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लंपी वायरस की रोकथाम के लिए योगी सरकार अलर्ट, 25 जिलों में 606 टीमें तैनात

योगी सरकार ने लंपी वायरस की रोकथाम के लिए 25 जनपदों में 606 टीमें कीं तैनात लंपी स्किन डिजीज से अब तक 9,003 पशु प्रभावित, 16.08 लाख से अधिक पशुओं का हुआ टीकाकरण पशुओं में लंपी स्किन डिजीज को लेकर गांव-गांव जाकर किसानों को किया जा रहा है जागरूक लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पशुधन को लंपी स्किन डिजीज से सुरक्षित रखने के लिए विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर रोकथाम एवं नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के 25 जनपदों में 606 टीमें तैनात कर प्रभावित एवं संभावित क्षेत्रों में निगरानी, उपचार और टीकाकरण का कार्य तेज किया गया है।     इस दौरान पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रभावित जनपदों में विशेष सतर्कता एवं प्रभावी नियंत्रण उपाय सुनिश्चित किया जा रहा है। बीमारी की रोकथाम के लिए रिंग वैक्सीनेशन, संक्रमित पशुओं को अलग रखना, वेक्टर कंट्रोल, कीटाणुशोधन तथा साफ-सफाई जैसे प्रभावी उपाय प्राथमिकता दी जाए। टीकाकरण अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करते हुए इसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पशु चिकित्सक निर्धारित समय पर चिकित्सालयों में उपस्थित रहें तथा गांवों में शिविर लगाकर टीकाकरण अभियान को गति दें। पशु सखी, पैरावेट एवं मैत्री को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर टीकाकरण की शत-प्रतिशत सुनिश्चितता पर विशेष ध्यान दिया जाए।   उन्होंने जनप्रतिनिधियों, गोपालकों एवं गोशाला संचालकों के साथ जनजागरूकता बैठकें आयोजित करने तथा बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक गो आश्रय स्थल में हरे चारे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया। विभागीय अभियान के तहत अब तक प्रदेश में 16,08,548 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं, लंपी स्किन डिजीज के संक्रमण से अब तक 9,003 पशु प्रभावित होने की सूचना है। प्रभावित पशुओं की पहचान के साथ ही उनके उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।  प्रभावित जनपदों में लगातार रखी जा रही है निगरानी लंपी वायरस की रोकथाम के लिए तैनात 606 टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं। टीमों द्वारा पशुपालकों को बीमारी के लक्षण, बचाव के उपाय और संक्रमित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। संदिग्ध मामलों की जानकारी मिलने पर तत्काल पशु चिकित्सा टीमों को सक्रिय किया जा रहा है। टीकाकरण पर दिया जा रहा विशेष जोर लंपी स्किन डिजीज के नियंत्रण में टीकाकरण को महत्वपूर्ण उपाय मानते हुए विभाग द्वारा प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 16 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। साथ ही पशुपालकों से अपील की जा रही है कि वे अपने पशुओं का समय से टीकाकरण कराएं और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा विभागीय टीम को सूचना दें। पशुपालकों को किया जा रहा जागरूक विभाग की ओर से पशुपालकों को स्वच्छता बनाए रखने, पशुओं के आसपास मच्छर-मक्खी जैसे वाहक कीटों की रोकथाम करने तथा संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की सलाह दी जा रही है। पशुओं में शरीर पर गांठें, बुखार, त्वचा पर घाव या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि समय रहते संक्रमण की पहचान, प्रभावी निगरानी, टीकाकरण और उपचार के माध्यम से लंपी स्किन डिजीज के प्रसार को नियंत्रित किया जाए, जिससे पशुधन की सुरक्षा के साथ पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान को भी कम किया जा सके।

21 युवाओं को मिली नौकरी की सौगात, CM योगी ने अपने हाथों दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री योगी के हाथों 21 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र  आयुष विभाग के 11, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के 8 तथा सूक्ष्म, लघु-मध्यम उद्यम विभाग में चयनित दो युवाओं को मंच पर दिया गया नियुक्ति पत्र लखनऊ  योगी सरकार की ओर से शनिवार को प्रदेश भर में 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग व उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग में अनुदेशक, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी, आयुष विभाग में प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर व फार्मासिस्ट तथा चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर चयनित युवाओं को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिला।  इनमें से 21 युवाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर नियुक्ति पत्र वितरित किये।  आयुष विभाग  1-    डॉ. सुधीर चौहान- प्रोफेसर, होम्योपैथी  2-    आराधना चौधरी- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी  3-    रोशनी- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी 4-    प्रिंसी गुप्ता- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी 5-    साक्षी सिंह- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी 6-    पल्लवी देवी- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी 7-    आकाश शुक्ला- फार्मासिस्ट- होम्योपैथी  8-    डॉ. हिमानी- रीडर- आयुर्वेद 9-    रोमा आनंद- रीडर- आयुर्वेद 10-    साफिया बानो-प्रवक्ता-यूनानी 11-    डॉ. मोहम्मद कासिफ- प्रवक्ता-यूनानी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग  12-    प्रिंस सिंह- एक्सरे टेक्नीशियन  13-    पंकज कुमार वर्मा- एक्सरे टेक्नीशियन 14-    शिवानंद शुक्ल- एक्सरे टेक्नीशियन 15-    मो. अफरोज- एक्सरे टेक्नीशियन 16-    ट्विंकल पटेल- एक्सरे टेक्नीशियन 17-    सरिता सोनी- एक्सरे टेक्नीशियन 18-    सविता देवी- एक्सरे टेक्नीशियन 19-    अनुराग गौतम- एक्सरे टेक्नीशियन सूक्ष्म, लघु-मध्यम उद्यम विभाग  20-    तृप्ति श्रीवास्तव- सहायक सांख्यिकी अधिकारी  21-    ललित कुमार वर्मा- सहायक सांख्यिकी अधिकारी ।

सपा के उपदेशक नेता गिनते जाएं, हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे- सीएम योगी

सीएम योगी ने यूपी में एक लाख नई नौकरियों का किया ‘श्रीगणेश’  विभिन्न विभागों में नवनियुक्त 818 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र  सपा के उपदेशक नेता गिनते जाएं, हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे- सीएम योगी रविवार को भी मिलेगा लगभग हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र, पुलिस-होमगार्ड में करीब 77 हजार भर्तियों की प्रक्रिया जारी यूपीएसएसएससी परिणामों से 25-30 हजार और उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से भी 20-25 हजार भर्तियां होंगी सपा शासनकाल में बहुत सारी भर्तियां ऐसी हुईं, जिसमें आवेदन न करने वालों को भी मिला नियुक्ति पत्र- मुख्यमंत्री सीएम की दो टूक- 2017 के पहले सरकार ने आयोग-बोर्ड में भाई-भतीजों को बैठाकर बदनाम किया था यूपी को लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत शनिवार को एक लाख नई नौकरियों का शुभारंभ किया। उन्होंने नवचयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उन्हें शुभकामनाएं दीं। सरकार पर प्रश्न खड़ा करने वाले समाजवादी पार्टी के नेताओं से सीएम योगी ने कहा, आप गिनते जाइए, हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे। आज तीन विभागों के नियुक्ति पत्र दे रहे हैं। रविवार को भी लगभग हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। यह प्रक्रिया अनवरत चलेगी। यूपी पुलिस में 36 हजार, होमगार्ड में 41-42 हजार युवाओं की नियुक्ति करेंगे। इनके मेडिकल व फिजिकल की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के अगले छह महीने में जारी होने वाले परिणामों से 25-30 हजार नए युवाओं को अवसर मिलेंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से भी 20-25 हजार युवाओं की भर्ती होगी। तीन-चार महीने में इसके परिणाम आ जाएंगे। यूपीपीएससी की परीक्षाओं के उपरांत भी 15-16 हजार युवाओं को अलग-अलग विभागों में नियुक्ति मिलेगी।  सीएम योगी ने लोकभवन सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान मिशन रोजगार पर लघु फिल्म भी दिखाई गई। सीएम ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग व उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि आयोग व बोर्ड जब शासन की राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षा की शुचितापूर्ण प्रक्रिया संपन्न होती है तो परिणाम भी ऐसे ही दिखते हैं। गदर मचाने वाले गिनती करें, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक साढ़े 9 लाख नौजवानों को नियुक्ति दी गई है। हम छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। 2017 के पहले गदर मचाने वाले काउंट करें, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे। 2017 के पहले तत्कालीन सरकार ने आयोगों-बोर्डों में भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर दिया था। एक भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होती थी। युवाओं के सामने एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई थी। यूपी में नौकरी थी नहीं और बाहर पहचान का संकट था, जिससे उनके सपने तार-तार होते थे। तत्कालीन सरकार की भ्रष्ट-भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली व बीमारू मानसिकता के कारण यूपी बीमारू हो गया था।  हमने यूपी की स्ट्रेंथ को इकॉनमिक अपॉर्च्युनिटी माना सीएम ने कहा कि 2017 के पहले एक अयोग्य व्यक्ति को उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन का चेयरमैन बना दिया गया। उसके गदर के कारण न्यायालय को और सड़क पर उतर कर युवाओं को कहना पड़ा कि इसे जिंदगी भर जेल में सड़ाओ। 2017 में युवाओं ने सरकार बदलने का बड़ा फैसला भी लिया। हमारी सरकार ने पीएम मोदी के विजन के अनुरूप मिशन रोजगार के कार्यक्रम को बढ़ाया। पिछली सरकार नौजवान की शक्ति, ताकत व प्रतिभा को सम्मान नहीं दे पाई, हमने यूपी की स्ट्रेंथ को इकॉनमिक अपॉर्च्युनिटी माना। उन्होंने यूपी के अंदर अवसरों को लॉक कर दिया था, हमने उस पोटेंशियल को प्रतिभाशाली युवाओं के जरिए अनलॉक करने का प्रयास किया। इसका परिणाम अब दिख रहा है। राजनीतिक संक्रमण के दौर से गुजरना पड़ा यूपी को  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली युवा जब यूपी की ताकत बनेंगे तो प्रदेश नंबर-1 इकॉनमी के रूप में खुद को स्थापित करेगा। हर क्षेत्र में नए भारत के नए यूपी के रूप में अपना स्थान बनाएगा। देश का हृदय स्थल, सबसे उर्वरा भूमि, सर्वाधिक जल संसाधन, परंपरागत उद्यम के साथ आगे बढ़ने वाला राज्य है यूपी। कभी प्रति व्यक्ति सर्वाधिक आय वाला यह राज्य राजनीतिक संक्रमण के ऐसे दौर से गुजरा कि नौजवान के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया। उस दौर में कोई भी सुरक्षित नहीं था। नौजवान को रुचि के अनुरूप प्लेटफॉर्म नहीं मिलता था।  काले धब्बे से अब मुक्त हो गया यूपी सीएम ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले उपदेशक चाचा-भतीजे की जोड़ी बेखौफ नौकरियों पर डकैती डालने निकलती थी, लेकिन 2027 के बाद ये उपदेश देने लायक भी नहीं रह पाएंगे। उत्सव प्रदेश को उपद्रव प्रदेश बनाने वालों को, किसानों को आत्महत्या और यूपी के नागरिकों को भूखे मरने के लिए उनके हाल पर छोड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह मामला गलती का नहीं, बल्कि शरारत का था। हम अब इस काले धब्बे से मुक्त हुए हैं।  सपा शासन में आवेदन न करने वालों को भी नियुक्ति पत्र  सीएम ने आरोप लगाया कि सपा में बहुत सारी भर्तियां ऐसी हुई थीं, जिसमें आवेदन न करने वालों को भी नियुक्ति पत्र मिल गया और आवेदन करने वाले देखते रह गए। सीएम ने युवाओं से अपील की कि आपके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के भविष्य से आप खिलवाड़ करें। आपको यह ताकत बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से दी है।  हमने चुनौती को समाधान तक पहुंचाया सीएम ने कहा कि सरकार बनने के बाद हर क्षेत्र में जीरो टॉलरेंस लागू किया गया। अब यूपी के किसी व्यक्ति के समक्ष पहचान का संकट नहीं है। यूपी की उपलब्धियों को देखकर अन्य प्रदेश के लोग भी अभिभूत होते हैं। सपा सरकार ने चुनौतियों को समस्या माना। वे परिवार-सिंडिकेट से बेईमानी व भ्रष्टाचार कराते रहे। 2017 के पहले यूपी सबसे गरीब राज्यों में माना जाता था, लेकिन हमने चुनौती को समाधान तक पहुंचाया, जिससे यूपी की प्रति व्यक्ति आय, अर्थव्यवस्था, महिला वर्कफोर्स व बजट को तीन गुना करने में सफलता मिली। यूपी 6 वर्ष से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, भारत के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण अंग और टॉप-3 इकॉनमी में गिना जा रहा … Read more

नियुक्ति पत्र मिलते ही चेहरे पर आई खुशी, अभ्यर्थियों ने कहा- पारदर्शी तरीके से मिली नौकरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले अभ्यर्थियों के चेहरे, बोले- बिना भेदभाव मिली नौकरी योगी सरकार में मेहनत को मिला मुकाम, लगनशील अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा- निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती से साकार हुआ सरकारी नौकरी का सपना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का सिलसिला जारी है। शनिवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। युवाओं ने एक स्वर में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत का फल आज उन्हें मिला है। नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों ने कहा कि इस सरकार में बिना किसी भेदभाव और लेनदेन के चयन प्रक्रिया पूरी हुई है। युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकारी नौकरी का उनका सपना साकार हुआ है। फॉर्म भरने में खर्च हुए मात्र 150 रुपये, मिल गई सरकारी नौकरी अयोध्या निवासी एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित प्रिंस सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके और परिवार के लिए सौभाग्य की बात है। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही और किसी तरह का भेदभाव या लेनदेन नहीं हुआ। फॉर्म भरने में केवल 150 रुपये खर्च हुए थे, इसके अलावा एक भी रुपया नहीं लगा। उन्होंने कहा कि मात्र 150 रुपये में नौकरी मिलना योगी सरकार में ही संभव है। मेहनत करने वालों को मिल रहा हक होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पद पर चयनित आकाश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर बेहद खुशी हो रही है। पिछली बार 400 और इस बार 393 रिक्तियां निकलना बड़ी बात है। इससे दूसरे अभ्यर्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब भर्तियों की जानकारी समय से मिल रही है, जिससे युवा आवेदन कर तैयारी कर पा रहे हैं। यह नियुक्ति उन लोगों के लिए सबक है जो पहले नियुक्तियों में गड़बड़ी कर अभ्यर्थियों का हक मारते थे। वाराणसी निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट साक्षी सिंह ने कहा कि पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्ति हुई है। जिन्होंने मेहनत की, उन्हें नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि और सपना साकार होने जैसा है।  योगी सरकार में दूसरी बार नियुक्ति पत्र पाने का सौभाग्य मिला बलरामपुर निवासी एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित शिव शंकर ने कहा कि योगी सरकार में दूसरी बार नियुक्ति पत्र पाने का सौभाग्य मिला है। इस प्रक्रिया में किसी तरह का पैसा नहीं लगा। शिव शंकर ने बताया कि वर्ष 2015 में भी उनका चयन हुआ था, लेकिन इंटरव्यू में छांट दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय इंटरव्यू में पैसे चले थे, जिसके कारण उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने इंटरव्यू हटा दिया है और पूरी ईमानदारी से नियुक्तियां हो रही हैं। पहले की सरकारों में पैसे देने वालों को नौकरी मिलती थी, जबकि आज पढ़ने-लिखने वाले छात्रों को अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर परिवार गौरवान्वित सहारनपुर निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट आराधना चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही और कहीं भी गलत तरीके से काम नहीं हुआ। इसी पर चयनित प्रिंसी गुप्ता ने कहा कि उन्हें मेहनत के आधार पर नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना बेहद खास पल है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। वहीं होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पल्लवी देवी ने कहा कि वह दो साल से तैयारी कर रही थीं। आज उनकी मेहनत का फल मिल गया है। उन्होंने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया। योगी सरकार में ईमानदारी से काम हो रहा गोरखपुर निवासी डॉ. सफिया बानो का चयन प्रवक्ता यूनानी के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया 15 महीने में पूरी हो गई। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में ईमानदारी से काम हो रहा है और नियुक्तियां पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न हो रही हैं।

किसान की बेटी बनी प्रोफेसर, बोलीं- पारदर्शी चयन से युवाओं में बढ़ा भरोसा

नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे, अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार   किसान की बेटी बनी प्रोफेसर, बोलीं- निष्पक्ष और पारदर्शी चयन ने युवाओं में भरा नया भरोसा   फार्मासिस्ट और एक्स-रे टेक्नीशियन ने कहा- योग्यता के आधार पर मिली नौकरी, पूरी निष्ठा से निभाएंगे जिम्मेदारी   लखनऊ  लोकभवन सभागार में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर नवचयनित अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए उनका आभार जताया। किसी ने किसान परिवार से निकलकर प्रोफेसर बनने की अपनी यात्रा साझा की तो किसी ने बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार का अवसर मिलने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि योग्यता के आधार पर हुए चयन से युवाओं में मेहनत के बल पर सरकारी सेवा में आने का भरोसा बढ़ा है।   किसान की बेटी बोलीं- निष्पक्ष चयन से युवाओं में नई ऊर्जा हाथरस की डॉ. रेखा पलावत का लोक सेवा आयोग से प्रोफेसर शल्य तंत्र के पद पर चयन हुआ है। मुख्यमंत्री से संवाद में उन्होंने कहा कि उनके पिता किसान हैं और वह मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। माता-पिता के कठिन परिश्रम से वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। उन्होंने आवेदन से चयन और नियुक्ति तक की प्रक्रिया कम समय में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी और आयुष मंत्री का आभार जताया।   डॉ. रेखा ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में योग्यता के आधार पर परिणाम आने से अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह आया है। अब युवाओं में यह विश्वास है कि सच्चे मन से मेहनत करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि मिली जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगी।   अंशु ने मुख्यमंत्री को दिया पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय लखनऊ की अंशु गुप्ता का चयन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के पद पर हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी खुशी साझा करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय उन्हें दिया। अंशु ने कहा कि वर्ष 2022 से 2026 तक 800 से अधिक होम्योपैथिक फार्मासिस्टों का चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पालन करेंगी।   बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के लिए जताया आभार एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयनित सरिता सोनी ने मुख्यमंत्री योगी और प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से हुई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बेटियों को न केवल सुरक्षा और सम्मान से जीने का अवसर मिला है, बल्कि आगे बढ़ने के लिए रोजगार का अवसर भी मिला है। उन्होंने अपने दायित्व का निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने की बात कही।   लखनऊ के अनुराग गौतम का भी एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को दिल से धन्यवाद देते हुए पूरी निष्ठा से सेवा करने का भरोसा दिलाया।   निष्पक्ष चयन पर सचिन ने मुख्यमंत्री को कहा धन्यवाद भदोही के सचिन कुमार सिंह का उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से वायरमैन अनुदेशक के पद पर चयन हुआ है। उन्हें आलापुर, अंबेडकरनगर में तैनाती मिली है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और मिली जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाने की बात कही।   प्रयागराज के महेश कुमार यादव का चयन प्लंबर अनुदेशक के पद पर हुआ है। उन्हें गोंडा में तैनाती मिली है। उन्होंने भी नियुक्ति मिलने पर आभार जताते हुए अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का भरोसा दिया।   पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया को दिया सफलता का श्रेय उद्योग विभाग में सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित दिलीप कुमार पांडे ने कहा कि उनकी सफलता केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है। इसमें माता-पिता, शिक्षकों और उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया का भी योगदान है। उन्होंने इस दिन को अपने लिए ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री का हृदय से आभार जताया।   सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित यशवंत सिंह ने भी नियुक्ति मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।   इन्हें मुख्यमंत्री के हाथों मिले नियुक्ति पत्र आयुष विभाग में डॉ. सुधीर चौहान को प्रोफेसर होम्योपैथ, आराधना चौधरी, रोशनी, प्रिंसी गुप्ता, साक्षी सिंह, पल्लवी देवी और आकाश शुक्ला को फार्मासिस्ट होम्योपैथ, डॉ. हिमानी और डॉ. रोमा आनंद को रीडर आयुर्वेद तथा डॉ. सफिया बानो और डॉ. मोहम्मद कासिफ को प्रवक्ता यूनानी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।   चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में प्रिंस सिंह, पंकज कुमार वर्मा, शिवानंद शुक्ल, मोहम्मद अफरोज, ट्विंकल पटेल, सरिता सोनी, सविता देवी और अनुराग गौतम को एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर नियुक्ति पत्र मिले। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में तृप्ति श्रीवास्तव और ललित कुमार वर्मा को सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

आपदा प्रभावितों के लिए योगी सरकार की पहल, 18 सितंबर तक 249.76 करोड़ रुपये की मदद

01 अप्रैल से 18 सितंबर तक आपदाओं से प्रभावित लोगों को दी गई 249.76 करोड़ रुपये की सहायता आपदा प्रभावितों को शीघ्र राहत देने के लिए योगी सरकार की संवेदनशील पहल किसानों की फसल, क्षतिग्रस्त मकानों और पशुहानि के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को जल्द मिली आर्थिक मदद लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों और परिवारों को समय पर राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में अतिवृष्टि, वज्रपात, सर्पदंश, बाढ़, मानव-वन्यजीव द्वंद्व, ओलावृष्टि, डूबने की घटनाओं, अग्निकांड और आंधी-तूफान जैसी विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 01 अप्रैल 2026 से 18 सितंबर 2026 तक विभिन्न आपदाओं से बचाव और राहत के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों को अलग-अलग मदों में कुल 249.76 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।  राज्य सरकार की ओर से घोषित विभिन्न आपदाओं में राहत के लिए अब तक 206.19 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, ओलावृष्टि से हुए नुकसान के सापेक्ष राहत के लिए 111.67 करोड़ रुपये, बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 114.04 करोड़ रुपये और अग्निकांड से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए 36.85 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार की ओर से अलग-अलग आपदाओं की प्रकृति और नुकसान के अनुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जा रही है। जनहानि से प्रभावित परिवारों को 156.92 करोड़ रुपये की सहायता वज्रपात, सर्पदंश, डूबने, आंधी-तूफान, मानव-वन्यजीव द्वंद्व, अग्निकांड और अतिवृष्टि से हुई जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों और परिजनों को भी राहत सहायता दी गई है। ऐसे मामलों में अब तक 156.92 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। फसल क्षति के लिए 1.16 लाख किसानों को 72.31 करोड़ रुपये वितरित योगी सरकार की राहत व्यवस्था में किसानों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। ओलावृष्टि, बाढ़, अतिवृष्टि और अग्निकांड से प्रभावित 1,16,000 किसानों की फसल क्षति के सापेक्ष अब तक 72.31 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसानों को इस सहायता से आर्थिक राहत मिली है। इसी तरह बाढ़, अतिवृष्टि, अग्निकांड, आंधी-तूफान और वज्रपात से क्षतिग्रस्त 23,595 मकानों के सापेक्ष प्रभावित लोगों को 15.09 करोड़ रुपये की राहत सहायता दी जा चुकी है। सरकार ने पशुहानि के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। अग्निकांड, वज्रपात, आंधी-तूफान, सर्पदंश और अतिवृष्टि से हुई कुल 1,519 पशुहानि के सापेक्ष 5.25 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की गई है। आपदाओं के दौरान घायल हुए लोगों को भी राहत सहायता प्रदान की गई है। आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, अग्निकांड, वज्रपात और मानव-वन्यजीव द्वंद्व से घायल हुए कुल 183 लोगों को 19.90 लाख रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। इस प्रकार, 01 अप्रैल से 18 सितंबर 2026 तक प्रदेश में विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों और परिवारों को कुल 249.76 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। इसमें जनहानि से प्रभावित परिवारों, फसल क्षति झेलने वाले किसानों, मकान क्षति के मामलों, पशुहानि से प्रभावित लोगों और आपदाओं में घायल हुए लोगों को शामिल किया गया है। योगी सरकार की ओर से आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देना है। विभिन्न प्रकार की आपदाओं के लिए अलग-अलग मदों में धनराशि जारी करने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की व्यवस्था के माध्यम से सरकार ने आपदा के बाद लोगों को संभालने और उनके नुकसान को कम करने पर जोर दिया है।

PM सूर्य घर योजना: पात्र उपभोक्ताओं को जल्द मिले लोन, आवेदनों की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश

पीएम सूर्य घर योजना में ऋण वितरण की गति बढ़ाने पर जोर पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया को किया जाए सुनिश्चित यूपी नेडा निदेशक ने पीएसयू बैंकों को दिए निर्देश लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सोलर रूफटॉप उपभोक्ताओं को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूपी नेडा के निदेशक की अध्यक्षता में प्रमुख पीएसयू बैंकों, आरईसी, एसएलबीसी एवं संबंधित हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।     यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि ऋण आवेदनों के अनावश्यक रिजेक्शन को न्यूनतम किया जाए। पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया एवं स्वीकृति सुनिश्चित किया जाए। स्वीकृत ऋण का शीघ्र वितरण किया जाए, ताकि रूफटॉप सोलर की स्थापना में देरी न हो। लंबित मामलों की नियमित बैंकवार समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई।      पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल एवं जन सार्मथ्य से संबंधित प्रक्रियात्मक समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए। बैठक में एसएलबीसी के माध्यम से बैंकों के साथ नियमित समन्वय एवं लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। आरईसी एवं संबंधित हितधारकों से बैंकिंग प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में सहयोग का आग्रह किया गया।     इससे पूर्व,  बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। यूपी नेडा का उद्देश्य है कि सौर ऊर्जा अपनाने के इच्छुक प्रत्येक पात्र परिवार को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध ऋण सुविधा उपलब्ध हो, जिससे उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर स्थापना की गति और तेज हो सके।     बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया,.इंडियन बैंक, यूको बैंक सहित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा एसएलबीसी एवं आरईसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

निष्पक्ष चयन से पूरा हुआ नौकरी का सपना, नवचयनित अभ्यर्थियों ने CM के सामने रखीं भावनाएं

‘माता-पिता व गुरु के आशीर्वाद और सरकार की निष्पक्षता से साकार हुए सपने’ मुख्यमंत्री के समक्ष नवचयनित अभ्यर्थियों ने खुलकर व्यक्त कीं अपनी भावनाएं भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति जताया आभार  लखनऊ नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरु के आशीर्वाद और योगी सरकार की निष्पक्षता को दिया। कहा कि हमने काफी मेहनत की, लेकिन सपने तो सरकार की पारदर्शी नीतियों से ही साकार हुए। सीएम ने नवचयनितों से अपेक्षा की कि वे शासन का हिस्सा बनकर ईमानदारी से कार्य करते हुए 25 करोड़ प्रदेशवासियों को अपनी सेवा व प्रतिभा का लाभ देंगे। युवाओं ने भी सीएम योगी से वायदा किया कि वे जनसेवा को प्राथमिकता देंगे।  मेरी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री जी को  नवचयनित फार्मासिस्ट अंशु गुप्ता ने कहा, मेरे लिए बहुत ही खुशी का पल है। अपने चयन और सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री जी को दे रही हूं, क्योंकि उन्होंने परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपूर्ण कराया। 2022 से लेकर 2026 तक 800 से अधिक होम्योपैथिक फार्मासिस्टों का चयन इसी तरह से हुआ है।  योग्यता पर आए परिणाम ने भरा उत्साह  प्रोफेसर डॉ. रेखा पलावत ने कहा, आवेदन से लेकर चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया इतने कम समय में निष्पक्षता और पारदर्शिता से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री व आयुष मंत्री का आभार। मेरे पिता किसान हैं। मैं बहुत ही मध्यमवर्गीय परिवार से आती हूं। माता-पिता के अथक परिश्रम से यहां तक आ सकी हूं। मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशन में योग्यता के आधार पर आए परिणाम से अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा और नया उत्साह भर गया है।  बेटियों को दी सुरक्षा, सम्मान व रोजगार एक्स-रे टेक्नीशियन सरिता सोनी ने कहा, मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बेटियों को सुरक्षा, सम्मान से जीने और आगे बढ़ने के लिए रोजगार का अवसर मिला है। मैं सीएम का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाती हूं कि कर्तव्य का पालन निष्ठा और ईमानदारी के साथ करूंगी। एक्सरे टेक्नीशियन अनुराग गौतम ने कहा, मुख्यमंत्री जी को दिल से धन्यवाद। पूर्ण निष्ठा से कार्यों का निर्वहन कर जनसेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहूंगा। अनुदेशक वायरमैन सचिन कुमार सिंह ने कहा, निष्पक्ष और पारदर्शिता के माध्यम से सरकार से जो भी कार्य-दायित्व मिला है, उसका निष्पक्षता व ईमानदारी से पालन करूंगा।  मेहनत व सरकार की पारदर्शिता का नतीजा सहायक सांख्यिकी अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय ने कहा, यह सफलता केवल मेरी मेहनत का परिणाम नहीं, इसमें माता-पिता, शिक्षकों का आशीर्वाद तथा उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया भी शामिल है। मेरे दिन को गौरवपूर्ण व ऐतिहासिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार। विभाग मुझे जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पूरा करूंगा। महेश कुमार यादव ने कहा, मेरा चयन प्लंबर अनुदेशक के पद पर गोंडा में हुआ है। मुझे जो भी कार्य मिला है, उसका भरपूर निष्ठा एवं आस्था के साथ पूर्ण निर्वहन करूंगा। सहायक सांख्यिकी अधिकारी यशवंत सिंह ने भी अपने निष्पक्ष चयन के लिए योगी सरकार का हृदय से आभार जताया।

लोकभवन में 818 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी बोले- भर्ती का सिलसिला लगातार रहेगा

जो नहीं कर पाए वे गिनते जाएं, हम नौकरियां देते जाएंगे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   लोकभवन में 818 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी बोले- भर्ती का सिलसिला लगातार रहेगा   मिशन रोजगार के तहत UPPSC और UPSSSC से विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र   पुलिस में 36 हजार और होमगार्ड में 41 से 42 हजार नियुक्तियों की प्रक्रिया का किया जिक्र   बोले- अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी   पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना, कहा- भर्ती बोर्ड और आयोगों में भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को किया था बदनाम   कहा- बीमार उत्तर प्रदेश नहीं था, सरकारों की मानसिकता बीमार थी, कार्यप्रणाली भ्रष्ट और भेदभावपूर्ण थी   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो लोग रोजगार नहीं दे पाए, वे आज सवाल खड़े कर रहे हैं। वे गिनते जाएं, हम नौकरियां देते जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख से कम नहीं, बल्कि एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली युवा जब उत्तर प्रदेश की ताकत बनेंगे तो प्रदेश देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था के रूप में खुद को स्थापित करेगा।   मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को लोकभवन सभागार में मिशन रोजगार के तहत आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से आयुष, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम समेत विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री योगी ने नवचयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें उनके परिश्रम का प्रतिफल मिला है और अब वे उत्तर प्रदेश सरकार के अलग-अलग विभागों का हिस्सा बन रहे हैं।   साढ़े नौ लाख युवाओं को मिल चुकी सरकारी नौकरी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब तक प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दी गई है। नियुक्तियों का क्रम आगे भी जारी रहेगा। शनिवार को भी करीब एक हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।   उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। जो लोग यह काम नहीं कर पाए, वे आज प्रश्न खड़े कर रहे हैं। वे गिनते जाएं, हम देते जाएंगे। एक लाख से कम युवाओं को नौकरी देने पर नहीं, उससे ज्यादा पर ही चर्चा होगी।   पुलिस में 36 हजार, होमगार्ड में 41 से 42 हजार नियुक्तियां मुख्यमंत्री योगी ने आगामी नियुक्तियों का ब्योरा देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में 36 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं। उनकी परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और फिजिकल व मेडिकल की प्रक्रिया चल रही है। होमगार्ड में भी 41 से 42 हजार नियुक्तियां हो रही हैं।   उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से अगले छह महीने में आने वाले परिणामों के माध्यम से 25 से 30 हजार नए युवाओं को अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से करीब 20 से 25 हजार नौजवानों को अवसर मिलने वाला है। कुछ के परिणाम आने शुरू हो गए हैं और कुछ की परीक्षाएं चल रही हैं। अगले तीन से चार महीने में इनके परिणाम भी सामने आ जाएंगे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से भी अलग-अलग विभागों में 15 से 16 हजार युवाओं को अवसर मिलेगा।   भर्ती बोर्ड राजनीति का शिकार न हों तो ऐसे मिलते हैं परिणाम मुख्यमंत्री योगी ने भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और शुचितापूर्ण तरीके से पूरी करने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्षों एवं सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोग शासन की राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षाएं पारदर्शी व शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न होती हैं तो उसके परिणाम ऐसे ही देखने को मिलते हैं।   भाई-भतीजों को बैठाकर भर्ती प्रक्रिया को किया बदनाम मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले आयोग और भर्ती बोर्डों में तत्कालीन सरकारों ने अपने भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर रखा था। एक भी भर्ती ईमानदारीपूर्वक नहीं होती थी। युवा पलायन करता था और प्रदेश के बाहर उसके सामने पहचान का संकट खड़ा था।   उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का चेयरमैन ऐसे व्यक्ति को बनाया गया था, जो स्वयं उस पद के लिए योग्य नहीं था। इसके बाद वहां जो स्थिति बनी, उसके खिलाफ न्यायालय को कहना पड़ा और प्रदेश के युवाओं को सड़कों पर उतरना पड़ा।   मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में ऐसी भर्तियां भी हुईं, जिनमें आवेदन नहीं करने वालों को नियुक्ति पत्र मिल गया और आवेदन करने वाले देखते रह गए। विज्ञापन जारी होते ही वसूली के लिए अलग-अलग गिरोह और सिंडिकेट सक्रिय हो जाते थे। सरकार ने समूह ग और घ की भर्तियों से साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त कर दी।   बीमार यूपी नहीं, सरकारों की मानसिकता बीमार थी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के नौजवानों की प्रतिभा को सम्मान नहीं मिला। उस समय की सरकारों की बीमारू मानसिकता के कारण उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य बन गया था। उन्होंने कहा कि बीमार उत्तर प्रदेश नहीं था, सरकारों की मानसिकता बीमार थी। उनकी कार्यप्रणाली भ्रष्ट और भेदभावपूर्ण थी।   उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें प्रदेश की युवा शक्ति को समस्या मानती थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे उत्तर प्रदेश की आर्थिक ताकत और अवसर के रूप में देखा। प्रदेश की संभावनाओं को प्रतिभाशाली युवाओं के माध्यम से आगे बढ़ाने का काम किया गया।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो उत्तर प्रदेश 2017 से पहले सबसे गरीब राज्यों में माना जाता था और पहचान के संकट से गुजर रहा था, वही प्रदेश पिछले छह वर्षों से लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। आज उत्तर प्रदेश भारत के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और देश की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है।   उन्होंने कहा कि नौ वर्षों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था तीन गुना हुई है। महिला कार्यबल … Read more

UP में चकबंदी पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 6 जिलों के 13 गांव प्रक्रिया से बाहर; किसानों को राहत

चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग  जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण होने से किसानों को मिली बड़ी राहत लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में लंबित चकबंदी प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसका उद्देश्य किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देश पर छह जिलों के 13 गांवों को जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-6(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इनमें मैनपुरी का भांती गांव 35 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया में था। बदायूं का सिरतौल गांव 14 वर्ष, उन्नाव के दरौली, पीखी, सर्लीद और निहालपुर व लखनऊ के शिवपुरी गांव 12 वर्ष से प्रक्रिया में थे। बरेली का कादरगंज 10 वर्ष से चकबंदी प्रक्रिया में लंबित था। इसके अलावा बिजनौर के हसनअलीपुर व बैबलवाला और बदायूं के बक्सेना व इमलिया गांवों को भी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ने में विभिन्न कारणों से दिक्कत आ रही थी। इनमें गांवों का विकास योजना में आना, नदी के कटान से प्रभावित होना, चकबंदी योग्य क्षेत्रफल 40 प्रतिशत से कम होना, औद्योगिक विकास क्षेत्र में शामिल होना जैसे अन्य कारण शामिल हैं। वहीं, मुजफ्फरनगर के पीपलशाह गांव में 16 वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को काफी प्रयासों के बाद जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत पूरा कर लिया गया है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।