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180 करोड़ की परियोजना पर सिर्फ 30% काम पूरा, आम जनता को राहत नहीं

 रांची राजधानी रांची में कांटाटोली और सिरमटोली फ्लाईओवर को जोड़ने वाले कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य इन दिनों धीमी गति से चल रहा है। भू-अर्जन की समस्या और तकनीकी चुनौतियों के कारण परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई है। करीब 1.25 किलोमीटर लंबे इस कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण पर लगभग 180 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पथ निर्माण विभाग के अनुसार फ्लाईओवर का निर्माण कैंटी लीवर तकनीक से किया जा रहा है। दो दर्जन से अधिक विशेष पिलरों का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में सर्विस रोड के बाहर पाइलिंग का कार्य किया जा रहा है। कुल 72 पाइलिंग में अब तक 10 का काम पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसी को कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण पिलर खड़ा करने का कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक भू-अर्जन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए मंत्रालय स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक चल रही है। कांटाटोली-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य दिसबंर 2026 में पूरा होना था, लेकिन अबतक लगभग 30 प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है। वहीं अबतक पीलर व गर्डर का काम चल रहा है। शहरवासियों को नहीं मिल पा रहा फ्लाईओवर का पूरा लाभ कांटाटोली फ्लाईओवर और निर्माणाधीन सिरमटोली फ्लाईओवर के बीच कनेक्टिंग काॅरिडोर नहीं बनने से लोगों को अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है। वर्तमान में कांटाटोली से सिरमटोली फ्लाईओवर तक पहुंचने में 15 से 20 मिनट का समय लग रहा है। कई जगहों पर जाम की समस्या भी लगातार बनी हुई है। निर्माण कार्य के कारण पिछले लगभग एक वर्ष से कांटाटोली फ्लाईओवर के नीचे की सड़क वन-वे व्यवस्था में तब्दील हो गई है। इससे रोजाना हजारों वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर बनने के बावजूद ट्रैफिक समस्या में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। कोकर से मेकान तक बनेगा एलिवेटेड काॅरिडोर यह कनेक्टिंग फ्लाईओवर तैयार होने के बाद कोकर रोड के शांतिनगर से लेकर मेकान चौक तक लगभग छह किलोमीटर लंबा एलिवेटेड काॅरिडोर बन जाएगा। तब वाहन चालकों को नीचे उतरकर दोबारा फ्लाईओवर पर चढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जल्द समस्या समाधान का दावा पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता बिनोद कच्छप ने कहा कि भू-अर्जन की समस्या जल्द सुलझा ली जाएगी और निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। विभाग का लक्ष्य अगले वर्ष तक परियोजना को पूरा कर आम जनता को सौंपने का है।  

गोमती नदी पर बने दो नए पुल, 212 मीटर लंबे सेतु से गांवों को मिलेगा फायदा

 लखनऊ  आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पीएम टेक्सटाइल तक जाने वाले मार्ग, सेतु से जुड़े सभी काम को कराने के निर्देश शासन ने कार्यदायी संस्था को दिए थे। इसमें सेतु निगम ने तो गोमती नदी के ऊपर सेतु बनाने का काम समय से पूरा कर लिया। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) आउटर रिंग रोड के नीचे से दो लेन के अंडरपास को चार लेन करने का काम भी कर रहा है। इस काम को पंद्रह जुलाई 2026 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। दस करोड़ की लागत से बनाए जा रहे अंडरपास को, जो 18 मीटर है, उसे बढ़ाकर 36 मीटर किया जा रहा है। फोर लेन से भी अधिक यह चौड़ा होगा। भविष्य की योजनाओं को देखते हुए प्राधिकरण इसे बनवा रहा है। खासबात है कि दिसंबर 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा करवाने के लिए शासन लगा हुआ है, इस अंडरपास से जुड़े काम को जल्द करवाने के लिए एनएचएआइ को भी दस करोड़ की धनराशि प्रदेश सरकार द्वारा दी गई है। आईआईएम रोड से पीएम टेक्सटाइल तक करीब 14.28 किमी. सड़क बनाई जानी है। इसमें छह किमी. की सड़क का चौड़ीकरण लोक निर्माण विभाग करवा चुका है। बाकी आठ किमी. की सड़क का काम अभी तक नहीं शुरू हो पाया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जमीन अधिगृहण का काम चल रहा है। खातेदार ज्यादा होने के कारण शासन यहां भी मुआवजे की प्रकिया पूरी नहीं करवा पाया है। वहीं दिसंबर तक फोर लेन सड़क लोक निर्माण विभाग को बनाकर देना है। क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले पीएम टेक्सटाइल पार्क का उद्घाटन करने की तैयारी है। सेतु निगम ने 212 मीटर के दो पुलों को निर्धारित समय से पहले बनाकर किया तैयार उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने पीएम टेक्सटाइल पार्क को कनेक्ट करने वाले पुल से जुड़ा काम निर्धारित अवधि से तीन से चार माह पहले ही खत्म कर लिया था। गोमती नदी के ऊपर से यह सेतु पीएम टेक्सटाइल पार्क को जोड़ने के लिए बनाया गया है। इस सेतु के बनने से सबसे अधिक लाभ एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को होगा। खास बात है कि एक सेतु से लोग चढ़ सकेंगे और दूसरे सेतु से उतर सकेंगे। अगल-बगल बने प्रत्येक सेतु की लंबाई 212 मीटर रखी गई है। इन सेतु के बन जाने से मलिहाबाद के अटारी गांव में बन रहे प्रधानमंत्री टेक्सटाइल पार्क तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। वर्तमान में लोगों को अटारी तक पहुंचने के लिए जेहटा गांव का रास्ता अपनाना पड़ता है। पुल से नौ किमी. दूरी पर है पीएम टेक्सटाइल पार्क रैथा सेतु से पीएम टेक्सटाइल पार्क मात्र नौ किमी. की दूरी पर है। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम इस प्रोजेक्ट पर करीब 44.11 करोड़ खर्च करके इसे बनाया है। सेतु निगम के अभियंता बताते हैं कि पीएम टेक्स्टाइल पार्क बनने की घोषणा हाेने के चंद सप्ताह में ही इस सेतु का खाका तैयार कर लिया गया था। यह सेतु रैथा गांव से उठेगा और कोलवा गांव में उतरेगा।  

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से दुल्लापुर–नेवारीगुड़ा–कान्हाभैरा मार्ग निर्माण को मंजूरी—ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर, जिला पंचायत कवर्धा क्षेत्र क्रमांक 10 के लिए विकास का नया अध्याय जुड़ गया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सड़क—दुल्लापुर, नेवारीगुड़ा, कान्हाभैरा से कंझेटा तक—के निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह निर्णय क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। क्षेत्रवासियों ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क के अभाव में लंबे समय से आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और व्यापारिक गतिविधियों में काफी दिक्कतें आती थीं। सड़क निर्माण प्रारंभ होने से इन समस्याओं का समाधान होगा और आर्थिक-सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 के सदस्य कैलाश चंद्रवंशी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री  शर्मा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र की अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए कई अहम परियोजनाएँ स्वीकृत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि दुल्लापुर–नेवारीगुड़ा–कान्हाभैरा मार्ग इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। सड़क का निर्माण दुल्लापुर के नहर पार से नेवारीगुड़ा तक गांव के बाहरी हिस्से से होकर किया जाएगा, जो दुल्लापुर और नेवारीगुड़ा के लिए बायपास मार्ग के रूप में भी कार्य करेगा। यह योजना क्षेत्र की गतिशीलता और सुविधा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तैयारी तेजी से जारी है। इसके पूर्ण होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने कहा कि यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

लापरवाही पड़ी भारी! पंजाब मंडी बोर्ड के जेई टर्मिनेट, सीएम फ्लाइंग स्क्वाड ने की कड़ी कार्रवाई

 चंडीगढ़ सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सीएम फ्लाइंग स्क्वाड ने आज बड़ी कार्रवाई की। मार्केट कमेटी भीखी के माखा चहलां विशेष संपर्क मार्ग पर औचक निरीक्षण के दौरान निर्माण में खामियां मिलीं। खराब क्वालिटी की सड़क निर्माण के कारण पंजाब मंडी बोर्ड के जेई गुरप्रीत सिंह को टर्मिनेट कर दिया गया है। उपमंडल अधिकारी चमकौर सिंह को भी नोटिस जारी किया गया है। वहीं एसडीओ के अधीन आने वाले सभी कार्य तुरंत प्रभाव से वापस लिए गए हैं। पंजाब सरकार का साफ संदेश है कि राज्य में सड़क निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। 

सड़क निर्माण से बदलेगा बिहार का चेहरा: आठ जिलों में 675 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी

पटना राज्य के आठ जिलों की दस सड़कों को केंद्रीय सड़क और बुनियादी ढांचा कोष (सीआरआईएफ) को नया स्वरूप दिया जाएगा। इन परियोजनाओं पर 675 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने शनिवार को इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन सड़क परियोजनाओं के लिए सीआरआईएफ से मंजूरी मिली है। उनकी अनुशंसा राज्य सरकार ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को की थी। पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि बिहार की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने को ले केंद्र एवं राज्य सरकार संयुक्त रूप से काम कर रही है। इसी क्रम में आठ जिले क्रमश: बक्सर, सारण, नवादा, मधुबनी, भागलपुर, अररिया, पूर्णिया एवं पूर्वी चंपारण की दस परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी है। इनमें पथों के मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण तथा एक पुल निर्माण की योजना शामिल है। इन परियोजनाओं को मिली मंजूरी 1. 135 करोड़ की लागत से अररिया जिले के जयनगर (भरगामा प्रखंड) से घुरना (नरपतगंज प्रखंड) भारत-नेपाल सीमा तक 30 किलोमीटर सड़क का निर्माण 2. 117.49 करोड़ की लागत से बक्सर जिले में एसएच-17 का चौसा-गोला-कोचस पथांश (बसाही पुल तक) का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण एवं एक एच.एल. पुल का निर्माण 3. 48.68 करोड़ की लागत से सारण जिले के तरैया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राज्य राजमार्ग संख्या 104 के 12 किमी पथ का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य 4. 45 करोड़ की लागत से नवादा स्टेशन रोड से गोसाईबिगहा, जहाना, लाखमोहना, सुपौल तक की 11.6 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य 5. 72 करोड़ की लागत से मधुबनी जिले के रामनगर-मोतीपुर खैरा सड़क का 12.5 किलोमीटर तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य को शामिल किया गया है। 6. 80 करोड़ की लागत से भागलपुर से गोराडीह होते हुए कोतवाली तक 17.14 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य। 7. 56.70 करोड़ की लागत से 4.5 किलोमीटर तक भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग (एसएच-19) को एनएच-80 से जोड़ने का कार्य। 8. 42.50 करोड़ की लागत से मोतिहारी के ढाका-लौखान सड़क का 11 किलोमीटर तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य 9. 47.42 करोड़ की लागत से मोतिहारी के ही नारीगिर-चंपापुर-आदापुर सड़क का 15.55 किलोमीटर चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य 10. 29.48 करोड़ की लागत से पूर्णिया जिले के घमदाहा से कुआरी सड़क 11.2 किलोमीटर का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य को भी शामिल किया गया है।