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मानसून पड़ा कमजोर! जून में सामान्य से 42% कम बारिश, एल-नीनो ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली  प्रशांत महासागर में सक्रिय एल-नीनो का असर भारत में इस साल साफ-साफ देखने को मिल रहा है। साल 1927 से 2026 तक यह तीसरा ऐसा मौका है, जब जून का महीना सबेस सूखा साबित होने जा रहा है। महीने के अंत होने में कुछ घंटे शेष है और देश भर में 42% बारिश की कमी देखने को मिल रही है। दरअसल, जून में अब तक देश भर में औसतन केवल 92.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 157.7 मिमी होना चाहिए था। अगर आज यानी मंगलवार को जून महीने के आखिरी दिन अच्छी बारिश होती है तो कुल मिलाकर लगभग 100 मिमी बारिश होने की संभावना है। पिछले 100 सालों में कब-कब सूखा रहा जून का महीना? जून का महीना पिछले 100 सालों में तीन बार सूखा रहा है। मौसम इतिहास में जून महीने में इससे कम बारिश पिछले 100 सालों में सिर्फ 2009 (87.5 मिमी) और 2014 (92.1 मिमी) दर्ज की गई थी। यह दोनों साल 20 वर्षों के भीतर के ही हैं। राहत की बात यह है कि जून में जहां देश के अधिकांश हिस्सों, विशेष रूप से मध्य भारत में जहां अब तक मानसून की सबसे अधिक कमी रही है, वहां अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। IMD के अनुसार, जुलाई के पहले हफ्ते से मध्य भारत सहित देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून रफ्तार पकड़ेगा और अच्छी बारिश होगी। बारिश की भारी कमी बता दें कि जून के महीने में मध्य भारत में अब तक भारी वर्षा हुई है, लेकिन यह 54% तक कम है। इसके बाद पूर्वी और उत्तरपूर्वी भारत में 41%, उत्तर-पश्चिमी भारत में 30% और दक्षिणी भारत में 28% की कमी देखी गई है। देश के चारों तरफ इतनी भारी मात्रा में बारिश की कमी शायद इस बात का संकेत है कि एल-नीनो का प्रभाव भारत के मानसून पर पड़ना शुरू हो गया है। क्या अल नीनो लाएगा सूखा, महंगाई और पानी का संकट?  जून में  देश में जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उससे 64 प्रतिशत कम बारिश हुई है. राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत 16 राज्यों में मानसून की रफ्तार थम गई है।  सवाल है कि क्या इस साल मानसून कमजोर पड़ रहा है? क्या अल नीनो इसकी वजह है? अगर बारिश कम हुई तो क्या होगा, क्या महंगाई बढ़ेगी? क्या फसलें प्रभावित होंगी और आखिर वैज्ञानिक क्यों कह रहे हैं कि आने वाले महीने बेहद अहम हैं? आखिर मानसून क्यों थम गया?  इस समय मानसून तेलंगाना के भद्राचलम इलाके के आसपास अटका हुआ है. मानसूनी हवाएं आगे बढ़ने की बजाय कमजोर पड़ गई हैं. 15 जून की सैटेलाइट तस्वीरों में देश के बड़े हिस्से से मानसूनी बादल गायब दिखाई दिए. IMD के मुताबिक 4 जून से 15 जून के बीच देश में सामान्य रूप से 53.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन हुई केवल 19.2 मिलीमीटर यानी बारिश में 64 प्रतिशत की कमी. इसी वजह से मौसम वैज्ञानिक लगातार एक शब्द दोहरा रहे हैं- अल नीनो।  क्या है अल नीनो? भारत में बारिश कम हो रही है, लेकिन इसकी कहानी हजारों किलोमीटर दूर प्रशांत महासागर से शुरू होती है. सामान्य परिस्थितियों में, पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली ट्रेड विंड्स गर्म समुद्री पानी को एशिया और ऑस्ट्रेलिया की तरफ धकेलती हैं. यही गर्म पानी बादलों को जन्म देता है और यही सिस्टम भारतीय मानसून को ऊर्जा देता है, लेकिन जब ये हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं तो समुद्र का संतुलन बिगड़ जाता है और गर्म पानी वापस मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर की ओर फैलने लगता है. समुद्र का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है. इसी स्थिति को वैज्ञानिक अल नीनो कहते हैं।  अल नीनो सिर्फ समुद्र का तापमान नहीं बढ़ाता. ये पूरी पृथ्वी के मौसम तंत्र को प्रभावित करता है. समुद्र गर्म होता है, उसके ऊपर की हवा गर्म होती है. बादलों का पैटर्न बदलता है. हवाओं की दिशा बदलती है और मानसून कमजोर पड़ सकता है. IMD के मुताबिक, अल नीनो के वर्षों में भारत में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका बढ़ जाती है।  एल-नीनो का प्रभाव अमेरिकी एजेंसी इंटरनेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट एंड सोसाइटी के अनुसार, प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती गर्मी से एल-नीनो मध्यम तीव्रता के करीब पहुंच चुका है और आने वाले महीनों में इसके और मजबूत होने की आशंका है। एल-नीनो प्रशांत महासागर के पानी का गर्म कर देते है, जिसे वैश्विक मौसम प्रभावित होता है। यह हवाओं का रुख बदलकर भारतीय मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसी के कारण 4 जून को केरलम पहुंचे मानसून की रफ्तार अभी तक सुस्त है और जून में देश की दैनिक वर्षा महज एक ही दिन सामान्य से अधिक रही है।  

मुंबई में मानसून का कहर! सड़कों पर भरा पानी, अंधेरी सबवे बंद, ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई

मुंबई मुंबई में मॉनसून की जोरदार बारिश ने शहर के कई इलाकों को पानी-पानी कर दिया है. सड़कें तालाब बन गई हैं, ट्रैफिक ठप हो गया है. लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अंधेरी सबवे (अंडरपास) में इतना पानी भर गया है कि उसे यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।  रातभर की बारिश से अंधेरी, बांद्रा, खार, मालाड, गोरेगांव, जुहू, वर्सोवा जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखा गया है. वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी पानी भरने से गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुताबिक, अंधेरी सबवे में पानी भर गया है, जिसके बाद उसे बंद करना पड़ा।  बता दें कि अंधेरी सबवे मुंबई का एक ऐसा रास्ता है जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ता है. हर रोज हजारों गाड़ियां और लोग यहां से गुजरते हैं. मॉनसून की बारिश में अंधेरी सबवे में जलजमाव होना पुरानी समस्या है।  शहर के निचले इलाकों में कई जगहों पर भारी जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं. जलजमाव को देखते हुए एहतियातन अंधेरी सबवे को देर रात 1:45 बजे से यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है. किसी भी अप्रिय घटना या हादसे को रोकने के लिए सबवे के बाहर पुलिस बंदोबस्त किया गया है।  एक तरफ जोरदार बारिश से मुंबईवासियों को उमस और गर्मी से तो बड़ी राहत मिली है, तो वहीं सुबह-सुबह दफ्तर और काम पर जाने वालों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।  भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए आज भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है. बता दें कि मॉनसून इस बार 13 दिन देरी से मुंबई पहुंचा था। 

मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज, शाजापुर-नर्मदापुरम में 2 इंच बारिश; भोपाल-उज्जैन में 48 घंटे में एंट्री

 भोपाल मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। संभावना है कि मानसून इसी दौरान भोपाल और उज्जैन संभाग तक पहुंच जाएगा। हालांकि ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में मानसून सबसे आखिर में दस्तक देगा। इस बीच शुक्रवार को प्रदेश के 45 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना मौसम विभाग ने आगर-मालवा और सीहोर में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी और तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर समेत कई जिलों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके विपरीत ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क रहने और धूप निकलने के आसार हैं। शाजापुर में सबसे ज्यादा बरसात गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक 51 मिमी (दो इंच से ज्यादा) वर्षा शाजापुर में दर्ज की गई, जबकि श्योपुर और बालाघाट में भी करीब आधा इंच पानी गिरा। इंदौर, खंडवा, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, खरगोन और मैहर सहित कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। बारिश से तापमान में आई गिरावट लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। खरगोन सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बैतूल, सिवनी, खंडवा, धार और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में पारा सामान्य से नीचे रहा। बड़े शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री, इंदौर 33.9 डिग्री, उज्जैन 33.8 डिग्री, जबलपुर 38.1 डिग्री और ग्वालियर 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 15 जिलों में हुई बारिश गुरुवार को शाजापुर और नर्मदापुरम में करीब 2 इंच बारिश हुई। श्योपुर, रायसेन और सागर में सवा इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं गुना में 1 इंच, पचमढ़ी में पौन इंच और बालाघाट में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, बैतूल, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, मैहर और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। बिजली गिरने से बुजुर्ग की मौत शाजापुर में आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं लगातार बारिश को देखते हुए इंदौर के जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर 22 अगस्त तक पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। कई शहरों में तापमान गिरा बारिश के बाद प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया। खरगोन सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 32.8 डिग्री, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 33.8 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में सबसे अधिक 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अभी भी सामान्य से कम बारिश मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश में वर्षा की कमी कुछ कम हुई है। एक जून से अब तक सामान्य रूप से 91.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 52.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी प्रदेश अभी भी सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश पर है। हालांकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, जिससे स्पष्ट है कि हाल की बारिश ने स्थिति में करीब सात प्रतिशत सुधार किया है। किन जिलों में कम और कहां ज्यादा बारिश अब तक अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। 15 जिलों तक पहुंच चुका है मानसून अब तक मानसून प्रदेश के 15 जिलों-आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी में प्रवेश कर चुका है। इन जिलों के कई क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 

मध्य प्रदेश में बदला मौसम, 15 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट; 48 जिलों में 52% कम बारिश

भोपाल  मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून अब कुछ ही दूरी पर है। एक-दो दिनों में यह मध्य प्रदेश में दाखिल होने वाला है। मानसून बालाघाट, सिवनी और मंडला इलाके से आने की संभावना है। मानसूनी बादलों ने पहले ही पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को कवर कर चुके हैं और जल्द ही मध्य प्रदेश की ओर बढ़ने की उम्मीद है। एक से दो दिन में मानसून देगी दस्तक मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर के बाकी हिस्सों, महाराष्ट्र के और इलाकों, तेलंगाना और ओडिशा के बाकी हिस्सों, और छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है। मानसून की उत्तरी सीमा अभी दहानू, वर्धा, रायपुर डाल्टनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले एक-दो दिनों में मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। पचमढ़ी में पारा सबसे कम 30.2 डिग्री दर्ज किया गया। खरगोन में 30.4 डिग्री, धार में 31 डिग्री, सिवनी में 32.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 35.3 डिग्री, बैतूल-मंडला में 35.5 डिग्री और रायसेन में 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 33.9 डिग्री, भोपाल में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 41 डिग्री, उज्जैन में 34.8 डिग्री और जबलपुर में 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया-सीधी में पारा सबसे ज्यादा 41.2 डिग्री रहा। जारी है प्री मानसून बारिश वहीं, मध्य प्रदेश के कई इलाकों में प्री मानसून बारिश का दौर जारी है। भोपाल में बुधवार की सुबह भी बारिश हुई है। साथ ही लोगों को गर्मी और तापमान से राहत मिली है। मंगलवार को भोपाल में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक भोपाल में बीते 24 घंटों में 19.8 मिमी बारिश हुई। भोपाल में बुधवार को होगी बारिश मौसम विभाग ने भोपाल में बुधवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है। साथ ही दोपहर या शाम के समय आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हवा की औसत गति लगभग 30 किमी प्रति घंटा रहेगी। कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा। ज्यादा बारिश वाले जिले- भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर। धार में 2 इंच, भोपाल में पौन इंच बारिश, 17 जिलों में पानी गिरा इससे पहले सोमवार को प्रदेश में प्री-मानसूनी एक्टिविटी देखने को मिली। धार में करीब 2 इंच पानी गिर गया। वहीं, भोपाल में पौन इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इंदौर, खंडवा, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना, सिवनी, बड़वानी, शाजापुर, सीहोर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पर अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री दर्ज किया गया। धार में 32.9 डिग्री, सिवनी में 34.2 डिग्री, रायसेन में 35.4 डिग्री, शाजापुर में 35.7 डिग्री रहा। दतिया में सबसे ज्यादा 42.2 डिग्री दर्ज किया गया। सीधी, खजुराहो, टीकमगढ़ नौगांव और नरसिंहपुर में 40 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 34.7 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, भोपाल में 35.2 डिग्री, जबलपुर में 36 डिग्री और ग्वालियर में 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आंधी और बारिश की चेतावनी इसके साथ ही सीहोर, जबलपुर, सागर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल और उमरिया समेत एमपी के कई जिलों में आंधी बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही डिडोंरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा, सीधी और नरसिंहपुर के लिए भी चेतावनी जारी है।

पंजाब में मौसम का बदलेगा मिजाज, 3 दिन बारिश-आंधी की चेतावनी; पहले अमृतसर पहुंचेगा मानसून

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में अगले तीन दिन गरज-चमक के साथ बारिश व तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक पिछले दिन की तुलना में तापमान में 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। इस दौरान पटियाला में अधिकतम 38.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आज पंजाब के लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में गरज-चमक, बिजली चमकने व आंधी का अलर्ट जारी किया है। वहीं, इन जिलों समेत पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, मोगा और रूपनगर में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। पंजाब में इसी महीने के अंत में मानसून की एंट्री हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 25 से 30 जून के बीच कभी भी मानसून की एंट्री हो सकती है। बड़े शहरों में मानसून पहले अमृतसर और आखिर में बठिंडा पहुंचेगा। वहीं, चंडीगढ़ में 27 से 30 जून के बीच मानसून की एंट्री होगी। 28–29 जून के आसपास चंडीगढ़ में अच्छी मानसूनी बारिश शुरू हो सकती है। आज भी आंधी-तूफान के साथ बारिश, 12 राज्यों में अलर्ट उत्तर भारत के राज्यों के लिए गुड न्यूज है. उन्हें तेज धूप और लू से राहत आने वाले दिनों में भी मिलती रहेगी. मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत उत्तर भारत के राज्यों में बारिश होती रहेगी. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 23 से 26 जून और फिर 29 जून को बारिश का अलर्ट है. नोएडा, गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23-24 जून और फिर 29 जून को बारिश हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 और 29 जून को बारिश का अलर्ट है. पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान में भी 24 से 29 जून तक हल्की फुल्की बारिश का अलर्ट है।  दिल्ली में आज का मौसम दिल्ली में आज का मौसम की बात करें तो बारिश का अलर्ट तो नहीं है, लेकिन बादल छाये रहने के बाद गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है.हालांकि एक हफ्ते तक अभी ऐसी स्थिति दिल्ली एनसीआर में बनी रहेगी. दिल्ली में कल का मौसम बिगड़ा था और दोपहर को तेज आंधी के बाद बारिश देखने को मिली थी. नोएडा, गाजियाबाद में भी बारिश हुई थी।   उत्तराखंड का मौसम मौसम विभाग की मानें तो लद्दाख, जम्मू-कश्मीर में भी 24 से 29 जून तक छिटपुट बारिश होती रहेगी. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी अलग-अलग स्थानों पर इस दौरान बरसात की संभावना है. 29 जून को उत्तराखंड और हिमाचल में ज्यादा बारिश हो सकती है।  मध्य प्रदेश में आज का मौसम पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 24 से 29 जून के बीच कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. विदर्भ में 29 जून को काफी बड़े इलाके में बारिश होने का अलर्ट है. मध्य प्रदेश में 24 से 27 जून के दौरान बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट है. 60-70 किमी की रफ्तार से आंधी आ सकती है. विदर्भ में भी 27 जून तक ऐसे ही हालात रहेंगे. छत्तीसगढ़ में 27 जून तक आंधी, तूफान, बिजली गिरने की चेतावनी है।    गर्मी के तीन असर…     बिजली की डिमांड 15,598 मेगावाट पहुंची: राज्य में आज बिजली की डिमांड फिर से 15,598 मेगावाट तक पहुंच गई। पंजाब में बिजली की जनरेशन 4,500 मेगावाट तक रही, जबकि 11,000 मेगावाट बिजली केंद्रीय पूल से खरीदी गई।     थर्मल प्लांटों की 5 यूनिट बंद: रोपड़ थर्मल प्लांट के चार में से दो यूनिट बंद रहे। गोइंदवाल के दो में से एक और लहरा मोहब्बत के चार में से तीन यूनिट बंद रहे। वहीं, प्राइवेट थर्मल प्लांट राजपुरा और तलवंडी साबो के सभी पांच यूनिटों में उत्पादन हुआ। हाइड्रो प्रोजेक्टों से भी करीब 927 मेगावाट बिजली पैदा की गई।     लू से बचाएंगी कूल-ग्रीन छतें: लुधियाना शहर को लू से निजात दिलाने के लिए नया प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) ने लू के बढ़ते प्रभाव को कम करने के पायलट प्रोजेक्ट में चुने 12 शहरों में पंजाब से लुधियाना को भी चुना है। इसके लिए लुधियाना नगर निगम को केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय से 5 करोड़ रुपए मिलेंगे, जिससे वह रेजिडेंशियल व सार्वजनिक इमारतों में ठंडी व हरी छतें लगाएंगे। इसके अलावा अतिरिक्त पेयजल (हाइड्रेशन) केंद्र और सार्वजनिक शौचालय स्थापित करने तथा मौसम निगरानी प्रणाली को डेवलप कर सकेंगे। वहीं, छायादार शेड भी बनाए जाएंगे। ऐसी मौसम की स्थिति मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के पास दो मौसमी सिस्टम एक्टिव हैं। एक सिस्टम पंजाब से आगे उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ गया है, जबकि दूसरा हरियाणा के ऊपर बना हुआ है। इसी वजह से पंजाब के कई इलाकों में बादल छा सकते हैं, तेज हवाएं चल सकती हैं, बिजली चमक सकती है और कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। बारिश की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक 26 जून तक और फिर 29 जून के बीच पंजाब में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। अगले 3 दिनों में गर्मी थोड़ी बढ़ेगी और तापमान 2 से 3 डिग्री तक ऊपर जा सकता है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी संभावना है। तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम     25 जून: पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, रूपनगर और मोहाली में बारिश व आंधी की संभावना।     26 जून: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में बारिश व आंधी की संभावना।     27 जून: मौसम विभाग की तरफ से कोई अलर्ट नहीं है। मौसम ड्राई रहेगा।

Heatwave के बीच बारिश का कहर, 7 राज्यों में अगले एक हफ्ते तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी जारी है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले चार से पांच दिनों तक विदर्भ, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ में हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, अगले 48 घंटे के दौरान दक्षिण पश्चिम मॉनसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा के बाकी हिससों, छत्तीसगढ़, झारखंड व बिहार के कुछ इलाकों में पहुंचने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इसके अलावा, इस हफ्ते पूर्वोत्तर भारत, उप हिमलयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है। आज 22 जून को मेघालय में कहीं-कहीं से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन सात राज्यों में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार, 22-28 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश होगी। इसमें से 22-26 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में आंधी तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी है। 23-28 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, 22-24 जून और 24-28 जून के दौरान असम, मेघालय में, 22-23 जून और 26-28 जून के दौरान नगालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी। कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल में भी बारिश बरसात दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 22-28 जून के दौरान, उत्तरी कर्नाटक में 22-25 जून के दौरान, दक्षिणी कर्नाटक में 23-24 जून के दौरान, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 22-24 जून और 28 जून को रायलसीमा में 22-25 जून और 28 जून को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने वाली है। तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में 22-28 जून के दौरान, उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक में 26-28 जून, दक्षिणी कर्नाटक में 22 जून, 25-28 जून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 25-27 जून के दौरान रायसीमा में 26-27 जून के दौरान बहुत भारी बरसात होगी। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में बारिश का अलर्ट वहीं, पूर्वी भारत की बात करें तो 22-28 जून के दौरान अंडमान-निकोबार द्वीप, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में, 22-23 जून और 26-28 जून के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, 28 जून को बिहार में, 22-23 जून के दौरान ओडिशा में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। 24-25 जून के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, 22-28 जून के दौरान झारखंड, 22-27 जून के दौरान बिहार, 24-28 जून के दौरान ओडिशा में कहीं कहीं बारिश होगी। वहीं, उत्तर भारत की बात करें तो 22 जून को जम्मू कश्मीर, लद्दाख में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। 23-28 जून के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 22-28 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में कहीं कहीं छिटपुट बारिश होगी। 22-26 जून के दौरान जममू कश्मीर, 22-25 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने वाली हैं। साथ ही, 22-26 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश में तेज हवाएं चलने वाली हैं। 22-26 जून के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब में, 24 जून को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली गिरने और तेज आंधी चलने की संभावना है। साथ ही, 25-28 जून के दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाएं चलने वाली हैं। 22 जून को हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में कहीं-कहीं ओले गिरेंगे।

वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर जारी, 17 जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

चंडीगढ़  पंजाब में आज बरसात और तेज हवाओं का अलर्ट है। सुनाम और पठानकोट में सुबह हुई बरसात के बाद माैसम सुहाना हो गया। इससे पहले सोमवार को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।  बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और पारा सामान्य के करीब पहुंच गया। राज्य में सबसे अधिक 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान फरीदकोट में दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए पंजाब के 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, मानसा, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। विभाग के अनुसार बुधवार को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं 18 जून से मौसम और अधिक सक्रिय होने के आसार हैं। विभाग ने 18 से 20 जून तक तीन दिन के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। बुधवार को छोड़ 19 जून तक मौसम में ये बदवाल जारी रहने वाला हैं। वहीं, सोमवार राज्य के तापमान में अधिक बदलाव देखने को नहीं मिला, जिसके चलते तापमान सामान्य के करीब बना रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ केंद्र के अनुसार 16 जून से 19 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ दिन और राहत मिलने की उम्मीद है। फरीदकोट रहा सबसे गर्म शहर सोमवार को पंजाब में औसत अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। राज्य का सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में 39.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा चंडीगढ़ में 38.0 डिग्री, पटियाला में 37.6 डिग्री, बठिंडा हवाई अड्डा क्षेत्र में 37.5 डिग्री, चंडीगढ़ हवाई अड्डा क्षेत्र में 37.0 डिग्री, भाखड़ा बांध क्षेत्र में 36.9 डिग्री, मोहाली और पठानकोट में 36.2 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री, लुधियाना का 35.6 डिग्री, पटियाला का 37.8 डिग्री, पठानकोट का 37.6 डिग्री और बठिंडा का 37.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री की वृद्धि हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस एसबीएस नगर में रिकॉर्ड किया गया। आंधी-तूफान से पावरकाॅम को 20.73 करोड़ का नुकसान पंजाब में 11 व 12 जून को आए तेज आंधी-तूफान से बिजली वितरण सिस्टम को भारी नुकसान हुआ था। पावरकाॅम की ओर से तैयार रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब भर में 9,981 बिजली के खंबे, 1,630 ट्रांसफार्मर और 331 किलोमीटर लंबी बिजली के तार क्षतिग्रस्त हुए। इससे पावरकॉम को 20.73 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक 9.14 करोड़ का नुकसान बाॅर्डर जोन में हुआ है। वहीं वेस्ट जोन में 3.90 करोड़, सेंट्रल जोन में 3.02 करोड़, साउथ जोन में 2.83 करोड़, नार्थ जोन में 1.42 करोड़ और ईस्ट जोन में सबसे कम 44 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बाॅर्डर जोन के अधीन पड़ते अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट में कुल 719 ट्रांसफार्मर और 4,420 बिजली के खंबे क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि वेस्ट जोन के बठिंडा, मानसा, फरीदकोट, मोगा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब व फाजिल्का में 421 ट्रांसफार्मरों और 2,567 खंबे, सेंट्रल जोन के जिला लुधियाना में 150 ट्रांसफार्मर और 429 खंबे, साउथ जोन के अधीन पड़ते पटियाला, संगरूर, बरनाला, रोपड़ और मोहाली में 216 ट्रांसफार्मर और 1,550 खंबे, नाॅर्थ जोन के अधीन पड़ते जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और एसबीएस नगर में 96 ट्रांसफार्मर और 749 खंबे और ईस्ट जोन में 28 ट्रांसफार्मर और 266 खंबे क्षतिग्रस्त हुए।  बीते कुछ वर्षों के दौरान मौसम की मार से बिजली वितरण सिस्टम को हुआ यह सबसे बड़ा नुकसान बताया जा रहा है। इससे पंजाब के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई थी। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस दौरान पावरकाॅम को रिकाॅर्ड गिनती में शिकायतें मिलीं। कईं घंटों के बाद पावरकाॅम की ओर से जरूरी मरम्मत कार्य करके इन शिकायतों का निपटारा करते हुए बिजली सप्लाई बहाल की जा सकी थी। जानें कैसा रहेगा अब मौसम 16 जून : मंगलवार को अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, पटियाला और चंडीगढ़ सहित अधिकांश मैदानी जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में किसी प्रकार का मौसम अलर्ट नहीं है और मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। 17 जून : पूरे पंजाब में किसी प्रकार का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्के बादल छाए रह सकते हैं। 18 जून : इस दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर सक्रिय होगा। एक बार फिर राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सीमावर्ती और मालवा क्षेत्र के साथ-साथ दोआबा और माझा क्षेत्र के कई जिलों में मौसम सक्रिय रह सकता है। 19 जून : पंजाब के लगभग सभी जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने अधिकांश जिलों को येलो जोन में रखा है। इस दौरान किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।    

मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, 28 जिलों में बारिश और तेज हवाएं; मानसून की एंट्री पर बड़ा अपडेट

भोपाल/जबलपुर /इंदौर  मध्य प्रदेश में इन दिनों मानसून की दस्तक से पहले की प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से चल रही हैं। रविवार (14 जून) को राज्य के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदला रहा और 30 से अधिक शहरों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल समेत उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के अधिकांश जिलों में बादलों ने जमकर हाजिरी लगाई। इसके साथ ही रायसेन और नरसिंहपुर जैसे इलाकों में तेज धूलभरी आंधी चली, जबकि सीहोर में हवाओं की रफ्तार 72 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा 42 मिलीमीटर बारिश उदयपुरा में मापी गई। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है. एमपी में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं और इसी के चलते आज (सोमवार) भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून सामान्य तारीख से तीन से चार दिन की देरी से आगे बढ़ रहा है और 15 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।  राज्य में जून माह के पहले पखवाड़े में सामान्य से ज्यादा प्री-मानसूनी बारिश दर्ज की जा चुकी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 65 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है. वहीं मानसून की औपचारिक एंट्री अभी बाकी है. जिसके बाद बारिश का आंकड़ा बढ़ सकता है. दूसरी ओर मालवा-निमाड़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में चिलचिलाती गर्मी का असर भी बना हुआ है. ऐसे में सोमवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो रूप देखने को मिल सकते हैं. कहीं तेज धूप और उमस होगी, तो कहीं आंधी, तेज हवा और बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।  आज इन जिलों में होगी बारिश! मौसम विभाग के अनुसार आज जबलपुर, मुरैना, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, कटनी, आगर-मालवा, विदिशा, अशोकनगर, भिंड, पन्ना, दतिया, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, मंडला, राजगढ़, छिंदवाड़ा, दमोह, पांढुर्णा, सिवनी, सागर, बालाघाट, अनूपपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और डिंडौरी जिले में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  तापमान में गिरावट और पचमढ़ी में बढ़ी ठंडक तेज आंधी-तूफान और बारिश के चलते पूरे प्रदेश के तापमान में औसतन 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। राज्य के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तो न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से भी नीचे गिरकर 18.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे वहां अच्छी-खासी ठंडक महसूस की जा रही है। दूसरी ओर, रविवार को राजगढ़ जिला 41 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। इसके अलावा खंडवा में 40.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 40.4 डिग्री और खरगोन में पारा 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का 30 से ज्यादा शहरों के लिए अलर्ट मौसम विभाग ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी करते हुए सजग रहने को कहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सीहोर, सिवनी, दमोह, दतिया, सतना और श्योपुरकलां सहित 30 से अधिक प्रमुख शहरों के लिए बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इन तीन जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' और आगे का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने विदिशा, रायसेन और सागर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन तीनों जिलों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है और यहाँ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ही बिजली चमकने और बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 घंटों तक प्रदेश के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और यह ऐसा ही बना रहेगा। हालांकि, इसके बाद आने वाले दिनों में तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा सकती है। भोपाल में दिनभर बारिश…पारा लुढ़का, शिवपुरी में 33.2 डिग्री पहुंचा रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश वाला मौसम रहा। भोपाल में रुक-रुककर पूरे दिन बारिश हुई। सीहोर, इंदौर, रायसेन और खरगोन में भी अच्छी बारिश हुई। कई इलाकों में तेज हवाओं से बिजली गुल हो गई, जबकि रायसेन में मकानों के छप्पर उड़ गए। खरगोन में निंदाई और बुआई का काम प्रभावित हुआ। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 बड़े शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। भोपाल में 35.4 डिग्री, इंदौर में 36.3 डिग्री, ग्वालियर में 39.2 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा। खजुराहो समेत 4 जगहों पर पारा 40 डिग्री खजुराहो, दतिया, नौगांव और मंडला ही ऐसे शहर रहे, जहां तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक रहा हो। बाकी सभी शहरों में इससे कम ही दर्ज किया गया। शिवपुरी में सबसे कम 33.2 डिग्री, पचमढ़ी में 35 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री, नर्मदापुरम-श्योपुर में 36.6 डिग्री, बैतूल में 36.7 डिग्री और शाजापुर में 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग की चेतावनी, पंजाब में आज बरसेंगे बादल और चलेंगी तेज हवाएं, 19 जून से नया बदलाव

अमृतसर  पंजाब के लोगों को आज गर्मी से राहत मिल सकती है। रविवार को सूबे में पारा 5.4 डिग्री चढ़ गया था। मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश में यलो अलर्ट जारी करते हुए बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अनुमान लगाया है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।  मंगलवार से अगले तीन दिनों तक 15 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि 19 जून को एक बार फिर यलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को सबसे अधिक 38.1 डिग्री तापमान पटियाला में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के अधिकतम तापमान में 5.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकांश क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से अगले तीन दिनों तक पंजाब के 15 जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इनमें अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला शामिल हैं। वहीं 19 जून को एक बार फिर मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दिन भी तेज हवाओं और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को अमृतसर का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री, लुधियाना का 36.2, बठिंडा का 37.6, फिरोजपुर का 37.1 और फाजिल्का का 36.7 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में भी 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री एसबीएस नगर में रिकॉर्ड किया गया।

गर्मी से मिलेगी राहत! 12 राज्यों में झमाझम बारिश के आसार, धूलभरी आंधी की चेतावनी जारी

नई दिल्ली जून की शुरुआत में हुई बारिश से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली थी। हालांकि अब तापमान एक बार फिर भड़ने लगा है। इसी बीच मौसम विभाग ने फिर से मौसम के करवट लेने का अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल मेत पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 6 से सात दिनों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश हो सकती है। इसके चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। कहां पहुंचा है मॉनसून मॉनसून इस समय महाराष्ट्र पहुंच चुका है और लगातार आगे बढ़ रहा है। कर्नाटक, तेलंगाना, आध्र प्रदेशष पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्से में दक्षिण पश्चिम मॉनसून पहुंच चूका है। वहीं अगले चार से पांच दिन में यह छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मॉनसून की रफ्तार कम हुई है। इसी वजह से अब तक मॉनसून उत्तर प्रदेश के सीमा में दाखिल नहीं हो पाया है कहां होगी झमाझम बारिश मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान, लद्दाख, मुजफ्फराबाद, उत्तराखंड में 15 से 20 तारीख तक बारिश का अनुमान है। इसके अलावा 15 जून से अगेल चार दिनों तक पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर में असम, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है। 15 जून को पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है। मध्य भारत की बात करें तो 15 जून को छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट आगामी छह से सात दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने आसार हैं, जबकि अगले तीन से चार दिनों के दौरान महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में कुछ जगहों पर लू चलने का अनुमान है। मौसम विभाग के रविवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और इसकी उत्तरी सीमा हरनाई (महाराष्ट्र) सोलापुर (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) भद्राद्री कोठागुडेम (तेलंगाना), कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश), पारादीप (ओडिशा), पारीपदा (ओडिशा), पुरुलिया (पश्चिम बंगाल), धनबाद (झारखंड) और मुजफ्फरपुर (बिहार)से होकर गुजर रही है। अगले चार से पांच दिनों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड, बिहार और दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। दूसरी तरफ, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों और सिक्किम में अगले एक सप्ताह तक व्यापक बारिश होगी। बिहार में 16 जून को भारी बारिश की संभावना है, वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 17 से 19 जून के बीच मूसलाधार बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक, केरल, कोंकण और गोवा में भी इस दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम के मिजाज की बात करें तो 14 जून की शाम या रात के समय आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और धूलभरी आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। इसके बाद 15 और 16 जून को भी दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना है और तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि 17 जून से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों के तापमान में बढ़ोतरी होगी और यह 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा। यूपी और बिहार का मौसम का मौसम उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, गोंडा, बलिया,म ऊ, चंदौली, मिर्जापुर, वाराणसी, सोनभद्र शामिल हैं। पश्चिमी यूपी में मथुरा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, मैनपुरी, कानपुर, झांसी और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। बिहार की बात करें तो पश्चिमी चंपारण, सारण, सिवान, भोजपुर, कैमूर बक्सर, रोहतास और औरंगाबाद में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।