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सुनील यादव का अलग अंदाज, घोड़े पर सवार होकर पहुंचे दफ्तर, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

 साहिबगंज पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर अब छोटे शहरों और कस्बों तक दिखाई देने लगा है. झारखंड के साहिबगंज में सोमवार को एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली, जब जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव घोड़े पर सवार होकर सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे. उनके इस अलग अंदाज को देखकर कार्यालय परिसर में मौजूद लोग हैरान रह गए. देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई और हर कोई इस अनोखी पहल की चर्चा करने लगा. लग्जरी गाड़ियों के शौकीन हैं सुनील यादव जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव जिले में अपने अलग और आकर्षक अंदाज के लिए पहले से चर्चित रहे हैं. आमतौर पर वे लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ नजर आते हैं. बताया जाता है कि उनके पास कई महंगी गाड़ियां हैं और वे अक्सर थार वाहन से चलते हैं. लेकिन सोमवार को उन्होंने पूरी तरह अलग संदेश देने की कोशिश की. चारपहिया या दोपहिया वाहन के बजाय वे घोड़े पर सवार होकर ब्लॉक कार्यालय पहुंचे. लोगों के लिए यह दृश्य बिल्कुल नया था, इसलिए आसपास के लोग मोबाइल निकालकर वीडियो और तस्वीरें बनाने लगे. पीएम मोदी की अपील से हुए प्रेरित सुनील यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की बचत और ऊर्जा संरक्षण को लेकर दिए गए संदेश से प्रेरित होकर उन्होंने यह कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि देशहित में ईंधन की बचत करना आज समय की जरूरत बन गई है. लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल खपत न केवल आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है. देशहित की शुरुआत खुद से करनी होगी: सुनील यादव ब्लॉक परिसर में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सुनील यादव ने कहा कि अगर समाज में बदलाव लाना है तो उसकी शुरुआत खुद से करनी होगी. उन्होंने कहा कि उनका घोड़े पर सवार होकर कार्यालय पहुंचना केवल दिखावा नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी पहल मिलकर बड़े बदलाव का रास्ता तैयार करती हैं. यदि लोग अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें और वैकल्पिक उपाय अपनाएं, तो इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी. सोशल मीडिया पर भी छाया मामला सुनील यादव ने अपनी इस पहल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि “जब देशहित की बात हो, तो पहल खुद से शुरू करनी चाहिए.” उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में सकारात्मक कदम बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे अलग अंदाज में प्रचार पाने की कोशिश भी कहा. इलाके में चर्चा का विषय बनी पहल साहिबगंज में इस पहल की चर्चा सिर्फ प्रशासनिक हलकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों के बीच भी यह बड़ा विषय बन गया. जिले के कई लोग इसे एक प्रतीकात्मक संदेश मान रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा यदि इस तरह के संदेश दिए जाएं तो आम लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी. खासकर ऐसे समय में, जब ऊर्जा संकट और पर्यावरण संरक्षण वैश्विक मुद्दे बन चुके हैं. पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश सुनील यादव ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए अब हर व्यक्ति को जिम्मेदारी समझनी होगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां संभव हो, वहां सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या अन्य वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें. उन्होंने कहा कि यदि आज से ही ईंधन बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की आदत विकसित की जाए, तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है. झारखंड और बिहार में भी हो रही चर्चा जिला परिषद उपाध्यक्ष की यह पहल अब साहिबगंज से निकलकर झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में चर्चा का विषय बन चुकी है. लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं, लेकिन इतना तय है कि इस कदम ने ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है.

हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की पहल

 चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देश हित में ईंधन बचाने का आह्वान कारगर साबित हो रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर राज्य सरकार के मंत्री जहां अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर चुके हैं, वहीं मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों व कर्मचारियों से भी ईंधन की बचत करने के महायज्ञ में अपना आहुति डालने का आह्वान किया है। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे अपने दैनिक सरकारी कार्यों में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए हरसंभव प्रयास करें। कार-पूलिंग करने के दिए निर्देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संरक्षण की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए देशवासियों से ईंधन बचत के उपाय अपनाने की अपील की है। सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों में आने-जाने, बैठकों में भागीदारी तथा आधिकारिक कार्यक्रमों में आने-जाने के लिए ज्यादा से ज्यादा कार-पूलिंग करें। मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि जहां तक संभव हो, पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जाए। विभागाध्यक्षों का भी दायित्व है कि वे अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन तथा अन्य विकल्पों के उपयोग के लिए प्रेरित करें। अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे बैठकों और आधिकारिक संवाद के लिए वीडियो कान्फ्रेंसिंग वर्चुअल प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग करें। सामूहिक रूप से किए गए हमारे छोटे-छोटे प्रयास ईंधन की बचत कर व्यापक राष्ट्रीय हित में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

पेट्रोल-डीजल बचाने की पहल: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जारी किए कई सख्त निर्देश

पटना ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से उपजे वैश्विक संकट और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से अपील की थी कि वो पेट्रोल-डीजल बचाने की दिशा में पहल करें। इसी कड़ी में बिहार सरकार ने कुछ अहम फैसले लिए हैं। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या घटा कर की गई है। सीएम ने इसके अलावा कई पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधि से भी अतिरिक्त वाहन नहीं इस्तेमाल करने की अपील भी की है। खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी है। सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पर बताया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीजल, पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग करने की अपील की है। इसे लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। • मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम अथवा न्यूनतम करने का निर्णय लिया है। • माननीय मंत्री गण, निगम बोर्ड के माननीय अध्यक्ष गण एवं सदस्य गण, सभी पदाधिकारी गण एवं जनप्रतिनिधि गण से बिना अतिरिक्त वाहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में आने की अपील की गई है। • राज्य की जनता से मेट्रो, बस, ऑटो अथवा अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग पर जोर देने का आग्रह किया गया है। • राज्य सरकार के सभी विभागों को सभी प्रकार के कॉन्फ्रेंस अथवा सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। • प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में संचालित होने वाले कैंटीन में पाम ऑयल के कम से कम प्रयोग का निर्देश दिया गया है। • सरकारी तथा निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। • सप्ताह में एक दिन सभी लोगों से 'नो व्हीकल डे' के आयोजन का आग्रह किया गया है।' साइकिल से अदालत पहुंचे औरंगाबाद के प्रधान जिला जज पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद इधर बिहार के औरंगाबाद जिले से भी एक खास तस्वीर नजर आई। औरंगाबाद जिले के प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार बुधवार की सुबह साइकिल से अदालत पहुंचे। जिला जज राजीव रंजन कुमार ने यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के समर्थन में उठाया, जिसमें लोगों से इस वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने का आग्रह किया गया है। जिला जज राजीव रंजन कुमार अपने दानी बिगहा स्थित सरकारी आवास से पुरानी जीटी रोड, समाहरणालय के मुख्य द्वार होते करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करते हुए व्यवहार न्यायालय स्थित अपने कार्यालय पहुंचे और न्यायालय के काम में जुट गए। प्रधान जिला जज के साथ उनके अंगरक्षक भी साइकिल से उनके साथ अदालत पहुंचे। प्रधान जिला जज ने आम लोगों को संदेश देने के लिए यह कदम उठाया है कि ईंधन बचाने की जिम्मेदारी केवल जनता की नहीं, बल्कि न्यायाधीशों की भी है।न्यायाधीश की इस पहल की शहर में मुक्त कंठ से प्रशंसा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी अपील बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में अपने एक दौरे के दौरान देश की जनता से ईंधन और सोने की खपत को कम करने की अपील की थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्क फ्रॉम होम कल्चर को भी बढ़ावा देने की अपील की थी। बताया जा रहा है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पीएम के पहल पर उनके आधिकारिक काफिले को छोटा कर दिया गया है। इसके साथ ही उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले एसपीजी को निर्देश दिया गया है कि वो उनके काफिले में शामिल कारों की संख्या में 50 प्रतिशत कटौती करने का प्रयास करें।

पीएम मोदी की अपील के बाद राजस्थान में ईंधन बचत पर सख्ती

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम मोदी की अपील के बाद बड़ा फैसला लिया है. सीएम भजनलाल ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम से कम रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही सुरक्षा के नाम पर अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल से बचने को कहा गया है. मुख्यमंत्री का यह फैसला पीएम मोदी की उस अपील के बाद आया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने और पेट्रोल डीजल की बचत करने की अपील की थी. पेट्रोल-डीजल बचाने की पीएम मोदी ने की अपील प्रधानमंत्री मोदी ने पहले हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान इस तरह की अपील की. इसके बाद फिर 24 घंटे के बाद अंदर गुजरात के वड़ोदरा से दोबारा वही अपील की. प्रधानमंत्री मोदी की इस अपील के बाद अब राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी ईंधन के बचत की दिशा में आवश्यक कदम उठाया है. खुद के काफिले में वाहन कम करने के निर्देश मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सरकारी मितव्ययता और ईंधन बचत को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सहित सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने काफिलों में कम से कम वाहनों का उपयोग करें. इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बचत को प्राथमिकता देते हुए अनावश्यक वाहन प्रयोग नहीं करने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि स्तर पर भी मितव्ययता अपनाई जाए, ताकि सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके.