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पंजाब की शाही पेड़े वाली लस्सी, गर्मी में देती है ठंडक और ऊर्जा

पंजाब अपनी मेहमाननवाजी और खानपान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां की पेड़े वाली लस्सी साधारण लस्सी से थोड़ी अलग और शाही होती है. यह लस्सी न केवल गाढ़ी और मलाईदार होती है बल्कि इसमें घुले हुए दूध के पेड़े इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देते हैं. चिलचिलाती गर्मी में एक गिलास पेड़े वाली लस्सी पीते ही शरीर को गजब की ठंडक और ऊर्जा मिलती है. पंजाब में लस्सी को सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि खुराक माना जाता है. पेड़े वाली लस्सी की शुरुआत अमृतसर और पटियाला जैसे शहरों से हुई. इसमें ताजे दही के साथ दूध को जलाकर बनाए गए खोया के पेड़े को मसलकर डाला जाता है. यह लस्सी आम लस्सी के मुकाबले काफी भारी और पौष्टिक होती है. इसमें ऊपर से डाली गई गाढ़ी मलाई की परत और सूखे मेवे इसे एक डेजर्ट जैसा अहसास देते हैं. पेड़े वाली लस्सी के लिए तैयार कर लें ये चीजें ताजा दही: 2 कप (गाढ़ा) दूध के पेड़े: 3-4 (मैश किए हुए) चीनी: 2 बड़े चम्मच (स्वादानुसार, क्योंकि पेड़ों में भी मिठास होती है) इलायची पाउडर: आधा छोटा चम्मच ठंडा दूध: आधा कप मलाई: ऊपर से डालने के लिए (ताजी) गार्निशिंग के लिए: बारीक कटे बादाम, पिस्ता और केसर के धागे बनाने का तरीका एक बड़े बर्तन या मिक्सी जार में गाढ़ा दही और मैश किए हुए पेड़े डालें. पारंपरिक स्वाद के लिए इसे मथनी से मथें. अगर मिक्सी का उपयोग कर रहे हैं, तो बहुत कम चलाएं ताकि दही से मक्खन अलग न हो. अब इसमें चीनी, इलायची पाउडर और थोड़ा ठंडा दूध मिलाएं. इसे तब तक मथें जब तक कि पेड़े दही के साथ अच्छी तरह मिल न जाएं और झाग न बन जाए. लस्सी को मिट्टी के कुल्हड़ या लंबे स्टील के गिलास में निकालें. ऊपर से एक बड़ी चम्मच ताजी मलाई डालें, फिर कटे हुए सूखे मेवे और केसर से इसे सजाएं.

गुलाब जल आइस क्यूब से स्किन को मिलता है नेचुरल ग्लो और ठंडक

गुलाब जल सदियों से भारतीय स्किन केयर का अहम हिस्सा रहा है. लोग इसे फेस पैक में मिलाकर, टोनर के रूप में या क्लींजर की तरह इस्तेमाल करते हैं.  यह स्किन से जुड़ी समस्याओं को कम करने, उसे हाइड्रेट रखने और चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है. आज हम आपको घर पर गुलाब जल आइस क्यूब्स बनाने का आसान तरीका बताएंगे. ये क्यूब्स स्किन को ठंडक देने के साथ-साथ उसे फ्रेश और ग्लोइंग बनाने में भी मदद करते हैं. आइए जानते हैं घर पर गुलाब जल आइस क्यूब्स कैसे बना सकते हैं और इसे चेहरे पर लगाने का सही तरीका क्या है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 2-3 चम्मच गुलाब जल 4-5 गुलाब के पत्तियां आइस ट्रे गुलाब जल आइस क्यूब्स बनाएं कैसे?     गुलाब जल आइस क्यूब बनाने के लिए गुलाब की पंखुड़ियों को तोड़कर अच्छे से धो लें.     इसके बाद एक बाउल लें और इसमें गुलाब जल डालें.     अब इसमें गुलाब की पंखुड़ियों को डालिए और अच्छे से मिलाएं. जरूरत हो तो थोड़ा पानी भी मिला लें.     अब इस मिश्रण को आइस ट्रे में डालें और जमाने के लिए फ्रिज में रख दें.     जब क्यूब्स अच्छी तरह जम जाएं तो आपका गुलाब जल आइस क्यूब तैयार है.     इस आइस क्यूब्स को साफ चेहरे पर लगाकर मसाज करें. गुलाब जल आइस क्यूब्स  चेहरे पर कैसे लगाएं ? गुलाब जल आइस क्यूब्स चेहरे पर लगाने से पहले फेस को अच्छे से साफ कर सुखा लें. अब एक आइस क्यूब लेकर उसे हल्के-हल्के गोल घुमाते हुए पूरे चेहरे पर मसाज करें. मसाज के बाद चेहरे को वैसे ही छोड़ दें. थोड़ी देर बाद चेहरे पर मॉइश्चराइजर लगा लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में दो से तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं. इन बातों का रखें ध्यान इन आइस क्यूब्स को आप 10-15 दिन तक फ्रिज में रखकर इस्तेमाल कर सकते हैं. वैसे तो घर पर बने गुलाब जल आइस क्यूब्स बिल्कुल सेफ होते हैं. लेकिन बहुत ज्यादा सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को इसका इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. इसके अलावा, जिन लोगों को चेहरे पर पहले से पिंपल्स, एक्ने या स्किन इंफेक्शन की समस्या है, उन्हें भी इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

