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समाज कल्याण विभाग की नई पहल, सर्वोदय विद्यालयों और छात्रावासों में हर पेड़ को मिलेगी डिजिटल पहचान

समाज कल्याण विभाग की पहल, सर्वोदय विद्यालयों और छात्रावासों में हर पेड़ की होगी डिजिटल पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरित विकास संकल्प को मिला नया आयाम पेड़ों को मिलेगा संस्थान की संपत्ति का दर्जा, पर्यावरण संरक्षण का आदर्श मॉडल बनेंगे संस्थान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के विजन को आगे बढ़ाते हुए समाज कल्याण विभाग ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। विभाग ने अपने सभी जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों, आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं अन्य संस्थानों में मौजूद पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए वृक्ष परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक पेड़ को एक यूनिक पहचान संख्या प्रदान की जाएगी, जिससे उसकी निगरानी, संरक्षण और प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। हर पेड़ का तैयार होगा डिजिटल डाटा बैंक नई व्यवस्था के अंतर्गत विभागीय संस्थानों में मौजूद सभी पेड़ों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाएगा। प्रत्येक पेड़ को एक विशेष पहचान संख्या दी जाएगी और उसकी प्रजाति, स्थान, अनुमानित आयु तथा वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण वृक्ष परिसंपत्ति पंजिका में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सभी पेड़ों की फोटो लेकर उनका डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। इससे समय-समय पर उनकी स्थिति का आकलन करने और आवश्यक संरक्षण उपाय करने में सुविधा मिलेगी। पेड़ों को मिलेगा संस्थान की संपत्ति का दर्जा समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि संस्थानों में मौजूद सभी पेड़ों को अब परिसंपत्ति के रूप में दर्ज किया जाएगा। किसी भी पेड़ की कटाई अथवा बड़े स्तर पर छंटाई बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं की जा सकेगी। साथ ही प्रत्येक वर्ष इन पेड़ों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा, ताकि उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। यह व्यवस्था हरित संपदा को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पर्यावरण संरक्षण का आदर्श मॉडल बनेंगे संस्थान समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि पेड़ हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और उनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विभागीय संस्थानों में वृक्ष परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे न केवल पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि विद्यार्थियों और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। समाज कल्याण विभाग का प्रयास है कि उसके विद्यालय, छात्रावास और अन्य संस्थान शिक्षा व सामाजिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के भी आदर्श केंद्र बनें। यह पहल प्रदेश में हरित धरोहर के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदम साबित होगी।

उड़ान के साथ उछले रियल एस्टेट के दाम, नोएडा एयरपोर्ट ने बदल दी जेवर की तस्वीर

नोएडा  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आज से कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन शुरू हो रहा है, जो दिल्ली-एनसीआर और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है. आज वो 175 किसान भी सफर करेंगे, जिनकी जमीनों का इस भव्य एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अधिग्रहण किया गया था. इस शुरुआत के साथ ही अब जेवर और उसके आस-पास के इलाकों का न सिर्फ नक्शा, बल्कि भाग्य भी पूरी तरह बदलने जा रहा है।  नोएडा एयरपोर्ट बनने के ऐलान के बाद से ही इस इलाके में प्रॉपर्टी के दामों में तेजी आने लगी थी, और अब एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यहां रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी दोनों की डिमांड और तेजी से बढ़ने की संभावना है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले पांच सालों में यहां अपार्टमेंट के दामों में तीन गुना और प्लॉट की कीमत में 1.5 गुना बढ़ोतरी हुई है. अब जब रनवे से विमानों ने उड़ान भरना शुरू कर दिया है, तो यह क्रेडिबिलिटी रियल एस्टेट बाजार को एक नए स्तर पर ले जाएगी. आने वाले दिनों में यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा और जेवर के आस-पास निवेश की एक नई लहर देखने को मिलेगी।  रियल एस्टेट सेक्टर पर क्या असर हवाई अड्डे का चालू होना सिर्फ हवाई यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक गतिविधियों का एक बहुत बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. एयरपोर्ट के चलते होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल और ऑफिस स्पेस की मांग में भारी इजाफा होगा. विदेशी और राष्ट्रीय कंपनियां इस इलाके में अपने ऑफिस खोलने को प्राथमिकता देंगी।  इसके साथ ही, जेवर एयरपोर्ट के पास 'कार्गो टर्मिनल' होने की वजह से यह पूरा बेल्ट एक ग्लोबल लॉजिस्टिक्स हब में तब्दील हो रहा है. इससे इंडस्ट्रियल प्लॉट्स की कीमतें आसमान छूने लगी हैं. दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के कामकाजी लोग और हाई-नेट-वर्थ इंडिजुअल्स अब यमुना एक्सप्रेसवे के आस-पास विला और प्रीमियम अपार्टमेंट्स में निवेश कर रहे हैं, जिससे रेजिडेंशियल मार्केट को भी नए पंख मिल गए हैं।  इस इलाके के रियल एस्टेट में उछाल आने की एक बड़ी वजह इसकी बेजोड़ कनेक्टिविटी योजनाएं हैं. एयरपोर्ट को फिल्म सिटी और ग्रेटर नोएडा से जोड़ने के लिए पोड टैक्सी और मेट्रो नेटवर्क पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे भविष्य में यात्रियों की राह आसान होगी और आस-पास के कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की वैल्यू बढ़ेगी।  इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे दिल्ली, आगरा और मथुरा को सीधे जोड़ता है, जिससे लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म दोनों को भारी बढ़ावा मिल रहा है. वहीं दूसरी ओर, दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का एक स्टॉप जेवर एयरपोर्ट पर होने की वजह से इस पूरे बेल्ट की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की कीमत कई गुना बढ़ने का अनुमान है। 

राहत मिलेगी या बढ़ेंगी मुश्किलें? संजीव अरोड़ा मामले में आज कोर्ट में अहम सुनवाई

लुधियाना प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए गए पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने जा रही है। इस सुनवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा है। वहीं, मंत्री के समर्थकों, पार्टी नेताओं और परिजनों की नजरें भी अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। सुनवाई से एक दिन पहले रविवार को संजीव अरोड़ा के करीबी समर्थकों और पार्टी नेताओं ने गुरुद्वारा साहिब में विशेष अरदास करवाई। उन्होंने मंत्री की जल्द रिहाई और न्यायिक राहत की कामना की। पिछले कई दिनों से उनके समर्थक लगातार सकारात्मक फैसले की उम्मीद लगाए बैठे हैं। गौरतलब है कि 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने कथित 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि एक रियल एस्टेट कंपनी और उससे जुड़ी संस्थाओं के माध्यम से संपत्तियों की खरीद-बिक्री तथा वस्तु एवं सेवा कर संबंधी कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। इसी मामले में जांच के दौरान एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए अरोड़ा को चंडीगढ़ से हिरासत में लिया था। न्यायिक हिरासत में हैं मंत्री अरोड़ा गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत से उनका रिमांड प्राप्त कर पूछताछ की थी। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी इस मामले की विभिन्न पहलुओं से पड़ताल कर रही है। बीते कुछ सप्ताह के दौरान अरोड़ा से जुड़े कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा हाल ही में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के आवास पर भी एजेंसी ने कार्रवाई की थी। हालांकि एजेंसी की ओर से आधिकारिक रूप से किसी नई जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है। आज राहत मिलने के संकेत राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि सोमवार की सुनवाई इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। यदि अदालत से राहत मिलती है तो यह संजीव अरोड़ा और उनके समर्थकों के लिए बड़ी राहत होगी। वहीं यदि जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा जाता है या याचिका खारिज होती है तो उनकी कानूनी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। फिलहाल सभी की निगाहें अदालत की सुनवाई पर टिकी हुई हैं। दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय की जांच भी लगातार जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

रोमांचक मुकाबले में कोनोली ने बचाई ऑस्ट्रेलिया की इज्जत, बांग्लादेश 3-0 से चूक गया

 मीरपुर ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में 1 विकेट से जीत हासिल की. रविवार (13 जून) को मीरपुर के शेर-ए बांग्ला नेशनल स्टेडियम में आयोजित इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम की जीत के हीरो कूपर कोनोली रहे. सलामी बल्लेबाज कूपर कॉनोली ने अपने करियर का पहला ओडीआई शतक जड़ते हुए 149 रनों की शानदार पारी खेली. कोनीली ने 134 गेंदों की इनिंग्स में 13 चौके और 6 छक्के लगाए।  मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 5 विकेट पर 274 रन बनाए. मेजबान टीम की ओर से तौहीद हृदोय ने 83, लिटन दास ने नाबाद 58 और मोसाद्देक हुसैन ने 56 रनों की तेजतर्रार पारी खेली. एक समय बांग्लादेश 62 रन पर तीन विकेट गंवाकर मुश्किल में था, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।  275 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन शोरिफुल इस्लाम ने लगातार झटके देकर मैच को रोमांचक बना दिया. कप्तान जोश इंग्लिस, मैथ्यू रेनशॉ और एलेक्स कैरी के विकेट जल्दी गिरने से ऑस्ट्रेलिया दबाव में आ गया।  ऐसे मुश्किल समय में कूपर कोनोली ने पारी को संभाला. उन्होंने पहले मार्नस लाबुशेन (29 रन) के साथ अहम साझेदारी की और फिर कैमरन ग्रीन (27 रन) के साथ मिलकर टीम को जीत की ओर बढ़ाया. कोनोली ने 87 गेंदों में अपना पहला वनडे शतक पूरा किया।  हालांकि मैच का रोमांच आखिरी ओवर तक बना रहा. शोरिफुल इस्लाम ने अपने ओडीआई करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 48 रन देकर 6 विकेट झटके और ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल में डाल दिया. 266/5 से ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 271/9 हो गया, जबकि जीत के लिए अभी भी कुछ रन चाहिए थे।  आखिरी ओवर में ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए दो रन चाहिए थे. दबाव के बीच एडम जाम्पा ने तस्कीन अहमद की गेंद पर शानदार चौका लगाकर टीम को एक विकेट से जीत दिला दी. इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के क्लीन स्वीप के सपने को तोड़ दिया. कूपर कोनोली की 149 रनों की पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी, जिसने मुश्किल हालात में टीम को जीत दिलाई। 

दीप्ति शर्मा का कहर, 5 विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी ध्वस्त, भारत ने दर्ज की शानदार जीत

 बर्मिंघम आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने अपना पहला मुकाबला रविवार (14 जून) को पाकिस्तान से खेला. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने 64 रनों से जीत हासिल की. भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 171 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 17 ओवरों में 106 रनों पर सिमट गई. दीप्ति शर्मा (5 विकेट) और स्मृति मंधाना (68 रन) ने टीम इंडिया की जीत में अहम किरदार निभाया।  भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में 17 जून (बुधवार) को नीदरलैंड्स का सामना करेगी. भारतीय टीम अब तक विमेंस टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई है. उसने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2020 के संस्करण में किया था, जब भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची और ऑस्ट्रेलिया से खिताबी मुकाबले में हार गई. अब भारत की नजरें पहली बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीतने पर हैं।  रनचेज में पाकिस्तानी टीम के लिए सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली ही बड़ी पारी खेल पाईं. मुनीबा ने 35 गेंदों पर 41 रन बनाए, जिसमें पांच चौके शामिल रहे. इसके अलावा आलिया रियाज (18 रन), गुल फिरोजा (12 रन) और आयशा जफर (12 रन) ही दोहरे अंकों तक पहुंच सकीं. दीप्ति शर्मा ने पांच विकेट लेकर पाकिस्तानी बैटिंग की कमर तोड़ दी. जबकि श्री चरणी ने तीन और शेफाली वर्मा ने 1 विकेट झटके. पाकिस्तानी टीम के 9 विकेट स्पिन गेंदबाजों ने लिए, वहीं मुनीबा अली रन आउट हुईं।  ऐसी रही भारत की बैटिंग टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने पावरप्ले में ही दो विकेट गंवा दिए. शेफाली वर्मा को स्पिनर सादिया इकबाल ने पहले ही ओवर में पवेलियन भेजा. वहीं जेमिमा रोड्रिग्स लेफ्ट आर्म सीमर तस्मिया रुबाब का शिकार बनीं. यहां से स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीसरे विकेट के लिए 91 रनों की शानदार पार्टनरशिप की।  5 विकेट लेकर रच दिया इतिहास आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान पर 64 रनों से शानदार जीत हासिल की. रविवार (14 जून) को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर हुए मैच में भारत की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने यादगार प्रदर्शन किया. अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर दीप्ति ने ना सिर्फ पाकिस्तान की बल्लेबाजी यूनिट को तहस-नहस किया, बल्कि कुछ बड़े रिकॉर्ड्स भी अपने नाम किए।  इस हाईवोल्टेज मुकाबले में दीप्ति शर्मा ने घातक गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके. महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की ओर से किसी मैच में ये सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा. दीप्ति ने रेणुका सिंह ठाकुर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. रेणुका ने 2023 के संस्करण में इंग्लैंड के खिलाफ 15 रन देकर 5 विकेट लिए थे. दीप्ति ने इस दौरान गुल फिरोजा, आयशा जफर, आलिया रियाज, नाशरा संधू और तस्मिया रुबाब को अपना शिकार बनाया. उनकी सटीक लाइन-लेंथ और शानदार नियंत्रण के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाज टिक नहीं सके।  हालांकि महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड अभी भी वेस्टइंडीज की दिग्गज ऑलराउंडर डिएंड्रा डॉटिन के नाम दर्ज है. डॉटिन ने 2018 में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 5 रन देकर 5 विकेट हासिल किए थे।  दीप्ति शर्मा का यह स्पेल भारत के लिए बेहद अहम साबित हुआ. उन्होंने बीच के ओवरों में लगातार विकेट निकालकर पाकिस्तान को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया. महिला टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन करके दीप्ति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं. उनकी इस यादगार गेंदबाजी को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।  विमेंस टी20 विश्व कप में भारत के लिए पांच विकेट 5/10 – दीप्ति शर्मा बनाम पाकिस्तान, बर्मिंघम, 2026* 5/15। रेनूका ठाकुर बनाम इंग्लैंड, गाकेबरहा, 2023 5/16 – प्रियंका रॉय बनाम पाकिस्तान, टॉनटन, 2009 देखा जाए तो दीप्ति शर्मा अब विमेंस टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं. दीप्ति ने थाईलैंड की थिपाचा पुत्थावोंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. थिपाचा पुत्थावोंग के नाम पर विमेंस टी20 इंटरनेशनल में 165 विकेट दर्ज हैं।  महिला टी20I में सबसे अधिक विकेट 166- दीप्ति शर्मा (भारत) 165- थिपाचा पुत्थावोंग (थाईलैंड) 160- हेनरिएट इशिम्वे (रवांडा) 152- मेगन शट (ऑस्ट्रेलिया) 148- ओनिका कामचोम्फू (थाईलैंड) विमेंस टी20I में सर्वाधिक बार 5 विकेट (फुल मेम्बर टीम्स) 3- अनीसा मोहम्मद (वेस्टइंडीज) 2- शबनम इस्माइल (साउथ अफ्रीका) 2- अर्लीन केली (आयरलैंड) 2- सुने लुस (साउथ अफ्रीका) 2- नाहिदा अख्तर (बांग्लादेश) 2- दीप्ति शर्मा (भारत) विमेंस टी20 विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी जीत 82 रन vs श्रीलंका, दुबई, 2024 79 रन vs बांग्लादेश, सिलहट, 2014 72 रन vs बांग्लादेश, बेंगलुरु, 2016 71 रन vs श्रीलंका, बासेटेरे, 2010 64 रन vs पाकिस्तान, बर्मिंघम, 2026

वैश्विक तनाव घटते ही बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स में तूफानी तेजी, निवेशकों की हुई चांदी

मुंबई  अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने की खबर का असर अब दुनिया भर के बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है. कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और भारतीय शेयर बाजार ने भी आज यानी 15 जून को दमदार शुरुआत की है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1100 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि निफ्टी में भी शानदार तेजी देखने को मिली. ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मजबूत संकेतों ने निवेशकों का जोश हाई कर दिया है।  सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी ग्लोबल मार्केट से मिले मजबूत संकेतों के बीच आज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की.सुबह करीब 9:17 बजे BSE सेंसेक्स 1,154.98 अंक यानी 1.53 फीसदी की तेजी के साथ 76,682.94 के स्तर पर कारोबार करता दिखा.वहीं 9:18 बजे NSE निफ्टी 50 इंडेक्स 341.30 अंक यानी 1.44 फीसदी चढ़कर 23,964.20 के स्तर पर पहुंच गया.बाजार में शुरुआती घंटों से ही खरीदारी का माहौल देखने को मिला।  चौतरफा खरीदारी से बाजार में रौनक, सभी सेक्टर्स में छाई हरियाली भारतीय शेयर बाजार के ब्रॉडर मार्केट्स में शानदार तेजी देखने को मिल रही है. बाजार खुलने के साथ ही हर तरफ खरीदारी का माहौल है, जिसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) और निफ्टी स्मॉलकैप 100 (Nifty Smallcap 100) इंडेक्स 1.3-1.3 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं. बीएसई (BSE) के तमाम सेक्टोरल इंडेक्स पूरी तरह हरे निशान में रंगे हुए हैं. सेंसेक्स, मिडकैप, स्मॉलकैप से लेकर बैंकिंग इंडेक्स तक में 1.3% से लेकर 2% से ज्यादा का तूफानी उछाल दर्ज किया जा रहा है, जो बाजार में निवेशकों के तगड़े भरोसे और चौतरफा हरियाली को दिखाता है।        निफ्टी रियल्टी (Nifty Realty) में सबसे ज्यादा 2.59 प्रतिशत का उछाल आया.     निफ्टी सीमेंट (Nifty Cement) 2.46 प्रतिशत की मजबूती के साथ दूसरे स्थान पर रहा.     निफ्टी ऑटो (Nifty Auto) में 1.92 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई.     इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.85% ), निफ्टी ऑयल एंड गैस (1.83%) और निफ्टी पीएसयू बैंक (1.77% )  बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं. दूसरी ओर, आज हेल्थकेयर शेयरों पर थोड़ा दबाव दिखा, जिसमें निफ्टी फार्मा (Nifty Pharma) 0.17 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.05 प्रतिशत टूटकर कारोबार करते दिखे. अमेरिका-ईरान समझौते से निवेशकों का बढ़ा भरोसा बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर समझौते की घोषणा हुई है.निवेशकों का मानना है कि इस समझौते से ग्लोबल टेंशन कम होगी और एनर्जी मार्केट पर दबाव घटेगा. यही वजह है कि दुनियाभर के शेयर बाजारों में राहत की लहर देखने को मिल रही है।  पहले दिए संकेत, अब किया ऐलान  डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ईरान के साथ जल्द शांति समझौता होने के संकेत दे दिए थे और अब इसका ऐलान भी कर दिया है. Donald Trump ने यूएस-ईरान शांति समझौते का ये ऐलान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपने अकाउंट पर पोस्ट के जरिए किया।      उन्होंने कहा कि, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है, सभी को बधाई! मैं इसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को बिना किसी रोक-टोक के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी देता हूं.' उन्होंने आगे कहा कि, 'दुनिया भर के जहाजों, अपने इंजन चालू करो, तेल की सप्लाई शुरू होने दो!' एशियाई बाजारों में भी दिखा जबरदस्त जोश अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की खबर के बाद एशियाई शेयर बाजारों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली।      जापान का निक्केई इंडेक्स 4.68 फीसदी बढ़कर 69,108.03 पर पहुंच गया।      दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.64 फीसदी की तेजी के साथ 8,581.47 पर कारोबार करता दिखा।      ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 इंडेक्स 1.44 फीसदी चढ़कर 8,930.6 पर पहुंच गया।      न्यूजीलैंड का NZX 50 इंडेक्स 0.28 फीसदी बढ़कर 13,431.14 पर पहुंचा, जबकि सिंगापुर का STI 0.76 फीसदी मजबूत होकर 5,025.8 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।  ट्रंप के ऐलान के बाद WTI और ब्रेंट क्रूड में बड़ी गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार देर रात सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो चुका है.वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होंगे.इस घोषणा के बाद तेल बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई।  युद्ध खत्म होने और तेल सप्लाई को लेकर चिंताएं कम होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली.जुलाई डिलीवरी वाले WTI क्रूड फ्यूचर्स 4.77 फीसदी गिरकर 80.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए.वहीं अगस्त डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड करीब 4 फीसदी टूटकर 83.77 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा.ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल के अहम स्तर से नीचे फिसल गया, जिसे बाजार के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है। 

किम जोंग उन शासन ने अमेरिका-जापान-साउथ कोरिया की बैठकों को बताया बेकार, धमकियों से नहीं बदलेंगे हालात

नई दिल्ली उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर अत्यंत सख्त और अडिग रुख अपनाते हुए लाल रेखा खींच दी है। किम जोंग उन के देश ने कहा है है कि परमाणु निरस्त्रीकरण को ‘अपरिवर्तनीय रूप से अंतिम रूप दिया गया मामला’ है। देश ने अमेरिका तथा उसके सहयोगी राष्ट्रों द्वारा लगातार की जा रही परमाणु निरस्त्रीकरण की मांगों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के माध्यम से जारी आधिकारिक बयान में उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट रूप से कहा कि दूसरे पक्ष द्वारा उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों को निरस्त्र करने की मांग 'पूरी तरह तर्कहीन चर्चा' और ‘काल्पनिक दिवास्वप्न’ के अलावा कुछ नहीं है। इस दौरान प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि बाहरी दबाव, धमकियां या किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई से उत्तर कोरिया की परमाणु-सशस्त्र राष्ट्र के रूप में स्थापित स्थिति में कोई भी बदलाव नहीं लाया जा सकता। प्रवक्ता ने आगे कहा कि अमेरिका और उसकी सहयोगी सेनाओं द्वारा उत्तर कोरिया के खिलाफ बेबुनियाद बयानबाजी, निरंतर परमाणु खतरा पैदा करने के प्रयास और आक्रामक नीतियां हमारे देश की परमाणु हथियार संपन्न स्थिति को कभी भी प्रभावित नहीं कर सकतीं। परमाणु निरस्त्रीकरण अब एक अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त और अंतिम रूप दिया गया मुद्दा है। 'स्थिति को कभी नहीं बदल पाएंगे' बयान में हाल ही में हुई दक्षिण कोरिया-अमेरिका और अमेरिका-जापान के उच्चस्तरीय वार्ताओं की कड़ी निंदा की गई है। इन वार्ताओं में प्योंगयांग के परमाणु कार्यक्रम को पूर्ण रूप से समाप्त करने पर विशेष जोर दिया गया था। उत्तर कोरियाई प्रवक्ता ने अमेरिका-जापान के बीच हुई एक्सटेंडेड डिटरेंस संबंधी वार्ता की भी आलोचना करते हुए कहा कि वाशिंगटन और टोक्यो द्वारा उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रतिबद्धता दोहराना व्यर्थ है। प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया कितनी भी बैठकें करें, कितनी भी बहस कर लें या संयुक्त बयान जारी कर लें, वे डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (DPRK) की परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र के रूप में मौजूदा अपरिवर्तनीय स्थिति को कभी नहीं बदल पाएंगे। बता दें कि यह कड़ा बयान गुरुवार को दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच हुई द्विपक्षीय परमाणु परामर्श समूह (Nuclear Consultative Group) की बैठक के ठीक बाद जारी किया गया। इस बैठक में दोनों देशों ने उत्तर कोरिया के पूर्ण, सत्यापित और अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण (CVID) के साझा लक्ष्य को एक बार फिर दोहराया था। चीन के साथ संबंध इसी बीच, उत्तर कोरिया और चीन ने दोनों देशों के बीच ‘मैत्री, सहयोग और पारस्परिक सहायता संधि’ के 65 वर्ष पूरे होने के अवसर पर द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत तथा गहरा करने की दृढ़ प्रतिबद्धता जताई है। चाइना डेली की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी दो दिवसीय उत्तर कोरिया यात्रा के दौरान प्योंगयांग के साथ आर्थिक सहयोग, बुनियादी ढांचागत विकास, सैन्य सहयोग और राजनयिक समन्वय को बढ़ाने पर जोर दिया। शी जिनपिंग ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के साथ हुई महत्वपूर्ण मुलाकात में दोनों देशों के बीच ‘नए युग’ के संबंध स्थापित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में कितने भी बदलाव क्यों न आएं, चीन और उत्तर कोरिया के बीच पारंपरिक मित्रता और रणनीतिक साझेदारी को अटूट बनाए रखा जाएगा।

पायलट बनने की लागत 34.31 लाख रुपये, पांच किस्तों में होगा पूरा भुगतान

रांची  झारखंड में 15 छात्रों को भुगतान के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चालू हो चुका है और इन्हें अभी ग्राउंड एक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। यहां सभी ट्रेनी पायलट कागजी पढ़ाई को पूरा करेंगे, जिसके बाद हवा में प्रशिक्षण शुरू होगा। छात्रों को छात्रावास शुल्क के अलावा पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पांच किस्तों में 34.31 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा परीक्षा के आधार पर 15 और छात्रों का चयन किया जाएगा जिन्हें अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। झारखंड कमर्शियल पायलट के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम एक जून से शुरू हाे चुका है। इसके लिए चयनित छात्रों को दुमका स्थित स्टेट हैंगर में रखा गया है, जहां प्रारंभ में ग्राउंड एक्टिविटी के बारे में बताया जाएगा। प्रशिक्षण की शुरुआत हो चुकी है। छात्रों को इसके लिए पांच चरणों में पूरा भुगतान करना होगा जो कि 34.31 लाख रुपये है। सभी छात्रों को निबंधन के समय 3.5 लाख रुपये देने होंगे जिसके बाद भुगतान के लिए अलग-अलग तारीख और शर्तें निर्धारित की जा चुकी हैं। इसके अलावा अन्य 15 प्रतिभाशाली छात्रों को सरकार की ओर से मुफ्त प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। कैसे-कैसे करना है भुगतान चरण                          लागत (लाख रुपये) निबंधन के समय                    3.50 उड़ान शुरू करने से पहले        3.90 20 घंटे उड़ान के पूर्व               7.00 50 घंटे उड़ान के पूर्व                  7.00 100 घंटे उड़ान के पूर्व                7.00 150 घंटे उड़ान के पूर्व                   5.91 कुल लागत     34.31 परीक्षा पर्षद ने कुछ बिंदुओं को स्पष्ट करने का आग्रह किया छात्रों के चयन को लेकर परीक्षा के लिए अधिकृत एजेंसी झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद ने छात्रों के प्रमाणपत्रों की जांच के लिए पर्षद को ही अधिकृत करने की बात कही है। ऐसा होने से कहीं काेई भ्रम नहीं रह जाएगा। फिलहाल सिर्फ परीक्षा कराने का दायित्व पर्षद के पास है। पर्षद का तर्क है कि प्रमाणपत्रों की जांच पर्षद के जिम्मे होने से बेहतर परिणाम मिलेंगे।  

राज्य में 100 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर लाने का लक्ष्य, निवेश को मिलेगा बढ़ावा

 चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य को वैश्विक सेवा एवं अनुसंधान केंद्रों का प्रमुख स्थल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति-2026 तैयार की है। इस नीति का उद्देश्य गुरुग्राम को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की “ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर कैपिटल” के रूप में स्थापित करना है। नई नीति के तहत अगले कुछ वर्षों में 100 से अधिक नए वैश्विक क्षमता केंद्रों को हरियाणा में आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा दूसरे देशों में स्थापित की गई अपनी ही पूर्ण स्वामित्व वाली रणनीतिक इकाइयां या केंद्र हैं। ये मुख्य रूप से तकनीकी सहायता, अनुसंधान एवं विकास, डेटा एनालिटिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य वैश्विक परिचालन कार्यों का प्रबंधन करते हैं। वैश्विक कंपनियां अब केवल बैक-आफिस संचालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, वित्तीय सेवाओं और उत्पाद विकास जैसे उच्च मूल्य वाले कार्य भी भारत स्थित जीसीसी के माध्यम से संचालित कर रही हैं। ऐसे में हरियाणा की यह नीति राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थिति दिला सकती है। नई नीति मौजूदा ताकत को और विस्तार देने का प्रयास भारत में वर्तमान में करीब 1,700 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिनमें लगभग 19 लाख पेशेवर कार्यरत हैं। हरियाणा विशेष रूप से गुरुग्राम, इस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बन चुका है और राज्य में पहले से 270 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) काम कर रहे हैं। नई नीति इस मौजूदा ताकत को और विस्तार देने का प्रयास है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हाल ही में इस नीति को मंजूरी प्रदान की गई है। उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल की देखरेख में तैयार हुई इस नीति के तहत गुरुग्राम में समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर मिशन स्थापित किया जाएगा। इसके अंतर्गत निवेशकों को सभी अनुमतियों और सेवाओं के लिए सिंगल विंडो डेस्क उपलब्ध होगी। साथ ही इन्वेस्टर मैचमेकिंग प्लेटफार्म और एडवाइजरी काउंसिल का गठन किया जाएगा, जिससे उद्योग, सरकार और विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना मुख्य उद्येश्य हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ाव, उत्कृष्ट सड़क एवं हवाई संपर्क, कारपोरेट इकोसिस्टम, उच्च गुणवत्ता वाली कार्यालय सुविधाएं और कुशल मानव संसाधन हरियाणा को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) निवेश के लिए स्वाभाविक विकल्प बनाने के लिए पर्याप्त हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना और कंपनियों को त्वरित निर्णय एवं सहायता प्रदान करना है। हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति-2026 की विशेषता यह है कि इसमें केवल गुरुग्राम ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य जिलों में भी जीसीसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन प्रविधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य आर्थिक गतिविधियों को कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित रखने की बजाय पूरे राज्य में फैलाना है। इससे फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत, करनाल, हिसार और अन्य उभरते शहरी केंद्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियों और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। पांच से नौ वर्ष तक अधिकत 15 करोड़ की वित्तीय सहायता नई नीति के तहत कंपनियों को पांच से नौ वर्षों तक परिचालन सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता अधिकतम 15 करोड़ रुपये प्रति वर्ष तक हो सकती है। सरकार का मानना है कि शुरुआती वर्षों में मिलने वाला यह सहयोग कंपनियों को हरियाणा में दीर्घकालिक निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके अतिरिक्त डीएसआइआर/सीएसआइआर मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्रों को भी पूंजीगत और परिचालन सहायता देने का प्रविधान रखा गया है। इससे राज्य में नवाचार, शोध और तकनीकी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। जीसीसी क्षेत्र में होने वाला निवेश केवल कार्यालय खोलने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे उच्च वेतन वाली नौकरियां, स्टार्टअप सहयोग, तकनीकी प्रशिक्षण और स्थानीय सेवा क्षेत्र का विस्तार भी होता है। नई नीति के जरिए आइटी, इंजीनियरिंग, वित्त, डेटा साइंस, एआइ और अनुसंधान क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं। हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति-2026 की प्रमुख बातें     – गुरुग्राम को वैश्विक क्षमता केंद्रों की राजधानी बनाने का लक्ष्य     – हरियाणा में 100 से अधिक नए जीसीसी आकर्षित करने की योजना     – राज्य में पहले से 270 से अधिक जीसीसी संचालित     – सिंगल विंडो डेस्क, निवेशक मंच और सलाहकार परिषद का गठन     – पांच से नौ वर्ष तक परिचालन सहायता में अधिकतम 15 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तक सहायता     – डीएसआइआर/सीएसआइआर मान्यता प्राप्त आरएंडडी केंद्रों को विशेष प्रोत्साहन     – उच्च कौशल रोजगार और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा     – गुरुग्राम के साथ अन्य जिलों में भी निवेश विस्तार पर जोर।  

ममता बनर्जी ने कई नेताओं पर कार्रवाई की, यूथ विंग अध्यक्ष सायोनी घोष हटाई गईं

कोलकाता ममता बनर्जी की TMC के ज्यादातर विधायकों और सांसदों ने बगावत कर ली है और नया गुट बना लिया है। TMC बनने के बाद से ममता बनर्जी के ऊपर आया यह सबसे बड़ा संकट है। विधानसभा में करीब 64 विधायक अलग हो गए, जबकि लोकसभा में 20 सांसदों ने नया गुट बनाकर एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। जिन सांसदों ने बगावत की है, उसमें एक समय सबसे ममता और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की करीबी नेता मानी जाने वाली सायोनी घोष भी शामिल हैं। अब ममता बनर्जी ने सायोनी को बड़ा झटका दिया है। उन्हें तृणमूल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है। सायोनी घोष वही नेता हैं, जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान काबा-मदीना वाला गीत गाकर सुर्खियां बंटोरी थीं। टीएमसी की शनिवार को वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें जिन नेताओं ने विरोधी गुट का दामन थाम लिया था, उन्हें उनके पदों से हटा दिया गया। सायोनी के अलावा, सुदीप बंद्दोपाध्याय को कोलकाता उत्तर के पार्टी प्रमुख पद से हटा दिया गया। उनकी जगह कुणाल घोष को यह जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, माला रॉय को भी वर्किंग कमेटी से हटा दिया गया है। ममता बनर्जी के घर पर हुई बैठक के बाद, पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "यह वर्किंग कमेटी की बैठक थी। सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, इसलिए दो पद खाली हो गए। सुदीप बंद्योपाध्याय, माला रॉय और एक और व्यक्ति, जो दूसरी तरफ चले गए हैं और अलग गुट बना रहे हैं, उन्हें वर्किंग कमेटी से हटा दिया गया है। सौगत रॉय और ज्योतिप्रिय मल्लिक को वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया है। सुदीप बंद्योपाध्याय की जगह कुणाल घोष को कोलकाता उत्तर का अध्यक्ष बनाया गया है। सायोनी घोष को तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। 4000 EVM का जलना एक गंभीर मामला है, हम इसे आगे उठाएंगे।" ममता के एक और सांसद हुए बागी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और ममता के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले सुदीप बंद्योपाध्याय भी बागी हो गए। उन्होंने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। उनके साथ पार्टी की बागी सांसद शताब्दी रॉय भी थीं। बंद्योपाध्याय और यादव की मुलाकात ने पार्टी के भीतर जारी संकट के बीच नई राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया, जिससे यह सवाल उठने लगे कि क्या वरिष्ठ सांसद बंद्योपाध्याय बागी गुट में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि ये अटकलें तब और तेज हो गईं जब बंद्योपाध्याय ने यादव से मुलाकात के बाद राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी कथित तौर पर मुलाकात की।