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कोदो-कुटकी उत्पादन करने वाले किसानों को मिले प्रोत्साहन से सिंचाई का रकबा 90 हजार हैक्टेयर तक पहुंचा- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव पर मंडला जिले के किसानों से वर्चुअली संवाद कर उनकी सफलता की कहानियां सुनीं और खेती-किसानी के साथ कृषि आधारित अन्य कार्यों को करने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी मेहनत एवं समर्पण से ही प्रदेश कृषि के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का स्मरण करते हुए सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मंडला भगवान परशुराम एवं अन्य ऋषि-मुनियों की तपोभूमि होने के साथ ही राजा शंकरशाह, कुंवर रघुनाथ शाह और वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य एवं पराक्रम की धरती है। माँ नर्मदा का आशीर्वाद जिले को प्राप्त है। यहाँ की प्राकृतिक संपदा और उपजाऊ भूमि जिले को समृद्ध बनाती है। मंडला में धान, अरहर, उड़द, सोयाबीन, मक्का और कोदो-कुटकी जैसी फसलों का अच्छा उत्पादन होता है। अन्न (मिलेट) और पारंपरिक फसलों को मिल रहा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार कोदो-कुटकी जैसे पारंपरिक अन्न के उत्पादन एवं खरीदी को प्रोत्साहित कर रही है। वीरांगना रानी दुर्गावती अन्न योजना अंतर्गत मंडला जिले के 424 किसानों को लगभग 51 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। मंडला जिले में 17 लाख किसानों को कोदो-कुटकी उत्पादन पर बोनस का लाभ मिला है। सरकार इन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंडला जिले में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ है और सिंचित रकबा बढ़कर लगभग 85 से 90 हजार हैक्टेयर तक पहुंच गया है। लघु सिंचाई की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि कृषि के साथ दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा मिले, जिससे किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हों। मत्स्य पालन, पशुपालन और औषधीय खेती में मंडला में मौजूद है संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंडला जिले में मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। जिले के 65 जलाशयों में मत्स्य पालन की गतिविधियां संचालित हैं। यहां 105 मत्स्य समितियों के माध्यम से लगभग 4 हजार किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मशरूम, मखाना और अन्य औषधीय फसलों के उत्पादन में भी संभावनाएं हैं। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ इन गतिविधियों को अपनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि वितरण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि वितरण का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में लाड़ली बहना योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी परिवारों तक पहुंच रहा है। मंडला जिले में विकास की अपार संभावनाएं हैं। 66 हजार लोगों को मिलेगी स्वामित्व योजना के तहत निःशुल्क रजिस्ट्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामित्व योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में लगभग 66 हजार लोगों को निःशुल्क रजिस्ट्री का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मंडला कलेक्टर को निर्देशित किया कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा पात्र हितग्राहियों तक इसका लाभ पहुंचाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का कार्य भी शीघ्र पूर्ण होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा। किसानों से संवाद कर मुख्यमंत्री ने जानी उनकी सफलता की कहानियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के प्रगतिशील किसानों से सीधे संवाद कर खेती एवं उससे जुड़ी आजीविका गतिविधियों के अनुभव सुने। किसानों ने बताया कि किस प्रकार शासन की योजनाओं, विभागीय प्रशिक्षण और अनुदान की मदद से वे अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबसे पहले ग्राम मुड़ाडीह निवासी कृषक एवं कृषि सखी मती राजकुमारी पन्द्रे से संवाद किया। उन्होंने बताया कि वे प्राकृतिक एवं जैविक खेती के साथ पशुपालन और मुर्गी पालन भी कर रही हैं। उनके पास तीन एकड़ भूमि और 05 गाय हैं। उन्होंने बताया कि 40 कड़कनाथ चूजे लगभग 650 रुपये में खरीदकर मुर्गी पालन शुरू किया था। साढ़े तीन माह में उन्हें इससे लगभग 7 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। वे जैविक सब्जियों का उत्पादन भी करती हैं तथा कृषि सखी के रूप में 125 किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बम्हनी बंजर निवासी  अमृतलाल ने पशुपालन एवं बकरी पालन के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पहले उनके पास तीन गाय थीं। पशुपालन विभाग से 52 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त कर उन्होंने अपने पशुपालन व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में उनके पास 13 गाय हैं, जिनमें साहिबान, गिर, अरमाडा एवं अन्य नस्लों की गाय शामिल हैं। उनके यहां गोबर गैस प्लांट भी स्थापित है। परिवार के 11 सदस्य खाना बनाने के लिए गोबर गैस का उपयोग करते हैं। गौमूत्र का भी उपयोग एवं उत्पादन किया जा रहा है। ग्राम चाबी निवासी कृषक  सुनील झारिया ने बताया कि वे तीन एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती एवं सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती के अनुभव भी मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। मोहगांव निवासी कृषक  शैल कुमार ने बताया कि वे मल्टीलेयर फार्मिंग के माध्यम से विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। आत्मा परियोजना के अंतर्गत कृषि विभाग से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने खेती का तरीका बदला है। बीजाडांडी की कृषक मती गीता टेकाम ने प्राकृतिक खेती, मत्स्य पालन एवं पशुपालन की जानकारी दी। साथ ही बताया कि वे पराली प्रबंधन के प्रति अन्य किसानों को भी जागरूक कर रही हैं, जिससे खेतों में पराली जलाने की प्रवृत्ति को कम किया जा सके। मंत्री  संपतिया उइके ने किसान बंधु विविध कृषि गतिविधियां अपनाने के लिए किया प्रेरित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके ने कहा कि मंडला जिले में कृषि एवं उससे जुड़ी गतिविधियों की व्यापक संभावनाएं हैं। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ मशरूम उत्पादन, मछली पालन, पशुपालन एवं अन्य लाभकारी गतिविधियां अपनानी चाहिए। … Read more

वर्ष 2047 तक इंदौर-उज्जैन-भोपाल क्षेत्र में 20 लाख रोजगार के अवसर होंगे सृजित

भविष्य में लगभग 15 टाउनशिप की जाएंगी विकसित लगभग 30 हजार एकड़ क्षेत्र में होगा नियोजित शहरी विकास शहरों को आधुनिक, निवेश अनुकूल और नागरिक-केंद्रित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता इंदौर फ्यूचर सिटी में 5 हजार एकड़ क्षेत्र में होगा आवास, उद्योग और रोजगार आधारित विकास प्रदेश में लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश को उतारा गया धरातल पर अर्बन चैलेंज फंड अंतर्गत 2,013 करोड़ रुपये की शहरी अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं के लिए हुए एमओयू इंदौर आर्थिक क्षेत्र (आईईआर)-2047 की आर्थिक योजना रिपोर्ट का किया विमोचन मध्यप्रदेश में डेला ग्रुप करेगा 2 हजार 250 करोड़ का निवेश भोपाल में विकसित होगी लक्जरी रेसकोर्स परियोजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न कंपनियों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ की वन-टू-वन चर्चा 6 एमओयू से जल संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी अधोसंरचना को मिलेगा बढ़ावा   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के शहरों को आधुनिक, निवेश-अनुकूल, पर्यावरण-संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इंदौर, उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य तेजी से किया जा रहा है। वर्ष 2047 तक इस क्षेत्र में लगभग 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने, 12 से 15 नई टाउनशिप विकसित करने तथा 25 से 30 हजार एकड़ क्षेत्र में नियोजित शहरी विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इंदौर फ्यूचर सिटी में लगभग 5 हजार एकड़ क्षेत्र में आवास, उद्योग और रोजगार आधारित विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को इंदौर में आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहर केवल आवासीय क्षेत्र नहीं, बल्कि उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के प्रमुख केंद्र हैं। शहरी विकास को आधुनिक अधोसंरचना, जल सुरक्षा, किफायती आवास और बेहतर जीवन गुणवत्ता से जोड़कर भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। कॉन्क्लेव में निवेशकों के साथ शहरी विकास एवं अधोसंरचना में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इससे प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अब तक लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है। औद्योगिक कॉरिडोर, सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, नवकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन और आधुनिक अधोसंरचना के विकास के साथ सेमीकंडक्टर सहित आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग, तकनीकी विकास और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण एवं उपचारित जल के पुनः उपयोग के लिए उपचारित अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग नीति-2026 तथा किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए मध्यप्रदेश अर्बन अफोर्डेबल हाउसिंग एंड हैबिटेट पॉलिसी-2026 के ड्रॉफ्ट जारी किए। उपचारित जल के पुनः उपयोग का लक्ष्य वर्ष 2037 तक 50 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत 2,013 करोड़ रुपये की शहरी अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं के लिए वित्तीय समझौते किए गए। विभिन्न एमओयू के माध्यम से औद्योगिक जल के पुनः उपयोग, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी विकास में तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। नीति आयोग की इंदौर इकोनॉमिक रीजन रिपोर्ट (आईईआर) में मालवा-निमाड़ के 8 जिलों के आर्थिक विकास के लिए वर्ष 2047 तक की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इसमें उद्योग, कृषि, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी 60 से अधिक परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इस अवसर पर भोपाल एवं इंदौर नगर निगम की सतत विकास रिपोर्ट तथा मध्यप्रदेश एकीकृत भूमि विकास एवं भवन प्रोत्साहन नियम-2026 के प्रारूप को जन परामर्श के लिये प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में श्री महाकाल महालोक के विकास के बाद धार्मिक पर्यटन का विस्तार हुआ है। प्रतिवर्ष लगभग 7 करोड़ लोगों के उज्जैन आगमन से होटल, परिवहन, व्यापार, रोजगार और रियल एस्टेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के अवसर बढ़े हैं। इंदौर से अबू धाबी की उड़ान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतर्राष्ट्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सहायता उपलब्ध करा रही है। बेहतर सड़क नेटवर्क और औद्योगिक कॉरिडोर के विस्तार से भी क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण परिवारों को संपत्ति के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार हितग्राहियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कर रही है। उन्होंने निवेशकों, उद्योगपतियों और रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार उद्योग, व्यापार, आवास और आधुनिक शहरी विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इन प्रयासों से प्रदेश में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सिंचाई परियोजनाएं बनेगी सुखद समृद्धि का आधार

किसानों के नवाचार विकासशील प्रदेश के अच्छे संकेत भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भविष्य की योजनाओं से किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। नर्मदा घाटी की सिंचाई परियोजनाओं से जैसे मालवा और निमाड़ में कृषि ने नए क्षेत्रों का विस्तार हुआ है। ऐसा ही विकास का विस्तार सतना और कटनी क्षेत्र के किसानों के लिए शासन के प्रयास जारी है। अभी स्लीमनाबाद में सिंचाई परियोजना से किसानों के लिए नया रास्ता प्रशस्त हुआ है। कटनी को खनिज का गढ़ माना जाता है। लेकिन शासन के प्रयासों से यहां अब आधुनिक खेती की संभावनाएं प्रारंभ हुई है। किसानों द्वारा पारंपरिक खेती से हटकर चिया सीड, अश्वगंधा तथा सूखे मेवे काजू की प्रोसेसिंग शुरू होना शुभ संकेत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर से वीसी के माध्यम से कटनी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को संबोधित कर रहे थे। प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और अब पशुपालन में असीम संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती और जैविक खेती में वृद्धि के साथ ही अब पशुपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दीपावली पर्व के दौरान गोवर्धन पूजन के साथ ही प्रदेश के वृंदावन गांवों में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिताएं आयोजित होगी। इस प्रतियोगिता में श्रेष्ठ दुग्ध उत्पादक गायों के पालकों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जायेंगे। इसमें प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपए और तृतीय 25 हजार रुपए प्रदान किए जायेंगे। भविष्य में पशुपालन और मत्स्यपालन क्षेत्र को समृद्धशाली बनाया जायेगा। उन्नतशील किसानों से मुख्यमंत्री ने किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी के उन्नतशील किसानों से उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों के साथ ही अन्य कार्यों पर संवाद किया। इस दौरान कटनी में बोहरीबंद के किसान गोविंद पटेल ने बताया कि किसानों द्वारा नरवाई प्रबंधन में अच्छा काम किया जा रहा है। हैप्पी सीडर और सुपर सीडर के माध्यम से नरवाई प्रबंधन में अच्छा काम किया जा रहा है। इसमें शासन द्वारा किसानों को मदद की जा रही है। आवेदन करने के बाद 1 लाख 90 हजार तक के नवीन यंत्रों पर 90 हजार की सब्सिडी की छूट दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जिले में एरिया चिन्हित करे और उस क्षेत्र के किसानों को यंत्र प्रदान करने की योजना बनाये। अंकित नवानी ने कटनी में सूखे मेवे काजू की प्रोसेसिंग प्रारंभ की किसान अंकित नवानी ने बताया कि उन्होंने केंद्र शासन की पीएमएफएमई योजना के माध्यम से 10 लाख रूपये की सब्सिडी पा कर काजू की प्रोसेसिंग प्रारंभ की है। इससे उन्हें अच्छा मुनाफा होने लगा है। अब वे ग्रेडिंग, कटिंग और सेलिंग में आगे बढ़ चुके है। कटनी के उन्नतशील किसान रामरूप पटेल ने बताया कि उनके पास 8 एकड़ कृषि भूमि है। इस भूमि में वे 1- 1 एकड़ क्षेत्र में मिर्ची बैगन के साथ ही धान, गेहूं के अलावा बागवानी की खेती भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कटनी के किसान चंद्रभान कुशवाह व अन्य किसानों से प्रेरक संवाद किया।

कैप्टन स्मित मच्छार, साहस का वह नाम, जिसने देश को गौरवान्वित किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैप्टन स्मित मच्छार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रतिष्ठित सम्मान 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ ज़ायद' से नवाजे जाने पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि कैप्टन स्मित ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए 170 से अधिक यात्रियों की सुरक्षा की और एक संभावित विमान हादसे को टाल दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री स्मित का साहस और सूझबूझ, सेवा की भावना और समर्पण को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैप्टन मच्छार और पूरी 'फ्लाईदुबई' क्रू टीम के शानदार प्रयासों को सलाम कर शाबाशी दी है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फ्रांस के महावाणिज्य दूत पैट्रिक लेवेरिनो ने की शिष्टाचार भेंट

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुम्बई में फ्रांस के महावाणिज्य दूत पैट्रिक लेवेरिनो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्रांस के महावाणिज्य दूत का मप्र की धरती पर स्वागत करते हुए अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से आत्मीय चर्चा में कहा कि आप सब मध्यप्रदेश को फ्रांस का भरोसेमंद साझेदार मानें। उन्होंने महावाणिज्य दूत से कहा कि अगले साल (संभवत: फरवरी 2027 में) भोपाल में ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट होने जा रही है। महावाणिज्य दूत इसमें फ्रांस की कम्पनियों का प्रतिनिधिमंडल लेकर जरुर आएं। एमपीआईडीसी इस काम के लिए आईएफसीसीआई और महावाणिज्य कार्यालय के साथ सम्पर्क, सहयोग और समन्वय का काम करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह सहित महावाणिज्य कार्यालय के सीनियर आफिसर्स भी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने "प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना" को वर्ष 2030-31 तक लागू करने की दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का "प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना" को जारी वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू करने की मंजूरी देने पर आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना’ को 2030-31 तक लागू करने की स्वीकृति देकर ग्रामीण सुशासन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  'विकसित भारत' के संकल्प को ग्राम स्तर तक पहुंचाने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में इसे एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।  

चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार, उद्योग और कृषि सहित सभी क्षेत्रों में सशक्त हुआ मध्यप्रदेश

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रदेश में लगातार बढ़ रहे हैं मेडिकल कॉलेज नागरिकों को सस्ता और अच्छा इलाज उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन को दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में हुए शंकरा आई फाउंडेशन के स्वर्ण जयंती समारोह में वीसी से की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति में जीवात्मा की सेवा को ही सर्वोच्च धर्म माना गया है। सच्चे अर्थों में परमार्थ ही मानव मात्र की सेवा है। शंकरा आई फाउंडेशन ने पांच दशकों से निष्ठा और समर्पण के साथ जरूरतमंदों की नेत्र चिकित्सा कराकर ‘ नर सेवा ही नारायण सेवा’ के संकल्प को साकार किया है। किसी व्यक्ति की आंखों की रौशनी लौटने से उसके जीवन में ही नहीं, पूरे परिवार में खुशियां लौट आती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से इंदौर में हुए शंकरा आई फाउंडेशन के स्वर्ण जयंती समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन के संस्थापक एवं मैनेजिंग ट्रस्टी पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमानी, सह-संस्थापक डॉ. राधा रमानी सहित फाउंडेशन के सभी समर्पित चिकित्सकों और कर्मठ कर्मचारियों को 50 वर्षों की सफल सेवा यात्रा पूर्ण करने पर मध्यप्रदेश सरकार की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर विकास और जन कल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ा रही है। गरीब-जरूरतमंदों के नि:शुल्क चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिले। इस दिशा में योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज, आयुष्मान आरोग्य केंद्रों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। राज्य में हवाई संपर्क बेहतर हुआ है, जिसका लाभ राज्य में संचालित एयर एम्बुलेंस को भी मिल रहा है। एयर एम्बुलेंस संकट के समय गरीब-जरूरतमंदों को इलाज उपलब्ध कराने का सबसे अच्छा माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, उद्योग एवं व्यापार, कृषि जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश सशक्त हुआ है। मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में देश का नंबर 1 राज्य बने, यही हमारा संकल्प है। छोटी शुरुआत, सेवा का व्यापक विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मई 1977 में कांची के शंकराचार्यों से प्रेरणा लेकर डॉ. आर.वी. रमानी और डॉ. राधा रमानी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में जरूरतमंदों की सेवा के उद्देश्य से एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत की थी। आज यह पहल देश के दस राज्यों तक पहुंच चुकी है। फाउंडेशन के 14 सुपर स्पेशियलिटी नेत्र अस्पतालों में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीजों को उपचार की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन में लगभग 80 प्रतिशत लोगों का नेत्र उपचार नि:शुल्क किया जाता है, शेष 20 प्रतिशत लोग ही भुगतान कर उपचार प्राप्त करते हैं। ऐसी विशेष व्यवस्था यह तय करती है कि आर्थिक अभाव किसी जरूरतमंद के इलाज में बाधा न बने। नेत्रदान के प्रति जागरूकता जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेत्रदान के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान के जरिए इस पुनीत कार्य का संदेश जन-जन तक पहुंचाना होगा। स्कूलों, कॉलेजों, युवा संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती समारोह इस संस्थान को भविष्य के लिए नए लक्ष्य तय  करने का भी समय है। मुख्यमंत्री ने कामना करते हुए कहा कि शंकरा आई फाउंडेशन अपने पूर्ण सेवाभाव के साथ आगे बढ़ते हुए अधिकाधिक जरूरतमंदों तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र उपचार की सुविधा पहुंचाये। इससे पहले उप-मुख्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री राजेन्द्र शुक्ल ने भी वर्चुअली जुड़कर शंकरा आई फाउंडेशन के स्वर्ण जयंती समारोह को वर्चुअली संबोधित किया। कार्यक्रम में इंदौर के जनप्रतिनिधियों सहित नागरिकगण तथा आई सेंटर के सभी डॉक्टर्स एवं स्टॉफ उपस्थित थे।

व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित हुआ सेवा-संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर को कृषि वर्ष से संबंधित 03 दिवसीय आयोजन होगा वृंदावन ग्रामों के अच्छे पशुपालकों को गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सेवा-संकल्प अभियान व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित हुआ। सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु अभियान के तहत प्रदेश में एक हजार 345 शिविर लगाए गए जिनमें 17 लाख 18 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए तथा 15 लाख 83 हजार आवेदकों को हितलाभ प्राप्त हुआ। सेवा ज्योति यात्रा में लगभग एक हजार 600 यात्राएं निकलीं जिनमें लगभग 15 हजार ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र कवर किए गये तथा 11 लाख से अधिक नागरिकों की सहभागिता रही। सेवा मेरा योगदान में कुल 11 प्रकार की सेवाओं में 50 लाख से अधिक नागरिकों की सहभागिता हुई। नमो सेवा के अंतर्गत 665 नुक्कड़ टोलियाँ बनी और 3 हजार 700 से अधिक प्रस्तुतियाँ हुई। सेवा के रंग- राष्ट्र के संग के अंतर्गत6 जिलों क्रमशः इन्दौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, झाबुआ और आलीराजपुर में हृयूमन रंगोली बनाई गई। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने यह जानकारी मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी। पी.एम.धन-धान्य कृषि योजना में डिण्डौरी, सीधी, उमरिया टीकमगढ़ और शहडोल सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पी.एम. धन-धान्य कृषि योजना में प्रदेश के 05 जिलों को बेहतर प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया जा रहा है। इन जिलों में डिण्डौरी, सीधी, उमरिया टीकमगढ़ और शहडोल शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पी.एम. धन-धान्य कृषि योजना में अच्छे काम के लिए कृषि मंत्री श्री कंषाना सहित सभी संबंधित जिलों के कलेक्टर और कृषि विभाग के अधिकारियों को हार्दिक बधाई दी। राष्ट्रीय पोषण माह 2026 में प्रदेश, देश में तीसरा स्थान पर रहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह 2026 में प्रदेश ने देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है। प्रदेश में पोषण जागरुकता से जुड़ी लगभग 2 करोड़ गतिविधियों की प्रविष्टियां दर्ज की गईं,मंदसौर और नीमच ने राष्ट्रीय स्तर पर क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा सभी अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन में उज्जैन सबसे आगे रहा है। देश के घरेलू पर्यटन पर हाल ही में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है, जिसके अनुसार प्रदेश में वर्ष-2021 में 4 करोड़ 88 लाख पर्यटक आये थे,यह संख्या वर्ष 2025 में बढ़कर लगभग 21 करोड़ हो गई है। इनमें सबसे बड़ा आंकड़ा धार्मिक पर्यटन का है,उज्जैन में सर्वाधिक 8 करोड़ धार्मिक पर्यटक आये है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटको की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इंदौर में आयोजित मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 में लगभग 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनसे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। समिट में जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और स्वीडन के प्रतिनिधिमंडलों की सहभागिता को भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक रुचि का संकेत बताया गया है। मध्यप्रदेश मत्स्य पालन में देश का अग्रणी केन्द्र बनने की दिशा में अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार के सहयोग से भोपाल में राष्ट्रीय 'फिशरीज इन्वेस्टर्स एंडएक्सपोर्टर्स कॉन्क्लेव-2026' का सफल आयोजन हुआ।राज्य सरकार मध्यप्रदेश में नई नीली क्रांति लाने के लिए तैयार है। नई एकीकृत मत्स्योद्योग नीति-2026 में प्रदेश का मत्स्य उत्पादन जल्द से जल्द दोगुना करने का लक्ष्य है। रायसेन जिले के बारना जलाशय में प्रदेश में पहली बार पीपीपी मॉडल पर 500 केज कल्चर का शुभारंभ हुआ। नई नीति अतंर्गत 1 लाख नए केज़ कल्चर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि निवेश, नवाचार और निर्यात से जोड़कर प्रदेश को मत्स्य पालन में देश का अग्रणी केन्द्र बनाने की दिशा में हम अग्रसर हैं। विश्व व कौशल प्रतियोगिता में पन्ना के पुरैना गांव के श्री अजय अहिरवार ने दिखाई अपनी प्रतिभा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि चीन के शंघाई में हुई विश्व कौशल प्रतियोगिता में प्रदेश के इकलौते प्रतिनिधि के रूप में पन्ना जिले के पुरैना गाँव के युवा श्री अजय अहिरवार शामिल हुए। किसान पुत्र श्री अहिरवार, मेसन ट्रेड में आई.टी.आई. कर रहे है। ईटें जोड़ने के कौशल की प्रतियोगिता में वे प्रथम स्थान पर रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा श्री अहिरवार की सराहना की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री अहिरवार को हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी आगामी आयोजनों की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में होने वाले आगामी बड़े आयोजनों की जानकारी देते हुए बताया कि 28 अक्टूबर को इंदौर में अर्बन कॉन्क्लेव होगा। सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्म जयंती 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर के उपलक्ष्य में कृषि वर्ष पर केन्द्रित 03 दिवसीय आयोजन होगा। गोवर्धन पूजा के अवसर पर वृंदावन ग्रामों के अच्छे पशुपालकों की प्रतियोगिता कराई जाएगी। प्रथम तीन विजेताओं को गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने किए जा रहे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जबलपुर में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को दी आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि और पशुपालन की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव महोत्सव में वर्चुअली हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए कृषि के साथ उद्यानिकी, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा देना जरूरी है। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और कृषि आधारित उद्योगों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत मंगलवार को कृषि उपज मंडी परिसर जबलपुर में बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने जबलपुर की कृषि विशेषताओं का उल्लेख करते हुए मटर, सिंघाड़ा और अन्य कृषि उत्पादों की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण को भी महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत कृषि के साथ उद्यानिकी, मत्स्य पालन और पशुपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने पशुपालन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को अच्छी नस्ल की गाय उपलब्ध कराने और उन्हें गौपालन के लिए प्रेरित करने के प्रयास किए जाएंगे। किसानों के घरों में शुद्ध दूध और दही उपलब्ध हो तथा प्राकृतिक खेती एवं जैविक उत्पादों को बढ़ावा मिले, इस दिशा में भी सहभागिता आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में फूड पार्क और औद्योगिक गतिविधियों के विकास की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय से किसानों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार मिल सकता है। उन्होंने प्रगतिशील किसानों को प्रोत्साहित करने तथा किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी किसानों को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों को शासन की योजनाओं और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। किसानों को बेहतर बाजार, सुविधायुक्त मंडियां और अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और प्राकृतिक उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि ने कहा कि मुख्यमंत्री का किसानों से सीधा संवाद उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझने का अवसर है। किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ मिले और उनकी जरूरतों के अनुरूप प्रयास किए जाएं, यह आवश्यक है। अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण उपलब्ध कराने सहित विभिन्न माध्यमों से सहायता देने के प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने से किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने उन्नत देशी नस्ल की दुधारू गायों के पालन को प्रोत्साहित करने और पशुपालकों को पुरस्कार योजनाओं के माध्यम से सम्मानित करने की जानकारी दी। किसानों का किया सम्मानित कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान श्रीमती रुक्मणी पटेल, वीरेंद्र सिंह, रामदीन पटेल, रामेश्वर, कैलाश यादव, श्रीमती सीमा कुशवाहा, अनिल पटेल तथा श्रीमती सविता विश्वकर्मा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने सहभागिता की। इस अवसर पर संबंधित विभागों द्वारा जीवंत मॉडलों का प्रदर्शन भी किया गया एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। जिला स्तरीय कार्यक्रम में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदू, नीरज सिंह, जबलपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, अखिलेश जैन, रत्नेश सोनकर, ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल, राजमणि सिंह बघेल, पंकज दुबे, सोनू बचवानी, अभिनव यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गेहलोत, अनुविभागीय अधिकारी अधारताल मदन सिंह रघुवंशी, कृषि उप संचालक उमेश कटहरे एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ युवा संवाद कार्यक्रम 2026

ओरिएंटल कॉलेज के विद्यार्थियों ने हनुमान चालीसा की सांगीतिक प्रस्तुति दी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स ने सलामी देकर स्वागत किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने पहली बार मध्यप्रदेश में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एम.पी.पी.एस.सी) की परीक्षा दो बार आयोजित करने का निर्णय लिया है। युवाओं का सम्मान, उनकी बेहतरी और उन्हें अधिकाधिक रोजगार देने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है।प्रदेश में 2027 युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रायसेन रोड स्थित ओरिएंटल कॉलेज में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ युवा संवाद- 2026 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर विशेष रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़े भाई की भूमिका में युवाओं से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कॉलेज परिसर पहुंचने पर एनसीसी और एनएसएस के विद्यार्थियों ने उनका सलामी देकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य दिव्य धाम बनकर तैयार है। भारत दुनिया का सबसे युवा और सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। युवाओं के भरोसे ही भारत का लोकतंत्र सुरक्षित है और रहेगा। अमृतकाल में जब वर्ष 2047 में देश की आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होंगे, तो भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली, समृद्ध और हर क्षेत्र में नम्बर एक देश बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया, नागरिकों के मताधिकार, वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग की भूमिका पर संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मतदाता सूची की जानकारी सही हो और चुनाव की शुद्धता के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने एसआईआर सहित आवश्यक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 11 पदक अर्जित किए। इनमें से 5 स्वर्ण पदक हैं। राज्य सरकार युवाओं को खेल के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ा रही है।  कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र यति, ओरिएंटल कॉलेज के अध्यक्ष श्री प्रवीण ठकराल, शिक्षक, स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।