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ग्रामीणों की सम्पत्ति की नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का माना आभार

उन्नत कृषि, प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन से बढ़ रही किसानों की आय उन्नतशील कृषकों, मेधावी विद्यार्थियों और पुरस्कार विजेताओं का हुआ सम्मान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। किसान, महिला, युवा एवं गरीब सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। किसानों की आय बढ़ाने और समृद्धि के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को पांढुर्णा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। कम वर्षा की स्थिति में किसानों का हर संभव सहयोग किया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और किसान हितैषी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। पांढुर्णा जिला गेहूं, मक्का, चना, तुअर और संतरा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है। यहां खेती-किसानी के साथ किसानों की आय और दुग्ध उत्पादन में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए सर्वे कराया जा रहा है। किसानों को हरसंभव सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कृषि आधारित उद्योगों से युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर पांढुर्णा जिले के प्रभारी मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि पांढुर्णा जिला खेती के साथ कृषि आधारित उत्पादों के निर्माण में भी आगे बढ़ रहा है। जिले में स्थापित विभिन्न कृषि आधारित इकाइयों से युवाओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को उनकी सम्पत्ति की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक  महेंद्र सिंह यादव ने किसानों को आधुनिक एवं उन्नत खेती के नवाचारों से जोड़ने और बलराम जयंती को 'किसान दिवस' घोषित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उन्नतशील कृषकों ने साझा किए सफलता के अनुभव बलराम कृषि महोत्सव में जिले के उन्नतशील कृषकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद कर खेती-किसानी में किए जा रहे नवाचारों और अपनी सफलता के अनुभव साझा किए। ग्राम भुम्मा, विकासखंड सौंसर के कृषक  मटरूलाल डोंगरे ने बताया कि वे प्राकृतिक खेती से हल्दी, अरहर एवं गेहूं का उत्पादन कर रहे हैं। वे उत्पादों का वैल्यू एडिशन कर प्रतिवर्ष 2 से 2.5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं। उनके प्राकृतिक उत्पाद जापान और ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच रहे हैं। ग्राम तिगांव के कृषक  नरेंद्र ठाकरे ने बताया कि 16 एकड़ में संतरे का उत्पादन कर प्रतिवर्ष 15 से 20 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। इसके साथ ही वे पशुपालन एवं सब्जी उत्पादन भी कर रहे हैं। ग्राम पारडसिंगा की श्रीमती रोशनी नरवरे ने बताया कि 14 गांवों की 350 महिलाओं को जोड़कर देशी कपास से खादी, सीड बॉल एवं सीड ज्वेलरी का निर्माण करवा रही हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन उत्पादों की बिक्री कर महिलाएं अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। पांढुर्णा के कृषक  कृष्ण कुमार रबड़े ने पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर दुग्ध प्रसंस्करण इकाई स्थापित की है। वे पनीर, श्रीखंड, घी एवं मावा का उत्पादन कर प्रतिवर्ष 8 से 10 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी इकाई से 8 से 10 लोगों को रोजगार भी मिला है। इसी प्रकार ग्राम पिपलानी के कृषक  विजेश भादे ने बताया कि आत्मा योजना के तहत बीआरसी सेंटर स्थापित कर 2.5 एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं। पशुपालन एवं उद्यानिकी सहित समन्वित खेती अपनाकर वे प्रतिवर्ष 3 से 4 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उन्नतशील कृषकों, मेधावी विद्यार्थियों और पशुपालकों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पांढुर्णा जिले के उन्नतशील किसानों ने संवाद कर खेती-किसानी में किए जा रहे नवाचारों और अपनी सफलता के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों, मेधावी विद्यार्थियों और गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट देशी गाय पालने के लिए पांच पशुपालकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण एवं शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में कलेक्टर  नीरज कुमार वशिष्ठ, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ संयोजक एवं प्रदेश प्रभारी बलराम कृषि महोत्सव  कपिल यार्दे, पूर्व मंत्री  नानाभाऊ मोहोड़,  संदीप मोहोड़, नगर पालिका अध्यक्ष  संदीप घाटोडे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती लताबाई तुमडॉम सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट एंड एफटीए कॉन्क्लेव का करेंगे शुभारंभ

मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की बनेगी कार्ययोजना, नवाचारों की होगी शुरुआत भोपाल मध्यप्रदेश के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने और प्रदेश की निर्यात क्षमता का विस्तार करने के उद्देश्य से गुरुवार, 5 नवंबर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट एंड एफटीए कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। मध्यप्रदेश शासन द्वारा भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, निर्यात संवर्धन परिषदों के प्रतिनिधि, उद्योग संगठनों के पदाधिकारी और प्रदेश के प्रमुख निर्यातक शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के माध्यम से प्रदेश के निर्यातकों के लिए उपलब्ध नए अवसरों को साझा किया जायेगा और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए व्यापार समझौतों के अंतर्गत भारतीय उत्पादों को मिलने वाली शुल्क रियायतों का लाभ प्रदेश के उद्यमियों तक पहुंचाने, निर्यात प्रक्रियाओं को समझने और नए व्यापारिक साझेदार विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके माध्यम से प्रदेश के औद्योगिक एवं कृषि आधारित उत्पादों के लिए संभावित अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की पहचान करने और निर्यात विस्तार की व्यावहारिक रणनीति पर पैनल में चर्चा की जाएगी। महत्वपूर्ण पहलों से निर्यातकों को मिलेगी नई दिशा और सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में प्रदेश के निर्यातकों को मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ दिलाने के लिए महत्वपूर्ण नवाचारों का शुभारंभ करेंगे। इनमें मध्यप्रदेश एफटीए कार्ययोजना 2026-27, मध्यप्रदेश एफटीए निर्यातक मार्गदर्शिका, मध्यप्रदेश एफटीए हेल्पडेस्क, एमपी ट्रेड पोर्टल का एफटीए मॉड्यूल और मध्यप्रदेश एफटीए एक्सेलेरेटर शामिल हैं। एफटीए कार्ययोजना के माध्यम से प्रदेश के निर्यात विस्तार के लिए प्राथमिकता वाले उत्पादों, औद्योगिक क्लस्टरों और संभावित अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की पहचान की जाएगी। निर्यातक मार्गदर्शिका में विभिन्न देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों, शुल्क रियायतों, उत्पादों की पात्रता और निर्यात प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध होगी। एफटीए हेल्पडेस्क निर्यातकों की जिज्ञासाओं और समस्याओं के समाधान में सहायता करेगा। एमपी ट्रेड पोर्टल के एफटीए मॉड्यूल से उत्पादवार व्यापार समझौतों और निर्यात अवसरों की डिजिटल जानकारी मिलेगी। वहीं, एफटीए एक्सेलेरेटर के माध्यम से उद्यमियों को प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश के उद्योगों के निर्यात लक्ष्य और वैश्विक संभावनाओं पर होगी चर्चा कॉन्क्लेव में आयोजित विशेष पैनल चर्चा में प्रदेश के प्रमुख उद्योग क्षेत्रों के प्रतिनिधि निर्यात विस्तार की संभावनाओं और अपनी आवश्यकताओं पर विचार साझा करेंगे। इसमें वस्त्र एवं परिधान, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग एवं ऑटो कंपोनेंट्स, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा रसायन उद्योग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उद्योग प्रतिनिधि वर्ष 2030 तक अपने-अपने क्षेत्रों के संभावित निर्यात लक्ष्य और उन्हें हासिल करने के लिए आवश्यक सहयोग एवं नीतिगत बदलावों के बारे में जानकारी देंगे। इस चर्चा से प्राप्त सुझावों और उद्योगों की आवश्यकताओं को प्रदेश की एफटीए कार्ययोजना में शामिल करने के लिए संकलित किया जाएगा। इससे निर्यात संवर्धन की रणनीति को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी। निर्यात प्रोत्साहन मिशन और व्यापार समझौतों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी कॉन्क्लेव में भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा भारत के व्यापार समझौतों और राष्ट्रीय स्तर पर संचालित आउटरीच कार्यक्रम की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही विदेश व्यापार महानिदेशालय के संयुक्त महानिदेशक श्री अभिषेक शर्मा निर्यात प्रोत्साहन मिशन पर प्रस्तुति देंगे। एक विशेष तकनीकी सत्र में ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए व्यापार समझौतों के अंतर्गत निर्यात कर चुके प्रदेश के उद्यमी अपने अनुभव साझा करेंगे। इसमें उत्पादों की पात्रता, उद्गम प्रमाण-पत्र, सीमा शुल्क प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों की आवश्यकताओं जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इससे प्रदेश के अन्य निर्यातकों को व्यापार समझौतों का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने में मदद मिलेगी। निर्यातकों को वित्तीय सहायता, बीमा और गुणवत्ता प्रमाणन की मिलेगी जानकारी कॉन्क्लेव में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि निर्यातकों को उपलब्ध सहायता सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी), निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी), कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (फियो), इंडिया पोस्ट, एक्जिम बैंक, कस्टम्स और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) सहित विभिन्न संस्थाओं के सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर उद्यमियों को निर्यात संबंधी दस्तावेजी प्रक्रिया, वित्तीय सहायता, निर्यात ऋण बीमा, गुणवत्ता प्रमाणन, लॉजिस्टिक्स और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच से संबंधित मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही ट्रेड कनेक्ट पर तकनीकी प्रस्तुति के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी डिजिटल सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।  

लंबित मामलों की त्वरित सुनवाई में बेहद महत्वपूर्ण हैं फास्ट ट्रैक कोर्ट्स : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना की अवधि पांच साल बढ़ाने के निर्णय का किया स्वागत  प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रि-परिषद् ने दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्रि-परिषद् द्वारा पीड़ित महिलाओं और बच्चों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स'  पर कहा कि लंबित मामलों की त्वरित सुनवाई की दिशा में फास्ट ट्रैक कोर्ट्स एक बेहद महत्वपूर्ण न्यायिक व्यवस्था है। केंद्र सरकार का यह निर्णय मामलों की त्वरित सुनवाई की दिशा में निश्चित ही क्रांतिकारी सिद्ध होगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को नई दिल्ली में हुई केंद्रीय मंत्रि-परिषद् की बैठक में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना को अगले पांच साल (31 मार्च 2031) तक जारी रखने और इन न्यायालयों के नेटवर्क के विस्तार को मंजूरी दे दी गई। इसके अंतर्गत देश में स्पेशल पॉक्सो कोर्ट सहित कुल 850 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट शुरू किए जाएंगे। वर्तमान में कार्यरत 779 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स का विस्तार किया जाएगा, इनमें 399 विशेष पॉक्सो कोर्ट्स भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दुराचार और पॉक्सो के मामलों की लंबित संख्या के आधार पर अतिरिक्त जिलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इस योजना को 29 भाग लेने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा।  

दीपों का महापर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गोवर्धन पूजा पर वृंदावन ग्रामों में पशुपालन पर केन्द्रित प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी आगामी कैबिनेट 18 नवंबर को मंदसौर के गांधीसागर में होगी : उद्योग और ऊर्जा पर रहेगा फोकस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में सभी को दीपावली कि बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दीपों का महापर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। मां लक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश के आशीर्वाद से हर घर में उजाला और आनंद बना रहे। धनतेरस, रूप चौदस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई-दूज ये पांचों दिन सबके लिए मंगलमय हों। दीपावली की खरीदारी में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'लोकल को वोकल' बनाने के मंत्र को हम सब जीवन में उतारें। स्वदेशी उत्पाद खरीदें और हमारे स्थानीय छोटे व्यवसायियों, माटीकला शिल्पियों के जीवन में उजियारा लाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गोवर्धन पर्व प्रकृति, पर्वत और गौवंश संरक्षण की भारतीय प्राचीन परंपरा का प्रतीक है। इस दिन हर घर गौशाला, हर गांव वृंदावन बन जाता है। इस बार गोवर्धन पूजा पर वृंदावन ग्रामों के पशुपालकों की प्रतियोगिता कराई जा रही है। इसमें प्रथम तीन विजेताओं को गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार दिए जाएंगे। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश का 71वां स्थापना दिवस किसान कल्याण और कृषि विकास पर केंद्रित रहा। भगवान श्रीकृष्ण मेधावी विद्यार्थी छात्रवृत्ति के तहत विजेताओं को एक-एक लाख रुपये की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इसके अलावा विरासत से विकास, किसान बाजार, महिला उद्यमिता मंडप, कृषि प्रदर्शनी, लोक गायन, अनुगूंज आदि अनेक आयोजन किए जा रहे हैं। अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2047 तक इंदौर-उज्जैन-भोपाल क्षेत्र में 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। लगभग 15 टाउनशिप विकसित की जाएंगी और 30 हजार एकड़ क्षेत्र में नियोजित शहरी विकास होगा। इंदौर फ्यूचर सिटी में 5 हजार एकड़ क्षेत्र में आवास, उद्योग और रोजगार आधारित विकास किया जाएगा। अर्बन चैलेंज फंड अंतर्गत 2,013 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए एमओयू किए गए हैं। इंदौर आर्थिक क्षेत्र-2047 की रिपोर्ट भी जारी की गई। छ: एमओयू से जल संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी अधोसंरचना को बढ़ावा मिलेगा। "मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास एवं पर्यावास नीति-2026" का प्रारूप जारी किया गया। यह प्रारूप "सबका साथ, सबका विकास और सर्वसमावेशी कल्याण" के विजन पर आधारित है। राज्यसभा नामांकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी को मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए नामांकित किया गया है। श्री पुरी के मध्यप्रदेश से राज्यसभा में जाने से देश और प्रदेश के विकास को नए आयाम मिलेंगे। बोमा पद्धति से कृष्णमृग और नीलगाय के रेस्क्यू का अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हेलीकॉप्टर की सहायता से बोमा पद्धति पर आधारित वन्यजीव रेस्क्यू का अभियान दक्षिण एशिया में अपनी तरह का पहला अभियान है। अब तक शाजापुर जिले से 1200 से अधिक कृष्णमृगों और नीलगायों का रेस्क्यू हो चुका है। रेस्क्यू किए गए कृष्णमृगों को श्योपुर के जंगलों, गांधी सागर और रानी दुर्गावती रिजर्व फॉरेस्ट सहित निर्धारित वन क्षेत्रों में पहुंचाया गया है। इससे वन्यजीवों के संरक्षण में मदद मिल रही है और किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जा रहा है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने त्योहारों के अवसर पर अधिकारी-कर्मचारी को दीपावली का उपहार दिया है। महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। धान उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए धान उपार्जन के पंजीयन की तिथि 4 नवंबर तक बढ़ाई गई है। उन्होंने किसान भाइयों से अपील है कि जो किसान पंजीयन कराने से रह गए हैं, वे पंजीयन करा लें। स्वामित्व योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस बार धनतेरस पर जनता के घर-आंगन में सुख-समृद्धि बरसेगी। देश के सभी मंत्री, सांसद और विधायक आगामी 6 नवंबर को अपने पैतृक ग्राम या अपनी पसंद के किसी भी गांव में जाकर उस गांव की स्वामित्व की शत-प्रतिशत रजिस्ट्री खुद सामने रहकर पूर्ण कराएंगे। रजिस्ट्री पूरी होने पर गांव में कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। अब तक प्रदेश में लगभग 15 लाख रजिस्ट्री का कार्य कर लिया गया है। आगामी 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी कर लेने का लक्ष्य है। अब तक हो चुकी हैं 8 डेस्टिनेशन कैबिनेट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी डेस्टिनेशन कैबिनेट 18 नवंबर को मंदसौर जिले के गांधीसागर में प्रस्तावित है। इस कैबिनेट का फोकस उद्योग और ऊर्जा पर रहेगा। इससे पहले 3 जनवरी 2024 को शक्ति भवन, जबलपुर, 5 अक्टूबर 2024 को सिंग्रामपुर, दमोह, 24 जनवरी 2025 को महेश्वर, खरगोन, 20 मई 2025 को राजवाड़ा, इंदौर, 3 जून 2025 को राजभवन, पचमढ़ी में, 9 दिसंबर 2025 को खजुराहो, छतरपुर, 2 मार्च 2026 को नागलवाड़ी, बड़वानी और 19 जुलाई 2026 को जगदीशपुर, भोपाल में डेस्टिनेशन कैबिनेट आयोजित की जा चुकी हैं।  

छिंदवाड़ा के किसानों ने अपने परिश्रम से खेती में बनाई विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों को बेहतर भंडारण, प्रोसेसिंग यूनिट और राष्ट्रीय स्तर पर कराया जाएगा बाजार उपलब्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा के बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा की धरती जनजातीय भाई बहनों के परिश्रम और उनकी परंपराओं से समृद्ध है। यहां के मेहनती किसानों ने खेती के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। श्रीअन्न और फूलों की खेती में भी छिंदवाड़ा अलग स्थान रखता है। यहाँ के संतरे को जी आई टैग से बड़ी पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा को प्रदेश की कॉर्न सिटी कहा जाता है, यहां का स्वीट कॉर्न देशभर में मशहूर है। राज्य सरकार छिंदवाड़ा के मक्का उत्पादक किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और उनकी उपज के लिए राष्ट्रीय स्तर के नया मार्केट तैयार कर कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास है कि छिंदवाड़ा जिले के मक्के की गुणवत्ता और स्वाद को भी देश-दुनिया के मार्केट तक पहुंचाया जाए। इसके लिए किसानों को बेहतर भंडारण, प्रोसेसिंग यूनिट और मार्केट लिंकेज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को छिंदवाड़ा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। खेती के साथ ही उद्यानिकी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ ही उद्यानिकी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। खेती की तरक्की के लिए पानी की उपलब्धता बहुत जरूरी है, छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर जिले की सिंचाई क्षमता 29 प्रतिशत से बढ़कर 54 प्रतिशत हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसान अपनी उपज का प्रसंस्करण स्वयं करें और उन्हें इसका बेहतर मूल्य मिले। इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के माध्यम से सुविधा दी जा रही हैं। छिंदवाड़ा जिले के 122 हितग्राही इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। किसान फसल विविधिकरण से बढ़ाये अपनी आय मुख्यमंत्री डॉ यादव ने किसान भाइयों से खेती में नवाचार करने, फसल विविधीकरण अपनाने और अपनी उपज को प्रसंस्करण और बेहतर विपणन के माध्यम से बड़े मार्केट तक पहुंचाने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने छिंदवाड़ा में मौजूद किसान श्री पूरनलाल इनवाती से प्राकृतिक और समन्वित खेती, श्री प्रवेश रघुवंशी से कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से नरवाई प्रबंधन, श्रीमती सुषमा शर्मा से देसी गाय पालन, श्री गुरु प्रसाद पवार से आलू और स्वीट कॉर्न के क्षेत्र में उनके द्वारा संचालित गतिविधियों के संबंध में वर्चुअली संवाद किया। छिंदवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासक अपेक्स बैंक श्री महेंद्र सिंह यादव, सांसद छिंदवाड़ा श्री विवेक बंटी साहू सहित जिले के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान भाई-बहन उपस्थित रहे।

राज्य सरकार बलिदानी पुलिसकर्मियों के योगदान और साहस को सदैव रखेगी याद

रील बनाने से अधिक रियल प्रॉब्लम सुलझाने पर ध्यान दें युवा पुलिस अधिकारी पुलिस अधिकारी गरीबों, महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए करें देवदूत की तरह कार्य वर्ष 2029 तक प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य में पुलिस की होगी महत्वपूर्ण भूमिका म.प्र. पुलिस अकादमी भौंरी में 12 करोड़ की लागत से बनेगा ऑडिटोरियम विद्युत सब स्टेशन और एप्रोच रोड भी बनाई जाएगी 44वें एवं 45वें बैच के पास आउट हुए 48 उप-पुलिस अधीक्षकों में 20 महिला अधिकारी शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. पुलिस अकादमी भौंरी में दीक्षांत परेड समारोह को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा पुलिस अधिकारी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हुए रील बनाने से अधिक रियल प्रॉब्लम सुलझाने पर ध्यान दें। सोशल मीडिया का उपयोग आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और उनकी सहायता के लिए करें। पुलिस अधिकारी गरीबों, महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए देवदूत की तरह कार्य करें। ऐसे अधिकारी बनें, जिनका सम्मान समाज के प्रत्येक वर्ग में हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी के परेड ग्राउंड में मंगलवार को आयोजित 44वें एवं 45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व दीक्षांत परेड समारोह में राष्ट्रीय निशान टोली के आगमन के साथ पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान 'जन गण मन' की धुन प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद नव प्रशिक्षित अधिकारियों ने अनुशासन, समर्पण और कर्तव्य निष्ठा का परिचय देते हुए सधे हुए कदमों और उत्कृष्ट तालमेल से परेड मार्च किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परेड की सलामी लेकर निरीक्षण किया। परेड में अधिकारियों ने प्रदेश और राष्ट्र की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रशिक्षु अधिकारियों के परिजन उपस्थित थे। युवा अधिकारियों पर है प्रदेश की सुरक्षा और नागरिकों की सेवा की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस के 48 प्रशिक्षु अधिकारी प्रशिक्षण पूर्ण कर प्रदेश की सेवा के लिए तैयार हैं। यह युवा अधिकारियों के लिए पब्लिक सर्विस में प्रवेश का महत्वपूर्ण अवसर है। पुलिस सेवा में आने के साथ ही उनके कंधों पर प्रदेश की सुरक्षा और नागरिकों की सेवा की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लगातार बदल रही हैं अपराध की चुनौतियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी तत्परता, कर्तव्य निष्ठा और साहस से उत्कृष्ट प्रतिमान स्थापित किए हैं। प्रदेश का चंबल और रीवा अंचल दशकों तक दस्यु समस्या से प्रभावित रहा, लेकिन पुलिस ने अपनी कुशल कार्य क्षमता से इसका उन्मूलन किया। इसके बाद नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाकर प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के वीर जवानों ने निर्धारित समय-सीमा से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने में सफलता प्राप्त की। मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि अपराध की चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। युवा पुलिस अधिकारी आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल करें और अपने कर्तव्य के मार्ग पर ऐसा जीवन जिएं, जो समाज के लिए आदर्श बने। मध्यप्रदेश वर्ष 2029 तक बनेगा नशा मुक्त राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने दस्यु समस्या और नक्सलवाद के बाद अब नशे के खिलाफ बड़ी मुहिम शुरू की है। प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान में सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने अवैध शराब के कारोबार और शराब माफिया के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी अवैध शराब के तंत्र को ध्वस्त करेंगे। उन्होंने पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना से कहा कि प्रदेशभर में शराब माफियाओं के विरुद्ध निडर होकर कठोर कार्रवाई करें। हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ बलिदानियों के योगदान और साहस का सदैव स्मरण रखेगी। हमारे कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों के बल पर राज्य सरकार निश्चित रूप से सभी उद्देश्यों की पूर्ति करेगी। पुलिस विभाग में निरंतर जारी है भर्ती प्रक्रिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के कल्याण की चिंता करना सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्षों में पुलिस विभाग में 17 हजार 710 पदों पर भर्ती की है। कुल 22 हजार 500 पदों पर भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। नव नियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों का प्रशिक्षण निरंतर जारी है। सरकार ने पुलिस विभाग में पदोन्नति के माध्यम से भी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया है। नक्सल विरोधी अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 60 से अधिक पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया है। इससे पुलिस बल में उत्साह और उमंग का वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि युवा अधिकारियों के सामने वास्तविक चुनौतियां आने पर ही उनके प्रशिक्षण की परीक्षा होती है। पुलिस अकादमी में प्राप्त प्रशिक्षण उन्हें फील्ड में बेहतर कार्य करने में सहायक होगा। पुलिस प्रशिक्षण के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अकादमी भौंरी में 12 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम बनाने, विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने और एक किलोमीटर लंबे एप्रोच रोड के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिससे वे अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। पुलिस की सबसे बड़ी शक्ति वर्दी, अधिकार और संसाधन नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है : पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि यूनिफॉर्म सर्विस में पासिंग आउट परेड अधिकारी के जीवन की महत्वपूर्ण स्मृति होती है। वर्ष 2014 से डीएसपी स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण भोपाल स्थित भौंरी पुलिस अकादमी में कराया जा रहा है। इस बार 48 अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया है, जिनमें 20 महिला अधिकारी शामिल हैं। अकादमी में पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया गया है। ये अधिकारी पुलिस की तकनीकी क्षमताओं और सायबर अपराधों से मुकाबले को मजबूती प्रदान करेंगे। प्रशिक्षु अधिकारियों में 22 इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं। सायबर … Read more

युवाओं का कृषि पाठ्यक्रम और कृषि कार्य के प्रति आकर्षण बढ़ाने में सहयोग करे भारतीय किसान संघ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवाओं का कृषि पाठ्यक्रमों और कृषि कार्य के प्रति आकर्षण बढ़े, इसके लिए भारतीय किसान संघ द्वारा भी सहयोगी भूमिका का निर्वहन हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को नई कृषि तकनीक की जानकारियां देने, उन्नत उपकरणों और नए कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए प्रेरित करने का कार्य प्रदेश में किया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष में बड़े स्तर पर ऐसे प्रयास किए गए हैं। बलराम कृषि महोत्सव से कृषि क्षेत्र को समृद्ध और सशक्त बनाने में भरपूर सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना से बड़ी संख्या में प्रदेश के किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी गण से चर्चा कर रहे थे। फार्मर आईडी की व्यवस्था से मिल रहा है लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फार्मर आईडी की व्यवस्था से प्रदेश में खाद और यूरिया के स्टॉक की सही जानकारी मिलती है। मध्यप्रदेश इस व्यवस्था का पूरा लाभ ले रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कम वर्षा वाले जिलों में बोरवेल खनन पर प्रतिबंध लगाने की पहल की गई है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने की शुरुआत की गई है, यह कार्य आगे भी चलता रहेगा। पराली नियंत्रण में मध्यप्रदेश को रोल मॉडल बनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पराली नियंत्रण के कार्य में मध्यप्रदेश को रोल मॉडल बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान की रोकथाम के लिए बोमा कैप्चरिंग पद्धति के प्रयोग प्रदेश में सफल हुए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया है। उन्हें ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल और स्कूटी प्रदान की गई है। प्राकृतिक खेती करने वाले पशुपालकों को भी देंगे अनुदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान संघ द्वारा प्रदेश स्तर पर सहकारी समितियां के गठन को गति देने में सहयोग की अपेक्षा जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौशालाओं के संचालन करने वाले ऐसे पशुपालकों को भी अनुदान का लाभ देगी, जो जैविक और प्राकृतिक खेती को सशक्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गोवंश से प्राकृतिक खेती में कई प्रकार से सहयोग मिलता है। इस उद्देश्य से किसानों की सहकारी समितियां को गोपालन के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में गेहूं, चना और बाजरा जैसी फसलों की खरीदारी की पहल और पर्याप्त विद्युत आपूर्ति के लिए किए गए प्रबंधन की जानकारी दी। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

युवा वर्ष के पहले ही महीने में 15 जनवरी को सेना दिवस की आकर्षक गतिविधियों का साक्षी बनेगा भोपाल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग, रोजगार, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण में सभी प्रदेशों से आगे हैं। आने वाले समय में इन उपलब्धियों का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के तीन दिवसीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वस्ति वाचन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की बधाई दी और कलाकारों का स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक चेतना विराट है। हम सभी इसे नमन करते हैं। प्रदेशवासी सौभाग्यशाली हैं। मध्यप्रदेश का गठन किसी एक व्यक्ति के विचार या काल खंड की देन नहीं हैं। यह हमारे प्रदेश की परिश्रमी संस्कृति और संस्कारवान जनमानस का प्रतिफल है। मध्यप्रदेशवासियों की समर्पण भावना सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग वर्ष के माध्यम से जहां वर्ष 2025 में युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार देने का कार्य हुआ वहीं वर्ष 2026 में किसान कल्याण वर्ष में कृषि क्षेत्र का विकास हुआ है। लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों को आज ही 490 करोड़ की राशि सब्सिडी के रूप में दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में 12 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर उतरा है। यह क्रम जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि की ग्रोथ रेट चौबीस प्रतिशत से अधिक है। किसानों से विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि लेने पर चार गुना राशि देने का निर्णय लिया गया। सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में तीसरे से प्रथम स्थान पर आयेगा। प्रदेश पर्यटन विकास और विरासत के संरक्षण में भी सबसे आगे है। मध्यप्रदेश अपनी अलग पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल युवा वर्ष के पहले ही महीने में 15 जनवरी को सेना दिवस की आकर्षक गतिविधियों का साक्षी बनेगा। भोपाल में इस गरिमामय कार्यक्रम के लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह पधारेंगे। हमारी सेना के जवान राष्ट्र की रक्षा के लिए दिन-रात सजग रहते हैं। इस कारण ही हमारा लोकतंत्र सुरक्षित है। भारत दुनिया के ऐसा देश है जो अपने दुश्मन देश के घर जाकर उसे मार सकता है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने सेना का हौसला बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के शौर्य स्मारक में प्रदेश का स्थापना दिवस मनाकर कार्यक्रमों की शुरूआत की गई। भोपाल में सेना दिवस का अद्भुत आयोजन राष्ट्र भक्ति और देश प्रेम के भाव को सशक्त बनाने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पौने तीन वर्ष में प्रदेश के समग्र विकास के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने मध्यप्रदेश को अनेक सौगातें दी हैं। इनमें धार जिले में पीएम मित्र पार्क, बीना रिफायनरी की विस्तार परियोजना, केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध- चंबल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाएं, मोहासा-बाबई रिन्यूएबल एनर्जी एंड पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्वीकृति महत्वपूर्ण हैं। अन्य क्षेत्रों में भी प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परेड मैदान पहुंचते ही सर्वप्रथम राज्य की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर ‘राज्योत्सव’ के शुभारंभ अवसर पर भव्य आतिशबाजी भी की गई। किसान कल्याण स्‍वाभिमान पर्व क्विज के विजेताओं और मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण स्‍वाभिमान पर्व क्विज और भगवान कृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति के विजेताओं को पुरस्‍कार प्रदान किए। कल्याण स्‍वाभिमान पर्व क्विज में भोपाल जिले के विजेता प्रथम –  संदीप वर्मा, द्वितीय – सु सुहानी राजपूत एवं तृतीय –  समीर गौड़के को मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पुरस्‍कृत किया गया। साथ ही भगवान कृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति के विजेताओं को भी पुरस्‍कृत किया गया। इस अवसर पर भोपाल जिले के विजेता सु अक्षरा गोस्वामी – शासकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज (विद्यालय वर्ग) एवं  प्रीतम मांडलेकर – सरदार वल्लभभाई पॉलिटेक्निक (विद्यालय वर्ग) को पुरस्‍कृत किया गया। उल्‍लेखनीय है कि किसान कल्‍याण स्‍वाभिमान पर्व क्विज में सम्‍पूर्ण मध्‍यप्रदेश में 165 विजेताओं का चयन किया गया है। पुरस्कार वितरण ने प्रदेश की विकास यात्रा में कृषि समृद्धि, प्रतिभा प्रोत्साहन और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को रेखांकित किया। मोनाली ठाकुर के सुरों से सजी संगीतमय शाम समारोह का प्रमुख आकर्षण सुविख्यात पार्श्वगायिका सु मोनाली ठाकुर एवं साथी, मुंबई की संगीतमय प्रस्तुति रही। अपनी मधुर और बहुआयामी गायन शैली के लिए पहचानी जाने वाली मोनाली ठाकुर ने अपनी सुरमयी प्रस्तुतियों से समारोह में संगीत और उल्लास का अद्भुत वातावरण रचा। उनके लोकप्रिय गीतों ‘सवार लूँ’ (लुटेरा), ‘मोह-मोह के धागे’ (दम लगा के हईशा), ‘जरा-जरा टच मी’ एवं ‘ख्वाब देखे’ (रेस), ‘छम-छम’ (बागी) और ‘बद्री की दुल्हनिया’ ने श्रोताओं को संगीत के विविध रंगों से सराबोर किया। 71वें स्‍थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन मध्‍यप्रदेश के तीन दिवसीय 71वें स्‍थापना दिवस समारोह में दूसरे दिन 02 नवम्‍बर, 2026 को सायं 6:30 बजे मध्‍यप्रदेश एवं अन्‍य राज्‍यों के लोक एवं जनजातीय नृत्‍य की प्रस्‍तुतियां आकर्षण का केन्‍द्र होंगी। इसके बाद ब्रीदिंग फिएस्‍टा – वाद्ययंत्र केन्द्रित प्रस्‍तुति होगी। साथ ही दोपहर 12 बजे से रात्रि 8 बजे तक विकास प्रदर्शनियां आम नागरिकों के लिए खुली रहेंगी। इसमें ‘कृषि प्रदर्शनी’ में उन्नत बीज, जैविक इनपुट, आधुनिक कृषि यंत्रों, स्मार्ट सिंचाई तकनीकों, एग्री स्टार्टअप और नवाचारों के माध्यम से आधुनिक कृषि की संभावनाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। ‘मध्यप्रदेश में विरासत से विकास’, ‘जन-कल्याण एवं विकास’ और ‘राजा भोज का भोपाल’ प्रदर्शनियां प्रदेश की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत, विकास उपलब्धियों और गौरवशाली परंपराओं से परिचित करा रही हैं। इसके साथ ही ‘स्वाद-देशज व्यंजन मेला’ में मध्यप्रदेश के विविध अंचलों के स्वाद और स्थानीय खानपान की झलक मिल रही है। किसान बाजार एवं महिला उद्यमिता मंडप में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प और महिला उद्यमियों के उत्पाद विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। समारोह में भोपाल के प्रभारी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  चैतन्य काश्यप, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग मंत्री कृष्णा गौर, विधायक  रामेश्वर शर्मा,  भगवानदास सबनानी,  विष्णु खत्री के अलावा भोपाल की महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष भोपाल  किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव संस्कृति  शिवशेखर शुक्ला, मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार राम तिवारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आधुनिक … Read more

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को मिलेगा केन्द्रीय मंत्री पुरी के व्यापक प्रशासनिक अनुभव और कार्य कुशलता का लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में राज्यसभा प्रत्याशी एवं केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा आवास और शहरी मामलों के मंत्री  हरदीप सिंह पुरी ने मध्यप्रदेश विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन पत्र पीठासीन अधिकारी को प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में कहा कि सभी के लिए प्रसन्नता और सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में प्रदेश को  पुरी जैसे अनुभवी, वरिष्ठ और कुशल नेतृत्व का साथ मिलने जा रहा है। केन्द्रीय मंत्री  पुरी भारत सरकार में कुशल प्रशासक के रूप में विशिष्ट पहचान रखते हैं। उनका व्यापक प्रशासनिक अनुभव और कार्य कुशलता निश्चित रूप से केंद्र सरकार के साथ-साथ प्रदेश के विकास के लिए लाभकारी सिद्ध होगी तथा उनके अनुभव का लाभ प्रदेश को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से केन्द्रीय मंत्री  पुरी की सफलता के लिए प्रार्थना की तथा  पुरी को बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर, उपमुख्यमंत्री   जगदीश देवड़ा एवं  राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, वरिष्ठ पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री  प्रह्लाद सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, मंत्रीगण और विधायक गण उपस्थित थे। मध्यप्रदेश को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में समृद्ध बनाने तथा प्रदेश में आवास और नगरीय विकास के क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार में केन्द्रीय मंत्री  पुरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।     लगभग 49 हजार करोड़ रुपए के निवेश वाले बीना रिफाइनरी विस्तार एवं डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा 14 सितंबर 2023 को किया गया।     प्रदेश के सात शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, सतना और उज्जैन का चयन जनवरी 2016 से जून 2017 के बीच स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत किया गया।     उड़ान योजना के अंतर्गत ग्वालियर-बेंगलुरु एवं ग्वालियर-कोलकाता सेवाएं 20 जून 2019 को प्रारंभ हुई, 16 मार्च 2020 को इंदौर-किशनगढ़ सीधी उडान शुरू हुई।     जबलपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का अनुबंध जून 2019 में प्रदान किया गया।     भोपाल हवाई अड्डे की एटीसी टॉवर-सह-तकनीकी ब्लॉक परियोजना का अनुबंध अप्रैल 2021 में प्रदान किया गया।     भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 अक्टूबर 2018 को मंजूरी दी। रूपए 14,442.20 करोड़ की इस परियोजना के लिए 19 अगस्त 2019 को त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर हुए।     स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में भोपाल को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों में स्थान मिला और इंदौर ने सुपर स्वच्छ लीग में प्रवेश किया।     अमृत 2.0 का शुभारंभ 1 अक्टूबर 2021 को हुआ। वर्ष 2024 के अंत तक प्रदेश में 12 हजार 963 करोड़ 14 लाख रुपए लागत की 1,273 परियोजनाएं स्वीकृत की गई।     वर्ष 2021 से 2026 के बीच 35 इथेनॉल डिस्टिलरी और 15 सीबीजी (कम्प्रेस्ड बायोगैस) संयंत्र स्थापित।  

भूमि आबंटन आशय पत्रों और उद्यमक्रांति योजना के हितग्राहियों को ऋण वितरण भी होगा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 1नवंबर को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से 950 एमएसएमई इकाइयों को 490 करोड़ और 100 से अधिक स्टार्टअप को लगभग ₹1.50 करोड़ सहायता राशि वितरित करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव उद्यमियों को भूमि आबंटन आशय पत्र और उद्यम क्रांति योजना के हितग्राहियों को ऋण राशि भी वितरित करेंगे।कार्यक्रम की अध्यक्षता सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप करेंगे। 7000 करोड़ का निवेश और 17000 रोजगार देने वाली इकाइयों को प्रोत्साहन सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  काश्यप ने बताया कि जिन इकाईयों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है उनके द्वारा ₹7,000 करोड़ से अधिक का निवेश कर 17,000 से अधिक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान किया जा रहा है।म.प्र. एमएसएमई विकास नीति अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों की 950 से अधिक एमएसएमई को सिगंल क्लिक के माध्यम से ₹490 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि का वितरण किया जाएगा। 100 से अधिक स्टार्टअप को सहायता इसी तरह स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत प्रदेश के 100 से अधिक स्टार्टअप को सिंगल क्लिक द्वारा लगभग ₹1.50 करोड़ सहायता की स्वीकृति/वितरण किया जाएगा।मंच से ही 05 उद्यमियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र प्रदान करने के साथ ही 04 उद्यमियों को मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अन्तर्गत ऋण राशि का चेक प्रदाय किया जाएगा।मुख्यमंत्री 04 उद्योग संघ के प्रतिनिधियों/उद्यमियों/स्टार्टअप से संवाद भी करेंगे। प्रदेश में एमएसएमई के विकास और स्टार्टअप का सुदृढ़ इकोसिस्टम एमएसएमई मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश में एमएसएमई के विकास एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाया गया है। विभाग द्वारा एमएसएमई को रियायती दर पर उद्योग स्थापना के लिए पारदर्शी तरीके से ऑनलाईन भूमि आवंटित किया जा रहा है। स्थापित उद्योगों को निवेश पर अनुदान सिंगल क्लिक के माध्यम से केन्द्रीयकृत व्यवस्था अंतर्गत प्रदान किया जा रहा है। साथ ही ऐसे उद्यमी, जिनके पास स्वयं का उद्यम स्थापित करने हेतु पूंजी उपलब्ध नहीं है उन्हें बैंक के माध्यम से मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत बिना गारंटी के रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में नवाचार संस्कृति को बढ़ावा दिये जाने के लिए स्टार्टअप को प्रत्येक चरण में प्रोत्साहित कर इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जा रहा है। निवेश अनुकूल नीतियों का क्रियान्वयन-2385 करोड़ प्रोत्साहन राशि वितरित मंत्री  काश्यप ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नवीन निवेश अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं जिनके कारण प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। प्रदेश में पहली बार एमएसएमई इकाईयों को अनुदान समय पर वितरित किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में रूपये ₹1300 करोड़ का अनुदान वितरित किया गया था। वर्ष 2026-27 में रविवार को होने वाले वितरण को शामिल करते हुए रूपये ₹1085 करोड़ वितरित हो जायेगा। 2,081 स्टार्टअप को भारत सरकार द्वारा अधिमान्यता एमएसएमई मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2,081 स्टार्टअप को भारत सरकार द्वारा अधिमान्यता प्रदान की गई हैं। वर्ष 2026-27 में 1,302 स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं।कार्यक्रम में विभाग की इन्हीं गतिविधियों अंतर्गत उद्यमियों व स्टार्टअप को सहायता/सुविधा का वितरण किया जाना है एवं कार्यक्रम में उपस्थित कुछ लाभांवित उद्यमियों/स्टार्टअप द्वारा अपने अनुभव साझा किये जाएगे।