samacharsecretary.com

कृष्णावतारम फिल्म बॉक्स ऑफिस पर छा गई, पहले हफ्ते में दर्शकों ने किया जमकर प्यार

भगवान कृष्ण की कहानी पर बनी फिल्म कृष्णावतारम को थिएटर्स में लगातार अच्छी ऑडियंस मिल रही है. पिछले गुरुवार को रिलीज हुई कृष्णावतारम को थिएटर्स में बहुत ज्यादा शोज नहीं मिले थे. पर अपने हिस्से आए लिमिटेड शोज में इस फिल्म ने जनता को इंप्रेस करना शुरू कर दिया. शुक्रवार से रविवार तक कृष्णावतारम की कमाई बढ़ती ही रही, जिसके दम पर पहले वीकेंड में फिल्म ने एक दमदार टोटल खड़ा किया. मंडे टेस्ट में दमदार परफॉरमेंस देने वाली इस फिल्म के लिए मंगलवार एक बड़ा जंप लेकर आया. कृष्णावतारम बॉक्स ऑफिस पर दमदार होल्ड के साथ आगे बढ़ती नजर आ रही है. कृष्णावतारम छठे दिन भी दमदार लिमिटेड शोज के साथ रिलीज हुई कृष्णावतारम ने पहले वीकेंड में 7 करोड़ से ज्यादा नेट इंडिया कलेक्शन किया था. पहले दिन से ही तारीफ़ें बटोर रही कृष्णावतारम को पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ ने मंडे को भी दमदार बनाए रखा. सोमवार का कलेक्शन 1.35 करोड़ था, जो शुक्रवार के कलेक्शन 1.15 करोड़ से ज्यादा था. कृष्णावतारम ने छठे दिन यानी मंगलवार को एक बार फिर अच्छा जंप लिया. मंगलवार को थिएटर्स में ब्लॉकबस्टर ट्यूस्डे का खास ऑफर टिकट्स के दाम घटा देता है. कृष्णावतारम को इसी का फायदा हुआ और छठे दिन फिल्म की ऑक्यूपेंसी अच्छी रही. इसलिए सस्ते टिकट के बावजूद फिल्म ने अच्छी कमाई की है. सैकनिल्क का डेटा बताता है कि मंगलवार को कृष्णावतारम ने बॉक्स ऑफिस पर 1.85 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. सोमवार के मुकाबले मंगलवार को फिल्म के कलेक्शन में 35% से ज्यादा जंप इस बात का सबूत है कि जनता कृष्णावतारम में दिलचस्पी तो ले रही है. थिएटर्स ने बढ़ाए कृष्णावतारम के शोज इससे भी दिलचस्प बात ये है कि बड़ी फिल्मों की कमी से जूझ रहे थिएटर्स कृष्णावतारम पर भरोसा जता रहे हैं. पहले दिन करीब 500 शोज के साथ रिलीज हुई ये फिल्म वीकेंड में 2000 से कम शोज पर चली. जबकि बीते दो दिनों में इसके शोज की गिनती 2200 से थोड़ी ज्यादा हो चुकी है. शुक्रवार को आयुष्मान खुराना की फिल्म पति पत्नी और वो 2 रिलीज होने जा रही है. इस फिल्म की चर्चा तो बहुत खास नहीं है, लेकिन चर्चित बॉलीवुड रिलीज होने की वजह से थिएटर्स में इसे ज्यादा स्क्रीन्स मिलेंगी. दूसरी तरफ कृष्णावतारम पहले हफ्ते में तारीफ खूब कमा चुकी है और पिछले 4 दिनों से इसकी कमाई शुक्रवार से ज्यादा ही बनी हुई है. अगर थिएटर्स में कृष्णावतारम के हिस्से ठीकठाक शोज बने रहे, तो दूसरे हफ्ते में ये फिल्म बड़े जंप के साथ सरप्राइज करती नजर आ सकती है. अब देखना है कि नए चेहरों और प्रोडक्शन हाउस के साथ भी जनता को इंप्रेस कर रही कृष्णावतारम आगे क्या कमाल करती है.

छोटे दवा व्यवसायी ऑनलाइन डिस्काउंट और नियमों की अनदेखी से परेशान

 साहिबगंज ऑनलाइन फार्मेसी और बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं पर दिए जा रहे भारी डिस्काउंट के विरोध में देशभर के दवा विक्रेताओं ने 20 मई 2026 को एक दिवसीय बंद का आह्वान किया है। यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिसमें देश के लगभग 12.40 लाख दवा विक्रेता और वितरक शामिल होंगे। संगठन का कहना है कि तेजी से बढ़ रही ई-फार्मेसी व्यवस्था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना पर्याप्त जांच के दवाओं की बिक्री से छोटे दवा कारोबारियों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही मरीजों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एआई और डिजिटल तकनीक के जरिए फर्जी प्रिस्क्रिप्शन बनाकर दवाओं की खरीद-बिक्री को लेकर भी संगठन ने चिंता जताई है। दवा विक्रेताओं का आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियमों की अनदेखी कर दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे एंटीबायोटिक्स और अन्य संवेदनशील दवाओं के दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है। संगठन ने कहा कि यदि इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं। एआईओसीडी ने केंद्र सरकार से कोविड काल में जारी अस्थायी अधिसूचना जीएसआर-220(ई) को वापस लेने तथा ई-फार्मेसी से संबंधित जीएसआर-817(ई) अधिसूचना को रद करने की मांग की है। इसके अलावा ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट पर रोक लगाने और छोटे दवा कारोबारियों के लिए समान व्यापारिक अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। साहिबगंज जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने भी इस राष्ट्रव्यापी बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। जिला अध्यक्ष अनुप कुमार सिंह ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ व्यापार बचाने के लिए नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और दवा वितरण व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी दवा व्यवसायियों से 20 मई को अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की। जिला उपाध्यक्ष नवल कुमार मंडल ने कहा कि ऑनलाइन बिक्री और भारी छूट की वजह से छोटे दवा व्यवसायी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच 58वां मुकाबला, देखें संभावित एकादश और पिच रिपोर्ट

 धर्मशाला इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 58वां मुकाबला पंजाब किंग्स (PBKS) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच खेला जाएगा। MI प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। उसे 8 मैच में हार मिली है और वह सिर्फ 3 मुकाबले जीत पाए हैं। वहीं, PBKS को ये मैच हर हाल में अपने नाम करना होगा। टीम को 6 मैच में जीत और 4 मुकाबलों में हार मिली है। ऐसे में आइए मुकाबले से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच कांटे की रही है टक्कर IPL में MI और PBKS के बीच 35 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान MI ने 17 मैच अपने नाम किए हैं। PBKS को 18 मैच में जीत मिली है। इस संस्करण दोनों टीमों के बीच दूसरा मैच होगा। पहले मुकाबले में PBKS को 7 विकेट से जीत मिली थी। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच 2 मुकाबले हुए। उन दोनों मैच को PBKS ने अपने नाम किया था। MI आखिरी बार इस टीम के खिलाफ 2024 में जीती थी। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है PBKS PBKS को पिछले 4 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में टीम कुछ बड़े बदलाव करने को देखेगी। लॉकी फर्ग्यूसन और विजयकुमार वैशाक की वापसी हो सकती है। शशांक सिंह इस मुकाबले में अपना खोया हुआ फॉर्म वापस पाना चाहेंगे। युजवेंद्र चहल अपनी गेंदबाजी से मैच पलटने को देखेंगे। संभावित एकादश: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कॉनॉली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, सूर्यांश शेडगे, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसन, लॉकी फर्ग्यूसन, विजयकुमार वैशाक, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल। इस प्लेइंग इलेवन के साथ नजर आ सकती है MI MI के कप्तान हार्दिक पांड्या का इस मैच भी खेलना मुश्किल लग रहा है। वह चोटिल हैं। ऐसे में सूर्यकुमार यादव एक बार फिर कप्तानी करेंगे। उन्हें अपने फॉर्म को बेहतर करना होगा। पिछले मैच में यह खिलाड़ी खाता भी नहीं खोल पाया था। रोहित शर्मा इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नजर आएंगे। संभावित एकादश: रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), नमन धीर, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, विल जैक्स, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह, अल्लाह गजनफर और रघु शर्मा। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर PBKS: प्रियंश आर्य, हरप्रीत बरार, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद और मुशीर खान। MI: रोहित शर्मा, मयंक रावत, रॉबिन मिंज, शार्दुल ठाकुर और ट्रेंट बोल्ट। कैसा रहेगा धर्मशाला की पिच का मिजाज? धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम की पिच हरियाणा के भिवानी से मंगवाई गई काली मिट्‌टी से तैयार की गई है। इस मिट्‌टी में बालू की मात्रा न के बराबर होती है। इसके चलते पिचों पर गति और उछाल दोनों मिलता है। यहां आमतौर पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है, लेकिन समय निकलने के साथ स्पिनर्स भी जलवा दिखा सकते हैं। इसी तरह तेजी और अच्छा उछाल होने से टिकने के बाद बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट्स खेल सकते हैं। ऐसा रहेगा धर्मशाला का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 14 मई को धर्मशाला का मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 13 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश होने की 60 प्रतिशत संभावना है। पूरे दिन बादल छाए रहेंगे। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें PBKS के लिए श्रेयस ने पिछले 10 मैचों में 164.03 की स्ट्राइक रेट से 374 रन बनाए हैं। प्रभसिमरन के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 345 रन निकले हैं। MI के लिए रिकेल्टन ने पिछले 8 मैच में 188.12 की स्ट्राइक रेट से 301 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में अर्शदीप ने पिछले 10 मैच में 9.87 की इकॉनमी से 13 विकेट लिए हैं। MI से गजनफर ने पिछले 8 मैचों में 9.63 की इकॉनमी से 13 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? PBKS और MI के बीच यह मुकाबला धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

काफिले की गाड़ियां घटाएं, ईंधन बचाएं: योगी आदित्यनाथ की जनता और अधिकारियों से अपील

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री के संदेश को अपनाकर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि ईंधन की खपत कम करें और बेवजह सोना खरीदने से बचें। सरकार स्तर पर भी सख्ती दिखाते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तुरंत 50 फीसदी तक वाहनों की संख्या कम की जाए और अनावश्यक गाड़ियां हटाई जाएं. योगी ने वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि खर्च और ईंधन दोनों की बचत हो सके. उन्होंने लोगों से पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रोडवेज बसों का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की. साथ ही सरकारी बैठकों, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस को ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल तरीके से करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि समय और संसाधनों की बचत हो सके. सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम दिया जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें. सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए. इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें. औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जाए. वहीं जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए. बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन सीएम योगी ने कहा है कि शिक्षा विभाग के सेमिनार, बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन कराए जाएं. सचिवालय और निदेशालय की करीब आधी मीटिंग्स भी वर्चुअल हों. स्कूल-कॉलेजों में बसों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए और जरूरत पड़ने पर रोडवेज बसों को भी जोड़ा जाए. साथ ही पीक ऑवर में भीड़ और ईंधन बचाने के लिए दफ्तरों का समय अलग-अलग शिफ्ट में करने का सुझाव दिया गया है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से कहा है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करें. जिन शहरों में मेट्रो चल रही है, वहां उसका अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की गई है. ज्यादा भीड़ वाले रूट्स पर बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बढ़ाने की बात भी कही गई है. साथ ही उन्होंने बिजली बचाने पर जोर देते हुए कहा कि घरों, सरकारी दफ्तरों और निजी संस्थानों में बेवजह बिजली न जलाएं और रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का कम से कम इस्तेमाल करें.  

अब आवेदक घर बैठे देख सकेंगे फाइल का हर मूवमेंट, बाबुओं की नोटिंग पर नजर

जयपुर  गुलाबी नगरी के जयपुर विकास प्राधिकरण में अब फाइलों को दबाने और मेज के नीचे का खेल खत्म होने वाला है। जेडीए ने भ्रष्टाचार और लेटलतीफी पर 'डिजिटल स्ट्राइक' करते हुए एक क्रांतिकारी व्यवस्था लागू की है। अब जेडीए के बाबू और अधिकारी फाइलों पर जो भी 'नोटिंग' करेंगे, उसे आवेदक घर बैठे अपनी SSO ID के जरिए ऑनलाइन देख सकेगा। अब कोई अधिकारी यह कहकर आपको नहीं टरका पाएगा कि 'फाइल अभी प्रोसेस में है।' अब बताना होगा क्यों अटकी फाइल? अब तक जेडीए की कार्यप्रणाली में सबसे बड़ी बाधा 'अस्पष्ट नोटिंग' होती थी। अधिकारी अक्सर फाइलों पर ऐसी तकनीकी टिप्पणियां लिख देते थे जो आम आदमी की समझ से बाहर होती थीं। लेकिन जेडीए सचिव के नए आदेश के अनुसार, अब नोटिंग की भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए। इतना ही नहीं, अगर कोई अधिकारी किसी फाइल को रोकता है या कोई आपत्ति लगाता है, तो उसे पोर्टल पर यह स्पष्ट करना होगा कि किस नियम के तहत यह टिप्पणी की गई है। अनावश्यक आपत्ति लगाकर फाइल अटकाने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं होगी। इन 6 सेवाओं के लिए अब नहीं काटने होंगे चक्कर शुरुआती चरण में सबसे ज्यादा काम आने वाली छह सेवाओं को जेडीए ने पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है। यदि आप निम्नलिखित कामों के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आपकी फाइल का हर मूवमेंट डैशबोर्ड पर दिखेगा।     ई-पट्टा (फ्री होल्ड या लीज डीड)     नाम ट्रांसफर (नाम हस्तांतरण)     सब-डिविजन (उपविभाजन)     रिकॉन्स्टीट्यूशन (पुनर्गठन)     वन टाइम लीज सर्टिफिकेट (OTLC)     अन्य संबंधित भूमि सेवाएं खत्म होगी ऑफलाइन फाइलों की 'दोहरी दुनिया' जेडीए में अब तक सबसे बड़ा झोल यह था कि फाइलें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में चलती थीं। इससे अधिकारियों को फाइल दबाने का मौका मिल जाता था। अब सचिव के आदेशानुसार, हर फाइल का मूवमेंट जेडीए सर्विस पोर्टल के डैशबोर्ड पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। आवेदक को यह पता रहेगा कि उसकी फाइल किस टेबल पर, किस तारीख से और क्यों रुकी हुई है। आमजन को क्या होगा फायदा? इस नई व्यवस्था से बिचौलियों का रोल पूरी तरह खत्म हो जाएगा। आवेदक को अपनी फाइल की कमी जानने के लिए जेडीए के गलियारों में भटकने या किसी बाबू की खुशामद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आवेदन में कोई कमी है, तो वह डैशबोर्ड पर स्पष्ट दिखेगी, जिसे आवेदक तुरंत ठीक कर सकेगा। जेडीए का यह कदम राजस्थान सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब देखना यह है कि फाइलों के डिजिटल होने से गुलाबी नगरी की जनता को गुलाबी राहत कब तक मिलती है।  

नकली डेयरी कारोबार का भंडाफोड़: मिल्क मैजिक ब्रांड में मिलावटी सामान से बनते थे प्रोडक्ट

भोपाल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डेयरी उद्योग में बड़े पैमाने पर मिलावट और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी सफलता हासिल की है।प्रवर्तन निदेशालय के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने 11 मई, 2026 को जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक किशन मोदी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आधिकारिक तौर पर आरोप पत्र दाखिल किया। पूर्व संज्ञान सुनवाई के बाद, भोपाल स्थित विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम न्यायालय ने आरोपों का औपचारिक संज्ञान लिया है।जांच से मिल्क मैजिक ब्रांड के तहत बेचे जाने वाले मिलावटी डेयरी उत्पादों के निर्माण से जुड़े एक बेहद चिंताजनक गिरोह का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, कंपनी ने प्राकृतिक मिल्क फैट को पाम ऑयल और अन्य हानिकारक पदार्थों से बदलकर संगठित धोखाधड़ी की। ये मिलावटी उत्पाद न केवल घरेलू बाजारों में व्यापक रूप से वितरित किए गए, बल्कि विदेशों में भी निर्यात किए गए, जिससे समाज के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हुआ। संघीय एजेंसी ने खुलासा किया कि कंपनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने के लिए अत्यधिक भ्रामक तरीकों का इस्तेमाल किया।धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई जांच में पता चला कि कंपनी ने प्रतिष्ठित संस्थानों से कथित तौर पर प्राप्त जाली प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट निर्यात निरीक्षण एजेंसी को आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत की थीं। निर्यात के लिए नकली रिपोर्ट तैयार की जांच एजेंसी ने बताया कि निर्यात की मंजूरी हासिल करने के लिए कंपनी ने प्रतिष्ठित लैब्स की फर्जी टेस्ट रिपोर्ट्स जमा की थीं। संबंधित प्रयोगशालाओं से सत्यापन कराने पर कई रिपोर्ट्स नकली पाई गईं। ईडी के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कंपनी ने मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्यात कर करीब 19.69 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। ईडी ने कहा कि यह राशि कंपनी के बैंक खातों के माध्यम से संचालित की गई, जिसे पीएमएलए के तहत “अपराध की आय” (Proceeds of Crime) माना गया है। मामले में एजेंसी पहले ही कंपनी की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। कंपनी के अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही इस पूरे मामले की जांच भोपाल के हबीबगंज थाना और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए थे। ईडी ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के प्रबंध निदेशक किशन मोदी को 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था, जबकि तत्कालीन CEO सुनील त्रिपाठी को 20 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी के मुताबिक कंपनी के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जारी है और आने वाले समय में मामले में और खुलासे हो सकते हैं। जांच करने पर, संबंधित प्रयोगशालाओं ने पुष्टि की कि ये रिपोर्टें वास्तव में मनगढ़ंत थीं। प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि मिलावटी सामानों के इन धोखाधड़ीपूर्ण निर्यातों के माध्यम से कंपनी ने लगभग 19.69 करोड़ रुपए की आपराधिक आय अर्जित की। यह धनराशि विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से भेजी गई थी और इसे औपचारिक रूप से आपराधिक आय के रूप में मान्यता दी गई है। यह मामला हबीबगंज पुलिस स्टेशन और भोपाल की आर्थिक अपराध शाखा में कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर से उत्पन्न हुआ। जांच के शुरुआती चरण में, प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपियों से जुड़ी अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया था।

मोस्ट वांटेड महिला माओवादी नेता बेला को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया

रांची  झारखंड के सारंडा जंगल में एक करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा को पुलिस और सुरक्षाबलों ने चारों ओर से घेर लिया है। जिसके बाद मिसिर बेसरा दस्ते के 15 सदस्यों ने पुलिस के सामने सरेंडर करने का मन बना लिया है। वहीं मिसिर बेसरा की करीबी और मोस्ट वांटेड महिला माओवादी नेता श्रद्धा विश्वास उर्फ बेला को कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। जबकि माधई पात्रा ने कोलकाता में सरेंडर कर दिया। कोलकाता पुलिस ने उसे उत्तर काशीपुर थाना क्षेत्र के एक गुप्त स्थान से पकड़ा। गिरफ्तार माओवादी नेता बेला नदिया जिले के चकदह की रहने वाली है। बेला के खिलाफ झारखंड में दर्ज हैं 23 मामले बेला के खिलाफ झारखंड में कम से कम 23 मामले लंबित हैं। झारखंड पुलिस ने उस पर 15 लाख रुपए का इनाम रखा था। मंगलवार को गुप्त सूचना के आधार पर उत्तर काशीपुर थाने की पुलिस ने कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया। बेला झारखंड और पश्चिम बंगाल में माओवादी गतिविधियों के लिए समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) का करती थी। सारंडा में घिरे मिसिर बेसरा गुट के नक्सली पुलिस शरण में वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सारंडा के मंकी फॉरेस्ट में घिरे मिसिर बेसरा दस्ते के 53 नक्सलियों में से 15 झारखंड पुलिस के शरण में पहुंच गये हैं। सुरक्षा बलों की लगातार घेराबंदी, दबिश और वार्ता की पहल के बाद यह सफलता हाथ लगी है। कई इनामी नक्सली भी पुलिस के संपर्क में इन नक्सलियों में माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा का खासमखास 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर अश्विन भी शामिल है। इसके साथ ही 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर चंदन लोहरा, पांच लाख का इनामी सबजोनल कमांडर सोहन पुनेई उर्फ रंगा, सबजोनल कमांडर माधई पात्रा, एरिया कमांडर दो लाख की इनामी रजनी मुदगम, एरिया कमांडर सलोनी मुंडा उर्फ पारूल और दस्ता सदस्यों में अनीशा, जेलानी और सपना सहित अन्य नक्सली शामिल हैं। माधई पात्रा ने किया आत्मसमर्पण उधर, माधई पात्रा ने समाज की मुख्य धारा में लौटने का फैसला करते हुए कोलकाता पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। वह लंबे समय से बीमार चल रहा था। दावा किया जा रहा है कि वह मिसिर बेसरा से अनुमति लेकर पुलिस की शरण में आया है। पुलिस अधिकारी नक्सलियों के शरण में आने की खबर पर सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। संभावना जतायी जा रही है कि इन नक्सलियों से सूचना एकत्र कर पुलिस आगे कुछ और कार्रवाई करे।  

बाराबंकी: गैस सिलेंडर न मिलने पर युवक गिरफ्तार

बाराबंकी बाराबंकी के रामनगर तहसील में मंगलवार को एसडीएम आनंद तिवारी ने अपनी भतीजी की शादी के लिए गैस सिलेंडर मांगने आए युवक शिवमोहन को पुलिस से गिरफ्तार करवा दिया. बढ़नपुरवा निवासी शिवमोहन एक हफ्ते से गैस एजेंसी के चक्कर काट रहा था और बुकिंग नंबर होने के बावजूद उसे सिलेंडर नहीं मिल रहा था. बुधवार को होने वाली शादी की तैयारी के लिए जब वह फरियाद लेकर तहसील पहुंचा, तो एसडीएम ने उसे अराजकता फैलाने के आरोप में हिरासत में भिजवा दिया. हालांकि, पुलिस ने दो घंटे बाद उसे छोड़ दिया, लेकिन पीड़ित को सिलेंडर नहीं मिला और घर में लकड़ियों पर खाना बनाना पड़ रहा है. शादी का घर और सिलेंडर की किल्लत रामनगर क्षेत्र के शिवमोहन की भतीजी अनीता की आज बुधवार को शादी है. घर में बारात आनी है, लेकिन रसोई के लिए गैस का संकट खड़ा हो गया. शिवमोहन ने श्री लोधेश्वर इंडियन गैस एजेंसी में सिलेंडर बुक कराया था और उसे DAC नंबर भी मिल चुका था. नियमों के मुताबिक नंबर मिलने के बाद गैस मिल जानी चाहिए, लेकिन एजेंसी संचालक उसे हफ्ते भर से टाल रहा था. थक-हारकर पीड़ित न्याय की उम्मीद में तहसील के आला अधिकारी के पास पहुंचा था. एसडीएम का पारा हुआ हाई, मिली जेल पीड़ित शिवमोहन के अनुसार, मंगलवार सुबह जैसे ही एसडीएम आनंद तिवारी अपनी गाड़ी से उतरे, उसने अपनी समस्या बतानी शुरू कर दी. अपनी व्यथा सुनाना ही उसे भारी पड़ गया. एसडीएम साहब बात सुनते ही आगबबूला हो गए और उन्होंने तुरंत मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को बुलाकर शिवमोहन को गिरफ्तार कर जेल भेजने का निर्देश दे दिया. पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई, जिससे शादी वाले घर में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठने लगे. अराजकता का आरोप और मजबूर परिवार इस मामले पर सफाई देते हुए एसडीएम आनंद तिवारी ने कहा कि कुछ लोग गैस सिलेंडर के नाम पर आकर अराजकता और 'न्यूसेंस' क्रिएट कर रहे थे, इसलिए उन्हें पुलिस के हवाले किया गया था. हालांकि, शिवमोहन को दो घंटे बाद छोड़ दिया गया, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ. आज शादी के दिन भी परिवार गैस के लिए भटक रहा है और घर के आंगन में लकड़ियों के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है.

पेट्रोल-डीजल बचाने की पहल: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जारी किए कई सख्त निर्देश

पटना ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से उपजे वैश्विक संकट और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से अपील की थी कि वो पेट्रोल-डीजल बचाने की दिशा में पहल करें। इसी कड़ी में बिहार सरकार ने कुछ अहम फैसले लिए हैं। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या घटा कर की गई है। सीएम ने इसके अलावा कई पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधि से भी अतिरिक्त वाहन नहीं इस्तेमाल करने की अपील भी की है। खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी है। सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पर बताया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीजल, पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग करने की अपील की है। इसे लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। • मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम अथवा न्यूनतम करने का निर्णय लिया है। • माननीय मंत्री गण, निगम बोर्ड के माननीय अध्यक्ष गण एवं सदस्य गण, सभी पदाधिकारी गण एवं जनप्रतिनिधि गण से बिना अतिरिक्त वाहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में आने की अपील की गई है। • राज्य की जनता से मेट्रो, बस, ऑटो अथवा अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग पर जोर देने का आग्रह किया गया है। • राज्य सरकार के सभी विभागों को सभी प्रकार के कॉन्फ्रेंस अथवा सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। • प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में संचालित होने वाले कैंटीन में पाम ऑयल के कम से कम प्रयोग का निर्देश दिया गया है। • सरकारी तथा निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। • सप्ताह में एक दिन सभी लोगों से 'नो व्हीकल डे' के आयोजन का आग्रह किया गया है।' साइकिल से अदालत पहुंचे औरंगाबाद के प्रधान जिला जज पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद इधर बिहार के औरंगाबाद जिले से भी एक खास तस्वीर नजर आई। औरंगाबाद जिले के प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार बुधवार की सुबह साइकिल से अदालत पहुंचे। जिला जज राजीव रंजन कुमार ने यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के समर्थन में उठाया, जिसमें लोगों से इस वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने का आग्रह किया गया है। जिला जज राजीव रंजन कुमार अपने दानी बिगहा स्थित सरकारी आवास से पुरानी जीटी रोड, समाहरणालय के मुख्य द्वार होते करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करते हुए व्यवहार न्यायालय स्थित अपने कार्यालय पहुंचे और न्यायालय के काम में जुट गए। प्रधान जिला जज के साथ उनके अंगरक्षक भी साइकिल से उनके साथ अदालत पहुंचे। प्रधान जिला जज ने आम लोगों को संदेश देने के लिए यह कदम उठाया है कि ईंधन बचाने की जिम्मेदारी केवल जनता की नहीं, बल्कि न्यायाधीशों की भी है।न्यायाधीश की इस पहल की शहर में मुक्त कंठ से प्रशंसा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी अपील बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में अपने एक दौरे के दौरान देश की जनता से ईंधन और सोने की खपत को कम करने की अपील की थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्क फ्रॉम होम कल्चर को भी बढ़ावा देने की अपील की थी। बताया जा रहा है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पीएम के पहल पर उनके आधिकारिक काफिले को छोटा कर दिया गया है। इसके साथ ही उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले एसपीजी को निर्देश दिया गया है कि वो उनके काफिले में शामिल कारों की संख्या में 50 प्रतिशत कटौती करने का प्रयास करें।

वकीलों का बड़ा फैसला: दिल्ली जिला अदालतों में पूर्ण न्यायिक बहिष्कार का ऐलान

नई दिल्ली  दिल्ली की सभी जिला अदालतों में 14 मई को न्यायिक कामकाज प्रभावित रहेगा। सभी जिला अदालत बार एसोसिएशन की कोऑर्डिनेशन कमिटी ने गुरुवार को पूरी तरह से न्यायिक काम का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। 10 मई को हुई आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया। 10 मई को हुई आपात बैठक में लिया गया फैसला समिति ने दिल्ली हाई कोर्ट पर जिला अदालत प्रशासन से जुड़े अहम फैसले ‘मनमाने तरीके’ से लेने का आरोप लगाया है। समिति के महासचिव विजय बिश्नोई द्वारा जारी बयान में कहा गया कि बार एसोसिएशनों को नीति निर्माण प्रक्रिया से बाहर रखना न्याय व्यवस्था की भावना के खिलाफ है। कोऑर्डिनेशन कमिटी ने सभी बार सदस्यों से हड़ताल में पूरी भागीदारी की अपील की है। हड़ताल के चलते दिल्ली की जिला अदालतों में जमानत, सिविल और पारिवारिक मामलों सहित नियमित सुनवाई प्रभावित होने की संभावना है। क्या है मामला     14 मई को दिल्ली की सभी जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल     दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा 'मनमाने तरीके' से फैसले लेने का विरोध     नीति निर्माण में बार एसोसिएशन की अनदेखी पर नाराजगी     10 मई को हुई आपात बैठक में काम के बहिष्कार का निर्णय     जमानत, सिविल और पारिवारिक मामलों की सुनवाई पर पड़ेगा असर     कोऑर्डिनेशन कमिटी द्वारा न्यायिक कार्य के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान     महासचिव विजय बिश्नोई ने जारी किया आधिकारिक बयान     बार एसोसिएशन को प्रक्रिया से बाहर रखना न्याय व्यवस्था के खिलाफ बताया गया