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मध्यप्रदेश राज्य पवेलियन का करेंगे भ्रमण, स्वीडिश और जापानी प्रतिनिधिमंडलों से करेंगे वन-टू-वन संवाद

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 18 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित सेमिकॉन इंडिया-2026 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यशोभूमि, नई दिल्ली में स्थापित मध्यप्रदेश राज्य पवेलियन का भ्रमण कर स्वीडिश एवं जापानी प्रतिनिधिमंडलों के साथ वन-टू-वन संवाद करेंगे। इसमें सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश के अवसरों, प्रौद्योगिकी सहयोग और संभावित साझेदारियों पर चर्चा होगी। संवाद में ऑक्साइड कॉरपोरेशन, स्केल फोटोनिक्स, इम्प्यूट इंक., एक्रिटेक, कैनन, मैकडर्मिड अल्फा, हनव्हा, कैजो और जेनेसेम इंक. सहित कंपनियों एवं संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। मध्यप्रदेश सेमिकॉन इंडिया-2026 में स्टेट पार्टनर के रूप में सहभागिता कर रहा है। मध्यप्रदेश राज्य पवेलियन, बूथ H3005 में प्रदेश के उभरते सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम, निवेश के अवसरों, औद्योगिक क्षमताओं, प्रतिभा आधार तथा अनुकूल नीतिगत वातावरण को प्रदर्शित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पवेलियन में प्रदेश के उद्योग एवं अकादमिक क्षेत्र के हितधारकों से भी संवाद करेंगे। औद्योगिक क्षेत्र से पारस सेमीकंडक्टर, एचएलबीएस, कास्टएनएक्स और सिक्योर मीटर्स की सहभागिता है। वहीं अकादमिक एवं अनुसंधान इकोसिस्टम का प्रतिनिधित्व आईआईटी इंदौर, आईआईआईटी ग्वालियर, आईटी डीएवीवी और एसजीएसआईटीएस इंदौर द्वारा किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश और नवाचार के वैश्विक अवसरों का मंच बना सेमिकॉन इंडिया-2026 सेमिकॉन इंडिया-2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक यशोभूमि, नई दिल्ली में हो रहा है। इसमें सरकारों, वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रणी संस्थानों, निवेशकों, अकादमिक जगत और सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन से जुड़े अन्य हितधारकों की सहभागिता है। मध्यप्रदेश अपनी सहभागिता के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय हितधारकों को प्रदेश में सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, नवाचार एवं संबद्ध क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से परिचित करा रहा है। राज्य पवेलियन में प्रदेश की औद्योगिक एवं संस्थागत क्षमताओं, निवेश के अवसरों तथा सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के इकोसिस्टम को प्रदर्शित किया जा रहा है। स्टेट पार्टनर के रूप में मध्यप्रदेश की सहभागिता से वैश्विक सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के साथ बिजनेस-टू-गवर्नमेंट एवं बिजनेस-टू-बिजनेस संवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके माध्यम से निवेश, प्रौद्योगिकी साझेदारी, विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार एवं कुशल रोजगार के अवसरों पर संवाद को आगे बढ़ाया जा रहा है। सेमिकॉन इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन से जुड़े रणनीतिक संवाद को मजबूत करने और नई पीढ़ी की प्रौद्योगिकी में निवेश के लिए राज्य की तैयारियों को प्रदर्शित कर रहा है। 

प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस पर दीप प्रज्ज्वलित कर होगा आभार प्रदर्शन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रज्ज्वलित विकास के दीपक का प्रकाश देशभर में फैल रहा है। यह  मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के उजास का प्रतीक है। प्रदेश में सेवा-संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक संचालित होगा। प्रदेशवासी प्रधानमंत्री  मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर को बड़ी संख्या में दीप प्रज्जवलित कर उनके प्रति आभार प्रदर्शित करेंगे, हमारा प्रयास हो कि इस अवसर पर दीप प्रज्ज्वलन का विश्व रिकॉर्ड कायम हो। सेवा संकल्प अभियान का आयोजन ग्राम और नगर स्तर पर अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करते हुए उत्साह पूर्वक किया जाये। सभी कार्यक्रमों की पूर्व तैयारी के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर प्रभावी मॉनीटरिंग हो। विभिन्न कार्यक्रमों की व्यवस्था के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी बेहतर समन्वय और सभी संबंधितों की शत्-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा के रंग-राष्ट्र के संग कार्यक्रम के अंतर्गत जबलपुर में ह्युमन रंगोली का राज्य स्तरीय आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान की प्रदेश में जारी तैयारियों की समत्व भवन में समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल, मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री  प्रहलाद पटेल, मंत्री  राकेश सिंह, मंत्री सु निर्मला भूरिया, मंत्री  विश्वास सारंग,  नागर सिंह चौहान, मंत्री  राकेश शुक्ला, मंत्री  इन्दर सिंह परमार और राज्यमंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल वर्चुअली शामिल हुए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई,  केसी गुप्ता,  संजय दुबे,  अनुपम राजन,  संजय शुक्ला,  शिवशेखर शुक्ला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक से समस्त संभागायुक्त तथा जिला कलेक्टर्स वर्चुअली जुड़े। अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों पर हुआ प्रेजेंटेशन सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर को आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम अंतर्गत प्रदेश में दीप प्रज्ज्वलन के साथ होगी। उज्जैन के महाकाल महालोक सहित प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के प्रत्येक वार्ड में शाम 7 बजे एकसाथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उज्जैन से कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। प्रदेश के सभी लाभार्थी परिवारों और संस्थाओं को दीप प्रज्जवलन में शामिल किया जाए। इसी दिन सभी स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में रक्तदान शिविर आयोजित होंगे। बैठक में रक्त संग्रह, परिवहन और संग्रहण के लिए आवश्यक व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय होंगे। सेवा-संकल्प अभियान अंतर्गत मेरे सपनों का भारत कार्यक्रम में 19 से 26 सितम्बर तक जिलास्तर पर और 4 व 5 अक्टूबर को राज्यस्तर पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें सभी शासकीय और निजी स्कूल, कॉलेज भागीदारी करेंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार और मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी, स्कूल शिक्षा मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह होंगे। नमो सेवा-अनकही कहानियां गतिविधि 19 सितम्बर से 5 अक्टूबर तक होगी, जिसके अंतर्गत विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी संस्कृति मंत्री  धर्मेन्द्र सिंह लोधी होंगे। आंगन मिलन सेवा का आयोजन 26 सितम्बर से 5 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ियों में होगा। इसके अंतर्गत बच्चों और माताओं के लिए स्वल्पाहार, खेल सामग्री, पठन सामग्री आदि की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अपील का वीडियो भी आंगनवाड़ी में महिलाओं और बच्चों को दिखाया जाएगा। आंगन मिलन सेवा में स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, एनीमिया और स्वच्छता की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम की राज्य प्रभारी महिला एवं बाल विकास मंत्री सु निर्मला भूरिया होंगी। सेवा की कहानी कार्यक्रम 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक होगा। इसके अंतर्गत केन्द्र/राज्य सरकार की योजनाओं से जिन हितग्राहियों का जीवन बदला है, आभार स्वरूप उनके संदेश जारी किए जाएंगे। कार्यक्रम की राज्य प्रभारी, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी होंगी। सेवा ज्योति कलश यात्रा 7 अक्टूबर को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में निकाली जाएगी। इसके अंतर्गत जिला विकास पुस्तिकाओं का वितरण और जिले में हुई विकास गतिविधियों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग होंगे। वड़नगर (गुजरात)-वाराणसी सेवा यात्रा की अवधि 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक रहेगी। प्रदेश के सभी जिलों से यह यात्रा गुजरेगी। कार्यक्रम के प्रभारी लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल होंगे। सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम 2 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक होगा। इसके अंतर्गत समाज के सभी वर्गों और संस्थाओं की सहभागिता से विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित की जाएंगी। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह होंगे। सेवा सेतु अभियान 2 से 10 अक्टूबर तक होगा। कार्यक्रम में विकास खण्ड स्तर पर और नगरीय निकायों में जोन वार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के हितलाभ पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यक्रम से जनविश्वास अभियान को भी जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल होंगे। सेवा के रंग-राष्ट्र के संग कार्यक्रम में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, झाबुआ और अलीराजपुर में 9 और 10 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर जनसहभागिता से ह्युमन रंगोली का निर्माण किया जाएगा। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री  नागर सिंह चौहान होंगे। सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रम 12 अक्टूबर को होगा। इसमें में इन्क्यूबेटर्स, स्टार्ट-अप लीडर्स और इनोवेटर्स सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी मंत्री  राकेश शुक्ला, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री होंगे। सुशासन सेवा संवाद का कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। जिसमें प्रदेश के पंच-सरपंच शामिल होंगे। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल होंगे। 25 साल-25 कहानियां के अंतर्गत सभी जिलों में गणमान्य नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग के परिवारों को केन्द्र सरकार से प्राप्त होने वाली किट्स भेंट की जाएंगी। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी उच्च शिक्षा मंत्री  इंदरसिंह परमार होंगे। विकसित भारत संकल्प यात्रा इन्फ्लूऐंसर एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में आए अन्य राज्यों के सोशल मीडिया इन्फ्लूऐंसर्स प्रदेश के जिलों का भ्रमण करेंगे। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी उच्च शिक्षा मंत्री  इन्दर सिंह परमार होंगे। बैठक में सेवा सेतु मेगा शिविरों की विकासखण्डवार और जोन वार तैयारी कर अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ … Read more

परिवहन व्यवस्था को आधुनिक रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में यात्री परिवहन विजन समिट-2026 के दौरान तकनीक, नवाचार और प्रदेश के नवीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में ही "यात्री परिवहन विजन समिट-2026" में बस निर्माताओं, आईटी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों एवं अन्य उद्योगों के साथ प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगमों की गतिविधियों और नवाचारों पर आधारित इंडस्ट्री एक्सपो का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक्सपो में विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रदर्शित बसों का अवलोकन किया तथा उनके फीचर्स और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की जानकारी ली। प्रदर्शनी में ट्रांसपोर्ट सिस्टम परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित, आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई कंपनियों और संस्थानों ने सहभागिता की। प्रदर्शनी में कंपनियों ने अपनी तकनीक, सेवाओं, उत्पादों और नवाचारों का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त उन ईवी बसों को भी प्रदर्शित किया गया, जो भविष्य में परिवहन का अहम जरिया बनेंगी। प्रदर्शनी में थिंक गैस, यश टेक्नोलॉजीज, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), इंडियन ऑयल, लाइट मेट्रिक्स, एमपीआईडीसी, क्यूब कंस्ट्रक्शन, कल्याणी पावरट्रेन लिमिटेड और ओम्निफिसेंट सहित विभिन्न कंपनियों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में परिवहन क्षेत्र से जुड़े आधुनिक समाधानों, तकनीकी नवाचारों, ऊर्जा और ईंधन से संबंधित सुविधाओं तथा अधोसंरचना विकास की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान परिवहन एवं स्कूलशिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।  

भारत का दिल है मध्यप्रदेश, हम निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए हैं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुबई से हमारे सहज और स्वाभाविक संबंध हैं। हम दुबई के भरोसेमंद साथी हैं और संभावनाओं और अवसरों की सौगात लेकर दुबई के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का दिल है और हम दुबई के सभी निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियां बेहद पारदर्शी और निवेशक अनुकूल हैं। हमारी नीति, नीयत, नेतृत्व और पूरी सरकार निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि निवेशक बिना किसी संकोच के मध्यप्रदेश में निवेश करें। हमारी सरकार आपको कभी भी निराश नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रवास के दूसरे दिन दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर में हो रही एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान विशेष रूप से आयोजित 'इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे। सत्र में यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी, यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल सहित बड़ी संख्या में देश-विदेश के उद्योगपति, इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री पार्टनर उपस्थित थे। सत्र के दौरान मध्यप्रदेश में हो रही औद्योगिक प्रगति, यहां की खूबियों, निवेश अवसरों और अनंत संभावनाओं पर केंद्रित एक ऑडियो-वीडियो फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई वैश्विक निवेश और नवाचार का केंद्र है। मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि आज वैश्विक साझेदारी, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग, मजबूत और समृद्ध भविष्य का साझा रोडमैप एआईएम कांग्रेस के इस बड़े प्लेटफॉर्म पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश-विदेश के सभी निवेशकों को दीर्घकालिक और विश्वस्तरीय साझेदारी के लिए नये अवसर उपलब्ध करा रहा है। भारत के सभी राज्यों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच मध्यप्रदेश उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो अपनी पारदर्शी नीतियों और आकर्षक योजनाओं के आधार पर औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। दुनिया में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए गंतव्यों की तलाश चल रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योग समूहों को सभी सुगम अवसर उपलब्ध करा रहा है। नीति, नीयत और निवेश में मध्यप्रदेश ने निवेशकों का दिल जीता है। मध्यप्रदेश, देश का वह प्रदेश है, जिसने निवेशकों को आगे बढ़ने के लिए अवसर वर्तमान के सभी सेक्टर्स में अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रचुर प्राकृतिक और कुशल मानव संसाधन हैं। मध्यप्रदेश ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों, तेजी से विकसित हो रही औद्योगिक अधोसंरचनाओं और दिनों-दिन बढ़ती अर्थव्यवस्था से देश में अपना एक अलग ही स्थान बनाया है। मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों से बेहतर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है, जिसकी कनेक्टिविटी देश के सभी राज्यों से बेहतर है। मध्यप्रदेश 24 घंटे माल परिवहन की सुविधा प्रदान करता है। एक्सपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए राज्य सदैव अनुकूल है। देश में प्रमुख औद्योगिक केंद्र और बाजार तक पहुंच है, दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर, रेल नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर आदि सुविधाओं के कारण मध्यप्रदेश का विशेष स्थान बना है। कृषि, उद्योग, सेवाएं, नई औद्योगिक आधारित अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र है। मध्यप्रदेश भारत के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है। जहां की उत्पादकता, अनुकूलता, फूड प्रोसेसिंग के आधार पर हमें वैश्विक खाद्य श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर सबसे तेजी से उभरता क्षेत्र है। इस सेक्टर में मध्यप्रदेश अब केवल प्रोडक्शन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कपड़ा उद्योग हमारी समृद्ध औद्योगिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक क्षमता का अनूठा संगम बन गया है। चंदेरी, महेश्वरी आदि वस्त्रों के लेकर आधुनिक वस्त्र निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर अवसर हैं। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फॉर्मास्यूटिकल और एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग हमारे राज्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर, मंडीदीप जैसे औद्योगिक केंद्र राष्ट्रीय कंपनियों के पसंदीदा केंद्र बने हुए हैं। पारम्परिक उद्योगों सहित आज मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को भी आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए आगे बढ़कर भविष्य के व्यापार-व्यवसाय करने के लिए तैयार हैं। दूरसंचार निर्माण, डिजिटल मैन्यूफैक्चरिंग, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के हिसाब से हम मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं। हम जानते है कि निवेश सिर्फ संसाधन और अवसरों को देखने से ही नहीं आता, इसके लिए भरोसे की भी जरूरत होती है। मध्यप्रदेश निवेशकों का वो भरोसेमंद साथी है, जहां नीतियां सरल और पारदर्शी हैं, पर्याप्त संसाधन हैं और आपके उद्योगों-कारखानों के लिए आधुनिक संरचनाएं भी उपलब्ध हैं। हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल्स, फॉर्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, रिन्युएबल एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और व्यापार की अपार संभावनाओं वाला राज्य है। राज्य को सभी क्षेत्रों में आगे लाकर यहां निवेश बढ़ाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत भविष्य की संभावनाओं वाला देश बन रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के कालखंड में भारत सबसे समृद्ध अर्थव्यवस्था वाला देश बना है, दुबई और अन्य सभी खाड़ी देशों से हमारे अच्छे संबंध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवाद सत्र के आयोजन के लिए यूएई ऑफिशियल्स के प्रयासों की सराहना की। म.प्र. में भरपूर है प्राकृतिक संसाधन और स्किल्ड मैन पॉवर : डॉ. थानी यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी ने कहा कि जुलाई 2025 में यूएई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार और व्यवसाय में सहयोग बढ़ाने पर अहम चर्चा हुई थी। भारत अर्थव्यवस्था की दृष्टि से हमारा एक पुराना और महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। पिछले साल भारत और यूएई का द्विपक्षीय तेल व्यापार 100 बिलियन डॉलर रहा। दोनों देश मिलकर द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ निवेश और नागरिकों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बना रहे हैं। मुझे विश्वास है कि मध्यप्रदेश हमारी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जहां प्राकृतिक संसाधनों और स्क्ल्डि मैन पॉवर की कोई कमी नहीं है। यूएई मध्यप्रदेश की क्षमताओं को रेखांकित करता है। पिछले दौरे पर यूएई ने सेंट्रल … Read more

एआईएम कांग्रेस 2026 में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का करेंगे नेतृत्व

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार से 9 सितंबर 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात के दुबई यात्रा पर रहेंगे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल एआईएम कांग्रेस-2026 में सहभागिता करेगा। मुख्यमंत्री की यह यात्रा मध्यप्रदेश के वैश्विक निवेश संपर्कों को सुदृढ़ करने, अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष राज्य की आर्थिक एवं औद्योगिक क्षमताओं को प्रस्तुत करने और नई निवेश साझेदारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, औद्योगिक आधार और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों को वैश्विक उद्योग जगत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। यात्रा के दौरान ‘इन्वेस्ट मध्यप्रदेश' विषय पर विशेष सत्र भी प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री राज्य के निवेश-अनुकूल वातावरण और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत के तेजी से उभरते औद्योगिक और निवेश गंतव्यों में अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। राज्य में उपलब्ध संसाधन, बेहतर आधारभूत संरचना, उद्योग-अनुकूल वातावरण और निवेशकों के लिए विकसित सुविधाएं प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक बनाती हैं। हमारा प्रयास है कि वैश्विक निवेशकों के साथ मजबूत साझेदारी स्थापित कर मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई यात्रा मध्यप्रदेश और संयुक्त अरब अमीरात के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगी। वैश्विक निवेशकों और उद्योग समूहों के साथ होने वाली बैठकें प्रदेश में नए निवेश और रोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यात्रा का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संपर्क एवं सहभागिता को बढ़ावा देना भी है। यात्रा में संयुक्त अरब अमीरात सरकार को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में पार्टनर कंट्री के रूप में आमंत्रित करने के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम कांग्रेस के उद्घाटन समारोह, वैश्विक नेतृत्व से जुड़े कार्यक्रमों तथा विभिन्न निवेश और व्यावसायिक बैठकों में सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश मंडप का अवलोकन भी करेंगे और वैश्विक कॉर्पोरेट समूहों के साथ वन-टू-वन बैठकों में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। दुबई यात्रा के दौरान सरकारी एवं व्यावसायिक स्तर की बैठकों के साथ राष्ट्र प्रमुख और संस्थागत निवेशकों के साथ राउंड टेबल बैठक भी प्रस्तावित है। इन बैठकों में मध्यप्रदेश में निवेश की नई संभावनाओं तथा दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मेजबानी में बिजनेस लीडर्स लंच तथा निवेशकों के साथ संवाद कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। 8 सितंबर को 'इन्वेस्ट मध्यप्रदेश : इंटरएक्टिव सेशन' के माध्यम से चुनिंदा वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। इस दौरान मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, निवेश-अनुकूल वातावरण और विभिन्न उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना ही नहीं, बल्कि निवेशकों के साथ दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी स्थापित करना है। प्रदेश में निवेश के माध्यम से उद्योगों के विस्तार, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दुबई यात्रा से मध्यप्रदेश की वैश्विक पहचान को और मजबूती मिलने तथा अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ नए आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग के अवसर बढ़ेंगे। यह यात्रा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।  

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आरयूएमएसएल और एडीबी के मध्य हुआ एमओयू

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश ग्रीन स्टेट तो है ही, अब ग्रीन और क्लीन एनर्जी सेक्टर (नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र) में भी एक नई उम्मीद और नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में ग्रीन एनर्जी की असीम संभावनाएं हैं। हम इन्हीं संभावनाओं को चरणबद्ध तरीके से एक्सप्लोर कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में ट्रांजेक्शन एडवाईजरी सर्विसेस एग्रीमेंट (टीएएसए) के तहत मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के लिए रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के बीच एमओयू के बाद ये बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशियन डेवलपमेंट बैंक एवं रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड को इन महत्वपूर्ण समझौते के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह समझौता मध्यप्रदेश में स्वच्छ, विश्वसनीय एवं किफायती ऊर्जा के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने विगत वर्षों में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नवाचार, बड़ी परियोजनाओं तथा प्रतिस्पर्धी एवं पारदर्शी निविदा प्रक्रियाओं के माध्यम से देश में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल नवकरणीय ऊर्जा की क्षमता ही बढ़ाना नहीं है, बल्कि ऐसी ऊर्जा व्यवस्था विकसित करना है जो विश्वसनीय, किफायती, सतत और 24×7 उपलब्ध हो तथा प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर सके। इसी दिशा में आरयूएमएसएल और एडीबी के मध्य ट्रांजेक्शन एडवायजरी सर्विसेस एग्रीमेंट संबंधी एमओयू एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि एडीबी द्वारा आरयूएमएसएल को तीन नवकरणीय ऊर्जा प्राजेक्टस के लिए निःशुल्क ट्रांजेक्शन एडवाईजरी सर्विसेस उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य बैंकेबल और सस्टेनेबल बिजनेस ट्रांसजेक्शन स्ट्रक्चर्स तैयार करना है, जिससे मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालीन निवेश को बढ़ावा मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह परियोजनाएं हमारी भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनेंगी। इससे ग्रिड स्टेबिलिटी, नवकरणीय ऊर्जा इंटीग्रेशन तथा पीक डिमांड मैनेजमेंट को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध सौर एवं पवन ऊर्जा की विशाल संभावनाओं के साथ ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टोरेज कैपिसिटी के विकास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि नवकरणीय ऊर्जा को केवल बिजली उत्पादन के स्रोत के रूप में न देखकर इसे औद्योगिक विकास, ग्रीन इन्वेस्मेंट, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के इंजन के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्थापित होने वाले तीनों प्रोजेक्ट्स में तकनीकी सहयोग और वित्तीय सहायता देने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक का आभार व्यक्त करते हुए रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की इस क्रांतिकारी पहल के लिए सराहना की। एमओयू टीएएसए के तहत मध्यप्रदेश में तीन प्रोजेक्ट्स के लिए बड़ी तैयारी की जा रही है। इसमें "पीएम सूर्य सरोवर'' योजना के तहत फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट के साथ रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड को 278 मेगावाट के ओंकारेश्वर फ़ेज़ के लिए समझौता ज्ञापन हुआ। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड को फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट को विकसित करने का लंबा अनुभव है। यह भारत के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स में से एक है। ओंकारेश्वर में ही 300 मेगावाट के लिए अतिरिक्त जलाशय क्षेत्र और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। इस 600 मेगावाट प्रोजेक्ट के लिए पहले ही सर्वे, प्री-फ़िजिबिलिटी और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट का अध्ययन किया जा चुका हैं। पीएम सूर्य सरोवर योजना में 2 घंटे के को-लोकेटेड एनर्जी स्टोरेज सिस्टम वाले फ्लोटिंग सोलर पीवी के लिए 1 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की सेंट्रल फाइनेंशियल असिस्टेंस देने का प्रावधान है। एमओयू कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, एमडी म.प्र. ऊर्जा विकास निगम श्री अमित तोमर सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण, एशियन डेवलपमेंट बैंक तथा आरयूएमएसएल के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे।  

कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को मिलाकर बनेगा एकीकृत टूरिज्म सर्किट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू को प्रदेश के बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कुकरू में पर्यटन विकास के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को जोड़ते हुए एकीकृत टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल के पर्यटन स्थल कुकरू के भ्रमण के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकुरू के रेस्ट हाउस परिसर में योगाभ्यास कर दिन की शुरूआत की। उन्होंने योग कर प्रदेशवासियों को अपनी दैनिक जीवनशैली में योग को शामिल करने का संदेश दिया। प्राकृतिक वादियों के बीच आयोजित योग सत्र में मुख्यमंत्री ने योग साधक की भांति विभिन्न योगासन कर सभी को नियमित योग के प्रति प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगाभ्यास के दौरान मयूरासन, शीर्षासन सहित अन्य आसनों का भी सहजता एवं पारंगत रूप से प्रदर्शन किया। उन्होंने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, भुजंगासन एवं शलभासन सहित अनेक योगासनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ सामूहिक अभ्यास किया। साथ ही नाड़ी शोधन, तितली एवं भ्रामरी प्राणायाम भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। साथ ही कुकरू में पर्यटन विकास की कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन भी देखा। ईको टूरिज्म, सनराइज-सनसेट प्वाइंट और पर्यटन सुविधाओं का होगा विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू में ईको टूरिज्म, सनराइज एवं सनसेट प्वाइंट सहित अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विकास किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त ईको रिसोर्ट एवं अन्य पर्यटन अधोसंरचना विकसित की जाएगी। साथ ही ट्रैकिंग सहित विभिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स और रोमांचक गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कुकरू के पर्यटन विकास के लिए बजट में और वृद्धि भी की जाएगी। जनजातीय समूहों के लिए बनेंगे होमस्टे, एमपी टूरिज्म करेगा बुकिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय जनजातीय ग्रामीण समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के लिए कुकरू में होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इन होमस्टे का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) के होटलों की तर्ज पर व्यवस्थित रूप से किया जाएगा तथा इनकी बुकिंग की व्यवस्था मध्यप्रदेश टूरिज्म द्वारा की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। 'कुकरू नेचुरल' के तहत होगा स्थानीय उत्पादों का विपणन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू अपनी उत्कृष्ट कॉफी के साथ-साथ कोदो कुटकी, आंवला, हनी, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली, भिलवा एवं अन्य प्राकृतिक उत्पादों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों की महिलाओं तथा वन विभाग के सहयोग से "कुकरू नेचुर" के नाम से इकाइयां स्थापित की जाएंगी। साथ ही इन उत्पादों के विपणन के लिए वन विभाग द्वारा शहरों में आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र होंगे स्थापित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए रबड़ी, मावा, दही सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र भी वन विभाग द्वारा स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन संबंधी रोजगार से जोड़ने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग एवं होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कुकरू में रोबुस्टा एवं अरेबिका कॉफी के ग्रोइंग, कल्टीवेशन एवं प्रोसेसिंग उत्पादन के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से परियोजना स्थापित की जाएगी। कॉफी बोर्ड एवं वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को कॉफी उत्पादन के लिए तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। पशुपालन और जल संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम कुकरू में पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने तथा पशु शेड निर्माण की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान और पर्यटन विकास को गति देने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से तालाब का निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार ग्राम कसई में भी तालाब निर्माण के लिए सर्वे कराया जाएगा। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और आधारभूत अधोसंरचना का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक अधोसंरचनात्मक कार्यों की भी घोषणा की। इनमें आयुष विभाग अंतर्गत वेलनेस सेंटर की स्थापना, ग्राम जामुखेड़ा में 70 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम लोकलदरी में 40 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण, ग्राम कसई से भोडियाकुंड तक 85 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम कसई फाटा से भोडियाकुंड तक 65 लाख रुपये तथा जामुखेड़ा से इमलीढाना तक 65 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम खामला में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बालिका छात्रावास तथा ग्राम कसई में 25 लाख रुपये की लागत से शासकीय उचित मूल्य दुकान का निर्माण भी किया जाएगा। अन्य विकास संभावनाओं के संबंध में विस्तृत सर्वे भी कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में खेत में चलाया हल, किसानों का किया उत्साहवर्धन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू के प्रसिद्ध हिल स्टेशन में ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति से आत्मीय जुड़ाव का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने किसान सहादेव गायनी के खेत में पहुंचकर स्वयं हल चलाया और मक्का की बोवनी कर किसानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानसहादेव गायनी ने बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वर्तमान में मक्का की बोवनी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी की जानकारी लेते हुए कृषि कार्यों में रुचि दिखाई तथा किसानों से आत्मीय संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीफ की बुवाई और उपज विक्रय के संबंध में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सहज और आत्मीय अंदाज ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। खेत में हल चलाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं के परिश्रम का सम्मान किया और कृषि को राज्य की समृद्धि का आधार बताया। इसी दौरान ग्राम के 21 वर्षीय युवक हेमंत गायनी ने मुख्यमंत्री के समक्ष पारंपरिक लाठी घुमाने की कला का प्रदर्शन किया। युवक की प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की तथा स्वयं … Read more

दिव्यांगता के बारे में स्कूली स्तर पर सभी को बनाएं संवेदनशील

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजन के आवागमन के लिए सभी शासकीय भवनों को बाधारहित बनाना आवश्यक है। बच्चों में दिव्यांगता के बारे में संवेदनशीलता विकसित करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में आवश्यक सामग्री शामिल की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशामुक्ति के लिए चलायें जा रहे अभियान के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के दुष्परिणामों से किशोरों और युवाओं को समय रहते परिचित कराना जरूरी है। नशे के विरूद्ध वातावरण बनाने के उद्देश्य से स्कूली और महाविद्यालयीन स्तरों के पाठ्यक्रमों में नशे के विरूद्ध जागरूकता पर केंद्रित सामग्री शामिल की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगजन को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने और उनकी क्षमता अनुसार कौशल उन्नयन की गतिविधियां भी संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उक्त निर्देश सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्रालय में गुरूवार को हुई बैठक में विभाग के मंत्रीनारायण सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिवअनुराग जैन विशेष रूप से उपस्थित थे। दिव्यांगजन के लिए की गई है 168 स्मार्ट क्लास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन्म दिवस, विवाह वर्षगांठ जैसे शुभ अवसरों और परिजन की स्मृति में जरूरतमंदों को भोजन कराने की परंपरा भारतीय संस्कृति में रही है। उन्होंने ऐसी व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक पहल को, प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर निराश्रितों को भोजन कराने के लिए निश्चित व्यवस्था के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सेवा पखवाड़ा अभियान वर्ष 2025 अंतर्गत प्रदेश में 6 करोड़ 52 लाख रुपए के कृत्रिम अंग एवं सहायक यंत्र दिव्यागंजन को उपलब्ध कराये गये। प्रदेश में दिव्यांगजन के लिए संचालित विशेष विद्यालयों में दिव्यांगजन के लिए 168 स्मार्ट क्लास तैयार की गई हैं। नशामुक्ति भारत अभियान के अंतर्गत 12 हजार वालेंटियर्स बनाये गये हैं, जो नशे के दुष्परिणामों से जन सामान्य को अवगत करा रहे हैं। दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार उपलबध कराने के लिए भारत सरकार से प्राप्त पुरस्कार संस्थानों से एमओयू किया गया है। इन संस्थाओं द्वारा 12 दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। वृद्धजनों की देखभाल के लिए 54 प्रतिभागियों को केयर-गिवर का प्रशिक्षण दिलवाया गया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिवनीरज मंडलोई,संजय शुक्ला,मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

वर्ष 2025 में अब तक के सर्वाधिक 49 हजार एडमिशन हुए

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में रोजगार के क्षेत्र में सतत रूप से नवाचारों की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश में धार्मिक, प्राकृतिक, पुराधरोहर से संबंधित पर्यटन क्षेत्र समृद्ध है। पर्यटकों को आवश्यक मार्गदर्शन के लिए गाइड की व्यवस्था को सशक्त बनाने और विभिन्न व्यंजनों का आनंद दिलवाने के लिए कार्य की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। युवाओं को बड़ी संख्या में इन कार्यों से रोजगार मिलेगा। कौशल विकास और रोजगार विभाग का पर्यटन विभाग से तालमेल स्थापित कर यह कार्य संभव है। इसी तरह के रोजगारपरक कार्य दिलवाने के लिए विभिन्न विभाग नवाचार कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में कौशल विकास और रोजगार विभाग की गतिविधियों की बैठक में समीक्षा की। बैठक में कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल,मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव  मनीष सिंह और विभागीय अधिकारी उपिस्थत थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में फैक्ट्री परिसर में भी प्रशिक्षण संस्था संचालित की जा सकती है। उद्योगों की जरूरत को देखते हुए आवश्यक ट्रेड में प्रशिक्षण के प्रबंध किए जाएं। कौशल विकास और रोजगार दिलवाने के विभिन्न विभागों के कार्यों का समग्र प्रतिवेदन भी तैयार किया जाए। विभिन्न विभाग संचालित योजनाओं से दी जा रही सेवाओं और सृजित नए रोजगारों का विवरण भी संकलित करें ताकि इस क्षेत्र की उपलब्धि एक नजर में दर्शाई जा सके। शासकीय और निजी क्षेत्र द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे रोजगार, राज्य की ही उपलब्धि है। विभाग के प्रमुख नवाचार बैठक में विभाग स्तर पर किए गए विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी गई। परम फाउंडेशन के अंतर्गत 10 आईटीआई का संचालन एक विशेष नवाचार है। प्रतिमाह युवा संगम के आयोजन, महिला ड्राइविंग प्रशिक्षण, प्रतिभा सम्मान, वर्ष 2025 से आईटीआई में 30 प्रतिशत के स्थान पर 35 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने, विद्यार्थियों को विदेशी भाषा प्रशिक्षण और इसके माध्यम से रोजगार की संभावना बढ़ाने का कार्य किया गया है। इसके अलावा मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत तकनीकी और अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण का लाभ युवाओं को दिलवाया गया है। कौशल विकास क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियां बैठक में विभागीय उपलब्धियों की जानकारी भी दी गई। इनमें वर्ष 2025 में 490 दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों को संस्थाओं में प्रवेश, गत 2 वर्ष में प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से 18 हजार 403 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार, वर्ष 2025 में आईटीआई चलो अभियान में अब तक के सर्वाधिक 49 हजार 402 प्रवेश, यूएन वूमेन के सहयोग से 12 जनजातीय बहुल जिलों की 2127 महिलाओं को प्रशिक्षण, प्रदेश के तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड, युवा संगम से सवा तीन लाख आवेदकों को लाभ, संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में वर्ष 2024 से रोबोटिक्स, मेक्ट्रोनिक्स ऑटोमोबाइल जैसे 9 आधुनिक लाँगटर्म कोर्स का संचालन, 10 संभागीय आईटीआई के लिए हब इंस्टीट्यूट के रूप में व्यवस्थाएं कर ऑन-द-ऑब ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सहायता दिलवाई जा रही है। वर्ष 2025 में आई टी आई में 3484 सीटों की वृद्धि की गई। वर्ष 2026 में 2356 सीटों की वृद्धि हुई। इस तरह दो वर्ष में 5840 सीट्स बढ़ी हैं। आईटीआई के विभिन्न ट्रेड में इस वर्ष 10 प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए। इसके अतिरिक्त कौशल विकास और रोजगार विभाग युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में भागीदारी का अवसर दिलवा रहा है। इस क्रम में वर्ष 2024 में फ्रांस में हुई अंतर्राष्ट्रीय वर्ल्ड स्किल स्पर्धा में मध्यप्रदेश के संस्कार शर्मा ने सायबर सिक्योरिटी स्किल में मेडालियम ऑफ एक्सीलेंस हासिल किया। क्षेत्रीय स्पर्धा में 44 पदक और राष्ट्रीय स्पर्धा में 8 पदक प्राप्त करने की उपलब्धि भी मध्यप्रदेश को मिली है। ग्लोबल पार्क, भोपाल में वर्ष 2026-27 में 3 हजार सर्टिफिकेशन का लक्ष्य तय किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश              प्रदेश में कौशल विकास की गतिविधियां निरंतर संचालित हों।              औद्योगिक संस्थानों की आवश्यकता के अनुरूप कोर्स डिजाइन कर युवाओं को प्रशिक्षित किया जाए।              खान-पान तैयार करने (पाक कला प्रशिक्षण) और गाइड के प्रशिक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए।              कोसा वस्त्रों के निर्माण के लिए प्रदेश में अधोसंरचना उपलब्ध है। युवाओं को उद्यानिकी विभाग के सहयोग से शहतूत उत्पादन जैसे कार्यों से जोड़ा जाए। रेशम उत्पादन की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाए।  गुना जिले में जैकेट बनाने का कार्य एक आदर्श मॉडल है। आर्थिक लाभ दिलवाने वाली अनेक गतिविधियां घर से ही संचालित की जा सकती हैं। लघु और कुटीर उद्योगों से युवाओं को जोड़ने के ठोस प्रयास किए जाएं।  

सीमाओं की सुरक्षा की तरह महत्वपूर्ण है डेटा की सुरक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज की सबसे मूल्यवान संपत्ति डेटा है। डिजिटल सुरक्षा समय की मांग है। डेटा की सुरक्षा, राष्ट्र की सीमा की सुरक्षा जितनी महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ वर्षों में न केवल देश अपितु पूरी दुनिया में सायबर तकनीक और उससे जुड़ी चुनौतियों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। हर दिन इसके नए आयाम सामने आ रहे हैं। अपराध के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी आधुनिक तकनीक और द्रोण जैसे साधनों के उपयोग से सुरक्षा चुनौतियों का नया स्वरूप देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी का देश की सुरक्षा को हर तरह से सशक्त बनाने के लिए अभिनंदन है। प्रधानमंत्री मोदी की विशेषता है कि वह समय से पहले आने वाले वाली चुनौतियों को पहचान लेते हैं और शासन-प्रशासन और जन सामान्य को उसके प्रति जागरूक करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम भी उठाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर सायबर अपराध, डीप फेक और अन्य चुनौतियों पर केंद्रित कार्यशाला में सायबर सुरक्षा संस्कृति को सशक्त बनाने में सभी मार्ग खोजे जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "राज्य डेटा के लिए सायबर सुरक्षा फ्रेमवर्क को सुदृढ़ बनाने" पर सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य शासन के विभिन्न विभागों में सायबर सुरक्षा से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों, उभरते सायबर खतरों, डेटा संरक्षण की आवश्यकताओं और डिजिटल शासन प्रणालियों की सुरक्षा पर व्यापक विचार-विमर्श करना है। सायबर सुरक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा सेंटर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सायबर अपराध और डेटा सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए राज्य में सायबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महू स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से यह रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा। सेंटर केंद्रीय सायबर सुरक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के लिये महत्वपूर्ण आधार बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर अटैक की समय पर पहचान और निगरानी में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था से लैस सेंटर की महती भूमिका होगी। यह व्यवस्था केवल प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि पूर्वानुमान आधारित निरंतर सतर्कता की दिशा में ठोस कदम साबित होगी। डीबीटी की पारदर्शी व्यवस्था से हितग्राहियों तक पहुंचने लगा है शत-प्रतिशत लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश बदलते दौर में हर तरह की चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। सायबर अपराधियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस ने अच्छा काम करके दिखाया है। वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने जीरो बैलेंस पर बैंक अकाउंट खोलने की शुरुआत की। जनधन खाते खुलने से देशभर में जरूरतमंदों को डीबीटी के माध्यम से हितलाभ सीधे उनके बैंक खाते में दिया जाने लगा। डीबीटी की पारदर्शी व्यवस्था लागू होने से शत प्रतिशत लाभ हितग्राहियों तक पहुंचने लगा। दुनिया ने भारत की यूपीआई पेमेंट सिस्टम का लोहा माना है। ऐसे समय में जब नागरिकों को डिजिटल और ऑनलाइन माध्यम से लाभ पहुंच रहा है तो सरकार पर सुरक्षा की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। नागरिकों के मन में विश्वास पैदा करने के लिए राज्य सरकार हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। सायबर क्राइम के अदृश्य खतरों से निपटने के लिये आवश्यक प्रबंधन जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरक्षा के तमाम चाक-चौबंद उपायों के बाद भी अगर जीवनभर की गाढ़ी कमाई एक झटके में कोई सायबर अपराधी उड़ा ले जाए तो दु:ख होता है। सायबर क्राइम के अदृश्य खतरों से निपटने के लिये सभी आवश्यक प्रबंधन करना वर्तमान दौर की जरूरत है। सायबर क्राइम और डेटा सेफ्टी के मामले में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। राज्य का डेटा हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति है। डेटा ब्रीच की स्थिति में आर्थिक भरपाई की जिम्मेदारी भी सरकार की होगी। प्रदेश सरकार सायबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नागरिकों को अधिकाधिक डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिये हो रहा निरंतर कार्य : पी.एस. सेल्वेन्द्रन प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेन्द्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। विभाग नागरिकों को अधिकाधिक डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न डिजिटल नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना और पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ सायबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण की चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं, इसलिए नागरिकों के व्यक्तिगत, वित्तीय, भूमि, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी डेटा की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रमुख सचिव सेल्वेन्द्रन ने कहा कि इसी उद्देश्य से एमपी-सीईआरटी की स्थापना की गई है, जो सायबर खतरों की निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित कार्रवाई से प्रदेश की सायबर सुरक्षा को सुदृढ़ कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यशाला सायबर सुरक्षा के लिए मजबूत संस्थागत एवं नीतिगत ढाँचा विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यशाला में प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रदेश में सुरक्षित, विश्वसनीय एवं भविष्य उन्मुख साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क को और मजबूत किया जाएगा। एमपी-सीईआरटी और आधुनिक सुरक्षा तंत्र से सुदृढ़ हो रही सायबर सुरक्षा व्यवस्था : एम.डी. वशिष्ठ प्रबंध संचालक एमपीएसईडीसी आशीष वशिष्ठ ने कहा कि प्रदेश में 1700 से अधिक शासकीय सेवाएं डिजिटली नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ सायबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण का महत्व भी बढ़ा है। नागरिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा, भूमि एवं संपत्ति सहित विभिन्न शासकीय अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। एमडी वशिष्ठ ने बताया कि प्रदेश में एमपी-सीईआरटी, स्टेट डेटा सेंटर के सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर और सुरक्षित स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) से सायबर सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला में प्राप्त सुझावों और विशेषज्ञों के अनुभवों के आधार पर राज्य के लिए एक मजबूत, प्रभावी और भविष्य उन्मुख साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क विकसित करने में सहायता मिलेगी। प्रदेश में 44 सायबर कमांडो और 3 हजार सायबर वॉरियर तैयार किए जाएंगे : एडीजी मनोहर एडीजी ए. साई मनोहर ने कहा कि सायबर अपराध और डेटा सुरक्षा आज डिजिटल युग की … Read more