samacharsecretary.com

पत्नी के सपोर्ट से फिर चमका ‘फेडरर को टक्कर देने वाला’ खिलाड़ी

नई दिल्ली  ब्रिटेन के टेनिस खिलाड़ी मार्कस विलिस की कहानी इतनी फिल्मी है कि उस पर यकीन कर पाना भी मुश्किल हो सकता है। वे एक समय पर टेनिस खेलना छोड़ चुके थे लेकिन बाद में पत्नी की जिद की वजह से उन्हें खेल में वापसी करनी पड़ी। वे दिग्गज खिलाड़ी रोजर फेडरर के खिलाफ एक शॉट खेलकर मशहूर हो गए थे लेकिन उसके कुछ ही दिनों बाद ये चमक चली गई। विलिस इस बार विंबलडन में खेलने के लिए लौटे हैं। हालांकि, इस बार उनका अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। पहले जब उन्होंने 2016 में फेडरर का सामना किया था, तो वे सिंगल्स में हिस्सा लिया करते थे। हालांकि, अब वो डबल्स खिलाड़ी के रूप में खेल रहे हैं। उन्होंने एक समय पर डिप्रेशन की वजह से टेनिस खेलना छोड़ दिया था। यहां तक कि वे परिवार का खर्च उठाने के लिए ईंट उठाने का काम करने लगे थे लेकिन पत्नी की वजह से उन्होंने दोबारा खेल में वापसी की। रोजर फेडरर के खिलाफ खेले थे विलिस 10 साल पहले मुकाबला दो अलग-अलग दुनिया के लोगों के बीच था। एक तरफ दुनिया के सबसे अमीर खिलाड़ियों में शामिल फेडरर थे, तो दूसरी तरफ विलिस, जिन्होंने उस पूरे साल टेनिस से सिर्फ 24 हजार रुपए कमाए थे। वे अनफिट थे, जंक फूड के शौकीन थे और खेल छोड़ने वाले थे, लेकिन उनकी गर्लफ्रेंड ने उन्हें खेलते रहने के लिए मनाया था। फेडरर से मैच के बाद उन्हें कुछ समय तो खूब शोहरत मिली, टीवी पर इंटरव्यू हुए, लेकिन जल्द ही यह जादू खत्म हो गया। डिप्रेशन और चोट की वजह से छोड़ दिया था टेनिस लगातार लगने वाली चोटों और डिप्रेशन के कारण विलिस ने साल 2018 में टेनिस को पूरी तरह अलविदा कह दिया। साल 2020 में कोरोना के दौरान जब पैसों की भारी किल्लत हुई, तो परिवार चलाने के लिए इस खिलाड़ी ने अपने भाई की कंस्ट्रक्शन कंपनी में ईंट बिछाने का काम किया। कुछ समय बाद जब स्थितियां बदलीं, तो परिवार के एक दोस्त ने उनके प्रोफेशनल कमबैक का खर्च उठाने का फैसला किया। विलिस खुद दोबारा खेलने को लेकर दुविधा में थे लेकिन पत्नी जेनी ने उनसे कहा, 'जाओ और खेलो, जिंदगी में ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा।' पत्नी के इसी भरोसे ने उन्हें फिर से कोर्ट पर उतारा। इस बार उन्होंने सिंगल्स के बजाय खुद को डबल्स खिलाड़ी के रूप में ढाला। अब वह दुनिया के 64वें नंबर के डबल्स खिलाड़ी हैं। विलिस ने अपनी जिंदगी के बारे में खुद की बात अब 35 वर्षीय विलिस चार बच्चों के पिता हैं। टेनिस के साथ- साथ वह अपना एक पॉडकास्ट भी चलाते हैं। विलिस ने कहा, 'अब मेरी जिंदगी में ड्रामा कम और गंभीरता ज्यादा है। मैं बस एक बेहतर खिलाड़ी, अच्छा पति और पिता बनने की कोशिश कर रहा हूं।'  

रामायण की शूटिंग में दीपिका चिखलिया ने बताईं मुश्किलें, कपड़े बदलने तक की नहीं थी सुविधा

दीपिका चिखलिया का नाम जेहन में आते ही उनका देवी सीता वाला रूप उभर आता है, जो रामानंद सागर की 'रामायण' में देखने को मिला था। इस सीरियल ने दीपिका को सीता के किरदार में हमेशा के लिए 'अमर' कर दिया। दीपिका चिखलिया को लोग देवी सीता मानकर पूजते थे और उनका आशीर्वाद लेते थे। और आज भी यही आलम है। हालांकि, सीता बनने के लिए दीपिका चिखलिया को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। इसके बारे में 61 वर्षीय एक्ट्रेस ने कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में बताया था। दीपिका चिखलिया ने बताया था कि 'रामायण' की शूटिंग के दौरान उन्हें किन तकलीफों से गुजरना पड़ा और क्यों सीता के रोल में उनके जितनी शोहरत किसी और एक्ट्रेस को क्यों नहीं मिली। साथ ही बताया था कि वह सीता के लुक में आने के लिए क्या खास तरह की तैयारी करती थीं। शूट की मुश्किलें, पुराने कपड़ों का टेंट, लोगों के घर वॉशरूम इस्तेमाल करना दीपिका चिखलिया ने साल 2023 में 'आजतक' को दिए इंटरव्यू में 'रामायण' के सेट की मुश्किलें बयां की थीं। दीपिका ने बताया था कि उस वक्त आउटडोर शूटिंग में सबसे बड़ी दिक्कत होती थी, क्योंकि वॉशरूम की परेशानी हो जाती थी। उन्हें और बाकी फीमेल कास्ट को लोकल लोगों के घर-घर जाकर वॉशरूम इस्तेमाल करने की रिक्वेस्ट करनी पड़ती थी। वहीं, जब कपड़े बदलने की बारी आती थी, तो उसके लिए भी कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में पुराने कपड़े पकड़कर टेंट बनाया जाता और फिर उसके बीच में दीपिका चिखलिया और बाकी महिलाएं कपड़े बदलती थीं। पुराने कपड़ों के टेंट के बीच में रहकर ही वो धूप से खुद को बचाती थीं। कार में बैठकर साड़ी बदलनी पड़ती थी दीपिका ने यह भी बताया था कि कई बार तो ऐसा हुआ कि उन्हें कार में बैठकर साड़ी बदलनी पड़ी। इसके लिए क्रू मेंबर्स कार के शीशों पर कपड़ा लगा देते थे ताकि बाहर से कुछ न दिखे, और फिर दीपिका कपड़े बदलती थीं। सीता बनने के लिए दीपिका चिखलिया की तैयारी सीता बनने के लिए दीपिका चिखलिया क्या खास और क्या अलग तैयारी करती थीं? इसके बारे में एक्ट्रेस ने बताया था कि रामानंद सागर ने उन्हें देवी सीता का एक रफ स्कैच बनाकर दिया था और बताया था कि सीता ऐसी होनी चाहिए। उसे दीपिका चिखलिया ने दिमाग में रखा। वह रोजाना रामायण पढ़ती थीं और किरदार की गरिमा पर फोकस किया। चूंकि सीता का किरदार गंभीर था, इसलिए दीपिका को बोलने के अंदाज, रिएक्शन और डायलेक्ट पर काम करना पड़ा। उस किरदार को दीपिका चिखलिया ने तीन साल तक निभाया था। क्यों कोई और एक्ट्रेस सीता बन नहीं पा सकी दीपिका जितनी शोहरत? जब भी कोई एक्ट्रेस सीता का किरदार निभाती है, तो उसकी तुलना दीपिका चिखलिया के निभाए सीता के किरदार से ही की जाती है। 'रामायण' सीरियल को बने 39 साल हो चुके हैं। तबसे अभी तक कई एक्ट्रेसेस ने सीता का किरदार निभाया, पर दीपिका को छू न सकीं। आखिर ऐसी क्या वजह है कि सीता के किरदार में दीपिका चिखलिया जितनी शोहरत किसी और एक्ट्रेस को नहीं मिली? इसकी वजह दीपिका ने बताई थी। उनके मुताबिक, उनका चेहरा ऐसा रहा, जिस पर धार्मिक प्रोजेक्ट्स ही शूट करते हैं। उनके चेहरे पर पहले से ही भक्ति भाव था और वह माला पर राम का 100 बार नाम जपती थीं। बताया था आज की एक्ट्रेसेस में क्या है सबसे बड़ी कमी दीपिका चिखलिया ने कहा था कि बाकी एक्ट्रेसेस जहां एक्टिंग करती हैं, वहीं सीता का किरदार उनके लिए एक्टिंग नहीं था। दीपिका के मुताबिक, वह सीता के किरदार को भक्ति की तरह देखती थीं। वो ऐसे सोचती थीं कि वह सीता हैं, राम का दौर है और उनके साथ वह सब हो रहा है, जो 'रामायण' में दिखाया गया। दीपिका चिखलिया ने कहा था कि आज की एक्ट्रेसेस के अंदर भक्ति भाव नहीं है, और इसलिए वो 'सीता' नहीं बन पा रही हैं।  

स्पेन मैच से पहले रोनाल्डो ने रिटायरमेंट और फुटबॉल जुनून पर खोले दिल के राज

नई दिल्ली क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा है कि फीफा वर्ल्ड कप-2026 उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। रोनाल्डो ने ये एलान स्पेन के खिलाफ होने वाले अंतिम-16 के मैच से पहले किया है। रोनाल्डो ने अभी तक एक भी वर्ल्ड कप नहीं जीता है और उनकी कोशिश होगी कि वह इस बार ये कमी पूरी करें। रोनाल्डो ने मौजूदा वर्ल्ड कप को मिलाकर कुछ छह वर्ल्ड कप खेले हैं। उन्होंने 2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 में हिस्सा लिया है। अगला फीफा वर्ल्ड कप 2030 में रोनाल्डो के ही देश पुर्तगाल, स्पेन और मोरक्को की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है। 'बस आखिरी मैच न हो' पुर्तगाल का भविष्य स्पेन के खिलाफ होने वाले मैच पर टिका है। ये इस वर्ल्ड कप के सबसे कड़े मुकाबले के तौर पर देखा जा रहा है। मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोनाल्डो ने कहा, "ये जितना ज्यादा हो सके लुत्फ लेने की बात है। ये मेरा आखिरी वर्ल्ड कप है, लेकिन उम्मीद करिए कि ये मेरा आखिरी मैच न हो। वो दिन आएगा जब मैं रिटायर होऊंगा। लेकिन मैं एक बात ईमानदारी से कहूंगा। कल जो भी हो क्रिस्टियानो रोनाल्डो अपने साफ जमीर के साथ विदा लेगा। वो भी 100 प्रतिशत नहीं बल्कि 1000 प्रतिशत क्योंकि मैंने फुटबॉल को अपना सबकुछ दिया है।" उन्होंने कहा, "मेरे पास अच्छी जिंदगी है, लेकिन ये जुनून की बात है। मैं फुटबॉल इसलिए खेलता हूं क्योंकि मैं इसे प्यार करता हूं। आपको हर दिन का लुत्फ उठाना पड़ता है। मैंने इस वर्ल्ड कप में तीन गोल किए हैं। मैं बुरा नहीं खेल रहा हूं।" याद रखेंगे ये वर्ल्ड कप रोनाल्डो ने कहा है कि वह इस वर्ल्ड कप को हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने कहा, "ये शानदार रहा है। ये मैदान से बाहर की बात है। ये वो वर्ल्ड कप है जिसे मैं सबसे ज्यादा याद रखूंगा। इसके पीछे की वजह लोगों का जुनून है। ये इस बार और ज्यादा देखने को मिला है। मुझे नहीं पता ऐसा क्यों है। ये भावनात्मक तौर पर सबसे अच्छा रहा है।"  

सोशल मीडिया पोस्ट विवाद में एक्शन, पुलिस ने शांतिभंग के मामले में यूट्यूबर को पकड़ा

जयपुर पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अजमेर पुलिस ने एक्शन लिया. पुलिस ने यूट्यूबर नरेश राघानी को गिरफ्तार किया है. नरेश राघानी कांग्रेस से जुड़ा रहा है और पार्टी में कई जिम्मेदारी भी निभा चुका है. यही वजह है कि गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. कृष्णगंज थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद राघानी को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किया. कई अन्य धाराएं जोड़ने की तैयारी में पुलिस राघानी के खिलाफ आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट साझा की थी. मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं. कांग्रेस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शिकायतकर्ता ने की कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता दिनेश पाराशर ने आरोप लगाया कि नरेश राघानी ने सोशल मीडिया पर लगातार विवादित टिप्पणियां की थीं. इस संबंध में कार्रवाई की मांग की गई थी. पुलिस ने राघानी को हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया और आगे की कार्रवाई कर दी है. हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी.

ट्रेन में सफर के दौरान हड़कंप, आर्मी जवान पर अश्लील हरकत का आरोप, जीआरपी ने पकड़ा

पटना ट्रेन में सफर करने के दौरान यात्रियों और खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहा है। रेल विभाग ट्रेन में यात्रियों के सुरक्षित सफर के लिए हर मुमकिन प्रयास करने का दावा करता है। लेकिन कई बार यात्रियों की सुरक्षा को लेकर हैरान कर देने वाली घटनाएं ट्रेन के अंदर ही हो जाती हैं। गोरखपुर-रांची साप्ताहिक एक्सप्रेस में भी ऐसा हुआ है। इस ट्रेन में एक महिला के साथ गंदी हरकत हुई और सबसे ज्यादा हैरानी की बात है कि इसका आरोप आर्मी के एक जवान पर लगा। ट्रेन संख्या 18630 गोरखपुर-रांची साप्ताहिक एक्सप्रेस में सेना के जावन द्वारा अकेली सफर कर रही एक युवती से छेड़खानी का मामला उजागर होने से हड़कंप मच गया है। आरोप है कि सेना का यह जवान अकेली युवती को देखकर उससे छेड़खानी कर रहा था। घटना की सूचना के बाद जीआरपी ने मोकामा स्टेशन पर आर्मी जवान सचिन तवर (34) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित जवान मध्य प्रदेश के इंदौर के मंगलेया थाने के छिपरा गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह रांची में कार्यरत है। जीआरपी ने युवती की लिखित शिकायत पर केस दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पीड़ित युवती ट्रेन संख्या 18630 गोरखपुर-रांची साप्ताहिक एक्सप्रेस के कोच संख्या बी-6 में सफर कर रही थी। उसी में सेना का जवान सचिन तवर भी सवार था। युवती का बर्थ 20 और सचिन का बर्थ-18 था। पीड़िता का आरोप है कि पटना से ट्रेन के खुलने के बाद अकेली देखकर आर्मी जवान उसे अश्लील इशारे कर रहा था। विरोध के बाद भी जवान ने बुरी नियत से उसके साथ अभद्रता करता रहा। उसकी गंदी हरकतों से परेशान होकर युवती ने इसकी शिकायत रेल कंट्रोल में कर दी। रेल कंट्रोल ने घटना की सूचना जीआरपी को दी। जिसके बाद मोकामा रेल पुलिस ने रात करीब 11:30 बजे ट्रेन के मोकामा पहुंचते ही आर्मी जवान सचिन तवर को गिरफ्तार कर लिया। मोकामा रेल थानाध्यक्ष नीतीश कुमार के अनुसार कोच में पहुंचने पर घटना के संबंध में टीटीई एवं अन्य यात्रियों ने भी पुष्टि की है। पूछताछ में पता चला कि आरोपित रांची में कार्यरत आर्मी का जवान है। अकेली यात्रा कर रही युवती को देखकर वह उसके साथ गलत हरकत कर रहा था। युवती के लिखित आवेदन पर आरोपित पर केस दर्ज किया गया है। ट्रेन में दारोगा दंपती और बच्चे को पीटा इधर नवादा जिले में केजी रेलखंड पर रविवार को गया-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन की एसी बोगी में सफर कर रहे दारोगा दंपती और उनके बच्चे के साथ शरारती युवकों ने मारपीट की। एसी बोगी में जबरन सीट पर बैठने का विरोध करने पर काशीचक रेलवे स्टेशन पर शरारती तत्वों ने वैक्यूम काट कर ट्रेन को रोका और दंपती के साथ मारपीट की। इसके बाद दारोगा दंपती ने ट्रेन के इंजन के आगे खड़े होकर विरोध जताया और शरारती युवकों पर कार्रवाई की मांग की। दारोगा दंपती गयाजी के डेल्हा निवासी हरिओम कुमार और उनकी पत्नी पूजा हैं। दोनों झारखंड के पाकुड़ जिले में पदस्थापित हैं।

परिणाम की चिंता छोड़ो सद्गुरु का लाइफ मंत्र जो बदल सकता है तनाव भरी जिंदगी

 आज के दौर में हम अपनी हर खुशी को किसी न किसी टारगेट या रिजल्ट से बांध देते हैं.  नौकरी में बड़ा हाइक, बिजनेस में अचानक मुनाफा या समाज से मिलने वाली वाहवाही अगर यह सब तुरंत न मिले, तो मन हताश हो जाता है. नतीजों की यही अंतहीन दौड़ हमें डिप्रेशन और तनाव की ओर धकेल रही है.  आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु का मानना है कि जब तक आप अपना पूरा ध्यान सिर्फ परिणाम (Results) पर टिकाए रखेंगे, तब तक आप जीवन के वास्तविक आनंद और अपनी खुद की क्षमता का अनुभव कभी नहीं कर पाएंगे. सद्गुरु के अनुसार, अंदरूनी शांति और मानसिक रूप से मजबूत बनने का केवल एक ही सीक्रेट है काम में अपना 100% देना और नतीजों के बोझ से खुद को आजाद कर लेना. आइए समझते हैं कि उनके इस लाइफ-चेंजिंग मंत्र को हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे लागू कर सकते हैं. 1. परिणाम की चिंता छोड़, प्रक्रिया से प्यार करें जब भी आप किसी नए प्रोजेक्ट या काम की शुरुआत करें, तो खुद से यह न पूछें कि इसका  अंजाम क्या होगा? बल्कि यह सोचें कि मैं इसे कितने बेहतरीन और अनोखे तरीके से कर सकता हूँ.  जब आपका पूरा फोकस काम की क्वालिटी पर होता है, तो आपका दिमाग शांत रहता है. मन में सकारात्मकता बनाए रखें और अपनी तरफ से पूरी ईमानदारी से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें, नतीजा अपने आप सही दिशा में आएगा. 2. दूसरों के अप्रूवल (Validation) पर निर्भर रहना बंद करें आजकल हमारी खुशियों की चाबी दूसरों की जेब में होती है. सोशल मीडिया के लाइक्स से लेकर दफ्तर की तारीफों तक, हम हर जगह दूसरों से मान्यता ढूंढते हैं.  सद्गुरु कहते हैं कि जब आप अपनी खुशी को दूसरों की राय से जोड़ देते हैं, तो आप खुद को कमजोर कर लेते हैं. हमेशा हर कोई आपकी तारीफ नहीं करेगा. इसलिए खुद की नजरों में अपनी वैल्यू पहचानें. इन 5 आदतों से जिंदगी को बनाएं बेहद आसान और खुशहाल: कर्म में डूब जाएं: जो भी काम हाथ में लें, उसे पूरी शिद्दत और लगन के साथ पूरा करें, मानो वही आपका मुख्य लक्ष्य हो. सराहना के मोह से बचें: किसी काम को इसलिए न करें कि कोई आपकी पीठ थपथपाएगा, बल्कि इसलिए करें क्योंकि वह करना सही है. ईर्ष्या को कहें अलविदा: दूसरों की तरक्की या उनके पास मौजूद चीजों को देखकर अपनी शांति न खोएं. आपके पास जो है, उसकी कद्र करें. छोटी खुशियों को सेलिब्रेट करें: जीवन में बड़े धमाके का इंतजार करने के बजाय रोजमर्रा की छोटी-छोटी जीतों और पलों का आनंद लें. वर्तमान (Present) में जिएं: भविष्य के काल्पनिक डर में जीने के बजाय आज के इस खूबसूरत लम्हे को खुलकर महसूस करें.

खीर में नींद की गोली देकर पति की हत्या, आगरा कांड में पत्नी गिरफ्तार

आगरा आगरा में पति को मारकर बाथरूम में क्यों दफना दिया, इसकी वजह जानने के लिए पुलिस ने विशेषज्ञों की मौजूदगी में हत्यारोपी पत्नी रूबि शर्मा से पूछताछ की। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस को हत्या की एक नहीं कई वजहें मिलीं। जिल्लत की जिंदगी जी रही रूबी के गुस्से को भरतपुर कांड ने ट्रिगर कर दिया था। पुलिस मान रही है कि शराब पीकर आए दिन की मारपीट, भरतपुर में बेइज्जती, बेटियों को गाली देना, सिलाई के रुपये छीन लेना हत्या की वजह बनी। दहतोरा की रेणुका धाम कालोनी में 18 मई से लापता चल रहे 44 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल घर के बाथरूम में दफन मिला था। पुलिस ने उसकी पत्नी रूबी शर्मा को गिरफ्तार करके शनिवार को जेल भेजा था। पत्नी ने खीर में नींद की गोलियां मिलाकर पति की हत्या की थी। इसके बाद शव को बाथरूम में ही दफनाकर ट्रैक्टर से मिट्टी मंगाई और उस पर डाल दिया था। क्या बोले डीसीपी सैयद अली अब्बास डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि ऐसी वारदात में सबसे पहले यही शक जाता है कि अवैध संबंधों का मामला होगा। पुलिस ने गहराई से जांच की। कॉल डिटेल खंगाली। ऐसा कोई एंगल नहीं मिला। अभी तक की जांच में रूबी शर्मा के चरित्र पर शक बेबुनियाद निकला। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने कड़ियों को जोड़ा तो हत्या की वजह उजागर हुई। रूबी शर्मा अपने पति से परेशान थी। वह बेरोजगार के साथ नशेबाज था। पिता की पेंशन भी शराब में उड़ा देता था। किसी भी बात पर पत्नी को कहीं भी पीट दिया करता था। बेटियां बड़ी हो रही थीं उनकी भी शर्म नहीं करता था। उन्हें भी गंदी गालियां दिया करता था। किसी रिश्तेदार से उसकी बनती नहीं थी। रूबी घर का खर्चा चलाने के लिए सिलाई करती थी। उससे भी पैसे छीन लिया करता था। न देने पर बवाल करता था। भरतपुर में मामा के घर किया था बखेड़ा 16 मई को सुरेंद्र कुमार शर्मा ने भरतपुर में अपने मामा के घर बखेड़ा खड़ा किया था। वहां पीटकर आया था। घर आकर उसने गुस्सा पत्नी पर उतारा। उसे जबरन अपने साथ लेकर भरतपुर गया। पत्नी से कहा कि मामा के घर ड्रामा करे, उसका पति गायब है। मामा के घरवालों ने रूबी को धमकाया। उसे बेइज्जत करके भगा दिया। पति को लगा कि पत्नी अच्छा नाटक नहीं कर पाई। भरतपुर में ही उसे पीटा। घर आकर शराब पी। बवाल किया। भरतपुर कांड ने रूबी के गुस्से को ट्रिगर कर दिया। बच्चों को जेठ के घर भेजकर वारदात रूबि को लगा कि पति मर जाएगा तो सब ठीक हो जाएगा। जिंदा भी वह किसी काम का नहीं है। उसने गुस्से में खीर में नींद की गोलियां मिला दीं। 18 मई की सुबह भरतपुर से मामा के घर से फोन आया। धमकाया। कहा कि पुलिस आने वाली है। रूबी को मौका मिल गया उसने सास और बच्चों को जेठ के घर भेज दिया। उसके बाद शव दफना दिया। किसी अन्य के शामिल होने का कोई सुराग नहीं डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि हर किसी को यह सवाल परेशान कर रहा है कि अकेली महिला ने शव कैसे दफना दिया। जबकि अभी तक किसी दूसरे के वारदात में शामिल होने का कोई सुराग नहीं मिला है। रूबी से पूछताछ में कई सवाल दागे गए, हर बार उसने वही जवाब दिया जो पहले बताया था। साफ कहा कि किसी को बचाने से उसे क्या लाभ। उसकी तो जिंदगी बर्बाद हो गई। उसकी बेटियों का अब पता नहीं क्या होगा। उनकी परवरिश कैसे होगी। कई सवालों का जवाब मिलना बाकि पुलिस को अभी कई सवालों का जवाब मिलना बाकि है। इसके लिए क्राइम सीन का दोहराव कर सकती है। इसके लिए बाथरूम को पहले जैसा करना पड़ेगा। ताकि यह पता चल सके कि बाथरूम में कितनी मिट्टी डाली गई थी। इसमें कितना समय लगा होगा। जिस बाल्टी से मिट्टी डाली गई उससे कितने चक्कर लगाने पड़ेंगे। एक अकेले व्यक्ति ने मिट्टी को समतल कैसे किया होगा। शव कितना नीचे दफन था। बाथरूम में इसके लिए ज्यादा खुदाई तो नहीं की गई थी। इन सब सवालों के जवाब पुलिस को क्राइम सीन के दोहराव से मिल जाएंगे। इसके लिए सुरेंद्र कुमार शर्मा की लंबाई और वजन के पुतले को दफन किया जाएगा। उसे पलंग से खींचकर लाने में कितना समय लगा होगा। यह देखा जाएगा। सब कुछ सामने आने के बाद उनका रूबी शर्मा के बयानों से मिलान किया जाएगा। हत्याकांड में कब क्या हुआ 16 मई को सुरेंद्र कुमार शर्मा भरतपुर गया। मामा के घर पिटकर आया। 17 मई को सुरेंद्र अपनी पत्नी रूबी को मामा के घर लेकर गया। खुद दूर रहा। उसके गायब होने का ड्रामा करने को कहा। रात में रूबी ने पति को खीर में नींद की गोलियां दे दीं। 18 मई को सास और बेटियों को जेठ के घर भेज दिया। शव को बाथरूम में मिट्टी के नीचे दफना दिया। 19 मई की सुबह दो मिस्त्री आए 500 रुपये में बाथरूम के फर्श पर सीमेंट करके गए। दोपहर बाद रूबी जेठ के घर चली गई। 22 मई को रूबी अपने घर आई। बाथरूम देखा। 26 मई को रूबी अपने जेठ के साथ प्राक्षी टॉवर चौकी गई। पति की गुमशुदगी दर्ज कराई। 3 जुलाई को पुलिस ने बाथरूम की खुदाई करके कंकाल बरामद किया। रूबी गिरफ्तार। 4 जुलाई को पुलिस ने रूबी शर्मा को जेल भेज दिया।

लॉक अप में शिल्पा शिंदे की वाइल्ड कार्ड एंट्री से बढ़ा हाईवोल्टेज ड्रामा

एकता कपूर के रियलिटी शो 'लॉक अप' में इस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है. टेंशन के माहौल के बीच एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे की वाइल्ड कार्ड एंट्री ने लॉक अप में तहलका मचा दिया है. शिल्पा ने शो में एंट्री करते ही हर किसी से पंगे लेने शुरू कर दिए. राम कपूर के बाद शिल्पा ने सुनीता आहूजा को उकसाने की कोशिश की. लेकिन सुनीता ने अपने जवाब से शिल्पा की बोलती बंद कर दी. शिल्पा ने सुनीता से लिया पंगा शिल्पा शिंदे शो में सुनीता आहूजा पर उनकी शादी को लेकर तंज कसती नजर आईं. शिल्पा ने सुनीता को ताने मारते हुए कहा-हम तो गोविंदा के फैन हैं. आप ऐसे कैसे कर सकती हो? आप ऐसे कैसे बोल सकती हो? आपको पता भी है आपने क्या फैसला लिया है? शिल्पा के तानों से परेशान सुनीता भी चुप नहीं रहीं. उन्होंने बेबाकी से शिल्पा को लताड़ लगाई. सुनीता गुस्से से शिल्पा से बोलीं- जब तुम्हारे ऊपर गुजरेगा तुम्हें तब पता चलेगा. ज्यादा बक… मत करो. सुनीता का बेबाक अंदाज फैंस को काफी पसंद आया. फैंस का कहना है कि सिर्फ सुनीता ही शिल्पा शिंदे को चुप करा सकती हैं. फूट-फूटकर रोईं सुनीता इसके अलावा शो में सुनीता का इमोशनल ब्रेकडाउन भी देखने को मिला. खाना न मिलने की वजह से सुनीता मेकर्स से नाराज दिखीं. उन्होंने रोते हुए शो के मेकर्स को खरी-खोटी सुनाई. सुनीता शो में काफी गालियां देती हुई भी नजर आईं. सुनीता गुस्से से बोलीं- हमें खाने के लिए भी भीख मांगनी पड़ रही है. मेरे सारे बच्चे यहां भूखे हैं. मुझे चीची मना कर रहा था कि मत जा, लेकिन मैंने उसकी बात नहीं मानी. जब भी मैं उसकी बात नहीं मानती तो पछताती हूं. सुनीता ने शो छोड़ने की धमकी भी दी. वो फूट-फूटकर रो पड़ीं. फिर रितेश देशमुख ने उन्हें संभाला और उनके आंसू पोंछकर उन्हें चुप कराया. लॉक अप में इंटेंस ड्रामा देखने को मिल रहा है. इसलिए आप भी कोई एपिसोड मिस न करें.

18 साइबर ठगी मामलों से जुड़ा फर्जी सिम रैकेट उजागर, ‘शिवम टेलीकॉम’ पर कार्रवाई

नई दिल्ली  सेंट्रल जिला साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों को अवैध रूप से प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक लाइसेंसधारी टेलीकॉम पॉइंट ऑफ सेल (PoS) एजेंट को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी द्वारा एक्टिव किए गए सिम कार्ड देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 18 से अधिक साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए गए थे। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलजीत नगर निवासी शिवा के तौर पर हुई है। आरोपी रोड किनारे स्टॉल लगाकर 'शिवम टेलीकॉम' के नाम से सिम बेचता था। डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में कार्यरत ऐसे टेलीकॉम PoS एजेंटों के बारे में पता किया जा रहा था, जिनसे जारी सिम कार्ड बार-बार साइबर अपराधों में उपयोग हो रहे थे। जांच के दौरान शिवा सिम्स, नीतीश टेलीकॉम और शिवम टेलीकॉम संदेह के दायरे में आए। 2 जुलाई को आरोपी को पकड़ा जांच में पता चला कि आम लोगों के नाम पर एक्टिवेट किए गए सिम साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे। एसएचओ इंस्पेक्टर योगराज दलाल के नेतृत्व में टीम बनाई गई। जांच में सामने आया कि शिवम टेलीकॉम के माध्यम से अवैध रूप से एक्टिव किए गए 11 सिम कार्ड देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 18 साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हुए थे। इसके बाद 2 जुलाई को आरोपी को हिंदूराव अस्पताल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।     आरोपी के सिम कार्डों से देश के अलग-अलग राज्यों में हुई 18 से ज्यादा साइबर ठगियां     सड़क किनारे स्टॉल लगाकर बेचता था सिम, 11 सिम कार्डों से खुली बड़ी साजिश की पोल 500-600 रुपये में बेचता था एक सिम पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह आम ग्राहकों के आईडी प्रूफ और बायोमेट्रिक जानकारी का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी और सहमति के बिना अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट करता था। इसके बाद वह इन प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्डों को 500 से 600 रुपये प्रति सिम के हिसाब से बिचौलियों और साइबर अपराधियों को बेच देता था। आरोपी जानबूझकर केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन के नियमों का उल्लंघन करता था। वह असली ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट करता और उन्हें साइबर ठगों तक पहुंचाता था।  

इंस्टाग्राम के CSEAM विज्ञापनों पर सरकार सख्त, Meta को 7 दिन में जवाब देने का नोटिस

भारत सरकार ने मेटा को नोटिस भेजा है. इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों में बाल यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार सामग्री (CSEAM) से जुड़े कंटेंट को लेकर सरकार ने मेटा को नोटिस जारी किया है. साथ ही मंत्रालय ने 7 दिनों के अंदर डिटेल्स में जवाब देने को कहा है. ये जानकारी सूत्रों से मिली है. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इंस्टाग्राम को ऐसे सभी विज्ञापनों और कंटेंट को तुरंत हटाने/बंद करने का निर्देश दिया है, जो CSEAM तक पहुंच को बढ़ावा देते हैं और उसको आसान बना रहे हैं. भारत समेत दुनियाभर में इंस्टाग्राम का बड़ा यूजरबेस है. युवाओं में इंस्टाग्राम काफी पसंद किया जाता है और इसके रील्स फीचर की मदद से बहुत से लोग घंटों तक का समय बिताते हैं. ऐसे में कंपनियां बेहतर रीच और ब्रांड प्रमोशन के लिए इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देते हैं. वॉट्सऐप को लेकर भी भेजा नोटिस   मेटा की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. कुछ दिन पहले ही सरकार ने मेटा को नोटिस जारी किया है, जिसमें वॉट्सऐप के यूजरनेम को लेकर जवाब मांगा है.  कंपनी ने वॉट्सऐप पर यूजरनेम रिजर्वेशन के लिए भारत में इसको बतौर टेस्टिंग जारी किया था. भारत सरकार ने आशंका जताई थी कि वॉट्सऐप यूजरनेम फीचर की वजह से साइबर ठगों को फायदा मिलेगा. हालांकि कंपनी ने साफ किया था कि वह अभी इस फीचर को रोलआउट नहीं कर रहे हैं, उनका मकसद यूजरनेम फीचर को साल के अंत में लॉन्च करने का है. यूजरनेम फीचर से छिपा सकेंगे फोन नंबर वॉट्सऐप में आने वाले यूजरनेम फीचर की मदद से यूजर्स अपने फोन नंबर को छिपा सकेंगे. अभी अनजान नंबर से आने वॉट्सऐप मैसेज को आसानी से पहचाना जा सकता है कि वह भारतीय नंबर है या फिर विदेशी. अब यूजरनेम फीचर आने से नंबर पहचानने में मुश्किल हो सकती है. Meta क्या है? मेटा प्लेटफॉर्म आईएनसी एक मल्टीनेशनल कंपनी है, जिसका पुराना नाम फेसबुक आईएनसी था. अक्तूबर 2021 को मार्क जकरबर्ग ने अपनी कंपनी का नाम बदलकर मेटा कर दिया था. इस कंपनी के तहत अब फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, वर्चुअल और AI ब्रांड काम करते हैं.