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मध्य प्रदेश में भारी बारिश के चलते खुले बरगी, सतपुड़ा और तवा डैम के गेट तो सुनामी सा दिखा नजारा

भोपाल मध्य प्रदेश में फिर से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है. साइक्लोन सर्कुलेशन, ट्रफ, डिप्रेशन और लो प्रेशर एरिया बनने की वजह से प्रदेश में अगले 2 दिनों तक मानसून का सिस्टम स्ट्रांग है. मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को पूरे प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है. साथ ही शनिवार को 27 जिलों में बाढ़ का खतरा होने की चेतावनी भी जारी की है. प्रदेश में अब तक दीर्घावधि बारिश का 49 प्रतिशत कोटा पूरा हो गया है. तवा, बरगी, हरसी, बारना और पगरा समेत 60 प्रतिशत डैम भी फुल हो चुके हैं. 10 से अधिक डैमों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. तवा समेत इन डैम के गेट खोले गए नर्मदापुरम में तवा डैम का जलस्तर बढ़ने पर इसके 7 गेट खोले गए हैं. जबकि जबलपुर के बरगी और रायसेन बारना डैम के भी गेट खोले गए. इसके साथ ही सारणी में सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोले गए, मुरैना के पगारा गेट का जलस्तर खतरे के निशान तक पहंचते ही उसके भी 6 गेट ऑटोमैटिक खुल गए. वहीं श्योपुर के औदा डैम, रायसेन के दाहोद टैंक, गुना का गोपीकृष्ण सागर, ग्वालियर का हरसी डैम, ग्वालियर का काकेता डैम, मुरैना का कोतवाल टैंक और शिवपुरी के महुआ डैम समेत अन्य जलाशय लबालब हो चुके हैं. नर्मदापुरम में तवा डैम के 7 गेट 10-10 फीट तक खोले गए हैं। वहीं, बैतूल में सतपुड़ा डैम के 7 गेट 8-8 फीट तक खोले गए हैं। बरगी और बारना डैम के भी गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। मंडला में सुबह 9 बजे नर्मदा नदी का जलस्तर वॉर्निंग लेवल को पार कर 437.2 मीटर पहुंच गया, जिससे माहिष्मती घाट का छोटा रपटा पुल डूब गया है। ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि जलभराव के हालात बन गए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में पानी भर गया। हजीरा इलाके में पुरानी इमारत ढह गई। शनिवार को 41 जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट है। सिंगरौली में स्कूलों की छुट्‌टी रहेगी। सीधी में 24 घंटे में गिरा 5 इंच पानी बंगाल की खाड़ी से उठे लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) का असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से कहीं अति भारी और कहीं भारी बारिश हो रही है। शुक्रवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बारिश का दौर रहा। सीधी में 9 घंटे में गिरा 4.8 इंच पानी गिर गया। वहीं, सिंगरौली में 7 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके चलते सिंगरौली के स्कूलों में शनिवार को छुट्‌टी रहेगी। डीईओ ने यह आदेश जारी किए हैं। इसी तरह पचमढ़ी में डेढ़ इंच, उमरिया, मलाजखंड, छिंदवाड़ा और गुना पौन इंच, सागर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, बैतूल, दतिया, रायसेन, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, सिंगरौली, सतना, अनूपपुर, मऊगंज, मुरैना, अशोकनगर, सीहोर, देवास, राजगढ़, शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। बाारिश के चलते जबलपुर में बरगी डैम के 7 गेट खोले गए। बैतूल के सारणी में सतपुड़ा डैम के भी 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। मुरैना जिले में पगारा डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 655.88 फीट तक पहुंच गया। इसके सभी 6 ऑटोमैटिक गेट खुल गए। 30 जिलों में तेज बारिश, सिंगरौली में स्कूलों की छुट्टी शुक्रवार को भोपाल, छिंदवाड़ा, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, मंडली, सिवनी और शाजापुर समेत 30 जिलों में जोरदार बारिश हुई. सबसे अधिक बीते 24 घंटों में सिंगरौली में 7 इंच और सीधी में 4.5 इंच बारिश दर्ज की गई. तेज बारिश और जलभराव के कारण शनिवार को सिंगरौली जिले में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है. वहीं ग्वालियर में इतना पानी गिरा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया. राजगढ़ में भी निचली बस्तियों में पानी भर गया. खंडवा, शाजापुर और भोपाल समेत अन्य जिलों में शुक्रवार रात से ही बारिश का दौर जारी है. अगले दो दिनों तक भारी बारिश मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल पर बना अवदाब पिछले 6 घंटों के दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. अगले 48 घंटों के दौरान इसके गंगीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं इससे सटे उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वाेत्तर मध्यप्रदेश की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. जिससे अगले दो दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश के आसार हैं.'' दिव्या ने बताया कि, ''वर्तमान में एक मानसून द्रोणिका जम्मू, चंडीगढ़, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा, कोलकाता, तटीय पश्चिम बंगाल से अवदाब के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है." रायसेन, रीवा, सतना, पन्ना, दमोह और सागर जिले में अत्याधिक बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, मैहर और पांढुर्णा में अतिभारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही भोपाल, राजगढ़, हरदा, खंडवा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, टीकमगढ़, निवाडी, ग्वालियर और दतिया में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 27 जुलाई को बारिश का ऑरेंज अलर्ट अशोकनगर और शिवपुरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि विदिशा, सिहोर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जबकि भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, मैहर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 28 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. यहां साढ़े 4 इंच से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, सागर और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा. 29 जुलाई … Read more

मध्यप्रदेश में लगातार बारिश बरगी और सतपुड़ा डैम के 7-7 गेट खोले गए

भोपाल   मध्य प्रदेश में एक बार फिर से स्ट्रांग सिस्टम  एक्टिव हो गया है, जिससे लगातार भारी बारिश का दौर चल रहा है। शुक्रवार को 19 जिलों में अति भारी औ 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इससे पहले गुरुवार को अशोकनगर, विदिशा, शिवपुरी समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात रहे। रायसेन में 2.3 इंच पानी गिरा। सिवनी में 1.6 इंच, पचमढ़ी में डेढ़ इंच, भोपाल में सवा इंच बारिश हुई। वहीं, दतिया, शिवपुरी और सागर में आधा इंच पानी गिरा। बैतूल, दतिया, नर्मदापुरम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, टीकमगढ़, उमरिया, विदिशा, बालाघाट समेत कई जिलों में बारिश हुई। शिवपुरी में अटल सागर बांध मडीखेड़ा के दो गेट खोले गए। रायसेन में बारना बांध के 4 गेट एक-एक मीटर खोलकर दस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ग्वालियर में सुबह तेज बारिश हुई। भोपाल में कभी धीमी, कभी तेज बारिश हो रही है। जबलपुर में बरगी डैम के दो गेट और खोले गए हैं। इससे पहले 5 गेट खोले गए थे। पिछले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा 3.7 इंच पानी गिर गया। रायसेन में 2.4 इंच, पचमढ़ी में 1.9 इंच, सिवनी में 1.6 इंच, भोपाल, दतिया-मलाजखंड में 1.1 इंच बारिश दर्ज की गई। छतरपुर के नौगांव और खजुराहो, नरसिंहपुर, गुना, बैतूल, सागर, जबलपुर, उमरिया, मंडला, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, दमोह, रतलाम, खरगोन, विदिशा, सीहोर, टीकमगढ़, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़ समेत कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर रहा। आज इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जबलपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, सागर, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सागर, सीहोर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश में चार सिस्टम का असर मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में दो ट्रफ और एक दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी है। इनमें से एक मानसून ट्रफ लाइन उत्तरी हिस्से से गुजर रही है। इससे प्रदेश में तेज बारिश का दौर है। अगले चार दिन तक अति भारी बारिश का कहीं रेड, ऑरेंज तो कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट है। औसतन 21.8 इंच बारिश हुई  प्रदेश में इस सीजन में औसत 21.8 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 14.6 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.2 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 49% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 25% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। 

उत्तर प्रदेश में फिर करवट लेगा मानसून, 26 तारीख को बारिश का यलो अलर्ट

कानपुर/ मेरठ बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र और परिसंचरण से बारिश होगी। इसके लिए इंतजार करना होगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश में 25 जुलाई तक बारिश की संभावना नहीं है। शनिवार से मानसून फिर सक्रिय हो जाएगा। कानपुर समेत ज्यादातर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बारिश होगी। 26 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार के बाद से अब तक शहरी क्षेत्र में बारिश नहीं हुई है। तेज धूप और नमी के कारण उमस बढ़ गई है। शहर में अधिकतम तापमान 35.4 और न्यूनतम 26 डिग्री रहा। नमी का प्रतिशत कम होने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र 24 जुलाई तक बन जाएगा। 25 जुलाई तक अपवाद छोड़ किसी भी जनपद में बारिश की संभावना नहीं है। इस बीच उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश के दोनों संभागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन और भारी बारिश भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 23 जुलाई को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। 23 जुलाई के लिए दोनों संभागों में कोई चेतावनी नहीं दी गई है। मेरठ में 56 फीसदी पर अटका जुलाई में बारिश का ग्राफ एक हफ्ते से उमस और गर्मी से बेहाल मेरठ में जुलाई महीने में बारिश का ग्राफ 56 फीसदी पर ठिठक गया है। जुलाई बीतने में मात्र नौ दिन बाकी हैं और अगले दो-तीन दिन अच्छी बारिश की उम्मीद बेहद कम हैं। मौसम विभाग की अच्छी बारिश की भविष्यवाणी के बावजूद मेरठ सहित वेस्ट यूपी के अधिकांश हिस्से गर्मी से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग ने अब 25 जुलाई के बाद अच्छी बारिश का अनुमान लगाया है। मौसम विभाग के अनुसार मेरठ में जुलाई महीने में औसत बारिश 226.4 मिमी है और 22 जुलाई तक 128.1 मिमी बारिश हो चुकी है। औसत बारिश के सापेक्ष यह आंकड़ा 56.6 फीसदी है जो बीते एक हफ्ते से इसी स्तर पर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 24 जुलाई तक वेस्ट यूपी के अधिकांश हिस्सों में छुटपुट बौछारों को छोड़कर अच्छी बारिश के आसार नहीं हैं। बारिश में कमी से किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। वहीं, मंगलवार दिन-रात का तापमान क्रमश: 34.5 एवं 26.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। सोमवार के सापेक्ष दिन में 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई जबकि रात में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट। मेरठ का एक्यूआई 59 दर्ज हुआ जो संतोषजनक श्रेणी में है।

मौसम विभाग का अलर्ट: जबलपुर और आसपास के जिलों में मूसलधार बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार के मानसूनी सीजन में अबतक कुल 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। हालांकि, आज 23 जुलाई तक औसत 13.7 इंच बारिश होना चाहिए थी। यानी अबतक प्रदेशभर में सामान्य से औसत से 7.3 इंच अधिक बारिश हुई है। ऐसे में सिर्फ चंद दिनों की बारिश से ही प्रदेशभर में सीजन का आधे से ज्यादा बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। मध्य प्रदेश की सामान्य औसत बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। अब तक प्रदेश में औसत 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो सामान्य बारिश से 15 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में अबतक 10 इंच से भी कम बारिश हो सकी है। फिर एक्टिव हो रहा स्ट्रॉन्ग सिस्टम वहीं, लगभग हफ्तेभर से लगे ब्रेक के बाद एमपी में एक बार फिर बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है। मौसम केंद्र ने बुधवार को जबलपुर समेत 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, मौसम विभाग ने जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिरने का अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर रहेगा। शाजापुर में नदी से मछली पकड़ने गए 27 वर्षीय विशाल केवट की आकाशीय बिजली की चपेट में आकर मौत हो गई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश का अलर्ट है। 24 को इन जिलों में बारिश का अलर्ट भोपाल में दिनभर धूप रही। शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया। टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को पन्ना, सतना, रीवा, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है। MP में 21 इंच गिर चुका पानी भारत में मानसून (Monsoon) की एंट्री 24 मई को हुई। मानसून ने सबसे पहले केरल पहुंचा। फिर कर्नाटक में दस्तक दी। तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश होते हुए 16 जून को मानसून एमपी आया। 20 जून तक मानसून ने सभी जिलों को करव कर लिया। तब से सूबे में झमाझम बारिश हो रही है। अब तक 21 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है।  एक साथ एक्टिव हुए दो साइक्लोनिक सिस्टम इसी के साथ प्रदेश के अन्य इलाकों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दरअसल प्रदेश में मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस कारण से कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश की स्थिति बन रही है। ये स्थिति फिलहाल चार-पांच दिन तक बनी रहने की संभावना है। भोपाल में दिन में धूप, शाम को तेज बारिश इससे पहले मंगलवार को भोपाल, इंदौर, टीकमगढ़ समेत 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश का दौर चला। भोपाल में दिनभर धूप खिली रही, लेकिन शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया। टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई। इस बार 7.3 इंच बारिश ज्यादा मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 21 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों में भी बेहतर स्थिति है। यहां 80% से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे हैं। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।

MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

रायपुर : प्रदेश में अब तक 453.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 453.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 740.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 245.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 446.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 443.8 मि.मी., गरियाबंद में 381.1 मि.मी., महासमुंद में 395.9 मि.मी. और धमतरी में 380.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 478.9 मि.मी., मुंगेली में 515.1 मि.मी., रायगढ़ मंे 578.2 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 606.8 मि.मी., कोरबा में 521.9 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 453.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 439.7 मि.मी., सक्ती में 547.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 373.3 मि.मी., कबीरधाम में 339.1 मि.मी., राजनांदगांव में 371.9 मि.मी., बालोद में 446.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 532.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 318.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 352.4 मि.मी., सूरजपुर में 569.3 मि.मी., जशपुर में 551.7 मि.मी., कोरिया में 532.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 490.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 549.9 मि.मी., कोंडागांव में 327.8 मि.मी., नारायणपुर में 347.6 मि.मी., बीजापुर में 512.1 मि.मी., सुकमा में 319.6 मि.मी., कांकेर में 406.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 433.1 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

मौसम विभाग का अलर्ट: MP के 14 जिलों में अगले 24 घंटे में मूसलधार बारिश की आशंका

भोपाल   मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, राजगढ़, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। अगले 24 घंटे में यहां साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है।  आज इन जिलों बाढ़ का खतरा शनिवार को सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन ग्वालियर समेत 16 जिलों में बाढ़ का खतरा है। शिवपुरी में आज भी स्कूलों की छुट्टी रहेगी। जिन जिलों में बाढ़ का खतरा है, उनमें ग्वालियर, छतरपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सागर, सतना, टीकमगढ़, अशोकनगर, दतिया, गुना, मुरैना, राजगढ़, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा जिले शामिल हैं। यहां शुक्रवार को भारी बारिश का दौर चला। 9 घंटे में डेढ़ इंच बारिश प्रदेश में शुक्रवार को तेज बारिश का दौर जारी रहा। 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। शिवपुरी में 9 घंटे में डेढ़ इंच बारिश हो गई। वहीं, गुना-ग्वालियर में सवा इंच पानी गिरा। रतलाम में 1.2 इंच, छतरपुर के नौगांव में 1 इंच और दतिया में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर के खजुराहो, मंडला, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, बालाघाट, मऊगंज, रीवा, सतना, डिंडौरी, मंदसौर, श्योपुर समेत कई जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी में बारिश के चलते स्कूलों की छुट्टी शिवपुरी में बारिश के चलते आज नर्सरी से लेकर 12वीं तक के स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। छतरपुर में रनगुवां डैम के 12, कुटनी के 7 और लहचूरा डैम के 13 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। शिवपुरी में मड़ीखेड़ा अटल सागर बांध के 2 गेट खोले गए। टीकमगढ़ में पूनौल नाला उफान पर रहा। पुल के ऊपर से 3 फीट तक पानी बहा। इस वजह से झांसी हाईवे पर ट्रैफिक बंद करा दिया गया। छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सतना, डिंडौरी और मऊगंज में शुक्रवार को स्कूलों में छुट्टी रही। सिस्टम के कमजोर होने की संभावना मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश से एक मानसून टर्फ गुजर रही है। वहीं, एक डिप्रेशन भी एक्टिव है। इस वजह से शुक्रवार को कई जिलों में अति भारी और भारी बारिश का दौर रहा। शनिवार को कई जिलों में भारी बारिश होगी, लेकिन इसके बाद सिस्टम के कमजोर होने की संभावना है। बता दें कि इस सीजन में प्रदेश में औसत 20.1 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 11.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 8.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है। अबकी बार पूर्वी हिस्से में मानसून मेहरबान रहा है। 

मौसम ने दिखाया असली रंग: ग्वालियर-चंबल में 29 दिनों में ही पूरी हुई साल की बारिश

ग्वालियर/चंबल   ग्वालियर-चंबलअंचल में इस साल मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश की है। महज 29 दिनों में पूरे साल का औसत वर्षा कोटा पूरा हो चुका है। अभी तक यहां कुल 706 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जबकि सालाना औसत 700 मिमी का होता है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है। गुरुवार रात से लगातार बारिश, शुक्रवार शाम तक 78 मिमी पानी बरसा गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार पूरे दिन रुक-रुक कर जारी रही। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश के चलते पूरे अंचल में 78 मिमी (करीब तीन इंच)वर्षा दर्ज हुई। कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित रहा और लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। तिघरा डैम के गेट खोले गए, गांवों को किया गया अलर्ट बारिश के चलते तिघरा डैम(Tigra dam gates open) में जलस्तर बढ़कर 738.20 फीट तक पहुंच गया। शुक्रवार दोपहर 1 बजे डैम के गेट खोल दिए गए। इस दौरान कलेक्टर रुचिका चौहान और जिला पंचायत सीईओ विवेक कुमार मौजूद रहे। गेट खोलने से पहले सायरन बजाया गया और नदी किनारे स्थित महीदपुर गांव के निवासियों को सतर्क किया गया। साथ ही पुल पर बहते पानी के कारण ट्रैफिक रोका गया और प्रकाश, सूचनात्मक बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। आगामी 24 घंटे में ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड और श्योपुर में भारी बारिश की आशंका मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। लगातार बारिश के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है। 

कई इलाकों में मूसलधार बारिश का असर, बाढ़ की चेतावनी से हड़कंप

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 487.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 67% ज़्यादा है। विंध्य और निमाड़ क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात हैं। हरदा में एक सब-इंस्पेक्टर की गाड़ी बह गई, लेकिन वह कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। खंडवा में अजनाल नदी के पुल पर पानी आने से हाईवे बंद है। डिंडोरी और मऊगंज में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।  सतना-मैहर जलसमाधि में, ग्वालियर-चंबल में रेड अलर्ट सतना और मैहर ज़िले पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। रामघाट और भरतघाट की 100 से ज़्यादा दुकानें पानी में डूब गईं। 50 से ज़्यादा नदियां और नाले उफान पर हैं और 100 गांवों का ज़िला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। उत्तर प्रदेश से आ रहे मौसमी सिस्टम के चलते ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने यहाँ 10 इंच तक बारिश का अनुमान जताया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।  22 जिलों के लिए IMD का अलर्ट जारी  मॉनसून इस बार खूब मेहरबान है। प्रदेश में जगह-जगह झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज 7 जिलों में अति भारी, 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, दतिया, मुरैना और भिंड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, यहां 24 घंटे के दौरान 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान तेज हवाएं भी चलने का अनुमान है। भारी बारिश और तूफानी हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। 200 परिवार फंसे छतरपुर जिले में उर्मिल नदी उफान पर है। यहां ओरछा रोड थाना क्षेत्र का गांव धामची पानी से लबालब हो गया है। इसके चलते करीब 2000 परिवार फंसे हुए हैं। ग्रामीण जान बचाने को घरों की छतों पर चढ़ गए हैं। पानी भरने से मुख्य मार्गों से गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उन्हें सुरक्षित गांव से बाहर निकलवाने की की अपील की है। गांव में पानी भरने से बिजली सप्लाई ठप हो गई है। साथ ही मोबाइल फोन नेटवर्क भी दिक्कत कर रहे हैं। इस बीच पूरे छतरपुर जिले में 12 घंटे से हो रही तेज तेज बारिश के चलते लोगों के घरों में पानी घुस गया। लोग कार को हाथों से उठाते नजर आए। पूर्व विधायक अलोक चतुर्वेदी के घर के पीछे लोगों के घरों में पानी घुसा हुआ है। दो लोगों की मौत इस बीच, प्राकृतिक आपदा में दो लोगों की मौत की भी खबर है। ग्राम ढिलापुर में रात में मकान में सो रहीं मां-बेटी के ऊपर कच्चा ढह गया। इस हादसे में बेटी की मौत हो गई, जबकि मां घायल हो गई। वही हतना में घर के अंदर जानवर छोड़ने गए युवक पर कच्चा घर गिर गया। दोनों जगह मलबे में दबने से मौत हुई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश और तूफानी हवाओं के मद्देनजर लोगों को कुछ सुझाव भी दिए हैं। सुझाए गए कार्य     भारी वर्षा के कारण दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।     सड़कों और अंडरपास सहित निचले इलाकों में जलभराव की संभावना है, जिससे यातायात जाम और देरी हो सकती है।     भारी वर्षा से जमा हुआ पानी जलजनित रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है।     झोंकेदार तेज हवाओं के कारण उड़ने वाला मलबा और कम दृश्यता हो सकती है, जिससे यात्रा और परिवहन प्रभावित हो सकते हैं। यदि संभव हो तो यात्रा करने से बचें।     परिवहन व्यवस्था सहित निकासी के तरीके के बारे में पहले से योजना बना लें।     वाहन धीरे चलाएं और स्टीयरिंग व्हील को मजबूती से पकड़ें, पुलों और ऊंची खुली सड़कों से बचें।     मचान (स्कैफोल्डिंग) और निर्माण स्थलों से दूर रहें। ऊंचे या खुले इलाकों में न जाएं। खुले खेतों और बाहरी गतिविधियों के दौरान बिजली गिरने का खतरा बना रहता है।     पेड़, बिजली के खंभे, अस्थायी शेड और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की संभावना है। आंधी-तूफान के दौरान खुले खेतों में कार्य करने से बचें।     गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें।     आपातकालीन किट में आवश्यक वस्तुएं जैसे कि जल्दी खराब न होने वाला भोजन, पानी, दवाइयां, टॉर्च, बैटरी और प्राथमिक मेडिकल किट रखें।     सुरक्षित स्थानोंं पर आश्रय लें; पेड़ों के नीचे शरण न लें तथा तूफान के दौरान जल निकायों से तुरंत बाहर निकलें। पेड़ों और बिजली की तारों से दूर रहें।     कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें। इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें एवं उन सभी वस्तुओं से दूर रहें जो बिजली का संचालन करती हैं।     पशुओं का विशेष ध्यान रखें, सभी जानवरों को रात के दौरान विशेष रूप से संरक्षित और सुरक्षित पशु शेड में रखा जाना चाहिए।     अगले 24 घंटों में अपेक्षित वर्षा के कारण मानचित्र के अनुसार कुछ पूर्ण रूप से संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही अपवाह /जलप्लावन हो सकता है।     स्थानीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित निकटतम बाढ़ आश्रयों, निकासी मार्गों और सभा स्थलों के बारे में जानें।     सरकार द्वारा जारी बाढ़ की चेतावनियों और सलाह पर अपडेट रहें। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों जैसे आधिकारिक स्रोतों से मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट पर नजर रखें।  भोपाल में बादलों का डेरा राजधानी भोपाल में गुरुवार को दिन भर बादल छाए रहे। अरेरा हिल्स में 25 मिमी और बैरागढ़ में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। दृश्यता भी घटकर 2000 मीटर रह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हल्की से मध्यम बारिश जारी है। अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी आज राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार एक सक्रिय मॉनसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया बारिश को और उग्र बना रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इसी बीच, रीवा और मऊगंज जिलों में भारी … Read more