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फिटकरी से बालों की देखभाल: झड़ते बाल, डैंड्रफ और ग्रोथ की समस्या का आसान घरेलू उपाय

आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल, बढ़ता प्रदूषण, स्ट्रेस और गलत खान-पान की वजह से बालों से जुड़ी समस्याएं काफी तेजी से बढ़ रही हैं. किसी के बाल झड़ रहे हैं, किसी के बाल समय से पहले सफेद हो रहे हैं, तो किसी को डैंड्रफ की समस्या परेशान कर रही है. इन समस्याओं को कम करने के लिए कई बार लोग महंगे हेयर प्रोडक्ट्स, केमिकल वाले शैम्पू और पार्लर ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घरों में मौजूद सफेद पत्थर, जिसे फिटकरी कहा जाता है, आपके बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. एंटी-बैक्टीरियल और एस्ट्रिंजेंट गुणों से भरपूर फिटकरी न सिर्फ स्कैल्प को गहराई से साफ करने में मदद करती है, बल्कि बालों की जड़ों को मजबूत बनाने और डैंड्रफ कम करने में भी मदद करती है. तो आइए जानते हैं कि हम सही तरीके से फिटकरी का इस्तेमाल बालों की देखभाल में कैसे कर सकते हैं. बालों को बढ़ाने में करता है मदद अगर आप झड़ते बालों से परेशान हैं और चाहते हैं कि आपके बाल तेजी से बढ़े तो आप फिटकरी का उपयोग बालों में कर सकते हैं. इसके लिए फिटकरी को पीसकर बारीक पाउडर बना लें और इसे नारियल तेल में अच्छी तरह मिला लें. इस मिश्रण से स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज करें और इसे कुछ घंटों लगा रहने दें. इसके बाद माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. इससे स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और बालों की ग्रोथ को सपोर्ट मिलता है. डैंड्रफ से मिलेगा राहत डैंड्रफ की समस्या में फिटकरी का इस्तेमाल स्कैल्प की सफाई में मदद करता है. इसके लिए फिटकरी पाउडर को पानी और नींबू के रस के साथ मिलाकर हल्के हाथों से स्कैल्प पर लगाएं और मसाज करें. 10–15 मिनट बाद बाल धो लें. इससे स्कैल्प साफ होता है और डैंड्रफ कम हो सकता है. कमजोर बालों को जड़ों से देता है पोषण फिटकरी बालों को हेल्दी रखने में काफी मदद कर सकता है. इसके लिए फिटकरी पाउडर को कलौंजी के तेल में मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें और इससे स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज करें. इसके रेगुलर इस्तेमाल से बालों की जड़ों को पोषण मिलता है और बालों की हेल्थ बेहतर हो सकती है. फिटकरी का इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान     फिटकरी का इस्तेमाल बालों पर सीमित मात्रा में ही करें. इसका ज्यादा या बार-बार उपयोग करने से स्कैल्प ड्राई हो सकता है.     अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो बालों पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें.     फिटकरी लगाते समय ध्यान रखें कि यह आंखों के आस-पास न लगें.     अगर किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें.  

