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मानसून का कहर: 36 जिलों में मूसलधार बारिश, नदियों में उफान, कई इलाके जलमग्न

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों झमाझम बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इस बार मध्य प्रदेश में सामान्य से 74 फ़ीसदी अधिक बारिश हो चुकी है जिसकी वजह से कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश और अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बता दें कि मध्य प्रदेश में फिलहाल कुछ ट्रफ सिस्टम एक्टिव हैं। जिसकी वजह से लगातार बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। इसके अलावा साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है जिसकी वजह से अधिकांश हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहेगा।  मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह एक्टिव हो चुका है। पिछले 24 घंटे में दमोह, शिवपुरी, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, शहडोल और रीवा संभाग के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई है। लगातार हो रही तेज बारिश से कई जगहों पर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने 14 जिलों में अति भारी बारिश और 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में एक्टिव है सिस्टम मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसकी एक्टिविटी के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का मौसम जारी रहने वाला है। 13 जुलाई तक प्रदेश में इसी तरह का माहौल बना रहने वाला है। मध्य प्रदेश में बारिश लोगों का जीवन अस्त व्यस्त कर चुकी है।जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर और ग्वालियर सहित कई जिले ऐसे हैं जहां बाढ़ के हालात बने हुए हैं। आज मौसम विभाग ने 14 जिलों में अति भारी बारिश और 22 दिनों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां होगी अति भारी बारिश नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, मंडला, दमोह, डिंडोरी, उमरिया, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, जबलपुर में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां 24 घंटे में 8 इंच से ज्यादा पानी गिरने की संभावना जताई गई है। यहां भारी बारिश की चेतावनी आज भिंड, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, विदिशा, अशोक नगर, मुरैना, शिवपुरी, रायसेन, निवाड़ी, अशोक नगर, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, सागर, पन्ना, मऊगंज, कटनी, रीवा, सीधी, सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में 4 इंच तक बरसात हो सकती है। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, भोपाल, बड़वानी, हरदा, धार सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश का क्षेत्रीय प्रभाव और आंकड़े प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई: दमोह – सबसे ज्यादा 4.1 इंच बारिश शिवपुरी – 3 इंच नौगांव-सतना – 1.8 इंच टीकमगढ़ – 1.5 इंच सागर – 1.1 इंच रायसेन – 1 इंच भोपाल – आधा इंच से अधिक हादसे और घटनाएं     दमोह में पुलिया से नीचे लटकी बस  ड्राइवर ने उफनते नाले से बस पार कराने की कोशिश की, जिससे बस अनियंत्रित होकर पुलिया से लटक गई। 6 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। घटना तेजगढ़ थाना क्षेत्र की है।     सागर में कार बही बंडा क्षेत्र में एक कार उफनते नाले में बह गई। कार में सवार 3 लोग कूदकर अपनी जान बचा पाए।     कटनी में बिजली गिरने से 4 झुलसे  धान का रोपा लगाते समय आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोग घायल हो गए।     नरसिंहपुर में बच्चे नदी में डूबे   विपतपुरा गांव में तीन बच्चे नदी में डूब गए। स्थानीय प्रशासन बचाव में जुटा है।     शिवपुरी में बाइक सवार बहे  गूगरीपुरा गांव में युवक रपटे को पार करते समय पानी में बह गए। एक युवक बाइक समेत बहा, लेकिन बाद में तैरकर बाहर आ गया।     बैतूल में बोलेरो बह गई  बीजादेही थाना क्षेत्र में बोलेरो वाहन नदी में बह गया, ग्रामीणों ने ड्राइवर और गाड़ी को सुरक्षित बचाया।     सीहोर में झरने में बहा युवक  सीहोर में सतकुंडा झरने में नहाते समय एक युवक के बहने का वीडियो वायरल हो रहा है। वह चट्टान से टकराकर रुका, जिससे जान बच गई। 14 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट इन जिलों में अगले 24 घंटे में 8 इंच तक बारिश हो सकती है: जबलपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, दमोह, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर। 22 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट इन जिलों में 4.5 इंच तक बारिश की चेतावनी: ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, रायसेन, सीहोर, विदिशा, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, कटनी, पन्ना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, निवाड़ी, उज्जैन और भोपाल। बाढ़ जैसे हालात और चेतावनी प्रदेश की कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। कई गांवों का संपर्क टूटा है। बारिश के कारण सड़कें डूबी हुई हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। 13 जुलाई तक ऐसा ही रहेगा मौसम विभाग ने बताया है कि मध्यप्रदेश में लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इसके चलते अगले तीन दिन तक लगातार भारी बारिश होती रहेगी। 13 जुलाई तक मौसम का यही मिजाज बना रहेगा।

दमोह में अनियंत्रित हुई बस, उफनते नाले से गुजरते वक्त पुलिया से लटकी

दमोह  मध्यप्रदेश में मानसूनी बारिश से मंडला, नरसिंहपुर, उमरिया, शिवपुरी, जबलपुर, रीवा, शहडोल-सागर के साथ ग्वालियर संभाग के कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। आज गुरुवार को 14 जिलों में अति भारी और 22 जिलों में भारी बारिश होने का अलर्ट है। प्रदेश के सभी जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान आंधी और बारिश का दौर रहा। सबसे ज्यादा बारिश दमोह में 4.1 इंच हो गई। शिवपुरी में 3 इंच, नौगांव-सतना में 1.8 इंच, टीकमगढ़ में डेढ़ इंच, सागर में 1.1 इंच और रायसेन में 1 इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल में रात में बारिश हुई, जो आधा इंच से ज्यादा रही।     दमोह में ड्राइवर ने उफनते नाले से बस को पार कराने की कोशिश की। यूपी के जालौन जा रही बस अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे लटक गई। बस में सवार 6 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।     सागर के बंडा क्षेत्र में एक कार उफनते नाले में बह गई। इसमें 3 लोग सवार थे, जिन्होंने कूदकर अपनी जान बचाई।     कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र के हदरहटा गांव में धान का रोपा लगाते समय आकाशीय बिजली गिरने से चार लोग झुलस गए।     नरसिंहपुर के विपतपुरा गांव में तीन बच्चे नदी में डूब गए।     सतना में तेज बारिश से पेड़ गिर गया। इसकी चपेट में आकर कई दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचा। एक मकान का चबूतरा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून जमकर बरस रहा, 35 जिलों में आज भारी बारिश की चेतवनी, शिवपुरी में 3 युवक बाइक समेत बहे

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार तेज बारिश का दौरा जारी है. प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून जमकर बरस रहा है. प्रदेशभर में अब तक 14 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत ज्यादा है. मंगलवार को भी प्रदेश के कई जिलों में जमकर बरसात हुई. बुधवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 35 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. लगातार हो रही बारिश के चलते नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून जमकर बरस रहा है। इस मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक औसत 14 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 74% ज्यादा है। बुधवार को प्रदेश के 35 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है।  इन जिलों में अति भारी बारिश मौसम विभाग ने बुधवार को विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना है. इन जिलों भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, सीहोर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, कटनी, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश हो सकती है. इंदौर, उज्जैन, धार, बड़वानी, श्योपुर, हरदा समेत अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है. बीते 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा बारिश प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 136 मिमी यानी साढ़े 5 इंच हुई है। वहीं, नर्मदापुरम में 2.2 इंच, बैतूल में 2.8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। भोपाल, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, जबलपुर, सीधी, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, विदिशा, दतिया, नरसिंहपुर, मऊगंज, मंडला, सागर, रायसेन, टीकमगढ़, हरदा, रतलाम, छतरपुर, गुना, इंदौर, दमोह समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर चला। उधर, मंडला-नरसिंहपुर समेत कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रास्ते बंद हो गए हैं। कई गांव पानी में डूबे हैं। शिवपुरी में गूगरीपुरा गांव के रपटे को पार करने के दौरान बाइक बहने लगी। इस पर सवार तीनों युवक पानी में आ गिरे। एक युवक बाइक समेत बह गया। हालांकि, कुछ देर बाद वह तैरकर बाहर आ गया। 12 जुलाई तक बारिश सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश में दो ट्रफ का असर है, साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है. यही वजह है कि प्रदेश में अति भारी या भारी बारिश हो रही है. अगले चार दिन यानी 12 जुलाई तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में तेज बारिश का दौर रहेगा. रायसेन में उफान पर नर्मदा नदी… डूब गया बोरास पुल, रायसेन और नरसिंहपुर के बीच संपर्क टूटा रायसेन जिले में लगातार हो रही मूसलधार बारिश का असर अब जनजीवन पर साफ नजर आने लगा है. यहां नर्मदा नदी उफान पर है, जिसकी वजह से बोरास पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है. पुल पर 4 से 5 फीट तक पानी भर गया है, जिससे रायसेन और नरसिंहपुर जिले का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है. बता दें कि रायसेन जिले में बीते दो दिनों से भारी बारिश हो रही है. इसके चलते नदी-नालों में उफान आ गया है. नर्मदा नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हुई, जिससे बोरास पुल पर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया. पुल के डूबते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक रोक दिया.  होमगार्ड और पुलिस कर्मियों की ड्यूटी मौके पर लगाई गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति या वाहन पुल पार न कर सके. प्रशासन की ओर से निचले इलाकों डुंडी और पिटवा गांवों में अलर्ट जारी किया गया. ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी या बाढ़ वाले क्षेत्रों में न जाएं, क्योंकि स्थिति किसी भी वक्त और गंभीर हो सकती है. स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बोरास पुल हर साल बारिश में डूब जाता है. यदि पुल को 2-3 फीट ऊंचा बनाया गया होता तो आवागमन बाधित नहीं होता. ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की है. इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री कंप्यूटर बाबा का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. यहां सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है. प्रदेश में 14 इंच बारिश मध्यप्रदेश में अभी तक औसत 14 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 74% ज्यादा है. 9-10 जुलाई को स्ट्रॉन्ग सिस्टम के रहने का अनुमान है. पूर्वी हिस्से में सिस्टम का असर ज्यादा रहेगा. कई जिलों में बाढ़ के हालात लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं. नर्मदा नदी उफान पर होने से नरसिंहपुर के कई गांव पानी में आधे डूब गए. टीकमगढ़ में सुजारा बांध के 5 गेट और खोल दिए गए हैं. बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोल दिए गए.  स्कूलों की हुई छुट्टी नर्मदापुरम में लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है. मंडला में नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. धार में खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हो रही हैं.  9 घंटे में 5 इंच बारिश हुई मंगलवार को नर्मदापुरम के पचमढ़ी में 9 घंटे में 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा. नर्मदापुरम में सवा इंच, बैतूल, बालाघाट के मलाजखंड में 1 इंच, श्योपुर, छिंदवाड़ा-दमोह में पौन इंच पानी गिरा. वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में बारिश का दौर जारी रहा.   

कोरबा में वाटरफॉल में फंसे 5 युवक-युवतियों का सफल रेस्क्यू, सेल्फी-पॉइंट पर मौजूद थे, अचानक बढ़ा जलस्तर

कोरबा  छत्तीसगढ़ में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश से आफत बढ़ती ही जा रही है। हालांकि इस पानी से गर्मी-उमस से भी राहत मिली है। कोरबा जिले में तेज पानी गिर रहा है। है। कोरबा के पाली में पिछले 24 घंटे के दौरान 260 मिमी बारिश हुई। यानी हर घंटे करीब 11 मिमी की औसत से बारिश हुई। कई जगहों पर भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस बीच, घूमने के लिए देवपहरी पहुंचा 5 दोस्तों का ग्रुप जलस्तर बढ़ने से टापू पर फंस गया। 5 दोस्तों का ग्रुप बारिश का नजारा देखने देवपहरी के गोविंदझुंझा जलप्रताप पहुंचा था। इनमें तीन युवती और दो युवक शामिल हैं।  जलप्रताप में बारिश के दौरान नजारा मनमोहक होने से दोस्तों का ग्रुप आगे टापू की ओर चला गया, जहां फोटो और सेल्फी लेने के बाद लौट रहे थे, तभी ऊपर से पहाड़ी की ओर से बारिश का पानी तेजी से पहुंचा। वे सभी जलस्तर बढ़ने से टापू पर बने गुंबद में पहुंचे। चारों ओर तेज पानी का बहाव होने से वे फंस गए हैं। दूसरी ओर, अमरकंटक से लौटते वक्त पेंड्रा इलाके में सजहा नाले के तेज बहाव में एक कार बह गई। इसमें नर्स प्रीति यादव, उनके पति चंद्रशेखर यादव और दो बच्चे सवार थे। हादसे में चारों की मौत हो गई। घटना किरर टोल प्लाजा के पास हुई, जहां पुल पर तेज पानी होने के बावजूद कार को पार कराने की कोशिश की गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस के पार होते देख चंद्रशेखर ने भी कार बढ़ा दी, जो तेज बहाव में बह गई। सोमवार को शव बरामद कर लिया गया है। मप्र के मंत्री दिलीप जायसवाल ने परिजन को सांत्वना दी और 25-25 हजार रुपए की सहायता घोषित की। वहीं, रतनपुर से केंवची के रास्ते में मझवानी गांव के पास पुल के ऊपर से पानी बहता हुआ देखने के बावजूद पार करने की कोशिश में कोयला लोड ट्रक बह गया। हालांकि सड़क के दूसरी छोर पर मौजूद लोगाें ने ड्राइवर को बचा लिया। बारिश के कारण धमतरी जिले में सोंढूर नदी उफान पर है। इससे घोरागांव, छोटे गोबरा, दौड़ पंडरीपानी, समेत 15 गांव जिला मुख्यालय से कट गए। वहीं मगरलोड मार्ग पर महानदी पर मेघा एनीकट के पास निर्माणाधीन पुल से लगकर 50 गांव की आवाजाही के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाया गया था, जो बह गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक तेज बारिश होगी। 9 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। मंगलवार को भी प्रदेश के बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में कहीं-कहीं पर भारी बारिश की संभावना है। लगातार हो रही बारिश से 15 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। भिलाई में भी रविवार की रात से सोमवार सुबह 10 बजे तक दुर्ग- भिलाई में तेज बारिश होने से ट्विनसिटी के अलावा रिसाली और भिलाई-तीन चरोदा नगर निगम क्षेत्र की बहुत सी निचली बस्तियों में पानी भर गया। अभी तक इतनी हो चुकी है बारिश रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई शहरों में पिछले 24 घंटे से हो रही भारी बारिश के कारण छत्तीसगढ़ में अब तक की बारिश सामान्य से ऊपर हो गई है। 7 जुलाई तक पूरे प्रदेश में 306 मिमी पानी गिर चुका है, जबकि औसत 271.9 मिमी है। यानी औसत से 13 फीसदी ज्यादा पानी गिर चुका है। उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण 7 जुलाई तक का कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। कोरबा के पाली में पिछले 24 घंटे के दौरान 260 मिमी बारिश हुई। यानी हर घंटे करीब 11 मिमी की औसत से बारिश हुई। कई जगहों पर भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई।  

प्रदेश के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन और सक्रिय सिस्टम अभी और बारिश कराएंगे, एमपी में 8-9-10-11 जुलाई भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट

भोपाल  प्रदेश के ऊपर से गुजर रही ट्रफ लाइन और सक्रिय सिस्टम अभी और बारिश कराएंगे। अगले 3-4 दिन इसका असर रहेगा। इसके चलते मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में बाढ़ तो मध्य क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सोमवार को भी दिनभर लगभग पूरे प्रदेश में बौछारें पड़ीं। सूबे में अब तक औसत 191.3 मिमी की तुलना में 300 मिमी बारिश हो चुकी है। यह औसत से 68% ज्यादा है। राजधानी में भी रविवार देर रात में शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई। सोमवार को भी दिनभर रुक-रुककर तेज तो कहीं मध्यम बौछारें पड़ीं। संपर्क कटा, स्कूलों की छुट्टी बालाघाट में वैनगंगा नदी समेत कई नदी नाले उफान पर हैं। १५ से अधिक गांवों का जिला से संपर्क कट गया। सिरका नाले में बहने से किन्हीं गांव में पदस्थ शिक्षक जहरू सिंह सैयाम (52) की मौत हो गई। कलेक्टर ने भारी बारिश के चलते स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। बाढ़: पूर्वी हिस्से में अतिभारी बारिश की संभावना के बीच अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, शहडोल, उमरिया में बाढ़ के हालात बन सकते हैं। आज इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी,मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। सीहोर, हरदा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, डिंडौरी, उमरिया में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 9 जुलाई को सीहोर, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला,बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम और बैतूल में अति भारी बारिश का अलर्ट है। बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, सीहोर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, दमोह, जबलपुर, पन्ना, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली में भारी बारिश होने की संभावना है। 10 जुलाई को इन जिलों में अति भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 10 जुलाई को दमोह, पन्ना, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना,रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश हो सकती है। ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, देवास, खंडवा, हरदा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। 11 जुलाई को इन जिलों बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई को श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और मऊगंज में भारी बारिश का अलर्ट है।

टीकमगढ़ जिले में धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध के 7 गेट खोले गए

भोपाल  मध्यप्रदेश में लगातार तेज बारिश की वजह से नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंडला, डिंडौरी, श्योपुर, शहडोल, उमरिया समेत कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। सोमवार को 30 से ज्यादा जिलों में बारिश का दौर चला। वहीं, मंगलवार को 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     नरसिंहपुर के कौड़ियां गांव में बाढ़ आ गई है। रहवासियों का कहना है कि घर में बैठने तक की जगह नहीं है।     बैतूल जिले के सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोल दिए गए हैं।     टीकमगढ़ जिले में धसान नदी पर बने बान सुजारा बांध के 7 गेट खोले गए हैं।     नर्मदापुरम में जिला शिक्षा अधिकारी ने बारिश को देखते हुए मंगलवार को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।     मंडला में नर्मदा नदी 438.10 मीटर पर बह रही है। ये खतरे के निशान 437.8 से ऊपर है।     सोमवार रात मंडला में उफनती नदी पार करने के दौरान बाइक सवार बह गए। दो युवक बाहर निकल आए, जबकि एक लापता है। आज इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। सीहोर, हरदा, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, डिंडौरी, उमरिया में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।

MP में कई जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने चमकने के भी आसार

भोपाल  मध्यप्रदेश मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से कई जिलों में लगातार बारिश कब और चल रहा है। कई जिलों में तेज बारिश होने की वजह से हालात बिगड़ने लगे हैं। सोमवार को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सिवनी-बालाघाट में खतरा ज्यादा है। यहां अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 24 घंटे में 8 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है। जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, बैतूल में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। अन्य जिलों में भी बारिश का दौर बना रहेगा। 10 जुलाई तक तेज बारिश का दौर  मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हैं। अगले चार दिन 10 जुलाई तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में तेज बारिश का दौर रहेगा। पूर्वी हिस्से में सिस्टम का असर ज्यादा रहेगा।  9 घंटे में साढ़े 3 इंच हुई बारिश  उमरिया में 9 घंटे में साढ़े 3 इंच पानी गिर गया। मंडला में डेढ़ इंच, जबलपुर में 1 इंच, नर्मदापुरम के पचमढ़ी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, नर्मदापुरम, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, छतरपुर के खजुराहो, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, नरसिंहपुर, शहडोल, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, विदिशा में भी हल्की बारिश का दौर जारी रहा। कई जिलों में देर रात तक बारिश होती रही। जबलपुर में बरगी डैम के 9 गेट खोल दिए गए। इसे लेकर जिला प्रशासन और बरगी बांध प्रबंधन ने नर्मदा नदी के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया। शहडोल रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म तक पानी भर गया। रेलवे ट्रैक पूरी तरह से डूब गया है। इससे ट्रेनें 4 घंटे लेट हुईं। कटनी में नदी-नाले उफान पर हैं। उमरिया से संपर्क टूट गया है। मंडला और डिंडौरी जिलों में तेज बारिश के चलते इन दिनों नर्मदा नदी उफान पर है। अपस्ट्रीम में नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बरगी बांध में पानी की आवक भी तेजी से हो रही है। शिवपुरी जिले में पोहरी का पवा झरना 100 फीट की ऊंचाई से गिर रहा है। यहां का भदैया कुंड भी बह रहा है। नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उमरिया में जोहिला डैम के 4 गेट खोले गए हैं। मध्य प्रदेश मौसम विभाग का पूर्वानुमान मानसून द्रोणिका वर्तमान में सूरतगढ़, सिरसा, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, डाल्टनगंज, बांकुरा, दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।पश्चिम बंगाल और उससे लगे ओडिशा पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे संबद्ध चक्रवात दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ झुका हुआ है जिसके झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ने की संभावना है।उत्तर-पूर्व अरब सागर से उत्तर गुजरात तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो मप्र, उत्तरी छत्तीसगढ़, दक्षिणी झारखंड से होते हुए कम दबाव के क्षेत्र तक जा रही है। इस मौसम प्रणालियों के असर से पूरे प्रदेश में हल्की से भारी बारिश का दौर जारी है। प्रदश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 7 जुलाई: जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी,नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। सिवनी-बालाघाट में 8 इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है। मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। अन्य जिलों में भी बारिश का दौर बना रहेगा। 8 जुलाई: छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है। वहीं, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, राजगढ़, देवास, गुना, सीहोर, अशोकनगर, शिवपुरी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, रीवा, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में भारी बारिश हो सकती है। 9 जुलाई: इंदौर, देवास, झाबुआ, धार, बड़वानी, खरगोन,खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, सिवनी, डिंडौरी, अनूपपुर, कटनी और उमरिया में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 10 जुलाई: विदिशा में अति भारी बारिश का अलर्ट है। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, जबनपुर, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शाजापुर, देवास, रतलाम और उज्जैन में भारी बारिश हो सकती है।  

भारी बारिश के चलते जबलपुर के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित, बालाघाट के कई गांवों का मुख्यालय से सड़क संपर्क टूटा

 जबलपुर  मध्यप्रदेश के महाकौशल अंचल में 4 दिन से लगातार भारी बारिश हो रही है. जिसके चलते जिले बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण रेड अलर्ट जारी किया गया है.जबलपुर जिले लगातार हो रही बारिश और बरगी बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. गौरीघाट की सड़कों तक पानी आ चुका है. जबकि नरसिंहपुर, नर्मदापुरम सहित कई जिलों के घाट डूब चुके हैं.भारी बारिश को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने आज और कल सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है. जबलपुर में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से अलर्ट जारी करने के बाद जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने आदेश जारी कर अगले दो दिन 7 और 8 जुलाई को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। जबलपुर व जबलपुर के आसपास के जिलों में लगातार हो रही बारिश से नर्मदा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जो आदेश जारी किया है उसमें लिखा है- जिला जबलपुर में पिछले 48 घंटों से लगातार अतिवृष्टिजारी है तथा मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। अत: विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी, जोखिम एवं छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए दिनांक 7 व 8 जुलाई 2025 को जिले के संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, नवोदय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित जाता है। ये आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। बरगी डैम के गेट खुले मंडला, डिंडौरी, जबलपुर आदि जिलों में हो रही लगातार बारिश के कारण नर्मदा नदी उफान पर आ गई है। नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और तेजी से नदी में बढ़ रहे पानी के कारण रविवार को जबलपुर में बरगी बांध के 9 गेट खोले गए हैं। बरगी बांध के गेट खोले जाने से नर्मदा का जलस्तर निचले इलाकों में और तेजी से बढ़ेगा जिसे देखते हुए जिला प्रशासन के साथ ही बरगी बांध प्रबंधन ने भी नर्मदा से सटे इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। मंडला और डिंडोरी में लगातार हो रही बारिश के कारण रविवार दोपहर को बरगी बांध के 21 में से 9 गेटों को खोल दिया गया. जिससे करीब 52 हजार क्यूसेक पानी को छोड़ा जा रहा है.बरगी डैम के नौ गेट खुलने के बाद फैमिली सहित टूरिस्ट इस विहंगम नजारे को देखने के लिए पहुंच रहे हैं और यादों को संजोने सेल्फी ले रहे हैं. टूरिस्ट पंकज पटेल ने बताया काफी दिनों से गेट खुलने का इंतजार था,       

शिवपुरी में तेज बारिश का कहर, कई गांव जलमग्न, रपटे में बाइक बही, हर्रई में पार्वती नदी का कहर

शिवपुरी  शिवपुरी में हो रही झमाझम बारिश के बाद शहरी क्षेत्र के इलाकों व कॉलोनियों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। शिवपुरी शहर के नमो नगर, कमला हेरिटेज होटल के आगे रेलवे स्टेशन रोड, यहां पास स्थित पुलिस लाइन कॉलोनी, रामबाग कॉलोनी, सर्किट हाउस रोड, पीएस होटल के पास कॉलोनी, वार्ड क्रमांक एक बछोरा, वार्ड एक में ही तुलसी कॉलोनी आदि स्थान पर जलभराव और बाढ़ जैसे हालात हैं। शनिवार को सुबह जब यहां पर लोग उठे तो बारिश के बाद जलभराव की स्थिति देख हैरान रह गए। नमोनगर में तो हालत और भी ज्यादा परेशान करने वाले हैं। यहां पर कॉलोनी में तीन से चार फिट पानी ऊपर तक रहा। रात को तीन से चार घंटे तक तेज बारिश हुई इसके कारण यह स्थिति बनी। नालों पर अतिक्रमण शिवपुरी शहर में पानी निकासी के लिए बनाए गए नालों पर अतिक्रमण किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है। शहर में अतिक्रमण की चपेट में आए नालों पर पानी निकलने के कोई साधन नहीं है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के आसपास के खेतों में अवैध कॉलोनी काटने के कारण लोग बारिश के बाद परेशानी के हालात में पहुंच गए हैं। जिला प्रशासन की नगर पालिका और अन्य प्रशासनिक अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांवों में भी भरा पानी शिवपुरी जिले में दो दिन से हो रही बारिश के बाद ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए। जिले के बैराढ़, कोलारस, बदरवास आदि स्थानों पर भी गई गांव पानी से लबालब हो गए। जिले के कोलारस जनपद के लुकवासा से सेवन बसाई सोनपुरा होते हुए राजस्थान बॉर्डर तक जोड़ने वाली सड़क पानी में डूब गई। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर रोड तो बनाई लेकिन विभाग पुल बनना भूल गया। इसके कारण 15 से 20 गांवों के लोग परेशान हैं। ग्रामीण जोखिमपूर्ण तरीके से पानी से भरी पुलिया से टैक्टर निकाल रहा है। वहीं जिले के बैराड़ के ग्राम जोराई में बाढ़ जैसे हालात बन गए यहां पर एक गाड़ी पानी में डूब गई। वहीं कुंवरपुर गांव में भी नाले पर पानी का बहाव तेज देखा गया। सिंध नदी उफान पर है वहीं दूसरी ओर जिले से निकली सिंध नदी उफान पर है। जिले के कोलारस, बदरवास व देहरदा सहित अन्य इलाकों में निकली सिंध नदी में बारिश के बाद पानी का लेवल बढ़ा है। इसके कारण कई जगह पर जलभराव व नालों पर रपटों पर पानी का लेवल बढ़ गया है। इसके कारण कई ग्रामों में लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।

महाकौशल में भारी बारिश का कहर, कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूलों की छुट्टी घोषित

मंडला/डिंडोरी.  मानसून के सक्रिय होने के कारण महाकौशल के जिलों में बारिश का कहर जारी है। मौसम विभाग ने महाकौशल के जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। नर्मदा सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंडला और डिंडोरी में बारिश के कारण स्कूलों में 5 जुलाई तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। नदी के पुलों में पानी होने के कारण कई जिलों के बीच सड़क संपर्क टूट गया है। बाढ़ से कई हाईवे में यातायात ठप डिंडोरी जिले के गोरखपुर कस्बे के पास सिवनी नदी का पुल डूबने से जाने के कारण जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे बंद हो गया है। खरमेर नदी के बढ़े जलस्तर के कारण अमरपुर जनपद का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर पुलिसकर्मी तैनात किया गया है। थावर नदी उफान पर है और पानी पुल के उपर पहुंच गया है। जिससे कारण पिंडरई से केवलारी मार्ग पर आवागमन बंद है। जिला अस्पताल और घर में घुसा पानी बारिश के कारण शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गयी है। बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। अस्पताल परिसर में घुटने तक पानी भरने से परेशानी हो रही है। नगर पालिका कर्मचारी जेसीबी मशीन का उपयोग कर पानी निकाल रहे हैं। औसत से दोगुनी बारिश मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में 118.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। डिंडौरी में सर्वाधिक 34.2 मिलीमीटर और समनापुर में न्यूनतम 1.4 मिलीमीटर वर्षा हुई। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दोगुनी बारिश हुई है। इस साल बारिष का आंकडा 1633 मिलीमीटर पहुंच गया है। पिछले वर्ष आज के दिन तक बारिष का आंकडा आंकड़ा 822 मिलीमीटर था। बारिश से जनजीवन प्रभावित जबलपुर-मंडला में बारिश के कहर से लोगों को जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जिले के कई गांव में पानी भरने के कारण लोग वोट के माध्यम से सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया गया। नदियों के पुल में पानी होने कारण कई मार्ग में आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। 250 ग्रामीण को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जिला पंचायत मंडला के सीईओ श्रेयांस कुमट ने बताया कि गांवों में बारिश का भारी भर पर ग्रामीणों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया। सुरक्षा की दृष्टि से दस गांव के ढाई सौ से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान में पहुंच गया है। लोगों के लिए पंचायत भवन में पुनर्वास केन्द्र बनाये गये थे। प्रशासन के दौरान उनके भोजन की व्यवस्था की गई। इसके अलावा तीन स्थानों में वोट के माध्यम से रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित स्थान में पहुंचाया गया। कागज की तरह बहे ट्रक जिले की कई छोटी नदियों और नालों का पानी पुलिया पुल के ऊपर पहुंच गया था। सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे स्थानों पर यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके अलावा बैरिकेट लगाते हुए प्रशासन और पुलिस के कर्मचारियों को तैनात किया गया था। जिले में भारी बारिश के चलते बरेला-पड़रिया रोड पर सलैया गांव के पास हिरन नदी की बाढ़ में गैस सिलेंडर से भरा ट्रक और भूसे से भरा ट्रक बह गए। सड़क के नीचे से बह गयी जमीन सीईओ ने बताया कि निवास-मार्ग में बारिश के कारण सड़क के नीचे की जमीन बह गयी थी। जिसके कारण की-रिंग जैसी स्थिति निर्मित हो गयी थी। सुरक्षा की दृष्टि से उक्त मार्ग में यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया था। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने जाकर सड़क का निरीक्षण किया गया। सड़क के मरम्मत का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा।