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पर्यटन को बढ़ावा: डॉ. मोहन यादव लॉन्च करेंगे हेली सेवा, ओरछा-चंदेरी सफर होगा आसान

भोपाल अब हवाई मार्ग से जुड़ेगा ओरछा और चंदेरी से भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रविवार, 19 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे, राजधानी के स्टेट हैंगर से "पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा" के अंतर्गत नए सेक्टर (भोपाल-चंदेरी-ओरछा) का विधिवत शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर हेलीकॉप्टर को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे और यात्रियों को बोर्डिंग पास भी प्रदान करेंगे। धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा यह नया सेक्टर भोपाल को भगवान श्रीराम की राजनगरी ओरछा और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध चंदेरी से जोड़ेगी। इससे श्रद्धालु श्रीरामराजा मंदिर में सुगमता से दर्शन के लिये पहुँच सकेंगे और चंदेरी की सांस्कृतिक विरासत व प्रसिद्ध हस्तशिल्प (चंदेरी साड़ी) का अनुभव ले सकेंगे। एंड टू एंड सेवा का सप्ताह में 5 दिन होगा संचालन सेक्टर-2 अंतर्गत यह सेवा सप्ताह में 5 दिन (बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार) संचालित होगी। यात्रियों के लिए भोपाल से चंदेरी का किराया ₹5,500 और भोपाल से ओरछा का किराया ₹6,500 निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, ₹14,500 के विशेष पैकेज में टैक्सी, वीआईपी दर्शन और प्रसाद जैसी 'एंड-टू-एंड' सुविधाएं भी शामिल हैं। चंदेरी और ओरछा में पर्यटकों के लिए ₹3,500 में 'जॉय राइड' की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि पीपीपी मॉडल पर संचालित इस सेवा में पर्यटकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है। गंतव्य पर होटल, भोजन और स्थानीय भ्रमण के लिए गाइड की व्यवस्था भी पूर्व निर्धारित रहेगी। बुकिंग के लिए पर्यटक www.flyola.in और IRCTC पोर्टल पर बुकिंग कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर 2025 के अवसर पर पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ किया गया था। यह सेवा वर्तमान में आध्यात्मिक सेक्टर इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के साथ वाइल्डलाइफ सेक्टर जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़, चित्रकूट और मैहर के बीच सफलतापूर्वक संचालित है। इस सेवा का अब तक 2 हजार 648 पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने लाभ लिया है।  

एमपी ई-सेवा’ से डिजिटल गवर्नेंस को मिला सशक्त आधार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

56 विभागों की 1700 सेवाएँ एक ही पोर्टल पर उपलब्ध सेवा वितरण प्रणाली हुई अधिक जवाबदेह एवं सुव्यवस्थित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप’ के माध्यम से प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को सशक्त आधार मिला है। इससे नागरिक सेवाएँ अब अधिक सरल, सुगम और सुलभ हुई हैं। डिजिटल तकनीक आज सुशासन की आधारशिला बन चुकी है और प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ते हुए देश में नई पहचान स्थापित कर रहा है। अब प्रदेशवासियों को विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि एक ही मंच पर सभी सुविधाएँ सहज, त्वरित और पारदर्शी रूप में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल से सेवा वितरण प्रणाली अधिक जवाबदेह और सुव्यवस्थित बनी है। साथ ही नागरिकों के समय एवं संसाधनों की बचत सुनिश्चित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एकीकृत नागरिक सेवा मंच 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाओं और योजनाओं को एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध करा रहा है। वर्ष 2026 तक 100 प्रतिशत ई-सेवा डिलीवरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के सेंटर फॉर एक्सीलेंस द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म नागरिकों, विभागों एवं सेवाओं को एकीकृत डिजिटल इको-सिस्टम में जोड़ते हुए सुशासन को और अधिक प्रभावी तथा परिणामोन्मुख बनाने में सहायक सिद्ध होगा। एकीकृत पोर्टल पर सभी सेवाएँ: प्रक्रिया हुई सरल एमपी ई-सेवा पोर्टल पर विभिन्न विभागों की 1700 सेवाओं को एकीकृत कर नागरिकों को बार-बार अलग-अलग पोर्टल पर जाने और दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता समाप्त की गई है। नागरिक अब eseva.mp.gov.in और मोबाइल ऐप के माध्यम से पात्रता जांच, आवेदन, स्टेटस ट्रैकिंग और अनुमोदन जैसी सभी सुविधाएँ एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल पर आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन और डिजिटल प्रमाणपत्र की व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और फेसलेस बनाई गई है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि हुई है। समग्र पोर्टल से एकीकरण: ऑटो-वेरिफिकेशन की सुविधा ‘एमपी ई-सेवा’ को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के समग्र पोर्टल से जोड़ा गया है। प्रत्येक परिवार को 8 अंकीय परिवार आईडी और हर सदस्य को 9 अंकीय सदस्य आईडी दी गई है। इससे ऑटो-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को सक्षम बनाया गया है। इससे पात्रता निर्धारण स्वतः हो जाता है और अनावश्यक देरी व दोहराव समाप्त होता है। पोर्टल की प्रमुख विशेषता ‘ऑटो-फेचिंग डॉक्युमेंट्स’ है, जिससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज़ अपलोड करने की आवश्यकता नहीं रहती।एक बार अपलोड किए गए दस्तावेज आगे की सेवाओं में स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं। सुगम, सुरक्षित एवं नागरिक केंद्रित ‘ऐप-डिज़ाइन’ एमपी ई-सेवा पोर्टल को मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण के साथ विकसित किया गया है। इसमें बहुभाषीय सुविधा के साथ दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष डिज़ाइन किया गया है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के नागरिक आसानी से इसका उपयोग कर सकें। प्लेटफ़ॉर्म पर अब तक 2 लाख 14 हजार से अधिक ट्रांसेक्शन दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 3 हजार 446 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 1 लाख 64 हजार 600 से अधिक ट्रैक/डाउनलोड गतिविधियाँ और 45 हजार 954 समग्र पात्रता जांचें की गई हैं। डिजिटल गवर्नेंस में प्रदेश की सशक्त उपस्थिति राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण आकलन (एनईएसडीए) 2025 रिपोर्ट में मध्यप्रदेश ने 1752 ई-सेवाओं को मैप कर सभी 56 अनिवार्य विभागीय सेवाओं को 100 प्रतिशत एकीकृत करते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया।प्रदेश को ‘सायबर तहसील’ के लिए प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार तथा ‘संपदा 2.0’ के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं, जो डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को दर्शाते हैं।  

भिंड में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम सभी जिला मुख्यालयों और विकासखंड स्तर पर होंगे आयोजन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डॉ. अंबेडकर की जयंती के कार्यक्रम 8 अप्रैल से आरंभ होकर 14 अप्रैल तक चलेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भिंड जिला मुख्यालय पर होगा। जिला मुख्यालयों सहित सभी विकासखंडों में भी अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभारी मंत्रियों को अपने प्रभार के जिले के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर, आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2027 तक सामाजिक समरसता कार्यक्रमों का आयोजन संपूर्ण प्रदेश में किया जाएगा। कार्यक्रमों की रूपरेखा जिला स्तर पर तैयार होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभारी मंत्रीगण को सामाजिक समरसता कार्यक्रमों का जिला स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीता सप्ताह मध्यप्रदेश के लिए शुभ रहा। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश को नए फोरलेन मार्गों की कई स्वीकृतियां प्रदान कर सौगातें दी। एन.एच. 46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में 758 करोड़ रुपए लागत के 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को स्वीकृत किया गया। इसी तरह प्रदेश के निवाड़ी और उत्तर प्रदेश के झांसी को जोड़ने वाले 15.6 किलोमीटर लंबे फोरलेन दक्षिणी बाइपास के निर्माण और बंगाय खास से ओरछा तिगेला के निर्माण तथा एन.एच. 44 और एन.एच. 39 को जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इन स्वीकृतियों से प्रदेश के व्यापारिक, आर्थिक, पर्यटन इत्यादि सभी तरह की गतिविधियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री  मोदी तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में हुए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन "महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम" के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में प्रख्यात खगोल, वैज्ञानिकों द्वारा भारतीय काल गणना की वैज्ञानिकता और प्राचीन श्रेष्ठता पर गहन मंथन किया गया। उज्जैन नगरी लंबे समय तक काल गणना का केंद्र रही है, भूमध्य रेखा और कर्क रेखा का कटाव केंद्र बिंदु जो पहले उज्जैन में था अब उज्जैन से 32 किलोमीटर दूर डोंगला में शिफ्ट हो गया है। उज्जैन की गौरवशाली पहचान को विश्व पटल पर पुनः स्थापित करना भी कार्यक्रम का उद्देश्य था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 31 मार्च को वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन हुआ। यह सम्मेलन मुख्यत: एक जिला-एक उत्पाद, जीआई टैग उत्पादों, निर्यात योग्य उत्पादों, पारम्परिक शिल्प और क्षेत्रीय विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर केंद्रित रहा। दोनों राज्यों के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहन देते हुए उनके ब्रांडिंग, विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। औद्योगिक सहयोग, निवेश संवर्धन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी क्रम में बताया कि वाराणसी में सुशासन की उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का तीन दिवसीय समारोह 3 अप्रैल से प्रारंभ होकर 5 अप्रैल तक चला। उद्घाटन दिवस में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुये। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिकों ने इस महानाट्य को देखा। इस महानाट्य के भव्य मंचन एवं औजस्वी प्रस्तुतियों से तीनों दिन दर्शकों ने हजारों वर्ष पुराने स्वर्णिम युगों की यात्रा की। महानाट्य की सबसे बड़ी विशेषता इनकी यथार्थवादी प्रस्तुतिकरण रहीं। इस महानाट्य से महाकाल की नगरी उज्जैन एवं बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी के बीच जीवंत तादात्म्य स्थापित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी घोषित तिथि से एक दिन पहले अर्थात् 9 अप्रैल से आरंभ हो रही है। प्रथमत: लघु और सीमांत पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं लिया जाएगा, उनकी स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो गई है। गेहूं की खरीदी प्रारंभ करने के लिये आवश्यक बारदाने उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने प्रभार के जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं की सतत् निगरानी करने और आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।  

मुख्यमंत्री ने अपने जन्म दिवस पर भी इस प्रतिबद्धता को दोहराया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के वन और जल स्त्रोतों को समृद्ध बनाकर वन्य प्राणियों तथा जंगली जीवों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। जन्म दिवस वाले दिन कछुओं को विमुक्त कर उन्होंने जैव विविधता संरक्षण के प्रति अपनी संवेदनशीलता प्रकट की। उल्लेखनीय है कि जल संरचनाओं को स्वच्छ बनाए रखने और जलीय जैव विविधता के संतुलन में यह कछुएं महत्वपूर्ण भूमिका हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने जन्म दिवस पर सागर जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही में संरक्षित प्रजाति के कछुओं को जल में विमुक्त किया। इस दिन चीतों के पुनर्वास के लिए बनने वाले विशेष बाड़े का पूजन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रकृति और वन्य जीवों की सेवा को ही ईश्वर की सेवा के समान माना है। उनका मानना है कि वन्य और जलीय जीव, जैव विविधता के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही इनकी उपस्थिति से वनों और जल संरचनाओं के संरक्षण में भी मदद मिली है तथा प्रदेश के पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलता है। यह गतिविधियां रोजगार सृजन का माध्यम बनती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस दृष्टिकोण का परिणाम है कि अपने जन्मदिवस पर भी उन्होंने प्रदेश के वन विकास और जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए गतिविधियां संचालित कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि नदियां प्रदेश के वन केवल राज्य ही नहीं, अपितु राष्ट्र की महत्वपूर्ण धरोहर हैं, क्योंकि प्रदेश के वन देश की कई प्रमुख नदियों के उद्गम क्षेत्र हैं। इस दृष्टि से हमारे वनों से निकली नदियां कई राज्यों की जल सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। वनों की सुरक्षा केवल पर्यावरणीय दायित्व ही नहीं है अपितु यह हमारी सामाजिक और आर्थिक अनिवार्यता भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामुदायिक सहभागिता से वनों के प्रबंधन पर विशेष बल देते हैं। इसके दृष्टिगत प्रधानमंत्री  मोदी के आत्मनिर्भर भारत@2047 के लक्ष्य की पूर्ति में प्रदेश की ओर से हरसंभव योगदान देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विजन@2047 री-इमेजिनिंग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर नामक डॉक्यूमेंट का गति‍दिवस विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वन प्रबंधन में बदलते वर्षा पैटर्न, बढ़ते तापमान, भूमि उद्योग के दबाव के दृष्टिगत पारिस्थितिकी आधारित, जलवायु अनुकूल, विज्ञान आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया जा रहा है। प्रदेश में वन आश्रित समुदायों को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं अपितु वन संसाधनों के सहप्रबंधक और संरक्षक के रूप में देखा जा रहा है। व्यवस्थाएं इस आधार पर विकसित की जा रही हैं कि जब समुदायों को वनों से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा तो वे वनों के सर्वाधिक सशक्त संरक्षक बनेंगे। यह विचार समावेशी विकास को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में वनों के प्रबंधन में डिजिटल प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता, कार्यकुशलता और जवाबदेही पूर्ण व्यवस्था को भी सशक्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की वनों के प्रति इस संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप राज्य सरकार वनों को आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ उत्पादक और सम-सामयिक दृष्टि से उपयोगी संसाधनों के स्त्रोत के रूप में सौंपना चाहती हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण, वन संरक्षण के साथ ही सामुदायिक वानिकी और आजीविका, पर्यावरण, पर्यटन और प्रकृति शिक्षा, कार्बन एवं पारिस्थितिकीय तंत्र, वन भूमि के बाहर हरित आच्छादन बढ़ाने की दिशा में वैज्ञानिक रणनीति से गतिविधियां संचालित की जा रही है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम पुस्तिका का किया लोकार्पण

वर्ष 2025 की यूपीएससी में चयनित अभ्यर्थी वर्ष 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हैं शिल्पकार इन युवाओं के कंधों पर प्रदेश के करोड़ों नागरिकों के कल्याण और विकास का है दायित्व अभ्यर्थियों को ट्राफी भेंट कर किया गया सम्मानित   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा की सफलता में मध्यप्रदेश की बढ़ती उपस्थिति हम सबके लिए गौरव का विषय है। प्रदेश की माटी से 61 सिलेक्शन बदलते मध्यप्रदेश की तस्वीर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूपीएससी-2025 की परीक्षा में चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आपके संकल्प और सामर्थय का सम्मान है। चयनित अभ्‍यर्थी वर्ष-2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के शिल्पकार हैं। जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मना रहा होगा, तब आप प्रशासन के शिखर पर होंगे। आपका एक-एक निर्णय, एक-एक नवाचार, विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नीव रखेगा। नियति ने आप सबको महत्वपूर्ण दायित्व के लिए चुना है। सफलता अपने साथ दायित्व लेकर आती है। आपके कंधों पर मध्यप्रदेश के करोड़ों नागरिकों के कल्याण और विकास का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव संघ लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों से संवाद और उनके सम्मान के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित लघु फिल्म का हुआ प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित "मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम" पुस्तिका के डिजिटल वर्जन का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया। चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित लघु फिल्म का इस अवसर पर प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चयनित अभ्यर्थियों को ट्रॉफी भेंट कर उनका सम्मान किया। अभ्यर्थियों का चिंतनशील, संवेदनशील और परिश्रमी होना उन्हें सफल बनाने के साथ-साथ प्रदेश की प्रगति का स्तंभ बनेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चयनित युवाओं के लिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में प्रशासनिक सेवा में आना सौभाग्यशाली अवसर है। लोकतंत्र की खूबसूरती है कि राजनीतिक क्षेत्र में चुनाव के आधार पर हर 5 वर्ष में जनप्रतिनिधियों की परीक्षा होती है। यह लोकतंत्र की ही विशेषता है कि इसमें देश की जनता के विश्वास के आधार पर व्यक्ति सर्वोच्च पद पर पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 23 मार्च को वीर सपूत भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू का शहीद दिवस है। उन शहीदों ने हमें स्वराज्य दिया था। इस धरती को विकसित और आत्मनिर्भर बनाते हुए सुराज की स्थापना अब हमारी जिम्मेदारी है। सिविल सेवा में चयन परिवार के साथ समाज की बेहतरी और सेवा के लिए संकल्प की पूर्ति का अवसर देता है। हमारा प्रयास हो कि हम दूसरों के सुख – दुख में सहभागी बन सकें। कई ऐसे भी उदाहरण रहे हैं, जिन्होंने अच्छे रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन फील्ड पर वह व्यवस्थाओं को सही तरीके से लागू नहीं करा पाए। आपका चिंतनशील, संवेदनशील और परिश्रमी होना आपको सफल बनाने के साथ-साथ प्रदेश की प्रगति का स्तंभ बनेगा। अंत्योदय, नवाचार, ईमानदारी और सत्य निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने का समय है। मानवीय कार्यों के आधार पर देश की दुनिया में विशिष्ट पहचान है। चयनित अभ्यर्थी अपने सेवाकाल में अंत्योदय, नवाचार, ईमानदारी और सत्य निष्ठा से कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए आत्मनिर्भर भारत के शिल्पकार बनें। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से जीवन पर्यंत पढ़ने और सीखने की ललक बनाए रखने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 173वीं रैंक प्राप्त पूर्णत: दृष्टिहीनता की चुनौतियों से घिरे श्री अक्षत बल्दवा की सराहना करते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो कोई भी शारीरिक अक्षमता सपनों के आड़े नहीं आ सकती। सोहागपुर और सिरोंज जैसे छोटे शहरों के अभ्यर्थियों का भी हुआ चयन अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में इस वर्ष देशभर से कुल 958 अभ्यर्थी चयनित हुए। इनमें मध्यप्रदेश के 61 प्रतियोगी शामिल हैं। देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता अर्जित करने वाले हमारे 22 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने शासकीय स्कूल – कॉलेज से पढ़ाई की है। प्रदेश के सोहागपुर और सिरोंज जैसे छोटे शहरों से आने वाले अभ्यर्थियों का भी चयन हुआ है। यह सिविल सेवा के प्रति राज्य के युवाओं में बढ़ते रुझान को दर्शाता है। अब यह धारणा धीरे-धीरे समाप्त हो रही है कि सिविल सेवा में चयन के लिए राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों अथवा दिल्ली या इंदौर जैसे शहरों में जाकर ही तैयारी करनी होगी। इस अवसर पर अखिल भारतीय स्तर पर 5वीं रैंक प्राप्त श्री ईशान भटनागर और 260वीं रैंक प्राप्त सुश्री प्राची चौहान ने अपने अनुभव साझा किए। श्री भटनागर ने बताया कि गवर्नेंस संवैधानिक मूल्यों को धरातल पर लाने का सही तरीका होता है, यही मेरी प्रेरणा रही। उन्होंने कहा कि प्रशासन के माध्यम से जमीनी स्तर पर काम करते हुए संविधान की मूल भावना के अनुरूप लोगों को न्याय दिलाया जा सकता है। ये सेवा आम आदमी के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम हो सकती है। सुश्री प्राची चौहान ने कहा कि धैर्य और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व ने प्रदेश की बेटियों को संबल प्रदान किया है।

प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए किया है राष्ट्रीय आयोजनों का विकेन्द्रीकरण भोपाल में सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को होगी नई दिल्ली की 26 जनवरी जैसी परेड परेड के साथ ही सैन्य प्रदर्शनी, सैन्य अभ्यास और शौर्य संध्या का होगा आयोजन नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होंगे आयोजन भारतीय सेना को राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग शौर्य स्मारक, अटल पथ, बड़ा तालाब, जंबूरी मैदान और बीएचईएल के मुख्य मार्गों पर होंगे आयोजन मुख्यमंत्री निवास में हुई सेना तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने हर मौके और मोर्चे पर अदम्य साहस, शौर्य और सामर्थ्य का प्रदर्शन किया है। देश के हर व्यक्ति और परिवार के लिए भारतीय सेना की शौर्य और बलिदान की परंपरा से जुड़ना गर्व का विषय है। प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराने और प्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आगामी सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को भोपाल में विशेष परेड आयोजित की जाएगी। भोपाल में सेना दिवस पर होने वाले इन कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुभव, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाले इस आयोजन के लिए राज्य सरकार, भारतीय सेना को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और चीफ़ ऑफ आर्मी स्टॉफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई सैन्य अधिकारियों की बैठक में सेना प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि आगामी सेना दिवस 15 जनवरी को भोपाल में भव्य सेना दिवस परेड आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही शौर्य संध्या, सेना के हथियारों संसाधनों और उपकरणों पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा सैन्य अभ्यास का प्रदर्शन भी होगा। सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया जाएगा। सभी गतिविधियां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों की भव्यता और गरिमा के समान संचालित की जाएगी। कार्यक्रम में देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। यह आयोजन भारतीय सेना की समृद्ध वीरता और सैन्य परंपरा के प्रदर्शन, सैन्य परेड से जन-जन को जोड़ने, सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय एवं पारस्परिक विश्वास की भावना विकसित करने और युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि सेना दिवस 15 जनवरी 2027 पर होने वाले इन कार्यक्रमों की शुरुआत 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से होगी। स्थापना दिवस पर मेरी माटी अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिट्टी लाकर भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में संकल्प वृक्ष लगाया जाएगा। सेना दिवस 15 जनवरी की परेड के लिए 9,11 और 13 जनवरी को अभ्यास होगा। इसी प्रकार 15 जनवरी की शौर्य संध्या के लिए 11 और 13 जनवरी को अभ्यास का क्रम रखा गया है। सैन्य प्रदर्शनी का आयोजन 7 से 12 जनवरी तक होगा। भोपाल के बड़े तालाब में 11 और 12 जनवरी को सैन्य अभ्यास होगा। सेना की परेड के लिए अटल पथ, एयरोसिटी रोड, भेल कालीबाड़ी मार्ग और भेल लिंक रोड प्रस्तावित किए गए हैं। शौर्य संध्या का आयोजन टी.टी. नगर स्टेडियम में और सैन्य प्रदर्शनी जम्बूरी मैदान में लगाई जाएगी। बड़े तालाब पर वॉटर स्पोर्ट्स, एयर शो और सैन्य अभ्यास गतिविधियां होंगी। प्रारंभिक कार्यक्रम के रूप में प्रदेश के स्थापना दिवस 1 नवंबर 2026 को होने वाले 'मेरी माटी अभियान' के अंतर्गत हॉट एयर बैलून गतिविधि, मोटर साइकिल रैली, दौड़ तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सेना दिवस सेना दिवस प्रतिवर्ष 15 जनवरी को जनरल केएम करियप्पा द्वारा वर्ष 1949 में भारतीय सेना के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर एफआरआर बुचर से भारतीय सेना की कमान संभालने की याद में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विचार को सशक्त करने और सेना व नागरिकों के संबंधों को सुदृढ़ करते हुए भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आयोजनों के विकेन्द्रीकरण की यह पहल वर्ष 2023 से आरंभ हुई। ऐसे आयोजन देश के लिए शहीद हुए शूरवीरों का स्थानीय स्तर पर सम्मान करने और उन्हें याद करने का भी अवसर देते हैं। सेना दिवस पर इस प्रकार की पहली परेड बैंगलुरू में वर्ष 2023 में, लखनऊ में 2024 में, पुणे में 2025 में और 2026 में जयपुर में आयोजित की गई। इन आयोजनों से युवाओं को भारतीय सेना में सेवाएं देने के लिए प्रेरित करने में भी मदद मिली है। बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह, मेजर जनरल विकास लाल, बिग्रेडियर नितिन भाटिया, कर्नल सौरभ कुमार, सन्नी जुनेजा, राजेश बंडले तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भांडेर में किसान सम्मेलन में होंगे शामिल

62 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दतिया जिले के भांडेर में मंगलवार 24 मार्च को मण्डी प्रांगण में किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया जिले में 62 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। साथ ही विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन और शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का हितलाभ भी वितरित करेंगे। इन विकास कार्यों का होगा लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया जिले के पीजी कॉलेज दतिया में विज्ञान संकाय भवन व केंटीन का निर्माण कार्य, माता रतनगढ़ समग्र विकास योजना में यात्री निवास भवन निर्माण कार्य और पुलिस लाइन परिसर में रक्षित निरीक्षक कार्यालय का निर्माण कार्य, 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र स्थापना कार्य एवं 3.15 एमवीए पॉवर परिणामित्र-2 स्थापना कार्य, सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांडेर का निर्माण कार्य और ततारपुर स्टेडियम, पण्डोखर धाम के पास विश्राम गृह निर्माण कार्य एवं रामगढ़ माता मंदिर के पास विश्राम गृह निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। साथ ही रतनगढ़ माता मंदिर के पास 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र स्थापना कार्य एवं सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांडेर के 50 सीटर बालक छात्रावास एवं 50 सीटर बालिका छात्रावास का भूमि-पूजन करेंगे।  

शीघ्र ही लांच करेंगे स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुशासन और विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से औपचारिक चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सुशासन के जरिए नागरिक सेवाओं और सुविधाओं को और भी सिविक-फ्रेंडली बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नई-नई तकनीकों से जुड़कर प्रदेश में नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात् आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर का सर्वाधिक संभावनाशील सेक्टर है। शासन-प्रशासन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार भी आगे बढ़ रही है। अब इस दिशा में एआई की मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम बहुत जल्द मध्यप्रदेश का अपना 'स्टेट एआई मिशन' लांच करने जा रहे हैं। यह एक लक्ष्य केंद्रित मिशन होगा। इस मिशन से शासन प्रणाली में कसावट और सुप्रबंधन लाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 में एआई तकनीक के लिए ढांचागत विकास किया जाएगा। वर्तमान एआई पहलों को एकीकृत कर आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वित्त वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा तथा वित्त वर्ष 2028-29 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से अनौपचारिक रूप से चर्चा कर रहे थे। जयपुर में निवेशकों से मिले 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते शनिवार को जयपुर प्रवास के दौरान वहां निवेशकों से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि निवेशकों ने मध्यप्रदेश के प्रति अगाध स्नेह और अपनत्व जताया। विभिन्न औद्योगिक समूहों, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फूड-प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही। सीआईआई राजस्थान के अध्यक्ष एवं न्यूरोइक्विलिब्रियम के एमडी श्री रजनीश भंडारी ने स्वागत भाषण में मध्यप्रदेश की नीतियों एवं उसके क्रियान्वयन की तारीफ की। प्रमुख उद्योगपतियों श्री मनीष गुप्ता (चेयरमैन, इनसोलेशन एनर्जी), श्री महावीर प्रताप शर्मा (चेयरमैन, राजस्थान एंजेल्स) और श्री के एल जैन (अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस इन्टरैक्टिव सेशन में बेहद सकारात्मक संवाद के बाद सरकार को वहां के निवेशकों से 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 3,530 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जयपुर में मिले निवेश प्रस्ताव के यह आंकड़े बताते हैं कि देश-विदेश के निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश की साख और हमारी औद्योगिक नीतियों के प्रति विश्वास कितनी तेजी से बढ़ रहा है। 139 दिन लगातार चलेगा तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। बीते दो अभियानों को अच्छा प्रतिसाद मिला। इस दौरान प्रदेश में नये कुंए, बावड़ियों, अमृत सरोवरों, तालाबों के साथ-साथ पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्भरण और सूखी नदियों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये। बीते साल खंडवा जिले में जल संचयन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीसरे अभियान में करीब 2500 करोड़ रुपए से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचयन कार्य किए जाएंगे। बीते सालों की तरह इस वर्ष भी जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किये जायेंगे। साथ-साथ नदियों, तालाबों, बावडियों और कुओं का जीर्णोद्धार भी मिशन मोड में किया जायेगा। नदियों के उद्गम क्षेत्रों में हरित विकास के लिये गंगोत्री हरित योजना में कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे जल गंगा संवर्धन अभियान को केंद्र सरकार से भी सराहना और समर्थन मिला है। जल बचाने के लिए देशभर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में मध्यप्रदेश का जल गंगा संवर्धन अभियान अव्वल श्रेणी में आया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले वर्ष 2024 में करीब 30 दिन, दूसरे वर्ष 2025 में 120 दिन यह अभियान चलाया। मौजूदा साल में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक कुल 139 दिन तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा। 3 से 5 अप्रैल तक बनारस में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (बनारस) में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया जायेगा। यह वीर विक्रमादित्य के महात्म्य के दिनों-दिन बढ़ता प्रभाव है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को आज भारत में सर्वाधिक समय तक शासन प्रमुख के रूप में सेवा का कीर्तिमान स्थापित करने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के नागरिक प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति निरंतर स्नेह, विश्वास और समर्थन की भावना को अभिव्यक्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री  पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के शासन करने के रिकार्ड को पीछे छोड़ा है। उनके सार्वजनिक जीवन के 8931 दिन गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में दर्शाते हैं कि उन्होंने राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर कार्य करते हुए अपनी भूमिका को यादगार बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के ध्येय के साथ गरीब कल्याण से लेकर वैश्विक मंच पर हर क्षेत्र में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है। प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने देश को विकास और सुशासन की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि मां भगवती प्रधानमंत्री  मोदी को ऊर्जावान बनाए रखें। संपूर्ण विश्व में भारत की साख बढ़ाने वाले हमारे प्रधानमंत्री  मोदी जी के नेतृत्व में हमारा राष्ट्र निरंतर प्रगति, समृद्धि और वैभव के पथ पर अग्रसर बना रहेगा। प्रधानमंत्री  मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद के दायित्व की वर्षवार अवधि की चर्चा करें तो वे वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। वर्ष 2002 में गुजरात विधानसभा के निर्वाचन के बाद वे दूसरी बार, वर्ष 2007 में तीसरी बार और वर्ष 2012 में चौथी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने।  मोदी वर्ष 2014 के लोक सभा चुनाव में पूर्ण बहुमत प्राप्त कर प्रधानमंत्री बने। वर्ष 2019 में पहले से भी बड़े जनादेश के साथ उनकी वापसी हुई और वे दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।  मोदी ने वर्ष 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बन कर इतिहास रचा। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जयपुर में कर्पूरचन्द्र कुलिश जन्म शताब्दी वर्ष के की नोट कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र में अखबार जनता के हितैषी की भूमिका निभाते हैं। राजस्थान पत्रिका ने भी विभिन्न संस्करणों के प्रकाशन के माध्यम से जनता के प्रति सरोकारों का निर्वहन किया है। एक निजी समूह द्वारा स्व. कुलिश जी की स्मृति में श्रेष्ठ पत्रकारिता के साथ अन्य श्रेणियों में भी पुरस्कार दिए जाएंगे जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. कुलिश की भूमिका का स्मरण करते हुए कहा कि जीवन की एक अवस्था में सेवानिवृत्ति का निर्णय लेने और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने के भाव महत्वपूर्ण है। स्व. कुलिश जी ने सार्थक जीवन जिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को जयपुर में राजस्थान एक निजी समूह के पितृ पुरुष स्व. कर्पूर चंद्र कुलिश के जनशताब्दी समारोह में "अखबार और लोकतंत्र" विषय पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत की मूल सनातन संस्कृति और वेद संस्कृति को बचाने की आवश्यकता थी। गुजरात के सोमनाथ के दर्शन का सभी को अवसर मिला। एक हजार वर्ष पुराना गौरव लौटा और भारत फिर आकाश से बात करते हुए दिखाई दिया। विश्व भी इसका साक्षी बना। एक निजी समाचार पत्र द्वारा जयपुर में सोमनाथ के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की अनूठी पहल की गई, जो अभिनंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित एक निजी समूह की यात्रा की गंगा की धारा से तुलना करते हुए कहा कि जब गौमुख से गंगा जी निकलती हैं तो सिर्फ गंगा नहीं होती, अलकनंदा, भागीरथी भी होती है। यह यात्रा हरिद्वार, ऋषिकेश, पटना और बनारस होते हुए गंगासागर बंगाल की खाड़ी तक पहुंचती है। ऐसी ही यात्रा इस आयोजन में देखने को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में स्व.कुलिश के चित्र पर माल्यार्पण कर आदरांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक निजी समूह को इस विशेष आयोजन के लिए बधाई देते हुए समूह के प्रधान संपादक के सार्थक योगदान का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर कुलिश जी की दो पुनर्प्रकाशित पुस्तकों- 'मैं देखता चला गया' और 'अमेरिका एक विहंगम दृष्टि' का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने कहा कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नष्ट करने के प्रयास होते रहे हैं, लेकिन भारत के लोकतंत्र को कोई समाप्त नहीं कर पाया है। एक निजी समूह ने अपनी छह दशक की यात्रा में अंतिम व्यक्ति की बात, शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है।  बिरला ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कलमकारों द्वारा निभाई गई भूमिका का भी विशेष उल्लेख किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की ताकत होती है। बदलते दौर में सरकारों को मीडिया के साथ कार्य करना होगा। मूल्यवान पत्रकारिता भविष्य की पीढ़ियों को दिशा देने का कार्य करती है। देश में आपातकाल के दौर में लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की गई, तब पत्रिका सहित अनेक समाचार पत्र समूह अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अडिग खड़े थे। एक निजी समूह के प्रधान संपादक ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग भाषाओं में संवाद होते थे। शिक्षा में जीवन दर्शन, नैतिक मूल्य और भारतीय परंपराओं को शामिल करना आवश्यक हैं। दुर्भाग्य से पश्चिमी देशों के चलन का असर भारतीय युवा पीढ़ी पर दिखाई दे रहा है। देश में बहुत सी अच्छी परंपराएं आज भी जीवित हैं। नई शिक्षा नीति में आध्यात्म और संस्कारों के निर्माण का पहलु शामिल होने से सही संदेश युवाओं तक पहुंचेगा। इससे वे यह समझ सकेंगे कि आधुनिक रहते हुए भी परंपराओं के साथ मूल्य आधारित जीवन जिया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति  अजय रस्तोगी ने कहा कि श्रद्धेय कुलिश जी ने लोकतंत्र के तीनों स्तंभों को उनके कर्तव्यों का बोध करवाया। न्यायपालिका लोकतंत्र का मूल आधार है, यह संविधान के अभिभावक के रूप में कार्य करती है और नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा करती है। कार्यक्रम में एक निजी समूह के प्रमुख  गुलाब कोठारी, समूह के निदेशक  बीआर सिंह और समूह के डिप्टी एडिटर  भुवनेश जैन, पत्रकारिता क्षेत्र के साथ ही अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।