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तेज आंधी और बारिश से मिली राहत, लेकिन कल से फिर बढ़ेगी राजस्थान में गर्मी

जयपुर राजस्थान में गर्मी और आंधी-बारिश, सबकुछ देखने को मिल रहा है. प्रचंड गर्मी से तपते प्रदेश में कई जगहों पर पारा 45 डिग्री से नीचे चला गया. चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा 44.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. शनिवार (23 मई) को कुछ हिस्सों में तेज रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने का अलर्ट है. संभावना है कि इससे तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट हो सकती है.   कई हिस्सों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के उत्तर पश्चिमी और उत्तरी भागों में कल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ बना है. इससे कई जगहों पर 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ बारिश की संभावना है. इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार है. 3 डिग्री तक चढ़ेगा पारा हालांकि, गर्मी से ये राहत बस ज्यादा दिन नहीं रहेगी. अगले 24 घंटे के भीतर ही पारा एक बार फिर चढ़ने की संभावना है. रविवार (24 मई) से भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है. पूर्वानुमान के मुताबिक, कल से कई शहरों के तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इस दौरान कई जगह तापमान 47-48 डिग्री तक भी पहुंच सकता है. कोटा से जैसलमेर तक अलर्ट! चित्तौड़गढ़, कोटा, प्रतापगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें, उसका सेवन करते रहे.

राजस्थान में गर्मी और आंधी का डबल अटैक: कई जिलों में मौसम बदलने की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में भीषण गर्मी और आंधी-बारिश, दोनों का असर देखने को मिल रहा है. अगले 2 दिन मौसम कुछ ऐसा ही रहेगा. मौसम विभाग ने आज (15 मई) राज्य के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए मेघगर्जन, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. वहीं, राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है. हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है. इन जिलों में येलो अलर्ट शेखावाटी-हाड़ौती समेत कई इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपुतली-बहरोड़, अलवर, डीग, खैरथल-तिजारा, करौली, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, बारां, बूंदी, कोटा, सवाई माधोपुर और जयपुर में अचानक मौसम बदल सकता है. इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं. फलोदी में पारा 45 डिग्री के पार गुरुवार (14 मई) को राजस्थान भीषण गर्मी की चपेट में रहा.  फलौदी सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं, जैसलमेर में 45.1, श्रीगंगानगर में 44.8, बीकानेर में 44.1, चित्तौड़गढ़ और जोधपुर में 44 डिग्री के आसपास तापमान रिकॉर्ड किया गया. 17 मई से फिर सताएगी गर्मी मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बीते 24 घंटों में कुछ क्षेत्रों में आंधी और हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की गई. चूरू के सरदारशहर में सर्वाधिक 18 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. 17 मई से तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा.

पश्चिम, दक्षिण और पूर्व राजस्थान में भीषण गर्मी, मौसम विभाग ने सतर्क रहने को कहा

 जयपुर राजस्थान में गर्मी तेजी से बढ़ती जा रही है. वहीं मौसम विभाग ने अब हीटवेब का अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के बड़े हिस्से में हीटवेब का असर दिखने वाला है. ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है. मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है. साथ ही कहा जा रहा है कि पारा 48 डिग्री के पार जा सकता है. मौसम विभाग ने बताया है कि राजस्थान के पश्चिमी और दक्षिण क्षेत्र में तेज हीटवेब का अनुमान है. कहां-कहां बढ़ रहा तापमान मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में अधिकतम तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है. पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 48.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में अगले 4 से 5 दिनों तक तीव्र हीटवेव और ऊष्णरात्री की स्थिति बनी रह सकती है. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भी तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है. यहां भी कुछ स्थानों पर हीटवेव और गर्म रातें दर्ज हो सकती हैं. कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की भी संभावना हालांकि भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में राहत की संभावना भी जताई है. अगले 48 घंटों के दौरान बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त पानी पीने और गर्म हवाओं से बचाव करने की सलाह दी है.

पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ते ही लौटेगी गर्मी, कई जिलों में लू का अलर्ट

जयपुर राजस्थान में हाल ही में हुई बारिश से मिली राहत अब ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 3 से 4 दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ेंगी और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होगी. पिछले 24 घंटों में एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का दौर देखने को मिला, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. जयपुर के शाहपुरा में सबसे अधिक 68 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सीकर ग्रामीण क्षेत्र में 31 मिमी वर्षा हुई. हल्की से मध्यम बारिश होगी   मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बुधवार को कोटा, उदयपुर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि, यह राहत अस्थायी रहेगी और अगले कुछ दिनों में मौसम शुष्क होने लगेगा. ज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित मंगलवार शाम को बालोतरा जिले के समदड़ी कस्बे में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. उदयपुर में भी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने गर्मी से राहत दिलाई. गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई बीते दो दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया. दिन की शुरुआत हल्की गर्मी के साथ हुई, लेकिन दोपहर बाद बादल छा गए और शाम तक आसमान पूरी तरह घिर गया.  इसके बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, जिसने मौसम को ठंडा कर दिया. अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा.  हालांकि उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या आंधी की संभावना बनी रह सकती है. 8 से 11 मई के बीच जोधपुर और बीकानेर संभाग में अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप फिर से बढ़ने के आसार हैं.

मरुधरा में फिर बिगड़ेगा मौसम, अगले 48 घंटे में आंधी-तूफान की चेतावनी, तापमान में भारी गिरावट दर्ज

जयपुर  राजस्थान में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। इसके चलते बारिश की लुका-छिपी बरकरार है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 6 अप्रैल से एक नया और शक्तिशाली वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इसके चलते प्रदेश के 13 जिलों में देखने को मिलेगा, यहां तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश होगी। राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इसके चलते मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी बदलाव को देखते हुए जिलों को दो श्रेणियों में बांटा है। 4 जिलों में भारी बारिश और ओलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 9 जिलों में मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी के चलते यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस नए सिस्टम का प्रभाव 8 अप्रैल तक बना रह सकता है, जिससे जनजीवन और कृषि पर सीधा असर पड़ेगा। जानिए कैसा रहा बीते 24 घंटों का हाल शनिवार को भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहा। शाम होते ही जयपुर, अलवर, धौलपुर, कोटा और गंगानगर समेत कई जिलों में आसमान में घने बादल छा गए। सबसे अधिक बारिश उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में सर्वाधिक 32 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं दौसा, बारां, बूंदी और टोंक में जमकर ओले गिरे। दौसा के नांगल में तो ओलों की वजह से जमीन पर सफेद चादर सी बिछ गई, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी। तापमान में भारी गिरावट लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राजस्थान में समय से पहले गर्मी की लहर गायब हो गई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। चित्तौड़गढ़ में पारा 35.2 डिग्री रहा, जबकि जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे शहरों में भी मौसम ठंडा बना हुआ है। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम विशेषज्ञों के लिए मार्च-अप्रैल में इतने सक्रिय सिस्टम का बनना चर्चा का विषय है। सामान्यतः इस समय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस इतने प्रभावी नहीं होते, लेकिन इस बार उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में इनकी मजबूत स्थिति बनी हुई है। साथ ही, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने इस सिस्टम को और अधिक सक्रिय बना दिया है। हालांकि 5 अप्रैल को मामूली राहत मिल सकती है, लेकिन 6 अप्रैल से शुरू होने वाला नया दौर किसानों और आम जनता के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। खुशेंद्र तिवारी

प्रदेश के 25 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, जयपुर समेत कई इलाकों में आज भी ओलावृष्टि के आसार

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से शुक्रवार देर शाम को राजस्थान के कई इलाकों में जबरदस्त तूफान और बारिश देखने को मिली। खास तौर पर पूर्वी राजस्थान के भरतपुर से दौसा तक की बेस्ट में आंधी के साथ तेज बारिश आई। यहां अभी गेहूं की फसलों की कटाई चल रही है और बारिश के चलते किसानों को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की चमक खत्म होने के साथ ही पशुओं के लिए चारा भी खराब हो रहा है।  वहीं मंडियों में खुले में रखी गेहूं और सरसों की उपज भी भीग गई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का असर 4 अप्रैल को भी जारी रह सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को 10 से ज्यादा जिलों में तूफानी बारिश हुई, जबकि बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में ओलावृष्टि दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम आए तेज अंधड़ और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। जवाहर नगर में एक व्यक्ति पर बिजली का पोल गिरने से उसकी जान चली गई, वहीं जवाहर सर्किल इलाके में तेज हवा के कारण पत्थर गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेश के तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन में हल्की ठंडक महसूस की गई। आज इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 4 अप्रैल को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। 5 और 6 अप्रैल को गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 7 अप्रैल से एक नया मजबूत सिस्टम फिर सक्रिय हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मार्च के बाद भी लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बने हुए हैं, जो सामान्य से अलग स्थिति है। इसका सीधा असर मौसम के पैटर्न और कृषि पर पड़ा है। पिछले 24 घंटे में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जैसलमेर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, बाड़मेर, जोधपुर, जालोर, जयपुर, अजमेर, अलवर और टोंक सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। अजमेर में सबसे अधिक 17.6 मिमी वर्षा हुई, जबकि हनुमानगढ़ में 11.5 और झुंझुनूं में 12.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। तापमान में गिरावट के बीच शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ और अलवर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो दिन का सबसे अधिक रहा। कुल मिलाकर प्रदेश में मौसम का यह बदला मिजाज फिलहाल कुछ दिन और जारी रहने के आसार हैं।

मरुधरा में पश्चिमी विक्षोभ का असर, जैसलमेर से डीडवाना तक ओलों की सफेद चादर

जयपुर राजस्थान में एक बार फिर से मौसम ने अचानक करवट ले ली। शुक्रवार को प्रदेश के पश्चिमी व मध्य इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया। जैसलमेर, नागौर, सीकर, डीडवाना और जालोर सहित कई जिलों में कहीं मूसलाधार तो कहीं हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को एकदम खुशनुमा बना दिया। तेज हवाओं और बारिश ने प्रदेश के तापमान में गिरावट ला दी और फिलहाल लू का असर पूरी तरह खत्म हो गया है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 3 अप्रैल को 8 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। सबसे ज़्यादा चौंकाने वाला नजारा जैसलमेर जिले में देखने को मिला,  जहां ग्रामीण इलाकों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि भी हुई। जिले के पिथोडाई गांव में सुबह साढ़े सात से आठ बजे के बीच करीब 15 मिनट तक जोरदार ओले गिरे। ओलों की सफेद चादर बिछते ही तापमान तेज़ी से लुढ़क गया। वहीं, डीडवाना में सुबह साढ़े पांच से छह बजे के बीच तेज बारिश हुई जिसने ठंडी हवाओं के साथ मिलकर लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। जालोर में भी बादलों ने सुबह से डेरा जमाया और रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। क्यों बदला मौसम का मिजाज? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से यह बदलाव आया है। इस सिस्टम के असर से अरब सागर की नमी राजस्थान तक पहुंच रही है, जिससे बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। अप्रैल का पहला सिस्टम गुरुवार से ही सक्रिय हो चुका था और इसका असर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में साफ नज़र आया। कई जगहों पर तूफानी बारिश के साथ ओले भी गिरे। उमस से मिली राहत मौसम विभाग के मुताबिक, 4 अप्रैल के बाद यह सिस्टम कमजोर पड़ सकता है, लेकिन राहत ज्यादा देर टिकने वाली नहीं है। 6 अप्रैल की शाम से एक और मजबूत सिस्टम दस्तक देगा। जिसके चलते 7 और 8 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई जा रही है। साथ ही विभाग ने यह भी चेताया है कि इस सिस्टम के गुजरने के बाद 10 अप्रैल तक हीटवेव की वापसी हो सकती है।  

अन्नदाता पर दोहरी मार, पश्चिमी विक्षोभ के चलते राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी और फसलों पर संकट

जयपुर राजस्थान के आसमान में एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दरअसल, प्रदेश में अगले दो दिनों के भीतर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है, जिससे जयपुर, अजमेर और बीकानेर समेत कई संभागों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। आज दोपहर से ही बदलेगा मिजाज मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस नए वेदर सिस्टम का असर आज यानी 2 अप्रैल की दोपहर के बाद से ही नजर आने लगेगा। इसस जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी जैसे रेतीले इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो सकती है। गौरतलब है कि अप्रैल का पूरा पहला हफ्ता भीगने वाला है, क्योंकि 7-8 अप्रैल को एक और सिस्टम एक्टिव होने की लाइन में लगा है। इन जिलों में मचेगा सबसे ज्यादा असर प्रदेश के कई संभागों में प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने बताया है कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। जोधपुर और बीकानेर संभाग में धूल भरी आंधी और गरज-चमक का सबसे ज्यादा असर दिखेगा। जयपुर और अजमेर में अचानक बादल छाने और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। साथ ही भरतपुर और कोटा के इलाकों में भी मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है। अन्नदाता पर दोहरी मार एक तरफ जहां शहर के लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। खेतों में रबी की फसल पककर तैयार है, ऐसे में ओले और बारिश फसल को तबाह कर सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने, मंडियों में खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढंकने के इंतजाम पुख्ता रखें। खेतों में सिंचाई रोक दें और जल निकासी का प्रबंध रखें। पिछले 24 घंटों का हाल बता दें कि बीते 24 घंटों में भी राजस्थान के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई है। जयपुर के सांभर इलाके में सबसे ज्यादा 34mm बारिश हुई है, जबकि श्रीगंगानगर के करनपुर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखा।

किसानों पर कुदरत का कहर, जयपुर समेत 20 जिलों में बारिश की चेतावनी, कटाई के समय भीग गया अन्नदाता का सोना

जयपुर राजस्थान के किसानों को मौसम की जबरदस्त मार झेलनी पड़ रही है। मार्च के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश और ओलावृष्टि से प्रदेश में सरसों, जीरा और ईसबगोल की फसल में भारी खराबा देखने को मिला है।  मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार राजस्थान में मौसम का बदला हुआ मिजाज बुधवार एक अप्रेल को भी जारी रहने की संभावना है। विभाग ने आज दो जिलों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। राजधानी जयपुर और आसपास के इलाकों में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी 2 अप्रैल से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से प्रदेश में फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मंगलवार को पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर और टोंक समेत 10 से अधिक जिलों में दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। सुबह साफ आसमान रहने के बाद दिन चढ़ने के साथ बादल छा गए और कई जगह बारिश दर्ज की गई। हनुमानगढ़, चूरू और श्रीगंगानगर के कुछ क्षेत्रों में ओले भी गिरे। जयपुर के आसपास भी दोपहर बाद बादल छाने के साथ हल्की बारिश हुई। वहीं, मंगलवार को कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान क्रमशः 37.9 और 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर, डीडवाना-कुचामन सहित कई जिलों में रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, नए वेदर सिस्टम के प्रभाव से 4 अप्रैल तक प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।  

पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान में बदला मौसम और 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी

राजस्थान राजस्थान में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली, जब श्रीगंगानगर में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मौसम विभाग ने इसे सक्रिय हुए Western Disturbance का असर बताया है, जो प्रदेश के कई हिस्सों को प्रभावित कर रहा है। 25 जिलों में अलर्ट, आंधी-बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इनमें 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 21 जिलों में येलो अलर्ट शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। 31 मार्च तक रहेगा असर, फिर मौसम होगा ड्राय मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम 31 मार्च तक सक्रिय रहेगा। इसके बाद 1 अप्रैल से प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा। इसके साथ ही तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे गर्मी का असर तेज हो सकता है। रविवार को कमजोर रहा सिस्टम, कई जगह साफ रहा मौसम रविवार को इस सिस्टम का असर काफी कमजोर रहा। बीकानेर संभाग में दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली रही। वहीं जालोर, सिरोही और पाली में हल्के बादल जरूर नजर आए, लेकिन बारिश नहीं हुई। जयपुर-कोटा समेत कई संभागों में तेज धूप प्रदेश के जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभागों में रविवार को आसमान बिल्कुल साफ रहा। दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी का असर बना रहा। मौसम वैज्ञानिकों ने इसका कारण वातावरण में नमी की कमी को बताया है। कोटा रहा सबसे गर्म, पारा 39 डिग्री पार तापमान की बात करें तो रविवार को कोटा सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा चूरू में 37.6 डिग्री, पिलानी और अलवर में 37.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। अन्य शहरों में भी बढ़ा तापमान इसी तरह बाड़मेर में 37 डिग्री, सीकर में 36 डिग्री, जैसलमेर में 35.8 डिग्री और जोधपुर में 35.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं श्रीगंगानगर में 34.5 और बीकानेर में 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। आंधी और मौसम बदलाव से सावधानी जरूरी मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अलर्ट वाले जिलों में तेज आंधी और धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। खासकर किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले दो दिनों में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।