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राष्ट्रीय कार्यशाला में पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर हुई विस्तृत चर्चा

16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं पर हुई चर्चा          रायपुर,  नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्तीय संसाधनों के आवंटन, पंचायतों की वित्तीय क्षमता को सुदृढ़ करने तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।          कार्यशाला में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, बेहतर सेवा प्रदायगी, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में सहभागिता करते हुए पंचायतों एवं ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर आयोजित प्रस्तुतियों और विचार-विमर्श का अवलोकन किया। छत्तीसगढ़ को ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 11,664 करोड़ रुपए का अनुदान कार्यशाला के दौरान 16वें वित्त आयोग द्वारा ग्रामीण स्थानीय निकायों (Rural Local Bodies) के लिए प्रस्तावित अनुदान की जानकारी साझा की गई। आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि में छत्तीसगढ़ को कुल 11,664 करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त होगा। इसमें 9,331 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट तथा 2,333 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल हैं। वहीं, ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत निर्धारित की गई है। वर्षवार आवंटन के अनुसार 2026-27 में राज्य को 1,498 करोड़ रुपए की बेसिक ग्रांट मिलेगी। 2027-28 में 1,663 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 248 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2028-29 में 1,846 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 624 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2029-30 में 2,049 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 693 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट तथा 2030-31 में 2,275 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 768 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट का प्रावधान किया गया है।        यह अनुदान ग्राम पंचायतों एवं अन्य ग्रामीण स्थानीय निकायों के माध्यम से आधारभूत अधोसंरचना के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति

रायपुर : कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी वीबी-जी राम जी योजना – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपये प्रतिदिन योजना में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल, जल संरक्षण से लेकर ग्रामीण अधोसंरचना तक मिलेगा बढ़ावा रायपुर,  ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ आज कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। इस दौरान वे वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह से भी जुड़े रहे।  कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ      केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से जहां ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, वहीं गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी। चौहान ने कहा कि मजदूरों के पसीने का सम्मान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गरीबों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की सेवा है।  कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ       उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे देश में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ हो रहा है और छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में योजना के तहत पहले कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक गांव और पंचायत का समग्र विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे और रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी।        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जॉब कार्ड में केवाईसी कराने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत डबरी, चेकडैम, बोल्डर चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क (धरसा), मुरमीकरण जैसे कार्य कर जल स्तर बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर अटल डिजिटल सेवा केंद्र, मुक्तिधाम में शेड, ग्रामीण अधोसंरचना सहित प्राथमिकता वाले कार्य शुरू करने होंगे।         उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे। इसी उद्देश्य से गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे व्यापक सोच के साथ अपने गांवों की विकास कार्ययोजना तैयार करें, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।         पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है और सभी लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। इस योजना के तहत मनरेगा में अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।         कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। गंडईखुर्द को मिली पहली सौगात, शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति       उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत विकास कार्यों के साथ हो रही है। इस स्वीकृति के साथ ही गंडईखुर्द वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई, जहां विकास कार्य का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसी प्रकार प्रत्येक पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए … Read more

नक्सल मुक्त बस्तर के नव निर्माण में समाज की होगी अहम भूमिका, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का आह्वान

रायपुर : नक्सल मुक्त बस्तर के नव निर्माण में समाज निभाए अग्रणी भूमिका : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक में सामाजिक एकता, वन संरक्षण और देवस्थलों के संरक्षण पर दिया जोर रायपुर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर के नव निर्माण में समाज की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। विकास, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए समाज को संगठित होकर आगे आना होगा। उन्होंने यह बात आज नारायणपुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक को संबोधित करते हुए कही। नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद कुछ लोग यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि अब जंगलों की कटाई होगी या बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने समाज प्रमुखों से ऐसे भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने और लोगों को सही जानकारी देने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर के नवनिर्माण का जिम्मा अब बस्तर के युवाओं के मजबूत कंधों पर टिका है और सरकार विकास के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नारायणपुर में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक           उन्होंने कहा कि समाज के भीतर आदिवासी परंपरा का पालन करने वाले लोगों और उससे अलग हो चुके लोगों के बीच अनावश्यक द्वंद की स्थिति बन रही है। यह समाज के हित में नहीं है। समाज प्रमुखों को आगे आकर आपसी वैमनस्य समाप्त करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।         उप मुख्यमंत्री ने सामाजिक स्थलों एवं देवस्थलों का राजस्व अभिलेखों में चिन्हांकन कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में शासन और प्रशासन के सहयोग से देवभूमियों का सफलतापूर्वक चिन्हांकन कराया जा रहा है। इसी तर्ज पर नारायणपुर में भी सभी समाज प्रमुख मिलकर एक समिति का गठन करें, ताकि सामाजिक एवं धार्मिक स्थलों का चिन्हांकन शीघ्र पूरा हो सके और भविष्य में उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।         बैठक के दौरान समाज प्रमुखों द्वारा गढ़िया बाबा के देवस्थल के संरक्षण का विषय उठाए जाने पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने तत्काल बाउंड्री वॉल, नलकूप तथा सोलर लाइट की व्यवस्था कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्रों का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।         उप मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण को समाज का साझा दायित्व बताते हुए कहा कि जंगलों को बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक तरीके से लघु वनोपजों का संग्रहण एवं दोहन किया जाए तो वन भी सुरक्षित रहेंगे और ग्रामीणों को खेती की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है। उन्होंने समाज प्रमुखों से इस विषय पर गांव-गांव लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया।        उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। शर्मा ने कहा कि जैविक कृषि अपनाने से लोगों का खुद का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और जैविक उत्पादों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार बस्तर में सहकारी रूप से दुग्ध उत्पादन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया।        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अबूझमाड़ की पहाड़ी क्षेत्रों में स्थाई कृषि को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अबूझमाड़ के 10-10 युवाओं का दल बनाकर उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों का शैक्षणिक भ्रमण कराकर ऊंचाइयों पर खेती के आधुनिक कृषि तकनीक सिखाने को कहा। उन्होंने अबूझमाड़ के ग्रामों में पर्यटन को विकसित करने के लिए होम स्टे विकसित करने को कहा ताकि ग्रामीणों को स्थायी आय का नया माध्यम प्राप्त हो सके।        बैठक में समाज प्रमुखों ने क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं विकास संबंधी समस्याओं और सुझावों से उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सभी की बातों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन और समाज के समन्वित प्रयासों से ही नक्सल मुक्त बस्तर का समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य तैयार किया जा सकेगा।        इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, ओरछा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष मंगलूराम नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, छोटे डोंगर की सरपंच श्रीमती संध्या पवार, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिन्सन गुरिया सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।    

जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लगाई जनचौपाल

रायपुर : किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल उप मुख्यमंत्री शर्मा पहुंचे नक्सलियों की मांद कहलाने वाले ग्राम किसकोड़ो, ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा किसकोड़ो – उप मुख्यमंत्री शर्मा रायपुर कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार 26 जून को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने देर शाम को ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल रहा यह गांव अब लोकतंत्र, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है। किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल        गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांग एवं सुझाव गंभीरता से सुनी। इस दौरान ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल        ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी अनेक मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। यहां पहुंचे ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास के लिए उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद जल्द से जल्द विकास करने की जो ललक आज ग्रामीणों में दिख रही है वह अविश्वसनीय है।         उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।         जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे "भारत माता की जय" के उद्घोष इस बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के साथ उनका सर्टिफिकेशन करने की भी आवश्यकता है, आसपास की सभी पंचायतों को मिलाकर ब्रांडिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज प्रसंस्करण के लिए व्यवस्था निर्माण के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एडीएम एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़ राहुल रजक सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

घुसपैठियों पर लगेगी लगाम, डिप्टी CM विजय शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दिया भरोसा

रायपुर. छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM विजय शर्मा पश्चिम बंगाल के दौरे से लौट आए हैं। बांग्लादेशी घुसपैठिए को लेकर उन्होंने कहा कि देश में घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए इस दिशा में उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। वहीं उन्होंने पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे की तैयारियों को लेकर होने वाली CM की समीक्षा बैठक पर भी बयान दिया है। बांग्लादेशी घुसपैठिए को लेकर क्या कहा ? पश्चिम बंगाल से लौटने के बाद उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए पश्चिम बंगाल के रास्ते देश में प्रवेश करते हैं, लेकिन वहां की सरकार ने केंद्र की एजेंसियों को आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं कराई थी। अब इस दिशा में उचित स्थान और व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे देश में घुसपैठ पर लगाम लग सके। वहीं उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता खुद ममता बनर्जी को सत्ता से हटाना चाहती थी। छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं के साथ देश के अन्य राज्यों के कार्यकर्ताओं ने भी खूब मेहनत की है। पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण पर क्या कहा ? पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण को लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि फूलबासन के पास ही आने जाने वाली एक महिला थी। वो महिला ही उनसे कहती है आपके साथ सेल्फी लेना है एक दिव्यांग है वो गाड़ी में बैठे हैं। उनके साथ वो चली गई थी, फिर महिला ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। कारण क्या है इसका जल्द पता चलेगा। पुलिस ने मुस्तैदी से इस पर काम किया है। CM की समीक्षा बैठक पर क्या कहा ? वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 19 मई को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आने वाले हैं, जिसकी तैयारियों को लेकर आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समीक्षा बैठक करेंगे। इसको लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 24-25 जून को बनारस में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदूओं पर चर्चा हुई, जिसमें केंद्र और राज्यों की व्यवस्थाओं की समीक्षा भी शामिल थी। इस वर्ष यह अहम बैठक छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित की जाएगी, जिसकी तैयारियों को लेकर आज सीएम के मार्गदर्शन में बैठक आयोजित है। 

बस्तर में गृहमंत्री का अचानक दौरा: रात में CRPF कैंप पहुंचे विजय शर्मा, सुरक्षा बनी चुनौती

बस्तर. छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। वे बस्तर से दंतेवाड़ा, बारसूर और माडुम घाटी होते हुए सड़क मार्ग से रात करीब 9 बजे सातधार स्थित CRPF कैंप पहुंचे। यह वही मार्ग है, जो कभी नक्सल गतिविधियों के कारण बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा होता था। ऐसे इलाके में गृहमंत्री का सड़क मार्ग से सफर करना सुरक्षा व्यवस्था में आए बदलाव और सरकार के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला मौका है, जब कोई गृहमंत्री इस तरह सड़क मार्ग से इन दुर्गम और पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होते हुए सातधार कैंप तक पहुंचे हैं। गृहमंत्री विजय शर्मा के इस दौरे को बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी इस यात्रा को लेकर उत्साह देखा गया और इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य हालात लौटने के रूप में देखा जा रहा है।

बीजापुर एनकाउंटर: चार नक्सलियों का खात्मा, गृहमंत्री बोले – नेशनल पार्क क्षेत्र से खत्म हुआ नक्सल प्रभाव

रायपुर  बीजापुर जिले में हुई नक्सली मुठभेड़ को लेकर डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों की ताकत और सटीक रणनीति के चलते एक बड़ा नक्सली न्यूट्रलाइज किया गया है। इस मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली दिलीप बेडजा सहित चार नक्सलियों को मारा गया है। इस ऑपरेशन के बाद नेशनल पार्क एरिया अब लगभग नक्सल मुक्त हो चुका है, जो राज्य के लिए एक बड़ी सफलता है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि कार्रवाई से पहले नक्सली दिलीप बेडजा को आत्मसमर्पण और मुख्यधारा में लौटने के लिए समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसने हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा। इसके बाद सुरक्षाबलों को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी। नेशनल पार्क एरिया अब लगभग नक्सल मुक्त हो चुका है। गृहमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नक्सलवाद के खिलाफ पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। आने वाले समय में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे, ताकि बस्तर अंचल में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित किया जा सके। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव पर क्या बोले विजय शर्मा? भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया कल से शुरू हो रही है। इस पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा, कार्यकारी अध्यक्ष के संदर्भ में अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन भी पार्टी को प्राप्त होगा।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में गृह विभाग के बजट निर्माण की बैठक आयोजित

रायपुर : गृह विभाग के बजट निर्माण हेतु उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में बैठक का हुआ आयोजन रायपुर राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए तीसरे बजट की तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में गृह विभाग के बजट निर्माण को लेकर मंत्रालय में सोमवार को उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गृह विभाग से संबद्ध पुलिस, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन, नगर सेना एवं एसडीआरएफ, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएँ, लोक अभियोजन, राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, सैनिक कल्याण, संपदा संचालनालय, छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज, मेडिको-लीगल संस्थान तथा छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकार इकाइयों के विभागाध्यक्षों ने भाग लिया। सभी विभागों से प्राप्त बजट अनुदान प्रस्तावों पर बिंदुवार और विस्तृत चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि बजट निर्माण में मितव्ययता और प्राथमिकताओं का संतुलन आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अनावश्यक व्ययों पर नियंत्रण रखते हुए कानून व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, पुलिस बल की क्षमता वृद्धि, आवास एवं आधारभूत संरचना, आपदा प्रबंधन, फॉरेंसिक सुविधाओं का आधुनिकीकरण, जेल सुधार तथा अभियोजन की प्रभावशीलता जैसे आवश्यक मदों के लिए पर्याप्त और समयोचित प्रावधान सुनिश्चित किए जाएँ। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बजट प्रस्ताव परिणामोन्मुखी हों और उनसे जनसुरक्षा, त्वरित न्याय, तथा सेवा-प्रदाय की गुणवत्ता में प्रत्यक्ष सुधार दिखाई दे। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, उपकरणों के उन्नयन और मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने प्रस्तावों में स्पष्ट लक्ष्य, अपेक्षित परिणाम और व्यय-लाभ विश्लेषण का समावेश करें। बैठक में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने समन्वय और समयबद्धता पर बल देते हुए कहा कि गृह विभाग का बजट राज्य की कानून-व्यवस्था, आपदा तैयारी और न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। सभी इकाइयों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा में संशोधित एवं सुदृढ़ प्रस्ताव प्रस्तुत करें, ताकि बजट को अंतिम रूप दिया जा सके। इस बैठक में एसीएस मनोज पिंगुआ, डीजीपी अरूण कुमार गौतम, डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, सचिव हिमशिखर गुप्ता, सचिव रमेश शर्मा, सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस प्रदीप गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक मनीष शर्मा, संचालक अग्निश्मन चन्द्र मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कवर्धा की बेटी रिया तिवारी को स्वर्ण पदक जीतने पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया सम्मानित

रायपुर : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली कवर्धा की बेटी रिया तिवारी का किया सम्मान रिया की उपलब्धि प्रदेश की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए बनेंगी प्रेरणा- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा रायपुर बिहार की राजधानी पटना में 25 से 29 दिसंबर तक आयोजित साउथ एशियन बॉल बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हाँसिल किया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान और श्रीलंका सहित चार देशों की टीमों ने भाग लिया था।        इस चैंपियनशिप में भारत की विजेता टीम का हिस्सा बनकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली कवर्धा की होनहार खिलाड़ी सुरिया तिवारी का उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सम्मान किया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने रिया को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी उपलब्धि की सराहना की तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।     इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि रिया तिवारी की यह उपलब्धि न केवल कवर्धा जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रिया ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रिया भविष्य में भी देश के लिए अनेक पदक जीतेंगी और प्रदेश की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।         उपमुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकें।         रिया ने कहा कि इस सफलता का पूरा श्रेय मेरे माता-पिता और मेरे कोच अविनाश चौहान एवं जय किशन को जाता है। उनके निरंतर मार्गदर्शन, अनुशासन और प्रेरणा के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं हो पाती। हर कठिन समय में उन्होंने मेरा आत्मविश्वास बनाए रखा और मुझे आगे बढ़ने की शक्ति दी। यह जीत मेरे लिए केवल एक पदक नहीं, बल्कि मेरे खेल जीवन की एक नई शुरुआत है। मैं आगे भी पूरे समर्पण और मेहनत के साथ देश और प्रदेश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का प्रयास करूंगी

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 02 नई स्क्वायर बेलर मशीनों का उद्घाटन किया

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 02 स्क्वायर बेलर मशीनों का किया लोकार्पण रायपुर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर से आधुनिक तकनीक से युक्त 02 स्क्वायर बेलर मशीनों का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया।  इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मशीनों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं उद्देश्य के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि स्क्वायर बेलर मशीन अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, जो एक घंटे में लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में हार्वेस्टर से कटे हुए पैरा को चौकोर बंडल (बेल) के रूप में तैयार करती है। इन बंडलों का उपयोग आगे चलकर गौ-वंश के लिए चारे के रूप में किया जाएगा, जिससे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। यह भी जानकारी दी गई कि स्क्वायर बेलर मशीनों के उपयोग से खेतों में पैरा जलाने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इससे न केवल किसानों को अवशेष प्रबंधन में सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण में कमी और गौ संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, चारे के सुव्यवस्थित संग्रहण और परिवहन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसान हित, गौ संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। स्क्वायर बेलर मशीन जैसी पहल से कृषि अवशेषों का सार्थक उपयोग होगा और किसानों को आर्थिक एवं पर्यावरणीय दोनों स्तरों पर लाभ मिलेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मशीनों के नियमित, समुचित और प्रभावी उपयोग के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर सांसद संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक योगेश्वर राज सिंह, अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डॉ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि तथा पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।