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मध्य प्रदेश में 3 चक्रवात सक्रिय, 7 जिलों में बारिश, 11 जिलों में अलर्ट; ओले पड़ने की आशंका

भोपाल मध्य प्रदेश के आसमान पर इस समय तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन मंडरा रहे हैं, जिसके प्रभाव से अप्रैल के महीने में मानसून जैसा नजारा दिख रहा है. बुधवार को भोपाल, उज्जैन और रायसेन समेत 7 जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिर सकते हैं।  ओलावृष्टि और आंधी का 'डबल अटैक' मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का प्रबल अनुमान है. इसके अलावा, ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर समेत 18 जिलों में बारिश होने का अलर्ट है, वहीं दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का अनुमान जताया है। इससे पहले मंगलवार को भिंड, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोक नगर, टीकमगढ़, सतना के चित्रकूट और रीवा में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहा। कहीं, तेज आंधी चली तो कहीं बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश हुई। वहीं रतलाम में धूल भरी हवाएं चलीं। हवा की रफ्तार: प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है।  नया सिस्टम: 11 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिससे अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भी गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।  11 अप्रैल को नया सिस्टम मौसम विभाग की मानें तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा, जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। तेज आंधी भी चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। भीषण गर्मी का इतिहास और वर्तमान मध्य प्रदेश में अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर झुलसाने वाली गर्मी के लिए जाना जाता है।  ग्वालियर में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है. भोपाल का रिकॉर्ड 29 अप्रैल 1996 को 44.4 डिग्री रहा था. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से 'क्लाइमेट चेंज' के कारण अप्रैल में बारिश का ट्रेंड बढ़ा है. साल 2013 और 2023 में भी अप्रैल के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई थी।  इन जिलों में बारिश का अलर्ट: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, इटारसी और शिवपुरी। 

मध्य प्रदेश में 30 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि, 3 दिन बाद हीटवेव का रहेगा असर

भोपाल   मध्य प्रदेश में अप्रैल में आमतौर पर तेज गर्मी का दौर शुरू हो जाता है. इस बार आंधी और बारिश ने तापमान को नीचे ला दिया है. मौसम विभाग ने प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. अगले 72 घंटे तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का अलर्ट है. मौसम साफ होते ही तापमान तेजी से बढ़ेगा और अगले सप्ताह तक पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है।  तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. बादल और हल्की बारिश के कारण प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा. बीते 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके बाद खरगोन और रतलाम में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा. राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 3.8 डिग्री सेल्सियस कम है।  मध्य प्रदेश में अगले 3 दिन आंधी-बारिश के साथ ओले गिरेंगे  इंदौर में 34.2 डिग्री और जबलपुर में 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ ही रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है. हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. कई जिलों के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।  इन जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा मौसम विभाग ने 7 अप्रैल के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है. भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. ग्वालियर-चंबल संभाग में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बताया गया है।  ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी और गुना जिलों में वज्रपात को लेकर लोगों को सावधान रहने को कहा गया है. इसके अलावा बुंदेलखंड के छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और सागर जिलों में भी तेज हवा और हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।  पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया "पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है. रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, पन्ना और दमोह में आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. रीवा और मऊगंज क्षेत्र में हवाओं की रफ्तार तेज रहने की संभावना है. वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।  एक साथ कई वेदर सिस्टम सक्रिय मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार "प्रदेश में मौसम के अचानक बदलने की मुख्य वजह एक साथ कई मौसमी प्रणालियों का सक्रिय होना है. जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है. इसके साथ ही दक्षिण कैस्पियन सागर क्षेत्र से एक और पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ रहा है. उत्तर-पूर्व उत्तरप्रदेश से लेकर पूर्वी मध्यप्रदेश होते हुए विदर्भ तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है. इन सभी प्रणालियों के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है।  8 से 10 अप्रैल तक ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार "अगले तीन दिन तक प्रदेश में मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी, हालांकि धीरे-धीरे इसका असर कम होने लगेगा. 8 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 9 अप्रैल तक बारिश का क्षेत्र सिमटकर मुख्य रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश तक रह जाएगा. इस दिन रीवा, सीधी और सिंगरौली जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. जबकि 10 अप्रैल से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होने लगेगा. विभाग ने इस दिन के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।  अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तेज गर्मी मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही बादल छंटेंगे और आसमान साफ होगा, तापमान तेजी से बढ़ने लगेगा. 10 अप्रैल के बाद दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है. वर्तमान में जहां अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच है, वहीं, अगले सप्ताह की शुरुआत तक कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है. इसके साथ ही प्रदेश में हीट वेव यानी लू का असर भी शुरू होने की संभावना जताई गई है। 

IMD का अलर्ट: 80KM की तेज़ हवाओं के साथ बंगाल-सिक्किम में होगी मूसलधार बारिश, UP-बिहार में भारी बारिश

कलकत्ता  देश में मौसम का मिजाज इस समय पूरी तरह बदला हुआ है. आसमान में बादल हैं, हवाओं में तेजी है और कई इलाकों में अचानक बारिश हो रही है. कहीं ओले गिर रहे हैं तो कहीं बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है. बंगाल और सिक्किम जैसे इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है. वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले 72 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. मौसम विभाग (IMD) ने साफ संकेत दिए हैं कि यह बदलाव सामान्य नहीं है. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने पूरे देश के मौसम को अस्थिर बना दिया है. इसका असर हर क्षेत्र में अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है।  बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. खेतों में खड़ी फसलें सबसे ज्यादा खतरे में हैं और किसान लगातार आसमान की ओर देख रहे हैं. तेज हवाओं के साथ गिरने वाले ओले फसलों को सीधे नुकसान पहुंचा रहे हैं. शहरों में भी हालात सामान्य नहीं हैं. कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. कई राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।      पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है और इस बदलाव ने लोगों को चौंका दिया है. अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है, इससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति भी बनी है. वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है. 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है, इससे कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं, इससे जान-माल का खतरा बना हुआ है. मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है।      IMD का कहना है कि इस समय कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जो इस अस्थिर मौसम के पीछे मुख्य कारण हैं. पश्चिमी विक्षोभ लगातार उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहे हैं और उनकी तीव्रता भी अधिक बनी हुई है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी और मध्य भारत में नमी बढ़ा रही हैं, इससे गरज-चमक और बारिश की घटनाएं तेज हो गई हैं. इन दोनों वेदर सिस्टम के टकराव के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है. यही वजह है कि देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है और कई क्षेत्रों में एक साथ अलग-अलग तरह की मौसमीय गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।  दिल्ली-NCR में फिर बिगड़ेगा मौसम दिल्ली-NCR में मौसम लगातार बदलता नजर आ रहा है और इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है. 6 अप्रैल को मौसम कुछ हद तक साफ रह सकता है, इससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है. 7 और 8 अप्रैल को एक बार फिर मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. इन दिनों आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इसके साथ ही तेज हवाएं चलने की संभावना भी है, जो तापमान को नीचे लाने में मदद करेंगी।  उत्तर प्रदेश में भारी बारिश     उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और इसका असर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में देखने को मिल रहा है. कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें लखनऊ, कानपुर, झांसी, सहारनपुर, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है. हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा ओलावृष्टि की भी आशंका है, जो खासतौर पर किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इससे गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है।      मौसम विभाग के अनुसार राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और यह प्रणाली लगातार सक्रिय बनी हुई है. नम हवाओं के टकराव से गरज-चमक की घटनाएं बढ़ रही हैं और अचानक बारिश हो रही है. आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना है, इससे गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम का यह अस्थिर रूप लोगों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।  बिहार में मौसम का बदलाव     बिहार में भी मौसम ने रुख बदल लिया है और आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं. कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. इसमें पटना, गया, भोजपुर, पश्चिम और पूर्वी चंपारण जैसे इलाके शामिल हैं. इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, इससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।      6 और 7 अप्रैल को कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, इससे फसलों को नुकसान हो सकता है. इसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण हो रहा है. इन दोनों के प्रभाव से राज्य में नमी बढ़ गई है और मौसम अस्थिर हो गया है।  राजस्थान में मौसम ने ली … Read more

पंजाब-चंडीगढ़ में आज से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना, ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं के साथ आंधी का खतरा

 चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में शुक्रवार और शनिवार को बारिश, तेज हवाएं और ओले गिरने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। मौसम विभाग की तरफ से इस संबंध में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।  12 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना पंजाब के कुल 22 जिलों में मौसम का असर देखने को मिलेगा। इनमें से 12 जिलों पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, गुरदासपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर में आंधी, बिजली के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। सभी जिलों में बादल छाए रहेंगे। इसके अलावा 10 जिलों फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है। वहीं बारिश की बात करें तो 14 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, जिनमें पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर में कई जगहों पर और गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर व मोहाली में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। सात अप्रैल से नया विक्षोभ एक्टिव होगा पूर्वी ईरान और आसपास के क्षेत्र में 3.1 किमी ऊंचाई पर बना पश्चिमी विक्षोभ अब पूर्वी ईरान और उससे सटे अफगानिस्तान के ऊपर 3.1 से 7.6 किमी की ऊंचाई के बीच सक्रिय है। दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान और कच्छ के आसपास 1.5 किमी ऊंचाई पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) अब इस विक्षोभ से जुड़ गया है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 7 अप्रैल 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। आठ अप्रैल तक बारिश की संभावना।  मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक राज्य में 3, 4, 7 और 8 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 5 और 6 अप्रैल को कुछ अलग-थलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद अगले 3 दिनों में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।

पंजाब में मौसम का बदलाव: आंधी और बारिश का अलर्ट, फरीदकोट में तापमान 33°C दर्ज

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में 31 मार्च को मौसम ने फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने पूरे क्षेत्र के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए आंधी, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। यह बदलाव पहले से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज हवाओं और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के दस जिलों में आंधी आने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), तरनतारन, अमृतसर, कपूरथला और जालंधर शामिल हैं। इन इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले क्षेत्रों और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचने को कहा गया है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि यह स्थिति दिनभर बनी रह सकती है और शाम तक कुछ स्थानों पर प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है। कई जिलों में बारिश के आसार राज्य के 22 जिलों में अलग-अलग स्तर पर बारिश की संभावना जताई गई है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में छिटपुट स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। बारिश के इस दौर से जहां तापमान में संतुलन बना हुआ है, वहीं किसानों के लिए भी यह राहत और चिंता दोनों का कारण बन सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पिछले 24 घंटे का मौसम हाल बीते दिन सुबह से शाम तक पंजाब के अधिकतर हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। कई मौसम केंद्रों पर शून्य मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिसमें पठानकोट के थिन डैम क्षेत्र में 5.5 मिलीमीटर और फिरोजपुर में 1.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। राज्य के प्रमुख शहरों में इस दौरान कोई उल्लेखनीय वर्षा रिकॉर्ड नहीं की गई। मौसम विभाग के अनुसार यह अस्थिर स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के कारण बनी हुई है, जिससे कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बारिश हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस समय सक्रिय है। यह सिस्टम उत्तर ईरान और उससे सटे कैस्पियन सागर के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में 3.1 से 9.4 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके साथ एक ट्रफ भी बना हुआ है, जो मौसम को और अधिक अस्थिर बना रहा है। इसके प्रभाव से एक और चक्रवाती परिसंचरण, जो पहले उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर था, अब पंजाब और आसपास के हरियाणा क्षेत्र में शिफ्ट हो गया है। यह परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है, जिससे क्षेत्र में बादल, बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार 31 मार्च, 1 अप्रैल और 3 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद भी कुछ स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। तापमान की बात करें तो अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। हालांकि इसके बाद अगले चार दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद फिर से तापमान में गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में ओलावृष्टि और अंधड़ का अलर्ट: 2-3 डिग्री तापमान गिरने की संभावना, बिजली गिरने का भी खतरा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं कुछ इलाकों में ओले गिरने और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने बताया कि 4 अप्रैल तक ऐसा ही मौसम बना रहने की संभावना है। बारिश और बादलों के छाए रहने से दिन के तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी। प्रदेश में तापमान का हाल प्रदेश में सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 40.5°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.9°C अधिक है। न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 19.6°C रिकॉर्ड किया गया। वहीं बस्तर और बिलासपुर इलाकों में बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। कुछ इलाकों में ओले गिर सकते हैं, जिससे तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आएगी। पश्चिम बंगाल से ओडिशा तक बने ट्रफ के असर से प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में 4 अप्रैल तक आंधी-बारिश की स्थिति बनी रहेगी। रायपुर सहित कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और हवाएं चल रही हैं। इससे पहले बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई, वहीं दो जगह पेड़ गिरे और बिजली के तार टूटने से सप्लाई प्रभावित रही। प्रदेश में फिलहाल तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। रायपुर में अधिकतम तापमान 40.5°C और अंबिकापुर में न्यूनतम 19.6°C रिकॉर्ड किया गया। रायपुर में बादल छाए हुए हैं। कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर के ऊपर सक्रिय है, साथ ही एक द्रोणिका निम्न से ऊपरी क्षोभमंडल तक फैली हुई है। पंजाब और हरियाणा के आसपास एक प्रेरित चक्रीय परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके अलावा एक प्रमुख द्रोणिका उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए अंदरूनी ओडिशा तक विस्तारित है।  बारिश और ओले गिरने की संभावना पूर्वी भारत में भी सक्रियता बनी हुई है। एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका उत्तर-पूर्व बिहार से मणिपुर, बांग्लादेश, मेघालय और दक्षिण-पूर्व असम तक फैली है। इसके अलावा पश्चिमी विदर्भ से दक्षिण तमिलनाडु और बिहार से गंगेटिक पश्चिम बंगाल तक अन्य द्रोणिकाएं सक्रिय हैं। इन सभी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से 31 मार्च को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा और कुछ स्थानों पर गरज-चमक, अंधड़, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना है। अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है, हालांकि कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।  

MP में 5 दिन आंधी-बारिश का मौसम, ग्वालियर-चंबल में ओले और भोपाल-जबलपुर में बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय हुए नए मौसम सिस्टम के चलते अब अगले 4 से 5 दिनों तक आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर बना रहेगा। रविवार को ग्वालियर सहित कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, वहीं सोमवार से इसका असर और तेज होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है. मौसम विभाग ने आज 30 मार्च से 2 अप्रैल तक पूरे प्रदेश के लिए अलर्ट जारी किया है. इस दौरान इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा समेत लगभग सभी संभागों में मौसम बदला रहेगा. हालांकि, इस आंधी-बारिश से लोगों को तपती गर्मी से राहत जरूर मिलेगी और दिन के तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी. भट्टी की तरह तप रहें कई जिले पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के कई शहर भट्टी की तरह तप रहे हैं. मंडला में रविवार को पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि नौगांव में 39 डिग्री और दतिया में पारा 38.4 डिग्री तक पहुँच गया. इसी तरह नर्मदापुरम में 38.3°, खरगोन-सतना में 38.2°, और खंडवा में 38.1° के साथ भीषण गर्मी का असर रहा. दिन में गर्मी से राहत मिलेगी आंधी-बारिश का दौर रहने की वजह से दिन के तापमान में गिरावट होगी। वर्तमान में अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री या इससे अधिक है। रविवार को मंडला में पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री रहा। मंडला, नौगांव में 39 डिग्री, दतिया में 38.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.3 डिग्री, खरगोन-सतना में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी, गुना-उमरिया में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, रतलाम-दमोह में 37.6 डिग्री, मलाजखंड में 37.5 डिग्री, रीवा, नरसिंहपुर-रायसेन में 37.4 डिग्री और छिंदवाड़ा में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 37.5 डिग्री, भोपाल में 36.6 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.2 डिग्री और उज्जैन में पारा 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मार्च में चौथी बार बदला मौसम मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। अब तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार रविवार से मौसम ने फिर करवट बदली है। यह सिस्टम अप्रैल के पहले सप्ताह में भी असर दिखाएगा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। 30 मार्च को कहां कहां होगी बारिश? प्रदेश में आज दतिया-भिंड में ओले का अलर्ट है.ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं. 31 मार्च को भीगेंगे एमपी के ये जिले ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी. 1 अप्रैल को आंधी-बारिश का अलर्ट भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में आंधी, बारिश का अलर्ट है. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 36.6°C इंदौर में 35.8°C जबलपुर में 37.5°C ग्वालियर में 38.2°C उज्जैन में 36.4°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  22.2°C इंदौर में 22.4°C जबलपुर में 20.4°C ग्वालियर में 21.6°C उज्जैन में 22.0°C

पंजाब के 4 जिलों में बारिश का कहर, लुधियाना समेत ओले गिरने और आंधी का अलर्ट, चंडीगढ़ में बूंदाबांदी

लुधियाना पंजाब सहित राजधानी चंडीगढ़ में मार्च महीने के अंतिम दिनों में मौसम ने यू-टर्न ले लिया है। रविवार की शुरुआत बादलों और हल्क बारिश के साथ हुई है। चंडीगढ़ में सुबह ही बारिश ही हल्की बौछारों ने मौसम को सुहावना बना दिया है। वहीं पंजाब के कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं।   मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से रविवार से मौसम का मिजाज बदला है। रविवार व सोमवार के लिए पंजाब में बारिश के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ओलावृष्टि होगी व बारिश पड़ेगी। इससे तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाने से मौसम में आई तल्खी से राहत मिलेगी लेकिन मौसम विभाग की इस भविष्यवाणी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कारण यह है कि इस समय गेहूं की फसलें लगभग तैयार खड़ी हैं। ऐसे में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से फसलों के गिरने का खतरा है। इसके मद्देनजर मौसम विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। इसमें किसानों को सिंचाई न करने के साथ-साथ फसलों में खाद डालने व कीटनाशक का स्प्रे करने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को खराब मौसम के दौरान किसी भी खेतीबाड़ी संबंधित काम को न करने की सलाह देते हुए सुरक्षित जगह रहने को कहा गया है। किसानों के साथ-साथ आम लोगों को तेज हवाएं चलने व बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है। शनिवार को पंजाब में कुछ जगहों पर बेहद हल्की बारिश दर्ज हुई। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब यह सामान्य के नजदीक हो गया है। सबसे कम 15 डिग्री का न्यूनतम पारा बठिंडा व अबोहर का दर्ज किया गया। पंजाब के अधिकतम तापमान में 1.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज हुई। यह सामान्य के नजदीक बना हुआ है। सबसे अधिक 33.3 डिग्री का पारा पटियाला का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम तापमान 29.9 डिग्री, लुधियाना का 32.0 डिग्री, पठानकोट का 28.9 डिग्री, बठिंडा का 33.2 डिग्री, होशियारपुर का 29.5 डिग्री, फाजिल्का का 32.6 डिग्री. फिरोजपुर का भी 32.6 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 16.0 डिग्री, लुधियाना का 16.6 डिग्री, पटियाला का 17.6 डिग्री, पठानकोट का 15.5 डिग्री, फरीदकोट का 18.8 डिग्री और रूपनगर का 15.5 डिग्री दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश में 29 मार्च से 3 दिन तक बारिश, 40 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना बनी हुई है। अचानक हुए इस बदलाव के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह भी जारी की है। बदलते मौसम का असर राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में साफ देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि कल से लगातार तीन दिनों तक प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भोपाल, उज्जैन समेत लगभग 40 जिलों में मौसम प्रभावित रहेगा। बारिश के साथ-साथ कई क्षेत्रों में तेज आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के अधिकतर जिलों में मौसम का मिजाज बदलने की पूरी संभावना है। इन इलाकों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और लू जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। वहीं, शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के असर से ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बादल छाए रहे। हालांकि यह सिस्टम आज शनिवार को कमजोर हो जाएगा, जिससे तापमान में बढ़ोतरी होगी। इसके बाद 29 मार्च से नया सिस्टम एक्टिव होगा, जिसका असर 30 और 31 मार्च को सबसे ज्यादा रहेगा। 40 जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 31 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 40 जिलों में बारिश हो सकती है। 29 मार्च को हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, जबकि 30 और 31 मार्च को तेज बारिश होने की संभावना है। कई जिलों में बढ़ा तापमान नर्मदापुरम में मार्च के दौरान चौथी बार लू चली है। लगातार गर्म हवाओं के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। खजुराहो में 39.6 डिग्री, रतलाम और मंडला में 39.5 डिग्री, खंडवा में 39.1 डिग्री, खरगोन में 38.5 डिग्री, रायसेन में 38.4 डिग्री और सिवनी-सागर में 38.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मार्च में तीसरी बार बदलेगा मौसम मार्च महीने में अब तक आंधी-बारिश के दो दौर आ चुके हैं, जिनमें 45 से अधिक जिलों में प्रभाव देखा गया और 17 जिलों में ओले भी गिरे। अब तीसरा दौर 29 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है। हालांकि 27 मार्च को भी मौसम में बदलाव देखा गया था, लेकिन उसका असर सीमित रहा। पिछले 24 घंटे में इस तरह रहा मौसम, चित्रकूट में बारिश! प्रदेश में पिछले 24 घंटे में सतना के चित्रकूट में तेज आंधी के साथ हुई जोरदार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया. यहां रामनवमी के अवसर पर 21 लाख दीप जलाए जाने थे, लेकिन अचानक हुई और बारिश ने दीपों में पानी भर दिया. मौसम के बदले मिजाज ने पूरे आयोजन पर पानी फेर दिया और आनन-फानन में मंच को तिरपाल से ढकना पड़ा. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से प्रदेश में नमी आ रही है. शुक्रवार को भी ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग के 20 से ज्यादा जिलों में बादल छाए रहे. शनिवार को पुराना सिस्टम कमजोर होकर आगे बढ़ेगा, जिससे आज दिन में गर्मी बढ़ेगी. लेकिन रविवार से नया सिस्टम फिर से सक्रिय हो जाएगा. अगले 3 दिन इस तरह रहेगा मौसम 28 मार्च: इस दिन प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बादल छाने का अनुमान है. कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है. वहीं, भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत कई जिलों में तेज गर्मी रहेगी. 29 मार्च: उत्तरी हिस्से में बारिश का अलर्ट रहेगा. जिसके चलते ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर जैसे जिले प्रभावित रहेंगे. 30 मार्च:  भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड और दतिया में बारिश होने की संभावना हैं. 31 मार्च: भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, दमोह, कटनी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में पानी गिरने के आसार बनेंगे. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 37.0°C इंदौर में 37.0°C जबलपुर में 38.4°C ग्वालियर में 36.1°C उज्जैन में 37.0°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  19.8°C इंदौर में 19.0°C जबलपुर में 21.5°C ग्वालियर में 21.5°C उज्जैन में 18.5°C

MP के 7 जिलों में बारिश का अलर्ट: ग्वालियर सहित अगले 3 दिन रहेगा मौसम में बदलाव

भोपाल मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस और सक्रिय चक्रवातीय सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज आंधी के आसार बन रहे हैं. जहां मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर ग्वालियर समेत प्रदेश के 7 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।  मार्च के महीने में यह तीसरी बार है जब प्रदेश में बारिश की स्थिति बन रही है. प्रदेश में पिछले 24 घंटे में भीषण गर्मी का असर देखा गया, जहां दिन का पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा और नर्मदापुरम सीजन का सबसे गर्म इलाका रहा. हालांकि अब सक्रिय हुए नए वेदर सिस्टम से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आज शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इस दौरान इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है।  अगले 3 दिन रहेगा भारी मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। इन जिलों में हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और अन्य संभागों में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। यह मौसम परिवर्तन 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और चक्रवात मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में दो चक्रवात सक्रिय हैं। इन सिस्टम्स की वजह से मार्च के इस महीने में गर्मी और बारिश का असंतुलित मौसम देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, और नर्मदापुरम इस सीजन का सबसे गर्म शहर रहा। मार्च में तीसरी बार बदलेगा मौसम का मिजाज मार्च महीने में अब तक दो बार आंधी और बारिश का दौर देखा गया है। पहले दौर में लगभग 45 जिलों में तेज हवाओं और बारिश की वजह से फसलें प्रभावित हुई थीं। 17 जिलों में ओले भी गिरे थे, जिससे गेहूं, पपीता और केला की फसलें बर्बाद हुईं। अब तीसरे दौर के तहत 27 मार्च से 30 मार्च तक बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। अप्रैल-मई में तेज गर्मी का अनुमान मौसम विभाग ने चेताया है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में तापमान अधिक रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज होने की संभावना है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। इस बार मार्च में मौसम तीनों प्रकार के बदलावों का असर दिखा रहा है: दिन गर्म, रातें ठंडी और बीच-बीच में बारिश और आंधी। 30 मार्च तक बना रहेगा सिस्टम का असर मौसम विभाग की मानें तो यह वेदर सिस्टम 30 मार्च तक सक्रिय रहेगा. राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 28 जिलों में पानी गिरने का अनुमान है. 28 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 30 मार्च को इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।  27 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट… ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना. 29 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट… ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी टीकमगढ़, छतरपुर, राजगढ़ आगर मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम. 30 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट… इंदौर, उज्जैन, भोपाल ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, शिवपुरी गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम झाबुआ और धार।  इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 37.4°C इंदौर में 37.2°C जबलपुर में 37.5°C ग्वालियर में 36.8°C उज्जैन में 37.7°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में 17.8°C इंदौर में 18.8°C जबलपुर में 19.0°C ग्वालियर में 18.3°C उज्जैन में 17.8°C