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इस परियोजना और अन्य माध्यमों से हरियाणा को करीब 1280 क्यूसेक पानी मिलने का अनुमान

पंचकूला  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जानकारी देते हुए कहा कि किसाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर हरियाणा सहित छह राज्यों के बीच आज ऐतिहासिक समझौता हुआ है। परियोजना पूरी होने के बाद इससे तथा अन्य माध्यम से हरियाणा को करीब 1280 क्यूसेक पानी मिलेगा। इस पानी से सिंचाई तथा पेयजल योजनाओं को सिरे चढ़ाने की योजना हरियाणा सरकार ने बनानी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता तथा जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में हुई बैठक में शामिल होने के बाद हरियाणा भवन में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कई दशक से परियोजना लटकी थी लेकिन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयास से आगे बढ़ने जा रही है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास इस नारे के साथ प्रधानमंत्री देश को विकसित करने में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि आज किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर समझौता हरियाणा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वर्षों से लंबित इस परियोजना को संवाद, सहयोग और सहमति के माध्यम से आगे बढ़ाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का विशेष रूप से धन्यवाद और उनकी पहल और सक्रिय प्रयासों से वर्षों से लंबित इस विषय पर राज्यों के बीच सहमति बनाने का रास्ता साफ हुआ है। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल जी का आभार जताया जिन्होंने लगातार राज्यों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए इस परियोजना को गति दी। बोले- यमुना में हरियाणा के पानी का हिस्सा 48 प्रतिशत है, इसलिए यमुना में पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर हमें फ़ायदा होगा। साथ ही दो परियोजना रेणुका जी और लखवार की परियोजना पहले से ही निर्माणाधीन है, जल्द ही किसाऊ परियोजना पर भी काम शुरू होगा इन परियोजनाओं से बढ़ेगी पानी की उपलब्धता इन तीनों परियोजनाओं से कुल 2676 क्युसिक पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिसमें हरियाणा का हिस्सा 1280 क्युसिक होगा। यह पानी हमारे प्रदेश की वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों की जल आवश्यकताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन में राष्ट्र प्रमुखों के लिए दिए गए गाला डिनर में इंडी गठबंधन राज्यों के मुख्यमंत्री के नहीं आने के सवाल पर सीएम ने कहा कि यह दुखदायी है कि भाजपा का विरोध करते-करते विपक्षी नेता देश का विरोध करने लगे हैं। कार्यक्रम में सभी राज्य के मुख्यमंत्री को बुलाया गया था, जो नहीं आए वही बता पाएंगे कि क्यों नहीं आए।

हरियाणा में पेंशन से लाडो लक्ष्मी योजना तक राहत, 50.28 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 1890 करोड़

चंडीगढ़ हरियाणा में बुजुर्गों और दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 11वीं किस्त जारी कर दी गई है। इसके अलावा गृहिणियों को गैस सब्सिडी, किसानों को भावांतर भरपाई तथा दयालु योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता भी जारी की गई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की सात योजनाओं के तहत लाभार्थियों को 311 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि बैंक खातों में डाली गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को विभिन्न योजनाओं के तहत 50 लाख 28 हजार 208 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 1890 करोड़ 16 लाख रुपये जारी किए। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख 10 हजार लाभार्थी महिलाओं के खातों में 212 करोड़ 16 लाख रुपये डाले गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ राशि जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 6 हजार 841 लाभार्थियों के खातों में 1129 करोड़ ट्रांसफर किए। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। एक और बजट घोषणा हुई पूरी मुख्यमंत्री की एक और बजट घोषणा वीरवार को पूरी हो गई। एमएसएमई एवं उद्योग निदेशालय की विभिन्न सात योजनाओं के तहत 670 लाभार्थियों को 311 करोड़ 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई है। इसमें एमएसएमई विभाग की हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 539 लाभार्थियों को 45.44 करोड़ रुपये, लाजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिटेल नीति के तहत चार लाभार्थियों को 9.29 करोड़ रुपये और हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 16 लाभार्थियों को 144.16 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा प्लग एंड प्ले योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 24.53 करोड़ रुपये, आत्मनिर्भर टेक्सटाइल नीति के तहत 98 लाभार्थियों को 65.18 करोड़ रुपये, पदमा के तहत दो लाभार्थियों को 20.54 करोड़ रुपये और एमएसई क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत एक क्लस्टर विकास के लिए 2.11 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

20 साल की सेवा के बाद नियमित होने की आस, हरियाणा के अतिथि अध्यापकों ने सरकार से लगाई गुहार

चंडीगढ़  हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब दो दशक से सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों ने अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए गांधीगिरी का रास्ता अपनाया है। प्रदेशभर में अतिथि अध्यापकों ने एक साथ इंटरनेट मीडिया पर अभियान चलाकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की सकारात्मक सोच को लेकर हजारों पोस्ट साझा कीं। अभियान का मकसद सरकार का ध्यान अपनी उस मांग की ओर आकर्षित करना है, जिसके तहत अतिथि अध्यापक खुद को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में करीब 12 हजार अतिथि अध्यापक लंबे समय से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। नियमित करने की उठी मांग उनका तर्क है कि जब वे लगभग 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं और लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, तो उन्हें भी हरियाणा के सरकारी कालेजों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों की तर्ज पर नियमित किया जाना चाहिए। राज्य सरकार करीब चार हजार कालेज लेक्चरर्स को पक्का कर चुकी है। इसी निर्णय को आधार बनाकर स्कूलों के अतिथि अध्यापक भी अपने लिए समान नीति की उम्मीद लगाए हुए हैं। अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मुलाकात हो चुकी है। इसके अलावा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी अतिथि अध्यापकों की मांग के प्रति सकारात्मक रुख जाहिर कर चुके हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने बैठक में इस विषय पर अधिकारियों के साथ चर्चा करने का भरोसा दिया था। ऐसे में अतिथि अध्यापकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी करीब 20 साल पुरानी सेवा और अनुभव को देखते हुए कोई ठोस रास्ता निकालेगी। अतिथि शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा विषय वहीं, विधानसभा में भी विपक्ष की ओर से अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का मुद्दा उठाया जा चुका है। इससे यह मामला अब केवल कर्मचारी संगठनों की मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और लंबे समय से अस्थायी आधार पर काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा विषय बन गया है। अतिथि अध्यापकों का ताजा इंटरनेट मीडिया अभियान इसी उम्मीद के साथ चलाया गया है कि सरकार के समक्ष अपनी बात आक्रामक आंदोलन की बजाय सकारात्मक तरीके से रखी जाए। हजारों पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के सकारात्मक रुख को सामने रखते हुए उनसे जल्द निर्णय लेने की अपील की गई है। अब निगाहें सरकार और शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर हैं।

पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों के लिए सैनी सरकार का बड़ा फैसला, मिलेंगी नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं

चंडीगढ़  हरियाणा में पालिका रोल पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नायब सिंह सैनी सरकार ने इन कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सर्विस की सुनिश्चितता) एक्ट, 2024 के दायरे में लाने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के हजारों सफाई कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। सरकार के इस निर्णय के लागू होने के बाद पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की सेवा 60 वर्ष की आयु तक सुरक्षित हो सकेगी। यानी कर्मचारियों को बार-बार नौकरी खत्म होने या सेवा जारी रहने को लेकर अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा। 60 वर्ष की उम्र को उनकी सेवानिवृत्ति की आयु के तौर पर माना जाएगा। नियमित कर्मचारियों जैसी मिलेंगी कई सुविधाएं इस व्यवस्था के तहत पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को 2024 के संबंधित अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कई वित्तीय और सेवा संबंधी लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा। ये लाभ काफी हद तक नियमित कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं के समान होंगे। इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और सेवा शर्तों में सुधार आने की उम्मीद है। हजारों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा हरियाणा सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ पालिका रोल पर काम करने वाले हजारों सफाई कर्मचारियों को मिल सकता है। लंबे समय से सेवा कर रहे कर्मचारियों के लिए नौकरी की स्थिरता एक अहम मुद्दा रही है। अब उन्हें 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा मिलने से भविष्य को लेकर चिंता कम होने की उम्मीद है। सफाई कर्मचारी संगठनों के लिए अहम फैसला सरकार के इस कदम को सफाई कर्मचारी संघ और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेवा सुरक्षा के साथ वित्तीय और अन्य सेवा लाभ मिलने से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फैसले को पूरी तरह लागू करने के लिए संबंधित प्रक्रिया और औपचारिकताओं को पूरा किया जाना बाकी रहेगा। सरकार का यह निर्णय पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को संविदा कर्मचारियों से जुड़े सेवा सुरक्षा प्रावधानों के दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके लागू होने के बाद कर्मचारियों को नौकरी की स्थिरता के साथ कई अन्य सेवा लाभ भी मिल सकेंगे।

हरियाणा को शिक्षा में नंबर-1 बनाने का संकल्प, शिक्षक दिवस पर CM सैनी ने उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित

पंचकूला  शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को पंचकूला में राज्य शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाने में सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में आना उनके लिए गौरव और सम्मान का क्षण है। उन्होंने शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह समारोह शिक्षा के प्रति शिक्षकों के समर्पण और योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है। उनके जन्मदिन को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तकनीक के दौर में शिक्षक की भूमिका और महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के इस दौर में शिक्षक की भूमिका कम नहीं हुई है, बल्कि पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई शिक्षा नीति ने शिक्षा में समझ, कौशल, नवाचार और भारतीय मूल्यों को जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया है। अब शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि योग्य, आत्मनिर्भर, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति निष्ठावान नागरिक तैयार करना है। शिक्षा बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार कर रही है। चालू वित्त वर्ष में स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया गया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए मॉडल संस्कृत विद्यालयों की संख्या बढ़ाकर 218 की गई है, जबकि प्रदेश में 251 पीएम श्री विद्यालय विकसित किए गए हैं। इसके अलावा 250 विद्यालयों को सीएम-ईईई स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के 3,328 विद्यालयों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। गणित के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के लिए हरियाणा गणित ओलंपियाड शुरू किया गया है। युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से कौशल बिजनेस चैलेंज शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त एक विद्यालय को स्कूल आफ एक्सीलेंस इन स्किल एजुकेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सुपर-100 और बुनियाद कार्यक्रमों को और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का निपुण कार्यक्रम भी देशभर में पहचान बना रहा है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 23 देशों के प्रतिनिधि हरियाणा आकर इस कार्यक्रम को देख और समझ रहे हैं। शिक्षक स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और उनके परिवारों को संकट की घड़ी में सुरक्षा प्रदान करने के लिए वीर बाल मेमोरियल इनिशिएटिव योजना का प्रावधान किया गया है। वहीं शिक्षक स्थानांतरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नई शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और संस्कार देकर विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं।

नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी, हरियाणा में 4 महीने तक चलेगा मेगा रोजगार अभियान

अंबाला  प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आने वाले चार महीने उनकी तकदीर बदलने वाले होंगे। यह चार महीने केवल रोजगार मेले आयोजन तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि सरकार और युवाओं के बीच सीधे संवाद का बड़ा मौका बनेंगे। प्रदेश सरकार ने सितंबर से दिसंबर तक अलग-अलग जिलों में मेगा जॉब फेयर आयोजित करने का कार्यक्रम तैयार किया है। खास बात यह है कि इन आयोजनों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और सांसद तक सीधे युवाओं के बीच पहुंचेंगे। इसी कड़ी में नौ सितंबर को कुरुक्षेत्र, सात अक्टूबर को रोहतक, 21 अक्टूबर को पलवल और एक नवंबर को हिसार में राज्यस्तरीय रोजगार मेला लगेगा जिसमें सीएम सैनी शिरकत करेंगे। सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक सितंबर में अंबाला और रेवाड़ी से मेगा जॉब फेयर की शुरुआत होगी। कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में पहला राज्यस्तरीय आयोजन होगा। सितंबर में यमुनानगर, सिरसा, भिवानी, कैथल और चरखी दादरी में भी रोजगार मेले प्रस्तावित हैं। अक्टूबर में यह अभियान रोहतक से लेकर फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, पलवल, गुरुग्राम, पानीपत और झज्जर तक पहुंचेगा। नवंबर में हिसार और जींद समेत अन्य स्थानों पर आयोजन होंगे। रोजगार निदेशालय को बनाया नोडल एजेंसी रोजगार निदेशालय को इन मेलों की नोडल एजेंसी बनाया गया है। वहीं कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को आयोजन स्थल, लॉजिस्टिक्स, प्रचार-प्रसार और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को जोड़ने के साथ विश्वविद्यालयों, पालिटेक्निक और उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को मेलों तक लाने के निर्देश दिए हैं। कौन कहां संभालेगा कमान     7 सितंबर को अंबाला में राज्यसभा सांसद संजय भाटिया व रेवाड़ी में राज्य मंत्री राजेश नागर।     14 सितंबर को यमुनानगर में मंत्री अनिल विज।     16 सितंबर को सिरसा मंत्री कृष्ण लाल पंवार।     17 सितंबर को भिवानी में मंत्री महिपाल ढांडा।     21 सितंबर को कैथल में मंत्री श्याम सिंह राणा व चरखी दादरी में मंत्री श्रुति चौधरी अक्टूबर में रोजगार अभियान     9 अक्टूबर को फतेहाबाद में मंत्री कृष्ण कुमार व नूंह में राज्य मंत्री गौरव गौतम।     16 अक्टूबर को फरीदाबाद में सांसद कृष्ण पाल गुर्जर व महेंद्रगढ़ में मंत्री राव नरबीर सिंह।     21 अक्टूबर को पलवल में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि।     23 अक्टूबर को गुरुग्राम में मंत्री विपुल गोयल।     28 अक्टूबर को पानीपत में मंत्री अरविंद कुमार शर्मा।     30 अक्टूबर को झज्जर में मंत्री आरती सिंह राव मुख्य अतिथि। नवंबर और दिसंबर में     16 नवंबर को करनाल में सांसद नवीन जिंदल। l     14 दिसंबर को पंचकूला में सांसद मनोहर लाल इसी दिन सोनीपत में सांसद सुभाष बराला।     28 दिसंबर को हांसी में सांसद धर्मबीर सिंह।  

बाबा मक्खन शाह और लक्खी शाह जयंती पर सीएम की बड़ी घोषणा, धर्मशाला को मिलेंगे 31 लाख

 चंडीगढ़ हरियाणा में बंजारा समाज की सभी छह मांगों को सरकार पूरा करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को संत कबीर कुटीर में संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत आयोजित बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा के राज्य स्तरीय जयंती समारोह में यह भरोसा दिलाया। साथ ही पेहवा में मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला और दतौली के सामुदायिक केंद्र के लिए 31-31 लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा इतिहास के दो अमर अध्याय हैं। उन्होंने त्याग को धर्म, सेवा को संस्कार और बलिदान को अपनी पहचान बनाया। ऐसी दोनों महान विभूतियों के चरणों में वे श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। उन्होंने पेहवा में मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला के लिए दी गई जमीन से संबंधित कार्रवाई तेजी से पूरी करने का वादा करते हुए कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना के नाम पर किसी संस्थान का नाम भी रखा जाएगा।  6300 परिवारों को 100-100 गज के प्लॉट नायब ने कहा कि बाबा मक्खन शाह और बाबा लक्खी शाह का जीवन सेवा, समानता और समर्पण का संदेश देता है। इसी भावना के साथ प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से प्रत्येक परिवार को पहचान दी गई है। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 14 शहरों में 15 हजार 250 परिवारों को आवास तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 6300 परिवारों को 100-100 गज के प्लाट तथा घर निर्माण के लिए एक लाख रुपये की सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख 56 हजार गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं। डा. भीमराव आंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के अंतर्गत सहायता राशि 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 80 हजार रुपये की गई है। अब तक 85 हजार 815 परिवारों को 416 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 55 हजार से अधिक जरूरतमंदों को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है। 13 लाख 43 हजार परिवारों को प्रतिमाह 500 रुपये में गैस सिलिंडर दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के माध्यम से परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर 74 हजार 245 परिवारों को 2,800 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा 13 लाख 43 हजार परिवारों को प्रतिमाह 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। विद्यार्थियों को 12वीं तक मुफ्त किताबें, वर्दी और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग के साथ-साथ डा. आंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत आठ हजार से 12 हजार रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। कार्यक्रम में बंजारा समाज के पुरोहित हुकुम सिंह, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग और अतिरिक्त निदेशक मनीष लोहान सहित प्रदेशभर से आए लुबाना और बंजारा समाज के गण्यमान्य लोग मौजूद थे।

खादी को बढ़ावा देने की पहल, मुख्यमंत्री सैनी ने लाभार्थियों को सौंपी बी-बॉक्स और मशीनें

हिसार. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिवानी से आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान, रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय जुड़ गया है। आज ‘खादी रोजगार उत्सव’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वोकल फार लोकल और विकसित भारत-2047 का संकल्प धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सिवानी में आयोजित खादी रोजगार उत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पूर्व मंत्री जेपी दलाल की बहल को उपमंडल बनाने और सिवानी को हिसार में शामिल करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर आगामी समय में उचित कार्रवाई की जाएगी। खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज गोयल ने मुख्यमंत्री को चरखे का स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आनलाइन बटन दबाकर मधुमक्खी पालन के लिए 2350 बी बाक्स भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी आजादी के आंदोलन से ही करोड़ों भारतीयों के श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का परिचायक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी खादी स्वदेशी का प्रतीक था। इसने बिना हथियार के ब्रिटिश हुकूमत की आर्थिक बुनियाद को हिलाकर रख दिया था। वर्तमान में प्रधानमंत्री ने हमें ‘खादी फार नेशन, खादी फार फैशन और खादी फार ट्रांसफार्मेशन’ का मंत्र दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत हरियाणा के 972 कारीगरों को तीन हजार 645 मशीनें एवं टूल किट्स प्रदान की गई है। इनमें विद्युत चालित चाक, बी-बाक्स एवं बी-कालोनी, सिलाई मशीनें, टर्नवुड टूलकिट, फुटवियर निर्माण मशीनें, चरखे और दोना-पत्तल निर्माण मशीनें शामिल हैं। ये मशीनें गांवों में नई आर्थिक क्रांति का आधार बनेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने वाले युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को 504 करोड़ 68 लाख रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी गई है। बढ़ गया खादी का कारोबार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2013-14 में खादी एवं ग्रामोद्योग का कुल कारोबार लगभग 31 हजार करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो गया है। पिछले 12 सालों में देशभर में खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से लगभग दो करोड़ रोजगार पैदा हुए हैं। केवीआइसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि पीएमईजीपी के तहत 22,259 नई इकाइयों के लिए 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का आनलाइन संवितरण किया गया है। पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि भिवानी जिले की जनता ने सदैव आपका साथ दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनके अनुरोध पर लोहारू की दशकों से खाली पड़ी नहरों में टेल तक पूरा पानी पहुंचाया। किसान गरीब सहित हर वर्ग के हित में नीतियां लागू की। इस मौके पर बवानी खेड़ा के विधायक कपूर सिंह बाल्मीकि, विधायक बाढ़डा उमेद पातुवास, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक, डीसी साहिल गुप्ता, सिवानी नगरपालिका की चेयरपर्सन वंदना केडिया, खादी ग्रामोद्योग के वित्तीय सलाहकार जे सरवनन, रवि महमिया और टोनी बराला सहित अन्य मौजूद रहे। मशीनें व टूल्स किए वितरित मुख्यमंत्री ने सोनीपत जिला से आई नेहा, अंजली, ऋतु और रोहतक निवासी सुदेश व पिंकी को फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग मशीनें वितरित की। इसी प्रकार रोहतक निवासी साधना, गुंजन शर्मा, मोनिका, ज्योति व नीलम को सिलाई मशीन और भिवानी जिला से झुम्पा निवासी राजेश देवी, ऊषा रानी, छाकली देवी व प्रमिला को चरखा वितरित किया। शहद उत्पादन के लिए फतेहाबाद निवासी कुलदीप सिंह, भीम सिंह, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार, कुलवंत और कुरुक्षेत्र निवासी मुनीष को उपकरण वितरित किए। मुख्यमंत्री ने की ये घोषणाएं — गांव गुरेरा, किकराल, नलोई, देवसर, ढाणी रामजस, ढाणी किशनलाल, ढाणी मिठ्ठी में जगमग योजना लागू करने की घोषणा। तीन करोड़ 28 लाख रुपए का खर्च आएगा। लोहारू शहर में छह करोड़ 85 लाख की लागत से एक कम्युनिटी सेंटर बनाया जाएगा। सिवानी के राजकीय महाविद्यालय में एक करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से मल्टीपर्पस हाल का निर्माण होगा। सिवानी सिंचाई मंडल की मंढोली डिस्ट्रीब्यूटरी शहरयारपुर व खरकड़ी माइनर की चार करोड़ की लागत से री-माडलिंग। लोहारू सिंचाई मंडल में कासनी, झांझड़ा, बहल, पातवान, सौरा , बड़दु चैना माइनर की री-माडलिंग के लिए आठ करोड़ छह लाख रुपए की राशि खर्च। सिवानी में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सुविधा शुरू करने की घोषणा। किकराल रोड हाईवे बाईपास, सिवानी में ओवरब्रिज का निर्माण करने की घोषणा। सिवानी के नागरिक अस्पताल में चार करोड़ रुपए की लागत से पोस्टमार्टम की सुविधा 12 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से बहल बस स्टैंड का निर्माण। सिवानी नगरपालिका के लिए नए भवन का निर्माण। लोहारू विधानसभा क्षेत्र के सड़क तंत्र को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण एवं सड़क निर्माण विभाग की 391.25 किलोमीटर की 120 सड़कों की मरम्मत व मार्केटिंग बोर्ड की 141.68 किलोमीटर की सड़कों की मरम्मत। लोहारू विधानसभा के खेतों के 25 किलोमीटर के रास्तों को पक्का किया जाएगा।

हरियाणा राजनीति में बढ़ी नजदीकियां, सीएम आवास पर बिश्नोई परिवार के साथ डिनर

 पंचकूला हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिग्गज नेता कुलदीप बिश्नोई के परिवार के बीच नजदीकियां बढ़ती दिख रही हैं। सोमवार रात को बिश्नोई परिवार ने मुख्यमंत्री आवास पर सीएम सैनी के साथ डिनर किया। खास बात यह है कि पिछले महज 15 दिनों के भीतर दोनों पक्षों के बीच यह तीसरी बड़ी मुलाकात है। इस मुलाकात की तस्वीरें खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने सोशल मीडिया (X) अकाउंट पर शेयर की हैं। मुख्यमंत्री आवास पर जुटे दोनों परिवार यह अनौपचारिक बैठक चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई। सीएम नायब सिंह सैनी और उनकी पत्नी सुमन सैनी ने बिश्नोई परिवार का स्वागत किया। डिनर के इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई, उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई और उनके बेटे व भाजपा विधायक भव्य बिश्नोई मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक रणधीर पनहार (पिराह) भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे थे। किस बात से नाराज थे बिश्नोई भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता कुलदीप बिश्नोई मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा द्वारा उनके पिता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजन लाल पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के कारण नाराज थे। सीएम सैनी ने की तारीफ मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी भजनलाल की कार्यशैली हमेशा जनहित और विकास केंद्रित रही। चौधरी भजनलाल हमारे लिए बहुत सम्मानित हैं। हम सब उनका बहुत सम्मान करते हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान को बीजेपी की ओर से बिश्नोई समाज को सकारात्मक संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा है। रेखा शर्मा ने जताया खेद इसी कड़ी में सांसद रेखा शर्मा ने भी अपने बयान पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि उनका वक्तव्य किसी व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी नहीं था, बल्कि एक राजनीतिक व्यवस्था के संदर्भ में दिया गया था वापस कांग्रेस ज्वाइन करने की कयासें चार साल पहले बीजेपी में शामिल हुए स्व. भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई भाजपा से अलग राजनीति करने के विभिन्न विकल्पों पर विचार करने लगे थे। हिसार व भिवानी से सांसद रह चुके कुलदीप बिश्नोई ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि भाजपा अपनी पार्टी की राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा से माफी नहीं मंगवाती तो उनके पास राजनीति करने के तीन बड़े विकल्प मौजूद हैं। बता दें कि कुलदीप बिश्नोई राहुल गांधी के भी खास माने जाते थे।  

डी-पार्क आग हादसा: सीएम ने किया निरीक्षण, पीड़ितों को आर्थिक सहायता की घोषणा

 रोहतक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को रोहतक के डी-पार्क क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड स्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले कपिल, सौरभ और अमन के परिजनों से भी मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं सहायता कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। मुख्यमंत्री ने राहत कोष से पूर्ण रूप से नष्ट हुई दुकानों के लिए 5-5 लाख रुपये और आंशिक रूप से प्रभावित दुकानों के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा आग की चपेट में आकर नष्ट हुई रेहड़ियों के मालिकों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा उन्होंने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित दुकानदारों के नुकसान का आकलन कर अलग से मुआवजा भी दिया जाएगा, ताकि व्यापारियों को अपने कारोबार को दोबारा खड़ा करने में मदद मिल सके। बता दें कि 9 जून को माडल टाउन स्थित डी-पार्क के निकट भीषण आग लगने से करीब एक दर्जन दुकानें जलकर राख हो गई थीं। हादसे में तीन लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी, जबकि लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था। घटना के बाद से व्यापारी संगठनों की ओर से पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे और राहत की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री के दौरे और मुआवजे की घोषणा के बाद प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।