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पंजाब दौरे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी का हमला, कहा- व्यापारियों का भरोसा डगमगाया

लुधियाना. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को लुधियाना दौरे के दौरान कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। श्री गुरु अमरदास जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में अमरपुरा चौक के निकट आयोजित कीर्तन दरबार में मत्था टेकने पहुंचे थे। सैनी ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ही जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकीं। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश की जनता विकास और तरक्की के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जता रही है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहते हुए पंजाब के लोगों का शोषण किया और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि आज देशभर में कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है और पार्टी को चुनावों में सीटें जुटाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने पंजाब के लोगों को बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद वे वादे पूरे नहीं किए जा सके। उनके अनुसार, जनता को जिस बदलाव और बेहतर प्रशासन की उम्मीद थी, वह धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। इस दौरान नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत राज्य के लगभग 27 लाख लोग उपचार का लाभ ले चुके हैं। इसके अलावा पात्र परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा किसानों की 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। वैकल्पित ऊर्जा पर काम कर रह केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और पश्चिम एशिया क्षेत्र में बने हालात का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार वैकल्पिक ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। इसी दिशा में हरियाणा में जल्द 750 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बारे में पूछे गए सवाल पर नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनके साथ पारिवारिक संबंध जैसे आत्मीय रिश्ते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नेता मिलकर पंजाब में भारतीय जनता पार्टी को और मजबूत बनाने का काम करेंगे। राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस दौरे में नायब सिंह सैनी ने जहां धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धा व्यक्त की, वहीं पंजाब की राजनीति, कानून व्यवस्था और विकास के मुद्दों पर विपक्षी दलों तथा राज्य सरकार को घेरने का भी प्रयास किया।

गुरिंदर सिंह ढिल्लों और CM सैनी की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल

चंडीगढ़. डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके कैंप ऑफिस में मुलाकात की। इस मुलाकात से पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले संभावित चुनावी गठबंधनों को लेकर नई राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़े लोगों ने इस मुलाकात के राजनीतिक महत्व को कम करके दिखाने की कोशिश की और इसे सामाजिक शिष्टाचार और धार्मिक नेताओं के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया, लेकिन इस मुलाकात सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब सैनी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख चेहरों में से एक के तौर पर पेश किया जा रहा है। उन्हें चुनावों से पहले पंजाब में पार्टी की मौजूदगी और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने का काम सौंपा गया है। इस भूमिका में सैनी लगातार पंजाब का दौरा भी कर रहे हैं। सीएम ने शेयर की तस्वीरें हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने आधिकारिक एक्स एकाउंट से तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, 'डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों जी का आज संत कबीर कुटीर पधारने पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उनसे शिष्टाचार भेंट कर सपरिवार आशीर्वाद प्राप्त किया।' इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इससे कुछ समय पहले ही बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने पंजाब की एक जेल में पूर्व अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से भेंट की थी। उस मुलाकात ने भी पूरे राज्य में राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों को जन्म दिया था। राजनीतिक हलचल हुई तेज कैंप ऑफिस में की शिष्टाचार मुलाकात। सीएम कार्यालय ने इस सामाजिक शिष्टाचार से जुड़ी मुलाकात बताया। सीएम सैनी ने एक्स पर लिखा, उनसे शिष्टाचार भेंट कर सपरिवार आशीर्वाद प्राप्त किया। सीएम सैनी इन दिनों पंजाब में कई बार दौरा कर चुके हैं। इससे पहले बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से भी मुलाकात की थी। साल 2027 के शुरुआत में पंजाब विधानसभा चुनाव होने हैं।       बता दें कि डेरा ब्यास को इस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली धार्मिक संप्रदायों में से एक माना जाता है। पूरे उत्तर भारत में, विशेष रूप से पंजाब में, इसके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले, BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी विभिन्न डेरों और संप्रदाय प्रमुखों से जुड़ने के लिए एक विशेष टीम तैनात की थी।

महिला की गुहार सुन भावुक हुए CM नायब सैनी, लापरवाह अधिकारियों पर बरसे

कुरुक्षेत्र. विधानसभा हलके लाडवा के शिवाला रामकुंडी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को जन संवाद कार्यक्रम किया। इस दौरान मेहरा गांव निवासी धूप सिंह और महिला प्रियंका ने शिकायत रखते हुए बताया कि उनके खेत के रास्ते में ट्रांसफार्मर और खंभे लगाकर रास्ता रोक दिया है, जिससे वे खेती भी नहीं कर पा रहे हैं। इस दौरान महिला रोने लगी और कहा कि वह 19 शिकायतें दे चुकी है लेकिन रास्ता खाली नहीं हुआ। उन्हें धमकियां भी दी जा रही हैं। अब रास्ता नहीं मिला तो वह बेटे के साथ जहर खा लेगी। इस पर मुख्यमंत्री ने महिला को शांत कराया और फिर अधिकारियों को फटकार लगाई। मामले में एक्सईएन को फटकार लगाई तो उन्होंने कहा कि एक महीने पहले ही यहां ज्वाइन किया है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एसडीएम लाडवा को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। एसपी को धमकी देने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सैनी ने जन संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि आम नागरिकों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जल्द ऑनलाइन नाम ठीक करने की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आरटीई के तहत बच्चे का प्राइवेट स्कूल में दाखिला करवाना सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के लिए 338 शिकायतें रजिस्टर्ड की गई थीं। मुख्यमंत्री करीब 10 शिकायकर्ताओं से ही मंच के माध्यम से सीधा संवाद कर पाए। उसके बाद उन्होंने नीचे उतर कर शिकायतकर्ताओं के पास जाकर उनकी शिकायतें लीं और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। 74 सीएम अनाउंसमेंट में से 38 का काम हो चुका पूरा मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि लाडवा हलके के विकास को गति देने के लिए उनके साढ़े 11 वर्षों के कार्यकाल में 74 सीएम अनाउंसमेंट हुई हैं। इनमें से 38 का काम पूरा हो चुका और बाकी पर काम जारी है। सरकार ने लाडवा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों पर पिछले साढ़े 11 वर्षों में 807 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में मात्र 310 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। गंभीर मैटर हो तो बताओ, सबने हाथ उठाए तो सीएम वहीं पहुंचे मुख्यमंत्री शिवाला रामकुंडी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में शिकायतें सुनने पहुंचे। 338 शिकायतें रजिस्टर्ड हुई थीं, लेकिन शुरू की 10 शिकायतें सुनने और उनका समाधान करने के बाद मुख्यमंत्री मंच पर माइक से लोगों से मुखातिब होते हुए बोले- किसे का गंभीर मैटर हो तो बताओ। इस पर शिकायत लेकर पहुंचे सभी लोगों ने हाथ उठाए। मुख्यमंत्री मुस्कुराए और अपनी कुर्सी छोड़ खड़े हो गए। इसके बाद मुख्यमंत्री सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए हलके के लोगों के समीप पहुंच गए।

हरियाणा के युवा इनोवेटर की चर्चा, शहद के सिरके ने CM सैनी को भी किया प्रभावित

झज्जर. विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं! कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए। क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में? प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं। बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। 5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद  दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं। फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।

सेहत के लिए साथ आएं सभी दल, सुखना लेक पर CM सैनी ने विपक्ष से भी की अपील

चंडीगढ़. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए विशेष सहयोग के आह्वान का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक अनूठी पहल करते हुए साइकिल से सफर तय किया और जनता के बीच 'स्वस्थ भारत, स्वस्थ हरियाणा' का संदेश दिया। मुख्यमंत्री सैनी सुबह-सुबह चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना लेक पहुंचे। वहां उन्होंने न केवल मॉर्निंग वॉक की, बल्कि सैर पर आए आम नागरिकों और युवाओं से मुलाकात भी की। मुख्यमंत्री ने लोगों से बातचीत करते हुए उन्हें स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। विपक्ष से भी मिलकर साथ आने की अपील इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आम जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने विपक्ष को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के इस राष्ट्रव्यापी आह्वान पर विपक्ष को भी राजनीति से ऊपर उठकर जनता के साथ मिलकर 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में साथ आना चाहिए। हरियाणा सरकार ने जारी की SOP मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कहा, "हरियाणा में भी हमने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार अपनी राज्य सरकार के स्तर पर SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है।" पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अब वर्चुअल मीटिंग के साथ-साथ 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) जैसे विकल्पों को भी अपनाने का फैसला किया है, जिससे यातायात और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को लेकर हरियाणा सरकार की खास तैयारी, CM नायब सैनी का बड़ा बयान

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12 ज्योतिर्लिंग की चर्चा करते हुए भारत सरकार द्वारा 11 मई को बनाए जा रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर प्रकाश डाला है। नायब सैनी ने विचार रखते हुए कहा कि हमारे देश में अनेक ऐसे पूजनीय स्थल हैं, जो हमारी आस्था और संस्कृति को मजबूत बनाते हैं। गुजरात स्थित श्री सोमनाथ मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि यह भारत के आध्यात्मिक संकल्प का जीवंत प्रतीक है। भगवान शिव के 12 आदि ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान रखने वाला सोमनाथ मंदिर, भारत के पवित्र भूगोल में एक विशिष्ट स्थान रखता है। यह प्रत्येक भारतीय के जीवन में रचा-बसा हुआ है, जिसके बिना वह अपने अस्तित्व की कल्पना नहीं कर सकता। भारत सरकार 11 मई तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रही है, जो सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष बाद भी मंदिर के शाश्वत और अविनाशी होने का पर्व है। हरियाणा सरकार इस पर्व को उसी भव्यता, आध्यात्म और उत्साह से मनाएगी, जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है। इस मंदिर ने सदियों तक आक्रमण और पुनर्निर्माण का अद्वितीय इतिहास देखा है। वर्ष 1026 में हुए आक्रमण के बाद भी हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ, जो भारतीय समाज की अटूट आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमाण है। स्वतंत्रता के पश्चात सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और 11 मई 1951 को इसका प्राण-प्रतिष्ठा समारोह सम्पन्न हुआ। इस पर्व को मनाने का यही मूल उद्देश्य है कि कितने ही उतार-चढ़ाव आए, परंतु सोमनाथ हमारी अटूट आस्था का प्रतीक बना रहा और बना रहेगा। यह भारतीय जन मानस के हृदय में वास करता है। यह पर्व उन असंख्य महान विभूतियों को स्मरण करने का भी है, जो सोमनाथ मंदिर पर क्रूर हमलों के बावजूद उनके सम्मुख डटकर खड़े रहे। 1940 के दशक में स्वतंत्रता की भावना पूरे भारत में फैल रही थी, सरदार पटेल जैसे महान नेताओं के नेतृत्व में स्वतंत्र भारत की नींव रखी जा रही थी। ऐसे में उन्हें सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा व्यथित कर रही थी। 13 नवंबर 1947 को दीपावली के समय सरदार पटेल ने सोमनाथ के जर्जर अवशेषों के सामने खड़े होकर समुद्र का जल हाथ में लेकर संकल्प लिया था कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण होगा। उनके आह्वान ने सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतवर्ष को नये उत्साह से भर दिया। दुर्भाग्यवश सरदार पटेल अपने उस सपने को साकार होते नहीं देख सके, जिसके लिए उन्होंने स्वयं को समर्पित कर दिया था। इससे पहले कि जीर्णोद्धार के बाद सोमनाथ मंदिर भक्तों के लिए खुलता, उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पावन अवसर पर सोमनाथ के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की है, क्योंकि बीते 75 वर्षों में यह मंदिर केवल पुनर्निर्माण का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि भारत के सांस्कृतिक आत्मविश्वास और अटूट आस्था का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अध्यक्ष होने के नाते भी इस विरासत को संजोकर रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। आज सोमनाथ मंदिर भव्य वास्तुकला, आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय संगम है। यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि देश की आत्मा से जुड़ा एक जीवंत तीर्थ है, जो हर दिन लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर के धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों को विश्वविख्यात कर हिंदू धर्म को प्रखर प्रतिनिधित्व दिया है। उन्होंने विकास भी विरासत भी के मूल मंत्र से प्रेरित होकर सोमनाथ से काशी, कामाख्या से केदारनाथ, अयोध्या से उज्जैन तक आध्यात्मिक केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है। साथ ही, उनकी पारंपरिक पहचान को भी बरकरार रखा है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व ने हिंदू धर्म को पुनर्जीवित किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस अदभुत धार्मिक शक्ति के दर्शन मात्र से ही आपको अविस्मरणीय अनुभूति होगी।

6 बेटियों के पिता की अपील रंग लाई: CM सैनी के निर्देश पर 2 घंटे में मिला गैस सिलेंडर

फरीदाबाद. फरीदाबाद के मुजेसर क्षेत्र के आजाद नगर की झुग्गियों में रहने वाले एक परिवार ने सिलेंडर के लिए सीएम से गुहार लगाते हुए अपनी समस्या सोशल मीडिया पर उठाई है। परिवार के मुखिया ओम कुमार ने रसोई गैस सिलेंडर न मिलने की परेशानी को लेकर हरियाणा के सीएम से मदद की अपील की थी। सीएम से मद की अपील के कुछ देर बाद ही व्यक्ति के घर गैस सिलेंडर पहुंचा दिया गया है, जिसके बाद उसने सीएम का धन्यवाद जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर मैसेज लिखकर अपनी स्थिति बताई और कहा कि उनके घर में कई दिनों से गैस खत्म हो चुकी है। जिससे परिवार के सामने भोजन बनाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। सोशल मीडिया पर सीएम को भेजी समस्या परेशान होकर ओम कुमार ने हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी को सोशल मीडिया के जरिए अपनी समस्या बताई है। उन्होंने सीएम कार्यालय सीएमओ हरियाणा को भी संदेश भेजकर मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने यह भी लिखा कि 24 मार्च को उन्होंने गैस सिलेंडर के लिए बुकिंग करवाई थी और उन्हें 27 मार्च की तारीख दी गई थी। लेकिन जब वह सिलेंडर लेने पहुंचे तो एजेंसी ने उन्हें 10 अप्रैल की नई तारीख दे दी। उन्होंने सीएम से आग्रह करते हुए लिखा कि उनके परिवार में 6 बेटियां हैं और अगर जल्द सिलेंडर नहीं मिला तो उनके परिवार को भूखे रहने की नौबत आ सकती है। ओम ने परिवार के साथ तस्वीर की शेयर ओम कुमार ने एक और संदेश में अपनी पत्नी और 6 बेटियों के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उनकी बेटियों का चेहरा देखकर उनकी मदद की जाए। उन्होंने लिखा कि अगर उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिला तो वह अपने परिवार को खाना कैसे खिलाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी की ओर से उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है, इसलिए सरकार से मदद की उम्मीद है।

LPG संकट की खबरों के बीच CM सैनी का आश्वासन: हरियाणा में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में आज खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में वर्तमान में मिडिल ईस्ट में उत्पन्न युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति बाधित होने संबंधी फैल रही अफवाहों की स्थिति पर चर्चा की गई। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर कुंडरू, महानिदेशक अंशज सिंह तथा ऑयल कम्पनियों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक दौरान ऑयल कम्पनियों के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वर्तमान में पैट्रोल, डीजल एवं घरेलू एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा ऑयल कम्पनियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त गैस की आपूर्ति निरंतर प्राप्त हो रही है। हालांकि कमर्शियल गैस सिलैंडरों की आपूर्ति में अस्थाई रूप से बाधा आ रही है। कमर्शियल सिलैंडर प्राथमिकता शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को दिए जा रहे हैं। सरकार द्वारा यह भी सुनिश्चित आपूर्ति किया गया है कि घरेलू गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे तथा किसी भी प्रकार की चोरी या कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और जिला खाद्य एवं आपूर्ति तथा पूर्ती नियंत्रकों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने आमजन से अपील की कि एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक घबराहट एवं भंडारण से बचें क्योंकि राज्य में आवश्यक पैट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है व आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।

हरियाणा में सीएम सैनी की निगरानी में बड़ी परियोजनाएं समय पर होंगी पूरी

चंडीगढ़. हरियाणा में अब बड़ी परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी। व्यापक आर्थिक, सामाजिक और दीर्घकालिक प्रभाव वाली 100 महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की पहचान कर उनकी उच्चतम स्तर पर निगरानी की जाएगी ताकि परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी हो सकें। इसके लिए संबंधित विभाग के 4-5 अधिकारियों की टास्क फोर्स बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हर महीने खुद इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे ताकि इनमें आने वाली बाधाओं को दूर कर क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि टास्क फोर्स परियोजनाओं की निगरानी करेगी। परियोजनाओं में देरी की पहचान करेगी और आवश्यकता अनुसार अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि सुशासन के परिणामों को बेहतर बनाने और जन विश्वास को मजबूत करने के लिए के प्रमुख विकास परियोजनाओं का समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग अपनी-अपनी प्रमुख परियोजनाओं की पहचान कर जल्द से जल्द इनकी सूची हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम को भिजवाएं।

CM सैनी का विपक्ष को जवाब- ’24 फसलों पर MSP नेशनल रिकॉर्ड’

पंचकूला. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) पर खरीद को लेकर विपक्ष को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि राज्य में 24 फसलों की खरीद एक 'नेशनल रिकॉर्ड' है और यह एक सच्चाई है, नारा नहीं। दरअसल, कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भारतीय जनता पार्टी सरकार के इस दावे पर सवाल उठाया है कि 24 फसलों के लिए MSP दिया जा रहा है और आरोप लगाया है कि हरियाणा में इतनी फसलें नहीं उगाई जाती हैं। इस पर सैनी ने नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर इस मुद्दे पर डेटा-बेस्ड चर्चा की जाए तो सच्चाई साफ हो जाएगी। सैनी ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि किसान प्रदर्शनों में फंसे रहें, जबकि सरकार उनकी खुशहाली और राज्य की तरक्की पक्का करने के लिए काम कर रही है। विपक्ष पर जमकर बरसे सैनी हरियाणा विधानसभा में बजट सेशन से एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने कहा ने MSP पर 24 फसलों की खरीद एक नेशनल रिकॉर्ड है… यह कोई नारा नहीं बल्कि एक सच्चाई है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि जब कोई पॉलिटिकल पार्टी जनता के बीच अपनी पहचान खोने लगती है, तो वह असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए आरोपों का सहारा लेती है। मुख्यमंत्री ने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार पर BJP के खिलाफ हाल ही में लगाए गए "ऑपरेशन लोटस" के आरोपों को लेकर भी निशाना साधा, और उन्हें बेबुनियाद और "पॉलिटिकल फ्रस्ट्रेशन" की निशानी बताया। प्रस्तावित भारत-US ट्रेड डील पर सैनी ने कहा कि इससे हरियाणा जैसे खेती वाले राज्यों के किसानों को बासमती चावल, डेयरी प्रोडक्ट्स, फलों, सब्जियों और प्रोसेस्ड फूड के लिए अमेरिकी मार्केट तक पहुंच खुलने से फायदा होगा। इसी तरह, यूरोपियन यूनियन के साथ व्यापार से टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और हेवी इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर में एक्सपोर्ट के मौके बनेंगे, जिससे राज्य की इकॉनमी मजबूत होगी।