samacharsecretary.com

जेल कक्षपाल भर्ती नियमों में बदलाव, भूतपूर्व सैनिकों का कोटा अब दो हिस्सों में बंटेगा

 पटना बिहार सरकार ने राज्य की काराओं (Jail) में कक्षपाल नियुक्ति प्रक्रिया में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके लिए बकायदा बिहार कक्षपाल संवर्ग (संशोधन) नियमावली, 2026 स्वीकृत की गई है। सरकार के फैसले के अनुसार कक्षपाल भर्ती में भूतपूर्व सैनिकों के लिए पहले से लागू 25 प्रतिशत आरक्षण को दो बराबर भागों में बांटा जाएगा। जानकारी के अनुसार अभी कक्षपाल भर्ती में भूतपूर्व सैनिकों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। इसी आरक्षण को दो बराबर भाग में बांटा जाएगा। बिहार के पूर्व अग्‍नि‍वीरों को फायदा इसके तहत 12.5 प्रतिशत पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित रहेंगे, जबकि शेष 12.5 प्रतिशत पद बिहार राज्य के पूर्व अग्निवीरों के लिए सुरक्षित किए जाएंगे। इस संशोधन के बाद अग्निवीर योजना के तहत सेना में सेवा पूरी कर चुके युवाओं को राज्य सरकार की कारा सेवा में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। सरकार के अनुरार पूर्व अग्निवीर अनुशासन, प्रशिक्षण और सुरक्षा संबंधी अनुभव के कारण कारा प्रशासन की जिम्मेदारियों के लिए उपयुक्त होंगे। जल्‍द संकल्‍प जारी कर सकती है सरकार नई व्यवस्था से उन्हें सरकारी सेवा में समायोजन का अवसर मिलेगा और उनके कौशल का उपयोग राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकेगा। इस निर्णय को अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संशोधित नियमावली लागू होने के बाद भविष्य की कक्षपाल भर्तियों में इसका लाभ पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा। संभावना जताई गई है कि इस प्रस्ताव को अनुमोदन मिल चुका है जल्दी ही इस संबंध में सरकार संकल्प भी जारी करेगी।

बठिंडा पुलिस में बड़ा फेरबदल, 7 SHO सहित 10 अधिकारियों का ट्रांसफर

बठिंडा. पंजाब के बठिंडा जिले में पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एसएसपी बठिंडा ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सात थाना प्रभारियों (एसएचओ) सहित 10 पुलिस अधिकारियों के तबादले किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार कई थाना प्रभारियों के साथ-साथ डीसीआर, चुनाव सेल और अन्य शाखाओं में भी नई तैनातियां की हैं। आदेशों के अनुसार इंस्पेक्टर दलजीत सिंह को चुनाव सेल से स्थानांतरित कर थाना कैनाल कालोनी का एसएचओ नियुक्त किया गया है। थाना कैनाल कालोनी के एसएचओ हरजोत सिंह को थाना थर्मल का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, डीसीआर प्रभारी दलजीत सिंह को थाना सदर रामपुरा का एसएचओ नियुक्त किया गया है। इंस्पेक्टर जगदीप सिंह को थाना सदर रामपुरा से थाना संगत मंडी भेजा गया है, जबकि इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह को थाना संगत से डीसीआर प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इंस्पेक्टर जसविंदर सिंह को थाना नथाना से एंटी लिकर एंड एंटी नारकोटिक्स सेल में तैनात किया गया है, जबकि इंस्पेक्टर हरजीवन सिंह को थाना थर्मल से थाना नथाना का एसएचओ बनाया गया है। इसके अलावा सब-इंस्पेक्टर अमरीक सिंह को पुलिस लाइन से थाना तलवंडी साबो का एसएचओ तथा सब-इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह को पुलिस लाइन से थाना रामा मंडी का एसएचओ नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार ये तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए हैं।

UCC पर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज, डिप्टी CM साव ने कांग्रेस को घेरा; केदार गुप्ता ने आदिवासी परंपराओं पर दिया भरोसा

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में समान नागरिक संहिता याने UCC लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. सरकार की तैयारियों के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरजीत भगत ने इसे सत्ता बचाने के लिए भाजपा का प्रपंच करार दिया है. इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर हर बात पर गलत प्रचार करने का आरोप मढ़ा है. वहीं भाजपा नेता केदार गुप्ता ने प्रदेश में UCC लागू होने के बाद भी आदिवासी समाज की परंपराओं के पूरी तरह सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाया है. समान नागरिक संहिता पर कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने मीडिया से चर्चा में कहा कि UCC देश के लिए एक पेचीदा विषय है. भारत विविधताओं का देश है, जहां सभी पर एक कानून उचित नहीं है. जंगल में रहने वाले आदिवासी को UCC की जानकारी तक नहीं है, ऐसे में जनता पर UCC का सकारात्मक असर नहीं होगा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि UCC लागू करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है, जो विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत करेगी. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी. रही बात अमरजीत भगत के बयान की तो कांग्रेस पार्टी हर बात पर भ्रम फैलाने का काम करती है. UCC से आदिवासी समाज को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. वहीं केदार गुप्ता ने कहा कि अमरजीत भगत आदिवासी समाज से आते हैं, फिर भी आदिवासियों की समझ पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है. आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा बेहद समृद्ध है. UCC लागू होने पर भी आदिवासी समाज की परंपराएं पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी. UCC लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में भी मददगार होगा. अगर कांग्रेस इन सब बातों को समय रहते समझ जाती, तो आज उसकी यह दुर्गति नहीं होती. कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर से बढ़ा BJP का BP पूर्व मंत्री अमरजीत ने मीडिया से चर्चा में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर के संबंध में कहा कि इससे भाजपा का BP बढ़ेगा. भाजपा कांग्रेस की विचारधारा से घबराई हुई है. भाजपा नेता डॉक्टरों से बीपी चेक करा कर देखें. उन्होंने कहा कि कांग्रेस मजबूत हो रही है, इसलिए भाजपा बेचैन है. सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने जमीनी लड़ाई तेज कर दी है. प्रशिक्षण के बाद जिलाध्यक्षों का नया कलेवर दिखेगा. भगत के बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बीपी किसका बढ़ा हुआ है, यह प्रदेश की जनता बता देगी. देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी पर बीजेपी की सरकार है. इनके गठबंधन के दल इनको छोड़कर जा रहे हैं. बीपी तो कांग्रेस का बढ़ा हुआ है. वहीं बीपी बढ़ने वाले बयान पर केदार गुप्ता ने कहा कि भाजपा का ब्लड प्रेशर, शुगर और मेंटल लेवल एक जैसा रहता है. कांग्रेस को पूरा बॉडी चेकअप करवाना चाहिए. 22 राज्यों में उन्हें खदेड़ दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह बात भूपेश बघेल के बयान में दिखता है, जब वह बार-बार कहते है ‘कका अभी जिंदा है.’ भूपेश बघेल दीर्घायु हों, चिरायु हों, पर अमरजीत भगत को उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए. कांग्रेस का स्वास्थ्य इससे पता चल रहा है. खाद-बीज संकट पर सरकार असहाय कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने प्रदेश में खाद-बीज के संकट के साथ मानसून की बेरुखी का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है. कृषि पर आधारित जीवन है. अगर खेती नहीं हो रही है, तो समस्या खड़ी हो जाएगी. किसान को खाद-बीज और पानी चाहिए. कांग्रेस सरकार ने अच्छी व्यवस्था की थी, लेकिन इस सरकार में खाद नहीं मिल रहा है. बड़े पैमाने पर काला बाजारी हो रही है. किसान आखिर कहां जाएगा. पूरी परिस्थिति प्रदेश के किसानों के विरुद्ध है. कुछ करने में सरकार निसहाय दिख रही है. इस विषय पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार ने खाद बीज के वितरण की पूरी व्यवस्था की है. किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है. कांग्रेस किसानों को भ्रमित करने का काम कर रही है. किसान समझ रहे हैं. इसके साथ उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने किसानों को परेशान किया, आज किस मुँह से किसानों की बात कर रहे हैं. 

Exclusive: राम मंदिर को दान की गई चांदी की ईंटें कहां हैं? SIT जांच में हुआ बड़ा खुलासा

राम मंदिर को दान की गई चांदी की ईंटों पर खुलासा अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई चांदी की ईंटों को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे थे. कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि मंदिर को दान में मिली चांदी की ईंटों का कोई हिसाब नहीं है और उनका पता नहीं चल रहा. लेकिन अब इस पूरे मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।  मिली जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच के दौरान एसआईटी ने चांदी की ईंटों से जुड़े सभी रिकॉर्ड की भी जांच की. जांच में पाया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे कई दावे और आरोप रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते. खासतौर पर अनुराग रस्तोगी द्वारा दान की गई चांदी की ईंटों को लेकर किए गए दावों को जांच में सही नहीं पाया गया।  एसआईटी के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अभिलेखों में चांदी के दान का पूरा विवरण दर्ज है. रिकॉर्ड के मुताबिक, पहली बार 21 जुलाई 2020 और 28 जुलाई 2020 के दौरान कुल 38 किलोग्राम चांदी दान में हासिल हुई थी. इसके बाद 29 जुलाई 2020 को 25.576 किलोग्राम चांदी की ईंटें ट्रस्ट को दान में मिलने का भी पूरा रिकॉर्ड मौजूद है।  चांदी की ईंटें बैंक लॉकर में सुरक्षित जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि दान में मिली इन चांदी की ईंटों को कहीं गायब नहीं किया गया. एसआईटी के मुताबिक, ट्रस्ट की तय प्रक्रिया के तहत इन चांदी की ईंटों को गलाकर सुरक्षित रूप में बैंक के लॉकर में रखवा दिया गया है. यानी सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोप कि चांदी की ईंटें लापता हैं, जांच में फर्जी साबित हुए।  हालांकि, चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला अभी भी जांच के दायरे में है. इस मामले में एसआईटी की सिफारिश पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और आठ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है. इन पर दान राशि की चोरी, आपराधिक साजिश, अमानत में खयानत और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस और एसआईटी दोनों मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं।  चढ़ावे में कैसे हुए घपलेबाजी? सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में कर्मचारियों की निगरानी, कैश काउंटिंग, सीसीटीवी व्यवस्था और दान राशि को मंदिर से बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कई खामियां भी सामने आई हैं. इन्हीं कमियों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है. इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और इसके सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है।  यानी, जहां चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच अभी जारी है, वहीं दान में मिली चांदी की ईंटों को लेकर फैले कई दावों को एसआईटी ने रिकॉर्ड के आधार पर खारिज कर दिया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि इस फर्जी दावे मामले में आगे भी सभी सच्चाई की पड़ताल की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।   

पंजाब में बच्चों के लिए बड़ा फैसला, जन्म से 3 साल तक तैयार होगा डिजिटल डेवलपमेंट रिपोर्ट कार्ड

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने जन्म से तीन वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में 'निक्के कदम बड़ा विकास' अभियान शुरू किया है। इस योजना के तहत अब प्रदेश के हर नवजात और तीन साल तक के बच्चे का विस्तृत विकास रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चे के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास, पोषण स्तर और स्वास्थ्य संबंधी सभी पहलुओं की नियमित निगरानी की जाएगी। अभियान की शुरुआत शुक्रवार को चंडीगढ़ के होटल ललित में महिला एवं बाल विकास मंत्री डाॅ. बलजीत कौर ने की। डाॅ. बलजीत कौर ने बताया कि इस योजना के पहले चरण में प्रदेश के करीब डेढ़ लाख बच्चों को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक बच्चे की विकास संबंधी जानकारी आंगनबाड़ी वर्कर नियमित रूप से दर्ज करेंगी। इसके लिए पहले सभी आंगनबाड़ी वर्करों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे बच्चों के विकास का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कर सकें और किसी भी प्रकार की समस्या की समय रहते पहचान कर सकें। अभिभावकों के बनेंगे व्हाट्स एप ग्रुप उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रत्येक क्षेत्र में बच्चों के अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए जाएंगे। इन ग्रुपों के माध्यम से माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। अभिभावक किसी भी समय अपने बच्चे की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे तथा आवश्यक सलाह भी ले सकेंगे। बच्चों की सेहत पर नजर रखना मुख्य उद्देश्य मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों में कुपोषण, मानसिक विकास में देरी, व्यवहार संबंधी समस्याओं या अन्य स्वास्थ्य संबंधी विकारों की शुरुआती अवस्था में ही पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षणों में यह भी सामने आया है कि विकास संबंधी समस्याएं केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपन्न परिवारों के बच्चों में भी ऐसे मामले देखने को मिले हैं। इसलिए यह अभियान सभी वर्गों के बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हर बच्चे तक योजना को पहुंचाना है लक्ष्य डाॅ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर गांव और शहर में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में 6,000 नई आंगनबाड़ी वर्करों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ स्वस्थ एवं सशक्त पंजाब के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल पर जोर

रांची  राज्य के जल स्रोतों की स्वच्छता और शुद्धता के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 30 करोड़ की सहायता राशि दी जाएगी। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की तरफ से यह राशि प्रतिवर्ष मानसून के समय राज्यों को दी जाती है। इसमें जलस्रोतों के पास रसायनों के छिड़काव, उनका साफ सफाई के अलावा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस राशि से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुछ दवाइयां भी रखी जाएंगी। केंद्रीय सहायता मिलते ही जिलों में इसका आवंटन कर दिया जाएगा। जल सहिया को गुणवत्तापूर्ण जल जांच किट भी मुहैया कराए जाएंगे। जल जीवन मिशन पार्ट- 2 में भी जल स्रोतों की स्वच्छता के लिए विशेष खर्च का प्रविधान किया गया है। हालांकि यह राशि पूर्व से चली आ रही सहायता के तहत दी जाएगी। राज्य में बरसात के मौसम में दूषित जल का सेवन करने से लोग डायरिया जैसी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। खराब पड़े हैंडपंप का मरम्मत का काम पूरा पेयजल स्वच्छता विभाग ने करीब 18 हजार खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल मिलने में आसानी हुई है। हैंडपंप और सोलर आधारित सामुदायिक पंप से ग्रामीण क्षेत्र में 70 प्रतिशत तक पेयजल की आपूर्ति इस साल की गई है। स्वच्छता के लिए मिलने वाली राशि से सामुदायिक जलापूर्ति योजना के आसपास काम कराया जाएगा। इस राशि को खर्च करने की ज्यादातर जिम्मेदारी जल सहिया के पास होती है। अक्टूबर से जल जीवन मिशन पार्ट-2 के तहत स्वच्छता उपायों पर ज्यादा राशि खर्च की जा सकेगी। इसमें स्वच्छता के लिए तकनीकी खर्च की सीमा बढ़ाई गई है।

SIT रिपोर्ट के बाद एक्शन: राम मंदिर मामले में 8 गिरफ्तार, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

लखनऊ अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में एआईआर के बाद एक फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच से चेतावानी दी है। आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने पहले दिन कहा कि दूध का दूध और पानी का पानी सभी के सामने आएगा। लेकिन मैं फिर से अपील करूंगा कि राम भक्तों की अग्नि परीक्षा मत लो, उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करना बंद कीजिए। अगर तथ्य या प्रमाण नहीं है तो आरोप-प्रत्यारोप बंद करो और प्रमाण हैं तो SIT के सामने पेश करो। यूपी के देवरिया पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने संबोधन करते हुए अयोध्या राम मंदिर मामले पर अपनी बातें रखीं। सीएम योगी ने कहा कि एसआईटी की पहली रिपोर्ट आते ही कार्रवाई शुरू हो गई है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी कर के रहेंगे। सनातन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा वह भुगतेगा किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जो लोग गोली चलाते थे आज वे कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ योगी ने इस दौरान जमकर हमला भी बोला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक पक्ष कहता था कि राम हैं ही नहीं यानी अयोध्या को भी ये लोग नकारना चाहते थे। लगातार न्यायालय में मुकदमा लड़ते रहे, वकीलों की फौज राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के खिलाफ खड़ी करते रहे और दूसरा पक्ष वो है जो जय श्रीराम बोलने पर लाठी और गोली चलाते थे। भगवान राम का नाम लेने पर जो लोग गोली चलाते थे आज वे कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ। अरे तुम हमें आस्था बताओगे? राम नवमी पर दंगा करवाते थे, श्री कृष्ण जन्मोत्सव को प्रतिबंधित करते थे, कांवड़ यात्रा को नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा में दंगा करवाते थे… याद कीजिए कांग्रेस ने देश को लूटा ही नहीं था, नोंचा था। बेइमानी और भ्रष्टाचार के जो कीर्तिमान स्थापित किए थे और वे लोग आज अयोध्या पर आक्षेप लगा रहे हैं? ये स्वीकार्य नहीं। एफआईआर के बाद 8 आरोपियों की हो चुकी हैं गिरफ्तारी आपको बता दें कि एसआईटी की ओर से 23 जून को सरकार को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में कठोर कार्रवाई की सिफारिश की गई है, जिसके आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद सभी नामजद आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में बृहस्पतिवार को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव तथा मनीष कुमार यादव नामक व्यक्तियों और कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

पार्सल सेवा में क्रांति की तैयारी, रेलवे लाएगा रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम

 नई दिल्ली रेलवे अपनी ऑनलाइन सेवाओं के तहत ग्राहकों और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी कर रहा है। यह ग्राहकों के लिए पार्सल बुकिंग के अनुभव को बेहतर बना रहा है, जिससे वे अब आसानी से अपनी बुकिंग को ट्रैक कर सकेंगे। रेलवे ने अपने अधिकारियों को इसे लागू करने का काम सौंप दिया है। रेलवे अब पार्सल सेवा को पूरी तरह डिजिटल और ट्रांसपेरेंट बनाने की तैयारी में है। जल्द ही ग्राहक रेलवे से पार्सल बुक करने के बाद उसे रियल-टाइम ट्रैक कर सकेंगे, ठीक उसी तरह जैसे ई-कॉमर्स कंपनियों के पैकेज ट्रैक होते हैं। देशभर में चल रहा अध्ययन रेलवे की अध्ययन टीम ने दिल्ली के प्रमुख पार्सल कार्यालयों जैसे नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार स्टेशन का जायजा लिया और वहां मौजूद समस्याओं को चिह्नित किया। वर्तमान व्यवस्था में मुख्य समस्याएं दिल्ली के स्टेशनों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि पार्सल बुकिंग काउंटर अक्सर शेड और हैंडलिंग एरिया से काफी दूर होते हैं। ग्राहकों को बुकिंग के बाद पार्सल को दूसरी जगह ले जाना पड़ता है। इसके अलावा, पार्सल को कोच में उचित तरीके से नहीं रखा जाता, जिससे नुकसान की आशंका बनी रहती है। ट्रैकिंग और डिजिटल सुविधा की मांग रेलवे अब पार्सल बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की पल-पल की जानकारी ग्राहकों को ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। इससे पार्सल की पूरी यात्रा घर बैठे ट्रैक की जा सकेगी। सुझाए गए सुधार     पार्सल और यात्रियों की आवाजाही को अलग-अलग रास्तों से किया जाए     पीएमएस ऐप की क्षमता बढ़ाई जाए     पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं     प्लेटफॉर्म तक बैटरी कार्ट या शटल वैन की व्यवस्था     एडवांस्ड वेयरहाउसिंग और मशीनीकृत हैंडलिंग सिस्टम     आरएफआईडी स्कैनिंग अनिवार्य     तापमान नियंत्रित स्टोरेज सुविधा     एक ही ऐप से पार्सल ट्रैकिंग किन समस्याओं पर रेलवे का जोर     गलत डिलीवरी की समस्या: वर्तमान में लेबलिंग और डिजिटल ट्रैकिंग की कमी के कारण कई पार्सल गलत पते पर चले जाते हैं। बुकिंग की जानकारी ग्राहक को SMS, ईमेल या ऐप से नहीं दी जाती।     राजस्व बढ़ाने का अवसर: बेहतर निगरानी और आधुनिक सिस्टम से चोरी और नुकसान के दावों को आसानी से सुलझाया जा सकेगा, साथ ही रेलवे का राजस्व भी बढ़ने की उम्मीद है।     रेलवे बोर्ड का निर्देश: रेलवे बोर्ड की निदेशक प्रतिभा पॉल ने सभी जोनल महाप्रबंधकों को पत्र लिखकर इन सुझावों के आधार पर पार्सल केंद्रों को आधुनिक बनाने की योजना बनाने को कहा है।  

New York News: जोहरान ममदानी का ऐलान, दो वर्षों तक किराए में बढ़ोतरी पर लगेगी रोक

न्यूयॉर्क  न्यूयॉर्क शहर के हाउसिंग बोर्ड ने  करीब दस लाख रेगुलेटेड अपार्टमेंट के किराए को दो साल तक न बढ़ाने के लिए वोट किया. मेयर जोहरान ममदानी ने अपने कार्यकाल के कुछ ही महीनों में अपने मुख्य चुनावी वादे को पूरा किया है।  शहर के 'रेंट गाइडलाइंस बोर्ड' ने 7-1 के वोट से अक्टूबर से शुरू होने वाले एक-साल और दो-साल के लीज के लिए किराए में बढ़ोतरी को जीरो तय किया है। मैनहट्टन के एक म्यूजियम ऑडिटोरियम में जमा हुए सैकड़ों किराएदारों ने इस नतीजे पर खुशी मनाई और सीटियां बजाईं।  ममदानी ने बताया ऐतिहासिक जीत न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने एक बयान में कहा, "यह शहर के किराएदारों के लिए एक ऐतिहासिक जीत है. यह वह राहत है, जिसके हमारे शहर के कामकाजी लोग हकदार हैं।  यह वोट हफ्तों तक चली उस सालाना प्रक्रिया का नतीजा था, जिसमें यह तय किया जाता है कि मकान-मालिक 'रेंट-स्टेबलाइज़्ड' अपार्टमेंट यानी 'जिनका किराया एक सीमा से ज़्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता' उनका किराया कितना बढ़ा सकते हैं. इन अपार्टमेंट में न्यूयॉर्क के करीब एक-चौथाई लोग रहते हैं. रेंट गाइडलाइंस बोर्ड वेतन, महंगाई, रखरखाव की लागत, टैक्स और मकान-मालिकों की आय जैसे कारकों पर विचार करता है।  बोर्ड की 2025 की स्टडी के मुताबिक, रेगुलेटेड अपार्टमेंट का औसत मासिक किराया 1,599 डॉलर था. वहीं, लिस्टिंग एजेंसी StreetEasy के मुताबिक, शहर में नए किराए पर दिए गए अपार्टमेंट का मीडियन किराया 3,950 डॉलर है।  जनवरी में पद संभालने के बाद से डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट जोहरान ममदानी ने बोर्ड के नौ में से छह सदस्यों को नियुक्त किया है. उन्होंने ऐसे लोगों को चुना है, जिनके बारे में उनका मानना ​​है कि वे किराएदारों के प्रति सहानुभूति रखते हैं. बता दें कि ममदानी ने  शहर को ज्यादा किफायती बनाने का वादा किया है।  बोर्ड मेंबर ने दिया इस्तीफा  वोटिंग से कुछ घंटे पहले, मकान मालिकों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक सदस्य ने इस्तीफा दे दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड में अपने लोगों को भरकर उसे एकतरफा बनाया जा रहा है और बोर्ड निष्पक्ष रहने की अपनी कानूनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर रहा है. इस्तीफा देते हुए, क्रिस्टीना स्मिथ ने कहा कि नतीजे मेयर ने पहले ही तय कर लिए थे।  उन्होंने कहा, "नए सिरे से बने बोर्ड को किराया न बढ़ाने यानी रेंट फ्रीज का फैसला लेना था. उसके बाद जो कुछ भी हुआ, वह सब बस दिखावा था।  ममदानी के द्वारा नियुक्त की गईं बोर्ड की चेयर चैंटेला मिशेल ने कहा कि बोर्ड के सदस्यों और स्टाफ ने आजादी और ईमानदारी से काम किया।  बोर्ड में मकान मालिकों के दूसरे प्रतिनिधि, ममदानी द्वारा नियुक्त मैक्सिम विन, जब वोटिंग से पहले एक लंबा बयान पढ़ रहे थे, तो किराएदारों ने उनकी हूटिंग की. लेकिन जब कुछ मिनटों बाद उन्होंने अपनी बात खत्म की और किराया न बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया, तो भीड़ का गुस्सा खुशी में बदल गया।  वोटिंग से पहले हुई पब्लिक हियरिंग में किराएदारों ने रेंट न बढ़ाने की मांग की या किराया कम करने की भी मांग की. उनका कहना था कि महंगाई और बढ़ते बिलों के मुकाबले उनकी आमदनी नहीं बढ़ रही है. जैसा कि मेयर बिल डी ब्लासियो के कार्यकाल में 2015 से 2021 के बीच सिर्फ़ एक साल के लीज़ के लिए तीन बार हुआ था।  मकान मालिकों के समूहों का तर्क था कि किराया न बढ़ाने से प्रॉपर्टी मालिकों के लिए अपनी बिल्डिंग का रखरखाव करना और मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मकान मालिक अपने मॉर्गेज यानी होम लोन की किस्तें भी नहीं चुका पा रहे हैं।  कुछ मकान मालिकों का कहना है कि उन्हें बिना रेगुलेशन वाले, मार्केट-रेट वाले अपार्टमेंट का किराया बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे वे अपने रेंट-स्टेबलाइज़्ड यानी किराया-नियंत्रित यूनिट्स से हुए नुकसान की भरपाई कर सकें. इनमें एक बिल्डिंग के मालिक छोटे-मोटे मालिकों से लेकर अमीर प्राइवेट इक्विटी निवेशक तक शामिल हैं।  चुनाव जीतने के बाद, जोहरान ममदानी क्वींस में करीब 2,300 डॉलर प्रति महीने के किराए वाले, रेगुलेटेड रेंट वाले वन-बेडरूम अपार्टमेंट से मैनहट्टन में मेयर के फाइव-बेडरूम वाले सरकारी आवास में चले गए।  गुरुवार को हुए मतदान ने जोहरान ममदानी के लिए एक सफल हफ्ते को और भी यादगार बना दिया. उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस में न्यूयॉर्क की सीटों के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बनने की कड़ी टक्कर वाली दौड़ में तीनों वामपंथी उम्मीदवारों की जीत का भी जश्न मनाया। 

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया: वर्ल्ड कप 2026 में करो या मरो मुकाबला, लॉर्ड्स में होगा बड़ा टकराव

नई दिल्ली  महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने चौथे मुकाबले में बांग्लादेश को 5 विकेटों मात देकर भारतीय टीम ने सेमीफाइनल की उम्मीदों को मजबूत कर लिया है। अगले चरण में जगह पक्की करने के लिए ऑस्ट्रेलिया को मात देना जरूरी है। दक्षिण अफ्रीका से हार झेलने के बाद यह भारत के लिए करो या मरो मुकाबला होने वाला है। इससे पहले भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने ऑस्ट्रेलिया को चेता दिया है। उन्होंने पिछले साल वर्ल्ड कप में कंगारू टीम के खिलाफ जीत का जिक्र किया है। हरमनप्रीत कौर ने ऑस्ट्रेलिया को लेकर दिया बयान हरमनप्रीत कौर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले से पहले हुंकार भर दी है। उन्होंने वर्ल्ड कप 2025 में नवी मुंबई के मैदान पर मिली जीत को याद करते हुए कहा कि टीम इंडिया की खिलाड़ियों का आत्म विश्वास बढ़ा हुआ है। हरमन ने कहा, 'उनके खिलाफ हुए आखिरी मैच में हमने जीत दर्ज की थी। इससे सभी खिलाड़ियों के आत्म विश्वास बढ़ा हुआ है। मेरे लिए ऑस्ट्रेलिया सबसे पसंदीदा टीमों में से एक है। उम्मीद करती हूं कि सभी खिलाड़ी अपना बेस्ट खेल दिखाएं और हम जीतने वाली साइड पर हों।' ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड भारत और ऑस्ट्रेलिया के टी20 फॉर्मेट में हेड टू हे़ड की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी नजर आता है। दोनों टीमों के बीच अबतक 38 टी20 मुकाबले खेले जा चुके हैं। जिसमें से कंगारू टीम ने 27 बार नतीजा अपने पक्ष में किया है। जबकि भारते खाते में सिर्फ 9 जीत आई है। इस दौरान एक मैच बेनतीजा भी रहा है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया अबतक अपराजित है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए उनकी चुनौती से पार पाना आसान नहीं होगा। कब और कहां खेला जाएगा मैच ? इसके साथ ही आपको बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत रविवार यानि 28 जून को होने वाली है। लंदन का ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान इस टक्कर का गवाह बनने वाला है। भारतीय समय के अनुसार शाम 7 बजे मुकाबले की पहली गेंद फेंकी जाएगी। इससे पहले 6:30 बजे टॉस होगा।