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गर्मी से राहत जारी! पंजाब में बारिश और आंधी का अलर्ट, पारा सामान्य से नीचे

पटियाला पंजाब में भीषण गर्मी से राहत का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार से चार दिनों के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी।   रविवार को मौसम मुख्यता शुष्क रहने के चलते पंजाब के तापमान में 4.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। फिलहाल यह सामान्य से 7.8 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। पंजाब में सबसे अधिक 38 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी गर्मी से बचाव रहेगा।  विभाग के मुताबिक सोमवार को चार जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर व तरनतारन में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं, इन चार जिलों समेत कुल 10 जिलों में तेज हवाएं चलेंगी।  इन चार जिलों के अलावा फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा व मानसा जिले शामिल हैं। मंगलवार को तकरीबन पूरे पंजाब में ही मौसम खराब रहेगा और 40 से 50 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब यह सामान्य से 4.4 डिग्री नीचे पहुंच गया है। पंजाब में सबसे कम 18 डिग्री का न्यूनतम पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 33.5 डिग्री, लुधियाना का 31.8 डिग्री, पटियाला का 32.0 डिग्री, पठानकोट का 34.4 डिग्री, फाजिल्का का 33.7 डिग्री, फिरोजपुर का 33.3 डिग्री, होशियारपुर का 31.2 डिग्री, रूपनगर का 33.3 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 21.3 डिग्री, लुधियाना का 20.6 डिग्री, पटियाला का 21.2 डिग्री, पठानकोट का 22.2 डिग्री, फाजिल्का का 20.5 डिग्री, फिरोजपुर का 20.6 डिग्री, होशियारपुर का 20.8 डिग्री, रूपनगर का 23.1 डिग्री दर्ज किया गया।

1 साल बाद फिर पटरी पर लौटेंगी ट्रेनें, दिल्ली से जम्मू-कश्मीर का सफर होगा आसान

नई दिल्ली  जम्मू-कश्मीर जाने वाले यात्रियों की परेशानी अब दूर होगी। पिछले वर्ष भारी वर्षा और बाढ़ के कारण रावी नदी का पानी बहुत बढ़ गया था। तेज बहाव की वजह से कठुआ और माधोपुर के बीच पुल का एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया था। इस कारण सुरक्षा के कारणों से ट्रेनों के परिचालन को रोक दिया गया था। कई ट्रेनें पिछले एक साल से निरस्त थीं। इससे जम्मू कश्मीर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब क्षतिग्रस्त पुल को ठीक कर दिया गया है। निरस्त ट्रेनें चलाने की घोषणा कर दी गई है। स्पेशल ट्रेनों के संचालन में होगी आसानी 30 मई को उत्तर रेलवे के रेलवे संरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल ने पुल का निरीक्षण और गति परीक्षण करने के बाद ट्रेन संचालन को मंजूरी दे दी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पुल पठानकोट-जम्मू-श्रीनगर रेल मार्ग का अहम हिस्सा है। इसके खुलने से जम्मू-कश्मीर आने-जाने वाले यात्रियों और मालगाड़ियों को सीधा लाभ होगा। कटड़ा और जम्मू जाने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी। इस पुल की बहाली से ट्रेनों का संचालन समय पर होगा, साथ ही अमरनाथ यात्रा व ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी। इन निरस्त ट्रेनों का शुरू हो रहा परिचालन     काठगोदाम-जम्मूतवी गरीबरथ (12207/12208)     गाजीपुर सिटी-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा (14611/14612)     भावनगर-एमसीटीएम ऊधमपुर जन्मभूमि एक्सप्रेस(19107/19108)     तिरुपति-जम्मूतवी हमसफर एक्सप्रेस (22705/22706)     दुर्ग-एमसीटीएम ऊधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12549/12550)     साबरमती -श्री माता वैष्णों देवी कटड़ा एक्सप्रेस (19415/19416)     दुर्ग-एमसीटीएम ऊधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20847/20848)     कोटा- एमसीटीएम ऊधमपुर एक्सप्रेस (20985/20986) 15 जून से शुरू होगा इन ट्रेनों का संचालन     दिल्ली सराय रोहिल्ला-जम्मूतवी दुरंतो एक्सप्रेस (12265)     कालका-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस (14503/14504)     दिल्ली सराय रोहिल्ला -एमसीटीएम ऊधमपुर एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22401/22402)     सुबेदरागंज-एमसीटीएम ऊधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22431/22432)  

भीषण गर्मी के बीच मौसम का यू-टर्न, श्योपुर-शिवपुरी में ओले; 9 जिलों में तूफान की चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में नौतपा की तपिश के बीच मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक साथ 4 ताकतवर मौसम प्रणालियाँ सक्रिय हैं, जो प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण मध्य पाकिस्तान से राजस्थान और मध्यप्रदेश होते हुए ओडिशा तक जाने वाली ट्रफ लाइन है। इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। इन प्रणालियों के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच अचानक धूलभरी आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मध्य प्रदेश में इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। बुंदेलखंड, बघेलखंड, चंबल से लेकर पूरा इलाका गर्म हवाओं, सीधी तीखी जलाने वाली धूप के कारण लाल हो रहा है। बीते 24 घंटों में खजुराहो और राजगढ़ में 46.5 और 46.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इसके अलावा दतिया में 45.7 डिग्री, मलाजखंड बालाघाट, नौगांव छतरपुर, दमोह और विदिशा में 45.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। रात में सिवनी और राजगढ़ में न्यूनतम तापमान ही 31 डिग्री तक पहुंच रहा है। एक दर्जन जिलों में वार्म नाइट का अलर्ट चल रहा है। मध्य प्रदेश में बीते एक महीने से भीषण गर्मी और झुलसाने वाली गर्मी 46-47 डिग्री तापमान और हीटवेव के बीच राहत मिलने की खबर सामने आई है। आईएमडी ने बताया कि पाकिस्तान से ओडिशा तक ट्रफ लाइन बनी है। मध्य पाकिस्तान से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए आंतरिक ओडिशा तक 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक ट्रफ लाइन गुजरी है, जिससे प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ गई है। आसमान में बन रही इस ट्रफ लाइन के प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ धूलभरी आंधी और हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में इसका असर सबसे ज्यादा दिखेगा। आज 9 जिलों में अलर्ट जारी रात से आंधी, बारिश और ओले गिरने का सिलसिला शुरू हो गया. ग्वालियर-चंबल इलाके में शुक्रवार रात अचानक मौसम बदल गया. ठंडी हवाएं चलने लगी. श्योपुर और शिवपुरी में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरे. सिंगरौली के चितरंगी में सबसे अधिक 40.1 मिमी वर्षा रिकार्ड हुई. रीवा के हनुमाना में 16 मिमी, मुरैना में 18 मिमी और गोहद में 17 मिमी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने शनिवार को मध्य प्रदश के 9 जिलों के लिए बारिश और ओले का अलर्ट जारी किया है. नौतपा आधा बीत जाने के बाद मौसम की ये करवट लोगों के लिए राहत लेकर आई है।  इन जिलों में बारिश के साथ ओले की चेतावनी भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को ग्वालियर के साथ ही 9 जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट है. ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, नीमच और मंदसौर में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है. वहीं नौतपा के दौरान गर्मी से झुलस रहे लोगों को मौसम बदलने से काफी राहत मिली. भले ही ओले व बारिश का अलर्ट 9 जिलों में हो लेकिन इसका असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा. शुक्रवार रात से ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट देखी गई।      नौतपा के बीच एमपी में मौसम का बड़ा यू-टर्न     4 शक्तिशाली वेदर सिस्टम एक साथ एक्टिव     कई जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट     धूलभरी आंधी के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना     भीषण गर्मी के बीच मिल सकती है राहत गर्म हवाएं नौतपा में भी भीषण गर्मी मध्य पाकिस्तान के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके कारण राजस्थान से होकर आ रही गर्म और शुष्क हवाएं प्रदेश के तापमान को सामान्य से ऊपर बनाए हुए हैं, जिससे नौतपा की तपिश बरकरार है। हालांकि शुक्रवार—शनिवार से गर्मी में राहत की उम्मीद जताई गई है। इन जिलों में भीषण आंधी का अलर्ट इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में भी 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह और सागर जिलों में भी मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. यहां आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  अगले 3 से 4 दिन कई जिलों में आंधी-बारिश मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 मई से 2 जून तक भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा. मालवा क्षेत्र के अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में लगातार तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. वहीं 1 जून को रतलाम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अलीराजपुर और झाबुआ में भी तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. इसके साथ ही कई जिलों में 40 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।  इसलिए बदला मौसम का मिजाज मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार "उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान-पाकिस्तान क्षेत्र में बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण मध्यप्रदेश में नमी लगातार पहुंच रही है. इसी सिस्टम से जुड़ी ट्रफ लाइन मध्यप्रदेश से गुजर रही है, जिससे प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बादलों का विकास तेजी से हो रहा है और कई क्षेत्रों में आंधी, बारिश तथा ओलावृष्टि की परिस्थितियां बन रही हैं।  शिवपुरी में गिरे ओले, पारा 32 पर पहुंचा शुक्रवार रात शिवपुरी जिले में अचानक मौसम ने करवट ली. आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से तापमान काफी गिर गया. लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. तापमान गिरकर 44 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचल में बारिश रिकॉर्ड की गई है. सतन बाड़ा, नयागांव, सुभाषपुरा इलाकों के साथ बैराड़ और अन्य इलाकों में बारिश हुई. ठंडी हवाओं के झोंके चलने से लोगों को भारी सुकून मिला।  श्योपुर … Read more

मध्य प्रदेश में मौसम का डबल अटैक! कहीं बारिश तो कहीं लू का कहर, 27 जिलों में 43°C पार जाएगा तापमान

ग्वालियर मध्य प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। ग्वालियर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से रुक-रुक कर, जबकि मुरैना जिले में तेज बारिश हुई। अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। बता दें कि गुरुवार को भी दमोह समेत कई जिलों में ओले गिरे और बारिश हुई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहीं भोपाल, जबलपुर समेत 27 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट है। यहां पारा 43 डिग्री के ऊपर ही रहेगा। प्रदेश के 10 शहरों में पारा 45 डिग्री पार…खजुराहो सबसे गर्म 25 मई से नौतपा की शुरुआत हुई है। इसके पहले दिन से ही प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया। 18 मई से खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म बने हुए हैं। इस अवधि में यहां अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 47 डिग्री के पार पहुंच गया। नौतपा के चौथे दिन गुरुवार को मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर देखने को मिला। 10 शहर ऐसे रहे, जहां पारा 45 डिग्री या इसके पार पहुंच गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 46 डिग्री, दतिया में 45.7 डिग्री, नौगांव, दमोह-मलाजखंड में 45.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 45.2 डिग्री, सतना में 45.1 डिग्री, मंडला-सागर में 45 डिग्री रहा। इसी तरह गुना में 44.7 डिग्री, श्योपुर में 44.6 डिग्री, रायसेन में 44.2 डिग्री, रीवा-छिंदवाड़ा में 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 44.7 डिग्री, जबलपुर में 44 डिग्री, भोपाल में 43.8 डिग्री, इंदौर में 41.8 डिग्री और उज्जैन में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया

47.2°C से तप रहा खजुराहो, लेकिन अब प्री-मानसून देगा राहत; 6 जून तक बारिश के आसार

भोपाल  पूरे देश में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है. हर कोई बारिश का इंतजार कर रहा है. इसी बीच मौसम विभाग से भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है. अनुमान है कि 29 मई से मध्य प्रदेश में प्री मानसून की दस्तक दे सकता है. भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर देखने को मिलेगा। 29 मई से प्री मासनून की बारिश प्री मानसून सबसे पहले केरल में दस्तक देगा. वहीं 29 मई को प्री मानसून के मध्य प्रदेश में पहुंचने के स्ट्रॉन्ग चांसेस हैं. जिससे प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी और हवाएं चलेंगी. भोपाल सहित कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि, प्रदेश के चंबल इलाके के ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, दतिया, भिंड, दतिया, शिवपुरी में बारिश होगी. वहीं टीकमगढ़, निवाड़ी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट में भी बारिश हो सकती है. बारिश होने से तापमान में भी गिरावट आएगी. पारा 2 से 3 डिग्री नीचे जाने का अनुमान है। ​आगामी दिनों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''मध्य प्रदेश में मानसून आमतौर पर 15 जून के आसपास पहुंचना शुरू होता है और 22 जून तक ग्वालियर-चंबल के कुछ इलाकों को छोड़कर ज्यादातर जिलों में पहुंच जाता है. 7-8 जून के बाद प्रदेश में जो बारिश शुरू होगी, उसे प्री-मानसून गतिविधि कहा जाता है. ऐसे में माना जा रहा है की 29 मई से प्री मानसून की गतिविधियां शुरु हो सकती हैं। भीषण गर्मी से जूझ रहा मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में नौतपा की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी की शुरुआत हो गई है. मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिले भीषण गर्मी की चपेट में हैं और आगामी दिनों में राहत के आसार फिलहाल कम दिख रहे हैं. प्रदेश में चिलचिलाती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। जल्द मिलेगी नौतपा की गर्मी से राहत रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर और निवाड़ी में तीव्र हीटवेव का असर रहेगा. वहीं टीकमगढ़ में दिन में हीट वेव के साथ वार्म नाईट और छिंदवाड़ा में हीट वेव के साथ वार्म नाईट की चेतावनी जारी की गई है. इनके साथ ही शिवपुरी, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां में भी सीवियर हीट वेव चलेगी, जबकि ग्वालियर और दतिया में वार्म नाईट के साथ के साथ तीव्र हीट वेव का प्रभाव रहेगा। आगामी दिनों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी ​प्रदेश में तीव्र हीटवेव को देखते हुए मौसम विभाग ने आगामी दो से तीन दिनों के लिए कई जिलों में हीट वेव और सीवियर हीट वेव का अलर्ट जारी किया है. इनमें टीकमगढ़, निवाड़ी, पन्ना, सतना और भिंड जैसे जिलों के लिए रेड और आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही सागर, विदिशा, राजगढ़, रायसेन, दमोह, कटनी, सीधी और सिंगरौली सहित कई अन्य जिलों में भी गुरुवार और शुक्रवार को भी भीषण गर्मी जारी रहने की संभावना है।

रेड अलर्ट जारी! तीन दिन झमाझम बारिश के आसार, लुधियाना में बदला मौसम

 पटियाला चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच गुरुवार सुबह लोगों को बड़ी राहत मिली। शहर में सुबह से बादल छाए रहे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए गुरुवार से शनिवार तक बारिश, तेज आंधी, ओलावृष्टि और तूफान की चेतावनी दी थी। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। माैसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिन कई जगहों पर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। ओलावृष्टि के साथ प्री-मानसून की भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। इससे पंजाब के तापमान में 6 से 8 डिग्री तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, वीरवार को कुछ स्थानों पर हीट वेव भी चल सकती है। बुधवार को तापमान में 1.4 डिग्री की वृद्धि हुई, जो सामान्य से 4.1 डिग्री ऊपर था। फरीदकोट में सर्वाधिक 46.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। अमृतसर का अधिकतम पारा 44.1 डिग्री दर्ज हुआ। लुधियाना का 43.8 डिग्री, पटियाला का 44.8 डिग्री, पठानकोट का 41.6 डिग्री, फाजिल्का का 43.8 डिग्री, फिरोजपुर का 42.2 डिग्री, एसबीएस नगर का 41.5 डिग्री, होशियारपुर का 41.3 डिग्री और रूपनगर का 42.7 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 23.1 डिग्री, लुधियाना का न्यूनतम पारा 25.8 डिग्री, पटियाला का 25.3 डिग्री, पठानकोट का 22.6 डिग्री, बठिंडा का 26.7 डिग्री, फाजिल्का का 25.0 डिग्री, फिरोजपुर का 23.5 डिग्री दर्ज किया गया। गर्म रातों ने दिए मौसम बदलने के संकेत मौसम विभाग के अनुसार रात के तापमान में अचानक बढ़ोतरी तूफानी और नमी वाले मौसम का संकेत है। चंडीगढ़ में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बुधवार रात के मुकाबले 3.1 डिग्री अधिक है। पंजाब और हरियाणा में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा। हरियाणा के चरखी दादरी में रात का तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रहा।   बुधवार को पारा 46 डिग्री के पार गुरुवार से पहले बुधवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। पंजाब के फरीदकोट में अधिकतम तापमान 46.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा के रोहतक में पारा 46.6 डिग्री तक पहुंच गया। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शुक्रवार को सबसे ज्यादा खतरा IMD के विशेष बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को मौसम सबसे ज्यादा खराब रह सकता है। विभाग ने पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और झोंकों की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही गरज-चमक, ओलावृष्टि और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पंजाब के गुरदासपुर और पठानकोट तथा हरियाणा के अंबाला और यमुनानगर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। ट्राईसिटी का अगले पांच दिन का मौसम     गुरुवार: आंशिक बादल, गरज-चमक के साथ बारिश संभव, अधिकतम 41°C     शुक्रवार: बारिश और तेज तूफान की संभावना, अधिकतम 40°C     शनिवार: गरज-चमक और बारिश जारी, अधिकतम 39°C     रविवार: हल्की राहत, अधिकतम 36°C     सोमवार: मौसम साफ रहने की संभावना, तापमान फिर बढ़ सकता है  

गर्मी से फिलहाल राहत नहीं, 29 मई के बाद बदलेगा मौसम; आंधी-तूफान की चेतावनी

नईदिल्ली  दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान में कोई बड़ी कमी आने की संभावना नहीं है। इसके बाद 29 से 31 मई के बीच तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि यह राहत पूरी तरह से नहीं होगी, क्योंकि ‘नौतपा’ का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। नौतपा अर्थात साल के वे नौ सबसे गर्म दिन होते हैं। यह अवधि मई के अंत में शुरू होकर जून के पहले सप्ताह तक की होती है। इस समय सूर्य भूमध्य रेखा के काफी करीब होता है और कर्क रेखा की ओर बढ़ता है, जिसके कारण मैदानी इलाकों का तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। दूसरी ओर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ जारी है, साथ ही 28 मई, 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिमी भारत के कई राज्यों में धूल भरी आंधी, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। फिलहाल 28 मई तक देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तराखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में लू या हीटवेव चलने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और पश्चिम राजस्थान में भीषण लू चलने का अंदेशा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रह सकता है। दोपहर के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, कोंकण-गोवा, सौराष्ट्र-कच्छ और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम के बने रहने की आशंका है। उमस के कारण लोगों को अधिक पसीना और बेचैनी महसूस हो सकती है। समुद्री क्षेत्रों में नमी बढ़ने से गर्मी और ज्यादा परेशान करेगी। जबकि, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में रात के समय भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में ‘वार्म नाइट’ की स्थिति रहने की आशंका जताई है। इसका मतलब है कि रात का तापमान सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे लोगों को नींद और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। क्या दिल्ली-एनसीआर में भीषण लू से मिलेगी राहत? दिल्ली-एनसीआर में 26 और 27 मई को भी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग ने भीषण लू के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 29 से 32 डिग्री के बीच रहने का पूर्वानुमान है। दिनभर आसमान साफ रहेगा, जिससे धूप और ज्यादा तेज महसूस होगी। गर्म हवाओं के कारण लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते 28 और 29 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में; 28, 30 और 31 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में; और 28 तथा 31 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ बारिश व 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के 70 किमी प्रति घंटे में तब्दील होने के आसार हैं। इन राज्यों में तापमान में गिरावट आएगी और तपिश से राहत मिलने की संभावना है। कई राज्यों में आंधी और बारिश के आसार वर्तमान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से मौसम तेजी से बदल रहा है। बिहार, झारखंड, कर्नाटक और कई दक्षिणी राज्यों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, केरल और पश्चिम बंगाल में भी गरज के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है। पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। चेरापूंजी में सात सेमी और अगरतला में आठ सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं आज, 26 मई, 2026 को भी असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई है। लोगों को नदी और पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की गई है। दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम भी बना रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं चलने के आसार हैं। समुद्र में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। मानसून की आगे बढ़ने की स्थिति दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। … Read more

मौसम का बड़ा यू-टर्न! कल से आंधी-तूफान और तेज बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली देश के अलग-अलग राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने पूर्वानुमान में इसकी जानकारी दी है। आईएमडी ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अगले 2-3 दिनों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में दस्तक देने की संभावना है। इसके लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में 28 मई से आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 60-80 किमी/घंटे की रफ्तार से चक्रवाती तूफान भी आ सकता है। आईएमडी के मुताबिक, अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लू और रात में उमस वाली गर्मी का प्रकोप रहेगा। हालांकि, इसके बाद राहत मिल सकती है। 28 और 29 मई को पूरे उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी चलने की आशंका है। इस दौरान 60 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। अलग-अलग हिस्सों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी है। इसके बाद तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। बिहार में आंधी-तूफान का अलर्ट 27 से 30 मई के दौरान बिहार में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। 27 और 29 मई को बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। सबसे गंभीर चेतावनी 29 मई के लिए है। इस दिन 80 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी और तूफान आने की आशंका है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। 28-29 मई को इन राज्यों में मौसम पूरी तरह पलट जाएगा। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में ओलावृष्टि के साथ 60 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज आंधी की संभावना है, जिससे तपती गर्मी से भारी राहत मिलेगी। पहाड़ों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में छिटपुट स्थानों पर लू चलेगी। गरज-चमक के साथ अलग-अलग जगहों पर बारिश होगी। 28 और 29 मई को इन तीनों पहाड़ी राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 70 किमी/घंटे रहने की संभावना है। आईएमडी ने इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कैसा रहेगा बंगाल का मौसम पश्चिम बंगाल में 27 से 29 मई के दौरान 50 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान की संभावना है। 27 मई को भारी बारिश हो सकती है। वहीं, झारखंड में अगले 7 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। 27 से 29 मई के बीच यहां 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की संभावना है। 27 मई को यहां लू का भी असर रहेगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसम मध्य प्रदेश में 27 मई को भीषण लू की स्थिति रहेगी। 28 से 30 मई के बीच 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू होगी, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। छत्तीसगढ़ में 27 और 28 मई को लू चलने के बाद 27 से 30 मई के दौरान राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ेंगी, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।

Heatwave से परेशान लोगों को राहत, IMD ने बताया कब और कहां होगी बारिश

नई दिल्ली इस समय पूरा उत्तर और मध्य भारत भीषण लू और टेम्परेचर का टॉर्चर झेल रहा है और फिलहाल इससे राहत मिलने के आसार दिखाई नदीं दे रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम पूर्वानुमानों के मुताबिक, उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले 7 दिनों तक लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। हालांकि, IMD ने इसी बीच मॉनसून पर बड़ी खुशखबरी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो-तीन दिन में मॉनसून भारत में यानी केरल तट पर दस्तक दे सकता है। इसके लिए अनुकूल मौसमी स्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व तथा पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान, असम, मेघालय, लक्षद्वीप, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। दिल्ली में पिछले 14 सालों सबसे गर्म रात राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार (25 मई) को न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 5.7 डिग्री अधिक है और लगभग 14 वर्षों में मई महीने की सबसे गर्म रात दर्ज की गई। IMD के अनुसार, इस महीने में न्यूनतम तापमान मई के महीने में इससे पूर्व आखिरी बार 26 मई, 2012 को न्यूनतम तापमान इससे अधिक 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। IMD के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में मई महीने की शुरुआत में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई थी, जब इस साल 21 मई को न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को दिल्ली में आंधी-बरिश आईएमडी के अनुसार, पालम में न्यूनतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक है, लोदी रोड में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। वहीं, रिज में यह 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक है और आयानगर में यह 32 डिग्री सेल्सियस बना रहा जो सामान्य से 5.3 डिग्री अधिक है। IMD के एक अधिकारी ने कहा, ''सफदरजंग, लोदी रोड और आयानगर में गर्म रात की स्थिति दर्ज की गई है।'' IMD ने 25 मई को शाम के समय बहुत हल्की बारिश या धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई है, जिससे मामूली राहत मिल सकती है। IMD का येलो अलर्ट आईएमडी के अनुसार, गर्म रात तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान में सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से लेकर 6.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होती है। आईएमडी ने सोमवार को लू चलने की आशंका जताते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है जिसके कारण अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और उससे सटे प्रायद्वीपीय भारत में भी अगले 3-5 दिनों तक यही स्थिति बनी रहेगी। IMD के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में विदर्भ के ब्रह्मपुरी में सबसे अधिक 47.1°C तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि 29 मई से अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। गर्मी के बीच राहत की खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आगे बढ़ रहा है। 24 मई तक मॉनसून की उत्तरी सीमा 7°N/60°E से लेकर 17°N/95°E तक पहुँच चुकी है। अगले 2-3 दिनों में इसके दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं। भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट एक तरफ जहाँ उत्तर भारत तप रहा है, वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटों में असम और मेघालय में अत्यधिक भारी वर्षा (21 सेमी या अधिक) दर्ज की गई है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक में भी भारी से बहुत भारी बारिश हुई है। IMD ने केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के लिए भी अगले 4-5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा है कि एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और आसपास के क्षेत्रों पर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान जताया है। पंजाब-हरियाणा से लेकर पश्चिमी यूपी तक बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, इससे कुछ राहत मिल सकती है। IMD के मुताबिक, 25 से 27 मई के दौरान उप-दहमालयी पश्चिम बंगाल, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा 25 मई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है। इसके अलावा 28 से 30 मई के बीच, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी गरज-बिजली के साथ मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान है।

लू के कहर पर बरसात का ब्रेक, लेकिन कल से फिर बढ़ेगा तापमान

चंडीगढ़  पंजाब में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बठिंडा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले एक महीने तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. वहीं किसान भी गर्म हवाओं और पानी की बढ़ती जरूरत के कारण परेशान हैं. तेज गर्मी का असर फसलों पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।  पंजाब में भीषण लू के कहर से हल्की राहत मिली है। शुक्रवार सुबह बरसात के बाद लुधियाना, मोगा के लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हुआ। वहीं वीरवार को आसमान आग उगल रहा था।   लुधियाना, पटियाला, हलवारा और बठिंडा लू की चपेट में रहे। पटियाला का पारा सामान्य से 4.8 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। पंजाब में सबसे अधिक 45.9 डिग्री का पारा फरीदकोट का रहा। इसी बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब के छह जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश पड़ने की चेतावनी जारी कर दी है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और फिरोजपुर शामिल हैं। जबकि पंजाब के बाकी जिलों के लिए भीषण लू चलने का ओरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके असर में जम्मू-कश्मीर में मौसम बदला है और हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई है। पंजाब में बुधवार रात फरीदकोट, फाजिल्का आकाश में आंशिक तौर पर बादल रहे। इस वजह से वीरवार को पंजाब के तापमान में 0.9 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज की गई। अभी पारा सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। डायरेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से पंजाब में मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा और साथ में भीषण लू चलेगी। इससे तापमान में फिर से वृद्धि दर्ज की जाएगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। सबसे कम 22.4 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 41.5 डिग्री, लुधियाना का 43.0 डिग्री, पटियाला का 44.9 डिग्री, पठानकोट का 42.4 डिग्री, बठिंडा का 45.6 डिग्री, फाजिल्का का 42.1 डिग्री, फिरोजपुर का 41.6 डिग्री, एसबीएस नगर का 42.8 डिग्री और रूपनगर का 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 28.5 डिग्री, लुधियाना का 27.4 डिग्री, पटियाला का 28.5 डिग्री, पठानकोट का 25.0 डिग्री, फाजिल्का का 28.4 डिग्री, होशियारपुर का 24.3 डिग्री दर्ज किया गया।  जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले तराई इलाकों और तलहटी भागों में बदलवाही के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि यहां बारिश का दायरा ज्यादा बड़ा नहीं रहेगा, लेकिन मौसम में हल्का बदलाव जरूर महसूस होगा। पंजाब के उत्तर व पूर्वी जिलों, हरियाणा के उत्तरी जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी जिलों में कल सुबह या फिर दोपहर बाद के घंटों में कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन रही है।  इसके अलावा राजस्थान के उत्तरी जिलों और पश्चिमी हरियाणा में भी कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। शाम के समय बादल बनने के कारण कुछ इलाकों में हल्की राहत महसूस हो सकती है। हालांकि यह सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि बड़े इलाकों में व्यापक तेज बारिश हो सके। गर्मी से राहत भी सिर्फ कुछ एक इलाकों तक सीमित रहेगी। दिन के समय तेज गर्मी बनी रहेगी, लेकिन शाम के घंटों में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। कुछ जगहों पर बादल बनने के कारण बूंदाबांदी की गतिविधियां मैदानी इलाकों में देखने को मिल सकती हैं। आगे का मौसम पूर्वानुमान: कल से इस सिस्टम का प्रभाव मैदानी इलाकों में शुरू होगा, जो कि 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ हल्की बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल के इलाकों में फिलहाल बारिश की किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं होंगी। इन इलाकों में मौसम साफ और बेहद गर्म बना रहेगा। दिन के समय तेज धूप और लू का असर लगातार बना रहेगा। पंजाब, हरियाणा, उत्तर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मौसम सिर्फ शाम बाद के घंटों में ही बदलेगा। दिन में प्रचंड गर्मी का दौर इन इलाकों में जारी रहेगा और तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। तो बारिश कब होगी? इस सिस्टम के गुजरने के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी 25 मई को उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा, जिसके कारण पंजाब, हरियाणा, उत्तर राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश और शायद पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां फिर से नए सिरे से शुरू हो सकती हैं। कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ हल्की तेज बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद 28 मई से एक नया मजबूत चक्रवर्ती हवाओं का क्षेत्र बनने वाला है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी को खींचेगा। साथ में नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आने और दोनों हवाओं के मिलने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी।  यह बारिश की गतिविधियां 28 मई से धीरे धीरे बढ़ेंगी और 30 व 31 मई को जोर पकड़ते हुए 3 जून तक जारी रह सकती हैं। उत्तर और मध्य भारत के कई इलाकों में मौसम पूरी तरह बदलता हुआ नजर आ सकता है। उत्तर भारत में गर्मी का यह दौर 28 मई तक ही रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश और पूर्वी हवाओं के चलने से उमस वाली गर्मी जरूर परेशान करेगी, लेकिन लगातार बारिश की गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिलने लगेगी।