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मॉनसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, कई राज्यों में तेज हवाओं की चेतावनी

नई दिल्ली दिनभर भीषण गर्मी के बाद कई दिनों से शाम के समय आंधी-तूफान और बारिश का क्रम जारी है। ये सिलसिला उत्तर भारत के कई राज्यों में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी मॉनसून केरल से आगे बढ़कर महाराष्ट्र पहुंचा है। देश की राजधानी दिल्ली तक मॉनसून 25 जून के बाद ही पहुंचेगा और इसके बाद यहां से देश के दूरे इलाकों में जाएगा। इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे के अंदर 11 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 80 की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं। IMD के मुताबिक केरल के अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश का अलर्ट है। अगले 2 से 5 दिनों में मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों की तरफ आगे बढ़ सकता है। वहीं 8 से 12 जून के बीच राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ओडिशा समेत कई इलाकों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम  दिल्ली-NCR (8 जून से 11 जून) दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी से राहत बनी रहेगी। फिलहाल अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। कहीं-कहीं आंधी, गरज-चमक, बारिश तथा तेज सतही हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी। 8 जून को तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है। 9 जून, 10 जून और 11 जून को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान क्रमशः 26, 27 और 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। उत्तर प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम यूपी (8 जून से 12 जून): आजमगढ़, मऊ, देवरिया, जौनपुर, वाराणसी, संतरकरीबनगर, मिर्जापुर, प्रयागराज, सोनभद्र, कौशांबी, प्रतापगढ़, अमेठी, अयोध्या, गोंडा समेत पूर्वांचल के कई जिलों में मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती है। IMD के अनुसार, पूर्वी यूपी में 10-12 जून को बारिश/गरज-चमक की संभावना है। बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम  बिहार (8 जून से 12 जून): सारण, बक्सर, कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास, गया, नालंदा, वैशाली, पटना, शेखपुरा, जमुई, लखीसराय में 8 जून को आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भागलपुर और बांका में भारी बारिश की संभावना है। IMD के मुताबिक, 9-10 जून को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। मध्य प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम मध्य प्रदेश (8 जून): विदिशा, रायसेन (भीमबेटका और सांची सहित), नर्मदापुरम (पचमढ़ी), हरदा, खंडवा (ओंकारेश्वर) और शहडोल जिलों में मध्यम स्तर की गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। श्योपुर (कूनो नेशनल पार्क), देवास, सीहोर, मुरैना, राजगढ़, उज्जैन (महाकालेश्वर), शिवपुरी, आगर, शाजापुर, इंदौर, खरगोन, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, भोपाल (बैरागढ़), नरसिंहपुर, सागर, सतना (चित्रकूट), मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में हल्की गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान में कल कैसा रहेगा मौसम  राजस्थान (8 जून से 11 जून): कोटपूतली, बहरोड़, बीकानेर, डूंगरगढ़, झालावाड़ में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कुछ भागों में आंधी- बारिश की गतिविधियां अभी एक-दो दिन जारी रहने की संभावना है। इसके बाद भी पूर्वी राजस्थान में छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। आठ जून से आंधी बारिश की गतिविधियों में कमी होने तथा तापमान में 2-3 डिग्री बढ़ोतरी होने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में आठ से 11 जून तक कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। महाराष्ट्र में कल कैसा रहेगा मौसम महाराष्ट्र (8 जून से 15 जून): विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी में बारिश का अनुमान है। 9 जून तक इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने नागरिकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों, टिन शेड, विद्युत ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभों और खुले बिजली के तारों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। केरल में कल कैसा रहेगा मौसम केरल (8 जून से 10 जून): मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर और पलक्कड़ के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ है। 8 से 10 जून तक केरल में गरज के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। तमिलनाडु में कल कैसा रहेगा मौसम तमिलनाडु (8 जून): इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुप्पुर, मदुरै, विरुधुनगर, कन्याकुमारी, तेनकासी और तिरुनेलवेली में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। नीलगिरी, थेनी और दिंडीगुल जिलों के साथ-साथ कोयंबटूर जिले के घाट क्षेत्रों में बारिश होगी। गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की चेतावनी है। आंध्र प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम आंध्र प्रदेश (8 जून से 17 जून): आंध्र प्रदेश में मानसून की शुरुआत अनंतपुर, तिरुपति और चित्तूर क्षेत्र से हुई है और अगले दो से तीन दिनों में इसके राज्य के अन्य हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून के सक्रिय होने से खेती-किसानी को बड़ा लाभ मिलेगा। आने वाले सात दिनों के दौरान रायलसीमा क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। फिलहाल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, लेकिन सातवें दिन यानी 13-14 जून के आसपास तटीय आंध्र प्रदेश में भी वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

सीकर-बीकानेर में बदला मौसम, तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश

 जयपुर राजस्थान में शन‍िवार देर शाम हुई बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दिलाई. आज से प्रदेश का मौसम करवट लेने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में सक्रिय परिसंचरण तंत्र के कारण जारी आंधी बारिश का दौर अब थमने की संभावना है. हालांकि आज प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है. बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत सीकर और बीकानेर में दोपहर बाद मौसम का मिजाज अचानक बदल गया. दिनभर की तेज धूप और भीषण गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. दोपहर के समय जहां तापमान बढ़ने से सड़कों पर आवाजाही कम नजर आई और लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में रहने को मजबूर रहे. शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली और आसमान में बादल छा गए. तेज हवाओं के साथ फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, सीकर शहर, धोद सहित इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली. शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने लंबे समय बाद गर्मी से राहत महसूस की. मौसम विभाग की ओर से भी आज प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी दी गई है. इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अलवर, भरतपुर, दौसा,डीग, धौलपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़,सवाईमाधोपुर, सीकर,चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले में आंधी बारिश का अलर्ट जारी किया है.   कल से गर्मी से मिलेगी राहत सोमवार से आंधी बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी. इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है. यानी 8 जून के बाद गर्मी से मिली राहत खत्म होने वाली है और एक बार फिर हिटवेव की चेतावनी है.  कल प्रदेश में बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट है.   46 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तापमान पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में 8 से 11 जून के बीच कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, तथा कहीं-कहीं लू चलने की भी संभावना है.

मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे भारी, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा; 50 जिलों में येलो अलर्ट जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है. शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे तपते तापमान से लोगों को बड़ी राहत मिली है. जहां एक तरफ आंधी और बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए बिजली गिरने और तेज हवाओं का आरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार केरल पहुंच चुका मानसून इस बार मध्य प्रदेश में अपनी सामान्य तारीख से कुछ दिन की देरी से पहुंचेगा।  ​प्री-मानसून की दस्तक, कहीं बरसे बादल, कहीं उड़ी धूल ​प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं. शुक्रवार को मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और धूलभरी आंधी का असर देखने को मिला. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में रतलाम में 12 मिलीमीटर और धार में 8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई. इसके अलावा श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर और रायसेन सहित दो दर्जन से अधिक जिलों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।  एमपी में मानसून की एंट्री से पहले प्री-मानसून जमकर बरस रहा है। बीते 24 घंटे में 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी के साथ पानी गिरा। ऐसा ही मौसम शनिवार को भी बना रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) ने प्रदेश के 52 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, प्रदेश के ऊपर 3 साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एक्टिव है। इस वजह से तेज आंधी और बारिश का दौर है। आज इन जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को भोपाल, रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश के आसार हैं। आलीराजपुर, झाबुआ और रतलाम में इससे थोड़ी राहत मिल सकती है। पचमढ़ी से ठंडा श्योपुर, 32 डिग्री रहा तापमान आंधी और बारिश की वजह से प्रदेश में दिन का तापमान लुढ़क गया है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के एकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडा श्योपुर रहा। यहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में देर शाम कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, पचमढ़ी में तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा। गुना में 35.4 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री, बैतूल में 36.5 डिग्री, सतना में 36.6 डिग्री, धार और नर्मदापुरम में 36.9 डिग्री रहा। खरगोन, नरसिंहपुर, खजुराहो, खंडवा और छिंदवाड़ा में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, भोपाल में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 37.9 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस रहा। केरल पहुंचा मानसून, एमपी में 20 जून तक आने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 5 से 7 दिन लेट हो सकती है। प्रदेश में मानसून के एंटर होने की सामान्य तारीख 15 जून है। दक्षिणी हिस्से से मानसून एमपी में दस्तक देता है। साल 2025 में 1 दिन बाद यानी 16 जून को मानसून एंटर हो गया था, जबकि विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। सामान्यत: केरल में आने के 15 दिन बाद एमपी में भी मानसून दस्तक दे देता है। इस वजह से इस बार प्रदेश में मानसून आने की तारीख 20 से 22 जून बताई जा रही है। केरल में 4 जून को ही मानसून ने दस्तक दी है। ​पचमढ़ी से भी ठंडा रहा श्योपुर, तापमान में भारी गिरावट बता दें कि ​गुरुवार रात और शुक्रवार को हुई बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया. प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में दिन और रात दोनों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. आंधी और बारिश की वजह से प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया. खास बात यह रही कि प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी, जहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा, उससे भी ठंडा श्योपुर दर्ज किया गया।  श्योपुर में अधिकतम तापमान महज 32 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं ​बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.3 डिग्री कम होकर 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री नीचे गिरकर 20.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. वहीं इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, ग्वालियर में 37.9 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।  ​विदिशा, गुना और अशोकनगर में वज्रपात की चेतावनी ​मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए कुछ जिलों में बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है. इसके अनुसार विदिशा, गुना और अशोकनगर जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी करते हुए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

