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बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से निपटने की तैयारी, हरियाणा में 6,230 पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा

चंडीगढ़  गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस मिलने के विरोध में बिजली कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी  प्रशासनिक सचिवों और उपायुक्तों संग समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से बिजली कर्मचारियों के साथ है। वहीं, हड़ताल के दौरान असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए 6230 पुलिस कर्मचारी लगाए गए हैं। संवेदनशील उपक्रमों की ड्रोन से निगरानी की जाएगी। सभी जिलों के उपायुक्त बैठक से ऑनलाइन जुड़े, जबकि बिजली मंत्री अनिल विज, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी तथा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल बैठक में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बिजली कर्मचारी यूनियनों की मांग के अनुरूप विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बिजली यूनियनों से अपील की कि वे जनहित को देखते हुए हड़ताल के निर्णय को स्थगित करें। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि सभी विभागों को प्रो-एक्टिव होकर काम करना है। हड़ताल के चलते कोई अव्यवस्था न फैले तथा किसी भी बिजली संस्थान को कोई नुकसान न होने दिया जाए। अलग-अलग विभागों में कार्यरत टेक्निकल स्टाफ, उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों, पोलिटेक्निक कालेजों तथा आइटीआइ में कोर्स करने वाले अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की सेवाएं भी बिजली आपूर्ति को सुचारू करने हेतु ली जा सकती हैं। सभी उपायुक्त जिला स्तर की कमेटी गठित करे जो चंडीगढ़ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई-लेवल कमेटी को नियमित रूप से रिपोर्ट दे। उपायुक्त अपने जिला में हाटलाइन नंबर के माध्यम से मुख्यालय से संपर्क बनाए रखें तथा जनता की शिकायत सुनने के लिए अलग से कंट्रोल रूम के नंबर भी सार्वजनिक किए जाएं। उपद्रव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि हड़ताल की आड़ में उपद्रव को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई असामाजिक तत्व किसी बिजलीघर अथवा पावरग्रिड को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त काूननी कार्रवाई की जाएगी। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ दूसरे राज्यों से भी बुलाए कर्मचारी ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ ने बताया कि आमजन को दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभाग द्वारा रिटायर्ड कर्मचारियों तथा पड़ोसी राज्यों के बिजली कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी। कंट्रोल रूम में डायरेक्टर लेवल के अधिकारी तैनात रहेंगे। हड़ताल की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। बिजली व पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि हड़ताल के दौरान सुरक्षा हेतु अतिरिक्त पुलिस बल लगाते हुए समुचित उपाय किए गए हैं। पुलिस द्वारा 1501 नंबर पर आने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों में कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी स्थापित किए गए हैं।  

हरियाणा में OBC समाज को शिक्षा, आरक्षण और रोजगार की गारंटी: CM सैनी

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने एक विकसित और समृद्ध हरियाणा के निर्माण के अपने संकल्प को ताजा गति दी है, जो सुशासन, पारदर्शिता, जन कल्याण और समावेशी विकास के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता के साथ लगातार तीसरी बार के दो साल पूरे होने को चिह्नित करता है। हरियाणा के लोगों को उनके निरंतर विश्वास और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समर्पण, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ राज्य की सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार सत्ता को अधिकार का प्रयोग करने का साधन नहीं मानती है, बल्कि हर नीति और निर्णय के केंद्र में हरियाणा के 2.80 करोड़ निवासियों की आकांक्षाओं और कल्याण के साथ लोगों की सेवा करने का अवसर है। सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने के अवसर पर चंडीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण एक हरियाणा का निर्माण करना है जहां प्रत्येक नागरिक के पास अवसर, आवश्यक सेवाओं और विकास के लाभों तक पहुंच हो, चाहे वह क्षेत्र या सामाजिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी इस मौके पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने पिछले दो वर्षों में सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने अक्सर अपने कार्यकाल के दौरान हरियाणा को एक प्रमुख राज्य बनाने का दावा किया था, लेकिन वास्तविकता यह थी कि राज्य भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, भय, पक्षपात, क्षेत्रीय भेदभाव और पारची-खरची संस्कृति में नंबर एक के रूप में उभरा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी भर्ती में योग्यता को एक तरफ धकेल दिया गया था, जिसमें राजनीतिक सिफारिशें और मौद्रिक विचार रोजगार के अवसर निर्धारित किए गए थे। उन्होंने कहा कि अनियमितताएं और घोटाले पिछले कांग्रेस शासन के तहत विभिन्न क्षेत्रों में व्याप्त हो गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा अपनाई गई नीतियों ने न केवल हरियाणा के विकास में बाधा उत्पन्न की है, बल्कि योग्य नागरिकों को उनके सही अवसरों से वंचित भी किया है। उन्होंने कांग्रेस पर राज्य के अन्य हिस्सों की उपेक्षा करते हुए अपने 10 साल के शासनकाल के दौरान किसी विशेष क्षेत्र में विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया। उस अवधि के दौरान लोगों के सामने आने वाली कठिनाइयों को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि निवासियों को एलपीजी सिलेंडर प्राप्त करने के लिए तीन दिन तक इंतजार करना पड़ा, जबकि बिजली की आपूर्ति निर्बाध बिजली के वादों के बावजूद दिन में मुश्किल से चार से पांच घंटे तक सीमित थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बार-बार अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने में विफल रही है, जिससे हरियाणा के लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से पार्टी को अस्वीकार करने के लिए प्रेरित हुए हैं। कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने सत्ता में रहने के वर्षों के दौरान दुर्गम रहने के बाद पार्टी नेताओं की जनता से जुड़ने की अचानक उत्सुकता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वही नेता जो अब सड़कों पर उतर रहे हैं और लोगों के बीच आगे बढ़ रहे हैं, उन्होंने सरकार में रहते हुए आम नागरिकों से मिलने के लिए बहुत कम झुकाव दिखाया है। जनता के प्रति उनके रवैये की एक नुकीली आलोचना में, उन्होंने टिप्पणी की कि इन नेताओं ने एक बार लोगों के पसीने की गंध भी असहनीय पाया, लेकिन अब उन लोगों के साथ संपर्क स्थापित करने की मांग कर रहे थे जिन्हें उन्होंने नजरअंदाज कर दिया था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार की नीतियों ने आम नागरिकों को कठिनाई और उत्पीड़न के अधीन किया है। उन्होंने कहा कि लोगों ने अंततः पार्टी को सत्ता से बाहर वोट देकर जवाबदेह ठहराया था। विकित हरियाणा का रोडमैप संरेखित है सरकार के दीर्घकालिक विकास एजेंडे को रेखांकित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रधानमंत्री श्री के अनुरूप देश के अग्रणी विकसित राज्यों में से एक बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। नरेंद्र मोदी का विवेकित भारत 2047 का विजन। उन्होंने कहा कि विवेकित हरियाणा का मार्गदर्शक सिद्धांत, विकसित भारत राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की नींव रखता है, जिसमें किसानों की समृद्धि, गरीबों के आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, महिलाओं की गरिमा और कल्याण और शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्राथमिकताएं सरकार की विकास रणनीति का अभिन्न अंग हैं, जो यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि प्रगति का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और कोई भी क्षेत्र या समुदाय पीछे न रहे। अपनी चुनावी प्रतिबद्धताओं को लागू करने में सरकार की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों के लिए संकल्प पत्र में किए गए 217 वादों में से 76 को दो साल के भीतर पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष 141 पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित हरियाणा के सरकार का दृष्टिकोण किसानों की समृद्धि, गरीबों की आर्थिक सुरक्षा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, महिलाओं की गरिमा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच पर निर्भर करता है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि संकल्प पत्र को लागू करने में हुई प्रगति अपने वादों को ठोस कार्रवाई में बदलने और लोगों को ठोस लाभ पहुंचाने के सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। सरकार द्वारा की गई प्रमुख पहलों का विवरण देते हुए, उन्होंने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना पर प्रकाश डाला, जिसके तहत पात्र महिलाओं को प्रति माह 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सभी फसलों की खरीद प्रदान की जाती है। उन्होंने नकली उर्वरकों, बीजों और कीटनाशकों के निर्माण या बिक्री में शामिल लोगों के लिए पांच साल की कैद के लिए प्रावधान करने वाले कानून के अधिनियमन के साथ-साथ डंकी मार्ग के माध्यम से अवैध प्रवास को रोकने के उद्देश्य से एक कानून का भी उल्लेख किया। अन्य महत्वपूर्ण उपायों में, मुख्यमंत्री ने हरियाणा से प्रत्येक अग्निवीर … Read more

अग्निवीरों के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पुलिस समेत कई विभागों में नौकरी का रास्ता साफ

चंडीगढ़ भारतीय सेना में चार साल की सेवा पूरी कर हरियाणा लौटने वाले हर अग्निवीर को राज्य सरकार नौकरी देगी। हरियाणा सरकार के पास लौटने वाले अग्निवीरों की सूची पहुंच चुकी है और उन्हें विभिन्न विभागों में नौकरी देने को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर चुके हैं। नायब सरकार का ताजा फोकस अग्निवीरों के लिए नौकरियों में केवल आरक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपलब्ध सरकारी पदों के साथ उन्हें जोड़कर नौकरियां देने की व्यवस्था तैयार करने पर है। अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्तियों में आरक्षण और आयु में छूट हरियाणा सरकार ने जुलाई 2024 में ही अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्तियों में क्षैतिज (होरिजेंटल) आरक्षण और आयु में छूट की घोषणा कर दी थी। इसके तहत ग्रुप-सी की सिविल सीधी भर्तियों में पांच प्रतिशत और ग्रुप-बी में एक प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रविधान किया गया था। पुलिस, वन रक्षक, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण घोषित किया गया था। इसके बाद सरकार ने अप्रैल 2025 में कुछ पदों पर आरक्षण बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का फैसला किया। 2026 में यह व्यवस्था और विस्तारित हुई। मौजूदा प्रविधान के तहत पुलिस कॉन्स्टेबल, आईआरबी और एसडीआरएफ कॉन्स्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर, माइनिंग गार्ड, वाइल्ड लाइफ गार्ड तथा फायर आपरेटर-कम-ड्राइवर जैसे पदों पर 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रविधान किया गया है। एक सितंबर से हुई लागू अन्य संबंधित ग्रुप-सी पदों में पांच प्रतिशत और कौशल-विशेषज्ञता से जुड़े ग्रुप-बी पदों में एक प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान है। यह व्यवस्था एक सितंबर 2026 से लागू हुई है। अब सरकार ने इस आरक्षण को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों, बोर्डों और निगमों से पदवार और श्रेणीवार रिक्तियों का ब्योरा मांगा है। इन पदों पर सीधी भर्ती के लिए एचपीएससी और एचएसएससी के माध्यम से प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सरकारी विभागों से पूछा गया है कि अग्निवीरों के लिए कितने पद उपलब्ध हैं और किस श्रेणी में कितनी रिक्तियां हैं। हरियाणा में हर अग्निवीर को मिलेगी नौकरी: CM नायब सैनी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि हरियाणा सरकार हर अग्निवीर को नौकरी देने पर विचार कर रही है। उन्होंने सिंगापुर से लौटते ही ऐसे अग्निवीरों की सूची देखी और उन्हें विभिन्न विभागों में नौकरियां देने की हर संभावना पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमने सैद्धांतिक रूप से यह तय कर लिया है कि अग्निवीरों को कहां और किस तरह से समायोजित किया जाना है। हरियाणा से 2022-23 में 2,227 और 2023-24 में 2,893 अग्निवीर सेना में भर्ती हुए थे। पहले बैच के चार साल पूरे होने के बाद राज्य सरकार ने अगस्त से विभागवार रिक्तियां जुटाने की कवायद तेज की है। दो साल में 47 हजार युवाओं को मैरिट पर पक्की नौकरियां मुख्यमंत्री ने बताया कि अपने दो साल के कार्यकाल में अब तक करीब 47 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। 2024 में दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही करीब 25 हजार चयनित युवाओं को नियुक्तियां देने की प्रक्रिया पूरी की गई थी। अब करीब साढ़े पांच हजार पदों पर पुलिस की भर्ती चल रही है और साढ़े आठ हजार पदों पर अन्य भर्तियों के लिए पेपर कंडक्ट कराए जा रहे हैं।  

गुरुग्राम के विकास पर बड़ा मंथन, CM सैनी की हाईलेवल बैठक शुरू

गुरुग्राम. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को गुरुग्राम की विकास परियोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक शुरू हुई। बैठक में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गति और लंबित कार्यों की जानकारी ले रहे हैं। अधिकारियों से विकास कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है। प्रदूषण के लिए देशभर में बदनाम हो चुकी साइबर सिटी में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के तेवर सख्त नजर आए। गुरुग्राम में चल रही उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भी अधिकारियों से जवाब-तलब किए जाने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के एक क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किए जाने की बात सामने आ रही है। प्रदूषण पर अधिकारियों से जवाब-तलब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में चल रही बैठक में गुरुग्राम की सड़कों, जलनिकासी, स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और अन्य प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। खासकर प्रदूषण की स्थिति को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में आरओ के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा को अधिकारियों के लिए मुख्यमंत्री के सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

CM सैनी के बड़े निर्देश, किसानों-महिलाओं और युवाओं तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे और उनकी जमीनी प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बेस्ट प्रैक्टिस का उद्देश्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और आमजन को वास्तविक लाभ देना होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने गोशालाओं को दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत 10 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी देने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में कृषि, उद्यान, कृषि विपणन, विकास एवं पंचायत, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा सहकारिता विभाग की योजनाओं और तकनीकी सुधारों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि उर्वरक वितरण प्रणाली को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ से जोड़ने के बाद सत्यापित किसानों को पीओएस मशीन से खाद मिल रही है। आठ अक्टूबर 2025 से 14 सितंबर 2026 तक इससे 820 करोड़ रुपये की सब्सिडी बचत दर्ज की गई। कृषि वैज्ञानिकों को खेतों में जाकर किसानों से संवाद करने और कीट-रोगों की समस्या पर शोध करने के निर्देश दिए गए। फसलों में कीटों की समय पर पहचान के लिए ई-पेस्ट सर्विलांस सिस्टम विकसित करने के निर्देश सीएम ने दिए हैं। नई फसल किस्मों और कृषि तकनीक पर शोध के लिए विशेष रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा। भावांतर भरपाई योजना में फसल उत्पादन और मंडी बिक्री का प्रभावी सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पात्र किसानों को पूरा भुगतान मिले। किसान जीवन सुरक्षा योजना में बीमा कंपनियों को पात्र किसानों को वास्तविक नुकसान के अनुरूप पूरा लाभ देने के निर्देश दिए गए। गांवों में शिक्षा, रोजगार, पानी और स्वास्थ्य पर फोकस प्रदेश में 996 अटल लाइब्रेरियां स्थापित हो चुकी हैं और 86.6 करोड़ रुपये से 1,000 नई लाइब्रेरियां बनाई जा रही हैं। इनमें से 500 का उद्घाटन 25 दिसंबर 2026 को सुशासन दिवस पर करने के निर्देश सीएम ने दिए। बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।     स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को शामलात भूमि पर डेयरी से जोड़ने पर जोर। योजना के तहत अब तक 1,005 आवेदन मिले हैं।     468 ग्रामीण इंडोर जिम स्थापित हो चुके हैं और 234 अन्य के आदेश जारी किए गए हैं।     नहरों के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने तथा माइक्रो-इरिगेशन और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश।     दूध की गुणवत्ता व मिलावट की नियमित जांच और कैटल फीड की निगरानी के निर्देश दिए गए।     सहकारी समितियों का आनलाइन पंजीकरण तीन कार्य दिवस में किया जाना है। 2019 से अब तक 9,165 समितियां आनलाइन पंजीकृत हुई हैं।     चीनी मिलों में एडवांस टोकन सिस्टम से किसानों का इंतजार 11-15 घंटे से घटकर करीब 1-2 घंटे रह गया है।  

इस परियोजना और अन्य माध्यमों से हरियाणा को करीब 1280 क्यूसेक पानी मिलने का अनुमान

पंचकूला  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जानकारी देते हुए कहा कि किसाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर हरियाणा सहित छह राज्यों के बीच आज ऐतिहासिक समझौता हुआ है। परियोजना पूरी होने के बाद इससे तथा अन्य माध्यम से हरियाणा को करीब 1280 क्यूसेक पानी मिलेगा। इस पानी से सिंचाई तथा पेयजल योजनाओं को सिरे चढ़ाने की योजना हरियाणा सरकार ने बनानी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता तथा जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में हुई बैठक में शामिल होने के बाद हरियाणा भवन में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कई दशक से परियोजना लटकी थी लेकिन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयास से आगे बढ़ने जा रही है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास इस नारे के साथ प्रधानमंत्री देश को विकसित करने में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि आज किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर समझौता हरियाणा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वर्षों से लंबित इस परियोजना को संवाद, सहयोग और सहमति के माध्यम से आगे बढ़ाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का विशेष रूप से धन्यवाद और उनकी पहल और सक्रिय प्रयासों से वर्षों से लंबित इस विषय पर राज्यों के बीच सहमति बनाने का रास्ता साफ हुआ है। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल जी का आभार जताया जिन्होंने लगातार राज्यों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए इस परियोजना को गति दी। बोले- यमुना में हरियाणा के पानी का हिस्सा 48 प्रतिशत है, इसलिए यमुना में पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर हमें फ़ायदा होगा। साथ ही दो परियोजना रेणुका जी और लखवार की परियोजना पहले से ही निर्माणाधीन है, जल्द ही किसाऊ परियोजना पर भी काम शुरू होगा इन परियोजनाओं से बढ़ेगी पानी की उपलब्धता इन तीनों परियोजनाओं से कुल 2676 क्युसिक पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिसमें हरियाणा का हिस्सा 1280 क्युसिक होगा। यह पानी हमारे प्रदेश की वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों की जल आवश्यकताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन में राष्ट्र प्रमुखों के लिए दिए गए गाला डिनर में इंडी गठबंधन राज्यों के मुख्यमंत्री के नहीं आने के सवाल पर सीएम ने कहा कि यह दुखदायी है कि भाजपा का विरोध करते-करते विपक्षी नेता देश का विरोध करने लगे हैं। कार्यक्रम में सभी राज्य के मुख्यमंत्री को बुलाया गया था, जो नहीं आए वही बता पाएंगे कि क्यों नहीं आए।

हरियाणा में पेंशन से लाडो लक्ष्मी योजना तक राहत, 50.28 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 1890 करोड़

चंडीगढ़ हरियाणा में बुजुर्गों और दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की 11वीं किस्त जारी कर दी गई है। इसके अलावा गृहिणियों को गैस सब्सिडी, किसानों को भावांतर भरपाई तथा दयालु योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता भी जारी की गई है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की सात योजनाओं के तहत लाभार्थियों को 311 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि बैंक खातों में डाली गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को विभिन्न योजनाओं के तहत 50 लाख 28 हजार 208 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 1890 करोड़ 16 लाख रुपये जारी किए। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख 10 हजार लाभार्थी महिलाओं के खातों में 212 करोड़ 16 लाख रुपये डाले गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ राशि जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 6 हजार 841 लाभार्थियों के खातों में 1129 करोड़ ट्रांसफर किए। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। एक और बजट घोषणा हुई पूरी मुख्यमंत्री की एक और बजट घोषणा वीरवार को पूरी हो गई। एमएसएमई एवं उद्योग निदेशालय की विभिन्न सात योजनाओं के तहत 670 लाभार्थियों को 311 करोड़ 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई है। इसमें एमएसएमई विभाग की हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 539 लाभार्थियों को 45.44 करोड़ रुपये, लाजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिटेल नीति के तहत चार लाभार्थियों को 9.29 करोड़ रुपये और हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति के तहत 16 लाभार्थियों को 144.16 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा प्लग एंड प्ले योजना के तहत 10 लाभार्थियों को 24.53 करोड़ रुपये, आत्मनिर्भर टेक्सटाइल नीति के तहत 98 लाभार्थियों को 65.18 करोड़ रुपये, पदमा के तहत दो लाभार्थियों को 20.54 करोड़ रुपये और एमएसई क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत एक क्लस्टर विकास के लिए 2.11 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

20 साल की सेवा के बाद नियमित होने की आस, हरियाणा के अतिथि अध्यापकों ने सरकार से लगाई गुहार

चंडीगढ़  हरियाणा के सरकारी स्कूलों में करीब दो दशक से सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों ने अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए गांधीगिरी का रास्ता अपनाया है। प्रदेशभर में अतिथि अध्यापकों ने एक साथ इंटरनेट मीडिया पर अभियान चलाकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की सकारात्मक सोच को लेकर हजारों पोस्ट साझा कीं। अभियान का मकसद सरकार का ध्यान अपनी उस मांग की ओर आकर्षित करना है, जिसके तहत अतिथि अध्यापक खुद को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में करीब 12 हजार अतिथि अध्यापक लंबे समय से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। नियमित करने की उठी मांग उनका तर्क है कि जब वे लगभग 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं और लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, तो उन्हें भी हरियाणा के सरकारी कालेजों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों की तर्ज पर नियमित किया जाना चाहिए। राज्य सरकार करीब चार हजार कालेज लेक्चरर्स को पक्का कर चुकी है। इसी निर्णय को आधार बनाकर स्कूलों के अतिथि अध्यापक भी अपने लिए समान नीति की उम्मीद लगाए हुए हैं। अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मुलाकात हो चुकी है। इसके अलावा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी अतिथि अध्यापकों की मांग के प्रति सकारात्मक रुख जाहिर कर चुके हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने बैठक में इस विषय पर अधिकारियों के साथ चर्चा करने का भरोसा दिया था। ऐसे में अतिथि अध्यापकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी करीब 20 साल पुरानी सेवा और अनुभव को देखते हुए कोई ठोस रास्ता निकालेगी। अतिथि शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा विषय वहीं, विधानसभा में भी विपक्ष की ओर से अतिथि अध्यापकों को नियमित करने का मुद्दा उठाया जा चुका है। इससे यह मामला अब केवल कर्मचारी संगठनों की मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और लंबे समय से अस्थायी आधार पर काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा विषय बन गया है। अतिथि अध्यापकों का ताजा इंटरनेट मीडिया अभियान इसी उम्मीद के साथ चलाया गया है कि सरकार के समक्ष अपनी बात आक्रामक आंदोलन की बजाय सकारात्मक तरीके से रखी जाए। हजारों पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के सकारात्मक रुख को सामने रखते हुए उनसे जल्द निर्णय लेने की अपील की गई है। अब निगाहें सरकार और शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर हैं।

पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों के लिए सैनी सरकार का बड़ा फैसला, मिलेंगी नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं

चंडीगढ़  हरियाणा में पालिका रोल पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नायब सिंह सैनी सरकार ने इन कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सर्विस की सुनिश्चितता) एक्ट, 2024 के दायरे में लाने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के हजारों सफाई कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। सरकार के इस निर्णय के लागू होने के बाद पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की सेवा 60 वर्ष की आयु तक सुरक्षित हो सकेगी। यानी कर्मचारियों को बार-बार नौकरी खत्म होने या सेवा जारी रहने को लेकर अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा। 60 वर्ष की उम्र को उनकी सेवानिवृत्ति की आयु के तौर पर माना जाएगा। नियमित कर्मचारियों जैसी मिलेंगी कई सुविधाएं इस व्यवस्था के तहत पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को 2024 के संबंधित अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कई वित्तीय और सेवा संबंधी लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा। ये लाभ काफी हद तक नियमित कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं के समान होंगे। इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और सेवा शर्तों में सुधार आने की उम्मीद है। हजारों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा हरियाणा सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ पालिका रोल पर काम करने वाले हजारों सफाई कर्मचारियों को मिल सकता है। लंबे समय से सेवा कर रहे कर्मचारियों के लिए नौकरी की स्थिरता एक अहम मुद्दा रही है। अब उन्हें 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा मिलने से भविष्य को लेकर चिंता कम होने की उम्मीद है। सफाई कर्मचारी संगठनों के लिए अहम फैसला सरकार के इस कदम को सफाई कर्मचारी संघ और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेवा सुरक्षा के साथ वित्तीय और अन्य सेवा लाभ मिलने से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फैसले को पूरी तरह लागू करने के लिए संबंधित प्रक्रिया और औपचारिकताओं को पूरा किया जाना बाकी रहेगा। सरकार का यह निर्णय पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को संविदा कर्मचारियों से जुड़े सेवा सुरक्षा प्रावधानों के दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके लागू होने के बाद कर्मचारियों को नौकरी की स्थिरता के साथ कई अन्य सेवा लाभ भी मिल सकेंगे।

हरियाणा को शिक्षा में नंबर-1 बनाने का संकल्प, शिक्षक दिवस पर CM सैनी ने उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित

पंचकूला  शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को पंचकूला में राज्य शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाने में सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में आना उनके लिए गौरव और सम्मान का क्षण है। उन्होंने शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह समारोह शिक्षा के प्रति शिक्षकों के समर्पण और योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है। उनके जन्मदिन को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तकनीक के दौर में शिक्षक की भूमिका और महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के इस दौर में शिक्षक की भूमिका कम नहीं हुई है, बल्कि पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई शिक्षा नीति ने शिक्षा में समझ, कौशल, नवाचार और भारतीय मूल्यों को जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया है। अब शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि योग्य, आत्मनिर्भर, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति निष्ठावान नागरिक तैयार करना है। शिक्षा बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार कर रही है। चालू वित्त वर्ष में स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया गया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए मॉडल संस्कृत विद्यालयों की संख्या बढ़ाकर 218 की गई है, जबकि प्रदेश में 251 पीएम श्री विद्यालय विकसित किए गए हैं। इसके अलावा 250 विद्यालयों को सीएम-ईईई स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के 3,328 विद्यालयों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। गणित के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के लिए हरियाणा गणित ओलंपियाड शुरू किया गया है। युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से कौशल बिजनेस चैलेंज शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त एक विद्यालय को स्कूल आफ एक्सीलेंस इन स्किल एजुकेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सुपर-100 और बुनियाद कार्यक्रमों को और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का निपुण कार्यक्रम भी देशभर में पहचान बना रहा है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 23 देशों के प्रतिनिधि हरियाणा आकर इस कार्यक्रम को देख और समझ रहे हैं। शिक्षक स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और उनके परिवारों को संकट की घड़ी में सुरक्षा प्रदान करने के लिए वीर बाल मेमोरियल इनिशिएटिव योजना का प्रावधान किया गया है। वहीं शिक्षक स्थानांतरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नई शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और संस्कार देकर विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं।