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मौसम का कहर! अगले दो दिन भारी, तेज बारिश और तूफान की चेतावनी

पटना  बिहार में मौसम ने करवट बदल ली है और अगले 48 घंटे राज्य के लिए भारी पड़ सकते हैं। भीषण गर्मी के बीच बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के मिलन ने राज्य में 'प्री-मानसून' हलचल तेज कर दी है। मौसम विभाग ने आज राज्य के सभी 38 जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें वज्रपात (आकाशीय बिजली) और तेज आंधी की विशेष चेतावनी दी गई है। प्रमुख जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य को दो श्रेणियों में बांटा गया है: ऑरेंज अलर्ट (12 जिले): पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली और समस्तीपुर जिले में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। येलो अलर्ट (26 जिले): नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया, नवादा, जहानाबाद, अरवल, लखीसराय, शेखपुरा, बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई में यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघगर्जन और बिजली गिरने की आशंका है। क्यों बदला मौसम का मिजाज? मौसम वैज्ञानिकों ने इस अचानक बदलाव के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं: नमी और ऊष्मा का टकराव: बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाएं और दिन के बढ़ते तापमान के कारण वायुमंडल में अस्थिरता पैदा हुई है। पश्चिमी विक्षोभ : उत्तर-पश्चिम भारत से आ रहे विक्षोभ का असर बिहार के आसमान पर साफ दिख रहा है। दबाव क्षेत्र: हवा की दिशा में लगातार बदलाव और स्थानीय स्तर पर कम दबाव का क्षेत्र बनने से ओलावृष्टि (Hailstorm) की स्थिति बन रही है। राजधानी पटना का हाल पटना में आज दोपहर बाद मौसम के बिगड़ने के आसार हैं। अगले दो दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 28 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश होने से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे स्थानीय लोगों को तपती गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

MP में तीसरी बार बारिश का अनुमान, आंधी के साथ; 27-29 मार्च को उज्जैन और ग्वालियर-चंबल में अलर्ट

भोपाल  भोपाल में आज का मौसम. मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में इस महीने तीसरी बार मौसम का मिजाज बदलेगा. जिससे तेज गर्मी के बजाय अब अगले 3 दिनों तक झमाझम बारिश और आंधी का दौर देखने को मिलेगा. जहां सक्रिय ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ के चलते कल 27, 28 और 29 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।  मौसम विभाग की मानें तो इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा. जहाँ तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इससे पहले मार्च महीने में ही आंधी और बारिश के दो दौर पहले ही प्रदेश को झकझोर चुके हैं. पिछला दौर लगातार 4 दिनों तक चला था, जिसने मध्य प्रदेश के 45 से ज्यादा जिलों को अपनी चपेट में लिया था. इस दौरान 17 जिलों में भारी ओलावृष्टि भी दर्ज की गई थी।  मार्च में आंधी-बारिश के दो दौर आ चुके हैं। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई है। अब तीसरा दौर 27 मार्च से शुरू होने की संभावना है। इससे पहले गुरुवार को तेज गर्मी का असर रह सकता है। खासकर उज्जैन, भोपाल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में गर्मी ज्यादा रहेगी। एमपी के 5 शहरों में पारा 38 डिग्री के पार, भोपाल से गर्म उज्जैन मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को प्रदेश के कई शहरों में गर्मी का असर तेज रहा। 5 शहर ऐसे रहे, जहां तापमान 38 डिग्री के पार पहुंच गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो सबसे गर्म उज्जैन रहा। यहां अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 36.1 डिग्री, इंदौर में 36 डिग्री, भोपाल में 35.8 डिग्री और ग्वालियर में तापमान 35.1 डिग्री दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान रहा। यहां पारा 38.8 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम में 38.6 डिग्री, खंडवा में 38.5 डिग्री, खरगोन-रायसेन में 38 डिग्री, धार-मंडला में 36.8 डिग्री, गुना में 36.5 डिग्री, खजुराहो में 36.4 डिग्री और बैतूल में तापमान 36.2 डिग्री रहा। भोपाल, उज्जैन, सागर और नर्मदापुरम संभाग में तेज गर्मी फिलहाल कल 27 मार्च से शुरू हो रहे इस तीसरे दौर ने किसानों की धड़कनें फिर से बढ़ा दी हैं, क्योंकि फसलों पर बर्बादी का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है.हालांकि, बारिश के इस दौर से ठीक पहले आज गुरुवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज गर्मी अपना असर दिखाएगी. मौसम विभाग के अनुसार खासकर उज्जैन, भोपाल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान में बढ़ोतरी देखी जा सकती है और यहाँ गर्मी का प्रभाव ज्यादा रहेगा. लेकिन शुक्रवार से शुरू होने वाला पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर तापमान में गिरावट लाएगा और पूरे प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. वहीं पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान खंडवा में 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान नर्मदापुरम के पचमढ़ी में 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बार इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर चार दिन तक बना रहा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। अब नया सिस्टम एक्टिव होगा। 28 मार्च की रात से एक और सिस्ट मौसम विभाग ने 28 मार्च की रात से एक और सिस्टम एक्टिव होने की संभावना जताई है। यह पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते अप्रैल की शुरुआत भी आंधी-बारिश से हो सकती है। अप्रैल-मई में तेज गर्मी का अनुमान मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। मार्च में तीनों मौसम का असर मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में बारिश का दौर रह चुका है। वहीं, रात का तापमान स्थिर है। भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।   27 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना।  28 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज।  29 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट ग्वालियर, उज्जैन, आगर मालवा, राजगढ़, गुना, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर।  … Read more

26 और 29 मार्च को दो नए मौसम सिस्टम एक्टिव, रीवा-सागर में बूंदाबांदी, आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल   मध्यप्रदेश में मौसम के कई रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं. कहीं चिलचिलाती धूप ने पसीने छुड़ा दिए हैं, तो कहीं बादलों के डेरे ने तापमान में गिरावट दर्ज की है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक बार फिर ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ एक्टिव हो रहा है, जिसका असर ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में देखने को मिलेगा. बीते दिन सोमवार को उज्जैन, सागर और ग्वालियर-चंबल संभाग में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से आसमान में बादल छाए रहे. इसका सीधा असर पारे पर पड़ा और ग्वालियर में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया. हालांकि प्रदेश के बाकी हिस्सों में गर्मी का तीखा असर बरकरार रहा. वहीं 26 और 29 मार्च को उत्तर-पश्चिमी भारत में दो नए सिस्टम एक्टिव हो रहे है. जिसके चलते आंधी-बारिश का अलर्ट है. 26 और 27 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार फिलहाल 26 और 27 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है. जबकि 29 मार्च को एक और नया सिस्टम एक्टिव होगा, जिसका मतलब है कि अप्रैल की शुरुआत भी गरज-चमक और बौछारों के साथ हो सकती है. बहरहाल एक तरफ बारिश का अलर्ट है, तो दूसरी तरफ सूरज के तेवर भी कड़े हैं. सोमवार को प्रदेश के कई शहरों में भीषण गर्मी दर्ज की गई. जहां प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान नर्मदापुरम में 37.7° सेल्सियस, रायसेन में 37.6°, रतलाम में 37.2°, खरगोन 36.0°, खजुराहो और नरसिंहपुर 36.0° और धार में 35.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. 24 घंटे में कई जिलों में बारिश और बादल पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। रीवा में 3 मिमी बारिश और सागर में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर-चंबल संभाग समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से हुआ है, जिसके कारण उत्तरी मध्य प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा। ग्वालियर में दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया, जबकि बाकी हिस्सों में गर्मी का असर जारी रहा। 26 मार्च से फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर दो दिनों तक मध्य प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिलेगा। इस सिस्टम के कारण तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद 29 मार्च को भी एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे मार्च के आखिरी दिनों में मौसम अस्थिर बना रहेगा। 26 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज और सीधी. 27 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, अनूपपुर और शहडोल. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 34.2°C इंदौर में 34.9°C जबलपुर में 34.2°C ग्वालियर में 29.2°C उज्जैन में 35.0°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में 17.0°C इंदौर में 18.2°C जबलपुर में 17.3°C ग्वालियर में 17.5°C उज्जैन में 16.3°C

एमपी में 26 मार्च से बारिश और आंधी, 20 जिलों में पड़ेगा असर, 3 दिन तक गर्मी जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश में मार्च के आखिरी सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। 26 मार्च से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस नए सिस्टम का प्रभाव खासतौर पर पूर्वी क्षेत्रों—जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से अधिक जिलों में देखने को मिलेगा। इससे पहले अगले तीन दिनों तक प्रदेश में गर्मी का असर तेज रहेगा। दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी पड़ेगा।फिलहाल दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव मध्य प्रदेश में नहीं दिखेगा। अगले तीन दिनों तक चढ़ेगा अधिकतम तापमान वहीं बारिश से पहले लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 3 दिनों में दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. रविवार को भी प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 32 डिग्री के पार रहा. जबकि 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश का दौर चला था, जिसके थमते ही गर्मी का असर बढ़ गया है. अब 26 मार्च से शुरू होने वाले नए सिस्टम से एक बार फिर तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है. प्रदेश में रायसेन जिले में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान कटनी के करौंदी में 9.4°C दर्ज किया गया. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 33.0°C इंदौर में 33.4°C जबलपुर में 31.3°C ग्वालियर में 31.8°C उज्जैन में 34.0°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  14.9°C इंदौर में 17.3°C जबलपुर में 14.5°C ग्वालियर में 16.5°C उज्जैन में 15.2°C बारिश थमते ही बढ़ी गर्मी 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश और ओलों का दौर रहा। शनिवार और रविवार को मौसम साफ होते ही तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। रविवार को अधिकांश शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। अगर प्रमुख शहरों की बात करें, तो उज्जैन में 34°C, इंदौर में 33.3°C, भोपाल में 33°C, ग्वालियर में 31.8°C और जबलपुर में 31.3°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6°C, रतलाम में 37.2°C, खरगोन और नरसिंहपुर में 36°C तथा गुना में 33°C तापमान दर्ज हुआ। रविवार को प्रदेश के लगभग सभी शहरों में तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। बारिश-ओलों से बदला था मौसमह ल ही में 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में कई जगहों पर बारिश और ओलावृष्टि हुई थी, जिससे मौसम ठंडा रहा। हालांकि, शनिवार और रविवार को यह सिलसिला थम गया, जिसके बाद गर्मी ने फिर जोर पकड़ लिया। इंदौर-भोपाल समेत इन शहरों में बढ़ा तापमान रविवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। उज्जैन में 34 डिग्री, इंदौर में 33.3 डिग्री, भोपाल में 33 डिग्री, ग्वालियर में 31.8 डिग्री और जबलपुर में 31.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6 डिग्री, रतलाम में 37.2 डिग्री, खरगोन और नरसिंहपुर में 36 डिग्री तथा गुना में 33 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, रविवार को लगभग हर शहर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। चार दिन से 45 जिलों में गिरा पानी, ओलावृष्टि भी हुई बता दें कि पिछले 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बार इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीगा। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर चार दिन तक बना रहा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। अब 26 मार्च से नया सिस्टम एक्टिव होगा। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।  

जरही में कुदरत का कहर, आंधी तूफान वा बारिश के साथ गिरे ओले

जरही में कुदरत का कहर, आंधी तूफान वा बारिश के साथ गिरे ओले राजेंद्रग्राम  मुख्यालय परिसर से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत जरही में करीब 7:00 बजे अचानक बदला मौसम ने किसानो की चिंता बढ़ा दी और हवा तूफान के साथ गरज चमक शुरू हो गई बारिश कुछ ही देर में तेज वर्षा में बदल गई इस दौरान बड़े आकार के ओले गिरने से हजारों एकड़ में लगी फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है तेज हवा और बिजली की चमक के साथ करीब 20 मिनट तक बारिश हुई बे मौसम वर्षा के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी कटी हुई गेहूं दलहन फसल जैसे चना,मसूर,तुअर एवम तिलहन फसल अलसी को भारी नुक्सान पहुंचाया है। इस समय क्षेत्र में फसल कटाई का दौरा चल रहा है ऐसे में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसने की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा बढ़ा दिया है खेतों में रखी फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होना की आशंका है। बारिश के कारण खेतों में पड़ी फसल भींगने से गेहूं की फसल भींगने से चलिए गेहूं की फसल में चमक और गुणवत्ता में प्रभावित होने की आशंका बताई जा रही है। जिससे किसानों को उचित दाम मिलने मे परेशानी हो सकती है।

मध्यप्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि, 34 जिलों में बिजली गिरने और ओलावृष्टि का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। 24 घंटों के दौरान प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। आज सुबह से भी भोपाल सहित कई जिलों में बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। वहीं राजधानी भोपाल में देर रात 1:30 बजे भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इधर, उज्जैन, पांढुर्णा, बैतूल, झाबुआ और बड़वानी में ओले गिरे हैं। तेज आंधी और बेमौसम बारिश की वजह से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बैतूल और दमोह में करीब आधा इंच पानी गिरा है, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत दो दर्जन से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। मऊगंज में सुबह गरज-चमक के साथ हलकी बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। अचानक हुई इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलों पर इसके असर की आशंका जताई जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। आज यहां ओले गिरने का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आज प्रदेश के 34 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें बालाघाट, मंडला, सिवनी, दतिया, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओले भी गिर सकते हैं। वहीं, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, विदिशा, शिवपुरी, रायसेन, अशोकनगर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, सतना, पन्ना, रीवा, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और डिंडोरी में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। सतना में भी सुबह-सुबह बूंदाबांदी सतना में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली है। सुबह से आसमान में बादलों का डेरा और तेज हवाओं का दौर जारी है। तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई है और जिले में कहीं-कहीं रुक-रुक कर बूंदाबांदी भी हो रही है। वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से खेतों में खड़ी और कटी फसलों के नुकसान की संभावना है।   इन जिलों में दर्ज हुई बारिश और आंधी भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छतरपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, दतिया, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, पचमढ़ी, रायसेन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, मऊगंज, सतना, मुरैना, उमरिया, झाबुआ, बड़वानी और पांढुर्णा में मौसम विभाग ने तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान सिस्टम के सक्रिय रहने से अगले 24 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हलकी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। मंडला में 3.8 मिमी बारिश मंडला जिले में शुक्रवार तड़के 4 से 5 बजे के बीच जोरदार बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ हुई इस वर्षा ने भीषण गर्मी से राहत दिलाते हुए पूरे वातावरण में ठंडक घोल दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों के दौरान जिले में 3.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बेमौसम हुई इस बारिश ने जहां आम जनमानस को सुहावने मौसम का तोहफा दिया है। वहीं किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जबलपुर में सुबह 4 बजे से बारिश जबलपुर में आज सुबह 4 बजे से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश ने सुबह 9 बजे के बाद तेजी पकड़ ली। इस बेमौसम बरसात और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन सड़कों पर जलभराव से आवाजाही प्रभावित हुई।   छतरपुर में किसानों की बढ़ी चिंता इधर, बुंदेलखंड के छतरपुर के मौसम में अचानक बदलाव आया है। आज सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और बूंदाबांदी से वातावरण में ठंडक घुल गई। इस बेमौसम बदलाव से खेतों में कटी रखी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि शनिवार तक मौसम साफ होने पर फसलें सूख जाएंगी और बड़ा नुकसान टल सकता है।   शुजालपुर में रुक-रुक बारिश शुजालपुर में बीती रात से मौसम अचानक बदल गया। यहां रुक-रुक कर दो बार बारिश हुई। इससे खेतों में कटाई के लिए खड़ी फसल को निकालने के लिए अचानक हार्वेस्टर मशीन की मांग बढ़ गई है। वहीं मौसम में ठंडक घुली हुई है।  अन्नदाता पर दोहरी मार, उज्जैन में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरे मालवा अंचल में एक बार फिर मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी। ओलावृष्टि, तेज हवा और बारिश ने तैयार और कटी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। शहर में शाम 7 बजे तेज हवा के साथ आकाश में बिजली चमकने लगी। कुछ बौछारे आईं। रुनीजा, पासलोद, खेड़ाखजुरिया, महिदपुर रोड और जगोटी समेत आसपास के गांवों में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवा, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि ने गेहूं, सरसों, लहसुन व अन्य रबी फसलों को प्रभावित किया। खेतों में खड़ी फसल जहां आड़ी पड़ गई, वहीं कटी फसल पानी में भीगकर खराब होने लगी। खुले में पड़ी उपज बनी सबसे बड़ी चिंता खरीदी की तारीख 15 मार्च से बढ़ाकर 1 अप्रैल किए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई किसानों की उपज अभी भी खेतों और खलिहानों में खुले में पड़ी है। ऐसे में बारिश से फसल की गुणवत्ता खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे खरीदी में रिजेक्शन की आशंका भी बढ़ गई है। 50% फसल अभी खेतों में, कटाई पर असर क्षेत्र में करीब आधी गेहूं की फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे कटाई कार्य प्रभावित हो रहा है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। इंदौर में गरज-चमक के साथ बारिश, 52 कि.मी की रफ्तार से चली हवा वहीं, बात करें इंदौर जिले की तो यहां चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर देखने को मिला, जिसके बाद गुरुवार रात को तेज हवा चलने लगी और गरज-चमक के … Read more

मध्य प्रदेश में 3 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट, मार्च में ओलावृष्टि की पहली भविष्यवाणी

भोपाल  मध्यप्रदेश में गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज सिस्टम के एक्टिव होने से अगले तीन दिन प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल सकता है। प्रदेश में दो ट्रफ लाइनों और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से यह बदलाव आया है, जिसका असर करीब 72 घंटे तक रहने का अनुमान है।  इससे पहले बुधवार को कई जिलों में बादल छाए रहे, कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई और कुछ जगहों पर तेज हवाओं का दौर चला। बालाघाट में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 19 मार्च के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 30 से ज्यादा जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में तेज हवाओं की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। मौसम का अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 19 और 20 मार्च को मौसम का असर सबसे ज्यादा रहेगा। यह धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को कवर करेगा। 22 मार्च के बाद मौसम सा 19-20 मार्च को सबसे ज्यादा असर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 19 और 20 मार्च को इसका असर सबसे ज्यादा रहेगा और यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को कवर करेगा। 22 मार्च के बाद मौसम साफ होने के संकेत हैं। बदलते मौसम के कारण कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मार्च में पहली बार ओलों की एंट्री इस बार मार्च में पहली बार ओलावृष्टि होने जा रही है। खासतौर पर सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में दो दिन तक ओले गिर सकते हैं, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा। फरवरी में भी मौसम ने चार बार करवट ली थी। कई इलाकों में ओले और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ था, जिसके बाद सरकार को सर्वे कराना पड़ा था। अब मार्च में फिर से वैसा ही पैटर्न देखने को मिल रहा है। 15 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान मौसम विभाग के मुताबिक, मार्च के आखिरी हफ्ते से गर्मी फिर जोर पकड़ सकती है। अप्रैल-मई में 15 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान है। फिलहाल प्रदेश में “तीनों मौसम” का असर देखने को मिल रहा है—दिन में गर्मी, रात में हल्की ठंड और बीच-बीच में बारिश। कुछ दिन पहले नर्मदापुरम में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया था। आने वाले दिनों में भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में भी दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास जा सकता है, जबकि रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी।  फ होने के संकेत हैं। बदलाव के कारण कई शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मार्च में पहली बार ओलावृष्टि विशेष रूप से मार्च में यह पहली बार है जब ओलावृष्टि होने जा रही है। सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में दो दिन तक ओले गिरने का अनुमान है, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा। फरवरी में भी मौसम ने चार बार करवट ली थी और कई इलाकों में ओले और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ था। अप्रैल और मई में 20 दिन लू का अनुमान मौसम विभाग ने चेताया है कि मार्च के आखिरी हफ्ते से प्रदेश में गर्मी फिर जोर पकड़ सकती है। अप्रैल और मई में 15 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान है। फिलहाल प्रदेश में “तीनों मौसम” का असर देखने को मिल रहा है। दिन में गर्मी, रात में हल्की ठंड और बीच-बीच में बारिश। कुछ दिन पहले नर्मदापुरम में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया था। आने वाले दिनों में भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है, जबकि रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी।

राजस्थान और MP में बारिश और ओलों का अलर्ट, हरियाणा में सड़कों पर पानी, गंगोत्री धाम में बर्फबारी

नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। राजस्थान में जयपुर सहित कई शहरों में बुधवार देर रात से ही घने बादल छाए हुए हैं। 20 मार्च तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। ठंडी हवाएं चलने से तापमान 2 से लेकर 9 डिग्री तक गिर गया। मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर-ग्वालियर समेत 33 जिलों में आंधी-बारिश और 3 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान जताया है। उधर हरियाणा के रेवाड़ी में रात में हुई तेज बारिश के साथ ओले गिरे। सड़कों पर पानी भर गया। आंधी के चलते सड़कों पर लगे होर्डिंग भी उखड़ गए। बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट देखने को मिलेगी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। वहीं हिमाचल के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओले गिरने की संभावना है। नगालैंड में तूफान-बारिश से तबाही, 46 परिवार प्रभावित नगालैंड में तेज तूफान और बारिश से 46 परिवार प्रभावित हुए हैं। चुमौकेडिमा और पेरेन जिलों में कई घरों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा है। मोन जिले के एक सरकारी स्कूल को भी नुकसान हुआ, जिससे मिड-डे मील प्रभावित हुआ। हालांकि अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है। अगले दो दिन मौसम का हाल 20-21 मार्च- मौसम विभाग ने दिल्ली में यलो अलर्ट जारी करते हुए हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। राजस्थान में ओले गिरने का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी कर भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश में आंधी का अलर्ट है। नॉर्थ-ईस्ट में भी तेज बारिश की आशंका है।

पंजाब में 4 जिलों में बारिश का अलर्ट, 2 दिनों में तापमान में 7.6 डिग्री की गिरावट, 21 तक रहेगा खराब मौसम

