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मध्यप्रदेश में झमाझम बारिश का दौर, कई जिलों में रिकॉर्ड टूटा; ग्वालियर-मुरैना में अलर्ट जारी

 भोपाल  मध्यप्रदेश में इस समय मानसून की सक्रियता कम हो गई है। फिलहाल प्रदेश में कोई प्रभावी मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिससे ज्यादातर जिलों में तेज बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, लोकल वेदर सिस्टम के कारण कुछ इलाकों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में अगले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश की संभावना जताई जा रही है। मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में 28.6 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक सामान्य से 47 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है। यह कोटे का 77% है। पूर्वी हिस्से में बादल जमकर बरसे हैं। हालांकि, अगले 4 दिन तक प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव नहीं है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना जिलों में अगले 24 घंटे में भारी बारिश (Heavy Rainfall Alert) हो सकती है। वहीं रीवा और सतना में सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात को तेज वर्षा के आसार हैं। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय देश के उत्तरी हिस्सों में मानसून की प्रमुख प्रणाली सक्रिय है, जिससे मध्यप्रदेश में इसका असर सीमित हो गया है। इस कारण प्रदेश के कई जिलों में बारिश की तीव्रता कम है। मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह में तेज बारिश का दौर शुरू होगा, जो आखिरी तक चलेगा। ऐसे में बारिश का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा। हालांकि, अब तक ग्वालियर समेत 9 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों की तस्वीर बेहतर नहीं है। मंगलवार को ग्वालियर, मुरैना और भिंड में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। वहीं, भोपाल में सुबह से धूप खिली है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 51% और पश्चिमी हिस्से यानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 43% बारिश अधिक हुई है। सोमवार को दिनभर के दौरान प्रदेश के कुछ शहरों में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। दतिया में 14 मिमी, खजुराहो में 5 मिमी, नौगांव में 3 मिमी, इंदौर में 1 मिमी, उज्जैन में 0.4 मिमी, रीवा और सतना में 1-1 मिमी और सिवनी में 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। कम बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में भी हल्की वृद्धि देखी जा रही है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान कुछ इस प्रकार रहा-     भोपाल: अधिकतम 31.0°C, न्यूनतम 24.2°C     इंदौर: अधिकतम 30.2°C, न्यूनतम 21.7°C     ग्वालियर: अधिकतम 31.2°C, न्यूनतम 26.4°C     जबलपुर: अधिकतम 32.8°C, न्यूनतम 24.4°C अगले 24 घंटे विशेष रूप से ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना के लिए अहम माने जा रहे हैं। इन जिलों के नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जिन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहां प्रशासन ने भी निगरानी बढ़ा दी है। एमपी में बाढ़ से 2 माह में 275 मौतें पूरे मध्यप्रदेश की बात करें तो बाढ़ के दौरान हुए हादसों में 275 लोगों की जान जा चुकी है। मानसून की आमद के बाद से जून और जुलाई के ये आंकड़े सरकार ने खुद विधानसभा में बताए हैं। 1657 पशुओं की भी मौत हुई है। बारिश के चलते ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (RRDA) की 254 से अधिक सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। 293 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए जबकि 3 हजार 687 मकानों में आंशिक नुकसान हुआ है। कुल 3980 मकानों को नुकसान पहुंचा है। पिछले सप्ताह बने थे बाढ़ के हालात पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने थे। खासकर पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा नदी ने विकराल रूप ले लिया था। खेत-मंदिर और पुल डूब गए थे। वहीं, डैम ओवरफ्लो हो गए थे। उत्तर प्रदेश में यमुना नदी के उफान पर आने से चित्रकूट में कई दुकानों में पानी भर गया था। गुना में सबसे ज्यादा 45 इंच पानी गिरा इस बार सबसे ज्यादा पानी गुना में गिरा है। यहां 45.8 इंच बारिश हो चुकी है। निवाड़ी में 45.1 इंच, मंडला-टीकमगढ़ में 44 इंच और अशोकनगर में 42 इंच के करीब बारिश हो चुकी है।  

मध्यप्रदेश में फिर बरसेगा बादल: 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, राजधानी में भी हल्की बूंदाबांदी के संकेत

भोपाल  मध्य प्रदेश में 6 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। खास करके अगले 48 घंटों के लिए ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। भोपाल-इंदौर समेत एक दर्जन जिलों में बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा। 1 जून से 2 अगस्त तक औसत से 52% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी में औसत से 56% अधिक और पश्चिमी में औसत से 49% अधिक वर्षा हुई है।अब तक औसत 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। आज रविवार को इन जिलों में बारिश का अलर्ट     ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में भारी बारिश     अशोकनगर, गुना,रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, पन्ना में हल्की से मध्यम हालांकि, दो दिन तक उत्तरी हिस्से में तेज बारिश हो सकती है। इससे पहले टीकमगढ़, गुना, नर्मदापुरम, छतरपुर के नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सीधी, उमरिया समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर चला। टीकमगढ़ में आधा इंच से ज्यादा पानी गिर गया। पिछले सप्ताह बने थे बाढ़ के हालात पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने थे। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया। खेत-मंदिर और पुल डूब गए। दो दिन से बारिश थमी रही, लेकिन नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, डैम ओवरफ्लो है। इनके गेट खोले गए। 1 जून से 1 अगस्त तक कहां कितनी हुई वर्षा     मध्य प्रदेश में 1 जून से 2 अगस्त तक दीर्घावधि औसत से 52% अधिक वर्षा हुई है। इसमें पूर्वी मध्य प्रदेशऔसत से 56% अधिक और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 49% अधिक वर्षा हुई है।अब तक औसत 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है।     प्रदेश के ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। यहां सामान्य से 50% तक ज्यादा पानी गिर चुका है।इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, भोपाल, बुरहानपुर, जबलपुर और आगर-मालवा अभी भी कम पानी गिरा है। इंदौर और उज्जैन संभाग में कम ही वर्षा हुई है। एक्टिव सिस्टम और साइक्लोनिक दबाव वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन प्रदेश के उत्तर हिस्से को प्रभावित कर रही है। नतीजा ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में अगले दो दिन तक बारिश रुकने वाली नहीं है। (MP Weather) भोपाल में फिलहाल राहत, लेकिन जल्द एक्टिव होगा मानसून राजधानी में बारिश थमी जरूर है, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि नए सिस्टम के असर से यहां भी बारिश लौटेगी। अरेरा हिल्स और कोलार में पुराने शहर के मुकाबले चार इंच ज्यादा पानी गिरा है। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसत से 52% ज्यादा बारिश हो चुकी है। भोपाल में सीजन का कोटा आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है अब तक 700.1 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य 548.4 मिमी होती है। (MP Weather Update)

3-4 अगस्त को एमपी में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में हल्की बारिश का पूर्वानुमान

भोपाल  मध्यप्रदेश में बीते एक सप्ताह से हो रही झमाझम बारिश के बाद शुक्रवार को लोगों ने राहत की सांस ली। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में दोपहर के समय सूरज धूप खिली। लोगों को लंबे समय से जारी वर्षा से कुछ राहत मिली है। शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा, लेकिन मौसम विभाग की माने तो 3 और 4 अगस्त को मध्यप्रदेश में एक बार फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञान के मुताबिक, मानसून द्रोणिका फिलहाल एमपी के सीधी जिले से होकर गुजर रही है। 24 घंटे बाद सिस्टम का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज बारिश(Heavy Rain Alert) हो सकती है। लोकल वेदर सिस्टम की वजह से कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश गिर सकती हैं। इस दौरान अधिकांश जिलों में धूप और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा। पिछले 24 घंटों में सीधी, नरसिंहपुर और मलाजखंड में एक से दो सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहा। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अभी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ प्रदेश के ऊपर है। 24 घंटे बाद सिस्टम का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में देखने को मिल सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज बारिश हो सकती है। इससे पहले शुक्रवार को भी भारी बारिश का दौर थमा रहा। ग्वालियर, गुना, श्योपुर, दमोह, मंडला और उमरिया में हल्की बारिश हुई। भिंड के बाढ़ग्रस्त गांव से बीमार बुजुर्ग का रेस्क्यू बारिश के कारण भिंड जिले में शुक्रवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। सिंध और चंबल नदियां खतरे के निशान से 6 से 7 मीटर ऊपर बही। जिससे कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया। शुक्रवार को बाढ़ग्रस्त मुसावली गांव से एक बीमार बुजुर्ग की सूचना मिलते ही NDRF की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। टीम ने बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकालकर चिकित्सालय पहुंचाया। बचाव कार्य के दौरान भारौली थाना प्रभारी गिरीश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में NDRF की टीमें तैनात कर दी हैं। टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी रख रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बचाव कार्य कर रही हैं। 3 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 3 अगस्त को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, निवाड़ी और टीकमगड़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बाकी जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 4 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त को ग्वालियर, दतिया और मुरैना में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट(Heavy Rain Alert) है जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। श्योपुर, निवाड़ी, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर और छतरपुर में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बाकी बचे जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इंदौर: मानसून के 2 माह में बारिश 32% कम मानसून के दो माह (जून-जुलाई) में इंदौर में 32 फीसदी कम बारिश हुई है। जुलाई में शुरू के दो सप्ताह में लोकल सिस्टम सरि य नहीं होने से बादल कम बरसे। जिले में दो माह में 11 इंच बारिश हुई है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक यह आंकड़ा 16 इंच था। 1 जून से 30 सितंबर तक जिले में बारिश का औसत 38 इंच है, लेकिन दो माह में औसत की 29% बारिश ही हुई। अब दो माह में 62% पानी बरसने पर ही औसत पूरा होगा। मौसम विभाग भोपाल की वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सुरेंद्रन ने बताया, अगस्त में बारिश के साथ दिन-रात के तापमान में जुलाई की अपेक्षा कमी रहेगी। ग्वालियरः बारिश में 18 लोगों की मौत, 800 कच्चे व पुराने घर गिरे ग्वालियर मानसून की बारिश से इस बार शहर सहित जिले में जनजीवन प्रभावित हो गया। मानसून जनजीवन पर भारी पड़ा है। आसमानी बिजली व कच्चे पक्के घर, पानी में डूबने से इस बार 18 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, वहीं 30 पशुओं की भी मौत हुई और 800 कच्चे व पक्के घर ढह गए। प्रशासन ने बारिश से हुई जनहानि व नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। शंकरपुर में तेज आंधी की वजह से टीन शेड उड़ गया। इसकी चपेट में आकर चार लोगों की मौत हो गई। तीन लोगों की मौत मकान ढह जाने से हुई है। पिछले सप्ताह कुछ जिलों में बाढ़ के हालात बने पिछले सप्ताह प्रदेश में बाढ़ के हालात बने। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया। खेत-मंदिर और पुल डूब गए। दो दिन से बारिश थमी रही, लेकिन नर्मदा नदी उफान पर है। वहीं, डैम ओवरफ्लो है। इनके गेट खोले गए।

बारिश का सिलसिला जारी रहेगा! अगले दो महीने तक कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश जैसे इलाकों में इस साल मॉनसून में अब तक अच्छी बारिश हुई है। गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के तमाम इलाकों में इस साल अच्छी बारिश हुई है। कई मोहल्ले और सोसायटियों में तो लगातार पानी भरने की शिकायतें आती रहती हैं। इस बीच मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त और सितंबर में भी सामान्य से अधिक बारिश होगी। इसका अर्थ है कि दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा समेत समूचे उत्तर भारत को अधिक बारिश के लिए पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए। मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त में सामान्य बारिश रहेगी। इसके अलावा सितंबर में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान है। इस तरह लॉन्च पीरियड एवरेज को देखें तो दो महीने में 106 फीसदी बारिश होगी, जो सामान्य से 6 फीसदी अधिक है। हालांकि ऐसा देश के सभी हिस्सों में नहीं होगा। इस साल उत्तर पश्चिम भारत यानी यूपी, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब और उत्तराखंड में अच्छी बारिश होगी। इसके अलावा पूर्वी भारत, मध्य भारत और पश्चिमी भारत के ज्यादातर राज्यों में बारिश सामान्य से कम रहेगी। महत्वपूर्ण तथ्य है कि इस साल बिहार, बंगाल और ओडिशा में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। आमतौर पर उत्तर बिहार में अच्छी बारिश होती रही है। इस बीच मौसम विभाग ने ब्लॉक स्तर पर भी बारिश का अनुमान जताने की व्यवस्था की है। पूरे देश के 7,200 ब्लॉकों का मौसम कैसा रहेगा, कब बारिश होगी और कब आसमान साफ रहेगा, यह पूरी जानकारी दी जाएगी। इसकी व्यवस्था ब्लॉक-वाइज रेनफॉल मॉनिटरिंग स्कीम (BRMS) के माध्यम से की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इसके जरिए रियलटाइम जानकारी मिलेगी। अब तक मौसम विभाग की ओर से जिलावार जानकारी ही दी जाती थी। माना जा रहा है कि अब मौसम विभाग का अनुमान अधिक सटीक हो सकेगा। अब ब्लॉक स्तर पर मौसम का आएगा अनुमान आमतौर पर जिला स्तर के अनुमान में किसी एक हिस्से में बारिश होती थी और कहीं नहीं होती थी। इसे लोग मौसम विभाग के अनुमान से जोड़ते थे कि वह गलत साबित हुआ। अब ब्लॉक लेवल पर अनुमान दिया जाएगा। मौसम विभाग ने जून और जुलाई की मॉनसून बारिश का भी आंकड़ा दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि जून और जुलाई में ज्यादातर राज्यों में सरप्लस बारिश हुई है, लेकिन मध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत के कई राज्यों में अनुमान से कम बारिश हुई है।

मौसम अपडेट: एमपी में भारी बारिश से राहत, कुछ इलाकों में हल्की फुहारें; रायसेन अभी भी प्रभावित

भोपाल  मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में 28 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे की 74 प्रतिशत है। पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। इस वजह से बाढ़ के हालात भी बन गए। हालांकि, अब भारी बारिश का दौर थम गया है।  इससे पहले गुरुवार को 15 से अधिक जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। इनमें भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, दमोह, जबलपुर, मंडला, रीवा, बालाघाट, शाजापुर, सीहोर, देवास शामिल हैं।कहीं भी अति भारी या भारी बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का दौर रह सकता है। कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। पूर्वी हिस्से में ज्यादा गिरा पानी मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी हिस्से में अब तक 62 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 55 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया, खेत-मंदिर और पुल डूब गए     पिछले दो से तीन दिन तक रायसेन जिले में अति भारी बारिश का दौर रहा। गुरुवार को बारिश थमी, लेकिन हालात गंभीर नजर आए। बेतवा नदी ने विशाल रूप ले लिया। आसपास के खेत, मंदिर और पुल डूब गए। हर तरफ सिर्फ पानी ही नजर आया।     श्योपुर में पार्वती नदी की बाढ़ में बहे चाचा-भतीजे के शव खेत में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। शिवपुरी में माधव टाइगर रिजर्व की सांख्य सागर झील ओवरफ्लो हो गई। सागर के देवरीकलां में संजय नगर स्थित रामघाट नाले में एक महिला बह गई। एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम पहुंची, जो सर्चिंग करती रही। वंदना साहू मंगलवार को सुबह 9 बजे नाग पंचमी पर रामघाट मंदिर में पूजन करके घर लौट रही थी। पुल पर से गुजरने के दौरान पानी के तेज बहाव में बह गई थी।     खंडवा में इंदिरा सागर बांध के 12 गेटों से पानी छोड़ा गया। इनमें 8 गेट 4 मीटर और 4 गेट साढ़े तीन मीटर तक खोले गए। पावर स्टेशन पर पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इसके चलते नर्मदा में बाढ़ के हालात हैं।     खंडवा के मोरटक्का में प्राचीन जाबरेश्वर महादेव मंदिर में पानी पहुंच गया। लोगों का कहना है कि बरसों से देखते आ रहे हैं कि नर्मदा मैया हर साल जबरेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने आती हैं। अभी भारी बारिश का अलर्ट नहीं सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि गुरुवार को कुछ जिलों में बारिश का दौर रहा, लेकिन अगले चार दिन तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। सिस्टम एक्टिव होने के बाद फिर से तेज बारिश का दौर चलेगा।

कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश

डबरा के नंदू का डेरा से 50 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थलों पर पहुँचाया अतिवृष्टि से हुए जल भराव वाली बसाहटों के लिये पर्याप्त राहत शिविर बनाए कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश बड़ेरा गाँव के नजदीक स्टॉप डैम पर पैर फिसलने से पानी में बहे प्रीतम की तलाश में जुटी टीम ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी डबरा  ग्वालियर जिले में अतिवृष्टि से हुए जल भराव से प्रभावित गाँवों के लोगों के लिये एहतियात बतौर पर्याप्त राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। साथ ही जहाँ पर अत्यधिक जल भराव हुआ है वहाँ के लोगों को जिला प्रशासन की टीमों द्वारा एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम को जल प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल नजदीकी राहत शिविर में आश्रय दिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल व प्राथमिक चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम रखने के भी निर्देश दिए। शनिवार को डबरा विकासखंड के ग्राम नंदू का डेरा में अत्यधिक जल भराव होने की सूचना मिलने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कार्रवाई की गई। ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन कर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। एसडीएम दिव्यांशु चौधरी ने बताया कि नंदू का डेरा से एसडीआरएफ की मदद से 50 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 23 लोगों को डबरा के कम्युनिटी हॉल व रैन बसेरा में बनाए गए राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। ग्राम खेड़ीरायमल के लोगों को एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू कर ग्राम पंचायत खेड़ी रायमल के पंचायत भवन में बनाए गए राहत शिविर में पहुँचाया गया है। जिले के मुरार विकासखंड के अंतर्गत ग्राम टिहौली के पीछे स्थित बड़ेरा निवासी 55 वर्षीय प्रीतम सिंह कुशवाह के बैसली नदी पर बने रपटे को पार करते समय पैर फिसलने से बहने की सूचना मिलने पर एसडीएम ग्वालियर ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी बचाव टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। एसडीआरएफ की टीम प्रीतम कुशवाह को खोजने में लगी है। एसडीएम त्रिपाठी ने बताया कि मदद के लिये एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया है। उन्होंने बताया कि मुरार विकासखंड के अंतर्गत हस्तिनापुर व बेहट में विशेष राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। अन्य स्थलों पर भी एहतियात बतौर राहत शिविर स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं। एसडीएम भितरवार संजीव जैन ने बताया कि भितरवार क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा को ध्यान में रखकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। निचले क्षेत्रों में स्थित जिन पुल-पुलियों पर पानी बढ़ा है उनको बैरीकेट्स लगाकर आवागमन के लिये बंद कर दिया गया है। छीमक–भितरवार मार्ग व देवरा – भानगढ़ पुल पर पानी बढ़ने से आवागमन के लिये बंद करा दिया गया है। इसी तरह क्षेत्र के अन्य पुल-पुलियों पर भी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निचले क्षेत्र के गाँवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर दिया गया है। जैन ने बताया कि एहतियात बतौर भितरवार नगर में पाँच राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। जिले की हर ग्राम पंचायत के अंतर्गत पंचायत भवन व स्कूलों को जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों के लिये चिन्हित कर आवश्यक इंतजाम कराए गए हैं। 

कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश

डबरा के नंदू का डेरा से 50 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थलों पर पहुँचाया अतिवृष्टि से हुए जल भराव वाली बसाहटों के लिये पर्याप्त राहत शिविर बनाए कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी एसडीएम को 24 घंटे टीमों को सतर्क रखने के दिए निर्देश बड़ेरा गाँव के नजदीक स्टॉप डैम पर पैर फिसलने से पानी में बहे प्रीतम की तलाश में जुटी टीम ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी डबरा  ग्वालियर जिले में अतिवृष्टि से हुए जल भराव से प्रभावित गाँवों के लोगों के लिये एहतियात बतौर पर्याप्त राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। साथ ही जहाँ पर अत्यधिक जल भराव हुआ है वहाँ के लोगों को जिला प्रशासन की टीमों द्वारा एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम को जल प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल नजदीकी राहत शिविर में आश्रय दिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल व प्राथमिक चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम रखने के भी निर्देश दिए। शनिवार को डबरा विकासखंड के ग्राम नंदू का डेरा में अत्यधिक जल भराव होने की सूचना मिलने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कार्रवाई की गई। ग्राम खेड़ीरायमल में भी रेस्क्यू ऑपरेशन कर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। एसडीएम दिव्यांशु चौधरी ने बताया कि नंदू का डेरा से एसडीआरएफ की मदद से 50 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 23 लोगों को डबरा के कम्युनिटी हॉल व रैन बसेरा में बनाए गए राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। ग्राम खेड़ीरायमल के लोगों को एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू कर ग्राम पंचायत खेड़ी रायमल के पंचायत भवन में बनाए गए राहत शिविर में पहुँचाया गया है। जिले के मुरार विकासखंड के अंतर्गत ग्राम टिहौली के पीछे स्थित बड़ेरा निवासी 55 वर्षीय प्रीतम सिंह कुशवाह के बैसली नदी पर बने रपटे को पार करते समय पैर फिसलने से बहने की सूचना मिलने पर एसडीएम ग्वालियर ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी बचाव टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। एसडीआरएफ की टीम प्रीतम कुशवाह को खोजने में लगी है। एसडीएम त्रिपाठी ने बताया कि मदद के लिये एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया है। उन्होंने बताया कि मुरार विकासखंड के अंतर्गत हस्तिनापुर व बेहट में विशेष राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। अन्य स्थलों पर भी एहतियात बतौर राहत शिविर स्थल चिन्हित कर लिए गए हैं। एसडीएम भितरवार संजीव जैन ने बताया कि भितरवार क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा को ध्यान में रखकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। निचले क्षेत्रों में स्थित जिन पुल-पुलियों पर पानी बढ़ा है उनको बैरीकेट्स लगाकर आवागमन के लिये बंद कर दिया गया है। छीमक–भितरवार मार्ग व देवरा – भानगढ़ पुल पर पानी बढ़ने से आवागमन के लिये बंद करा दिया गया है। इसी तरह क्षेत्र के अन्य पुल-पुलियों पर भी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। निचले क्षेत्र के गाँवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर दिया गया है। जैन ने बताया कि एहतियात बतौर भितरवार नगर में पाँच राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। जिले की हर ग्राम पंचायत के अंतर्गत पंचायत भवन व स्कूलों को जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों के लिये चिन्हित कर आवश्यक इंतजाम कराए गए हैं। 

मध्य प्रदेश में भारी बारिश के चलते खुले बरगी, सतपुड़ा और तवा डैम के गेट तो सुनामी सा दिखा नजारा

भोपाल मध्य प्रदेश में फिर से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है. साइक्लोन सर्कुलेशन, ट्रफ, डिप्रेशन और लो प्रेशर एरिया बनने की वजह से प्रदेश में अगले 2 दिनों तक मानसून का सिस्टम स्ट्रांग है. मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है. साथ ही शनिवार को 27 जिलों में बाढ़ का खतरा होने की चेतावनी भी जारी की है. प्रदेश में अब तक दीर्घावधि बारिश का 49 प्रतिशत कोटा पूरा हो गया है. तवा, बरगी, हरसी, बारना और पगरा समेत 60 प्रतिशत डैम भी फुल हो चुके हैं. 10 से अधिक डैमों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. तवा समेत इन डैम के गेट खोले गए नर्मदापुरम में तवा डैम का जलस्तर बढ़ने पर इसके 7 गेट खोले गए हैं. जबकि जबलपुर के बरगी और रायसेन बारना डैम के भी गेट खोले गए. इसके साथ ही सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोले गए, मुरैना के पगारा गेट का जलस्तर खतरे के निशान तक पहंचते ही उसके भी 6 गेट ऑटोमैटिक खुल गए. वहीं श्योपुर के औदा डैम, रायसेन के दाहोद टैंक, गुना का गोपीकृष्ण सागर, ग्वालियर का हरसी डैम, ग्वालियर का काकेता डैम, मुरैना का कोतवाल टैंक और शिवपुरी के महुआ डैम समेत अन्य जलाशय लबालब हो चुके हैं. नर्मदापुरम में तवा डैम के 7 गेट 10-10 फीट तक खोले गए हैं। वहीं, बैतूल में सतपुड़ा डैम के 7 गेट 8-8 फीट तक खोले गए हैं। बरगी और बारना डैम के भी गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। मंडला में सुबह 9 बजे नर्मदा नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेवल को पार कर 437.2 मीटर पहुंच गया, जिससे माहिष्मती घाट का छोटा रपटा पुल डूब गया है। ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि जलभराव के हालात बन गए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में पानी भर गया। हजीरा इलाके में पुरानी इमारत ढह गई। शनिवार को 41 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट है। सिंगरौली में स्कूलों की छुट्‌टी रहेगी। सीधी में 24 घंटे में गिरा 5 इंच पानी बंगाल की खाड़ी से उठे लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) का असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से कहीं अति भारी और कहीं भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सीधी में 9 घंटे में गिरा 4.8 इंच पानी गिर गया। वहीं, सिंगरौली में 7 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके चलते सिंगरौली के स्कूलों में शनिवार को छुट्‌टी रहेगी। डीईओ ने यह आदेश जारी किए हैं। इसी तरह पचमढ़ी में डेढ़ इंच, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा और गुना पौन इंच, सागर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, दतिया, रायसेन, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, सिंगरौली, सतना, अनूपपुर, मऊगंज, मुरैना, अशोकनगर, सीहोर, देवास, राजगढ़, शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। बाारिश के चलते जबलपुर में बरगी डैम के 7 गेट खोले गए। बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के भी 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। मुरैना जिले में पगारा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 655.88 फीट तक पहुंच गया। इसके सभी 6 ऑटोमैटिक गेट खुल गए। 30 जिलों में तेज बारिश, सिंगरौली में स्कूलों की छुट्टी शुक्रवार को भोपाल, छिंदवाड़ा, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, मंडली, सिवनी और शाजापुर समेत 30 जिलों में जोरदार बारिश हुई. सबसे अधिक बीते 24 घंटों में सिंगरौली में 7 इंच और सीधी में 4.5 इंच बारिश दर्ज की गई. तेज बारिश और जलभराव के कारण शनिवार को सिंगरौली जिले में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है. वहीं ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया. राजगढ़ में भी निचली बस्तियों में पानी भर गया. खंडवा, शाजापुर और भोपाल समेत अन्य जिलों में शुक्रवार रात से ही बारिश का दौर जारी है. अगले दो दिनों तक भारी बारिश मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल पर बना अवदाब पिछले 6 घंटों के दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. अगले 48 घंटों के दौरान इसके गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं इससे सटे उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वाेत्तर मध्यप्रदेश की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. जिससे अगले दो दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश के आसार हैं.'' दिव्या ने बताया कि, ''वर्तमान में एक मानसून द्रोणिका जम्मू, चंडीगढ़, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा, कोलकाता, तटीय पश्चिम बंगाल से अवदाब के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है." रायसेन, रीवा, सतना, पन्ना, दमोह और सागर जिले में अत्याधिक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, मैहर और पांढुर्णा में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही भोपाल, राजगढ़, हरदा, खंडवा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, टीकमगढ़, निवाडी, ग्वालियर और दतिया में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 27 जुलाई को बारिश का ऑरेंज अलर्ट अशोकनगर और शिवपुरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, मैहर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 28 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां साढ़े 4 इंच से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, सागर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा. 29 जुलाई … Read more

