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पश्चिमी विक्षोभ से मिलेगी राहत, जानें कब बदलेगा मौसम

लखनऊ उत्तर प्रदेश में प्रचंड गर्मी अपने पूरे रंग में है। शुक्रवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाके भीषण गर्मी के चपेट में रहे। तपिश के प्रकोप से अब जनजीवन और लोगों का कामकाज प्रभावित होने लगा है। प्रयागराज, वाराणसी, हरदोई, आगरा, मेरठ,अलीगढ़ और शाहजहांपुर जैसे शहरों भयानक लू के थपेड़ों का प्रकोप रहा और दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। 45.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रयागराज प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। माैसम विभाग का कहना है कि 26 अप्रैल से यूपी में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी होगी और तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। साथ ही लू के थपेड़ों और तपिश से राहत मिलेगी। हालांकि शनिवार के लिए भी माैसम विभाग की ओर से प्रदेश के 45 जिलों में लू की चेतावनी जारी किया गया है। वहीं पश्चिम के 21 जिलों में वार्म नाइट की आशंका जताई गई है। आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल से एक नए विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश भर में बादलों की सक्रियता बढ़ेगी और पश्चिमी यूपी समेत विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी से पारे में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। इन 45 जिलों के लिए है लू की चेतावनी बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नोज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मधुरा, हाथरस, कासगंज एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर संभल, बदायूं, जालोन, हमीरपुर, महोबा, झांसी व आस पास के क्षेत्र। यहां है वार्म नाइट होने की संभावना सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, बदायूं व आस पास के क्षेत्र । पारा 42.5 डिग्री पर, शुक्रवार बना सीजन का सबसे गर्म दिन  राजधानी में शुक्रवार को भीषण गर्मी के बीच पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा है। यह वर्तमान सीजन में लखनऊ में दर्ज हुआ सबसे ज्यादा तापमान है। अधिकतम तापमान अभी सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा है। दूसरी तरफ न्यूनतम तापमान में 2.7 डिग्री की कमी भी आई है। शुक्रवार को यह 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार की सुबह से ही तेज धूप ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर तक झुलसा देने वाली धूप व गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों का राह चलना मुहाल कर दिया। गर्मी के असर से दोपहर में सड़कों पर सूनापन साफ नजर आया है। जरूरी काम से निकलने वाले लोग सिर को ढके और पानी की बोतल साथ लिए नजर आए। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार 26 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते लखनऊ में 27 अप्रैल से बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और 28 व 29 अप्रैल को हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। इस बदलाव से तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट के संकेत हैं। इससे तपिश और लू जैसे हालात से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार तापमान में बढ़ोतरी जारी है। शनिवार व रविवार को लू का असर और तेज हो सकता है। ऐसे में दिन के समय बाहर निकलने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। परिषदीय स्कूलों में गर्मी और लू से बचाव के निर्देश जारी प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के मद्देनजर बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए हैं। धूप में किसी भी गतिविधि पर रोक लगाई गई है। प्रार्थना सभाएं छायादार स्थानों या कक्षाओं में होंगी। आउटडोर गतिविधियां सुबह 9 बजे तक पूरी करनी होंगी। विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, छाया और पंखों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। फर्स्ट-एड की भी व्यवस्था अनिवार्य है।  शिक्षकों को बच्चों को समय-समय पर पानी पीने और लू से बचाव के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। बच्चों को जंक फूड, बासी या मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई है। विद्यालयों को पंखे, स्वच्छ शौचालय और मिड-डे-मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने फर्स्ट-एड किट में ओआरएस, बुखार और उल्टी-दस्त की दवाएं रखने को कहा है।  

Weather Update: पंजाब में छाए बादल, गर्मी से मिली राहत, तापमान लुढ़का

पठानकोट. शहर में मौसम ने अचानक करवट ली है। दिनभर तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 18.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कल के मुकाबले अधिकतम तापमान में करीब 1.2 डिग्री की कमी आई है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। दोपहर बाद आसमान में बादल छाने लगे और हवाएं चलने से वातावरण सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका प्रभाव पठानकोट और आसपास के इलाकों पर भी देखा जा रहा है। आने वाले 24 घंटों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद मौसम के फिर से शुष्क रहने की उम्मीद है, हालांकि तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। सुबह तेज धूप के बाद दोपहर तक बादलों और सूरज के बीच आंख-मिचौली चलती रही। हल्की हवाओं के कारण लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन उमस बरकरार रही। गर्मी से बचने के लिए लोग दुपट्टे और कपड़ों से मुंह ढककर निकलते नजर आए। मौसम में आए इस बदलाव ने फिलहाल लोगों को राहत दी है और अब सभी की नजरें संभावित बारिश पर टिकी हैं।

एक दिन में तीन मौसम: पंजाब में बारिश, तेज धूप और धूल भरी आंधी का असर

जालंधर. जालंधर. अप्रैल में मौसम में सबसे ज्यादा बदलाव देखने को मिला है। वीरवार को सुबह बूंदाबांदी हुई, लेकिन दोपहर को धूप निकलने से गर्मी बढ़ गई। वहीं शाम को शाम को धूल भरी आंधी चलने से गर्मी से राहत मिली। पहाड़ी इलाकों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने की वजह से सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ सकता है। मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम में बदलाव से गर्मी से भले ही राहत मिली है, परंतु गेहूं की फसल तकरीबन तैयार है और कटाई का काम शुरू हो चुका है। मौसम के मिजाज को लेकर किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। कृषि विभाग से सेवानिवृत्त डिप्टी डायरेक्टर डॉ. नरेश गुलाटी का कहना है कि अभी तेज हवा और वर्षा गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है। इससे खेतों में पानी खड़ा हो सकता है और तना जमीन पर झुकने से दाना खाला हो सकता है। देश के कई राज्यों में प्रचंड लू का दौर जारी है. बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, से लेकर मध्य प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 को छू रहा है और कई शहरों में तो 40 के पार जा रहा है. हालांकि कई जगहों पर दोहरे मौसम का भी अनुभव किया जा रहा है. शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हल्की बूंदाबादी भी हुई जिसने लोगों को गर्मी से राहत दी है. मौसम विभाग (IMD) के नए अलर्ट से भी कई राज्यों में दो से तीन दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद है. IMD के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और स्थानीय गर्मी मिलकर ऐसा माहौल बना रही हैं, जिसमें कुछ ही घंटों में तेज धूप से मौसम आंधी-बारिश में बदल सकता है. यही वजह है कि लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. मौसम अब स्थिर नहीं रहा, बल्कि हर दिन नया रूप दिखा रहा है. 13 राज्यों में झमाझम बारिश होने के साथ-साथ बिजली गिरने का भी अलर्ट है. इन राज्यों में धूल भरी आंधी के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं भी चल सकती हैं.

रांची में धुंध और हल्की बारिश, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

रांची  झारखंड में मौसम ने फिर से करवट ली है. राजधानी रांची समेत झारखंड के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. एक ओर तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया, वहीं दूसरी ओर दोपहर बाद हो रही हल्की बारिश कुछ राहत भी दे रही है. दोपहर बाद बारिश से मिली राहत गुरुवार को रांची के अलग-अलग हिस्सों में दोपहर बाद बारिश हुई. इससे सुबह से बढ़ा तापमान कुछ थम गया. रांची में 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई. जबकि सरायकेला में 4 मिमी बारिश हुई. मौसम में बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली. रांची में आज सुबह धूंध राजधानी रांची में आज सुबह धुंध की चादर में लिपटी रही. सुबह 7 बजे तक भी सूरज के दर्शन नहीं हो सके. एक दिन पहले तक इसी समय तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान थे. तेज हवा और वज्रपात की संभावना मौसम विभाग के अनुसार 17 अप्रैल को राज्य के उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व हिस्सों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात के साथ हल्की बारिश की संभावना है. आने वाले दिनों में लू चलने के आसार 18 अप्रैल को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. इधर, 19 और 20 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई है. 19 अप्रैल को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में लू की स्थिति रहेगी, जबकि 20 अप्रैल को इन जिलों के साथ सरायकेला-खरसांवा, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिम सिंहभूम भी इसकी चपेट में रहेंगे. राज्य में सबसे अधिक तापमान मेदिनीनगर का रहा राज्य में सबसे अधिक तापमान मेदिनीनगर में 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं, रांची का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें मामूली गिरावट देखी गई.

उत्तर भारत में डबल मार: 40°C के करीब तापमान, हवा भी जहरीली

लखनऊ  उत्तर भारत में गर्मी अब सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों के लिए दोहरी चुनौती बनकर सामने आ रही है। एक ओर आसमान से बरसती आग और पछुआ हवाओं की तपिश है, तो दूसरी ओर गिरती हवा की गुणवत्ता ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। लखनऊ में जहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण ‘बहुत खराब’ स्तर पर पहुंचकर लोगों की सेहत के लिए खतरा बन गया है। आने वाले दिनों में गर्मी और प्रदूषण दोनों के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लखनऊ में चटक धूप और पछुआ हवाओं ने बढ़ाई तपिश शहर में बीते दो दिनों से अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। गुरुवार को यह 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक रहा। सुबह से ही तेज धूप निकलने और दिनभर गर्म पछुआ हवाएं चलने के कारण गर्मी की चुभन लोगों को बेहाल कर रही है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है, जबकि लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। रात का तापमान भी 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे राहत कम ही मिल रही है। 2-3 दिन तक शुष्क रहेगा मौसम भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और आने वाले 2–3 दिनों तक पछुआ हवाएं जारी रहेंगी। इससे तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। एनसीआर में गर्मी के साथ प्रदूषण का कहर गर्मी के साथ-साथ एनसीआर के शहरों में प्रदूषण ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में तापमान 38–39 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार कम होने और धूल भरी हवाओं के कारण प्रदूषण के कण वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। AQI ‘बहुत खराब’ स्तर पर, गाजियाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, नोएडा का AQI 255 (खराब), ग्रेटर नोएडा का 318 और गाजियाबाद का AQI 308 दर्ज किया गया है। गाजियाबाद की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां यह देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। बीते कुछ दिनों में यहां AQI 170 से बढ़कर 308 तक पहुंच गया है, जो तेजी से बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को दर्शाता है। धूल और हवाओं से बन रहे स्मॉग जैसे हालात विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की रफ्तार कम होने और धूल भरी हवाओं के चलते प्रदूषण के कण वातावरण में स्थिर हो रहे हैं। इससे स्मॉग जैसी स्थिति बन रही है, जो सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है। अगर हवा की गति नहीं बढ़ी, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। 40 डिग्री पार जाने का अनुमान, लू चलने की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक, 21 से 24 अप्रैल के बीच तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही लू चलने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में दिन के समय बाहर निकलना और भी मुश्किल हो सकता है। स्वास्थ्य पर बढ़ा खतरा, विशेषज्ञों की सलाह विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और प्रदूषण का यह दोहरा असर शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है

पूर्वी राजस्थान में बारिश की संभावना, पश्चिमी हिस्सों में गर्मी बरकरार

जयपुर राजस्थान में मौसम का मिजाज फिर बदल रहा है. राज्य के पूर्वी हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं. पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, लेकिन कुछ इलाकों में आंशिक बादल छा सकते हैं. हालांकि, कुछ जगहों पर हल्के बादल छाए रह सकते हैं. इसके चलते, भीषण गर्मी के बीच तापमान में गिरावट से कुछ राहत मिल सकती है. लेकिन यह राहत ज्यादा घंटो तक बरकरार नहीं रहेगी. अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी भी संभव है. रेगिस्तानी इलाकों में 43 डिग्री तापमान जाने की संभावना है. इन जिलों में बरसेंगे बादल कमजोर विक्षोभ के प्रभाव से जयपुर, भरतपुर, बीकानेर संभाग और आसपास के क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है. अलवर, डीग, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, सीकर, चूरू और हनुमानगढ़ के लिए अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में मेघगर्जन/वज्रपात और झोकेदार तेज हवाएं चल सकती हैं. जबकि बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और श्रीगंगानगर जैसे क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा. कई इलाकों में पारा 1 से 2 डिग्री गिरा बीते दिन (16 अप्रैल) को अधिकतम तापमान बाड़मेर में 42.9 डिग्री और चित्तौड़गढ़ में 41.4 डिग्री दर्ज किया गया. कई स्थानों पर तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट देखी गई. 17 अप्रैल को भी अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट संभव है, जबकि न्यूनतम तापमान में मामूली बदलाव रह सकता है. फतेहपुर में सबसे कम तापमान 11.8 डिग्री दर्ज किया गया था. आगामी दिनों का अलर्ट 18 और 19 अप्रैल को राज्य के अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. 20 अप्रैल के आसपास एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे कुछ इलाकों में फिर मेघगर्जन और हल्की बारिश हो सकती है.

उत्तर प्रदेश में तापमान 40 डिग्री पार, लखनऊ में तेज लू का असर

लखनऊ उत्तर प्रदेश में अप्रैल का महीना इस बार जून जैसी तपिश लेकर आया है। मार्च में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार 16 अप्रैल को राज्य के ज्यादातर जिलों में तेज धूप, लू और तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। तापमान में रिकॉर्ड उछाल मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बीते महज चार दिनों में उत्तर प्रदेश के औसत तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण प्रदेश में किसी भी सक्रिय वेदर सिस्टम या पश्चिमी विक्षोभ का न होना है, जिससे सूरज की सीधी किरणें धरती को झुलसा रही हैं। बांदा बना सबसे गर्म जिला बुधवार को बांदा जिला 42.6 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया। वहीं राजधानी लखनऊ में 16 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। शहर में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस किया जा रहा है। इन जिलों में लू का खतरा मौसम विभाग ने जिन जिलों में लू और भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं: गोरखपुर, देवरिया, वाराणसी, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, बस्ती, मिर्जापुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा, बरेली और हापुड़। इन जिलों में दिन के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर दोपहर 12 से 4 बजे के बीच। क्यों अचानक बढ़ी इतनी गर्मी? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तापमान में इस अचानक बढ़ोतरी के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। आसमान पूरी तरह साफ है, पछुआ हवाओं की गति धीमी हो गई है और हवा में नमी की कमी आई है। इन सभी वजहों से गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं, जो गर्मी को और ज्यादा तीखा बना रही हैं। एंटी-साइक्लोन का असर कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बना एंटी-साइक्लोन अब मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके कारण उत्तर प्रदेश में गर्म पछुआ हवाओं का प्रभाव और बढ़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है। 18 अप्रैल के बाद और आक्रामक होगी गर्मी विशेषज्ञों का मानना है कि 18 अप्रैल के बाद प्रदेश में हीटवेव की स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है। कई जिलों में तापमान 41-42 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। फिलहाल 21 अप्रैल तक किसी भी तरह की राहत की उम्मीद नहीं है। मानसून को लेकर बढ़ी चिंता गर्मी के साथ-साथ मानसून को लेकर भी चिंताजनक संकेत मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस साल ‘ला नीना’ कमजोर पड़ रहा है जबकि ‘एल नीनो’ मजबूत हो रहा है, जिससे बारिश सामान्य से कम हो सकती है। यूरेशिया क्षेत्र में बर्फ के कम फैलाव को भी कमजोर मानसून का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। किसानों और आम जनता पर असर अगर मानसून कमजोर रहता है, तो इसका सीधा असर किसानों की फसलों और जल संसाधनों पर पड़ेगा। साथ ही, बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग में इजाफा और पानी की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। प्रशासन अलर्ट पर प्रदेश में बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।  

Udaipur में अचानक तापमान उछाल, मौसम विभाग ने दी हीटवेव की चेतावनी

  जैसलमेर राजस्थान के जैसलमेर में भीषण गर्मी पड़ने लगी है. तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, और इसका असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है. सोमवार को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा है. दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने हालात और भी मुश्किल कर दिए. सड़कों पर सन्नाटा नजर आया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले.   आने वाले समय में और बढ़ेगा तापमान शहर के विभिन्न इलाकों में लगाए गए प्याऊ और मटकी का ठंडा पानी राहगीरों के लिए राहत का जरिया बन रहा है. लोग रुककर पानी पीते नजर आ रहे हैं, जिससे कुछ हद तक गर्मी से राहत मिल रही है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सावधानी बरतने, दोपहर में धूप से बचने और ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है. उदयपुर के तापमान में अचानक उछाल उदयपुर में पिछले तीन दिनों में तापमान में अचानक उछाल देखने को मिला हैं. सोमवार को तापमान 39.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो कि इस महीने का सबसे गर्म दिन रहा. यहीं नहीं, मौसम विभाग ने इस सप्ताह आसमान साफ रहने और तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई हैं. वहीं मंगलवार दोपहर को अचानक गर्म हवाएं चलने लगी और हीटवेव का अहसास दिलाने लगी.    इस बार सामान्य रहेगी बारिश   इस साल मानसून को लेकर तस्वीर थोड़ी चिंताजनक नजर आ रही है.  मौसम विभाग के पहले पूर्वानुमान में साफ कहा गया है कि देश में इस बार सामान्य से कम बारिश हो सकती है. जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश औसत का करीब 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है, यानी लगभग 8 प्रतिशत की कमी होने का अनुमान है. मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इसकी सबसे बड़ी वजह अल नीनो को माना जा रहा है.  यह प्रशांत महासागर के पानी के गर्म होने की स्थिति होती है जो भारत में मानसून को कमजोर कर देती है.  इसका असर जून के आसपास दिखना शुरू हो सकता है जिससे मानसून की शुरुआत और उसकी रफ्तार दोनों प्रभावित हो सकती हैं.

अल नीनो का असर, मानसून कमजोर पड़ने की आशंका

जयपुर अगर आप भीषण गर्मी के बाद झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं, तो मौसम विभाग का यह ताजा अपडेट आपको थोड़ा निराश कर सकता है. विभाग के पहले पूर्वानुमान के मुताबिक, इस साल देश में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है. जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश औसत का केवल 92 प्रतिशत ही रह सकती है, यानी सीधा-सीधा 8 प्रतिशत का घाटा. क्यों रूठेंगे बादल? 'अल नीनो' है बड़ी वजह जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने मंगलवार को NDTV राजस्थान से बातचीत में बताया कि इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह 'अल नीनो' को माना जा रहा है. दरअसल, प्रशांत महासागर का पानी जब गर्म होने लगता है, तो भारत में मानसून कमजोर पड़ जाता है. इसका असर जून के आसपास दिखना शुरू हो सकता है, जिससे न सिर्फ मानसून की शुरुआत धीमी होगी, बल्कि उसकी रफ्तार पर भी ब्रेक लग सकता है. राजस्थान समेत इन राज्यों पर सबसे ज्यादा असर आंकड़ों की मानें तो उत्तर भारत के राज्यों- राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 से 20 प्रतिशत तक कम बारिश होने की आशंका है. मध्य भारत में भी 5 से 10 प्रतिशत की कमी रह सकती है. हालांकि, पूर्वोत्तर भारत में बारिश सामान्य रहने की उम्मीद है. पिछले 10 साल में यह दूसरी बार है जब मानसून इतना कमजोर रहने वाला है. जेब और खेती पर पड़ेगा बुरा असर देश की 75 प्रतिशत बारिश मानसून पर टिकी है. अगर बारिश कम हुई, तो धान, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों का उत्पादन घट सकता है. जब पैदावार कम होगी, तो बाजार में कीमतें बढ़ेंगी और महंगाई आम आदमी की कमर तोड़ सकती है. इसके अलावा, कम बारिश का मतलब है पानी की कमी और बिजली की बढ़ती मांग. राजस्थान में 44 डिग्री का 'टॉर्चर' शुरू मानसून तो बाद में आएगा, लेकिन गर्मी ने अभी से पसीने छुड़ा दिए हैं. पिछले 24 घंटों में बाड़मेर में पारा 41.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है. मौसम विभाग का कहना है कि 17 और 18 अप्रैल को जोधपुर और बीकानेर संभाग में तापमान 42 से 44 डिग्री तक पहुंच सकता है. अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में भीषण हीटवेव (लू) चलने की भी चेतावनी दी गई है. आमतौर पर देश में मानसून सीजन के दौरान करीब 87 सेंटीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार यह घटकर लगभग 80 सेंटीमीटर तक रह सकती है. यह गिरावट भले बहुत बड़ी न लगे लेकिन इसका असर कई स्तरों पर देखने को मिल सकता है.

CG Weather Alert: 14 अप्रैल के बाद चिलचिलाती गर्मी और लू का असर, तापमान में उछाल तय

रायपुर. छत्तीसगढ़ में तापमान चढ़ने लगा है. अब प्रचंड गर्मी का दौर शुरू होने वाला है. पिछले चौबीस घंटे में राजधानी का पारा एक डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है. आने वाले दिनों में लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने से पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के अनुमान हैं. मौसम विभाग ने 14 अप्रैल के बाद प्रदेश के कई क्षेत्रों में ग्रीष्म लहर चलने की संभावना जताई है. मौसम विभाग का अनुमान है कि गर्मी का ज्यादा प्रभाव रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर जैसे संभागों में रह सकता है। आसमान खुलने के बाद अब धूप तेज लगने लगी है भले ही प्रदेश का टेंफ्रेंचर सामान्य से कम दर्ज किया जा रहा है मगर इसमें बढ़ोतरी हो रही है. रायपुर का अधिकतम तापमान 37 से बढ़कर 38 डिग्री तक पहुंच गया. पिछले 24 घंटों में प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा.  प्रदेश में  सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.4 °C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.0°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया। इस दौरान कहीं भी बारिश की गतिविधि नहीं हुई. सिनोप्टिक सिस्टम फिलहाल, दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ से लेकर मराठवाड़ा, आंतरिक कर्नाटक और आंतरिक तमिलनाडु तक फैले क्षेत्र के ऊपर उत्तर-दक्षिण दिशा में एक गर्त के रूप में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.