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योगी सरकार ने दिवाली पर राजस्व परिषद के 285 कार्मिकों को दिया पदोन्नति का तोहफा

-206 लेखपाल और 79 संग्रह अमीन बने राजस्व निरीक्षक -समयबद्ध पदोन्नति से बढ़ेगा कार्मिकों का मनोबल, राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता को मिलेगी मजबूती लखनऊ योगी सरकार ने दिवाली के अवसर पर राजस्व परिषद के कार्मिकों को पदोन्नति का तोहफा दिया है। राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश ने विभाग के 285 कार्मिकों को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति प्रदान की है। इनमें 206 लेखपाल और 79 संग्रह अमीन शामिल हैं। इस फैसले से लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे पात्र कार्मिकों को लाभ मिला है। विभागीय कार्यों के संचालन में कार्मिकों के अनुभव और दक्षता का बेहतर उपयोग हो सकेगा परिषद के चेयरमैन बीएल मीणा ने बताया कि राजस्व परिषद की ओर से विभागीय कार्मिकों की पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में पात्रता के आधार पर 285 कार्मिकों को उच्च पद का दायित्व सौंपा गया है। योगी सरकार के इस निर्णय से कार्मिकों का मनोबल बढ़ने के साथ राजस्व विभाग के प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नत होने से विभागीय कार्यों के संचालन में कार्मिकों के अनुभव और दक्षता का बेहतर उपयोग हो सकेगा। राजस्व परिषद की ओर से कार्मिकों के हितों का संरक्षण, पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

दिव्यांगजन के हुनर को बाजार और पहचान दिलाएगी योगी सरकार, 5-6 नवंबर को लगेगा ‘दिव्य दीपावली मेला’

लखनऊ के जवाहर भवन-इंदिरा भवन परिसर में होगा दो दिवसीय मेले का आयोजन दिव्यांग उद्यमियों के हस्तनिर्मित उत्पादों को मिलेगा बाजार दिव्यांगजन को सरकारी योजनाओं का लाभार्थी ही नहीं, आत्मनिर्भर उद्यमी बनाना योगी सरकार का लक्ष्य लखनऊ योगी सरकार दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी प्रतिभा को उचित मंच उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी  क्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से 5 और 6 नवंबर को लखनऊ में ‘दिव्य दीपावली मेला-2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस दो दिवसीय मेले के माध्यम से दिव्यांगजनों के हुनर, रचनात्मकता और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के साथ उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की पहल की गई है। हस्तशिल्प, सजावटी सामान और दीपावली उत्पादों की लगेगी प्रदर्शनी मेले में दिव्यांग उद्यमियों और कारीगरों की ओर से तैयार विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें हस्तशिल्प, सजावटी सामग्री, दीपावली से जुड़े उत्पाद, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य हस्तनिर्मित सामान बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके जरिए दिव्यांगजनों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने और उनकी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। जवाहर भवन-इंदिरा भवन परिसर में आयोजित होने वाला यह मेला सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। मेले में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उत्पादों की खरीदारी कर हुनर को प्रोत्साहित करने की अपील योगी सरकार की मंशा है कि दिव्यांगजन केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी बनकर न रहें, बल्कि अपनी प्रतिभा और कौशल के दम पर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। इसी सोच के तहत उनके हुनर को प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग की ओर से आमजन, सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों, संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों से मेले में पहुंचकर दिव्यांगजनों के उत्पादों की खरीदारी करने की अपील की गई है। इससे उनके रोजगार और आय के अवसरों को बढ़ावा मिलने के साथ आत्मविश्वास भी मजबूत होगा। यह मेला केवल उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों की क्षमता, स्वाभिमान और स्वावलंबन को सम्मान देने का भी माध्यम बनेगा। दीपावली के अवसर पर उनके हाथों से तैयार उत्पादों को खरीदकर आमजन भी आत्मनिर्भरता की इस पहल में सहभागी बन सकते हैं।

‘हार की हताशा अराजकता की राजनीति में बदली’, योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस व इंडी गठबंधन पर करारा प्रहार किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि इनके नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का पूरा अभाव है। जनादेश का अनादर इसी सोच का परिणाम है। हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस व इंडी गठबंधन मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों में हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस और इंडी गठबंधन की हताशा अब अराजकता की राजनीति में बदल गई है। इनके नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का पूरा अभाव है। जनादेश का अनादर इसी सोच का परिणाम है। गोरखपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ आज पदयात्रा करेंगे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अराजकता के विरुद्ध जनजागरण और लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा का संकल्प लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी के साथ गोरखपुर में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में सहभागिता करूंगा। लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है भाजपा मुख्यमंत्री ने एक तरफ कांग्रेस व इंडी गठबंधन की अराजकता पर सवालिया निशान उठाया तो दूसरी तरफ देशवासियों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में हम भारत के महान लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।  

इंडी गठबंधन के नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का अभाव: मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस व इंडी गठबंधन पर करारा प्रहार किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि इनके नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का पूरा अभाव है। जनादेश का अनादर इसी सोच का परिणाम है। हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस व इंडी गठबंधन मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों में हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस और इंडी गठबंधन की हताशा अब अराजकता की राजनीति में बदल गई है। इनके नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का पूरा अभाव है। जनादेश का अनादर इसी सोच का परिणाम है। गोरखपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ आज पदयात्रा करेंगे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अराजकता के विरुद्ध जनजागरण और लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा का संकल्प लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी के साथ गोरखपुर में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में सहभागिता करूंगा। लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है भाजपा मुख्यमंत्री ने एक तरफ कांग्रेस व इंडी गठबंधन की अराजकता पर सवालिया निशान उठाया तो दूसरी तरफ देशवासियों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में हम भारत के महान लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अयोध्या का हर दीप बनेगा उत्तर प्रदेश के विकास का प्रतीक

पीलीभीत में ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ जी की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री कहा – आस्था भारत की सबसे बड़ी ताकत, इसी से एकता के सूत्र में बंधा है देश जहां सकारात्मकता है, वहां श्रद्धा, आस्था, प्रकाश और विकास है, नकारात्मकता से जन्म लेती है अराजकता, विध्वंस और अशांति: सीएम रामराज्य का अर्थ बिना भेदभाव हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचना, नौजवान को नौकरी, किसान को सम्मान निधि और बेटी-व्यापारी को सुरक्षा ही सुशासन: मुख्यमंत्री तुष्टीकरण से आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद बढ़ा, संतुष्टीकरण के भाव से हर व्यक्ति, गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ: सीएम पहले रामभक्तों पर गोलियां चलती थीं, आज पुष्पवर्षा से होता है स्वागत: सीएम योगी पिछली सरकारों ने जहां अयोध्या में समस्याएं दीं, वहीं रामभक्तों की सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान की व्यवस्था की काशी से अयोध्या और विंध्यवासिनी धाम तक धार्मिक स्थलों का हो रहा कायाकल्प: मुख्यमंत्री पीलीभीत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में प्रज्ज्वलित होने वाला एक-एक दीप पूरे उत्तर प्रदेश की समृद्धि और विकास का कारण बनता है। दीपोत्सव में जलने वाले दीप केवल भगवान श्रीराम के आगमन की स्मृति को जीवंत नहीं करते, बल्कि प्रदेश की प्रगति, खुशहाली और उज्ज्वल भविष्य का भी प्रतीक हैं। आस्था भारत की सबसे बड़ी ताकत है। इसी आस्था ने विविधताओं से भरे देश को एकता के सूत्र में बांध रखा है। मुख्यमंत्री मंगलवार को जनपद पीलीभीत के निरानपुर गांव में ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ जी की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना की, विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने पवित्र व्यास पीठ पर विराजमान श्री राम कथा के व्यास पूज्य संत अंजनी शरण जी को वस्त्र और फल भेंटकर सम्मानित किया और श्रद्धापूर्वक रामकथा का श्रवण किया। आस्था ने विविधताओं से भरे भारत को एकता के सूत्र में बांधा मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में करीब 200 देश हैं। सबकी अपनी विशेषताएं, पहचान, चुनौतियां और उपलब्धियां हैं। कहीं हजारों की आबादी है तो कहीं लाखों और करोड़ों में जनसंख्या है। 50 करोड़ से अधिक आबादी वाले देशों में भारत और चीन शामिल हैं। यूरोप एक दिखाई देता है, लेकिन वहां भी अलग-अलग राजनीतिक इकाइयों वाले अनेक देश हैं। इसके विपरीत भारत में उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक रूप-रंग, बोली और भाषा की विविधता होने के बावजूद पूरा देश एक भाव और एक भंगिमा के साथ एकता के सूत्र में बंधा है। इस एकता के पीछे हमारी आस्था है। यही आस्था आज इतनी बड़ी संख्या में लोगों को श्रीराम कथा के आयोजन में एकत्र कर रही है और यही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का वाचन पांच हजार वर्ष पूर्व शुकतीर्थ में हुआ था। इतने लंबे समय बाद भी देश और दुनिया में जहां कहीं सनातन धर्मावलंबी रहते हैं, वहां उसी श्रद्धा और पवित्र भाव से हजारों-लाखों लोग कथा श्रवण के लिए जुटते हैं। श्रीराम कथा के आयोजन के पीछे भी हजारों वर्षों की परंपरा है। शारदीय नवरात्र के बाद गांव-गांव में रामलीलाओं का आयोजन होता है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने गुलामी के कालखंड में जिस रामलीला परंपरा को आगे बढ़ाया, वह आज भी उसी उत्साह से जारी है। गांव के कलाकार इसमें भागीदारी करते हैं। पंडित राधेश्याम रामायणी के रामलीला संवादों ने इस परंपरा को नई ऊंचाई दी। मांगलिक और शुभ कार्यों में अखंड रामायण का पाठ भी हमारी इसी आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। पांच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में साकार हुआ राम मंदिर का संकल्प मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच सौ वर्षों तक रामजन्मभूमि की मुक्ति के लिए आस्था बिना रुके, बिना डिगे और बिना पीछे हटे संघर्ष करती रही। अंततः जब पूरा भारत एक स्वर में खड़ा हुआ तो अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने दो नवंबर 1990 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दिन अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं और सैकड़ों रामभक्त घायल हुए थे। उस समय अयोध्या में जय श्रीराम बोलने और रामभक्तों के आने तक पर प्रतिबंध था। बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। संकरी गलियां, गंदगी, खराब सड़कें और अव्यवस्थाएं थीं। अयोध्या वायु सेवा से नहीं जुड़ी थी और रेलवे की सिंगल लाइन थी। उन्होंने कहा कि कल अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियों की बैठक के लिए जाने के दौरान उन्होंने वहां का बदला हुआ स्वरूप देखा। प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। पर्व और त्योहारों पर यह संख्या पांच लाख से लेकर 50 लाख तक पहुंच जाती है। आज अयोध्या में चारों दिशाओं से चार लेन की सड़कें, बेहतर रेल सुविधाएं और हवाई सेवा उपलब्ध है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। पिछली सरकारों ने जहां समस्याएं दीं, वहीं रामभक्तों की सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि पहले रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां चलती थीं, आज उन पर पुष्पवर्षा होती है। पहले सवाल था कि रामलला टेंट से कब निकलेंगे, आज भव्य मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। सकारात्मकता से आती है श्रद्धा और आस्था, यहीं से खुलता है विकास का मार्ग मुख्यमंत्री ने कहा कि रामकथा का वास्तविक उद्देश्य केवल श्रवण करना नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है। मंदिर जाने और धार्मिक आयोजनों से जुड़ने का उद्देश्य मन की नकारात्मकता को समाप्त करना है। शास्त्रों में कहा गया है- श्रद्धावान लभते ज्ञानम्। श्रद्धा और आस्था से ही ज्ञान प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि जहां नकारात्मकता होती है, वहां अराजकता, विध्वंस, अव्यवस्था, अशांति और असंतोष पैदा होता है। इसके विपरीत सकारात्मकता के साथ श्रद्धा, आस्था और प्रकाश आता है। यही सकारात्मक भाव विकास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है तथा लोगों के जीवन में खुशहाली लाता है। बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ मिलना ही रामराज्य की वास्तविक अवधारणा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत एक नए स्वरूप में आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2017 से पहले जो धन इधर-उधर बर्बाद होता था, … Read more

मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा से लेकर असम तक जुटेंगे कलाकार, जनजातीय उत्सव में दिखेगी देश की सांस्कृतिक विविधता

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में 23 से 26 नवंबर तक जनजातीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और पारंपरिक हुनर का राष्ट्रीय संगम देखने को मिलेगा। लोकनायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग) की ओर से 'राष्ट्रीय जनजातीय भागीदारी उत्सव' का आयोजन किया जाएगा। यूपी दर्शन पार्क, गोमती नगर में होने वाले इस चार दिवसीय आयोजन में देश के 16 राज्यों के 500 से अधिक कलाकार प्रस्तुतियों के जरिए जनजातीय जीवन और संस्कृति की विविधता से लोगों को परिचित कराएंगे। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, समाज कल्याण विभाग, जनजाति विकास विभाग और पर्यटन निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। इस आयोजन में मेजबान उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, त्रिपुरा, असम, छत्तीसगढ़ और हरियाणा के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।  इन राज्यों के सांस्कृतिक दल लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों की जनजातीय विरासत को मंच पर लाएंगे। अन्य राज्यों के कलाकारों को आमंत्रित करने के लिए उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के माध्यम से भी प्रयास किए जाएंगे। विलुप्त होती लोक विधाएं होंगी महोत्सव का मुख्य आकर्षण इस उत्सव में जनजातीय कलाकारों के साथ घुमंतू समुदायों की पारंपरिक कलाओं को भी विशेष स्थान दिया जाएगा। इसमें बीन वादन, जादू, कठपुतली, बहुरूपिया और नट-नटी की प्रस्तुतियां होंगी। लोकनायक भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और योगदान पर आधारित रंगोली के साथ नाटक भी आयोजित किए जाएंगे। विलुप्त होती लोक विधाओं को इस आयोजन का मुख्य आकर्षण बनाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी इन पारंपरिक कलाओं से परिचित हो सके। इसके जरिए उन कलाकारों और समुदायों को भी मंच मिलेगा, जो लंबे समय से इन लोक विधाओं को सहेजने और आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। शिल्प मेले का भी होगा आयोजन इसमें शिल्प मेले का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें 150 से अधिक शिल्पकार अपनी कला और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। मेले में जनजातीय व्यंजनों, हस्तशिल्प, पारंपरिक आभूषणों और जनजातीय वाद्ययंत्रों की दुकानें लगाई जाएंगी। इसके साथ जनजातीय चित्रकला और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी तथा कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी। मूंज और गेहूं के डंठल से उपयोगी और सजावटी सामग्री बनाने का प्रदर्शन किया जाएगा। जनजातीय जीवन और परंपराओं को करीब से समझाने के लिए आयोजन स्थल पर ग्रामीण परिवेश भी तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित पुस्तकों की बिक्री की व्यवस्था भी होगी। मध्य प्रदेश होगा थीम स्टेट, विदेशी कलाकार भी देंगे प्रस्तुतियां इस बार जनजातीय भागीदारी उत्सव में मध्य प्रदेश को थीम स्टेट के रूप में शामिल किया गया है। इसके तहत वहां की जनजातीय कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में विदेशी कलाकार भी प्रतिभाग करेंगे, जिससे अलग-अलग देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखने का अवसर मिलेगा। विभिन्न राज्यों के कलाकारों के साथ विदेशी सांस्कृतिक समूहों की भागीदारी से महोत्सव में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि जनजातीय भागीदारी उत्सव को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और युवाओं को जनजातीय संस्कृति से जोड़ने के लिए स्थानीय विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। विद्यार्थियों को लोककलाओं, जनजातीय शिल्प, पारंपरिक खानपान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इसमें संगोष्ठी, चित्रकला प्रदर्शनी और हस्तशिल्प कार्यशालाओं के माध्यम से जनजातीय समाज के इतिहास, परंपराओं और हुनर पर चर्चा की जाएगी। चार दिवसीय आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लेकर शिल्प और खानपान तक जनजातीय जीवन के विभिन्न पक्षों को एक ही मंच पर लाने की तैयारी है।

