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अयोध्या राम मंदिर विवाद पर देवरिया से योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान

देवरिया  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को निशाना बनाया है। अयोध्या के दौर पर आए अरविंद केजरीवल ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच करने वाली एसआईटी पर सवाल उठाए हैं। सीएम योगी ने कहा है कि, जब इन्हें कुछ नहीं मिला तो रामभक्तों पर आक्षेप कर रहे हैं,अयोध्या धाम को बदनाम कर रहे हैं। सीएम योगी ने देवरिया में एक जनसभा में यह बात कही। दिल्ली को बर्बादी के अलावा कुछ नहीं दिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, 'एक दिल्ली से सज्जन वहां आए हैं, अयोध्या। दिल्ली की जनता ने उन्हें 15 वर्ष अवसर दिया,लेकिन दिल्ली को उन्होंने बर्बादी,भ्रष्टाचार के सिवा कुछ नहीं दिया, मैं उनसे पूछना चाहूंगा, डबल इंजन की सरकार ने 9 वर्ष में अयोध्या को जो सवांरा है, देखें इस मॉडल को। फिर अपने कारनामों पर पश्चाताप करो। यह न्याय अयोध्या के साथ जो डबल इंजन की सरकार ने किया, अगर यही न्याय आम आदमी पार्टी दिल्ली के साथ करती तो दिल्ली भी चमकती, जैसे आज अयोध्या चमक रही है।' जन आस्था के साथ खिलवाड़ न हो सीएम योगी ने कहा कि, मैंने 19 जून को अयोध्या के दौरे पर कहा था, जन आस्था के साथ खिलवाड़ न हो। अयोध्या हम सबकी आस्था की प्रतीक है। अयोध्या पर आक्षेप मत करो, श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो। मैंने कहा था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी। एसआइटी रिपोर्ट आई, कार्रवाई प्रारंभ हो गई है। उन्होंने कहा कि, जन आस्था के साथ जो खिलवाड़ करेगा, उसके साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम करेंगे। आज मोहर्रम है, कहीं किसी का अता पता नहीं है, कोई शस्त्र नहीं निकल रहा, उत्सव के माहौल में कोई उपद्रव नहीं कर सकता, अगर करेगा तो सात पीढ़ियों तक भुगतेगा। आक्षेप लगाने वालों की मंशा अच्छी नहीं योगी ने कहा कि, जो लोग आज आक्षेप कर रहे हैं, इनकी मंशा अच्छी नहीं है। ये वे लोग हैं जो लोग भगवान राम को नकार चुके थे, कहते थे कि राम हुए ही नहीं। ये लोग अयोध्या को नकारते रहे। दूसरा पक्ष वह है जो जय श्रीराम पर लाठी गोली चलाते थे, तुम बताओगे हमें आस्था। रामनवमी पर दंगा करवाते थे, कावड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाते थे। कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं था, बल्कि नोचा था। सरकार ने पहले दिन कहा था कि दूध का दूध पानी का पानी होगा। मैं फिर कहता हूं कि रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो, उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ मत करो, प्रमाण है तो एसआईटी को सबूत पेश करो।  

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, डेयरी यूनिट पर 5 लाख तक ऋण सुविधा

 पटना  राज्य के 22 हजार गांवों में डेयरी को ऑपरेटिव सोसाइटी का गठन हो गया है। ऐसे गांवों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए डेयरी व्‍यवसाय को बढ़ावा देने पर सरकार कार्य कर रही है। इसको गत‍ि देने के लिए सहकारिता विभाग इन गांवों में काम्फेड के सहयोग से दूध संग्रह का कार्य जल्द शुरू कराने की तैयारी में है। साथ ही, दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट लगाने के लिए महिलाओं, युवाओं और किसानों को प्रोत्साहन देने एवं सहकारी बैंकों के माध्यम से दुधारू पशुओं की खरीद हेतु ऋण सुविधा दिलाने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कराई जा रही है। महिलाओं, युवाओं और किसानों को दुधारू पशुओं का पालन कराने के लिए मिलेगा प्रोत्साहन सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव के मुताबिक गांवों में पशुपालन को बढ़ावा देने सरकार की प्राथमिकता में है। इसका लक्ष्य डेयरी के माध्यम से हर गांव को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना तथा ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देना है। खास बात यह कि डेयरी को ऑपरेटिव सोसाइटी में ग्रामीण महिलाओं को जोड़ने को प्राथमिकता दी जा रही है। अगले साल तक राज्य के शेष बचे 23 हजार राजस्व गांवों में डेयरी को ऑपरेटिव सोसाइटी का गठन कर दिया जाएगा। सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा दिलाने को सहकारिता विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव राजस्व गांवों के अलावा दलित, महादलित और आदिवासी समेत अन्य टोलों को भी उसके पास के गांवों की डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी से जोड़ा जा रहा है। अभी राज्य सरकार ग्रामीण युवाओं और किसानों को दो दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट लगाने के लिए एक लाख 74 हजार तक अनुदान दे रही है। यह योजना पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के गव्य विकास निदेशालय के अधीन लागू है। सहकारिता विभाग सहकारी बैंकों के माध्यम से डेरी यूनिट को बढ़ावा देने की कार्य योजना पर कार्य कर हा है। पांच लाख रुपये तक मिलेगी ऋण सुविधा व‍िभागीय प्रस्ताव के मुताबिक दुधारू पशुओं का पालन और डेरी यूनिट लगाने पर सहकारी बैंकों से पांच लाख रुपये तक ऋण सुविधा मिलेगी। इसके लिए बैंक गारंटी सरकार लेगी। डेयरी यूनिट हर गांव में गठित को ऑपरेटिव सोसाइटी चलाएगी। अच्छे कार्य करने पर ऋण सुविधा बढ़ायी जाएगी।  

राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: 76 नई नगरपालिकाएं और 684 नए पद स्वीकृत

जयपुर राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनाव से पहले राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. सरकार ने प्रदेश में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन को मंजूरी दी है. स्वशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में इन नई नगर पालिकाओं के गठन को मंजूरी दी गई है. यह घोषणा बजट घोषणाओं के तहत की गई है. नई नगरपालिकाओं के सुचारू संचालन के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने 684 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी है. 385 हो जाएगी नगर निकाय की संख्या इस फैसले के बाद राज्य में नगर निकायों की कुल संख्या 309 से बढ़कर 385 हो जाएगी. जयपुर और झुंझुनूं जिलों में सबसे ज्यादा 7-7 नगरपालिकाओं का गठन हुआ है. इन निकायों में कुल 684 पद स्वीकृत हैं. जयपुर में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, कानोता, खेजरोली और कालाडेरा नगर पालिकाओं का गठन हुआ है. युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर होंगे निकाय की संख्या में बढ़ोतरी से तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशासन, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होगा. युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे. साथ ही निकाय में पदों पर भर्ती से प्रशासनिक कार्यों भी आसान होगा. इन पदों को मिली मंजूरी नवगठित पदों में अधिशाषी अधिकारी-चतुर्थ, सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (सिविल), कनिष्ठ लेखाकार, ठोस कचरा प्रबन्धक (स्वास्थ्य निरीक्षक- सेकंड), वरिष्ठ प्रारूपकार, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक के 76-76 पदों का सृजन किया गया है.

तत्काल टिकट जालसाजी का खुलासा, दलाल बना रहे फर्जी प्रिंट और बेच रहे महंगे दामों पर

गोरखपुर रेलवे ने तत्काल टिकट के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया तो दलालों ने जालसाजी का नया तरीका खोज लिया। अब वे मुंबई से असली तत्काल टिकट बुक कर उसका स्कैन लेकर दूसरे शहरों में भेज रहे हैं, जहां हूबहू विंडो टिकट जैसा प्रिंट निकालकर यात्रियों को ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है। यह पूरा खेल 10 सेकेंड का है। मुंबई में रेलवे का पीआरएस सिस्टम मुंबई में बाकी स्टेशनों से 10 से 12 सेकेंड पहले खुल जाता है। इसी तकनीकी अंतर का फायदा उठाकर दलाल मुंबई के अलग-अलग काउंटरों से तत्काल टिकट तुरंत बुक कर लेते हैं। फिर उस टिकट का स्कैन लेकर व्हाट्सएप या अन्य माध्यम से गोरखपुर, लखनऊ, पटना, मुजफ्फरपुर जैसे दूर के शहरों में अपने एजेंटों को भेजते हैं। गोरखपुर में मामला सामने आया इसका खुलासा कुशीनगर एक्सप्रेस के एक यात्री के पास से मिले स्कैन टिकट से हुआ। इसके बाद इस नेटवर्क को पकड़ने के लिए रेलवे ने अपने वाणिज्य विभाग को अलर्ट किया है। साथ ही स्कैन टिकट के लिए इस्तेमाल हो रहे रेलवे जैसे मिलते-जुलते कागज कहां से उपलब्ध हो रहे हैं, इसकी गोपनीय जांच शुरू की गई है। आरपीएफ गोरखपुर के प्रभारी दशरथ प्रसाद ने बताया कि टिकट दलालों का संगठित गिरोह यात्रियों को दूसरे राज्य से टिकट बुक कर भेज रहा है। उक्त टिकट भी स्कैन किया गया बताया गया है। गोरखपुर में मामला सामने आया है। इनका एक बड़ा नेटवर्क है। इसकी कई स्तर पर पूरे देश में जांच हो रही है। कुशीनगर के यात्री के पास मिला स्कैन टिकट गोरखपुर से एलटीटी जा रही कुशीनगर एक्सप्रेस में एक यात्री स्कैन टिकट के साथ पकड़ा गया। टीटीई को चेकिंग के दौरान टिकट पर बार कोड नहीं दिखा। बारीकी से जांच में पता चला कि असली नहीं है। इसे कंप्यूटर से स्कैन कर निकाला गया है। पूछताछ में यात्री ने माना कि उसने एक दलाल से टिकट खरीदा था। फिर इसकी जानकारी गोरखपुर आरपीएफ को दी गई। सैकड़ों यात्रियों को उपलब्ध करा चुका स्कैन टिकट जांच में खुलासा हुआ कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है। यह नेटवर्क अब तक सैकड़ों यात्रियों को स्कैन टिकट उपलब्ध करा चुका है। तत्काल टिकट एक दिन पहले ही बनता है। मुंबई से यूपी या बिहार टिकट की हार्ड कॉपी भेजना संभव नहीं है, इसलिए दलालों ने स्कैन-प्रिंट वाला फार्मूला निकाला। मुंबई से बुक टिकट का पीडीएफ बना कर अपने नेटवर्क के एजेंट को भेज देते हैं। स्थानीय एजेंट आरक्षित टिकट प्रिंट करने के लिए इस्तेमाल हो रहे कागज से मिलते जुलते कागज पर कलर प्रिंट निकालकर दे देते हैं। यह देखने में असली विंडो टिकट जैसा ही लगता है।

जेल कक्षपाल भर्ती नियमों में बदलाव, भूतपूर्व सैनिकों का कोटा अब दो हिस्सों में बंटेगा

 पटना बिहार सरकार ने राज्य की काराओं (Jail) में कक्षपाल नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके लिए बकायदा बिहार कक्षपाल संवर्ग (संशोधन) नियमावली, 2026 स्वीकृत की गई है। सरकार के फैसले के अनुसार कक्षपाल भर्ती में भूतपूर्व सैनिकों के लिए पहले से लागू 25 प्रतिशत आरक्षण को दो बराबर भागों में बांटा जाएगा। जानकारी के अनुसार अभी कक्षपाल भर्ती में भूतपूर्व सैनिकों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। इसी आरक्षण को दो बराबर भाग में बांटा जाएगा। बिहार के पूर्व अग्‍नि‍वीरों को फायदा इसके तहत 12.5 प्रतिशत पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित रहेंगे, जबकि शेष 12.5 प्रतिशत पद बिहार राज्य के पूर्व अग्निवीरों के लिए सुरक्षित किए जाएंगे। इस संशोधन के बाद अग्निवीर योजना के तहत सेना में सेवा पूरी कर चुके युवाओं को राज्य सरकार की कारा सेवा में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। सरकार के अनुरार पूर्व अग्निवीर अनुशासन, प्रशिक्षण और सुरक्षा संबंधी अनुभव के कारण कारा प्रशासन की जिम्मेदारियों के लिए उपयुक्त होंगे। जल्‍द संकल्‍प जारी कर सकती है सरकार नई व्यवस्था से उन्हें सरकारी सेवा में समायोजन का अवसर मिलेगा और उनके कौशल का उपयोग राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकेगा। इस निर्णय को अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संशोधित नियमावली लागू होने के बाद भविष्य की कक्षपाल भर्तियों में इसका लाभ पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा। संभावना जताई गई है कि इस प्रस्ताव को अनुमोदन मिल चुका है जल्दी ही इस संबंध में सरकार संकल्प भी जारी करेगी।

बठिंडा पुलिस में बड़ा फेरबदल, 7 SHO सहित 10 अधिकारियों का ट्रांसफर

बठिंडा. पंजाब के बठिंडा जिले में पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एसएसपी बठिंडा ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सात थाना प्रभारियों (एसएचओ) सहित 10 पुलिस अधिकारियों के तबादले किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार कई थाना प्रभारियों के साथ-साथ डीसीआर, चुनाव सेल और अन्य शाखाओं में भी नई तैनातियां की हैं। आदेशों के अनुसार इंस्पेक्टर दलजीत सिंह को चुनाव सेल से स्थानांतरित कर थाना कैनाल कालोनी का एसएचओ नियुक्त किया गया है। थाना कैनाल कालोनी के एसएचओ हरजोत सिंह को थाना थर्मल का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, डीसीआर प्रभारी दलजीत सिंह को थाना सदर रामपुरा का एसएचओ नियुक्त किया गया है। इंस्पेक्टर जगदीप सिंह को थाना सदर रामपुरा से थाना संगत मंडी भेजा गया है, जबकि इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह को थाना संगत से डीसीआर प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इंस्पेक्टर जसविंदर सिंह को थाना नथाना से एंटी लिकर एंड एंटी नारकोटिक्स सेल में तैनात किया गया है, जबकि इंस्पेक्टर हरजीवन सिंह को थाना थर्मल से थाना नथाना का एसएचओ बनाया गया है। इसके अलावा सब-इंस्पेक्टर अमरीक सिंह को पुलिस लाइन से थाना तलवंडी साबो का एसएचओ तथा सब-इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह को पुलिस लाइन से थाना रामा मंडी का एसएचओ नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार ये तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए हैं।

UCC पर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज, डिप्टी CM साव ने कांग्रेस को घेरा; केदार गुप्ता ने आदिवासी परंपराओं पर दिया भरोसा

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में समान नागरिक संहिता याने UCC लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. सरकार की तैयारियों के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरजीत भगत ने इसे सत्ता बचाने के लिए भाजपा का प्रपंच करार दिया है. इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर हर बात पर गलत प्रचार करने का आरोप मढ़ा है. वहीं भाजपा नेता केदार गुप्ता ने प्रदेश में UCC लागू होने के बाद भी आदिवासी समाज की परंपराओं के पूरी तरह सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाया है. समान नागरिक संहिता पर कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने मीडिया से चर्चा में कहा कि UCC देश के लिए एक पेचीदा विषय है. भारत विविधताओं का देश है, जहां सभी पर एक कानून उचित नहीं है. जंगल में रहने वाले आदिवासी को UCC की जानकारी तक नहीं है, ऐसे में जनता पर UCC का सकारात्मक असर नहीं होगा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि UCC लागू करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है, जो विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत करेगी. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी. रही बात अमरजीत भगत के बयान की तो कांग्रेस पार्टी हर बात पर भ्रम फैलाने का काम करती है. UCC से आदिवासी समाज को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. वहीं केदार गुप्ता ने कहा कि अमरजीत भगत आदिवासी समाज से आते हैं, फिर भी आदिवासियों की समझ पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है. आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा बेहद समृद्ध है. UCC लागू होने पर भी आदिवासी समाज की परंपराएं पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी. UCC लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में भी मददगार होगा. अगर कांग्रेस इन सब बातों को समय रहते समझ जाती, तो आज उसकी यह दुर्गति नहीं होती. कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर से बढ़ा BJP का BP पूर्व मंत्री अमरजीत ने मीडिया से चर्चा में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर के संबंध में कहा कि इससे भाजपा का BP बढ़ेगा. भाजपा कांग्रेस की विचारधारा से घबराई हुई है. भाजपा नेता डॉक्टरों से बीपी चेक करा कर देखें. उन्होंने कहा कि कांग्रेस मजबूत हो रही है, इसलिए भाजपा बेचैन है. सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने जमीनी लड़ाई तेज कर दी है. प्रशिक्षण के बाद जिलाध्यक्षों का नया कलेवर दिखेगा. भगत के बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बीपी किसका बढ़ा हुआ है, यह प्रदेश की जनता बता देगी. देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी पर बीजेपी की सरकार है. इनके गठबंधन के दल इनको छोड़कर जा रहे हैं. बीपी तो कांग्रेस का बढ़ा हुआ है. वहीं बीपी बढ़ने वाले बयान पर केदार गुप्ता ने कहा कि भाजपा का ब्लड प्रेशर, शुगर और मेंटल लेवल एक जैसा रहता है. कांग्रेस को पूरा बॉडी चेकअप करवाना चाहिए. 22 राज्यों में उन्हें खदेड़ दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह बात भूपेश बघेल के बयान में दिखता है, जब वह बार-बार कहते है ‘कका अभी जिंदा है.’ भूपेश बघेल दीर्घायु हों, चिरायु हों, पर अमरजीत भगत को उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए. कांग्रेस का स्वास्थ्य इससे पता चल रहा है. खाद-बीज संकट पर सरकार असहाय कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने प्रदेश में खाद-बीज के संकट के साथ मानसून की बेरुखी का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है. कृषि पर आधारित जीवन है. अगर खेती नहीं हो रही है, तो समस्या खड़ी हो जाएगी. किसान को खाद-बीज और पानी चाहिए. कांग्रेस सरकार ने अच्छी व्यवस्था की थी, लेकिन इस सरकार में खाद नहीं मिल रहा है. बड़े पैमाने पर काला बाजारी हो रही है. किसान आखिर कहां जाएगा. पूरी परिस्थिति प्रदेश के किसानों के विरुद्ध है. कुछ करने में सरकार निसहाय दिख रही है. इस विषय पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार ने खाद बीज के वितरण की पूरी व्यवस्था की है. किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है. कांग्रेस किसानों को भ्रमित करने का काम कर रही है. किसान समझ रहे हैं. इसके साथ उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने किसानों को परेशान किया, आज किस मुँह से किसानों की बात कर रहे हैं. 

Exclusive: राम मंदिर को दान की गई चांदी की ईंटें कहां हैं? SIT जांच में हुआ बड़ा खुलासा

राम मंदिर को दान की गई चांदी की ईंटों पर खुलासा अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई चांदी की ईंटों को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे थे. कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि मंदिर को दान में मिली चांदी की ईंटों का कोई हिसाब नहीं है और उनका पता नहीं चल रहा. लेकिन अब इस पूरे मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।  मिली जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच के दौरान एसआईटी ने चांदी की ईंटों से जुड़े सभी रिकॉर्ड की भी जांच की. जांच में पाया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे कई दावे और आरोप रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते. खासतौर पर अनुराग रस्तोगी द्वारा दान की गई चांदी की ईंटों को लेकर किए गए दावों को जांच में सही नहीं पाया गया।  एसआईटी के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अभिलेखों में चांदी के दान का पूरा विवरण दर्ज है. रिकॉर्ड के मुताबिक, पहली बार 21 जुलाई 2020 और 28 जुलाई 2020 के दौरान कुल 38 किलोग्राम चांदी दान में हासिल हुई थी. इसके बाद 29 जुलाई 2020 को 25.576 किलोग्राम चांदी की ईंटें ट्रस्ट को दान में मिलने का भी पूरा रिकॉर्ड मौजूद है।  चांदी की ईंटें बैंक लॉकर में सुरक्षित जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि दान में मिली इन चांदी की ईंटों को कहीं गायब नहीं किया गया. एसआईटी के मुताबिक, ट्रस्ट की तय प्रक्रिया के तहत इन चांदी की ईंटों को गलाकर सुरक्षित रूप में बैंक के लॉकर में रखवा दिया गया है. यानी सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोप कि चांदी की ईंटें लापता हैं, जांच में फर्जी साबित हुए।  हालांकि, चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला अभी भी जांच के दायरे में है. इस मामले में एसआईटी की सिफारिश पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और आठ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है. इन पर दान राशि की चोरी, आपराधिक साजिश, अमानत में खयानत और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस और एसआईटी दोनों मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं।  चढ़ावे में कैसे हुए घपलेबाजी? सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में कर्मचारियों की निगरानी, कैश काउंटिंग, सीसीटीवी व्यवस्था और दान राशि को मंदिर से बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कई खामियां भी सामने आई हैं. इन्हीं कमियों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है. इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और इसके सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है।  यानी, जहां चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच अभी जारी है, वहीं दान में मिली चांदी की ईंटों को लेकर फैले कई दावों को एसआईटी ने रिकॉर्ड के आधार पर खारिज कर दिया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि इस फर्जी दावे मामले में आगे भी सभी सच्चाई की पड़ताल की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।   

पंजाब में बच्चों के लिए बड़ा फैसला, जन्म से 3 साल तक तैयार होगा डिजिटल डेवलपमेंट रिपोर्ट कार्ड

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने जन्म से तीन वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में 'निक्के कदम बड़ा विकास' अभियान शुरू किया है। इस योजना के तहत अब प्रदेश के हर नवजात और तीन साल तक के बच्चे का विस्तृत विकास रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चे के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास, पोषण स्तर और स्वास्थ्य संबंधी सभी पहलुओं की नियमित निगरानी की जाएगी। अभियान की शुरुआत शुक्रवार को चंडीगढ़ के होटल ललित में महिला एवं बाल विकास मंत्री डाॅ. बलजीत कौर ने की। डाॅ. बलजीत कौर ने बताया कि इस योजना के पहले चरण में प्रदेश के करीब डेढ़ लाख बच्चों को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक बच्चे की विकास संबंधी जानकारी आंगनबाड़ी वर्कर नियमित रूप से दर्ज करेंगी। इसके लिए पहले सभी आंगनबाड़ी वर्करों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे बच्चों के विकास का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कर सकें और किसी भी प्रकार की समस्या की समय रहते पहचान कर सकें। अभिभावकों के बनेंगे व्हाट्स एप ग्रुप उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रत्येक क्षेत्र में बच्चों के अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए जाएंगे। इन ग्रुपों के माध्यम से माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। अभिभावक किसी भी समय अपने बच्चे की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे तथा आवश्यक सलाह भी ले सकेंगे। बच्चों की सेहत पर नजर रखना मुख्य उद्देश्य मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों में कुपोषण, मानसिक विकास में देरी, व्यवहार संबंधी समस्याओं या अन्य स्वास्थ्य संबंधी विकारों की शुरुआती अवस्था में ही पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षणों में यह भी सामने आया है कि विकास संबंधी समस्याएं केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपन्न परिवारों के बच्चों में भी ऐसे मामले देखने को मिले हैं। इसलिए यह अभियान सभी वर्गों के बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हर बच्चे तक योजना को पहुंचाना है लक्ष्य डाॅ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर गांव और शहर में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में 6,000 नई आंगनबाड़ी वर्करों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ स्वस्थ एवं सशक्त पंजाब के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल पर जोर

रांची  राज्य के जल स्रोतों की स्वच्छता और शुद्धता के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 30 करोड़ की सहायता राशि दी जाएगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की तरफ से यह राशि प्रतिवर्ष मानसून के समय राज्यों को दी जाती है। इसमें जलस्रोतों के पास रसायनों के छिड़काव, उनका साफ सफाई के अलावा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस राशि से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुछ दवाइयां भी रखी जाएंगी। केंद्रीय सहायता मिलते ही जिलों में इसका आवंटन कर दिया जाएगा। जल सहिया को गुणवत्तापूर्ण जल जांच किट भी मुहैया कराए जाएंगे। जल जीवन मिशन पार्ट- 2 में भी जल स्रोतों की स्वच्छता के लिए विशेष खर्च का प्रविधान किया गया है। हालांकि यह राशि पूर्व से चली आ रही सहायता के तहत दी जाएगी। राज्य में बरसात के मौसम में दूषित जल का सेवन करने से लोग डायरिया जैसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। खराब पड़े हैंडपंप का मरम्मत का काम पूरा पेयजल स्वच्छता विभाग ने करीब 18 हजार खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल मिलने में आसानी हुई है। हैंडपंप और सोलर आधारित सामुदायिक पंप से ग्रामीण क्षेत्र में 70 प्रतिशत तक पेयजल की आपूर्ति इस साल की गई है। स्वच्छता के लिए मिलने वाली राशि से सामुदायिक जलापूर्ति योजना के आसपास काम कराया जाएगा। इस राशि को खर्च करने की ज्यादातर जिम्मेदारी जल सहिया के पास होती है। अक्टूबर से जल जीवन मिशन पार्ट-2 के तहत स्वच्छता उपायों पर ज्यादा राशि खर्च की जा सकेगी। इसमें स्वच्छता के लिए तकनीकी खर्च की सीमा बढ़ाई गई है।