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सीएम योगी ने लॉन्च की डिजिटल जनगणना-2027 प्रक्रिया, घर-घर होगा डेटा संग्रह

 लखनऊ  स्वगणना के साथ गुरुवार से प्रदेश में जनगणना-2027 के पहले चरण की शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि जनगणना केवल लोगों की गिनती नहीं, बल्कि प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास की मजबूत नींव है। लोकभवन में गुरुवार को शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में पहली बार डिजिटल और जातीय जनगणना के साथ वन ग्रामों को भी इसमें शामिल किया गया है। इस दौरान सभी को सात से 21 मई तक लोगों को स्वगणना का विकल्प भी मिलेगा उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जनगणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सही जानकारी दें, ताकि सरकार विकास योजनाओं को सही तरीके से तैयार कर सके। आज के समय में डेटा आधारित निर्णय बेहद जरूरी हैं। जनगणना से मिलने वाले सटीक आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य होगा। स्वगणना के तहत पहली बार लोग डिजिटल प्लेटफार्म पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मी घर-घर जाकर सूचीकरण का काम करेंगे। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस बार जनगणना में जातीय गणना भी शामिल की गई है। साथ ही पहली बार वन ग्रामों को भी जनगणना प्रक्रिया में जोड़ा गया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाया गया है। इसके लिए विशेष जनगणना पोर्टल तैयार किया गया है, जिससे ग्राम और वार्ड स्तर तक निगरानी की जा सकेगी। हर व्यक्ति केवल एक स्थान पर ही अपनी गणना कराए और सही व तथ्यात्मक जानकारी दे। इससे सरकार को योजनाएं बनाने और जरूरतमंदों तक सुविधाएं पहुंचाने में आसानी होगी। जनगणना से स्पष्ट होगी प्रदेश की तस्वीर प्रदेश की अनुमानित आबादी करीब 25 करोड़ 70 लाख है। जनगणना का कार्य प्रदेश के 18 मंडलों, 75 जिलों, 350 तहसीलों, 17 नगर निगमों, 745 अन्य नगरीय निकायों, 21 छावनी परिषदों, 57,694 ग्राम पंचायतों और करीब 1.04 लाख राजस्व गांवों में किया जाएगा। इस बड़े अभियान के लिए लगभग 5.47 लाख कार्मिक लगाए जाएंगे। इनमें 4.50 लाख गणनाकर्मी, 85 हजार सुपरवाइजर और 12 हजार राज्य व जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। करीब 5.35 लाख कर्मचारियों को दोनों चरणों के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।  

सीएम योगी बोले: यूपी अब वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के नव चयनित लेखा परीक्षकों को नियुक्ति-पत्र वितरित किया। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार, सचिव वित्त संदीप कौर, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत आदि उपस्थित थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में हुए व्यापक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि बदलते भारत के साथ उत्तर प्रदेश ने भी नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश का अंतर किसी से छिपा नहीं है और यह परिवर्तन हर क्षेत्र में देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की प्राथमिकता कानून का राज और सुरक्षा होती है, लेकिन इसके साथ ही बेहतर वित्तीय प्रबंधन और अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है। यदि वित्तीय अनुशासन नहीं होता और बिना बजट के खर्च होते, तो उत्तर प्रदेश आज बीमारू राज्य की छवि से बाहर नहीं निकल पाता। योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में आयोजित करीब 500 नव चयनित युवाओं के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन का उदाहरण जेपीएनआइसी (जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) है। जिसकी प्रारंभिक लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 860 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना आज भी अधूरी है। मुख्यमंत्री ने 2017 के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि कोई बैंक उत्तर प्रदेश को कर्ज देने के लिए तैयार नहीं था। उन्होंने बताया कि सरकार ने निर्णय लिया कि बिना कर्ज लिए वित्तीय अनुशासन के साथ विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बदल चुकी है। उदाहरण देते हुए उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे का उल्लेख किया, जो करीब 600 किलोमीटर लंबा है और जिस पर 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। इसके साथ ही नौ इंडस्ट्रियल और लाजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए 7000 एकड़ भूमि ली गई है। कुल मिलाकर इस परियोजना पर लगभग 42 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज बड़े प्रोजेक्ट के लिए बैंक स्वयं निवेश की पेशकश करते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भर वित्तीय प्रबंधन के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले तो प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के कई घोटाले हुए, लेकिन वर्तमान सरकार ने वित्तीय कुप्रबंधन को सुधारते हुए प्रदेश को अनुशासित वित्तीय ढांचे में आगे बढ़ाया है, जिसके परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वित्तमंत्री के जिले में किसका चयन हुआ उन्हें भी नहीं पता मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले हर पेपर लीक हो जाता था लेकिन अब इसकी पुख्ता व्यवस्था की गई है। उन्होंने वित्त मंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि शाहजहांपुर से कई कैंडिडेट चयनित हुए हैं। वित्त मंत्री वहीं के हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि किसका चयन हो रहा है। पहले पेपर लीक होता था तो जो बचा रहता था वह चाचा भतीजे पूरा कर देते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ की मुस्लिम बेटी का चयन हुआ है। यह सबूत है कि कहीं किसी भी तरह का भेदभाव नहीं हुआ है। इसके लिए बोर्ड को बधाई। जो भी युवा योग्य होगा उसे नौकरी मिलेगी और अयोग्य लोगों की दाल नहीं गलेगी। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र पाने वालों में बड़ी संख्या में बेटियां है। यह साबित करता है कि बेटियां किसी से पीछे नहीं हैं और उन्हें हर हाल में अधिकार देना पड़ेगा। कोई कितना भी विरोध कर ले, लेकिन बेटियों को कोई पीछे नहीं कर सकता है।  

लखनऊ से बहराइच तक मौसम का तांडव, पेड़ गिरे, बिजली ठप और जनजीवन अस्त-व्यस्त

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह लखनऊ, अयोध्या, बहराइच समेत प्रदेश के कई जनपदों में आंधी-बारिश से हुई भीषण तबाही का संज्ञान लेते हुए अफसरों को तत्काल लोगों की मदद का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने मौसम से प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी मशीनरी सक्रिय रहे, हर हाल में प्रयास करें कि विपरीत मौसम का न्यूनतम असर हो। जनहानि, पशुहानि, घायलों व आपदा प्रभावितों को 24 घंटे में मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं नहीं होनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर प्रतिकूल परिस्थिति में किसानों व समस्त प्रदेशवासियों के साथ निरंतर खड़ी है। प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत मौसम में कई जनपदों में सड़क दुर्घटनाएं हुईं। वहां राहत-बचाव कार्य तेज गति से हों। घायलों का निकटवर्ती अस्पतालों में त्वरित इलाज सुनिश्चित किया जाए। आंधी-बारिश की वजह से किसानों व आमजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूरा प्रयास किया जाए कि प्रतिकूल मौसम का न्यूनतम प्रभाव हो। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरंतर फील्ड में रहें, वस्तुस्थिति का जायजा लें। फील्ड अधिकारी भी खराब मौसम से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच जाएं और उनसे सीधा संपर्क करें और राहत कार्यों के लिए समन्वय बनाएं। किसी भी विपरीत स्थिति या आवश्यकता पर सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत सुनिश्चित की जा सके। कहां कैसा रहा मौसम सुबह नौ बजे बाराबंकी में छाया अंधेरा, झमाझम बारिश बाराबंकी में सोमवार की सुबह से ही काले बादल छाए रहे। कुछ देर बाद ही ठण्डी हवाएं चलने लगीं। नौ बजते ही अंधेरा छा गया। ऐसे में हेडलाइट जलाकर वाहन सड़कों पर गुजरने लगे। आंधी शुरू होते ही ओलावृष्टि शुरू हो गई। दस मिनट के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बाहर निकले लोग बारिश से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। गोंडा में आंधी के कहर से सैकड़ों पेड़ और खंभे टूटे गोंडा में सोमवार सुबह करीब दस बजे आंधी और बारिश के कहर से सैकड़ों पेड़ और खंभे टूट गए है। जगह जगह बिजली लाइनें टूटने से हजारों घरों की बिजली गुल हो गई है। गोंडा उतरौला मार्ग पर मेहनौन बिजली उपकेंद्र से आने वाली 33 केवी की लाइन पर जामुन के पेड़ की मोटी डाल टूटकर गिर गए। इसे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गए है। गोंडा उतरौला मार्ग पर कई जगह पेड़ गिरने से यातायात बाधित है। अयोध्या हाइवे पर भी पेड़ गिरने से यातायात थमा रहा। मोतीगंज कस्बे में स्थित एक निजी स्कूल के बाउंड्री पर गिरा यूकेलिप्टस का पेड़ 11000 केवी की लाइन पर गिर गया । वही सीहागांव में भी पेड़ गिरने से पांच पोल वा तार टूटने से बिजली सप्लाई बाधित है। आर्य नगर खरगूपुर मार्ग पर स्टेट बैंक सामने लगा शीशम का पेड़ मुख्य सड़क पर गिर जाने से आवागमन बाधित हुआ। अयोध्या में झमाझम बारिश, दिन में जलानी पड़ी लाइट रामनगरी अयोध्या में एक बार फिर सुबह झमाझम बारिश से नजारा बदल गया। सुबह पौने ग्यारह बजे तेज हवाओं के साथ काले बादलों से दिन में अंधेरा छा गया। झमाझम बरसात शुरू होते ही जो जहां था थम गया। तापमान गिरने से मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग ने अभी सात तारीख तक बीच-बीच में इसी तरह बदलाव के संकेत दिए हैं। जेठ के महीने में हुई इस बरसात ने लोगों को राहत दे दी है। इस बार अप्रैल के पहले हफ्ते में बरसात ने थोड़ी राहत दी लेकिन इसके बाद लगातार दस दिनों तक मौसम तपने से लोग परेशान हो गए। बलरामपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश बलरामपुर में तेज हवाओं के साथ सोमवार को सुबह करीब 11: 10 बजे से भारी बारिश शुरू हो गई है। बिजली भी कड़कती रही। सड़क पर अंधेरा छा गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले वाहन दिन में बिजली जलाकर चलाने पड़े। बहराइच लखनऊ मार्ग पर जरवल में बीच सड़क पर विशालकाय पेड़ गिर गया। इसके चलते आवागमन रुक गया। सूचना पर पहुंचे वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने पेड़ काट कर हटवाया। तब आवागमन बहाल हो सका। बहराइच में मूसलाधार बारिश से शहर व कस्बे हुए लबालब बहराइच में मूसलाधार बारिश ने सोमवार की सुबह शहर और आसपास के कस्बों की रफ्तार थाम दी। एक घंटे से तेज बारिश अभी नहीं थमी, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इसके पहले सुबह करीब 9:30 बजे आसमान में घने काले बादल छाए और हालात ऐसे बने कि मानो रात का अंधेरा हो। जिले में सोमवार की सुबह 9:00 अचानक मौसम बदला और बादल छा गए। जिससे घनघोर अंधेरा छा गया। आधे घंटे बाद बूंदाबांदी शुरू हुई और 9:35 बजे मूसलाधार बारिश शुरू हुई। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। श्रावस्ती में सुबह धूप और फिर छा गया अंधेरा, आंधी के साथ झमाझम बारिश श्रावस्ती में सोमवार सुबह धूप के बाद मौसम ने पलटी मारी और घने बादलों से अंधेरा छा गया। देखते ही देखते तेज पछुआ आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे बिजली गुल हो गई। कासगंज में आंधी बारिश से मकान धराशाई कासगंज में तेज आंधी-बारिश से मकान धराशाई हो गया। इससे एक बच्ची की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए। गंजडुंडवारा ब्लॉक क्षेत्र के गांव घबरा में हादसा हुआ। तेज आंधी और बारिश एक घर पर कहर बनकर टूटी। आंधी-बारिश से पक्का मकान गिरने से पांच वर्षीय लड़की सोनाली पुत्री जितेश की दबकर मृत्यु हो गई। बरेली में मूसलाधार बारिश से हाल बेहाल, घरों में घुसा पानी बरेली में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर की सड़कों, रिहायशी इलाकों और निचले क्षेत्रों में भीषण जलभराव हो गया, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेटेलाइट बस अड्डे जैसे प्रमुख स्थानों पर पानी भर जाने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था इस बारिश में पूरी तरह फेल नजर आई। जिन इलाकों में जलभराव रोकने के लिए पंप लगाए जाने थे, वहां या तो पंप … Read more

नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में बोले सीएम, भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हुई

लखनऊ यूपी में पिछले नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी दी गई है। यह किसी भी राज्य में सर्वाधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया को सकुशल एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न करने का रिकॉर्ड है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के लिए नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कहीं। सीएम योगी ने कहा, सिर्फ अधीनस्थ चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया संपन्न करेगा। शिक्षा चयन आयोग हजारों शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को लगभग 15 हजार भर्तियां करनी है। इस प्रकार चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) में डेढ़ लाख से अधिक सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया संपन्न होनी है। प्रक्रिया में किसी प्रकार की सेंध न लगे, इसके लिए सख्त कानून भी बनाया है, जिसके तहत सेंधमारी करने वालों को आजीवन कारावास की सजा और उसकी पूरी संपत्ति को जब्त किया जाता है। युवाओं के सपने का टूटना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ धोखा मुख्यमंत्री ने कहा कि हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनका बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त कर एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़े। इसके लिए वे हरसंभव प्रयास करते हैं, लेकिन जब अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते, तो न केवल उस युवा के सपने टूटते हैं, बल्कि उसके माता-पिता और परिवार से जुड़े अन्य लोगों की उम्मीदें भी चकनाचूर हो जाती हैं। किसी युवा के सपनों का टूटना केवल एक व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ धोखा है। उत्तर प्रदेश की ‘बीमारू राज्य’ के रूप में पहचान बनाने में चयन प्रक्रियाओं में भेदभाव, बेईमानी और भ्रष्टाचार की भूमिका थी। भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं इतनी अधिक थीं कि न्यायालय को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ता था। फर्जी डिग्री वाले लोग करते थे चयन प्रक्रिया का नेतृत्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लगभग हर नियुक्ति प्रक्रिया पर कहीं न कहीं कोर्ट स्टे लगते थे, न्यायालय से कड़ी टिप्पणियां मिलती थीं। स्थिति यह थी कि जो व्यक्ति पात्र नहीं था, वह भी आयोग का चेयरमैन बन जाता था। यहां तक कि फर्जी डिग्री वाले लोग चयन प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहे थे। पैसे के लेनदेन के कारण भर्तियां प्रभावित होती थीं और योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पाता था। वर्तमान समय में कई युवा उस दौर से अनभिज्ञ हैं, क्योंकि वे तब नाबालिग थे। वर्ष 2017 के बाद भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया गया है। इसका परिणाम यह है कि अब तक पुलिस विभाग में 2,20,000 से अधिक भर्तियां सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। गत 9 वर्षों में हम लोगों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड 9 लाख से अधिक युवाओं की भर्तियां कीं। आज औषधि विभाग के पास जांच के लिए मंडल स्तर पर ए ग्रेड की लैब मौजूद सीएम ने कहा कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 4 और 6 मई को नियुक्त पत्र वितरिण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये लगातार चलेगा। सरकार बिना भेदभाव पिछले नौ वर्षों में कोरोना महामारी के बावजूद प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन गुना करने में सफल रही है। प्रदेश में आज देश का सबसे अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, हाइवे आदि मौजूद हैं। आज वे विभाग अच्छा काम कर रहे हैं, जिन्हें पहले लोग जानते तक नहीं थे। लगभग हर जनपद में मेडिकल कॉलेज हैं, दो एम्स कार्यरत हैं। 2017 से पहले सब भगवान भरोसे था, परिणाम भी उसी प्रकार से आते थे। उस दौरान पूरा सिस्टम ही बीमारू था। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के पास दवा की क्वालिटी एवं खाद्य पदार्थों में मिलावट जांचने के उपकरण व लैब्स नहीं थीं। अब विभाग के पास जांच के लिए मंडल स्तर पर ए-ग्रेड की लैब हैं। प्रशिक्षित मैनपॉवर है, जो समय-सीमा में जांच के नतीजे बता देंगे। वर्ष 2017 से पहले पांच प्रयोगशालाएं थीं, आज आधुनिक उपकरणों के साथ 18 प्रयोगशालाएं हैं। कनिष्ठ विश्लेषकों (खाद्य) की भर्ती भी जल्द सीएम ने कहा कि पहले 5 प्रयोगशालाओं में 12,000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 55,000 हो गयी है। आज 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) की भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई है, जिसके साथ ही इनकी संख्या 44 से बढ़कर 401 हो गयी है। वर्तमान में कनिष्ठ विश्लेषकों (खाद्य) की संख्या अभी केवल 58 है। हमने 417 पदों के लिए अधियाचन भेजा है, जो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में विचाराधीन है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया संपन्न होगी। वर्तमान में 36 हजार खाद्य नमूने प्रतिवर्ष लिये जाते हैं। भर्ती प्रक्रिया संपन्न होने से इनकी संख्या बढ़कर प्रतिवर्ष 1,08,000 से अधिक हो जाएगी। आज 252 डेंटल हाइजीनिस्ट को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं।

12.26 लाख निर्माण श्रमिकों को दी आयुष्मान कार्ड सुविधा, शेष 15.83 लाख श्रमिकों को भी शीघ्र मिलेगा लाभ: मुख्यमंत्री

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में श्रमिकों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश का विकास तभी सार्थक है, जब श्रमिक वर्ग सशक्त और सुरक्षित हो। इसी दृष्टि से राज्य सरकार श्रमिक परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से जोड़ने का अभियान तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब तक 12 लाख 26 हजार निर्माण श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड सुविधा दी जा चुकी है, जिससे उनके परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध हो रहा है। शेष 15 लाख 83 हजार श्रमिकों को भी शीघ्र इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य है। औसतन एक परिवार में 5 सदस्यों के आधार पर, यह पहल 75 से 80 लाख लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देगी। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में कम से कम 1 करोड़ श्रमिक परिवारों, यानी लगभग 5 करोड़ लोगों तक इस योजना का सीधा लाभ पहुंचाना है, जो प्रदेश के इतिहास में श्रमिक कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। श्रमिकों के पसीने से ही नए भारत का निर्माण हो रहा अटल आवासीय विद्यालय के पहले बैच के मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना एक नई मिसाल बनी। इन बच्चों ने सीबीएसई बोर्ड की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त कर अपने माता-पिता के अथक श्रम व पसीने की लाज रखी है। नए भारत के निर्माण में आप सभी श्रमिक भाई-बहन प्रधानमंत्री जी के विजन के वास्तविक शिल्पकार हैं। सर्दी-गर्मी, आंधी-तूफान की परवाह किए बिना आप जो पसीना बहाते हैं, उसकी एक-एक बूंद धरती माता को सोना उगलने की शक्ति देती है। पहले विडंबना यह थी कि जो श्रमिक दूसरों को छत, अन्न और अस्पताल देते थे, स्वयं उनके पास आवास नहीं होता था, उनके बच्चे भूख से तड़पते थे और उन्हें इलाज की सुविधा नहीं मिलती थी। लेकिन अब प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘श्रममेव जयते’ मंत्र के साथ श्रमिकों को सम्मान और गौरव मिल रहा है। श्रमिक अब सम्मान और सुविधाओं का हकदार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने महाकुंभ के दौरान श्रमिकों के पैर धोकर और अयोध्या-काशी में पुष्पवर्षा कर उनके श्रम और समर्पण का अनुपम सम्मान किया। इसी संवेदनशीलता के कारण आज श्रमिक किसी सरकार के एजेंडे का हिस्सा बन सका है। कभी कोई सोच भी नहीं सकता था कि श्रमिक के पास भी अपना पक्का घर होगा। लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश में 4 करोड़ से अधिक लोगों को आवास मिला है, जिनमें उत्तर प्रदेश में 65 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही देश में 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 61 लाख परिवार शामिल हैं। अब गरीब भी उस अस्पताल में इलाज करा सकता है, जिसके निर्माण में श्रमिक का पसीना लगा है, क्योंकि आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध है। साथ ही श्रमिकों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अटल आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं और आज जेवर में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय की आधारशिला रखी गई है। अब श्रमिक परिवारों को गैस, राशन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। उज्ज्वला योजना, निःशुल्क राशन और अन्य योजनाओं से गरीब के हक की रक्षा हो रही है और उनकी मेहनत को सच्चा सम्मान मिल रहा है। डबल इंजन सरकार श्रमिकों की हर विपदा में साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आपदा आने पर बटाईदार और खेतिहर श्रमिक कर्ज के बोझ तले दब जाते थे, लेकिन अब हमारी सरकार ने व्यवस्था की है कि आपदा में मुआवजा केवल भूमि स्वामी को नहीं, बल्कि बटाईदार और खेत पर काम करने वाले श्रमिक को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत उन्हें 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया गया है और हर वर्ष 700 से 1000 करोड़ रुपये तक की सहायता प्रभावित श्रमिक परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि संकट के समय जो आपके साथ खड़ा होता है, वही सच्चा हितैषी है। कोरोना काल की सबसे बड़ी त्रासदी के दौरान जब विपक्षी नेता अपने घरों में छिप गए थे, तब डबल इंजन सरकार पूरी ताकत से श्रमिकों के साथ खड़ी थी। हम 14,000 बसों से लाखों श्रमिकों को वापस लाए, एक करोड़ श्रमिकों के रहने-खाने की व्यवस्था की और निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया। डबल इंजन की सरकार किसी भी संकट में खेतिहर मजदूर से लेकर औद्योगिक श्रमिक तक,  हर वर्ग के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। श्रमिक का बच्चा भी अब अधिकारी बनेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम के बाद श्रम मंत्री अनिल राजभर जी गोरखपुर जा रहे हैं, जहां 200 श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह में स्वयं मंत्री जी मेहमानों का सम्मान और आवभगत करेंगे। श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। इसका एक उदाहरण है- पूरे प्रदेश में 18 मंडलों में स्थापित अटल आवासीय विद्यालय, जहां श्रमिकों के बच्चों को आवासीय सुविधा के साथ बेहतरीन शिक्षा दी जा रही है। इन विद्यालयों में अनुभवी शिक्षकों की तैनाती की गई है, ताकि श्रमिक का बच्चा भविष्य में अधिकारी बने। पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 18,000 नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनसे 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। पहले बीमारू राज्य कहलाने वाला उत्तर प्रदेश आज भारत का ग्रोथ इंजन और उद्यम प्रदेश बनकर उभरा है। यह श्रमिकों की अथक मेहनत, सुरक्षा के बेहतर माहौल और सरकार के संकल्प का परिणाम है। अगर कोई मजदूरी नहीं देगा, तो सरकार उसका काम तमाम करेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को ‘वन नेशन-वन राशनकार्ड’ की सुविधा दी है। यानी, किसी भी राज्य/जिले में रहने वाला श्रमिक देश में कहीं भी अपना राशन ले सकता है। प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में 7 लाख से अधिक श्रमिकों को पेंशन कवर दिया गया है। अटल पेंशन योजना में प्रदेश के 93 लाख लाभार्थी जुड़े हैं। ई-श्रम पोर्टल पर सबसे अधिक पंजीकरण उत्तर प्रदेश के हैं। निर्माण कार्य के … Read more

सीएम योगी के हाथों सम्मान पाकर अभिलाषा बोलीं- ‘डॉक्टर बनना है सपना’

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 1 मई को आयोजित 'श्रमवीर गौरव समारोह-2026' प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन गया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य के लिए 5 श्रमिकों और अटल आवासीय विद्यालय के कक्षा 10 के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इन छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र के साथ-साथ टैबलेट भी दिया गया। मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर भावुक हुए मुन्नालाल ने कहा कि हम चाहते हैं कि 2027 में फिर से योगी सरकार बने, क्योंकि इससे अच्छी सरकार अभी तक हमें नहीं मिली है। कई जनकल्याणकारी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में 5 चयनित श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूलकिट प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर श्रमिकों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे। सीतापुर के मुन्नालाल ने बताया कि पहले दिक्कत ही दिक्कत थी, अंधेरे में रहते थे, मिट्टी के तेल वाली डिबरी जलाकर काम चलाते थे। योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से हमारे घर में लाइट आ गई है। आवास और गैस सिलेंडर का कनेक्शन भी मिला। साथ ही होली और दिवाली पर फ्री में गैस सिलेंडर मिलता है।  समय से मिल रही मजदूरी तो हालात हुए बेहतर  बरेली के रहने वाले आकाश को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया है। आकाश ओमैक्स मेट्रो सिटी कल्ली पश्चिम रायबरेली रोड लख़नऊ में मिस्त्री के साथ हेल्पर के रूप में काम करते हैं। आकाश ने बताया कि अब उन्हें समय से मजदूरी मिलती है, जिससे परिवार का भरण-पोषण सुचारु रूप से हो पा रहा है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है।  महिला श्रमिकों ने सुविधाएं देने के लिए जताया आभार लखनऊ की महिला श्रमिक प्यारी और सरस्वती ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें काम के साथ-साथ सभी आवश्यक सुविधाएं और समय पर भुगतान मिल रहा है, जिससे जीवन पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है। छात्र-छात्राओं ने सम्मान पाकर गर्व व्यक्त किया समारोह में अटल आवासीय स्कूल के कक्षा 10 के 10 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया है। छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान पाकर गर्व व्यक्त किया है। छात्रा अभिलाषा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी से सम्मान पाकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हमारे विद्यालय में पढ़ाई का स्तर बहुत अच्छा है और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। आज हमें जो सम्मान मिला है, वह हमारे लिए गर्व की बात है। मैं आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। मुख्यमंत्री जी का मैं दिल से धन्यवाद करती हूं। अटल आवासीय विद्यालय आगरा के छात्र गणेश कुमार ने कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि मुख्यमंत्री जी के हाथों सम्मानित होने का मौका मिलेगा। आज यह सम्मान पाकर मुझे बेहद गर्व हो रहा है। हमारे विद्यालय में पढ़ाई, खेल और स्मार्ट क्लासेज जैसी सभी नेशनल लेवल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मैं आगे चलकर आईपीएस बनना चाहता हूं।  प्रिंसिपल बोले- सम्मान से बढ़ा उत्साह अटल आवासीय विद्यालय प्रयागराज के प्रिंसिपल डॉ. गोपाल कांत मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान न केवल शिक्षकों का उत्साह बढ़ाता है, बल्कि छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के बच्चों में मेहनत करने की अद्भुत क्षमता होती है और यही इन विद्यालयों की सबसे बड़ी ताकत है।

सीएम योगी का श्रमिकों के लिए मेगा प्लान: ग्रेटर नोएडा में अस्पताल, स्कूल और सुविधा केंद्र का शिलान्यास

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ के दौरान श्रमिक कल्याण एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में श्रमिक सुविधा केंद्रों के निर्माण का बटन दबाकर शिलान्यास किया। इन केंद्रों के निर्माण से श्रमिकों को एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसके साथ ही ईएसआईसी अस्पताल, ग्रेटर नोएडा के लिए भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया गया। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने क्षेत्रीय निदेशक ईएसआईसी कालीचरण झा को यह आवंटन पत्र सौंपा। 7.2 एकड़ भूमि पर बनने वाला यह 300 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने सीएम कंपोजिट विद्यालय, जेवर के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इस विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान श्रमवीर गौरव समारोह 2026 के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में अटल आवासीय विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं, प्रधानाचार्यों और श्रमिकों को सम्मानित किया गया। सीबीएसई 10वीं के पहले ही बैच में 100% परीक्षा परिणाम हासिल करने वाले प्रयागराज और वाराणसी के अटल आवासीय विद्यालयों ने इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि पर प्रयागराज के प्रधानाचार्य डॉ. गोपालकांत मिश्रा और वाराणसी के प्रधानाचार्य श्री सत्येंद्र प्रसाद सिंह को सम्मानित किया गया। वहीं, कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए टैबलेट वितरित किए गए। सम्मानित छात्राओं में वाराणसी की श्वेता, आजमगढ़ की अंशिका यादव, बस्ती की सृष्टि गुप्ता, लखनऊ की रीत मौर्या और अयोध्या की अभिलाषा शामिल रहीं। वहीं छात्र वर्ग में आजमगढ़ के संगम यादव, वाराणसी के हर्ष कुशवाहा, प्रयागराज के हर्षित, आगरा के गणेश कुमार और मुरादाबाद के उदय प्रताप को प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर सम्मानित किया गया। समारोह में श्रमिकों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया। मुन्नालाल, पंचम, आकाश, प्यारी और सरस्वती को प्रमाण पत्र और टूलकिट प्रदान कर सम्मानित किया गया।

गंगा एक्सप्रेसवे पर खुशखबरी: योगी सरकार ने 15 दिन का टोल माफ किया

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनहित में बड़ा निर्णय लेते हुए गंगा एक्सप्रेसवे को कमर्शियल ऑपरेशन डेट (सीओडी) से 15 दिनों तक टोल-फ्री रखने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत प्रदेश की जनता बिना किसी शुल्क के यूपी के सबसे लंबे व अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का अनुभव कर सकेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परियोजना के कन्सेशनैयर्स आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर और अदाणी इन्फ्रास्ट्रक्चर को 15 दिनों तक टोल कलेक्शन स्थगित रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यूपीडा द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस अवधि में यात्रियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सीओडी के साथ लागू हुआ फैसला यह निर्णय उस समय लिया गया है, जब इंडिपेंडेंट इंजीनियर द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के अनुच्छेद 14.3.1 के तहत प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी किया गया, जिससे एक्सप्रेसवे की कमर्शियल ऑपरेशन डेट निर्धारित हो गई। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे आम जनता के उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार माना गया। जनता को मिलेगा ‘फ्री राइड एक्सपीरियंस’ योगी सरकार का उद्देश्य है कि शुरुआती चरण में अधिक से अधिक लोग इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का अनुभव कर सकें। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर बिना टोल के यात्रा करने का अवसर लोगों को इसकी गुणवत्ता, गति और जन-सुविधाओं से सीधे रूबरू कराएगा। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि एक्सप्रेसवे के प्रति जनविश्वास को भी मजबूत करेगी। पीपीपी मॉडल पर विकसित, 27 साल का कंसेशन पीरियड गंगा एक्सप्रेसवे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत डीबीएफओटी (टोल) मॉडल पर विकसित किया गया है। इसके तहत कन्सेशनैयर्स को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है। हालांकि, 15 दिन की इस टोल छूट से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य सरकार अथवा यूपीडा द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। मेंटेनेंस पर सख्त निर्देश यूपीडा ने स्पष्ट किया है कि टोल-फ्री अवधि के दौरान भी ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। अनुच्छेद 17 सहित कंसेशन एग्रीमेंट के अन्य प्रावधानों के तहत सड़क की गुणवत्ता, सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। विकास, कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जनपदों को जोड़ता है और इसे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। 15 दिन की यह टोल छूट न केवल आमजन को राहत देगी, बल्कि इस मेगा प्रोजेक्ट के प्रति सकारात्मक माहौल भी तैयार करेगी। इस फैसले को प्रदेश सरकार की ‘जनहित प्रथम’ नीति के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ नागरिकों को ‘फील गुड’ कराने को भी प्राथमिकता देती है।

594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे तैयार, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगा

  हरदोई यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक लाख से अधिक किसानों ने इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराई जिससे इसका समय पर निर्माण संभव हो सका। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह से पहले आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, '12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने इस एक्सप्रेसवे के लिए अपनी भूमि दी। मैं उन सभी 'अन्नदाता' किसानों का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग से यह परियोजना साकार हो सकी।' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के लिए हरदोई के मल्लावां में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है और राज्य के 12 जिलों से होकर गुजरता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी गई थी और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया गया, जो राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। उत्तर प्रदेश की रीढ़ साबित होगा गंगा एक्सप्रेसवे सीएम आदित्यनाथ ने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई, जबकि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और 'लॉजिस्टिक्स' केंद्र विकसित करने के लिए करीब 7,000 एकड़ भूमि अलग से चिह्नित की गई है। उन्होंने कहा, 'यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और सड़क संपर्क, कृषि विपणन तथा क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान करते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य को गति देगा।' अधिकारियों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और आवागमन तेज, सुरक्षित व अधिक सुविधाजनक होगा। इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का बुधवार को हरदोई के मल्लावां में उद्घाटन किया। आधिकारिक बयान के अनुसार लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा के समय को वर्तमान 10-12 घंटे से घटाकर लगभग छह घंटे कर देगा। इसमें कहा गया कि गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे पहले, प्रधानमंत्री के हरदोई पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि हरदोई से एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ राज्य की विकास यात्रा को नयी गति मिलेगी।

लखनऊ में सीएम योगी देंगे 936 पुलिस हेड ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र, जानें कार्यक्रम की तारीख

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए मंगलवार का दिन खास रहने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में 936 हेड ऑपरेटर और हेड ऑपरेटर (मैकेनिकल) को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर बताया, "उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी दक्षता और त्वरित संचार की नई शक्ति प्रदान करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण अवसर है। उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को आज नियुक्ति-पत्र प्रदान करने का गौरव प्राप्त होगा।" राज्य सरकार पुलिस भर्ती को लेकर काफी एक्टिव है। अभी पिछले रविवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती वर्ष-2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह में हिस्सा लिया था। इस अवसर पर परेड का निरीक्षण करने के साथ ही विभिन्न श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली आरक्षियों को पुरस्कार का वितरण भी किया गया था। अब 28 अप्रैल को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाला ये कार्यक्रम खास तौर पर पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए है। इसमें चुने गए 936 उम्मीदवारों को सीएम योगी के औपचारिक तौर पर नियुक्ति दी जाएगी। ये पद तकनीकी रूप से काफी अहम माने जाते हैं, क्योंकि आज के समय में पुलिसिंग सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि तेज और मजबूत कम्युनिकेशन सिस्टम पर भी निर्भर करती है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नए भर्ती हुए कर्मियों को संबोधित भी करेंगे और उनसे पूरी ईमानदारी, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाने का आग्रह करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्यक्रम के जरिए सरकार अपनी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया प्रकाश डालेगी कि बिना किसी पक्षपात के योग्य उम्मीदवारों को मौका दिया जा रहा है। साथ ही कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, उन पर भी फोकस रहेगा।