मानसून की आहट के बीच पंजाब में मौसम विभाग की चेतावनी, कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने का खतरा

चंडीगढ़   पंजाब और चंडीगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र ने 6 जून के लिए राज्य के सात जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि तीन जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 से 25 जून के बीच पंजाब में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार मुक्तसर, बठिंडा और मानसा जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं पठानकोट, होशियारपुर, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, रूपनगर और मोहाली में बारिश होने के आसार जताए गए हैं। इन जिलों के प्रशासन को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। मानसून की प्रगति पर मौसम विभाग की नजर मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य बनी हुई है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति कायम रहती है और वातावरणीय परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो मानसून 20 से 25 जून के बीच पंजाब पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष राज्य में मानसूनी वर्षा सामान्य से 8 से 10 प्रतिशत कम रहने की संभावना है। इसके बावजूद जून के मध्य से प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई वर्षा का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। राज्य के अधिकतम तापमान में औसतन 2.2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। इसके बाद तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का मानना है कि फिलहाल बारिश और बादलों के कारण गर्मी से कुछ राहत बनी रहेगी। जून के पहले पांच दिनों में सामान्य से अधिक बारिश 5 जून की सुबह तक पंजाब में औसतन 2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस दौरान एसबीएस नगर में 9.5 मिलीमीटर और रूपनगर में 6.9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। जून के पहले पांच दिनों में राज्य में औसतन 3.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य औसत 2.8 मिलीमीटर से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। सबसे ज्यादा वर्षा एसबीएस नगर, अमृतसर, रूपनगर और मानसा में दर्ज की गई। दूसरी ओर बरनाला, मोगा और पठानकोट में अब तक बारिश नहीं हुई है। फाजिल्का और बठिंडा में भी बहुत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब और मानसा में इस अवधि के दौरान सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। इससे खेती और जल संसाधनों को शुरुआती राहत मिली है। हालांकि वर्षा का वितरण पूरे राज्य में समान नहीं रहा। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में अब भी बादलों का इंतजार बना हुआ है। उत्तर भारत के मौसम पर सक्रिय सिस्टमों का असर दक्षिण-पश्चिम मानसून 5 जून 2026 तक देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में यह गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य क्षेत्रों तक और आगे बढ़ सकता है। उधर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण का असर उत्तर भारत के मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से पंजाब समेत कई इलाकों में बादल, बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी हुई हैं। सुरेंद्र पाल के अनुसार 6, 7 और 11 जून को पंजाब के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं 6 और 11 जून को कुछ इलाकों में बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अधिकतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो सकता है और अगले चार दिनों के दौरान इसमें 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

धूल भरी आंधी और बारिश का असर: पंजाब में तापमान गिरेगा, उमस से मिलेगी राहत

चंडीगढ़  पंजाब में आज और कल भी माैसम खराब रहेगा। इससे पहले वीरवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। कई जिलों में तेज धूल भरी आंधी के साथ बारिश हुई जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।  अमृतसर में दोपहर करीब तीन बजे तेज हवाओं और बारिश के बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से 40 डिग्री के आसपास पहुंच रहे तापमान से परेशान लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि दिन के समय मौसम शुष्क रहने के कारण पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 2.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य में सबसे अधिक 42.5 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान में भी 1.1 डिग्री की वृद्धि हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस एसबीएस नगर में दर्ज किया गया। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते राज्य का तापमान सामान्य के करीब बना हुआ, जबकि 24 घंटे में तापमान में 2.1 डिग्री की बढ़ौतरी देखने को मिली है। वीरवार को राज्य का अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक दर्ज किया गया और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने का अुनमान है।  बठिंडा रहा सबसे गर्म वीरवार को राज्य में सबसे अधिकत तापमान बठिंडा दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लुधियाना में लगभग 40.4 डिग्री, पटियाला में 40.6 डिग्री, अमृतसर में 38.8 डिग्री और चंडीगढ़ में लगभग 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहा और केवल कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या नाममात्र वर्षा दर्ज की गई। जानें कैसा रहेगा मौसम 5 जून- इस दिन राज्य के पश्चिमी हिस्सों जैसे फरीदकोट, फिरोजपुर,मुक्तसर और फाजिल्का में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। जबकि अन्य पूरे राज्य में बारिश और तेज हवाओं के साथ आंधी का असर दिख सकता है। इस दौरान बादल छाए रहने और हल्की वर्षा की स्थिति बन सकती है। 6 जून- इस दिन पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला और मानसा में बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं। अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। 7-8 जून- इन दिनों में मौसम विभाग ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया। अधिकांश हिस्सों में मौसम काफी हद तक सामान्य या साफ रहने की संभावना है, हालांकि कुछ जिलों में हल्के बादल बने रह सकते हैं।  आंधी के दौरान कई स्थानों पर धूल का गुबार छा गया और दृश्यता प्रभावित हुई। बारिश के बाद मौसम साफ हुआ और तापमान में कमी आई। अमृतसर का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री जबकि लुधियाना 40.4 और पटियाला 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना है। सात जून को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद आठ और नौ जून को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 10 जून से नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम फिर बदल सकता है। 

हीटवेव से मिलेगी राहत, पंजाब में आज से तेज हवाएं और बारिश के आसार, 3 दिन मौसम रहेगा खराब

चंडीगढ़ पंजाब में भीषण गर्मी से आज राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने आज से अगले चार दिनों तक तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं बुधवार को भीषण गर्मी का असर जारी रहा और फरीदकोट में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।  मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे रहा, लेकिन शुष्क मौसम के कारण इसमें 0.2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। वीरवार और शुक्रवार को मौसम सबसे अधिक प्रभावित रहने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बारिश होने के आसार हैं।  चंडीगढ़ में आज (4 जून) से लेकर 6 जून तक बारिश और आंधी का अलर्ट ऑरेंज है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद मौसम ड्राई रहेगा। अभी हीट वेव से राहत बनी रहेगी। जून की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने फिर से अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबित तापमान में 0.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, हालांकि यह अभी भी सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे है। फरीदकोट में सबसे अधिक तापमान 42.6 डिग्री दर्ज किया गया है। विभाग के अनुसार, आज पंजाब में बारिश होने की संभावना है। हालांकि 5 जून से बारिश की गतिविधियां पश्चिमी क्षेत्रों से कम होने लगेंगी और धीरे-धीरे पूर्वी इलाकों की ओर शिफ्ट होंगी। इसी तरह आज-कल चंडीगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। यहां तेज हवाएं चल सकती हैं और मूसलाधार बारिश भी हो सकती है। सभी जिलों में तापमान 35 से 42 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है। आठ जून से फिर शुष्क होगा मौसम छह और सात जून के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बदलाव से तापमान में 4 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।अमृतसर और लुधियाना का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री, पटियाला का 39.4 डिग्री और रूपनगर का 37.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर में सबसे कम 22.4 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। विभाग के अनुसार आठ जून से मौसम फिर शुष्क हो जाएगा।  23% कम बारिश दर्ज जून में अब तक 23 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। 3 जून 2026 को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों (2 जून सुबह 8:30 बजे से 3 जून सुबह 8:30 बजे तक) अमृतसर में 7.8 मिमी, तरनतारन में 4.7 मिमी, गुरदासपुर में 3.8 मिमी, फिरोजपुर में 2.2 मिमी और फरीदकोट में 0.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और होशियारपुर समेत कई जिलों में बारिश नहीं हुई। पंजाब में औसतन बारिश 1.2 मिमी दर्ज की गई, जो सामान्य 1.5 मिमी के मुकाबले 23 प्रतिशत कम है। हालांकि जून के पहले तीन दिनों (1 से 3 जून) के आंकड़े देखें तो अमृतसर में सामान्य से 460 प्रतिशत, तरनतारन में 200 प्रतिशत और फिरोजपुर में 175 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। दूसरी ओर पठानकोट, जालंधर, मोहाली और संगरूर समेत राज्य के कई हिस्सों में अब तक एक भी मिमी बारिश दर्ज नहीं हुई। मानसून अब आगे बढ़ने लगा मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। 4 जून के आसपास इसके केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में पहुंचने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर पाकिस्तान के ऊपर भी एक नया पश्चिमी विक्षोभ बन गया है। इससे उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला रह सकता है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है। तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम…     5 जून: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला के कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसी दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।     6 जून: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा के कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं (40–50 किलोमीटर प्रति घंटा) चलने की संभावना है। इसके साथ ही इन जिलों और फरीदकोट में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।     7 जून: कोई अलर्ट नहीं।

गर्मी से राहत लेकिन खतरा भी! पंजाब-चंडीगढ़ में आज आंधी, ओलावृष्टि और तेज बारिश का अलर्ट

पटियाला पंजाब में भीषण गर्मी से लोगों को आज राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी कर कहा है कि पंजाब में 80 किलोमीटर की रफ्तार से तूफान, ओले और भारी बारिश होगी।  इससे पहले गुरुवार को बठिंडा में कोर्ट में पेशी पर आए एक युवक की लू लगने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग अलग-अलग जगहों पर बेहोश होकर गिर पड़े।  मृतक की पहचान वरिंदर सिंह (24) निवासी गांव महिमा सरजा के रूप में हुई है। वह कोर्ट में पेशी पर आया था। वहीं माल रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति अधिक कैप्सूल खाने के बाद गर्मी से बेहोश हो गया, जबकि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी दो यात्री चक्कर खाकर गिर पड़े। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। प्रदेश में 70 से 80 किलोमीटर की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आएगा, गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के मुताबिक शनिवार को ऑरेंज अलर्ट रहेगा और 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलेंगी।  फरीदकोट 45.4 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि बठिंडा में 45.0, फाजिल्का में 43.0 और फिरोजपुर में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के असर से पंजाब के तापमान में 2.1 डिग्री की गिरावट आई है, लेकिन रेड अलर्ट के चलते प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।  मौसम विभाग ने ओलावृष्टि से फसलों, वाहनों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें, जबकि आम लोगों से कहा गया है कि वे पेड़ों और बिजली लाइनों से दूर रहें और ओलावृष्टि होने पर सिर की रक्षा करें। चंडीगढ़ में भी अलर्ट भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे ट्राइसिटी के लोगों को अगले 48 घंटों में राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 29 और 30 मई को तेज आंधी, गरज के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं जबकि कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। वीरवार को शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 29 मई को आंशिक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 30 मई को मौसम और सुहावना हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 31 मई और 1 जून को भी राहत बनी रहेगी। इन दिनों अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जो सामान्य से काफी कम होगा। हालांकि 2 जून से मौसम साफ होने के साथ तापमान दोबारा बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इधर, तेज हवाओं और धूल भरी आंधी का असर शहर की हवा की गुणवत्ता पर भी दिखाई देने लगा है। लंबे समय बाद चंडीगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब श्रेणी में पहुंच गया। चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के अनुसार वीरवार को शहर का औसत एक्यूआई 131 दर्ज किया गया। मई माह में पहली बार एक्यूआई 100 के पार पहुंचा है। शहर के सेक्टर-22 में सबसे अधिक 154 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-25 में यह 108 रिकॉर्ड हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवाओं के साथ वातावरण में धूल के महीन कण फैलने से प्रदूषण स्तर बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्थमा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से सुबह और शाम के समय बाहर कम निकलने और मास्क का उपयोग करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से कूड़ा और सूखी पत्तियां न जलाने की अपील की है ताकि प्रदूषण का स्तर और न बढ़े। मौसम विभाग का कहना है कि यदि धूल भरी हवाओं का असर जारी रहा तो आने वाले दिनों में एक्यूआई में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।  

जयपुर से जैसलमेर तक तपिश का कहर, 45 डिग्री पार तापमान, हीटवेव का अलर्ट

जयपुर राजस्‍थान में शनिवार को मौसम ने करवट ली. कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने तापमान थोड़ा कम किया. जयपुर, हनुमानगढ़, अलवर, टोंक जिलों के आस पास तेज हवाएं चलने से रात में गर्मी का असर कम रहा. हालांकि, शेखावाटी क्षेत्र के आस पास पश्चिमी विक्षोभ बनने से आज भी हल्की बरसात हो सकती है, लेकिन आज से भीषण गर्मी का दौर शुरू होने वाला है. 2 जून तक रहेगा नौतपा    कल यानी 25 मई से प्रदेश में नौतपा शुरू हो रहा है. 25 मई से 2 जून तक प्रदेश में नौतपा रहेगा. इस दौरान भीषण गर्मी का अलर्ट है. मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 3 डिग्री तक बढ़ने का अनुमान है. पश्चिमी और पूर्वी भागों में हीटवेव का अलर्ट है.    जैसलमेर में तापमान 45 के पार पिछले 24 घंटे में जैसलमेर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा बाड़मेर 45.1, फलोदी 45, बीकानेर में 44.9 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश के कई शहरों में 40 से अधिक तापमान दर्ज हुआ.  राजधानी जयपुर का तापमान 42.6 डिग्री तक पहुंच गया है.     19 शहरों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने आज 19 शहरों के लिए हीटवेव का येलो अलर्ट और 3 शहरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के अलवर, बारां, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, डीग, धौलपुर, झालावाड़, झुंझनू, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, कोटा, प्रतापगढ़, सीकर, बालोतरा, बाड़मेर, चूरू, हनुमानगढ़, जोधपुर, श्रीगंगानर में हीटवेव का येलो अलर्ट और बीकानेर, जैसलमेर और फलोदी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.   अभी तक 43 लोग लू की चपेट में आ चुके भीषण गर्मी से अभी तक 43 लोग लू की चपेट में आ चुके हैं. हालांकि, अच्छी बात रही सभी लोग इलाज के बाद स्वस्थ है. विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे और सर को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें. उसका सेवन करते रहे.

प्रचंड धूप और लू से तप रहा उत्तर प्रदेश, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

लखनऊ यूपी में प्रचंड धूप, गर्म हवाओं ने शुक्रवार को भी 25 शहरों को झुलसाया। बांदा 46.4 और प्रयागराज 46.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहे। मौसम विभाग ने चार जिलों के लिए रेड, 18 के लिए ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और लू चलने की चेतावनी जारी की है। क्या है वजह मध्य भारत में प्रति चक्रवात, शुष्क पछुआ से समूचा प्रदेश तप रहा है। कहां असर चार जिलों के लिए लू का रेड, 18 में ऑरेन्ज अलर्ट। तापमान अधिकतम 42.4 डिग्री, न्यूनतम सामान्य से 3.3 डिग्री 28.8 डिग्री यहां रेड अलर्ट बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी और प्रयागराज। आगे क्या: दो दिन बाद पछुआ और बढ़ाएगी तपिश मौसम विभाग के अनुसार हवा के ऊपरी क्षोभमंडल में पुरवा ने जोर पकड़ लिया है। इससे हवा में नमी बढ़ गई, जिसके कारण ज्यादातर शहरों के अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री तक की कमी आई है। मौसम मुख्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यह राहत 48 घंटे की है, इसके बाद फिर गर्म पछुआ जोर पकड़ेगी और तपिश चढ़ेगी। आसमान से बरसती आग को कम नहीं कर सका एक डिग्री गिरा पारा भीषण गर्मी के बीच शुक्रवार को पश्चिम यूपी में दिन के तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट भी राहत नहीं दे सकी। दिनभर चिलचिलाती धूप और लू के बीच वेस्ट यूपी में प्रचंड गर्मी का प्रकोप जारी रहा। अब तक दिन में जारी भीषण गर्मी का असर अब रात को भी होने लगा है। मेरठ में शुक्रवार को न्यूनतम मापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो इस सीजन का सर्वाधिक है। गुरुवार की रात मेरठ में सीजन की सबसे गर्म रही। आने वाले 24-48 घंटे में दिन-रात के तामपान में और बढ़ोतरी के आसार हैं। रात में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। मेरठ में अभी नियंत्रण में वेट 24 मई को राहत की आस निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार 24 मई के आसपास दिल्ली और वेस्ट यूपी के कुछ हिस्सों में आंधी एवं हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। इससे तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद कम है। वेट बल्ब तापमान सामान्य भीषण गर्मी के बीच मेरठ में राहत की बात सिर्फ इतनी है कि यहां अभी वेट बल्ब तापमान सामान्य सीमा में है। वेट बल्ब तापमान हवा के तापमान और उसकी आर्द्रता यानी नमी का संयुक्त माप है जो बताता है कि पसीना आने पर शरीर स्वयं को कितना ठंडा रख सकता है। थर्मामीटर पर गीला कपड़ा लपेटकर मापा जाता है। जब गर्म हवा में नमी अधिक होती है तो पसीना वाष्पीकृत नहीं हो पाता और शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। ऐसे में हमें सामान्य से कहीं अधिक भीषण गर्मी का अहसास होता है। वैज्ञानिक स्थिति में 35 डिग्री सेल्सियस का वेट बल्ब तापमान मानव शरीर के लिए अधिकतम सीमा है। वेट बल्ब तापमान ऊपर चला जाता है तो पसीना वाष्पीकृत होना पूरी तरह बंद हो जाता है और मौत तक हो सकती है। शुक्रवार को मेरठ में वेट बल्ब तापमान 27.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो अभी सहनीय श्रेणी में है। 25-30 डिग्री का वेट बल्ब तापमान असहज की स्थिति पैदा करता है 30-31 डिग्री सेल्सियस उच्च जोखिम स्तर लाता है। 31-35 डिग्री सेल्सियस अत्यधिक जोखिम श्रेणी है।

25 मई से शुरू होगा नौतपा, मध्यप्रदेश में 10 दिन तक झुलसाएगी तेज लू

भोपाल  मध्यप्रदेश में नौतपा से पहले ही गर्मी ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। शुक्रवार को कई जिलों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाके में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की आशंका है। हालात ये हैं कि सुबह 9 बजे के बाद ही सड़कों पर गर्म हवाएं महसूस होने लगती हैं और दोपहर आते-आते बाजारों में भीड़ कम हो जाती है। भोपाल समेत कई शहरों में लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है और इसके बाद अगले 9 से 10 दिन गर्मी अपने चरम पर रहने की संभावना है। प्रदेश के 41 जिलों में लू के लिए चेतावनी जारी की गई है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, विदिशा, सागर, रीवा, सीधी और सिंगरौली जैसे कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं, भोपाल, उज्जैन, सीहोर, रायसेन, जबलपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट समेत 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां तापमान 43 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। इंदौर, धार, बड़वानी और नर्मदापुरम में भले ही लू की सीधी चेतावनी नहीं दी गई हो, लेकिन उमस और तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिन तक राहत मिलने की उम्मीद कम है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच गर्मी सबसे ज्यादा असर दिखा रही है, और इसी दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कहीं 50 डिग्री ना पहुंच जाए?  नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है, लेकिन उससे पहले ही प्रदेश के कई शहरों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. ऐसी आशंका है कि कहीं पारा 50 डिग्री तक ना पहुंच जाए. लगातार गर्म हवाओं और सूखी पश्चिमी हवाओं के कारण प्रदेश में राहत की संभावना फिलहाल बेहद कम नजर आ रही है।  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार नौतपा के शुरुआती 8 से 10 दिन बेहद तीखे रह सकते हैं. उत्तर भारत और मध्य भारत के बड़े हिस्से में बना हाई प्रेशर सिस्टम गर्मी को और खतरनाक बना रहा है. IMD के विस्तारित पूर्वानुमान में साफ कहा गया है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में गंभीर हीटवेव की स्थिति अगले कई दिनों तक बनी रह सकती है. प्रदेश के नौगांव, खजुराहो, दतिया, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार नौगांव में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच चुका है जबकि खजुराहो में भी पारा 46 डिग्री के करीब रिकॉर्ड किया गया. गर्म रातें भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं क्योंकि न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है।  चार जिलों में रेड अलर्ट, कई शहरों में ऑरेंज वार्निंग IMD और मौसम केंद्र भोपाल के ताजा अलर्ट के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में गंभीर लू चलने की आशंका है. बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित माने जा रहे हैं. दतिया, भिंड, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे जिलों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति बताई जा रही है. वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।  मौसम विभाग की सलाह है कि लोग लगातार पानी पीते रहें और धूप में जाने से बचें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बच्चों-बुजुर्गों का खास ख्याल रखने की सलाह दी गई है। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें लगभग सुनसान नज़र आ रही हैं। ग्वालियर और बुंदेलखंड में गर्म हवाओं का असर अधिक है। वहीं, भोपाल और इंदौर में गर्मी के बीच कभी-कभी बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी का भी ट्रेंड चल रहा है, लेकिन इससे उमस और बढ़ गई है। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर ध्यान दें तो मई महीने में प्रदेश के बड़े शहरों में रिकॉर्ड तापमान दर्ज हो चुका है। ग्वालियर में पारा 48 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जबकि भोपाल और जबलपुर में भी कई बार तापमान 46 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार नौतपा के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज गर्मी का लंबा दौर देखने को मिल सकता है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक मौसम विभाग ने साफ कहा है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है. लगातार चल रही गर्म हवाओं ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं. अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट एक्सॉशन के मरीज बढ़ने लगे हैं।  नौतपा में क्यों बढ़ती है गर्मी भारतीय पंचांग के अनुसार सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तब नौतपा की शुरुआत मानी जाती है. यह लगभग 9 दिनों की अवधि होती है जिसमें सूर्य की किरणें सीधे धरती पर असर डालती हैं. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान यदि तेज गर्मी पड़ती है तो मानसून सामान्य रहने की संभावना बढ़ती है. हालांकि इस बार चिंता की वजह यह है कि नौतपा शुरू होने से पहले ही तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है. वैज्ञानिकों के अनुसार शुष्क हवाएं, कम नमी और बादलों की अनुपस्थिति मिलकर गर्मी को और तीखा बना रही हैं. उत्तर भारत से आ रही गर्म हवाओं का असर सीधे मध्य प्रदेश पर पड़ रहा है।  22 शहरों में 44 डिग्री के पार पहुंचा पारा मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 22 से ज्यादा शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है. नौगांव सबसे गर्म शहरों में शामिल है. खजुराहो, रीवा, सतना, सागर और ग्वालियर में भी तापमान तेजी से बढ़ा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 72 घंटे सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।  स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा … Read more