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भोपाल-इंदौर में सर्दी का असर तेज, MP में लुढ़का पारा; अगले 4 दिन मौसम रहेगा साफ

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब मौसम सर्द होने लगा है। दिन में हल्की ठंडक के साथ रात के तापमान में लगातार कमी आ रही है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश का न्यूनतम तापमान करीब 1.5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आया है। भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों में रातें पहले के मुकाबले ठंडी हो गई हैं।मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पारे में और गिरावट देखने को मिल सकती है। नवंबर का दूसरा पखवाड़ा प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ाने वाला रहेगा। नवंबर के दूसरे सप्ताह से बदलेगा मौसम का मिजाज मौसम के पिछले 10 सालों के आंकड़े बताते हैं कि नवंबर के मध्य से मध्य प्रदेश में ठंड का असर तेज होने लगता है। इस बार भी इसी तरह का मौसम रहने के संकेत मिल रहे हैं। महीने के दूसरे सप्ताह से रात के तापमान में और कमी आने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल संभाग में सर्दी का असर अपेक्षाकृत ज्यादा दिखाई दे सकता है। यहां उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं सीधे पहुंचती हैं, जिससे रात के पारे में तेजी से गिरावट होती है। 15 नवंबर के बाद प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी ठंड बढ़ने के आसार हैं। इन शहरों में दर्ज हुआ सबसे कम तापमान बीती रात शाजापुर जिले से जुड़े गिरवर में न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सबसे कम रहा। दमोह में पारा 12 डिग्री और कटनी जिले के करौंदी में 12.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री रहा, जबकि इंदौर में यह 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में आई इस गिरावट के चलते सुबह और रात के समय ठंड का अहसास बढ़ गया है। त्योहारों पर नहीं बिगड़ेगा मौसम, चार दिन बारिश के आसार नहीं मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। शुक्रवार को कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 7 और 8 नवंबर को भी बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में धनतेरस और दीपावली के दौरान बाजारों और खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों को मौसम की ओर से राहत मिल सकती है। हालांकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से कुछ स्थानों पर हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है। 15 नवंबर के बाद बढ़ेगी ठंड की रफ्तार मौसम के पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर के दूसरे पखवाड़े से ठंड का असर ज्यादा महसूस होने लगता है। इस बार भी इसी तरह का ट्रेंड रहने की संभावना है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण सर्दी का असर ज्यादा रहेगा। ग्वालियर में नवंबर के दौरान न्यूनतम तापमान का ऐतिहासिक रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं उज्जैन में भी रात का पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। भोपाल में 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है पारा राजधानी भोपाल में नवंबर के दौरान रात का तापमान सामान्य तौर पर 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाता है। पिछले दस वर्षों में भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला है। इस बार भी दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। भोपाल में 30 नवंबर 1941 को न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। नवंबर में बारिश का भी इतिहास रहा है। पिछले दस वर्षों में तीन बार इस महीने बारिश हुई है। वर्ष 1936 में नवंबर के दौरान साढ़े पांच इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। इंदौर में 5.6 डिग्री तक गिर चुका है तापमान इंदौर में नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर बढ़ने लगता है। रात का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाता है। हालांकि, शहर में 25 नवंबर 1938 को न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन का तापमान सामान्य तौर पर 31 से 33 डिग्री के बीच रहता है। इस महीने कभी-कभार बारिश भी होती है।  दिन में भी कम होने लगी गर्मी सिर्फ रातें ही नहीं, बल्कि दिन के मौसम में भी बदलाव दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है। अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, शिवपुरी और बैतूल में दिन का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया है। इससे दिन के समय तेज गर्मी से राहत मिल रही है। आने वाले दिनों में तापमान में और बदलाव होने की संभावना है। त्योहारों पर मौसम रहेगा साफ, बारिश के आसार नहीं धनतेरस और दीपावली के दौरान प्रदेशवासियों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के किसी भी जिले के लिए आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। 7 और 8 नवंबर को भी मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि आसमान पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। प्रदेश के अलग-अलग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इनके असर से कुछ स्थानों पर हल्के बादल नजर आ सकते हैं।

मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम, रात में बढ़ेगी ठिठुरन; भोपाल-इंदौर में खिलेगी धूप

भोपाल   मध्य प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का दौर थमने के बाद अब ठंड की दस्तक तेज होने वाली है। अगले कुछ दिनों में रात के तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट आने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, 5 से 8 नवंबर तक प्रदेश के किसी भी जिले में आंधी या बारिश का अलर्ट नहीं है। यानी धनतेरस और दीपावली पर मौसम खरीदी और त्योहार के जश्न में खलल नहीं डालेगा। भोपाल और इंदौर समेत प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन के समय धूप खिली रहेगी। तूफानों का असर खत्म, अब साफ रहेगा आसमान पिछले एक सप्ताह से मध्य प्रदेश में तूफान अर्नब और मुरासु के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिला। इनके असर से पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और उज्जैन संभाग के कुछ इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई। बुधवार को भी पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश हुई। हालांकि, अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। प्रदेश में फिलहाल कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है। अगले तीन दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर बढ़ने लगेगा। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण रात के तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है।ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर महीने में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं उज्जैन में 53 साल पहले न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।इस बार भी नवंबर के दौरान तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। भोपाल-इंदौर-जबलपुर में बारिश की भी संभावना नवंबर महीने में भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बारिश होने का ट्रेंड रहा है। इस बार भी महीने की शुरुआत में बारिश का अलर्ट जारी हुआ था।मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणाली सक्रिय होने पर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दोबारा बारिश हो सकती है। हालांकि फिलहाल प्रदेश में बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। ठंड और बारिश दोनों के लिए तैयार रहें लोग मध्यप्रदेश में फिलहाल बारिश से राहत मिलने के बाद ठंड का दौर शुरू होने वाला है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से रातें ज्यादा ठंडी हो सकती हैं। वहीं महीने के आखिरी दो सप्ताह में मौसम प्रणाली सक्रिय होने पर कुछ जिलों में बारिश की संभावना भी बनी रहेगी। दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड की रफ्तार नवंबर का दूसरा सप्ताह शुरू होते ही ठंड का असर बढ़ने लगेगा। मौसम विभाग के अनुसार, रात के तापमान में करीब 2 डिग्री तक गिरावट हो सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल संभाग में देखने को मिल सकता है। यहां उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण रातें ज्यादा सर्द होंगी। ग्वालियर में नवंबर महीने में न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड 3 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह रिकॉर्ड करीब 57 साल पुराना है। वहीं उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर में पारा 2.3 डिग्री तक गिर गया था। नवंबर में फिर लौट सकती है बारिश ठंड बढ़ने के साथ नवंबर में बारिश की संभावना भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान बारिश होने का पुराना ट्रेंड रहा है। इस बार भी महीने के तीसरे और चौथे सप्ताह में मौसम प्रणाली सक्रिय होने पर कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। फिलहाल राहत की बात यह है कि धनतेरस और दीपावली पर मौसम साफ रहने का अनुमान है। दिन में धूप और रात में हल्की ठंड का अहसास होगा।  

मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम, अगले 4 दिन में गिरेगा तापमान, बढ़ेगी ठंड

भोपाल  मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का असर है। मंगलवार को कई जिलों में बादल छाए रहे। वहीं, बूंदाबांदी और आंधी की स्थिति भी रही। IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, बुधवार से तूफान का असर कम होगा। अगले 24 घंटे के दौरान 5 जिले- सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में ही आंधी-बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य हिस्से में धूप खिलेगी। धनतेरस-दीपावली पर साफ रहेगा मौसम 5, 6 और 7 नवंबर को भी आंधी-बारिश होने के आसार नहीं है। इससे धनतेरस और दीपावली त्योहार में मौसम मुश्किल खड़ी नहीं करेगा। इन दोनों ही दिनों में आसमान के साफ रहने का अनुमान है। आगे ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने अगले 4 दिन में न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री तक की गिरावट होने का अनुमान जताया है। बीती रात की बात करें तो प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शाजापुर से जुड़े गिरवर में 14.4 डिग्री, भोपाल में 15.1 डिग्री, नीमच के मरुखेड़ा में 15.4 डिग्री और कटनी के करौंदी में 15.5 डिग्री रहा। पचमढ़ी दिन में भी ठंडा बना हुआ है। यहां दो दिन के अंदर ही अधिकतम तापमान 22 डिग्री तक पहुंच गया है। अमरकंटक, मलाजखंड, बैतूल, नरसिंहपुर और सिवनी प्रदेश में सबसे ठंडे हैं। मंडला में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यानी, दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के 5 जिलों में मौसम बदलेगा मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी के साथ बारिश हो सकती है। इन जिलों में मौसम का असर बने रहने की संभावना है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छंटेंगे और धूप निकलेगी। पचमढ़ी में रात का तापमान 13.2 डिग्री प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो गया है। बीती रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाजापुर के गिरवर में 14.4, भोपाल में 15.1, नीमच के मरुखेड़ा में 15.4 और कटनी के करौंदी में 15.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट का अनुमान जताया है। पचमढ़ी में दिन का पारा भी 22 डिग्री पर पहुंचा पचमढ़ी में रात के साथ दिन में भी ठंड का असर दिखाई दे रहा है। यहां दो दिनों के भीतर अधिकतम तापमान गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अमरकंटक, मलाजखंड, बैतूल, नरसिंहपुर और सिवनी भी प्रदेश के ठंडे इलाकों में शामिल हैं। वहीं, मंडला में अधिकतम तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आई है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर और तेज होगा। ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के सीधे पहुंचने से रात के तापमान में ज्यादा गिरावट हो सकती है। मौसम के पुराने रिकॉर्ड भी यहां कड़ाके की ठंड का संकेत देते हैं। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर का न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री दर्ज किया गया था। नवंबर में बारिश की भी बन सकती है स्थिति नवंबर में भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बारिश होने का ट्रेंड रहा है। इस बार महीने की शुरुआत में ही प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, तीसरे और चौथे सप्ताह में नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने से बारिश हो सकती है। ऐसे में नवंबर में ठंड बढ़ने के साथ मौसम में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। अब जानिए नवंबर में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर और बढ़ेगा। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। उज्जैन में 53 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के शुरुआत में ही बारिश का अलर्ट है। तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।

मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम, ग्वालियर-जबलपुर समेत 33 जिलों में बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में दो दिन से चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर बना हुआ है। मऊगंज में शुक्रवार सुबह से रिमझिम बरसात हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, 2 नवंबर तक प्रदेश में बारिश हो सकती है। आज ग्वालियर-जबलपुर समेत 33 जिलों में तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने के आसार।  मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की उम्मीद है। बारिश से फसलों को नुकसान, मंडी में भीगा मक्का बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान होने की आशंका है। गुरुवार को पांढुर्णा की मंडी में खुले में रखे मक्के के ढेर भीग गए। इससे हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका है। छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में धान की फसल खेतों में खड़ी है। बारिश से धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। रायसेन के दशहरा मैदान में करीब 200 ट्रॉलियों में धान लेकर पहुंचे किसानों को भी उपज बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। गुरुवार को भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश हुई। हालांकि, बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है। पचमढ़ी में रात का तापमान 15.2 डिग्री आंधी-बारिश के कारण गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय ठंडक महसूस हुई। दिन के तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। बीती रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। नौगांव में 15.6, अमरकंटक में 16.1, खरगोन और दमोह में 17, जबकि धार में 17.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

छत्तीसगढ़ के मौसम में आएगा बदलाव, ‘अर्नब’ चक्रवात को लेकर भारी बारिश की चेतावनी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी भी दी गई है. इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की आशंका है. रायपुर में भी 27 अक्टूबर को बारिश या बादल गरजने-चमकने के साथ मौसम बदल सकता है. बंगाल की खाड़ी में एक्टिव है चक्रवाती तूफान मौसम विभाग ने जानकारी दी कि चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य हिस्से में केंद्रित है. इसके 27 अक्टूबर तक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है. इसके बाद तूफान के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट के पास बापटला और विशाखापत्तनम के बीच टकराने का अनुमान है. तट से टकराते समय तूफान की अधिकतम हवा की स्पीड  115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है. वहीं हवा के झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है. इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. राजधानी रायपुर में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है. मौसम विभाग ने बारिश, गरज-चमक या अंधड़ चलने की संभावना जताई है. शहर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. 28-29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश का दायरा बढ़ने के आसार हैं. मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है. वहीं, मध्य छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की आशंका भी जताई गई है. इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जो कुछ स्थानों पर 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इन जिलों में यलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने मंगलवार सुबह सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव और गरियाबंद में बादल गरजने, आकाशीय बिजली, बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अचानक तेज हवा चलने की संभावना जताई है. इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है. प्रदेश में शुष्क रहा मौसम बीते 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क रहा और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, रायगढ़ में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा.

छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी का तूफान बढ़ाएगा किसानों की चिंता, पांच दिन तक हो सकती है बारिश

खैरागढ़. बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम बदलने की संभावना है। इसे लेकर खैरागढ़ जिला प्रशासन ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिला जनसंपर्क अधिकारी राजेश नेताम ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने 25 से 29 अक्टूबर तक प्रदेश में बारिश की आशंका जताते हुए किसानों के लिए कृषि सलाह जारी की है। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए किसानों को धान की कटाई फिलहाल रोकने, कटी फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने कहा गया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से चक्रवाती गतिविधियां बढ़ रही हैं। इसके प्रभाव से 25 अक्टूबर से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। अक्टूबर को दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव और मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। 27 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं 28 और 29 अक्टूबर को सभी जिलों में वर्षा के आसार हैं। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आने की भी संभावना है। धान की फसल पकने की अवस्था में होने के कारण कृषि विश्वविद्यालय ने आगामी दो से चार दिनों तक कटाई स्थगित रखने की सलाह दी है। जिन किसानों ने फसल काट ली है, वे उसे जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं ताकि बारिश से नुकसान न हो। खेतों में अतिरिक्त पानी जमा न होने दें। कीट और रोग के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद आवश्यक नियंत्रण उपाय अपनाएं वहीं गेहूं की बुवाई फिलहाल टालने और रबी फसलों की बुवाई नवंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू करने की सलाह भी दी गई है।

Indore Weather: रात में ठंडक, दिन में गर्मी; उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने गिराया पारा

इंदौर   अक्टूबर में इस बार मौसम में अलग-अलग मिजाज नजर आ रहे हैं। सप्ताह के शुरुआत में जहां शहरवासियों को गर्मी का अहसास हो रहा था। वहीं माह के आखिरी सप्ताह में अब ठंडक महसूस हो रही है। उत्तर पश्चिमी हवाओं ने शहर का पारा गिरा दिया और शुक्रवार की रात इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही। शहर में शनिवार को न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा। इस तरह इंदौर बीते 10 वर्षो में सबसे ठंडा रहा। शुक्रवार के मुकाबले शनिवार के तापमान में 5.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली। वही दिन में बादल न होने से धूप निकली और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। शनिवार के अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक था। रात में ठंडक रहेगी बरकार, दिन में गर्मी भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक बादल न होने व हवाओं का रुख उत्तर पश्चिमी होने के कारण अभी रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। आगामी तीन से चार दिन अलसुबह व रात में ठंडक रहेगी वहीं दिन में पारा बढ़ने के कारण शहरवासियों को दोपहर में गर्मी का अहसास होगा।  

Haryana Weather: प्रदेश में मौसम लेगा करवट, बारिश और आंधी को लेकर जानें ताजा अपडेट

हिसार. हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार और मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, 24 अक्टूबर की देर रात से राज्य में बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आंशिक प्रभाव वाले एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हवाओं का रुख उत्तर-पश्चिमी से बदलकर उत्तर-पूर्वी हो जाएगा। इस बदलाव के कारण 25 और 26 अक्टूबर को प्रदेश में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहेगा और कई जिलों में गरज-चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। 26 अक्टूबर के बाद मौसम दोबारा शुष्क होने का अनुमान है। दिन में हल्की गिरावट, लेकिन रातें होंगी थोड़ी गर्म मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसमी बदलाव के दौरान दिन के तापमान में हल्की गिरावट आएगी, जिससे सुबह और शाम को हल्की ठंड का अहसास होगा। वहीं, बादलों की आवाजाही के कारण रात (न्यूनतम) के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। नूंह और गुरुग्राम में सबसे ज्यादा गर्मी हरियाणा का औसत अधिकतम तापमान सामान्य के पास बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान गुरुग्राम में 33.8°C दर्ज किया गया। इसके अलावा नूंह में 33.5°C, हिसार में 33.1°C, चरखी दादरी में 33.1°C और फरीदाबाद में 33.1°C रहा। सबसे कम अधिकतम तापमान पंचकूला में 29.1°C दर्ज किया गया। गुरुग्राम में न्यूनतम पारा 14°C, तो नूंह में 21.6°C दर्ज राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 0.5°C की हल्की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश के जिलों के बीच रात के तापमान में 7.6°C का बड़ा अंतर देखा गया। केवल 2 इलाकों में रात का तापमान 15°C से नीचे दर्ज हुआ। गुरुग्राम (14.0°C) और पंचकूला (14.3°C)। दूसरी तरफ, सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान नूंह में 21.6°C और झज्जर में 20.7°C रिकॉर्ड किया गया।

पंजाब का मौसम: बारिश नहीं, पहाड़ों की बर्फबारी से पारे पर असर

अमृतसर. पंजाब में आने वाले दिनों तक मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने का अनमान है। यानीकि सूरज चमकेगा और बारिश के आसार भी नहीं हैं। लेकिन इसी बीच तापमान में अधिक बदलाव होता नहीं दिख रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के जारी आंकड़ों के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य का तापमान सामान्य के करीब ही बना रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हिमाचल के ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी के कारण पंजाब में शुष्क मौसम के बीच भी मौसम में अधिक बदलाव नहीं होगा। पहाड़ों से नीचे की तरफ बहने वाली हवाओं के कारण राज्य का तापमान अधिक नहीं बदलेगा। शनिवार-रविवार की रात तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि रविवार दिन के तापमान में 0.1 डिग्री की मामूली बढ़ौतरी हुई। लेकिन तापमान सामान्य के करीब बना रहा। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक, 24 घंटे में पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद यह सामान्य के करीब बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक 36.5 डिग्री तापमान फरीदकोट में दर्ज किया गया। 24 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान पंजाब और चंडीगढ़ के आसपास समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। इसके बावजूद मौसम विभाग ने 24 अक्टूबर तक पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 19 से 23 अक्टूबर तक अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री के बीच रह सकता है ठंडक बढ़ने से बिजली की मांग में कमी मौसम में बदलाव के साथ बिजली की मांग में भी कमी देखी जा रही है। सुबह छह बजे तक पंजाब में बिजली की मांग 7,286 मेगावाट दर्ज की गई। राज्य ने 2,771 मेगावाट बिजली ली, जबकि निर्धारित मात्रा 2,887 मेगावाट थी। इस तरह निर्धारित मात्रा से 116 मेगावाट कम बिजली ली गई। राज्य में बिजली उत्पादन 4,503 मेगावाट रहा। बिजली की आवृत्ति 50.02 हर्ट्ज दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री तक पहुंचेगा पंजाब और चंडीगढ़ में 24 से 29 अक्टूबर तक मौसम साफ रहने की संभावना है। इस दौरान बारिश के आसार नहीं हैं। दिन में अधिकतम तापमान 30 से 34 डिग्री के बीच रह सकता है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 12 से 18 डिग्री तक रहने का अनुमान है। दिन में हल्की गर्मी रहेगी, वहीं सुबह और रात के समय ठंड महसूस होगी।

बस्तर में सुबह-शाम ठंड का असर, गर्म कपड़ों की बढ़ेगी मांग

जगदलपुर. बस्तर में मौसम के बदलते मिजाज के साथ सर्दियों की आहट महसूस होने लगी है. सुबह और शाम के समय बढ़ती ठंडक ने लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत का अहसास कराना शुरू कर दिया है. इसी के साथ जगदलपुर के बाजारों में भी सर्दियों के सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं. दुकानों पर स्वेटर, जैकेट, गर्म टोपी, मफलर और दूसरे ऊनी कपड़ों की नई रेंज सजने लगी है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर व्यापारी अलग-अलग डिजाइन और कीमतों के कपड़े रख रहे हैं. हालांकि, मौसम में शुरुआती ठंडक के बीच कारोबारियों को अभी बिक्री में तेजी आने का इंतजार है. व्यापारियों की उम्मीद नवंबर और दिसंबर में बढ़ने वाली ठंड पर टिकी हुई है. पिछले साल ठंड का असर अपेक्षाकृत कम रहने से गर्म कपड़ों के कारोबार को अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल पाई थी. कम मांग के कारण दुकानदारों को ग्राहकों का इंतजार करना पड़ा और बिक्री भी प्रभावित हुई थी. इस बार मौसम में ठंडक बढ़ने के संकेतों से कारोबारियों को बेहतर व्यापार की उम्मीद है. खासकर बच्चों के स्वेटर और जैकेट सहित रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले गर्म कपड़ों की मांग बढ़ने की संभावना है. अब सर्दियों की तीव्रता तय करेगी कि बाजार में गर्म कपड़ों की बिक्री कितनी बढ़ती है और व्यापारियों की उम्मीदें कितनी पूरी होती हैं.