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MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

रायपुर : प्रदेश में अब तक 453.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 453.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 740.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 245.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 446.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 443.8 मि.मी., गरियाबंद में 381.1 मि.मी., महासमुंद में 395.9 मि.मी. और धमतरी में 380.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 478.9 मि.मी., मुंगेली में 515.1 मि.मी., रायगढ़ मंे 578.2 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 606.8 मि.मी., कोरबा में 521.9 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 453.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 439.7 मि.मी., सक्ती में 547.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 373.3 मि.मी., कबीरधाम में 339.1 मि.मी., राजनांदगांव में 371.9 मि.मी., बालोद में 446.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 532.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 318.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 352.4 मि.मी., सूरजपुर में 569.3 मि.मी., जशपुर में 551.7 मि.मी., कोरिया में 532.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 490.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 549.9 मि.मी., कोंडागांव में 327.8 मि.मी., नारायणपुर में 347.6 मि.मी., बीजापुर में 512.1 मि.मी., सुकमा में 319.6 मि.मी., कांकेर में 406.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 433.1 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

मौसम विभाग का अलर्ट: MP के 14 जिलों में अगले 24 घंटे में मूसलधार बारिश की आशंका

भोपाल   मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, राजगढ़, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है।  आज इन जिलों बाढ़ का खतरा शनिवार को सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन ग्वालियर समेत 16 जिलों में बाढ़ का खतरा है। शिवपुरी में आज भी स्कूलों की छुट्टी रहेगी। जिन जिलों में बाढ़ का खतरा है, उनमें ग्वालियर, छतरपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सागर, सतना, टीकमगढ़, अशोकनगर, दतिया, गुना, मुरैना, राजगढ़, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा जिले शामिल हैं। यहां शुक्रवार को भारी बारिश का दौर चला। 9 घंटे में डेढ़ इंच बारिश प्रदेश में शुक्रवार को तेज बारिश का दौर जारी रहा। 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। शिवपुरी में 9 घंटे में डेढ़ इंच बारिश हो गई। वहीं, गुना-ग्वालियर में सवा इंच पानी गिरा। रतलाम में 1.2 इंच, छतरपुर के नौगांव में 1 इंच और दतिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर के खजुराहो, मंडला, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, बालाघाट, मऊगंज, रीवा, सतना, डिंडौरी, मंदसौर, श्योपुर समेत कई जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी में बारिश के चलते स्कूलों की छुट्टी शिवपुरी में बारिश के चलते आज नर्सरी से लेकर 12वीं तक के स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। छतरपुर में रनगुवां डैम के 12, कुटनी के 7 और लहचूरा डैम के 13 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। शिवपुरी में मड़ीखेड़ा अटल सागर बांध के 2 गेट खोले गए। टीकमगढ़ में पूनौल नाला उफान पर रहा। पुल के ऊपर से 3 फीट तक पानी बहा। इस वजह से झांसी हाईवे पर ट्रैफिक बंद करा दिया गया। छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज में शुक्रवार को स्कूलों में छुट्टी रही। सिस्टम के कमजोर होने की संभावना मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून टर्फ गुजर रही है। वहीं, एक डिप्रेशन भी एक्टिव है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में अति भारी और भारी बारिश का दौर रहा। शनिवार को कई जिलों में भारी बारिश होगी, लेकिन इसके बाद सिस्टम के कमजोर होने की संभावना है। बता दें कि इस सीजन में प्रदेश में औसत 20.1 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 11.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 8.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है। अबकी बार पूर्वी हिस्से में मानसून मेहरबान रहा है। 

मौसम ने दिखाया असली रंग: ग्वालियर-चंबल में 29 दिनों में ही पूरी हुई साल की बारिश

ग्वालियर/चंबल   ग्वालियर-चंबलअंचल में इस साल मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश की है। महज 29 दिनों में पूरे साल का औसत वर्षा कोटा पूरा हो चुका है। अभी तक यहां कुल 706 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जबकि सालाना औसत 700 मिमी का होता है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है। गुरुवार रात से लगातार बारिश, शुक्रवार शाम तक 78 मिमी पानी बरसा गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार पूरे दिन रुक-रुक कर जारी रही। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश के चलते पूरे अंचल में 78 मिमी (करीब तीन इंच)वर्षा दर्ज हुई। कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित रहा और लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। तिघरा डैम के गेट खोले गए, गांवों को किया गया अलर्ट बारिश के चलते तिघरा डैम(Tigra dam gates open) में जलस्तर बढ़कर 738.20 फीट तक पहुंच गया। शुक्रवार दोपहर 1 बजे डैम के गेट खोल दिए गए। इस दौरान कलेक्टर रुचिका चौहान और जिला पंचायत सीईओ विवेक कुमार मौजूद रहे। गेट खोलने से पहले सायरन बजाया गया और नदी किनारे स्थित महीदपुर गांव के निवासियों को सतर्क किया गया। साथ ही पुल पर बहते पानी के कारण ट्रैफिक रोका गया और प्रकाश, सूचनात्मक बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। आगामी 24 घंटे में ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड और श्योपुर में भारी बारिश की आशंका मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। लगातार बारिश के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है। 

कई इलाकों में मूसलधार बारिश का असर, बाढ़ की चेतावनी से हड़कंप

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 487.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 67% ज़्यादा है। विंध्य और निमाड़ क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात हैं। हरदा में एक सब-इंस्पेक्टर की गाड़ी बह गई, लेकिन वह कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। खंडवा में अजनाल नदी के पुल पर पानी आने से हाईवे बंद है। डिंडोरी और मऊगंज में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।  सतना-मैहर जलसमाधि में, ग्वालियर-चंबल में रेड अलर्ट सतना और मैहर ज़िले पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। रामघाट और भरतघाट की 100 से ज़्यादा दुकानें पानी में डूब गईं। 50 से ज़्यादा नदियां और नाले उफान पर हैं और 100 गांवों का ज़िला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। उत्तर प्रदेश से आ रहे मौसमी सिस्टम के चलते ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने यहाँ 10 इंच तक बारिश का अनुमान जताया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।  22 जिलों के लिए IMD का अलर्ट जारी  मॉनसून इस बार खूब मेहरबान है। प्रदेश में जगह-जगह झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज 7 जिलों में अति भारी, 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, दतिया, मुरैना और भिंड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, यहां 24 घंटे के दौरान 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान तेज हवाएं भी चलने का अनुमान है। भारी बारिश और तूफानी हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। 200 परिवार फंसे छतरपुर जिले में उर्मिल नदी उफान पर है। यहां ओरछा रोड थाना क्षेत्र का गांव धामची पानी से लबालब हो गया है। इसके चलते करीब 2000 परिवार फंसे हुए हैं। ग्रामीण जान बचाने को घरों की छतों पर चढ़ गए हैं। पानी भरने से मुख्य मार्गों से गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उन्हें सुरक्षित गांव से बाहर निकलवाने की की अपील की है। गांव में पानी भरने से बिजली सप्लाई ठप हो गई है। साथ ही मोबाइल फोन नेटवर्क भी दिक्कत कर रहे हैं। इस बीच पूरे छतरपुर जिले में 12 घंटे से हो रही तेज तेज बारिश के चलते लोगों के घरों में पानी घुस गया। लोग कार को हाथों से उठाते नजर आए। पूर्व विधायक अलोक चतुर्वेदी के घर के पीछे लोगों के घरों में पानी घुसा हुआ है। दो लोगों की मौत इस बीच, प्राकृतिक आपदा में दो लोगों की मौत की भी खबर है। ग्राम ढिलापुर में रात में मकान में सो रहीं मां-बेटी के ऊपर कच्चा ढह गया। इस हादसे में बेटी की मौत हो गई, जबकि मां घायल हो गई। वही हतना में घर के अंदर जानवर छोड़ने गए युवक पर कच्चा घर गिर गया। दोनों जगह मलबे में दबने से मौत हुई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश और तूफानी हवाओं के मद्देनजर लोगों को कुछ सुझाव भी दिए हैं। सुझाए गए कार्य     भारी वर्षा के कारण दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।     सड़कों और अंडरपास सहित निचले इलाकों में जलभराव की संभावना है, जिससे यातायात जाम और देरी हो सकती है।     भारी वर्षा से जमा हुआ पानी जलजनित रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है।     झोंकेदार तेज हवाओं के कारण उड़ने वाला मलबा और कम दृश्यता हो सकती है, जिससे यात्रा और परिवहन प्रभावित हो सकते हैं। यदि संभव हो तो यात्रा करने से बचें।     परिवहन व्यवस्था सहित निकासी के तरीके के बारे में पहले से योजना बना लें।     वाहन धीरे चलाएं और स्टीयरिंग व्हील को मजबूती से पकड़ें, पुलों और ऊंची खुली सड़कों से बचें।     मचान (स्कैफोल्डिंग) और निर्माण स्थलों से दूर रहें। ऊंचे या खुले इलाकों में न जाएं। खुले खेतों और बाहरी गतिविधियों के दौरान बिजली गिरने का खतरा बना रहता है।     पेड़, बिजली के खंभे, अस्थायी शेड और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की संभावना है। आंधी-तूफान के दौरान खुले खेतों में कार्य करने से बचें।     गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें।     आपातकालीन किट में आवश्यक वस्तुएं जैसे कि जल्दी खराब न होने वाला भोजन, पानी, दवाइयां, टॉर्च, बैटरी और प्राथमिक मेडिकल किट रखें।     सुरक्षित स्थानोंं पर आश्रय लें; पेड़ों के नीचे शरण न लें तथा तूफान के दौरान जल निकायों से तुरंत बाहर निकलें। पेड़ों और बिजली की तारों से दूर रहें।     कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें। इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें एवं उन सभी वस्तुओं से दूर रहें जो बिजली का संचालन करती हैं।     पशुओं का विशेष ध्यान रखें, सभी जानवरों को रात के दौरान विशेष रूप से संरक्षित और सुरक्षित पशु शेड में रखा जाना चाहिए।     अगले 24 घंटों में अपेक्षित वर्षा के कारण मानचित्र के अनुसार कुछ पूर्ण रूप से संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही अपवाह /जलप्लावन हो सकता है।     स्थानीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित निकटतम बाढ़ आश्रयों, निकासी मार्गों और सभा स्थलों के बारे में जानें।     सरकार द्वारा जारी बाढ़ की चेतावनियों और सलाह पर अपडेट रहें। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों जैसे आधिकारिक स्रोतों से मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट पर नजर रखें।  भोपाल में बादलों का डेरा राजधानी भोपाल में गुरुवार को दिन भर बादल छाए रहे। अरेरा हिल्स में 25 मिमी और बैरागढ़ में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। दृश्यता भी घटकर 2000 मीटर रह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हल्की से मध्यम बारिश जारी है। अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी आज राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार एक सक्रिय मॉनसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया बारिश को और उग्र बना रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इसी बीच, रीवा और मऊगंज जिलों में भारी … Read more

मध्यप्रदेश के 12 जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान, भारी बारिश से स्कूल बंद, हरदा में पुलिसकर्मी की कार बही

भोपाल  मध्य प्रदेश में लगातार तेज बारिश का दौर चल रहा है। बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हुई जबकि गुरुवार को ग्वालियर समेत उत्तरी हिस्से के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में भारी बारिश का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना शामिल हैं। यहां 4 इंच तक बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर में हल्की बारिश होने की संभावना है। नदियों से पानी आने से कई डैम ओवरफ्लो  मध्यप्रदेश में पिछले एक महीने से जारी तेज बारिश की वजह से बांधों में पानी बढ़ गया है। जोहिला, बरगी, बाणसागर, सतपुड़ा समेत कई डैम तो ओवरफ्लो भी हो रहे हैं। इनमें जुलाई में जितना पानी आना चाहिए, उससे कई गुना ज्यादा आ गया। इस वजह से गेट खोलने पड़े हैं। बरना, गांधीसागर, गोपीकृष्ण, इंद्रा सागर, केरवा, कलियासोत, कोलार, कुंडालिया, कुशलपुरा, मोहनपुरा, ओंकारेश्वर, राजघाट, बरगी, संजय सागर, तवा, टिल्लर, तिघरा, पेंच, सतपुड़ा समेत कुल 54 डैमों में पानी बढ़ा है। भोपाल के बड़ा तालाब में भी अच्छे-खासी पानी की आमद हो गई है। साढ़े 6 फीट पानी आते ही तालाब ओवरफ्लो हो जाएगा और फिर भदभदा डैम के गेट खोलने पड़ेंगे। कल इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, मध्यप्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसलिए भारी बारिश हो रही है। अगले दो-तीन मौसम ऐसा ही रहेगा। मौसम विभाग ने शुक्रवार (18 जुलाई) को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मऊगंज और डिंडौरी में अवकाश मऊगंज में कई घरों में पानी घुस गया है। लोग जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। मऊगंज के सभी स्कूलों में छुट्‌टी कर दी गई है। डिंडौरी में भी बारिश हो रही है। कलेक्टर नेहा मारव्या ने सरकारी स्कूलों में गुरुवार को अवकाश घोषित कर दिया। हरदा की मटकुली नदी में पुलिसकर्मी की कार बह गई। पुलिसकर्मी ने कूदकर जान बचाई। पीथमपुर में तीन मंजिला मकान की निर्माणाधीन दीवार बारिश के कारण गिर गई। हादसे में बच्ची की मौत हो गई। पिता घायल हैं।  मध्यप्रदेश के कई जिलों में गुरुवार को भी बारिश जारी है। मौसम विभाग ने आज ग्वालियर समेत प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।पिछले 24 घंटे में सीधी में 3.1 इंच पानी गिर गया। रीवा में 2.2 इंच, नर्मदापुरम में 1.9 इंच, जबलपुर में 1.4 इंच, उमरिया में 1.3 इंच, ग्वालियर में 1.1 इंच और पचमढ़ी में 1 इंच बारिश हो गई। भोपाल में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। शहडोल, डिंडौरी, मऊगंज, बैतूल, अलीराजपुर, मंडला, छतरपुर, दतिया, सतना, रतलाम, रायसेन, दमोह, गुना, शिवपुरी, उज्जैन, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा, विदिशा, राजगढ़, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा।     डिंडौरी में अतिवर्षा के चलते कलेक्टर नेहा मारव्या ने सरकारी स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया है। मऊगंज के भी सभी स्कूलों में छुट्‌टी कर दी गई है।     हरदा की मटकुली नदी में पुलिसकर्मी की कार बह गई। उसने पुलिया पर पानी होने के बावजूद कार निकालने का प्रयास किया था। पुलिसकर्मी ने समय रहते कार से कूदकर जान बचा ली।     सतना में रपटे को पार करने की कोशिश में कार तेज बहाव में बह गई। लोगों ने कार सवार युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।     मऊगंज जिले के नई गढ़ी कस्बे में कई घरों में पानी घुस गया है। लोग जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। थाना परिसर भी पानी में डूबा हुआ है।     चित्रकूट की गुप्त गोदावरी गुफा में तेज बहाव के साथ पानी बह रहा है। पर्यटकों के लिए गुफा को बंद करा दिया गया है।     पीथमपुर में तीन मंजिला मकान की निर्माणाधीन दीवार बारिश के कारण गिर गई। हादसे में दो माह की बच्ची की मौत हो गई जबकि पिता घायल हैं। जबलपुर-ग्वालियर में 1.1 इंच बारिश बुधवार को जबलपुर-ग्वालियर में 9 घंटे के अंदर 1.1 इंच पानी गिर गया। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 1 इंच, मंडला में पौन इंच और दतिया में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई। इसी तरह रतलाम, उज्जैन, दमोह, छतरपुर के खजुराहो, रीवा, सीधी, बालाघाट, शहडोल, शिवपुरी, डिंडौरी, मऊगंज, बैतूल, आलीराजपुर समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल में शाम को मौसम बदला। रात में हल्की बारिश भी हुई। आलीराजपुर में लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ गया। शहडोल के बाणसागर डैम के 8 गेट खोल दिए गए। वहीं, बैतूल जिले के सारणी में सतपुड़ा बांध के 5 गेट 2 फीट तक खोले गए। अगले 2 दिन भारी बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। इस वजह से उत्तरी हिस्से में अगले 2 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट है। बता दें कि इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में औसत 18.5 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 11 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से साढ़े 7 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है। इस बार पूर्वी हिस्से में मानसून मेहरबान रहा है।   मध्यप्रदेश में अब तक 18.2 इंच बारिश मौसम विभाग के आकड़े के अनुसार इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसत 18.2 इंच बारिश हो गई है, जो कोटे से आधी है। अब तक की औसत बारिश से यह 72% यानी 5.6 इंच ज्यादा है। अब तक 10.6 इंच पानी गिरता है। निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां एक महीने में ही बारिश का आंकड़ा 103% यानी 31.46 इंच पहुंच गया है। इस जिले की सामान्य बारिश साढ़े 30 इंच है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले पिछड़े हुए हैं। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच पानी गिरा है। वहीं, टीकमगढ़ में 91% (33 इंच), छतरपुर में 75% (28 इंच), शिवपुरी में 82% (25.3 इंच) और मंडला में 75% (35 इंच) बारिश हो चुकी है। … Read more

मॉनटेन तूफान की तबाही: NY–NJ में फ्लैश फ्लड से दो मरे, शहर का आवागमन ठप

न्यूयॉर्क   न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में भारी बारिश और तूफान से दो लोगों की मौत हो गई। मूसलाधार बारिश होने से पूरा इलाका पानी में डूब गया। न्यूयॉर्क का सबवे सिस्टम ठप हो गया और पूरे इलाके में बिजली गुल हो गई। प्लेनफील्ड में सोमवार को तेज बारिश के कारण एक गाड़ी सेडर ब्रूक में बह गई। इससे दो लोगों की मौत हो गई। गवर्नर फिल मर्फी ने बताया कि दोनों को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने खराब मौसम के कारण आपातकाल की घोषणा की है। इस महीने शहर में तूफान से होने वाली यह तीसरी और चौथी मौतें थीं। न्यूयॉर्क डेली न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेयर एड्रियन मैप्प ने कहा, "पूरा प्लेनफील्ड इस नुकसान से दुखी है। इतने कम समय में चार लोगों को खोना अकल्पनीय है। हम परिवारों के साथ शोकाकुल हैं। हम अपने इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने और अपने निवासियों को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" नॉर्थ प्लेनफील्ड में बाढ़ का पानी भरने के बाद एक घर में आग लग गई। हालांकि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है। गवर्नर मर्फी ने पत्रकारों से कहा, "मौसम से परेशानी में हम अकेले नहीं हैं, लेकिन हम अभी अधिक ह्यूमिडिटी, हाई टेंपरेचर और तेज तूफान वाले पैटर्न में हैं। सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।" कुछ ही घंटों में छह इंच तक बारिश फ्लोरिडा के पास बन रहे एक ट्रॉपिकल स्टॉर्म के कारण पूर्वी तट पर नमी बढ़ गई। इससे कई जगहों पर धीरे-धीरे तूफान आया और भारी तबाही हुई। गार्डन स्टेट में कुछ ही घंटों में छह इंच तक बारिश हुई। वहां कई लोगों को बचाया गया। शहरों में मंगलवार को भी लगभग 2900 घरों और व्यवसायों में बिजली नहीं थी। मर्फी ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया, "ढाई घंटे से भी कम समय में छह इंच बारिश हुई। पहली बारिश ने कई समुदायों को थोड़ा परेशान किया। दूसरी बारिश ने पूरी तरह से तबाही मचा दी। हम सभी समुदायों और काउंटियों का आकलन कर रहे हैं।" न्यूयॉर्क में सोमवार को सेंट्रल पार्क में लगभग 2.64 इंच बारिश हुई। इसने उसी दिन के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया, जो 1.47 इंच था। हार्लेम में बारिश के दौरान वेस्ट 149वीं स्ट्रीट और ब्रैडहर्स्ट एवेन्यू के पास एक 43 साल के न्यूयॉर्क वासी पेड़ की शाखा गिरने से घायल हो गया। सबवे स्टेशन में सीढ़ियों से पानी घुसा खराब मौसम के कारण कई सबवे लाइनें भी बंद हो गईं। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में मैनहट्टन में एक स्टेशन के प्रवेश द्वार से पानी सीढ़ियों से नीचे गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। एक अन्य तस्वीर में यात्री बाढ़ के पानी से बचने के लिए अपनी सबवे सीटों पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। मेट्रोपॉलिटन ट्रांजिट अथॉरिटी के अध्यक्ष और सीईओ जानो लाइबर ने एबीसी 7 को बताया कि शहर का सीवर सिस्टम बारिश से भर गया और सबवे सुरंगों व स्टेशनों में पानी आ गया। न्यू जर्सी के कुछ हिस्सों में कुछ सड़कें अभी भी बंद हैं और मंगलवार को इलाके के हवाई अड्डों पर दर्जनों उड़ानें रद्द कर दी गईं या उनमें देरी हुई। फ्लाइटअवेयर के आंकड़ों के अनुसार, नेवार्क लिबर्टी हवाई अड्डे पर कुल 159 उड़ानें रद्द कर दी गईं। हालांकि ट्रिस्टेट इलाके के लिए अधिकांश चेतावनियां अब समाप्त हो गई हैं, लेकिन मौसम का पूर्वानुमान बताने वालों ने चेतावनी दी है कि वाशिंगटन डीसी से लेकर कैरोलिना तक बाढ़ की संभावना अभी भी है। आने वाले दिनों में भी बारिश होने की चेतावनी गवर्नर फिल मर्फी ने कहा कि प्लेनफील्ड में जो दो मौतें हुईं, वे बहुत दुखद हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। मेयर एड्रियन मैप्प ने भी मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शहर आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। न्यूयॉर्क में हुई बारिश ने कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सेंट्रल पार्क में इतनी बारिश पहले कभी नहीं हुई थी। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। सबवे में पानी भर गया और कई सड़कें बंद हो गईं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी बारिश हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क में हुई इस बारिश से लोगों को काफी नुकसान हुआ है। कई लोगों के घर पानी में डूब गए और कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। सरकार लोगों को मदद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मौसम विभाग ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।

अलीराजपुर में सुबह 6 बजे से हो रही लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा

भोपाल  मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है। आज 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। अलीराजपुर में सुबह 6 बजे से हो रही लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पुलिया से 3 फीट ऊपर पानी बह रहा है। पानी घरों में घुस गया है। बैतूल जिले के सारणी में सतपुड़ा बांध के 5 गेट 2 फीट तक खोले गए हैं। इन गेटों को आज सुबह 10:45 बजे खोलकर 8390 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डिंडौरी और मंडला में भी तेज बारिश जारी है। यहां नर्मदा नदी में पानी बढ़ रहा है। कई जगहों पर पुल डूब गए हैं। मंडला के सुभाष वार्ड में पानी निकासी नहीं होने के चलते सड़क पर तीन फीट के ऊपर पानी भर गया है। डिंडौरी में नर्मदा घाटों पर बने मंदिर डूब गए हैं। मंगलवार को 25 से ज्यादा जिलों में हुई बारिश मंगलवार को ग्वालियर, भोपाल, इंदौर समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा ग्वालियर में 2.3 इंच पानी गिर गया। खरगोन में डेढ़ इंच, सीधी में 1 इंच और उमरिया में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। शाजापुर और रायसेन में भी तेज बारिश का दौर चला। भोपाल, दतिया, इंदौर, नर्मदापुरम, श्योपुर, शिवपुरी, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, आगर-मालवा, देवास समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बीते 24 घंटे में बारिश या वर्षाजनित हादसों में किसी मौत की खबर नहीं है। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसत 18.2 इंच बारिश हो गई है, जो कोटे से आधी है। अब तक की औसत बारिश से यह 72% यानी 5.6 इंच ज्यादा है। अब तक 10.6 इंच पानी गिरता है। निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां एक महीने में ही बारिश का आंकड़ा 103% यानी 31.46 इंच पहुंच गया है। इस जिले की सामान्य बारिश साढ़े 30 इंच है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले पिछड़े हुए हैं। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच पानी गिरा है। वहीं, टीकमगढ़ में 91% (33 इंच), छतरपुर में 75% (28 इंच), शिवपुरी में 82% (25.3 इंच) और मंडला में 75% (35 इंच) बारिश हो चुकी है।

मध्यप्रदेश में जुलाई में बारिश ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, 17 जिलों में अलर्ट

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार बारिश का दौर जारी है. जुलाई के महीने में मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, अब तक प्रदेश में 18 इंच बारिश हो चुकी है. सोमवार को कई जिलों में बारिश दर्ज की गई. मंगलवार को भी प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बारिश के कारण नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.  मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण इन जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। प्रदेश में 16 जून से मानसून एंटर हुआ था। तभी से तेज बारिश का दौर चल रहा है। इस वजह से कोटे की आधी यानी औसत 18 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में तो 103% तक पानी गिर चुका है। मंडला, टीकमगढ़ में भी बारिश का कोटा 75% तक फुल हो गया है। अगले 4 दिन यानी 18 जुलाई तक तेज बारिश का दौर चलेगा। शिवपुरी में अटल सागर डैम के 6 गेट खोले, श्योपुर में बाढ़ सोमवार को मंडला में 9 घंटे में 2 इंच बारिश हो गई। वहीं, खरगोन में डेढ़ इंच पानी गिरा। टीकमगढ़-उमरिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसी के चलते सोमवार सुबह साढ़े 6 बजे बांध के 6 गेट खोल दिए गए। करीब 1500 क्यूमेक पानी छोड़ा गया है। श्योपुर जिले के विजयपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से आगरा जाने वाला रास्ता बंद हो गया। वहीं, बड़ौदा में बाढ़ जैसे हालात रहे। यहां दुकानों-मकानों के अलावा अस्पताल में भी पानी भर गया। शिवपुरी जिले के रन्नौद क्षेत्र में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। यहां कई लोगों के घरों में पानी भर गया। टीकमगढ़ में मकान गिर गया। इससे 3 भैंसों की मौत हो गई। मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया। रायसेन में उफनते नालों के बीच मड रैली हुई। जिसमें गाड़ियां दौड़ाई गई। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश का दौर चला। लगातार बारिश का दौर जारी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, मंडला, श्योपुर, सिवनी, उमरिया, छतरपुर समेत कई जिलों में हफ्तेभर से बारिश का दौर जारी है. इन जिलों में लगातार बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात हैं. लगातार हो रही बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है.  17 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने मंगलवार को 17 जिलों में भारी बारिश अलर्ट जारी किया है. नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है. अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है. प्रदेश में हल्की बारिश वहीं मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के बाकी बचे जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है. इन जिलों में सामान्य बारिश हो सकती है, या फिर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं.  अगले चार दिन होगी बारिश मौसम विभाग की माने तो एमपी से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है. इसके साथ ही कम दबाव का क्षेत्र भी एक्टिव है. यही वजह है कि लगातार बारिश का दौरा जारी है. अगले चार दिनों तक तेज बारिश होने की संभावना है. कई जिलों में चार दिन का बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.  सोमवार को हुई बारिश सोमवार को भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सिवनी, सीधी, बालाघाट, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश हुई.  अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं. शिवपुरी जिले में अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर बढ़ने से अटल सागर डैम के 6 गेट खोले गए. वहीं श्योपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता बंद हो गया. मंडला में आधे घंटे की तेज बारिश से पानी घर-दुकानों में घुस गया. भोपाल में तेज बारिस का दौर जारी रहा.