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ज्यादा चीनी और मीठी ड्रिंक्स से लिवर पर बढ़ता खतरा, फैटी लिवर का रिस्क

लिवर में खराबी आते ही आपके पूरे शरीर का काम बिगड़ सकता है। आपके शरीर की अंदरुनी प्राकृतिक सफाई कम हो सकती है, खाना पचना कम हो सकता है, मोटापा बढ़ सकता है और विटामिन-मिनरल्स-हॉर्मोन में गड़बड़ी आ सकती है। लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि आप छोटी-छोटी बातों को फॉलो करके इन सभी समस्याओं से बच सकते है। जिसमें ज्यादा चीनी और मीठी ड्रिंक्स से दूर रहना भी शामिल है। भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने 4 मई को मीठे पेय और ज्यादा चीनी को लिवर के लिए नुकसानदायक बताया। ये चीजें आपके लिवर के फंक्शन को प्रभावित कर सकती हैं। MoHFW ने फैटी लिवर से बचाव करने वाले 3 काम भी बताए हैं, जो कि बेहद बेसिक और आसान हैं। लिवर के लिए क्या नुकसानदायक और क्या स्वास्थ्यवर्धक ज्यादा चीनी का लिवर पर प्रभाव चीनी आंतों से गुजरते हुए फ्रुक्टोज और ग्लूकोज के रूप में लिवर तक पहुंचती है। एनसीबीआई पर मौजूद शोध के मुताबिक, जब आप जरूरत से ज्यादा चीनी का सेवन करते हैं तो इंसुलिन का लेवल बहुत हाई हो जाता है। इससे लिवर को संकेत मिलता है कि अब ग्लूकोज और फ्रुक्टोज को अपने भीतर फैट के रूप में स्टोर करने का वक्त आ गया है और जब शरीर को अपर्याप्त ग्लूकोज के दौरान एनर्जी की जरूरत हो तो इस स्टोर फैट को एनर्जी बनाने के लिए इस्तेमाल करना है। लेकिन जब आप लंबे समय तक अत्यधिक चीनी लेते रहते हैं तो शरीर में ग्लूकोज का लेवल कभी नीचे नहीं आ पाता। जिसके कारण लिवर पर फैट इकट्ठा होता रहता है। इस स्थिति से फैटी लिवर की समस्या विकसित होती है और धीरे-धीरे लिवर के कामकाज की गुणवत्ता में गिरावट लाती रहती है। मीठी ड्रिंक्स का लिवर पर असर मीठी ड्रिंक्स में फ्रुक्टोज, ग्लूकोज, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स और अन्य एडिक्टिव्स हो सकते हैं। एनसीबीआई पर मौजूद शोध के मुताबिक, मीठी ड्रिंक्स के ग्लूकोज-फ्रुक्टोज चीनी के मुकाबले ज्यादा तेजी से लिवर में अवशोषित होते हैं। साथ ही ड्रिंक्स में एक बार में ज्यादा शुगर लेने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि मीठी ड्रिंक्स के सेवन से तेजी से फैटी लिवर विकसित हो सकता है। साथ में ड्रिंक्स में मौजूद अन्य केमिकल, एडिक्टिव्स, आर्टिफिशियल कलर या सोडा लिवर को और ज्यादा हानि पहुंचाते हैं। फैटी लिवर से बचने के 3 तरीके MOHFW ने फैटी लिवर से बचाव के लिए संतुलित आहार, ताजे फल और भरपूर पानी को अपनाने की सलाह दी है।     संतुलित डाइट लेने से लिवर पर बोझ बढ़ाए बिना आवश्यक विटामिन व मिनरल मिलते हैं। यह पोषक तत्व लिवर के नेचुरल डिटॉक्सिफिकेशन को सुधारने में मदद करते हैं। इससे इंफ्लामेशन और फैट बिल्ड अप में कमी आती है।     ताजे फलों में एंटीऑक्सीडेंट्स, पोलीफेनोल्स और फाइबर होता है। ये सभी चीजें लिवर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करती हैं, जो कि लिवर डिजीज का बड़ा कारण है।     हाइड्रेशन सही रखने से लिवर की सेल्स व उनका फंक्शन सही रहता है। इसके कारण टॉक्सिन आसानी से बाहर निकलते रहते हैं, बाइल प्रोडक्शन बेहतर रहता है और मेटाबॉलिक स्ट्रेन नहीं होता। ध्यान रखें कि लिवर एक महत्वपूर्ण अंग है, जो खाना पचाने से लेकर हॉर्मोन बनाने, शरीर की सफाई और एनर्जी प्रोडक्शन में सपोर्ट करता है। आप छोटी-छोटी स्वस्थ आदतों से फैटी लिवर, लिवर कैंसर, सिरोसिस आदि का खतरा कम कर सकते हैं। इसके लिए आपको ऐल्कोहॉल से दूरी, पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि और स्ट्रेस मैनेजमेंट पर भी ध्यान देना होगा।

बस इतना वजन घटाइए और लिवर की बीमारियों को कहिए अलविदा

मुंबई  पुराने जमाने में लोग शरीर में मोटापा बढ़ने को स्वस्थ और हट्टा-कट्टा होने की निशानी समझते थे लेकिन वास्तव में मोटापा कई बीमारियों की जड़ है. खासतौर पर आजकल के दौर में बहुत सारे लोग मोटापे से जूझ रहे हैं जिसकी वजह से उन्हें फैटी लिवर, लिवर की कई और बीमारियों, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिसीस और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां होने का भी रिस्क होता है.          अमेरिका की हेल्थ वेबसाइट Webmd ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि दुनिया भर में हुई रिसर्च से इस बात के सबूत मिले हैं  कि केवल वजन कम करने से ही प्री-सिरोसिस MASLD (Metabolic dysfunction-associated steatotic liver disease) को रिवर्स किया जा सकता है. प्री-सिरोसिस MASLD का मतलब ऐसी कंडीशन जो आगे चलकर गंभीर रूप से लिवर डैमेज, लिवर कैंसर और मौत का रिस्क बढ़ाती है.  Webmd ने आगे बताया कि वजन घटाने और MASLD पर किए गए अध्ययनों का जब साल 2021 में रिव्यू किया गया तो उसमें पाया गया कि MASH से पीड़ित 85% से 90% लोगों, जिन्होंने अपने शुरुआती शरीर के वजन का करीब 10% कम किया था, उनका एक साल बाद ही MASH ठीक हो गया था.  वजन कम करने के कई तरीके हैं जिनमें सबसे हेल्दी और असरदार तरीका है अपना खानपान कंट्रोल में करना. वजन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी ही आपकी आधी से ज्यादा परेशानी हल कर देती है. इसके अलावा कितना खाते हैं, कितनी बार खाते हैं और किस समय खाते हैं, इसकी निगरानी कर भी तेजी से वजन घटाया जा सकता है. इसके अलावा रोज की फिजिकल एक्टिविटी यानी आप दिन भर में कितने सक्रिय रहते हैं, यह भी आपके वजन को प्रभावित करता है. अगर आप हेल्दी डाइट के साथ रोजाना कोई ना कोई एक्सरसाइज जैसे वॉक, जॉगिंग, साइकिलिंग, स्विमिंग या योग करते हैं तो आप आसानी से अपना वजन कम कर सकते हैं.  कुल मिलाकर अगर आप फैटी लिवर की बीमारी के खतरे से बचना चाहते हैं या फिर अगर आपको यह बीमारी है तो उससे छुटकारा पाना है तो तुरंत अपना वजन कम करने में जुट जाएं. इससे आप फैटी लिवर की बीमारी को रिवर्स कर सकते हैं. लिवर हमारे शरीर के लिए बहुत सारे काम करता है. यह खून को साफ करता है, टॉक्सिंस को बाहर निकालता है, पाचन में सहायता करता है, शरीर में संक्रमण से लड़ने में भी मदद करता है. इसलिए हमें हमेशा अपने लिवर की हेल्थ का ख्याल रखना चाहिए.