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गर्मी से फिलहाल राहत नहीं, 29 मई के बाद बदलेगा मौसम; आंधी-तूफान की चेतावनी

नईदिल्ली  दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान में कोई बड़ी कमी आने की संभावना नहीं है। इसके बाद 29 से 31 मई के बीच तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि यह राहत पूरी तरह से नहीं होगी, क्योंकि ‘नौतपा’ का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। नौतपा अर्थात साल के वे नौ सबसे गर्म दिन होते हैं। यह अवधि मई के अंत में शुरू होकर जून के पहले सप्ताह तक की होती है। इस समय सूर्य भूमध्य रेखा के काफी करीब होता है और कर्क रेखा की ओर बढ़ता है, जिसके कारण मैदानी इलाकों का तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। दूसरी ओर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ जारी है, साथ ही 28 मई, 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिमी भारत के कई राज्यों में धूल भरी आंधी, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। फिलहाल 28 मई तक देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तराखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में लू या हीटवेव चलने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और पश्चिम राजस्थान में भीषण लू चलने का अंदेशा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रह सकता है। दोपहर के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, कोंकण-गोवा, सौराष्ट्र-कच्छ और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम के बने रहने की आशंका है। उमस के कारण लोगों को अधिक पसीना और बेचैनी महसूस हो सकती है। समुद्री क्षेत्रों में नमी बढ़ने से गर्मी और ज्यादा परेशान करेगी। जबकि, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में रात के समय भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में ‘वार्म नाइट’ की स्थिति रहने की आशंका जताई है। इसका मतलब है कि रात का तापमान सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे लोगों को नींद और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। क्या दिल्ली-एनसीआर में भीषण लू से मिलेगी राहत? दिल्ली-एनसीआर में 26 और 27 मई को भी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग ने भीषण लू के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 29 से 32 डिग्री के बीच रहने का पूर्वानुमान है। दिनभर आसमान साफ रहेगा, जिससे धूप और ज्यादा तेज महसूस होगी। गर्म हवाओं के कारण लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते 28 और 29 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में; 28, 30 और 31 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में; और 28 तथा 31 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ बारिश व 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के 70 किमी प्रति घंटे में तब्दील होने के आसार हैं। इन राज्यों में तापमान में गिरावट आएगी और तपिश से राहत मिलने की संभावना है। कई राज्यों में आंधी और बारिश के आसार वर्तमान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से मौसम तेजी से बदल रहा है। बिहार, झारखंड, कर्नाटक और कई दक्षिणी राज्यों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, केरल और पश्चिम बंगाल में भी गरज के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है। पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। चेरापूंजी में सात सेमी और अगरतला में आठ सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं आज, 26 मई, 2026 को भी असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई है। लोगों को नदी और पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की गई है। दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम भी बना रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं चलने के आसार हैं। समुद्र में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। मानसून की आगे बढ़ने की स्थिति दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। … Read more

मौसम का बड़ा यू-टर्न! कल से आंधी-तूफान और तेज बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली देश के अलग-अलग राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने पूर्वानुमान में इसकी जानकारी दी है। आईएमडी ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अगले 2-3 दिनों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में दस्तक देने की संभावना है। इसके लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में 28 मई से आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 60-80 किमी/घंटे की रफ्तार से चक्रवाती तूफान भी आ सकता है। आईएमडी के मुताबिक, अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लू और रात में उमस वाली गर्मी का प्रकोप रहेगा। हालांकि, इसके बाद राहत मिल सकती है। 28 और 29 मई को पूरे उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी चलने की आशंका है। इस दौरान 60 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। अलग-अलग हिस्सों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी है। इसके बाद तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। बिहार में आंधी-तूफान का अलर्ट 27 से 30 मई के दौरान बिहार में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। 27 और 29 मई को बिहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। सबसे गंभीर चेतावनी 29 मई के लिए है। इस दिन 80 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी और तूफान आने की आशंका है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। 28-29 मई को इन राज्यों में मौसम पूरी तरह पलट जाएगा। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में ओलावृष्टि के साथ 60 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज आंधी की संभावना है, जिससे तपती गर्मी से भारी राहत मिलेगी। पहाड़ों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में छिटपुट स्थानों पर लू चलेगी। गरज-चमक के साथ अलग-अलग जगहों पर बारिश होगी। 28 और 29 मई को इन तीनों पहाड़ी राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 70 किमी/घंटे रहने की संभावना है। आईएमडी ने इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कैसा रहेगा बंगाल का मौसम पश्चिम बंगाल में 27 से 29 मई के दौरान 50 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान की संभावना है। 27 मई को भारी बारिश हो सकती है। वहीं, झारखंड में अगले 7 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। 27 से 29 मई के बीच यहां 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की संभावना है। 27 मई को यहां लू का भी असर रहेगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसम मध्य प्रदेश में 27 मई को भीषण लू की स्थिति रहेगी। 28 से 30 मई के बीच 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू होगी, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। छत्तीसगढ़ में 27 और 28 मई को लू चलने के बाद 27 से 30 मई के दौरान राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ेंगी, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।

Heatwave से परेशान लोगों को राहत, IMD ने बताया कब और कहां होगी बारिश

नई दिल्ली इस समय पूरा उत्तर और मध्य भारत भीषण लू और टेम्परेचर का टॉर्चर झेल रहा है और फिलहाल इससे राहत मिलने के आसार दिखाई नदीं दे रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम पूर्वानुमानों के मुताबिक, उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले 7 दिनों तक लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। हालांकि, IMD ने इसी बीच मॉनसून पर बड़ी खुशखबरी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो-तीन दिन में मॉनसून भारत में यानी केरल तट पर दस्तक दे सकता है। इसके लिए अनुकूल मौसमी स्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व तथा पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान, असम, मेघालय, लक्षद्वीप, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। दिल्ली में पिछले 14 सालों सबसे गर्म रात राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार (25 मई) को न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 5.7 डिग्री अधिक है और लगभग 14 वर्षों में मई महीने की सबसे गर्म रात दर्ज की गई। IMD के अनुसार, इस महीने में न्यूनतम तापमान मई के महीने में इससे पूर्व आखिरी बार 26 मई, 2012 को न्यूनतम तापमान इससे अधिक 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। IMD के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में मई महीने की शुरुआत में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई थी, जब इस साल 21 मई को न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को दिल्ली में आंधी-बरिश आईएमडी के अनुसार, पालम में न्यूनतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक है, लोदी रोड में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। वहीं, रिज में यह 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक है और आयानगर में यह 32 डिग्री सेल्सियस बना रहा जो सामान्य से 5.3 डिग्री अधिक है। IMD के एक अधिकारी ने कहा, ''सफदरजंग, लोदी रोड और आयानगर में गर्म रात की स्थिति दर्ज की गई है।'' IMD ने 25 मई को शाम के समय बहुत हल्की बारिश या धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई है, जिससे मामूली राहत मिल सकती है। IMD का येलो अलर्ट आईएमडी के अनुसार, गर्म रात तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान में सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से लेकर 6.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होती है। आईएमडी ने सोमवार को लू चलने की आशंका जताते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है जिसके कारण अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और उससे सटे प्रायद्वीपीय भारत में भी अगले 3-5 दिनों तक यही स्थिति बनी रहेगी। IMD के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में विदर्भ के ब्रह्मपुरी में सबसे अधिक 47.1°C तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि 29 मई से अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। गर्मी के बीच राहत की खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आगे बढ़ रहा है। 24 मई तक मॉनसून की उत्तरी सीमा 7°N/60°E से लेकर 17°N/95°E तक पहुँच चुकी है। अगले 2-3 दिनों में इसके दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं। भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट एक तरफ जहाँ उत्तर भारत तप रहा है, वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटों में असम और मेघालय में अत्यधिक भारी वर्षा (21 सेमी या अधिक) दर्ज की गई है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक में भी भारी से बहुत भारी बारिश हुई है। IMD ने केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के लिए भी अगले 4-5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कहा है कि एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और आसपास के क्षेत्रों पर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अनुमान जताया है। पंजाब-हरियाणा से लेकर पश्चिमी यूपी तक बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, इससे कुछ राहत मिल सकती है। IMD के मुताबिक, 25 से 27 मई के दौरान उप-दहमालयी पश्चिम बंगाल, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा 25 मई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है। इसके अलावा 28 से 30 मई के बीच, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी गरज-बिजली के साथ मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान है।

लू के कहर पर बरसात का ब्रेक, लेकिन कल से फिर बढ़ेगा तापमान

चंडीगढ़  पंजाब में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बठिंडा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले एक महीने तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. वहीं किसान भी गर्म हवाओं और पानी की बढ़ती जरूरत के कारण परेशान हैं. तेज गर्मी का असर फसलों पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।  पंजाब में भीषण लू के कहर से हल्की राहत मिली है। शुक्रवार सुबह बरसात के बाद लुधियाना, मोगा के लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हुआ। वहीं वीरवार को आसमान आग उगल रहा था।   लुधियाना, पटियाला, हलवारा और बठिंडा लू की चपेट में रहे। पटियाला का पारा सामान्य से 4.8 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। पंजाब में सबसे अधिक 45.9 डिग्री का पारा फरीदकोट का रहा। इसी बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब के छह जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश पड़ने की चेतावनी जारी कर दी है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और फिरोजपुर शामिल हैं। जबकि पंजाब के बाकी जिलों के लिए भीषण लू चलने का ओरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके असर में जम्मू-कश्मीर में मौसम बदला है और हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई है। पंजाब में बुधवार रात फरीदकोट, फाजिल्का आकाश में आंशिक तौर पर बादल रहे। इस वजह से वीरवार को पंजाब के तापमान में 0.9 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज की गई। अभी पारा सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। डायरेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से पंजाब में मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा और साथ में भीषण लू चलेगी। इससे तापमान में फिर से वृद्धि दर्ज की जाएगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। सबसे कम 22.4 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 41.5 डिग्री, लुधियाना का 43.0 डिग्री, पटियाला का 44.9 डिग्री, पठानकोट का 42.4 डिग्री, बठिंडा का 45.6 डिग्री, फाजिल्का का 42.1 डिग्री, फिरोजपुर का 41.6 डिग्री, एसबीएस नगर का 42.8 डिग्री और रूपनगर का 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 28.5 डिग्री, लुधियाना का 27.4 डिग्री, पटियाला का 28.5 डिग्री, पठानकोट का 25.0 डिग्री, फाजिल्का का 28.4 डिग्री, होशियारपुर का 24.3 डिग्री दर्ज किया गया।  जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले तराई इलाकों और तलहटी भागों में बदलवाही के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि यहां बारिश का दायरा ज्यादा बड़ा नहीं रहेगा, लेकिन मौसम में हल्का बदलाव जरूर महसूस होगा। पंजाब के उत्तर व पूर्वी जिलों, हरियाणा के उत्तरी जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी जिलों में कल सुबह या फिर दोपहर बाद के घंटों में कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन रही है।  इसके अलावा राजस्थान के उत्तरी जिलों और पश्चिमी हरियाणा में भी कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। शाम के समय बादल बनने के कारण कुछ इलाकों में हल्की राहत महसूस हो सकती है। हालांकि यह सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि बड़े इलाकों में व्यापक तेज बारिश हो सके। गर्मी से राहत भी सिर्फ कुछ एक इलाकों तक सीमित रहेगी। दिन के समय तेज गर्मी बनी रहेगी, लेकिन शाम के घंटों में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। कुछ जगहों पर बादल बनने के कारण बूंदाबांदी की गतिविधियां मैदानी इलाकों में देखने को मिल सकती हैं। आगे का मौसम पूर्वानुमान: कल से इस सिस्टम का प्रभाव मैदानी इलाकों में शुरू होगा, जो कि 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ हल्की बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल के इलाकों में फिलहाल बारिश की किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं होंगी। इन इलाकों में मौसम साफ और बेहद गर्म बना रहेगा। दिन के समय तेज धूप और लू का असर लगातार बना रहेगा। पंजाब, हरियाणा, उत्तर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मौसम सिर्फ शाम बाद के घंटों में ही बदलेगा। दिन में प्रचंड गर्मी का दौर इन इलाकों में जारी रहेगा और तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। तो बारिश कब होगी? इस सिस्टम के गुजरने के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी 25 मई को उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा, जिसके कारण पंजाब, हरियाणा, उत्तर राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश और शायद पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां फिर से नए सिरे से शुरू हो सकती हैं। कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ हल्की तेज बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद 28 मई से एक नया मजबूत चक्रवर्ती हवाओं का क्षेत्र बनने वाला है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी को खींचेगा। साथ में नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आने और दोनों हवाओं के मिलने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी।  यह बारिश की गतिविधियां 28 मई से धीरे धीरे बढ़ेंगी और 30 व 31 मई को जोर पकड़ते हुए 3 जून तक जारी रह सकती हैं। उत्तर और मध्य भारत के कई इलाकों में मौसम पूरी तरह बदलता हुआ नजर आ सकता है। उत्तर भारत में गर्मी का यह दौर 28 मई तक ही रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश और पूर्वी हवाओं के चलने से उमस वाली गर्मी जरूर परेशान करेगी, लेकिन लगातार बारिश की गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिलने लगेगी।

मध्य प्रदेश में मौसम का बदलाव: 8 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में गर्मी बरकरार

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम अब फिर से बदलता हुआ दिख रहा है। एक्टिव दो टर्फों और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते सोमवार को भी कई जिलों में आंधी और बारिश का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने मंडला, सिवनी सहित आठ जिलों के लिए चेतावनी दी है। इधर, भोपाल, इंदौर, और उज्जैन के कुछ इलाकों में तेज गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। रविवार को रतलाम सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मई में यह पहली बार है जब यह तापमान इतना ऊँचा गया। मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव से लोगों को उमस और गर्म हवाओं दोनों का सामना करना पड़ रहा है। इंडिया भू-आवरण विभाग की भोपाल शाखा के अनुसार बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है। हल्की बारिश और बूंदाबांदी का भी अनुमान है। रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदलता रहा। इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, और शहडोल संभाग के करीब 18 जिलों में कहीं बादल छाए रहे, तो कहीं हल्की बारिश हुई। कई जगहों पर तेज हवा से थोड़ी राहत मिली, लेकिन दिन चढ़ने के साथ गर्मी फिर से बढ़ गई। IMD भोपाल के अनुसार, सोमवार को बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में 30 से 40Km प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी और बारिश का अनुमान है। इसकी वजह टर्फ और चक्रवात का एक्टिव होना है।रविवार को तीन सिस्टम एक्टिव रहे। इससे इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग के 18 जिलों में मौसम बदला रहा। कहीं बादल छाए तो कहीं बूंदाबांदी हुई। आज इन जिलों में तेज गर्मी का असर मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर और शाजापुर में तेज गर्मी पड़ेगी।रतलाम में रिकॉर्ड 45.5 डिग्री पारा रविवार को प्रदेश के कई शहरों में तेज गर्मी पड़ी। रतलाम में इस सीजन मई में पहली बार पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। यहां लगातार दूसरे दिन प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया। शाजापुर में 44 डिग्री, धार में 42.4 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री और नर्मदापुरम में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। रायसेन, नरसिंहपुर, सागर और गुना में पारा 40 डिग्री से अधिक रहा।प्रदेश के 5 बड़े शहरों में उज्जैन में सबसे ज्यादा 42.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में 40.4 डिग्री, इंदौर में 41.9 डिग्री, ग्वालियर में 38.4 डिग्री और जबलपुर में 38.9 डिग्री सेल्सियस रहा। कल से हीट वेव का अलर्ट मौसम विभाग ने 12 मई से प्रदेश में हीट वेव यानी लू का अलर्ट जारी किया है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू चल सकती है।मई में पहली बार तेज गर्मी का दौर प्रदेश में 30 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था। लगातार 11 दिन यानी 10 मई तक बारिश हुई। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर रहा तो कभी चक्रवात और टर्फ का। इसी वजह से मई के पहले सप्ताह में बारिश हुई। रतलाम सबसे गर्म रविवार को प्रदेश के कई शहरों में तेज गर्मी का दौर देखने को मिला। इनमें सबसे अधिक तापमान रतलाम में रिकॉर्ड हुआ। सीजन में पहली बार प्रदेश का अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। यहां लगातार दूसरे दिन प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज हुआ। इसके अलावा शाजापुर में 44 डिग्री, धार में 42.4 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री और नर्मदापुरम में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इसके अलावा, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर और गुना में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश के 5 बड़े शहरों का तापमान बड़े शहरों में सबसे अधिक तापमान उज्जैन में 42.4 डिग्री दर्ज हुआ। इसके बाद इंदौर में 41.9 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, जबलपुर में 38.9 डिग्री और ग्वालियर में 38.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कल से हीट वेव का अलर्ट मौसम विभाग ने 12 मई से प्रदेश में हीट वेव यानी लू चलने का अलर्ट जारी किया है। बताया जा रहा है कि, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का अधिक असर देखने को मिल सकता है। खास बातें -दो टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव होने से सोमवार को एमपी के 8 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना है। -बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी बारिश हो सकती है। -30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी संभावना है। -वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर और शाजापुर में तेज गर्मी पड़ेगी।

13 जिलों में मौसम अलर्ट, प्रदेश में दो सिस्टम सक्रिय; कल से बढ़ेगी गर्मी

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार मई की शुरुआत से ही मौसम ने अलग रंग दिखाया है। जहां आमतौर पर तेज गर्मी का असर रहता है, वहीं इस बार आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के बीचोंबीच से दो ट्रफ लाइन गुजर रही हैं और ऊपरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसी वजह से कई जिलों में मौसम लगातार बदल रहा है। इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट शनिवार को मौसम विभाग ने 13 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी भोपाल स्थित राज्य मौसम विभाग ने शनिवार को सूबे के नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली यानी कुल 13 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन्ही में से कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। इन जिलों में आंधी बारिश दर्ज इससे पहले शुक्रवार को कहीं तेज गर्मी तो कहीं आंधी-बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन, सागर, दमोह, बालाघाट, भोपाल, देवास, खरगोन, राजगढ़, विदिशा, टीकमगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, बैतूल, नरसिंहपुर, मंडला, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर में कहीं तेज आंधी तो कहीं हल्की बारिश हुई। इन जिलों में तेज ग्रमी का असर वहीं, दिन में कई जिलों में गर्मी का असर देखा गया। इस वजह से रतलाम में पारा 43.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। शाजापुर में 42.6 डिग्री रहा। वहीं, पांच बड़े शहरों में उज्जैन में पारा 42.4 डिग्री, इंदौर-भोपाल में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 38.8 डिग्री और ग्वालियर में 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 3 से 4 डिग्री तक तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान मौसम विभाग ने शनिवार को भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, लेकिन इसके बाद दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। रविवार को मौसम शुष्क होने के कारण प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में अदिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग की सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने बिजली चमकने और आंधी के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। खासकर पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने को कहा गया। मौसम में बदलाव होने पर खुले – मैदानी क्षेत्र छोड़कर किसी पक्के मकान में शरण लेने की हिदायत दी गई है। बेमौसम हो रही इस बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है। मई में अब तक बारिश का दौर IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, इस बार मई के पहले ही दिन से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। आम तौर पर शुरुआत में तेज गर्मी का असर रहता है, लेकिन इस बार कहीं तेज आंधी-बारिश तो कहीं ओलावृष्टि वाला मौसम रहा। चक्रवात, ट्रफ और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से ऐसा मौसम रहा। पारे में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी मौसम विभाग ने शनिवार को भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है, लेकिन इसके बाद दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। रविवार को ज्यादातर शहरों में पारे में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग की सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने बिजली चमकने और आंधी के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। खुले मैदान में होने पर तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें। बेमौसम हो रही इस बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है।

10 मई से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, 11 मई से पंजाब में आएंगी तेज बारिश और आंधी

चंडीगढ़  पंजाब में 11 मई से मौसम के मिजाज फिर बदलेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक 10 मई से पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से पंजाब में 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और कई जगहों पर बारिश होगी। मौसम विभाग ने 11 मई सेे चार दिन के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पंजाब के तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। फिलहाल पंजाब में मौसम शुष्क बना हुआ है। शुक्रवार को तापमान में 0.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। फिलहाल तापमान सामान्य से 5 डिग्री नीचे बना है। सबसे अधिक 38.1 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के न्यूनतम तापमान में कोई बदलाव दर्ज नहीं हुआ। यह सामान्य के नजदीक बना हुआ है। सबसे कम 16.5 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों का तापमान अमृतसर का अधिकतम पारा 33.6 डिग्री, लुधियाना का 33.5 डिग्री, पटियाला का 33.6 डिग्री, पठानकोट का 35.8 डिग्री, एसबीएस नगर का 33.2 डिग्री, फरीदकोट का 36.0 डिग्री, फाजिल्का का 36.3 डिग्री, फिरोजपुर का 35.4 डिग्री, होशियारपुर का 32.5 डिग्री और रूपनगर का 34.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का न्यूनतम पारा 21.3 डिग्री, लुधियाना का 20.4 डिग्री, पटियाला का 20.0 डिग्री, पठानकोट का 22.4 डिग्री, बठिंडा का 23.0 डिग्री, फाजिल्का का 21.5 डिग्री, फिरोजपुर का 21.9 डिग्री और होशियारपुर का 19.4 डिग्री दर्ज किया गया।   

भूजल बचाने निगम की पहल: 15 हजार इमारतों में लगाए जाएंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

इंदौर  इंदौर में गर्मी के बढ़ते प्रकोप के साथ ही पानी की किल्लत विकराल रूप धारण करने लगी है। स्थिति यह है कि नर्मदा के नलों में अब कम दबाव से पानी की आपूर्ति हो रही है और शहर के 30 से 40 प्रतिशत इलाकों में बोरिंग भी पूरी तरह सूख चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने भूजल स्तर सुधारने और बारिश की बूंदों को सहेजने के लिए कड़े कदम उठाना शुरू कर दिया है। निगम प्रशासन ने अब शहर के तमाम आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक भवनों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है। अभियान के पहले चरण में 600 से अधिक बहुमंजिला इमारतों और बड़े भवनों को चिह्नित कर नोटिस थमाए गए हैं। आगामी दो महीनों के भीतर निगम ने 15,000 भवनों में यह सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा है और आम नागरिकों से भी इसे स्वेच्छा से अपनाने की अपील की जा रही है।  शहरी क्षेत्रों में जमीन के भीतर का पानी खत्म होता जा रहा बढ़ती हुई आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए नर्मदा के चौथे चरण का कार्य तो प्रारंभ कर दिया गया है, परंतु सबसे बड़ी चुनौती पानी की वास्तविक उपलब्धता को लेकर बनी हुई है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि पानी की टंकियों को पूर्व की भांति ही भरा जा रहा है, किंतु धरातल पर परिस्थितियां इसके विपरीत नजर आ रही हैं। शहरी क्षेत्रों में जमीन के भीतर पानी का स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। इसी गिरावट को रोकने के उद्देश्य से नगर निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वॉटर रिचार्जिंग की व्यापक पहल की है। भूजल स्तर में सुधार के लिए दीर्घकालिक योजना भूजल बोर्ड की हालिया रिपोर्ट में निगम के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी दिखाई दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार, पानी का दोहन प्रतिशत 119 से कम होकर 117 पर आ गया है। भविष्य की जरूरतों और जल संकट के स्थाई समाधान के लिए निगम ने लंबी अवधि की योजना पर ध्यान केंद्रित किया है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के अनुसार, बड़ी इमारतों में इस प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में लगभग 800 भवन स्वामियों और मल्टी संचालकों ने सूचित किया है कि उन्होंने सिस्टम लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस पूरी प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए 30 जून तक की समय सीमा तय की गई है। निर्माण कार्यों और व्यावसायिक उपयोग पर कड़े प्रतिबंध लागू किए बढ़ती गर्मी में घरेलू खपत के साथ-साथ निर्माण कार्यों और गैरेज जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में पानी का बेतहाशा उपयोग हो रहा है। इसे नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने निर्माण कार्यों और ऑटोमोबाइल सर्विस स्टेशनों पर बोरिंग या नर्मदा जल के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसके विकल्प के रूप में निगम ने शहर के 35 अलग-अलग स्थानों पर ट्रीटेड वॉटर के हाईडेंट पॉइंट बनाए हैं, जहां से व्यावसायिक कार्यों के लिए पानी लिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त कार धोने या किसी भी रूप में पानी का दुरुपयोग करने वालों पर चालानी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। ज्ञात हो कि निगम ने दो वर्ष पूर्व भी एक लाख वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का बड़ा अभियान चलाया था। 

आंधी, बारिश और ओलों का कहर: कई राज्यों में मौसम ने लिया अचानक यू-टर्न

देहरादून/चंडीगढ़/लखनऊ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ली है। रविवार सुबह से ही इन क्षेत्रों में तेज आंधी और झमाझम बारिश का दौर जारी है। कई जगहों पर दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उत्तराखंड में आज सुबह से मौसम खराब है। राजधानी देहरादून में अचानक अंधरा छा गया और झमाझम बारिश शुरू हो गई और जमकर ओलावृष्टि हुई। वहीं, आस पास के इलाकों में भी बारिश से तापमन में गिरावट आई है। प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दून समेत कई जिलों में चार और पांच मई के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में बारिश और बिजली चमकने की संभावना है। इसके अलावा 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का भी अनुमान है जबकि प्रदेश के सभी जिलों में कहीं-कहीं बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में बदला मौसम का मिजाज पंजाब में रविवार की छुट्टी का आगाज सामान्य उजाले के साथ नहीं, बल्कि काले घने बादलों के पहरे के साथ हुई। आसमान में उमड़े बादलों ने ऐसा डेरा डाला कि सुबह के वक्त ही रात जैसा नजारा बन गया। सड़कों पर गाड़ियों को हेडलाइट्स जलाकर चलना पड़ा। 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएंमौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने लगीं। बादलों की कड़कड़ाहट और बिजली की चमक के बीच शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। हरियाणा में अचानक मौसम बदला पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली है। रविवार सुबह अंबाला और यमुनानगर में आए कुदरत के इस बदलाव ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज आंधी और धूल के गुबार के कारण सुबह के समय ही सड़कों पर अंधेरा छा गया, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंबाला में 40 किमी की रफ्तार से चली हवाएं अंबाला में सुबह लगभग पौने आठ बजे अचानक मौसम बदल गया। करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने शहर में अफरा-तफरी मचा दी। आंधी इतनी जोरदार थी कि कई घरों की छतों पर रखा सामान उड़ता हुआ दिखाई दिया। आंधी के कुछ ही देर बाद गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यमुनानगर में धूल के गुबार से दिन में हुआ 'रात' का अहसास यमुनानगर में सुबह 8:15 बजे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। तेज आंधी के कारण चारों तरफ धूल का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई। आसमान में काले बादलों के जमावड़े के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया और लोगों को घरों व वाहनों की लाइटें जलानी पड़ीं। यहां भी तेज आंधी के बाद झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जो खबर लिखे जाने तक जारी था। यूपी के रायबरेली में पड़े ओले यूपी में मौसम एक बार फिर से पलट गया है। मौसम विभाग के अनुसार चार मई से प्रदेश के कई जिलों में बरसात होनी थी लेकिन दो मई की रात से ही अवध के कई जिलों में अच्छी बरसात हुई। सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, अमेठी, रायबरेली सहित कई जिलों में रविवार की सुबह हल्की बरसात हुई। इसके पहले शनिवार की शाम को भी इन इलाकों में हल्की बारिश की खबरें थीं। वहीं, रायबरेली शहर के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।

चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली में तेज आंधी के साथ बरसे बदरा, पंजाब में मौसम का मिजाज हुआ बदल

पंचकूला  रविवार की छुट्टी का आगाज सामान्य उजाले के साथ नहीं, बल्कि काले घने बादलों के पहरे के साथ हुई। आसमान में उमड़े बादलों ने ऐसा डेरा डाला कि सुबह के वक्त ही रात जैसा नजारा बन गया। सड़कों पर गाड़ियों को हेडलाइट्स जलाकर चलना पड़ा। 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएंमौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने लगीं। बादलों की कड़कड़ाहट और बिजली की चमक के बीच शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया।   धराशायी हुए पेड़, थमी शहर की रफ्तार तूफान का असर शहर के बुनियादी ढांचे पर भी देखने को मिला। हवाओं का वेग इतना तेज था कि शहर के कई इलाकों में पुराने और भारी-भरकम पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। इसके चलते कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हालात यह हो गए कि…सड़कों पर सन्नाटा दिन के उजाले में घुप अंधेरा होने और लगातार बारिश से लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।बिजली गुल: पेड़ गिरने और तेज हवाओं के कारण शहर के कई सेक्टरों में घंटों तक बिजली गुल रही।जलभराव की स्थिति: लगातार हुई तेज बारिश से शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तीन मई को एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब में चार व पांच मई को आंधी वर्षा के साथ साथ ओलावृष्टि को लेकर मौसम केंद्र चंडीगढ़ ने ओरेंज अलर्ट जारी किया है। शनिवार को जारी किए गए मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव हिमालयी क्षेत्रों के साथ साथ मैदानी इलाकों पर भी देखने को मिलेगा। इसके चलते पंजाब पंजाब व चंडीगढ़ में गरज चमक के साथ वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार तीन मई को अलग अलग स्थानों पर गरज के साथ छींटे व तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। जबकि चार व पांच मई को ज्यादातर जगहों पर 40 से पचास किलोमीटर प्रति घंटे, कुछ जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती है। इस दौरान कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। ओलावृष्टि के दौरान घर से न निकलें बाहर विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार से अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। जिससे लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी है। जिसमें गरज चमक, ओलावृष्टि के दौरान घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वह अपने कृषि कार्य फिलहाल स्थगित कर रखें और फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। गेहूं और अन्य खड़ी फसलों को तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बचाने के लिए उचित प्रबंध करने को कहा गया है। इसके अलावा आंधी वर्षा की संभावना को देखते हुए सिंचाई व कीटनाशकों का छिड़काव न करने के लिए कहा है। दूसरी तरफ शनिवार को पंजाब के कई जिलों में मौसम गर्म रहा। जबकि कुछ जिलों में तेज हवाएं चलने से गर्मी से थोड़ी राहत रही। लुधियाना में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज  विभाग के अनुसार बठिंडा में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा फाजिल्का में 39.5 डिग्री, फरीदकोट में 39.0 डिग्री और लुधियाना में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर में 37.1 डिग्री, पटियाला में 37.5 डिग्री और चंडीगढ़ में 36.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।