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सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन आयोजित ‘जनता दर्शन’ में 200 लोगों की सुनी समस्याएं

जनता दर्शन  आर्थिक सहायता हो या आवास, सरकार हर जरूरत पर खड़ी है साथः मुख्यमंत्री  सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन आयोजित ‘जनता दर्शन’ में 200 लोगों की सुनी समस्याएं इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों से बोले सीएम- एस्टिमेट बनवाकर उपलब्ध कराइए, तत्काल सहायता मिलेगी  किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं, जरूरतमंदों को निरंतर आवास उपलब्ध करा रही सरकारः सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने गोशाला में गोसेवा भी की, गायों को खिलाया गुड़ व हरा चारा गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को विश्वास दिलाया कि आर्थिक सहायता हो या आवास, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों से कहा कि आप एस्टिमेट बनवाइए और मरीज का ध्यान रखिए, इलाज की चिंता सरकार पर छोड़ दीजिए। वहीं आवास की मांग को लेकर पहुंचे फरियादियों को भी सीएम ने आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद को निरंतर प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास दिला रही है।  मुख्यमंत्री ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। इसके लिए जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा, फिर भी जरूरत पड़ी तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिया कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है।  कुछ लोगों ने पुलिस व राजस्व से जुड़े मामलों में लेटलतीफी की शिकायत की, तो सीएम ने डीएम को तत्काल मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी ने आवास, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, राजस्व, पुलिस आदि से जुड़े अलग-अलग मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।   परंपरागत रही सीएम की दिनचर्या, गोसेवा की, बच्चों से पढ़ाई के बारे में भी पूछा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान सोमवार सुबह भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ और ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी का आशीर्वाद लेने के बाद सीएम योगी ने मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। गोवंश को अपने हाथ से गुड़-रोटी खिलाकर उन पर स्नेह बरसाया। मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए उन्होंने परिजनों के साथ आए बच्चों को पास बुलाकर दुलारा-पुचकारा। चॉकलेट दी और पढ़ाई के बारे में भी पूछा। सीएम ने बच्चों को खूब पढ़ने-आगे बढ़ने का आशीर्वाद भी दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में किया 926 करोड़ की 226 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

बदला हुआ गोरखपुर बनेगा देश के लिए विकास मॉडल: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में किया 926 करोड़ की 226 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास मुख्यमंत्री ने सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का भी किया शुभारंभ, प्रदेश के 2 करोड़ बच्चों को मिलेगा सीधा लाभ सीएम बोले- गोरखपुर ने विगत 9 वर्षों में बीमारी, बदहाल बुनियादी ढांचे, जलभराव, अपराध और पहचान के संकट से निकलकर विकास, सुशासन और आधुनिक सुविधाओं के नए युग में प्रवेश किया चारों दिशाओं में कहीं भी जाएं आपको गौरव और सम्मान मिलेगा, 25 करोड़ उत्तर प्रदेशवासी आज इस नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहे हैं: मुख्यमंत्री गोरखपुर  गोरखपुर को विकास का बेहतरीन मॉडल बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में शहर ने बीमारी, बदहाल बुनियादी ढांचे, जलभराव, अपराध और पहचान के संकट से निकलकर विकास, सुशासन और आधुनिक सुविधाओं के नए युग में प्रवेश किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी नई परियोजनाओं के जरिए गोरखपुर आने वाले समय में देश के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर में 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बदला हुआ गोरखपुर, बदलते उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की नई पहचान का प्रतीक है। जब मां स्वस्थ होगी, तभी बच्चा स्वस्थ होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर महानगर की लगभग एक हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हो रहा है। यह दिन प्रदेश के लिए अत्यंत गौरवशाली और ऐतिहासिक भी है, क्योंकि हम प्रदेश के सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का शुभारंभ भी कर रहे हैं। इस योजना का लाभ आने वाले समय में प्रदेश के लगभग 2 करोड़ बच्चों को मिलेगा। अगर बचपन सुरक्षित है, तो भविष्य भी सुरक्षित है। इस बचपन को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले गर्भवती महिलाओं में कुपोषण की समस्या का समाधान करना आवश्यक है। जब मां स्वस्थ होगी, तभी बच्चा स्वस्थ होगा। जो भी बच्चा पैदा होता है, उसके जीवन के प्रारंभिक हजार दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इन हजार दिनों में बच्चे की उचित देखभाल की जाए, तो न केवल उस परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के लिए एक सशक्त नींव तैयार होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चा केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि समाज का और अंततः पूरे राष्ट्र का भविष्य होता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हमने वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से प्रयागराज में 'टेक होम राशन' (टीएचआर) प्रणाली शुरू की थी। इसके तहत 4000 से अधिक महिला स्वयंसेवी समूहों द्वारा प्रदेश के विभिन्न विकास खंडों में प्लांट स्थापित किए गए, जहां धात्री महिलाओं और कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक रेसिपी तैयार करके अनुपूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। जहां टीएचआर प्लांट से सीधे वितरण संभव नहीं है, वहां नेफेड के माध्यम से सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। लगभग 2 करोड़ बच्चों को अनुपूरक पौष्टिक आहार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि जब बच्चा तीन वर्ष का हो जाए, तो उसे आंगनवाड़ी केंद्रों में छह वर्ष की आयु तक अच्छा पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही वहां खेल-खेल में सीखने, अक्षर ज्ञान प्राप्त करने और समग्र विकास के लिए बाल वाटिका तथा प्री-प्राइमरी शिक्षा के कार्यक्रम को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद में प्रवेश की आयु 6 वर्ष है और तीन से छह वर्ष तक का समय बच्चों के सीखने और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व मूल्यवान है। इसी को ध्यान में रखकर बाल वाटिका और प्री-प्राइमरी शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश भर में 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी और बाल वाटिका के कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों में लगभग 2 करोड़ बच्चे अनुपूरक पौष्टिक आहार प्राप्त कर रहे हैं। वहां अक्षर ज्ञान, खेल-आधारित शिक्षा की बेहतरीन व्यवस्था भी उपलब्ध है।  अब कोई गोरखपुर से परहेज नहीं करता मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बदले हुए गोरखपुर को देखा है। आज से मात्र 9 वर्ष पहले गोरखपुर कैसा था? बीमारी, बिजली नहीं, सड़कों पर गड्ढे, जलभराव, मच्छर, गंदगी, बाढ़, बेरोजगारी, व्यापारियों की सुरक्षा नहीं, बेटियों के लिए उत्तम शिक्षा की व्यवस्था नहीं, किसानों के लिए कोई सुविधाएं नहीं, परंपरागत उद्यमों के संरक्षण के लिए कोई कार्यक्रम नहीं और गरीबों के कल्याण के लिए कोई योजनाएं भी नहीं। 2017 से पहले गोरखपुर में बिजली मुश्किल से 5-6 घंटे ही मिल पाती थी और उसके लिए भी सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। इंसेफेलाइटिस की बीमारी किस कदर कहर ढा रही थी, सैकड़ों बच्चों की मौत हो रही थी, यह किसी से छुपा नहीं है। पूरा महानगर गंदगी के आगोश में डूबा रहता था। एक तरफ बंद पड़ा फर्टिलाइजर कारखाना हमें चिढ़ाता था, दूसरी तरफ बीमार बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर की पहचान बन चुका था। लखनऊ जाने में 6-8 घंटे लगते थे, वाराणसी जाने में 5-6 घंटे। रामगढ़ताल गंदगी का गढ़ बना हुआ था। गोरखपुर का नाम सुनते ही लोग डर जाते थे। ऐसा लगता था मानो यह आतंक का पर्याय बन गया हो। बेटियां शाम को घर से बाहर निकलने में भी डरती थीं। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। कैसे किसी शहर का कायाकल्प होता है, कैसे विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है और कैसे एक प्रदेश व एक देश गौरव के साथ सिर ऊंचा करके चलता है, अब यह स्पष्ट दिख रहा है। आज भारत का विश्व में सम्मान बढ़ा है, उत्तर प्रदेश का सम्मान बढ़ा है और गोरखपुर का भी सम्मान बढ़ा है। अब कोई गोरखपुर से परहेज नहीं करता, दूरी नहीं बनाता। एक-एक पाई का सदुपयोग और पूर्ण जवाबदेही के साथ हो रहा विकास कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर में जलभराव की समस्या का समाधान हो रहा है, युवाओं के लिए नौकरियां उपलब्ध हैं, व्यापारियों को सुरक्षा के साथ अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। … Read more

सीएम योगी ने लाभार्थियों को सौंपे प्रमाणपत्र, विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि भी की वितरित

सीएम योगी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए प्रमाणपत्र और सहायता राशि सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का किया शुभारंभ, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को वितरित किया नवीन अनुपूरक पुष्टाहार गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, सहायता राशि, आवास की चाबी, आयुष्मान कार्ड तथा नवीन अनुपूरक पुष्टाहार वितरित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का शुभारंभ करते हुए बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को नवीन टेक होम राशन (टीएचआर) रेसिपी एवं अनुपूरक पुष्टाहार वितरित किया। उन्होंने शेजल, सिद्धि, आंशी, सानवी और श्री जैसी नन्हीं बच्चियों को तथा सोनी देवी और अमृत देवी जैसी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण किट प्रदान कर उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की लाभार्थी रवीना मधेशिया को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सुनीता देवी और चैता देवी को आवास की चाबी एवं स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपे गए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शकुंतला देवी को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। कृषि विभाग की योजनाओं के अंतर्गत कौड़ीराम क्षेत्र के बुनेल प्रजापति को कृषि परियोजना के लिए अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। वहीं बेलघाट क्षेत्र के जयप्रकाश मिश्रा को भी कृषि विकास से संबंधित सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया। एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान के पवेलियन का शुभारंभ इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने गोरखपुर स्थित वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में नव निर्मित एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान के पवेलियन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने हॉकी प्रतियोगिता में भाग ले रहे नन्हें खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी हॉकी स्टिक थामकर मैदान पर स्ट्रोक लगाया और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी तथा विभिन्न उत्पादों से सुसज्जित स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने अन्नप्राशन संस्कार कार्यक्रम में शामिल छोटे बच्चों को अन्न ग्रहण कराया तथा उनकी माताओं को उपहार भेंट कर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। लोकार्पण होने वाली परियोजनाएं 112 करोड़ से जिला कारागार में मेन वॉल का विस्तार कर 30 कैदियों की क्षमता वाली 4 नग बैरक एनक्लोजर वॉल का निर्माण ₹10 करोड़ से अधिक धनराशि से वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज मैं बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हॉल 27 करोड़ से बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम का जीर्णोद्धार ₹5 करोड़ से परिक्षेत्रीय साइबर थाने का प्रशासनिक भवन शिलान्यास होने वाली परियोजनाएं ₹49 करोड़ से अधिक धनराशि से बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों हेतु टाइप-2 के 100 आवासों का निर्माण कार्य ₹48 करोड़ से गुलहरिया में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स कम एंटरटेनमेंट जोन का निर्माण कार्य ₹35 करोड़ से नगर निगम गोरखपुर में साहित्य पार्क का निर्माण कार्य

समाज कल्याण विभाग की नई पहल, सर्वोदय विद्यालयों और छात्रावासों में हर पेड़ को मिलेगी डिजिटल पहचान

समाज कल्याण विभाग की पहल, सर्वोदय विद्यालयों और छात्रावासों में हर पेड़ की होगी डिजिटल पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरित विकास संकल्प को मिला नया आयाम पेड़ों को मिलेगा संस्थान की संपत्ति का दर्जा, पर्यावरण संरक्षण का आदर्श मॉडल बनेंगे संस्थान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के विजन को आगे बढ़ाते हुए समाज कल्याण विभाग ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। विभाग ने अपने सभी जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों, आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं अन्य संस्थानों में मौजूद पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए वृक्ष परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक पेड़ को एक यूनिक पहचान संख्या प्रदान की जाएगी, जिससे उसकी निगरानी, संरक्षण और प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। हर पेड़ का तैयार होगा डिजिटल डाटा बैंक नई व्यवस्था के अंतर्गत विभागीय संस्थानों में मौजूद सभी पेड़ों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाएगा। प्रत्येक पेड़ को एक विशेष पहचान संख्या दी जाएगी और उसकी प्रजाति, स्थान, अनुमानित आयु तथा वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण वृक्ष परिसंपत्ति पंजिका में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सभी पेड़ों की फोटो लेकर उनका डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। इससे समय-समय पर उनकी स्थिति का आकलन करने और आवश्यक संरक्षण उपाय करने में सुविधा मिलेगी। पेड़ों को मिलेगा संस्थान की संपत्ति का दर्जा समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि संस्थानों में मौजूद सभी पेड़ों को अब परिसंपत्ति के रूप में दर्ज किया जाएगा। किसी भी पेड़ की कटाई अथवा बड़े स्तर पर छंटाई बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं की जा सकेगी। साथ ही प्रत्येक वर्ष इन पेड़ों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा, ताकि उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। यह व्यवस्था हरित संपदा को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पर्यावरण संरक्षण का आदर्श मॉडल बनेंगे संस्थान समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि पेड़ हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और उनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विभागीय संस्थानों में वृक्ष परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे न केवल पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि विद्यार्थियों और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। समाज कल्याण विभाग का प्रयास है कि उसके विद्यालय, छात्रावास और अन्य संस्थान शिक्षा व सामाजिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के भी आदर्श केंद्र बनें। यह पहल प्रदेश में हरित धरोहर के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदम साबित होगी।

12 वर्षों में बदला भारत का स्वरूप: आस्था और आर्थिकी के संगम से विकसित राष्ट्र बन रहा देश, बोले सीएम योगी

12 वर्षों में बदला भारत का स्वरूप, आस्था व आर्थिकी के संगम से विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा भारत: सीएम योगी मीडिया संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां, कहा- गरीब, महिला, युवा व किसान को केंद्र में रखकर हुआ अभूतपूर्व विकास कोविड प्रबंधन से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण, किसान एवं युवा कल्याण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आत्मनिर्भर भारत तक की यात्रा को सीएम योगी ने बताया ऐतिहासिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया उत्तर प्रदेश को 2030 तक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संचालित जन कल्याणकारी कार्यक्रमों का सर्वाधिक लाभ उत्तर प्रदेश को मिला: मुख्यमंत्री लखनऊ,   सेवा, सुशासन और समर्पण को समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 140 करोड़ भारतीयों की निरंतर सेवा के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन में मीडिया संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश में हुए व्यापक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी शक्ति, सामर्थ्य और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने लोकभवन में आयोजित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जून को एनडीए द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूरे देश और दुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल और उनकी सफल नेतृत्व यात्रा का उत्सव देखा। दुनिया के प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों ने प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और भारत की विकास यात्रा की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं। पिछले 12 वर्षों में भारत ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है और आज देश का प्रत्येक नागरिक नए भारत का हिस्सा होने पर गर्व महसूस कर रहा है। योजनाओं को मिला जन आंदोलन का रूप सीएम ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक योजनाएं बनती रहीं, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पहली बार योजनाओं को जन आंदोलन का स्वरूप मिला। जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों बैंक खाते खोले गए, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ शौचालय बने, 4 करोड़ गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले और आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्राप्त हुआ। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और मुद्रा योजना जैसी पहलों ने देश को नई दिशा दी। 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकास की धुरी के रूप में गरीब, महिला, युवा व किसान को केंद्र में रखा। भारत ने पिछले 12 वर्षों में आस्था व आर्थिक विकास का अद्भुत संगम देखा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने में सफलता मिली, जो विश्व इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि है। उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री की योजनाओं का सर्वाधिक लाभ मिला है। राज्य में 65 लाख गरीबों को आवास, 3 करोड़ परिवारों को शौचालय, लगभग 2 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन तथा 15 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिला। कोविड काल में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया। गरीब अब केवल वोट बैंक नहीं रहा, बल्कि विकास प्रक्रिया का केंद्र बन चुका है। महिलाओं को मिली नई पहचान महिला सशक्तीकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, मातृ वंदन योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने महिलाओं को नई पहचान दी है। उत्तर प्रदेश में भी बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग, पुस्तकें और स्वेटर उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से बेटियों के जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने का कार्य किया गया। मिशन शक्ति अभियान और पुलिस बल में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण ने महिलाओं को सुरक्षा व अवसर प्रदान किए हैं। युवाओं को नई ऊर्जा व अवसर दिए युवाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया। परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम, मुद्रा योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, आत्मनिर्भर भारत अभियान, फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को नई ऊर्जा और अवसर दिए हैं। पहली बार युवाओं को यह विश्वास मिला कि वे नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन सकते हैं। योजनाओं से मजबूत बने किसान किसानों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, फसल बीमा योजना और सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाओं ने किसानों को मजबूत किया है। उत्तर प्रदेश में 3 करोड़ से अधिक किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। गन्ना किसानों को 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है और 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने दुनिया के सामने सफल कोविड प्रबंधन का मॉडल प्रस्तुत किया। मुफ्त टेस्टिंग, मुफ्त वैक्सीन, मुफ्त राशन और मुफ्त उपचार जैसी व्यवस्थाओं ने करोड़ों लोगों को राहत दी। इसी दौरान ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से पूरे देश को राष्ट्रभक्ति के सूत्र में बांधा गया। पंच प्रण के माध्यम से विकसित भारत का आह्वान मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के सामने ‘पंच प्रण’ का आह्वान किया, जो विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आधारशिला हैं। इन पंच प्रणों में गुलामी की मानसिकता के अवशेषों को समाप्त करना, भारत की समृद्ध विरासत पर गर्व करना, राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना, प्रत्येक नागरिक द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन करना तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करना शामिल है। प्रधानमंत्री ने देश को केवल अमृत महोत्सव के उत्सव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी प्रस्तुत किया। आस्था व सांस्कृतिक विरासत का सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की आस्था व सांस्कृतिक विरासत को वह सम्मान प्राप्त हुआ, जिसकी लंबे समय से अपेक्षा थी। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या … Read more

आजमगढ़ में सीएम योगी का हमला, विकास परियोजनाओं के साथ सियासी बयानबाज़ी तेज

लखनऊ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को लेकर प्रदेश में माहौल गर्म है। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इजहार किया। सपा प्रमुख की बेटी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर सपा ही नहीं भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के नेता-कार्यकर्ता भी मुखर विरोध जता रहे हैं। वहीं शनिवार को अखिलेश यादव के निर्वाचन क्षेत्र आजमगढ़ पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी पहली बार सार्वजनिक रूप से इसे लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया। सीएम योगी ने कहा कि बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कतई स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही सीएम ने सपा प्रमुख को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि जरूरत है कि सपा प्रमुख भी अपने लोगों को संस्कारित करें। उन्हें सोचना चाहिए कि उनके लोग दूसरों की बेटियों, बुजुर्गों, दिवंगत लोगों और वरिष्ठ नेताओं के प्रति किस प्रकार की भाषा का प्रयोग करते हैं। सीएम योगी ने कहा, ‘बेटी, बेटी होती है। बेटी का सम्मान होना चाहिए। मैं पिछले दिनों देख रहा था समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं जैसे मेरे संज्ञान में आया मैं तत्काल पुलिस के एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। बेटी, बेटी होती है और हम तो उस संस्कार में पले-बढ़े हैं जहां कहा जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी है और गांव की बहन सबकी बहन है। हमने तो कोई भेदभाव नहीं किया। लेकिन अखिलेश जी दूसरों को उपदेश देते हो अपने चेले-चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दो कि अपनी भाषा को संयमित कर लें। दूसरों के प्रति टिप्पणी करने से पहले स्वयं भी सोचा करो कि उनके लोग किस प्रकार की भाषा का प्रयोग बहन और बेटियों के प्रति, बुजुर्गों के प्रति, दिवंगत हुए लोगों के प्रति और वरिष्ठ नेताओं के प्रति करते हैं। इसके बारे में उनको भी अपने लोगों को संस्कारित करने की आवश्यकता है। अच्छा होगा उनको समझाओ और नहीं समझ सकते तो हमारे हवाले कर दो हम उनको अच्छी तरह समझा देंगे सीएम योगी ने आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपए से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले के आजमगढ़ को याद कीजिए जो अपनी पहचान के लिए मोहताज था। तब यहां न विश्वविद्यालय था, न पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे था, न एयरपोर्ट ठीक ढंग से काम कर पा रहा था, न हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय था, तब आजमगढ़ की साड़ी को भी कोई मंच नहीं मिल पा रहा था और मुबारकपुर की ब्लैक पॉटरी के लिए भी कोई स्थान नहीं था। आज ब्लैक पॉटरी से जुड़ा कारिगर मुझसे मिला और बहुत खुश होकर उसने मुझसे कहा कि जब से उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार आई है, हमारा कारोबार कई गुना बढ़ा है। इस बार निरहुआ को जिताइए सीएम योगी ने कहा कि आजमगढ़ में 10 विधानसभा सीटें हैं। भाजपा ने एक भी नहीं जीतीं। इसके बावजूद हमारी सरकार ने आजमगढ़ के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले चुनाव में निरहुआ की जीत जरूर होगी। उन्होंने आजमगढ़ से सांसद रहे निरहुआ की चुटकी लेते हुए कहा कि मैं तो कहता हूं कि अपनी कुछ फिल्मों की शूटिंग यहां भी किया करो। आजमगढ़ के नौजवानों को भी अपनी कला के प्रदर्शन का मौका दो।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और एनएसई के बीच हुआ एमओयू

यूपी के 1.5 लाख से अधिक युवाओं को मिलेगी निशुल्क फाइनेंशियल स्किल्स की ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और एनएसई के बीच हुआ एमओयू यूपीएसडीएमयू और डीडीयू-जीकेवाई के 1000 से अधिक केन्द्रों में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा होंगे लाभांवित  रोजगार के साथ-साथ युवाओं को ‘स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस’ मॉडल पर आत्मनिर्भर बनाएगा मिशन   मिशन मुख्यालय में वर्कशॉप का आयोजन, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी जानें फाइनेंस मैनेजमेंट के 12 मूल मंत्र  लखनऊ,  प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ना ही अब योगी सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि अपनी प्राथमिकताओं का दायरा बढ़ाते हुए युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, जागरूक और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार नागरिक बनाना भी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी के इसी विजन को धरातल पर उतारते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बीच शुक्रवार को एमओयू हुआ। मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर पहली बार कौशल प्रशिक्षण को वित्तीय शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। इस साझेदारी के तहत यूपीएसडीएम तथा दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू जीकेवाई) के अंतर्गत प्रदेश भर में 1000 से अधिक ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 1.5 लाख से अधिक युवाओं को अगले हफ्ते से फाइनेंशियल स्किलिंग की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। मिलेगी फाइनेंशियल स्किलिंग की ट्रेनिंग एमओयू से पहले मिशन मुख्यालय स्थित सभागार में फाइनेंशियल लिटरेसी एंड अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों को वित्तीय जागरूकता एवं आर्थिक निर्णय क्षमता का महत्व बताया गया। मिशन निदेशक भी वर्कशॉप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं और वित्तीय अनिश्चितताओं के दौर में युवाओं को वित्तीय शिक्षा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने फाइनेंशियल स्किलिंग की ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है ।  एक्सपर्ट्स ने बताए वित्तीय सफलता के 12 मूल मंत्र प्रेसेंटेशन के माध्यम से एनएसई के अधिकारियों ने फाइनेंशियल सक्सेस के 12 मूल मंत्र बताए। उन्होंने बताया पहले खुद के भविष्य के लिए बचत करें। इनकम से कम खर्च करें। आपातकालीन फंड तैयार रखें। हाई इंटरेस्ट पर ऋण लेने से बचें, रेगुलर इन्वेस्टमेंट करें। इन्वेस्टमेंट में विविधता रखें। रिस्क और रिटर्न की समझ रखें। टैक्स को देखते हुए निवेश करें। आवश्यक बीमा करवाएं। लॉन्ग टर्म एसेट्स लें और समय-समय पर इन्वेस्टमेंट की समीक्षा करें। ‘सारथी एप’ बनेगा युवाओं का डिजिटल वित्तीय मार्गदर्शक वर्कशॉप  में कर्मचारियों को सारथी एप (SaaRthi App) के बारे में भी विस्तार से बताया गया। यह इन्वेस्टमेंट एजुकेशन के लिए बनाया गया एक उपयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो उपयोगकर्ताओं को इन्वेस्टमेंट संबंधी शैक्षणिक वीडियो, वित्तीय योजना के टूल्स, कैलकुलेटर और फाइनेंशियल हेल्थ चेकअप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। कौशल के साथ आर्थिक समझ भी जरूरी  यह एमओयू प्रदेश के युवाओं के जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा। कौशल प्रशिक्षण के बाद रोजगार पाने वाले युवा अब केवल आय अर्जित नहीं करेंगे, बल्कि यह भी समझेंगे कि पहली सैलरी का सही उपयोग कैसे करें, बजट और बचत कैसे शुरू करें, इन्वेस्टमेंट कब और कहां करना चाहिए, अनावश्यक ऋण से कैसे बचना है, भविष्य की आर्थिक सुरक्षा कैसे तैयार करनी है। यह ट्रेनिंग युवाओं को घर खरीदने, व्यवसाय शुरू करने, परिवार की आर्थिक सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवानिवृत्ति जैसे जीवन के बड़े निर्णय लेने में भी सक्षम बनाएगी। साथ ही वित्तीय जागरूकता उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी निवेश योजनाओं और आर्थिक जोखिमों से सुरक्षित रहने में भी मदद करेगी। युवाओं को “स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस” के माध्यम से रोजगार से आगे बढ़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। वर्कशॉप में अपर मिशन निदेशक पूजा मिश्रा, जॉइंट डायरेक्टर मयंक गंगवार, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, असिस्टेंट डायरेक्टर एम के सिंह, असिस्टेंट डायरेक्टर पवित्रा टंडन व मिशन के अन्य कर्मचारी मौजूद रहें। वहीं, एनएसई से चीफ रेग्युलेटरी ऑफिसर अंकित शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट जोगिंदर सिंह और यूपी रीजन की सीनियर इंचार्ज श्रुति शर्मा भी वर्कशॉप में मौजूद रहीं । वर्जन कौशल विकास का वास्तविक उद्देश्य तब तक अधूरा है, जब तक हमारे युवा अपनी कमाई का सही उपयोग और मैनेजमेंट करना न सीखें। आज रोजगार पाना जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है वित्तीय रूप से समझदार बनना। एनएसई के साथ यह साझेदारी युवाओं को स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस के मॉडल पर तैयार करेगी, जिससे वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि आर्थिक रूप से सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे।  – पुलकित खरे, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन

योगी सरकार की हरित पहल: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर जल्द दौड़ेंगी हाइड्रोजन बसें

योगी सरकार की हरित पहल: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर दौड़ेंगी हाइड्रोजन बसें डीजल से हाइड्रोजन तक: भविष्य के परिवहन मॉडल का नेतृत्व कर रहा यूपी प्रत्येक हाइड्रोजन बस में होंगी 42 सीटें, एक बार में 750 किमी. की यात्रा, प्रतिदिन 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन भी लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों के साथ 3 हाइड्रोजन बसों को भी हरी झंडी दिखाई। यह पहल प्रदेश को हरित परिवहन की दिशा में आगे ले जाएगी। इससे प्रतिदिन 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। एनटीपीसी दादरी द्वारा विकसित ग्रीन हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी परियोजना के तहत इन बसों का निर्माण किया गया है। ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है। डीजल व पेट्रोल आधारित वाहनों की तुलना में हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसें पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल हैं। इन बसों से उत्सर्जन के रूप में केवल पानी निकलता है, जिससे वायु प्रदूषण की समस्या नहीं होती। यही कारण है कि दुनिया के विकसित देश भी हाइड्रोजन आधारित परिवहन को बढ़ावा दे रहे हैं और अब उत्तर प्रदेश भी इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाता दिखाई देगा। हर साल एक हजार टन कार्बन उत्सर्जन होगा कम इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के जल का उपयोग किया जा रहा है। इससे प्राकृतिक जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। साथ ही प्रतिदिन 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा, जो लगभग 1750 पेड़ लगाने के बराबर है। इसके अलावा इस परियोजना से प्रति वर्ष करीब 1000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। एक बार में 750 किमी तक यात्रा संभव 42 यात्रियों की क्षमता वाली प्रत्येक बस में एक बार में 56 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जा सकेगी, जिससे लगभग 750 किलोमीटर तक की यात्रा संभव होगी। ग्रीन हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह परियोजना न केवल प्रदूषण कम करेगी, बल्कि भविष्य के हरित परिवहन मॉडल का भी मार्ग प्रशस्त करेगी।

विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे सीएम योगी

विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल देश के सबसे बड़े विज्ञान आंदोलन का राष्ट्रीय अधिवेशन 13 -14 जून को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में  राष्ट्रीय अधिवेशन में देश-विदेश के लगभग 1200 प्रतिनिधि हो रहे शामिल  विज्ञान भारती के सदस्य, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ हो रहे शामिल  अधिवेशन का उद्देश्य वैज्ञानिक एवं सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा कर वैज्ञानिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए कार्ययोजना तैयार करना   वन हेल्थ, विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर भी होगी विशेष चर्चा  वाराणसी,   काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और वैदिक विज्ञान केंद्र के संयुक्त  तत्वावधान में आयोजित  विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में 13 जून की सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह सत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं राष्ट्रीय विकास से संबंधित विचार-विमर्श की दिशा निर्धारित करेगा। भारत के सबसे बड़े विज्ञान आंदोलन विज्ञान भारती का 7 वां राष्ट्रीय अधिवेशन 13 एवं 14 जून को काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है।  इस दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में देश-विदेश से लगभग 1200 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।  इनमें विज्ञान भारती के सदस्य, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी,नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. शेखर सी. मांडे भी उद्घाटन सत्र में सहभागिता करेंगे। अधिवेशन में देश के प्रमुख संस्थानों एवं सरकारी संगठनों से जुड़े प्रतिष्ठित वक्ता एवं विचारक अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। वन हेल्थ विषयक सत्र का नेतृत्व राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग  के अध्यक्ष डॉ. बी. एन. गंगाधर करेंगे, जिसमें शिक्षण, स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थानों से जुड़े विशिष्ट विशेषज्ञ भाग लेंगे।  विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा ने जानकारी दी कि इस अधिवेशन का उद्देश्य समसामयिक वैज्ञानिक एवं सामाजिक चुनौतियों पर सार्थक विमर्श करते हुए वैज्ञानिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए एक कार्ययोजना तैयार करना है। इस वर्ष के अधिवेशन में वन हेल्थ, विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विशेष चर्चा की जाएगी। विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो विषयक सत्र का नेतृत्व मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव करेंगे। इस सत्र में सतत विकास एवं ऊर्जा संक्रमण से जुड़े विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी।  राष्ट्रीय महासचिव विवेकानन्द पाई ने बताया कि अधिवेशन के दूसरे दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता विषयक विशेष सत्र का नेतृत्व भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव तथा इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के पूर्व अध्यक्ष और पद्मश्री पुरस्कृत प्रो. आशुतोष शर्मा करेंगे। इस सत्र में शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं तथा तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा समाज हित में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी एवं नैतिक उपयोग पर विचार-विमर्श किया जाएगा। अधिवेशन में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार का सार्वजनिक व्याख्यान भी आयोजित किया गया है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल विशेष उद्बोधन देंगे तथा अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।  संचालक समिति सदस्य ,प्रो रामनारायण द्विवेदी  ने बताया विज्ञान भारती द्वारा इस अवसर पर “भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार  नीति” संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। 14 जून को आयोजित समापन सत्र में भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर तथा प्रो. गोवर्धन दास विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।   विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन विज्ञान भारती  के क्षेत्र संगठन मंत्री अंकित राय ने जानकारी दी कि यह राष्ट्रीय अधिवेशन संवाद, सहयोग एवं नीति-निर्माण के लिए एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा जो भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने तथा “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

ओबीसी छात्रों के लिए वरदान बनी पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना, 8.8 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला लाभ

योगी सरकार की छात्रवृत्ति योजना से लाखों छात्रों को मिला सहारा, प्रयागराज रहा प्रदेश में अव्वल ओबीसी छात्रों के लिए वरदान बनी पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना, 8.8 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला लाभ आजमगढ़, गाजीपुर, जौनपुर और कुशीनगर भी टॉप-5 जिलों में शामिल कक्षा 9 और 10 के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिल रही सीधी वित्तीय सहायता पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था से सीधे बैंक खातों में पहुंच रही छात्रवृत्ति राशि लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार की छात्रवृत्ति योजनाएं लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी हैं। पिछड़ा वर्ग पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या के मामले में प्रयागराज जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। यहां 39,892 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ मिला है। यह संख्या प्रदेश में सर्वाधिक है और दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बड़े पैमाने पर पात्र विद्यार्थियों तक पहुंच रहा है। जौनपुर में 31 हजार से ज्यादा छात्रों को मिली छात्रवृत्ति प्रदेश में प्रयागराज के बाद आजमगढ़ दूसरे स्थान पर रहा, जहां 35,785 छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति की राशि पहुंची है। इसी तरह गाजीपुर में 32,872 छात्र-छात्राओं को लाभ मिला, जबकि जौनपुर में 31,475 और कुशीनगर में 26,137 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इस तरह वर्ष 2025-26 में पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 8.88 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। इसमें 4 लाख 58 हजार से ज्यादा छात्राएं, 4 लाख 30 हजार से अधिक छात्र और 3 ट्रांसजेंडर शामिल है। छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।  कक्षा 9 और 10 के छात्रों को मिल रही छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को 150 रुपये प्रतिमाह की दर से अधिकतम 10 माह तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त 750 रुपये वार्षिक अनुदान भी दिया जाता है। इस प्रकार एक छात्र को कुल 2,250 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। योगी सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया है। छात्र छात्रवृत्ति प्रबंधन प्रणाली की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते हैं। पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से कक्षा 9 और 10 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए है।  हर पात्र छात्र को समय पर सहायता उपलब्ध हो- निदेशक, पिछड़ा वर्ग इस योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों के बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये या उससे कम है। आर्थिक तंगी के कारण कई बार प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है। प्रदेश सरकार की यह योजना ऐसे छात्रों के लिए संबल का काम कर रही है और उन्हें शिक्षा से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजनाएं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने और हर पात्र छात्र को समय पर सहायता उपलब्ध हो।