samacharsecretary.com

भूजल बचाने निगम की पहल: 15 हजार इमारतों में लगाए जाएंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

इंदौर  इंदौर में गर्मी के बढ़ते प्रकोप के साथ ही पानी की किल्लत विकराल रूप धारण करने लगी है। स्थिति यह है कि नर्मदा के नलों में अब कम दबाव से पानी की आपूर्ति हो रही है और शहर के 30 से 40 प्रतिशत इलाकों में बोरिंग भी पूरी तरह सूख चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने भूजल स्तर सुधारने और बारिश की बूंदों को सहेजने के लिए कड़े कदम उठाना शुरू कर दिया है। निगम प्रशासन ने अब शहर के तमाम आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक भवनों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है। अभियान के पहले चरण में 600 से अधिक बहुमंजिला इमारतों और बड़े भवनों को चिह्नित कर नोटिस थमाए गए हैं। आगामी दो महीनों के भीतर निगम ने 15,000 भवनों में यह सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा है और आम नागरिकों से भी इसे स्वेच्छा से अपनाने की अपील की जा रही है।  शहरी क्षेत्रों में जमीन के भीतर का पानी खत्म होता जा रहा बढ़ती हुई आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए नर्मदा के चौथे चरण का कार्य तो प्रारंभ कर दिया गया है, परंतु सबसे बड़ी चुनौती पानी की वास्तविक उपलब्धता को लेकर बनी हुई है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि पानी की टंकियों को पूर्व की भांति ही भरा जा रहा है, किंतु धरातल पर परिस्थितियां इसके विपरीत नजर आ रही हैं। शहरी क्षेत्रों में जमीन के भीतर पानी का स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। इसी गिरावट को रोकने के उद्देश्य से नगर निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वॉटर रिचार्जिंग की व्यापक पहल की है। भूजल स्तर में सुधार के लिए दीर्घकालिक योजना भूजल बोर्ड की हालिया रिपोर्ट में निगम के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी दिखाई दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पानी का दोहन प्रतिशत 119 से कम होकर 117 पर आ गया है। भविष्य की जरूरतों और जल संकट के स्थाई समाधान के लिए निगम ने लंबी अवधि की योजना पर ध्यान केंद्रित किया है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के अनुसार, बड़ी इमारतों में इस प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में लगभग 800 भवन स्वामियों और मल्टी संचालकों ने सूचित किया है कि उन्होंने सिस्टम लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस पूरी प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए 30 जून तक की समय सीमा तय की गई है। निर्माण कार्यों और व्यावसायिक उपयोग पर कड़े प्रतिबंध लागू किए बढ़ती गर्मी में घरेलू खपत के साथ-साथ निर्माण कार्यों और गैरेज जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में पानी का बेतहाशा उपयोग हो रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने निर्माण कार्यों और ऑटोमोबाइल सर्विस स्टेशनों पर बोरिंग या नर्मदा जल के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसके विकल्प के रूप में निगम ने शहर के 35 अलग-अलग स्थानों पर ट्रीटेड वॉटर के हाईडेंट पॉइंट बनाए हैं, जहां से व्यावसायिक कार्यों के लिए पानी लिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त कार धोने या किसी भी रूप में पानी का दुरुपयोग करने वालों पर चालानी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। ज्ञात हो कि निगम ने दो वर्ष पूर्व भी एक लाख वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का बड़ा अभियान चलाया था। 

आंधी, बारिश और ओलों का कहर: कई राज्यों में मौसम ने लिया अचानक यू-टर्न

देहरादून/चंडीगढ़/लखनऊ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ली है। रविवार सुबह से ही इन क्षेत्रों में तेज आंधी और झमाझम बारिश का दौर जारी है। कई जगहों पर दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उत्तराखंड में आज सुबह से मौसम खराब है। राजधानी देहरादून में अचानक अंधरा छा गया और झमाझम बारिश शुरू हो गई और जमकर ओलावृष्टि हुई। वहीं, आस पास के इलाकों में भी बारिश से तापमन में गिरावट आई है। प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दून समेत कई जिलों में चार और पांच मई के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में बारिश और बिजली चमकने की संभावना है। इसके अलावा 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का भी अनुमान है जबकि प्रदेश के सभी जिलों में कहीं-कहीं बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में बदला मौसम का मिजाज पंजाब में रविवार की छुट्टी का आगाज सामान्य उजाले के साथ नहीं, बल्कि काले घने बादलों के पहरे के साथ हुई। आसमान में उमड़े बादलों ने ऐसा डेरा डाला कि सुबह के वक्त ही रात जैसा नजारा बन गया। सड़कों पर गाड़ियों को हेडलाइट्स जलाकर चलना पड़ा। 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएंमौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने लगीं। बादलों की कड़कड़ाहट और बिजली की चमक के बीच शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। हरियाणा में अचानक मौसम बदला पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली है। रविवार सुबह अंबाला और यमुनानगर में आए कुदरत के इस बदलाव ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज आंधी और धूल के गुबार के कारण सुबह के समय ही सड़कों पर अंधेरा छा गया, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंबाला में 40 किमी की रफ्तार से चली हवाएं अंबाला में सुबह लगभग पौने आठ बजे अचानक मौसम बदल गया। करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने शहर में अफरा-तफरी मचा दी। आंधी इतनी जोरदार थी कि कई घरों की छतों पर रखा सामान उड़ता हुआ दिखाई दिया। आंधी के कुछ ही देर बाद गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यमुनानगर में धूल के गुबार से दिन में हुआ 'रात' का अहसास यमुनानगर में सुबह 8:15 बजे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। तेज आंधी के कारण चारों तरफ धूल का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई। आसमान में काले बादलों के जमावड़े के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया और लोगों को घरों व वाहनों की लाइटें जलानी पड़ीं। यहां भी तेज आंधी के बाद झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जो खबर लिखे जाने तक जारी था। यूपी के रायबरेली में पड़े ओले यूपी में मौसम एक बार फिर से पलट गया है। मौसम विभाग के अनुसार चार मई से प्रदेश के कई जिलों में बरसात होनी थी लेकिन दो मई की रात से ही अवध के कई जिलों में अच्छी बरसात हुई। सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, अमेठी, रायबरेली सहित कई जिलों में रविवार की सुबह हल्की बरसात हुई। इसके पहले शनिवार की शाम को भी इन इलाकों में हल्की बारिश की खबरें थीं। वहीं, रायबरेली शहर के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।

चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली में तेज आंधी के साथ बरसे बदरा, पंजाब में मौसम का मिजाज हुआ बदल

पंचकूला  रविवार की छुट्टी का आगाज सामान्य उजाले के साथ नहीं, बल्कि काले घने बादलों के पहरे के साथ हुई। आसमान में उमड़े बादलों ने ऐसा डेरा डाला कि सुबह के वक्त ही रात जैसा नजारा बन गया। सड़कों पर गाड़ियों को हेडलाइट्स जलाकर चलना पड़ा। 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएंमौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने लगीं। बादलों की कड़कड़ाहट और बिजली की चमक के बीच शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया।   धराशायी हुए पेड़, थमी शहर की रफ्तार तूफान का असर शहर के बुनियादी ढांचे पर भी देखने को मिला। हवाओं का वेग इतना तेज था कि शहर के कई इलाकों में पुराने और भारी-भरकम पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। इसके चलते कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हालात यह हो गए कि…सड़कों पर सन्नाटा दिन के उजाले में घुप अंधेरा होने और लगातार बारिश से लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।बिजली गुल: पेड़ गिरने और तेज हवाओं के कारण शहर के कई सेक्टरों में घंटों तक बिजली गुल रही।जलभराव की स्थिति: लगातार हुई तेज बारिश से शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तीन मई को एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब में चार व पांच मई को आंधी वर्षा के साथ साथ ओलावृष्टि को लेकर मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने ओरेंज अलर्ट जारी किया है। शनिवार को जारी किए गए मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हिमालयी क्षेत्रों के साथ साथ मैदानी इलाकों पर भी देखने को मिलेगा। इसके चलते पंजाब पंजाब व चंडीगढ़ में गरज चमक के साथ वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार तीन मई को अलग अलग स्थानों पर गरज के साथ छींटे व तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। जबकि चार व पांच मई को ज्यादातर जगहों पर 40 से पचास किलोमीटर प्रति घंटे, कुछ जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती है। इस दौरान कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। ओलावृष्टि के दौरान घर से न निकलें बाहर विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार से अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। जिससे लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी है। जिसमें गरज चमक, ओलावृष्टि के दौरान घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वह अपने कृषि कार्य फिलहाल स्थगित कर रखें और फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। गेहूं और अन्य खड़ी फसलों को तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बचाने के लिए उचित प्रबंध करने को कहा गया है। इसके अलावा आंधी वर्षा की संभावना को देखते हुए सिंचाई व कीटनाशकों का छिड़काव न करने के लिए कहा है। दूसरी तरफ शनिवार को पंजाब के कई जिलों में मौसम गर्म रहा। जबकि कुछ जिलों में तेज हवाएं चलने से गर्मी से थोड़ी राहत रही। लुधियाना में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज  विभाग के अनुसार बठिंडा में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा फाजिल्का में 39.5 डिग्री, फरीदकोट में 39.0 डिग्री और लुधियाना में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर में 37.1 डिग्री, पटियाला में 37.5 डिग्री और चंडीगढ़ में 36.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।  

IMD का बड़ा अलर्ट: मई में होगी सामान्य से ज्यादा बारिश, हीटवेव से मिलेगी राहत

नई दिल्ली भारत में इस साल मई का महीना असामान्य रूप से गीला होने वाला है. भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि पूरे देश में मई 2026 में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी. बारिश सामान्य स्तर से 110 फीसदी अधिक हो सकती है।  इसका मतलब है कि जहां आमतौर पर कम बारिश होती है वहां भी इस बार खूब पानी बरसेगा. लेकिन इसके साथ गरज के साथ बादल, बिजली गिरना और तेज हवाएं भी चलेंगी जिनकी रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है. कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का भी खतरा है।  भारतीय मौसम विभाग के पास 1971 से 2020 तक का डेटा है. इस डेटा के अनुसार मई महीने में आमतौर पर उत्तर भारत और पूरे देश में 64.1 मिलीमीटर बारिश होती है. इस साल की पूर्वानुमान यह है कि बारिश इस सामान्य स्तर से 110 फीसदी ज्यादा हो सकती है. यानी करीब 70-71 मिलीमीटर या इससे भी ज्यादा हो सकती है।  ये असामान्य है क्योंकि मई का महीना आमतौर पर गरमी का होता है, बारिश का नहीं. मई में तो लू यानी गर्म हवाएं चलती हैं. लेकिन इस बार ये पैटर्न बदलने वाला है।  बारिश का असर क्या होगा? अच्छी खबर ये है कि इतनी बारिश से तापमान में कमी आएगी. जो भयंकर गर्मी आ रही थी उसमें से थोड़ी राहत मिलेगी. मिट्टी में नमी आएगी जिससे खेतों को फायदा होगा. जल स्रोतों में पानी भर जाएगा। लेकिन बुरी खबर ये है कि बारिश समान रूप से नहीं होगी. कुछ इलाकों में कम बारिश होगी जबकि कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा होगी. पूर्व और उत्तरपूर्व भारत के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहेगी।  किन इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश? सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम को सबसे ज्यादा बारिश मिलेगी. यहां 5 मई तक बहुत भारी बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चलेंगी. पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में भी ऐसा ही होगा।  पश्चिमी हिमालय, उत्तर भारत के मैदान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में 3 से 6 मई के बीच अलग-अलग जगहों पर गरज और बिजली आएगी. पूर्वी भारत और पूर्वी तट पर भी ऐसी हालत होगी।  खतरे क्या हैं? अगर कम समय में बहुत सारी बारिश एक साथ हो जाए तो कई शहरों में बाढ़ आ सकती है. खेतों में फसलें खराब हो सकती हैं. तेज हवाएं बिजली के खंभे और पेड़ों को गिरा सकती हैं. बिजली गिरने से लोगों को जान का खतरा हो सकता है।  ये मौसम क्यों अजीब है? मई वसंत और मानसून के बीच का महीना होता है. इस समय कुछ असामान्य मौसम की घटनाएं होती हैं. लेकिन इस बार गरज और बादलों की गतिविधि सामान्य से बहुत ज्यादा होने वाली है।  लोगों को क्या करना चाहिए? मौसम विभाग ने कहा है कि सभी राज्यों के अधिकारियों और लोगों को अपने इलाके की मौसम सूचना पर नजर रखनी चाहिए. विशेषकर उन इलाकों में जहां भारी बारिश और गरज के खतरे हैं. घरों में पानी निकास के रास्ते साफ रखें ताकि बाढ़ न आए. किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए। 

पंजाब में मौसम का मिजाज बदला, 7 मई तक बारिश और धूलभरी तेज हवाओं का यलो अलर्ट

लुधियाना  जम्मू-कश्मीर व हिमाचल के ऊपरी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पिछले तीन दिनों से मौसम बदल गया है। कई जिलों में सुबह तेज हवाओं के बीच हल्की वर्षा हो रही है। शुक्रवार को भी चार जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि दो जिलों में बूंदाबांदी हुई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार मोहाली में 5.5 मिलीमीटर, रोपड़ में 1.5 मिलीमीटर, चंडीगढ़ में 2.6 मिलीमीटर व एसबीएस नगर में 0.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं पठानकोट व होशियारपुर में बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए बदलाव के चलते पंजाब में लू नहीं चल रही और दिन का तापमान भी सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार से सात मई तक पंजाब के अलग अलग जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ने, बूंदाबांदी व कहीं कहीं हल्की वर्षा के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवा चल सकती है। कुछ जिलों में सुबह के समय सामान्य से मध्यम वर्षा की भी संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

4 मई तक मध्य प्रदेश में खराब रहेगा मौसम, बाहर जाने से पहले जानें यह चेतावनी

भोपाल   भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया है.  प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. जिससे कई शहरों के अधिकतम तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई. इससे जहां एक ओर लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं और बेमौसम बरसात ने कई जिलों में जनजीवन को भी प्रभावित किया. जबलपुर में तेज आंधी के बीच बरगी डैम में क्रूज पलटने से कई लोगों की मौत की खबर भी सामने आई है।  आंधी-बारिश का डबल अटैक राजधानी भोपाल में दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई. सड़कों पर पानी भर गया. वहीं टीकमगढ़ में आंधी-तूफान का असर इतना तेज रहा कि कंट्रोल रूम का टावर गिर गया. गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई. यहां 15 से 20 मिनट तक जमकर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे खेत और फसलें प्रभावित हुईं. श्योपुर में तेज आंधी के चलते एक होटल का शेड उड़ गया, जिससे करीब 15 लोग घायल हो गए।  इसके अलावा रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, सागर, रायसेन, बालाघाट, दमोह और ग्वालियर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई. कई जगह तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे तक उखड़ गए, जिससे स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई. जबलपुर में भी तेज हवाओं के चलते क्रूज शिप डूबने से बड़ा हादसा हो गया।  तापमान में गिरावट, कई जिलों में मिली राहत मौसम में आए इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर तापमान पर देखने को मिला.  सीधी में अधिकतम तापमान गिरकर 31.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे दिन-रात के तापमान का अंतर घटकर महज 6.5 डिग्री रह गया. वहीं रीवा में 33.2 डिग्री, पचमढ़ी में 33.4 और सतना में 33.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया. हालांकि, प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है. खरगोन में पारा 42.6 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रायसेन, बैतूल और गुना में भी 41 डिग्री के आसपास तापमान दर्ज किया गया. इंदौर और उज्जैन में पारा करीब 40 डिग्री रहा, जबकि जबलपुर में 38.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।  मौसम के पीछे ये सिस्टम कर रहे काम मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, '' मौसम में इस बदलाव के पीछे कई सक्रिय सिस्टम जिम्मेदार हैं. कश्मीर के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने वातावरण में हलचल बढ़ाई है. इसके साथ ही उत्तर पंजाब और दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ होते हुए ओडिशा तक फैली हुई है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी खींचकर प्रदेश में ला रही है. इसी वजह से प्रदेश में अचानक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि जैसी स्थितियां बन रही हैं।  किसानों की बढ़ी चिंता, फसल पर बढ़ा खतरा प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर शुरू होने से भले ही आम लोगों को राहत मिली है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी है. बता दें कि कई जिलों में मंडियों और उपार्जन केंद्रों पर गेहूं की फसल खुले में रखी हुई है. अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल के भीगने और खराब होने का खतरा मंडरा रहा है. यदि मौसम ऐसा ही बना रहा, तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।  मध्यप्रदेश में 4 मई तक आंधी और बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार  ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना समेत सागर और शहडोल संभाग में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. जबकि कुछ जिलों में हल्की बारिश और बौछारो की चेतावनी दी गई है. वहीं 2 से 4 मई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है।  इसके साथ ही शिवपुरी, ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में भी मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है. इस दौरान लोगों को मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. किसानों को अपनी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और ढंककर रखने की सलाह दी गई है। 

एमपी में 17 जिलों में बारिश-ओले का अलर्ट, भोपाल में आंधी से कई इलाकों में पेड़ गिरे; 4 मई तक जारी रहेगा मौसम

भोपाल मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है. जहां एक तरफ कई जिलों में तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को राहत के साथ परेशानी भी दी है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के 17 जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की सक्रियता को वजह माना जा रहा है, जो मध्य भारत के मौसम को तेजी से प्रभावित कर रही है. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न रहें. पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और यात्रा करते समय सावधानी बरतें. किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है।  मौसम के इस दोहरे प्रभाव ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है. एक तरफ लू जैसे हालात हैं तो दूसरी ओर अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश से तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिससे किसानों, यात्रियों और शहरी जीवन पर मिश्रित असर पड़ेगा. प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ाते हुए लोगों को सुरक्षित रहने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है.अगले 2 से 3 दिनों तक प्रदेश में यही स्थिति बनी रह सकती है. कहीं गर्मी तो कहीं आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे स्थिरता आने की संभावना जताई गई है।  इन 17 जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है. इन इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे बिजली गिरने और पेड़ गिरने का खतरा भी बना रहेगा।  इन जिलों में भीषण गर्मी का असर राजधानी भोपाल समेत रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का प्रकोप जारी है. यहां दिन का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है।  उमरिया-मुरैना में ओले भी गिरे। IMD (मौसम केंद्र) ने शुक्रवार को ग्वालियर समेत 17 जिलों में अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को सुबह से रात तक बारिश का दौर बना रहा।भोपाल और ग्वालियर के साथ सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया, रीवा में भी कहीं तेज आंधी-बारिश तो कहीं ओलावृष्टि का दौर जारी रहा। भोपाल में तेज आंधी चलने से कोलार रोड समेत कई इलाकों में पेड़ भी उखड़ गए। देर रात तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहा। आज इन जिलों में बारिश के आसार शुक्रवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। दूसरी ओर, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि, शाम को कुछ जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है। क्यों बदला मौसम का मिजाज मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत में बनी ट्रफ लाइन के कारण यह बदलाव हो रहा है. नमी और गर्म हवाओं के टकराव से गरज-चमक और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है. यही कारण है कि एक ही समय में अलग-अलग जिलों में अलग मौसम देखने को मिल रहा है।  किसानों और आम लोगों पर असर इस मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है. ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, वहीं तेज आंधी से बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. शहरी क्षेत्रों में भी अचानक बारिश से ट्रैफिक और जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।   

एमपी में 17 जिलों में बारिश और ओले का खतरा, भोपाल में आंधी से पेड़ गिरे; 4 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर भीषण गर्मी का प्रकोप है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने दस्तक दे दी है। गुरुवार को राजधानी भोपाल और ग्वालियर सहित प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई। उमरिया और मुरैना जैसे जिलों में तो ओले भी गिरे हैं, जिससे तापमान में गिरावट महसूस की गई है। सुबह से शुरू हुआ बारिश का यह सिलसिला देर रात तक रुक-रुक कर चलता रहा। शुक्रवार सुबह से भी मौसम बदला हुआ सा है। कुछ जिलों में बादल छाए हैं तो कुछ जिलों में सुबह से तेज धूप है।   कहीं तेज आंधी चली तो कहीं ओले गिरे मौसम के इस अचानक बदलाव का असर जनजीवन पर भी पड़ा है। भोपाल, ग्वालियर, सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया और रीवा में कहीं तेज आंधी चली तो कहीं ओले गिरे। राजधानी भोपाल में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कोलार रोड समेत कई अन्य इलाकों में पेड़ उखड़ गए। प्रशासन और संबंधित विभाग देर रात तक स्थिति पर नजर बनाए हुए थे क्योंकि मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा। आज इन जिलों में बारिश के आसार शुक्रवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। दूसरी ओर, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि, शाम को कुछ जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है। आगामी 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट मौसम केंद्र (IMD) ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। ग्वालियर समेत 17 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। आज जिन प्रमुख जिलों में आंधी और बारिश होने की संभावना जताई गई है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की गतिविधियों को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है। गर्मी और बारिश का अनोखा संयोग एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश की चेतावनी है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा अब भी गर्मी की तपिश झेल रहा है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जैसे जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। इसके अलावा रीवा, सतना, जबलपुर और सागर जैसे क्षेत्रों में भी तापमान अधिक रहने की उम्मीद है, हालांकि यहां शाम के वक्त धूल भरी आंधी चलने के आसार जताए गए हैं। मई महीने में मौसम का बदला ट्रेंड आमतौर पर मई का महीना अपनी भीषण तपिश और लू के लिए जाना जाता है, लेकिन इस साल की शुरुआत कुछ अलग अंदाज में हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मई के शुरुआती चार दिनों तक आंधी और बारिश का अलर्ट बना हुआ है। गर्मी के इस पारंपरिक ट्रेंड में आए बदलाव ने लोगों को चिलचिलाती धूप से थोड़ी राहत तो दी है, लेकिन आंधी और ओलावृष्टि ने चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। 

पंजाब में येलो अलर्ट, तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी, पारे में आई गिरावट; मौसम कैसा रहेगा?

जालंधर  पंजाब में आज भी तेज हवाएं चलने और बरसात का अलर्ट है। बुधवार को कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। इससे सूबे के न्यूनतम पारे में 2.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।  मौसम विभाग ने आज के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है जिसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। इसके बाद एक मई को पंजाब में मुख्यता मौसम शुष्क बना रहेगा। केवल पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  दो मई से पंजाब में मौसम के मिजाज ज्यादा बिगड़ेंगे। मौसम विभाग ने 2, 3, 4 और पांच मई के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान पंजाब में कईं जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। इससे आने वाले दिनों में पंजाब में गर्मी से राहत रहेगी। तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी दर्ज की जा सकती है। पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। अभी यह सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे बना हुआ है। सबसे अधिक 39.3 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज हुआ। वहीं अमृतसर का अधिकतम पारा 33.0 डिग्री, लुधियाना का 35.6 डिग्री, पटियाला का 38.1 डिग्री, पठानकोट का 30.2 डिग्री, फरीदकोट का 35.5 डिग्री, गुरदासपुर का भी 35.5 डिग्री, एसबीएस नगर का 34.4 डिग्री, फिरोजपुर का 34.9 डिग्री, होशियारपुर का 33.2 डिग्री और रूपनगर का 32.2 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे कम 18.1 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज हुआ। अमृतसर का न्यूनतम पारा 20.6 डिग्री, लुधियाना का 22.8 डिग्री, पटियाला का 23.2 डिग्री, बठिंडा का 23.8 डिग्री, फरीदकोट का 22.0 डिग्री, फाजिल्का का 21.1 डिग्री, फिरोजपुर का 21.9 डिग्री, होशियारपुर का 20.7 डिग्री और रूपनगर का 21.4 डिग्री दर्ज किया गया।

गर्मी पर राहत का संकेत: अगले 48 घंटों में पारा गिरेगा, दिल्ली-यूपी समेत 18 राज्यों में आंधी-बारिश

नई दिल्ली  अगले 48 घंटे में उत्तर भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लू और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने गुरुवार को लखनऊ समेत प्रदेश के 45 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में होगी बारिश आईएमडी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने के साथ हल्की बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मेघ गर्जन, बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। बंगाल-झारखंड में तूफानी हवाएं और बारिश का दौर रहेगा आईएमडी के मुताबिक 30 अप्रैल तक दक्षिण भारत में कमजोर चक्रवाती परिसंचरण के असर से पांच राज्यों में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश हो सकती है। रायलसीमा, महाराष्ट्र के कई हिस्सों और पश्चिमी घाट क्षेत्र में भारी बादल बरस सकते हैं। वहीं पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और झारखंड में गरज-चमक के साथ तूफानी हवाएं और बारिश का दौर रहेगा। हालांकि कुछ इलाकों में हीटवेव अभी भी जारी रह सकती है। उत्तर प्रदेश में आज यानी 30 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर सहति पंजाब और हरियाणा में आज और फिर 2 से 5 मई के दौरान धूल भरी आंधी और बिजली गिरने के साथ बारिश के आसार हैं। राजस्थान में मौसम के दो रंग दिखेंगे। पूर्वी राजस्थान में 5 मई तक लगातार बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 2 से 4 मई के बीच तीव्र धूल भरी आंधी चलने का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और भारी बारिश हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तराखंड में आज से 5 मई तक व्यापक स्तर पर बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 3 से 5 मई के बीच 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ मौसम बिगड़ने का अनुमान है। पर्यटकों को पहाड़ों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिहार और झारखंड का कैसा रहेगा मौसम? बिहार में कल की तरह आज भी (30 अप्रैल) भीषण आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान हवा की गति 70 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश भी हो सकती है। वहीं, झारखंड के कुछ हिस्सों में आज ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना है। 3 मई तक यहां रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा। रेड अलर्ट जैसी स्थिति अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। विशेष रूप से आज नागालैंड और मणिपुर में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं तबाही मचा सकती हैं। असम और मेघालय में 3 मई तक अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। कर्नाटक में आज ओलावृष्टि होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इस दौरान लोगों को कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। आंधी के समय बिजली के उपकरणों का प्रयोग कम करें और किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का निर्देश दिया गया है। उत्तर प्रदेश में बुधवार को भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली और कई जिलों में आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को काफी राहत मिली। यूपी के 50 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया मौसम विभाग ने करीब 50 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कौशांबी, प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, गोरखपुर, गोंडा, बहराइच, सीतापुर, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, बुलंदशहर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं समेत कई जिलों में तेज धूल भरी आंधी, बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। बिहार के इन जिलों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश उत्तर प्रदेश और बिहार में बुधवार को बदले मौसम ने कहर बरपाया। धूलभरी आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं में यूपी में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 घायल हो गए। बिहार में भी तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। यूपी में सबसे अधिक असर अवध क्षेत्र में देखने को मिला। मौसम विभाग ने गुरुवार को लखनऊ समेत प्रदेश के 45 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। बिहार में आंधी, वर्षा व ओलावृष्टि से हुआ नुकसान बिहार के विभिन्न हिस्सों में बुधवार की शाम आई आंधी, वर्षा व ओलावृष्टि से मक्का, आम व लीची के साथ सब्जी की फसल को काफी क्षति पहुंची। मधुबनी में लगभग सात हजार हेक्टेयर में आम की फसल प्रभावित हो गई। इस दौरान विभिन्न घटनाओं में पटना, मधुबनी व सारण जिले में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की जान चली गई।