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जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल पर जोर

रांची  राज्य के जल स्रोतों की स्वच्छता और शुद्धता के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 30 करोड़ की सहायता राशि दी जाएगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की तरफ से यह राशि प्रतिवर्ष मानसून के समय राज्यों को दी जाती है। इसमें जलस्रोतों के पास रसायनों के छिड़काव, उनका साफ सफाई के अलावा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस राशि से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुछ दवाइयां भी रखी जाएंगी। केंद्रीय सहायता मिलते ही जिलों में इसका आवंटन कर दिया जाएगा। जल सहिया को गुणवत्तापूर्ण जल जांच किट भी मुहैया कराए जाएंगे। जल जीवन मिशन पार्ट- 2 में भी जल स्रोतों की स्वच्छता के लिए विशेष खर्च का प्रविधान किया गया है। हालांकि यह राशि पूर्व से चली आ रही सहायता के तहत दी जाएगी। राज्य में बरसात के मौसम में दूषित जल का सेवन करने से लोग डायरिया जैसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। खराब पड़े हैंडपंप का मरम्मत का काम पूरा पेयजल स्वच्छता विभाग ने करीब 18 हजार खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल मिलने में आसानी हुई है। हैंडपंप और सोलर आधारित सामुदायिक पंप से ग्रामीण क्षेत्र में 70 प्रतिशत तक पेयजल की आपूर्ति इस साल की गई है। स्वच्छता के लिए मिलने वाली राशि से सामुदायिक जलापूर्ति योजना के आसपास काम कराया जाएगा। इस राशि को खर्च करने की ज्यादातर जिम्मेदारी जल सहिया के पास होती है। अक्टूबर से जल जीवन मिशन पार्ट-2 के तहत स्वच्छता उपायों पर ज्यादा राशि खर्च की जा सकेगी। इसमें स्वच्छता के लिए तकनीकी खर्च की सीमा बढ़ाई गई है।

SIT रिपोर्ट के बाद एक्शन: राम मंदिर मामले में 8 गिरफ्तार, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

लखनऊ अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में एआईआर के बाद एक फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच से चेतावानी दी है। आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने पहले दिन कहा कि दूध का दूध और पानी का पानी सभी के सामने आएगा। लेकिन मैं फिर से अपील करूंगा कि राम भक्तों की अग्नि परीक्षा मत लो, उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करना बंद कीजिए। अगर तथ्य या प्रमाण नहीं है तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करो और प्रमाण हैं तो SIT के सामने पेश करो। यूपी के देवरिया पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने संबोधन करते हुए अयोध्या राम मंदिर मामले पर अपनी बातें रखीं। सीएम योगी ने कहा कि एसआईटी की पहली रिपोर्ट आते ही कार्रवाई शुरू हो गई है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी कर के रहेंगे। सनातन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा वह भुगतेगा किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जो लोग गोली चलाते थे आज वे कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ योगी ने इस दौरान जमकर हमला भी बोला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक पक्ष कहता था कि राम हैं ही नहीं यानी अयोध्या को भी ये लोग नकारना चाहते थे। लगातार न्यायालय में मुकदमा लड़ते रहे, वकीलों की फौज राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के खिलाफ खड़ी करते रहे और दूसरा पक्ष वो है जो जय श्रीराम बोलने पर लाठी और गोली चलाते थे। भगवान राम का नाम लेने पर जो लोग गोली चलाते थे आज वे कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ। अरे तुम हमें आस्था बताओगे? राम नवमी पर दंगा करवाते थे, श्री कृष्ण जन्मोत्सव को प्रतिबंधित करते थे, कांवड़ यात्रा को नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा में दंगा करवाते थे… याद कीजिए कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं था, नोंचा था। बेइमानी और भ्रष्टाचार के जो कीर्तिमान स्थापित किए थे और वे लोग आज अयोध्या पर आक्षेप लगा रहे हैं? ये स्वीकार्य नहीं। एफआईआर के बाद 8 आरोपियों की हो चुकी हैं गिरफ्तारी आपको बता दें कि एसआईटी की ओर से 23 जून को सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में कठोर कार्रवाई की सिफारिश की गई है, जिसके आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद सभी नामजद आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में बृहस्पतिवार को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों और कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

पार्सल सेवा में क्रांति की तैयारी, रेलवे लाएगा रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम

 नई दिल्ली रेलवे अपनी ऑनलाइन सेवाओं के तहत ग्राहकों और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी कर रहा है। यह ग्राहकों के लिए पार्सल बुकिंग के अनुभव को बेहतर बना रहा है, जिससे वे अब आसानी से अपनी बुकिंग को ट्रैक कर सकेंगे। रेलवे ने अपने अधिकारियों को इसे लागू करने का काम सौंप दिया है। रेलवे अब पार्सल सेवा को पूरी तरह डिजिटल और ट्रांसपेरेंट बनाने की तैयारी में है। जल्द ही ग्राहक रेलवे से पार्सल बुक करने के बाद उसे रियल-टाइम ट्रैक कर सकेंगे, ठीक उसी तरह जैसे ई-कॉमर्स कंपनियों के पैकेज ट्रैक होते हैं। देशभर में चल रहा अध्ययन रेलवे की अध्ययन टीम ने दिल्ली के प्रमुख पार्सल कार्यालयों जैसे नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार स्टेशन का जायजा लिया और वहां मौजूद समस्याओं को चिह्नित किया। वर्तमान व्यवस्था में मुख्य समस्याएं दिल्ली के स्टेशनों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि पार्सल बुकिंग काउंटर अक्सर शेड और हैंडलिंग एरिया से काफी दूर होते हैं। ग्राहकों को बुकिंग के बाद पार्सल को दूसरी जगह ले जाना पड़ता है। इसके अलावा, पार्सल को कोच में उचित तरीके से नहीं रखा जाता, जिससे नुकसान की आशंका बनी रहती है। ट्रैकिंग और डिजिटल सुविधा की मांग रेलवे अब पार्सल बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की पल-पल की जानकारी ग्राहकों को ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। इससे पार्सल की पूरी यात्रा घर बैठे ट्रैक की जा सकेगी। सुझाए गए सुधार     पार्सल और यात्रियों की आवाजाही को अलग-अलग रास्तों से किया जाए     पीएमएस ऐप की क्षमता बढ़ाई जाए     पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं     प्लेटफॉर्म तक बैटरी कार्ट या शटल वैन की व्यवस्था     एडवांस्ड वेयरहाउसिंग और मशीनीकृत हैंडलिंग सिस्टम     आरएफआईडी स्कैनिंग अनिवार्य     तापमान नियंत्रित स्टोरेज सुविधा     एक ही ऐप से पार्सल ट्रैकिंग किन समस्याओं पर रेलवे का जोर     गलत डिलीवरी की समस्या: वर्तमान में लेबलिंग और डिजिटल ट्रैकिंग की कमी के कारण कई पार्सल गलत पते पर चले जाते हैं। बुकिंग की जानकारी ग्राहक को SMS, ईमेल या ऐप से नहीं दी जाती।     राजस्व बढ़ाने का अवसर: बेहतर निगरानी और आधुनिक सिस्टम से चोरी और नुकसान के दावों को आसानी से सुलझाया जा सकेगा, साथ ही रेलवे का राजस्व भी बढ़ने की उम्मीद है।     रेलवे बोर्ड का निर्देश: रेलवे बोर्ड की निदेशक प्रतिभा पॉल ने सभी जोनल महाप्रबंधकों को पत्र लिखकर इन सुझावों के आधार पर पार्सल केंद्रों को आधुनिक बनाने की योजना बनाने को कहा है।  

अब मोबाइल पर मिलेगी सरकारी बस की लाइव लोकेशन, बीएसआरटीसी ला रहा नया ऐप

पटना बिहार में रोजाना सरकारी बसों से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) एक बड़ी सुविधा शुरू करने जा रहा है। अब यात्रियों को अपनी बस के लिए घंटों बस स्टैंड पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि ट्रेनों की तरह ही अब सरकारी बसों की भी पूरी जानकारी एक क्लिक पर मोबाइल पर मिलेगी। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन निगम आगामी 15 अगस्त को 'वेयर इज माय बस' नामक एक बेहद खास मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। इस ऐप के जरिए यात्री घर बैठे ही बस की लाइव लोकेशन, उसके आने का अनुमानित समय, रूट, किराया और स्टॉपेज की सटीक जानकारी आसानी से देख सकेंगे। ऑनलाइन टिकट और किराए की मिलेगी पूरी जानकारी इस नए डिजिटल सिस्टम के शुरू होने से अब यात्रियों को पूछताछ काउंटर या बस डिपो के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं होगी। इस ऐप के जरिए लोग 24 घंटे कभी भी ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे और डिजिटल भुगतान भी कर पाएंगे। यह सुविधा विशेष रूप से बिहार से बाहर रहने वाले उन प्रवासियों के लिए वरदान साबित होगी, जो छठ, दीपावली, दुर्गापूजा और होली जैसे बड़े त्योहारों पर अपने घर लौटना चाहते हैं। जिन शहरों में भी बीएसआरटीसी की बसें चलती हैं, वहां से पटना या राज्य के अन्य किसी भी हिस्से के लिए यात्री आसानी से एडवांस बुकिंग कर अपनी यात्रा को सुरक्षित बना सकेंगे। ऐप संचालन के लिए जल्द जारी होगा टेंडर राजधानी पटना सहित पूरे राज्य में यातायात व्यवस्था को सुधारने और जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए भी इस ऐप में कड़े नियम जोड़े गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन निगम जल्द ही सभी प्रमुख बस स्टॉप और पड़ावों को बेहतर बनाकर उन्हें मार्क करेगा, ताकि ड्राइवर हर कहीं बस न रोककर सिर्फ निर्धारित स्टॉपेज पर ही बसें खड़ी करें। ऐप के सुचारू संचालन के लिए विभाग द्वारा जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर एक बेस्ट एजेंसी का चयन किया जाएगा। इस ऐप की मुख्य खूबियों में मैप पर बस की वर्तमान स्थिति देखना, बस स्टॉप तक पहुंचने का समय जानना और राज्यभर में चल रही सभी बसों का आधिकारिक किराया सूची देखना शामिल रहेगा।

Punjab News: होशियारपुर में ड्रग तस्करी से जुड़ी अवैध संपत्ति ध्वस्त, आरोपी दंपती पर प्रशासन की कार्रवाई

होशियारपुर. होशियारपुर के सरहाला कलां गांव में पंचायत जमीन पर बने अवैध ढांचे को नशा विरोधी अभियान के तहत गिरा दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह ढांचा पंचायत की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अधिनियम के तहत दर्ज कई मामलों में नामजद हैं। पुलिस के मुताबिक, दंपती पर कुल 14 मामले दर्ज हैं, जिनमें से कुछ मामलों में उन्हें दोषी भी ठहराया जा चुका है, जबकि कई मामले अभी अदालत में विचाराधीन हैं। फिलहाल दोनों आरोपी जेल में बंद हैं। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात पुलिस ने दावा किया है कि यह संपत्ति नशा तस्करी से अर्जित धन के जरिए बनाई गई थी। इसी आधार पर प्रशासन ने अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई से पहले गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी प्रकार के विरोध या कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य सरकार के “नशे के खिलाफ युद्ध” अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी से जुड़ी अवैध संपत्तियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी ऐसे मामलों की पुष्टि होगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। मई महीने में 95 मामले दर्ज जिले में नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन पोर्टल (एनकॉर्ड) के तहत नशों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि मई माह में 95 मामले दर्ज कर 123 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 878 ग्राम हेरोइन, 26 किलो से अधिक चूरा-पोस्त, एक हजार से अधिक नशीले कैप्सूल और 15,100 रुपये की ड्रग मनी बरामद की। अधिकारियों ने नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती, जागरूकता अभियान और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई पर भी चर्चा की। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए।

सरकारी स्कूल में जाम छलकाते मिला शिक्षक, कवर्धा में वीडियो वायरल; DEO बोले- होगी जांच

कवर्धा. कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. सुदूर वनांचल ग्राम तेलियापानी लेदरा के शासकीय स्कूल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. स्कूल में पदस्थ शिक्षक को शराब सेवन करते पकड़ा गया है.   जानकारी के अनुसार, यह घटना स्कूल समय के दौरान की बताई जा रही है. एक शिक्षक स्कूल के कमरे में शराब का सेवन नजर आए. कमरे में दो शराब की बोतलें और खाने के पैकेट भी मिले. मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी एफ.आर. वर्मा ने संबंधित प्रधान पाठक से प्रतिवेदन तलब किया है. उनका कहना है कि वीडियो की जांच कराई जाएगी. घटना कब की है, शराब सेवन कहां हुआ है, इसकी पुष्टि के लिए जांच की जाएगी. जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. बिलासपुर में भी शराबी शिक्षक पकड़ाया – बिलासपुर में मस्तूरी विकासखंड के मचहा जनपद प्राथमिक शाला में विगत महीनों टीचर संतोष केवट स्कूल में दिनदहाड़े शराब पीता नजर आया. स्कूल संचालन के दौरान शिक्षक ने महिला प्रधान पाठक तुलसी गणेश चौहान के सामने बैठकर शराब पी थी. उसे निलंबित कर दिया गया था. आरोपी टीचर मूंछों पर ताव देकर धौंस भी दे रहा है कि जाओ कलेक्टर को बता दो, मेरा कोई कुछ नहीं उखाड़ सकता है. ये पूरा मामला बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड के एक शासकीय स्कूल का है. शिक्षा विभाग ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया है. जिला शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि वो अब इस मामले में आपराधिक मामला दर्ज कर उक्त शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें. जैसे ही डीईओ के सामने यह वीडियो आया. उन्होंने एक्शन लेते हुए शराबी शिक्षक को निलंबित कर दिया.

Bihar Politics: राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर बड़ा अपडेट, CCTV हटे; बंगला खाली करने की अंतिम चेतावनी

पटना  बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास से शुक्रवार को सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए। लालू परिवार के द्वारा धीरे-धीरे यह बंगला खाली किया जा रहा है। इससे पहले भी पिकअप आदि गाड़ियों में भरकर सामान यहां से निकाल कर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आखिरी मोहलत मिली हुई है। 22 जून को उन्हें नोटिस देकर एक सप्ताह के भीतर आवास खाली करने को कहा गया था। यह बंगला सम्राट कैबिनेट में मंत्री नंदकिशोर राम को पिछले महीने ही आवंटित कर दिया गया था। भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से 39 हार्डिंग रोड पर दूसरा सरकारी आवास आवंटित किया है। हालांकि, कई बार उन्हें नोटिस मिलने के बावजूद उन्होंने अपना मौजूदा आवास खाली नहीं किया था। विभाग की ओर से उन्हें 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने के लिए कई बार नोटिस दे चुकी है। इसी महीने दो बार उन्हें रिमाइंडर दिया जा चुका है। 7 दिन में बंगला खाली करना होगा राबड़ी देवी को भवन निर्माण विभाग ने ताजा नोटिस 22 जून को जारी किया। इसमें 7 दिन के भीतर बंगला खाली करने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग ने यह भी कहा कि अगर इस अवधि में आवास खाली नहीं किया गया, तो कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसे सम्राट सरकार का लालू परिवार को आखिरी अल्टीमेटम माना जा रहा है। नए आवास में लालू के लिए मांगी गईं सुविधाएं इसी महीने 9 जून को भी भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को बंगला खाली करने का नोटिस दिया था। उस समय उन्होंने विभाग को पक्ष लिखकर नए आवास में उनके पति एवं आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रैंप, लिफ्ट और आउटहाउस का निर्माण करने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद विभाग ने 39 हार्डिंग रोड बंगला में निर्माण कार्य शुरू कर दिया। उस आवास का रंग-रौगन भी किया गया है। राबड़ी आवास से सामान की शिफ्टिंग इसी बीच, राबड़ी आवास से सामान की शिफ्टिंग भी शुरू कर दी गई। पिछले दिनों पिकअप में लोड होकर सामान 10 सर्कुलर रोड से निकले थे और उन्हें राबड़ी देवी के छोटे बेटे एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर पहुंचाया गया था। इससे पहले भी कुछ सामान उनके निजी मकानों में शिफ्ट किए जा चुके हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी महीने लालू परिवार द्वारा 10 सर्कुलर रोड आवास खाली कर दिया जाएगा।

बिहार को अर्बन चैलेंज फंड में 2,900 करोड़, नगर निकाय करेंगे एमओयू

पटना बिहार के शहरों को सुंदर, आधुनिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने केंद्र सरकार के 'अर्बन चैलेंज फंड' (यूसीएफ) मिशन में भागीदारी को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस खास मिशन के तहत अब बिहार के संबंधित नगर निकाय सीधे केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के साथ एमओयू कर सकेंगे। सरकार के इस कदम से बिहार के शहरी इलाकों में बुनियादी ढांचे का विकास करने, कमाई के नए जरिए ढूंढने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने में बहुत बड़ी मदद मिलने वाली है। बिहार के हिस्से आए 2,900 करोड़ रुपए इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड मिशन के लिए देशभर के शहरों को चमकाने के लिए एक लाख करोड़ रुपए की सहायता का प्रावधान किया है, जिसमें से बिहार के लिए पूरे 2,900 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। इस फंड से होने वाले कामों का पूरा पैसा सरकार अकेले नहीं देगी। किसी भी प्रोजेक्ट की कुल लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जो कुल मिलाकर 50 फीसदी होता है। इसका सीधा मतलब यह है कि आधी रकम तो सरकार दे देगी, लेकिन बाकी बची हुई आधी (50 प्रतिशत) राशि संबंधित नगर निकायों को ऋण, बॉन्ड अथवा अन्य वित्तीय साधनों के माध्यम से खुद ही जुटानी होगी। लोन दिलाने के लिए हुडको को बनाया गया पार्टनर नगर निकायों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने और इस आधी रकम को जुटाने में सहायता के लिए भारत सरकार ने 'हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन' (HUDCO) को नामित किया है, जिससे चयनित परियोजनाओं के लिए आसानी से लोन उपलब्ध कराया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस मिशन के तहत सिर्फ उन्हीं परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जो नगर निकायों के लिए लंबे समय तक राजस्व का मजबूत स्रोत बन सकें। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से बिहार के नगर निकाय आत्मनिर्भर और वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनेंगे, जिससे राज्य के शहरों में योजनाबद्ध और टिकाऊ विकास को एक नई गति मिलेगी।

Bihar Teacher Transfer Policy में बड़ा बदलाव, महिलाओं और बीमार शिक्षकों को राहत

पटना  Bihar Teachers: शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के स्थानांतरण की जो नई नियमावली तैयार की है उसमें 40 से अधिक उम्र की मह‍िला श‍िक्ष‍िकाओं का विशेष ध्‍यान रखा गया है। इस बात का जिक्र किया गया है कि अगर किसी अविवाहित महिला शिक्षक की उम्र 40 वर्ष से अधिक है तो स्थानांतरण में उनकी पसंद को वरीयता दी जाएगी। अगर कोई महिला शिक्षक विधिक रूप से अलग रह रहीं तो उन्हें भी स्थानांतरण में वरीयता मिलेगी। नियमावली में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन विद्यालयों में स्वीकृत शिक्षक की संख्या चार से कम है , वहां वरीयता श्रेणी के शिक्षकों के पदस्थापन पर विचार नहीं किया जाएगा। बीमारी और दिव्यांगता में इस तरह वरीयता बीमारी और दिव्यांगता के तहत शिक्षकों को स्थानांतरण में किस तरह से अधिमानता मिलेगी इसका भी विशेष रूप से स्थानांतरण की नई नियमावली में जिक्र किया गया है। वरीयता श्रेणी के तहत कैंसर रोग से ग्रस्त शिक्षक, ओपन हार्ट सर्जरी, एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट अंग प्रत्यारोपण के मामले में 20 प्रतिशत स्वयं, 10 प्रतिशत पत्नी के मामले में तथा 10 प्रतिशत की वरीयता संबंधित शिक्षक के 18 वर्ष से कम उम्र के आश्रित के संदर्भ में दी जाएगी। इसी तरह की वरीयता एकल किडनी, किडनी ट्रांसप्लांट, व डायलिसिस के मामले में दी जाएगी। ब्रेन ट्यूमर, न्यूरो सर्जरी, बोन टीबी व अन्य अन्य गंभीर टीबी के साथ-साथ पक्षाघात पीड़ित शिक्षकों को भी स्थानांतरण में वरीयता मिलेगी। दिव्यांगता के संदर्भ में यह प्रावधान किया गया है कि 80 से 100 प्रतिशत तक की दिव्यांगता जिसमें दृष्टि, अस्थि अथवा श्रवण बाधा शामिल है, से प्रभावित शिक्षकों को स्थानांतरण में वरीयता दी जाएगी। बीमारी और दिव्यांगता श्रेणी के तहत आए आवेदन की जांच के लिए शिक्षा विभाग के स्तर चिकित्सा बोर्ड का गठन किया जाएगा। यदि कोई शिक्षक वरीयता श्रेणी के तहत आवेदन करता है पर उनका स्थानांतरण नहीं होता है तो वह अगले स्थानांतरण चक्र में वरीयता श्रेणी के तहत स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेगा। वरीयता का दावा गलत होने पर वैधानिक कार्रवाई अगर किसी शिक्षक की वरीयता का दावा गलत निकलता है तो संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के स्तर से उसकी जांच कराई जाएगी। संबंधित शिक्षक को अपना स्पष्टीकरण दिए जाने को ले सात दिन का समय दिया जाएगा। यदि दावा गलत निकलता है तो संबंधित शिक्षक पर अनुशासनिक के साथ-साथ वैधानिक कार्रवाई भी होगी। वहीं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तथा राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को भी स्थानांतरण में क्रमश: 10 व पांच प्रतिशत वरीयता दिए जाने का प्राविधान किया गया है।

मरीज की मौत के बाद फोर्टिस अस्पताल में अनियमितताओं की जांच, सीसीटीवी फुटेज से खुलासा

नई दिल्ली  मरीजों के इलाज में कथित लापरवाही और विभिन्न अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ जांच के आदेश दिए है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभागों की संयुक्त टीम ने गुरुवार को अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें कड़े अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। सीएम ने जन सुनवाई के दौरान मिली एक शिकायत के बाद जांच का आदेश दिया था। दरअसल मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में सुनवाई के दौरान एक परिवार ने मुख्यमंत्री को शिकायत की थी कि शालीमार बाग क्षेत्र में उनके बेटे को चाकू मारकर घायल कर दिया गया था। उनके बेटे को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। परिवार ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने उसका इलाज करने से पहले उनसे पैसे की मांग की। जिसके चलते सही समय पर इलाज न मिलने के कारण उनके बेटे की मौत हो गई। सीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम की निगरानी में जांच के आदेश दिए थे। कई विभागों ने अस्पताल में की जांच सेंट्रल नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के डीएम एस एस परिहार की निगरानी में स्वास्थ्य, नगर निगम, अग्निशमन व अन्य विभागों ने अस्पताल की जांच की। टीम ने अस्पताल में मरीजों के उपचार, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों के आधार पर अस्पताल के विभिन्न विभागों और रिकॉर्ड की पड़ताल की। अस्पताल में नियमों का उल्लंघन प्रारंभिक जांच में कई खामियां और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले सामने आए है। इस दौरान बिल्डिंग बायलॉज का दुरुपयोग, अवैध निर्माण, आग बुझाने के सिस्टम में गड़बड़ी, बेसमेंट का मिसयूज और चिकित्सीय नियमों के लिए बनाई गई एसओपी में भी गंभीर लापरवाही पाई गई। टीम ने की इमरजेंसी विभाग की जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज की जांच कर पाया कि जो युवक चाकू लगने से मारा गया था, वह खुद चलकर इमरजेंसी में पहुंचा था। इससे पता चलता है कि अगर उसका सही समय पर इलाज होता तो उसकी जान बच जाती। टीम ने इमरजेंसी विभाग के रिकॉर्ड की भी जांच की है। डीएम के अनुसार इन अनियमितताओं व मरीजों के इलाज में बरती गई लापरवाही को ध्यान में रखते हुए अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। जांच की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अस्पताल ने क्या कहा? इस बीच अस्पताल ने बयान जारी कर कहा कि फोर्टिस मरीजों की देखभाल के सर्वोच्च मानकों, चिकित्सीय उत्कृष्टता और सभी नियामकीय प्रावधानों के पालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जैसे ही मामले का औपचारिक विवरण हमारे साथ साझा किया जाएगा, हम उसकी समीक्षा करेंगे और संबंधित अधिकारियों को पूरा सहयोग देंगे। मरीजों की सुरक्षा और उनका स्वास्थ्य हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।