samacharsecretary.com

उत्तर प्रदेश में गर्मी की वापसी, 5–7 डिग्री तक बढ़ सकता है तापमान

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में विक्षोभ के गुजरने के बाद रविवार को ज्यादातर जिलों में तेज धूप खिली और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस बीच सोमवार को बिहार से सटे तराई व कुछ दक्षिणी जिलों में गरज चमक के आसार हैं।
क्षेत्रीय माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बावजूद कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर समेत कुछ दक्षिणी इलाकों में हवा में माैजूद नमी की वजह से तेज हवाएं चलने और गरज चमक के संकेत हैं।

सोमवार के लिए प्रदेश के13 जिलों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज चमक की चेतावनी जारी की गई है। रविवार को 42.4 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। उरई और प्रयागराज दोनों जिलों में 41.4 डिग्री और झांसी में 40.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। रविवार से अगले पांच दिनों में प्रदेश भर में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री की बढ़त आएगी। साथ ही तपिश भरे

दिनों की फिर से वापसी होगी
इन जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज चमक की चेतावनी
सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर व आस पास के क्षेत्र।
 
राजधानी में तीखी हुई धूप, बढ़ने लगी तपिश
राजधानी में रविवार को तीखी धूप खिली। तपिश बढ़ने से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस से ज्यादा और रात के तापमान में 5.3 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया। माैसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है। अब आगे एक हफ्ते राजधानी में माैसम शुष्क रहने वाला है। साथ ही आने वाले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़त आएगी।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को लखनऊ में विक्षोभ का असर खत्म हो गया है। आने वाले दिनों में धूप की तल्खी बढ़ने के साथ ही तपिश भरे दिनों की वापसी होगी।

रविवार को अधिकतम तापमान 3.3 डिग्री की बढ़त के साथ 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री की उछाल के साथ 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here