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29 मई को लुधियाना कोर्ट में कामकाज ठप, बार एसोसिएशन ने किया बहिष्कार का ऐलान

लुधियाना. जिला बार एसोसिएशन लुधियाना ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ASJ) जसपिंदर सिंह हायर के रिटायरमेंट के अवसर पर 29 मई 2026 को “नो वर्क डे” घोषित किया है। यह निर्णय बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक में प्रधान एडवोकेट विपिन सग्गर की अध्यक्षता में लिया गया। जारी नोटिस के अनुसार, जसपिंदर सिंह हायर 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके सम्मान में जिला बार एसोसिएशन द्वारा 29 मई, शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे बार रूम में विशेष विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। बार एसोसिएशन ने सभी सदस्यों से सामूहिक निर्णय का पालन करने और समारोह में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। इसके साथ ही न्यायिक अधिकारियों, रेवेन्यू कोर्ट, कंज्यूमर कोर्ट, लोक अदालत, जुवेनाइल कोर्ट और लेबर कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि उक्त दिन वकीलों की अनुपस्थिति को देखते हुए किसी भी मामले में प्रतिकूल आदेश जारी न किए जाएं। बार एसोसिएशन के इस फैसले के चलते 29 मई को जिला अदालत परिसर में नियमित न्यायिक कार्य प्रभावित रहने की संभावना है।

वकीलों का बड़ा फैसला: दिल्ली जिला अदालतों में पूर्ण न्यायिक बहिष्कार का ऐलान

नई दिल्ली  दिल्ली की सभी जिला अदालतों में 14 मई को न्यायिक कामकाज प्रभावित रहेगा। सभी जिला अदालत बार एसोसिएशन की कोऑर्डिनेशन कमिटी ने गुरुवार को पूरी तरह से न्यायिक काम का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। 10 मई को हुई आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया। 10 मई को हुई आपात बैठक में लिया गया फैसला समिति ने दिल्ली हाई कोर्ट पर जिला अदालत प्रशासन से जुड़े अहम फैसले ‘मनमाने तरीके’ से लेने का आरोप लगाया है। समिति के महासचिव विजय बिश्नोई द्वारा जारी बयान में कहा गया कि बार एसोसिएशनों को नीति निर्माण प्रक्रिया से बाहर रखना न्याय व्यवस्था की भावना के खिलाफ है। कोऑर्डिनेशन कमिटी ने सभी बार सदस्यों से हड़ताल में पूरी भागीदारी की अपील की है। हड़ताल के चलते दिल्ली की जिला अदालतों में जमानत, सिविल और पारिवारिक मामलों सहित नियमित सुनवाई प्रभावित होने की संभावना है। क्या है मामला     14 मई को दिल्ली की सभी जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल     दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा 'मनमाने तरीके' से फैसले लेने का विरोध     नीति निर्माण में बार एसोसिएशन की अनदेखी पर नाराजगी     10 मई को हुई आपात बैठक में काम के बहिष्कार का निर्णय     जमानत, सिविल और पारिवारिक मामलों की सुनवाई पर पड़ेगा असर     कोऑर्डिनेशन कमिटी द्वारा न्यायिक कार्य के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान     महासचिव विजय बिश्नोई ने जारी किया आधिकारिक बयान     बार एसोसिएशन को प्रक्रिया से बाहर रखना न्याय व्यवस्था के खिलाफ बताया गया