अयोध्या के दीपोत्सव पर CM योगी का बड़ा संदेश, बोले- आस्था के साथ आर्थिकी को भी मिल रही नई ऊर्जा

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रभु श्रीराम की नगरी में आगमन से पहले सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर दीपोत्सव की महत्ता पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने लिखा कि श्री अयोध्या धाम का भव्य दीपोत्सव आस्था के साथ आर्थिकी को भी नई ऊर्जा दे रहा है। यहां प्रज्ज्वलित हर दीप किसी कुम्हार के श्रम, किसी किसान की उपज और किसी परिवार की आजीविका को नया प्रकाश दे रहा है। 2017 से पहले नहीं था यह प्रकाश मुख्यमंत्री ने लिखा कि वर्ष 2017 के पूर्व यह प्रकाश नहीं था। राम नगरी की अपार सांस्कृतिक संभावनाओं को स्थानीय कारीगरों, किसानों और छोटे व्यापारियों की समृद्धि से जोड़ने की कोई पहल नहीं की गई। तब आस्था के सामर्थ्य को आजीविका के नए अवसरों में बदलने की सोच का पूर्णतः अभाव था। दीप से जागती है श्रमशील परिवार के घर में खुशहाली की उम्मीद मुख्यमंत्री ने लिखा कि डबल इंजन सरकार ने इस अंधकार को दूर किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में लाखों दीपों से आलोकित होने वाला भव्य दीपोत्सव आज कुम्हारों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के लिए काम एवं कारोबार के नए अवसर सृजित कर रहा है। जिस दीये से राम नगरी जगमगाती है, उसी से किसी श्रमशील परिवार के घर में खुशहाली की उम्मीद भी जागती है, ऐसा है अपना दीपोत्सव।  

जबरन कब्जा करने वाली माफिया प्रवृत्ति की पार्टी है सपा : सीएम योगी

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को नगरीय जीवन सुगमता के लिए 880 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए 2017 से पहले की सपा पर विकास बाधित करने और माफिया संस्कृति को प्रश्रय देने के लिए निशाना साधा। उन्होंने हमलावर शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी माफिया प्रवृत्ति की पार्टी है। जैसे कुत्ते की पूंछ सीधी नहीं हो सकती, वैसे ही समाजवादी पार्टी के लोग कभी सीधे नहीं हो सकते हैं। जब भी मौका मिला, जमीन पर जबरन कब्जा करना इन लोगों की प्रवृत्ति है। सीएम योगी रविवार शाम 495.24 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण और 92.72 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना के दूसरे चरण का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 721.40 करोड़ रुपये की लागत वाली गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए-3 और गोड़धोइया नाला के किनारे 65.93 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़क का भी शिलान्यास किया। समारोह में मुख्यमंत्री ने सपा शासन की कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि जेल रोड पर गोरखपुर के एक प्रतिष्ठित परिवार की दो हवेलियां हुआ करती थीं। सपा सरकार के समय उस पर एक बार जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया। उस समय विरोध किया गया और उस रईस परिवार ने सपा के माफिया से जमीन बचाने के लिए अपनी दोनों हवेलियों को रात्रि भर में गिरा दिया। मुख्यमंत्री ने एक अन्य घटना सुनाते हुए कहा, ‘इसी तरह आर्यनगर में भी एक माफिया ने एक प्रतिष्ठित परिवार की हवेली को कब्जा करने का प्रयास किया तो बतौर सांसद मैं स्वयं मौके पर गया था। मैंने पब्लिक से वहां पर कहा था इन गुंडों को पकड़-पकड़ के मारो।’ जमीन कब्जा करने का दुस्साहस अब किसी में नहीं सीएम योगी ने 2017 के बाद कानून व्यवस्था में आए अभूतपूर्व बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि आज कोई किसी गरीब, व्यापारी या सम्मानित नागरिक की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने का दुस्साहस नहीं कर सकता। ऐसा करने से पहले वह दस बार सोचेगा। कब्जा करने का मतलब उसको मालूम है कि अगले ही पल उसका क्या हिसाब होने वाला है। जबकि 2017 के पहले यह स्थिति नहीं थी। असुरक्षा का वातावरण था, बेटी स्कूल नहीं जा पाती थी, व्यापारी सुरक्षित माहौल में व्यापार करने की स्थिति में नहीं था। कहीं भी सुरक्षा की स्थिति नहीं थी और जब सुरक्षा नहीं थी तो कोई निवेश भी नहीं करता था। जबकि आज गोरखपुर में किसी गरीब की, किसी व्यापारी की, किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति की जमीन या मकान पर कोई कब्जा करने का दुस्साहस नहीं कर सकता है। कोई किसी युवा के जीवन के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता है। अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति सीएम ने कहा कि आज किसी राह चलती बेटी के साथ छेड़खानी करने का दुस्साहस कोई नहीं कर सकता है। अगर किसी ने किया तो उसे जेल या जहन्नुम में से किसी एक रास्ते पर जाना होगा। उन्होंने कहा कि जो समाज अपनी बेटियों और बहनों को सुरक्षा न दे सके, उसके लिए इससे ज्यादा नारकीय स्थिति दूसरी नहीं हो सकती। इसीलिए सरकार ने अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकार में अन्य समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि आवागमन के माध्यम नहीं थे, गड्ढों में हमारे शहर की सड़कें खो चुकी थीं। एक बरसात आती थी तो गोरखपुर के अंदर भीषण जलजमाव होता था। जबकि आज गोरखपुर में जलजमाव नहीं है। आज से 10 वर्ष पहले गोरखपुर में चलने का मतलब केंचुए की चाल, रेंगते हुए चलना। जाम, गंदगी, बरसात में भीषण जलजमाव और माफिया तथा मच्छर का अलग से आतंक। मच्छर व माफिया से मुक्त शहर में तेजी से दौड़ता है विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण के साथ ही गोरखपुर में मच्छर और माफिया को समाप्त करने की पहली परियोजना को भी पूर्ण कर दिया गया है। जब कोई शहर मच्छर और माफिया मुक्त होता है तो वहां विकास तेजी के साथ दौड़ता है। गोरखपुर में यही दौड़ने वाला विकास नजर आ रहा है। 2017 के पहले थी बीमारू मानसिकता की सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले बीमारू मानसिकता की सरकार होने के कारण गंदगी, जलजमाव, अशुद्ध पेयजल के कारण इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू और तमाम प्रकार की अन्य जलजनित बीमारियों से हजारों बच्चे असमय बीमार और काल कवलित होते थे। इन समस्याओं के समाधान का जो माध्यम निकाला गया आज वह गोड़धोइया नाले के व्यवस्थित कायाकल्प से सबके सामने है। इस परियोजना में अवैध कब्जे को हटाया गया लेकिन पहले से बने हुए मकानों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। अब बाहर के लोग रोजगार के लिए आते हैं गोरखपुर मुख्यमंत्री ने शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग व रोजगार के क्षेत्र में गोरखपुर के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि पहले यहां का युवा नौकरी-रोजगार के लिए गोरखपुर के बाहर जाता था। जबकि आज बाहर का व्यक्ति भी गोरखपुर में नौकरी-रोजगार के लिए आ रहा है। यहां नए-नए उद्योग लग रहे हैं। 10 वर्ष में 50 हजार नौजवानों को यहां नौकरी व रोजगार मिला है। सीएम ने कहा कि ऐसा इसलिए कि गोरखपुर में सुरक्षा है, स्वच्छता है, विकास है। विभिन्न प्रकार की योजनाओं के माध्यम से हम लोगों ने गोरखपुर को एक नई पहचान दी है। अब हम कह सकते हैं जैसे नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है, तो नए उत्तर प्रदेश का नया गोरखपुर भी अब तैयार है।   17 वार्डों की जलनिकासी की समस्या का समाधान मुख्यमंत्री ने कहा कि गोड़धोइया नाला परियोजना से गोरखपुर के 17 वार्डों की जलनिकासी की समस्या का समाधान हुआ है। पहले चरण में करीब 500 करोड़ की योजना से लगभग 7 किलोमीटर 750 मीटर लंबे इस आरसीसी नाले का निर्माण हुआ है। साथ ही 17.5 किलोमीटर की इंटरसेप्टिंग ट्रंक सीवर लाइन, 38 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और 61 एमएलडी मेन पम्पिंग स्टेशन, 14 ब्रिज/कल्वर्ट के कार्य को पूरा किया जा चुका है। दूसरे चरण में करीब 794 करोड़ की लागत से नाले के कैचमेंट एरिया से जुड़े हुए वार्डों में 342 किलोमीटर सीवर लाइन, लगभग 45,000 सीवर कनेक्शन और इससे जुड़े हुए दो इंटरमीडिएट पम्पिंग स्टेशन, 27 … Read more

सीएम योगी सोमवार को गोंडा में 520 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार (02 नवंबर) को गोंडा जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान सीएम योगी मनकापुर और गौरा विधानसभा क्षेत्रों के लिए 520 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कुल 69 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन विकास खंड छपिया की ग्राम पंचायत तेजपुर में होगा। इस अवसर पर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और चेक भी वितरित किए जाएंगे। मनकापुर और गौरा को करोड़ों की सौगात गोंडा की मनकापुर विधानसभा क्षेत्र में 94 करोड़ रुपये की लागत से 9 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 160 करोड़ रुपये से अधिक की 20 परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। वहीं गौरा विधानसभा क्षेत्र में 53 करोड़ रुपये से अधिक की 19 परियोजनाओं का लोकार्पण और 213 करोड़ रुपये से अधिक की 21 परियोजनाओं का शिलान्यास होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह, एमएलसी अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह, विधायक रमापति शास्त्री, प्रभात कुमार वर्मा, विनय कुमार द्विवेदी, प्रतीक भूषण सिंह, प्रेम नारायण पाण्डेय, बावन सिंह और अजय सिंह, प्रशासक, जिला पंचायत घनश्याम मिश्र सहित कई गणमान्य मौजूद रहेंगे।

अयोध्या की बदली तस्वीर पर CM योगी का पोस्ट, रामपथ से एयरपोर्ट तक गिनाईं विकास की उपलब्धियां

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों को अयोध्या की प्राचीन व नवीन तस्वीर से अवगत कराया। उन्होंने अयोध्या को लेकर पूर्ववर्ती सरकार को आईना दिखाया तो अपनी सरकार में किए गए कार्यों का उल्लेख भी किया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि अयोध्या सभ्यता की जन्मभूमि, संस्कृति की प्राणधारा और आस्था की शाश्वत ज्योति है, किंतु वर्ष 2017 से पहले यह दिव्य नगरी उपेक्षा, अव्यवस्था और तुष्टीकरण का तेजाबी दंश सहने के लिए विवश थी। श्रद्धालुओं की यात्रा कठिन, नगर की व्यवस्थाएं जर्जर और स्थानीय परिवारों की संभावनाएं सीमित थीं। अयोध्यावासियों के घर-आंगन तक पहुंच रहा परिवर्तन का प्रकाश मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या जी की प्राचीन गरिमा को आधुनिक विकास का नया विस्तार मिला है। भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से लेकर रामपथ, धर्मपथ, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आधुनिक रेलवे स्टेशन तक, हर निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा एवं राम नगरी के गौरव से जुड़ा है। इस परिवर्तन का प्रकाश अयोध्या वासियों के घर-आंगन तक पहुंच रहा है। बढ़ता पर्यटन व्यापार को संबल दे रहा है, नए अवसर युवाओं को रोजगार से जोड़ रहे हैं और स्थानीय परिवार समृद्धि की नई आशाएं संजो रहे हैं। विरासत के साथ प्रगति का नया अध्याय लिख रही प्रभु श्रीराम की प्राणप्रिय नगरी मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी विकास की प्रतीक्षा करती अयोध्या आज अपनी विरासत के साथ प्रगति का नया अध्याय लिख रही है। असंख्य सनातनियों की आस्था, अस्मिता और आराधना का यह केंद्र आज 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को साकार करते हुए सांस्कृतिक चेतना और समृद्धि का उज्ज्वल प्रतीक बन गया है।