बाजार में मिलने वाले घी की शुद्धता पर बढ़ी चिंता, मिलावट से सेहत को खतरा

 भारत में घी सिर्फ एक खाद्य पदार्थ नहीं बल्कि रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा है. लेकिन हाल में आई कुछ रिपोर्ट्स में कुछ देसी घी ब्रांड्स में मिलावट सामने आने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है. ऐसे में अक्सर मन में सवाल आता है कि बाजार में मिलने वाला घी कितना शुद्ध है और इसे पहचानने का सही तरीका क्या है? एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ ऐसे घरेलू तरीके भी हैं जिससे आप असली और नकली घी में फर्क कर सकते हैं. तो आइए उन तरीकों के बारे में जान लीजिए. शुद्ध घी की पहचान क्यों जरूरी? हेल्थलाइन के मुताबिक, मिलावटी या नकली घी में अक्सर वेजिटेबल ऑयल या सस्ते फैट मिलाए जाते हैं जो शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. लंबे समय तक ऐसे घी का सेवन दिल और पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकता है. इसके अलावा शुद्ध घी में हेल्दी फैट के साथ-साथ जरूरी विटामिन भी होते हैं लेकिन मिलावट कर देने पर इनके फायदे कम हो जाते हैं और नुकसान बढ़ जाते हैं. स्मेल और स्वाद (Smell and Taste) असली घी की खुशबू हल्की और प्राकृतिक होती है जबकि मिलावटी घी में तेज या अजीब सी गंध आ सकती है. स्वाद भी शुद्ध घी का हल्का मीठा और स्मूद होता है. अगर घी का स्वाद कड़वा या अटपटा लगे तो उसमें मिलावट की संभावना हो सकती है. हाथ पर पिघल जाता है (It melts on the hand) एक्सपर्ट्स के मुताबिक, असली घी की कुछ बूंदें हथेली पर रखकर रगड़ें. शुद्ध घी शरीर की गर्मी से तुरंत पिघल जाता है जबकि मिलावटी घी को पिघलने में समय लगता है या फिर वह चिपचिपा महसूस होता है. आयोडीन टेस्ट (Iodine Test) अगर घी में स्टाच या अन्य मिलावट का शक हो तो आयोडीन टेस्ट किया जा सकता है. घी में थोड़ा आयोडीन डालने पर अगर रंग नीला पड़ता है तो उसमें मिलावट मौजूद हो सकती है. यह तरीका घर पर भी आसानी से किया जा सकता है. जमने के तरीके से भी पहचान (Freezing method) घी को फ्रिज में रखकर देखें. शुद्ध घी समान रूप से जमता है, जबकि मिलावटी घी अलग-अलग लेयर में या दानेदार तरीके से जम सकता है. यह संकेत देता है कि उसमें अन्य तेल या फैट मिलाए गए हैं.

Instagram DM से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटने का दावा, प्राइवेसी पर उठे सवाल

अगर आप Instagram पर दोस्तों या किसी खास से चैट करते हैं, तो यह खबर आपको चौंका सकती है. आज यानी 8 मई से इंस्टाग्राम के मैसेज में एन्क्रिप्शन खत्म होने वाला है. कंपनी ने पहले ही ऐलान किया था कि 8 मई से इंस्टाग्राम के डायरेक्ट मैसेज यानी DM से एंड टु एंड एन्क्रिप्शन खत्म कर दिया जाएगा. अब तक इंस्टाग्राम के DM में एंड टु एंड एन्क्रिप्शन दिया जाता था, जिसे यूजर खुद ऑन कर सकता था. इस फीचर के चालू होने पर चैट पूरी तरह एन्क्रिप्टेड रहती थी, यानी सिर्फ भेजने वाला और पाने वाला ही मैसेज पढ़ सकता था. यहां तक कि कंपनी भी उस कंटेंट को नहीं देख सकती थी. अब एंड टु एंड एन्क्रिप्शन खत्म होने का मतलब ये है कि कंपनी यूजर्स की बातचीत देख और पढ़ सकती है. कंपनी ने दलील दी है कि लोगों को अब इंस्टाग्राम में दिए जाने वाले एन्क्रिप्शन में दिलचस्पी नहीं रही और लोग इसे कम यूज कर रहे हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी यूजर्स डेटा पर AI को ट्रेन करने के लिए ऐसा कर रही है. यूजर्स के प्राइवेट चैटे से Meta करेगा AI को ट्रेन? यही वजह है कि इस फैसले को लेकर प्राइवेसी को लेकर बड़ी बहस शुरू हो गई है. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि एन्क्रिप्शन हटने से यूजर्स की निजी बातचीत पहले जितनी सुरक्षित नहीं रहेगी. हालांकि, इस फैसले के पीछे Meta का अपना तर्क भी है. टेक कंपनियां अक्सर यह कहती हैं कि एन्क्रिप्शन की वजह से गलत गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है. हालांकि ये कंपनी का दोहरापन दिखाता है, क्योंकि जब कंपनी ने इंस्टाग्राम में एंड टु एंड एन्क्रिप्शन लाया था तो कहा था कि यूजर्स की प्राइवेसी कंपनी के लिए टॉप पर है, लेकिन अब उसका उल्टा होता हुआ दिख रहा है. रिपोर्ट्स में ये भी कहा जा रहा है कि कंपनी AI को ट्रेन करने के लिए ऐसा कर रही है. एंड टु एंड एन्क्रिप्शन हटने के बाद अब कंपनी के लिए यूजर्स के चैट पढ़ने और उससे AI को ट्रेन करना आसान होगा. एंड टु एंड एन्क्रिप्शन की वजह से कंपनी खुद भी यूजर्स के चैट्स ऐक्सेस नहीं कर सकती थी. अब इंस्टाग्राम के चैट्स पढ़ेंगी कंपनी? कई बार अपराध या गलत कंटेंट को ट्रैक करना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में कंपनियां बैलेंस बनाने की कोशिश करती हैं, जहां सिक्योरिटी भी बनी रहे और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को भी मदद मिल सके. लेकिन दूसरी तरफ यूजर्स का डर भी जायज है. आज के समय में लोग सोशल मीडिया पर सिर्फ कैजुअल चैट ही नहीं करते, बल्कि कई बार निजी बातें, फोटो, वीडियो और जरूरी जानकारी भी शेयर करते हैं. ऐसे में एन्क्रिप्शन का हटना सीधे तौर पर प्राइवेसी पर असर डाल सकता है. दिलचस्प बात यह है कि WhatsApp, जो कि Meta की ही कंपनी है, वहां एंड टु एंड एन्क्रिप्शन डिफॉल्ट रूप से ऑन रहता है और कंपनी इसे अपनी सबसे बड़ी ताकत बताती है. वहीं इंस्टाग्राम पर यह फीचर पहले ऑप्शनल था और अब उसे हटा दिया गया है. इंस्टाग्राम पर चैटिंग खतरे से खाली नहीं! इससे एक बड़ा सवाल भी खड़ा होता है कि क्या अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर Meta की प्राइवेसी पॉलिसी अलग-अलग दिशा में जा रही है? टेक इंडस्ट्री में पिछले कुछ सालों से एन्क्रिप्शन को लेकर लगातार बहस चल रही है. एक तरफ यूजर्स अपनी प्राइवेसी चाहते हैं, तो दूसरी तरफ सरकारें और कंपनियां सिक्योरिटी के नाम पर कुछ एक्सेस चाहती हैं. इंस्टाग्राम का यह कदम उसी बहस को और तेज कर सकता है. खासकर उन यूजर्स के लिए जो अपनी चैट को पूरी तरह निजी रखना चाहते हैं, यह फैसला चिंता बढ़ाने वाला है. एंड टु एंड एन्क्रिप्शन हटने के बाद अब हैकर्स के लिए भी इंस्टाग्राम यूजर्स की चैट पढ़ना आसान हो जाएगा. क्योंकि बिना इस गोल्ड स्टैंडर्ड वाले एन्क्रिप्शन के इन दिनों हैकिंग आसानी से हो सकती है.

Samsung की नई स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी, बेहोशी का संकेत 5 मिनट पहले दे सकती है

स्मार्टवॉच अब सिर्फ कदम गिनने, हार्ट रेट देखने या कॉल उठाने का डिवाइस नहीं रह गई है. धीरे-धीरे ये छोटी सी घड़ी हेल्थ मॉनिटरिंग मशीन में बदलती जा रही है. साउथ कोरियन टेक कंपनी Samsung ने एक ऐसी टेक्नोलॉजी दिखाई है जो आने वाले समय में बड़ी हेल्थ इमरजेंसी को पहले ही पकड़ सकती है. सैमसंग का दावा है कि उसकी Galaxy Watch बेहोश होने यानी फेंटिंग एपिसोड का संकेत पहले ही पहचान सकती है. Samsung ने साउथ कोरिया के Chung-Ang University ग्वांगम्योंग हॉस्पिटल के साथ मिलकर एक स्टडी की है. बेहोश होने से 5 मिनट पहले बता देगी घड़ी इस रिसर्च में Galaxy Watch6 का इस्तेमाल किया गया और दावा किया गया कि यह घड़ी बेहोश होने की स्थिति को करीब 5 मिनट पहले तक पहचान सकती है. असल में यह टेक्नोलॉजी Vasovagal Syncope यानी VVS पर काम करती है. यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें अचानक हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर तेजी से गिर जाता है और इंसान बेहोश हो सकता है. कई बार यह तनाव, दर्द, डर या लंबे समय तक खड़े रहने की वजह से भी होता है. आमतौर पर लोग कुछ सेकंड या मिनट में ठीक हो जाते हैं, लेकिन अचानक गिरने से सिर में चोट, फ्रैक्चर या दूसरी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं. सैमसंग की इस स्टडी में 132 मरीजों को शामिल किया गया. इन लोगों पर क्लीनिकल टेस्ट किए गए और Galaxy Watch6 ने उनके शरीर के बायोसिग्नल्स को ट्रैक किया. इसके बाद AI मॉडल ने हार्ट रेट और बॉडी पैटर्न को समझकर फेंटिंग के संकेत पहचानने की कोशिश की. कंपनी का दावा है कि सिस्टम ने करीब 84.6 प्रतिशत सटीकता के साथ बेहोश होने की स्थिति का अनुमान लगाया. घड़ी को कैसे पता चलता है कि इंसान बेहोश होने वाला है? काम करने का तरीका भी दिलचस्प है. Galaxy Watch में PPG सेंसर लगा होता है. यह सेंसर बॉडी में ब्लड फ्लो और हार्ट रिदम को ट्रैक करता है. इसके साथ HRV यानी Heart Rate Variability डेटा भी लिया जाता है. आसान भाषा में समझें तो यह आपके दिल की धड़कनों के बीच होने वाले छोटे-छोटे बदलाव को पढ़ता है. फिर AI एल्गोरिद्म इन पैटर्न्स को समझकर खतरे का अंदाजा लगाता है. अगर यह टेक्नोलॉजी असली दुनिया में बड़े स्तर पर काम करती है, तो इसका फायदा उन लोगों को सबसे ज्यादा हो सकता है जिन्हें बार-बार चक्कर आने या अचानक बेहोश होने की समस्या होती है. मान लीजिए कोई इंसान सड़क पर चल रहा है, गाड़ी चला रहा है या सीढ़ियों के पास खड़ा है और घड़ी पहले ही अलर्ट दे दे कि शरीर में कुछ गड़बड़ हो रही है, तो वह खुद को सुरक्षित जगह पर ले जा सकता है या मदद मांग सकता है. प्रिवेंटिव हेल्थकेयर में बेहद फायदेमंद होगा ये फीचर Samsung इस टेक्नोलॉजी को प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की दिशा में बड़ा कदम बता रही है. यानी बीमारी या हादसे के बाद इलाज करने के बजाय पहले ही चेतावनी देना. यही वजह है कि अब वियरेबल डिवाइसेज सिर्फ फिटनेस गैजेट नहीं, बल्कि हेल्थ कोच बनते जा रहे हैं. Galaxy Watch में पहले से कई हेल्थ फीचर्स मौजूद हैं. इसमें हार्ट रेट मॉनिटरिंग, बल्ड ऑक्सीजन ट्रैकिंग, स्लीप एपनिया और इरेगुलर हार्टबीट डिटेक्शन जैसे फीचर्स मिलते हैं. कुछ मार्केट्स में ECG और बल्ड प्रेशर मॉनिटरिंग भी दिया जाता है. अब फेंटिंग प्रेडिक्शन जैसी टेक्नोलॉजी जुड़ने से स्मार्टवॉच का रोल और बड़ा हो सकता है. हालांकि यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है. अभी यह फीचर आम यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है. फिलहाल यह रिसर्च स्टेज में है और सैमसंग ने यह नहीं बताया है कि इसे कब तक Galaxy Watch में रोलआउट किया जाएगा. कंपनी अभी मेडिकल संस्थानों के साथ और रिसर्च करना चाहती है. इसके अलावा स्मार्टवॉच हेल्थ फीचर्स को लेकर हमेशा एक बहस भी रहती है. कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वियरेबल डिवाइस मददगार जरूर हैं, लेकिन इन्हें डॉक्टर का विकल्प नहीं माना जा सकता. हाल की कुछ स्टडी में यह भी सामने आया कि कई स्मार्टवॉच कुछ हेल्थ डेटा में गलती कर सकती हैं, खासकर अलग-अलग बॉडी टाइप्स और स्किन टोन्स में एक्यूरेसी बदल सकती है.  

इंस्टाग्राम पर मेटा की बड़ी कार्रवाई, लाखों फेक अकाउंट हटाए गए

इंस्टाग्राम पर एक रात में लाखों की संख्या में अकाउंट डिलीट कर दिए हैं. इसकी वजह से सेलीब्रिटी समेत कई लोगों के फॉलोअर की संख्या अचानक घट गई. इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने हाल ही में फेक और कई साल से इनएक्टिव अकाउंट को बंद कर दिया है. भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली, अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा, मशहूर फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो, अमेरिकी सेलिब्रिटी काइली जेनर समेत बहुत से सेलिब्रिटी के फॉलोअर की संख्या अचानक घट गई है. शुरुआत में बहुत से लोगों को लगा कि यह शायद कोई टेक्निकल ग्लिच है, जिसकी वजह से फॉलोअर्स की संख्या में गिरावट आई है. हालांकि बाद में अफवाहों के बादल हटे और पता चला कि मेटा की ऑथेंटिसिटी ड्राइव के चलते फेक अकाउंट, इनएक्टिव अकाउंट और बॉट्स अकाउंट को रिमूव किया गया है. विराट कोहली के फॉलोअर्स कम हुए क्रिकेट दुनिया के स्टार विराट कोहली के इंस्टाग्राम अकाउंट से 20 लाख फॉलोअर्ट की कटौती हुई है, जिसकी जानकारी लाइवमिंट की रिपोर्ट से मिलती है.  साथ ही प्रियंका चोपड़ा के फॉलोअर्स की संख्या में कमी आई है. K-Pop इंडस्ट्री के फैंस को भी फॉलोअर्स में भारी कटौती का सामना करना पड़ा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहां BTS के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट्स से करीब 70 लाख और वहीं  ब्लैक पिंक के अकाउंट से 1 करोड़ फॉलोअर्स कम हो गए. इंस्टाग्राम के ऑफिशियल अकाउंट से भी 1 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स कम हो चुके हैं. ऑथेंटिसिटी बढ़ाने के लिए मेटा हटा रहा फेक अकाउंट मेटा अपने इंस्टाग्राम पर पर ऑथेंटिसिटी बढ़ाने के लिए फेक अकाउंट्स को रिमूव कर रहा है. बहुत से सेलिब्रिटी, एजेंसी और कंपनियां फर्जी एंगेजमेंट के लिए फर्जी अकाउंट का यूज करते हैं.   फर्जी अकाउंट्स या बॉट अकाउंट्स से क्या होता है? फर्जी अकाउंट्स या बॉट अकाउंट का यूज करके फॉलोअर्स, लाइक और कमेंड और एंगेजमेंट को बढ़ाया जाता है. ऐसे में लोगों की आंखों में धूल झौंकी जाती है. बहुत से इन्फ्लुएंसर्स, ब्रांड्स और फैन कम्युनिटी फेक अकाउंट और बॉट का यूज करती हैं. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कई छोटे क्रिएटर्स के फॉलोअर्स की संख्या में 2% से 5% तक की गिरावट देखी गई. करोड़ों फॉलोअर्स वाले बड़े सेलेब्रिटीज़ के लाखों फॉलोअर्स कम हो चुके हैं.

गर्मी से राहत के लिए घर पर बनाएं शाही बादाम शरबत, दे अंदरूनी ठंडक और ऊर्जा

 चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच शरीर को अंदरूनी ठंडक देने के लिए शाही बादाम का शरबत बेहतर कुछ नहीं हो सकता. पुराने समय में यह शरबत राजा-महाराजाओं के दरबार की शान हुआ करता था जिसे खासतौर पर गर्मी के मौसम में ताजगी और ऊर्जा के लिए खूब पिया जाता था. अगर आपको भी यह शरबत पीना है तो आपको इसके लिए बाजार पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है. बाजार में मिलने वाला बादाम शरबत न केवल काफी महंगा होता है, बल्कि उसमें अत्यधिक चीनी और प्रिजर्वेटिव्स भी मिले होते हैं जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में यहां हम आपको घर पर ही शुद्ध शाही बादाम शरबत बनाने का तरीका बता रहे हैं. बादाम शरबत के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें बादाम: 1 कप (रात भर भीगे हुए और छिले हुए) मिठास के लिए: आधा कप धागे वाली मिश्री या खजूर (मिश्री को चीनी का हेल्दी विकल्प माना जाता है) इलायची: 8-10 (ताजी खुशबू और ठंडक के लिए) केसर: 10-12 धागे (शाही रंग और स्वाद के लिए) खरबूजे के बीज: 2 बड़े चम्मच (ठंडक बढ़ाने के लिए) पानी/दूध: आवश्यकतानुसार बनाने का तरीका पहले पेस्ट तैयार करें छिले हुए बादाम, इलायची और खरबूजे के बीज को थोड़े से पानी या दूध के साथ मिक्सर में डालकर एक बहुत ही महीन पेस्ट बना लें. चाशनी (मिश्री का घोल) बनाएं एक बर्तन में 2 कप पानी लें और उसमें मिश्री डालकर धीमी आंच पर उबालें जब तक मिश्री पूरी तरह घुल न जाए. अगर खजूर डाल रहे हैं तो उन्हें बादाम के साथ ही पीस लें. मिश्रण को पकाएं तैयार बादाम पेस्ट को मिश्री वाले पानी में मिलाएं. इसे धीमी आंच पर 10-15 मिनट तक लगातार चलाते हुए पकाएं जब तक कि यह थोड़ा गाढ़ा न हो जाए. केसर का तड़का लगाएं केसर के धागों को थोड़े गुनगुने दूध में भिगोकर मिश्रण में डाल दें. इससे शरबत को प्राकृतिक रंग और शाही खुशबू मिलेगी. स्टोर और सर्व करने का सही तरीका मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे कांच की बोतल में भरकर फ्रिज में रख दें. सर्व करते समय एक गिलास ठंडे दूध या पानी में 2-3 चम्मच यह सिरप मिलाएं और ठंडे-ठंडे शाही बादाम शरबत का मजा लें.

गर्मियों के लिए हेल्दी डेजर्ट, चिया पुडिंग से पाएं ठंडक और एनर्जी

 गर्मियों के मौसम में भारी और तला-भुना खाने के बजाय कुछ हल्का और ठंडा खाने की इच्छा होती है. खासतौर पर दोपहर के भोजन और डिनर के बाद कुछ ठंडा और मीठा खाने की क्रेविंग बहुत ज्यादा होती है लेकिन कैलोरी के डर से हम मन मार लेते हैं. ऐसे में आलिया भट्ट की फेवरेट चिया पुडिंग आपके लिए बहुत ही बेहतरीन डेजर्ट साबित हो सकती है. चिया पुडिंग ओमेगा-3, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होती है जो ना केवल आपके मीठी की क्रेविंग भी शांत करती है बल्कि आपको लंबे समय तक तृप्त भी रखती है. साथ ही चिलचिलाती गर्मी में शरीर को ठंडक भी पहुंचाती है. आलिया कुछ समय पहले अपने एक वीडियो में चिया पुडिंग की रेसिपी भी बताई थी. चिया पुडिंग के लिए आपको चाहिए होगी ये चीजें चिया सीड्स: 3-4 बड़े चम्मच दूध (बादाम, नारियल या सामान्य दूध): 1 कप शहद या मेपल सिरप: 1 बड़ा चम्मच (स्वादानुसार) वनीला एसेंस: 2-3 बूंदें (वैकल्पिक) ताजे फल: आम, बेरीज या केला (बारीक कटे हुए) मेवे: बादाम, पिस्ता या अखरोट बनाने का तरीका इसके लिए सबसे पहले एक कांच के जार या कटोरे में चिया सीड्स और दूध को अच्छी तरह मिला लें. इस मिश्रण को ढककर कम से कम 2-4 घंटे या रात भर के लिए फ्रिज में रख दें. जब चिया सीड्स फूलकर जेल जैसा गाढ़ा हो जाएं तो उसे फ्रिज से निकालें. अब इसमें शहद और वनीला एसेंस डालें और दोबारा चलाएं ताकि गांठें न बनें. ऊपर से कद्दू के बीज, कटे हुए अखरोट और बादाम डालें. आप चाहें तो इसमें कटे हुए फल भी मिला सकते हैं. आपकी ठंडी-ठंडी चिया पुडिंग तैयार है.

ज्यादा चीनी और मीठी ड्रिंक्स से लिवर पर बढ़ता खतरा, फैटी लिवर का रिस्क

लिवर में खराबी आते ही आपके पूरे शरीर का काम बिगड़ सकता है। आपके शरीर की अंदरुनी प्राकृतिक सफाई कम हो सकती है, खाना पचना कम हो सकता है, मोटापा बढ़ सकता है और विटामिन-मिनरल्स-हॉर्मोन में गड़बड़ी आ सकती है। लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि आप छोटी-छोटी बातों को फॉलो करके इन सभी समस्याओं से बच सकते है। जिसमें ज्यादा चीनी और मीठी ड्रिंक्स से दूर रहना भी शामिल है। भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने 4 मई को मीठे पेय और ज्यादा चीनी को लिवर के लिए नुकसानदायक बताया। ये चीजें आपके लिवर के फंक्शन को प्रभावित कर सकती हैं। MoHFW ने फैटी लिवर से बचाव करने वाले 3 काम भी बताए हैं, जो कि बेहद बेसिक और आसान हैं। लिवर के लिए क्या नुकसानदायक और क्या स्वास्थ्यवर्धक ज्यादा चीनी का लिवर पर प्रभाव चीनी आंतों से गुजरते हुए फ्रुक्टोज और ग्लूकोज के रूप में लिवर तक पहुंचती है। एनसीबीआई पर मौजूद शोध के मुताबिक, जब आप जरूरत से ज्यादा चीनी का सेवन करते हैं तो इंसुलिन का लेवल बहुत हाई हो जाता है। इससे लिवर को संकेत मिलता है कि अब ग्लूकोज और फ्रुक्टोज को अपने भीतर फैट के रूप में स्टोर करने का वक्त आ गया है और जब शरीर को अपर्याप्त ग्लूकोज के दौरान एनर्जी की जरूरत हो तो इस स्टोर फैट को एनर्जी बनाने के लिए इस्तेमाल करना है। लेकिन जब आप लंबे समय तक अत्यधिक चीनी लेते रहते हैं तो शरीर में ग्लूकोज का लेवल कभी नीचे नहीं आ पाता। जिसके कारण लिवर पर फैट इकट्ठा होता रहता है। इस स्थिति से फैटी लिवर की समस्या विकसित होती है और धीरे-धीरे लिवर के कामकाज की गुणवत्ता में गिरावट लाती रहती है। मीठी ड्रिंक्स का लिवर पर असर मीठी ड्रिंक्स में फ्रुक्टोज, ग्लूकोज, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स और अन्य एडिक्टिव्स हो सकते हैं। एनसीबीआई पर मौजूद शोध के मुताबिक, मीठी ड्रिंक्स के ग्लूकोज-फ्रुक्टोज चीनी के मुकाबले ज्यादा तेजी से लिवर में अवशोषित होते हैं। साथ ही ड्रिंक्स में एक बार में ज्यादा शुगर लेने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि मीठी ड्रिंक्स के सेवन से तेजी से फैटी लिवर विकसित हो सकता है। साथ में ड्रिंक्स में मौजूद अन्य केमिकल, एडिक्टिव्स, आर्टिफिशियल कलर या सोडा लिवर को और ज्यादा हानि पहुंचाते हैं। फैटी लिवर से बचने के 3 तरीके MOHFW ने फैटी लिवर से बचाव के लिए संतुलित आहार, ताजे फल और भरपूर पानी को अपनाने की सलाह दी है।     संतुलित डाइट लेने से लिवर पर बोझ बढ़ाए बिना आवश्यक विटामिन व मिनरल मिलते हैं। यह पोषक तत्व लिवर के नेचुरल डिटॉक्सिफिकेशन को सुधारने में मदद करते हैं। इससे इंफ्लामेशन और फैट बिल्ड अप में कमी आती है।     ताजे फलों में एंटीऑक्सीडेंट्स, पोलीफेनोल्स और फाइबर होता है। ये सभी चीजें लिवर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करती हैं, जो कि लिवर डिजीज का बड़ा कारण है।     हाइड्रेशन सही रखने से लिवर की सेल्स व उनका फंक्शन सही रहता है। इसके कारण टॉक्सिन आसानी से बाहर निकलते रहते हैं, बाइल प्रोडक्शन बेहतर रहता है और मेटाबॉलिक स्ट्रेन नहीं होता। ध्यान रखें कि लिवर एक महत्वपूर्ण अंग है, जो खाना पचाने से लेकर हॉर्मोन बनाने, शरीर की सफाई और एनर्जी प्रोडक्शन में सपोर्ट करता है। आप छोटी-छोटी स्वस्थ आदतों से फैटी लिवर, लिवर कैंसर, सिरोसिस आदि का खतरा कम कर सकते हैं। इसके लिए आपको ऐल्कोहॉल से दूरी, पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि और स्ट्रेस मैनेजमेंट पर भी ध्यान देना होगा।

गर्मियों में ग्लोइंग स्किन के लिए खीरे का फेस मास्क, घर पर बनाएं नेचुरल उपाय

गर्मियों के मौसम में स्किन का खास ख्याल रखना जरूरी होता है. इस मौसम में तेज धूप, पसीना और धूल-मिट्टी के कारण स्किन डल और बेजान नजर आने लगती है. लेकिन अच्छी बात यह है कि किचन में मौजूद कुछ चीजों से आप अपनी स्किन की देखभाल आसानी से कर सकते हैं. खीरे से बना नेचुरल फेस मास्क ऐसा ही एक आसान और असरदार उपाय है जो स्किन से जुड़ी समस्याओं को दूर कर ग्लोइंग स्किन पाने में मदद करता है. यह फेस मास्क त्वचा को सॉफ्ट, फ्रेश और हाइड्रेटेड बनाता है. खास बात यह है कि इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें भी पूरी तरह नेचुरल होती हैं. आइए जानते हैं कि घर पर खीरे से फेस मास्क कैसे बनाया जा सकता है और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 खीरा 2 बड़े चम्मच एलोवेरा जेल 1 चम्मच शहद खीरे से फेस मास्क कैसे बनाएं?     खीरे से फेस मास्क बनाने के लिए सबसे पहले ताजे खीरे को अच्छी तरह धो लें.     इसके बाद खीरे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें.     अब इन टुकड़ों को मिक्सी में डालकर स्मूद पेस्ट बना लें.     तैयार पेस्ट को एक साफ बाउल में निकाल लें.     इसमें एलोवेरा जेल और शहद डालें और सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर स्मूद पेस्ट बना लें.     इस तरह से आपका खीरे से बना होममेड फेस मास्क इस्तेमाल के लिए तैयार है. खीरे से बने फेस मास्क को लगाने का सही तरीका सबसे पहले चेहरे को फेस वॉश से अच्छे से धो लें. फिर चेहरा जब सूख जाएं तो हल्के हाथों या ब्रश से तैयार मास्क को पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं. मास्क को 15-20 मिनट तक चेहरे पर रहने दें फिर ठंडे पानी से धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में कम से कम 2 बार जरूर लगाएं. वैसे तो खीरे से बना यह फेस मास्क स्किन के लिए काफी हेल्दी होता है. लेकिन आपकी स्किन बहुत सेंसिटिव है तो पहली बार चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें.