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5 मौसम प्रणालियों का असर, इन राज्यों में तूफान-बारिश के आसार; पहाड़ों पर गिरेगी पहली बर्फ

 नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश के उत्तरी पश्चिमी इलाके से भले ही मॉनसून की विदाई हो गई हो लेकिन रिमझिम फुहारों का सिलसिला जारी है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि राजस्थान से बंगाल तक अभी कुछ दिन रिमझिम फुहारों और बारिश का मौसम बना रहेगा। IMD ने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर बने एक 'डिप्रेशन' (कम दबाव के गहरे क्षेत्र) और उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और तेज़ हवाओं का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि 28-29 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है। IMD के मुताबिक, उत्तरी अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र 28 सितंबर की सुबह 'डिप्रेशन' में बदल गया। इसके 28 सितंबर की शाम या रात तक और अधिक गहरा होकर 'डीप डिप्रेशन' में तब्दील होने और यांगून और क्याइकटो के बीच म्यांमार तट को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 28 और 29 सितंबर को अंडमान द्वीप समूह में भारी बारिश और 50 से 60 किमी/घंटा (झोंके 70 से 75 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएँ चलने का अनुमान है। समुद्र में स्थिति अत्यंत खराब रहने के कारण मछुआरों को 1 अक्टूबर तक अंडमान सागर, उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा म्यांमार और बांग्लादेश तटों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। निचले क्षोमंडल स्तर पर उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आस-पास के इलाकों के ऊपर ऊपर भी एक चक्रवाती सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भी एक कम दबाव का क्षेत्र अभी भी बना हुआ है, हालांकि यह कमजोर हुआ है। उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और मॉनसून की वापसी वहीं, पश्चिमी विक्षोभ के कारण 28 सितंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मध्यम से भारी बारिश तथा बिजली कड़कने का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इस बीच दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है। पहाड़ों पर पहली बर्फबारी स्काईमेट एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताहांत के दौरान पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पहाड़ों से होकर गुज़रा। हालांकि, इस सिस्टम का असर अभी भी इलाके पर बना हुआ है और इसके बाद ऊपरी हवाओं का एक और ट्रफ़ (upper-air trough) आ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन मौसमी दशाओं के प्रभाव में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मध्यम और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में इस सीज़न की पहली बर्फ़बारी हुई है। किन्नौर इलाके में, जहां की ऊंचाई 8,000 से 20,000 फ़ीट के बीच है, सीज़न की पहली बर्फ़ गिरी। तिब्बत सीमा के पास लगभग आखिरी गांव, कुनो-चिरांग में बर्फ़ की चादर बिछ गई। लाहौल और स्पीति घाटी, जिनकी ऊंचाई 12,000 से 14,000 फ़ीट के बीच है, सीज़न की पहली बर्फ़बारी से ढक गईं। डुम्टी जाने वाले रास्ते पर स्थित चितकुल में मौसम की शुरुआत में ही लगभग 3 इंच बर्फबारी हुई। पहाड़ों पर बादल छाए रहेंगे रिपोर्ट में कहा गया है कि इनकी वजह से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में मौसम की गतिविधियां जारी रहेंगी। पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में, और खासकर उत्तराखंड के निचले पहाड़ी इलाकों और मध्यम से ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भी अगले 24 घंटों के दौरान बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बारिश होगी। हालांकि, मंगलवार दिन के आखिर में मौसम बेहतर होने की संभावना जताई गई है। IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश भागों में 30 सितंबर से और मध्य भारत में 2 अक्टूबर 2026 से मौसम मुख्य रूप से शुष्क होने लगेगा। दिल्ली-एनसीआर से बिहार तक मौसम का हाल राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 28 सितंबर को आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएँ चलने का पूर्वानुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 28-30°C के बीच रहने की संभावना है। इसके बाद 29 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज होने का अनुमान है। इसके अलावा मौसम विभाग ने कहा है कि 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में; 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में; और 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान बिहार में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होने और साथ में आंधी-तू़फान और बिजली गिरने की संभावना है।

पंजाब के 13 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, जालंधर में झमाझम बारिश

 जालंधर  पंजाब के जालंधर में सोमवार को तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं। तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग के मुताबिक आज पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, तरनतारन, रूपनगर, मोहाली, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा और बरनाला में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। रविवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश हुई थी, लेकिन वह रिकॉर्ड नहीं हो पाई। राज्य के सभी जिलों में तापमान गिरा है। सबसे कम तापमान रूपनगर में 28.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मानसून की विदाई का दौर जारी मौसम विभाग के अनुसार, इस समय बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी आ रही है। इससे बादल बन रहे हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, ज्यादा बारिश होने के आसार नहीं हैं। पंजाब-चंडीगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है। मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर और चंडीगढ़ से होकर गुजर रही है। वहीं, पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। आज से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलना शुरू हो जाएंगी। पंजाब में बिजली की खपत कम हुई मौसम ठंडा होने से गर्मी कम हुई है। इससे बिजली की खपत भी कम हुई। पंजाब में बिजली की मांग 9,724 मेगावाट रही। ग्रिड से 4,618 मेगावाट बिजली ली गई, जबकि 4,867 मेगावाट बिजली लेने का शेड्यूल था। यानी तय शेड्यूल से 249 मेगावाट कम बिजली ली गई। पंजाब में बिजली का उत्पादन 5,101 मेगावाट रहा।  

मध्य प्रदेश में मानसून विदाई की उल्टी गिनती, बारिश का कोटा 95.8% पूरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून अब आखिरी दौर में पहुंच गया है। प्रदेश में सीजन की कुल बारिश 37.7 इंच हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का 95.8 प्रतिशत है। सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अब सिर्फ 0.2 प्रतिशत पानी की जरूरत है। अगले तीन-चार दिन में कहीं हल्की बारिश भी होती है तो प्रदेश सामान्य बारिश की श्रेणी में पहुंच सकता है। इसी बीच मानसून की विदाई की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है। मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार, अगले चार दिन प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। सोमवार से बारिश की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप का असर दिखाई देने लगेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौसम साफ रहने के आसार हैं। मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई एक सप्ताह के अंदर होने लगेगी। मौसम केंद्र (IMD), भोपाल के मुताबिक- अगले 4 दिन प्रदेश के किसी भी जिले में अति भारी या भारी बारिश होने का अनुमान नहीं है। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप खिलेगी। रविवार तक प्रदेश में औसत 37.7 इंच बारिश हो गई, जो कोटे की 95.8 प्रतिशत है। 0.2% बारिश होने के बाद प्रदेश 'सामान्य बारिश' की कैटेगिरी में आएगा। 3 दिन में यदि कहीं हल्की बारिश भी हुई तो प्रदेश सामान्य बारिश की कैटेगिरी में आ सकता है। 48 घंटे की तेज बारिश के बाद थमा दौर पिछले दिनों गहरे अवदाब के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में करीब 48 घंटे तक तेज बारिश हुई। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ा और बांधों के गेट खोलने पड़े। रविवार से मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने लगी, जिसके बाद भारी बारिश का दौर थम गया। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई शहरों में रविवार को धूप-छांव की स्थिति रही। अब बारिश की गतिविधि कमजोर होने के साथ तापमान बढ़ने और धूप तेज होने की संभावना है। पूर्वी एमपी में बारिश का आंकड़ा बेहतर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की औसत बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 20 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी हिस्से में स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। इन जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 48 घंटे भारी बारिश, फिर कमजोर हुआ सिस्टम गहरे अवदाब की वजह से 48 घंटे तक प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अति भारी या भारी बारिश का दौर बना रहा। इस वजह से नदियां उफान पर आ गईं, जबकि कई डैम के गेट भी खुल गए। रविवार से सिस्टम कमजोर होने लगा और भारी बारिश का दौर थमा रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में धूप-छांव वाला मौसम रहा। सोमवार से सिस्टम की एक्टिविटी नहीं होने से कई जिलों में तीखी धूप खिलेगी। तीसरे दिन आधे से ज्यादा हिस्से में धूप खिलेगी। इसी बीच मानसून की विदाई भी शुरू होने का अनुमान है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा चार प्रतिशत ज्यादा है। अधिकांश जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है, लेकिन बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 2% से 20% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है। इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में अबकी बार सामान्य की 100 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद कम है। जून की कमी पूरी नहीं हो पाई इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अब भी कुल आंकड़े में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के दो ब्रेक आए और कई दिनों तक बारिश गतिविधियां कमजोर रहीं। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश से कमी काफी हद तक कम हुई। सितंबर के आखिरी दौर में भी तेज बारिश हुई, लेकिन जून की पूरी कमी की भरपाई नहीं हो सकी। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश है। प्रदेश में सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है। अब मानसून की विदाई से पहले होने वाली हल्की बारिश ही प्रदेश को सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचा सकती है।  

जबलपुर-रीवा समेत 18 जिलों में बारिश, सतना-मैहर में स्कूल बंद

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में अगले 48 घंटे तेज बारिश का दौर बना रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार, शनिवार को जबलपुर-रीवा समेत 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मूसलधार बारिश की चेतावनी को देखते हुए शनिवार को सतना में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक और मैहर में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक की सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा भिंड, दतिया, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला और डिंडौरी में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर में बूंदाबांदी हो सकती है। इसी तरह शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर और पन्ना में भी बूंदाबांदी का अनुमान है। पूर्वी MP में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर एक्टिव है। गहरे अवदाब की तीव्रता भले ही लगातार कम हो रही हो, लेकिन इसकी उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में गति और इससे जुड़ी नमी पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा को बनाए रखने के लिए पर्याप्त है। इसलिए अगले 48 घंटे विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन, किसान और आम नागरिक स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखें। साथ ही नदी-नालों, पुल-पुलियों और निचले इलाकों में अनावश्यक आवागमन से बचें। मानसून की विदाई को 5 दिन बचे एमपी में दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 1 जून से 30 सितंबर तक है। यानी, मानसून की विदाई को पांच दिन बचे हैं। आने वाले दिनों में मानूसन की विदाई होने लगेगी। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है। सामान्य बारिश से 2.2 इंच नीचे चल रहा प्रदेश IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 880.5 मिमी यानी, 34.7 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.9 इंच (937.9 मिमी) की तुलना में 2.2 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में बराबर और पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा बराबर है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 4% से 21% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। शुक्रवार को भी आंकड़ा बराबर पर आ गया। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 8% से 50% कम पानी गिरा है। इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

डिंडौरी-उमरिया-शहडोल में बारिश से हाहाकार, बाणसागर के 6 गेट खुलेंगे

डिंडौरी/उमरिया/शहडोल  डिंडौरी जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। नर्मदा नदी में बाढ़ आने से जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पिछले 1 घंटे से बंद है। जोगी टिकरिया पुल पानी में डूब गया है, जबकि जिला मुख्यालय का पुल भी डूबने की कगार पर है। जिला मुख्यालय से शहडोल मार्ग भी सुबह से ही बंद है, यहां भी पानी पुल के ऊपर आ गया है। बजाग, करंजिया जनपद क्षेत्र में भी एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क जनपद और जिला मुख्यालय से टूटा हुआ है। यहां भी स्थानीय नदियां उफान पर हैं। जिला मुख्यालय सहित अमरकंटक, बजाग और करंजिया क्षेत्र में तेज बारिश का दौर लगातार जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट गया है और कई गांवों में पानी घरों में घुसने लगा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है। घाटों में पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है। साथ ही नर्मदा नदी किनारे बसाहट क्षेत्र को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में आज अवकाश लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा को देखते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के निर्देश पर विद्यार्थियों एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए आज जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, CBSE, नवोदय, केंद्रीय विद्यालय और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के लिए एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आज अवकाश रहेगा। हालांकि शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और अन्य कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहेंगे।   तेज बारिश से स्कूलों की छुट्टी उमरिया जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही अति-वृष्टि और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर 26 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश प्री-प्रायमरी से कक्षा 12वीं तक संचालित सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों पर लागू रहेगा। शिक्षकों का अवकाश नहीं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा। सभी शिक्षक एवं विद्यालयीन कर्मचारी निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर अपने नियमित कार्यों का संपादन करेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने लगातार बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए विद्यार्थियों को घर से बाहर निकलने से बचाने और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। जनजीवन प्रभावित इधर, लगातार बारिश का असर जिले के सामान्य जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। उमरिया शहर में डीएफओ कार्यालय के पास बारिश के कारण एक पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। सड़क पर पेड़ गिरने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद संबंधित अमले द्वारा पेड़ को हटाने की कार्रवाई की गई, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। भारी बारिश से बाणसागर बांध लबालब जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाणसागर बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। इसी को देखते हुए बांध प्रशासन ने आज 26 सितंबर को दोपहर 12 बजे से जल निकासी बढ़ाने का फैसला लिया है। फुल लेवल बनाए रखने के लिए बाणसागर मेन डैम के पहले से खुले हुए 6 रेडियल गेट नंबर 6, 7, 8, 9, 10 और 11 की ओपनिंग को 1.50 मीटर से बढ़ाकर 2.00 मीटर किया जा रहा है। सोन नदी में 2632 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा इससे स्पिलवे के 6 रेडियल गेटों से कुल 2458.00 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज होगा। बाणसागर मेन डैम के स्पिलवे और पावर हाउस नंबर-03 से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी का कुल फ्लो 2632.23 क्यूमेक्स होगा। विभाग ने कहा है कि अगर आवक और बढ़ी तो डिस्चार्ज और बढ़ाया जा सकता है। डाउनस्ट्रीम इलाके के लोगों के लिए अलर्ट मुख्य अभियंता, गंगा कछार जल संसाधन विभाग ने ऑर्डर जारी कर सभी फील्ड स्टाफ को अलर्ट और सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाणसागर बांध के डाउनस्ट्रीम इलाके में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे सोन नदी से दूरी बनाए रखें और नदी में न जाएं। बता दें कि जिले में पिछले 48 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। दिन और रात कभी तेज तो कभी धीमी बारिश हो रही है। इसका असर बांध, नदी, तालाब और दूसरे वाटर सोर्स पर पड़ रहा है और सभी जल स्रोत अब लबालब हो चुके हैं। जल भराव लगातार बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जलभराव, सड़क किनारे मिट्टी धंसने और पेड़-पौधों के गिरने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन द्वारा लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने तथा जलभराव वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के बीच स्कूल पहुंचे मासूम, बाद में पता चला छुट्टी है उमरिया जिले में लगातार हो रही अति-वृष्टि के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने 26 सितंबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया,लेकिन आदेश जारी होने के बावजूद इसकी सूचना समय पर विद्यार्थियों और अभिभावकों तक नहीं पहुंच सकी।नतीजा यह हुआ कि मूसलाधार बारिश के बीच कई परिजन बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए और वहां जाकर पता चला कि आज छुट्टी है। इस अव्यवस्था की जीवंत तस्वीर शनिवार सुबह सामने आई,जब पिता गुलाब सिंह अपने एलकेजी में अध्ययनरत बेटे साहिल सिंह को बारिश से बचाने के लिए पन्नी आदि से ढककर विद्यालय लेकर पहुंचे।बच्चे को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने की जद्दोजहद के बाद जब छुट्टी की जानकारी मिली तो उन्हें वापस करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर गांव खितौली-बगदरी लौटना पड़ा। गुलाब सिंह ने बताया कि उन्हें छुट्टी का मैसेज शनिवार सुबह करीब 8.50 बजे मिला। उनका कहना था कि यदि सूचना शुक्रवार रात को ही मिल जाती तो इतनी तेज बारिश में बच्चे … Read more

CG में झमाझम बारिश, बस्तर-नारायणपुर समेत कई जिलों में बरसे बादल

छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान  प्रदेश में 100.1% सामान्य वर्षा दर्ज  बस्तर, नारायणपुर और बलरामपुर में झमाझम बरसे बादल ​रायपुर       छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की बारिश ने राज्य स्तर पर सामान्य आंकड़े को छू लिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 25 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार प्रदेश में अब तक 100.1% यानी शत-प्रतिशत सामान्य वर्षा दर्ज की जा चुकी है। 1 जून से 25 सितंबर की अवधि में राज्य में औसतन 1082.4 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि बीते 10 वर्षों के आधार पर इस अवधि की संभावित औसत वर्षा 1081.5 मि.मी. मानी जाती है। बीते 24 घंटों में ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में औसतन 52.8 मि.मी. पानी बरसा है।          ​क्षेत्रवार स्थिति पर नजर डालें तो इस बार सरगुजा, रायपुर और बस्तर संभाग के कई जिलों में बादलों ने जमकर मेहरबानी दिखाई है। बलरामपुर जिला 169.4% बारिश के साथ प्रदेश में प्रतिशत के हिसाब से सबसे आगे बना हुआ है, जहाँ अब तक 1527.7 मि.मी. पानी गिर चुका है। वहीं कुल वर्षा की मात्रा के मामले में नारायणपुर जिला शीर्ष पर है, जहाँ अब तक रिकॉर्ड 1600.4 मि.मी. बारिश दर्ज हो चुकी है। बस्तर जिले में एक ही दिन में सर्वाधिक 188.2 मि.मी. और कोंडागांव में 161.8 मि.मी. बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद नारायणपुर में 151.9 मि.मी. तथा गरियाबंद में 110.3 मि.मी. बारिश हुई।          ​मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में भी बारिश की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। रायपुर जिले में अब तक 1180.2 मि.मी. (129.5%), गरियाबंद में 1357.7 मि.मी. (126.5%), धमतरी में 1201.7 मि.मी. (113.4%), महासमुंद में 1204.2 मि.मी. (121.7%), और बालोद में 1192.1 मि.मी. (115.0%) बारिश के साथ सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।इसी तरह बिलासपुर संभाग के मुंगेली में 1026.5 मि.मी. (108.8%), सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1161.3 मि.मी. (134.1%), तथा सूरजपुर में 1173.6 मि.मी. (111.2%) वर्षा दर्ज की जा चुकी है।  ​       राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से पीछे चल रहा है। सरगुजा जिले में अब तक 606.6 मि.मी. (75.5%), जशपुर में 828.7 मि.मी. (79.7%), कबीरधाम में 672.0 मि.मी. (82.2%), बेमेतरा में 597.1 मि.मी. (74.5%), और कांकेर में 1110.7 मि.मी. (75.9%) बारिश दर्ज की गई है, जो औसत के मुकाबले कम की श्रेणी में आता है। इसी प्रकार मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (74.7%) तथा बीजापुर (78.7%) में भी प्रतिशत के लिहाज से औसत से कम बारिश दर्ज हुई है। इसके बावजूद बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य के काफी करीब बना हुआ है।           ​राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश भर की नदियों के जलस्तर और बारिश के आंकड़ों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिन जिलों में हाल ही में भारी वर्षा हुई है, वहाँ निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

MP में भारी बारिश का अलर्ट, सतना में स्कूलों की छुट्टी बढ़ी

भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले बारिश का एक और मजबूत दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश के 13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन बारिश का असर ज्यादा रहेगा। कुछ इलाकों में चार इंच से अधिक पानी गिर सकता है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब अब मजबूत मौसमी सिस्टम में बदल गया है। इसके असर से 25 और 26 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर रहेगा। 27 सितंबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसके बाद तंत्र आगे बढ़ जाएगा। शुक्रवार को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं भिंड, दतिया, निवाड़ी, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में भारी बारिश हो सकती है। मानसून विदाई से ठीक पहले बारिश का जोर मध्य प्रदेश में मानसून का आधिकारिक सीजन 30 सितंबर तक रहता है। यानी अब इसकी विदाई में करीब छह दिन बाकी हैं। इससे पहले प्रदेश में लगातार बारिश के दो दौर आ चुके हैं और अब आखिरी सप्ताह में तीसरे मजबूत दौर ने दस्तक दी है।मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार 25 और 26 सितंबर को सिस्टम का प्रभाव ज्यादा रहेगा। 27 सितंबर को भी बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद मौसम में बदलाव आने की संभावना है। अब भी सामान्य से 2.4 इंच कम बारिश बारिश के नए दौर के बावजूद प्रदेश में सीजन की कुल बारिश अभी सामान्य से पीछे है। अब तक 873.4 मिमी यानी 34.4 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा करीब 935.1 मिमी यानी 36.8 इंच है। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 2.4 इंच यानी 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी करीब 2 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी प्रदेश के अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इसके उलट कई जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से काफी नीचे है। हालांकि सितंबर के अंतिम दौर की बारिश से कमी तेजी से घट रही है। जून की कमी अब भी पूरी नहीं हुई इस मानसून में जून सबसे कमजोर रहा। महीने में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश ने स्थिति संभाली और दोनों महीनों का कोटा पूरा हुआ, लेकिन जून की कमी पूरी तरह नहीं भर सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से नीचे है। 25-26 सितंबर की बारिश के बाद यह अंतर और कम होने की उम्मीद है।  प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, भिंड, दतिया, निवाड़ी, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में भारी बारिश होगी। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के कुछ जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अतिवृष्टि की संभावना: सतना में 2 दिन स्कूल बंद अतिवृष्टि की संभावना को देखते हुए सतना जिले में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने 26 सितंबर को भी नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। यह आदेश शासकीय, अशासकीय, केंद्रीय, नवोदय, आईसीएसई सहित सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। अगले 2 दिन असर रहेगा मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब अब महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम के रूप में उभर रहा यह स्ट्रॉन्ग हो गया है। इस वजह से 25 और 26 सितंबर को असर ज्यादा रहेगा। 27 को भी तेज बारिश होगी। इसके बाद सिस्टम आगे बढ़ जाएगा। मानसून की विदाई को 6 दिन बचे एमपी में दक्षिण-पश्चिम मानसून का पीरियड 1 जून से 30 सितंबर तक है। यानी, मानसून की विदाई को छह दिन बचे हैं। इस बार भी सितंबर के आखिरी सप्ताह से विदाई होने लगेगी। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है। सामान्य बारिश से 2.4 इंच नीचे चल रहा प्रदेश IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 873.4 मिमी यानी, 34.4 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.8 इंच (935.1 मिमी) की तुलना में 2.4 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 7 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 2% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 23% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। गुरुवार को भी आंकड़ा माइनस में दो प्रतिशत रहा। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 8% से 50% कम पानी गिरा है। इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।  

पंजाब में फिर बदलेगा मौसम, 3 जिलों में बारिश की संभावना

पटियाला  पंजाब के तीन जिलों पठानकोट, होशियारपुर और गुरदासपुर में आज (25 सितंबर) हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। हालांकि, राज्य में मानसून की विदाई का दौर जारी है। राज्य के अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अब यह सामान्य के करीब बना हुआ है।  पंजाब और चंडीगढ़ से मानसून की विदाई जारी है। मानसून की वापसी की रेखा अभी गुरदासपुर और चंडीगढ़ से होकर गुजर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश कम होने और मौसम ज्यादातर सूखा रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ का असर पंजाब और चंडीगढ़ पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। वहीं, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बना कम दबाव का हवाओं का सिस्टम भी अब कमजोर हो गया है। एक अक्टूबर तक मौसम ड्राई रहने की संभावना इस सप्ताह पंजाब के सभी हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना कम है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली और पटियाला में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री, जबकि बाकी हिस्सों में 34 से 36 डिग्री रह सकता है। तापमान 30 से 32 डिग्री भी रह सकता है उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में कुछ समय तापमान 30 से 32 डिग्री भी रह सकता है। पठानकोट में न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री, अमृतसर, गुरदासपुर और होशियारपुर-रूपनगर के कुछ हिस्सों में 18 से 20 डिग्री, जबकि बाकी पंजाब में 20 से 22 डिग्री रहने का अनुमान है। बिजली की मांग 14 हजार मेगावाट के पार गर्मी बढ़ने से पंजाब में बिजली की मांग भी बढ़ी हुई है। आज राज्य में बिजली की मांग 14,120 मेगावाट रही। पंजाब ने 5,004 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि बाहर से 9,118 मेगावाट बिजली ली गई।

मध्य प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 10 जिलों में तेज बारिश; 25-26 सितंबर को स्ट्रॉन्ग सिस्टम

