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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुल्तानपुर को दी ₹819 करोड़ से अधिक की 99 विकास परियोजनाओं की सौगात

सुल्तानपुर  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम और राम जन्मभूमि मंदिर को लेकर विपक्ष के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रामभक्तों के सहयोग से प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनना समाजवादी पार्टी व कांग्रेस से सहन नहीं हो रहा है। रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले और बाबरी ढांचे के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले आस्था पर उपदेश दे रहे हैं। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बावजूद अयोध्या को टारगेट किया जा रहा है। ये लोग चाहते हैं कि वक्फ के नाम पर लूट मची रहे और वे मंदिरों को बदनाम करते रहें। यह दोहरा चरित्र जनता को स्वीकार नहीं। मुख्यमंत्री मंगलवार को जनपद सुल्तानपुर में ₹819 करोड़ से अधिक लागत वाली 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सुल्तानपुर व इसौली विधानसभा क्षेत्रों समेत पूरे जनपद के नागरिकों को इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। रामायण कालीन स्मृतियों से जुड़ी सुल्तानपुर की पावन धरा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का नया उत्तर प्रदेश 'विरासत और विकास' के अद्भुत समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और भारी बारिश के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में जनता का उमड़ना इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास की राजनीति के साथ मजबूती से खड़े हैं। राम जन्मभूमि को बदनाम करने का प्रयास सीएम ने कहा कि अयोध्या में एक घटना घटित हुई। ट्रस्ट के विनम्र अनुरोध पर एसआईटी गठित की गई। जब तक यह नहीं गठित हुई थी, सपा-कांग्रेस व अन्य सेक्युलर दल इसकी मांग करते थे। एसआईटी की रिपोर्ट पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, लेकिन सपा-कांग्रेस ने पावन धाम आयोध्या को बदमान करने की मुहिम चला रखी है। राम जन्मभूमि को बदमान करने और आस्था पर प्रहार करने का कार्य किया जा रहा है। सपा के लोग कह रहे हैं कि अयोध्या की घटना से आस्था आहत हुई है। जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाई हों, वे किस मुंह से आस्था की बात करते हैं? तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार सीएम ने तुष्टिकरण की राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा-कांग्रेस ने वक्फ कानून का विरोध किया, नागरिकता कानून का विरोध किया। ये लोग विकास का पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के निर्माण में खर्च करते थे, जबकि आज वही पैसा बथुआ धाम (बिजेथुआ महावीरन धाम) जैसे पवित्र मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विकास पर खर्च हो रहा है। पहले 'चाचा-भतीजे' की जोड़ी युवाओं की नियुक्तियों और जमीनों पर डकैती डालती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने बिना भेदभाव पूरी पारदर्शिता के साथ 9 वर्षों में 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरियां दी हैं। गत वर्ष पुलिस भर्ती में सुल्तानपुर के भी सैकड़ों युवाओं को भी नौकरी मिली है। माफिया राज बनाम मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कोई भी सार्वजनिक जमीन दिखने पर सपा का गुंडा पार्टी का झंडा लगाकर कब्जा कर लेता था। हमारी सरकार आई तो गुंडों के कब्जे से 64 हजार एकड़ जमीन खाली कराई गई। पिछली सरकार हर जनपद में एक माफिया और हर थाना क्षेत्र में गुंडा पालती थी, जो गरीबों, व्यापारियों और बेटियों को प्रताड़ित करते थे। लेकिन हमारी डबल इंजन सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज दे रही है। सुल्तानपुर में अब अपना मेडिकल कॉलेज संचालित हो चुका है और आज यहां नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए शिलान्यास भी किया गया है, जो बेटियों के लिए शत-प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी बनेगा।   शानदार कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल क्लस्टर 2017 से पहले की बदहाल कानून-व्यवस्था और ठप पड़े विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सुल्तानपुर बेहतरीन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, अयोध्या फोर-लेन, और प्रयागराज-वाराणसी मार्गों के सुदृढ़ीकरण से सुल्तानपुर की दूरी अब अयोध्या एयरपोर्ट से मात्र 45 मिनट और लखनऊ-प्रयागराज से महज डेढ़ घंटे की रह गई है। इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय नौजवानों को उनके गृह जनपद में ही रोजगार और नौकरी के पर्याप्त अवसर मिलेंगे।     खेल और युवा शक्ति को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि ओलंपिक में मेडल जीतने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल को सीधे डिप्टी एसपी पद पर नियुक्त किया गया है। राज्य में इंडोर स्टेडियम, ग्रामीण स्टेडियम और खेल के मैदानों का निर्माण कर युवाओं को एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया जा रहा है।   डबल इंजन सरकार ही करेगी विकास मुख्यमंत्री ने इसौली विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां डबल इंजन सरकार का प्रतिनिधि नहीं है, वहां विकास कार्यों में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। उन्होंने सुल्तानपुर की जनता से आह्वान किया कि सुरक्षित, समृद्ध और सुशासन युक्त व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर अपना आशीर्वाद और विश्वास इसी तरह बनाए रखें। इस सरकार ने बेटी-बहन, व्यापारी, आम नागरिक सबको समान सुरक्षा उपलब्ध कराई है। सुरक्षा का वातावरण बना तो निवेश आया, विकास के काम हुए, रेलवे लाइन-फ्लाइओवर बने। हाईवे, ब्रिज, फोर-सिक्स लेन सड़कें व बाईपास आदि बन रहे हैं। मासूम बच्ची ने छुए सीएम के पैर कार्यक्रम की शुरूआत में सीएम ने महिलाओं को पोषण पोटली दी और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। इस दौरान मां के साथ मौजूद एक बच्ची ने सीएम के हाथ से चॉकलेट मिलने पर उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। सीएम ने यहां आयोजित प्रदर्शनी में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, निषाद राज वोट सब्सिडी योजना समेत कई स्टॉल्स पर जाकर जानकारी ली। उन्होंने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर मौजूद छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्हें चॉकलेट व स्कूल बैग किट भी प्रदान की। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव, विधायक विनोद सिंह, राज प्रसाद उपाध्याय, सीताराम वर्मा, राजेश गौतम, सुरेश पासी, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल, पूर्व मंत्री ओम प्रकाश पांडेय, भाजपा जिला अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अयोध्या मामले में योगी बोले, सपा-कांग्रेस के मुंह पर फेविकोल क्यों

लखनऊ मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अयोध्‍या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सवाल उठाने पर सपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। प्रतापगढ़ में राम मंदिर को लेकर सपा और कांग्रेस पर सीएम योगी खूब बरसे। योगी ने कहा कि कांग्रेस और सपा ने एक घटना को बढ़ाकर हिंदुओं को अपमानित कर आस्था के साथ खिलवाड़ किया। योगी ने कहा कि वक्फ के नाम पर देश-प्रदेश में हजारों हेक्टेयर जमीन बेची गई, एक भी बार सपा-कांग्रेस नहीं बोली। अयोध्या में एसआईटी ने जांच की, प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने कार्रवाई की। लेकिन वक्फ के नाम पर सपा-कांग्रेस के लोगों के मुंह पर फेविकोल क्यों लग जाता है। मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ जिले के सदर और विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्रों में 384 करोड़ की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सपा और कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि अयोध्या के मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है, मगर वक्फ के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस के लोगों के मुंह पर 'फेविकोल' क्यों लग जाता है। आदित्यनाथ ने कहा कि राम के अस्तित्व को नकारने वाले, अयोध्या में राम भक्तों पर गोली चलाने वाले और हिंदू विरासत से जुड़े धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार से संबंधित रकम को कब्रिस्तान की चहारदीवारी पर खर्च करने वाले लोग अयोध्या के प्रति कब से आस्थावान हो गए? उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों के लोगों को राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि अब तो इन सपाइयों से और कांग्रेसियों से गिरगिट भी शरमा रहा होगा कि भाई देखो कम से कम एक नई प्रजाति आ गई है जो हमसे ज्यादा तेजी से रंग बदलती है। हर जागरूक नागरिक को सपा और कांग्रेस से यह प्रश्न करने चाहिए उन्होंने कहा कि जब सपा और कांग्रेस के लोग अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां और लाठी चलवाते थे, भगवान राम और कृष्ण को काल्पनिक कहते थे, कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करते थे, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन पर रोक लगाते थे, दुर्गा पूर्जा पंडालों पर रोक लगाते थे और अवैध बूचड़खानों में गौमाता की हत्या करवाते थे, क्या तब हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जागरूक नागरिक को सपा और कांग्रेस से यह प्रश्न करने चाहिये। राम का दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर खड़ा है, यही समाजवादी पार्टी की पीड़ा योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां पर वे बाबरी का 'गुलामी का ढांचा' (स्पष्ट रूप से मुगल शासन के संदर्भ में)देखना चाहते थे, आज आप सबके पुरुषार्थ से वहां भगवान राम का दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर खड़ा है, यही समाजवादी पार्टी की पीड़ा है।  

योगी का चुनावी मोड, मंत्रियों और विधायकों को विकास योजनाओं पर फोकस करने की हिदायत

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में अगले छह महीने में विधानसभा चुनाव होना है। इससे पहले योगी सरकार चुनावी मोड में आ गई हैं। सीएम योगी ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिपरिषद की बैठक ली। मंत्रियों को शासन की योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े लोगों और जरूरतमंदों तक पहुंचाने का निर्देश दिया। इसके बाद विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक करके पौधरोपण महाभियान-2026' के लिए निर्देश दिया। कहा कि दो दिनों के अंदर अपने-अपने इलाके में अधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय संस्थाओं के साथ बैठक करके स्थान तय करें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता हमारा परिवार है। प्रदेश सरकार द्वारा अन्तिम पायदान पर खड़े समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रत्येक जरुरतमन्द तक आवश्यक सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जाए। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी रहे मौजूद मुख्यमंत्री सोमवार को यहां अपने सरकारी आवास पर मंत्रिमण्डल के सदस्यों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि राज्य का चहुंमुखी विकास प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लेते रहें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्रत्येक मुद्दे पर विचार-विमर्श करते हुए गांवों तथा कस्बों में विद्यालयों, अस्पतालों आदि की स्थिति और वहां प्रदान की जा रही जनसुविधाओं की पड़ताल करें। प्रत्येक जनपद के महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद बनायें। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत रोड कटिंग से जुड़े मामलों का तय समय में निस्तारण किया जाना चाहिए। अभिभावकों के साथ बैठक करें मंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनीफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे आदि प्रदान कर रही है। मंत्री इन स्कूलों में जाकर अभिभावकों के साथ बैठक करें। बच्चों के रिपोर्ट कार्ड देखते हुए स्कूलों में प्रदान की जा रही अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 जुलाई को वाराणसी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ किया जाएगा। इस योजना से बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक आदि तथा उनके परिवार के सदस्य पांच लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर प्राप्त कर सकेंगे। जनपद स्तर पर मंत्री तथा प्रत्येक विधान सभा स्तर पर विधायक इस कार्यक्रम को सम्पन्न कराएंगे। 12 जुलाई को वृक्षारोपण अभियान मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 जुलाई को प्रदेश में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान संचालित किया जाएगा। इस वृक्षारोपण महाअभियान के पश्चात प्रदेश 275 करोड़ पौधे रोपित करने का रिकार्ड बनाने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सकारात्मक प्रयासों से प्रदेश की आधी आबादी राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रही है। जनपद सिद्धार्थनगर की एक महिला उद्यमी ने मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ उठाकर दो वर्षों में छह लाख रुपये की आमदनी प्राप्त की है। वह अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनी हैं। कोविड कालखण्ड में आशा वर्करों ने अच्छा कार्य किया है, उनका मानदेय बढ़ाने की आवश्यकता है। दो दिनों में बैठक करें विधायक और सभी जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री ने पौधे लगाने और उसकी सुरक्षा पर भी ध्यान देने की अपील की है। सोमवार को 'पौधरोपण महाभियान-2026' को लेकर जनप्रतिनिधियों से वर्चुअली संवाद के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अगले दो दिनों में अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय संस्थाओं के साथ बैठक कर वृक्षारोपण स्थलों का चयन करें तथा पौधों की आवश्यकता का प्रस्ताव जिला प्रशासन एवं वन विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते सभी तैयारियां पूरी की जा सकें। इस संवाद में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौर, जिला पंचायत अध्य़क्षों, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत के अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, निवर्तमान ग्राम प्रधानों, पंचायत सदस्यों, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतों के पार्षद भी जुड़े। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, संगठनों और नागरिकों से इसमें बढ़-चढ़कर सहभागिता का आह्वान किया।

CM योगी आदित्यनाथ का प्रयागराज से संदेश, कहा- श्रीराम भारत की आत्मा के मूल स्रोत, सनातन हमारी पहचान

 लखनऊ एक तरफ राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक जारी है. दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और श्रीराम भारत की आत्मा के मूल स्रोत हैं।  उन्होंने कहा कि राम का मतलब राष्ट्र है. वह भारत की आत्मा के स्रोत हैं. सीएम योगी ने कहा कि आज जो भव्य अयोध्या और श्रीराम मंदिर देश देख रहा है, वह अशोक सिंघल के संकल्प और सपने का परिणाम है. 1980 और 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान पूरे देश में एक ही नारा गूंजता था- रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।  सीएम योगी ने कहा कि उस समय एक और नारा युवाओं में जोश भरता था कि मंदिर के काम न आए, ये जवानी बेकार है. उन्होंने कहा कि उस दौर के युवाओं ने अशोक सिंघल के नेतृत्व में पूरे देश में राम मंदिर आंदोलन का शंखनाद किया. राम मंदिर आंदोलन ने राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दी।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौका एकता रेस को झंडी दिखाई  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार दोपहर बाद लगभग तीन बजे प्रयागराज पहुंचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व जनपद के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी हैं। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर संगम के पास परेड मैदान में उतरा। परेड मैदान से मुख्यमंत्री का काफिला यमुना बैंक रोड स्थित नवनिर्मित प्रेरणा पार्क पहुंचे। वहां जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी तथा विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इसके बाद नौका एकता रेस को हरी झंडी दिखाई। वह जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां से वह प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में लोक निर्माण विभाग के तीन जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़ व कौशांबी में कराए गए कार्यों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री शाम लगभग छह बजे लखनऊ के लिए रवाना होंगे।  

यूपी में खेल संस्कृति को नई रफ्तार, सीएम योगी ने उपलब्धियों और योजनाओं को किया साझा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के नाम पाती लिखी है, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश की बदलती खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को साझा किया है। मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा है कि मैदान की मिट्टी जीत-हार नहीं, बल्कि उठना सिखाती है। उत्तर प्रदेश अब विकास के साथ-साथ खेलों में भी नंबर-1 बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत से देश-विदेश में यूपी का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि चैंपियन एक दिन में नहीं बनते और खेल संस्कृति भी रातों-रात नहीं विकसित होती। खेल अनुशासन, समर्पण, सकारात्मक सोच और टीम भावना का सबसे बड़ा माध्यम है। यह खेल भावना जीवन में सफलता और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का आधार बनेगी। सीएम ने अपील की है कि बच्चों की खेल प्रतिभा को कभी न रोकें, क्योंकि खेल नशे जैसी बुराइयों से बचाने की सबसे बड़ी ताकत है। पाती के माध्यम से सीएम ने बताया कि प्रदेश में खिलाड़ियों के कौशल विकास और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष फोकस है। हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। हर जनपद में आधुनिक स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तैयार है। सीएम योगी ने एलान किया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और सरकारी नौकरी मिलेगी।

नवीन परिसर बनेगा आईएएस, पीसीएस समेत विभिन्न सेवाओं के अधिकारियों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र

लखनऊ उत्तर प्रदेश में सुशासन को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह तथा भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में योगी सरकार शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण संस्थागत उपलब्धि जोड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 3 जुलाई को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के अत्याधुनिक नवीन परिसर का लोकार्पण करेंगे।  लगभग ₹464 करोड़ से अधिक की लागत से 22.5 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित यह परिसर प्रदेश की सात दशक से अधिक पुरानी प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक अधोसंरचना, उन्नत तकनीक और वैश्विक प्रशिक्षण मानकों से जोड़ते हुए नई दिशा देगा। आईएएस, पीसीएस समेत विभिन्न सेवाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण तथा नेतृत्व विकास का यह केंद्र भविष्य की प्रशासनिक चुनौतियों के अनुरूप उत्तर प्रदेश की शासन व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 75 वर्षों की प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था को मिलेगा आधुनिक स्वरूप उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था की शुरुआत वर्ष 1951 में ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल (ओटीएस) से हुई थी। पिछले सात दशकों से अधिक समय में इस संस्थान ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस), न्यायिक सेवा, राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित ग्रुप 'ए' एवं ग्रुप 'बी' अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बदलते समय में शासन की चुनौतियों और प्रशासनिक दायित्वों के विस्तार को देखते हुए इस ऐतिहासिक संस्था को अत्याधुनिक प्रशिक्षण अवसंरचना से सशक्त किया गया है, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशासनिक नेतृत्व तैयार किया जा सके। प्रशिक्षण और प्रशासनिक उत्कृष्टता का केंद्र बनेगा नया परिसर नई प्रशिक्षण अधोसंरचना का उद्देश्य अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को अधिक दक्ष, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाना है। यहां आईएएस, पीसीएस, न्यायिक सेवा, राज्य सेवाओं तथा विभिन्न विभागों में चयनित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के फाउंडेशन, इंडक्शन और मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही नेतृत्व विकास, नीति क्रियान्वयन, डिजिटल गवर्नेंस, परियोजना प्रबंधन, नवाचार, आपदा प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन और जनसेवा जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे बदलती प्रशासनिक चुनौतियों के अनुरूप अधिकारियों की निर्णय क्षमता और कार्यकुशलता को नई मजबूती मिलेगी। प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी को मिलेगी नई ऊर्जा यह परिसर केवल एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं होगा, बल्कि प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी के सतत क्षमता निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित अधिकारियों के अलावा विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पुनर्प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और विषय-विशेष प्रशिक्षण की भी यहां व्यापक व्यवस्था होगी। मिशन कर्मयोगी के तहत क्षमता निर्माण, सतत अधिगम और व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने वाले कार्यक्रमों को भी इससे नई गति मिलेगी। इससे शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित और उत्तरदायी प्रशासनिक तंत्र तैयार करने में सहायता मिलेगी। विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित होगा परिसर नवीन परिसर में एक साथ 300 आवासीय तथा 900 गैर-आवासीय, यानी कुल 1,200 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था विकसित की गई है। परिसर में 13 अत्याधुनिक प्रशिक्षण कक्ष, 300 सीटों का प्रेक्षागृह, दो बहुउद्देशीय हॉल, 300 क्षमता का छात्रावास, डिजिटल लर्निंग सेंटर, डिजिटल स्टूडियो, डिजिटल लैब, आधुनिक पुस्तकालय, कॉन्फ्रेंस रूम, बोर्ड रूम, शोध एवं अध्ययन सुविधाएं, क्रिकेट मैदान, बैडमिंटन कोर्ट तथा लॉन टेनिस कोर्ट जैसी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की भी सुविधा होगी। सुशासन को मिलेगा स्थायी संस्थागत आधार उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों में कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना, डिजिटल सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ प्रशासनिक व्यवस्था की भूमिका भी लगातार विस्तृत हुई है। ऐसे में आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था समय की आवश्यकता बन गई थी। नया परिसर अधिकारियों और कर्मचारियों को बदलती प्रशासनिक अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करने के साथ नीति क्रियान्वयन, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को और अधिक सुदृढ़ करेगा। प्रशासनिक क्षमता निर्माण को संस्थागत मजबूती देने की दिशा में यह परियोजना उत्तर प्रदेश की सुशासन यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का नया परिसर राज्य में प्रशासनिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को नई दिशा देगा। आधुनिक संसाधनों और वैश्विक मानकों से युक्त यह संस्थान सुशासन, नवाचार और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्ध, दक्ष एवं संवेदनशील प्रशासनिक नेतृत्व तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एम. देवराज, महानिदेशक (डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी)

रामपुर में मिलक एवं बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में 700 करोड़ से अधिक लागत की 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

रामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था व विरासत के अपमान पर विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग 2017 से पहले कांवड़ यात्रा रोकने, त्योहारों पर बंदिशें लगाने और 'जय श्रीराम' बोलने पर लाठी-गोली चलवाते थे, आज वे अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख आस्था की वकालत कर रहे हैं। जो कांग्रेस प्रभु श्रीराम व श्रीकृष्ण के अस्तित्व को ही नकार चुकी थी, वह भी 'राम सबके हैं' कहकर अयोध्या जाने के लिए मचल रही है। उन्होंने ऐसे लोगों की तुलना 'कालनेमी' के छल-कपट से करते हुए कहा कि जनता इनके झूठ व दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझ चुकी है। मुख्यमंत्री मंगलवार को रामपुर जनपद के मिलक व बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों की ₹700 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इंटरमीडिएट/हाईस्कूल परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को लैपटॉप और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के पात्र परिजनों को अनुदान राशि और मुख्यमंत्री सामाजिक विकास में विशेष योगदान देने वाले व्यापारियों का सम्मानित भी किया। प्रभु श्रीराम जानते हैं कौन सही और कौन बुरा सीएम योगी ने कहा कि देखिए रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने वाले रामभक्ति की दुहाई दे रहे हैं, वकालत कर रहे हैं। यह रामभक्तों की, आपके वोटबैंक की ताकत है कि ये पार्टियां आपकी पिछलग्गू बन रही हैं। उन्हें अपने पापों, कर्मों पर पश्चाताप भी होता होगा। लेकिन, प्रभु श्रीराम तो जग नियंता हैं, ब्रह्मांड के स्वामी हैं। उन्हें पता है कि कौन सही है और कौन बुरा। दरअसल, सपा-कांग्रेस को चिढ़ यह है कि अयोध्याधाम, काशी-विश्वनाथ धाम, मां विंध्यवासिनी धाम, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज धाम, नैमिषारण्य, शुक्रतीर्थ इतने सुंदर कैसे हो गए। वे इसे रोकना चाहते थे, नहीं कर सके तो चिढ़ गए। कुछ नहीं मिला तो झूठ का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने लगे। कांग्रेस-सपा का शासन अन्याय का प्रतीक मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस व सपा शासनकाल अन्याय व अराजकता का प्रतीक रहा है। 2017 से पहले सपा की निरंकुश सत्ता में रामपुर के गरीबों और बाल्मीकि समुदाय की जमीनों पर जबरन कब्जा किया जाता था और उनकी आवाज को दबा दिया जाता था। विकास केवल सैफई व रामपुर के दो परिवारों तक सीमित था, जबकि बाकी जनता को विकास से वंचित रखा जाता था। बिजली देने में भी 'पिक एंड चूज' की नीति अपनाई जाती थी, जिससे सैफई में बिजली आती थी लेकिन पीलीभीत व रामपुर जैसे क्षेत्र अंधेरे में रहते थे। जनता जनार्दन ने इस अन्यायी सत्ता को पलट कर पूरे राज्य में संदेश दिया। डबल इंजन सरकार में ‘पिक एंड चूज’ नहीं होता। बिजली सभी 75 जनपदों में आएगी। जहां भी आवश्यकता थी, इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई दिए। अब कोई विकास नहीं रोक सकता, नौजवान के भविष्य से खिलवाड़ नहीं कर सकता, बहन-बेटी का अपमान नहीं कर सकता।   वसूली पर निकल पड़ती थी चाचा-भतीजा की जोड़ी सीएम योगी ने कहा कि सपा शासन में भ्रष्टाचार के चलते उद्योग बंद होते गए। अन्नदाता किसान हताश होकर आत्महत्या के लिए मजबूर हो गया। न तो गरीब कल्याण के लिए कोई योजना थी और न विकास कार्यों के लिए धन। युवाओं के भविष्य से जमकर खिलवाड़ किया गया। अराजकता का यह हाल था कि कोई सरकारी विज्ञापन निकलता था तो 'चाचा-भतीजा की जोड़ी' वसूली के लिए निकल पड़ती थी और कोर्ट को भर्तियों पर रोक लगानी पड़ती थी। सपा व कांग्रेस के इन्हीं पापों से यूपी बीमारू बना था। विरासत और विकास का नया मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि रामपुर की पावन धरा भगवान बामेश्वर महादेव, श्री पातलेश्वर महादेव, ओम नागेश्वर महादेव, कोसी मंदिर व मां बाला सुंदरी के दिव्य आशीर्वाद से निरंतर लाभान्वित है। सरकार इन पौराणिक व आध्यात्मिक विरासत स्थलों के पुनरुद्धार के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। 2017 से पहले जहां त्योहारों पर रोक लगाई जाती थी। उपद्रव व दंगे होते थे, वहीं आज कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, दीपावली, रामनवमी व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे सभी पर्व पूरी भव्यता व सुरक्षा के साथ मनाए जा रहे हैं। अयोध्या नगरी ब्रॉडगेज डबल रेलवे लाइन, फोर-लेन सड़क मार्ग और महर्षि बाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़कर त्रेतायुग का स्मरण करा रही है। आर्थिक प्रगति व इंफ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू राज्य' नहीं रहा, बल्कि यह भारत की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर सबसे तेज गति से बढ़ने वाली इकोनॉमी बन चुका है। प्रदेश आज युवाओं को रोजगार और अन्नदाताओं को अनुदान देने में अग्रणी है। हम खाद्यान्न, दुग्ध, चीनी व एथेनॉल उत्पादन में देश में पहले या दूसरे नंबर पर गिने जाते हैं। 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' योजना के माध्यम से रामपुर के पैच वर्क, जरी वर्क, वायलिन निर्माण व मेंथा उत्पादन जैसे पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक पहचान और युवाओं को नए रोजगार मिले हैं। रामपुर के प्रसिद्ध चाकू का दुरुपयोग समाजवादी पार्टी जनता की जमीनों पर कब्जा करने और उन्हें प्रताड़ित करने में करती थी, लेकिन डबल इंजन सरकार में यही चाकू जनता की सुरक्षा में काम आ रहा है। रामपुर में चौतरफा विकास सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर-शामली नया इकोनॉमिक कॉरिडोर रामपुर से होकर गुजरेगा, जो गोरखपुर को सिलीगुड़ी और शामली को पानीपत से जोड़कर क्षेत्र में विकास को और मजबूत करेगा। रामपुर में ढांचागत विकास को गति देते हुए 3 मीटर चौड़ी सड़कों को 7 व 10 मीटर और फोर-लेन में परिवर्तित किया जा रहा है। बिलासपुर की रुद्रविलास चीनी मिल के पुनरुद्धार व विस्तारीकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सर्वे रिपोर्ट आते ही सरकार वित्तीय राशि जारी करेगी। सबका साथ-सबका विकास ही मूलमंत्र  मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' के मूलमंत्र के साथ डबल इंजन की सरकार तुष्टिकरण के बजाय आमजन के संतुष्टिकरण पर विश्वास करती है। प्रदेश की 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स को राज्य सरकार द्वारा ₹5 लाख का सुरक्षा बीमा कवर प्रदान किया गया है। हर महीने ई-पॉस मशीनों के माध्यम से लखनऊ से सीधे मॉनिटरिंग कर गरीबों को शत-प्रतिशत राशन मिल रहा है। रसोई गैस का सिलेंडर 2017 से पहले सपना था, आज हर गरीब … Read more

ओबीसी छात्रों के लिए मुफ्त कंप्यूटर प्रशिक्षण, 10 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन

 लखनऊ   उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारपरक योजनाओं को नई दिशा मिली है। इसी क्रम में पिछड़ा वर्ग के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई ओ लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना युवाओं के लिए बड़ी सौगात बनकर सामने आई है। योगी सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दिया है। इच्छुक छात्र-छात्राएं 10 जुलाई 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट http://obccomputertraining.upsdc.gov.in पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 1 अगस्त 2026 से प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। नीलिट से मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता है प्रशिक्षण पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित इस योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवक-युवतियों को 'ओ' लेवल और 'सीसीसी' कंप्यूटर प्रशिक्षण निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना का लाभ उन्हीं ओबीसी छात्र-छात्राओं को मिलेगा, जिन्होंने इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया हो। साथ ही उनके माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय 1 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। इसके अलावा लाभार्थी किसी अन्य शिक्षण संस्थान से छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं कर रहा हो। विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण भारत सरकार की नीलिट से मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता है।  तीन महीने में पूरा होता है सीसीसी कोर्स 'ओ' लेवल कंप्यूटर प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष निर्धारित है,  जबकि 'सीसीसी' कोर्स तीन महीने में पूरा होता है। दोनों ही पाठ्यक्रम रोजगार की दृष्टि से बेहद उपयोगी माने जाते हैं। इस योजना के तहत 'ओ' लेवल प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 15,000 रुपये की राशि सरकार द्वारा वहन की जाती है। वहीं 'सीसीसी' प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 3,500 रुपये का भुगतान सीधे विभाग द्वारा किया जाता है। इससे छात्रों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ता है और वे पूरी तरह निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर पाते हैं। पिछले वर्ष हजारों छात्रों ने प्रशिक्षण किया प्राप्त वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत कुल 29,191 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें 22,407 छात्रों ने 'ओ' लेवल और 6,784 छात्रों ने 'सीसीसी' कोर्स पूरा किया है। प्रदेश में वर्तमान समय में कुल 299 संस्थाएं इस योजना के तहत चयनित हैं। इनमें 52 संस्थान केवल ओ लेवल, 43 संस्थान केवल सीसीसी और 204 संस्थान दोनों कोर्स संचालित कर रहे हैं।  पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने सभी पात्र छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे 10 जुलाई 2026 तक विभाग की ओर से जारी आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन जरूर करें। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल युवाओं को डिजिटल रूप से दक्ष बनाएगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए सक्षम बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अयोध्या पर बयान के बाद योगी का पलटवार, बोले- मथुरा पर रुख साफ करें अखिलेश यादव

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। योगी ने अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह धार्मिक बनने का प्रयास कर रहे हैं तो अब उन्हें मथुरा के बारे में भी बोलना चाहिए। अखिलेश के अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने के बयान सीएम योगी ने कहा, मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने वले अयोध्या को क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे?वह पहले आप अपना इतिहास देखें। अखिलेश ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर जारी जांच के बीच शनिवार को कहा था कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है और अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह अयोध्या को एक ‘बेमिसाल’ धार्मिक व पवित्र नगरी के रूप में विकसित करेंगे। सपा प्रमुख पर सीएम योगी का तंज योगी ने हाथरस में एक सभा को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख का नाम लेते हुए तंज कसा, ‘अखिलेश जी, अयोध्या को तो राम भक्तों ने संवार दिया। आप मथुरा की बात करिए। अगर सचमुच अपने आपको धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हो तो मथुरा-वृंदावन पर खुलकर बोलिए, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलिए। यह भी कहिए कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का अभियान चलना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए। हमारी सरकार सुविधाएं उपलब्ध करा रही है लेकिन आपमें (अखिलेश में) हिम्मत नहीं है, क्योंकि आपने एक वर्ग के सामने घुटने टेकने के अलावा प्रदेश के विकास के लिए कोई एजेंडा नहीं रखा है।’ अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं योगी ने जोर देकर कहा, 'बात अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को सुदृढ़ करने की होनी चाहिए। धूल झोंकने का काम मत करिए। अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं है।' उन्होंने कहा, 'अयोध्या की अपनी पहचान है और उसने दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।' मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अखिलेश यादव एक बयान में कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएगी। अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे? अपना इतिहास देखिए। राम भक्तों पर गोली आपके ही लोगों ने चलाई थी। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने गोली चलवाई थी।’ जेलों में जन्माष्टमी के आयोजन पर सपा सरकार ने लगाई थी रोक सीएम योगी ने कहा, 'आप (अखिलेश) भूल गए कि आपने थानों और जेलों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन तक को रोक दिया था। कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था। जब हमारे जनप्रतिनिधि कह रहे थे कि हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण हुआ तो क्या यह सपा शासन में संभव था? उनके समय में यह संभव नहीं था।' पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को आजमगढ़ में एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी निंदनीय और चिंता का विषय है। अखिलेश ने कहा, 'दान में गबन की खबरों के बाद सरकार को दबाव में आकर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना पड़ा। हालांकि, इससे यह सवाल उठता है कि एसआईटी की रिपोर्ट एक खास व्यक्ति को ही क्यों सौंपी गई है।'

हाथरस से सियासी वार: सीएम योगी ने अखिलेश को मथुरा पर खुली चुनौती दी

लखनऊ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  दावा किया था कि उनकी सरकार आई तो अयोध्या को धार्मिक सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। अखिलेश के इसी दावे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार की तीखा हमला किया। सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अयोध्या की पहचान बन चुकी है। अगर हिम्मत है तो यही बात मथुरा के लिए बोलकर दिखाइए। यह बोलकर दिखाइए कि जैसे अयोध्या के लिए श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला उसी तरह श्रीकृष्ण मुक्ति के लिए आंदोलन चलना चाहिए। सीएम योगी हाथरस में करोड़ों की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कल अखिलेश यादव का एक बयान पढ़ रहा था। वह कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे, रामभक्तों पर गोली तो समाजवादी पार्टी की ही सरकार ने चलवाई थी। राम भक्तों की मेहनत से अब जब अयोध्या त्रेता युग का स्मरण करा रही है तो आपके मुंह में भी पानी आने लगा है। अयोध्या के लिए पश्चाताप, रामलला का जाकर दर्शन कीजिए योगी ने कहा कि अखिलेश जी अयोध्या को तो रामभक्तों ने सजा औऱ संवार दिया है। आप उसकी चिंता मत कीजिए, पश्चाताप कीजिए। एक बार कम से कम रामलला का दर्शन कर लीजिए, उसी से सद्बुद्धि आएगी। अब तैयारी कीजिए कि हम कृष्ण कन्हैया के लिए भी कुछ कर सकें। अब मथुरा की बात कीजिए। अगर सचमुच अपने को धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हैं तो मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोल दीजिए। अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि यह बोलकर दिखाइए कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण की भूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए। मुल्ला-मौलवियों के आगे घुटने टेकने का ही एजेंडा सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम कर रही है। युद्धस्तर पर हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन आप में हिम्मत नहीं है क्योंकि आप पर मुल्ला और मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है जिससे प्रदेश का विकास हो सके। कोई ऐसा एजेंडा नहीं है जिससे अयोध्या, मथुरा या काशी का उत्थान हो और उनकी पौराणिक पहचान स्थापित हो। कब्रिस्तान के पैसों को मंदिरों की ओर डायवर्ट किया कहा कि आंखों में धूल झोंकने का प्रयास मत कीजिए। अयोध्या पहचान की मोहताज नहीं है, अयोध्या ने दुनिया के सामने अपनी पहचान को बनाया हुआ है। आपने तो थानों में और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर भी रोक लगा दी थी। कांवर यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। समाजवादी सरकार में पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री की तरफ जाता था, हमने उसे मंदिरों की तरफ डायवर्ट किया है। अखिलेश ने क्या कहा था अखिलेश यादव ने शनिवार को अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की चर्चा करते हुए कहा था कि हम धर्मनिष्ठता और सत्यनिष्ठता के साथ ये संकल्प लेते हैं कि नई सरकार बनाकर ‘अयोध्या’ को एक ऐसी अनुपम-अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहां विश्व भर से आए श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता की अद्वितीय अनुभूति करेंगे। अखिलेश ने एक्स पर लिखा था कि प्रभु के आशीर्वाद के साथ, हम अयोध्या के सनातन मान को आस्था-श्रद्धा, अखंड विश्वास और सच्ची भावना के ‘सियाराम-धाम’ के रूप में पुनर्स्थापित और पल्लवित करेंगे। इससे अयोध्यावासियों के भी परंपरागत गौरवभान और अधिकारों को पुन: स्थापित करेंगे।