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मॉनसून सक्रिय, कई जिलों में बारिश की संभावना, पलामू में लू का खतरा

रांची  मॉनसून की रुक-रुक कर बारिश से जहां रांची, मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा का अधिकतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस गिर गया है. वहीं पलामू, गढ़वा और चतरा में 23, 24 और 25 को लू चलने की संभावना व्यक्त की गई है. जबकि झारखंड के अन्य इलाकों में 28 तक जून मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवा के तक मेघ साथ बारिश होने की संभावना है. वज्रपात से तीन की मौत इस बीच सोमवार को वज्रपात से तीन लोगों की मौत हो गई है. इनमें हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ के नरकी पंचायत स्थित नावाडीह टोला में वज्रपात से गोवर्धन महतो (68 वर्ष) की मौत हो गई वह बकरियों को चराने गए थे. वहीं गढ़वा के मेराल थाना क्षेत्र अंतर्गत विकताम गांव में वज्रपात से महिला ममता कुंवर (53 वर्ष) की मौत हो गई. सिमडेगा जिले के केरसई थाना के भंडारटोली गांव में वज्रपात से 15 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे घायल हो गए. राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश सोमवार को सबसे अधिक चाईबासा (जगन्नाथपुर) में 14 मिमी, सिमडेगा में 10 मिमी, खूंटी में चार मिमी, देवघर और सरायकेला में दो-दो मिमी, बहरागोड़ा में 2.5 मिमी, लोहरदगा में एक मिमी, रांची में छिटपुट बारिश हुई. अधिकतम तापमान की स्थिति     रांची –  28.4     जमशेदपुर – 31.8     मेदिनीनगर – 37.1     बोकारो – 36.1     चाईबासा – 30.8 झारखंड में 60% कम बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे में राज्य के कई इलाकों में मॉनसून के सक्रिय होने से अच्छी बारिश हो सकती है. मॉनसून के आने के बाद भी झारखंड में 22 दिनों में 60 प्रतिशत कम बारिश हुई है. 1 जून 2026 से 22 जून 2026 तक सामान्य वर्षापात 112.1 मिमी है, जबकि इस दौरान वास्तविक वर्षापात 44.7 मिमी हुई है. रांची में सामान्य से दो मिमी अधिक बारिश हो गयी है. वहीं 23 जिलों सामान्य से कम बारिश हुई है. गढ़वा में में 99% कम बारिश हुई है. रांची में सामान्य वर्षापात 115.6 मिमी है, है, जबकि इस दौरान 118.2 मिमी बारिश हो गई है.

जलवायु परिवर्तन का गहरा असर: बिहार में घट रही बारिश, बढ़ रहा तापमान

पटना बिहार सहित देश भर में जलवायु परिवर्तन का गंभीर असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है, जिससे मौसम का स्वाभाविक तेवर पूरी तरह बिगड़ चुका है और ऋतुओं का स्वरूप बेरंग हो रहा है। मौसम विभाग ने पिछले दो दशकों में तेजी से बदले इस पर्यावरण संकट के कारणों का एक विशेष अध्ययन करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सहित देश भर में बारिश की गतिविधियां लगातार कम हो रही हैं और मानसून की चाल बुरी तरह बाधित हुई है। इस वजह से न केवल बारिश के दिनों में हीट वेव की स्थिति बन रही है, बल्कि सालभर के कुल वर्षापात (Rainfall) के आंकड़े भी साल-दर-साल लगातार घटते जा रहे हैं, जो कृषि प्रधान बिहार के लिए एक खतरे की बड़ी घंटी है। पिछले दो दशकों में 13 साल सूखा जैसे हालात आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 20 साल में बिहार के भीतर ऐसे 13 मौके आए हैं जब मानसून अवधि में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2025 में 31%, 2024 में 20%, 2023 में 23%, 2022 में 31% और 2018 में 25% कम वर्षा हुई थी, जबकि इस साल भी अब तक सूबे में 41% बारिश की भारी कमी बनी हुई है। जलवायु विशेषज्ञ प्रो. डॉ. प्रधान पार्थसारथी के अनुसार, बिहार में सावन और भादो के महीने में होने वाली पारंपरिक धीमी और लगातार बारिश, जिसे स्थानीय भाषा में 'झपसी' कहा जाता था, वह पिछले डेढ़ दशक से पूरी तरह गायब हो चुकी है। इस झपसी से न केवल धान की फसलों को प्रचुर लाभ मिलता था, बल्कि वातावरण का तापमान भी नियंत्रित रहता था, लेकिन अब नई पीढ़ी इस अनमोल मौसमी घटना से पूरी तरह वंचित हो चुकी है। देश के अलग-अलग केंद्रों को सौंपी गई जिम्मेदारी मौसम विभाग की इस विशेष योजना के तहत देश के विभिन्न प्रमुख केंद्रों को अध्ययन की अलग-अलग कमान सौंपी गई है। इसके तहत चंडीगढ़ केंद्र पश्चिमी विक्षोभ, अहमदाबाद हीट वेव व कोल्ड वेव, भोपाल मानसून के प्रसार, भुवनेश्वर ट्रॉपिकल साइक्लोन और जयपुर केंद्र डेजर्ट मेट्रोलॉजी पर अध्ययन करेगा, जबकि हैदराबाद को समेकित शहरी मौसम प्रणाली की जिम्मेदारी मिली है। गौरतलब है कि भारत में साल 1901 से 1930 की तुलना में 2015 से 2024 के बीच औसत तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के कारण हरित क्षेत्र में कमी, वज्रपात की अप्रत्याशित घटनाएं, शहरी बाढ़, ग्राउन्ड वाटर पर असर पड़ रहा है, जिसे रोकने के लिए अब यह वैज्ञानिक अध्ययन बेहद मील का पत्थर साबित होगा।

पूर्वोत्तर और कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, बिजली गिरने और भूस्खलन का खतरा

नई दिल्ली देश के कई राज्यों में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने 17 राज्यों में तूफानी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम के लोगों की मुसीबतें बढ़ सकती है, क्योंकि यहां पर कल यानी 22 जून को भारी बारिश होने की आशंका है। इस दौरान कई इलाकों में बिजली गिरने, जलभराव और भूस्खलन होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 जून के आसपास महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट IMD के अनुसार, 17 राज्यों में तेज हवाओं के साथ 22 जून को बारिश हो सकती है। अगले दो दिनों के दौरान पूर्वी भारत, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में तथा अगले 24 घंटों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में मध्यम से गंभीर आंधी-तूफान की गतिविधि होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर में कहीं-कहीं ओलावृष्टि और को राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है। दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली में हल्की बारिश की संभावना (22-24 जून): मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 22 जून को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 23 जून को भी राजधानी दिल्ली में 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार है। हालांकि 23 और 24 जून को बारिश होने की संभावना काफी कम है। यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम उत्तर प्रदेश में अभी नहीं मिलेगी गर्मी से राहत (22-25 जून): उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर अभी जारी रहने वाला है। IMD के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 24 जून तक लू चलने की संभावना है, जबकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि 25 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश और 26 जून को दोनों क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद और कन्नौज में कल मौसम शुष्क रहेगा। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में कल मौसम शुष्क रहेगा, साथ ही लू चलने की संभावना है। आपके शहर में कल कैसा रहेगा मौसम शहर      अधिकतम तापमान (20 जून)     न्यूनतम तापमान (20 जून) दिल्ली      41°C     27°C मुंबई      35°C     30°C चेन्नई      39°C     29°C कोलकाता       36°C     28°C लखनऊ       42°C     31°C पटना      40 °C     31°C रांची       33°C     24°C भोपाल     36°C     26°C जयपुर     37°C     27°C शिमला     26°C     15°C नैनीताल     27°C     17°C बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम बिहार के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट (22- 28 जून): बिहार में मानसून की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में अगले सात दिनों तक बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग ने अररिया, कटिहार और किशनगंज जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण में कल एक-दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा में कल कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। अररिया, सुपौल, कटिहार और किशनगंज में भारी बारिश, वज्रपात और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अलर्ट है। रोहतास, कैमूर (भभुआ), भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद में कल एक-दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश का अलर्ट (22-27 जून): मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 22 से 27 जून के दौरान छिटपुर बारिश हो सकती है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर, सोलन, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर में बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। उत्तराखंड में कल कैसा रहेगा मौसम उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट ( 22-27 जून): IMD ने उत्तराखंड में 22 से 27 जून तक बारिश होने की संभावना जताई है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग में बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। 23 जून को गरजम-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। राजस्थान में कल कैसा रहेगा मौसम राजस्थान में धूलभरी आंधी का अलर्ट (22-27 जून): मौसम विभाग के अनुसार, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, अलवर, भरतपुर, सीकर, झुंझुनूं, जैसलमेर, बाड़मेर में तेज आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। 22 और 23 जून को कुछ इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। जबकि कल पश्चिमी राजस्थान में डस्ट स्टॉर्म की चेतावनी जारी की गई है। जम्मू-कश्मीर में कल कैसा रहेगा मौसम जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट (22 जून): मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में कल यानी 22 जून को बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। श्रीनगर, जम्मू, बारामूला, अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम, डोडा, राजौरी, पुंछ, उधमपुर में बारिश, आंधी और कुछ जगह ओलावृष्टि की संभावना है। हरियाण में कल कैसा रहेगा मौसम हरियाणा में हल्की बारिश की संभावना (22-24 जून): हरियाणा में 22 से 24 जून को छिटपुट बारिश होने की संभावना है। राज्य के गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, पानीपत, हिसार, रोहतक, अंबाला, सोनीपत, यमुनानगर, भिवानी में आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। झारखंड में कल कैसा रहेगा मौसम झारखंड में आंधी-बारिश का अलर्ट (22-27 जून): रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), धनबाद, बोकारो, देवघर, … Read more

गर्मी से मिलेगी राहत! पंजाब में अगले 4 दिनों तक बारिश-आंधी की चेतावनी

चंडीगढ़. पंजाब में भीषण गर्मी के बीच मौसम को लेकर नई अपडेट सामने आई है। गुरुवार को भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) चंडीगढ़ के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अगले 4 दिनों तक बारिश, तेज़ हवाओं और गरज-चमक की संभावना है, जिस कारण विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 18 जून को पूरे पंजाब में किसी भी तरह की मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि, 19 जून से जिला फिरोजपुर, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, संगरूर, बरनाला, लुधियाना, मोगा, पटियाला और एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में बारिश के साथ तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। कहा जा रहा है कि अगले 48 घंटों के दौरान इन इलाकों में मौसम अचानक खराब हो सकता है।   20 और 21 जून को भी जारी रहेगा खराब मौसम 20 और 21 जून के दौरान भी पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर समेत उत्तर और सीमावर्ती जिलों में मौसम खराब रहने के आसार हैं। इन क्षेत्रों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं विभाग  ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। तेज़ हवाओं और आंधी के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचने तथा आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

रांची समेत कई जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 60 किमी रफ्तार से चलेंगी हवाएं

रांची झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनने और झारखंड में मॉनसून की बेरुखी के बाद गुरुवार से एक बार फिर मॉनसून के सक्रिय होने की संभावना बढ़ गई है. मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार और शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है.   18-19 जून का मौसम गुरुवार और शुक्रवार यानी 18 और 19 जून को रांची सहित 17 जिलों में दोपहर के बाद मौसम बदलने की संभावना है. इनमें खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं. इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने तथा मेघ गर्जन के साथ वज्रपात होने की आशंका है. मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बाकी सात जिलों में भी तेज हवा के साथ मेघ गर्जन, वज्रपात और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक रांची में 18 जून और 19 जून को रांची का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 20 जून का मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 20 जून को राज्य में आंशिक बादल छाए रहेंगे. कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. राज्य के कुछ हिस्सों में वज्रपात होने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. जून में हुई कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, इस साल एक जून से 17 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है. एक जून से 17 जून तक झारखंड में सामान्य से 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है. इस अवधि में सामान्य बारिश 67 मिमी होनी चाहिए थी.

पंजाब में गर्मी से मिलेगी राहत! 19 जून से बारिश और तेज हवाओं के आसार, मानसून की एंट्री में देरी संभव

चंडीगढ़  पंजाब, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन तथा 18 जून से सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब में मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है।  मौसम विभाग ने 19 जून से अगले चार दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग चंडीगढ़ केंद्र के निदेशक सुरिंदर पाल के अनुसार इस प्री-मानसून गतिविधि के चलते तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह प्री-मानसून बारिश है और मानसून के आगमन को लेकर अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। मानसून की रफ्तार धीमी, पंजाब में देरी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। दक्षिण भारत से आगे बढ़ने के बाद मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास ठहर गया है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करने के बाद इसकी प्रगति बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी धीमी हो गई है। ऐसे में पंजाब में मानसून जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंच सकता है। पहले इसके 20 से 25 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही थी। 16 जिलों में अलर्ट, मंगलवार को गिरा पारा मंगलवार को कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे पहुंच गया। रूपनगर 37.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। बुधवार के लिए अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली, बठिंडा, मानसा समेत 16 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। 

दो दिन की गर्मी के बाद राहत के आसार, 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं तेज हवाएं

 रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मॉनसून के दो दिनों तक कमजोर रहने के बाद एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, 17 जून को रांची सहित खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, रामगढ़ और बोकारो में दोपहर बाद 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा, वज्रपात और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. जबकि, अन्य जगहों पर आकाश में बादल छाये रह सकते हैं, लेकिन तापमान में वृद्धि रहेगी. 18 जून को भी यही स्थिति रहने की संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र ने 22 जून तक मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं. कई जगहों पर बारिश हो सकती है. 19 जून का मौसम 19 जून से रांची सहित 17 जिलों हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा में तीन दिनों तक 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी और वज्रपात के साथ कहीं-कहीं रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मॉनसून कमजोर पड़ते ही बढ़ा तापमान मॉनसून के कमजोर पड़ने के साथ ही जिलों के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है. मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है. पिछले 24 घंटे में तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है. रांची का अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं, जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस, बोकारो का 39.2 डिग्री और चाईबासा का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रहा. मंगलवार को सिर्फ कांके में एक मिमी बारिश हुई.

दोपहर में छाया अंधेरा, तेज आंधी-बारिश से हरियाणा के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

 हिसार सुबह तक सामान्य दिख रहा मौसम सोमवार दोपहर अचानक बदला और देखते ही देखते प्रदेश के कई जिलों में धूलभरी आंधी, तेज हवाएं और वर्षा का दौर शुरू हो गया। कई स्थानों पर दोपहर में ही अंधेरा जैसा वातावरण बन गया। हांसी में हल्की ओलावृष्टि हुई और तेज आंधी के कारण एक मोबाइल टावर गिर गया। भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में करीब 100 मीटर ऊंचा धूल का बवंडर दिखाई दिया। गुरुग्राम, सोनीपत, फतेहाबाद, सिरसा, रेवाड़ी, झज्जर और अन्य जिलों में वर्षा दर्ज की गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, लेकिन कई स्थानों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। हांसी क्षेत्र में तेज हवाओं और वर्षा के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई। आंधी इतनी तेज थी कि शहर के बड़सी गेट एरिया में एक मोबाइल टावर गिर गया। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और अवरोध पैदा होने की सूचनाएं भी मिलीं। सिवानी में दिखा धूल का विशाल बवंडर भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में धूल का ऊंचा बवंडर लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। तेज हवाओं के साथ उठे इस बवंडर के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर भी प्रसारित हुए। मौसम विशेषज्ञ इसे अस्थिर वायुमंडलीय परिस्थितियों का परिणाम मान रहे हैं। गुरुग्राम में सड़कों पर भरा पानी गुरुग्राम में तेज वर्षा के बाद कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सोनीपत, फतेहाबाद, रेवाड़ी, झज्जर और सिरसा सहित अनेक जिलों में भी वर्षा दर्ज की गई। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। आने वाले दिनों में भी बदलाव के संकेत मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना भी जताई गई है। फिलहाल प्रदेश में हीटवेव जैसी स्थिति नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिला है। आगामी दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में वर्षा और तेज हवाएं चल सकती हैं। – डॉ. चंद्रशेखर डागर, वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार  

उत्तर प्रदेश में गर्मी की वापसी, 5–7 डिग्री तक बढ़ सकता है तापमान

लखनऊ उत्तर प्रदेश में विक्षोभ के गुजरने के बाद रविवार को ज्यादातर जिलों में तेज धूप खिली और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस बीच सोमवार को बिहार से सटे तराई व कुछ दक्षिणी जिलों में गरज चमक के आसार हैं। क्षेत्रीय माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बावजूद कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर समेत कुछ दक्षिणी इलाकों में हवा में माैजूद नमी की वजह से तेज हवाएं चलने और गरज चमक के संकेत हैं। सोमवार के लिए प्रदेश के13 जिलों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज चमक की चेतावनी जारी की गई है। रविवार को 42.4 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। उरई और प्रयागराज दोनों जिलों में 41.4 डिग्री और झांसी में 40.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। रविवार से अगले पांच दिनों में प्रदेश भर में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री की बढ़त आएगी। साथ ही तपिश भरे दिनों की फिर से वापसी होगी इन जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज चमक की चेतावनी सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर व आस पास के क्षेत्र।   राजधानी में तीखी हुई धूप, बढ़ने लगी तपिश राजधानी में रविवार को तीखी धूप खिली। तपिश बढ़ने से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस से ज्यादा और रात के तापमान में 5.3 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया। माैसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है। अब आगे एक हफ्ते राजधानी में माैसम शुष्क रहने वाला है। साथ ही आने वाले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़त आएगी। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को लखनऊ में विक्षोभ का असर खत्म हो गया है। आने वाले दिनों में धूप की तल्खी बढ़ने के साथ ही तपिश भरे दिनों की वापसी होगी। रविवार को अधिकतम तापमान 3.3 डिग्री की बढ़त के साथ 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री की उछाल के साथ 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा।  

70 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी-बारिश का अलर्ट, कई जिलों में येलो वॉर्निंग

पटना  बिहार के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल बिहार के मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4 से 5 दिनों में मानसून बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल स्थिति में है। आंधी-बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, पटना, नवादा, गया, औरंगाबाद, सिवान, भोजपुर, शेखपुरा, लखीसराय, बक्सर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर और मुंगेर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चलने की चेतावनी है। वहीं, कल यानी 15 जून को पटना का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा। पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम? बीते 24 घंटों में बिहार के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है । मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के गया में सबसे ज्यादा 16 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही राजगीर में 61 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और झोंकेदार हवाएं चलीं। मौसम विभाग की अपील मौसम विभाग ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आकाशीय बिजली कड़कने के समय खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या कंक्रीट के फर्श/दीवारों के सहारे न रहें। आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और गैर-जरूरी यात्रा से बचें। बिजली कड़कने के दौरान घर के सभी कीमती इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल सामानों के प्लग निकाल दें।