मध्यप्रदेश में लगातार बारिश बरगी और सतपुड़ा डैम के 7-7 गेट खोले गए

भोपाल   मध्य प्रदेश में एक बार फिर से स्ट्रांग सिस्टम  एक्टिव हो गया है, जिससे लगातार भारी बारिश का दौर चल रहा है। शुक्रवार को 19 जिलों में अति भारी औ 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इससे पहले गुरुवार को अशोकनगर, विदिशा, शिवपुरी समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात रहे। रायसेन में 2.3 इंच पानी गिरा। सिवनी में 1.6 इंच, पचमढ़ी में डेढ़ इंच, भोपाल में सवा इंच बारिश हुई। वहीं, दतिया, शिवपुरी और सागर में आधा इंच पानी गिरा। बैतूल, दतिया, नर्मदापुरम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, टीकमगढ़, उमरिया, विदिशा, बालाघाट समेत कई जिलों में बारिश हुई। शिवपुरी में अटल सागर बांध मडीखेड़ा के दो गेट खोले गए। रायसेन में बारना बांध के 4 गेट एक-एक मीटर खोलकर दस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ग्वालियर में सुबह तेज बारिश हुई। भोपाल में कभी धीमी, कभी तेज बारिश हो रही है। जबलपुर में बरगी डैम के दो गेट और खोले गए हैं। इससे पहले 5 गेट खोले गए थे। पिछले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा 3.7 इंच पानी गिर गया। रायसेन में 2.4 इंच, पचमढ़ी में 1.9 इंच, सिवनी में 1.6 इंच, भोपाल, दतिया-मलाजखंड में 1.1 इंच बारिश दर्ज की गई। छतरपुर के नौगांव और खजुराहो, नरसिंहपुर, गुना, बैतूल, सागर, जबलपुर, उमरिया, मंडला, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, दमोह, रतलाम, खरगोन, विदिशा, सीहोर, टीकमगढ़, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़ समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर रहा। आज इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जबलपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, सागर, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सागर, सीहोर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश में चार सिस्टम का असर मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में दो ट्रफ और एक दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी है। इनमें से एक मानसून ट्रफ लाइन उत्तरी हिस्से से गुजर रही है। इससे प्रदेश में तेज बारिश का दौर है। अगले चार दिन तक अति भारी बारिश का कहीं रेड, ऑरेंज तो कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट है। औसतन 21.8 इंच बारिश हुई  प्रदेश में इस सीजन में औसत 21.8 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 14.6 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.2 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 49% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 25% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। 

उत्तर प्रदेश में फिर करवट लेगा मानसून, 26 तारीख को बारिश का यलो अलर्ट

कानपुर/ मेरठ बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र और परिसंचरण से बारिश होगी। इसके लिए इंतजार करना होगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश में 25 जुलाई तक बारिश की संभावना नहीं है। शनिवार से मानसून फिर सक्रिय हो जाएगा। कानपुर समेत ज्यादातर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बारिश होगी। 26 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार के बाद से अब तक शहरी क्षेत्र में बारिश नहीं हुई है। तेज धूप और नमी के कारण उमस बढ़ गई है। शहर में अधिकतम तापमान 35.4 और न्यूनतम 26 डिग्री रहा। नमी का प्रतिशत कम होने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र 24 जुलाई तक बन जाएगा। 25 जुलाई तक अपवाद छोड़ किसी भी जनपद में बारिश की संभावना नहीं है। इस बीच उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश के दोनों संभागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन और भारी बारिश भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 23 जुलाई को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। 23 जुलाई के लिए दोनों संभागों में कोई चेतावनी नहीं दी गई है। मेरठ में 56 फीसदी पर अटका जुलाई में बारिश का ग्राफ एक हफ्ते से उमस और गर्मी से बेहाल मेरठ में जुलाई महीने में बारिश का ग्राफ 56 फीसदी पर ठिठक गया है। जुलाई बीतने में मात्र नौ दिन बाकी हैं और अगले दो-तीन दिन अच्छी बारिश की उम्मीद बेहद कम हैं। मौसम विभाग की अच्छी बारिश की भविष्यवाणी के बावजूद मेरठ सहित वेस्ट यूपी के अधिकांश हिस्से गर्मी से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग ने अब 25 जुलाई के बाद अच्छी बारिश का अनुमान लगाया है। मौसम विभाग के अनुसार मेरठ में जुलाई महीने में औसत बारिश 226.4 मिमी है और 22 जुलाई तक 128.1 मिमी बारिश हो चुकी है। औसत बारिश के सापेक्ष यह आंकड़ा 56.6 फीसदी है जो बीते एक हफ्ते से इसी स्तर पर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 24 जुलाई तक वेस्ट यूपी के अधिकांश हिस्सों में छुटपुट बौछारों को छोड़कर अच्छी बारिश के आसार नहीं हैं। बारिश में कमी से किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। वहीं, मंगलवार दिन-रात का तापमान क्रमश: 34.5 एवं 26.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। सोमवार के सापेक्ष दिन में 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई जबकि रात में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट। मेरठ का एक्यूआई 59 दर्ज हुआ जो संतोषजनक श्रेणी में है।