चंडीगढ़  पंजाब के मौसम को लेकर ताजा अपडेट सामने आई है। राज्य के कई जिलों में आज मौसम बदला-बदला रहने की संभावना है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और पटियाला में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग के मुताबिक 18, 19 और 21 मार्च को भी प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं लुधियाना, जालंधर और पठानकोट में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं, जबकि चंडीगढ़ में फिलहाल मौसम साफ है। मौसम विभाग के अनुसार एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते आने वाले दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिलेगा। पिछले दो दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण ठंड ने एक बार फिर वापसी कर ली है। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1.4°C की गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से 3.7°C कम है। वहीं पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान कुल 7.6°C तक गिर चुका है। मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 5°C तक बढ़ सकता है, जबकि इसके बाद फिर 4 से 6°C तक गिरावट आने की संभावना है।  उधर, हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली में बीती रात बर्फबारी हुई। मनाली शहर में 2 इंच, ऊंचे पहाड़ों पर 5, अटल टनल रोहतांग में 8, रोहतांग दर्रा और शिंकुला में डेढ़ फीट से ज्यादा स्नोफॉल हुआ। पंजाब और चंडीगढ़ में 2 दिन हुई बारिश व ओले गिरने से ठंड एक बार फिर लौट आई है। 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 1.4°C की गिरावट दर्ज की गई है। अब यह सामान्य तापमान से 3.7°C कम बना हुआ है। दो दिनों में 7.6 डिग्री अधिकतम तापमान गिरा है। फरीदकोट में सबसे ज्यादा 26.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है, जबकि चंडीगढ़ में 26.4 डिग्री तापमान रहा है। पंजाब के बड़े शहरों में कैसा है मौसम…     अमृतसर में धूप निकली है। हवाएं चल रही हैं। अधिकतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13 से 15 डिग्री के आसपास है।     लुधियाना में बादल छाए हुए हैं। सुबह हल्की सी धूप निकली थी। लेकिन कुछ देर बाद ही बादल छा गए। 16 मार्च को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस था, आज 10 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।     जालंधर में बादल छाए हुए हैं। यहां अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं।     मोहाली में धूप निकली है। यहां का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस है।     पठानकोट में रात को हल्की बूंदाबांदी हुई। लेकिन अभी बादल छाए हुए हैं। अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। 3.6MM बारिश हुई, फिर भी कमी पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब में औसतन 3.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश माधोपुर (पठानकोट) में 20 मिमी (2 सेमी) दर्ज की गई। जिलों के अनुसार पठानकोट में 11.5 मिमी और गुरदासपुर में 10 मिमी बारिश हुई। मोगा में बिल्कुल बारिश नहीं हुई (0 मिमी)। इसके अलावा बठिंडा में 0.1 मिमी और मुक्तसर में 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। 1 मार्च से 16 मार्च तक पंजाब में अब तक कुल 4 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य तौर पर 14 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में बारिश 72% कम रही, जिसे मौसम विभाग ने ‘लार्ज डेफिसिएंट’ (भारी कमी) की श्रेणी में रखा है। होशियारपुर का तापमान 17.7 डिग्री दर्ज पंजाब में दो दिनों में अधिकतम तापमान में 7.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। कई जिलों का तापमान 20 डिग्री से नीचे पहुंच गया। होशियारपुर में दिन का अधिकतम तापमान 17.7 डिग्री दर्ज किया गया है। पठानकोट में 18.8 डिग्री और एसबीएस नगर में 20.7 डिग्री दर्ज किया गया है। तामपान तीन से 5 डिग्री बढ़ेगा चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक 18, 19 और 21 मार्च को कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके बाद अगले 2 दिनों में तापमान 4 से 6°C तक गिर सकता है और फिर उसके बाद के 2 दिनों में दोबारा 3 से 5°C की बढ़ोतरी होने के आसार हैं।

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बारिश-ओलों की मार

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से रविवार को कई जिलों में मौसम बदला और हल्की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। अलवर, झुंझुनूं, हनुमानगढ़, बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में करीब 3 डिग्री तक गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। प्रदेश के कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी देखने को मिली। अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित टपूकड़ा में रविवार सुबह करीब 10 मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे। वहीं हनुमानगढ़ के संगरिया में भी ओलावृष्टि हुई। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला। हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान 14 मार्च के मुकाबले 3.7 डिग्री गिरकर 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहा। इसके अलावा चूरू में 34.4, बीकानेर में 34.6, जैसलमेर में 35.2, सीकर में 33, अलवर में 31.4, करौली में 33, फतेहपुर (सीकर) में 34, नागौर में 33.5 और झुंझुनूं में 33.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। रविवार को सबसे अधिक तापमान चित्तौड़गढ़ में 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। जयपुर में मौसम साफ रहा और दिनभर तेज धूप रही। हल्की हवा चलने के बावजूद अधिकतम तापमान बढ़कर 35.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जयपुर के पास दौसा में 35.5, वनस्थली (टोंक) में 36.3 और अजमेर में 34.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 16 से 17 मार्च तक राज्य में मौसम साफ रहेगा और धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 18 मार्च की शाम से एक बार फिर मौसम में बदलाव होने की संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार 18 मार्च से प्रदेश में एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, जिसका असर 18 से 21 मार्च के बीच राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के रूप में देखने को मिल सकता है। 18 मार्च को 12 जिलों के लिए अलर्ट भी जारी किया गया है।