samacharsecretary.com

प्रयागराज कचहरी हत्याकांड: पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार को उम्रकैद

प्रयागराज प्रयागराज कचहरी परिसर में 46 साल पहले दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चारों को मंगलवार को दोषी करार दिया था। सजा का एलान बुधवार को किया गया। यह आदेश विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार तृतीय की अदालत ने विशेष लोक अभियोजक वीके सिंह, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार वैश्य और सहायक अधिवक्ता संजीव कुमार यादव को सुनकर दिया। कोर्ट ने सभी पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। उम्रकैद की सजा मिलने के बाद  पूर्व विधायक विजय मिश्र को कड़ी सुरक्षा के बीच फिर आगरा जेल ले जाया गया। बाकी तीनों दोषियों को नैनी जेल में भेजा गया है। कोर्ट का फैसला आने के पहले कचहरी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। काफी सुरक्षा के बीच विजय मिश्र को कोर्ट में पेश किया गया। क्या है मामला अभियोजन के अनुसार नवाबगंज के हथिगहां गांव निवासी वादी श्याम नारायण पांडेय ने कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके भाई प्रकाश नारायण पांडेय 11 फरवरी 1980 की दोपहर दीवानी परिसर में एक मामले में जमानत कराने आए थे। परिसर स्थिति वह एक चाय नाश्ते की दुकान पर बैठे थे। तभी पीछे के रास्ते से हंडिया निवासी संतराम, बलराम, जीत नारायण और विजय मिश्रा असलहा लेकर पहुंचे और धमकी देते हुए सीने में गोली मार दी। दिनदहाड़े गोलीबारी से कचहरी परिसर में अफरातफरी मच गई थी। कई घायल भी हुए थे। घायल अवस्था में प्रकाश नारायण पांडेय को पुलिस स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।  

वीवीआईपी अतिथियों के लिए हैलीपेड और रेस्ट एरिया तैयार, लाखों की भीड़ की उम्मीद

 लखनऊ  लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है। अब इसके लोकार्पण को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने तैयारी तेज कर दी है। लोकापर्ण को लेकर अभी दो स्थान देखे गए हैं। पहला स्थान एक्सप्रेसवे के किमी. साठ पर पड़ने वाले एक्सप्रेसवे के रेस्ट एंड सर्विस एरिया की खाली पड़ी जमीन है। वहीं दूसरा स्थान जाजमऊ पुल से पहले है। एनएचएआई रेस्ट एंड सर्विस एरिया की कई बीघे पड़ी जमीन पर प्रधानमंत्री का भव्य कार्यक्रम कराना चाहती है। यह रोड कनेक्टिविटी के मामले में सबसे बेहतर स्थान माना जा रहा है। यहां लाखों की भीड़ आसानी से इस मैदान में आ जाएगी। कार्यक्रम के कारण रोड डायवर्जन जैसा कोई काम नहीं होगा। वहीं हैलीपैड के लिए भी स्थान चिह्नित कर लिया गया है। लोकार्पण को लेकर 24 मई की संभावित तिथि मानी जा रही है। हालांकि इसकी तिथि में बदलाव भी संभव है। पीएमओ कार्यालय से हरी झंडी मिलते ही कार्यक्रम स्थल पर एनएचएआइ काम भी शुरू करवा देगा। लखनऊ से कानपुर के बीच एनएचएआइ ने 63 किमी. का एक्सप्रेसवे बनवाया है। यह 18 किमी. एलीवेटेड है और 45 किमी. ग्रीन फील्ड है। लखनऊ से चलते ही ग्रीन फील्ड के किमी. संख्या साठ के पास एनएचएआइ ने रेस्ट एंव सर्विस एरिया के लिए कई एकड़ जमीन की बैरिकेडिंग करवा रखी है। यहां नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचएमसीएल) द्वारा रेस्तरां, पेट्रोल पंप, ई चार्जिंग स्टेशन, ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं यात्रियों को आने वाले चंद सालों में उपलब्ध कराएगा। यहां जमीन कई एकड़ खाली पड़ी है। इसके बगल में भी कुछ जमीन निजी व कुछ सरकारी है। ऐसे में प्राधिकरण को यह स्थान कार्यक्रम स्थल के लिए ठीक बेहतर लग रहा है। क्योंकि यहां से एक्सप्रेसवे भी चंद मीटर की दूरी पर है। एक नजर में एक्सप्रेसवे लागत : 4700 करोड़ किमी. : 63 किमी. टाेल की संख्या : चार टोल कनेक्टिविटी : लखनऊ, कानपुर, लालगंज, उन्नाव, रायबरेली, आउटर रिंग रोड, आगरा एक्सप्रेस वे कुल गांव की जमीनें गई : 43 गांव जमीन ली गई निर्माण के लिए : 480.9799 हेक्टेअर मुआवजा दिया गया : 590.87 करोड़ लेन : छह लेन, भविष्य में आठ लेन कैमरे : एएनपीआर व पीटीएच कैमरे से लैस टोल कार का : 275 रुपये, वापसी जर्नी चौबीस घंटे में 415 रुपये में वीवीआईपी अतिथियों की लिस्ट रहेगी लंबी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्री के साथ ही राज्य के कई मंत्री, और सांसद व विधायक मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम स्थल पर तीन हेलीकाप्टर के लिए हैलीपेड बनाए जाएंगे। लोकार्पण के लिए 22 से 24 मई के बीच की तिथि संभावित है। लोकार्पण के लिए कार्यक्रम स्थल का चयन जाजमऊ के पास और एक्सप्रेसवे के रेस्ट एरिया को लेकर किया जाना है। फिलहाल संबंधित वेंडरों को बोल दिया गया है। तिथि चंद दिन पहले ही आएगी, जिससे वेंडरों को तैयारियां करने में परेशानी न हो।- दिवाकर त्रिपाठी, प्रतिनिधि, रक्षामंत्री व सांसद राजनाथ सिंह  

एसएमएस अस्पताल में सुरक्षा अलर्ट, पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तलाशी अभियान शुरू किया

 जयपुर जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद मरीजों, स्टाफ और वहां आने-जाने वालों में दहशत फैल गई। तेज़ी से कार्रवाई करते हुए पुलिस की टीमें, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और सिविल डिफेंस के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे अस्पताल परिसर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। '40 करोड़ रुपये नहीं दिए तो अस्पताल को बम से उड़ा देंगे' अधिकारियों ने बताया कि एसएमएस अस्पताल को 40 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाला बम की धमकी भरा संदेश मिलने के बाद वहां दहशत फैल गई। खबरों के मुताबिक, अभय कमांड सेंटर को एक धमकी भरा मैसेज मिला था, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो अस्पताल को बम से उड़ा दिया जाएगा। इस अलर्ट के बाद पुलिस और कई जांच एजेंसियों ने तुरंत अस्पताल परिसर में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया। पुलिस, फायर ब्रिगेड और डॉग स्क्वॉड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और इस समय पूरे अस्पताल परिसर में सघन तलाशी अभियान चल रहा है। जांच में नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु सुरक्षाकर्मी सभी संदिग्ध वस्तुओं और जगहों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। अधिकारी अस्पताल में कड़ी सुरक्षा बनाए रखते हुए धमकी भरे मैसेज के स्रोत की जांच कर रहे हैं। पूरी जांच के बाद, अधिकारियों को कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर पूरे राज्य में बार-बार मिलने वाली झूठी धमकियों से पैदा हो रही बढ़ती चुनौती को उजागर कर दिया है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने कहा, "पुलिस कंट्रोल रूम को अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बाद, पुलिस और अन्य टीमों ने अस्पताल परिसर की तलाशी ली। हालांकि, कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।"

PM मोदी की अपील के बाद दिल्ली के विभागों में पेट्रोल-डीजल बचत और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर जोर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली के लोक निर्माण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड और बाढ़ सिंचाई विभाग ने 11 बड़े निर्देश जारी किए हैं. विभागों में अब सप्ताह में एक दिन 'नो कार डे' लागू किया जाएगा. इसके साथ ही अगली सूचना तक अधिकारियों के विदेशी दौरों पर भी रोक लगा दी गई है. लंबित विदेश यात्रा प्रस्तावों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं. नई गाइडलाइन के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी वाहनों का इस्तेमाल न्यूनतम करने को कहा गया है. विभाग ने सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया है. विभागों के वाहन बेड़े को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के आदेश भी जारी किए गए हैं. इन विभागों ने अपने कर्मचारियों को निरीक्षण, फील्ड विजिट और कार्यालय आने-जाने के दौरान कार पूलिंग अपनाने की सलाह दी है. सरकारी कार्यक्रमों और निरीक्षणों में ग्रुप ट्रैवल के लिए इलेक्ट्रिक वाहन या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने को कहा गया है. निर्देशों में डीजल चालित पंपों की जगह इलेक्ट्रिक पंप और स्थायी पंपिंग स्टेशनों के उपयोग पर भी जोर दिया गया है. साथ ही अनावश्यक यात्राओं को कम करने के लिए वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने की बात कही गई है. इसके अलावा सभी कार्यालय परिसरों में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं. दिल्ली सरकार के विभागों में बागवानी से संबंधित कार्यों में केवल जैविक खाद के इस्तेमाल को अनिवार्य किया गया है. दिल्ली सरकार ने सभी विभागों से इन निर्देशों के पालन की साप्ताहिक रिपोर्ट जमा करने को भी कहा है.

एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का मेगा ड्रग डिस्ट्रक्शन कार्यक्रम, 1397 ड्रग तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली  दिल्ली को साल 2027 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को मेगा 'ड्रग डिस्ट्रक्शन कार्यक्रम' में करीब 1700 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 72 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू शामिल हुए। उनके साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस साल 1397 ड्रग तस्कर पकड़े गए इस मौके पर एलजी ने दिल्ली के पहले समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ नशीले पदार्थ नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क और मानसिकता को खत्म करने का प्रयास है जो युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रही है। ड्रग्स नष्ट कर दिए गए दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, गठित कमिटियों की निगरानी में वर्ष 1974 से 2025 तक के मामलों में अदालतों से अनुमति मिलने के बाद जब्त ड्रग्स नष्ट किए गए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में 30 अप्रैल तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 1129 मामले दर्ज किए गए और 1397 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। 72 करोड़ रुपये की ड्रग्स नष्ट किए दिल्ली को साल 2027 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को मेगा 'ड्रग डिस्ट्रक्शन कार्यक्रम' में करीब 1700 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 72 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू शामिल हुए। उनके साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस साल 1397 ड्रग तस्कर पकड़े गए इस मौके पर एलजी ने दिल्ली के पहले समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ नशीले पदार्थ नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क और मानसिकता को खत्म करने का प्रयास है जो युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रही है। पुलिस के अनुसार दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, गठित कमिटियों की निगरानी में वर्ष 1974 से 2025 तक के मामलों में अदालतों से अनुमति मिलने के बाद जब्त ड्रग्स नष्ट किए गए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में 30 अप्रैल तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 1129 मामले दर्ज किए गए और 1397 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। एलजी ने नष्ट किए नशीले पदार्थ…. पदार्थ     मात्रा गांजा     1610 kg चरस     21 kg हेरोइन     11 kg कोकेन     591 ग्राम कैनाबिस सटाइवा     21 kg अल्प्राजोलम टैबलेट     30 kg कब-कब नष्ट किए गए नशीले पदार्थ… तारीख     मात्रा 21 दिसंबर 2022     2,888kg 26 जून 2023     5,700 kg 20 फरवरी 2024     10,631 kg 17 दिसंबर 2024     10,601.192 kg 24 जनवरी 2025     1,575 kg 03 अप्रैल 2025     1,624 kg

कृष्णावतारम फिल्म बॉक्स ऑफिस पर छा गई, पहले हफ्ते में दर्शकों ने किया जमकर प्यार

भगवान कृष्ण की कहानी पर बनी फिल्म कृष्णावतारम को थिएटर्स में लगातार अच्छी ऑडियंस मिल रही है. पिछले गुरुवार को रिलीज हुई कृष्णावतारम को थिएटर्स में बहुत ज्यादा शोज नहीं मिले थे. पर अपने हिस्से आए लिमिटेड शोज में इस फिल्म ने जनता को इंप्रेस करना शुरू कर दिया. शुक्रवार से रविवार तक कृष्णावतारम की कमाई बढ़ती ही रही, जिसके दम पर पहले वीकेंड में फिल्म ने एक दमदार टोटल खड़ा किया. मंडे टेस्ट में दमदार परफॉरमेंस देने वाली इस फिल्म के लिए मंगलवार एक बड़ा जंप लेकर आया. कृष्णावतारम बॉक्स ऑफिस पर दमदार होल्ड के साथ आगे बढ़ती नजर आ रही है. कृष्णावतारम छठे दिन भी दमदार लिमिटेड शोज के साथ रिलीज हुई कृष्णावतारम ने पहले वीकेंड में 7 करोड़ से ज्यादा नेट इंडिया कलेक्शन किया था. पहले दिन से ही तारीफ़ें बटोर रही कृष्णावतारम को पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ ने मंडे को भी दमदार बनाए रखा. सोमवार का कलेक्शन 1.35 करोड़ था, जो शुक्रवार के कलेक्शन 1.15 करोड़ से ज्यादा था. कृष्णावतारम ने छठे दिन यानी मंगलवार को एक बार फिर अच्छा जंप लिया. मंगलवार को थिएटर्स में ब्लॉकबस्टर ट्यूस्डे का खास ऑफर टिकट्स के दाम घटा देता है. कृष्णावतारम को इसी का फायदा हुआ और छठे दिन फिल्म की ऑक्यूपेंसी अच्छी रही. इसलिए सस्ते टिकट के बावजूद फिल्म ने अच्छी कमाई की है. सैकनिल्क का डेटा बताता है कि मंगलवार को कृष्णावतारम ने बॉक्स ऑफिस पर 1.85 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. सोमवार के मुकाबले मंगलवार को फिल्म के कलेक्शन में 35% से ज्यादा जंप इस बात का सबूत है कि जनता कृष्णावतारम में दिलचस्पी तो ले रही है. थिएटर्स ने बढ़ाए कृष्णावतारम के शोज इससे भी दिलचस्प बात ये है कि बड़ी फिल्मों की कमी से जूझ रहे थिएटर्स कृष्णावतारम पर भरोसा जता रहे हैं. पहले दिन करीब 500 शोज के साथ रिलीज हुई ये फिल्म वीकेंड में 2000 से कम शोज पर चली. जबकि बीते दो दिनों में इसके शोज की गिनती 2200 से थोड़ी ज्यादा हो चुकी है. शुक्रवार को आयुष्मान खुराना की फिल्म पति पत्नी और वो 2 रिलीज होने जा रही है. इस फिल्म की चर्चा तो बहुत खास नहीं है, लेकिन चर्चित बॉलीवुड रिलीज होने की वजह से थिएटर्स में इसे ज्यादा स्क्रीन्स मिलेंगी. दूसरी तरफ कृष्णावतारम पहले हफ्ते में तारीफ खूब कमा चुकी है और पिछले 4 दिनों से इसकी कमाई शुक्रवार से ज्यादा ही बनी हुई है. अगर थिएटर्स में कृष्णावतारम के हिस्से ठीकठाक शोज बने रहे, तो दूसरे हफ्ते में ये फिल्म बड़े जंप के साथ सरप्राइज करती नजर आ सकती है. अब देखना है कि नए चेहरों और प्रोडक्शन हाउस के साथ भी जनता को इंप्रेस कर रही कृष्णावतारम आगे क्या कमाल करती है.

छोटे दवा व्यवसायी ऑनलाइन डिस्काउंट और नियमों की अनदेखी से परेशान

 साहिबगंज ऑनलाइन फार्मेसी और बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं पर दिए जा रहे भारी डिस्काउंट के विरोध में देशभर के दवा विक्रेताओं ने 20 मई 2026 को एक दिवसीय बंद का आह्वान किया है। यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिसमें देश के लगभग 12.40 लाख दवा विक्रेता और वितरक शामिल होंगे। संगठन का कहना है कि तेजी से बढ़ रही ई-फार्मेसी व्यवस्था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना पर्याप्त जांच के दवाओं की बिक्री से छोटे दवा कारोबारियों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही मरीजों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एआई और डिजिटल तकनीक के जरिए फर्जी प्रिस्क्रिप्शन बनाकर दवाओं की खरीद-बिक्री को लेकर भी संगठन ने चिंता जताई है। दवा विक्रेताओं का आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियमों की अनदेखी कर दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे एंटीबायोटिक्स और अन्य संवेदनशील दवाओं के दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है। संगठन ने कहा कि यदि इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं। एआईओसीडी ने केंद्र सरकार से कोविड काल में जारी अस्थायी अधिसूचना जीएसआर-220(ई) को वापस लेने तथा ई-फार्मेसी से संबंधित जीएसआर-817(ई) अधिसूचना को रद करने की मांग की है। इसके अलावा ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट पर रोक लगाने और छोटे दवा कारोबारियों के लिए समान व्यापारिक अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। साहिबगंज जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने भी इस राष्ट्रव्यापी बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। जिला अध्यक्ष अनुप कुमार सिंह ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ व्यापार बचाने के लिए नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और दवा वितरण व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी दवा व्यवसायियों से 20 मई को अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की। जिला उपाध्यक्ष नवल कुमार मंडल ने कहा कि ऑनलाइन बिक्री और भारी छूट की वजह से छोटे दवा व्यवसायी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच 58वां मुकाबला, देखें संभावित एकादश और पिच रिपोर्ट

 धर्मशाला इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 58वां मुकाबला पंजाब किंग्स (PBKS) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच खेला जाएगा। MI प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। उसे 8 मैच में हार मिली है और वह सिर्फ 3 मुकाबले जीत पाए हैं। वहीं, PBKS को ये मैच हर हाल में अपने नाम करना होगा। टीम को 6 मैच में जीत और 4 मुकाबलों में हार मिली है। ऐसे में आइए मुकाबले से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच कांटे की रही है टक्कर IPL में MI और PBKS के बीच 35 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान MI ने 17 मैच अपने नाम किए हैं। PBKS को 18 मैच में जीत मिली है। इस संस्करण दोनों टीमों के बीच दूसरा मैच होगा। पहले मुकाबले में PBKS को 7 विकेट से जीत मिली थी। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच 2 मुकाबले हुए। उन दोनों मैच को PBKS ने अपने नाम किया था। MI आखिरी बार इस टीम के खिलाफ 2024 में जीती थी। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है PBKS PBKS को पिछले 4 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में टीम कुछ बड़े बदलाव करने को देखेगी। लॉकी फर्ग्यूसन और विजयकुमार वैशाक की वापसी हो सकती है। शशांक सिंह इस मुकाबले में अपना खोया हुआ फॉर्म वापस पाना चाहेंगे। युजवेंद्र चहल अपनी गेंदबाजी से मैच पलटने को देखेंगे। संभावित एकादश: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कॉनॉली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, सूर्यांश शेडगे, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसन, लॉकी फर्ग्यूसन, विजयकुमार वैशाक, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल। इस प्लेइंग इलेवन के साथ नजर आ सकती है MI MI के कप्तान हार्दिक पांड्या का इस मैच भी खेलना मुश्किल लग रहा है। वह चोटिल हैं। ऐसे में सूर्यकुमार यादव एक बार फिर कप्तानी करेंगे। उन्हें अपने फॉर्म को बेहतर करना होगा। पिछले मैच में यह खिलाड़ी खाता भी नहीं खोल पाया था। रोहित शर्मा इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नजर आएंगे। संभावित एकादश: रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), नमन धीर, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, विल जैक्स, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह, अल्लाह गजनफर और रघु शर्मा। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर PBKS: प्रियंश आर्य, हरप्रीत बरार, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद और मुशीर खान। MI: रोहित शर्मा, मयंक रावत, रॉबिन मिंज, शार्दुल ठाकुर और ट्रेंट बोल्ट। कैसा रहेगा धर्मशाला की पिच का मिजाज? धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम की पिच हरियाणा के भिवानी से मंगवाई गई काली मिट्‌टी से तैयार की गई है। इस मिट्‌टी में बालू की मात्रा न के बराबर होती है। इसके चलते पिचों पर गति और उछाल दोनों मिलता है। यहां आमतौर पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है, लेकिन समय निकलने के साथ स्पिनर्स भी जलवा दिखा सकते हैं। इसी तरह तेजी और अच्छा उछाल होने से टिकने के बाद बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट्स खेल सकते हैं। ऐसा रहेगा धर्मशाला का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 14 मई को धर्मशाला का मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 13 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश होने की 60 प्रतिशत संभावना है। पूरे दिन बादल छाए रहेंगे। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें PBKS के लिए श्रेयस ने पिछले 10 मैचों में 164.03 की स्ट्राइक रेट से 374 रन बनाए हैं। प्रभसिमरन के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 345 रन निकले हैं। MI के लिए रिकेल्टन ने पिछले 8 मैच में 188.12 की स्ट्राइक रेट से 301 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में अर्शदीप ने पिछले 10 मैच में 9.87 की इकॉनमी से 13 विकेट लिए हैं। MI से गजनफर ने पिछले 8 मैचों में 9.63 की इकॉनमी से 13 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? PBKS और MI के बीच यह मुकाबला धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

काफिले की गाड़ियां घटाएं, ईंधन बचाएं: योगी आदित्यनाथ की जनता और अधिकारियों से अपील

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री के संदेश को अपनाकर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि ईंधन की खपत कम करें और बेवजह सोना खरीदने से बचें। सरकार स्तर पर भी सख्ती दिखाते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तुरंत 50 फीसदी तक वाहनों की संख्या कम की जाए और अनावश्यक गाड़ियां हटाई जाएं. योगी ने वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि खर्च और ईंधन दोनों की बचत हो सके. उन्होंने लोगों से पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रोडवेज बसों का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की. साथ ही सरकारी बैठकों, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस को ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल तरीके से करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि समय और संसाधनों की बचत हो सके. सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम दिया जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें. सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए. इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें. औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जाए. वहीं जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए. बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन सीएम योगी ने कहा है कि शिक्षा विभाग के सेमिनार, बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन कराए जाएं. सचिवालय और निदेशालय की करीब आधी मीटिंग्स भी वर्चुअल हों. स्कूल-कॉलेजों में बसों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए और जरूरत पड़ने पर रोडवेज बसों को भी जोड़ा जाए. साथ ही पीक ऑवर में भीड़ और ईंधन बचाने के लिए दफ्तरों का समय अलग-अलग शिफ्ट में करने का सुझाव दिया गया है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से कहा है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करें. जिन शहरों में मेट्रो चल रही है, वहां उसका अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की गई है. ज्यादा भीड़ वाले रूट्स पर बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बढ़ाने की बात भी कही गई है. साथ ही उन्होंने बिजली बचाने पर जोर देते हुए कहा कि घरों, सरकारी दफ्तरों और निजी संस्थानों में बेवजह बिजली न जलाएं और रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का कम से कम इस्तेमाल करें.  

अब आवेदक घर बैठे देख सकेंगे फाइल का हर मूवमेंट, बाबुओं की नोटिंग पर नजर

जयपुर  गुलाबी नगरी के जयपुर विकास प्राधिकरण में अब फाइलों को दबाने और मेज के नीचे का खेल खत्म होने वाला है। जेडीए ने भ्रष्टाचार और लेटलतीफी पर 'डिजिटल स्ट्राइक' करते हुए एक क्रांतिकारी व्यवस्था लागू की है। अब जेडीए के बाबू और अधिकारी फाइलों पर जो भी 'नोटिंग' करेंगे, उसे आवेदक घर बैठे अपनी SSO ID के जरिए ऑनलाइन देख सकेगा। अब कोई अधिकारी यह कहकर आपको नहीं टरका पाएगा कि 'फाइल अभी प्रोसेस में है।' अब बताना होगा क्यों अटकी फाइल? अब तक जेडीए की कार्यप्रणाली में सबसे बड़ी बाधा 'अस्पष्ट नोटिंग' होती थी। अधिकारी अक्सर फाइलों पर ऐसी तकनीकी टिप्पणियां लिख देते थे जो आम आदमी की समझ से बाहर होती थीं। लेकिन जेडीए सचिव के नए आदेश के अनुसार, अब नोटिंग की भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए। इतना ही नहीं, अगर कोई अधिकारी किसी फाइल को रोकता है या कोई आपत्ति लगाता है, तो उसे पोर्टल पर यह स्पष्ट करना होगा कि किस नियम के तहत यह टिप्पणी की गई है। अनावश्यक आपत्ति लगाकर फाइल अटकाने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं होगी। इन 6 सेवाओं के लिए अब नहीं काटने होंगे चक्कर शुरुआती चरण में सबसे ज्यादा काम आने वाली छह सेवाओं को जेडीए ने पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है। यदि आप निम्नलिखित कामों के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आपकी फाइल का हर मूवमेंट डैशबोर्ड पर दिखेगा।     ई-पट्टा (फ्री होल्ड या लीज डीड)     नाम ट्रांसफर (नाम हस्तांतरण)     सब-डिविजन (उपविभाजन)     रिकॉन्स्टीट्यूशन (पुनर्गठन)     वन टाइम लीज सर्टिफिकेट (OTLC)     अन्य संबंधित भूमि सेवाएं खत्म होगी ऑफलाइन फाइलों की 'दोहरी दुनिया' जेडीए में अब तक सबसे बड़ा झोल यह था कि फाइलें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में चलती थीं। इससे अधिकारियों को फाइल दबाने का मौका मिल जाता था। अब सचिव के आदेशानुसार, हर फाइल का मूवमेंट जेडीए सर्विस पोर्टल के डैशबोर्ड पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। आवेदक को यह पता रहेगा कि उसकी फाइल किस टेबल पर, किस तारीख से और क्यों रुकी हुई है। आमजन को क्या होगा फायदा? इस नई व्यवस्था से बिचौलियों का रोल पूरी तरह खत्म हो जाएगा। आवेदक को अपनी फाइल की कमी जानने के लिए जेडीए के गलियारों में भटकने या किसी बाबू की खुशामद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आवेदन में कोई कमी है, तो वह डैशबोर्ड पर स्पष्ट दिखेगी, जिसे आवेदक तुरंत ठीक कर सकेगा। जेडीए का यह कदम राजस्थान सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब देखना यह है कि फाइलों के डिजिटल होने से गुलाबी नगरी की जनता को गुलाबी राहत कब तक मिलती है।