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US-Iran संघर्ष की पुनरावृत्ति, तेल कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी

मुंबई  अमेरिका और ईरान के बीच फिर जंग (US-Iran War) शुरू हो गई है. होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) पर अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान के पलटवार ने ग्लोबल टेंशन को एक बार फिर से बढ़ा दिया है. इस बीच क्रूड की कीमतें फिर छलांग लगाने लगी हैं और ब्रेंट क्रूड करीब 6% महंगा हो गया. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को इस टेंशन का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट दिखी, तो अगले ही पल तेज रिकवरी भी नजर आई।  लेकिन कुछ ही मिनटों में बाजी पलटी नजर आई और जंग की आहट व तेल के झटके से उबरते हुए सेंसेक्स-निफ्टी ने तेज रिकवरी करनी शुरू कर दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा चढ़कर कारोबार करता हुआ नजर आया. हालांकि, ये तेजी भी कुछ देर के लिए कायम रही और दोनों इंडेक्स फिर से फिसलते हुए नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली चाल  सोमवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ रेड जोन में हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 78,493 की तुलना में खुलने के साथ ही फिसलकर 78,203 के लेवल पर आ गया. हालांकि, कुछ देर बाद ही ये इंडेक्स रिकवरी मोड में आ गया और उछलकर 78,733 के लेवल पर कारोबार करने लगा. वहीं कुछ देर तेजी में कारोबार के बाद अचानक फिर गिरावट आई और सेंसेक्स 140 अंक से ज्यादा फिसल गया। NSE Nifty भी सेंसेक्स की तरह ही चलता हुआ नजर आया. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,353 की तुलना में ओपनिंग के साथ ही गिरकर 24,241 के लेवल पर आ गया, लेकिन फिर अचानक इसकी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया और ये उछलकर 24,420 के स्तर पर कारोबार करता नजर आने लगा और फिर सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर ग्रीन से रेड जोन में आ गया।  इन शेयरों ने दिया बाजार को सपोर्ट  मिडिल ईस्ट में फिर टेंशन बढ़ने के साथ ही होर्मुज पर तनातनी के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से गिफ्ट निफ्टी बुरी तरह टूटकर ट्रेड कर रहा था और इससे आशंका जताई जा रही थी कि सेंसेक्स-निफ्टी में भी गिरावट देखने को मिली. लेकिन शुरुआती गिरावट के बाद कुछ दिग्गज कंपनियों ने बाजार को सपोर्ट दिया और दोनों इंडेक्स रिकवरी मोड में आ गए।  सबसे तेज भागने वाले शेयरों पर नजर डालें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (2.10%), ICICI Bank Share (2%) और Trent Share (1.10%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप में शामिल BHEL Share (3%), AU Bank Share (1.50%), Voltas Share (1.40%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो यहां पर CUB Share (3%), Radico Khetan Share (2.50%) की बढ़त में थे।       

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, ट्रंप को ईरान से मिली सीधी धमकी

तेहरान  ईरान के सशस्त्र बलों के एक प्रवक्ता ने  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ किसी प्रकार की कोई भी कार्रवाई नहीं करने की चेतावनी दी। ट्रंप ने खामेनेई के लगभग 40 वर्षों के शासन को समाप्त करने का आह्वान किया था, जिसके कुछ दिनों बाद यह चेतावनी आई है। जनरल अबुलफजल शेखरची ने कहा, 'ट्रंप जानते हैं कि अगर हमारे नेता की ओर कोई भी हाथ बढ़ाया गया, तो हम न केवल उस हाथ को काट देंगे बल्कि उनकी दुनिया को भी आग लगा देंगे।' ट्रंप ने  ‘पॉलिटिको’ को दिए एक साक्षात्कार में खामेनेई को ‘एक बीमार व्यक्ति’ बताया था और कहा था कि ‘उन्हें अपने देश को ठीक से चलाना चाहिए और लोगों की हत्या करना बंद करना चाहिए’। ट्रंप ने कहा था कि ईरान में नए नेतृत्व की तलाश का समय आ गया है। ट्रंप की इन टिप्पणियों के बाद जनरल अबुलफजल शेखरची ने यह चेतावनी दी। ईरान की खराब अर्थव्यवस्था को लेकर 28 दिसंबर को शुरू हुए प्रदर्शनों पर अधिकारियों द्वारा की गई हिंसक कार्रवाई के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति ने भी दी थी चेतावनी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने हाल ही में कहा था, 'अगर ईरान के लोगों को अपने जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, तो इसकी वजह अमेरिकी सरकार और उसके सहयोगियों की तरफ से लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी और अमानवीय प्रतिबंध हैं। हमारे देश के सुप्रीम लीडर के खिलाफ कोई भी हमाल ईरान के खिलाफ पूर्ण युद्ध के बराबर होगा।' प्रदर्शन में 4 हजार से ज्यादा लोग मारे गए ईरान में देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों में शामिल प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई में कम से कम 4,029 लोगों की मौत हो गई है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने यह आंकड़े जारी करते हुए कहा कि कार्रवाई के दौरान 26,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक मृतकों में 3,786 प्रदर्शनकारी, 180 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं वहीं इन कार्रवाई में 28 बच्चे और 35 ऐसे लोग भी मारे गए जो किसी भी प्रदर्शन में भाग नहीं ले रहे थे।