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IMD का बड़ा अलर्ट: मई में होगी सामान्य से ज्यादा बारिश, हीटवेव से मिलेगी राहत

नई दिल्ली भारत में इस साल मई का महीना असामान्य रूप से गीला होने वाला है. भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि पूरे देश में मई 2026 में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी. बारिश सामान्य स्तर से 110 फीसदी अधिक हो सकती है।  इसका मतलब है कि जहां आमतौर पर कम बारिश होती है वहां भी इस बार खूब पानी बरसेगा. लेकिन इसके साथ गरज के साथ बादल, बिजली गिरना और तेज हवाएं भी चलेंगी जिनकी रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है. कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का भी खतरा है।  भारतीय मौसम विभाग के पास 1971 से 2020 तक का डेटा है. इस डेटा के अनुसार मई महीने में आमतौर पर उत्तर भारत और पूरे देश में 64.1 मिलीमीटर बारिश होती है. इस साल की पूर्वानुमान यह है कि बारिश इस सामान्य स्तर से 110 फीसदी ज्यादा हो सकती है. यानी करीब 70-71 मिलीमीटर या इससे भी ज्यादा हो सकती है।  ये असामान्य है क्योंकि मई का महीना आमतौर पर गरमी का होता है, बारिश का नहीं. मई में तो लू यानी गर्म हवाएं चलती हैं. लेकिन इस बार ये पैटर्न बदलने वाला है।  बारिश का असर क्या होगा? अच्छी खबर ये है कि इतनी बारिश से तापमान में कमी आएगी. जो भयंकर गर्मी आ रही थी उसमें से थोड़ी राहत मिलेगी. मिट्टी में नमी आएगी जिससे खेतों को फायदा होगा. जल स्रोतों में पानी भर जाएगा। लेकिन बुरी खबर ये है कि बारिश समान रूप से नहीं होगी. कुछ इलाकों में कम बारिश होगी जबकि कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा होगी. पूर्व और उत्तरपूर्व भारत के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहेगी।  किन इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश? सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम को सबसे ज्यादा बारिश मिलेगी. यहां 5 मई तक बहुत भारी बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चलेंगी. पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में भी ऐसा ही होगा।  पश्चिमी हिमालय, उत्तर भारत के मैदान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में 3 से 6 मई के बीच अलग-अलग जगहों पर गरज और बिजली आएगी. पूर्वी भारत और पूर्वी तट पर भी ऐसी हालत होगी।  खतरे क्या हैं? अगर कम समय में बहुत सारी बारिश एक साथ हो जाए तो कई शहरों में बाढ़ आ सकती है. खेतों में फसलें खराब हो सकती हैं. तेज हवाएं बिजली के खंभे और पेड़ों को गिरा सकती हैं. बिजली गिरने से लोगों को जान का खतरा हो सकता है।  ये मौसम क्यों अजीब है? मई वसंत और मानसून के बीच का महीना होता है. इस समय कुछ असामान्य मौसम की घटनाएं होती हैं. लेकिन इस बार गरज और बादलों की गतिविधि सामान्य से बहुत ज्यादा होने वाली है।  लोगों को क्या करना चाहिए? मौसम विभाग ने कहा है कि सभी राज्यों के अधिकारियों और लोगों को अपने इलाके की मौसम सूचना पर नजर रखनी चाहिए. विशेषकर उन इलाकों में जहां भारी बारिश और गरज के खतरे हैं. घरों में पानी निकास के रास्ते साफ रखें ताकि बाढ़ न आए. किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए। 

पंजाब में मौसम का मिजाज बदला, 7 मई तक बारिश और धूलभरी तेज हवाओं का यलो अलर्ट

लुधियाना  जम्मू-कश्मीर व हिमाचल के ऊपरी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पिछले तीन दिनों से मौसम बदल गया है। कई जिलों में सुबह तेज हवाओं के बीच हल्की वर्षा हो रही है। शुक्रवार को भी चार जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि दो जिलों में बूंदाबांदी हुई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार मोहाली में 5.5 मिलीमीटर, रोपड़ में 1.5 मिलीमीटर, चंडीगढ़ में 2.6 मिलीमीटर व एसबीएस नगर में 0.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं पठानकोट व होशियारपुर में बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए बदलाव के चलते पंजाब में लू नहीं चल रही और दिन का तापमान भी सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार से सात मई तक पंजाब के अलग अलग जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ने, बूंदाबांदी व कहीं कहीं हल्की वर्षा के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवा चल सकती है। कुछ जिलों में सुबह के समय सामान्य से मध्यम वर्षा की भी संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

4 मई तक मध्य प्रदेश में खराब रहेगा मौसम, बाहर जाने से पहले जानें यह चेतावनी

भोपाल   भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया है.  प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. जिससे कई शहरों के अधिकतम तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई. इससे जहां एक ओर लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं और बेमौसम बरसात ने कई जिलों में जनजीवन को भी प्रभावित किया. जबलपुर में तेज आंधी के बीच बरगी डैम में क्रूज पलटने से कई लोगों की मौत की खबर भी सामने आई है।  आंधी-बारिश का डबल अटैक राजधानी भोपाल में दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई. सड़कों पर पानी भर गया. वहीं टीकमगढ़ में आंधी-तूफान का असर इतना तेज रहा कि कंट्रोल रूम का टावर गिर गया. गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई. यहां 15 से 20 मिनट तक जमकर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे खेत और फसलें प्रभावित हुईं. श्योपुर में तेज आंधी के चलते एक होटल का शेड उड़ गया, जिससे करीब 15 लोग घायल हो गए।  इसके अलावा रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, सागर, रायसेन, बालाघाट, दमोह और ग्वालियर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई. कई जगह तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे तक उखड़ गए, जिससे स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई. जबलपुर में भी तेज हवाओं के चलते क्रूज शिप डूबने से बड़ा हादसा हो गया।  तापमान में गिरावट, कई जिलों में मिली राहत मौसम में आए इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर तापमान पर देखने को मिला.  सीधी में अधिकतम तापमान गिरकर 31.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे दिन-रात के तापमान का अंतर घटकर महज 6.5 डिग्री रह गया. वहीं रीवा में 33.2 डिग्री, पचमढ़ी में 33.4 और सतना में 33.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया. हालांकि, प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है. खरगोन में पारा 42.6 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रायसेन, बैतूल और गुना में भी 41 डिग्री के आसपास तापमान दर्ज किया गया. इंदौर और उज्जैन में पारा करीब 40 डिग्री रहा, जबकि जबलपुर में 38.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।  मौसम के पीछे ये सिस्टम कर रहे काम मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, '' मौसम में इस बदलाव के पीछे कई सक्रिय सिस्टम जिम्मेदार हैं. कश्मीर के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने वातावरण में हलचल बढ़ाई है. इसके साथ ही उत्तर पंजाब और दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ होते हुए ओडिशा तक फैली हुई है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी खींचकर प्रदेश में ला रही है. इसी वजह से प्रदेश में अचानक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि जैसी स्थितियां बन रही हैं।  किसानों की बढ़ी चिंता, फसल पर बढ़ा खतरा प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर शुरू होने से भले ही आम लोगों को राहत मिली है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी है. बता दें कि कई जिलों में मंडियों और उपार्जन केंद्रों पर गेहूं की फसल खुले में रखी हुई है. अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल के भीगने और खराब होने का खतरा मंडरा रहा है. यदि मौसम ऐसा ही बना रहा, तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।  मध्यप्रदेश में 4 मई तक आंधी और बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार  ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना समेत सागर और शहडोल संभाग में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. जबकि कुछ जिलों में हल्की बारिश और बौछारो की चेतावनी दी गई है. वहीं 2 से 4 मई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है।  इसके साथ ही शिवपुरी, ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में भी मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है. इस दौरान लोगों को मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. किसानों को अपनी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और ढंककर रखने की सलाह दी गई है। 

एमपी में 17 जिलों में बारिश-ओले का अलर्ट, भोपाल में आंधी से कई इलाकों में पेड़ गिरे; 4 मई तक जारी रहेगा मौसम

भोपाल मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है. जहां एक तरफ कई जिलों में तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को राहत के साथ परेशानी भी दी है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के 17 जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की सक्रियता को वजह माना जा रहा है, जो मध्य भारत के मौसम को तेजी से प्रभावित कर रही है. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न रहें. पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और यात्रा करते समय सावधानी बरतें. किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है।  मौसम के इस दोहरे प्रभाव ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है. एक तरफ लू जैसे हालात हैं तो दूसरी ओर अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश से तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिससे किसानों, यात्रियों और शहरी जीवन पर मिश्रित असर पड़ेगा. प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ाते हुए लोगों को सुरक्षित रहने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है.अगले 2 से 3 दिनों तक प्रदेश में यही स्थिति बनी रह सकती है. कहीं गर्मी तो कहीं आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे स्थिरता आने की संभावना जताई गई है।  इन 17 जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है. इन इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे बिजली गिरने और पेड़ गिरने का खतरा भी बना रहेगा।  इन जिलों में भीषण गर्मी का असर राजधानी भोपाल समेत रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का प्रकोप जारी है. यहां दिन का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है।  उमरिया-मुरैना में ओले भी गिरे। IMD (मौसम केंद्र) ने शुक्रवार को ग्वालियर समेत 17 जिलों में अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को सुबह से रात तक बारिश का दौर बना रहा।भोपाल और ग्वालियर के साथ सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया, रीवा में भी कहीं तेज आंधी-बारिश तो कहीं ओलावृष्टि का दौर जारी रहा। भोपाल में तेज आंधी चलने से कोलार रोड समेत कई इलाकों में पेड़ भी उखड़ गए। देर रात तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहा। आज इन जिलों में बारिश के आसार शुक्रवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। दूसरी ओर, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि, शाम को कुछ जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है। क्यों बदला मौसम का मिजाज मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत में बनी ट्रफ लाइन के कारण यह बदलाव हो रहा है. नमी और गर्म हवाओं के टकराव से गरज-चमक और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है. यही कारण है कि एक ही समय में अलग-अलग जिलों में अलग मौसम देखने को मिल रहा है।  किसानों और आम लोगों पर असर इस मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है. ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, वहीं तेज आंधी से बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. शहरी क्षेत्रों में भी अचानक बारिश से ट्रैफिक और जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।   

एमपी में 17 जिलों में बारिश और ओले का खतरा, भोपाल में आंधी से पेड़ गिरे; 4 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर भीषण गर्मी का प्रकोप है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने दस्तक दे दी है। गुरुवार को राजधानी भोपाल और ग्वालियर सहित प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई। उमरिया और मुरैना जैसे जिलों में तो ओले भी गिरे हैं, जिससे तापमान में गिरावट महसूस की गई है। सुबह से शुरू हुआ बारिश का यह सिलसिला देर रात तक रुक-रुक कर चलता रहा। शुक्रवार सुबह से भी मौसम बदला हुआ सा है। कुछ जिलों में बादल छाए हैं तो कुछ जिलों में सुबह से तेज धूप है।   कहीं तेज आंधी चली तो कहीं ओले गिरे मौसम के इस अचानक बदलाव का असर जनजीवन पर भी पड़ा है। भोपाल, ग्वालियर, सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया और रीवा में कहीं तेज आंधी चली तो कहीं ओले गिरे। राजधानी भोपाल में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कोलार रोड समेत कई अन्य इलाकों में पेड़ उखड़ गए। प्रशासन और संबंधित विभाग देर रात तक स्थिति पर नजर बनाए हुए थे क्योंकि मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा। आज इन जिलों में बारिश के आसार शुक्रवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। दूसरी ओर, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि, शाम को कुछ जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है। आगामी 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट मौसम केंद्र (IMD) ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। ग्वालियर समेत 17 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। आज जिन प्रमुख जिलों में आंधी और बारिश होने की संभावना जताई गई है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की गतिविधियों को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है। गर्मी और बारिश का अनोखा संयोग एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश की चेतावनी है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा अब भी गर्मी की तपिश झेल रहा है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जैसे जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। इसके अलावा रीवा, सतना, जबलपुर और सागर जैसे क्षेत्रों में भी तापमान अधिक रहने की उम्मीद है, हालांकि यहां शाम के वक्त धूल भरी आंधी चलने के आसार जताए गए हैं। मई महीने में मौसम का बदला ट्रेंड आमतौर पर मई का महीना अपनी भीषण तपिश और लू के लिए जाना जाता है, लेकिन इस साल की शुरुआत कुछ अलग अंदाज में हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मई के शुरुआती चार दिनों तक आंधी और बारिश का अलर्ट बना हुआ है। गर्मी के इस पारंपरिक ट्रेंड में आए बदलाव ने लोगों को चिलचिलाती धूप से थोड़ी राहत तो दी है, लेकिन आंधी और ओलावृष्टि ने चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। 

पंजाब में येलो अलर्ट, तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी, पारे में आई गिरावट; मौसम कैसा रहेगा?

जालंधर  पंजाब में आज भी तेज हवाएं चलने और बरसात का अलर्ट है। बुधवार को कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। इससे सूबे के न्यूनतम पारे में 2.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।  मौसम विभाग ने आज के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है जिसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। इसके बाद एक मई को पंजाब में मुख्यता मौसम शुष्क बना रहेगा। केवल पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  दो मई से पंजाब में मौसम के मिजाज ज्यादा बिगड़ेंगे। मौसम विभाग ने 2, 3, 4 और पांच मई के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान पंजाब में कईं जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। इससे आने वाले दिनों में पंजाब में गर्मी से राहत रहेगी। तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी दर्ज की जा सकती है। पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। अभी यह सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे बना हुआ है। सबसे अधिक 39.3 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज हुआ। वहीं अमृतसर का अधिकतम पारा 33.0 डिग्री, लुधियाना का 35.6 डिग्री, पटियाला का 38.1 डिग्री, पठानकोट का 30.2 डिग्री, फरीदकोट का 35.5 डिग्री, गुरदासपुर का भी 35.5 डिग्री, एसबीएस नगर का 34.4 डिग्री, फिरोजपुर का 34.9 डिग्री, होशियारपुर का 33.2 डिग्री और रूपनगर का 32.2 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे कम 18.1 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज हुआ। अमृतसर का न्यूनतम पारा 20.6 डिग्री, लुधियाना का 22.8 डिग्री, पटियाला का 23.2 डिग्री, बठिंडा का 23.8 डिग्री, फरीदकोट का 22.0 डिग्री, फाजिल्का का 21.1 डिग्री, फिरोजपुर का 21.9 डिग्री, होशियारपुर का 20.7 डिग्री और रूपनगर का 21.4 डिग्री दर्ज किया गया।

गर्मी पर राहत का संकेत: अगले 48 घंटों में पारा गिरेगा, दिल्ली-यूपी समेत 18 राज्यों में आंधी-बारिश

नई दिल्ली  अगले 48 घंटे में उत्तर भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लू और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने गुरुवार को लखनऊ समेत प्रदेश के 45 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में होगी बारिश आईएमडी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने के साथ हल्की बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मेघ गर्जन, बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। बंगाल-झारखंड में तूफानी हवाएं और बारिश का दौर रहेगा आईएमडी के मुताबिक 30 अप्रैल तक दक्षिण भारत में कमजोर चक्रवाती परिसंचरण के असर से पांच राज्यों में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश हो सकती है। रायलसीमा, महाराष्ट्र के कई हिस्सों और पश्चिमी घाट क्षेत्र में भारी बादल बरस सकते हैं। वहीं पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और झारखंड में गरज-चमक के साथ तूफानी हवाएं और बारिश का दौर रहेगा। हालांकि कुछ इलाकों में हीटवेव अभी भी जारी रह सकती है। उत्तर प्रदेश में आज यानी 30 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर सहति पंजाब और हरियाणा में आज और फिर 2 से 5 मई के दौरान धूल भरी आंधी और बिजली गिरने के साथ बारिश के आसार हैं। राजस्थान में मौसम के दो रंग दिखेंगे। पूर्वी राजस्थान में 5 मई तक लगातार बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 2 से 4 मई के बीच तीव्र धूल भरी आंधी चलने का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और भारी बारिश हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तराखंड में आज से 5 मई तक व्यापक स्तर पर बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 3 से 5 मई के बीच 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ मौसम बिगड़ने का अनुमान है। पर्यटकों को पहाड़ों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिहार और झारखंड का कैसा रहेगा मौसम? बिहार में कल की तरह आज भी (30 अप्रैल) भीषण आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान हवा की गति 70 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश भी हो सकती है। वहीं, झारखंड के कुछ हिस्सों में आज ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना है। 3 मई तक यहां रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा। रेड अलर्ट जैसी स्थिति अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। विशेष रूप से आज नागालैंड और मणिपुर में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं तबाही मचा सकती हैं। असम और मेघालय में 3 मई तक अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। कर्नाटक में आज ओलावृष्टि होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इस दौरान लोगों को कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। आंधी के समय बिजली के उपकरणों का प्रयोग कम करें और किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का निर्देश दिया गया है। उत्तर प्रदेश में बुधवार को भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली और कई जिलों में आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को काफी राहत मिली। यूपी के 50 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया मौसम विभाग ने करीब 50 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कौशांबी, प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, गोरखपुर, गोंडा, बहराइच, सीतापुर, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, बुलंदशहर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं समेत कई जिलों में तेज धूल भरी आंधी, बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। बिहार के इन जिलों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश उत्तर प्रदेश और बिहार में बुधवार को बदले मौसम ने कहर बरपाया। धूलभरी आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं में यूपी में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 घायल हो गए। बिहार में भी तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। यूपी में सबसे अधिक असर अवध क्षेत्र में देखने को मिला। मौसम विभाग ने गुरुवार को लखनऊ समेत प्रदेश के 45 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। बिहार में आंधी, वर्षा व ओलावृष्टि से हुआ नुकसान बिहार के विभिन्न हिस्सों में बुधवार की शाम आई आंधी, वर्षा व ओलावृष्टि से मक्का, आम व लीची के साथ सब्जी की फसल को काफी क्षति पहुंची। मधुबनी में लगभग सात हजार हेक्टेयर में आम की फसल प्रभावित हो गई। इस दौरान विभिन्न घटनाओं में पटना, मधुबनी व सारण जिले में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की जान चली गई।  

पंजाब में मौसम का अचानक बदलाव, लुधियाना-पठानकोट में बारिश, तापमान में 6 डिग्री की गिरावट

लुधियाना पंजाब-चंडीगढ़ में अचानक तड़के मौसम बदल गया। लुधियाना और पठानकोट में हल्की बारिश के कारण पिछले 10 दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश के साथ आंधी चलने से अधिकतम तापमान में एक ही दिन में 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक, तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री नीचे गिर गया है। सबसे अधिक तापमान 37.6 डिग्री फाजिल्का में दर्ज किया गया। वहीं, आज कुछ जगहों पर बिजली गरजने के साथ बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। एक मई को छोड़कर तीन मई तक ऐसा ही मौसम रहेगा। इस दौरान लोगों को हीट वेव से राहत मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज सभी जिलों में बारिश व 14 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर शामिल हैं। कई जगह 9 डिग्री गिरा पारा मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सभी जिलों का तापमान छह डिग्री से लेकर नौ डिग्री तक गिरा है। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम रहा है। इसमें एक दिन पहले के मुकाबले 6.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। अमृतसर में 34.1 डिग्री के साथ 5.9 डिग्री की गिरावट आई। लुधियाना में 34 डिग्री दर्ज किया गया। इसमें 7 डिग्री की गिरावट आई। पटियाला में 36.5 डिग्री तापमान रहा। इसमें 5.6 डिग्री की कमी आई है। फरीदकोट में 37.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया और यहां 3.8 डिग्री की गिरावट आई। गुरदासपुर में 31.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, इसमें 9 डिग्री की गिरावट आई। फाजिल्का में 37.6 डिग्री, फिरोजपुर में 35.5 डिग्री और होशियारपुर में 32.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मोहाली में 33 डिग्री के साथ 6.1 डिग्री, पठानकोट में 32.9 डिग्री के साथ 6.2 डिग्री और रोपड़ में 32.2 डिग्री के साथ 6.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं श्री आनंदपुर साहिब में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, मौसम बदला मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। यह उत्तर भारत के ऊपरी हिस्से में बना हुआ है और इसके असर से पंजाब समेत आसपास के इलाकों में मौसम बदल रहा है। इसके कारण बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इन जिलों में विशेष चेतावनी राज्य के कई जिलों में तेज़ हवाओं और बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर शामिल हैं। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। तापमान में आई भारी गिरावट मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, कई जिलों में तापमान 6 से 9 डिग्री तक नीचे आया है। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में भी तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट देखी गई। फरीदकोट, मोहाली और रूपनगर जैसे इलाकों में भी पारा नीचे गिरा है।  

IMD का चेतावनी, 19 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और ओले गिरेंगे, रेड अलर्ट जैसी स्थिति

नई दिल्ली  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तपती गर्मी के बीच देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी व बारिश की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग के द्वारा 29 अप्रैल को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अप्रैल से 4 मई के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 29-30 अप्रैल और फिर 2-4 मई के बीच गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। विशेष रूप से 29 अप्रैल को पंजाब और हरियाणा में 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 29 अप्रैल को भीषण धूल भरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है। इन राज्यों में 'रेड अलर्ट' जैसी स्थिति पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अगले चार दिनों तक मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 30 अप्रैल से 2 मई के बीच कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय और नागालैंड में 29 अप्रैल से 3 मई तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। बिहार में चक्रवाती हवाओं का साया पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में अगले 6 दिनों तक आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, 29 और 30 अप्रैल को बिहार, झारखंड और गंगा से सटे पश्चिम बंगाल में 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। झारखंड में इन दो दिनों के दौरान ओलावृष्टि की भी संभावना है। सिक्किम में 29 अप्रैल को अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग की मानें तो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अलावा, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में 30 अप्रैल से 2 मई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में 29 अप्रैल को ओले गिर सकते हैं। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

जालंधर में बारिश, तापमान में गिरावट, अगले 48 घंटे तक होगी बूंदाबांदी, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की चेतावनी

जालंधर/ चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच आज (28 अप्रैल) से मौसम बदल गया है। कई जगह आसमान में बादल छाए हुए हैं, जबकि लुधियाना, अमृतसर, मोहाली और जालंधर में बारिश हुई है।मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने लगातार 2 दिन आंधी और बिजली कड़कने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवाएं 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी। हीट वेव की संभावना नहीं है। सोमवार को अधिकतम तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ। औसत अधिकतम तापमान अभी सामान्य से तीन डिग्री अधिक बना हुआ है। सबसे अधिक 43 डिग्री अधिकतम तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया है। 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान मौसम विभाग के मुताबिक 20 जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 23 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर (रोपड़), एसएएस नगर (मोहाली), फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, पटियाला में आंधी चलने की संभावना है, जबकि सभी में बारिश का अनुमान है। जालंधर में बारिश से बदला मौसम जालंधर में मंगलवार (28 अप्रैल) सुबह हुई बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है। इस दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आज शहर का अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 23°C रहने का अनुमान है। सुबह की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ जालंधर में उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। आज सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली और आसमान में काले बादलों ने डेरा जमा लिया। सुबह सवेरे शुरू हुई बारिश ने शहर को पूरी तरह से सराबोर कर दिया। बारिश से लोगों ने राहत महसूस की। इस समय मौसम की यह स्थिति बनी आसमान के ऊपरी हिस्से में पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाओं का सिस्टम एक्टिव है, जो उत्तर भारत (खासतौर पर पंजाब-हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर) के ऊपर से गुजर रहा है। इस वजह से आंधी, बारिश व बिजली गिरने की संभावना बढ़ गई है। लुधियाना में सुबह मौसम बिगड़ा। इस दौरान तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। लोगों को गर्मी से मिली राहत लगातार बढ़ते तापमान के कारण जालंधरवासी लू और पसीने वाली गर्मी से परेशान थे। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था। हालांकि, बारिश के बाद तापमान में कमी आई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को लू के प्रकोप से राहत मिलती रहेगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है, ताकि वायरल बुखार या संक्रमण से बचा जा सके। 8 जिलों का तापमान 40 डिग्री से अधिक राज्य में 40 डिग्री से अधिक तापमान 8 जिलों में दर्ज किया गया। चंडीगढ़ (40.2 डिग्री), लुधियाना (41.0 डिग्री), पटियाला (42.1 डिग्री), बठिंडा (43.0 डिग्री), फरीदकोट (41.0 डिग्री), गुरदासपुर (40.5 डिग्री), फाजिल्का (40.8 डिग्री) और भाखड़ा (41.3 डिग्री) शामिल हैं। वहीं 35 से 40 डिग्री के बीच तापमान 11 जिलों में रहा। इनमें चंडीगढ़ एयरपोर्ट (39.2 डिग्री), अमृतसर (40.0 डिग्री), नवांशहर (39.6 डिग्री), फिरोजपुर (40.0 डिग्री), होशियारपुर (38.6 डिग्री), सलैरन (38.7 डिग्री), मोहाली (39.1 डिग्री), पठानकोट (39.1 डिग्री), थीन डैम (38.5 डिग्री), पटियाला एडब्ल्यूएस (39.6 डिग्री) और रोपड़ (38.7 डिग्री) शामिल हैं। 2 मई तक बारिश की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, आज राज्य में 28 अप्रैल व 30 अप्रैल से 3 मई के बीच कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। जबकि, 29 अप्रैल को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। 28 और 29 अप्रैल को कुछ स्थानों पर 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। 30 अप्रैल, 2 और 3 मई को 40 से50 किमी/घंटा की हवाओं के साथ गरज-चमक और आंधी आ सकती है।