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रायपुर : प्रदेश में अब तक 832.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 832.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1256.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 411.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 701.5 मि.मी., बलौदाबाजार में 607.2 मि.मी., गरियाबंद में 704.6 मि.मी., महासमुंद में 626.8 मि.मी. और धमतरी में 718.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 822.6 मि.मी., मुंगेली में 803.5 मि.मी., रायगढ़ में 1014.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 695.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1012.6 मि.मी., सक्ती में 891.6 मि.मी., कोरबा में 835.6 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 842.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 660.1 मि.मी., कबीरधाम में 586.7 मि.मी., राजनांदगांव में 752.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1060.7 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 616.5 मि.मी. और बालोद में 882.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 613.0 मि.मी., सूरजपुर में 945.1 मि.मी., जशपुर में 860.9 मि.मी., कोरिया में 976.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 868.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1106.6 मि.मी., कोंडागांव में 755.5 मि.मी., कांकेर में 960.4 मि.मी., नारायणपुर में 984.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1041.1 मि.मी., सुकमा में 790.7 मि.मी. और बीजापुर में 1056.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। 

मनाली में बाढ़ का कहर, कुल्लू-मनाली-लेह NH-3 यातायात के लिए बंद

मनाली.  हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर चलातार जारी है. मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट के बाद मनाली में बीती रात को भारी बारिश हुई और अब भी जारी है. ऐसे में ब्यास नदी चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर बहने लगी थी. बीती रात को लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ब्यास नदी का पानी आलू ग्राउंड तक सड़क पर आ गया और आलू ग्राउंड, वॉल्वो बस स्टैंड, ग्रीन टैक्स बैरियर डूब गए. मनाली में प्रशासन ने मंगलवार के लिए स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला लिया है. उधर, बाहंग क्षेत्र के किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है. उधर, मनाली के बाहंग में कुछ दुकानें, और शेरे-ए-पंजाब होटल और घर नदी में बह गया है. बीती रात को ब्यास नदी के ऊफान में कैफे का केवल गेट ही बचा, बाकी सामान सहित सब कुछ बह गया. इसके साथ में शेड्स भी नदी में बह गए हैं. जानकारी के अनुसार, रात को आलू ग्राउंड में सब्ज़ी मंडी किसान भवन (एपीएमसी बिल्डिंग) में एपीएमसी का एक कर्मचारी दीप चंद (36, निवासी कटराई, कुल्लू भवन में फंस गया था. ब्यास नदी का पानी भवन के दोनों ओर भर गया, जिससे वह बाहर नहीं निकल पाया और बाद में पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. फिर हाइड्रा क्रेन और स्थानीय कर्मचारियों की मदद से दीप चंद को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसी बीच मनाली-केलांग-लेह मार्ग पर समाहन के पास सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है. भूस्खलन और कटाव से कई जगहों पर यातायात बाधित हुआ है. प्रशासन ने कहा कि हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है और प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है. मनाली में ब्यास नदी की तबाही से लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं प्रशासन ने अपील की है कि लोग नदी किनारे न जाएं और सावधानी बरतें. मनाली में होटल में फंसे ओम ठाकुर ने बताया कि वह टूअर लेकर स्पीति गए थे और फिर लौटते हुए तीन दिन से मनाली में फंसे हुए हैं. बीती रात से ही मनाली में बारिश हो रही है और ब्यास नदी पूरे ऊफान पर है. उधर, मनाली में ब्यास नदी के उफान और लगातार भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. मनाली–कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3) ढँकार के पास क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. वहीं मनाली से कुल्लू तक राइट बैंक मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही रुक गई है. प्रशासन ने वाहनों को रायसन से लेफ्ट बैंक मार्ग होकर मनाली की ओर भेजना शुरू किया है, ताकि लोगों को राहत मिल सके. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से मनाली के कई इलाक़ों में भूस्खलन और जलभराव की घटनाएँ सामने आई हैं. कई जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. पूर्व मंत्री और विधायक गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते मनाली लेह सड़क समाहण के पास पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है. वहीं, ओल्ड मनाली से बुरुआ सड़क संपर्क मार्ग भी टूट चुका है. अभी मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ स्थिति का जायजा लिया।व्यास नदी और मनालसु नाले का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ हुआ है. मेरी सभी लोगों से अपील है कि नदी-नालों के पास न जाएं और पूरी सतर्कता बरतें. माता हिडिंबा सबकी रक्षा करें. पानी की सप्लाई व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित मनाली में पानी की सप्लाई व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. नगर का मेन डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके कारण मनाली शहर में पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी. प्रशासन ने जानकारी दी है कि बहाल करने का काम तभी शुरू किया जाएगा जब मनालसु नाले का जलस्तर कम होगा. पुरानी मनाली पंपिंग स्टेशन पर हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है. जल विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पानी का इस्तेमाल बेहद सावधानी और संयम के साथ करें, ताकि इस आपात स्थिति से निपटा जा सके. 2023 की याद दिलाने लगी ब्यास गौरतलब है कि 2023 में भी मनाली में भंयकर बारिश हुई थी और इस वजह से ब्यास नदी हाईवे पर आ गई थी. इस दौरान कुल्लू से मनाली तक ब्यास ने हाईवे को क्षति पहुंचाई थी.

मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी, जबलपुर-सागर समेत 22 जिलों में गिरेगा पानी, कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी

भोपाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से 28 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। अगले 48 घंटों में ग्वालियर, चंबल, सागर, उज्जैन एवं नर्मदापुरम संभाग में मौसम बदला रहेगा।आज सोमवार को 22 जिलों भारी से अति बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी जिलों में बिजली गिरने चमकने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। भिंड, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर और शिवपुरी में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। बता दे कि मध्य प्रदेश में इस सीजन में अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है यानि 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95% तक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने भोपाल-उज्जैन, जबलपुर-सागर समेत कुल 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में भारी बारिश होने का अनुमान है। इंदौर, भोपाल समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। सोमवार को एक्टिव होगा नया वेदर सिस्टम     उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। इससे जुड़ा ऊपरी वायु परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊँचाई के साथ दक्षिण की ओर झुक रहा है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर- पश्चिम की ओर बढ़ने और उसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।     वर्तमान में मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, पुरुलिया, दीघा और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। पश्चिमी विक्षोभ माध्य समुद्र तल से 3.। और 9.6 किमी ऊपर एक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है, जिसकी धुरी औसत समुद्र तल से 3. किमी ऊपर देशांतर 70* पूर्व से अक्षींश 28* उत्तर के उत्तर तक बनी हुई है।     एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रो में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है और ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झक रहा है। अगले 48 घंटों के दौरान ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से ट्रर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है जिससे मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। उमरिया में सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश प्रदेश में रविवार को 30 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश उमरिया में हुई। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़,विदिशा, देवास, इंदौर, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, सागर, हरदा, मंडला, मुरैना, श्योपुर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, बालाघाट समेत कई जिलों में भी हल्की बारिश जारी रही। श्योपुर में गर्भवती को बोट से अस्पताल ले गए श्योपुर में गर्भवती महिला को बोट से अस्पताल भिजवाया गया। वहीं, सतना में निचली बस्तियों में पानी भर गया। तेज बारिश होने से नर्मदापुरम जिले के तवा डैम के गेट 5 फीट तक खोले गए। सिस्टम की एक्टिविटी से बारिश मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि रविवार को मानसून टर्फ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया की एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से उत्तरी हिस्से में तेज बारिश का दौर बना रहा। इसी प्रकार अगले 4 दिन तक कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। एमपी में अब तक 35.1 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 28.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है।

भरभराती बारिश: राजस्थान में तबाही, मुंबई की फ्लाइट्स भी प्रभावित

नई दिल्ली देश के अधिकतर राज्य इन दिनों मॉनसून के कहर से जूझ रहे हैं. पहाड़ी इलाकों से पानी नीचे आ रहा है, जो सब कुछ बहा ले जाने को तैयार है. वहीं मैदानी इलाकों की नदियां उफान पर हैं, जो बाढ़ की स्थिति पैदा कर रही हैं और सबकुछ डुबोने को तैयार हैं. पड़ोसी राज्य पाकिस्तान में भी बाढ़ के हालात हैं, जिसका असर जम्मू में देखने को मिल रहा है. जम्मू में हालात खराब जम्मू कश्मीर में बारिश और बाढ़ से नदियां उफान पर हैं. कई घर डूब गए हैं और रास्ते बंद हो गए हैं. कठुआ में हालात सबसे ज्यादा खराब है. यहां सैलाबी प्रहार से जबरदस्त तबाही मची है. महानपुर में एक पुराना प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग बारिश से बह गई. गनीमत ये है कि अब ये चालू हालात में नहीं था. हिमाचल में लैंडस्लाइड से भारी तबाही हिमाचल के अलग अलग शहरों में लैंडस्लाइड से भारी तबाही की खबर है. जगह जगह पहाड़ टूटने से सड़कों पर मलबा है. साथ ही बादल फटने से कई इलाके सैलाब की चपेट में हैं. उत्तरखंड के भी कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं. मौसम विभाग ने कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. हर्षिल में फिर भारी बारिश से तेलगाड नदी में उफान हर्षिल में फिर भारी बारिश से तेलगाड नदी उफान पर आ गई है, जिसके चलते पूरे बाजार और गांव को खाली कराया जा रहा है. भारी बारिश से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी में लगातार बड़े बोल्डर आने से भागीरथी का प्रवाह रुकने और झील का जलस्तर बढ़ने का खतरा है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से होटलों, आवासीय भवनों, जीएमवीएन गेस्ट हाउस और पुलिस थाने को खाली कराया है. पंजाब में जबरदस्त सैलाब पंजाब के भी कुछ हिस्से बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं. पठानकोट और आसपास के इलाकों में जबरदस्त सैलाब की मार है. अलग अलग जगहों पर नदियां उफान पर हैं और लोगों की जिंदगी दांव पर है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश से 14 लोगों की जान गई है. प्रदेश सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ़ से जारी आंकड़ों के अनुसार इस मॉनसून में अब तक 91 लोगों की जान गई है और 51 लोग घायल हुए हैं जबकि 40 मकान गिरे हैं. वहीं 51 पशुओं की भी मौत हो गई है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में गई14 लोगों की जान रविवार को उदयपुर के गाँव में 4 बच्चे डूब कर मर गए हैं. वहीं झालावाड़ में कालीसिंध नदी पर घूमने आए दो लोग कार समेत बह गए. नागौर में मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. डीडवाना में मकान ढहने 2 लोग दब गए, सुल्तानपुर में भी एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा बूँदी में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हुई है.  राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार इस मॉनसून में आकाशीय बिजली गिरने से 24 लोगों की मौत हुई है और 16 लोग घायल हुए हैं जबकि पानी में बहने और डूबने से 44 लोग मरे हैं. दीवार गिरन से अबतक कुल 23 लोग मरे हैं और 35 लोग घायल हुए हैं. राजस्थान में आज भी भारी बारिश का अलर्ट है. सवाई माधोपुर में बारिश के तांडव से जल प्रलय सबसे ज्यादा प्रभावित राजस्थान के सवाई माधोपुर में बारिश के तांडव से पूरे इलाके में जल प्रलय से जैसे हालात हो गए हैं. यहां सड़कें डूबी हैं. लोगों के घर-अस्पताल-दुकान-स्कूल सब पानी में समा गए हैं. सीकर में भी अलसुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. भारी बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं. सीकर में पुलिस चौकी में भी भरा पानी जगह-जगह जलभराव के चलते आमजन को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सीकर के बस डिपो स्थित पुलिस चौकी भी पूरी तरह से बारिश के पानी से भर गई. चौकी के अंदर तक पानी भर जाने के कारण वहां रखे कई जरूरी दस्तावेज भी भीग गए, जिससे पुलिस कर्मचारियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. नवसारी में तीन लोग बाढ़ में फंसे गुजरात के नवसारी में भी ऊपरी इलाके में हुई बारिश के चलते मिंढोला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे तीन लोग बाढ़ में फंस गए. 24 घंटे से लापता लोगों की सूचना मिलते ही मरोली पुलिस के जवानों और गाँव के सरपंच समेत लोगों ने ड्रोन की मदद से खोज की तो तीनों लोग पानी के बीच सुरक्षित दिखाई दिए. बचाव अभियान चलाकर नाव की मदद से तीनों लोगों को सुरक्षित निकाला. मुंबई में फिर शुरू हुई बारिश मुंबई में भी एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. लोअर परेल, गांधी मार्केट समेत कई इलाके जलमग्न हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण हवाई यातायात भी प्रभावित हो रहा है, जिससे उड़ान संचालन में मामूली देरी हो रही है. इंडिगो ने इसके लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है.    

मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे अहम, 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से मानसून सक्रिय हो गया है। मानसून की सक्रियता की वजह से कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। राजधानी भोपाल में भी सुबह से बादल छाए हुए हैं। साथ ही रात में बारिश भी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में एक मजबूत सिस्टम सक्रिय है। गुरुवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 2 से 4 इंच तक बारिश यहां हो सकती है।मप्र में अब तक औसत 32.4 इंच बारिश हो चुकी है, जो मानसूनी कोटे की 87 प्रतिशत है। प्रदेश से एक मानसून ट्रफ के गुजरने के चलते बुधवार को भी बारिश का दौर रहा। कई जिलों में पानी गिरा। वहीं, गुरुवार को कुल 12 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। इन 12 जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग ने गुरुवार को 12 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 गेटों में से 7 गेट आज भी खुले हुए हैं। कल बुधवार सुबह 6:30 बजे से डैम के 5 गेट खोले गए थे। उसके बाद 2 और गेट खोल दिए गए। रतलाम में केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना सीजन में तीसरी बार बह निकला। मंदिर परिसर में पानी ही पानी हो गया। डिंडौरी और शिवपुरी में भी सुबह से बारिश हो रही है। इससे पहले बुधवार को रतलाम, दमोह में भारी बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन समेत 30 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। जिन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश होने की संभावना है, उनमें नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर जिले शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच पानी गिर सकता है। 21 अगस्त को भारी बारिश का यलो अलर्ट मौसम विभाग की मानें तो, 21 अगस्त को एमपी के नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में भारी बारिश(Heavy Rain) का यलो अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट है। 22 और 23 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, 22 अगस्त को एमपी के नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, गुनी, शिवपुरी, श्योपुर, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिशHeavy Rain) का यलो अलर्ट है। वहीं 23 अगस्त को ग्वालियर मुरैना, श्योपुर, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश(Heavy Rain) का यलो अलर्ट जारी किया गया है। क्यों हो रही तेज बारिश? मौसम विभाग ने बताया कि इस समय मानसून ट्रफ बैतूल और मंडला से गुजर रही है. इसके अलावा, दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम का असर भी प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है. यही वजह है कि लगातार तेज बारिश का दौर जारी है. यहां हल्की बारिश की संभावना इसके अलावा, मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में अब तक औसत 32.4 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 87 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग ने 22 और 23 अगस्त को भी कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। रतलाम में सबसे अधिक बारिश वहीं, बुधवार को रतलाम में 3 इंच बारिश हुई। प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहा। रतलाम में 9 घंटे में लगभग 3 इंच बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया। दमोह में ढाई इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह इंदौर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भोपाल, नरसिंहपुर, उज्जैन, बैतूल, टीकमगढ़, छतरपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, शाजापुर, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, रीवा, सागर, सतना, सीधी, नरसिंहपुर, उमरिया, बालाघाट, राजगढ़, विदिशा, देवास में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, बैतूल और मंडला से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही, दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बने हुए हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। एमपी में झमाझम बारिश से हाल बेहाल, प्रदेश में अब तक 32.4 इंच बारिश दर्ज मौसम विभाग ने 22 और 23 अगस्त को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. राजधानी भोपाल में भी बुधवार को झमाझम बारिश देखने को मिली थी, जिससे निचली बस्तियों में पानी भर गया और जगह-जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई. प्रदेश में अब तक 32.4 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है. यह सामान्य औसत से करीब 87% है. अगर आने वाले दिनों में इसी तरह बारिश होती रही तो जल्दी ही प्रदेश का बारिश का पूरा कोटा पूरा हो जाएगा.

रायपुर : प्रदेश में अब तक 750.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 750.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1142.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 371.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।   रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 647.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 582.4 मि.मी., गरियाबंद में 642.7 मि.मी., महासमुंद में 589.4 मि.मी. और धमतरी में 647.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 736.1 मि.मी., मुंगेली में 751.7 मि.मी., रायगढ़ में 860.8 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 634.0 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 924.6 मि.मी., सक्ती में 786.0 मि.मी., कोरबा में 753.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 698.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 607.8 मि.मी., कबीरधाम में 538.8 मि.मी., राजनांदगांव में 689.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 949.4 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 538.0 मि.मी. और बालोद में 786.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 531.4 मि.मी., सूरजपुर में 870.8 मि.मी., जशपुर में 771.1 मि.मी., कोरिया में 840.0 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 754.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1003.4 मि.मी., कोंडागांव में 694.4 मि.मी., कांकेर में 867.9 मि.मी., नारायणपुर में 914.5 मि.मी., दंतेवाड़ा में 916.1 मि.मी., सुकमा में 732.9 मि.मी. और बीजापुर में 990.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

MP में बारिश का कहर: नदी के उफान से ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, युवकों का रेस्क्यू

बैतूल ग्रामीणों की मदद से सुरक्षा उपकरण और रस्सियों का इस्तेमाल कर नदी के बीच करीब 30 मीटर दूर चट्टान तक पहुंचकर तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।  ट्रैक्टर में सवार पांच लोगों में से दो युवक तैरकर बाहर निकल आए, जबकि तीन युवक ट्रैक्टर-ट्रॉली के सहारे नदी के बीच फंसे रह गए। सूचना मिलते ही थाना चोपना से पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से सुरक्षा उपकरणों और रस्सियों का उपयोग कर पुलिस टीम ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए करीब 30 मीटर दूर चट्टान तक पहुंच बनाई। साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। ग्राम गुवाड़ी निवासी सुरेश उइके, आदित्य उइके, आयुष उइके, पीयूष उइके एवं शर्मा भलावी ने पुलिस को बताया कि वे अपने पिता के सेवानिवृत्त होने पर उनका सामान सारणी से लेकर गांव लौट रहे थे। रात होने के कारण रपटे पर पानी के बहाव का अंदाजा नहीं लगा पाए और हादसे का शिकार हो गए। बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से अगस्त महीने के आखिरी दिनों में पूरा मध्यप्रदेश भीगेगा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में ज्यादा असर देखने को मिलेगा। यहां 21 अगस्त से अति भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश हो सकती है। यहां साढ़े 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इसके बाद सिस्टम और स्ट्रॉन्ग होगा। 21 और 22 अगस्त को दक्षिणी और पूर्वी हिस्सा तरबतर हो जाएगा। नदी में ट्रॉली पलटी, चट्टान में फंसे 3 युवक बैतूल के चोपना थाना क्षेत्र में भड़ंगा नदी में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे बटकीडोह-नारायणपुर के बीच भड़ंगा नदी के रपटे पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पानी के तेज बहाव में पलट गई। ट्रॉली पर सवार 5 युवकों में से 2 तैरकर बाहर निकल आए, जबकि 3 युवक नदी के बीच चट्टान पर फंस गए। सूचना मिलते ही चोपना टीआई नरेंद्र सिंह परिहार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू कराया। ग्रामीणों की मदद से सुरक्षा उपकरण और रस्सियों का इस्तेमाल कर नदी के बीच करीब 30 मीटर दूर चट्टान तक पहुंचकर तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। 

मध्य प्रदेश में बारिश का असमान बंटवारा: इंदौर संभाग में सूखा, ग्वालियर-जबलपुर में राहत

इंदौर   मध्य प्रदेश के किस जिले में अब तक सबसे ज्यादा बारिश हुई है और कहां पर सबसे कम? मानसूनी सीजन को करीब ढाई महीना बीतने को है। मध्यप्रदेश में अब तक औसत 29.3 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे की 79 प्रतिशत है। ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, जबकि इंदौर संभाग के 8 में से 6 जिलों में सूखे जैसी स्थिति है। आइए इस रिपोर्ट में देखते हैं इस मानसूनी सीजन में मध्य प्रदेश के किस जिले में कितना पानी गिरा है…. कई जिले बाढ़ की चपेट में दरअसल, जब मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दी थी, तो प्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में खूब बारिश हुई. इस दौरान  छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में भयंकर बाढ़ आ गई.  इन जिलों में बारिश का कोटा पूरा ग्वालियर-चंबल के जिलों में भी इस बार खूब बारिश हुई है. ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 में से 6 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया. मौसम विभाग के मुताबिक,   ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 10 जिले- ग्वालियर, राजगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मुरैना और श्योपुर में बारिश का कोटा पूरा हो गया है। इनमें से कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालांकि, अगस्त का पहला पखवाड़ा सूखा ही बीत रहा है। कुछ जिलों को छोड़ दें तो प्रदेश के बाकी हिस्से में तेज बारिश नहीं हुई है। दूसरे पखवाड़े में ही तेज बारिश होने के आसार है। बता दें कि प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 29.3 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 22.5 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मौसम विभाग ने अबकी बार सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इन जिलों में सूखे जैसे हालात वैसे तो इस मानसूनी सीजन में प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश हुई है. लेकिन कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां पानी का अकाल है. इंदौर संभाग के 8 में से 6 जिलों में सूखे जैसी स्थिति देखने को मिल रही है. वहीं, उज्जैन संभाग भी पिछड़ा हुआ है.  इंदौर और उज्जैन संभाग में मानसून की एक्टिविटी कम देखने को मिलीं. इसलिए इन दोनों संभागों के 15 में से 9 जिलों में अभी तक सामान्य के आधी भी बारिश नहीं हुई है. जिसके कारण यहां सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न है. गुना में सबसे ज्याता बारिश इस मानसूनी सीजन में अब तक सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में हुई है. यहां करीब 46 इंच पानी गिर चुका है. वहीं,  मंडला में 44.1 इंच, टीकमगढ़ में करीब 44.2 इंच, निवाड़ी में 45.2 इंच और अशोकनगर में 42.1 इंच पानी गिर चुका है. इन जिलों में 30 इंज से अधिक बारिश वहीं, नर्मदापुरम, सिंगरौली, सीधी, रीवा, पन्ना, सागर, ग्वालियर, डिंडौरी, बालाघाट, नरसिंहपुर, राजगढ़ और विदिशा में इस मानसूनी सीजन में 30 इंच से अधिक पानी गिर चुका है. इन जिलों 20 से 30 इंच तक हुई बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल, सीहोर, अलीराजपुर, झाबुआ, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, दतिया, दमोह, रतलाम, नीमच, भिंड, मुरैना, हरदा, बैतूल, शहडोल और अनूपपुर जिलों में इस मानसूनी सीजन में अब तक औसत 20 से 30 इंच के बीच पानी गिरा है. इन जिलों में सबसे कम पानी इंदौर, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर और आगर-मालवा जिलों में इस सीजन में सबसे कम बारिश हुई है. इन जिलों में औसतन बारिश 10 से 19 इंच के बीच हुई है. 

13 अगस्त से नया मौसम तंत्र, इंदौर-उज्जैन में धूप और पूर्वी-उत्तरी जिलों में बारिश का अनुमान

भोपाल मध्यप्रदेश में रक्षाबंधन के दिन मौसम के दो रंग देखने को मिलेंगे। इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 में से 13 जिलों में तेज धूप खिलेगी। वहीं, पूर्वी और उत्तरी हिस्से के 9 जिलों में तेज बारिश हो सकती है। भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर में भी हल्के बादल छाए रह सकते है।  मौसम विभाग ने शनिवार को श्योपुर, मुरैना, पन्ना, कटनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, धार, बड़वानी, अलीराजपुर और झाबुआ में मौसम साफ रहेगा। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का यलो अलर्ट है। मंडला-सीधी में सवा इंच से ज्यादा पानी गिरा प्रदेश में शुक्रवार को मौसम ने फिर करवट बदली और हल्की बारिश का दौर रहा। मंडला और सीधी में सवा इंच बारिश हुई। छतरपुर के नौगांव में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में बादल छाए रहे। वहीं, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, रीवा, सतना, उमरिया, डिंडौरी, मऊगंज में हल्की बारिश हुई। एमपी में अब तक 28.8 इंच बारिश मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 28.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो कुल बारिश का 78 प्रतिशत है। जून-जुलाई में स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से अब तक 34 प्रतिशत बारिश ज्यादा हो चुकी है। इसमें भी पूर्वी हिस्सा जैसे- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग ठीक है। इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। इंदौर संभाग के 8 में से 5 जिले ऐसे हैं, जहां 13 इंच से कम पानी गिरा है। सिर्फ अलीराजपुर और झाबुआ में ही 20 इंच से ज्यादा पानी गिरा है। दूसरी ओर, ग्वालियर में सबसे ज्यादा 35 इंच बारिश हो चुकी है। यहां कुल बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। जबलपुर और भोपाल की तस्वीर भी बेहतर है। 13 अगस्त से नया सिस्टम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, शुक्रवार को देश में दो टर्फ की एक्टिविटी रही, जो मध्यप्रदेश से काफी दूर है। शनिवार को कुछ जिलों में बारिश होने का अनुमान है। वहीं, 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के एक्टिव होने का अनुमान है। इससे प्रदेश में बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। दो महीने में गिरा 28 इंच, अगस्त में न के बराबर मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 31 जुलाई तक प्रदेश में औसत 28 इंच बारिश हो गई, लेकिन 1 से 7 अगस्त के बीच सिर्फ 0.8 इंच पानी ही गिरा। दूसरे सप्ताह में ही तेज बारिश के आसार वैज्ञानिकों के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह में तेज बारिश का दौर शुरू होगा, जो आखिरी तक चलता रहेगा। ऐसे में बारिश का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा। हालांकि, अब तक ग्वालियर समेत 9 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों की तस्वीर बेहतर नहीं है। पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 38% और पश्चिमी हिस्से यानी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 39% बारिश अधिक हुई है। जुलाई में बने थे बाढ़ के हालात जुलाई में प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने थे। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। आखिरी दिनों में रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया था। खेत-मंदिर और पुल डूब गए थे।वहीं, डैम ओवरफ्लो हो गए थे।

देश की राजधानी में बारिश का कहर: कई इलाके डूबे, उड़ानों में देरी, सांसदों के फ्लैट्स के पास भी भरा पानी

नईदिल्ली  आज रक्षाबंधन है और दिल्ली-एनसीआर में सुबह हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. बारिश ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया. सड़कों पर घुटनों तक पानी आ गया. जगह-जगह ट्रैफिक जाम के हालात बन गए. उड़ान संचालन पर भी असर पड़ा है. बड़ी संख्या में उड़ानें लेट भी लेट हुई हैं. दिल्ली में जलभराव से हालात खराब हैं. बीडी मार्ग पर सांसदों के फ्लैट हैं. यहां नर्मदा अपार्टमेंट के ठीक सामने जलभराव देखा जा रहा है. दिल्ली में तेज बारिश होने पर इस हिस्से में जलभराव आम बात बन गई है. जब पानी का स्तर बढ़ता है तो निकासी के लिए नालियां खोली जाती हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर में रेड अलर्ट जारी किया है. दिनभर मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है. खासकर पूर्वी और सेंट्रल दिल्ली में तेज बारिश होने की संभावना है. दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यात्रियों को उड़ानों की जानकारी के लिए अपनी-अपनी एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी. एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा कि मौसम प्रतिकूल है. हालांकि परिचालन इस समय सामान्य है. इंडिगो और स्पाइसजेट ने यात्रियों को शहर में ट्रैफिक जाम को लेकर अलर्ट रहने के लिए कहा. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने स्पष्ट किया है कि बारिश के कारण IGI एयरपोर्ट पर कोई फ्लाइट डायवर्जन नहीं हुआ है. एयरपोर्ट और यात्रियों के लिए एडवाइजरी एक यात्री ने आजतक को बताया, मेरी फ्लाइट त्रिवेंद्रम से रात 11:45 बजे लैंड हुई, लेकिन घर (मयूर विहार) पहुंचने में तीन घंटे से ज्यादा लग गए. जबकि दूरी सिर्फ 25 किमी है. सराय काले खा के पास एक घंटे का जाम था और कम से कम चार जगह पानी भरा था. सुबह 5:30 से 8:30 बजे के बीच कितनी बारिश हुई? – सफदरजंग: 49.6 मिमी – पूसा: 47.0 मिमी – मयूर विहार: 42.0 मिमी – प्रगति मैदान: 40.6 मिमी कई इलाकों में पानी भरने से मुश्किलें आईटीओ, मुनीरका मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-1, मोती बाग, एपीएस कॉलोनी, अकबर रोड, साउथ एवेन्यू, रंजीत सिंह फ्लाईओवर, मंडी हाउस, मिंटो रोड, संगम विहार, वसंत कुंज, आरके पुरम, कनॉट प्लेस, पंचकुइयां मार्ग समेत कई जगहों पर जलभराव की स्थिति है. यमुना का जलस्तर सुबह 8 बजे 204.4 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 204.5 मीटर से 10 सेमी कम है. खतरे का स्तर 205.33 मीटर है. यानी नदी फिलहाल बाढ़ स्तर से करीब 93 सेमी नीचे बह रही है. गाजियाबाद में भी बारिश का असर सुबह से हो रही बारिश के कारण एनएच-9 विजय नगर अंडरपास और रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क पर पानी भर गया. वाहन पानी में से गुजरते नजर आए. नोएडा में घुटनों तक पानी नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई सड़कें जलभराव की चपेट में हैं. सूरजपुर कस्बे में घुटनों तक पानी भर गया. जलभराव से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है और प्राधिकरण के दावों की पोल खुल गई. मौसम का पूर्वानुमान IMD ने बताया कि अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. दिल्ली में 12 अगस्त तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. हिमाचल में भी बारिश का अलर्ट पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का पूर्वानुमान है. 3 जिलों के लिए 11 और 12 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट और बाकी के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. 20 जून से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 202 मौतें हो चुकी हैं. अगस्त में यहां सामान्य से 35% ज्यादा बारिश हुई है, जबकि शिमला और मंडी जिलों में यह औसत से 65% तक ज्यादा है.