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तूफान और बारिश के बाद सुहाना हुआ मौसम, अब बढ़ी नमी से लोग बेहाल

लखनऊ यूपी के कई इलाकों में शुक्रवार देर रात तूफान के साथ हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया। रात से शनिवार तड़के तक 19 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन भारी बारिश की संभावना फिलहाल कम है। तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। पश्चिम यूपी में बारिश का ट्रेंड भी बदल रहा है। पिछले तीन दिनों से दोपहर या शाम के बजाय देर रात बारिश हो रही है। शुक्रवार रात करीब 1:20 बजे शुरू हुई बारिश बाद में तूफानी रूप ले गई। तड़के तक तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहा। इसके असर से अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 8.3 डिग्री कम होकर 21.0 डिग्री सेल्सियस रहा। नम हवाओं ने दिन और रात दोनों समय लोगों को राहत पहुंचाई। मौसम विभाग के अनुसार 15, 18 और 19 जून को बादल छाए रहने के साथ हल्की बूंदाबांदी या बौछार पड़ सकती है। अन्य दिनों में आसमान साफ रहने और गर्मी बढ़ने की संभावना है। बादल छाने से बदला मौसम तेज धूप के बीच आसमान में बादलों की आवाजाही और पुरवा हवा चलने से मौसम का मिजाज बदल गया है, जिसस लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन अब उमस ने जन जीवन को बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग ने यूपी के अलग-अलग इलाकों में तेज हवा चलने और हल्की बारिश की संभावना व्यक्त किया है। पुरवा हवा चलने से वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ गई है, जिससे सड़कों पर आने-जाने वाले लोग पसीने से लथपथ नजर आने लगे हैं। हालांकि द्वितीय शनिवार को छुटटी होने के कारण दोपहर में सड़क और बाजारों पर आवाजाही आम दिनों की तुलना में बेहद कम दिखी। उमसभरी गर्मी के कारण लोगों के घरों में लगे पंखा और कूलर बेमतलब साबित हो रहे हैं। लोग चिपचिपी गर्मी से बचने के लिए ठंडे पेय का सहारा लेने लगे हैं। मौसम की तल्खी में आई कमी से सब्जी उत्पादकों को राहत मिली है। पिछले दिनों भीषण गर्मी और लू के कारण हरी सब्जियां खेतों में ही झुलस रही थीं। किसान हर दिन सिंचाई करने को लचार थे, बावजूद उत्पाद बेहद कम हो रहा था। आसमान में बादलों की आवाजाही से फसलों को राहत मिली है। भीषण गर्मी के बीच मौसम के मिजाज में आंशिक बदलाव तो आया है, लेकिन लोगों को राहत मिलने के बजाय परेशानी और बढ़ गई है। शनिवार को आसमान में बादलों की आवाजाही के चलते चिलचिलाती धूप से तो कुछ राहत मिली, लेकिन हवा थमने के कारण बढ़ी उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। उमस भरी इस गर्मी के बीच बिजली विभाग की लापरवाही ने कोढ़ में खाज का काम किया। बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या ने लोगो का हाल बेहाल कर दिया।

30 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं आंधियां

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम अचानक बदल गया है। रायबरेली जिले में शनिवार की सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह करीब 08:15 बजे आसमान में बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ धूल का गुबार उठा, और देखते ही देखते बूंदाबांदी झमाझम बारिश में बदल गई। लगभग डेढ़ घंटे तक हुई इस तेज बारिश ने जहां एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी निजात दिलाई है। वहीं दूसरी तरफ शहर की रफ्तार पर कुछ देर के लिए ब्रेक भी लगा दिया। वर्षा ऋतु की इस पहली अच्छी बारिश का बच्चों ने जमकर लुत्फ उठाया। वे सड़कों और छतों पर भीगते नजर आए। वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 30 जिलों में आंधी-बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी और प्रयागराज समेत 40 जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। किसानों के चेहरे खिले, आम-जामुन की फसल को संजीवनी रायबरेली में हुई यह बारिश कृषि क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो रही है। खासकर धान की नर्सरी (बैरन) डाल रहे किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। इसके अलावा, इस बारिश को आम और जामुन के फलों के लिए भी बेहद लाभदायक माना जा रहा है, जिससे फसलों में चमक और मिठास बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार सबसे ज्यादा असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के इलाकों में देखने को मिल सकता है। वहां हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे के तूफानी झोकों में बदल सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांटकर आंधी की रफ्तार का आकलिया है। इसके मुताबिक फिरोजाबाद, मैनपुरी, आगरा, एटा, इटावा, कासगंज अलीगढ़, मथुरा, औरैया, जालौन, हाथरस, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर और झांसी में सबसे भीषण अंधड़ चलने की आशंका है। यहां हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हीट डोम क्षेत्र से छिटक रहे बादल जून में भी उत्तरी पाकिस्तान से आए पश्चिमी विक्षोभों का प्रदेश के कई जिलों में असर पड़ा लेकिन हीट डोम वाले क्षेत्रों से बादल छिटक गए। यहां या तो बारिश हुई नहीं और हुई भी तो नाममात्र। इसके विपरीत पश्चिमी यूपी के जनपदों में भारी बारिश हुई। आईएमडी के शुक्रवार सुबह 08:30 बजे के आंकड़ों के अनुसार मेरठ 62 मिमी, मुरादाबाद 66 मिमी, मुजफ्फरनगर 57 मिमी, शाहजहांपुर 18 मिमी, हरदोई 09 मिमी, झांसी 01 मिमी, इटावा 10 मिमी, बरेली 19 मिमी, आगरा 18 मिमी और गाजियाबाद में 6.5 मिमी बारिश हुई। अन्य जनपदों में ज्यादातर में बूंदाबांदी या एक से दो मिली बारिश ही हुई। लेकिन बुंदेलखंड के जनपदों व कानपुर नगर समेत आसपास के जनपदों में जहां तापमान 40 के पार रहा वहां बारिश नाममात्र ही हुई। पिछले 48 घंटों से ऑरेंज अलर्ट के बावजूद केवल तेज हवाएं चलीं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जो हीट डोम का क्षेत्र है वहां बारिश ऐसे में मुश्किल होती है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सशक्त था जिसका असर आगे भी पड़ेगा। देश के मध्य हिस्से के राज्यों में अभी आंधी-पानी जारी रहेगा लेकिन शनिवार से यूपी में यह सीमित हो जाएगा। 30 जिलों में ऑरेन्ज अलर्ट, 40 में यलो अलर्ट प्रदेश में चक्रवातीय प्रणालियों और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम का मिजाज आक्रामक बना हुआ है। अमौसी स्थित यूपी-उत्तराखंड के मौसम मुख्यालय ने अगले 24 घंटों यानी शनिवार की सुबह तक के लिए 30 जिलों में तेज आंधी-बारिश, और वज्रपात का ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 40 जिलों के लिए यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, सबसे ज्यादा प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के इलाकों में देखने को मिलेगा। जहां हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे के तूफानी झोंकों में तब्दील हो सकती है।

मौसम का रौद्र रूप, कई जिलों में पेड़-बिजली खंभे गिरे, ब्लैकआउट जैसे हालात

हिसार  हरियाणा में मौसम ने अचानक रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। भीषण गर्मी और तपती लू के बीच प्रदेश के कई जिलों में 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आंधी और तेज वर्षा से फतेहाबाद सहित राज्य के कई हिस्सों में सैकड़ों पेड़, बिजली के खंभे और दुकानों के टीन शेड व होर्डिंग्स उखड़ गए, जिससे गुरुग्राम सहित कई इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई है। हांसी में करीब एक घंटे तक चली तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के ऊपर चक्रवाती सिस्टम सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार से 13 जून तक पूरे प्रदेश में भारी वर्षा, गरज-चमक और ओलावृष्टि का ‘आरेंज अलर्ट’ जारी किया है। वीरवार सुबह से ही मौसम के मिजाज बदले-बदले नजर आए। सरकार की ओर से मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट जारी मौसम के इस रूप को देख हरियाणा सरकार व आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों के मोबाइल फोन पर ‘इमरजेंसी अलर्ट’ (चेतावनी संदेश) भेजा। इस संदेश में पंचकूला, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और पानीपत जिलों के निवासियों को घरों में रहने और तेज तूफान व ओलावृष्टि के प्रति सावधान रहने की सलाह दी है। प्रारंभिक सुस्ती के बाद मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। गति में तेजी आई है, लेकिन बारिश की स्थिति अच्छी नहीं है। जून में अभी तक देश में औसतन 24 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस स्थिति को अलनीनो से जोड़कर देखा जा रहा है, जो प्रशांत महासागर में तेजी से उभर रहा है। यूपी और बिहार में कई लोगों की मौत पश्चिम विक्षोभ से उत्तर भारत में वीरवार को अचानक मौसम ने करवट ली। उत्तर प्रदेश और बिहार में तेज आंधी-पानी और वज्रपात से 16 लोगों की मौत हो गई। जिनमें बिहार में 10 लोगों की जान गई, जबकि एक ही परिवार के चार लोगों समेत 10 झुलस गए। वहीं, कई जगह वर्षा से जलभराव हुआ।  

100 किमी/घंटा की हवाओं ने मचाई तबाही, बरेली में बिजली-पानी सप्लाई ठप

बरेली भीषण गर्मी के बीच यूपी में आंधी-पानी ने कहर बरपाया हुआ है। 100 की स्पीड से चल रही हवाओं ने तबाही मचाई है। अकेले यूपी के बरेली में आंधी से 419 खंभे टूट गए और 23 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। बिगड़े मौसम ने जिले की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह बेपटरी कर दिया। शहर से लेकर गांव तक बिजली की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हालात ऐसे रहे कि बिजली निगम के अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं कर सके। बिजली संकट का असर केवल रोशनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पेयजल संकट, कारोबार, उद्योग और लोगों की दिनचर्या पर भी गहरा असर पड़ा। आंधी से ग्रामीण क्षेत्रों में 325 बिजली पोल और शहरी क्षेत्रों में 94 पोल क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीण क्षेत्र के 18 और शहर के पांच ट्रांसफार्मर भी खराब हो गए। पेड़ गिरने से कई जगह हाईटेंशन लाइनें टूट गईं, जिससे पूरे जिले की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार देर रात गुल हुई बिजली के कारण गुरुवार सुबह तक शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश हिस्से अंधेरे में डूबे रहे। सुबह 10 बजे के बाद एक-एक कर बिजलीघरों की आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन देर रात तक कई मोहल्लों और गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी। बिजली न होने से इनवर्टर जवाब दे गए और मोबाइल फोन बंद होने लगे। गर्मी और उमस के बीच लोगों को रातभर जागकर समय बिताना पड़ा। पेयजल संकट भी गहरा गया, क्योंकि नगर निगम और जलकल विभाग के ट्यूबवेल बिजली न होने के कारण बंद रहे। 154 पेड़ गिरे, यातायात भी प्रभावित आंधी ने शहर की रफ्तार थाम दी। आंधी के चलते शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 154 पेड़ और बड़ी-बड़ी शाखाएं गिर गईं, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हो गया। बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही। हालात सामान्य करने के लिए नगर निगम का पूरा अमला रात से ही सड़कों पर उतर आया और गुरुवार शाम तक राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा। राहत में जुटा प्रशासनिक अमला आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम ने बड़े स्तर पर संसाधन लगाए। नगर निगम की ओर से 150 कर्मचारियों, 8 बुलडोजर, 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 40 छोटे मालवाहक वाहनों और 6 इंजीनियरों की टीम को शहर के चारों जोन में तैनात किया गया। टीमों ने रातभर अभियान चलाकर सड़कों पर गिरे पेड़ों, शाखाओं और मलबे को हटाने का कार्य किया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार प्राथमिकता उन मार्गों को दी गई, जहां यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। कई इलाकों में पेड़ गिरने से वाहन फंस गए। बिजली निगम और नगर निगम ने साथ मिलकर संभाली कमान आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता लगातार शहर का निरीक्षण करते रहे। अधिकारियों ने विभिन्न प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी की और कर्मचारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए। नगर निगम और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने भी कई स्थानों पर पहुंचकर बिजली लाइनों पर गिरे पेड़ों को हटाया, ताकि विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल की जा सके। हालांकि कई इलाकों में घंटों तक बिजली बाधित रही। आपदा प्रबंधन की खुली पोल मानसून से पहले आई आंधी ने शहर की आपदा प्रबंधन तैयारियों की पोल खोल दी। कई स्थानों पर पुराने और जर्जर पेड़ गिरने से लोगों में दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कमजोर पेड़ों की छंटाई और सर्वे किया जाता तो कई घटनाओं को रोका जा सकता था। अब नगर निगम ऐसे पेड़ों की सूची तैयार करने में जुट गया है, जो भविष्य में खतरा बन सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि संभावित खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उनकी छंटाई और हटाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि मानसून के दौरान किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। नगर आय़ुक्त संजीव कुमार मौर्य के अनुसार आंधी के तुरंत बाद सभी जोन में टीमें सक्रिय कर दी गई थीं। प्राथमिकता सड़कें खुलवाने और जनसुविधाएं बहाल करने की रही। अधिकांश मार्गों को साफ करा दिया गया है और शेष स्थानों पर भी कार्य जारी है।

मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम! 34 जिलों में तेज बारिश-आंधी के आसार, 6 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश में सक्रिय दो मौसमीय प्रणालियों के कारण प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिला, जबकि गुरुवार को भी ग्वालियर, जबलपुर समेत 34 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 1 जून से लगातार कहीं न कहीं बारिश दर्ज की जा रही है। अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहने के आसार हैं और मानसून के सक्रिय होने तक प्री-मानसून सिस्टम प्रभावी रहेंगे। ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम, ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। 13 जून को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कुछ जिलों में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।  कई जिलों में बदला मौसम बुधवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, सतना, मैहर, पन्ना, उमरिया, बैतूल, मंडला, अनूपपुर, शहडोल, जबलपुर, छतरपुर, दमोह, उज्जैन, रतलाम, नरसिंहपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। बारिश के बीच गर्मी भी बरकरार एक ओर प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर का तापमान 43.1 डिग्री, जबलपुर 40.5 डिग्री, भोपाल 40.4 डिग्री, उज्जैन 39.5 डिग्री और इंदौर 38.9 डिग्री सेल्सियस रहा। नौगांव, दतिया, सतना, दमोह और रीवा सहित कई जिलों में भी पारा 42 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया। गुरुवार को इन जिलों में बारिश और तेज हवा मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 60 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। वहीं भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, मंदसौर, रतलाम और आसपास के इलाकों में गर्मी का असर बना रह सकता है। छह जिलों में ओले गिरने की आशंका मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ मौसम अचानक बदल सकता है। 13 जून को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम में बदलाव की यह है वजह मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण और एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। इन सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में आंधी, बारिश और बादलों की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। 

46 डिग्री तापमान के बीच सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ, कई जिलों में येलो अलर्ट

 जयपुर राजस्‍थान में भीषण गर्मी के बीच आज से नया पश्च‍िमी व‍िक्षोभ एक्‍ट‍िव हो रहा है, ज‍िससे आंधी-बार‍िश का दौरा फ‍िर से शुरू होने का अनुमान है. इसकी वजह से तापमान में कमी होगी. लोगों को गर्मी से राहत म‍िलने की उम्‍मीद है. मौसम विभाग ने यह जानकारी दी. बुधवार सुबह राज्‍य के पूर्वी भाग में कहीं-कहीं हल्‍की बार‍िश र‍िकॉर्ड हुई है. जबक‍ि पश्‍च‍िमी राजस्‍थान में भीषण गर्मी रही. श्रीगंगानगर में 46 डिग्री पारा श्रीगंगानगर में सबसे अध‍िक तापमान 46 ड‍िग्री सेल्‍स‍ियस के पार पहुंच गया. गर्मी से लोगों को बुरा हाल हो रहा है. दोपहर 12 बजे तक सड़क पर इक्‍का-दुक्‍का वाहन ही नजर आते हैं. पश्‍च‍िमी राजस्‍थानके बीकानेर और जोधपुर में गर्मी से राहत म‍िलने की उम्‍मीद नहीं है. ज्‍यादातर इलाकों में मौसम शुष्‍क रहेगा. अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री दर्ज होने का अनुमान है. कुछ जगहों पर लू चलेगी. 20-30 क‍िलोमीटर प्रत‍ि घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. आंधी-बारिश का दौर फिर बढ़ेगा नए पश्‍चिमी व‍िक्षो से आज कुछ ज‍िलों में आंधी-बार‍िश की गत‍िव‍िधियां फ‍िर बढ़ेंगी. 11 से 14 जून के दौरान बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर संभाग के कुछ भागों में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से तेज आंधी चलेगी.  साथ ही कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.  जैसलमेर: आंधी और हवाओं से मिली थोड़ी राहत, लेकिन दोपहर में फिर बढ़ेगी तपिश,11 से 14 जून के बींच आंधी बारिश का अलर्ट है. आंधी बारिश का येलो अलर्ट राजस्थान में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट है. डीग, भरतपुर और धौलपुर जिलों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन गरज-चमक के साथ अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. मौसम विभाग ने लोगों को अलर्ट किया है.

गर्मी से मिली राहत, अब बारिश और वज्रपात का खतरा: 15 जून तक झारखंड में अलर्ट

 रांची  रांची समेत आसपास के जिलों में बुधवार को अचानक बदले मौसम के तेवर ने तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक गिरा दिया है। दिनभर तेज धूप के बाद अचानक शाम छह बजे उमड़-घुमड़ आए काले बादल ने राहत की बरसात कर दी। करीब आधे घंटे तक हुई वर्षा से मौसम सुहाना हो गया और आमजनों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी Jharkhand Weather Forecast में बताया गया कि 11 और 12 जून को राज्य के उत्तर पूर्वी हिस्से यानी देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, गिरिडीह, जामताड़ा और साहिबगंज के अलावा निकटवर्ती मध्य भाग यानी रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, बोकारो, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद और खूंटी में मेघगर्जन के साथ 50 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा के बहने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है, इसे लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूरे राज्य में यह स्थिति 15 जून तक बनी रहेगी। बुधवार को ऐसा रहा मौसम पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो राज्य में कहीं कहीं हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा हुई। सबसे अधिक वर्षापात 37.2 मिमी दुमका में रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज का जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस लातेहार का रिकॉर्ड किया गया। वहीं, राजधानी रांची का अधिकतम 35.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले चार दिनों तक यानी 12, 13, 14 और 15 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। ऐसा रहेगा रांची में अगले चार दिनों का तापमान 11 जून : अधिकतम 39 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस 12 जून : अधिकतम 37 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस 13 जून : अधिकतम 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस 14 जून : अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस मेघगर्जन, आकाशीय बिजली व आंधी से इस तरह बचें – आंधी तूफान से पौधारोपण, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है – खुले स्थानों पर आकाशीय बिजली लोगों और मवेशियों को घायल कर सकता है – घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें – सुरक्षित आश्रय लें, पेड़ों के नीचे आश्रय न लें – कंक्रीट की फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों के सामने न रहें – विद्युत इलेक्ट्रानिक उपकरणों को अनप्लग करें – तुरंत जलस्रोतों से बाहर निकलें – बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।  

नारनौल में बारिश से राहत, बाकी हरियाणा में जारी रही भीषण लू

हिसार  प्रदेश में सोमवार शाम को अचानक से मौसम में बदलाव हुआ। राजस्थान सीमा के साथ लगते नारनौल में वर्षा हुई। प्रदेश के बाकी सभी जिलों में मौसम साफ होने के साथ ही सोमवार को लू चली। मंगलवार को भी राजस्थान सीमा के साथ लगते 14 जिलों में लू का यलो अलर्ट जारी किया गया है। यह स्थिति आगामी तीन दिनों तक बनी रह सकती है। 11 जून की रात से मौसम में बदलाव हो सकता और तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को भीषण लू चलने के कारण रोहतक सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं रविवार देर शाम को आंधी चली। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सोमवार सुबह से ही प्रदेश में धूप खिलने के कारण लू चल रही थी। शाम को नारनौल में अचानक से मौसम में बदलाव हुआ और हवाओं के साथ वर्षा हुई। इससे वहां पर गर्मी से राहत मिली। वहीं राजस्थान सीमा के साथ लगते बाकी जिलों में लू चलने के कारण गर्मी अधिक रही। इसके चलते रोहतक सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा हिसार का तापमान 43.6 डिग्री तो अंबाला, करनाल और सिरसा का तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है। 11 जून तक भीषण लू चलने के कारण तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। क्यों अचानक बढ़ा तापमान? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल ही में सक्रिय रहा पश्चिमी विक्षोभ अब आगे बढ़ चुका है। मैदानी इलाकों पर बना इसका प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी अब कमजोर पड़ गया है। वहीं, पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा उत्तर की ओर खिसक गई है। इसके चलते निचले स्तर की हवाओं की दिशा बदलकर गर्म पछुआ (पश्चिमी) हो गई है। शुष्क और गर्म हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण करनाल में सोमवार से बुधवार के बीच अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है, जिससे दोपहर के समय लू का प्रकोप रहेगा।

भीषण गर्मी के बीच राहत के आसार, पटना समेत 7 जिलों में बारिश की चेतावनी

पटना बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम के मिजाज बदलने के आसार हैं। पटना मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक अगले दो से तीन घंटों में सात जिलों के 51 प्रखंडों में बारिश के साथ तेज हवा बहने से गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। इस दौरान मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग की ओर से लोगों खासकर किसानों को सचेत रहने की चैतावनी दी है। मौसम विभाग की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि राजधानी पटना के साथ खगड़िया, जमुई, नालंदा, बांका, भागलपुर, मुंगेर जिलों में अगले दो से तीन घंटों में बारिश होगी। इस दौरान करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की दर से तेज हवा भी चलेगी। बारिश के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात गिरने के भी आसार हैं। खगड़िया के दो प्रखंडों, जमुई के एक, पटना के आठ, नालंदा के 13 प्रखंडों में बारिश होने से मौसम का मिजाज बदल जाएगा। इन जिलों में आसमान का रंग बदल गया है। इसके अलावे बांका के साथ, भागलपुर के 11 और मुंगेर के 9 प्रखंडों में बारिश के आसार जताए गए हैं। बिहार बीते कई दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में है। दिन में 11 बजे से दो बजे के बीच बाहर निकलना काफी खतरनाक हो सकता है। तापमान लगभग चालीस डिग्री सेल्सियस के आस पास देखा जा रहा है। कई जिलों में जल संकट का खतरा मंडराने लगा है। गर्मी के कारण आग लगने की संभावना भी काफी बढ़ गई है। राज्य के पूर्णिया जिले में तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर होते-होते गर्मी का असर इतना बढ़ गया कि बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई। भीषण गर्मी के कारण अधिकांश लोग घरों में ही रहने को मजबूर दिखे, जबकि आवश्यक कार्यों से बाहर निकलने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सुबह के समय आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे धूप और छांव का सिलसिला चलता रहा। इसके बावजूद उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। राहगीरों को शुद्ध पेयजल की तलाश में इधर-उधर भटकना पड़ा और कई लोगों को दुकान से पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ी।

प्री-मानसून ने पकड़ी रफ्तार, झारखंड में मौसम बदला, येलो अलर्ट जारी

रांची  झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. कई स्थानों पर बारिश भी हो रही है. इस बीच गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड स्थित परासपानी कला गांव में शनिवार शाम वज्रपात की चपेट में आने से 12 वर्षीय बालक क्रमु कुमार की मौत हो गई. रामगढ़ के गंडके पाहन टोला निवासी की 30 वर्षीय युवक राजू मुंडा और कुजू के मुरपा कठरा टोला निवासी 16 वर्षीय साहिल कुमार की भी वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई. पिछले 24 घंटे ऐसा रहा तापमान झारखंड में कई स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई, जबकि एक स्थान पर भारी बारिश भी हुई. सबसे अधिक 70.3 मिमी वर्षा सिमडेगा के थर्थाइटांगर में रिकॉर्ड की गई. वहीं, राज्य का सबसे अधिक उच्चतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस लातेहार-AWS में रिकॉर्ड किया गया. कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी), रांची केंद्र ने झारखंड में आगामी दिनों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है. कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक बना ट्रफ सक्रिय है, जिसके प्रभाव से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है. कल रांची और आसपास में बारिश के संकेत 9 जून को रांची, बोकारो, रामगढ़, गुमला और खूंटी सहित दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में मेघगर्जन और तेज हवा के साथ वर्षा होने के संकेत हैं. रांची में 10 और 11 जून को भी मेघगर्जन के साथ वर्षा की संभावना है.