सफेद बालों का नेचुरल इलाज: कॉफी से बनाएं घर पर हेयर डाई

पहले उम्र बढ़ने के साथ बाल सफेद हुआ करते थे लेकिन आजकल खराब लाइफस्टाइल के कारण कम उम्र के लोग भी बाल सफेद होने की समस्या का सामना कर रहे हैं. बाजार में मिलने वाले केमिकल हेयर कलर्स में अमोनिया जैसी चीजें होती हैं जो बालों को ड्राई और डैमेज कर देती हैं. इंटरनेशनल हेल्थ वेबसाइट हेल्थलाइन के मुताबिक, कॉफी नेचुरल हेयर डाई की तरह काम करती है. यह आपके बालों को एक या 2 शेड डार्क करने में मदद करती है और ग्रे हेयर्स (सफेद बालों) को आसानी से कवर कर लेती है. कॉफी नेचुरल होती है इसलिए इसके इस्तेमाल से बालों के टूटने या स्कैल्प में एलर्जी होने का खतरा नहीं रहता. कैसे काम करती है कॉफी हेयर डाई? कॉफी का डार्क कलर बालों पर एक नेचुरल स्टेन (दाग या रंग) की तरह चढ़ जाता है. जब आप इसे नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं तो सफेद बाल धीरे-धीरे ब्राउन और डार्क शेड में बदलने लगते हैं. मेडिकल न्यूज टुडे के अनुसार, कॉफी न सिर्फ बालों को कलर करती है बल्कि यह नेचर में एसिडिक भी होती है. हमारा स्कैल्प और हेयर फाइबर्स स्वभाव से एसिडिक होते हैं. हाई पीएच वाले केमिकल प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से बाल बेजान और रूखे हो जाते हैं. ऐसे में कॉफी का इस्तेमाल बालों और स्कैल्प के पीएच लेवल को रीबैलेंस करता है जिससे बालों की नेचुरल चमक वापस आ जाती है. घर पर कॉफी हेयर डाई बनाने का तरीका कॉफी से नेचुरल हेयर डाई बनाना बेहद आसान है. इसके लिए आपको किसी महंगे सामान की जरूरत नहीं है. आपको बस कुछ बेसिक स्टेप्स फॉलो करना होते हैं. सबसे पहले एक कप डार्क-रोस्टेड स्ट्रॉन्ग कॉफी उबाल लें और उसे ठंडा होने दें. फिर 1 बाउल में आधा कप उबली हुई ठंडी कॉफी, 2 बड़े चम्मच कॉफी पाउडर (कॉफी ग्राउंड्स) और एक कप अपना रेगुलर लीव-इन कंडीशनर मिक्स करें. फिर इस मिक्चर को अच्छी तरह मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें. अपने साफ और गीले बालों पर इस पेस्ट को अच्छी तरह लगाएं और करीब एक घंटे के लिए छोड़ दें. इसके बाद बालों को नॉर्मल पानी से धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए आप इस प्रोसेस को दोहरा सकते हैं. बालों की ग्रोथ में भी मददगार कॉफी सिर्फ कलर ही नहीं बदलती बल्कि बालों को जड़ों से मजबूत भी बनाती है. रिसर्च के मुताबिक, कॉफी में मौजूद कैफीन बालों की ग्रोथ को बढ़ाने और हेयर लॉस को रोकने में मदद करता है. कैफीन स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को तेज करता है जिससे बालों की जड़ों तक जरूरी न्यूट्रिएंट्स पहुंचते हैं. इसके अलावा, कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स बालों के टेक्सचर को सुधारते हैं जिससे बाल सॉफ्ट और सिल्की नजर आते हैं.

हेयर लॉस के शुरुआती संकेत, समय रहते पहचानें वरना बढ़ सकता है गंजापन

आजकल की बिजी लाइफस्टाइल और बढ़ते स्ट्रेस के बीच हेयर लॉस होना एक बेहद कॉमन समस्या बन चुका है. लोग अक्सर उस समय अधिक परेशान हो जाते हैं, जब कंघी में बालों के गुच्छे आने लगते हैं या स्कैल्प खाली दिखने लगती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी के भी बाल अचानक नहीं झड़ते, बल्कि हमारा स्कैल्प बहुत पहले ही इसके संकेत देना शुरू कर देता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि आप समय रहते इन शुरुआती लक्षणों को पहचान लें तो गंजेपन का शिकार होने से बच सकते हैं. आइए जानते हैं कि हेयर फॉल की शुरुआत कैसे होती है और रिकवरी के क्या ऑपशंस हैं. ये है हेयर फॉल का पहला संकेत एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब भी गंजेपन की शुरुआत होती है तो उसका सबसे पहला संकेत हेयर थिनिंग यानी बालों का पतला होना है. इस स्टेज में आपके बाल अचानक टूटने नहीं लगते बल्कि उनका डायमीटर (मोटाई) धीरे-धीरे कम होने लगता है. यदि आपको महसूस हो रहा है कि आपकी मांग (Parting) चौड़ी हो रही है या पोनीटेल पहले के मुकाबले पतली महसूस हो रही है तो समझ जाएं कि आपके बालों की सेहत बिगड़ रही है. क्या है फॉलिकल का मिनिएचराइजेशन? साइंस की भाषा में बालों के पतले होने की इस पूरी प्रक्रिया को मिनिएचराइजेशन ओएफ फॉलिकल कहा जाता है. हेल्थलाइन के मुताबिक, इस प्रोसेस में स्कैल्प के अंदर मौजूद हेयर फॉलिकल्स यानी जहां से बाल उगते हैं, वो धीरे-धीरे सिकुड़ने लगते हैं. इसके कारण हेयर फॉलिकल्स तक खून की सप्लाई और जरूरी न्यूट्रिशन नहीं पहुंच पाता. नतीजा यह होता है कि हर नए हेयर साइकिल में निकलने वाला बाल पहले से ज्यादा कमजोर, पतला और छोटा होता जाता है जो बाद में पूरी तरह टूटने लगता है और आप गंजेपन की ओर बढ़ जाते हैं. स्टेज 1 से 5 के बीच रिकवरी है पॉसिबल यदि आपके बाल पतले हो रहे हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. साइंटिफिक फैक्ट्स बताते हैं कि जब तक मिनिएचराइज्ड फॉलिकल पूरी तरह सील या बंद नहीं हो जाते तब तक उनसे नए और घने बाल वापस पाना मुमकिन है. हेयर लॉस को मापने के लिए डॉक्टर्स नॉरवुड स्केल का इस्तेमाल करते हैं. उनके अनुसार, यदि आप स्टेज 1 से स्टेज 5 के बीच में हैं तो आपको डेफिनिटली सही ट्रीटमेंट ट्राई करना चाहिए. इस दौरान फॉलिकल्स जीवित होते हैं और डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह पर मिनोक्सिडिल, पीआरपी थेरेपी या सही डाइट से इन्हें दोबारा एक्टिव किया जा सकता है.

क्या सच में तेल लगाने से बढ़ते हैं बाल? जानें डर्मेटोलॉजिस्ट की राय

भारत में बालों में तेल लगाने की परंपरा सालों पुरानी है. अक्सर कहा जाता है कि नियमित तेल मालिश से बाल तेजी से लंबे और घने होते हैं. लेकिन क्या सच में ऐसा होता है? डर्मेटोलॉजिस्ट्स और इंटरनेशनल रिसर्च के मुताबिक, बालों में तेल लगाने से सीधे तौर पर नए बाल उगने या उनकी ग्रोथ स्पीड बढ़ने का पक्का वैज्ञानिक सबूत अभी तक नहीं मिला है. हालांकि कुछ तेल स्कैल्प को हेल्दी रखने, बालों को टूटने से बचाने और ड्रायनेस कम करने में जरूर मदद कर सकते हैं. यानी तेल बालों को मजबूत दिखा सकता है लेकिन इसे जादुई हेयर ग्रोथ इलाज मानना सही नहीं होगा. तेल बालों को कैसे फायदा पहुंचाता है? हेयर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऑयलिंग का सबसे बड़ा फायदा मॉइश्चर और प्रोटेक्शन है. अमेरिका की क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, हेयर ऑयलिंग स्कैल्प को हाइड्रेट रखने और बालों को टूटने से बचाने में मदद कर सकती है. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑलिव ऑयल और दूसरे नेचुरल ऑयल बालों को मुलायम और कम फ्रिजी बना सकते हैं, लेकिन इससे बाल तेजी से बढ़ेंगे, इसका मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण अभी नहीं है. डर्मेटोलॉजिस्ट क्या कहते हैं? कई डर्मेटोलॉजिस्ट मानते हैं कि तेल बालों की क्वालिटी बेहतर कर सकता है, लेकिन हेयर ग्रोथ का मुख्य रोल जेनेटिक्स, हार्मोन, डाइट और हेल्थ का होता है. अमेरिकन ब्यूटी मैग्जीन Allure के मुताबिक, कैस्टर ऑयल को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए जाते हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं हुआ कि इससे बाल तेजी से बढ़ते हैं. कैस्टर ऑयल बालों को शाइनी बना सकता है, लेकिन हेयर ग्रोथ बढ़ाने के दावों के पीछे मजबूत रिसर्च नहीं है. कौन-से तेल थोड़ी मदद कर सकते हैं? कुछ रिसर्च में रोजमेरी ऑयल को लेकर पॉजिटिव रिजल्ट जरूर मिले हैं. रोजमेरी ऑयल स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर कर सकता है और कुछ मामलों में हेयर फॉल कम करने में मदद कर सकता है. हालांकि एक्सपर्ट्स साफ कहते हैं कि किसी भी तेल को “मैजिक हेयर ग्रोथ सॉल्यूशन” नहीं माना जाना चाहिए. सही डाइट, प्रोटीन, आयरन, नींद और स्ट्रेस कंट्रोल भी उतने ही जरूरी हैं. ज्यादा तेल लगाना भी नुकसानदायक डॉक्टर्स का कहना है कि जरूरत से ज्यादा तेल लगाने से स्कैल्प में गंदगी, डैंड्रफ और फंगल इन्फेक्शन की समस्या बढ़ सकती है. कई बार भारी तेल पोर्स ब्लॉक कर देते हैं, जिससे स्कैल्प पर पिंपल्स या खुजली हो सकती है. इसलिए हफ्ते में 1-2 बार हल्की मालिश और सही तरीके से शैंपू करना बेहतर माना जाता है.