भोपाल  मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हो रहा है। 25 और 26 सितंबर को इसका ज्यादा असर रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है। आज इन 10 जिलों में तेज बारिश का अनुमान गुरुवार को छतरपुर, पन्ना, सतना, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अनुमान है।वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 25-26 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का असर मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब अगले 24 घंटे के बाद और मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।खासकर पूर्वी हिस्से में 25 और 26 सितंबर को भारी से अति भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी में नया मौसमी सिस्टम एक बार फिर राज्य में मानसूनी गतिविधियां बढ़ा रहा है. आज पूर्वी जिलों में इसका खासा असर देखने को मिलेगा. शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सतना, पन्ना और छतरपुर में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना बन रही है. इन सभी जिलों में 64.5 मिमी से लेकर 115.5 मिमी तक वर्षा दर्ज की जा सकती है. तीव्र वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है. नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है. IMD ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. प्रभावित जिले वासियों को सावधानीपूर्वक यात्रा करने की सलाह दी है।  शेष जिलों में हल्की से मध्यम बारिश वहीं मध्य प्रदेश के शेष जिलों में आज कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. प्रदेश के लगभग सभी जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलने का अनुमान भी जताया गया है. इस दौरान खुले में, टिन शेड, हल्की नुकीली या धारदार वस्तुओं आदि के आसपास न खड़े हों।  मध्य प्रदेश में अब तक 34.2 इंच बारिश गौरतलब है कि इस सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक 34.2 इंच बारिश हुई है. सामान्य से 6 फीसदी कम वर्षा दर्ज हुई है. बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से अगले चार दिन प्रदेश में तेज बारिश के आसार हैं. कई जिलों में गरज-चमक के साथ बरसात होगी. प्रदेश के 100 से ज्यादा शहरों-कस्बों में बारिश हो सकती है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अब भी बारिश का कोटा अधूरा है. भोपाल समेत 23 जिलों में औसत से अधिक बारिश हुई है. कई क्षेत्रों में मानसून के आंकड़ों में सुधार हुआ है लेकिन मानसून जून की कमी पूरी नहीं कर सका. जुलाई-अगस्त का कोटा पूरा हो चुका है. भोपाल में लगातार चौथे साल सितंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है. बड़े तालाब का जलस्तर भी बढ़ गया है।  34.3 इंच बारिश, कोटे का 91.9% पूरा मध्यप्रदेश में अब तक औसतन 34.3 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के कोटे का करीब 91.9 प्रतिशत है। मानसून सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है।राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है और मध्यप्रदेश में भी सितंबर के आखिरी सप्ताह से मानसून विदाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। बुधवार को भी कई जिलों में तेज बारिश इससे पहले बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। भोपाल में रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश दर्ज की गई। नर्मदापुरम के इटारसी में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। इसके अलावा खंडवा, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई।  

मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी, 3 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में अब तक औसत 34.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य की 91.5% है। यह 'सामान्य से कम' बारिश की कैटेगिरी में है। हालांकि, अगले 4 दिन प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। ऐसे में आंकड़े में सुधार की उम्मीद है।मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब अब एक महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम के रूप में उभर रहा है। इसके स्ट्रॉन्ग होने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा गतिविधियों में वृद्धि के संकेत हैं। इन जिलों में आज तेज बारिश का अलर्ट IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, बुधवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। इससे पहले सोमवार-मंगलवार को प्रदेश के 33 जिलों में तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। जिन जिलों में पानी गिरा, उनमें भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, सीहोर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आलीराजपुर, शाजापुर, देवास, खंडवा, रीवा, सिंगरौली, सीधी, सतना, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, नर्मदापुरम और बैतूल शामिल हैं। सागर के देवरी में सबसे ज्यादा 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 100 से ज्यादा शहर/कस्बों में बारिश हुई। एमपी की ओर बढ़ेगा वर्षा का प्रभाव मौसम विशेषज्ञ नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाले सिस्टम जब आगे बढ़ेंगे तो उनके साथ जुड़ा नमी का परिवहन, वायुमंडलीय परिसंचरण और आसपास की अन्य मौसमी परिस्थितियां मध्य भारत में वर्षा गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में 26 सितंबर तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने के आसार है। 25 और 26 सितंबर को कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है। 23 और 24 सितंबर भी कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। सामान्य बारिश से 2.3 इंच नीचे चल रहा प्रदेश IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 869.3 मिमी यानी, 34.2 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.5 इंच (927.5 मिमी) की तुलना में 2.3 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 10% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 2% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 22% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। मंगलवार को आंकड़ा माइनस में 2 प्रतिशत रहा। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से- आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 7% से 49% कम पानी गिरा है। इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।