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छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, राजनांदगांव और बस्तर में बारिश की चेतावनी

राजनांदगांव. अर्नब चक्रवाती तूफान के गुजरने के बाद अब फिर से दूसरे तूफान मुरासु का असर अंचल में दिखने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार इस चक्रवात के चलते आज दिनभर अंचल में बारिश देखने को मिल सकती है। राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-चौकी जिले के लिए बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।। हालांकि कल से फिर मौसम में सुधार की संभावना जताई गई है। इधर तूफान के चलते। अंचल का तापमान में गिरावट देखने को मिली है। मौसम विभाग ने 2 से 4 नवंबर तक अलग-अलग जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें आज और कल 4 नवंबर को बस्तर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। जिसका असर अंचल में देखने को मिल सकता है। बताया गया कि इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। जिसके चलते राजनांदगांव और एमएमसी जिले में भी सतर्क रहने की अपील की गई है। इस दौरान बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। जिसकी वजह से सतर्क रहना जरूरी हो गया है। फसल सुरक्षित रखने जुटे किसान अविभाजित राजनांदगांव के तीनों जिलों में इस समय धान की फसल कटाई का दौर जारी है। कई इलाकों में फसल खेतों में खड़ी है। जबकि कटे हुए धान को भी सुरक्षित रखने की चुनौती किसानों के सामने है। हाल ही में हुई बारिश के बाद अब एक बार फिर तेज बारिश की आशंका ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। लगातार नमी और तेज हवा से खड़ी फसल गिरने तथा कटी फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों के लिए अगले दो दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। तापमान में इजाफा मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को राजनांदगांव जिले का अधिकतम तापमान 30 डिग्री पर रहा। यह सामान्य से दो डिग्री तक अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान भी 20 डिग्री के पास पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान में दिवाली बाद से ही गिरावट देखने को मिलेगी और ठंड का अहसास बढ़‌ता हुआ नजर आएगा।

मध्य प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, रीवा-सतना समेत 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी; मक्का भीगा

भोपाल  बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात 'अर्नब' का असर दूसरे दिन भी मध्य प्रदेश में बना हुआ है। गुरुवार को सिंगरौली और पांढुर्णा में सुबह से तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। पांढुर्णा की मंडी में खुले में रखा हजारों क्विंटल मक्का भीग गया।वहीं नर्मदापुरम के पिपरिया में सुबह से धूप नहीं निकली। आसमान में धुंध छाई रही और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट महसूस की गई। मंडला में बुधवार शाम तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को यहां कहीं-कहीं अतिभारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। सिंगरौली में गुरुवार सुबह 5 बजे से तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। सरई, माड़ा, चितरंगी, देवसर और बैढ़न में रिमझिम बारिश से तापमान में गिरावट आई।पांढुर्णा मंडी में बेमौसम बारिश से खुले आसमान के नीचे रखे मक्के के ढेर भीग गए। हजारों क्विंटल मक्का गीला होने से भारी नुकसान होने की आशंका है। मंडला में बुधवार शाम तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। बिछिया, घुघरी समेत कई इलाकों में बारिश से मौसम बदला। मौसम विभाग ने गुरुवार को अतिभारी बारिश, बिजली गिरने की चेतावनी दी है। रीवा और विंध्य के कई जिलों में मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को रीवा, सतना और मैहर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश की आशंका है। 30 अक्टूबर सुबह तक बारिश का असर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे से 30 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे तक बारिश का असर रह सकता है। मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कुछ स्थानों पर 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की आशंका जताई गई है। रीवा, सतना और मैहर में भी भारी बारिश हो सकती है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है। रीवा में 24 डिग्री तक रहेगा अधिकतम तापमान गुरुवार को रीवा में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और बारिश हो सकती है। विंध्य के साथ दूसरे जिलों में भी बारिश की संभावना रीवा संभाग के अलावा शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में भी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को आकाशीय बिजली से बचने की सलाह दी गई है। खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। 28 अक्टूबर को रीवा में नहीं हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 28 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में रीवा में बारिश दर्ज नहीं की गई। इस दौरान न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक था। धान की कटाई और खुले में रखे अनाज पर असर की आशंका अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में बारिश की संभावना से धान की कटाई और खुले में रखी उपज प्रभावित हो सकती है। खेतों में तैयार फसल और मंडियों में खुले में रखे अनाज को लेकर किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि, फसलों पर कितना असर पड़ेगा, यह बारिश की मात्रा और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। भोपाल-ग्वालियर में हल्की बारिश के आसार गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश, बादल, गरज-चमक और आंधी का असर रहेगा। इन जिलों में साफ रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में धूप खिलेगी। यहां आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। शाजापुर में पारा सबसे कम मौसम विभाग के अनुसार, रात में ठंड का असर भी बढ़ा है। बीती रात शाजापुर के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में 15.2 डिग्री, धार में 15.4 डिग्री, आगर-मालवा में 15.9 डिग्री, नीमच के मरुखेड़ा और छतरपुर के नौगांव में 16 डिग्री सेल्सियस रहा। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में 1 डिग्री तक की गिरावट हुई है। खजुराहो, खंडवा, रतलाम, खरगोन और नर्मदापुरम में पारा 33.2 से 34.2 डिग्री के बीच चल रहा है।

मध्यप्रदेश में चक्रवाती तूफान से बदलेगा मौसम, भोपाल-जबलपुर-रीवा में बूंदाबांदी; करवा चौथ पर बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। बुधवार को 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश के छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि भोपाल समेत कई शहरों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। मौसम के इस बदलाव का असर अगले दो से तीन दिनों तक बने रहने की संभावना है। प्रदेश के पूर्वी जिलों में भारी बारिश की आशंका मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अधिक प्रभावी रह सकती हैं। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है। मौसम विभाग ने बुधवार को सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। भोपाल में हल्की बारिश तो इंदौर में निकलेगी धूप इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। दूसरी ओर, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत 24 जिलों में बुधवार को बारिश का अलर्ट नहीं है। इन क्षेत्रों में मौसम सामान्य रहने और धूप निकलने के आसार हैं। धार में एक दिन में 4.2 डिग्री गिरा तापमान चक्रवात के असर के बीच धार में ठंड बढ़ गई है। यहां न्यूनतम तापमान मंगलवार के 15.4 डिग्री से घटकर बुधवार सुबह 11.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यानी एक दिन में 4.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री रहा था। दिन के तापमान में भी गिरावट की संभावना है। विंध्य में बादल, मैहर में हुई बूंदाबांदी सतना सहित विंध्य क्षेत्र में भी मौसम बदल रहा है। बुधवार सुबह से बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 28 से 30 अक्टूबर तक बादल रहने और कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। मंगलवार को सतना में अधिकतम तापमान 31.4 और न्यूनतम 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मैहर में मौसम बदलने के साथ 5 से 7 मिनट तक बूंदाबांदी हुई। बारिश के दौरान सब्जी मंडी में दुकानदार सामान को भीगने से बचाते नजर आए। झाबुआ में सुबह ठंड, दोपहर में गर्मी झाबुआ में सुबह और दोपहर के तापमान में अंतर बना हुआ है। 27 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री था, जो 28 अक्टूबर को घटकर 14.4 डिग्री सेल्सियस रह गया। एक दिन में 3.2 डिग्री की गिरावट से सुबह ठंड बढ़ गई है। किसान और सुबह काम पर निकलने वाले सब्जी विक्रेता गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। हालांकि, दिन में तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच रहने से गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर को जिले में हल्की बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। कल असर ज्यादा- मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को चक्रवात का असर ज्यादा रहने का अलर्ट जारी किया है। इस दिन पूरे प्रदेश में आंधी, बादल, गरज-चमक और बारिश वाला मौसम बना रहेगा। इसी दिन करवा चौथ भी है। ऐसे में चांद के दीदार मुश्किल हो सकते हैं। 29 अक्टूबर के दिन 11 जिलों में अति भारी, 9 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। बाकी, 35 जिलों में बूंदाबांदी का दौर रह सकता है। 30 और 31 अक्टूबर को भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। धान पर संकट, गेहूं की बुआई प्रभावित होगी चक्रवात का असर पूर्वी हिस्से में दिखेगा। इस वजह से खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित होगी। जबलपुर संभाग के बालाघाट, छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में धान की फसल ली जाती है। रीवा संभाग में गेहूं की बुआई में किसान लगे हैं। यह भी प्रभावित हो सकती है। प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में खरीफ की प्रमुख फसलें धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द, अरहर, तिल और कुछ क्षेत्रों में मोटे अनाज हैं। पूर्वी हिस्से में अच्छा बरसा है मानसून बता दें कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान पूर्वी हिस्से में ही सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई थी। चक्रवात का असर भी यहीं पर दिखाई देगा। इससे भूमिगत जलस्तर को फायदा मिलेगा। शाजापुर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री से नीचे अति भारी या भारी बारिश की चेतावनी से पहले प्रदेश में रात में ठंडक बढ़ गई है। बीती रात प्रदेश के शाजापुर के गिरवर इलाके में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शहडोल के कल्याणपुर और पचमढ़ी में 13.8 डिग्री, रायसेन में 14.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 14.7 डिग्री और दमोह में 15 डिग्री सेल्सियस रहा। इधर, दिन का तापमान 35 डिग्री तक चल रहा है। उज्जैन, भोपाल के बैरसिया, धार, खंडवा, खजुराहो, सागर, मंदसौर और नीमच के मरुखेड़ा में पारा 34.3 डिग्री से 35 डिग्री के बीच चल रहा है। करवा चौथ पर बादल बन सकते हैं परेशानी मौसम का यह बदलाव करवा चौथ के त्योहार पर भी असर डाल सकता है। 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने इस दिन 11 जिलों में अति भारी और नौ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। अन्य इलाकों में भी हल्की बारिश हो सकती है। करवा चौथ पर महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं। ऐसे में आसमान में बादल छाए रहने पर चांद देखने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में चंद्र दर्शन की स्थिति वहां के स्थानीय मौसम और बादलों की मौजूदगी पर निर्भर करेगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 और 31 अक्टूबर को भी प्रदेश में मौसम पूरी तरह सामान्य होने की संभावना नहीं है। कई इलाकों में बादल छाने और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। ऐसे में अगले कुछ दिन मध्य प्रदेश के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।

मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज, 29 अक्टूबर को 17 जिलों में बारिश की चेतावनी; करवा चौथ पर बढ़ेगी चिंता

भोपाल  मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मानसून की विदाई के बाद अब बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम प्रदेश में बारिश का नया दौर ला सकता है। इसका असर करवा चौथ पर भी दिखाई देने की संभावना है। 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक और बारिश का अनुमान है। ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं को चंद्रोदय के समय आसमान साफ मिलने की चिंता हो सकती है। मौसम के इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में दिखने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा और सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी है। इन इलाकों में 24 घंटे के दौरान ढाई से आठ इंच तक बारिश होने की आशंका जताई गई है। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी आंधी और बारिश का असर रह सकता है।  कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी मौसम केंद्र के अनुसार, 27 अक्टूबर को अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके बाद 28 अक्टूबर से मध्य और पूर्वी मध्य प्रदेश के करीब 23 जिलों में गरज-चमक के साथ गतिविधि तेज होने की उम्मीद है। विभाग ने पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और बालाघाट जिलों में भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई है। वहीं, छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा और सिवनी में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में अगले कुछ घंटों के दौरान मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। हालांकि, वास्तविक बारिश की स्थिति मौसमी प्रणाली की दिशा और तीव्रता पर निर्भर करेगी। करवा चौथ पर खलल डाल सकता है मौसम 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं चंद्रमा के दर्शन कर अपना व्रत पूरा करती हैं। यदि इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहते हैं या बारिश होती है, तो चंद्रोदय के समय चांद के दीदार में बाधा आ सकती है। मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह पूर्व-मध्य और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन (अवदाब) क्षेत्र है, जो मजबूत होकर नमी बढ़ा रहा है। रात में ठंडक, दिन में तीखी धूप प्रदेश में फिलहाल दिन और रात के तापमान में दो तरह का असर देखने को मिल रहा है। रातें ठंडी होने लगी हैं, जबकि, दिन में तेज धूप के चलते कई शहरों में पारा 35 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है। बीते दिनों कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। इसके अलावा छिंदवाड़ा में 14.4 डिग्री, इंदौर और मलाजखंड में 14.6 डिग्री, दमोह में 15 डिग्री और शाजापुर में 15.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। दूसरी ओर, खजुराहो, भोपाल और उज्जैन में अधिकतम तापमान 35.5 से 36.1 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। अमरकंटक में दिन का तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए दौर की बारिश के बाद दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे ठंडक का अहसास और अधिक बढ़ जाएगा। रात में बढ़ी ठंडक, दिन में अब भी गर्मी बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश में रात और दिन के तापमान में अलग-अलग तस्वीर देखने को मिल रही है। रात में ठंडक बढ़ रही है, जबकि दिन में धूप के कारण कई शहरों में तापमान 35 डिग्री के पार बना हुआ है। बीती रात कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। छिंदवाड़ा में पारा 14.4 डिग्री, इंदौर और मलाजखंड में 14.6 डिग्री, दमोह में 15 डिग्री और शाजापुर में 15.1 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, खजुराहो, भोपाल और उज्जैन में अधिकतम तापमान 35.5 से 36.1 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। अमरकंटक में दिन का तापमान करीब 28 डिग्री रहा। मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच बारिश होने पर दिन के तापमान में भी बदलाव आ सकता है। 3 अक्टूबर को विदा हुआ था मानसून, अब फिर बारिश की तैयारी मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो गई थी। इसके बाद भी प्रदेश में रुक-रुककर बारिश होती रही। पिछले सप्ताह पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का असर रहा। कुछ इलाकों में लगातार कई दिनों तक तेज बारिश दर्ज की गई, हालांकि शनिवार को बारिश का दौर थम गया था। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, पिछले 10 साल के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला रुख देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम में ऐसा ही उतार-चढ़ाव बना हुआ है। महीने की शुरुआत में आसमान साफ होने और तेज धूप के बाद रात में ठंडक बढ़ी, जबकि अब बारिश का नया दौर बनने के संकेत हैं। बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश की अलग तस्वीर इस साल प्रदेश में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब चार प्रतिशत अधिक बताया गया है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी जैसे जिलों में सामान्य से पांच से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से नौ से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का मौसमी कोटा पूरा हो गया था, जबकि 30 जिलों में कमी बनी रही। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश होने का असर पूरे मानसून के आंकड़ों पर पड़ा। जुलाई में तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से जून की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। इस साल … Read more

इंदौर-देवास समेत 4 जिलों में बारिश के आसार, पचमढ़ी में 3.4 डिग्री तक गिरा तापमान

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल रहा है. दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस जाने के बाद भी प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बीते एक सप्ताह से हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है. शुक्रवार के लिए भी इंदौर संभाग के खंडवा, बड़वानी, बुरहानपुर, अलीराजपुर और खरगोन जिले में मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।  रीवा संभाग में सबसे ज्यादा गिरा न्यूनतम तापमान मध्य प्रदेश में तापमान का उतार-चढ़ाव भले ही जारी है. लेकिन अब प्रदेश में गुलाबी ठंड का आगाज हो गया है. सुबह और शाम के साथ रात में भी ठंड का असर बढ़ने लगा है. हालांकि प्रदेश के अलग-अलग संभागों में तापमान की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है. नर्मदापुरम, ग्वालियर और जबलपुर संभागों के दक्षिणी जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री तक ऊपर रहा. जबकि प्रदेश के अधिकांश अन्य जिलों में तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है. बीते 24 घंटे की बात करे तो ठंड में सबसे अधिक बदलाव पचमढ़ी में दर्ज किया गया. यहां रात का पारा सामान्य से 3.4 डिग्री नीचे लुढ़क कर 13.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।  देवास के उदय नगर में 15 मिमी बारिश प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बीते 24 घंटों के दौरान बारिश की गतिविधियां दर्ज की गईं. धार, बड़वानी, इंदौर और देवास में हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक की स्थिति बनी रही. मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार देवास जिले के उदय नगर में सबसे अधिक 15 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि बागली में 6 मिलीमीटर बारिश हुई. वहीं धार में 4.2 मिलीमीटर और इंदौर में 1.1 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई. इसके अलावा सेंधवा में भी 1.1 मिलीमीटर, जबकि पीथमपुर और पाटी में 1-1 मिलीमीटर बारिश हुई।  इसके चलते दो दिनों तक यह और ज्यादा तीव्र हो जाएगा और उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के तटों की तरफ बढ़ेगा। इसकी वजह से 27 और 28 अक्टूबर को ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी यानी कि मूसलाधार बारिश होने वाली है। इसके अलावा, 29 अक्टूबर को ओडिशा में कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। वहीं, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप क्षेत्र में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से 27 अक्टूबर तक तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, 23-25 अक्टूबर के बीच केरल और माहे में बहुत भारी बरसात होगी। आज 23 अक्टूबर को दक्षिणी तमिलनाडु में भी अत्यधिक बरसात का अलर्ट है। वहीं, दक्षिण भारत के मौसम की बात करें तो यहां भी कई राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश होगी। 23-25 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, 23-27 अक्टूबर के दौरान केरल, माहे, 23-26 अक्टूबर के दौरान लक्षद्वीप, 23-24 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, 27-29 अक्टूबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में काफी ज्यादा बारिश होगी। 26-29 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, 28-29 अक्टूबर के दौरान केरल, माहे, 27-29 अक्टूबर के दौरान लक्षद्वीप और तेलंगाना, 25-29 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाअक, 23-24 अक्टूबर के दौरान उत्तर आंतरिक कर्नाटक, 23-26 अक्टूबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, 23-29 अक्टूबर के दौरान रायलसीमा में कहीं कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होगी। 23-24 अक्टूबर के दौरान कर्नाटक में कहीं-कहीं आंधी तूफान आने और बिजली गिरने की संभावना है। पुडुचेरी में भारी बारिश जारी, स्कूलों में छुट्टी घोषित पुडुचेरी और उसके उपनगरीय इलाकों में रातभर भारी बारिश हुई और शुक्रवार को कई निचले इलाकों में जलभराव की खबरें मिलीं। बारिश को देखते हुए शिक्षा मंत्री ए. नमशिवायम ने पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी घोषित की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान पुडुचेरी और उसके उपनगरीय इलाकों में 9.6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि कराईकल क्षेत्र में चार सेंटीमीटर बारिश हुई। बंगाल की खाड़ी में हलचल, बारिश की संभावना मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार बंगाल की खाड़ी के मध्यवर्ती और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर दवाब में बदलने की संभावना जताई गई है. आगे चलकर इसके और तीव्र होने की आशंका भी है. इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है. कुछ संभागों में बादलों की आवाजाही और छिटपुट बारिश की संभावना भी है. अगर बारिश हुई तो तापमान में भी गिरावट आएगी। 

मध्य प्रदेश में 24 अक्टूबर से एक्टिव होगा नया मौसम सिस्टम, 5 जिलों में बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी आंधी और बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में लगातार सात दिनों से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, उत्तराखंड के नैनीताल में पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तमिलनाडु के कई इलाकों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। MP के 5 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट मध्यप्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। मानसून की विदाई के बाद भी कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी है।मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर संभाग के पांच जिलों में अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 24 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इसका असर 2 से 3 दिन बाद प्रदेश में दिख सकता है। फिलहाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण आंधी-बारिश हो रही है। गुरुवार को इंदौर, धार समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में दिनभर तेज धूप रही, जबकि शाम को बादल छा गए। प्रदेश में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री से नीचे आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट हो सकती है। रात का पारा 2 से 3 डिग्री तक लुढ़कने का अनुमान है। बीती रात इस सीजन में पहली बार प्रदेश में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री से नीचे पहुंचा। कटनी के करौंदी में सबसे कम 13.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अमरकंटक में 14.5, रीवा में 15, उमरिया में 15.4 और शहडोल के कल्याणपुर में 15.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। इंदौर और टीकमगढ़ में पारा 34 डिग्री से नीचे आ गया। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश और ठंड मौसम विभाग के मुताबिक, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में भी बारिश की संभावना है। नए सिस्टम का असर उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिख सकता है। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट होगी। यानी, महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश के साथ ठंड का असर भी बढ़ सकता है। आलीराजपुर बड़वानी खरगोन खंडवा बुरहानपुर इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। प्रदेश में बारिश का सिस्टम लौटा प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है। एक ही दिन में पूरे प्रदेश से विदाई हुई, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर अभी भी चल रहा है। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का असर देखा गया। पिछले 7 दिन से कई जिलों में तेज बारिश भी हुई। शुक्रवार को भी बारिश का अलर्ट है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा है। इस साल सामान्य से कम हुई बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। यहां अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है। इन 25 जिलों में बारिश का कोटा फुल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। वहीं 30 जिलों में कम बारिश हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं। इस बार जून सूखा रहा, इस वजह से आंकड़ा कम मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जुलाई, अगस्त और सितंबर का कोटा तो फुल रहा, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह है कि इस साल प्रदेश में 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल: 2012 में रिकॉर्ड 38 डिग्री रहा था तापमान भोपाल में अक्टूबर का सामान्य औसत अधिकतम तापमान 32.7 और न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस रहा है। पिछले 10 साल में तापमान 32 डिग्री के पार ही रहा। साल 2017 में 36.4 डिग्री तक पहुंच चुका है। 2012 में पारा रिकॉर्ड 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं, न्यूनतम तापमान 11.7 डिग्री 12 अक्टूबर 2012 को रहा था। इस महीने बारिश का भी ट्रेंड है। साल 1955 में पूरे महीने साढ़े 7 इंच बारिश हुई थी। 6 अक्टूबर 2009 को 24 घंटे में रिकॉर्ड 5 इंच पानी गिरा था। पिछले साल पूरे महीने 3.2 इंच बारिश रिकॉर्ड … Read more

MP Weather Update: 11 जिलों में येलो अलर्ट, अमरकंटक में पारा 16 डिग्री से नीचे

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून विदा हो चुका है. मानसून की विदाई के बाद भी वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है. प्रदेश में मिलाजुला मौसम देखने को मिल रहा है. कहीं तेज धूप खिल रही है, तो कहीं बरसात हो रही है. भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा आज 22 अक्टूबर 2026, दिन गुरुवार को प्रदेश के 11 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जनपदों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना बन रही है. शेष जिलों में मौसम शुष्क रहेगा. IMD ने प्रभावित जिले वासियों से सतर्क रहने की अपील की है. मौसम विभाग ने महीने की शुरुआत में ही बताया था कि अक्टूबर माह में गर्मी, ठंड और बरसात का ट्रेंड बना रहेगा।  मौसम विज्ञान केंद्र ने आज नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास, इंदौर, धार, बड़वानी और अलीराजपुर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है. आज तेज हवा का अलर्ट नहीं है. IMD ने जिले वासियों से सावधान रहने की अपील की है।  आज कैसा रहेगा भोपाल का मौसम? राजधानी भोपाल में आज मौसम बिल्कुल साफ रहेगा. आंधी-बारिश की कोई संभावना नहीं बन रही है. बीते दिन भी कुछ इसी तरह का मौसम देखने को मिला था. दिन में तापमान में बढ़ोतरी से गर्मी महसूस हो सकती है लेकिन शाम होते ही तापमान में गिरावट होने लगेगी, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी और गुलाबी ठंड का अहसास होगा. आने वाले दिनों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जाएगी. पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस बैरसिया (भोपाल) में दर्ज किया गया, तो सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस अमरकंटक (अनूपपुर) में रिकॉर्ड हुआ।  बदलते मौसम में सेहत का रखें ध्यान 1. मौसम में बदलाव के दौरान स्वस्थ रहने के लिए अपने दैनिक आहार में मौसमी फल, ताजी हरी सब्जियां और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें।  2. बदलते मौसम के मिजाज और दैनिक गतिविधियों के साथ अपने शरीर को आसानी से ढालने के लिए निश्चित नींद का समय निर्धारित करें और पर्याप्त आराम करें।  3. दोपहर के समय बाहर रहने के दौरान चश्मे, टोपी या छाते का उपयोग करें और सनस्क्रीन लगाएं।  4. दिन के समय ठंडक बनाए रखने के लिए हल्के, हवादार और आरामदायक सूती कपड़े पहनें. सुबह-शाम की हल्की ठंड के लिए अपने पास एक हल्की चादर या जैकेट रखें।  5. मानसून के बाद तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए खासकर सुबह और शाम के समय मच्छर भगाने वाली क्रीम, जाली या मच्छरदानी का उपयोग करें।  6. दिल की बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों को ठंड के मौसम में अपनी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए. वे नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर चेक करते रहें और हृदय के लिए स्वस्थ आहार का सेवन और योग, व्यायाम आदि करते रहें।  7. बदलते मौसम के मद्देनजर भारतीय मौसम विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें. मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट पर नजर बनाए रखें। 

मध्य प्रदेश के 20 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना, ग्वालियर समेत कई इलाकों में बदलेगा मौसम

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल रहा है. कहीं दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव है, तो कहीं रातें सामान्य से ज्यादा गर्म बनी हुई हैं. इस दौरान मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है. इन जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं. वहीं ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभाग समेत कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है।  दिन के तापमान में कहीं राहत, कहीं बढ़ोतरी तापमान के आंकड़ों कों देखें तो प्रदेश के अलग-अलग संभागों में अधिकतम तापमान की स्थिति एक जैसी नहीं है. पिछले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, शहडोल और भोपाल संभागों के कुछ जिलों में अधिकतम तापमान की एनोमली-1 से +1 डिग्री सेल्सियस के बीच रही. वहीं सागर, नर्मदापुरम, इंदौर और उज्जैन संभागों के कुछ हिस्सों में यह 1 से 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई।  इन जिलों में रात का तापमान सामान्य से ज्यादा प्रदेश के न्यूनतम तापमान में भी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है. शिवपुरी, रतलाम, उज्जैन, राजगढ़ और नर्मदापुरम जिलों में न्यूनतम तापमान की एनोमली 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रही. यानी इन इलाकों में रात का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया. दूसरी ओर रीवा संभाग में न्यूनतम तापमान की एनोमली -1 से +1 डिग्री सेल्सियस के बीच रही. ऐसे में प्रदेश के कुछ हिस्सों में रात के समय अपेक्षाकृत गर्मी बनी हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य के आसपास है।  इन जिलों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभागों में मौसम बदलने की संभावना है. इसके अलावा गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, देवास, भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा में भी हल्की बारिश का अनुमान है. इसके अलावा कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।  40 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''बारिश के साथ कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है. ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर रहना जोखिम भरा हो सकता है. खासकर आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहना जरूरी है.'' शर्मा के अनुसार, ''मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. किसानों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखते हुए खेतों में काम करने की योजना बनानी चाहिए. बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। 

मध्यप्रदेश के 25 जिलों में आज बारिश के आसार, भोपाल में रावण के पुतलों को ढका

भोपाल  दशहरा पर आज मध्यप्रदेश के आधे हिस्से में आंधी-बारिश का (Aaj Ka Mausam) अलर्ट है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नर्मदापुरम और सागर संभाग के 25 जिलों में बारिश की संभावना (MP Rain Alert) जताई है। बारिश के अलर्ट को देखते हुए भोपाल में कलाकारों ने रावण के पुतलों को बरसाती से ढक दिया है। 25 जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रायसेन, सागर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश होने का अनुमान है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ की वजह से ऐसा हो सकता है। अगले 4 दिन यानी 23 अक्टूबर तक बारिश का दौर रहेगा। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा या इससे अधिक रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। दूसरी ओर पूर्वी हिस्से जैसे जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में धूप निकलने के आसार है। बारिश के अलर्ट को देखते हुए भोपाल में कलाकारों ने रावण के पुतलों को बरसाती से ढक दिया है। साल 2022 में बारिश के कारण पुतले नहीं जल पाए थे और उन्हें जलाने के लिए केरोसिन-पेट्रोल डालना पड़ा था। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रायसेन, सागर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश होने का अनुमान है। साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ की वजह से ऐसा हो सकता है। अगले 4 दिन यानी, 23 अक्टूबर तक बारिश का दौर रहेगा। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा या इससे अधिक रफ्तार से आंधी भी चल सकती है। दूसरी ओर, पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में धूप निकलने के आसार है। रात में 20 डिग्री से नीचे पारा इधर, न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे चल रहा है। बीती रात छिंदवाड़ा में 17.4 डिग्री, कटनी के करौंदी में 17.8 डिग्री, आलीराजपुर व गुना में 18 डिग्री, अमरकंटक में 18.4 डिग्री और नीमच के मरुखेड़ा में 18.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खंडवा, उज्जैन, खरगोन, रतलाम, राजगढ़ और रायसेन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ज्यादा है। गुना में साढ़े 4 इंच… इंदौर समेत कई जिलों में पानी गिरा प्रदेश में पिछले 4 दिन से आंधी-बारिश हो रही है। गुना में एक ही दिन में साढ़े 4 इंच पानी गिर गया। इंदौर, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा में भी बारिश रिकॉर्ड की गई। इंदौर में सोमवार को दिन में रुक-रुककर बारिश हुई। ऐसा ही मौसम अन्य जिलों में भी बना रहा। रावण के पुतलों को बरसाती से ढंका भोपाल में दशहरा की तैयारियों के बीच बारिश के अलर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। कलाकारों ने रावण के पुतलों को बरसाती से ढक दिया है ताकि वे भीगने से बच सकें। साल 2022 में भी बारिश के कारण पुतले नहीं जल पाए थे और उन्हें जलाने के लिए केरोसिन-पेट्रोल डालना पड़ा था। प्रदेश के अन्य जिलों में भी उस साल रावण दहन प्रभावित हुआ था। रात में 20 डिग्री से नीचे पारा, बढ़ेगी ठंड इधर न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे चल रहा है। बीती रात छिंदवाड़ा में 17.4 डिग्री, कटनी के करौंदी में 17.8 डिग्री, आलीराजपुर व गुना में 18 डिग्री, अमरकंटक में 18.4 डिग्री और नीमच के मरुखेड़ा में 18.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खंडवा, उज्जैन, खरगोन, रतलाम, राजगढ़ और रायसेन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ज्यादा है। पिछले 4 दिन से हो रही बारिश प्रदेश में पिछले 4 दिन से आंधी-बारिश हो रही है। गुना में एक ही दिन में साढ़े 4 इंच पानी गिर गया। इंदौर, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा में भी बारिश रिकॉर्ड की गई। इंदौर में सोमवार को दिन में रुक-रुककर बारिश हुई। ऐसा ही मौसम अन्य जिलों में भी बना रहा। 3 अक्टूबर को ही लौट चुका मानसून प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है। एक ही दिन में पूरे प्रदेश से विदाई हुई, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर अभी भी चल रहा है। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी हिस्से के जिलों में आंधी-बारिश का असर देखा गया। पिछले 4 दिन से कई जिलों में तेज बारिश भी हुई। मंगलवार को भी बारिश का अलर्ट है। विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिल गई। वहीं, रात में ठंडक है। वहीं, कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा है। इस साल सामान्य से कम हुई बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी, 35.8 इंच (95.9 प्रतिशत) बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) की तुलना में 1.5 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 21% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है। इन 25 जिलों में बारिश का कोटा फुल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। वहीं 30 जिलों में कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, … Read more

मध्यप्रदेश में मौसम बदलेगा मिजाज, 15 जिलों में बारिश की चेतावनी; गुना में मक्के की फसल बर्बाद

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब दशहरे के आयोजनों पर भी मौसम का असर पड़ने की आशंका है। सोमवार को भोपाल समेत 15 जिलों में बारिश का अनुमान है, जबकि 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन इंदौर, उज्जैन सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश के 14 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। ऐसे में रावण दहन और अन्य आयोजनों की तैयारियों में जुटे आयोजकों को मौसम पर नजर रखनी होगी।  रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। सीहोर में माता के पंडालों के टेंट उड़ गए, जबकि महू में गरबा और दुर्गा पंडालों में पानी भर गया। यहां रावण के पुतले भी भीग गए। गुना और खंडवा में भी शाम के समय बारिश ने दस्तक दी। अक्टूबर में बदलते मौसम का असर अब धार्मिक आयोजनों के साथ दशहरे की तैयारियों पर भी दिखाई देने लगा है। गुना में रविवार को बेमौसम बारिश से मक्के की फसल बर्बाद हो गई। खेतों में कटी फसल भीग गई, वहीं मंडी में खुले में रखा मक्का पानी के साथ नालियों में बह गया। इससे किसानों और व्यापारियों को नुकसान हुआ है। भोपाल में कैसा रहेगा मौसम? राजधानी भोपाल में आज बादल छाए रहेंगे. कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है. 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलेगी. बीते दिन दोपहर बाद भोपाल के आसमान में काले बादल छाने लगे थे. हालांकि बारिश नहीं हुई. आज उज्जैन में भी भोपाल की तरह का मौसम देखने को मिलेगा. पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस खंडवा में दर्ज किया गया, तो सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस करौंदी (कटनी) में रिकॉर्ड हुआ। एमपी में 24 जून को हुई थी मानसून की एंट्री गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है. मानसून ने इस साल राज्य में 24 जून को एंट्री ली थी और तीन अक्टूबर को विदाई ली. राज्य में मानसून 100 दिन सक्रिय रहा. इस मानसून सीजन में 908.4 मिमी (35.8 इंच) बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से चार प्रतिशत कम है. पूर्वी राज्यों में चार फीसदी ज्यादा वर्षा दर्ज की गई. वहीं पश्चिमी राज्यों में 12 फीसदी कम बारिश हुई. भोपाल, कटनी, ग्वालियर, राजगढ़ समेत प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया, तो वहीं 30 जिलों में कम बारिश हुई, जिनमें इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन और सागर भी शामिल हैं।  आज इन 15 जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह में बारिश हो सकती है। इन जिलों में कहीं-कहीं तेज हवा और गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना है। दशहरे के दिन 20 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश का अनुमान है। इन इलाकों में तेज हवा चलने की भी आशंका है। 21 और 22 अक्टूबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके उलट पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है। मानसून लौट चुका, फिर क्यों बरस रहे बादल? प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून तीन अक्टूबर को विदा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजर रही ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से नमी मिल रही है। इसी वजह से कई इलाकों में आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, अक्टूबर में तापमान और बारिश के बीच बदलाव का दौर देखने को मिलता है। इस बार भी दिन में धूप और गर्मी के बाद रात में ठंडक महसूस हो रही है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश जारी है। प्रदेश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा।