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मेजर लीग क्रिकेट में इतिहास, दासुन शनाका ने चार गेंदों में झटके चार विकेट

 नई दिल्ली श्रीलंका के पेस बॉलिंग ऑलराउंडर दासुन शनाका ने डबल हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया. जब गेंदबाज तीन गेंद में लगातार 3 विकेट लेता है, तो उसे 'हैट्रिक' कहा जाता है. वहीं जब गेंदबाज चार गेंदों में लगातार 4 विकेट लेता है, तो क्रिकेट की भाषा में उसे 'डबल हैट्रिक' कहते हैं. श्रीलंकाई खिलाड़ी ने यह कमाल इन दिनों अमेरिका में खेले जा रहे मेजर लीग क्रिकेट में किया. शनाका सिएटल ओर्कास के लिए खेल रहे हैं. टूर्नामेंट का 21वां मैच सिएटल ओर्कास और टेक्सास सुपर किंग्स के बीच पोमोना के नाइट राइडर्स क्रिकेट फील्ड पर खेला गया. मैच के आखिरी ओवर में शनाका ने डबल हैट्रिक लेकर टीम को हारा हुआ मैच जिता दिया. रन चेज के लिए मैदान पर मौजूद सुपर किंग्स को आखिरी ओवर में जीत के लिए 15 रनों की दरकार थी. क्रीज पर डोनोवन फरेरा और शुभम रंजने मौजूद थे. ओवर लेकर आए दासुन शनाका. सभी को उम्मीद थी कि टेक्सास की टीम आसानी से मैच जीत लेगी. पहली गेंद पर चौका लग गया. दूसरी गेंद पर 1 रन आया. अब अंतिम 4 गेंदों में 10 रन बचे. सुपर किंग्स के लिए जीत लगभग पक्की दिख रही थी. तभी शनाका ने एक बाद एक चारों गेंदों पर विकेट लेकर इतिहास रच दिया. यह मेजर लीग क्रिकेट के इतिहास की पहली डबल हैट्रिक रही. इस तरह चार गेंदों पर लिए 4 विकेट तीसरी गेंद पर शनाका ने सेट बल्लेबाज फरेरा को बोल्ड किया. चौथी गेंद पर कैल्विन सैवेज को कैच आउट के जरिए पवेलियन भेजा. पांचवी गेंद पर एडम मिल्ने को कीपर कैच के जरिए आउट किया. इस तरह उन्होंने हैट्रिक पूरी की. लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई, ओवर की आखिरी गेंद पर श्रीलंकाई गेंदबाज ने अमशी डी सिल्वा को कैच के जरिए आउट करके डबल हैट्रिक पूरी कर ली. इस तरह सिएटल ओर्कास ने हारा हुआ मैच 9 रन से जीत लिया. डबल हैट्रिक लेकर टीम को मैच जिताने वाले शनाका को 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया.

भारत में Apple यूजर्स के लिए बड़ी राहत, App Store पर लौटेगा कार्ड पेमेंट

टिम कुक के रिटायरमेंट से पहले भारत में ऐपल यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। ऐपल के इंडिया ऐप स्टोर पर बहुत जल्द लोग डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करके शॉपिंग कर पाएंगे। करीब 5 साल पहले ऐपल ने भारत में इस सुविधा को हटा लिया था। रिपोर्टों के अनुसार, ऐपल ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कार्ड टोकनाइजेशन नियमों का पालन कर लिया है जिसके बाद वह अपने प्लेटफॉर्म पर डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट लेना शुरू करने वाली है। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट कहती है कि कंपनी ने भारत में कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ कार्ड पेमेंट का ट्रायल शुरू कर दिया है। हालांकि कंपनी ने इस बारे में कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है। ऐपल ऑनलाइन स्टोर पर पेमेंट के ऑप्शन? RBI का टोकनाइजेशन नियम लागू होने के बाद ऐपल ने साल 2021 में भारत में कार्ड पेमेंट बंद कर दिया था। अभी लोगों के पास पेमेंट के लिए यूपीआई या नेट बैंकिंग का ही ऑप्शन है। कहा जाता है कि कुछ लोग प्रीपेड ऐपल आईडी बैलेंस से भी शॉपिंग करते थे।     रिपोर्टों के अनुसार, अब कंपनी ने आरबीआई के नियमों का पालन कर लिया है।     नियम कहता है कि सिर्फ कार्ड नेटवर्क ही टोकनाइज्ड कार्ड डेटा को स्टोर कर सकते हैं     इसका डेटा भारत में ही स्टोर होना चाहिए।     नियमों को मानने के बाद ऐपल भारत में दोबारा से कार्ड पेमेंट लेने जा रही है।     यूजर्स को अपने ऐपल गैजेट में सेटिंग्स में जाकर 'पेमेंट एंड शिपिंग' पेज पर डेबिट-क्रेडिट कार्ड को ऐड करना होगा। (REF. ) फीचर को किया जा रहा टेस्ट ऐपल ने इस फीचर के बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है। बताया जाता है कि वह इसे टेस्ट कर रही है और आने वाले दिनों में सभी ऐपल यूजर्स के लिए इसे रोलआउट किया जाएगा। कहा जाता है कि कंपनी देश के कई बैंकों और कार्ड नेटवर्क के साथ मिलकर Apple Pay को लॉन्च करने पर काम कर रही है। ‘ऐपल पे’ के लिए काम करते हुए कंपनी को कार्ड पेमेंट की सुविधा वापस लाने में मदद मिली है। ग्राहकों को मिलेगा पेमेंट का नया ऑप्शन इस फीचर के आने के बाद ग्राहकों को ऐपल प्रोडक्ट्स के लिए पेमेंट का नया ऑप्शन मिल जाएगा। भारत में बड़ी संख्या में लोग डेबिट-क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करना पसंद करते हैं। क्रेडिट कार्ड से नया गैजेट खरीदना भी लोगों की प्राथमिकता होती है। ऐपल स्टोर पर कार्ड पेमेंट फीचर आने से बड़ी समस्या हल होगी और शॉपिंग करना अधिक आसान हो जाएगा।  

योगी सरकार ने किसानों और पशुओं के लिए बीमा योजना को मंजूरी दी

लखनऊ यूपी की योगी कैबिनेट ने सोमवार को प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति समेत 27 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब 20 लाख तक पूंजीगत सहायता दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में 50 लाख तक दिया जा सकता है। क्लाउड रेंबर्समेंट दो लाख सालाना दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड रखा गया है। होमगार्ड और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज को भी मंजूरी दे दी गई। अब पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही पशुओं को लेकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है। पशुओं का बीमा होगा और अलग-अलग कारणों से इनकी मौत पर एक महीने में मुआवजा मिलेगा। सीएम योगी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक के फैसलों की जानकारी मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री सुनील शर्मा, मंत्री धर्मपाल सिंह, मंत्री अनिल राजभर ने मीडिया को दी। इलेक्ट्रानिक विभाग के तीन प्रस्ताव रखे गए और तीनों पास हो गए हैं। इसके साथ ही उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाएगा। इसकी अलग से बॉडी होगी। अब तक यूपीएलसी इसका काम देखती थी। अब मुख्य सचिव गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष होंगे। डेटा पॉलिसी भी नई आई है। डेटा सुरक्षित रखने और हिन्दुस्तान में ही डेटा रखने पर जोर होगा। पशुओं का भी होगा बीमा पशुओं का भी बीमा होगा। महामारी, बीमारी और दुर्घटना में पशु हानि से किसानों को लाभ होगा। मुर्रा की कीमत 75000 हजार, बाकी की 50 हजार होगी। शाहीवाल की 65 हजार रुपये, गंगागिरी की 60 हजार कीमत होगी। खरगोश जैसे छोटे पशुओं की 6500 रुपये रखा गया है। बैल की कीमत 40 हजार, बछड़ा का 20 हजार रखा गया है। बीमा कंपनी बीमित पशुओं को एक महीने में मुआवजा देगी। केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से योजना चलेगी। इसमें केंद्रांश 51 प्रतिशत और राज्यांश 34 प्रतिशत होगी। गोरखपुर-मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड का अस्पताल और वाराणसी में ईएसआई का मेडिकल कॉलेज बनेगा। इनके लिए निशुल्क जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गईं। वाराणसी के मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें श्रमिकों के परिवार के लिए आरक्षित होगी। ओलंपिक-पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को सीधी भर्ती ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को अब सीधी भर्ती दी जाएगी। अब भर्ती को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर किया गया है। इसमें क्रीड़ा अधिकारी के 9 पद, जिला युवा कल्याण 3 पद, उप क्रीड़ा अधिकारी 23 पद पर सीधी भर्ती हो सकेगी। अभी तक समूह ख और ग के पदों पर सीधी भर्ती नहीं हो पाती थी। उनकी व्यवस्था की गई है। तीन निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई। 2017 तक प्रदेश में केवल 27 विश्वविद्यालय थे। अब राज्य में 56 निजी विश्वविद्यालय हो जाएंगे। अन्य फैसले शाहजहांपुर में भगवान परशुराम की जन्मस्थली जलालाबाद नगर का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया है। -रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना होगी। 20 हेक्टेयर जमीन इसके लिए निशुल्क दी जाएगी। 50 करोड़ रुपये राज्य सरकार खर्च करेगी। -गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा। गोरखपुर 80 करोड़, मुरादाबाद में 50 करोड़ का बांड जारी होगा। -धुलाई भत्ता और वर्दी का पैसा बढ़ाया जाएगा। वेतन समिति की सिफारिश को मंजूरी दी गई है। 50% तक बढ़ाया गया है। -लोकसेवा आयोग के चेयरमैन की अधिकतम पेंशन 1 लाख 12 हजार 500 रुपये होगी

