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अंडा vs सोया चंक्स: प्रोटीन के मामले में कौन है ज्यादा फायदेमंद, जानिए एक्सपर्ट्स की राय

प्रोटीन की बात जब भी आती है, तो अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि आखिर सबसे बेस्ट ऑप्शन क्या है. हाल ही में पश्चिम बंगाल के मिड-डे मील प्रोग्राम में अंडे की जगह सोया चंक्स को शामिल करने के फैसले ने एक नई बहस छेड़ दी है. यह विवाद सिर्फ डाइट तक सीमित नहीं, बल्कि पोषण की क्वालिटी और शाकाहार VS मांसाहार के बीच भी सिमट गया है. अंडे को जहां हाई क्वालिटी एनिमल प्रोटीन का बेस्ट सोर्स माना जाता है, वहीं सोया चंक्स वेजीटेरियन लोगों के लिए एक किफायती और दमदार विकल्प के रूप में देखे जाते हैं. तो आखिर क्या वाकई सोया चंक्स अंडे की कमी पूरी कर सकते हैं? दोनों ही प्रोटीन के पावरहाउस माने जाते हैं लेकिन फिर भी यह बहस काफी पहले से चली आ रही है. अंडे को जहां हाई क्वालिटी एनिमल प्रोटीन का बेस्ट सोर्स कहा जाता है वहीं सोया चंक्स वेजीटेरियन लोगों के लिए प्रोटीन का सबसे सस्ता और बेहतरीन विकल्प है. कई लोग वजन घटाने या मसल्स बनाने के लिए भी डाइट में इन्हें शामिल करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी फिटनेस गोल्स के हिसाब से इनमें से क्या चुनना ज्यादा फायदेमंद है? आइए जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स. अंडे और सोया चंक्स प्रोटीन क्वालिटी और एब्जॉर्प्शन के मामले में अंडे को हमेशा नंबर वन माना जाता है. हेल्थलाइन का कहना है, अंडे में सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड्स भरपूर मात्रा में होते हैं जो मसल्स रिपेयर और ओवरऑल हेल्थ के लिए जरूरी हैं. 1 अंडे में करीब 6-7 ग्राम प्रोटीन होता है. इसकी बायो-अवेलेबिलिटी बहुत ज्यादा होती है जिसका मतलब है कि आपका शरीर इसे बहुत आसानी से इस्तेमाल कर लेता है. दूसरी तरफ सोया चंक्स प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का एक शानदार सोर्स हैं. इसमें भी सभी अमीनो एसिड्स होते हैं लेकिन इसकी क्वालिटी और एब्जॉर्प्शन रेट अंडे के मुकाबले थोड़ी कम हो सकती है. हालांकि, फाइबर की बात करें तो सोया चंक्स इस मामले में बाजी मार ले जाते हैं. 50 ग्राम सोया चंक में करीब 25 ग्राम प्रोटीन होता है. कौन है आपके लिए बेस्ट? यदि आप मसल बिल्डिंग पर फोकस कर रहे हैं तो अंडा एक कंप्लीट और सुपीरियर प्रोटीन सोर्स है. इसकी डाइजेस्टिबिलिटी अंडे की तुलना में ज्यादा मानी जाती है. हालांकि यदि आप शुद्ध शाकाहारी हैं या बजट फ्रेंडली ऑप्शन ढूंढ रहे हैं तो सोया चंक्स एक बेस्ट ऑल्टरनेटिव है. वेबएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, सोया जैसे प्लांट-बेस्ड सोर्स न सिर्फ प्रोटीन देते हैं बल्कि हार्ट हेल्थ में भी सुधार कर सकते हैं. बस ध्यान रखें कि सोया चंक्स को अगर आप अनाज जैसे चावल या रोटी के साथ मिलाकर खाएं, तो यह इसकी प्रोटीन प्रोफाइल को और बेहतर बना देता है. अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले हमेशा अपनी बॉडी की जरूरतों को समझना जरूरी है.

वजन घटाने के लिए बेस्ट हैं ये 5 हेल्दी इवनिंग स्नैक्स, भूख भी मिटेगी और कैलोरी भी कम रहेगी

 जब बात वजन घटाने की आती है, तो यह एक ऐसा सफर है, जिसमें सबसे बड़ी चुनौती जिम जाना नहीं, बल्कि अपनी भूख को कंट्रोल करना होता है. अक्सर देखा जाता है कि लोग सुबह का ब्रेकफास्ट और दोपहर का लंच तो हेल्दी तरीके से मैनेज कर लेते हैं, लेकिन शाम को भूख लगते ही कचौरी, समोसा या फिर बिस्कुट खाने के लिए निकल पड़ते हैं. शाम के समय होने वाली यही क्रेविंग्स अक्सर पूरे डाइट प्लान को खराब कर देती हैं. अगर आप भी हर शाम लगने वाली भूख से परेशान हैं, लेकिन अपना वजन बढ़ने नहीं देना चाहते, तो आपको भूखे रहने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. आपको सिर्फ अपने अनहेल्दी स्नैक्स को कुछ टेस्टी और लो-कैलोरी ऑप्शंस से रिप्लेस करना होगा. आज हम आपको कुछ ऐसे इवनिंग स्नैक्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप अपने शाम के नाश्ते में शामिल कर सकते हैं. इन स्नैक्स की खासियत यह है कि ये स्वादिष्ट होने के साथ-साथ लो-कैलोरी भी होते हैं, इसलिए इन्हें खाने से शरीर को एक्स्ट्रा कैलोरी नहीं मिलती और आपकी वेट लॉस जर्नी भी पटरी पर बनी रहती है. टेस्ट और हेल्थ का कॉम्बिनेशन हैं भुने हुए मखाने जब शाम को कुछ क्रंची या क्रिस्पी खाने का मन करे, तो मखाने सबसे अच्छा ऑप्शन हैं. मखाने में कैलोरी बहुत कम होती है और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है. जब आप इन्हें खाते हैं तो आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है. भुने हुए मखानों को तैयार करने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाई में थोड़ा सा घी या बिना घी के भी मखानों को सेंक लें. अब इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक, हल्दी और काली मिर्च पाउडर मिलाएं. यह लाइट और टेस्टी स्नैक आपकी शाम की चाय के साथ एक बेहतरीन जुगलबंदी बनाएगा. प्रोटीन का पावरहाउस है स्प्राउट्स चाट अगर आपको शाम के वक्त कुछ चटपटा और तीखा खाने की आदत है, तो स्प्राउट्स चाट आपके लिए बेस्ट है. इसे तैयार करने के लिए मूंग और चने को स्प्राउटेड करके उसमें बारीक कटा हुआ प्याज, टमाटर, खीरा और हरी मिर्च मिलाएं. अब इसके ऊपर से थोड़ा सा नींबू का रस और चाट मसाला डाल लें. यह स्नैक न केवल लो-कैलोरी है, बल्कि इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो वजन घटाने में और आपके मसल्स को स्ट्रॉन्ग रखने में मदद कर सकता है. भुना हुआ चना शरीर को देगा इंस्टेंट एनर्जी ऑफिस में काम करते समय या फिर कहीं ट्रैवल करते समय भुने हुए चने खाना सबसे आसान और हेल्दी उपाय है. बता दें चने में फाइबर और प्रोटीन दोनों भरपूर मात्रा में होते हैं, जो ब्लड में शुगर के लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देते. इसे खाने से आपको इंस्टेंट एनर्जी मिलती है और बार-बार कुछ मीठा या फ्राइड खाने की इच्छा शांत हो जाती है. इस बात का ख्याल रखें कि बिना छिलके वाले चनों की जगह छिलके सहित भुने चने खाएं, क्योंकि छिलके में फाइबर ज्यादा होता है. रिफ्रेशिंग और लाइट खीरे और गाजर की स्टिक्स गर्मियों के मौसम में या जब आपको बहुत ही हल्की भूख लगी हुई हो, तो इसे शांत करने के लिए खीरे, गाजर या चुकंदर को पतली स्टिक्स के रूप में काट लें. आप अगर चाहें तो इन्हें पुदीने और दही से बनी घर की चटनी के साथ भी शाम के नाश्ते में खा सकते हैं. बता दें इनमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे आपका शरीर हाइड्रेटेड रहता है और आपको बिल्कुल भी एक्स्ट्रा कैलोरी नहीं मिलती. बिना गिल्ट के खाएं पॉपकॉर्न बहुत से लोगों को लगता है कि पॉपकॉर्न खाने से वजन बढ़ता है, लेकिन ऐसा उसी समय होता है जब आप उसमें बहुत ज्यादा बटर या चीज मिला देते हैं. अगर आप घर पर बिना बटर या कम तेल में प्लेन पॉपकॉर्न बनाते हैं, तो यह एक बेहतरीन लो-कैलोरी स्नैक बन जाता है. बता दें तीन कप पॉपकॉर्न में बहुत ही कम कैलोरी होती है और यह फाइबर से भी लोडेड होता है, जिससे आपका पेट आसानी से भर जाता है.

गेहूं का हेल्दी विकल्प: 5 हाई-फाइबर आटे जो बढ़ाएं सेहत

भारतीय यूं तो बहुत से अनाज खाते हैं, लेकिन ज्यादातर घरों में गेहूं के आटे के रोटी ही बनती हैं. गेहूं का आटा खाने के लिए अच्छा होता है, लेकिन इसमें ग्लूटेन की मात्रा ज्यादा होती है. ऐसे इसे पचाने के लिए शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. आजकल की बिगड़ी लाइफस्टाइल में लोग ज्यादातर लैपटॉप या मोबाइल लेकर बैठे रहते हैं, जिसकी वजह से उनका डाइजेस्टिव सिस्टम ढंग काम नहीं कर पाता है और शरीर को बीमारियां घेर लेती हैं. ऐसे में आजकल लोग गेहूं के आटे का हेल्दी ऑप्शन ढूंढ रहे हैं. क्या आप भी इन्हीं लोगों में शामिल हैं? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए है. आज हम आपको ऐसे 5 तरह के आटे बताएंगे, जिनमें फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. ये जल्दी पच जाते हैं और इनकी कुछ रोटी खाकर भी पेट लंबे समय तक भरा महसूस करता है. फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाए रखने के लिए भी कारगर है. आइए जानते हैं ऐसे 5 हाई-फाइबर आटों के बारे में, जो आपके खाने को ज्यादा पौष्टिक बना सकते हैं. जौ का आटा: जौ का आटा फाइबर का अच्छा सोर्स माना जाता है. इसे गेहूं के आटे में मिलाकर रोटियां बनाई जा सकती हैं. कई लोग इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं क्योंकि इससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है. जौ का आटा स्वाद और पोषण का अच्छा कॉम्बिनेशन है.   बाजरे का आटा: बाजरा भरतीय खानपन का एक ट्रेडिशनल हिस्सा रहा है. इसका आटा फाइबर के साथ कई जरूरी पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है. बाजरे की रोटी को आप सब्जी, दही या चटनी के साथ खा सकते हैं.   रागी का आटा: रागी को पोषक तत्वों से भरपूर अनाज माना जाता है. इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है. रागी से रोटी, डोसा, चीला और कई डिशेज बनाए जा सकते हैं. इसका इस्तेमाल नाशते से लेकर डिनर तक में किया जा सकता है. ज्वार का आटा: ज्वार का आटा भी हाई-फाइबर आटों के ऑप्शन में शामिल है. इसकी रोटियां भारत के कई राज्यों में बड़े चाव से खाई जाती हैं. ज्वार का स्वाद अलग होता है और ये खाने में नया स्वाद जोड़ने का काम करता है. इसे अन्य आटों के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. ओट्स का आटा: ओट्स को फाइबर का अच्छा सोर्स माना जाता है. आप ओट्स को पीसकर उसका आटा तैयार कर सकते हैं. इससे चीला, पैनकेक और रोटियां बनाई जा सकती हैं. ये उन लोगों के लिए भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है जो अपनी डाइट में कुछ नया शामिल करना चाहते हैं. डाइट में कैसे करें शामिल ? अगर आप पहली बार इन आटों का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इन्हें सीधे खाने के बजाय गेहूं के आटे में मिलाकर शुरू कर सकते हैं. इससे स्वाद और टेक्शचर दोनों सही रहते हैं. धीरे-धीरे अपनी पसंद के अनुसार इनकी मात्रा बढ़ा सकते हैं. जौ, बाजरा, राग, ज्वार और ओट्स जैसे आटे फाइबर से भरपूर ऑप्शन माने जाते हैं. इन्हे बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाकर डाइट में पोषण को बढ़ाया जा सकता है. हालांकि, किसी भी का सेवन लिमिट में ही करना चाहिए और अपनी जरूरत के अनुसार डाइट चुननी चाहिए.

मूंग दाल इडली रेसिपी: हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर साउथ इंडियन ट्विस्ट

साउथ इंडियन फूड की बात हो और इडली का नाम न आए. ऐसा भला कैसे हो सकता है. इसे समूचे भारत के लोग खूब पसंद करते हैं. लेकिन आमतौर पर घरों में चावल, सूजी या उड़द की दाल का इस्तेमाल करके इडली बनाई जाती है. लेकिन अगर आप इस पारंपरिक स्वाद में एक हेल्दी और न्यूट्रिशियस ट्विस्ट देना चाहते हैं तो जाने-माने सेलिब्रिटी सेलिब्रिटी शेफ कुणाल कपूर की बताई यह रेसिपी आपके बड़े काम आएगी. कुणाल कपूर ने कुछ समय पहले अपने यूट्यूब चैनल पर मूंग दाल की इडली बनाने का एक बेहद अनोखा और आसान तरीका शेयर किया था. अगर आप भी घर पर मूंग दाल की इडली बनाते हैं तो यह ना केवल आपको नया स्वाद देगी बल्कि यह प्रोटीन से भी भरपूर होगी जो आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है. सामग्री (Ingredients) धुली मूंग दाल: 1 कप (3 घंटे भीगी हुई) दही: 1/2 कप सूजी (रवा): 1/4 कप (बाइंडिंग के लिए) हरी मिर्च और अदरक का पेस्ट: 1 चम्मच गाजर: 1/4 कप (बारीक कद्दूकस की हुई) हरा धनिया: 2 चम्मच (बारीक कटा हुआ) इनो (फ्रूट साल्ट): 1 छोटी चम्मच नमक: स्वादानुसार तड़के के लिए: 1 चम्मच तेल, 1 चम्मच राई, 1 चम्मच उड़द दाल, 7-8 कढ़ी पत्ता, एक चुटकी हींग. बनाने का तरीका इसके लिए बिना छिलके वाली मूंग दाल को रात भर के लिए भिगो दें. अब इसे धोने के बाद ग्राइंड करना है जिसके लिए पहले इसमें जरा सी दही डालें जो फर्मेंट के काम आती है. इसके बाद इसमें अदरक, हरी मिर्च, करी पत्ता और नमक डालकर बिना पानी के इसे ग्राइंड करके फाइन पेस्ट बना लें. अब इसमें पानी डालें थोड़ा और फिर ग्राइंड करें. इडली का बेटर तैयार हो गया है.   अब इस इंस्टैंट इडली के लिए सिंपल सा तड़का लगाना है. इसके लिए गर्म तेल में हींग, राई डालें और फिर हल्की सी हल्दी भी डालें. इस तड़के को इडली के बेटर में डाल दें. मूंग दाल की इस इडली में आपको गाजर और हरा धनिया भी डालना है. आप चाहें तो स्किप कर सकते हैं. आखिर में इडली के बेटर में हल्का सा बेकिंग सोडा या इनो मिलाएं. ये दही के साथ मिलकर फर्मेंट करता है और इडली फूली-फूली बनती हैं. अब इडली के मोल्ड को तेल से ग्रीस कर लें. अगर आपके पास ये नहीं हैं तो स्टील की कटोरी में भी इडली बना सकते हैं. इनमें बैटर को डालें और 12 से 15 मिनट तक पकाएं.

मूंग दाल पकौड़े बनेंगे खस्ता और कम तेल वाले, जानें सीक्रेट ट्रिक

बारिश का मौसम हो या शाम की चाय, गरमा-गरम पकौड़े मिल जाएं तो मजा आ जाता है. लेकिन अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि मूंग दाल के पकौड़े या तो बहुत ज्यादा तेल सोख लेते हैं या फिर कढ़ाई से निकलते ही मुलायम पड़ जाते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो अब चिंता छोड़ दीजिए. आज हम आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे दाल के बैटर में मिलाते ही आपके पकौड़े एकदम करारे, खस्ता और ऑयल-फ्री बनेंगे. आइए जानते हैं क्या है वो सीक्रेट चीज और कैसे बनाएं परफेक्ट मूंग दाल पकौड़े. ये है वो सीक्रेट चीज अगर आप बैटर में चावल का आटा या बारीक सूजी मिलाते हैं तो इससे ये करारे बनते हैं. इसके अलावा बैटर में थोड़ा सा गर्म तेल मिलाने से भी पकौड़े तेल नहीं पीते और लंबे समय तक क्रिस्पी रहते हैं. सामग्री धुली या छिलके वाली मूंग दाल – 1 कप (3-4 घंटे भीगी हुई) चावल का आटा या सूजी – 2 बड़े चम्मच (सीक्रेट सामग्री) हरी मिर्च – 2-3 (बारीक कटी हुई) अदरक – 1 इंच टुकड़ा (घिसा हुआ) हरा धनिया – आधा कप (बारीक कटा हुआ) साबुत धनिया और सौंफ – 1 छोटा चम्मच (दरदरा कुटा हुआ) हींग – 1 चुटकी लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच गरम तेल – 1 बड़ा चम्मच (बैटर में मिलाने के लिए) नमक – स्वादानुसार तेल – तलने के लिए बनाने का तरीका भीगी हुई मूंग दाल का पूरा पानी निकालकर उसे मिक्सर में बिना पानी (या सिर्फ 1-2 चम्मच पानी) डाले दरदरा पीस लें. ध्यान रहे, पेस्ट को एकदम बारीक नहीं करना है. पिसी हुई दाल को एक बड़े बर्तन में निकालें और 3-4 मिनट तक एक ही दिशा में अच्छी तरह फेंटें. इससे दाल हल्की हो जाएगी और पकौड़े अंदर से जालीदार बनेंगे. अब इस बैटर में 2 चम्मच चावल का आटा मिलाएं. साथ ही इसमें 1 बड़ा चम्मच गर्म तेल डालें. यह ट्रिक पकौड़ों को बाहर से क्रिस्पी बनाएगी और वह एक्स्ट्रा तेल नहीं सोखेंगे. अब बैटर में कटी हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, कुटा हुआ साबुत धनिया-सौंफ, हींग, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. एक कढ़ाई में तेल गरम करें. तेल मध्यम से तेज गरम होना चाहिए. अब हाथों से या चम्मच से छोटे-छोटे पकौड़े तेल में डालें. पकौड़ों को मीडियम आंच पर अलट-पलट कर सुनहरा और करारा होने तक तल लें. आंच को बहुत धीमा न रखें, नहीं तो पकौड़े तेल सोख सकते हैं. तैयार हैं आपके एकदम करारे, बिना तेल पिए और क्रिस्पी मूंग दाल के पकौड़े. इन्हें तीखी हरी चटनी और गरम चाय के साथ सर्व करें.

बिना तेल और बिना गैस वाला हेल्दी पोहा, फिटनेस फ्रीक्स के लिए बना परफेक्ट नाश्ता

आजकल लोग खाने में स्वाद के साथ-साथ सेहत भी ढूंढ रहे हैं. आलम ये है कि ये लोग मुंह में कुछ भी देने से पहले हजार बार सोचते हैं. इसी वजह से उनका नाश्ते से लेकर डिनर करने तक का स्टाइल बदल गया है. भारी-भरकम नाश्ते की जगह अब ऐसी चीजें पसंद की जा रही हैं जो जल्दी बन जाएं, पेट भी हल्का रखें और शरीर को जरूरी पोषण भी दें. यूं तो ऐसे बहुत से फूड्स हैं, लेकिन इनमें बिना तेल से बनने वाला पोहा लोगों का फेवरेट बनता जा रहा है. जी हां, पोहा बिना तेल के भी बन जाता है. खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए आपको गैस जलाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. इसे बनाने के लिए ना कड़ाही चाहिए और ना ही ज्यादा मेहनत. कुछ ताजी सब्जियां, भीगा हुआ पोहा और हल्के मसाले मिलाकर आप कुछ ही मिनटों में टेस्टी और हेल्दी नाश्ता तैयार कर सकते हैं. ये बेशक बिना तेल के बनता हो, लेकिन खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है. वजन कम करने वाले लोग, फिटनेस फॉलो करने वाले और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं. चलिए जानते हैं कैसे बनाते हैं हेल्दी पोहा. इंग्रेडिएंट्स:     1 कप पतला पोहा     1 बारीक कटा प्याज     1 छोटा टमाटर     1 हरी मिर्च     थोड़ा हरा धनिया     1 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर     स्वादानुसार काला नमक     1 नींबू का रस     थोड़ी मूंगफली     चाहें तो अंकुरित मूंग, खीरा और अनार के दाने भी डाल सकते हैं ऐसे बनाएं बिना गैस वाला पोहा 1. बिना कड़ाही चढ़ाए और बिना तेल के पोहा बनाने के लिए सबसे पहले पोहे को हल्के पानी से धो लें और 2-3 मिनट के लिए छोड़ दें ताकि वो अच्छे से सॉफ्ट हो जाए. 2. जब पोहा फूलकर सॉफ्ट हो जाए तब इसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें. सभी चीजें डालने के बाद खूब अच्छे से मिलाएं. 3. इसके बाद इसमें काला नमक, भुना जीरा और नींबू का रस मिलाकर अच्छे से मिक्स करें. ऊपर से मूंगफली, अंकुरित मूंग या अनार डाल दें. बस आपका हेल्दी और टेस्टी पोहा तैयार है. फिटनेस फ्रीक्स को क्यों आ रहा पसंद? ये पोहा बिना तेल और कम कैलोरी वाला होता है, इसलिए डाइट फॉलो करने वाले लोग इसे अपने मील प्लान में शामिल कर रहे हैं. इसमें फाइबर और ताजी सब्जियां होने की वजह से डाइजेशन भी बेहतर रहता है.    

गर्मियों के लिए परफेक्ट तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता, स्वाद और सेहत दोनों में बेहतरीन

 गर्मियों के मौसम में जब तेज धूप और लू से शरीर बेहाल होने लगता है. तब दोपहर के खाने में ठंडी-ठंडी चीजें पेट को सुकून देती हैं. ऐसे में प्याज-टमाटर के तड़के वाला रायता एक ऐसा परफेक्ट ऑप्शन है, जो न सिर्फ खाने का स्वाद दोगुना करता है बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. गर्मियों में इस रायते को खाने के कई बेमिसाल फायदे हैं. दही में भरपूर मात्रा में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो चिलचिलाती गर्मी में आपके डाइजेशन को दुरुस्त रखते हैं और पेट को ठंडक पहुंचाते हैं. वहीं, इसमें मौजूद प्याज शरीर को लू से बचाने का काम करती है और टमाटर बॉडी को हाइड्रेट रखकर जरूरी विटामिन्स देता है. जब इस कॉम्बिनेशन में राई, कढ़ी पत्ते और सूखी लाल मिर्च का देसी तड़का लगता है, तो इसकी तासीर और पाचक गुण दोनों और बढ़ जाते हैं. यह रायता गर्मियों में छाछ और सादे रायते से बोर हो चुके लोगों के लिए एक रिफ्रेशिंग और लजीज चॉइस है. तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता रेसिपी सामग्री: ताजा दही: 2 कप (अच्छे से फेंटा हुआ) प्याज: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ) टमाटर: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ, बीज निकाले हुए) हरी मिर्च: 1 (बारीक कटी हुई) हरा धनिया: बारीक कटा हुआ काला नमक व सादा नमक: स्वादानुसार भुना जीरा पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच चाट मसाला: 1/4 छोटा चम्मच तड़के के लिए: तेल या घी: 1 छोटा चम्मच राई- 1/2 छोटा चम्मच कढ़ी पत्ता: 5-6 साबुत सूखी लाल मिर्च: 1 बनाने का तरीका एक बड़े बर्तन में फेंटे हुए दही को लें. इसमें कटा हुआ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें काला नमक, सादा नमक, भुना जीरा पाउडर और चाट मसाला डालकर मिक्स करें. तड़का पैन में 1 चम्मच तेल या घी गर्म करें. गर्म होने पर राई चटकाएं, फिर कढ़ी पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालें. इस गरमा-गरम तड़के को तुरंत दही के मिक्चर के ऊपर डालें और ढक दें ताकि तड़के की खुशबू रायते में समा जाए. आपका टेस्टी तड़का रायता तैयार है, इसे ठंडा-ठंडा सर्व करें.

अलग-अलग रोटियों की कैलोरी और पोषण: वजन घटाने के लिए कौन-सी रोटी है सबसे बेहतर?

 भारतीय खाने में रोटी सबसे ज्यादा खाई जाने वाली चीजों में से एक है. देशभर में गेहूं, ज्वार, मक्का और बाजरे जैसे अलग-अलग अनाजों से रोटियां बनाई जाती हैं. हर रोटी का स्वाद और पोषण अलग-अलग होता है. ऐसे में हेल्दी डाइट फॉलो करने वाले या वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता हैं कि कौन-सी रोटी में कितनी कैलोरी होती है और वह वह कितनी हेल्दी है. आज हम आपको अलग-अलग तरह की रोटियों में मौजूद कैलोरी और उनके पोषण के बारे में बताएंगे. गेहूं की रोटी गेहूं की रोटी में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है. लगभग 40 ग्राम की एक गेहूं की रोटी में लगभग 120 कैलोरी होती है. यह शरीर को बैलेंस पोषण और लंबे समय तक एनर्जी देने में मदद करती है. ज्वार की रोटी ज्वार ग्लूटेन-फ्री अनाज माना जाता है, जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. 40 ग्राम ज्वार की रोटी में लगभग 100 कैलोरी होती है. इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. मक्के की रोटी मक्के की रोटी में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो आंखों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. 40 ग्राम मक्के की रोटी में करीब 110 कैलोरी होती है. यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है. रागी रोटी रागी में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं. लगभग 40 ग्राम रागी रोटी में करीब 90 कैलोरी होती है. यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है, इसलिए महिलाओं के लिए इसे काफी फायदेमंद माना जाता है. बेसन की रोटी बेसन में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. लगभग 40 ग्राम बेसन की रोटी में करीब 115 कैलोरी होती है. यह शरीर को प्रोटीन देने के साथ मसल्स रिकवरी में भी मदद करती है. बाजरे की रोटी बाजरा प्रोटीन और कई जरूरी विटामिन व मिनरल्स से भरपूर होता है. इसमें मैग्नीशियम, आयरन और फोलेट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. 40 ग्राम बाजरे की रोटी में करीब 105 कैलोरी होती है. यह शरीर में आयरन की कमी को दूर करने में मदद करती है और सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में भी फायदेमंद मानी जाती है.  

खरबूजे के बीज नहीं कचरा, जानें ‘मगज’ के फायदे और कीमत

अक्सर ज्यादातर लोग फल खाते समय उसके छिलकों और बीजों को कचरा समझकर फेंक देते हैं. चाहे कोई तरबूज खा रहा हो या फिर खरबूजा उसके छिलकों और बीजों को फेंक ही देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि खरबूजे के जिन बीजों को आप डस्टबिन के हवाले कर देते हैं, वे असल में वाइट गोल्ड हैं? जी हां, बाजार में यही बीज 'खरबूजे के मगज' के नाम से 600 से 800 रुपये किलो तक बिकते हैं. इन बीजों को मिठाइयों से लेकर ग्रेवी बनाने तक में इस्तेमाल किया जाता है. इनका इस्तेमाल करके मिठाइयों और सब्जी की ग्रेवी में एक रॉयल टेक्शचर आता है, जो स्वाद को दोगुना कर देता है. ऐसे में खरबूजे के मगज को मिठाइयों और ग्रेवी की शान कहा जाता है. जिन बीजों को आप साफ करना झंझट भरा काम समझते हैं, उन्हें घर पर साफ करना बेहद आसान है. चलिए जानते हैं कि आप कैसे बेकार समझे जाने वाले इन बीजों से मगज बनाकर आप अपनी रसोई के खर्च को कम कर सकते हैं और पकवानों का स्वाद बढ़ा सकते हैं.   खरबूजे के बीजों से मगज निकालने का आसान तरीका घर पर मगज तैयार करने का तरीका बहुत आसान है, बस आपको इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा: 1. बीजों को इकट्ठा करें: खरबूजा काटते समय चम्मच की मदद से बीजों वाले हिस्से को एक अलग कटोरे में निकाल लें. इसमें थोड़ा गूदा लगा रहे तो घबराएं नहीं, जब आप इन्हें साफ करेंगे तो वो आसानी से निकल जाएगा. 2. पानी से चिपचिपाहट दूर करें: बीजों वाले बर्तन में पानी भरें और हल्के हाथों से मसलकर उन्हें धोएं. हाथों से मसलने पर गूदा पानी के ऊपर तैरने लगेगा और बीज नीचे बैठ जाएंगे. इसके बाद बीजों को एक बारीक छलनी में डालकर नल के नीचे अच्छी तरह धोएं ताकि उनकी पूरी चिपचिपाहट खत्म हो जाए. 3. धूप में सुखाना है सबसे जरूरी: धुले हुए बीजों को एक सूती कपड़े या बड़ी प्लेट पर फैला दें. इन्हें कम से कम 1 से 2 दिन तक तेज धूप में सुखाएं. बीज जितने अच्छे से सूखेंगे, उनका छिलका उतनी ही आसानी से उतरेगा. 4. छिलका उतारने की जादुई ट्रिक: जब बीज सूखकर एकदम कड़क हो जाएंगे, तो उन्हें एक साफ कपड़े के बीच में रख लें. अब बेलन की मदद से बहुत हल्का दबाव देते हुए उन पर बेलन चलाएं. ध्यान रहे कि जोर नहीं लगाना है, वरना अंदर का मगज चूरा हो जाएगा. बस इतना दबाव दें कि ऊपर का छिलका चटक जाए. 5. मगज को करें स्टोर: छिलके हटाने के बाद उन्हें थाली में लेकर फटक लें. हल्का छिलका उड़ जाएगा और आपके पास सफेद मगज बच जाएंगे. इसे लंबे समय तक स्टोर करने के लिए हल्का सा ड्राई रोस्ट कर लें और एयरटाइट डिब्बे में भर कर रखें. मगज को इस तरह करें इस्तेमाल शाही ग्रेवी: अगर आप होटल जैसी गाढ़ी और क्रीमी ग्रेवी तैयार करना चाहते हैं, तो काजू के साथ इन बीजों को पीसकर डालें. ये शाही पनीर और मलाई कोफ्ता का स्वाद दोगुना कर देती है. हलवाई जैसी मिठाइयां: बेसन के लड्डू हों या गाजर का हलवा, अगर आप ऊपर से खरबूजे के बीज डालें तो उसे देखने और खाने दोनों में लाजवाब बना देते हैं. देसी एनर्जी ड्रिंक: गर्मियों में ठंडाई या शेक बनाते समय इसमें मगज पीसकर डालें, ये शरीर को ठंडक और ताकत देता है. रोस्टेड स्नैक्स: हल्का नमक और काली मिर्च डालकर भुने हुए मगज एक बेहतरीन और हेल्दी स्नैक का काम करते हैं.