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दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण पर योगी सरकार का जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर

योगी सरकार का दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने पर जोर, हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे कल्याण शिविर दिव्यांगजनों को घर के नजदीक मिलेंगी सुविधाएं, 10 अक्टूबर तक शिविर पूरा करने का लक्ष्य सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को मिलेंगे कृत्रिम अंग और आवश्यक उपकरण एक ही स्थान पर पंजीकरण, पात्रता सत्यापन और विभिन्न सरकारी योजनाओं की मिलेगी जानकारी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को विभागों के बीच समन्वय के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दिव्यांग कल्याण शिविर लगाए जाएंगे, जिन्हें 10 अक्टूबर 2026 तक पूरा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिव्यांगजनों तक उनके निकटतम क्षेत्र में पहुंचाना है, ताकि उन्हें आवश्यक सुविधाओं के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। शिविरों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी, आवेदन, पात्रता सत्यापन और लाभ उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी। एक ही स्थान पर मिलेंगी कई योजनाओं की सुविधाएं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इन शिविरों में पात्र दिव्यांगजनों का चिन्हांकन और पंजीकरण किया जाएगा। सहायक उपकरणों के लिए आवेदन लेने के साथ आवश्यक अभिलेखों एवं पात्रता का सत्यापन भी होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों की दिव्यांगजन हितैषी योजनाओं की जानकारी भी एक ही स्थान पर दी जाएगी। जरूरत के अनुसार लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ आवेदन प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। अधिकारियों को समन्वय के निर्देश शासनादेश के अनुसार शिविरों के प्रभावी आयोजन के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक शिविरों की सूचना पहुंचाने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। योगी सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने में सहायक होगी। लाभार्थियों को उनके नजदीकी क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने से सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी। यह अभियान ‘सरकार की योजनाओं का लाभ लाभार्थी के द्वार तक’ पहुंचाने के संकल्प को आगे बढ़ाने के साथ दिव्यांगजनों के सम्मानजनक और सुगम जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

निवेश से निर्यात तक, एक मंच पर दिखेगा उत्तर प्रदेश का औद्योगिक सामर्थ्य

निवेश से निर्यात तक, एक मंच पर दिखेगा उत्तर प्रदेश का औद्योगिक सामर्थ्य निवेश प्रोत्साहन से लेकर एमएसएमई, ओडीओपी, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा तक की ताकत का होगा प्रदर्शन योगी सरकार के औद्योगिक विजन को वैश्विक मंच देगा चौथा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में होगा भव्य आयोजन लखनऊ  उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक मंच देने की तैयारी तेज हो गई है। निवेश से निर्यात तक प्रदेश के औद्योगिक सामर्थ्य को एक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में किया जाएगा। ट्रेड शो में प्रदेश के विभिन्न विभागों, विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक क्षेत्रों, एमएसएमई, ओडीओपी उद्यमियों, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है। योगी सरकार के औद्योगिक विजन के अनुरूप आयोजित होने वाला यह ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश संभावनाओं, स्थानीय उत्पादों की विविधता और निर्यात क्षमता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। आयोजन में निवेश प्रोत्साहन, आधारभूत ढांचे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और सेवा क्षेत्रों को अलग-अलग हॉल में प्रदर्शित किया जाएगा। इससे निवेशकों, खरीदारों और उद्यमियों के बीच संवाद तथा कारोबारी साझेदारी के अवसर उपलब्ध होंगे। निवेश प्रोत्साहन से औद्योगिक विस्तार तक, एक मंच पर आएंगे प्रमुख संस्थान चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 1 में इन्वेस्ट यूपी और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को स्थान दिया गया है। हॉल 3 में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा), नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की भागीदारी रहेगी। हॉल 4 में ‘यूपी एट अ ग्लांस’ के माध्यम से प्रदेश की समग्र औद्योगिक एवं विकास क्षमता को प्रदर्शित किया जाएगा। हॉल 5 में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की गतिविधियां प्रस्तुत की जाएंगी। हॉल 6 में सिंचाई, समाज कल्याण, नगर विकास, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग शामिल होंगे। हॉल 7 में नोएडा विकास प्राधिकरण, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, आईटी एवं आईटीईएस तथा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 8 में श्रम विभाग, स्वास्थ्य एवं अस्पताल, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा तथा बैंकिंग एवं वित्त से जुड़े क्षेत्र प्रदर्शित होंगे। इन संस्थानों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, मानव संसाधन और कारोबारी सुविधाओं की जानकारी निवेशकों एवं उद्यमियों तक पहुंचाने का मंच मिलेगा। ओडीओपी और एमएसएमई की ताकत से वैश्विक बाजार तक पहुंच उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा स्थानीय उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए ट्रेड शो में एमएसएमई और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को विशेष स्थान दिया गया है। हॉल 9 में ओडीओपी के उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि हॉल 10 में नए उद्यमियों एवं एमएसएमई को स्थान दिया गया है। हॉल 11 में पशुपालन, मत्स्य, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जीआई उत्पाद, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा आयुष से जुड़े क्षेत्र शामिल होंगे। हॉल 12 में कृषि विभाग, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यान, डेयरी विकास और चीनी उद्योग की भागीदारी प्रस्तावित है। यह व्यवस्था प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, ग्रामीण उद्यमिता और आधुनिक औद्योगिक गतिविधियों को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ओडीओपी एवं एमएसएमई उत्पादों की प्रदर्शनी से उद्यमियों को अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, संभावित खरीदारों से संपर्क और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर मिलेंगे। निर्यातकों, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक उद्योगों को मिलेगा मंच ट्रेड शो में निर्यात विस्तार से जुड़े क्षेत्रों को भी प्रमुखता दी गई है। हॉल 14, 15 और 16 में टाउन ऑफ एक्सीलेंस, निर्यातकों, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, वस्त्र एवं हथकरघा, खेल तथा मुख्यमंत्री युवा से जुड़े क्षेत्रों की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 17 में ओडीओपी ओपन स्पेस, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के हितधारक, क्रेडाई और परिवहन क्षेत्र को शामिल किया गया है। निर्यातकों एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की भागीदारी से प्रदेश के उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने से जुड़े कारोबारी अवसरों को प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। वहीं वस्त्र, हथकरघा, खेल, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य क्षेत्रों के उद्यमी अपने उत्पादों तथा कारोबारी क्षमताओं को संभावित खरीदारों के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे। विकास प्राधिकरणों की भागीदारी से दिखेगा क्षेत्रीय औद्योगिक सामर्थ्य ट्रेड शो के फोयर एरिया में प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। इनमें कानपुर विकास प्राधिकरण, वाराणसी विकास प्राधिकरण, आगरा विकास प्राधिकरण, लखनऊ विकास प्राधिकरण, मेरठ विकास प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण समेत अन्य प्राधिकरण शामिल हैं। विकास प्राधिकरणों की भागीदारी से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास, औद्योगिक विस्तार और निवेश से जुड़े अवसरों को प्रदर्शित किया जा सकेगा। इससे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की कारोबारी संभावनाओं तथा विकास परियोजनाओं की जानकारी निवेशकों और उद्यमियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उद्योग जगत, संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भेजे जा रहे आमंत्रण ट्रेड शो में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों, उद्योग संगठनों, चैंबरों, संस्थानों और विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया जा रहा है। सरकारी कार्यालयों एवं विभागों को पत्र तथा आमंत्रण कार्ड भेजे जा चुके हैं। उद्योग संगठनों एवं चैंबरों को डिजिटल माध्यम से आमंत्रण भेजे गए हैं तथा डाक से आमंत्रण की प्रक्रिया जारी है। संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भी डिजिटल आमंत्रण भेजे जा चुके हैं। बी2बी एवं बी2सी खरीदार पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड तैयार कर प्रसारित किया जा रहा है।

भूजल स्रोतों की जांच में यूपी देश में नंबर-1, पंजाब और आंध्र प्रदेश को छोड़ा पीछे

भूजल स्रोतों की जांच में यूपी ने देश में पहला स्थान हासिल किया, पंजाब-आंध्र प्रदेश को भी पीछे छोड़ा योगी सरकार प्रदेशवासियों को भूजल की स्वच्छता सुनिश्चित कर उपलब्ध करा रही शुद्ध पेयजल भूजल स्रोतों की जांच में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय औसत से करीब 44 प्रतिशत आगे 45 हजार से ज्यादा स्रोतों की जांच पूरी, यूपी जल निगम ग्रामीण ने जांच में चार राज्यों को पीछे छोड़ा लखनऊ  योगी सरकार प्रदेशवासियों के लिए जल संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार और हर घर तक स्वच्छ व सुरक्षित जल पहुंचाने में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में भूजल स्रोतों की गुणवत्ता और स्थिति की निगरानी को लेकर किए जा रहे परीक्षण कार्य में प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। जांच के अंतर्गत राज्य व जिले स्तर की प्रयोगशालाओं से प्रदेशभर में भूजल स्रोत, भूमिगत व ओवरहेड टंकी समेत पानी के अन्य स्रोतों की पड़ताल की गई है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 48,055 भूजल स्रोतों के परीक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले 45,361 स्रोतों की जांच पूरी कर ली गई है। यह कुल लक्ष्य का 94.39 प्रतिशत है। 15 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर उत्तर प्रदेश, देश के राज्यों की सूची में पहले स्थान पर है। यूपी जल निगम ग्रामीण प्रबंध निदेशक योगेश कुमार ने कहा कि भूजल स्रोतों का नियमित परीक्षण पेयजल की गुणवत्ता और जल स्रोतों की स्थिति की निगरानी के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के स्तर पर भी जल स्रोतों की गुणवत्ता, सोर्स सस्टेनेबिलिटी और गहन निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश ने सबसे बेहतर परिणाम हासिल किए हैं और भविष्य में भी प्रदेश में सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा। पंजाब और आंध्र प्रदेश को पीछे छोड़ शीर्ष पर यूपी भूजल स्रोतों के परीक्षण की राज्यवार रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के बाद पंजाब दूसरे और आंध्र प्रदेश तीसरे स्थान पर है। पंजाब ने निर्धारित लक्ष्य का 83.46 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश ने भी 83.46 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। वहीं उत्तराखंड 82.30 प्रतिशत उपलब्धि के साथ चौथे और केरल 81.13 प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर है। राष्ट्रीय औसत से करीब 44 प्रतिशत अधिक उपलब्धि यूपी जल निगम ग्रामीण अधीक्षण अभियंता एवं राज्य प्रयोगशाला प्रमुख ज्ञानेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि भूजल स्रोतों के परीक्षण में उत्तर प्रदेश की 94.39 प्रतिशत उपलब्धि राष्ट्रीय औसत 50.46 प्रतिशत से काफी अधिक है। यानि यूपी ने राष्ट्रीय औसत की तुलना में करीब 44 प्रतिशत अधिक उपलब्धि दर्ज की है। 48 हजार से अधिक स्रोतों का निर्धारित लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश में कुल 48,055 भूजल स्रोतों के परीक्षण का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 45,361 स्रोतों का परीक्षण पूरा हो चुका है। अब निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए 2,694 स्रोतों का परीक्षण शेष है। इस तरह प्रदेश ने पहली छमाही में ही निर्धारित लक्ष्य का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया है।

मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी के साथ बैठक में शामिल हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव

एनसीआर की हवा को शुद्ध बनाने के लिए यूपी में बड़ा प्लान मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी के साथ बैठक में शामिल हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव देश के 130 शहरों के स्वच्छता सर्वे में लखनऊ ने हासिल किया है पहला स्थान, अन्य शहरों का प्रदर्शन भी रहा अच्छा: भूपेंद्र यादव विगत वर्षों में ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ के तहत लक्ष्य से अधिक पौधरोपण पर केंद्रीय मंत्री ने सीएम योगी को दी बधाई ईवी पॉलिसी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों, व्हीकल पॉल्यूशन पर हुई चर्चा, डस्ट पॉल्यूशन को लेकर बनी विस्तृत कार्ययोजना बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स और कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशिंग मैनेजमेंट रूल को लेकर की गई चर्चा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें उत्तर प्रदेश के एनसीआर से जुड़े नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर समेत आठ जिलों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपायों और कार्ययोजना की समीक्षा की गई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि वाहन प्रदूषण के तहत पुराने वाहनों, नई ईवी नीति, इलेक्ट्रिक बसों, प्रदूषण प्रमाणपत्र की अनिवार्यता और एग्रीगेटर वाहनों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा में करीब 80 प्रतिशत उद्योगों में ओसीईएमएस (ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली) और एयर पॉल्यूशन डिवाइस लगाए जाने की जानकारी दी गई। शेष उद्योगों में भी इन्हें लागू करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बैठक में धूल प्रदूषण पर मैकेनाइज्ड और डीप क्लीनिंग की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट तथा कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों और हितधारकों के साथ कंसल्टेशन कार्यक्रम चलाने पर भी सहमति बनी है। एनसीएपी के तहत देश के 130 शहरों के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने प्रथम स्थान हासिल किया है। आगरा समेत प्रदेश के अन्य शहरों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। केंद्रीय मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लक्ष्य से अधिक पौधरोपण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी। उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक हुई है। अब राजस्थान और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा। पराली प्रबंधन को लेकर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर भी समन्वय किया जा रहा है। एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पिछले दिसंबर से अब तक 30 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। 63 छोटे शहरों के स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान को सफल बनाने में जनता के सहयोग और मीडिया की जागरूकता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागीय उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।

योगी सरकार के प्रयासों का असर! यूपी में बच्चों का नाटापन 8.2% घटा, बढ़ रही कद-काठी

राष्ट्रीय पोषण माह पर विशेष योगी सरकार के प्रयासों से यूपी के नौनिहालों की बढ़ रही कद-काठी प्रदेश के पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 8.2 प्रतिशत घटा   एनएफएचएस- 5 में ऐसे बच्चों का प्रतिशत 39.7 था, जो घटकर 31.5 प्रतिशत हो गया लखनऊ  योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश के नौनिहालों की सेहत और पोषण की तस्वीर में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है। प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन यानी उम्र के अनुपात में कम लंबाई की समस्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (एनएफएचएस-5) में जहां प्रदेश में ऐसे बच्चों का प्रतिशत 39.7 था, वहीं एनएफएचस-6 में यह घटकर 31.5 प्रतिशत रह गया है। यानी करीब चार वर्षों में नाटेपन के मामलों में 8.2 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई है। बच्चे की लंबाई में होने वाला सुधार एक दिन में नहीं आता : डॉ. पिंकी जोवल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और विविध आबादी वाले राज्य में नाटेपन में कमी का उल्लेखनीय है क्योंकि बच्चे की लंबाई में होने वाला सुधार एक दिन में नहीं आता। यह लंबे समय तक बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवार की देखभाल का परिणाम होता है। एनएफएचएस-5 से एनएफएचएस-6 के बीच नाटेपन के आंकड़ों में आई गिरावट इसलिए प्रदेश के बच्चों के स्वास्थ्य की बदलती तस्वीर का महत्वपूर्ण संकेत है। अब चुनौती इस सुधार को और गति देने तथा यह सुनिश्चित करने की है कि हर बच्चे को जीवन के शुरुआती वर्षों में पर्याप्त पोषण और स्वस्थ विकास का अवसर मिले। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं को जागरुक करने के साथ उन्हे पोषण पोटली वितरित की जा रही है। सर्वेक्षण रिपोर्ट में 31.5 प्रतिशत का आंकड़ा यह भी बताता है कि अभी बड़ी संख्या में बच्चे इस समस्या से प्रभावित हैं इसलिए शुरुआती वर्षों में पोषण की निगरानी, गर्भवती महिलाओं के पोषण, छह माह तक केवल स्तनपान, समय पर पूरक आहार, संक्रमण की रोकथाम तथा बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी पर लगातार जोर देने की जरूरत है और इस पर फोकस काम किया जा रहा है।  बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिन शारीरिक – मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की बाल रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. शालिनी त्रिपाठी के अनुसार बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिन उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की उम्र तक पर्याप्त पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर टीकाकरण, स्तनपान और उचित पूरक आहार पर ध्यान देने से कुपोषण की स्थिति को कम किया जा सकता है। इसी दिशा में आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के स्तर पर चलाए जा रहे पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सीएम योगी के निर्देश पर सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण-2.0 की गाइडलाइन के तहत संचालित हॉट कुक्ड मील योजना के जरिए 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से ताजा, गर्म और पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यूपी में करीब 1.45 लाख को-लोकेटेड और 0.44 लाख नॉन को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले लगभग 32.88 लाख बच्चे नियमित लाभान्वित हो रहे हैं। शुरुआती वर्षों में मिलने वाले पोषण की अहम भूमिका प्रोफेसर ने बताया कि नाटेपन को बच्चों में लंबे समय तक रहने वाले कुपोषण का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। यह केवल बच्चे की लंबाई तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे गर्भावस्था के दौरान मां का पोषण, जन्म के समय बच्चे की स्थिति, स्तनपान, छह माह बाद पूरक आहार, बार-बार होने वाले संक्रमण और शुरुआती वर्षों में मिलने वाले पोषण की अहम भूमिका होती है। ऐसे में आंकड़ों में आई गिरावट को बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखा जा सकता है। एनएफएचएस-5 में उत्तर प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 39.7 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इसी सर्वे में 17.3 प्रतिशत बच्चे दुबलापन (वेस्टिंग) और 32.1 प्रतिशत बच्चे कम वजन की श्रेणी में थे। एनएफएचएस-6 के आंकड़े बताते हैं कि बच्चों के पोषण से जुड़े संकेतकों में देशभर में भी सुधार हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 35.5 प्रतिशत से घटकर 29.3 प्रतिशत हुआ है जबकि उत्तर प्रदेश में नाटापन 39.7 प्रतिशत से घटकर 31.5 प्रतिशत हुआ है।   प्रोफेसर शालिनी त्रिपाठी, केजीएमयू

प्रेरणा स्थल पर जले ‘आशीर्वाद के दीये’, CM योगी ने शुरू किया सेवा संकल्प अभियान

प्रेरणा स्थल पर जले आशीर्वाद के दीये, सीएम योगी ने शुरू किया सेवा संकल्प अभियान पीएम मोदी के 76वें जन्मदिवस पर पं. दीनदयाल, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल जी की प्रतिमाओं पर दीप जलाकर की अभियान की शुरुआत पीएम के जन्मदिन पर प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान, सीएम बोले- नए भारत की पहचान दुनिया में मजबूत हुई विश्वकर्मा जयंती पर बोले सीएम योगी- नए भारत के शिल्पी हैं प्रधानमंत्री मोदी, यूपी की 25 करोड़ जनता उनके साथ लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित प्रेरणा स्थल पर आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं पर दीप जलाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रेरणा स्थल पर मौजूद छात्रों से संवाद किया। उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाया और वहां मौजूद छात्रों को चॉकलेट भी दी।  करोड़ों दीप सकारात्मक भाव और ऊर्जा के साथ प्रज्ज्वलित हो रहे मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की और विश्वकर्मा पूजन की भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश को विकसित भारत की संकल्पना की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। पीएम के जन्मदिन पर देशभर में करोड़ों दीप सकारात्मक भाव और ऊर्जा के साथ प्रज्ज्वलित हो रहे हैं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल समेत प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों और लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के घरों में भी दीप जलाए जा रहे हैं। उन्होंने अभियान से जुड़े कर्मयोगी कार्यकर्ताओं, लाभार्थियों और नागरिकों का अभिनंदन किया। प्रदेश की 25 करोड़ जनता पीएम मोदी के साथ खड़ी सीएम योगी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की पावन जयंती भी है। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का शिल्पी बताते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नए भारत का शिल्पी बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने अपनी नई पहचान बनाई है और नए भारत का दर्शन हो रहा है। हर क्षेत्र के व्यक्ति को इस बदलाव पर गौरव की अनुभूति हो सकती है। भारत आज नई पहचान, नए इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक में नेतृत्व देने वाले देश के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पीएम को देश की विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला बताते हुए कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना के साथ उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता उनके साथ खड़ी है। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद बृजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. लाल जी निर्मल, विधान परिषद सदस्य डॉ. अविनाश सिंह, विधायक डॉक्टर नीरज बोरा, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

नागरिक सुरक्षा विभाग में भर्ती का रास्ता साफ, 191 पदों पर जल्द होगी नियुक्ति

योगी सरकार नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर जल्द करेगी भर्ती – सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक के 104 पदों पर होगी भर्ती    – सहायक उप नियंत्रक, भंडार अधीक्षक-द्वितीय और स्टोरमैन के कुल 6 पदों पर होगी भर्ती सीएम योगी ने एक लाख नौकरियां उपलब्ध कराने का किया है ऐलान  लखनऊ योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले ही एक कार्यक्रम में 19 सितंबर से एक लाख नई नौकरी देने का ऐलान किया था। इसी क्रम में नागरिक सुरक्षा विभाग में छह अलग-अलग पदों पर कुल 191 रिक्तियों पर भर्ती की शुरू कर दी गयी है। इसमें सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक (सा.वे.) के 104 पद शामिल हैं। इसके अलावा भंडार अधीक्षक-द्वितीय, स्टोरमैन, आशुलिपिक, कनिष्ठ सहायक और डिस्पैच राइडर के पद भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने एक लाख युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराने का किया है ऐलान योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के युवाओं को साढ़े नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए हैं। वहीं प्रदेश के युवाओं को अगले छह माह में एक लाख नई नौकरी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश दिये हैं। इसमें सबसे अधिक 77 हजार भर्तियां अकेले यूपी पुलिस और होमगार्ड विभाग में की जाएंगी। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर नागरिक सुरक्षा विभाग में 191 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग में अलग-अलग जिम्मेदारियों वाले पदों पर नियुक्तियां होने से विभागीय कामकाज को भी मानव संसाधन का सहयोग मिलेगा। विभाग में सहायक उप नियंत्रक के 104, भंडार अधीक्षक-द्वितीय के 6, स्टोरमैन के 33, आशुलिपिक के 9, कनिष्ठ सहायक के 25 और डिस्पैच राइडर के 14 खाली पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें सहायक उप नियंत्रक के 104 पदों पर होगी भर्ती  नागरिक सुरक्षा विभाग की 191 रिक्तियों में अकेले 104 पद सहायक उप नियंत्रक के हैं। विभाग की ओर से जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा विभाग आपात परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करता है। ऐसे में विभाग में रिक्त पदों को भरने से उसके प्रशासनिक और मैदानी कार्यों के संचालन में अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होगा। सहायक उप नियंत्रक के पद विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़े हैं। वहीं भंडार अधीक्षक और स्टोरमैन के पद विभाग की सामग्री एवं भंडार व्यवस्था से संबंधित हैं। आशुलिपिक और कनिष्ठ सहायक कार्यालयी कार्यों के संचालन में सहयोग करेंगे जबकि डिस्पैच राइडर से जुड़े पद विभागीय दस्तावेजों और अन्य आवश्यक सामग्री के आवागमन जैसे कार्यों के लिए उपयोगी होंगे।

शिल्पकारों को नई तकनीक और बाजार से जोड़ने पर जोर, CM ने PM मोदी की पहल को सराहा

शिल्प को आधुनिक तकनीक व नए बाजार से जोड़ा पीएम मोदी ने: मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में सीएम योगी ने की सृष्टि के आदिशिल्पी की आराधना यूपी में तीन करोड़ से अधिक लोग कारीगरी व शिल्प से जुड़कर स्वावलंबन की राह पर: सीएम योगी भगवान विश्वकर्मा सृष्टि और पीएम मोदी नए भारत के शिल्पी: सीएम योगी गोरखपुर भगवान विश्वकर्मा की पावन जयंती पर शिल्पकारों-कारीगरों सहित समस्त प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो देश शिल्पकारों व कारीगरों को सम्मान देता है, वही आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इसी भावना को अपनाकर पीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का प्लेटफार्म दिया है। उन्होंने शिल्प व कारीगरी को आधुनिक तकनीक और नए बाजार से जोड़कर शिल्पकारों-कारीगरों को समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ाया है।  सीएम योगी गुरुवार सुबह जटाशंकर स्थित विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में आयोजित विश्वकर्मा पूजनोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंदिर में भगवान विश्वकर्मा की विधि विधान से आराधना करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राजमिस्त्री, बढ़ई, हलवाई, सोनार का काम करने वालों सहित कारीगरी के तमाम पेशे से जुड़े लोगों के लिए उनकी शिल्प कला ही स्वावलंबन का आधार थी। पर, यह हुनर, शिल्प-कारीगरी आजादी के बाद दशकों तक उपेक्षा का शिकार रही। पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में पहली बार डबल इंजन सरकार ने शिल्पकारों-कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट और रोजगार के विभिन्न आयामों के साथ जोड़कर उन्हें आगे बढ़ाया है। डबल इंजन सरकार के प्रोत्साहन से यूपी में आज तीन करोड़ से अधिक लोग कारीगरी, शिल्प से जुड़कर रोजगार और स्वावलंबन की राह पर सफलतापूर्वक आगे बढ़े हैं।    सीएम योगी ने कहा कि आज का दिन अत्यंत पवित्र है। आज सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती है तो साथ ही आज नए भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन भी है। आज हर कारीगर, शिल्पी जिसके पास कोई विशिष्ट शिल्प है, वह पूजन के जरिये सृष्टि के शिल्पी प्रभु विश्वकर्मा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के सुदीर्घ स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा, ‘गुरु गोरखनाथ की पावन धरा से भगवान विश्वकर्मा के मंदिर में सृष्टि के शिल्पी के श्रीचरणों में नमन करते हुए मैं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर प्रदेशवासियों की तरफ से हृदय से बधाई देता हूं। यह प्रार्थना है कि लंबे समय तक उनका मार्गदर्शन प्राप्त होता रहे और उनकी विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो।’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा पूजनोत्सव पुस्तक का विमोचन भी किया।  मुख्यमंत्री का स्वागत विश्वकर्मा पंचायत मंदिर समिति के अध्यक्ष दयानंद शर्मा ने किया। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, स्थानीय पार्षद छट्ठीलाल गुप्ता, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, विश्वकर्मा पंचायत मंदिर समिति से जुड़े जयप्रकाश शर्मा, अनूप शर्मा, अजय विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही।

बाबा विश्वनाथ की शरण में पहुंचे रक्षा मंत्री-सीएम, PM मोदी के स्वस्थ जीवन की कामना

रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने किया बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी, स्वस्थ व सुदीर्घ जीवन की कामना भंडारे में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया, पुरोहितों, आचार्यों व स्वच्छताकर्मियों का किया सम्मान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, लोकसभा सांसद वीडी शर्मा ने भी किया दर्शन-पूजन वाराणसी काशी के सांसद एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा विश्वनाथ का विशेष अनुष्ठान व दर्शन-पूजन किया। सभी ने मंदिर में जलाभिषेक व आरती कर बाबा के चरणों में श्रद्धा निवेदित की। नेताओं ने प्रधानमंत्री के यशस्वी सुदीर्घ जीवन के साथ ही देश-प्रदेश की खुशहाली की भी कामना की। स्वच्छता प्रहरियों का किया सम्मान, श्रद्धालुओं में मिष्ठान वितरण प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन कर काशी के पुरोहितों और आचार्यों का सम्मान किया। वाराणसी से वडनगर तक सेवा संकल्प यात्रा से जुड़े बाइकर्स के साथ संवाद तथा काशी विश्वनाथ धाम में अपनी सेवाएं दे रहे स्वच्छता प्रहरियों को सम्मानित भी किया। इसके बाद सभी ने मंदिर परिसर में ही श्रद्धालुओं को मिष्ठान वितरण किया। इसके लिए 19-19 किलो के चार लड्डू (76 किलो) तैयार किए गए थे। ‘विकसित भारत’ लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रार्थना: राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इस अवसर पर सभी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। सभी ने ईश्वर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु और आजीवन स्वस्थ रहने की प्रार्थना के साथ ही भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचाने की कामना की।  सीएम योगी ने की बाबा से प्रार्थना- लंबे समय तक भारत का नेतृत्व करें पीएम मोदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री व काशी के लोकप्रिय सांसद नरेंद्र मोदी जी के पावन जन्मदिन पर रक्षा मंत्री, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री व भाजपा उप्र के अध्यक्ष समेत वरिष्ठ नेताओं ने बाबा विश्वनाथ के पावन धाम में विशेष पूजा-अनुष्ठान संपन्न किया है। बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री के स्वस्थ व सुदीर्घ जीवन की प्रार्थना की। वह लंबे समय तक भारत का नेतृत्व करें, जिससे देशवासी उनके नेतृत्व में आत्मनिर्भर, सुरक्षित व विकसित भारत की संकल्पना देख सकें और उनके यशस्वी नेतृत्व में भारत दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था की तरफ से तेजी से आगे बढ़े।  कार्यक्रम के दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, खजुराहो के सांसद विष्णुदत्त शर्मा, उप्र के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, विधायक नीलकंठ तिवारी आदि भी मौजूद रहे।

जनता दर्शन में CM योगी ने सुनी 150 लोगों की समस्याएं, दिया मदद का भरोसा

हर जरूरतमंद का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए: सीएम योगी जनता दर्शन में 150 लोगों की समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम ने दिया भरोसा, हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। इसके लिए जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा और इसके बाद भी जरूरत पड़ी तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।  महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 150 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे परेशान न हों, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने अलग-अलग मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित और हस्तगत किए। साथ ही निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।  दिव्यांग के इलाज की व्यवस्था, पेंशन भी बहाल होगी जनता दर्शन में देवरिया जनपद से आए एक दिव्यांग ने इलाज के लिए सहायता देने का निवेदन किया। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को समुचित व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया। दिव्यांग से बातचीत में जैसे ही सीएम को उसका आयुष्मान कार्ड न होने की जानकारी हुई तो उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द आयुष्मान कार्ड बनवा दिया जाए। सीएम ने उससे दिव्यांग पेंशन के बारे में भी पूछा तो पता चला कि पेंशन मिलती थी, लेकिन किंचित कारणों से अभी बंद है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उक्त दिव्यांग की पेंशन बहाल कराने के लिए निर्देशित किया।  गोशाला में गोसेवा की सीएम ने गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ और अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी का आशीर्वाद लेने के बाद सीएम योगी ने मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। गोवंश को अपने हाथ से गुड़ खिलाकर उन पर स्नेह बरसाया। उन्होंने गोशाला के कार्यकर्ताओं से गोवंश के स्वास्थ्य एवं टीकाकरण की जानकारी ली और देखभाल के जरूरी दिशानिर्देश दिए।