यूपी में खेल संस्कृति को नई रफ्तार, सीएम योगी ने उपलब्धियों और योजनाओं को किया साझा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के नाम पाती लिखी है, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश की बदलती खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को साझा किया है। मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा है कि मैदान की मिट्टी जीत-हार नहीं, बल्कि उठना सिखाती है। उत्तर प्रदेश अब विकास के साथ-साथ खेलों में भी नंबर-1 बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत से देश-विदेश में यूपी का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि चैंपियन एक दिन में नहीं बनते और खेल संस्कृति भी रातों-रात नहीं विकसित होती। खेल अनुशासन, समर्पण, सकारात्मक सोच और टीम भावना का सबसे बड़ा माध्यम है। यह खेल भावना जीवन में सफलता और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का आधार बनेगी। सीएम ने अपील की है कि बच्चों की खेल प्रतिभा को कभी न रोकें, क्योंकि खेल नशे जैसी बुराइयों से बचाने की सबसे बड़ी ताकत है। पाती के माध्यम से सीएम ने बताया कि प्रदेश में खिलाड़ियों के कौशल विकास और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष फोकस है। हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। हर जनपद में आधुनिक स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तैयार है। सीएम योगी ने एलान किया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और सरकारी नौकरी मिलेगी।

लखनऊ में जनता दर्शन: सीएम ने समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान के दिए निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय भरोसा देते हुए कहा कि हमारी सरकार ‘नर सेवा को नारायण सेवा’ मानकर 25 करोड़ प्रदेशवासियों के हित के लिए कार्य कर रही है। ‘जनता दर्शन’ के दौरान मुख्यमंत्री खुद फरियादियों तक पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी होना चाहिए। इस अवसर पर सीएम ने लोगों से कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाएं। अवैध कब्जा संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामले में समयसीमा के भीतर न्याय दिलाया जाए और मामले का निस्तारण कर पीड़ित की संतुष्टि पर ध्यान दिया जाए।

‘अनुपमा’ में बड़ा ट्विस्ट, सपना टूटा तो शादी में छलका दर्द

 शो ‘अनुपमा’ में इन दिनों लगातार नए ट्विस्ट देखने को मिल रहे हैं. एपिसोड की शुरुआत में ब्रोकर अनुपमा को रोकता है और पूछता है कि क्या वह अभी भी वह घर खरीदना चाहती है. अनुपमा पहले हुई गलतफहमी के लिए माफी मांगती है. तभी ब्रोकर उसे बताता है कि वह घर अब बिक चुका है. जोशी परिवार ने उसके लिए टोकन मनी दे दी है. यह सुनकर अनुपमा पूरी तरह टूट जाती है. वह सोचती है कि उसके पास तो टोकन देने तक के पैसे नहीं थे और वह घर खरीदने के सपने देख रही थी. हालांकि वह खुद को संभालते हुए फैसला करती है कि अब उसका पूरा ध्यान अंश की शादी पर रहेगा. श्रुति और अनुपमा के बीच फिर तकरार शादी के माहौल में अनुपमा खुद अंश और प्रेरणा को तैयार करती है. अंश को दूल्हे के रूप में देखकर वह भावुक हो जाती है. बारात के दौरान अनुपमा डांस भी करती है. लेकिन अंश को दूल्हा बने देखकर उसे समर की याद आ जाती है और वह रो पड़ती है. अंश और लीला उसे संभालते हैं. शादी में श्रुति की एंट्री होती है और वह राही और अनुपमा को साथ देखकर हैरान रह जाती है. शादी के बीच प्रेम और अनुपमा को उनके अगले कुकिंग कॉम्पिटिशन के बारे में जानकारी मिलती है. पारितोष और गौतम को साथ देखकर बढ़ा शक अनुपमा प्रेम की तारीफ करते हुए कहती है कि वह बहुत अच्छा शेफ है और आगे और बेहतर बन सकता है. इस पर प्रेम कहता है कि उसे हराने के लिए उसे और बेहतर बनना पड़ेगा. अनुपमा भी साफ कहती है कि उसके लिए यह कॉम्पिटिशन जीतना बहुत जरूरी है और वह अपनी पूरी ताकत लगाएगी. एपिसोड के आखिर में ट्विस्ट आता है. पारितोष, गौतम से पैसे मांगता है और कहता है कि उसके पास एक जरूरी जानकारी है. वह गौतम को कुछ बताता है, जिसे देखकर अनुपमा को शक हो जाता है. अब आने वाले एपिसोड में यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर पारितोष क्या छिपा रहा है और इसका असर अंश-प्रेरणा की शादी पर कैसे पड़ेगा.

“अनशन का अनुभव वांगचुक को, बाकी लोग क्यों डालें जान जोखिम में” बोले अभिजीत दीपके

नई दिल्ली नीट पेपर लीक की वजह से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर डटी हुई है। आंदोलन को समर्थन दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 9 दिनों से अनशन पर हैं। वांगचुक के साथ कुछ छात्र भी अनशन पर कर रहे हैं, जिन्हें लगातार इसे खत्म करने के लिए मनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर सीजेपी बनाकर सनसनी मचा देने वाले अभिजीत दीपके भी इन छात्रों से कह रहे हैं कि यह लड़ाई लंबी चलने वाली है और उन्हें अनशन करके जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। दीपके का कहना है कि सोनम वांगचुक को अनशन का अनुभव है, इसलिए उन्हें ही करने देना चाहिए। सीजेपी के मंच पर सोनम वांगचुक लगातार 9 दिन से अनशन पर हैं। बताया जा रहा है कि उनका वजन तेजी से घट रहा है। हालांकि, चार दिन में ही फॉलोअर्स के मामले में भाजपा और कांग्रेस को भी पीछे छोड़ देने वाले अभिजीत दीपके जमीन पर अपेक्षा मुताबिक भीड़ नहीं उतार पाए हैं। कुछ समर्थकों और छात्रों के साथ जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे दीपके का एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें वह यह कहते नजर आ रहे हैं कि लड़ाई लंबी चलने वाली है और इसलिए सोनम वांगचुक को छोड़कर बाकी सदस्यों को अनशन नहीं करना चाहिए, उन्हें फिट रहने की जरूरत है। लड़ाई लंबी चलेगी, सबको फिट रहना है: दीपेक एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में दीपके ने कहा, 'मैंने तो बहुत मनाया है। सारे लोगों से मैंने कहा है कि प्लीज आप लोग भूख हड़ताल मत कीजिए। क्योंकि अगर सारे लोग भूख हड़ताल करने लग गए… सरकार को तो परवाह नहीं है। अगर सरकार को परवाह होती तो 20 बच्चों की मौत नहीं होने देती। एक मौत के बाद ही या पेपर लीक के बाद ही इस्तीफा आ जाता। तो मैंने सबसे कहा है कि भूख हड़ताल मत करिए। सबको फिट रहना है तभी जाकर यह लड़ाई लंबे दौर पर चलती रहेगी। सोनम सर को भूख हड़ताल का अनुभव है तो वह अपने आपको संभाल सकते हैं। इन बच्चों की सेहत को लेकर मुझे थोड़ी टेंशन हो रही है। और मैं फिर से रिक्वेस्ट करता हूं कि ऐसा मत करिए। हमारा प्रोटेस्ट लंबा चलने वाला है तो हम अपनी जान रिस्क में क्यों डालें? सोनम सर बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। लेकिन उसके लिए जो बाकी चीजें मैंनेज करनी पड़ती है, उसके लिए तो हमें रहना पड़ेगा। फिर से मैं वही कह रहा हूं कि सारे लोग भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे तो यह प्रोटेस्ट मैनेज कौन करेगा।' ठूंस-ठूंसकर खाते लोगों को देख वांगचुक दुखी, एक दिन के अनशन की अपील दीपके का यह बयान ऐसे समय पर वायरल हुआ है जब पिछले दिनों सोनम वांगचुक ने इस बात को लेकर दुख जाहिर किया कि जंतर-मंतर पर जुटने वाले लोग 'ठूंस-ठूंसकर खा रहे हैं।' वांगचुक ने सभी लोगों से एक-एक दिन के अनशन की अपील करते हुए कहा कि कम से कम दिनभर ना खाएं ताकि दिन में खाना बांटने की जरूरत ना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ज्यादा खाते हैं वह मोटे होंगे, बीमार पड़ते हैं और अनशन करने वालों से पहले मर जाएंगे।

चलते ई-रिक्शा अचानक बंद होने की समस्या खत्म, 20 हजार चालकों ने ली राहत की सांस

 रांची  शहर के ई-रिक्शा चालकों को बड़ी राहत मिली है। कथित रूप से ई-रिक्शों को दूर से नियंत्रित कर बंद करने वाले बीएटी-बीएमएस मोबाइल एप के बंद होने के बाद अब चालकों ने राहत की सांस ली है। पिछले कुछ दिनों से शहर में कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की थी कि उनके वाहन चलते-चलते अचानक बंद हो जा रहे हैं, जिससे यात्रियों और चालकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वहीं रांची के कई ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि किसी का वाहन तीन बार तो किसी का छह से सात बार तक अचानक बंद हो गया। सड़क पर चलते वाहन के अचानक रुक जाने से न केवल आय प्रभावित हो रही थी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई थी। कई बार व्यस्त सड़कों पर ई-रिक्शा रुकने से जाम और अफरा-तफरी की स्थिति भी बन रही थी। चालकों ने खुद निकाला समाधान चालकों के अनुसार जब उन्हें इस एप के बारे में जानकारी मिली, तो कई लोगों ने स्वयं एप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद वाहन बंद होने पर वे उसी माध्यम से ई-रिक्शा को दोबारा चालू करने लगे। राजधानी के ज्याचालकों का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व इस तकनीक का दुरुपयोग कर रहे थे, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। सरकार की कार्रवाई से मिली राहत मामला तेजी से फैलने के बाद भारत सरकार ने संबंधित एप पर कार्रवाई की। एप के बंद होने के बाद अब ऐसी शिकायतें लगभग समाप्त हो गई हैं। ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि इससे काफी राहत मिली है और वे पहले की तरह सामान्य रूप से अपना काम कर पा रहे हैं। चालकों ने बताया कि यह एप मुख्य रूप से लिथियम बैटरी से संचालित ई-रिक्शों पर असर डालता था। हालांकि वर्तमान में समस्या खत्म हो गई है, लेकिन चालकों को आशंका है कि यदि भविष्य में इसी तरह का कोई दूसरा एप सामने आया तो परेशानी फिर बढ़ सकती है। रांची में करीब 20 हजार से अधिक ई-रिक्शा विभिन्न मार्गों पर संचालित होते हैं। ऐसे में समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो यह समस्या बड़े स्तर पर परिवहन व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती थी। बढ़ गई थी परेशानी     बीएटी-बीएमएस एप की वजह से मेरी ई-रिक्शा तीन बार चलते-चलते बंद हो गई थी। यात्री भी घबरा जाते थे। एप बंद होने के बाद अब राहत मिली है। सरकार ने समय रहते कार्रवाई की, नहीं तो चालकों की परेशानी और बढ़ जाती।     -दीपक कुमार, ई-रिक्शा चालक     मेरी गाड़ी छह-सात बार अचानक रुक गई थी। पहले समझ नहीं आया कि दिक्कत क्या है। बाद में एप के बारे में जानकारी मिली और खुद डाउनलोड कर गाड़ी चालू करनी पड़ी। अब एप बंद होने से निश्चिंत होकर काम कर रहे हैं।     -रणवीर कुमार, ई-रिक्शा चालक     चलते वाहन का अचानक बंद हो जाना बहुत खतरनाक था। इससे यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही थी। एप बंद होने के बाद स्थिति सामान्य हुई है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी किसी तकनीक का दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त व्यवस्था होगी।     -विकास सिंह, ई-रिक्शा चालक  

कर्नाटक में सरकारी बसों की बदहाल हालत पर बवाल, हेडलाइट बंद तो मोबाइल टॉर्च से चला सफर; KKRTC घिरी

 बेंगलुरु कर्नाटक में सरकारी बस सेवाओं की स्थिति को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है. सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में दावा किया गया कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KKRTC) की कुछ बसें हेडलाइट खराब होने के कारण रात में मोबाइल की टॉर्च के सहारे चलाई गईं. दावा किया जा रहा है, राज्य सरकार के पास फंड नहीं है, जिसके चलते इन बसों की लाइटों को ठीक नहीं करवाया गया. हालांकि इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर परिवहन व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाया है।  वहीं इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारास्वामी ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय ने पीएम ई-ड्राइव स्कीम के तहत 4,500 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की थीं. दिसंबर 2025 में ही कन्फर्मेशन मिलने के बावजूद राज्य सरकार (@tdkarnataka) 'लेटर ऑफ़ अवार्ड' (LoA) तक जारी नहीं कर पाई है, जिससे पूरी प्रक्रिया रुकी हुई है।  बसों की खराब स्थिति पर गरमाई राजनीति साथ ही राज्य सरकार पर 'शक्ति' स्कीम के तहत ₹4,573 करोड़ का रीइम्बर्समेंट बकाया है. जिससे मौजूदा बसों की मामूली मरम्मत भी नहीं हो पा रही है. फिर भी अपनी नाकामी के कारण वे 4500 मुफ़्त नई ई-बसों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।  फिलहाल बसों की खराब स्थिति और ई-बस परियोजना में कथित देरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. मामले को लेकर अब सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, जबकि परिवहन व्यवस्था को लेकर यात्रियों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। 

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया की जीत, इंग्लैंड को फाइनल में हराया

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की दिग्गज ऑलराउंडर एलिस पेरी ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतकर इतिहास रच दिया है। वे दुनिया में अब सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने के मामले में शीर्ष स्थान पर पहुंच गईं हैं। 5 जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ हुए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 151 रन के टारगेट का पीछा करते हुए 7 विकेट और 17 गेंद शेष रहते जीत अपने नाम की। इस जीत के साथ ही एलिस पेरी पुरुष और महिला क्रिकेटरों में सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाली खिलाड़ी बन गईं हैं। एलिस पेरी के नाम 9 आईसीसी ट्रॉफी एलिस पेरी ने क्रिकेट की दुनिया में वो आयाम हासिल किया है जो कोई और क्रिकेटर नहीं कर पाया है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब उनके करियर का 9वां आईसीसी टाइटल है। उन्होंने अपने देश के लिए 7 टी20 वर्ल्ड कप और 2 वनडे विश्व कप जीते हैं। साल 2010, 2012, 2014, 2018, 2020, 2023 और 2026 में उन्होंने 20 ओवर के खेल में चैंपियनशिप पर कब्जा किया। वहीं 2013 और 2022 में वनडे वर्ल्ड कप जीता। महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाली खिलाड़ी एलिस पेरी (9) एलिसी हीली (8) मेग लैनिंग (7) बेथ मूनी (6) मेगन शुट्ट (6) विराट और रोहित ने जीते 4-4 खिताब भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली और रोहित शर्मा अब तक अपने करियर में 4-4 आईसीसी ट्रॉफी जीत चुके हैं। रोहित ने साल 2007 में पहली बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पर हाथ लगाया था। वहीं विराट साल 2011 वनडे विश्व कप की टीम का हिस्सा थे। इसके बाद दोनों ने साथ मिलकर साल 2013 और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा किया। टी20 वर्ल़्ड कप 2024 जीतने के बाद दोनों ने साथ ही फॉर्मेट को अलविदा भी कह दिया। पुरुषों में सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाली खिलाड़ी पुरुष क्रिकेट में सबसे ज्यादा आईसीसी ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड ऑस्ट्र्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग के नाम है। अपनी कप्तानी में उन्होंने कंगारू टीम को बुलंदियों पर पहुंचाया। पोंटिंग ने अपन देश के लिए 5 खिताब जीते। जिसमें 3 वनडे वर्ल्ड कप और 2 चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं।