samacharsecretary.com

किशाऊ बांध और जल प्रबंधन मुद्दों पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में यमुना जल समझौते के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए समयसीमा तय की गई है.  इसके साथ ही किशाऊ बांध से जुड़े जल प्रबंधन मुद्दों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई. रआरटीएस परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक में दिल्ली-हरियाणा-राजस्थान आरआरटीएस परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं से जल प्रबंधन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, निवेश और आमजन को मिलने वाली सुविधाओं को नई गति मिलेगी. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि डबल इंजन सरकार राजस्थान को सुरक्षित, समृद्ध और आधुनिक बनाने के लिए संकल्पबद्ध है. 10 मई को भी दिल्ली गए थे सीएम सीएम भजनलाल शर्मा ने 10 मई को हुई मुलाकात के बाद नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था कि राजस्थान में जल जीवन मिशन की प्रगति, राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते सहित विभिन्न सिंचाई एवं पेयजल परियोजनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार 'हर घर जल' के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध.

पटना में जदयू दफ्तर में शुरू हुआ सप्ताहिक जन सुनवाई कार्यक्रम

पटना बिहार की सम्राट सरकार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) कोटे के मंत्रियों का जन सुनवाई कार्यक्रम फिर से शुरू हो गया है। पटना स्थित जदयू दफ्तर में अब 3-3 मंत्री रोजाना जनता दरबार लगाकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे। पार्टी के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने जदयू के सभी मंत्रियों की पार्टी दफ्तर में ड्यूटी लगा दी है और कौन 3 मंत्री किस दिन कितने बजे से जन सुनवाई करेंगे, इसकी टाइमिंग भी फिक्स कर दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से मंगलवार को कार्यक्रम जारी कर दिया गया। प्रत्येक दिन तीन-तीन मंत्री पार्टी दफ्तर में लोगों की समस्या सुनेंगे। जन सुनवाई कार्यक्रम रोजाना सुबह 11.30 बजे से शुरू होगा। सोमवार और मंगलवार को किसकी ड्यूटी सोमवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह और ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे। मंगलवार को डिप्टी सीएम विजय चौधरी, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री शीला मंडल और ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल लोगों की समस्याएं सुनेंगे। निशांत बुधवार को बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, परिवहन मंत्री दामोदर रावत, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा लोगों की समस्या सुनेंगे। गुरुवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मदन सहनी और समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता जन समस्या सुनेंगी। इसी तरह शुक्रवार को डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव, योजना एवं विकास मंत्री एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लोगों की समस्या सुनेंगे। चुनाव के चलते स्थगित हुआ था जनता दरबार बता दें कि जदयू दफ्तर में जन सुनवाई कार्यक्रम लंबे समय से चलता रहा है। नीतीश कुमार जब मुख्यमंत्री थे, तब भी वे जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते थे। पिछले साल विधानसभा चुनाव के चलते जन सुनवाई कार्यक्रम स्थगित हो गया था। अब पार्टी की ओर से फिर से इसे शुरू कर दिया गया है। जदयू अध्यक्ष ने पूरे सप्ताह का कार्यक्रम विधिवत घोषित किया है। ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े यहां देखें पूरी लिस्ट सोमवार, सुबह 11.30 बजे से–     श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री     लेशी सिंह, भवन निर्माण मंत्री     सुनील कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री मंगलवार, सुबह 11.30 बजे से–     विजय चौधरी, डिप्टी सीएम, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री     शीला मंडल, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री     शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, ऊर्जा मंत्री बुधवार, सुबह 11.30 बजे से–     निशांत कुमार, स्वास्थ्य मंत्री     दामोदर रावत, परिवहन मंत्री     रत्नेश सदा, आपदा प्रबंधन मंत्री गुरुवार, सुबह 11.30 बजे से–     अशोक चौधरी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री     मदन सहनी, मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन मंत्री     श्वेता गुप्ता, समाज कल्याण मंत्री शुक्रवार, सुबह 11.30 बजे से–     बिजेंद्र प्रसाद यादव, डिप्टी सीएम, वित्त एवं वाणिज्य कल मंत्री     भगवान सिंह कुशवाहा, योजना विकास मंत्री     जमा खान, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री

पोस्टमार्टम रिपोर्ट,प्रतीक यादव के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं पाई गई

लखनऊ उत्तर प्रदेश के प्रभावी राजनीतिक परिवार मुलायम सिंह यादव फैमिली के छोटे बेटे प्रतीक यादव की मौत ने लोगों को दुखी कर दिया है। फिटनेस और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े प्रतीक यादव के निधन के बाद कई प्रकार के दावे किए जा रहे हैं। प्रतीक के दोस्तों का दावा है कि उनके शरीर पर चोट के निशान थे। बॉडी नीली पड़ गई थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कोई चोट के निशान न होने की बात कही गई है। डॉक्टरों की टीम के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव की शरीर पर किसी तरह का बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत की असली वजह अब भी साफ नहीं हो सकी है। इस कारण डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा है। उनके हार्ट को भी सुरक्षित रखा गया है। इसकी जरूरत पड़ने पर दोबारा जांच की जा सकेगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या? केजीएमयू के तीन डॉक्टरों के पैनल ने प्रतीक यादव की बॉडी का पोस्टमार्टम किया। डॉ. मौसमी सिंह ने पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व किया। इसमें फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार रायपुरिया और डॉ. फातिमा हर्षा भी शामिल रहे। पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है। बाहरी चोट को लेकर कई प्रकार की बातें पहले से हो रही थी। सूत्रों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव के शरीर पर चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिलने की बात सामने आ रही हैं। उनकी छाती का भी एक्सरे कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद किसी साजिश जैसी बात पर फिलहाल विराम लगता दिख रहा है। प्रतीक की मौत का कारण क्या? प्रतीक यादव की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें प्रतीक यादव की मौत की असली वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary Embolism) बताई गई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, पल्मोनरी एम्बोलिज्म ऐसी स्थिति है, जहां शरीर में खून का थक्का यानी ब्लड क्लॉट बन जाता है। अक्सर पैरों की नसों में इस प्रकार की समस्या आती है। यह थक्का नसों से बहकर सीधे फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस जाता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि पल्मोनरी एम्बोलिज्म से फेफड़ों तक ऑक्सीजन और खून का पहुंचना अचानक रुक जाता है। प्रतीक यादव के मामले में क्लॉट इतना बड़ा था कि इसने अचानक सांसें रोक दीं। इसने दिल पर बहुत ज्यादा दबाव डाल दिया, जिससे महज कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई। हार्ट रखा गया सुरक्षित प्रतीक यादव का वेट काफी बढ़ गया था। इसको देखते हुए डॉक्टरों ने उनके हार्ट को सुरक्षित रख लिया है। प्राथमिक जांच में हार्ट अटैक से मौत का मामला सामने आने के बाद इसकी आगे दोबारा जांच की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सुरक्षित रखे गए हार्ट से जांच कराई जाएगी। वहीं, बिसरा को जांच के लिए भेजा जाएगा। इससे साफ होगा कि प्रतीक यादव के शरीर में किसी प्रकार के विषैले तत्व या अन्य कारण तो मौजूद नहीं थे। सस्पेक्टेड पॉइजनिंग से इनकार सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से सस्पेंक्टेड पॉइजिंग से इनकार किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि हमारी तरफ से इस प्रकार की बात कभी भी नहीं कही गई है। अस्पताल के निदेशक जीपी गुप्ता ने कहा कि बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे प्रतीक यादव के ड्राइवर अस्पताल आए थे। यहां से डॉक्टर को तुरंत चलने को कहा गया। मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। उस समय प्रतीक यादव के शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं थी। निदेशक का कहना है कि बाद में उन्हें अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि परिजन पहले प्रतीक यादव के शव को घर ले जाना चाहते थे। बाद में उन्होंने खुद शव के पोस्टमार्टम कराने की इच्छा जताई। पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पंचनामा कर शव को केजीएमयू भेजा गया।  

अंबाला एमसी कॉलोनी में जादू-टोना विवाद के कारण बहनों पर हमला

अंबाला अंधविश्वास और आपसी रंजिश का खतरनाक रूप मंगलवार को अंबाला शहर की एमसी कॉलोनी में देखने को मिला। अशोक विहार स्थित तंबाकू फैक्ट्री के सामने बनी कॉलोनी में पड़ोसियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दो सगी बहनों पर ईंटों से हमला कर दिया गया। हमले में दोनों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनके सिर फट गए। स्थिति यह थी की पूरी गली खून से सन गई थी। दोनों को लहूलुहान हालत में नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवतियों की पहचान कविता (23) और मन्नत (22) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी नंबर-1 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। आरोपितों में पड़ोस में रहने वाले दो दंपती बताए जा रहे हैं। जादू-टोना करते देखा तो शुरू हुआ विवाद घायल कविता ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाला परिवार लंबे समय से उनके घर के आसपास जादू-टोना जैसी गतिविधियां करता था। मंगलवार सुबह भी परिवार के कुछ लोगों को कथित रूप से कमरे में ऐसी हरकत करते हुए देखा गया। जब उनके परिजनों ने इसका विरोध किया और समझाने की कोशिश की तो आरोपित भड़क गए। कविता के अनुसार आरोपितों ने पहले गाली-गलौज की और फिर जान से मारने की धमकी देने लगे। मंगलवार को जब वह किसी काम से बाहर जाने के लिए निकली तो आरोपितों ने ईंटों से हमला कर दिया। ड्यूटी पर था भाई, फोन आया तो उड़े होश घायल बहनों के भाई सेठी कुमार ने बताया कि वह नगर निगम में अस्थायी सफाई कर्मचारी है। मंगलवार को घटना के समय ड्यूटी पर गया हुआ था। शाम करीब साढ़े चार बजे उसे फोन पर सूचना मिली कि पड़ोसियों ने उसकी दोनों बहनों पर हमला कर दिया है। जब वह घर पहुंचा तो दोनों बहनें खून से लथपथ हालत में पड़ी थीं। उसने बताया कि घर पर आए उसकी दीदी और जीजा भी बीचबचाव के दौरान चोटिल हो गए। अस्पताल में उपचार जारी, पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डाक्टरों के अनुसार दोनों बहनों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।  

अनूपपुर के बिजुरी से ट्रांजिट विजिट पर जबलपुर पहुंचे CM मोहन यादव, रायपुर के लिए हुए रवाना

जबलपुर  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आज शाम डुमना एयरपोर्ट पहुंचने पर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री शाम करीब 7.10 बजे अनूपपुर जिले के बिजुरी से हेलीकॉप्टर द्वारा ट्रांजिट विजिट पर डुमना एयरपोर्ट पहुँचे थे। डुमना एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री का स्वागत जिला पंचायत अध्यक्ष आशा गोंटिया, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  संदीप जैन एवं उपाध्यक्ष  प्रशांत केशरवानी, नगर निगम अध्यक्ष  रिकुंज विज, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष  अखिलेश जैन, नगर अध्यक्ष  रत्नेश सोनकर, ग्रामीण जिला अध्यक्ष  राजकुमार पटेल, पूर्व मंत्री  हरेंद्र जीत सिंह बब्बू, पूर्व महापौर  प्रभात साहू,  पंकज दुबे,  सुभाष तिवारी रानू,  सोनू बचवानी,  रंजीत पटेल,  प्रणीत वर्मा,  अंकित द्विवेदी,  कौशल सूरी,  मुरली दुबे आदि ने किया। डुमना एयरपोर्ट पर  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की आगवानी संभागायुक्त धनंजय सिंह, उप पुलिस महानिरीक्षक अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय एवं नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने की। मुख्यमंत्री डॉ यादव डुमना एयरपोर्ट से शाम लगभग 7.50 बजे वायुयान से रायपुर रवाना हुये

कानपुर में हजारों लोगों को क्रोमियम मुक्त शुद्ध गंगाजल मिलेगा

कानपूर कानपुर में गंगा किनारे बसे जाजमऊ के लोगों को शुद्ध गंगाजल मिलेगा। उन्हें टेनरी के कचरे की वजह से क्रोमियमयुक्त जहरीला पानी नहीं पीना पड़ेगा। जहां भूगर्भ जल में क्रोमियम मिल गया है, उन्हें भी राहत मिलेगी। एचबीटीयू के वैज्ञानिकों ने पहली बार ऐसी फफूंदी खोजी है, जो क्रोमियम को अपनी सतह पर सोख लेती है और पानी क्रोमियम मुक्त होकर शुद्ध हो जाता है। यह फफूंदी जाजमऊ की मिट्टी में ही खोजी गई है। एचबीटीयू के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड बायोलॉजिकल साइंसेज ने इसकी खोज की है। इसके बाद फफूंदी को पुणे की नेशनल केमिकल लैबोरेट्री में भेजा गया। पता चला कि इसके पहले एस्परजीलस प्रॉलीफरेंस नाम की इस फफूंदी का किसी को पता नहीं था। इस पर इसे एस्परजीलस प्रोलीफरेंस एलए नाम दिया गया। पुणे लैब में फफूंदी को एनसीआईएम1473 कोड नंबर दिया गया। इस फंगस को लैब में भी विकसित किया जा सकता है यह शोध जर्नल ऑफ केमिस्ट्री एंड एनवायरमेंट और अन्य जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोध के अगुवा स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड बायोलॉजिकल साइंसेज के डीन प्रोफेसर ललित कुमार सिंह ने बताया कि इस फंगस को लैब में विकसित किया जा सकता है। पानी में डालकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। फफूंदी जो क्रोमियम को सोखती है, उसे रिकवर भी कर लिया जाता है।  इसे निकालकर पानी को शुद्ध करके क्रोमियम का अन्य जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। टेनरी के बगल के मैदान की मिट्टी से निकाली गई है फफूंदी क्रोमियम निकालने में फफूंदी का प्रयोग करने के बाद अब पानी के दूसरे घातक धातु तत्वों को निकालने में इसका इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि क्रोमियम एस्परजीलस प्रोलीफरेंस एलए के शोध में चार साल का समय लगा है। इस शोध को और विस्तारित करेंगे जिससे लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी मिल सके। यह फफूंदी एक टेनरी के बगल के मैदान की मिट्टी से निकाली गई। इसके बाद इस पर कार्य किया गया, तो जल शुद्धिकरण में उपयोगिता पता चली। एक पात्र में बगास डाली गई। उसमें एस्परजीलस प्रोलीफरेंस एलए को डालकर विकसित किया गया। जब फफूंदी विकसित हुई तो इसमें क्रोमियम युक्त पानी डाला गया। क्रोमियम के कण फफूंदी की सतह पर जम गए। जो पानी बाहर निकला, वह शुद्ध रहा। इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत तौर पर या किसी स्थान पर सामूहिक तौर पर जल शुद्धिकरण के लिए किया जा सकता है।  -प्रोफेसर ललित कुमार सिंह, डीन, एचबीटीयू ये बीमारियां हो सकतीं क्रोमियम के कारण त्वचा में जलन, नाक के अल्सर, फेफड़े और सांस की बीमारियां, कैंसर, त्वचा पर क्रोम अल्सर, पाचन तंत्र की समस्या, लिवर, किडनी और तंत्रिकाओं को नुकसान, अस्थमा आदि बीमारियां हो सकती हैं। हजारों लोग क्रोमियम युक्त पानी पीने को मजबूर शहर में करीब 75 हजार से अधिक आबादी क्रोमियम युक्त पानी पीने के लिए मजबूर है। जाजमऊ, वाजिदपुर, नौरैयाखेड़ा, मोतीपुर, मदारपुर, प्योंदी, किसनपुर समेत आसपास के 20 गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अलावा शहर के बीच में जूही बंबुरहिया, तेजाब मिल काॅलोनी आदि इलाकों के भूगर्भ जल में क्रोमियम मिला हुआ है। क्रोमियम की वजह से लोगों की सेहत खराब हो रही है। उन्हें विभिन्न प्रकार के रोग हो रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जाजमऊ और दूसरे इलाकों में कैंप लगाकर लोगों की जांच की गई और उनके सैंपल लिए गए। साथ ही इन क्षेत्रों के पानी के सैंपल की भी जांच कराई थी। रिपोर्ट में क्रोमियम युक्त पानी की पुष्टि हुई है।

साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से कार्यालय पहुंचे कर्मचारी, ईंधन बचत पर जोर

 भिवानी  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में ‘नो व्हीकल डे’ मनाया जाएगा। सप्ताह में दो दिन कर्मचारी बिना किसी व्हीकल के आएंगे। इसकी शुरूआत वीरवार से होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार यह अभियान शुरू किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के निर्देशानुसार यह अभियान शुरू किया जाएगा। बोर्ड अध्यक्ष डा. पवन कुमार ने बताया कि शिक्षा बोर्ड के सभी अधिकारी/कर्मचारी वीरवार को किसी व्यक्तिगत मोटर व्हीकल का उपयोग किए बिना कार्यालय में आएंगे। जो कर्मचारी दूर से आते है वे कार/बाइक पूलिंग करते हुए या सार्वजनिक यातायात साधनों का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड कार्यालय पहुंचे। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि सभी बोर्ड के अधिकारी/कर्मचारी पेट्रोल/डीजल वाहनों के स्थान पर साईकिल/ईलेक्ट्रिक वाहन व सार्वजनिक वाहनों को प्राथमिकता दें। बोर्ड कर्मियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन (बुधवार व वीरवार) पेट्रोल/डीजल वाहनों का उपयोग न करने की अपील करते हुए कहा कि ईंधन की बचत देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है। सभी अधिकारी/कर्मचारी सरकारी कार्यों में अनावश्यक वाहनों का उपयोग ना करें तथा ईंधन की हर-संभव बचत करें।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति थे प्रतीक

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन पर शोक जताया। मुख्यमंत्री ने प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना भी जताई।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, 'पद्म विभूषण', स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के पुत्र एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है।  प्रतीक यादव को विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए सीएम ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदनाएं भी जताईं।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!

180 करोड़ की परियोजना पर सिर्फ 30% काम पूरा, आम जनता को राहत नहीं

 रांची राजधानी रांची में कांटाटोली और सिरमटोली फ्लाईओवर को जोड़ने वाले कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य इन दिनों धीमी गति से चल रहा है। भू-अर्जन की समस्या और तकनीकी चुनौतियों के कारण परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई है। करीब 1.25 किलोमीटर लंबे इस कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण पर लगभग 180 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पथ निर्माण विभाग के अनुसार फ्लाईओवर का निर्माण कैंटी लीवर तकनीक से किया जा रहा है। दो दर्जन से अधिक विशेष पिलरों का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में सर्विस रोड के बाहर पाइलिंग का कार्य किया जा रहा है। कुल 72 पाइलिंग में अब तक 10 का काम पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसी को कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण पिलर खड़ा करने का कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक भू-अर्जन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए मंत्रालय स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक चल रही है। कांटाटोली-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य दिसबंर 2026 में पूरा होना था, लेकिन अबतक लगभग 30 प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है। वहीं अबतक पीलर व गर्डर का काम चल रहा है। शहरवासियों को नहीं मिल पा रहा फ्लाईओवर का पूरा लाभ कांटाटोली फ्लाईओवर और निर्माणाधीन सिरमटोली फ्लाईओवर के बीच कनेक्टिंग काॅरिडोर नहीं बनने से लोगों को अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है। वर्तमान में कांटाटोली से सिरमटोली फ्लाईओवर तक पहुंचने में 15 से 20 मिनट का समय लग रहा है। कई जगहों पर जाम की समस्या भी लगातार बनी हुई है। निर्माण कार्य के कारण पिछले लगभग एक वर्ष से कांटाटोली फ्लाईओवर के नीचे की सड़क वन-वे व्यवस्था में तब्दील हो गई है। इससे रोजाना हजारों वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर बनने के बावजूद ट्रैफिक समस्या में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। कोकर से मेकान तक बनेगा एलिवेटेड काॅरिडोर यह कनेक्टिंग फ्लाईओवर तैयार होने के बाद कोकर रोड के शांतिनगर से लेकर मेकान चौक तक लगभग छह किलोमीटर लंबा एलिवेटेड काॅरिडोर बन जाएगा। तब वाहन चालकों को नीचे उतरकर दोबारा फ्लाईओवर पर चढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जल्द समस्या समाधान का दावा पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता बिनोद कच्छप ने कहा कि भू-अर्जन की समस्या जल्द सुलझा ली जाएगी और निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। विभाग का लक्ष्य अगले वर्ष तक परियोजना को पूरा कर आम जनता को सौंपने का है।  

पंजीकृत श्रमिकों को पेंशन, इलाज और बच्चों की पढ़ाई जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा

 लखनऊ प्रदेश के निर्माण श्रमिक अपने आधार कार्ड और 90 दिन काम के आधार पर आसानी से अपना पंजीयन करा सकेंगे। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने पंजीयन प्रक्रिया को और सरल बनाते हुए श्रमिकों के पंजीयन पर जोर दे रहा है, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा सकें। पंजीकृत श्रमिकों को पेंशन, इलाज, बच्चों की पढ़ाई, कौशल विकास और कन्या विवाह जैसी कई योजनाओं का लाभ मिलेगा। श्रम योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति द्वारा पैसे मांगने की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 18001805412 जारी किया गया है। प्रदेश में अब तक एक करोड़ 71 लाख 36 हजार 963 निर्माण श्रमिकों और चार लाख 66 हजार 415 निर्माण स्थलों का पंजीयन किया जा चुका है। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में श्रमिक अब भी पंजीकरण से बाहर हैं, जिसके कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसे देखते हुए विभाग ने लेबर मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम के जरिए पंजीयन प्रक्रिया को और आसान बनाया है। साथ ही निर्माण स्थलों पर विशेष कैंप लगाकर भी पंजीयन कराया जा रहा है। बोर्ड के अनुसार 18 से 60 वर्ष आयु के ऐसे निर्माण श्रमिक, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिन कार्य किया है, वे पंजीयन के पात्र होंगे। आधार कार्ड के माध्यम से होगा पंजीयन श्रमिक अपने आधार कार्ड के माध्यम से आसानी से पंजीयन करा सकेंगे। पंजीकृत श्रमिकों के लिए कन्या विवाह योजना, अटल आवासीय विद्यालय योजना, जन आरोग्य योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, मातृत्व शिशु बालिका मदद योजना, कौशल विकास तकनीकी उन्नयन योजना, पंडित दीन दयाल उपाध्याय चेतना योजना और संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश के 18 मंडलों में संचालित अटल आवासीय विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के करीब 11 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक श्रमिकों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके।