताबिक, इसे प्राइवेट चैट से साथ ग्रुप चैट में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. हालांकि ग्रुप मैसेज को लेकर एक खास बात सामने आई है. शेड्यूल करते समय ग्रुप में जो सदस्य मौजूद होंगे उन्हें ही वह मैसेज मिल सकता है. बाद में ग्रुप में जुड़ने वाले सदस्यों को पहले से शेड्यूल किया गया मैसेज मिलने की उम्मीद नहीं है।  भेजने से पहले शेड्यूल मैसेज डिलीट कर सकेंगे अगर आपने कोई मैसेज शेडयूल कर दिया है, लेकिन बाद में उसे भेजने का इरादा बदल जाता है तो उसे डिलीट करने का ऑप्शन भी मिल सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स चैट की जानकारी वाले सेक्शन में जाकर शेड्यूल किए गए मैसेज देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटा सकेंगे. अगर मैसेज भेजे जाने से पहले ही डिलीट कर दिया जाता है, तो सामने वाले व्यक्ति को इसकी सूचना मिलने की उम्मीद नहीं है।  आम यूजर्स को कब मिलेगा यह फीचर? फिलहाल WhatsApp के शेड्यूल्ड मैसेज फीचर की टेस्टिंग कुछ Android बीटा यूजर्स के साथ चल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में इसे ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाया जा सकता है. हालांकि, WhatsApp ने अभी तक इसके ग्लोबल रोलआउट की आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है. ऐसे में आम यूजर्स को इस फीचर के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। 

10,000mAh बैटरी वाले 5 धांसू स्मार्टफोन, Realme से Redmi तक; जानें कीमत और फीचर्स

स्मार्टफोन खरीदते समय अब सिर्फ कैमरा, प्रोसेसर और स्क्रीन ही नहीं, बैटरी भी अहम हो गई है. ऑनलाइन वीडियो देखने, गेम खेलने, नेविगेशन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से फोन की बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है. ऐसे में बड़ी बैटरी वाला फोन उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, जो दिनभर फोन इस्तेमाल करते हैं और बार-बार चार्जर नहीं ढूंढना चाहते. अब बाजार में 10,000mAh बैटरी वाले स्मार्टफोन भी आ गए हैं. इनमें Realme P4 Power 5G, Realme Narzo Power 5G, Poco X8 Power 5G और Redmi Note 17 Pro Max 5G जैसे मॉडल शामिल हैं. Vivo S2 FE भी इसी कैटेगरी में आया है, लेकिन इसकी बिक्री 20 अक्टूबर 2026 से शुरू होने की जानकारी दी गई है. इन फोन की कीमत, फीचर्स और बैटरी क्षमता जानने के बाद आप अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प चुन सकते हैं. 1. Realme P4 Power 5G अगर आपका बजट करीब 30 हजार रुपये है और बैटरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, तो Realme P4 Power 5G पर विचार कर सकते हैं. इसकी कीमत करीब 29,999 रुपये से शुरू होती है. इसमें 10,001mAh की बैटरी दी गई है. कंपनी ने इसमें 80W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी दिया है. फोन में 6.8 इंच की AMOLED स्क्रीन मिलती है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz है. इसमें MediaTek Dimensity 7400 Ultra प्रोसेसर, 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वाला विकल्प मिलता है. कैमरे की बात करें तो पीछे 50 मेगापिक्सल का Sony सेंसर और 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है. सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलता है. Realme P4 Power 5G उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो फोन पर गेम खेलते हैं, वीडियो देखते हैं या दिनभर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. 2. Realme Narzo Power 5G Realme Narzo Power 5G भी 10,001mAh बैटरी के साथ आता है. इसकी शुरुआती कीमत करीब 29,999 रुपये है. यानी बड़ी बैटरी वाले फोन की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह Realme P4 Power 5G का दूसरा विकल्प है. इसमें MediaTek Dimensity 7400 Ultra प्रोसेसर और 5G कनेक्टिविटी मिलती है. फोन में 50 मेगापिक्सल का मुख्य रियर कैमरा दिया गया है. इसमें Android 16 पर आधारित Realme UI 7.0 मिलता है. कंपनी ने इसे Titan Silver और Titan Blue रंगों में पेश किया है. Narzo Power 5G उन लोगों को पसंद आ सकता है, जो बड़ी बैटरी के साथ रोजमर्रा के काम, वीडियो स्ट्रीमिंग और गेमिंग के लिए फोन चाहते हैं. हालांकि, Realme P4 Power और Narzo Power की कीमत और फीचर्स में अंतर देखने के बाद ही फैसला करना बेहतर होगा. केवल बैटरी क्षमता समान होने का मतलब यह नहीं है कि दोनों फोन हर मामले में एक जैसे हैं. 3. Poco X8 Power 5G Poco X8 Power 5G की शुरुआती कीमत करीब 30,999 रुपये है. इसमें 10,000mAh की बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है. बड़ी बैटरी के साथ तेज चार्जिंग चाहने वाले लोगों के लिए यह एक अहम विकल्प हो सकता है. फोन में 6.83 इंच की AMOLED स्क्रीन दी गई है. इसका रिजॉल्यूशन 1.5K है और रिफ्रेश रेट 120Hz है. इसमें Qualcomm Snapdragon 6 Gen 5 प्रोसेसर, 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वाला मॉडल मिलता है. पीछे 50 मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा और 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा है. सामने की तरफ 32 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है. अगर आप बड़ी बैटरी के साथ अच्छी स्क्रीन और तेज चार्जिंग चाहते हैं, तो Poco X8 Power 5G पर विचार किया जा सकता है. हालांकि, खरीदने से पहले इसके अलग-अलग स्टोरेज वेरिएंट और मौजूदा कीमत की जांच जरूर करें. 4. Vivo S2 FE Vivo S2 FE को अक्टूबर 2026 में पेश किया गया है. इसकी कीमत करीब 38,999 रुपये बताई गई है और बिक्री 20 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी है. इसलिए अगर आप इसे खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो उपलब्धता की तारीख जरूर ध्यान में रखें. इस फोन में 10,000mAh की बैटरी दी गई है. इसमें 6.83 इंच की AMOLED स्क्रीन, 120Hz रिफ्रेश रेट और MediaTek Dimensity 7300E प्रोसेसर मिलता है. इसमें 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाला वेरिएंट बताया गया है. कैमरे के लिए पीछे 50 मेगापिक्सल और 2 मेगापिक्सल का सेटअप मिलता है, जबकि सामने 32 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है. फोन 44W चार्जिंग को सपोर्ट करता है. इसकी कीमत Realme और Poco के कुछ विकल्पों से ज्यादा है. इसलिए इसे खरीदने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपको इसके फीचर्स की जरूरत है या कम कीमत में दूसरी बड़ी बैटरी वाला फोन बेहतर रहेगा. 5. Redmi Note 17 Pro Max 5G Redmi Note 17 Pro Max 5G इस लिस्ट का महंगा विकल्प है. इसकी कीमत करीब 49,998 रुपये से शुरू होती है. इसमें 10,000mAh की बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है. एक टाइम था जब रेडमी नोट सीरीज बजट माने जाते थे. फोन में 6.83 इंच की 1.5K AMOLED स्क्रीन मिलती है, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz है. इसमें Qualcomm Snapdragon 6 Gen 5 प्रोसेसर, 8GB रैम और 256GB स्टोरेज वाला मॉडल मिलता है. कैमरे की बात करें तो पीछे 50 मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा और 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है. सेल्फी के लिए 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलता है.

Apple का सबसे बड़ा सरप्राइज आज! नए AI गैजेट पर टिकी नजरें, iPhone 18 नहीं होगा लॉन्च

 नई दिल्ली ऐपल 13 अक्टूबर को 'Welcome Home' नाम से एक खास प्रोडक्ट लॉन्च इवेंट करने जा रहा है. इसमें कंपनी अपना पहला स्मार्ट होम डिस्प्ले पेश कर सकती है, जो एक स्क्रीन, स्मार्ट स्पीकर और घर के दूसरे स्मार्ट डिवाइस को कंट्रोल करने वाले सिस्टम का काम करेगा।  इस डिवाइस को लेकर चर्चा है कि इसका नाम HomeView हो सकता है. इसके साथ नए HomePod mini और Apple TV 4K की झलक भी देखने को मिल सकती है. हालांकि, कंपनी ने अभी तक इन प्रोडक्ट्स के नाम और फीचर्स की पूरी जानकारी नहीं दी है।  क्या है Apple का नया स्मार्ट होम डिवाइस? अब तक स्मार्ट होम के लिए लोगों को कई अलग-अलग डिवाइस का सहारा लेना पड़ता है. घर की लाइट और कैमरे कंट्रोल करने के लिए अलग ऐप, म्यूजिक के लिए स्मार्ट स्पीकर और वीडियो कॉल के लिए फोन या टैबलेट इस्तेमाल करना पड़ता है. ऐपल का नया स्मार्ट होम डिवाइस इन कामों को एक जगह लाने की कोशिश कर सकता है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डिवाइस में करीब 6 इंच की चौकोर स्क्रीन मिल सकती है. इसे एक छोटे स्मार्ट स्पीकर और डिस्प्ले के मेल के तौर पर देखा जा रहा है. यानी यह आईपैड की तरह स्क्रीन वाला डिवाइस होगा, लेकिन इसका मकसद सिर्फ वीडियो देखना या ऐप चलाना नहीं होगा. इसे घर में रखकर परिवार के लोग रोजमर्रा के कई काम कर सकेंगे।  माना जा रहा है कि Apple इसे दो डिजाइन में पेश कर सकता है. पहला मॉडल टेबल या किचन काउंटर पर रखने के लिए होगा, जिसमें स्क्रीन के नीचे स्पीकर वाला बेस मिल सकता है. दूसरा मॉडल दीवार पर लगाने के लिए बनाया जा सकता है. इससे लोग अपनी जरूरत और घर की जगह के हिसाब से डिवाइस चुन सकेंगे. ये जानकारियां अभी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।  Siri AI होगी इस डिवाइस की सबसे बड़ी ताकत इस डिवाइस का सबसे अहम हिस्सा Apple की Siri हो सकती है. कंपनी इसे सिर्फ टचस्क्रीन से चलने वाले गैजेट के बजाय आवाज से काम करने वाले स्मार्ट होम कंट्रोल सेंटर के तौर पर पेश कर सकती है. यूजर Siri से घर की लाइट बंद करने, तापमान बदलने, म्यूजिक चलाने या घर में लगे कैमरों की जानकारी दिखाने के लिए कह सकते हैं. असल में यह डिवाइस कितना काम कर पाएगा, यह Siri की कैपेसिटी और दूसरे स्मार्ट डिवाइस के साथ इसके सपोर्ट पर भी निर्भर करेगा।  इसकी मदद से कैलेंडर, मौसम, फोटो और दूसरे काम की जानकारी भी स्क्रीन पर देखी जा सकती है. वीडियो कॉल के लिए कैमरा मिलने की भी चर्चा है. इस तरह घर में रखा यह डिवाइस परिवार के सदस्यों के लिए एक साझा स्क्रीन बन सकता है, जहां हर बार फोन उठाने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन यहां एक अहम बात समझनी होगी. ऐपल के नए AI फीचर्स का फायदा तभी मिलेगा, जब Siri सही तरीके से सवाल समझे और यूजर की जरूरत के हिसाब से काम कर सके. अगर आवाज से दिए गए निर्देशों को समझने में परेशानी होती है, तो महंगा स्मार्ट होम डिवाइस भी लोगों के लिए उतना उपयोगी नहीं होगा. इसलिए इस प्रोडक्ट की असली परीक्षा इसके डिजाइन से ज्यादा Siri के परफॉर्मेंस की होगी।  क्या इसका नाम HomeView होगा? इस डिवाइस को लेकर पहले HomePad नाम की चर्चा थी, लेकिन हाल की रिपोर्ट्स में इसे HomeView कहा गया है. ब्लूमबर्ग के टेक मार्क गुरमन की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि डिवाइस में A18 चिप मिल सकती है. यही चिप इसके स्मार्ट फीचर्स और Siri से जुड़े कामों को संभाल सकती है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेबल पर रखे जाने वाले मॉडल में स्पेस ग्रे, सिल्वर, स्टारलाइट और पिंक जैसे रंग मिल सकते हैं. दीवार पर लगाने वाले मॉडल के लिए कम रंगों का विकल्प मिलने की बात कही गई है. इसके स्पीकर की आवाज भी नए HomePod mini से बेहतर होने का दावा रिपोर्ट्स में किया गया है।  क्या इसमें आईफोन की तरह ऐप डाउनलोड कर सकेंगे? यह इस डिवाइस से जुड़ा एक अहम सवाल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, HomeView में Apple के कुछ ऐप काम करेंगे, लेकिन इसमें अलग से App Store नहीं दिया जा सकता. इसका मतलब है कि यूजर आईफोन या आईपैड की तरह अपनी पसंद के ऐप सीधे डाउनलोड नहीं कर पाएंगे।  ऐसा होने पर डिवाइस का इस्तेमाल तय कामों तक सीमित रह सकता है. हालांकि, स्मार्ट होम कंट्रोल, फोटो, कैलेंडर और Siri जैसे फीचर्स के लिए इसे बनाया जा रहा है, इसलिए हर यूजर के लिए ऐप डाउनलोड करने की सुविधा सबसे जरूरी नहीं होगी. फिर भी, खरीदने से पहले यह देखना अहम होगा कि इसमें कौन-कौन से ऐप और स्मार्ट होम सेवाएं काम करेंगी।  नया HomePod mini और Apple TV भी हो सकते हैं लॉन्च रिपोर्ट्स में नए HomePod mini और Apple TV 4K का भी जिक्र है. नए HomePod mini में बेहतर प्रोसेसर और Siri AI से जुड़े फीचर्स मिलने की उम्मीद है. मौजूदा मॉडल की तुलना में यह ज्यादा काम कर सकेगा या नहीं, इसका पता कंपनी की घोषणा के बाद ही चलेगा. नए रंगों में आने की भी चर्चा है।  वहीं, नए Apple TV 4K में तेज चिप और Siri से जुड़े नए फीचर्स मिल सकते हैं. इससे टीवी पर कंटेंट देखने और स्मार्ट होम डिवाइस को कंट्रोल करने का अनुभव बेहतर हो सकता है. रिपोर्ट्स में A19 चिप का जिक्र है, लेकिन इसकी पुष्टि भी अभी नहीं हुई है।  अगर ये तीनों प्रोडक्ट एक साथ पेश होते हैं, तो Apple घर में इस्तेमाल होने वाले अपने डिवाइस के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश करेगा. स्मार्ट डिस्प्ले घर का कंट्रोल सेंटर बन सकता है, HomePod mini म्यूजिक और आवाज के लिए काम आ सकता है, जबकि Apple TV टीवी पर मनोरंजन का अनुभव देगा।  Apple घर के लिए दूसरे स्मार्ट डिवाइस भी ला सकता है रिपोर्ट्स में LG के साथ मिलकर स्मार्ट होम एक्सेसरीज तैयार करने की बात भी सामने आई है. इनमें स्मार्ट डोरबेल, दरवाजे का स्मार्ट लॉक, थर्मोस्टेट, तापमान सेंसर और घर के अंदर-बाहर लगाने वाले सिक्योरिटी कैमरे शामिल हो सकते हैं।  इन डिवाइस का मकसद घर की सुरक्षा और रोजमर्रा के कामों को आसान बनाना होगा. उदाहरण … Read more

सर्दियों में गीजर चालू करने से पहले जरूर जांचें ये 7 चीजें, छोटी गलती बन सकती है जानलेवा

सर्दियां आते ही घरों में गर्म पानी की जरूरत बढ़ जाती है. सुबह नहाने से लेकर बच्चों को तैयार करने तक, गीजर रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाता है. लेकिन कई घरों में गीजर महीनों तक बंद रहता है और ठंड शुरू होते ही लोग बिना जांच किए उसे चालू कर देते हैं. कई बार ये छोटी से गलती जानलेवा भी बन जाती है. गीजर में बिजली, गर्म पानी और दबाव का इस्तेमाल होता है. ऐसे में खराब वायरिंग, पानी का रिसाव, खराब सुरक्षा वाल्व या तापमान कंट्रोल करने वाले सिस्टम में गड़बड़ी होने पर करंट लगने, गर्म पानी से जलने और मशीन खराब होने का खतरा हो सकता है. गैस से चलने वाले गीजर में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस का खतरा भी रहता है. इसलिए सर्दियों में पहली बार गीजर चालू करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. सबसे पहले गीजर और उसके आसपास की जांच करें गीजर कई महीने बंद रहा हो, तो सबसे पहले उसके बाहरी हिस्से, पाइप और बिजली के कनेक्शन को ध्यान से देखें. कहीं पानी टपक तो नहीं रहा, पाइप में दरार तो नहीं है, दीवार पर नमी तो नहीं दिख रही और बिजली के तार कटे या जले हुए तो नहीं हैं. स्विच बोर्ड के आसपास कालापन, जलने की गंध या ढीलापन दिखे तो गीजर चालू न करें. अगर गीजर की बॉडी में जंग लगी है, पानी लगातार रिस रहा है या पहले इस्तेमाल के दौरान अजीब आवाज आती थी, तो उसे सीधे चालू करने के बजाय सर्विस टेक्नीशियन से जांच कराएं. मशीन को खोलकर अंदर की वायरिंग या हीटिंग एलिमेंट खुद ठीक करने की कोशिश न करें. गीजर ज्यादा पुराना है तो बिना सर्विसिंग के सीजन में चालू करने से बचें. इलेक्ट्रिक गीजर में पानी भरने के बाद ही चालू करें यह सबसे जरूरी सावधानियों में से एक है. इलेक्ट्रिक स्टोरेज गीजर को खाली टैंक में चालू करने से हीटिंग एलिमेंट खराब हो सकता है. इसे ड्राई हीटिंग कहा जाता है. इसलिए बिजली चालू करने से पहले यह पक्का करना जरूरी है कि टैंक में पानी भर चुका है. इसके लिए पानी की सप्लाई चालू करें और गीजर का इनलेट वाल्व खोलें. फिर गर्म पानी वाले नल को खोलकर देखें. जब नल से हवा निकलना बंद हो जाए और लगातार पानी आने लगे, तो आमतौर पर इसका मतलब है कि टैंक भर गया है. इसके बाद पाइप और कनेक्शन में रिसाव की जांच करें. सब ठीक होने पर ही बिजली चालू करें. अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि पानी सही तरीके से भर रहा है या नहीं, तो गीजर के मैनुअल के मुताबिक काम करें या टेक्नीशियन की मदद लें. खाली या आधे भरे टैंक में गीजर चलाने का जोखिम न लें. बिजली का स्विच और वायरिंग भी जांचें गीजर ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाला उपकरण है. इसलिए उसका बिजली कनेक्शन सही होना जरूरी है. पुराने या ढीले तार, खराब स्विच, गलत अर्थिंग और पानी के संपर्क में आया बिजली का हिस्सा करंट लगने का खतरा बढ़ा सकता है. गीजर के लिए सही क्षमता वाला बिजली कनेक्शन, अच्छी अर्थिंग और करंट लीक होने पर सप्लाई बंद करने वाला सुरक्षा उपकरण होना चाहिए. इसे RCCB या ELCB कहा जाता है. यह बिजली के रिसाव का पता लगाकर सप्लाई काटने में मदद करता है. अगर आपको नहीं पता कि आपके घर में यह सुरक्षा मौजूद है या ठीक से काम कर रही है, तो किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से जांच कराएं. अगर गीजर चालू करते ही बिजली का सुरक्षा स्विच गिर जाता है, चिंगारी निकलती है या जलने की गंध आती है, तो उसे बार-बार चालू करने की कोशिश न करें. बिजली की सप्लाई बंद कराकर जांच करवाएं. गीजर या उसके स्विच को गीले हाथों से न छुएं. गीजर का सेफ्टी वाल्व क्यों जरूरी है? स्टोरेज गीजर में पानी गर्म होने पर टैंक के अंदर दबाव बढ़ता है. इस दबाव को सुरक्षित सीमा में रखने के लिए सेफ्टी या प्रेशर-रिलीफ वाल्व दिया जाता है. अगर यह वाल्व खराब हो जाए या बंद हो जाए, तो दबाव बढ़ने पर खतरा पैदा हो सकता है. सर्दियों में पहली बार गीजर चालू करने से पहले यह देख लें कि वाल्व और उससे जुड़ा पाइप बाहर से ठीक दिखाई दे रहा है या नहीं. उसे बंद, मोड़ा या किसी चीज से ढका नहीं होना चाहिए. अगर वाल्व से लगातार पानी टपक रहा है, उसमें जंग लगी है या वह खराब दिखाई देता है, तो गीजर इस्तेमाल करने से पहले सर्विस टेक्नीशियन से जांच कराएं. इस वाल्व को खुद खोलने या उसकी मरम्मत करने की कोशिश न करें. कई महीनों से बंद है तो सर्विस कब जरूरी है? अगर गीजर पिछले साल से सर्विस नहीं हुआ है, पानी गर्म होने में ज्यादा समय लगता है या इस्तेमाल के दौरान खटखटाने जैसी आवाज आती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले सर्विस कराना बेहतर है. पानी में मौजूद मिनरल्स से टैंक और हीटिंग एलिमेंट पर परत जम सकती है. इससे गीजर की गर्म पानी बनाने की क्षमता कम हो सकती है और बिजली की खपत बढ़ सकती है. सर्विस के दौरान टेक्नीशियन टैंक, हीटिंग एलिमेंट, तापमान नियंत्रित करने वाले सिस्टम, सेफ्टी वाल्व और जरूरी बिजली कनेक्शन की जांच कर सकता है. गीजर को खोलकर सफाई करना, अंदर के हिस्सों को बदलना या टैंक खाली करना खुद करने के बजाय ट्रेन्ड टेक्निशियन से कराना सेफ है. सर्विस कितनी बार जरूरी है, यह गीजर के मॉडल, पानी की क्वॉलिटी और कंपनी के निर्देशों पर निर्भर करता है. गैस वाला गीजर है तो इन बातों को न करें नजरअंदाज गैस से चलने वाले गीजर में बिजली के अलावा गैस जलने से जुड़ा जोखिम भी होता है. इसे बंद बाथरूम या ऐसी जगह नहीं लगाना चाहिए जहां हवा आने-जाने का रास्ता न हो. गैस जलने पर कार्बन मोनोऑक्साइड बन सकती है. यह जहरीली गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, इसलिए इसे पहचानना आसान नहीं है. इसकी वजह से सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी और गंभीर स्थिति में जान का खतरा हो सकता है. गैस गीजर का इस्तेमाल करने से पहले यह देख लें कि हवा आने-जाने के रास्ते और धुआं बाहर निकालने वाला पाइप बंद न हो. अगर गैस … Read more

फटी एड़ियों से छुटकारा पाने के 5 घरेलू उपाय, केला-शहद से लेकर वैसलीन तक आएंगे काम

क्या आप भी ऐसी चप्पलें पहनते हैं, जिनमें एड़ियां छिप जाएं? क्या आपकी एड़ियों में भी चीस मचती है? अगर हां, तो ज्यादातर मामलों में एड़ियों का फटना ही इसकी वजह होता है. कुछ लोग सोचते हैं कि एड़ियां सिर्फ और सिर्फ सर्दियों में फटती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. मौसम बदलने पर भी फटी एड़ियां काफी परेशान करती हैं. एड़ियों में इतनी दरारें पड़ जाती हैं कि चलने में दर्द होने लगता है और कई बार लोगों के सामने चप्पल या सैंडल उतारने में भी झिझक महसूस होती है. लोग अक्सर चेहरे और बालों की देखभाल तो खूब करते हैं, लेकिन पैरों को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं जिसकी वजह से एड़ियां फटती हैं. फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए लोग बाजार से महंगी क्रीम और लोशन खरीदते हैं. अगर आपकी एड़ियां भी रूखी और फटी हुई हैं, तो हर बार महंगे फुट क्रीम या ट्रीटमेंट पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है. रसोई में मौजूद कुछ चीजें पैरों की स्किन को मॉइस्चराइज करने और डेड स्किन हटाने में मदद कर सकती हैं. हालांकि, अगर एड़ियों में गहरी दरारें, खून या इंफेक्शन है तो घरेलू नुस्खों के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है. क्यों फटती हैं एड़ियां? एड़ियों के फटने की कई वजहें हो सकती हैं. बहुत देर तक खड़े रहना, ज्यादा वजन, गलत साइज के जूते-चप्पल पहनना, स्किन का ज्यादा ड्राई होना और पैरों की सही देखभाल न करना इसकी आम वजहों में शामिल हैं. ऐसे में एड़ियों की स्किन धीरे-धीरे सख्त और रूखी होने लगती है और फिर उसमें दरारें पड़ जाती हैं. अगर शुरुआत में ही पैरों की देखभाल शुरू कर दी जाए तो इस समस्या को काफी हद तक बढ़ने से रोका जा सकता है. 1. केला लगाएंगे तो मुलायम होंगी एड़ियां: केला सिर्फ खाने के काम नहीं आता, बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्व स्किन को मॉइस्चराइज करने में भी मदद कर सकते हैं. इसमें विटामिन A, B6 और C पाए जाते हैं, जो स्किन को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं. कैसे इस्तेमाल करें? इसके लिए 2 पके हुए केले लें और उन्हें अच्छी तरह मैश करके स्मूद पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को पैरों, खासकर एड़ियों और उंगलियों के आसपास लगाएं. करीब 20 मिनट तक लगा रहने दें और फिर पानी से पैर धो लें. इसे रात में सोने से पहले कुछ दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. 2. शहद से करें पैरों की देखभाल: शहद स्किन में नमी बनाए रखने में मदद करता है. इसमें ऐसे गुण भी होते हैं जो रूखी स्किन को शांत करने में मदद कर सकते हैं. इसलिए फटी एड़ियों की देखभाल के लिए शहद का इस्तेमाल किया जा सकता है. कैसे इस्तेमाल करें? एक टब गुनगुने पानी में करीब 1 कप शहद मिलाएं. पैरों को पहले साफ करें और फिर करीब 20 मिनट तक इस पानी में रखें. इसके बाद पैरों को अच्छी तरह सुखाकर मॉइस्चराइजर लगा लें. रात में सोने से पहले इस उपाय को रोजाना किया जा सकता है. 3. वेजिटेबल ऑयल से रातभर रखें नमी लॉक: रसोई में रखा वेजिटेबल ऑयल भी रूखी एड़ियों के लिए काम आ सकता है. तेल स्किन में नमी बनाए रखने में मदद करता है और रूखी-सूखी स्किन को सॉफ्ट करने में मदद कर सकता है. कैसे इस्तेमाल करें? सबसे पहले पैरों को साफ करके अच्छी तरह सुखा लें. अब 2 चम्मच वेजिटेबल ऑयल लेकर एड़ियों और पैर की उंगलियों पर अच्छी तरह लगाएं. इसके बाद साफ और आरामदायक कॉटन के मोजे पहनकर सो जाएं. रातभर तेल लगा रहने से पैरों की स्किन को मॉइस्चर मिल सकता है. 4. वैसलीन में नींबू की कुछ बूंदें मिलाकर लगाएं: फटी एड़ियों की देखभाल में वैसलीन काफी काम की चीज है. ये स्किन पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनाने में मदद करती है, जिससे नमी लॉक रहती है. वहीं नींबू में मौजूद एसिडिक गुण डेड स्किन को ढीला करने में मदद कर सकते हैं. कैसे इस्तेमाल करें? सबसे पहले पैरों को करीब 15 मिनट तक गुनगुने पानी में भिगोएं. इसके बाद पैरों को सुखा लें. अब 1 चम्मच वैसलीन में नींबू के 4-5 बूंद रस मिलाएं. इस मिश्रण को एड़ियों पर अच्छी तरह लगाएं और ऊपर से कॉटन या आरामदायक मोजे पहनकर रातभर छोड़ दें. ध्यान रखें: अगर एड़ियों में गहरी दरार, कट या जलन है तो नींबू लगाने से बचें, क्योंकि इससे जलन बढ़ सकती है. 5. चावल का आटा, शहद और सिरका से हटाएं डेड स्किन: अगर एड़ियों पर मोटी और डेड स्किन जम गई है तो चावल के आटे से बना स्क्रब मदद कर सकता है. चावल का आटा स्किन की ऊपरी डेड स्किन को हटाने में मदद करता है, जबकि शहद स्किन को नमी देने में मदद करता है. कैसे तैयार करें स्क्रब? 2 चम्मच चावल का आटा, 1 चम्मच शहद और 5-6 बूंद सिरका लें. तीनों चीजों को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें. अब पैरों को करीब 10 मिनट तक गुनगुने पानी में भिगोएं और फिर सुखा लें. तैयार पेस्ट को एड़ियों पर लगाकर बहुत हल्के हाथों से स्क्रब करें. इसके बाद पानी से पैर धो लें. इस स्क्रब को हफ्ते में 2-3 बार से ज्यादा न करें और अगर त्वचा में कट या जलन हो तो इसका इस्तेमाल न करें. सिर्फ नुस्खे नहीं, रोज की ये आदतें भी जरूरी फटी एड़ियों से छुटकारा पाने के लिए सिर्फ घरेलू नुस्खे आजमाना ही काफी नहीं है. पैरों की रोजाना देखभाल भी जरूरी है. नहाने के बाद और रात में सोने से पहले एड़ियों पर अच्छा मॉइस्चराइजर या पेट्रोलियम जेली लगाएं. हफ्ते में कुछ बार पैरों को करीब 10 मिनट गुनगुने पानी में भिगोकर मुलायम करें और फिर हल्के हाथों से डेड स्किन हटाएं. इसके बाद मॉइस्चराइजर लगाकर कॉटन के मोजे पहनकर सो सकते हैं. ऐसा करने से पैरों की स्किन में नमी बनी रहने में मदद मिलती है और एड़ियों के ज्यादा फटने का खतरा कम हो सकता है.

Apple का दिवाली धमाका! ₹17,900 में लॉन्च हुए रंगोली डिजाइन वाले Special Edition AirPods 5

Apple ने भारत में त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए अपने नए AirPods 5 का खास एडिशन पेश किया है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ईयरबड्स नहीं, बल्कि इनका वायरलेस चार्जिंग केस है. इस पर रंगोली से प्रेरित खास डिजाइन बनाया गया है. कंपनी का यह कदम ऐसे समय आया है, जब दिवाली और दूसरे त्योहारों के लिए लोग नए गैजेट खरीदने की तैयारी कर रहे हैं. Special Edition AirPods 5 की कीमत 17,900 रुपये रखी गई है. यह लिमिटेड नंबर्स में उपलब्ध होंगे और इन्हें Apple के ऑनलाइन स्टोर, Apple Store ऐप और देश के छह ऑफिशियल Apple स्टोर से खरीदा जा सकेगा. कंपनी के मुताबिक, केस पर बना रंगोली डिजाइन त्योहारों के मौके पर भारत की पारंपरिक कला को सम्मान देने का तरीका है. AirPods 5 में क्या है खास? इस स्पेशल एडिशन में वायरलेस चार्जिंग केस के साथ AirPods 5 के फीचर्स मिलते हैं. इनमें एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन यानी ANC दिया गया है, जो आसपास के शोर को कम करने में मदद करता है. इसके अलावा, इनमें लाइव ट्रांसलेशन फीचर भी है, जिसके जरिए कुछ सपोर्टेड भाषाओं में बातचीत को समझने में मदद मिल सकती है. इन सर्विसेज के इस्तेमाल के लिए संगत Apple डिवाइस और सॉफ्टवेयर की जरूरत हो सकती है. Apple के मुताबिक, वायरलेस चार्जिंग केस के साथ ANC चालू रहने पर कुल बैटरी लाइफ 22 घंटे तक हो सकती है. केस को Qi वायरलेस चार्जर और Apple Watch चार्जर से भी चार्ज किया जा सकता है. कहां से खरीद पाएंगे ये खास AirPods? Special Edition AirPods 5 को ऐपल ऑनलाइन स्टोर, ऐपल स्टोर ऐप और भारत के छह ऐपल स्टोर पर उपलब्ध कराया जा रहा है. इनमें मुंबई के Apple BKC और Apple Borivali, दिल्ली-एनसीआर के ऐपल साकेत और ऐपल नोएडा, बेंगलुरु के ऐपल हेब्बल और पुणे के ऐपल कोरेगांव पार्क स्टोर स्टोर शामिल हैं. यह एडिशन सीमित स्टॉक में उपलब्ध होगा. इसलिए खरीदने से पहले Apple की वेबसाइट पर उपलब्धता जांचना बेहतर रहेगा. इसकी कीमत 17,900 रुपये है, जबकि इंस्टेंट कैशबैक और EMI जैसे ऑफर्स भी हैं. Apple की फेस्टिव सेल में भी मिलेंगे ऑफर AirPods के खास एडिशन के साथ Apple ने भारत में फेस्टिव ऑफर भी शुरू किए हैं. यह अभियान 11 अक्टूबर से 11 नवंबर 2026 तक चलेगा. इस दौरान चुनिंदा iPhone, Mac और iPad मॉडल पर 12 महीने तक नो-कॉस्ट EMI का विकल्प मिल सकता है. पात्र कार्ड से खरीदारी करने पर चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर 15,000 रुपये तक का इंस्टेंट कैशबैक भी दिया जा रहा है. Apple Watch, AirPods और कुछ एक्सेसरीज पर छह महीने तक नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी उपलब्ध है. हालांकि, हर प्रोडक्ट पर सभी ऑफर लागू नहीं होंगे. iPad पर रंगोली बनाने का भी मौका Apple ने त्योहारों के दौरान रंगोली की कला को डिजिटल तरीके से आजमाने के लिए एक खास Today at Apple सेशन भी रखा है. इसमें लोग iPad और Apple Pencil की मदद से अपनी रंगोली डिजाइन कर सकेंगे. यह सेशन 14 अक्टूबर से 9 नवंबर 2026 तक चलेगा. कंपनी के मुताबिक, इसमें रंग, डिजाइन और ट्रेडिशनल पैटर्न के साथ प्रयोग करने का मौका मिलेगा.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस की वर्दी में दिखा बॉडी कैमरा, जानिए कैसे करता है काम और क्या हैं फायदे

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस की वर्दी पर लगा एक छोटा सा डिवाइस चर्चा में है. ये कोई आम कैमरा नहीं, बल्कि बॉडी कैमरा है. इसकी मदद से पुलिसकर्मी अपने सामने होने वाली घटनाओं को रिकॉर्ड कर सकते हैं. ऐसे में सवाल है कि आखिर ये कैमरा कैसे काम करता है और पुलिस को इससे क्या फायदा होगा? प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बड़ी संख्या में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए. इसी दौरान पुलिसकर्मियों की वर्दी पर लगे बॉडी कैमरों ने लोगों का ध्यान खींचा. ये कैमरे पुलिसकर्मियों के शरीर पर लगाए जाते हैं, ताकि ड्यूटी के दौरान सामने होने वाली घटनाओं की रिकॉर्डिंग की जा सके. कैसे काम करते हैं पुलिस के बॉडी कैमरे? बॉडी कैमरे आकार में छोटे होते हैं और इन्हें आसानी से वर्दी पर लगाया जा सकता है. ये सामने होने वाली घटनाओं का वीडियो रिकॉर्ड करते हैं. कुछ बॉडी कैमरों में ऑडियो रिकॉर्डिंग, नाइट विजन और GPS जैसे फीचर्स भी मिलते हैं. दिल्ली पुलिस इस मामले में जिन कैमरों का इस्तेमाल कर रही है, उनमें कौन-कौन से फीचर्स हैं, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. पुलिस को कैसे मिलेगी मदद? मान लीजिए कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और किसी प्रदर्शनकारी के बीच विवाद हो जाता है. ऐसी स्थिति में बॉडी कैमरे की रिकॉर्डिंग से यह समझने में मदद मिल सकती है कि आखिर मौके पर क्या हुआ था. इस वीडियो का इस्तेमाल शिकायतों की जांच और पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा करने में भी किया जा सकता है. लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है. कैमरे में रिकॉर्ड हुआ वीडियो ही हर मामले में पूरी सच्चाई नहीं बताता. घटना को सही तरीके से समझने के लिए दूसरे सबूतों को देखना भी जरूरी होता है. क्या पुलिस की हर गतिविधि होगी रिकॉर्ड? ऐसा जरूरी नहीं है कि बॉडी कैमरा हर समय रिकॉर्डिंग करता रहे. यह कैमरे के मॉडल, उसकी सेटिंग और इस्तेमाल करने के तरीके पर निर्भर करता है. साथ ही, रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर उसे जांच के लिए उपलब्ध कराना भी जरूरी है. जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट के दौरान बॉडी कैमरों का इस्तेमाल ऐसे समय में चर्चा में आया है, जब CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शन से पहले की गई सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. कुल मिलाकर, बॉडी कैमरा पुलिस के लिए एक ऐसी टेक्नोलॉजी है, जो घटनाओं को रिकॉर्ड करने और उनकी जांच में मदद कर सकती है. लेकिन इसका असली फायदा तभी होगा, जब रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल सही तरीके से हो और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे.