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मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में अगले चार दिन बारिश के आसार

  पटना बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून को प्रवेश किए एक हफ्ता गुजर चुका है पर इस दौरान छिटपुट बारिश ही दर्ज की गई है। झमाझम बारिश के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। मौसम विभाग पटना के मुताबिक बुधवार को पटना समेत 19 जिलों में एक या दो स्थान पर, जबकि बाकी जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। 4-5 दिनों में राज्य के अनेक स्थानों के तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी का पूर्वानुमान है। मंगलवार को पटना में हल्की बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया। बुधवार को एक या दो स्थानों पर बारिश के बाद दूसरे दिन पटना समेत 14 जिलों में मौसम का रुख सख्त रहेगा। आज से 4 दिन तक बारिश की संभावना पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मुजफ्फरपुर जिले में मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। इससे तापमान में कमी आई है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले तीन दिनों में औसत बारिश 13.8 एमएम दर्ज की गई है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक अगले दो दिनों तक धूप-छांव के बीच हल्की बारिश होते रहने के आसार है। उसके बाद अगले तीन दिनों तक मेघगर्जन, वज्रपात तेज झोंकेदार हवा के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मौसम विभाग के द्वारा अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वरीय मौसम वैज्ञानिक डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि आठ से 10 जुलाई तक आसमान में बादल छाये रहेंगे। कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। 8-12 तारीख तक दक्षिण बिहार के हिस्सों में बारिश की संभावना भागलपुर में मानसून के सक्रिय होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। सुबह का मौसम सुहावना था। जिले के कुछ हिस्सों में 0.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। शहर के कई इलाकों में भी हल्की बारिश के कारण लोगों को बेहतर मौसम मिला। बिहार कृषि विवि (बीएयू) सबौर एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक आठ से 12 जुलाई तक दक्षिण बिहार के जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी चलने एवं हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है। अधिकतम तापमान 33-34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25-26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। उक्त जानकारी बीएयू के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. बिरेद्र कुमार ने दी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. नेहा पारिक ने बताया कि मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते दिनों में हुई वर्षा जल का लाभ उठाते हुए धान की सबौर दीप, किस्मों जैसे प्रभात, शुष्क सम्राट, सहभागी की बुआई 10 जुलाई तक किसान कर सकते हैं।

सरदार सरोवर डैम विवाद खत्म! अमित शाह की मौजूदगी में MP, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की मौजूदगी में ऐतिहासिक समझौता, महाराष्ट्र-गुजरात-राजस्थान-एमपी के बीच सुलझा सरदार सरोवर डैम का मुद्दा – सरदार सरोवर परियोजना का दीर्घकालिक मसला समाप्ति की ओर – परियोजना की निर्माण की लागत साझाकरण के मुद्दों पर था विवाद – चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किए हस्ताक्षर भोपाल/नई दिल्ली  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीच नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में 7 जुलाई को नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केन्द्र एवं चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। यह समझौता मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के लागत साझाकरण के मुद्दों से जुड़े दीर्घकालिक विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसके तहत लंबित देयों के अंतिम निपटान के रूप में किए जाने वाले भुगतानों को एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) के रूप में हल किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से नर्मदा अवॉर्ड के लंबित भुगतान का विवाद चल रहा था, जिसका आज सौहार्दपूर्ण समाधान निकल गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अनेक राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने का लाभ यह हुआ है कि हम में एक-दूसरे को समझने की क्षमता बढ़ी है, राजनीतिक मुद्दे कम हुए हैं और देश के अनेक विवाद अब तेजी से सुलझाए जा रहे हैं। सरकारों के रचनात्मक सहयोग की सराहना  केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने इस महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय परियोजना पर आम सहमति बनाने में मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा दिए गए रचनात्मक सहयोग की सराहना की। मंत्री शाह ने कहा कि इस परियोजना से विशेषकर मध्यप्रदेश, गुजरात तथा राजस्थान को बहुत लाभ हुआ। बांध पूरा होने से इन राज्यों में हर जगह पानी और बिजली पहुंची। उन्होंने कहा कि राजस्थान को हुआ लाभ दिखने में छोटा लग सकता है, पर जिस भूमि तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां भूमि का मूल्य और किसान की किस्मत दोनों बदल गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल के नेतृत्व में देश में चल रहे जल विवाद या जल वितरण से जुड़े विवाद एक-एक कर सुलझाए जा रहे हैं।  राष्ट्रीय नुकसान को ध्यान में रख कर सुलझाएं मसले गृह मंत्री शाह ने कहा कि पिछले दिनों हरियाणा और राजस्थान के बीच का जल विवाद सुलझाया गया। चाहे किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा हो या राजस्थान, हरियाणा के बीच जल विवाद हो या आज का यह समझौता, ये सभी सहकारी संघवाद के स्वर्णिम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे गुजरात हो, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या महाराष्ट्र, पानी देश के लोगों, खासकर किसानों के ही काम आता है। मंत्री शाह ने कहा कि पानी का उपयोग चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो उससे लाभान्वित होने वाला एक भारतीय ही होगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी विवाद से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान को ध्यान में रख कर उसे सुलझाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य समृद्ध होता है, तो उसका लाभ अपने राज्य को भी मिलता है।

मेरठ-हरिद्वार से विंध्य तक, यूपी में बनेंगे तीन नए एक्सप्रेसवे

 लखनऊ  प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव से पहले तीन नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी में है। इसके तहत प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संबंधित जिलाधिकारियों को अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का सत्यापन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा। साथ ही औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे लगभग 150 किलोमीटर लंबा होगा। यह मेरठ, अमरोहा, बिजनौर और उत्तराखंड के हरिद्वार जिलों के 185 गांवों से होकर गुजरेगा। परियोजना के लिए करीब 2000 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। विंध्य एक्सप्रेसवे 341 गांवों से होकर गुजरेगा करीब 330 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे से प्रयागराज, भदोही, मीरजापुर और सोनभद्र जिले जुड़ेंगे। यह लगभग 341 गांवों से होकर गुजरेगा और इसके लिए करीब 4600 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। प्रयागराज में इसका संपर्क गंगा एक्सप्रेसवे से होगा, जिससे विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे 135 गांवों से होकर गुजरेगा वहीं विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लगभग 130 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। यह गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी तथा मीरजापुर के लगभग 135 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए करीब 2800 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया है कि इन तीनों एक्सप्रेसवे से जुड़े जिलों के जिलाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण प्लान भेजते हुए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का सत्यापन जल्द करने के निर्देश दिए गए हैं। एक्सप्रेसवे का काम जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण के साथ ही इन एक्सप्रेसवे का काम जल्द शुरू कराने का लक्ष्य है। इनके बन जाने पर प्रदेश का बहुत बड़ा हिस्सा एक्सप्रेसवे नेटवर्क से आपस में जुड़ जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इस समय जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम चल रहा है। सरकार इन लिंक एक्सप्रेसवे का काम भी जल्द शुरू कराने जा रही है।  

ताश के पत्तों की तरह गिरी तीन मंजिला इमारत, सुरक्षा के मद्देनज़र घेरा गया इलाका

 जबलपुर  शहर के पुराने बाजार क्षेत्र बड़ा फुहारा में एक तीन मंजिला जर्जर इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। सोमवार की बरिश के चलते भरभराकर गिरी इमारत से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। चंद सेकंड में इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में धूल का घना गुबार छा गया और कुछ देर तक लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। गनीमत रही कि मंगलवार को बाजार बंद रहता है इसलिए सभी दुकानें बंद थी नहीं लिहाजा कोई जनहानि नहीं हुई, वरना बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। हादसा हुआ अचानक, किसी को संभलने का मौका नहीं मिला बताया जाता है कि उक्त इमारत में साड़ी की दुकान संचालित होती थी। ये तीन मंजिला इमारत जर्जर हो चुकी थी। आस-पास की जगह अन्य भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे इमारत को सपोर्ट नहीं मिला और सोमवार को तीन मंजिला इमारत ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इमारत गिरते ही आसपास की दुकानों और सड़कों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया गया सूचना मिलते ही नगर निगम का राहत दल मौके पर पहुंच गया। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया गया। मलबे के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घटना के कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें तीन मंजिला इमारत के ढहने के बाद चारों ओर फैला मलबा, उड़ती धूल और दहशत में भागते लोग साफ दिखाई दे रहे हैं। हादसे ने शहर में जर्जर और पुराने भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा इमारत गिरने के कारणों की जांच की जा रही है।  

सीएम सैनी का बड़ा फैसला, सड़क-बिजली-सिवरेज योजनाओं को मिली रफ्तार

चंडीगढ़   हरियाणा में सड़क, सीवरेज और बिजली सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़े 340 करोड़ के खरीद प्रस्तावों को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। इससे विशेषकर गुरुग्राम, सोनीपत, फरीदाबाद और पंचकूला में विकास कार्यों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा निवास में आयोजित उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (एचपीपीसी) तथा हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (एचपीडब्ल्यूपीसी) की बैठक में बोलीदाताओं से मोलभाव कर 15.11 करोड़ रुपये बचाए गए। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डा. अरविंद शर्मा तथा लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा की मौजूदगी में हुई बैठक में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए 11 केवी पिल्फर रेजिस्टेंट मीटरिंग क्यूबिकल्स की आपूर्ति हेतु रेट कांट्रेक्ट को मंजूरी प्रदान की गई। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए 11 केवी वीसीबी पैनल, इनकम एवं आउटगोइंग पैनल, कैपेसिटर कंट्रोल पैनल तथा सब-स्टेशन ट्रांसफार्मर पैनलों की खरीद की जाएगी। हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ लिमिटेड द्वारा केंद्र सरकार की एनपीडीडी योजना के अंतर्गत पीपीपी मोड पर संचालित की जाने वाली प्रयोगशाला के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई है। गुरुग्राम के सेक्टर-78 और 80 के मध्य मास्टर रोड एवं सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। फरीदाबाद में सेक्टर-9, 10, 14, 15, 15ए, 16, 17, 18, 19, 29, 30, 31, 32, 34, 35 और 37 के ग्रीन बेल्ट तथा पार्कों के लिए छह माइक्रो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने, उनसे संबंधित आधारभूत ढांचे के निर्माण तथा संचालन एवं रखरखाव से जुड़े कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। सोनीपत के कुंडली में सीवर लाइनें बिछाने एवं मैनहोल निर्माण, खरखौदा में वर्षा जल निकासी व्यवस्था एवं नालों के निर्माण, जीटी रोड से दीवान फार्म तक 65 मीटर चौड़ी सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा कुंडली में 7.50 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। पंचकूला में आधा दर्जन कार्यों को मंजूरी पंचकूला औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 एवं फेज-2 के लिए 20 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 50 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण, मौजूदा 67.5 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन के सुदृढ़ीकरण, 15 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बढ़ाकर 30 एमएलडी क्षमता तक करने तथा पिंजौर-कालका शहरी परिसर के सेक्टर-29 में 10 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामग्री की आपूर्ति गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित की जाए।  

उरला फैक्ट्री हादसे में 2 से 3 मजदूरों की मौत की आशंका

रायपुर राजधानी के उरला थाना क्षेत्र के बेंद्री स्थित 3डी फैक्ट्री में मंगलवार शाम ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से भीषण विस्फोट हो गया। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कई अन्य मजदूरों के लापता होने की आशंका है। मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, 108 एंबुलेंस और बचाव दल राहत एवं सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। फैक्ट्री के भीतर अचानक हुआ तेज धमाका प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैक्ट्री के भीतर अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। धमाके के बाद कई मजदूर बाहर निकल आए, जबकि कुछ के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया है और लापता मजदूरों की तलाश जारी है। परिजनों में भारी आक्रोश का माहौल घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उरला स्थित फैक्ट्री पहुंच गए और राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। हादसे के बाद फैक्ट्री के बाहर बड़ी संख्या में मजदूरों के परिजन पहुंच गए, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। मौके पर परिजनों में भारी आक्रोश का माहौल है। यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में जंगल के बीच चलती बस में गूंजी किलकारी, यात्रियों ने कराया प्रसव, चंदा देकर की मदद हादसे के कारणों की जांच शुरू प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के काफी देर बाद तक फैक्ट्री प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया। पुलिस ने पूरे परिसर को घेर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।  

सीतापुरम टाउनशिप के लिए बड़ा फैसला, 30 जून 2027 तक निर्माण कार्य बंद

 सीतामढ़ी  ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए अधिसूचित विस्तारित क्षेत्र में भी जमीन की खरीद बिक्री व नए भवन निर्माण पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में नगर विकास एवं आवास विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। यह रोक 30 जून 2027 तक रहेगी। मालूम हो कि इसके तहत पूर्व से अधिसूचित सीतामढ़ी आयोजना क्षेत्र का क्षेत्रफल 99.23 वर्ग कि.मी. क्षेत्र में जमीन की खरीद बिक्री एवं नए निर्माण पर रोक लगाई गई थी। वहीं, विस्तारित क्षेत्रफल 200.09 वर्ग कि.मी. अर्थात् कुल क्षेत्रफल 200.32 वर्ग किमी. हो गया है। जिसमें शहरी क्षेत्र का क्षेत्रफल 55.84 वर्ग कि.मी. एवं शेष ग्रामीण क्षेत्र का क्षेत्रफल 243.48 वर्ग कि.मी. है। इस आयोजना क्षेत्र के अंतर्गत एक शहरी प्रशासनिक इकाई (नगर निगम, सीतामढ़ी) तथा 98 राजस्व ग्राम को शामिल किया गया है। शामिल किए गए नए क्षेत्रों में भी जमीन की खरीद बिक्री व नए निर्माण पर रोक लगा दी गई है। इनमें डुमरा सीडी ब्लॉक के 58, रीगा सीडी ब्लॉक के 17. परसौनी सीडी ब्लॉक के 14, बथनाहा सीडी ब्लॉक के 02 राजस्व ग्राम एवं रुन्नीसैदपुर सीडी ब्लॉक के 07 राजस्व ग्राम शामिल हैं। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने सीतामढ़ी में प्रस्तावित सीतापुरम ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए मास्टर प्लान तैयार होने तक इस क्षेत्र में जमीन के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण और भवनों के निर्माण पर रोक लगा दी है। नगर विकास एवं आवास विभाग की अधिसूचना के अनुसार, सीतापुरम ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विशेष क्षेत्र और कोर क्षेत्र सहित पूरे आयोजन क्षेत्र में 30 जून 2027 तक सभी तरह के भूमि विकास और निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी। यह रोक बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा-9(7) के तहत लगाई गई है। विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। प्लान बनने तक अवैध प्लाटिंग और बेतरतीब निर्माण को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। रोक हटने के बाद ही सुनियोजित तरीके से टाउनशिप का विकास किया जाएगा। नगर आयुक्त डॉ. गजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि नगर विकास विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। रोक के कारण अब टाउनशिप क्षेत्र में न तो कोई नई जमीन की रजिस्ट्री हो सकेगी और न ही कोई नया मकान या व्यावसायिक भवन बनाया जा सकेगा। 30 जून 2027 के बाद मास्टर प्लान के अनुसार ही विकास की अनुमति मिलेगी।

यूपी बनेगा स्टार्टअप हब, नई नीति से 50 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा नवाचार और स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को स्वीकृति दे दी गई। नई नीति के तहत 1000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड, 400 करोड़ रुपये का एकेटीयू कार्पस फंड और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेश में नवाचार आधारित उद्योगों को गति मिलेगी, 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनेंगे और ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। कैबिनेट में 28 प्रस्तावों में से 27 को स्वीकृति मिली, जबकि मदरसा शिक्षकों की ग्रेच्युटी से संबंधित प्रस्ताव वापस ले लिया गया कैबिनेट के बाद आइटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 17 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। नई नीति में स्टार्टअप्स को आइडिया से लेकर विस्तार तक हर चरण में वित्तीय और संस्थागत सहायता मिलेगी। भरण पोषण भत्ता (सस्टेनेंस अलाउंस) 17,500 रुपये प्रतिमाह (एक वर्ष) से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह (दो वर्ष) कर दिया गया है। प्रोटोटाइप अनुदान पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये, जबकि सीड फंडिंग 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। विशेष परिस्थितियों में यह सहायता 50 लाख रुपये तक दी जा सकेगी। स्टार्टअप्स के लिए पांच करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट, दो करोड़ रुपये तक के टर्म लोन पर चार प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, ईपीएफ एवं ईएसआइ अंशदान की प्रतिपूर्ति, क्लाउड सेवाओं पर दो लाख रुपये तक सहायता व पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए दो करोड़ रुपये तक की प्रतिपूर्ति का प्रविधान किया गया है। इसके साथ ही फंड आफ फंड्स, बैंक फंडिंग और निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। नई नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलाजी, हेल्थटेक, एग्रीटेक सहित अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित डीप-टेक स्टार्टअप्स को विशेष पैकेज मिलेगा। ऐसे स्टार्टअप्स को 20 लाख रुपये तक प्रोटोटाइप सहायता, 30 लाख रुपये तक सीड फंडिंग, 100 करोड़ रुपये तक पेशेंस कैपिटल व अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 20 नए सेंटर आफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित किए जाएंगे। इनकी सहायता राशि 10 करोड़ से बढ़ाकर 12 करोड़ रुपये कर दी गई है। साथ ही राज्य स्तरीय डीप-टेक यू-हब स्थापित होगा, जो स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन, उद्योग सहयोग, निवेश, मेंटरशिप और अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इन्क्यूबेटर्स के लिए पूंजीगत अनुदान एक करोड़ से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपये व पूर्वांचल और बुंदेलखंड के इन्क्यूबेटर्स के लिए 1.50 करोड़ रुपये किया गया है। परिचालन अनुदान 30 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन्क्यूबेटर्स और उनके माध्यम से निवेश जुटाने वाले स्टार्टअप्स को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। प्रदेश में एंजेल निवेशकों, वेंचर कैपिटल फंड, हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (एचएनआई) और हाई नेटवर्थ फैमिली (एचएनएफ) को जोड़कर राज्य स्तरीय निवेशक नेटवर्क बनाया जाएगा। इसके माध्यम से लगभग 100 करोड़ रुपये की निजी पूंजी स्टार्टअप्स तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। एकेटीयू इनोवेशन हब को सुदृढ़ करने, ओडीओपी को स्टार्टअप्स से जोड़ने तथा एनआरआई कनेक्ट के जरिये निवेश और वैश्विक नेटवर्किंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। स्टार्टअप वीक, स्टार्टअप सिंपोजियम, ग्रैंड चैलेंज, बिजनेस प्लान प्रतियोगिताएं, स्टार्टअप मेले, हैकाथान और नवाचार जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्टार्टअप संस्कृति गांवों और छोटे शहरों तक पहुंच सके। नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। स्टीयरिंग कमेटी नीति को दिशा देगी, सशक्त समिति वित्तीय एवं नीतिगत निर्णय लेगी, पालिसी इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) अनुदान वितरण और निगरानी करेगी व स्टार्टअप रिव्यू कमेटी आफ एक्सपर्ट्स (एसआरसीई) तकनीकी मूल्यांकन करेगी। इसके अलावा सलाहकार समिति और स्टार्टअप मिशन निदेशालय का गठन भी होगा। अधिसूचना जारी होने के बाद नीति लागू कर दी जाएगी। स्टार्टअप मिशन होगा नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत स्वायत्त संस्था के रूप में स्थापित किया जाएगा। आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करने वाला यह मिशन स्टार्टअप नीति के क्रियान्वयन, स्टार्टअप्स, इन्क्यूबेटर्स और सेंटर आफ एक्सीलेंस के समन्वय, अनुदान वितरण, स्टार्टइनयूपी पोर्टल, एमआईएस व डिजिटल प्लेटफार्म के संचालन, निवेश आकर्षित करने, उद्योग और शिक्षण संस्थानों से साझेदारी, शिकायत निवारण तथा नवाचार और बौद्धिक संपदा संरक्षण का कार्य करेगा। मिशन के प्रशासनिक ढांचे में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाला गवर्निंग बोर्ड, कार्यकारी समिति, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), महाप्रबंधक, प्रशासनिक टीम और परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) शामिल होंगे।

नवनियुक्त इंजीनियरों को आधुनिक तकनीकों और पावर प्लांट निर्माण का विशेष प्रशिक्षण

नवनियुक्त इंजीनियरों को आधुनिक तकनीकों और पॉवर प्लांट निर्माण का मिला प्रशिक्षण भोपाल  मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के नवनियुक्त 10 कनिष्ठ अभियंताओं (सिविल) का छह सप्ताह का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान, नागपुर में आयोजित किया गया। अभियंताओं को ताप एवं जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण, संधारण तथा आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग तकनीकों का गहन सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। छह सप्ताह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नवनियुक्त अभियंताओं को विद्युत उत्पादन परियोजनाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों जैसे कंक्रीट टेक्नोलॉजी, मटेरियल टेस्टिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, कार्य मापन, निर्माण पर्यवेक्षण तथा नवीनतम इंजीनियरिंग तकनीकों के अनुप्रयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण महाराष्ट्र के चंद्रपुर और कोराडी स्थित 2×600 मेगावाट सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत इकाइयों का औद्योगिक भ्रमण रहा। इस दौरान प्रशिक्षु अभियंताओं ने निर्माणाधीन विद्युत परियोजनाओं में फाउंडेशन, संरचनात्मक निर्माण एवं परियोजना निष्पादन की प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।  

अयोध्या मामले में योगी बोले, सपा-कांग्रेस के मुंह पर फेविकोल क्यों

लखनऊ मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अयोध्‍या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सवाल उठाने पर सपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। प्रतापगढ़ में राम मंदिर को लेकर सपा और कांग्रेस पर सीएम योगी खूब बरसे। योगी ने कहा कि कांग्रेस और सपा ने एक घटना को बढ़ाकर हिंदुओं को अपमानित कर आस्था के साथ खिलवाड़ किया। योगी ने कहा कि वक्फ के नाम पर देश-प्रदेश में हजारों हेक्टेयर जमीन बेची गई, एक भी बार सपा-कांग्रेस नहीं बोली। अयोध्या में एसआईटी ने जांच की, प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने कार्रवाई की। लेकिन वक्फ के नाम पर सपा-कांग्रेस के लोगों के मुंह पर फेविकोल क्यों लग जाता है। मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ जिले के सदर और विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्रों में 384 करोड़ की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सपा और कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि अयोध्या के मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है, मगर वक्फ के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस के लोगों के मुंह पर 'फेविकोल' क्यों लग जाता है। आदित्यनाथ ने कहा कि राम के अस्तित्व को नकारने वाले, अयोध्या में राम भक्तों पर गोली चलाने वाले और हिंदू विरासत से जुड़े धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार से संबंधित रकम को कब्रिस्तान की चहारदीवारी पर खर्च करने वाले लोग अयोध्या के प्रति कब से आस्थावान हो गए? उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों के लोगों को राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि अब तो इन सपाइयों से और कांग्रेसियों से गिरगिट भी शरमा रहा होगा कि भाई देखो कम से कम एक नई प्रजाति आ गई है जो हमसे ज्यादा तेजी से रंग बदलती है। हर जागरूक नागरिक को सपा और कांग्रेस से यह प्रश्न करने चाहिए उन्होंने कहा कि जब सपा और कांग्रेस के लोग अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां और लाठी चलवाते थे, भगवान राम और कृष्ण को काल्पनिक कहते थे, कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करते थे, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन पर रोक लगाते थे, दुर्गा पूर्जा पंडालों पर रोक लगाते थे और अवैध बूचड़खानों में गौमाता की हत्या करवाते थे, क्या तब हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जागरूक नागरिक को सपा और कांग्रेस से यह प्रश्न करने चाहिये। राम का दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर खड़ा है, यही समाजवादी पार्टी की पीड़ा योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां पर वे बाबरी का 'गुलामी का ढांचा' (स्पष्ट रूप से मुगल शासन के संदर्भ में)देखना चाहते थे, आज आप सबके पुरुषार्थ से वहां भगवान राम का दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर खड़ा है, यही समाजवादी पार्टी की पीड़ा है।